Category: भारत

  • लौह प्रतिमाओं के बोझ तले कुचली जाती भाजपा

    लौह प्रतिमाओं के बोझ तले कुचली जाती भाजपा


    आलोक सिंघई
    आम चुनाव 2024 के नतीजों के बाद भाजपा की आलोचना करने वालों के हौसले बुलंद हो गए हैं। तमाम विपक्षी दल एक सुर में चिचिया र हे हैं कि भाजपा की नीतियों को जनता ने नकार दिया है। इस कथित हार के कारणों की समीक्षा भी की जा रही है। बताया जा रहा है कि ये समीक्षा भाजपा और आरएसएस कर रहे हैं। चर्चाएं जरूर हैं पर भाजपा संगठन ने औपचारिक तौर पर ऐसा कोई कदम नहीं उठाया है। अलग अलग धड़े हार का ठीकरा फोड़ने के लिए खोपड़ी ढूंढ़ रहे हैं। जबकि कम सीटें आने के बावजूद सत्ता में लौटी मोदी सरकार जोर शोर से अपनी नीतियों का क्रियान्वयन करने में जुट गई है। जो भाजपाई और विपक्षी कांग्रेसी व अन्य राजनीतिक दल भाजपा की कथित हार की समीक्षा कर रहे हैं वे केवल बाहर से खड़े होकर कयास लगा रहे हैं। भाजपा की अंदरूनी स्थितियों की समीक्षा नहीं हो पा रही है।


    भाजपा और संघ को जो लोग करीब से देखते रहे हैं वे जानते है कि भाजपा का संगठन ऊपर से जितना सर्वव्यापी दिखता है भीतर से उतना ठोस नहीं है। इसकी वजह देश का वो संविधान है जिसने अन्य राजनीतिक दलों की वजह से समाज को खंड खंड देखने की परंपरा पाई है। कांग्रेस का फार्मूला तो देश को विभाजित करके राजनीति करने के लिए ही बनाया गया था। कांग्रेस ने अपने पूरे शासनकाल में समाज को खंड खंड बांटने का प्रयास किया और फिर उनमें राजनीतिक नेतृत्व खड़ा करने का प्रयास किया । ये स्वाभाविक नेतृत्व हो सकता था लेकिन कांग्रेस को जिस तरह एक ही परिवार के इर्द गिर्द खड़ा करने का प्रयास किया गया उसने जनता के बीच से स्वाभाविक नेतृत्व उभरने की प्रक्रिया को कुचल दिया। नतीजतन परिवारवाद, बाहुबल, धन बल, बंदूक बल,बलात्कार, चमड़े की नाव सभी कुटैवों ने कांग्रेस को जनता का मुकुट बनने से रोक दिया। अब उसकी जगह भरने के लिए भाजपा ने जिस तरह विकल्प बननेका प्रयास किया उससे वह अपनी स्वाभाविक पहचान ही गंवा बैठी है।


    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ , जनसंघ, जनता पार्टी और भारतीय जनता पार्टी जैसे कई पड़ाव पार करने के बाद जो विचारधारा सत्ता में आगे बढ़ी उसे पुष्पित और पल्लवित करने में कई पीढ़ियां खप गईं। त्याग और तपस्या के अटूट परिश्रम ने भाजपा को सत्ता के नजदीक तक तो पहुंचाया लेकिन वह सत्ता में नहीं पहुंच पा रही थी। तब कांग्रेस के भीतर से ही खुद को असहाय महसूस कर रहे नेताओं ने भाजपा को मध्यम मार्ग अपनाने की सलाह दी। जो भाजपा कुशा भाऊ ठाकरे, बलराज माधोक, अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी, विजया राजे सिंधिया, जैसे नेताओं के आगोश में पल रही थी वह अचानक कांग्रेस बनने निकल पड़ी। भाजपा के इस बधियाकरण में पुरानी पीढ़ी के कई नेता पीछे छूट गए। अवसर वादी नेताओं की पौध तैयार हो गई जो सत्ता के शीर्ष पर झंडा फहराने लगी। इस लीडर शिप के मन में चोरी का भाव था इसलिए वह खुलकर संवाद तो कर नहीं सकती थी। जिन्हें सत्ता से दूर धकेला गया वे क्षोभवश खुद अपने दायरे में सिमट गए।


    आज यूपी में भाजपा की कथित हार की समीक्षा हो रही है लेकिन मध्यप्रदेश में भाजपा की कथित जीत की समीक्षा करने कोई तैयार नहीं है। एमपी की भाजपा भी देश के अन्य राज्यों की तरह अपने ही बोझ तले दबी हुई है। जोर जोर से दावे करके दंभोक्तिपूर्ण भाषण देने वाले भाजपा के नेताओं को लगता है कि उनके प्रयासों से ही भाजपा ने अपना शत प्रतिशत परफार्मेंस दिखाया है जबकि ये अर्धसत्य ही है। एमपी की भाजपा को उसके कार्यकर्ताओं के साथ कांग्रेस के दिग्गजों ने भी आगे बढ़ कर सत्ता में पहुंचाया है। एमपी की कांग्रेस तो जान रही थी कि भाजपा को एक बार फुल मेजोरिटी देना अनिवार्य है। क्योंकि ऐसा किए बगैर देश को नई दिशा में नहीं ले जाया जा सकता। भारत माता के पैरों में पड़ी बेड़ियां भी नहीं काटी जा सकतीं। इस रहस्य को भाजपा का केन्द्रीय नेतृत्व नहीं समझ पाया। उसे लग रहा था कि उसकी बेहतरीन योजनाएं जनमन को प्रभावित कर चुकीं हैं और उसे अब केवल सत्ता का मुकुट अपने सिर पर सजाना मात्र है।


    यूपी में जिन राजनीतिक पंडितों को लगता है कि चार सौ पार और संविधान बदल देने के भय ने भाजपा को सत्ता से दूर किया है उन्हें अपने आकलन पर एक बार फिर विचार कर लेना चाहिए। बेशक भाजपा की हार में टिकिट वितरण और सत्ता विरोधी लहर ने अपना असर दिखाया है लेकिन इससे ज्यादा भाजपा का बोझ ही उसे कुचलने में सबसे बड़ा कारण रहा है। आरएसएस के नाम पर जिस तरह से सत्ता की लूट की गई और दंभोक्ति भरे दावे किये गए उससे भाजपा का संगठन बुरी तरह चकनाचूर हो गया है। एमपी में भी कमोबेश यही हालत है लेकिन यहां कांग्रेस की मजबूत लाबी राहुल गांधी के बोगस नेतृत्व को दरकिनार करने के लिए लामबंद हो गई थी। जीतू पटवारी जैसे ओछे और दंभी व्यक्ति की मौजूदगी ने कांग्रेसियों को अपने अपने दायरे में सिमट जाने के लिए जमीन तैयार कर दी। नतीजतन इसा लाभ भाजपा को मिला। कमलनाथ के भाजपा में जाने की अफवाह और उनके समर्थकों का भाजपा में जाने की कवायद ने जो संदेश दिया उससे जनता ने भी भाजपा को ही वोट देने में अपनी भलाई समझी और कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो गया।


    डाक्टर मोहन यादव की सरकार को आए हुए आधा साल हो गया लेकिन अब तक सरकार अपनी स्वाभाविक गति नहीं पकड़ पाई है। आम चुनावों की अपरिहार्यता और आर्थिक चुनौतियों ने सरकार के हाथ बांध रखे हैं। भाजपा के नेताओं को खुद समझ नहीं आ रहा है कि वे कैसे प्रदेश सरकार की गाड़ी को पटरी पर लाएं। भाजपा को अपने संगठन की कमियों पर निश्चित रुप से आत्म चिंतन करना चाहिए। किसी भीजीवित संगठन में ये सबसे महत्वपूर्ण शक्ति होती है लेकिन संगठन और सरकार दोनों को अपने भीतर पल रहे पाखंडियों से निजात पानी जरूरी है। चाहे वे भाजपा के मूल कार्यकर्ता रहे हों या सिंधिया के संग कांग्रेस से आए नेतागण सभी को अपना लक्ष्य हासिल करने के लिए आगे बढ़ना होगा। सबसे बड़ी बात तो ये कि डींगें हांकने वाले संगठन के स्वंभू नेताओं से भी दूरी बनानी होगी तभी भाजपा देश को बुलंदियों पर ले जाने के अपने उस स्वप्न को साकार कर पाएगी जिसा सपना उसके पूर्वजों ने कभी देखा था। लौह प्रतिमाओं का बोझ भाजपा को रसातल में पहुंचा देगा।

  • तुष्टिकरण के लिए दलित आरक्षण की चोरी बर्दाश्त नहींःमोहन यादव

    तुष्टिकरण के लिए दलित आरक्षण की चोरी बर्दाश्त नहींःमोहन यादव

    नई दिल्ली 23 मई (प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)।पश्चिम बंगाल में ओबीसी आरक्षण पर हाईकोर्ट के फैसले से सवालिया निशान लग गया है। कोलकाता हाईकोर्ट ने अपने एक अहम फैसले में 2010 के बाद जारी पांच लाख से अधिक ओबीसी सर्टिफिकेट को रद्द कर दिया है. इससे राज्य ही नहीं पूरे देश की राजनीति में आरक्षण पर एक फिर बहस छिड़ गई है. हाईकोर्ट ने 2012 में राज्य की ममता बनर्जी सरकार के 77 जातियों को पिछड़ा वर्ग में शामिल करने संबंधी कानून को ही अवैध करार दिया है.देश की प्रतिभा को खदेड़कर विदेश भेजने के इस षड़यंत्र पर आम चुनावों में पहले से ही बड़ी बहस चल रही है।


    मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने ममता बैनर्जी के इस व्यवहार की कड़े शब्दों में निंदा की है।उन्होंने कहा है कि संवैधानिक आधार पर दिए गए आरक्षण की चोरी करके अपना वोट बैंक खड़ा करना दलित,पिछड़ा और अनुसूचित वर्ग के साथ अन्याय है।उन्होंने कहा कि हम मुस्लिम तुष्टिकरण के षड़यंत्र से लिए गए तृणमूल कांग्रेस सरकार के फैसले का विरोध करते हैं। माननीय हाईकोर्ट ने जिन तथ्यों के आधार पर ये फैसला दिया है ममता बैनर्जी को इस फैसले का सम्मान करना चाहिए।


    दरअसल, पश्चिम बंगाल में ओबीसी आरक्षण की पूरी कहानी पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कार्यकाल में गठित सच्चर कमेटी की रिपोर्ट से शुरु हुई थी। उस रिपोर्ट में देश में मुस्लिम समुदाय की स्थिति के बारे में विस्तृत बातें की गई थीं. रिपोर्ट में कहा गया था कि पश्चिम बंगाल सरकार के कर्मचारियों में केवल 3.5 फीसदी ही मुस्लिम थे. इसी को आधार बनाकर 2010 में पश्चिम बंगाल की वाम मोर्चा सरकार ने 53 जातियों को ओबीसी की श्रेणी में डाल दिया और ओबीसी आरक्षण सात फीसदी से बढ़ाकर 17 फीसदी कर दिया. इस तरह उस वक्त करीब 87.1 फीसदी मुस्लिम आबादी आरक्षण के दायरे में आ गई. लेकिन, 2011 में वाम मोर्चा की सरकार सत्ता से बाहर हो गई और उसका यह फैसला कानून नहीं बन सका.


    जब राज्य में तृणमूल कांग्रेस की सरकार आई और ममता बनर्जी मुख्यमंत्री बनीं. ममता की सरकार ने इस सूची को बढ़ाकर 77 कर दिया. 35 नई जातियों को इस सूची में जोड़ा गया, जिसमें से 33 मुस्लिम समुदाय की जातियां थीं. साथ ही तृणमूल सरकार ने भी राज्य में ओबीसी आरक्षण सात फीसदी से बढ़ाकर 17 फीसदी कर दिया. ममता सरकार के इस कानून की वजह से राज्य की 92 फीसदी मुस्लिम आबादी को आरक्षण का लाभ मिलने लगा.


    दूसरी तरह, ओबीसी आरक्षण को भी दो वर्गों में बांट दिया गया. 10 फीसदी आरक्षण एक वर्ग को दिया गया, जिसमें से अधिकतर जातियां मुस्लिम समुदाय की थीं. दूसरे वर्ग को सात फीसदी आरक्षण मिला जिसमें हिंदू-मुस्लिम दोनों समुदाय की जातियां थीं.


    ओबीसी आरक्षण को दो वर्गों में बांटने का फॉर्मूला कई राज्यों में लागू किया गया है. बिहार में पिछड़ा वर्ग और अत्यंत पिछड़ा वर्ग दो कैटगरी है. यहां ओबीसी आरक्षण बढ़ाकर 37 फीसदी कर दिया गया है. केंद्र सरकार और कई अन्य राज्यों में ओबीसी आरक्षण क्रीम लेयर और नॉन क्रीमी लेयर श्रेणी में बंटा है. इस आधार पर ओबीसी आरक्षण को ज्यादा तार्किक बनाने की कोशिश की गई. क्रीम और नॉन क्रीमी लेयर का आधार परिवार की आय होती है. ओबीसी समुदाय से होने के बावजूद एक दंपति की आय अगर एक निश्चिच लेवल से अधिक हो तो उनके बच्चों को आरक्षण का लाभ नहीं मिलता है.
    ममता बनर्जी पर आरोप लगता है कि उन्होंने राज्य में ओबीसी की सूची में 77 जातियों को शामिल करने का कानून वोट बैंक की राजनीति के आधार पर लागू किया. इसमें राष्ट्रीय स्तर पर ओबीसी सूची में जातियों को शामिल करने का जो मानक है उसका ध्यान नहीं रखा गया.


    हालांकि, इस पिक्चर का एक अन्य पहलू भी है. सच्चर कमेटी के मुताबिक राज्य सरकार की नौकरियों में 2010 से पहले कभी केवल 3.5 फीसदी मुस्लिम थे. उस स्थिति में आज काफी सुधार हुआ है. टेलीग्राफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक 2015 में मुस्लिम समुदाय की स्थिति में काफी सुधार देखा गया. बंगाल सरकार के अल्पसंख्यक विभाग की रिपोर्ट में कहा गया था कि 2011 से 2015 के बीच पश्चिम बंगाल सर्विस कमिशन की भर्तियों में 9.01 फीसदी अल्पसंख्यकों का चयन हुआ. इस अवधि में पश्चिम बंगाल कर्मचारी चयन आयोग की भर्तियों में 15 फीसदी अल्पसंख्यक चयनित हुए. ठीक इसी तरह पश्चिम बंगाल म्यूनिशिपल सर्विस कमिशन की भर्तियों में 12.5 फीसदी अल्पसंख्यक चयनित हुए. राज्य में मुस्लिम समुदाय के लोगों की आबादी 2.47 करोड़ यानी 27 फीसदी के करीब है.

  • मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम बनने की यात्रा ही भारत का संस्कारः विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर

    मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम बनने की यात्रा ही भारत का संस्कारः विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर


    भोपाल,03 मार्च(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। त्रेता युग में राजा दशरथ के संकल्प को प्रसाद मानकर प्रभु श्रीराम अयोध्या से वन की ओर प्रस्थान कर रहे थे तब वे राजकुमार राम थे।जनमानस तब भी उनके साथ था और राजा दशरथ समेत कोई भी नागरिक नहीं चाहता था कि वे वन गमन करें। चौदह वर्ष बाद जब वे लंकापति रावण को परास्त करके अयोध्या वापस लौटे तब तक लोग उन्हें मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम के रूप में जानने लगे थे।आम व्यक्ति से मर्यादा पुरुषोत्तम बनने की यही यात्रा भारत का संस्कार है।अयोध्या में रामलला का भव्य मंदिर स्थापित होने से भारत के संस्कार और विकास के यही मानदंड एक बार फिर स्थापित हुए हैं। सागर में स्वर्गीय भुवन भूषण देवलिया ने पत्रकारिता की नर्सरी में जो संस्कार रोपे थे वे आज बहुमूल्य उपवन बनकर सबके सामने हैं। इसे उसी रामराज्य का मॉडल कहा जा सकता है जिसे हम समाज के बीच साकार कर रहे हैं।
    व्याख्यान माला और सम्मान समारोह में पहुंचे विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर के मार्गदर्शन में राजेन्द्र शर्मा ,विजयदत्त श्रीधर, श्रीमती कीर्ति देवलिया और अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया।उन्होंने स्वर्गीय देवलिया जी के चित्र पर पुष्प अर्पित किए और ज्ञान की देवी मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। मुख्यमंत्री के जनसंपर्क अधिकारी अशोक मनवानी ने विधानसभा अध्यक्ष को पुष्पगुच्छ और शाल पहनाकर उनका सम्मान किया। मुख्य वक्ता राजेन्द्र शर्मा को समिति की ओर से आलोक सिंघई ने पुष्पगुच्छ और अंगवस्त्र पहनाकर उनका अभिवादन किया। पद्मश्री विजयदत्त श्रीधर को वरिष्ठ पत्रकार राजीव सोनी ने पुष्पगुच्छ भेंट करके और शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया
    राजधानी के माधवराव सप्रे समाचार पत्र संग्रहालय एवम शोध संस्थान में आयोजित भुवन भूषण देवलिया स्मृति व्याख्यान के तेरहवें आयोजन में पहुंचे विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने राम,राजनीति और पत्रकारिता विषय पर अपने संबोधन में देश के वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य को ऊर्जा से ओतप्रोत बताया। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता के गुरु की याद में उनके शिष्य और परिजन ये आयोजन लगातार कर रहे हैं मुझे इसमें पहली बार शामिल होने का सौभाग्य मिला है। समिति ने शिवपुरी के वरिष्ठ पत्रकार प्रमोद भार्गव को सम्मानित करके अपने संकल्पों के प्रति प्रतिबद्धता दुहराई है। मैं जब भारतीय जनता युवा मोर्चा में था और राजनीति की शुरुआत कर रहा था तब मुझे ग्वालियर चंबल अंचल के शिवपुरी जाने का अवसर मिलता था। तबसे पत्रकार वार्ताओं में मुझे श्री प्रमोद भार्गव जी को समझने का अवसर मिला। उनके मार्गदर्शन से मुझे अपनी राजनीतिक जीवनयात्रा को मजबूती देने में काफी मदद मिली। मैं जानता हूं कि राष्ट्वादी विचारों के माध्यम से कैसे समाज का भला किया जा सकता है।
    श्री तोमर ने कहा कि श्री राम मंदिर आंदोलन और अयोध्या के भव्य राम मंदिर में राम लला की मूर्ति की स्थापना ने भगवान श्री राम के व्यक्तित्व की स्थापना में सहयोग दिया है। इसी राममय राजनीति में देश की सारी समस्याओं का समाधान मौजूद है। प्रभु श्रीराम ने अपने चौदह वर्ष के वनवास के कालखंड में वही किया जो एक आम इंसान को करना चाहिए। महादेव पूजन में मुख्य पुरोहित के रूप में शत्रु रावण को बुलाना हो या मृत्यु शैया पर पड़े रावण से ज्ञान प्राप्त करने के लिए भ्राता लक्ष्मण का मार्गदर्शन करना सभी वे संस्कार हैं जो लोकतंत्र की पहली शर्त हैं। प्रतिकूल परिस्थितियों में वनवासियों की सेना बनाकर असत्य पर सत्य की विजय का परचम फहराना हर शासक के लिए आज भी समीचीन संदेश है। राम राजनीति और पत्रकारिता विषय पर विमर्श की जिज्ञासा सभी को होनी चाहिए तभी लोग समझ पाएंगे कि राजकुमार राम से मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम तक की यात्रा ही हमारे जीवन का लक्ष्य है। समिति की सचिव डा. अपर्णा एलिया ने विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर को स्मृति चिन्ह ,शॉल और तुलसी का पौधा भेंट कर सम्मानित किया।
    विषय का प्रवर्तन करते हुए वरिष्ठ पत्रकार शिवकुमार विवेक ने कहा कि राम हमारी चेतना से जुड़े हुए हैं। राम वास्तव में राजनीति का विषय नहीं हैं। जब तक वे व्यक्तिगत आस्था का विषय थे तब तक उनसे किसी को शिकायत नहीं थी। अब जबकि जब वे सामूहिक चेतना के प्रतीक बन गए हैं तो उनका मंदिर राजनीतिक विमर्श का केन्द्र बिंदु बन गया है। अखबारों ने भी इसे भारत की प्राण प्रतिष्ठा कहकर जनमानस की भावनाओं को रेखांकित किया है। लोकतंत्र की इसी नब्ज को टटोलकर हमारी पत्रकारिता अपना उद्देश्य पूरा कर रही है। इस अवसर पर प्रकाशित की गई स्मारिका का विमोचन भी किया गया।
    भुवन भूषण देवलिया व्याख्यानमाला समिति की ओर से सम्मानित किए गए शिवपुरी के वरिष्ठ पत्रकार प्रमोद भार्गव ने कहा कि मैंने पत्रकारिता की अकादमिक शिक्षा कहीं नहीं ली लेकिन देश की राजनीतिक चेतना को समझकर मैंने अपना संवाद किया और हमेशा पूरे देश के मीडिया के साथ काम करने का अवसर मुझे मिलता रहा। उन्होंने कहा कि देश में लगभग तीन सौ रामायण हैं जिनमें अलग अलग आख्यान कहे गए हैं। फादर कामिल बुल्के ने इन रामायणों को पढ़कर रामकथा सार नामक ग्रंथ लिखा है। हमें देखना होगा कि भारतीयता कहां कहां है। भारत ऋषियों और मुनियों का देश रहा है। वे पूजा पाठ जैसे कर्मकांडों में नहीं लगे थे वे तो वैज्ञानिक आविष्कारों जुटे रहते थे। उन्हीं ऋषियों ने संदेश दिया था कि रावण उत्तर भारत की ओर बढ़ रहा है। यही कारण है कि उन्होंने राम को वन का राज सौंपने की राय दी थी। ऋषि मुनि तब वनवासियों को शिक्षित कर रहे थे। उनकी यज्ञशालाएं वास्तव में अग्नि शालाएं थीं। वहां हथियार बनाए जाते थे। श्री प्रमोद भार्गव ने कहा कि उन्होंने अपनी पत्रकारिता और पुस्तकों के माध्यम से देश की भावनाओं को सामने लाने के लिए काम किया है। उन्होंने कहा यही पत्रकारिता समाज में हितकारी संवाद स्थापित कर पाती है। व्याख्यान माला समिति की ओर से विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने श्री प्रमोद भार्गव को पुरस्कार राशि 11 हजार रूपए, शाल श्रीफल देकर सम्मानित किया।
    कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पद्मश्री विजयदत्त श्रीधर ने कहा कि ये आयोजन हर साल मार्च महीने के पहले रविवार को होता है। इस बार संयोग है कि आज स्वर्गीय देवलिया जी का जन्मदिन भी है। मैं उनकी स्मृति को प्रणाम करता हूं। उन्होंने कहा कि अयोध्या में 1949 में रामलला की मूर्ति की स्थापना हुई थी। तब फैजाबाद की जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ने अपने पत्र में लिखा कि यदि आज श्री राम लला की मूर्ति की स्थापना नहीं होगी तो हमने आजादी किसलिए हासिल की थी। अदालत के फैसले से अयोध्या में तो देश के जनमानस के मनोभावों की प्राण प्रतिष्ठा हो चुकी है। अभी काशी और मथुरा बाकी हैं। इरफान हबीब जैसे सुधारवादी मुस्लिमों का कहना है कि ये मसले आपसी बातचीत से सुलझा लिए जाने चाहिए। मीडिया इस पर राष्ट्रीय सहमति बनाने से चूक गया है। यदि अयोध्या की तरह इस पर देशव्यापी डिबेट हो जाए तो शांति का मार्ग प्रशस्त हो सकता है। आयोजन समिति की ओर से डा. बालकृष्ण दुबे ने श्री विजयदत्त श्रीधर को स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया।
    राम,राजनीति और पत्रकारिता विषय पर व्याख्यान के मुख्य वक्ता राजेन्द्र शर्मा ने कहा कि इस भावमय कार्यक्रम से हमें ये समझने में मदद मिलती है कि स्वर्गीय भुवन भूषण देवलिया जी श्री राम के व्यक्तित्व के समान ही प्रेरणा के स्रोत बने हुए हैं। एक से बढ़कर एक पत्रकारों को तैयार करने में श्री देवलिया जी का योगदान अप्रतिम रहा है। हमें इस तरह के विमर्श से देश की नई पीढ़ी को प्रेरणा देते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज भी देश में बाबरी मस्जिद ध्वंस पर छाती पीटने वालों की जमात मौजूद है जबकि बाबर केवल एक आक्रांता था। मुगल काल में हिदू धर्म के प्रतीक ध्वस्त किए गए थे लेकिन अंग्रेजों ने तो पूरे जन मानस को राम से विमुख करने का षड़यंत्र रचा। श्री शर्मा ने कहा कि राम मंदिर के माध्यम से देश की नई पीढ़ी आसानी से समझ पाएगी कि राम समन्वय के प्रतीक हैं। वे उस मां को भी पूरा सम्मान देते हैं जिसने उन्हें वनवास के लिए भेज दिया था। वे उस मारीच को भी अभय देते हैं जिसने उन्हें गुमराह किया था। उनके आदर्श जीवन को राजनीति का मंत्र मानने वाले राम को अपना प्रकाश स्तंभ मानते हैं लेकिन कुछ विरोधी अपना नाम सीताराम और जयराम रखने के बावजूद भगवान राम का विरोध करते देखे जाते हैं। पूरी दुनिया में रामव्रत के बगैर लोकतंत्र सफल नहीं हो सकता।
    श्री शर्मा ने कहा कि सीता माता के प्रति राम का अनुराग इतना गहरा था कि उन्होंने शक्तिशाली रावण तक का वध कर दिया लेकिन जब उनके राज्य के एक नागरिक ने सवाल उठाया तो उन्होंने अपने अनुराग का दमन करके सीता माता को त्यागने तक का फैसला कर लिया। लोकतंत्र के लिए व्यक्तिगत राग का त्याग करने का ऐसा उदाहरण कौन प्रस्तुत कर सकता है। विभीषण के प्रति अन्याय करने वाले रावण को दंडित करने के बाद वे लंका को हड़प सकते थे लेकिन उन्होंने विभीषण को वहां की सत्ता सौपकर जो त्याग का उदाहरण दिया वह लोकतांत्रिक सोच ही तो था लेकिन कुछ विरोधियों ने तो केवल राजनीतिक द्वेष की वजह से राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा आयोजन में शामिल होने से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि श्री राम के व्यक्तित्व से प्रेरित केवल वही पत्रकारिता स्वागत योग्य होती है जो दूसरों की पीड़ा को दूर करने के लिए आगे आती है।
    उन्होंने कहा कि रावण तो छल विद्या का जानकार था वह रूप भी बदल लेता था लेकिन उसने अपने सलाहकारों से कहा कि मैं जब राम का वेश धरता हूं तो सीता मुझे माता नजर आने लगती हैं। ऐसे में मैं कोई अन्यायी कदम नहीं उठा पाता। राम नाम की राजनीति भी यही संस्कार देती है जिससे समाज का कल्याण सफलता पूर्वक किया जा सकता है। श्री शर्मा ने कहा कि जटायु जब प्राण त्याग रहे थे तब श्रीराम ने उनसे निवेदन किया कि वे स्वर्ग में जाकर राजा दशरथ को सीता हरण की कहानी न सुनाएं। मैं स्वयं रावण का वध करके उसे अपनी व्यथा सुनाने कुल समेत भेज रहा हूं। वनवासी राम ने अपनी सेना के सभी अंगों को शक्ति संपन्न किया। अपने आत्मविश्वास और निपुणता के बल पर रावण का वध भी किया। त्याग,पराक्रम के साथ दयालुता जैसी भावनाओं का जैसा समावेश राम की नीति में है वही सच्ची राजनीति कही जा सकती है। स्वर्गीय भुवन भूषण देवलिया की पुत्री श्रीमती अरुणा दुबे ने श्री राजेन्द्र शर्मा को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
    विशिष्ट अतिथि माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो.के.जी. सुरेश ने कहा कि पत्रकारिता पर गहरा दायित्व है कि वह उन मुद्दों को खबर बनाए जिसके आधार पर लोकतंत्र की भावना मजबूत होती है। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर में जब हुर्रियत चुनावों का बहिष्कार कर रही थी तब कुछ देश भक्त चैनलों ने भय के माहौल के बीच मतदान करने वाले नागरिकों को शाबासी दी थी । उसी सकारात्मक भाव का नतीजा है कि आज जम्मू कश्मीर विकास के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि कुछ ही साल पहले राष्ट्रवादी सोच के पत्रकारों को गोदी मीडिया कहकर लांछित किया जाता था आज जब पूरी दुनिया भारत के साथ खड़ी है तब उन चैनलों के सुर भी बदल गए हैं। मुख्य धारा के मीडिया को समझ में आ गया है कि यदि वे जन भावनाओं को महत्व नहीं देंगे तो उनका मीडिया समाज से कट जाएगा। अब वे चैनल भीजनता की सोच के अनुकूल सामग्री ही दिखाते हैं। आज देश में समान नागरिक संहिता पर सकारात्मक चर्चा चल रही है। जनता और मीडिया सभी के सोच में स्पष्ट बदलाव साफ दिखाई देने लगा है। स्वर्गीय भुवन भूषण देवलिया के सुपुत्र डा. आशीष देवलिया ने प्रोफेसर के.जी.सुरेश को स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया।
    कार्यक्रम का औपचारिक आभार प्रदर्शन वरिष्ठ पत्रकार राजेश सिरोठिया ने किया। उन्होंने कहा कि राजनीति धर्म के बगैर नहीं की जा सकती। सनातनी भाव से ही लोकतंत्र मजबूत हो सकता है। राम और कृष्ण के देश में हमें शास्त्रों से नैतिकता की शिक्षा दी जाती है लेकिन वक्त आने पर धर्म की रक्षा के लिए शस्त्र उठाने का प्रशिक्षण भी दिया जाता है। उन्होंने सभी अतिथियों के प्रति आभार प्रदर्शित किया। मंच का संचालन वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक श्री लोकेन्द्र सिंह ने किया।

