Category: भारत

  • सूखे निमाड़ में हरियाली लाएगी तापी परियोजनाः डॉ.मोहन यादव

    सूखे निमाड़ में हरियाली लाएगी तापी परियोजनाः डॉ.मोहन यादव

    भोपाल, 10 मई (प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि तापी बेसिन मेगा रिचार्ज परियोजना मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के विकास का नया आयाम स्थापित करेगी। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के लिए मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के सरकार के बीच आज एमओयू किया गया है। इस अवसर पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री  श्री देवेन्द्र फडनवीस विशेष रूप से उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया को जारी संदेश में कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश अपने सभी पड़ोसी राज्यों के साथ जल बंटवारे को लेकर आपस में जनता के हित में पीने के पानी और सिंचाई सुविधा के विकास लिए आगे बढ़ रहा है। आज ही महाराष्ट्र सरकार साथ एमओयू हुआ है। आपसी सहयोग से हम जल भंडारण का नया प्रोजेक्ट बना रहे हैं जो विश्व का एक अनूठा प्रोजेक्ट होगा। उन्होंने कहा कि महाऱाष्ट्र के मुख्यमंत्री का स्वागत और अभिनंदन है। दोनों राज्यों ने मिलकर यह योजना बनाई है। हम आपसी सहयोग से इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि  प्रधानमंत्री श्री मोदी ने जिस प्रकार से नदी जोड़ो का महा अभियान प्रारंभ किया है, इसमें सहभागिता करते हुए मध्यप्रदेश अपने पड़ोस के सभी राज्यों से तालमेल कर रहा है। मध्यप्रदेश में केन-बेतवा राष्ट्रीय नदी जोडो परियोजना पर हमने हाल ही में काम प्रारंभ किया है। इससे पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र के लोगों का जीवन बदलेगा। इसी प्रकार राजस्थान सरकार के साथ हमारा पार्वती-कालीसिंध-चंबल राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना का काम भी प्रारंभ हुआ है। इससे मालवा और चंबल के कई क्षेत्रों को लाभ मिलेगा। इसी क्रम में तापी बेसिन मेगा रिचार्ज परियोजना की दिशा में हम आगे बढ़ रहे हैं। इससे प्रदेश के निमाड़ क्षेत्र के जिलों को लाभ मिलेगा, जिसमें खंडवा जिले की खालवा तहसील एवं बुरहानपुर जिले में नेपानगर, खकनार और बुरहानपुर तहसीलों के अलावा बड़वानी जिले  तक के क्षेत्र में हम इस परियोजना का लाभ ग्रामीणों को देंगे। 

  • खुद को महाराजा साबित करने पर क्यों तुले हैं शिवराज सिंह

    खुद को महाराजा साबित करने पर क्यों तुले हैं शिवराज सिंह


    अटल आडवाणी के खास सिपहसालार प्रमोद महाजन ने जब मध्यप्रदेश पर अपना आधिपत्य जमाने के लिए शिवराज सिंह चौहान को मुख्यमंत्री बनाकर भेजा था तब तक वे एक संघर्षरत नेता के रूप में ही पहचाने जाते थे। उमा भारती के तूफानी नेतृत्व के सामने शिवराज सिंह एक टिमटिमाते दिए की भांति थे। बाबूलाल गौर महज केयर टेकर के रूप में थे और उन्हें किनारे खिसका दिया गया था।भाजपा की लगभग डेढ़ दो दशक की सत्ता संभालने के बाद राज्य भले ही साढ़े तीन लाख करोड़ के कर्जे में डूब गया हो लेकिन शिवराज सिंह चौहान आज महाराजा बनकर सामने उपस्थित हैं। वे बार बार ये अहसास कराने का प्रयास भी करते रहते हैं कि आज भी राज्य में उनकी हैसियत कम नहीं हुई है। उनके बेटे की शादी में राजधानी भोपाल में जो रिसेप्शन हुआ वह उनके इन्हीं तेवरों का प्रदर्शन था। साल भर पहले मुख्यमंत्री डाक्टर मोहन यादव के बेटे की शादी तो इस जश्न के सामने फीकी नजर आती है। शादी के इस जश्न ने भाजपा की रीति नीति और सोच को लेकर कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं। मुख्यमंत्री रहते हुए डाक्टर मोहन यादव ने जिस पारिवारिक आयोजन को सादगीपूर्ण तरीके से मनाया उसे शिवराज सिंह ने आखिर क्यों अपनी शान की कुतुब मीनार बनाकर पेश किया।