  • सुशासन, संस्कृति, सेवा और सतत विकास हमारा मंत्रःमोहन यादव

    सुशासन, संस्कृति, सेवा और सतत विकास हमारा मंत्रःमोहन यादव


    भोपाल, 12 फरवरी(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने कहा है कि सुशासन, संस्कृति, सेवा और सतत विकास हमारा मूल मंत्र है। हम राजा विक्रमादित्य की सुशासन की परंपरा को आगे ले जाना चाहते हैं। इसके लिए निरंतर प्रयास भी कर रहे हैं। प्रदेश विधानसभा में सोमवार को 2024-25 के आय व्यय का लेखानुदान पेश होने के बाद राज्यपाल के अभिभाषण पर रखे गए धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में उन्होंने यह वक्तव्य दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या में भगवान श्रीराम का मंदिर बनना हमारा सौभाग्य है। उज्जैन से भी भगवान राम का खास रिश्ता है।
    उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने पांच भारत रत्न दिए। उसके लिए मैं पीएम मोदी जी का आभार व्यक्त करता हूं। कांग्रेस ने तो पूर्व पीएम स्व. नरसिंम्हा राव को कभी सम्मान नहीं दिया। पीएम मोदी राव जैसे योग्य व्यक्तियों को ढूंढ ढूंढ़ कर भारत रत्न से सम्मानित कर रहे हैं। इस पर नेता प्रतिपक्ष ने टिप्पणी की। जिस पर सत्ता पक्ष ने आपत्ति जताते हुए हंगामा शुरु कर दिया। इस पर विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने नेता प्रतिपक्ष के बयान को विलोपित करवा दिया।
    मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर महापुरुषों के अपमान का आरोप लगाया। वहीं, संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि कांग्रेस ने टंट्या मामा ,वीर शिवाजी समेत अन्य महापुरुषों को लुटेरा कहा था। इस पर ओमकार सिंह मरकाम ने आरोप लगाया कि भाजपा देश को गुमराह कर रही है। कांग्रेस विधायक रामनिवास रावत बोले किस इतिहास में लिखा है कि कांग्रस ने टंट्या मामा को लुटेरा कहा है। इसी बात पर विधायकों ने हंगामा शुरू कर दिया और प्रमाण मांगा। अध्यक्ष ने दोनों पक्षों को बैठने को कहा और बोले मैं तथ्यों को दिखवाऊंगा। इस पर भाजपा विधायकों ने एनसीईआरटी की बुक का संदर्भ दिया। विपक्ष ने विजयवर्गीय के शब्द को विलोपित करने की मांग कर सदन से वॉकआउट कर दिया। इसके बाद राज्यपाल का अभिभाषण स्वीकार कर सदन की कार्रवाई मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।
    सीएम ने कहा कि मध्य प्रदेश के पांच व्यक्तियों को पद्मश्री दिया गया है। ऐसा कोई सोच भी सकता था क्या। डॉक्टर राजपुरोहित जी का बहुत महत्वपूर्ण योगदान था। अपनी संस्कृति को जिंदा रखने के लिए माच कला के बारे किताबें लिखी। हर भाषा का पर्याय हो सकता है, लेकिन मोदी जी का कोई पर्याय नहीं है। अटक से कटक तक सभी दिशाओं में हमारे नेता पीएम नरेंद्र मोदी जी का गुणगान हो रहा है।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 माह की सरकार में आपने कुछ किया नहीं। अब मेरी दो महीने में परीक्षा ले रहे हो तो पूरा उत्तर भी सुनो। उन्होंने कहा कि संकल्प पत्र के 40 से अधिक बिंदु पूरे कर दिए हैं। कई तो वो काम भी कर दिए जो संकल्प पत्र में नही थे। सीएम ने कहा कि हमारा संकल्प पत्र कागज का टुकड़ा नहीं, धर्म ग्रंथ गीता, भागवत की तरह है, जो पांच साल में पूरा किया जाएगा। सीएम ने कहा कि स्वच्छता, खनिज निविदा में मध्य प्रदेश अग्रणी है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश की सभी लोकसभा सीटें भाजपा जीतेगी। एनडीए 400 पार होगा।
    मुख्यमंत्री ने धार्मिक स्थलों पर हेलीकॉप्टर और हवाई यात्रा की सुविधा देने की बात कही। उन्होंने कहा कि इंदौर से महाकालेश्वर इंदौर से ओंकारेश्वर, ग्वालियर से ओरछा ग्वालियर से दतिया ऐसे कई सारे स्थलों पर हवाई सुविधा शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि कोशिश कर रहे हैं कि चुनाव से पहले टेंडर हो जाए। सीएम ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार अयोध्या जाएगी। सरकार मंत्रियों के साथ विधायकों को भी अयोध्या लेकर जाएगी।
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा प्रदेश के विकास की नई इबादत लिखेंगे। इस वर्ष गुड़ी पड़वा पूरे प्रदेश में मनाएंगे। प्रदेश सरकार गरीबों का युवाओं का कल्याण किसानों की भलाई और महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए कार्य करेगी। जननी एक्सप्रेस योजना में वाहन बढ़ाए जाएंगे। अग्नि वीर योजना में 360 घंटे प्रशिक्षण योजना संचालित करेंगे। वीर भारत संग्रहालय के माध्यम से सांस्कृतिक धरोहर से जनता को अवगत करवाएंगे। वर्ष 2028 के सिंहस्थ में दुनिया भर के तीर्थयात्री आएंगे। इस आयोजन को अधिक से अधिक सफल बने इस दिशा में भी सरकार काम कर रही है।

  • अमृतकाल में साकार होती रामराज्य की संकल्पना

    अमृतकाल में साकार होती रामराज्य की संकल्पना

    • विष्णुदत्त शर्मा

    • राम राज बैठे त्रैलोका। हर्षित भए गए सब सोका।।

    • यह चौपाई अब वास्तविकता बनने जा रही है जब श्री रामलला की प्राण प्रतिष्ठा से चहुंओर हर्ष और आनंदमय वातावरण होगा। 5 अगस्त 2020 को राममंदिर की आधारशिला रखते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने ‘जय सियाराम’ के उद्घोष के साथ अपने संबोधन में कहा था कि “आप भगवान राम की अदभुत शक्ति देखिए… इमारतें नष्ट हो गईं, अस्तित्व मिटाने का भरसक प्रयास हुआ, लेकिन प्रभु श्रीराम आज भी हमारे मन में बसे हुए हैं। प्रभु श्रीराम हमारी संस्कृति के आधार हैं, भारत के जनमानस के विचार हैं और मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम हैं।“ प्रधानमंत्री जी ने अपने संकल्प स्वरूप यह भी कहा था कि ‘राम काज किन्हें बिनु, मोहि कहां विश्राम…’

    • 22 जनवरी 2024 को भव्य-दिव्य मंदिर में हमारे रामलला विधि विधान के साथ विराजने जा रहे हैं। सांस्कृतिक सभ्यता से परिपूर्ण हमारा भारत सरयू के किनारे एक स्वर्णिम अध्याय रचने जा रहा है। सोमनाथ से लेकर काशी विश्वनाथ तक अयोध्या धाम इतिहास गढ़ने जा रहा है। आज संपूर्ण भारत राममय होकर आनंदित है। हर मन प्रफुल्लित है और भारतवासी भावुक हैं क्योंकि 5 सदियों का इंतजार ख़त्म होने जा रहा है। प्रधानमंत्री जी की दृढ़ संकल्प शक्ति और कर्तव्य परायणता से अयोध्या धाम में श्री राम मंदिर निर्माण के साथ ही अनेक विकास परियोजनाओं के सृजन से अद्भुत अलौकिक वातावरण का निर्माण होने जा रहा है।

    • हमारे रामलला की प्राण प्रतिष्ठा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है, अपितु यह हमारे सांस्कृतिक अभ्युदय का प्रतीक है। यह प्राण प्रतिष्ठा आस्था, धैर्य और संकल्प के विजय का परिचायक है। यह हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक स्मृतियों एवं आध्यात्मिक मूल्यों का प्रतिबिंब भी है। अयोध्या में बना यह मंदिर देश के लिए सिर्फ पूजा स्थल नहीं बल्कि यह हमारे पूर्वजों के तप, त्याग और संकल्प का स्थायी प्रेरणापुंज है। जिन कारसेवकों के आंदोलन रूपी तपस्या के फलस्वरूप श्री रामलला का मंदिर आकार ले पाया है, वह आंदोलन अर्पण, तर्पण और संकल्प से ओत-प्रोत था। उसका लक्ष्य सिर्फ राम मंदिर नहीं अपितु रामराज्य स्थापित करना भी था। वर्ष 2014 में देश के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने के पश्चात नरेंद्र मोदी जी ने इसी रामराज्य की संकल्पना को साकार करने के लिए परिश्रम की पराकाष्ठा के साथ कार्य किया है। मोदी सरकार ने एक ओर सदियों से उपेक्षित सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक मान्यताओं को प्रतिस्थापित किया तो दूसरी ओर गरीब कल्याण को प्राथमिकता के रूप में अपनी सरकार का लक्ष्य बनाया।
    • प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में सरकार ने धारा 370 की बेड़ियों से मां भारती को आजाद कराना, तीन तलाक की कुरीति से अल्पसंख्यक बहनों को मुक्ति दिलाना, माताओं-बहनों को रसोई में खतरनाक धुएं से मुक्ति दिलाने के लिए गैस सिलेंडर, नारी शक्ति की गरिमा की रक्षा के लिए शौचालय का निर्माण, आयुष्मान भारत योजना के जरिए स्वास्थ्य सेवा, हर गरीब के सिर पर छत हो उस हेतु प्रधानमंत्री आवास योजना, कोई भूखा न रहे इस हेतु 80 करोड़ देशवासियों के लिए मुफ्त राशन की व्यवस्था, किसानों के लिए किसान सम्मान निधि, पिछले 7 दशकों से देश को लूटने वाले भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कठोर कदम, कोरोनाकाल में हर भारतीय को मुफ्त वैक्सीन का प्रबंध जैसे अनेकों ऐतिहासिक कार्य किए। मोदी सरकार ने रामराज्य की अवधारणा को साकार करने के लिए हर संभव प्रयास किये है। दरअसल, किसी भी लोकतंत्र की गुणवत्ता उसके नेतृत्वकर्ताओं पर निर्भर करती है। नेतृत्वकर्ता यदि त्यागी, तपस्वी और न्याय प्रिय है तो निश्चित ही लोकतंत्र सफल होगा जैसा प्रभु श्री राम जी के राज में था। वर्षों बाद प्रभु कृपा से ही पुनः भारत को इसी प्रकार त्यागी, तपस्वी और न्याय प्रिय नेतृत्व प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के रूप में प्राप्त हुआ है।

    • जहां एक ओर देश में राममंदिर के माध्यम से आध्यात्मिक चेतना जागृत हो रही है, उसी समय यह हमारे भारत का अमृतकाल है और 2047 तक भारत को विकसित बनाने के लिए हम भारतीयों को अपने दायित्वों के प्रति कृत संकल्पित रहना है। रामराज्य की संकल्पना भी यही है जहां शासन जन-जन के साथ मिलकर लोकतंत्र को सशक्त बनाने में सहभागिता निभाए। आज भारत ने अपनी सांस्कृतिक विरासतों के गौरव के साथ ही विकास के नए प्रतिमान स्थापित किये हैं। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में आज हमारा भारत अपने तीर्थों को भी संवार रहा है और डिजिटल टेक्नोलॉजी की शक्ति से परिपूर्ण विश्व का अग्रणी राष्ट्र भी बन रहा है। आज मोदी जी की सरकार काशी विश्वनाथ धाम के पुनर्निमाण के साथ ही ग्रामीण विकास हेतु 30 हजार से अधिक पंचायत भवन भी बना रही है। सिर्फ केदारधाम का पुनरुत्थान ही नहीं अपितु 300 से अधिक मेडिकल कॉलेज भी देश में बन रहे हैं। सिर्फ महाकाल के लोक का ही निर्माण नहीं हो रहा, बल्कि स्वच्छ पेयजल के लिए दो लाख से ज्यादा पानी की टंकियों का भी निर्माण हो रहा है और 14 करोड़ घरों तक स्वच्छ पेयजल पहुंच रहा है। आज देश अपनी अतुलनीय वैज्ञानिक क्षमताओं के माध्यम से एक तरफ चन्द्रमा और सूरज की दूरी नाप रहा है तो वहीं हमारी पौराणिक मूर्तियों को भारत में वापस लाकर अपनी सांस्कृतिक सभ्यता के सवंर्धन का कार्य भी कर रहा है।

    • प्रधानमंत्री जी ने अयोध्या धाम में महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे एवं अयोध्या धाम जंक्शन के लोकार्पण के अवसर पर कहा कि “विकसित भारत के निर्माण को गति देने के अभियान को अयोध्या नगरी से नई ऊर्जा मिल रही है। विश्व में कोई भी देश हो अगर उसे विकास की नई ऊंचाई पर पहुंचना है, तो उसे अपनी विरासत को संभालना होगा। हमारी विरासत हमें प्रेरणा देती है। हमें सही मार्ग दिखाती है। आज का भारत पुरातन और नूतन को आत्मसात करते हुए आगे बढ़ रहा है।“

    • वास्तव में आज अयोध्या में अध्यात्म और विरासत की भव्यता के साथ विकास की दिव्यता भी दिखती है। विकास और विरासत का यह संयोजन ही भारत को 21 वीं सदी में सबसे आगे ले जाएगा। तुलसीदास जी ने रामचरितमानस में लोकतंत्र, लोकमंगल और आदर्श राज्य व्यवस्था की अभिव्यक्ति की है। चित्रकूट से विदा होते हुए भरत को श्री राम सबसे बड़ा उपदेश देते हुए राजा-प्रजा के संबंधों पर कहते हैं, “मुखिया मुख सों चाहिए, खान पान को एक।। पालै पोसै सकल अंग, तुलसी सहित विवेक।।” यानी शासन पक्षपाती एवं अन्यायी न हो, शासन में समाज के अंतिम व्यक्ति के अभ्युत्थान की चिंता प्रमुख होनी चाहिए। हम गर्व से कह सकते हैं कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति के उत्थान की संकल्पना निश्चित ही साकार हो रही है। इस बात में कोई संशय नहीं है कि हमारे प्रधानमंत्री भारत की मिट्टी के कण-कण और भारत के जन-जन के पुजारी हैं। विगत साढ़े नौ वर्षों में न केवल हम भारतीय अपितु समूचा विश्व एक ‘नए भारत’ के निर्माण का प्रत्यक्षदर्शी रहा है। यह नया भारत है जिसकी संस्कृति, सभ्यता और संस्कारों को अपनाने में विश्व का हर देश स्वयं को गौरवान्वित अनुभव करता है। यह नया भारत अपनी आस्था, अस्मिता और अर्थव्यवस्था के प्रति सजग और संवेदनशील भी है और सचमुच में यही तो रामराज्य की संकल्पना है।

    लेखक- भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद हैं

  • राज्य में उद्यमशीलता का दौर :भगवानदास सबनानी

    राज्य में उद्यमशीलता का दौर :भगवानदास सबनानी


    भोपाल.6 जनवरी(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। भारतीय जनता पार्टी के नवनिर्वाचित विधायक एवं प्रदेश महामंत्री भगवानदास सबनानी ने कहा है कि राज्य में अब उद्यमशीलता का दौर शुरु हो गया है हम पूंजी निर्माण से समाजसेवा के नए दौर में प्रवेश कर रहे हैं। राज्य की नई सरकार कार्यकर्ताओं के बल पर सत्तासीन हुई है, यही कार्यकर्ता जनता की आकांक्षाओं को साकार करने में जुट गए हैं।हमारे नेताओं ने जिस संकल्पपत्र को सामने रखकर जनता से आशीर्वाद मांगा था हम उसकी हर भावना को साकार करने जा रहे हैं। माननीय मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने सत्ता संभालते ही कार्यपालिका को साफ संदेश दे दिया है कि ये कार्यकर्ताओं,मजदूरों और किसानों की सरकार है और हम उनकी हर आकांक्षा को पूरा करेंगे।


    श्री सबनानी ने विशेष मुलाकात में बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने समाज की चार जातियां गरीब, किसान, महिला और युवाओं को बताया है। हमें अच्छी तरह मालूम है कि ये चारों वर्ग के आम नागरिक किस तरह प्रदेश और देश की उत्पादकता बढ़ाने में सहयोगी साबित होते हैं। हम भारत के परम वैभव को ऊंचाईयों पर पहुंचाने के लिए कार्य कर रहे हैं। यही वजह है कि नई सरकार सत्ता के सभी कारकों के लिए दो टूक संदेश देने का कार्य कर रही है।


    उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने सत्ता संभालते ही हुकमचंद मिल के मजदूरों की बरसों पुराने लंबित वेतन भत्तों का निराकरण करके अपनी सामाजिक प्रतिबद्धता जाहिर कर दी है। ग्वालियर की विनोद मिल के मजदूरों के भी लंबित प्रकरण सुलझाए जा रहे हैं। भाजपा संगठन ने अपनी जमीनी सेवाओं से जनता की जरूरतों को अच्छी तरह समझा है। राजनीति हमारे लिए सेवा का माध्यम है। हम सेवा की राजनीति करते हैं। हमारे पैतृक संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से हमने सेवा, त्याग और तपस्या के जो संस्कार पाए हैं हम उन्हें साकार करने में जी जान से जुटे हैं।

    श्री सबनानी ने बताया कि लगभग तीन चार महीनों से चुनावी प्रक्रिया चल रही थी। नई सरकार के गठन के बाद हमारी जवाबदारी है कि हम अपनी ही पूर्ववर्ती सरकार की योजनाओं को आगे ले जाएं और यदि उनमें कुछ संशोधन भी करना पड़े तो करें। इसके लिए हमने राज्य के खजाने का आकलन शुरु कर दिया है। हमारी पार्टी के कई आर्थिक विशेषज्ञ स्थितियों का आकलन कर रहे हैं। हम मौजूदा संसाधनों के बीच जनता की जरूरतें पूरी कर रहे हैं और जल्दी ही रोजगार के नए अवसर शुरु हो जाएंगे।


    उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री जी ने शासन को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सरकार रोजगार के अवसर बढ़ाना चाहती है। नई शिक्षा नीति में भी हमने युवाओं में हुनर विकसित करने की नीति पर अमल शुरु किया है। इस प्रक्रिया में हम औद्योगिक ढांचा भी विकसित कर रहे हैं और उसके लिए हुनरमंद युवाओं की टीम भी उपलब्ध करवा रहे हैं। हम सरकारीकरण के भरोसे नहीं बैठेंगे और समाज को जल्दी ही उत्पादकता का लाभ देंगे। ये बदलाव की बयार जल्दी ही अपना असर दिखाएगी और जनता की आकांक्षाओं पर खरी साबित होगी।

  • शिवराज सिंह का झांसा साबित हुई किसान मित्र योजना

    शिवराज सिंह का झांसा साबित हुई किसान मित्र योजना


    भोपाल,26 दिसंबर(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। चुनावी वैतरणी पार करने के लिए पूर्ववर्ती मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आनन फानन में जो घोषणाएं की थीं उनकी असलियत अब सामने आने लगी है। राज्य के ऊर्जा विभाग ने शासन से दो टूक कह दिया है कि विभाग के पास बिजली और कोयला खरीदने का बजट समाप्त हो गया है। बिजली पर दी जा रही छूट की वजह से हालत ये हो गई है कि कई इलाकों में सौ रुपयों की लागत में से मात्र सत्रह पैसे ही प्राप्त हो रहे हैं। ऐसे में किसान मित्र योजना जैसी घोषणाओं को पूरा करना संभव नहीं है।


    मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने पदभार ग्रहण करते ही शासन के आला अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि उन्हें राज्य की वित्तीय स्थिति से अवगत कराया जाए। पिछली सरकार की घोषणाओं को पूरा करने की जवाबदारी भी नई सरकार की है। ऐसे में अफसरों ने वाहवाही के लिए शुरु की गई योजनाओं की सच्चाई नए मुख्यमंत्री के सामने रख दी है। बिजली,सड़क और पानी की गारंटी देने वाली भाजपा सरकार असलियत जानकर असमंजस में पड़ गई है।


    मुख्यमंत्री को बताया गया है कि पूर्ववर्ती सरकार ने ऊर्जा विभाग के मुनाफे में से ही इस योजना को चालू करने का प्रावधान किया था। योजना में शर्त डाली गई थी कि ट्रांसफार्मर, खंभे और वायर आदि तमाम सामान किसानों को बिजली कंपनियों से ही खरीदना पड़ेगा। जिसकी कीमतें पहले से ही बाजार भाव से ज्यादा तय कीं गईं थी।जाहिर है ऐसे में पचास फीसदी छूट तो महज कागजी थी। इसके बावजूद विभाग के पास योजना पूरी करने लायक धनराशि भी नहीं है।


    सितंबर माह में जबसे इस योजना की घोषणा की गई थी तबसे किसानों ने उत्साह में भरकर कनेक्शन के लिए औपचारिकताएं पूरी कीं थीं। नए ट्रांसफार्मर के लिए जल स्रोत और भूमि का रिकार्ड सत्यापित करवाया जाना था। किसानों को कृषि विभाग से जलस्रोत सत्यापित करवाना था और पटवारी से भूमि का नक्शा भी प्रमाणित करवाना था।किसानों ने भारी मशक्कतके बाद फार्म में दी गई शर्तों के आधार पर दस्तावेज जमा करवाए थे।बिजली कंपनी ने किसान को पंजीयन क्रमांक जारी करके कहा था कि जब हमारी ओर से मूल्य आकलन करवाया जाएगा तब आपको डिमांड के अनुसार धनराशि जमा करवाना पड़ेगी।
    इस योजना को दो सालों में पूरा किया जाना था। पहले साल दस हजार ट्रांसफार्मर रखे जाने थे। इस बीच सरकार चुनाव में चली गई और योजना पर अमल रोक दिया गया। अब जबकि भाजपा की ही नई सरकार सत्ता में आ गई है तब उसे योजना पर अमल शुरु करने में खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बिजली कंपनी के सामने तो अभी सबसे बड़ा संकट बिजली खरीदने और बिजली उत्पादन के लिए कोयला खरीदने का है।कोयला कंपनियों ने अपनी उधारी वसूलने के लिए तकादा करना शुरु कर दिया है।


    इस संबंध में जब ब्यावरा विधायक और राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार नारायण पंवार से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि सरकार की कोई योजना बंद नहीं की गई है। विभागों का आबंटन होने के बाद संबंधित मंत्रीगण जनता से किएगए वायदों पर अमल सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने कहा कि शिवराज सिंह सरकार ने किसान मित्र योजना के लिए बजट शुरु किया था या नहीं इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। यदि विभाग के अफसरों को कोई परेशानी महसूस हो रही है तो उनकी सरकार आवश्यक कदम उठाएगी।


    गौरतलब है कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपनी वित्तीय क्षमताओं से भी ज्यादा कर्ज लेकर जिन योजनाओं की घोषणा की थीं वे अब नई सरकार के लिए जी का जंजाल बन गईं हैं। देखना है कि बदले हालात में नई सरकार योजनाओं के लिए धन कहां से और कैसे लाती है। मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव को सिंहस्थ में कुशल वित्तीय प्रबंधन के लिए भरपूर प्रशंसा मिली थी लेकिन तब सरकार धड़ाधड़ कर्ज लेकर धन मुहैया करा रही थी पर अब कर्ज की सीमा निर्धारित दायरे को पार कर गई है ऐसे में नई सरकार ज्यादा कर्ज नहीं ले पाएगी और उसे योजनाओं के लिए धन की वसूली तेज करनी होगी।

  • जनादेश की बेहतर डिलीवरी के लिए शिवराज की विदाई उचित फैसला

    जनादेश की बेहतर डिलीवरी के लिए शिवराज की विदाई उचित फैसला


    -आलोक सिंघई-
    भारतीय जनता पार्टी की डॉक्टर मोहन यादव सरकार ने अभी तक अपना मंत्रिमंडल घोषित नहीं किया है। चुनाव नतीजों के इक्कीस दिन बीत चुके हैं लेकिन आगामी लोकसभा चुनावों को देखते हुए भाजपा कोई चूक नहीं करना चाह रही है। शिवराज की सत्ता के नजदीक रहकर उपकृत होता रहा एक बड़ा धड़ा ये कह रहा है कि शिवराज जी जैसे राजनेता को कमतर आंकना उचित नहीं है। वे एक आलराऊंडर खिलाड़ी थे उन्हें जबरन पेवेलियन में भेज दिया गया है। कांग्रेस के गुंडों की तरह शिवराज और उनके गुंडे बन चुके मंत्रियों ने भाजपा संगठन को आंखें दिखाना शुरु भी कर दी हैं। जबकि भाजपा का राष्ट्रीय संगठन जिस कार्पोरेट संस्कृति का अनुसरण कर रहा है उसमें चेहरे से ज्यादा अंकों का महत्व है । जिसने सेवा कार्य में ज्यादा अंक जीते हैं उसे कमान थमाई जा रही है। यही फार्मूला अपनाकर तीनों राज्यों में नए नेतृत्व को अवसर दिया गया है। कांग्रेस संस्कृति की घिसी पिटी परिवारवादी अवधारणा को छोड़कर ही भाजपा आज कार्यकर्ताओं की आशा का दल बनकर उभरी है। मध्यप्रदेश में तो कार्यकर्ताओं की एक बड़ी जमात बरसों से सत्ता की बाट जोह रही है ऐसे में शिवराज की विदाई हो या मंत्रियों की संभावित विदाई उसे देखने की दृष्टि बदलने का समय आ गया है।


    दरअसल जब हम मानना शुरु कर देते हैं जो जानने की वैज्ञानिक दृष्टि लुप्त प्राय हो जाती है। महाभारत युद्ध में श्रीकृष्ण के कहने पर अर्जुन ने हनुमानजी का आवाहन कर उनको रथ के ऊपर पताका के साथ विराजित किया। अर्जुन का रथ श्रीकृष्ण चला रहे थे और शेषनाग ने पृथ्वी के नीचे से अर्जुन के रथ के पहियों को पकड़ा था, जिससे रथ पीछे न जाए। इतना सब कुछ अर्जुन के रथ की रक्षा के लिए भगवान ने व्यवस्था की थी।


    महाभारत युद्ध समाप्ति के बाद अर्जुन ने भगवान से कहा पहले आप उतरिए मैं बाद में उतरता हूं, इस पर भगवान बोले नहीं अर्जुन पहले तुम उतरो। भगवान के आदेशनुसार अर्जुन रथ से उतर गए, थोड़ी देर बाद श्रीकृष्ण भी रथ से उतर गए, तभी शेषनाग पाताल लोक चले गए। हनुमानजी भी तुरंत अंतर्ध्यान हो गए। रथ से उतरते ही श्रीकृष्ण अर्जुन को कुछ दूर ले गए। इतने में ही अर्जुन का रथ तेज अग्नि की लपटों से धूं-धूं कर जलने लगा। अर्जुन बड़े हैरान हुए और श्रीकृष्ण से पूछा, भगवान ये क्या हुआ!


    कृष्ण बोले- ‘हे अर्जुन- ये रथ तो भीष्मपितामह, द्रोणाचार्य और कर्ण के दिव्यास्त्रों के वार से बहुत पहले ही जल गया था, क्योंकि पताका लिए हनुमानजी और मैं स्वयं रथ पर बैठा था, इसलिए यह रथ मेरे संकल्प से चल रहा था। अब जब कि तुम्हारा काम पूरा हो चुका है, तब मैंने उसे छोड़ दिया, इसलिए अब ये रथ भस्म हो गया।’


    व्यक्ति को लगता है कि उसके प्रभाव, बल, बुद्धि से सब हो रहा है, लेकिन जीवन में ऐसा बहुत कुछ होता है जो प्रभु कृपा या गुरु कृपा से हो रहा है, पर हमारा अहंकार कृपा को मानने को तैयार नहीं होता, जिस कारण अहंकार बढ़ता जाता है।ऐसा ही कुछ शिवराज सिंह चौहान और उनके समर्थकों के साथ हो रहा है। शिवराज जी के नेतृत्व में तो भाजपा सरकार पिछला चुनाव हार चुकी थी। खुद शिवराज जी सार्वजनिक तौर पर बोल चुके थे कि मैं मुक्त हुआ। ये अलग बात है कि किसी नए ब्रांड की तैयारी न होने की वजह से कांग्रेस की सरकार गिरने के बाद शिवराज जी को जवाबदारी सौंपी गई थी। ये शिवराज जी भी अच्छी तरह जानते थे कि उनके नेतृत्व में चुनाव लड़ा जरूर जा रहा है लेकिन उन्हें सत्ता की बागडोर पार्टी के सुपुर्द करनी है। यही वजह है कि वे प्रदेश के कर्ज लिए धन से चलाई जा रहीं योजनाओं का श्रेय बटोरने का प्रयास करने लगे थे उन्हें लगता था कि जनता में उनकी लोकप्रियता को देखकर भाजपा हाईकमान हमेशा की तरह एक बार फिर लाचार हो जाएगा और मजबूर होकर उन्हें ही एक बार फिर प्रदेश की बागडोर सौंप देगा।


    यथार्थ तो ये है कि शिवराज की सत्ता काफी पहले ही विदा हो चुकी थी। वे तो सत्ता माफिया और चमचों की फौज के सहारे जैसे तैसे अपना काम चला रहे थे। शिवराज का कार्यकाल राज्य के इतिहास में मजबूरी का काल कहा जाएगा। जिस तरह से सत्ता पर शिव राज की ताजपोशी हुई और जिस तरह उन्होंने अपना एकछत्र साम्राज्य स्थापित करने के लिए पार्टी के स्वाभाविक नेतृत्व की नर्सरी को मटियामेट किया उससे पार्टी के भीतर बड़ा आक्रोश फैला चुका था।चुनाव जीतने की मजबूरी के चलते कार्यकर्ताओं ने चुप्पी साध रखी थी। भाजपा संगठन के सख्त तेवरों और उमा भारती की राजनीतिक दुर्दशा को देखकर कोई भी नया क्षत्रप खड़ा नहीं हो सका था। खुद मोहन यादव भी सत्ता सिंहासन के लिए अपनी जमात नहीं खड़ी कर पाए। आज भी उन्हें मालूम है कि यदि उन्होंने किसी लाबी का सहारा लेकर अपनी मनमानी की तो पार्टी के भीतर मजबूत हो चुके कई कार्यकर्ता उन्हें बर्दाश्त नहीं करेंगे। यही वजह है कि उन्हें अपना मंत्रिमंडल घोषित करने में देरी हो रही है। भाजपा हाईकमान ने राज्यों की सत्ता में मनमानी रोकने के लिए क्षेत्रीय स्तर पर प्रशासनिक अफसरों और पुलिस अफसरों की सत्ता का विकेन्द्रीकरण किया है। यही कुछ वह अपने मंत्रिमंडल में भी करने जा रही है। शिवराज और उनके मंत्रियों को सत्ता के मार्गदर्शन का अवसर जरूर मिलेगा। इससे ज्यादा की उम्मीद वे न रखें तो अच्छा होगा क्योंकि अब प्रदेश को सख्त सर्जरी की जरूरत भी है।

  • मोहन यादव विधायक दल के नेता निर्वाचित बनेंगे मुख्यमंत्री

    मोहन यादव विधायक दल के नेता निर्वाचित बनेंगे मुख्यमंत्री


    भाजपा प्रदेश कार्यालय में केंद्रीय पर्यवेक्षकों की उपस्थिति में हुई विधायक दल की बैठक

    भोपाल 11 दिसंबर(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। उज्जैन दक्षिण से हाल ही में निर्वाचित भारतीय जनता पार्टी के विधायक डॉ. मोहन यादव को पार्टी विधायक दल ने केंद्रीय पर्यवेक्षकों की उपस्थिति में अपना नेता चुन लिया है। उनके नाम का प्रस्ताव मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने किया, जिसका समर्थन पार्टी नेताओं ने किया।


    भारतीय जनता पार्टी के नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक सोमवार को पार्टी के प्रदेश कार्यालय में संपन्न हुई। इस दौरान पार्टी पर्यवेक्षक व हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहरलाल खट्टर, पिछड़ा वर्ग मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ, के लक्ष्मण, पार्टी की राष्ट्रीय सचिव सुश्री आशा लाकड़ा उपस्थित रहीं। बैठक के शुभारंभ के अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा ने केंद्रीय पर्यवेक्षकों, बैठक में उपस्थित वरिष्ठ नेताओं एवं नवनिर्वाचित विधायकों का स्वागत किया। इसके उपरांत केंद्रीय पर्यवेक्षक श्री मनोहरलाल खट्टर ने बैठक की प्रस्तावना रखी। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने विधायक डॉ. मोहन यादव का नाम विधायक दल के नेता के लिए प्रस्तावित किया। मुख्यमंत्री के इस प्रस्ताव का अनुमोदन वरिष्ठ नेता श्री नरेंद्रसिंह तोमर, श्री प्रहलाद पटेल, श्री कैलाश विजयवर्गीय, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष श्री राकेश सिंह, वरिष्ठ नेता श्री गोपाल भार्गव, श्री तुलसी सिलावट ने किया। विधायक दल की सहमति पर श्री मोहन यादव को विधायक दल का नेता चुन लिया गया।


    वरिष्ठ नेताओं ने किया स्वागत
    विधायक दल का नेता निर्वाचित होने पर केंद्रीय पर्यवेक्षक श्री मनोहरलाल खट्टर, मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान एवं प्रदेश अध्यक्ष श्री विष्णुदत्त शर्मा ने डॉ. मोहन यादव का स्वागत किया एवं बधाई दी।
    छोटे कार्यकर्ता को आपने जो जिम्मेदारी दी आपके आशीर्वाद से निभाऊंगाः डॉ. मोहन यादव
    नव निर्वाचित विधायक दल के नेता डॉ. मोहन यादव ने उपस्थित विधायकों को संबोधित करते हुए पार्टी के वरिष्ठ नेताओं तथा उपस्थित विधायकों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आपने मुझ जैसे छोटे कार्यकर्ता को जो जिम्मेदारी दी है, मैं उसके लायक नहीं हूं। लेकिन आप सभी के प्रेम और आशीर्वाद से उस जिम्मेदारी को पूरा करने का प्रयास करूंगा।
    बैठक के दौरान राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री श्री शिवप्रकाश जी, मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान, हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहरलाल खट्टर, पिछड़ा वर्ग मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ, के लक्ष्मण, पार्टी की राष्ट्रीय सचिव सुश्री आशा लाकड़ा, वरिष्ठ नेता व विधायक श्री नरेंद्रसिंह तोमर, श्री कैलाश विजयवर्गीय, श्री प्रहलाद पटेल, श्री राकेश सिंह एवं प्रदेश संगठन महामंत्री श्री हितानंद जी मंचासीन रहे।

  • कांग्रेस की विदाई में त्रिदेव ने निभाई बड़ी भू्मिका

    कांग्रेस की विदाई में त्रिदेव ने निभाई बड़ी भू्मिका


    कांग्रेस की विचारधारा और नीतियों को विदाई देकर तीन राज्यों में भाजपा की सरकार बनाकर देश के मतदाताओं ने स्पष्ट संदेश दिया है। भारतीय जनता पार्टी तो इस संदेश को बहुत हद तक समझ रही है लेकिन कांग्रेस के दिग्गज इसे लगातार नकारते दिख रहे हैं। कमलनाथ कांग्रेस के अधिकतर बुद्दिजीवी इसे ईवीएम की गड़बड़ी बताकर अपनी हार पर पर्दा डालने का असफल प्रयास कर रहे हैं। इस ऐतिहासिक हार से सबक लेना तो दूर वे जनता पर ही ओछी तोहमत लगा रहे हैं। कांग्रेसी और उनके पिछलग्गू भाजपाई इन चुनावी नतीजों को कमतर बताने के लिए इसे लाड़ली बहना की देन बता रहे हैं। नतीजों का इस तरह का सरलीकरण करके वे सत्ता की फिसलन भरी सीढ़ियों पर खुद को जमाए रखने का प्रयास ही कर रहे हैं।
    भोपाल दक्षिण पश्चिम के नवनिर्वाचित विधायक और भाजपा के प्रदेश महामंत्री भगवान दास सबनानी बताते हैं कि जबसे चुनावी महासमर का मंथन शुरु हुआ था तभी से भारतीय जनता पार्टी संगठन ने अपनी भूमिका स्पष्ट रूप से तैयार कर ली थी। प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने अमितशाह के दिए मंत्र के अनुसार बूथ अध्यक्ष,महामंत्री और बूथ लेवल एजेंट यानि बीएलए को मैदानी जवाबदारी सौंपी थी।इन्ही त्रिदेवों ने मतदाताओं को ई वी एम तक पहुंचा दिया।पन्ना प्रभारी, पन्ना समिति, और शक्ति केन्द्र टोली इसके साथ खड़ी थी। यही वजह है कि जिन चुनावी क्षेत्रों में षड़यंत्रों की इबारत लिखी गई वहां भी भाजपा का संगठन मजबूती से प्रत्याशी के समर्थन में खड़ा था।
    यही वजह है कि भारतीय जनता पार्टी तमाम सर्वेक्षणों से आगे देखकर अपनी जीत पर आश्वस्त था। आज कांग्रेस को ये नतीजे भले ही अचंभित कर रहे हों लेकिन इसके पीछे भारतीय जनता पार्टी के संगठन की प्रतिबद्धता वह समझ ही नहीं पा रही है। इसकी वजह केवल यही कि कांग्रेस का संगठन तो नदारद था। कमलनाथ बयानबाजी को ही अपनी जीत का आधार मान रहे थे। कांग्रेस के प्रवक्ताओं को भी लगता था कि कमलनाथ कोई चमत्कार कर रहे हैं। लेकिन जब नतीजे सामने आए तो वे बौखला गए। जबसे इन पांच राज्यों की चुनावी बहसें शुरु हुईं थीं तबसे कम से कम मध्यप्रदेश में कहा जा रहा था कि जनता बदलाव चाहती है। राजस्थान में कहा जाता है कि वहां का मतदाता हर बार सत्ता बदल देता है।
    मध्यप्रदेश में कहा जा रहा था कि जनता शिवराज सिंह चौहान के चेहरे से ऊब गई है इसलिए वह बदलाव चाहती है। जबकि हकीकत ये है कि जनता को ये नहीं मालूम था कि उसका खलनायक कौन है। मध्यप्रदेश में जनता की बैचेनी की वजह यहां की नौकरशाही रही है। कांग्रेस और फिर उसकी पूंछ पकड़कर चलने वाली शिवराज सिंह चौहान की भारतीय जनता पार्टी ने जिस दरियादिली से सरकारी नौकरियां बांटीं उससे प्रदेश की आय और व्यय में असंतुलन पैदा हो गया है। मध्यप्रदेश में दस लाख से अधिक परिवार ऐसे हैं जिनमें एक न एक सदस्य सरकारी नौकरी कर रहा है। सरकारी नौकरियों में भी वेतनमान इतने अधिक हो गये हैं कि उसकी तुलना में प्रदेश के उत्पादक कार्यों में लगे लगभग आठ करोड़ लोग नेपथ्य में चले गए थे। इन्हीं को भाजपा संगठन ने अपनी हितग्राही मूलक योजनाओं से अपना तारण हार बना लिया। कमलनाथ कांग्रेस ने अपनी हार होते देखकर चुनावी चर्चाओं के बीच वादा कर दिया था कि वह सत्ता में आकर पुरानी पेंशन लागू कर देगी। इसके बावजूद कांग्रेस की डेढ़ साल का अनुभव कर्मचारी भूले नहीं थे। उन्हें मालूम था कि सत्ता में आकर कांग्रेसी तबादले और पोस्टिंग के धंधे में मशगूल हो जाएंगे। यही वजह थी कि पुरानी पेंशन का फार्मूला भी फिसड्डी हो गया। सरकारी कर्मचारियों ने जो मिल रहा है वही स्वीकार करने का मन बना लिया। नतीजा सामने है सरकारी कर्मचारियों ने कोई बड़ा फेरबदल नहीं किया। हालांकि डाक मतपत्रों के नतीजों को देखकर लग रहा था कि कोई बड़ा फेरबदल होगा।
    दरअसल में भारतीय जनता पार्टी ने जो हितग्राही मूलक योजनाएं चलाईं उनका लाभ लेने वाला इतना बड़ा वर्ग देश में तैयार हो गया है कि उसकी तुलना में जनधन की मलाई खाने वालों की भीड़ नगण्य रह गई है। भाजपा ने सत्ता का लाभ आम नागरिकों तक पहुंचाने के कई आयाम विकसित कर दिए हैं। चाहे लाड़ली बहना योजना हो, लाड़ली लक्ष्मी योजना हो, किसान सम्मान निधि हो, जलजीवन मिशन हो या फिर शौचालय निर्माण सभी ने देश के आम जनजीवन को प्रभावित किया है। यही वजह है कि कांग्रेस की फूट डालो राज करो की पूरी विचारधारा ही नेपथ्य में चली गई है।
    कांग्रेस की नीतियां समाज के एक वर्ग को खलनायक बनाने और दूसरे वर्ग से उस पर पत्थर फिंकवाने की रही है। जिसे इस बार जनता ने साफ तौर पर नकार दिया है।पहली बार देश से कांग्रेस के सफाए की शुरुआत हुई है। इन चुनावी नतीजों ने कांग्रेस की पूंछ पकड़कर चल रही शिवराज भाजपा से आगे निकलकर एक राजमार्ग दिखा दिया है। आज की भारतीय जनता पार्टी के सामने कांग्रेस की नीतियों को बरकरार रखने की अनिवार्यता नहीं रही है। भाजपा अब अपनी सकारात्मक सोच को बेधड़क लागू कर सकती है।
    पिछले दो दशकों में भाजपाईयों को नहीं मालूम था कि वे क्यों सत्ता में भेजे गए हैं। शिवराज सिंह चौहान ने भी केवल नौकरशाही के भरोसे रहकर सत्ता चलाई जिससे जनता को ये नहीं महसूस हुआ कि प्रदेश की राजनीति किस नई राह पर चल पड़ी है। इस बार जिस तरह नौकरशाही को जमीन दिखाई गई है वह अनोखी कवायद है। पहली बार सरकार नौकरशाही के चंगुल से बाहर निकली है। जाहिर है कि अब आने वाली मध्यप्रदेश की सरकार ब्लैकमेलिंग के जाल से बाहर निकल आई है। अब उसे न सरकारी तंत्र की ब्लैकमेलिंग के सामने मजबूर होकर खड़ा होना है न ही प्रेस के माध्यम से चलाई गई माफिया की मुहिम के सामने लाचार होना है। वह प्रदेश को विकास के राजपथ पर बेधड़क लेकर चल सकती है।
    मुख्यमंत्री के चयन में हो रही देरी को देखकर लोगों को लगता है कि भाजपा किसी असमंजस में है।केन्द्र की भाजपा ने अमित शाह ने बच्चों के साथ शतरंज खेलते हुए दिखाकर बता दिया है कि वह शह और मात के खेल में नया अध्याय लिखने जा रही है। आगामी आम चुनावों में देश नतीजों पर अपना फैसला सुनाने वाला है और भाजपा लगातार अपनी सफलताओं के नतीजे जनता के सामने प्रस्तुत कर रही है। तीनों राज्यों में भाजपा ने न केवल अपनी सफलताओं की कहानी लिखी है बल्कि वह नतीजों का अहसास अपनी नीतियों से करवाने में भी सफल रही है। आज ठेठ गांव के निवासी हों या उद्योंगों से जुड़े मजदूर सभी को पता है कि किस तरह से भाजपा की सरकारें उनका जीवन बदलती जा रहीं हैं। ऐसे में कांग्रेस तो क्या किसी अन्य दल को भी अपना अस्तित्व बचाने का भरोसा नहीं रहा है। कांग्रेस के दिग्गजों को पता है कि कि वे पुरानी राजनीति की अपनी इबारत खो चुके हैं। भाजपा अब एक नई भाजपा बन रही है। भाजपा का ये नया संस्करण भाजपा को विस्थापित करके सत्ता में आने जा रहा है।ऐसे में कांग्रेस हो या सपा,या फिर आप पार्टी किसी की कोई गुंजाईश नहीं बची है। जाहिर है कि आम चुनावों की इबारत साफ है। भाजपा अब देश का चुनाव भी भारी बहुमत से जीतने जा रही है। तीन राज्यों की जीत ने बता दिया है कि जनता की राय में अब और भी तेज इजाफा होने जा रहा है।
    भाजपा अब इन तीन राज्यों में सरकार का जो माडल पेश करने जा रही है वह परम्परावादी राजनीति के ऐसे अध्याय के रूप में सामने आ रहा है जो न किसी ने देखा न पढ़ा न सुना है। भारत अब न केवल विश्व गुरु बनने जा रहा है बल्कि वह पूरी दुनिया का अनूठा सेवक भी बनने जा रहा है। दुनिया की तमाम शक्तियों के बीच जो नया सूर्योदय होने जा रहा है उसके पक्ष में अब मध्यप्रदेश की जनता ने भी अपना फैसला सुना दिया है। भाजपा को इसी फैसले का इंतजार था और राष्ट्रवादियों ने भारतमाता के इसी श्रंगार का स्वप्न देखा था जो अब पूरा होने जा रहा है।संशय को बादल लगातार छंटते जा रहे हैं। राष्ट्रवादियों की कई पीढ़ियां इसी का इंतजार कर रहीं थीं।

  • कम्युनिस्ट नेत्री साधना कार्णिक ने आरिफ नगर में चश्मे बांटे

    कम्युनिस्ट नेत्री साधना कार्णिक ने आरिफ नगर में चश्मे बांटे

    भोपाल, 7 दिसंबर(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। भोपाल गैस काण्ड की 40 वो बरसी के कार्यक्रमों श्रृंखला के अंतर्गत आज आरिफ नगर स्कूल में गैस पीड़ित बच्चो महिलाओं का स्वास्थ्य कैंप लगाया गया। इसमें गैस पीड़ितों की समस्याओं की आवाज उठाने वाली कम्युनिस्ट नेता और समाजसेवी साधना कार्णिक प्रधान ने आंखों के इलाज के लिए चिकित्सा शिविर का आयोजन किया और जरूरत मंदों को चश्मे भी वितरित किए।


    भोपाल गैस पीड़ित संघर्ष सहयोग समिति की संयोजक साधना कर्णिक प्रधान ने बताया की भोपाल गैस काण्ड की 40 वीं बरसी के कार्यक्रमों के तहत पीड़ितो के परिवारों और उनके बच्चो के विभिन्न स्वास्थ्य , पुनर्वास , शिक्षा एवम जागरूकता कार्यक्रमों की शुरुआत की गई है। उसी श्रृंखला के तहत आज यूनियन कार्बाइड के पास जेपी नगर के सामने आरिफ नगर सरकारी स्कूल में गैस पीड़ित परिवारों के 300 बच्चो व 250 महिलाओं के आंखों की जांच कर उन्हे चश्मे प्रदान किए गए ।


    उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य कैंप में पहचान किए गए मोतियाबिंद के 20 मरीजों में से 10 मरीजों को ऑपरेशन के लिए गाड़ी से चिरायु अस्पताल भेजा गया । इसी के साथ कैंसर स्पेशलिस्ट डॉक्टर अलका चतुर्वेदी द्वारा गैस पीड़ित महिलाओं को कैंसर जागरूकता के संबंध में शिक्षाप्रद जानकारी भी प्रदान की गई । साधना कर्णिक ने बताया की स्वास्थ्य कैंप , जैन एकता मंच , सर्वोदय , चाइल्ड केयर काउंसिल के सहयोग से लगाया गया है।उन्होंने बताया कि गैस पीड़ितों की मदद के लिए इस तरह के आयोजन सालभर किए जाएंगे।

  • भाजपा एकमात्र विकल्प,हमारा संकल्प समृद्ध मध्यप्रदेश:नड्डा

    भाजपा एकमात्र विकल्प,हमारा संकल्प समृद्ध मध्यप्रदेश:नड्डा

    भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जेपी नड्डा जी ने कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में संकल्प पत्र का किया विमोचन

    हर परिवार को रोजगार की गारंटी,कोई परिवार बेघर नहीं रहेगा
    भोपाल,11 नवंबर(प्रेस इंफॉर्मेशन सेंटर). बीस साल पहले मध्यप्रदेश कहां था, यह आज की युवा पीढ़ी को पता नहीं है। पिछले 20 सालों में भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने अपने काम से एक बीमारू राज्य को विकास के पथ पर आगे बढ़ाया है। इन 20 सालों में मध्यप्रदेश विकास के सभी मापदंडों पर आगे बढ़ा है। चाहे प्रति व्यक्ति आय हो, कृषि उत्पादन हो, या फिर बिजली, पानी और सड़कों की स्थिति, सभी मामलों में मध्यप्रदेश तेज गति से आगे बढ़ा है। इन 20 सालों में हमारी सरकार ने वो काम तो किए ही हैं, जिनका हमने वादा किया था। इसके अलावा हमारी सरकार ने कई ऐसे काम भी किए हैं, जो हमने अपने संकल्प पत्र में शामिल नहीं किए थे। प्रदेश की जनता से ये हमारा वादा है कि आने वाले सालों में हम मध्यप्रदेश को एक विकसित राज्य बनाएंगे। यह बात भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जेपी नड्डा जी ने शनिवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित संकल्प पत्र विमोचन समारोह में संबोधित करते हुए कही। समारोह में मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री श्री प्रहलाद पटेल एवं प्रदेश अध्यक्ष श्री विष्णुदत्त शर्मा ने भी संबोधित किया।
    भारतीय जनता पार्टी के 10 संकल्प

    1. 5 वर्षों के लिए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का क्रियान्वयन करते हुए सभी गरीब परिवार को मुफ्त राशन के साथ रियायती दर पर दाल, सरसों का तेल एवं चीनी उपलब्ध करवाएंगे।
    2. मध्य प्रदेश का कोई भी परिवार बेघर नहीं रहेगा। इसके लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के साथ ही मुख्यमंत्री जन आवास योजना शुरू करेंगे।
    3. लाड़ली बहनों को मासिक आर्थिक सहायता के साथ आवास का लाभ मिलेगा।
    4. एमएसपी के साथ बोनस 2,700 रूपए प्रति क्विंटल पर गेहूं एवं 3,100 रूपए प्रति क्विंटल पर धान की खरीद की व्यवस्था करेंगे।
    5. पीएम किसान सम्मान निधि एवं मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के लाभार्थियों को वार्षिक ₹12,000 देंगे।
    6. तेंदूपत्ता संग्रहण दर 4,000 रूपए प्रति बोरा देना सुनिश्चित करेंगे।
    7. गरीब परिवार के सभी छात्रों को 12वीं कक्षा तक मुफ्त शिक्षा की व्यवस्था करेंगे।
    8. सरकारी स्कूल में मिड-डे मील के साथ अब पौष्टिक नाश्ता भी उपलब्ध कराया जाएगा।
    9. प्रत्येक संभाग में आईआईटी के तर्ज पर मध्य प्रदेश इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी एवं एम्स की तर्ज पर मध्य प्रदेश इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंस स्थापित किया जाएगा।
    10. प्रत्येक परिवार में कम से कम एक रोजगार अथवा स्वरोजगार के अवसर सुनिश्चित करेंगे।

    भाजपा के लिए संकल्प पत्र काम का रोडमैप
    समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जेपी नड्डा जी ने कहा कि घोषणा पत्र, मेनिफेस्टो, संकल्प पत्र या विजन डॉक्यूमेंट की महत्ता धीरे-धीरे घटती जा रही है। इसकी वजह यह है कि कई राजनीतिक दलों ने चुनाव से पहले जनता को लुभाने का काम किया और बाद में वादे भुलाने का काम किया है। वादा करो, भूल जाओ और जनता को गुमराह करो। लेकिन भारतीय जनता पार्टी अकेली ऐसी पार्टी है, जिसने इस डॉक्यूमेंट को अपने काम का रोड मैप बनाया है। यह हमारा रिकॉर्ड है कि हम अपने संकल्प पत्र का अक्षरशः पालन करते हैं। श्री नड्डा ने कहा कि भाजपा के लिए संकल्प पत्र कितना महत्वपूर्ण है, यह इस तथ्य से पता लग जाता है कि हमारे यहां जो सरकार आती है, वो कैबिनेट मंत्रियों की एक उप समिति बनाती है और उसे संकल्प पत्र पर अमल करने की जिम्मेदारी दी जाती है। सभी मंत्री अपने-अपने विभागों से संबंधित घोषणाओं का पालन कराते हैं। भारतीय जनता पार्टी अपने स्तर पर इस काम की मॉनीटरिंग करती है। श्री नड्डा ने कहा कि हमारी योजनाओं की मूल बात गरीब कल्याण है और इसके लिए हमारी पार्टी रिफॉर्म, ट्रांसफॉर्म और परफॉर्म पर जोर देती है।
    20 सालों में 19 गुना बढ़ा मध्यप्रदेश का जीडीपी
    राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नड्डा जी ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को यह पता नहीं होगा कि 20 साल पहले मध्यप्रदेश किस स्थित में था और उसे वर्तमान स्थिति में लाने के लिए भाजपा की सरकार ने क्या किया है। इसलिए प्रदेश के मतदाताओं और विशेषकर युवाओं को यह बता देना चाहता हूं कि 2003 में प्रदेश की औद्योगिक विकास दर 0.61 प्रतिशत थी, जो आज 24 प्रतिशत पर पहुंच गई है। अनाज उत्पादन 159 लाख मीट्रिक टन था, जो आज 4 गुना बढ़कर 619 लाख मीट्रिक टन हो गया है। उस समय प्रदेश में सिर्फ 7.68 लाख हेक्टेयर में सिंचाई होती थी, अब सिंचित रकबा 47 लाख हेक्टेयर है। बुंदेलखंड में एक राष्ट्रीय परियोजना के तौर पर केन-बेतवा लिंक परियोजना पर काम किया जा रहा है। श्री नड्डा ने कहा कि इस दीवाली पर रीवा में सबसे ज्यादा दोपहिया वाहनों की बिक्री हुई है और इसकी वजह है किसानों की परचेसिंग पॉवर बढ़ना। ये इसलिए संभव हुआ क्योंकि हमने सिंचाई की सुविधाएं दीं, 16 प्रतिशत ब्याज पर मिलने वाले कृषि ऋण को 0 प्रतिशत ब्याज पर उपलब्ध कराया। 2003 में राज्य की कुल आय 71 594 करोड़ थी, जो आज 13, 20000 करोड़ हो गई है। 2003 में प्रति व्यक्ति आय 11718 रुपए थी, जो 2023 में 1,40000 है। प्रदेश का बजट 14 गुना बढ़ा है। जीएसडीपी 19 गुना बढ़ा है। 2003 में प्रदेश में 60000 किलोमीटर सड़कें थी, जो आज 5 लाख किलोमीटर हो चुकी हैं। 2003 में राज्य में कुल 5000 मेगावॉट बिजली का उत्पादन होता था, जबकि आज 29000 मेगावाट है। 2003 में प्रदेश में 5 मेडिकल कॉलेज थे, आज 30 मेडिकल कॉलेज हैं। श्री नड्डा ने कहा कि कृषि के विकास के लिए जो प्रयास किए गए हैं, उनके फलस्वरूप मध्यप्रदेश आज जैविक खेती में नं.वन राज्य बन गया है। मध्यप्रदेश जैविक सोयाबीन, चना, मसूर, तुअर और उड़द के उत्पादन में पहले नंबर पर है, जबकि सरसों, मूंग और बीन्स के उत्पादन में दूसरे नंबर पर है। श्री नड्डा ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने 75 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाली 1 लाख से अधिक छात्राओं को स्कूटी दी है। 14 हजार छात्रों को आवासीय विद्यालयों का लाभ मिल रहा है।
    जो नहीं कहा, वो भी किया
    श्री नड्डा जी ने कहा कि हमने अपने वादों को तो पूरा किया ही है, वो काम भी किए हैं, जिनके लिए हमने नहीं कहा था। हमने नहीं कहा था, लेकिन प्रदेश सरकार के प्रयासों से आज मध्यप्रदेश नर्सिंग एंड मिडवाइफरी में देश का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस है। मध्यप्रदेश मेडिकल की पढ़ाई हिंदी में शुरू कराने वाला देश का पहला राज्य है। 6300 करोड़ के बजट से सीएम राइज स्कूलों की स्थापना और विकास का काम किया जा रहा है। प्रदेश में भोपाल-इंदौर, भोपाल-बीना, जबलपुर-कटनी, सतना-सिंगरौली और मुरैना-ग्वालियर-शिवपुरी के बीच चार इन्वेस्टमेंट कॉरिडोर बन रहे हैं। लाडली लक्ष्मी योजना से बच्चियों की संख्या में बढोत्तरी हुई है। लाडली बहना योजना ने भी महिला सशक्तीकरण के काम को आगे बढ़ाया है। इन योजनाओं के बल पर मध्यप्रदेश में आज लिंगानुपात 956 बालिकाएं प्रति 1000 बालक हो गया है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के साथ प्रदेश सरकार भी मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के अंतर्गत किसानों को 6 हजार रुपये प्रतिवर्ष दे रही है। मध्यप्रदेश में तीन वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं। इसके अलावा प्रदेश सरकार 100 करोड़ के खर्च से सागर में संत रविदास जी का स्मारक बना रही है।
    बहनों को लखपति बनाएंगे, हर ट्राइबल ब्लॉक में होगा मेडिकल कॉलेज
    पार्टी के रोडमैप यानी संकल्प पत्र पर प्रकाश डालते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जेपी नड्डा जी ने कहा कि हम गांवों की बहनों को लखपति बनाने के लिए विशेष ट्रेनिंग और स्किल डेवलपमेंट का काम करेंगे। कृषि का लाभ का धंधा बनाने के प्रयासों की कड़ी में प्रदेश सरकार गेहूं की खरीदी 2700 रुपये प्रति क्विंटल तथा धान की खरीदी 3100 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर करेगी। जनजातीय बंधुओं के विकास के लिए तीन लाख करोड़ का प्रावधान किया जाएगा। तेंदुपत्ता 4000 रुपये प्रति मानक बोरी की दर पर खरीदा जाएगा। प्रत्येक जनजातीय बहुल ब्लॉक में एकलव्य विद्यालय तथा मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे। गरीब परिवारों के बच्चों को 12 वीं तक मुफ्त शिक्षा जारी रखी जाएगी साथ ही प्रत्येक संभाग में आईआईटी तथा ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज की तर्ज पर मध्यप्रदेश इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज कॉलेज खोले जाएंगे। प्रत्येक परिवार को सरकारी क्षेत्र में या स्व रोजगार के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराएंगे। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना में चावल, दाल और गेहूं के साथ सरसों का तेल और शक्कर भी उपलब्ध कराएंगे। इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास की दृष्टि से प्रदेश में विंध्य एक्सप्रेस वे, नर्मदा एक्सप्रेस वे, अटल प्रगति एक्सप्रेस वे, बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे और मध्यभारत विकास पथ के रूप में 6 नए एक्सप्रेस वे बनाए जाएंगे। प्रदेश में 34 रेलवे स्टेशनों का उन्नयन तो किया ही जा रहा है, रीवा और सिंगरौली एयरपोर्ट्स को भी वर्ल्ड क्लास बनाया जाएगा। इंदौर और भोपाल में मेट्रो का ट्रॉयल रन हो चुका है। ग्वालियर और जबलपुर को भी मेट्रो से जोड़ा जाएगा। स्वास्थ्य के क्षेत्र में हम अटल मेडिसिटी बनाएंगे साथ ही हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए 20000 करोड़ का प्रावधान किया जाएगा। प्रदेश के 13 पूज्य स्थलों पर सांस्कृतिक लोकों का विकास किया जाएगा।
    मध्यप्रदेश को देश का सबसे विकसित राज्य बनाकर चैन की सांस लेंगेः शिवराज सिंह चौहान
    समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस ने टिप्पणी की है कि नरक चतुर्दशी के दिन भाजपा अपना संकल्प पत्र क्यों ला रही है। कांग्रेस और कांग्रेस के नेताओं को भारतीय संस्कृति, हमारे जीवन मूल्य, इतिहास इसका ज्ञान ही नहीं है। नरक चतुर्दशी के दिन ही भगवान श्री कृष्ण ने नरकासुर का वध करके 16 हजार रानियों को मुक्त कराया था। यह बहनों की मुक्ति का दिवस भी है, उनके आत्म-सम्मान और स्वाभिमान से जीने का दिवस भी है। श्री चौहान ने कहा कि आज के पवित्र दिन हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जेपी नड्डा जी के हाथों संकल्प पत्र का विमोचन हो रहा है। हम इस संकल्प पत्र को अक्षरशः रोडमैप बनाकर मध्यप्रदेश के विकास के लिए कार्य करेंगे और मध्यप्रदेश को देश का नंबर एक राज्य बनाकर ही चैन की सांस लेंगे। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने जनता के कल्याण के लिए जो योजनाएं बनाई हैं, वे जनता की तकलीफों, उनके दर्द और परेशानी को देखकर बनाई गई हैं। पंचायतें बुलाकर सलाह-मशविरा किया गया है। हमने देखा कि बेटियां कोख में ही मार दी जाती थीं, तब लाडली लक्ष्मी योजना बनी। बहनों के राजनीतिक सशक्तिकरण के लिए स्थानीय निकाय में 50 प्रतिशत आरक्षण दिया। पुलिस भर्ती में 30 प्रतिशत और शिक्षक भर्ती में 50 प्रतिशत आरक्षण देने के साथ संबल, लाड़ली बहना और लखपति दीदी जैसी योजनाएं भाजपा सरकार में बनाई गईं। उन्होंने कहा कि किसानों और गरीबों के बच्चों को भी अच्छी शिक्षा देने के लिए प्रदेश भर में सीएम राइज स्कूल खोले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार मध्यप्रदेश को 60 हजार किलोमीटर टूटी-फूटी सड़कों के दौर से मेट्रो रेल के सफर और टपरे वाले आईटीआई से ग्लोबल स्किल पार्क तक लेकर पहुंची है। आज फिर हम संकल्प लेते हैं कि मध्यप्रदेश को देश का सबसे विकसित राज्य बनाकर ही हम चैन की सांस लेंगे।
    संकल्प पत्र में है मध्यप्रदेश को सर्वोच्च प्रदेश बनाने का रोड मैपः प्रहलाद पटेल
    केंद्रीय मंत्री श्री प्रहलाद पटेल ने समारोह में संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जगत प्रकाश नड्डा जी के हाथों जनता को समर्पित संकलप पत्र जनता को समर्पित हो रहा हैं। यह संकल्प-पत्र आने वाले 5 वर्षों का रोड मैप होगा, जिसके माध्यम से मध्यप्रदेश को देश के सर्वोच्च राज्य बनाने के लिए कार्य किया जाएगा।
    भाजपा का संकल्प पत्र सर्व कल्याण का रोडमैप हैः श्री विष्णुदत्त शर्मा
    भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि यह संकल्प-पत्र मध्यप्रदेश की जनता के सर्व कल्याण का रोडमैप है। यह जन आकांक्षाओं के आधार पर तैयार किया गया है। यह कुछ पन्नों का दस्तावेज नहीं है, पिछले 20 सालों से जनता ने जिस भरोसे से हमारा साथ दिया है, उसको साकार करने की जिम्मेदारी इस संकल्प पत्र में निहित हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 21 दिन तक चली जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान 1500 स्थानों पर जन आकांक्षा पेटियों को रखकर प्रदेश की जनता की आकांक्षाओं को संकलित किया गया था। इस दौरान 7 लाख से अधिक सुझाव मिले थे। इसके साथ ही प्रदेश के 50 हजार प्रबुद्धजनों के सुझाव भी लिए गए थे। इन सुझावों पर गहरा शोध करके संकल्प पत्र में शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने बीमारू मध्यप्रदेश को विकसित मध्यप्रदेश बनाया है। हमारा संकल्प-पत्र उसे स्वर्णिम मध्यप्रदेश बनाने का रोडमैप है। श्री शर्मा ने कहा कि मध्यप्रदेश में विकास की जो धारा पिछले बीच वर्षों से चली है, इस धारा को गति प्रदान करने और प्रदेश के स्वर्ण काल के मार्ग को प्रशस्त करने की दृष्टि से हमारा संकल्प पत्र अत्यंत महत्वपूर्ण है।
    इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री व प्रदेश चुनाव सह प्रभारी श्री अश्विनी वैष्णव, केन्द्रीय मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, श्री फग्गन सिंह कुलस्ते, प्रदेश महामंत्री व सांसद सुश्री कविता पाटीदार उपस्थित थे। मंच का संचालन प्रदेश मीडिया प्रभारी श्री आशीष अग्रवाल ने किया.

  • एमपी के विकास का रोडमैप भी नहीं समझ सकी कांग्रेसः प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

    एमपी के विकास का रोडमैप भी नहीं समझ सकी कांग्रेसः प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

    रतलाम,4नवंबर(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)।कांग्रेस अभी तक मध्यप्रदेश के विकास का रोडमैप भी नहीं समझ सकी है।वह इतनी दूर की योजना नहीं बना सकती।उसकी घोषणाएं और डायलाग फिल्मी हैं। जब किरदार ही फिल्मी हैं तो सीन भी फिल्मी ही होगा। रतलाम में शनिवार को मध्यप्रदेश के चुनावी संवाद की पहली सभा के आयोजन में उन्होंने कहा कि जनता को भाजपा की जीत पर कोई संशय नहीं है। चर्चा तो अब ये है कि भाजपा को एक तिहाई बहुमत मिलेगा या उससे कम।

    उन्होंने कहा कि यहां कांग्रेस के दो नेताओं में कपड़े फाड़ने का काम्पीटीशन चल रहा है। उन्होंने कहा कि ये दोनों नेता अपने बेटों का भविष्य संवारने में लगे हैं। अभी तो ये इस फिल्म का ट्रेलर है असली फिल्म तो तीन दिसंबर को भाजपा की जीत के बाद दिखाई देगी। तब लोग इनके सिर फुटौव्वल की असलियत जान पाएंगे।

    सिर पर नारंगी रंग की टोपी पहिनकर मंच पर पहुंचे प्रधानमंत्री को राजेश सोनी के बनाए स्वर्ण आभूषणों का प्रतीक चिन्ह भेंट किया गया। उन्होंने कहा कि खाटूश्याम-पार्श्वनाथ तीर्थ को प्रणाम किए बगैर और यहां का रतलामी सेव खाए बगैर कोई वापस चला जाए तो उसे रतलाम आया हुआ नहीं माना जाता। आगामी तीन दिसंबर को जब भाजपा की सरकार में वापिसी का जश्न मनेगा तो रतलामी सेव के साथ लड्डू भी खाया जाएगा। उन्होंने खचाखच भरे तीन पांडालों के बाहर भी मौजूद विशाल जनसमुदाय को देखते हुए कहा कि भाजपा के समर्थन की आंधी अद्भुत है। जो लोग दिल्ली में बैठकर चुनावी गणित लगा रहे हैं नतीजों को देखकर उनका हिसाब बिगड़ जाएगा। विशाल जन समर्थन से भाजपा दो तिहाई बहुमत पाएगी। भारत को नई बुलंदी और पहचान दिलाने में मध्यप्रदेश का बहुत बड़ा योगदान है। भाजपा कभी दो सदस्यों वाला दल था जिसे कोई नहीं जानता था आज वह विश्व का सबसे बड़ा राजनीतिक दल है। भाजपा ने देश को विश्व की पांचवी आर्थिक शक्ति बनाया है। लोग कहते हैं एमपी के मन में मोदी है और मोदी के मन में एमपी है, इसीलिए तो एमपी में एक बार फिर भाजपा की सरकार बनाई जा रही है।

    उन्होंने कहा कि आपका हर सपना मोदी का संकल्प बन जाता है। इसीलिए हर गरीब परिवार को संपन्न बनाना भाजपा का भी संकल्प है।भाजपा की सरकार गरीबों की हर जरूरत पूरी कर रही है। गरीबों को पक्का घर देने में कांग्रेस की कोई दिलचस्पी नहीं थी। वह केवल गरीबी हटाने का नारा देती थी। हमने देश में चार करोड़ से ज्यादा लोगों के पक्के घर बनवाए हैं। एमपी में पचास लाख गरीबों को पीएम आवास मिले हैं। रतलाम में ही गरीबों के 90 हजार घर बने हैं। बहनों की बात करो तो मामा याद आ ही जाते हैं। शहरी मध्यम वर्ग को घर बनाने के लिए ब्याज पर छूट दी जा रही है। इन योजनाओं का लाभ दलितों, पिछड़ों और आदिवासी भाई बहनों को सर्वाधिक मिला है।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि गरीबी से निकले व्यक्ति को पता होता है कि भूख क्या होती है। इसीलिए तो कोरोनाकाल में हमने मुफ्त राशन देने की योजना शुरु की। आज कोई भूखा न रहे ये भाजपा की गारंटी बन गई है। आज भी उन परिवारों को मुफ्त राशन दिया जा रहा है। 80 करोड़ गरीबों को मुफ्त राशन देने की ये योजना दिसंबर में पूरी होने जा रही है। इसका कार्यकाल अगले पांच सालों के लिए बढ़ाया जाएगा। इससे हर गरीब के घर का चूल्हा जलता रहेगा। मोदी जब माता बहन को गारंटी देता है तो उस गारंटी को पूरा करने की गारंटी भी देता है। उज्जवला योजना से गरीब महिलाओं को धुंएं से मुक्ति मिली, राखी पर सस्ता सिलेंडर मिला, घर घर पेयजल पहुंचाने का अभियान चल रहा है। डबल इंजन की सरकार ने जनधन खाते खुलवाए इसी वजह से अंतिम पंक्ति के व्यक्ति को सीधी सहायता पहुंचने लगी है। लाड़ली बहना और लाड़ली लक्&मी योजना की प्रशंसा पूरी दुनिया में हो रही है।

    आदिवासी अंचल में आयोजित इस सभा में उन्होंने कहा कि हमने जब आदिवासी बहन लाड़ली मुर्मू को देश का राष्ट्रपति बनाया तो कांग्रेस ने विरोध किया था। आज आदिवासी उसे इसके लिए सजा देने के मूड में है। देश की आजादी में टंट्या भील जैसे आदिवासी योद्धाओं को सम्मानित करने के लिए हमने कई योजनाएं चलाई हैं। रानी कमलापति के नाम पर विश्वस्तरीय रेलवे स्टेशन बनाया है। दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे, सूरत से सीधा संपर्क स्थापित करके हम युवाओं को रोजगार के अवसर दे रहे हैं। पिछले चुनावों में कांग्रेस ने अपने चेलेचपाटों को लाभ पहुंचाने के लिए कर्जमाफी का जाल बिछाया था। हमने किसान सम्मान निधि से हर किसान को सहयोग किया है। विदेशों में तीन हजार रुपए में मिलने वाली यूरिया की बोरी हम किसान को तीन सौ रुपए में देते हैं। यही वजह है कि छत्तीसगढ़ में भी भाजपा की सरकार बन रही है। हम सबका प्रयास है कि शत प्रतिशत बूथों पर कमल खिले।

    उन्होंने तालियां और नारे लगाकर मोदी का समर्थन कर रहे लोगों से कहा कि वे घर घर जाएं और लोगों से कहें कि मोदी जी रतलाम आए थे और उन्होंने आपको प्रणाम कहा है।हर परिवार तक जब प्रणाम पहुंचता है तो वे आशीर्वाद देते हैं और यही हमारी काम करने की ताकत बन जाता है। मोदीजी के पूरे भाषण के दौरान उपस्थित जन समुदाय प्रफुल्लित होकर नारे लगा रहा था और मोदी की हर बात का समर्थन कर रहा था।

    उपस्थित जन समुदाय को मंदसौर के सांसद सुधीर गुप्ता,झाबुआ सांसद गुमान सिंह डामोर,उज्जैन सांसद अनिल फिरोजिया,और कई अन्य नेताओं ने भी संबोधित किया। मंच पर आलोट के विधायक पद प्रत्याशी डा.चिंतामन मालवीय, रतलाम के प्रत्याशी चेतन काश्यप,जावरा के राजेन्द्र पांडे, संगीता चारेल, महिदपुर के प्रत्याशी बहादुर सिंह, बड़नगर के जितेन्द्र पंड्या, जिलाध्यक्ष राजेन्द्र सिंह भी मौजूद थे। सभी भाषण कर्ताओं ने इन्हें भारी बहुमत से जिताने की अपील की।कार्यक्रम का संचालन बंसीलाल गुर्जर ने किया।

  • राम मंदिर में देश की आस्था से कांग्रेस को परेशानीःरविशंकर

    राम मंदिर में देश की आस्था से कांग्रेस को परेशानीःरविशंकर


    भोपाल 3 नवंबर(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)।अयोध्या में राममंदिर के वकील रहे पूर्व केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद का कहना है कि भाजपा सभी धर्मों का सम्मान करती है। राम मंदिर देश की जन भावनाओं का प्रतीक है इसलिए भाजपा ने उसकी राह में आने वाले रोड़ों को हटाया है। भारतीय जनता पार्टी मध्यप्रदेश में अपनी विकास यात्रा के कीर्तिमान के कारण जनता का विश्वास प्राप्त कर रही है। कांग्रेस के समय मध्यप्रदेश बीमारू था, आज ग्वालियर, जबलपुर, इंदौर, भोपाल सहित पूरे मध्यप्रदेश में बदलाव हुआ है। यहां उद्यमशीलता, आईटी, इंफ्रास्ट्रकर सहित हर क्षेत्र में सर्वांगीण विकास हुआ है। आज मध्यप्रदेश बीमारू से विकसित प्रदेश बना है क्योकि यहां ईमानदारी से काम हुआ है। भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने युवा, लाड़ली बहना सहित समाज के हर वर्ग की चिंता की है। लेकिन कांग्रेस अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है। 20 वर्षों से सत्ता से बाहर रहने के कारण कांग्रेस नेता आपस में कुर्ता फाड़ राजनीति कर रहे है। यह बात भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्री रविशंकर प्रसाद ने शुक्रवार को प्रदेश मीडिया सेंटर में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कही। पत्रकार वार्ता में मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल,पंकज चतुर्वेदी, मिलन भार्गव,नेहा बग्गा,एवं अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित थे।

    श्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि मैं कल छिंदवाडा के प्रवास पर गया था, वहां मैंने देखा कमलनाथ जी बहुत कठिनाई में है। अगर वे हार जाए तो आश्चर्य नहीं होगा। कांग्रेस में हताशा भरी लड़ाई देखने को मिल रही है। उन्होंने कहा कि हम विकास के नाम और अपने काम पर चुनाव लड रहे है। वहीं कांग्रेस प्रदेश के चुनाव में भी हमास को लेकर आयी है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश आस्था, अध्यात्म और संस्कार की जननी प्रदेश है। यहां भारतीय जनता पार्टी विकास के मुद्दे पर पुनः सरकार बनायेगी।

    श्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि यहां तो मैं नए-नए शब्द सुन रहा हूं। मैं बिहार से आता हूं लालू प्रसाद जी होली में कुर्ता फाड़ होली खेलते थे लेकिन यहां की तो राजनीति में कुर्ता फाड़ आ गया है। कांग्रेस के नेता गाली खाने की पावर ऑफ अटर्नी दे रहे है और उनके बड़े नेता संभालने के लिए जय वीरू की संज्ञा दे रहे है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की टॉप लीडरशीप में कितना सद्भाव और सहमति का अभाव है। यह बड़ा विषय है जो हम जनता को बतायेंगे कि यह कांग्रेस पार्टी है जो जनता के भलाई और विकास की झूठी बातें करती है। उन्होंने कहा कि राहुल गाँधी कहाँ है ? मध्यप्रदेश में उनकी मोहब्बत की दुकान क्यों बंद हो गयी है। जो जय-वीरू के बीच सेतु बनने की बात करते है उनके फोटो उनकी ही पार्टी के उम्मीदवारों के पैम्पलेट्स पर दिखाई नहीं पड़ती है ।

    श्री रविशंकर प्रसाद ने कहा विपक्षी दलों के इंडी गठबंधन को अवसरवादी गठबंधन बताते हुए कहा कि अभी लोकसभा चुनाव का उदघोष नहीं हुआ है और अभी से गठबंधन बिखर गया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश चुनाव में आम आदमी पार्टी, समाजवादी पार्टी भी कूद गई है, वही कमलनाथ कहते है कि इनका कोई वजूद ही नहीं है, इन्हें क्या हिस्सा दें, यहाँ कांग्रेस और भाजपा की सीधी लड़ाई है। कमलनाथ जी अगर इनका वजूद नहीं है तो राहुल गांधी पिछले 6 महीने से कभी बैंगलुरू कभी पटना तो कभी मुंबई में बैठक का नाटक क्यों कर रहे है। उन्होंने कहा कि विपक्षियों का गठबंधन अवसरवादियों का ठगबंधन है।
    उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के चुनाव में कोई हनुमान जी की स्तुति गा रहा है, तो कोई हिंदू धर्म के मर्म को समझा रहा है। कोई हिंदू सोच पर टिप्पणी और व्यंग्य दोनों कर रहा है। श्री प्रसाद ने राहुल गाँधी और प्रियंका गाँधी की और इशारा करते हुए कहा कि आप हिंदू है या नहीं इतना बताइए और अगर आपका यह अतीत है तो इस तरह की व्यंग्यात्मक टिप्पणी कर किसी के आस्था का मजाक ना करें। उन्होंने कहा कि हम सभी की आस्थाओं का सम्मान करते हैं और सभी आस्थाओं के ईश्वर का सम्मान करते हैं लेकिन राम जन्म भूमि को लेकर कांग्रेस के नेताओं को क्या परेशानी है। राम सनातन है और सबके है। उन्होंने सवाल पूछते हुए कहा कि राहुल गांधी, सोनिया गांधी, प्रियंका जी, कमलनाथ और दिग्विजय सिंह ने अयोध्या जाकर भगवान राम को प्रणाम किया क्या ? इन्हें अयोध्या के विषय से इतनी नफरत क्यों हो जाती है यह इन्हें जवाब देना चाहिए।

    पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस द्वारा लगातार सनातन धर्म का अपमान कर तुष्टिकरण की राजनीति से मध्यप्रदेश की जनता आहत है और उन्हें सबक सिखाने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि इंडी गठबंधन में शामिल नेताओं द्वारा सनातन धर्म को डेंगू कहा गया तब राहुल गाँधी, सोनिया गाँधी, दिग्विजय सिंह और कमलनाथ क्यो चुप्पी साधे हुए थे। कमलनाथ से मेरा सवाल है कि बाबरी ढांचा जब गिरा तब मध्यप्रदेश की पटवा सरकार को बर्खास्त कर दी तब नरसिंहा सरकार में तो आप मंत्री थे तब यह बात कौन करता था कि हम बाबरी मस्जिद फिर बनवाएंगे। आप बार-बार हिंदू की बात करते हैं, हनुमान चालीसा की बात करते हैं तो यह भी बताएं कि सुप्रीम कोर्ट में रामसेतु की सुनवाई में एफिडेविट देकर किसने प्रभु श्रीराम को काल्पनिक बताया ? आपको अपना अतीत भी बताना जरूरी है।

    श्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि राहुल गांधी जातिगत जनगणना की बात करते है। पहले उन्हें राफेल की चिट कोई पकडा गया, जिसके बाद उन्होंने माफी मांगी। सावरकर के नाम पर भी उन्हें कोई चिठ्ठी पकडा गया था। अब नीतिश कुमार उन्हें जातिगत जनगणना की चिट पकडाई, जिसे राहुल गांधी सिर्फ पढ़ने का काम कर रहे है। राहुल गांधी कोई होमवर्क नहीं करते। अगर वे जातिगत जनगणना की बात करते है तो उसके नतीजे उनके परिवार पर लागू होंगे की नहीं। जिसकी जितनी संख्या भारी उसकी उतनी भागीदारी तो राहुल गांधी के परिवार में यह फार्मूला लागू होगा या नहीं। या सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी के बाद अगले गांधी का क्रम चलेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सिर्फ पिछडों की बात करती है, जबकि भारतीय जनता पार्टी के 80 सांसद पिछडा और वर्ग से है। पिछडा वर्ग से सबसे ज्यादा विधायक भाजपा के है। अनुसूचित जाति के विधायक सबसे अधिक भारतीय जनता पार्टी के है। प्रधानमंत्री खुद पिछडा वर्ग से आते है। भाजपा ने अनुसूचित जाति वर्ग से आने वाले श्री रामनाथ कोविन्द को राष्ट्र्रपति बनाया और अब अनुसूचित जनजाति वर्ग की बहन द्रोपदी मुर्मू को राष्ट्र्रपति बनाया है।

  • चुनावी हिंदू बनने की हड़बड़ी में पिछले पाप भूल गए कमलनाथःरामेश्वर शर्मा

    भोपाल,27 अक्टूबर(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। कमलनाथ जी आजकल हिंदू हो गए हैं। कह रहे हैं कि अयोध्या में बन रहा राम मंदिर भाजपा का नहीं, राष्ट्र और सनातन का है। हैरत की बात है कि न तो राम मंदिर के लिए कारसेवकों के बलिदान को देखा जा रहा है, न साधु-संतों की कुर्बानी देखी जा रही है। जब मंदिर का निर्माण पूरा होने को है, तो कांग्रेस राजनीतिक रोटियां सेंकने की कोशिश में जुट गई है और चुनाव नजदीक देखकर सोनिया के यह भक्त, राम भक्त होने का ढोंग रच रहे हैं। लेकिन देश का हिंदू, सनातनी यह बात अच्छे से जानता है कि कांग्रेस की नस-नस में बेईमानी है। उसकी नसों में बेईमानी का खून दौड़ रहा है। कांग्रेस न राम की हो सकती है और न हिंदुस्तान की। यह बात वरिष्ठ भाजपा नेता और विधायक श्री रामेश्वर शर्मा ने शुक्रवार को प्रदेश मीडिया सेंटर में पत्रकार-वार्ता के दौरान कही।

    श्री शर्मा ने कहा कि आजकल कमलनाथ जिस तरह की बातें कर रहे हैं, उससे यह संदेह होने लगा है कि कमलनाथ आजकल कांग्रेस में हैं या उन्होंने अपनी अलग कमलनाथ कांग्रेस बना ली है। मैं कमलनाथ जी से यह पूछना चाहता हूं कि क्या उन्हें अपनी और कांग्रेस की गलतियों के बारे में पता नहीं है? क्या कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और उनके बेटे ने सनातन के विरोध में दिये गए बयान के लिए माफी मांग ली है? क्या करुणानिधि के पोते ने सनातन के अपमान के लिए माफी मांग ली है? श्री शर्मा ने कहा कि कमलनाथ अपने पिछले पाप भूलते जा रहे हैं। 1992 में जब रामजन्म भूमि आंदोलन के दौरान गोलियां चली थीं, तब क्या कमलनाथ बच्चे थे? श्री शर्मा ने कहा कि कमलनाथ उस समय संसदीय परंपरा में थे, लेकिन उन्होंने इस घटना के विरोध में एक शब्द नहीं बोला। उस समय राम जन्मभूमि आंदोलन के तमाम नेता, साधु-संत जेलों में डाल दिए गए, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, दिल्ली, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश की चुनी हुई सरकारें गिरा दी गईं। उस समय कमलनाथ केंद्रीय कैबिनेट में थे, लेकिन उन्होंने इसके विरोध में एक शब्द भी नहीं बोला था। जब राम जन्मभूमि आंदोलन के लिए सर्वस्व न्यौछावर कर देने वाले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, विश्व हिंदू परिषद सहित अन्य संगठनों पर बैन लगाया गया, तब आपने नहीं कहा कि कैबिनेट का यह निर्णय गलत है। आपने तब ये क्यों नहीं बोला कि जो कुछ कारसेवकों ने किया मैं उसके साथ हूं।

    श्री शर्मा ने कहा कि बाबरी मस्जिद के ध्वंस के बाद कांग्रेस की सरकार जानबूझकर हिंदू संगठनों, साधु-संतों को निशाना बना रही थी, लेकिन कमलनाथ तब जानबूझकर मौन रहे, क्योंकि वो भी यह चाहते थे कि हिंदू संगठनों पर प्रतिबंध लगे, साधु-संतों को जेल में डाला जाए, उन्हें सजा सुनाई जाए। इसीलिए कमलनाथ ने कैबिनेट के निर्णयों का विरोध नहीं किया। श्री शर्मा ने कहा कि हिंदू विरोध में उस समय की कांग्रेस सरकार इतने आगे बढ़ गई थी कि उसने संसद में कहा था कि हम बाबरी मस्जिद फिर से बनाएंगे। लेकिन संतों की चेतावनी के बाद कांग्रेस को अपने कदम वापस लेना पड़े थे। उस समय साधु-संतों ने कहा था कि बावरी ढांचा तो अब टूट चुका है, अगर कांग्रेस कोई कुत्सित प्रयास करती है तो उसकी नस-नस तोड़ देंगे और राम जन्मभूमि पर दोबारा मस्जिद नहीं बनने देंगे।

    श्री शर्मा ने कहा कि राम जन्मभूमि के बारे में बयानबाजी करने वाले कमलनाथ क्या कभी रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या गए हैं? क्या सोनिया जी रामलला के दर्शन के लिए गई हैं, राहुल गांधी या फिरोज खान के परिवार का कोई भी सदस्य क्या रामलला के दर्शन के लिए गया है? लेकिन अब जब रामलला का भव्य मंदिर अयोध्या में बनने लगा है, देश का हिंदू जागने लगा है और शादी-ब्याह तक में यह गाना बजने लगा है कि जो राम को लाए हैं, हम उनको लाए हैं, तो कांग्रेस को यह लगने लगा है कि राम के बिना काम नहीं होगा। श्री शर्मा ने कहा कि चुनाव नजदीक देखकर चुनावी हिंदुओं ने भी करवट बदल ली है और अब वो भी कहने लगे हैं कि राम मंदिर तो राष्ट्रीय आस्था का प्रश्न है। श्री शर्मा ने कहा कि मैं इन चुनावी हिंदुओं से पूछना चाहता हूं कि अगर यह राष्ट्रीय आस्था का प्रश्न था, तो पहले क्यों नहीं राम मंदिर बनवा दिया? उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस इतनी ही सच्ची हिंदू है, तो ज्ञानवापी के सामने खड़े होकर यह घोषणा करे कि यहां भी शिवालय है और यहां शिव शंकर का भव्य मंदिर बनेगा। श्री शर्मा ने कहा कि सनातन पर आस्था, भरोसा रखने वाला हर व्यक्ति कांग्रेस को जानता है। उसे पता है कि कांग्रेस न तो कभी हिंदुस्तान की हो सकती है, न कभी राम की। वह कृष्ण, महावीर, गौतम बुद्ध, नानक की भी नहीं हो सकती। कांग्रेस सिर्फ मौका परस्त है, वह जिसका पलड़ा भारी हो, उसी की तरफ हो जाती है।

  • मोदीजी ने दुनिया भर में हिंदी की शान बढ़ाईःडहेरिया

    मोदीजी ने दुनिया भर में हिंदी की शान बढ़ाईःडहेरिया

    भोपाल,06 अक्टूबर(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)”आज हिंदी भाषा विश्व पटल पर सितारा बनकर चमक रही है। दुनिया भर में हिंदी का प्रभाव देखा जा सकता है। आज हिंदी भाषा सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा बन गई है। संयुक्त राष्ट्र संघ में भी हिंदी संपर्क की भाषा बनी हुई है।”उक्त उद्बोधन अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. खेमसिंह डहेरिया ने दिया। अवसर था, प्रगत शैक्षिक अध्ययन संस्थान में हिंदी पखवाड़े के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रमों के पुरस्कार वितरण समारोह का।

    प्रो. डहेरिया ने कहा कि मध्यप्रदेश अकेला ऐसा राज्य है, जहाँ चिकित्सा शास्त्र और इंजीनियरिंग की शिक्षा अब हिंदी में होगी। जिससे अंग्रेजी न जानने वाले और ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों के भी डॉक्टर और इंजीनियर बनने के सपने साकार होंगे। उन्होंने बताया कि आज हिंदी की वैश्विक स्थिति पहले से कई गुना बेहतर हुई है। इसका श्रेय हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को भी जाता है क्योंकि वो जब भी विदेश जाते हैं तो अपनी बात हिंदी में ही रखते हैं। जिससे हिंदी का विश्व स्तर पर सम्मान बढ़ा है। दुनिया भर के अधिकतर देशों में हिंदी को जानने और समझने वाले लोग मिल जाएँगे। फिजी छोटा देश है परंतु उसकी राजभाषा हिंदी है। 12वाँ विश्व हिंदी सम्मेलन फिजी में आयोजित हुआ था। वहाँ पर 2000 से अधिक रामायण मंडलियाँ हैं।
    विभिन प्रतियोगिताओं के पुरस्कार प्रदान करते हुए कुलपति महोदय ने काव्य पाठ में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली रुचि सचान एवं द्वितीय स्थान प्राप्त स्वाति चतुर्वेदी से कविता सुनाने का आग्रह किया और उनकी रचना की प्रशंसा की ।
    अतिथि का सम्मान संस्थान के प्रमुख श्री शैलेंद्र निगम द्वारा किया गया। संस्थान का परिचय डॉ. फ़र्रुख़ सलीम खान ने दिया। आभार प्रदर्शन डॉ. संगीता गौर सचान द्वारा किया गया। कार्यक्रम में 300 से ज्यादा प्रशिक्षणार्थियों ने भाग लिया।
    संपूर्ण कार्यक्रम का संयोजन डॉ सपना जैन ने किया ।

  • जनधन खाते,आधार और मोबाईल ने तहस नहस किया कांग्रेस का भ्रष्ट तंत्र बोले प्रधानमंत्री

    जनधन खाते,आधार और मोबाईल ने तहस नहस किया कांग्रेस का भ्रष्ट तंत्र बोले प्रधानमंत्री

    न गरीबों का पैसा लुटने दूंगा, न कांग्रेस नेताओं की तिजौरी भरने दूंगाः नरेंद्र मोदी

    जबलपुर,5 अक्टूबर(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। आज के युवाओं को पता नहीं होगा कि 2014 में मोदी के आने से पहले देश में हजारों करोड़ के घोटाले होते थे। गरीबों का पैसा नेताओं की तिजौरियों में जा रहा था। 2014 में जब जनता ने मुझे मौका दिया, तो हमारी सरकार ने भ्रष्ट व्यवस्थाओं को बदलने का अभियान चलाया। 11 करोड़ फर्जी नाम दफ्तरों से हटाए। ये नाम उन लोगों के थे, जो कभी पैदा ही नहीं हुए, लेकिन से देश का खजाना लूट रहे थे, गरीबों का हक लूट रहे थे। ये लोग इसीलिए मुझ पर गुस्सा हो रहे हैं क्योंकि मैंने कमीशन का खेल बंद कर दिया। मेरा संकल्प है, गरीब का पैसा लुटने नहीं दूंगा और कांग्रेसियों की तिजौरी भरने नहीं दूंगा। हमने जनधन, आधार और मोबाइल की त्रिशक्ति से कांग्रेस के भ्रष्ट तंत्र को तहस-नहस कर दिया। यह बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को वीरांगना रानी दुर्गावती की 500 वीं जयंती पर जबलपुर में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए कही। इस अवसर पर प्रधानमंत्री श्री मोदी ने रानी दुर्गावती के भव्य स्मारक समेत 8300 करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया। इस दौरान मंच पर राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान एवं पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा सहित केंद्रीय मंत्री एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

    आज कांग्रेस की सरकार होती, तो कितनी बड़ी चोरी हो रही होती
    प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि कांग्रेस के ही एक प्रधानमंत्री कहते थे कि हम दिल्ली से 1 रुपया भेजते हैं, लेकिन गरीब के पास तक सिर्फ 15 पैसा पहुंचता है। 85 पैसे कोई पंजा खींच लेता था। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने जनधन खातों, आधार और मोबाइल की त्रिशक्ति के प्रयोग से देश के, गरीबों के 2.5 लाख करोड़ रुपये गलत हाथों में जाने से बचाए और आज गरीबों का हर पैसा उनके हित में काम आ रहा है। उज्जवला योजना में हम रियायती सिलेंडर दे रहे हैं। मुफ्त राशन पर 3 लाख करोड़ खर्च हो रहे हैं। आयुष्मान भारत योजना में 5 करोड़ परिवारों को मुफ्त इलाज मिल रहा है, उस पर 70 हजार करोड़ खर्च हो रहे हैं। हमारी सरकार किसानों को 3000 रुपये मूल्य का यूरिया लगभग 300 रुपये में उपलब्ध करा रही है। इस पर 8 लाख करोड़ खर्च हो रहे हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में 2.5 लाख करोड़ रुपया किसानों के खातों में जा चुका है। हमारी सरकार ने गरीबों को पक्का घर देने के लिए 4 लाख करोड़ खर्च किए हैं। अगर ये पूरा पैसा जोड़ लिया जाए, तो कितना होगा? सोचकर देखिए, अगर आज कांग्रेस की सरकार होती, तो कितनी बड़ी चोरी हो रही होती?

    हमारे देश में तेजस्वी, तपस्वी महापुरुषों को भुला दिया गया
    प्रधानमंत्री श्री मोदी ने वीरांगना रानी दुर्गावती की 500 वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि पूरा देश आज रानी दुर्गावती जी की जयंती मना रहा है। हमने जनजातीय गौरव यात्राओं के दौरान उनकी जयंती को राष्ट्रीय स्तर पर मनाने का आह्वान किया था और आज हम सब एक पवित्र कार्य करने के लिए, अपने पूर्वजों का ऋण चुकाने के लिए एकत्र हुए हैं। आज वीरांगना रानी दुर्गावती के एक भव्य स्मारक का भूमिपूजन हुआ है, जिसके बन जाने के बाद देश का हर व्यक्ति का मन उसे देखने के लिए मचलेगा और जबलपुर एक यात्राधाम बन जाएगा। श्री मोदी ने कहा कि रानी दुर्गावती का जीवन हमें सर्वजन हिताय की सीख देता है और मुश्किलों से संघर्ष का हौंसला भी देता है। दुनिया के किसी भी देश में उनके जैसा कोई नायक या नायिका होती, तो वह देश उछलकूद करने लगता। लेकिन हमारे देश में अपने महापुरुषों को भुला दिया गया। तेजस्वी, तपस्वी महापुरुषों को भुला दिया गया।

    जिस दल ने दशकों तक सरकार चलाई, उसने जनजातियों को सम्मान नहीं दिया
    श्री मोदी ने कहा कि देश की जनजातियों का आजादी से लेकर संस्कृति और स्वाभिमान की रक्षा तथा विरासत को संजाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। लेकिन जिस दल ने आजादी के बाद इतने दशकों तक देश में सरकार चलाई, उसने इन जनजातियों को सम्मान नहीं दिया, उनके योगदान को भुला दिया। पहली बार भाजपा की सरकार आने पर पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटलजी की सरकार ने अलग से जनजातीय मंत्रालय बनाया और बजट भी आवंटित किया। भाजपा के समय में ही देश में पहली जनजातीय समाज की महिला राष्ट्रपति बनी। भगवान बिरसा मुंडा की जयंती जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत भाजपा की सरकार ने की। हबीबगंज स्टेशन का नाम रानी कमलापति और पातालपानी स्टेशन का नाम जननायक टंट्या भील के नाम पर रखने का काम भाजपा सरकार ने किया। वीरांगना रानी दुर्गावती का जो भव्य स्मारक बनेगा उसमें भी गोंड कला, संस्कृति और इतिहास को प्रदर्शित किया जाएगा।

    ये भाजपा को गाली देते-देते भारत को गाली देने लगे हैं
    प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि जब किसी दल पर स्वार्थ हावी हो, तो उसकी स्थिति का अंदाज कोई भी लगा सकता है। आज पूरी दुनिया में देश की उपलब्धियों की चर्चा हो रही है, लेकिन विरोधी दलों को कुर्सी के अलावा कुछ दिखाई नहीं देता। ये भाजपा को गाली देते देते अब भारत को गाली देने लगे हैं। पूरी दुनिया में डिजिटल इंडिया का डंका बज रहा है, ये उसका मजाक उड़ाते हैं। हमारे वैज्ञानिकों ने कोरोना की वेक्सीन बनाई, जिस पर एक आंखें खोलने वाली फिल्म ‘वेक्सीन वार’ बनी है, लेकिन ये उस पर भी सवाल उठाते हैं। हमारी सेनाएं जब पराक्रम करती हैं, तो ये सवाल उठाते हैं। इन्हें देश के दुश्मनों की, आतंक के आकाओं की बात सही लगती है। आजादी का अमृत महोत्सव पूरे देश का उत्सव था, लेकिन इन्होंने उसका भी मजाक उड़ाया। अब हम पूरे देश में अमृत सरोवर बना रहे हैं, तो इन्हें उसमें भी दिक्कत हो रही है।

    कांग्रेस को नहीं थी माता-बहनों के स्वास्थ्य की परवाह
    श्री मोदी ने कहा कि आज हजारों करोड़ के कार्यों का भूमिपूजन, लोकार्पण हुआ है। इसमें गैस की पाइपलाइन और फोरलेन सहित अनेक जीवन बदलने वाले प्रोजेक्ट शामिल हैं। इनके तैयार हो जाने पर यहां फैक्ट्रियां लगेंगी, युवाओं को रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि माताओं, बहनों को धुएं से मुक्त रसोई देना भाजपा की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। एक रिसर्च कहती है कि हमारी माता-बहनें जब चूल्हे पर खाना बनाती हैं, तो 24 घंटे में उनके शरीर में 400 सिगरेट के बराबर धुआं जाता है। हमारी सरकार ने माता-बहनों को इस धुएं से मुक्ति दिलाई। अगर कांग्रेस चाहती, तो पहले भी ये काम कर सकती थी, लेकिन उन्हें हमारी माता-बहनों के स्वास्थ्य की चिंता नहीं थी। श्री मोदी ने कहा कि रक्षाबंधन पर हमारी सरकार ने उज्जवला योजना के सिलेंडर को सस्ता किया था, अब दुर्गापूजा, नवरात्रि, दशहरा और दीवाली आने वाले हैं, इसलिए उज्जवला के गैस सिलेंडर पर 100 रुपये और कम किए जा रहे हैं। इसका मतलब है पिछले कुछ सप्ताह में ही हमारी सरकार ने इस सिलेंडर की कीमत 500 रुपये कम कर दी है। आने वाले समय में लोगों को और सस्ती गैस मिल सके, इसके लिए भाजपा सरकार काम कर रही है, गैस पाइपलाइन बिछाई जा रही है।

    विकसित और समृद्ध मध्यप्रदेश के लिए सही फैसला लें
    श्री मोदी ने कहा कि मैं मां नर्मदा के तट से एक बात कह रहा हूं, मेरे शब्द लिख लो। आने वाला समय मध्यप्रदेश के लिए बहुत महत्वपूर्ण समय है। मध्यप्रदेश आज ऐसे मुहाने पर है कि अगर इसके विकास की रफ्तार में कोई भी रुकावट आई, तो वो रफ्तार आने वाले 20-25 सालों तक नहीं मिलेगी। आने वाले 25 साल बहुत महत्वपूर्ण हैं और हमें विकास की गति को रुकने नहीं देना है। ये आज के युवाओं की जिम्मेदारी है कि जब उनके बच्चे बड़े हों तो उन्हें एक विकसित, समृद्ध और आन-बान-शान वाला मध्यप्रदेश मिले। इसके लिए सबसे महत्वपूर्ण है कि आप सही फैसला लें।

    मध्यप्रदेश को हर क्षेत्र में नंबर-1 बनाना है
    प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि आज देश का रक्षा निर्यात कई गुना बढ़ा है, जिसमें जबलपुर की फैक्ट्रियों का भी योगदान है। केंद्र सरकार अपनी सेनाओं को मेड इन इंडिया हथियार दे रही है, जिससे हथियारों का उत्पादन बढ़ेगा और युवाओं को रोजगार मिलेंगे। उन्होंने कहा कि आज भारत का आत्मविश्वास नई बुलंदी पर है। खेल के मैदान से लेकर खेतों तक भारत का परचम लहरा रहा है। एशियाड में हमारे खिलाड़ी शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। सारी दुनिया कह रही है ये समय भारत के युवाओं का समय है। युवाओं को जब अवसर मिला, तो भारत जी-20 समिट जैसा सफल आयोजन कर पाया। युवाओं को अवसर मिला, तभी चंद्रयान चंद्रमा के उस तरफ उतरने में सफल हुआ, जहां अभी तक कोई नहीं पहुंच पाया था। युवाओं को अवसर मिला, तभी लोकल के लिए वोकल का मंत्र गूंजता है। गांधी जयंती पर दिल्ली के एक ही शो रूम से 1.5 करोड़ की खादी बिकी। जब से हमारे बेटे-बेटियों ने बागडोर संभाली है, स्वदेशी की भावना हर तरफ बढ़ रही है। श्री मोदी ने कहा कि 1 अक्टूबर को जब स्वच्छता अभियान चलाया गया, तो 9 लाख जगहों पर स्वच्छता अभियान चलाए गए और 9 करोड़ से ज्यादा लोगों ने इन अभियानों में भागीदारी कर सफाई की। मध्यप्रदेश के युवाओं ने स्वच्छता में प्रदेश को अव्वल बनाया। हमें इसी जज्बे को आगे ले जाना है और मध्यप्रदेश को हर क्षेत्र में नंबर-1 बनाना है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में मध्यप्रदेश विकास के मामले में टॉप पर रहेगा, ये मोदी का संकल्प है और विकास के इस संकल्प को महाकोशल और मध्यप्रदेश की जनता, यहां के युवा पूरा करेंगे।

    ये एक परिवार की चरणवंदना करते हैं, भाजपा करती है सबका सम्मान
    श्री मोदी ने कहा कि आजादी के बाद दशकों तक सरकार चलाने वाले दल ने एक ही परिवार की चरणवंदना की। जबकि देश को आजादी इस एक ही परिवार ने नहीं दिलाई, न देश का विकास इस एक परिवार ने किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सभी को एक दृष्टि से देखती है और हर वर्ग को सम्मान देती है। भाजपा की सरकार ने महू में डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर के सम्मान में पंचतीर्थ का विकास किया, तो सागर में संत रविदास जी का स्मारक बनाया जा रहा है। परिवारवाद और भ्रष्टाचार में डूबे इन दलों ने आदिवासियों के संसाधनों को लूटा है। इनकी सरकार के समय सिर्फ 8-10 वनोपज पर ही एमएसपी दी जाती थी, हमारी सरकार ने 90 वनोपज के लिए एमएसपी घोषित की है। इनके समय में छोटे किसानों के कोदों, कुटकी जैसे अनाज को महत्व नहीं मिला। हम इन्हें श्रीअन्न के रूप में सारी दुनिया में ले जा रहे हैं और जी-20 समिट में आए मेहमानों को भी इन्हीं से बने पकवान परोसे गए। उन्होंने कहा कि इन्होंने नारी शक्ति को नजरअंदाज किया, हमने नारी शक्ति वंदन अधिनियम बनाया। विश्वकर्मा साथियों के लिए हमारी सरकार ने 13000 करोड़ की योजनाएं बनाई हैं। श्री मोदी ने कहा कि भाजपा की सरकार गरीबों की सरकार है।

    खुले वाहन में सवार होकर जन समूह के बीच जन दर्शन करने पहुँचे प्रधानमंत्री
    प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान एवं भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा के साथ खुले वाहन पर सवार होकर कार्यक्रम स्थल में प्रवेश किया। प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा किए गए जन दर्शन के दौरान कार्यक्रम में भारी संख्या में मौजूद जनसमूह ने करतल ध्वनि और नारे लगाकर उनका आत्मीय स्वागत किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मौजूद महिलाओं सहित सम्पूर्ण जन समूह ने प्रधानमंत्री श्री मोदी के सम्मान में लिखी हुईं तख्तियाँ लहराकर प्रधानमंत्री श्री मोदी के प्रति अपना आभार जताया।

    कांग्रेस ने सिर्फ एक परिवार का महिमा मंडन किया, मोदी जी ने जनजातीय महापुरुषों का सम्मान: मुख्यमंत्री

    मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि कई बार मन में तकलीफ होती है कि एक पार्टी जो वर्षों तक सत्ता में रही, उसने केवल अपनी पार्टी के लोगों का ही महिमामंडन किया, मुझे गर्व है ये कहते हुए अगर रानी दुर्गावती जी की प्रतिमा लगाई तो भाजपा की सरकार ने लगाकर उन्हें श्रद्धा के सुमन अर्पित किया। प्रधानमंत्री जी को हृदय से धन्यवाद देता हूँ कि प्रधानमंत्री जी ने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर जनजातीय गौरव दिवस दिवस मनाने की घोषणा की। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने रानी दुर्गावती, टंट्या मामा, भीमानायक जैसे हमारे जनजातीय महापुरुषों का सम्मान किया। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की प्रेरणा से रानी दुर्गावती जी के स्मारक का निर्माण हो रहा है। उन्ही की प्रेरणा से आज मंडला के मेडिकल कॉलेज का नाम हृदय शाह मेडिकल कॉलेज है। छिंदवाड़ा के विश्वविद्यालय का नाम शंकर शाह विश्वविद्यालय है और ये प्रधानमंत्री जी ही हैं, जिनके कारण भोपाल के हबीबगंज का नाम रानी कमलापति रेलवे स्टेशन किया गया। उन्होंने कहा कि रघुनाथ शाह और शंकर शाह जी के जयंती पर दो साल पहले केंद्रीय मंत्री अमित शाह जी पधारे थे तब हमने 14 घोषणाएं की थी, आज वो घोषणाएं पूर्ण हो चुकी हैं। श्री चौहान ने कहा कि पेसा एक्ट की मांग वर्षों से रही लेकिन सत्ता में रही कांग्रेस ने कभी भी इसको लागू नहीं किया। पेसा एक्ट धरती पर उतारकर भाजपा की सरकार ने जनजातीय समुदाय का कल्याण किया। आज पेसा एक्ट जनजातीय भाइयों - बहनों को जल, जंगल और जमीन के अधिकार दे रहा हैं। 

    कमलनाथ ने गरीबों का हक़ और अधिकार छीनकर अपराध और पाप किया
    मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश प्रगति के पथ पर अग्रसर हैं। मध्यप्रदेश भी मोदी जी के नेतृत्व में आज हर दिशा में आगे बढ़ रहा है। मोदी जी ने आयुष्मान कार्ड योजना से गरीबों की चिंता की। मध्यप्रदेश में हमने गरीबों को 70 लाख से अधिक आयुष्मान कार्ड बनाकर उनको सुरक्षा कवच प्रदान किया। आज देश में सबसे अधिक आयुष्मान कार्ड मध्यप्रदेश में बनाए गये है। प्रधानमंत्री आवास योजना गरीब आदिवासियों के लिए वरदान बनकर आई। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने आवास योजना ग्रामीण में 38 लाख मकान स्वीकृत कियें, हमने 35 लाख 34 हजार घर बनाकर गरीबों को गृह प्रवेश करवाया। आज गरीबों को पक्के घर मिल रहें है लेकिन जब प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी तब कमलनाथ ने प्रधानमंत्री श्री मोदी जी के भेजे घर वापिस कर दिए। कमलनाथ ने गरीबों के घर नहीं बनायें, गरीबों के आयुष्मान कार्ड नहीं बनने दियें और आदिवासी किसानों को मिलने वाली सम्मान निधि से भी वंचित रखा। सरकार में रहते हुए कमलनाथ ने गरीबों का हक़ और अधिकार छीनकर अपराध और पाप किया।

    आज मध्यप्रदेश विकास और योजनाओं के क्रियान्वयन में नम्बर वन
    मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कभी कांग्रेस के राज में मध्यप्रदेश बीमारू राज्य कहलाता था, आज समृद्ध राज्य बन रहा है। आज 3 लाख किमी की शानदार सड़कें हमने बनाई हैं। हमने सिंचाई की 47 लाख हेक्टेयर में व्यवस्था की है। आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश लगातार विकास कर रहा है। उन्होंने कहा कि हमने हर वर्ग के विकास के लिए योजनाएं बनाई साथ ही केंद्र की योजनाओं का सफल क्रियान्वयन भी किया। आज मध्यप्रदेश पीएम स्ट्रीट वेंडर योजना में नम्बर वन है, किसानों के लिए शुरू की गयी स्वामित्व योजना में मध्यप्रदेश नम्बर एक पर है। श्री मोदी जी ने बहनों के लिए मातृ वंदना योजना शुरू की उसके क्रियान्वयन में भी मध्यप्रदेश आगे है। स्वच्छता, जल सरंक्षण में भी आज मध्यप्रदेश नम्बर एक पर है। प्रधानमंत्री श्री मोदी जी के ड्रीम प्रोजेक्ट कहे जाने वाले स्मार्ट सीटी के क्रियान्वयन में आज मध्यप्रदेश आगे है।

    इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री श्री फग्गन सिंह कुलस्ते, श्री प्रहलाद पटेल, सांसद व पूर्व प्रदेश अध्यक्ष श्री राकेश सिंह, पार्टी के राष्ट्रीय मंत्री श्री ओमप्रकाश धुर्वे, प्रदेश शासन के मंत्री श्री गोपाल भार्गव, श्री विजय शाह, श्री राजेन्द्र शुक्ल, श्रीमती मीना सिंह, श्री सुरेश राठखेड़ा, पार्टी की प्रदेश उपाध्यक्ष व सांसद श्रीमती सुमित्रा वाल्मीकि, सांसद डॉ. दुर्गादास उइके, विधायक श्री अजय विश्नोई, श्री अशोक रोहाणी, श्री इंदू तिवारी एवं श्रीमती नंदिनी मरावी उपस्थित रहीं।

  • क्षमावाणी के आयोजन में भाजपा की जीत के लिए तालियां

    क्षमावाणी के आयोजन में भाजपा की जीत के लिए तालियां


    भोपाल 1 अक्टूबर(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। जैन तीर्थों की सुरक्षा को लेकर भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ अभियान चला रही कांग्रेस रविवार को उस वक्त बेचैन हो गई जब भोपाल मध्य और भोपाल उत्तर से विधानसभा के प्रत्याशी घोषित किए गए ध्रुवनारायण सिंह और आलोक शर्मा ने जैन समाज को तीर्थों के संरक्षण का आश्वासन दिया और जाने अनजाने में हुई गलतियों के लिए सामूहिक क्षमा मांगी। पूर्व महापौर आलोक शर्मा ने हाल में उपस्थित समुदाय के हाथों से कमल खिलवाकर और तालियां बजवाकर वहां मौजूद पूर्व मंत्री कांग्रेस के पीसी शर्मा को झल्लाने के लिए मजबूर कर दिया। जैन समाज की सामूहिक क्षमावाणी का ये आयोजन चौक ट्रस्ट कमेटी के पूर्व अध्यक्ष प्रमोद जैन हिमांशु और उनके मित्रों ने किया था जो लोगों की कम संख्या के कारण देर से शुरु हुआ और फलाहार ( ब्यारू ) की वजह से अव्यवस्थाओं से घिर गया।


    प्रमोद हिमांशु फाऊंडेशन,दिगंबर जैन महासभा, दिगंबर जैन सोशल ग्रुप, मनोज जैन,एमके इंजीनियरिंग,ने संयुक्त रूप से इस कार्यक्रम का आयोजन किया था। राजेन्द्र जैन टीआई ने बताया कि पूरे भोपाल के निवासियों के आने तक आयोजन प्रारंभ नहीं किया जा सका था। बाद में जब जवाहर चौक परिसर का पंडाल भर गया तब कार्यक्रम आरंभ किया गया। हमने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया था जिनकी भागीदारी से ये आयोजन सफल हो गया।


    भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी घोषित किए गए भोपाल मध्य विधानसभा क्षेत्र के प्रत्याशी ध्रुवनारायण सिंह ने कहा कि अधिकांश जैन तीर्थंकर क्षत्रिय थे और उन्होंने एक सुधारवादी पद्धति अपनाकर जैन धर्म की प्रभावना की थी। मै स्वयं को गलतियों का पुतला मानता हूं और लगातार खुद को परिमार्जित करता रहता हूं। इस लिहाज से मैं आपके समान पक्का जैनी बन गया हूं। जब भी आप भोपाल के जैनियों की गणना करें तो उनमें एक मेरा नाम भी जैनी के रूप में शामिल अवश्य करें. उन्होंने कहा कि अहिंसा मन वचन और कर्म से अपनाई जाती है लेकिन अहिंसा का अर्थ भीरुता नहीं है। क्षमा वही कर सकता है जो स्वयं बलशाली हो। कमजोर लोग क्षमा नहीं करते वे तो मजबूरी की वजह से चुप रह जाते हैं। उन्होंने कहा कि जैन समाज इसी तरह अपने समाज सुधार के पथ पर चलती रहे हम उसके हर कदम के साथ हरदम मैौजूद रहेंगे। उन्होंने आगामी विधानसभा चुनावों में अन्य सभी समाजों का नेतृत्व करते हुए भाजपा को प्रबल बहुमत से सत्तासीन करने का निवेदन भी किया।


    पूर्व महापौर आलोक शर्मा ने कहा कि मेरी पढ़ाई चौक के दिगंबर जैन स्कूल में हुई है। मेरे सभी सहपाठी जैन थे आज वे समाज के अग्रणी कर्ता धर्ता बन चुके हैं। मै जैन पद्धतियों और आचरण का पालन करता रहा हूं इसलिए मुझे जैन संतों का आशीर्वाद हमेशा से मिलता रहा है। आचार्यश्री विद्यासागर जी महाराज के आशीर्वाद से मैं महापौर भी बना और राजधानी के विकास में अपना योगदान देने का अवसर भी मुझे मिला। इस बार पार्टी ने विधानसभा चुनाव लड़ने का आदेश दिया है मैं दुबारा आचार्यश्री के पास जाऊंगा और उनके आशीर्वाद मांगूंगा। उनका आशीर्वाद मेरा तारणहार बन जाता है। उन्होंने कहा कि क्षमावाणी इतना उपयोगी उत्सव है कि इसे हर समाज को मनाना चाहिए। मैं चाहता हूं कि इसे राष्ट्रीय पर्व के रूप में मनाया जाए ताकि हम आपसी मनमुटाव भूलकर देश की मुख्य धारा में शामिल हो सकें। उन्होंने कांग्रेस के पूर्व मंत्री पीसी शर्मा को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी विचारधाराएं अ्लग हैं लेकिन हम आपस में मनमुटाव नहीं रखते हैं इसीलिए मैं तो दोनों हाथ जोड़कर पीसी शर्मा जी से भी माफी मांगता हूं। पूर्व महापौर ने उपस्थित समुदाय से अनुरोध किया कि वे अपने हाथों से कमल खिलाकर मुझे आगामी विधानसभा चुनावों में जीत का आशीर्वाद दें। लोगों के अपने हाथों से कमल की आकृति बनाकर और तालियां बजाकर उन्हें भरपूर समर्थन दिया।


    कांग्रेस सरकार में पूर्व मंत्री रहे भोपाल दक्षिण के विधायक पीसी शर्मा ने कहा कि जैन समाज की गतिविधियों में हमेशा शामिल होने के कारण मैं उनकी समस्याओं को करीब से जानता हूं। मेरा प्रयास रहता है कि किसी समाज को तकलीफ न हो वे अपना जीवन सरलता से जी सकें। उन्होंने पूर्व महापौर आलोक शर्मा की ओर हाथों का इशारा करते हुए कहा कि अब कमल नहीं पंजा का समय आ गया है। जनता कांग्रेस को गद्दी सौंपने वाली है।


    कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रख्यात एडव्होकेट विजय चौधरी ने कहा कि समाजके आयोजन हमेशा समय पर शुरु होकर समय पर समाप्त कर दिए जाने चाहिए। भोपाल बडा शहर है और दूरदराज के आने वालों को समय पर लौटना भी पड़ता है इसलिए आयोजनों में समयबद्धता का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन समाज को जोड़ने में कारगर होते हैं।


    आयोजन के विशेष अतिथि राकेश जैन विनायका, अतिरिक्त महासचिव आशीष सूतवाला, भाजपा के प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी,मनोहर लाल टोंग्या, पंकज सुपारी, आनंद तारण, आदित्य मनयां, डॉ.मेहता, अमिताभ मनयां,अनिल कुमार जैन आरबीआई,ने भी सभी लोगों से क्षमा याचना की। कार्यक्रम की व्यवस्था संभालने वालों में संयोजक राजकुमार जी जैन बीजा भाई, सह संयोजक संजय जैन, राजेश जैन लड्डू, कमल हाथीशाह,दीप कुमार जैन, ने सभी आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया।


    मंच का संचालन कर रही आकाशवाणी की उद्घोषिका श्रीमती साधना जैन और उनकी सहयोगियों ने सभी आगंतुकों का परिचय देते हुए बताया कि क्षमावाणी पर्व को जैन समाज ने अपने जीवन में उतारा है इसी वजह से हमारी विकास यात्रा बगैर रुकावट जारी रहती है। प्रमोद हिमांशु और राजेन्द्र जैन टीआई ने सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह और शाल श्रीफल देकर सम्मानित किया।विभिन्न जैन मंदिरों से आए अतिथिय़ों का अभिनंदन भी किया गया। आभार प्रदर्शन पंकज प्रधान ने किया।

  • भाजपा की सेवा भावना को मिला जनता का आशीर्वाद बोले शिवराज

    भाजपा की सेवा भावना को मिला जनता का आशीर्वाद बोले शिवराज

    कार्यकर्ता महाकुंभ 25 को, प्रधानमंत्री जी दिलाएंगे विजय का संकल्प : नरेंद्र सिंह तोमर
    21 दिनों में 223 विधानसभाओं में 10880 कि.मी. चली पांचों जन आशीर्वाद यात्राएंः विष्णुदत्त शर्मा
    जन आशीर्वाद यात्राओं की अभूतपूर्व सफलता पर पार्टी नेताओं ने की मीडिया से चर्चा
    भोपाल, 23सितंबर(प्रेस इंफॉर्मेशन सेंटर)। भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश के विभिन्न अंचलों से पांच जन आशीर्वाद यात्राएं निकाली थीं, जिन्हें अभूतपूर्व सफलता हासिल हुई है। इन यात्राओं को जनता का भरपूर समर्थन मिला है। वास्तव में बीते समय में भाजपा की केंद्र और राज्य सरकारों ने जो काम किए हैं, उनके प्रतिफल ने जनता ने इन यात्राओं को अपना आशीर्वाद दिया है। यात्राओं को मिले अभूतपूर्व जनसमर्थन से यह साफ हो गया है कि प्रदेश में एक बार फिर भाजपा की सरकार बनने जा रही है। इन यात्राओं का समापन पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर 25 सितंबर को भोपाल के जंबूरी मैदान में होगा, जिसमें प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में पार्टी कार्यकर्ता विजय का संकल्प लेंगे। यह बात प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री एवं चुनाव प्रबंधन समिति के प्रदेश संयोजक श्री नरेंद्रसिंह तोमर एवं भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्री विष्णुदत्त शर्मा ने शनिवार को पत्रकारवार्ता को संबोधित करते हुए कही।
    देश की आधी आबादी को मोदी जी ने अमृतकाल में दिलाया पूरा न्यायः शिवराजसिंह चौहान
    पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा कि सबसे पहले मैं नारी शक्ति वंदन अधिनियम संसद के दोनों सदनों से सर्वसम्मति से पारित कराने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को धन्यवाद देना चाहता हूं। प्रधानमंत्री जी की इस पहल से आजादी के अमृतकाल में देश की आधी आबादी को पूरा न्याय मिला है। श्री चौहान ने कहा कि महिला सशक्तीकरण भारतीय जनता पार्टी की प्राथमिकता रही है और मध्यप्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य है, जिसने निकाय चुनावों में महिलाओं को प्रतिनिधित्व देने के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया। गिरते सेक्स रेश्यो को संभालने के लिए लाडली लक्ष्मी योजना शुरू की। उन्होंने कहा कि हम पुलिस की भर्ती में महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण दे रहे हैं, जिसे 35 प्रतिशत तक ले जाएंगे। महिलाओं के लिए स्टाम्प शुल्क में कटौती की है। लाडली बहना योजना में हम 1.32 करोड़ बहनों को 1250 रुपये प्रतिमाह दे रहे हैं, जिसे 3000 रुपये तक ले जाएंगे। श्री चौहान ने कहा कि भाजपा की सरकार ने जनता की जो सेवा की है, उसके कारण उसे जन आशीर्वाद यात्राओं में जनता का भरपूर समर्थन मिला है। इन यात्राओं को अभूतपूर्व सफलता मिली है, जिसके लिए मैं प्रदेश अध्यक्ष श्री विष्णुदत्त शर्मा, पार्टी कार्यकर्ताओं और प्रदेश की जनता का आभार जताता हूं।
    जिसका नेता पहियों वाला सूटकेस सिर पर रखे, उस पार्टी का क्या होगा?
    मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस भी यात्राएं निकाल रही है। हम भी यात्राएं निकालते हैं, एकात्म यात्रा, स्नेह यात्रा, आशीर्वाद यात्रा। कांग्रेस ने तो इन यात्राओं का नाम भी ऐसा रखा है कि जिसे सुनकर मन विचलित हो जाए। कांग्रेस जन आक्रोश यात्राएं निकाल रही है। ये यात्राएं ऐसी हैं, जिनमें कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता एक-दूसरे के प्रति आक्रोश दिखा रहे हैं। कहीं धक्का-मुक्का हो रहा है तो कहीं गोलियां भी चल रही हैं। कमलनाथ इस बाते को जानते हैं, इसलिए वो इन यात्राओं से ही गायब हैं। वहीं, दिग्विजय सिंह का तो फोटो भी इन यात्राओं के पोस्टर में नहीं लगाया गया है। कोई भी यह अनुमान लगा सकता है कि ऐसी पार्टी जिसका नेता पहियों वाले सूटकेस को सिर पर रखकर चलता हो, उसका भविष्य क्या होगा?
    वादे नहीं निभाए, इसलिए कांग्रेस के खिलाफ आक्रोशित है जनता
    श्री चौहान ने कहा कि वास्तव में आक्रोश प्रदेश की जनता में है, कांग्रेस के खिलाफ। 2003 के पहले मि. बंटाढार की सरकार ने प्रदेश की जो दुर्गति की थी, उसको लेकर जनता में आक्रोश है और मि. बंटाढार भी इस बात को मानते हैं। वो कहते हैं कि मेरे जाने से कांग्रेस के वोट कट जाएंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के खिलाफ आक्रोश इसलिए है क्योंकि कमलनाथ की सरकार ने जनहित की योजनाएं बंद कर दी थीं। बच्चों के लेपटॉप छीन लिए थे, संबल योजना बंद कर दी थी और बैगा, भारिया, सहरिया बहनों को मिलने वाली 1000 रुपये की सहायता छीन ली थी। कमलनाथ ने कन्यादान योजना की राशि बढ़ाने की बात कही, लेकिन किसी को भी पैसे नहीं दिए। कमलनाथ ने प्रधानमंत्री आवास योजना में स्वीकृत दो लाख आवास लौटा दिये और गरीबों को पक्के मकान से वंचित कर दिया। जनता इसलिए आक्रोशित है क्योंकि कमलनाथ ने किसान सम्मान निधि योजना के नाम नहीं भेजे। जलजीवन मिशन शुरू नहीं करके माता-बहनों की तकलीफों को नजरअंदाज किया। कमलनाथ सरकार ने किसानों, बेरोजगारों से किए गए वादे पूरे नहीं किए इसलिए प्रदेश की जनता में आक्रोश है। भाजपा ने जनता की सेवा की है, इसलिए उसे जनता का आशीर्वाद मिल रहा है।
    सनातन की आलोचना पर मौनी, वोट के लिए ढोंगी बाबा बन जाते हैं कमलनाथ
    श्री चौहान ने कहा कि कांग्रेस के इंडी गठबंधन में ऐसे-ऐसे नेताओं और दलों को शामिल किया गया है, जो सनातन की आलोचना करते हैं। गालियां देते हैं, डेंगू, मलेरिया और वायरस कह कर अपमानित करते हैं। लेकिन कमलनाथ ने इन नेताओं के खिलाफ एक शब्द नहीं बोला। वे सनातन की आलोचना पर मौनी बाबा बन जाते हैं और जब वोट लेना हो, तो ढोंगी बाबा बन जाते हैं। श्री चौहान ने कहा कि जनता सनातन के इस अपमान को सहन नहीं करेगी और जब उसके आक्रोश का प्रकटीकरण होगा, तो कमलनाथ और उनकी पार्टी कहीं की नहीं रहेगी।
    पार्टी के विजय अभियान में मील का पत्थर साबित होगा कार्यकर्ता महाकुंभः नरेंद्र सिंह तोमर
    पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री एवं प्रदेश चुनाव प्रबंधन समिति के संयोजक श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि जन आशीर्वाद यात्रा का जनता का जो अपार स्नेह और मिला है, यात्रा जिस तरह से अपने उद्देश्य में सफल रही है, उसके लिए मैं प्रदेश अध्यक्ष श्री विष्णुदत्त शर्मा जी, केंद्रीय नेतृत्व और पार्टी कार्यकर्ताओं का आभार प्रकट करता हूं। उन्होंने कहा कि 25 सितंबर को पं. दीनदयाल उपाध्याय जी का जन्मदिन है, जो भारतीय जनता पार्टी के चिंतन के प्रेरणास्रोत हैं। पं. उपाध्याय जी के जन्मदिन पर 25 सितंबर को भारतीय जनता पार्टी द्वारा जंबूरी मैदान में कार्यकर्ता महाकुंभ का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें पूरे प्रदेश के लाखों कार्यकर्ता भाग लेंगे। इस महाकुंभ में कार्यकर्ता प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की उपस्थिति में विजय का संकल्प लेंगे। यह महाकुंभ पार्टी की चुनाव तक की यात्रा और विजय को सुनिश्चित करेगा तथा पार्टी के विजय अभियान में मील का पत्थर साबित होगा।
    इसलिए एमपी के मन में उतर गए मोदी जी
    श्री तोमर ने कहा कि 2003 तीन के बाद मध्यप्रदेश को विकास के पथ पर आगे बढ़ाने में मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान की सरकार ने महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह किया है। उन्होंने कहा कि मुझे यह कहते हुए गर्व हो रहा है कि मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की योजनाओं, जनहित के कामों का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन किया गया है। केंद्र और प्रदेश सरकारें मिलकर मध्यप्रदेश में आमूलचूल परिवर्तन करने का प्रयास कर रही हैं। शिवराज जी ने 44 लाख लोगों को मकान बनाकर दिए, तो एमपी के मन में मोदी होगें ही। इसी तरह जब कोविड के भयानक दौर में बीमारी के कारण भले ही किसी की मौत हुई हो, लेकिन भूख के कारण देश और मध्यप्रदेश में किसी भी व्यक्ति को परेशान नहीं होना पड़ा और शिवराज जी की सरकार ने राज्य के 5 करोड लोगों को मुफ्त में अनाज पहुंचाने में सार्थक भूमिका निभाई। चाहे किसान सम्मान निधि योजना हो, घर-घर में शौचालय का निर्माण हो, या फिर उज्जवला योजना का क्रियान्वयन हो, प्रधानमंत्री श्री मोदी की सरकार लोगों का जीवन स्तर उठाने के लिए जो प्रयास कर रही है, उनमें रंग भरने का काम मुख्यमंत्री श्री शिवराज जी की सरकार कर रही है। श्री तोमर ने कहा कि चुनाव की बेला है, महाकुंभ का समय है और विजय का संकल्प है। मुझे पूरा विश्वास है कि डंबल इंजन की सरकार और भारतीय जनता पार्टी मिलकर प्रदेश में फिर से एक बार सरकार बनाने में सफल होंगी।
    अद्भुत और अद्वितीय है मोदी जी की कार्यशैली
    श्री तोमर ने कहा कि देश में अब तक जितने प्रधानमंत्री हुए हैं, सभी का देश के लिए कुछ न कुछ योगदान रहा है। लेकिन प्रधामनमंत्री मोदी जी की जो कार्य पद्धति है, वो अपने आप में अद्भुत और अद्वितीय है। हाल ही में जी – 20 सम्मेलन हुआ था, उसके घोषणा पत्र में महिलाओं पर एक बड़ा पैरा सर्वसम्मति से शामिल किया गया है। प्रधानमंत्री जी ने संसद का विशेष सत्र बुलाकर महिला आरक्षण बिल को सर्वसम्मति को पास कराकर पूरी दुनिया में देश की प्रतिष्ठा बढ़ाने का काम किया है। श्री तोमर ने कहा कि विश्वकर्मा जयंती के दिन प्रधानमंत्री जी ने विश्वकर्माओं के लिए योजना शुरू की है। हाथ के हुनर वाले कारीगरों की संख्या ज्यादा नहीं है। मोदी जी ने इन छोटे कारीगरों को योजना के माध्यम से न सिर्फ आर्थिक सहायता दी, बल्कि उनके हुनर को उन्नत बनाने और उनके प्रति लोगों के मन में सम्मान पैदा करने का काम भी किया है। विश्वकर्मा जयंती के दिन लोहार, बढ़ई जैसे कारीगरों के काम पर डाक टिकट जारी करके प्रधानमंत्री जी ने उन्हें जो सम्मान दिया है, वह सचमुच अद्भुत है।
    10600 किलोमीटर का लक्ष्य था, 10880 किलोमीटर चली यात्राएंः विष्णुदत्त शर्मा
    मीडिया को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्री विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी द्वारा मध्यप्रदेश में चुनावी अभियान के अंतर्गत पांच जन आशीर्वाद यात्राओं का आयोजन किया गया। पहली यात्रा का शुभारंभ 3 सितम्बर को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जे.पी.नड्डा ने श्रीराम की कर्मस्थली चित्रकूट से किया था। दूसरी यात्रा की शुरुआत 4 सितम्बर को नीमच से देश के रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह जी ने की थी। 5 सितम्बर को श्योपुर एवं जनजातीय क्षेत्र मंडला से दो जन आशीर्वाद यात्राओं का शुभारंभ देश के गृहमंत्री श्री अमित शाह जी ने किया था। पांचवी यात्रा 4 सितम्बर को धूनी वाले बाबा का आशीर्वाद लेकर खण्डवा से प्रारंभ हुई थी, जिसकी शुरूआत केंद्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी जी ने की थी। श्री शर्मा ने कहा कि पूर्व में जो जन आशीर्वाद यात्राएं निकलती थीं, वो सभी विधानसभाओं तक नहीं पहुंच पाती थीं। लेकिन इस बार 21 दिनों में पांच जन आशीर्वाद यात्राएं 223 विधानसभाओं तक पहुंची हैं। श्री शर्मा ने कहा कि इन यात्राओं को 10600 किलोमीटर की दूरी तय करना था, लेकिन जनसमर्थन से उत्साहित होकर इन यात्राओं ने 10880 किलोमीटर की दूरी तय की।
    गरीब कल्याण के कामों पर जनता ने लगाई मोहर, यात्राओं को दिया आशीर्वाद
    श्री शर्मा ने कहा कि इन पांचों जन आशीर्वाद यात्राओं में पार्टी को जनता का जो भरपूर आशीर्वाद प्राप्त हुआ है, उसके माध्यम से जनता से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान की सरकारों द्वारा किए जा रहे गरीब कल्याण के कार्यों पर मोहर लगा दी है। गरीब कल्याण के इन्हीं प्रयासों का रिपोर्ट कॉर्ड लेकर पार्टी कार्यकर्ता 65523 बूथों और लगभग 11 हजार शक्ति केंद्रों तक पहुंचे थे और इन्हीं को लेकर हम यात्राओं के माध्यम से जनता के बीच गए थे, जिसे जनता का भरपूर समर्थन मिला है। केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान की सरकारों के कामों से गरीब जनता के जीवन में जो बदलाव आए हैं, उनके चलते जनता ने पांचों जन आशीर्वाद यात्राओं को उत्साह और उमंग के साथ अपना आशीर्वाद दिया है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने बीमारू मध्यप्रदेश को विकसित राज्य बनाया है और आगे उसे स्वर्णिम मध्यप्रदेश बनाने का लक्ष्य है। श्री शर्मा ने कहा कि सरकार के कामों से प्रदेश की जनता में विश्वास जागृत हुआ है।
    2500 स्थानों पर हुआ स्वागत, सभाओं में शामिल हुए 1 करोड़ से ज्यादा लोग
    प्रदेश अध्यक्ष श्री शर्मा ने कहा कि जन आशीर्वाद यात्राओं का 2500 से अधिक स्थानों पर स्वागत किया गया तथा पार्टी नेताओं ने 750 स्थानों पर रथसभाएं एवं 250 स्थानों पर बड़ी मंच सभाओं को संबोधित किया, जिनमें 1 करोड के लगभग लोगों की सहभागिता रही। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के गरीब कल्याण रिपोर्ट कार्ड के माध्यम से फिर इस बार-भाजपा सरकार के स्टीकर घर-घर में लगाकर इस अभियान की शुरुआत की गई थी, जिसके माध्यम से हम लगभग 1 करोड़ लोगों तक पहुंचे। यात्रा के दौरान केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह ने मध्यप्रदेश के मन में मोदी नाम से सदस्यता अभियान की शुरुआत की थी, जिसमें पार्टी से युवाओं और नये सदस्यों को जोड़ने का काम किया गया। इस अभियान के अंतर्गत आज तक 23 लाख 65 हजार 711 लोगों ने भाजपा की सदस्यता ली है, जिसमें 8 लाख लोगों ने पुनः रजिस्ट्रेशन कराया और 14 लाख, 11 हजार, 754 नये सदस्यों ने पहली बार भाजपा की सदस्यता ग्रहण की है। देश एवं प्रदेश में महिला सशक्तिकरण के साथ महिलाओं को अधिकार संपन्न बनाने का जो काम किया है, उसका परिणाम भी इस अभियान में दिखाई दिया। अभियान के दौरान 8 लाख 40 हजार 784 बहनों ने पार्टी की सदस्यता ली, जो कुल सदस्यता का 65 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि इन यात्राओं में हर वर्ग के लोगों ने जिस तरह उत्साहपूर्वक भाग लिया है, वह सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास की नीति का परिणाम है। श्री शर्मा ने कहा कि इन यात्राओं के दौरान जन आकांक्षा पेटियों के माध्यम से स्वर्णिम मध्यप्रदेश के लिए जनता के सुझाव लिये गये हैं, जिन्हें घोषणा-पत्र में शामिल किया जाएगा। श्री शर्मा ने कहा कि जन आशीर्वाद यात्राओं को जो अभूतपूर्व सफलता मिली है, वह पार्टी कार्यकर्ताओं और केंद्रीय नेतृत्व की मेहनत का परिणाम है, जिसके लिए मैं पार्टी नेतृत्व, सभी कार्यकर्ताओं और मीडिया को बधाई एवं धन्यवाद देता हूं।

  • विकास के उत्सव का लाभ उठाएं बोले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

    विकास के उत्सव का लाभ उठाएं बोले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

    भोपाल,14 सितंबर( प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि भारत को विश्व की टॉप 3 अर्थ-व्यवस्था में लाना हमारा लक्ष्य है जिसकी ओर हम तेजी से बढ़ रहे हैं। इस लक्ष्य को पूरा करने में मध्यप्रदेश की बड़ी भूमिका होगी। मध्यप्रदेश के लिये हमारे संकल्प बड़े हैं। आने वाले 5 वर्षों में मध्यप्रदेश विकास की बुलंदियों को छुएगा। आज यहां लगभग 51 हजार करोड़ लागत की औद्योगिक परियोजनाओं का भूमि-पूजन किया गया है, इनसे बुन्देलखण्ड और मध्यप्रदेश की तस्वीर और तकदीर बदलेगी। औद्योगिक विकास को नई ऊर्जा मिलेगी। केन्द्र सरकार मध्यप्रदेश में नई परियोजनाओं पर 50 हजार करोड़ रूपये से ज्यादा खर्च करेगी। ये परियोजनाएँ गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के सपनों को सच करेंगी। विकास के इस उत्सव में भागीदार होने के लिये आप सभी को धन्यवाद और शुभकामनाएँ।

    प्रधानमंत्री श्री मोदी आज बीना रिफाइनरी परिसर में नवीन औद्योगिक परियोजनाओं के शिलान्यास अवसर पर विशाल जन-समुदाय को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने 51 हजार करोड़ रूपये की औद्योगिक परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इनमें बीना रिफाइनरी परिसर में 49 हजार करोड़ रूपये की लागत से पेट्रो-केमिकल कॉम्पलेक्स और मध्यप्रदेश के विभिन्न स्थानों पर 1800 करोड़ रूपये की लागत की 10 नई औद्योगिक परियोजनाएँ शामिल हैं।

    नर्मदापुरम्में नवकरणीय ऊर्जा जोन, इंदौर में 2 आईटी पार्क, रतलाम में मेगा इंडस्ट्रियल पार्क और 6 शहरों शाजापुर, गुना, मंदसौर, आगर-मालवा, नर्मदापुरम् और मक्सी में नये औद्योगिक केन्द्र विकसित किये जाएंगे। इसके पहले प्रधानमंत्री श्री मोदी, मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और सांसद श्री व्ही.डी. शर्मा के साथ खुली जीप में जनता का अभिवादन स्वीकार करते हुए मंच तक पहुँचे। कार्यक्रम स्थल पर उन्होंने पेट्रो-केमिकल कॉम्पलेक्स के निर्माण संबंधी प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने पुष्प-गुच्छ और साँची स्तूप की प्रतिकृति भेंट कर प्रधानमंत्री श्री मोदी का स्वागत किया।

    औद्योगिक विकास के लिये मुख्यमंत्री को दी बधाई

    प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि मध्यप्रदेश जो कभी देश के खस्ताहाल राज्यों में शामिल था, आज विकास की नई ऊँचाई छू रहा है। आजादी के बाद लम्बे समय तक यहां भ्रष्टाचार, अन्याय और अत्याचार का बोलबाला रहा है। कोई कानून व्यवस्था थी ही नहीं। उद्योग और व्यापार चौपट थे। केन्द्र और राज्य की डबल इंजन सरकार ने पूरी ईमानदारी से मध्यप्रदेश का भाग्य बदलने का कार्य किया है। पहले सड़क, पानी और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएँ भी नहीं थीं। आज हर क्षेत्र में विकास हो रहा है। हर गाँव तक सड़क, हर घर में बिजली, हर क्षेत्र में पानी पहुँच रहा है। निवेशक यहाँ आना और निवेश करना चाहते हैं। मध्यप्रदेश तेज गति से औद्योगिक विकास कर रहा है। इसके लिये यहाँ की जनता, मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और उनकी पूरी टीम बधाई की पात्र है।

    प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि जी-20 की सफलता से आज पूरे विश्व में भारत का मस्तक ऊँचा हुआ है। गाँव-गाँव के बच्चे की जुबान पर जी-20 का नाम है। जी-20 की सफलता का श्रेय मोदी को नहीं बल्कि देश की 140 करोड़ जनता को जाता है। यह भारत की सामूहिक शक्ति का परिणाम है। विदेशी मेहमानों ने कहा कि उन्होंने ऐसा आयोजन कभी नहीं देखा। हमने उनका स्वागत दिल खोलकर किया। वे हमारी विविधता और समृद्ध विरासत को देखकर प्रभावित हुए। जी-20 की बैठकों का सफल आयोजन भोपाल, इंदौर और खजुराहो में भी किया गया। जी-20 के सफल आयोजन में मध्यप्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका रही है और इसके लिये मैं शिवराज की टीम-मध्यप्रदेश की प्रशंसा करता हूँ।

    प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि आजादी के अमृत काल में हर भारतवासी ने देश के विकास का संकल्प लिया है, परंतु इसकी सिद्धि के लिये भारत का आत्म-निर्भर होना जरूरी है। आज बीना में पेट्रो-केमिकल इकाई का शिलान्यास इस क्षेत्र में भारत को आत्म-निर्भर बनाने में सहायक होगा। अभी भारत को डीजल, पेट्रोल और अन्य पेट्रो-केमिकल सामग्री के लिये दूसरे देशों पर निर्भर रहना होता है। इन परियोजनाओं से पूरे क्षेत्र को विकास की नई ऊँचाई मिलेगी, नए उद्योग आएंगे और किसान, छोटे उद्यमी और बड़ी संख्या में नौजवानों को रोजगार मिलेगा।

    राष्ट्र विरोधी ताकतों को मिलकर रोके

    प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि आज भारत विश्वमित्र के रूप में सामने आ रहा है, वह दुनिया को जोड़ने का सामर्थ्य दिखा रहा है। यह हमारी सनातन संस्कृति ही है जिसने हजारों वर्षों से हमारे देश को जोड़े रखा है। भगवान श्री राम, देवी अहिल्याबाई, झांसी की रानी लक्ष्मीबाई, महात्मा गांधी सभी हमारी सनातन संस्कृति के प्रतीक हैं। महर्षि वाल्मिकी, माता शबरी, संत रविदास, लोकमान्य तिलक आदि सभी ने इसका संरक्षण किया है। परंतु आज कतिपय राष्ट्र विरोधी ताकतें इसे समाप्त करने की कोशिश कर रही हैं। ये फिर से देश को गुलामी में ढकेलना चाहती हैं। हमें साथ मिलकर पूरी ताकत से इन्हें रोकना होगा।

    जनता की सेवा, मोदी की गारंटी

    प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि जनता की सेवा, मोदी की गारंटी है और उसे निरंतर पूरा किया जा रहा है। हमने सबको पक्के घर, घर-घर शौचालय, सबको भोजन, नि:शुल्क इलाज, सबके बैंक खाते, हर बहन को गैस कनेक्शन की गारंटी दी और उसे पूरा किया। देश में 40 लाख परिवारों को पक्के घर दिये गये हैं। उज्ज्वला योजना में बहनों को गैस कनेक्शन देकर धुएँ से मुक्ति दिलाई गई है। रक्षाबंधन पर गैस सिलेंडर की कीमत 200 रूपये कम की गई है। अब केन्द्र सरकार ने निर्णय लिया है कि 75 लाख और बहनों को मुफ्त गैस कनेक्शन दिये जाएंगे।

    वंचितों की वरीयता है शासन का मूल मंत्र

    प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि वंचितों की वरीयता शासन का मूल मंत्र है। दिल्ली की सरकार हो अथवा भोपाल की, हम हर घर तक पहुँचकर जनता की सेवा कर रहे हैं। कोविड के संकटकाल में मुफ्त टीकाकरण मानवता की बड़ी सेवा थी। गरीबों को मुफ्त राशन दिया जा रहा है। सरकार खेती की लागत कम करने और किसानों के कल्याण के कार्य कर रही है। किसानों को सस्ता खाद- बीज दिलवा रही है। यूरिया खाद की जो बोरी अमेरिका में 3 हजार रूपये में मिलती है, हम किसानों को 300 रूपये में दिलवा रहे हैं। इस पर सरकार ने सरकारी खजाने से 10 लाख करोड़ रूपये खर्च किये हैं।

    प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि केन-बेतवा लिंक परियोजना से बुंदेलखण्ड क्षेत्र को अत्यधिक लाभ होगा। आने वाली पीढ़ियां भी इससे लाभान्वित होंगी। देश में आने वाले 4 वर्षों में 10 करोड़ नए परिवारों को नल से जल उपलब्ध कराया जाएगा। मध्यप्रदेश में भी 65 लाख परिवारों को नल से जल दिलवाया जा रहा है। अटल भू-जल योजना पर भी कार्य हो रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि आगामी 5 अक्टूबर को देश में रानी दुर्गावती की 500वीं जयंती धूम-धाम से मनाई जाएगी।

     मध्यप्रदेश का हुआ कायाकल्प : केन्द्रीय मंत्री श्री हरदीप सिंह पुरी

    केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री श्री हरदीप सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा 2014 में देश की बागडोर संभालने के बाद देश का कायाकल्प हुआ है। वर्ष 2014 में जहाँ देश के केवल 45% लोगों के पास एलपीजी गैस कनेक्शन था, हमारी सरकार ने 32 करोड़ गैस कनेक्शन उपलब्ध कराए। प्रधानमंत्री श्री मोदी के प्रयासों का ही परिणाम है कि विश्व के दूसरे देशों में पेट्रोल- डीजल के दाम बढ़े लेकिन भारत में पेट्रोल-डीजल के भाव कम हुए। देश में सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी में भी कमी आई है। जिन राज्यों में डबल इंजन की सरकारें है, वहां वैट टैक्स भी कम हुआ है। केंद्रीय मंत्री श्री पुरी ने 2014 के बाद मध्य प्रदेश में हुई प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि 2014 में मध्य प्रदेश में जहां 2854 पेट्रोल पंप थे वहीं 2023 में बढ़कर 5938 हो गए। एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर की संख्या 865 से बढ़कर 1552 और एलपीजी गैस कनेक्शन की संख्या 70 लाख से बढ़कर एक करोड 85 लाख हो गई है। केंद्रीय मंत्री ने मध्य प्रदेश की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में एलपीजी गैस की उपलब्धता 45 प्रतिशत से बढ़कर शत प्रतिशत हुई है, एलपीजी पाइपलाइन कनेक्शन की संख्या 2700 से बढ़कर 15785, सीएनजी स्टेशन की संख्या 15 से बढ़कर 275 और प्राकृतिक गैस पाइपलाइन का विस्तार 802 किलोमीटर से बढ़कर 6862 किलोमीटर में हुआ है। बीना में आज हुए लोकार्पण से यह क्षेत्र “बुलंद बुंदेलखंड” के लक्ष्य की ओर दृढ़तापूर्वक अग्रसर होगा।

    विश्व-कल्याण के लिये काम कर रहे हैं प्रधानमंत्री – मुख्यमंत्री श्री चौहान

    मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री श्री मोदी का स्वागत करते हुए कहा कि जी-20 की ऐतिहासिक सफलता ने सिद्ध किया है कि प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा विश्व के कल्याण की दिशा में किए जा रहे कार्य से संपूर्ण विश्व में हमारे देश और देशवासियों का मान-सम्मान बढ़ा है। चंद्रयान की सफलता के लिए भी हमारे वैज्ञानिकों को प्रणाम और प्रधानमंत्री श्री मोदी का वंदन है। उनके नेतृत्व में अब हम सूर्य की ओर भी अग्रसर हैं।

    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि पिछली सरकार ने बुंदेलखंड को पिछड़ा रखा था। प्रधानमंत्री मोदी की पहल पर यहां हो रहे 50 हजार करोड़ के निवेश से बुंदेलखंड की तस्वीर और यहां के निवासियों की तकदीर बदल जाएगी। बीना रिफाइनरी, एथिलीन क्रेकर परियोजना और प्रदेश के 10 प्रमुख औद्योगिक पार्कों से युवाओं के लिए लाखों रोजगार के अवसर सृजित होंगे, इन सौगातों के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी का आभार। उन्होंने कहा कि केन-बेतवा परियोजना मंजूर हो गई है इससे 20 लाख एकड़ में सिंचाई होगी और बुंदेलखंड क्षेत्र के लोगों का जीवन बदल जाएगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रधानमंत्री श्री मोदी को केन-बेतवा परियोजना के भूमि पूजन का आमंत्रण दिया।

    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रधानमंत्री श्री मोदी को आगामी 17 सितंबर को आ रहे जन्मदिवस के लिए प्रदेशवासियों की ओर से शुभकामनाएं देते हुए कहा कि श्री मोदी का जीवन देश और देशवासियों के लिए है। ईश्वर से यही प्रार्थना है कि वे स्वस्थ और प्रसन्न रहें तथा देश-दुनिया की सेवा करते रहें, मध्य प्रदेश उनका अनुसरण करता रहेगा।

     सभा स्थल पर श्री नरेंद्र मोदी का जनदर्शन

    बीना रिफाइनरी परिसर में पेट्रो केमिकल काम्पलेक्स के भव्य शिलान्यास कार्यक्रम और जनसभा स्थल पहुंचने पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जनता के बीच खुले वाहन से पहुंचे। लगभग बीस मिनट के जनदर्शन में उनके साथ मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और सांसद वीडी शर्मा भी थे। श्री मोदी को अपने बीच पाकर मौजूद जनता ने उत्साह, उमंग और हर्ष से स्वागत किया। श्री मोदी ने भी जनता का अभिवादन स्वीकार किया। जनसभा में विशाल संख्या में उपस्थित जनता के बीच प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के वाहन के लिए मार्ग बनाया गया था। जिस स्थान से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री चौहान का वाहन निकला, उस स्थान पर मौजूद लोग इस ऐतिहासिक दृश्य को अपने मोबाइल के कैमरे में कैद से करने से नहीं चूके।

    केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता  मंत्री श्री वीरेंद्र कुमार, केंद्रीय जल शक्ति नियोजन राज्य मंत्री प्रहलाद पटेल, जिले के प्रभारी और प्रदेश के सहकारिता और लोक सेवा प्रबंधन मंत्री डॉ. अरविंद सिंह भदौरिया, लोक निर्माण मंत्री गोपाल भार्गव, नगरीय विकास मंत्री भूपेंद्र सिंह, राजस्व एवं परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, सांसद व्ही.डी. शर्मा और राजबहादुर सिंह सहित विधायक और जन-प्रतिनिधि मौजूद थे।