    मुख्यमंत्री डाक्टर मोहन यादव ने बेटे की शादी को केवल पारिवारिक आयोजन बनाया


    लगभग साल भर पहले मुख्यमंत्री डाक्टर मोहन यादव के बेटे की शादी राजस्थान के पुष्कर स्थित पुष्करा रिसोर्ट से हुई थी।पुत्र वैभव की शादी में शामिल होने के लिए सीएम डाक्टर मोहन यादव भी पहुंचे थे। दो दिनों के इस आयोजन में ध्यान रखा गया था कि लोगों को कोई परेशानी न हो। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस ने आयोजन के आधे घंटे पहले पुष्कर सरोवर और ब्र्हमा मंदिर खाली करा दिया था। बाद में रिसोर्ट में पुत्र वैभव और पुत्र वधू शालिनी यादव का पाणिग्रहण संस्कार संपन्न हुआ। इस आयोजन में पूजा अर्चना के बाद मोहन यादव की पत्नी सीमा यादव ने अपने पति के चरण धोए और आशीर्वाद लिया।
    इसके विपरीत शिवराज सिंह चौहान के बेटे की शादी का आयोजन तीन चरणों में और भव्यता के बीच संपन्न किया जा रहा है। पहले चरण में जैत गांव में नगर भोज दिया गया जिसमें आसपास के गांवों के करीब एक लाख लोग शामिल हुए। राजधानी के भव्य समारोह में लगभग बीस हजार से अधिक लोगों ने नगर भोज में हिस्सा लिया। इसी तरह दिल्ली का आयोजन भी भव्य रखा गया है। शिवराज सिंह के करीबी बताते हैं कि ये आयोजन जन सहयोग से विशाल बन गया है। टेंट और भोजन की व्यवस्था माजिद भाई संभाले हुए थे। उनके पिता कंजे मियां राजधानी के नामी गिरामी टैंट हाऊस के मालिक थे। अपने कार्यकाल में शिवराज सिंह चौहान उन्हें लगभग पांच हजार करोड़ रुपयों से अधिक का भुगतान कर चुके हैं। इसी तरह सत्ता में रहते हुए उन्होंने जिन अफसरों और ठेकेदारों को भरपूर कमाई कराई वे सभी उनकी कृषि मंत्री की भूमिका से आशान्वित हैं।
    इस आयोजन की भव्यता राजनेताओं के सामने कई सवाल खड़े कर रही है। भाजपा खुद को आरएसएस की राजनीतिक उत्तराधिकारी मानती है। उसके पूर्वज चना चबेना खाकर संगठन को गढ़ने का कार्य करते रहे हैं। जबकि उसी भाजपा के वर्तमान राजनेता खुद को महाराजा साबित करने में जुटे हुए हैं। खुद को किसान पुत्र बताकर शिवराज सिंह चौहान ने मध्यप्रदेश की सत्ता में लंबी पारी खेली और वे अब इसी छवि को लेकर केन्द्रीय कृषि मंत्री भी हैं। उनके बेटे की हैसियत इतनी बड़ी नहीं कि इतना विशाल आयोजन कर सके। खुद शिवराज सिंह चौहान की घोषित आय भी इतनी नहीं कि वे इतना बडा आयोजन कर सकें। इसके बावजूद उनके आयोजन की भव्यता बताती है कि इसमें आय से अधिक काले धन का इस्तेमाल किया गया है।


    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की भाजपा, दिल्ली की आप सरकार पर घोटालों और कुप्रबंधन के आरोप लगाकर सत्ता में पहुंची है। मोदी स्वयं केजरीवाल को अनुभवी चोर की संज्ञा देते रहे हैं। सरकार बनाने के बाद भाजपा वहां केजरीवाल सरकार के घोटालों की जांच कराए जाने की बात भी कह रही है। ऐसे में क्या मोदी अपनी ही कैबिनेट के मंत्री शिवराज सिह चौहान की संपत्तियों की जांच कराने का साहस दिखा पाएंगे। क्या वे उस काले धन के नेटवर्क का पर्दाफाश करने की पहल करवा पाएंगे जिसकी वजह से आज मध्यप्रदेश साढ़े तीन लाख करोड़ रुपयों के कर्ज में डूबा हुआ है।

  • भाजपा में सत्ता की रंजिश का केन्द्र बना सागर

    भाजपा में सत्ता की रंजिश का केन्द्र बना सागर


    भोपाल,19 दिसंबर(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के कार्यकाल में छत्रप बन चुके सागर के दो मंत्री एक स्थानीय मंत्री पर हमला करके सरकार में दुबारा शामिल होने का फार्मूला आजमा रहे हैं। खुरई से विधायक और पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह ने प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और मौजूदा मंत्री गोविंद सिंह राजपूत पर पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ दुर्व्यवहार का आरोप लगाया है।सागर जिले से उठा ये विवाद भाजपा की राजनीतिक अंतर्कथा के पेंच उजागर कर रहा है। भूपेंद्र सिंह का आरोप है कि कुछ बाहरी लोग पार्टी में आकर पुराने कार्यकर्ताओं को परेशान कर रहे हैं।


    भूपेंद्र सिंह ने एक इंटरव्यू में सागर जिले में भाजपा को कमजोर करने की साजिश का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि एक मंत्री जानबूझकर पार्टी कार्यकर्ताओं को परेशान कर रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिन लोगों ने पहले भाजपा कार्यकर्ताओं पर अत्याचार किए थे, अब वे ही पार्टी में शामिल होकर कार्यकर्ताओं को परेशान कर रहे हैं। भूपेंद्र सिंह ने साफ शब्दों में कहा, ‘मैं उन लोगों को स्वीकार नहीं कर सकता जिन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ अन्याय किया है।’
    भूपेंद्र सिंह ने अपनी ही सरकार से सवाल करते हुए कहा, ‘अगर आप सही हैं तो मैं गलत कैसे?’ उन्होंने बताया कि उनकी आपत्ति दो लोगों से है जो सागर जिले में भाजपा कार्यकर्ताओं पर अत्याचार करने के लिए जाने जाते हैं। हालांकि अब तक वे दोनों लोगों का नाम लेने से बच रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन उन्हीं लोगों की सुन रहा है जो कांग्रेस से आए हैं और भाजपा के मूल कार्यकर्ताओं को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। उनका मानना है कि प्रशासन जानबूझकर कांग्रेस के लोगों को बढ़ावा दे रहा है, जबकि भाजपा के असली कार्यकर्ता पीछे छूट रहे हैं।


    इस विवाद में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा भी निशाने पर आ गए हैं। वीडी शर्मा ने इस मामले को निजी लड़ाई बताया था। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए भूपेंद्र सिंह ने कहा, ‘वीडी शर्मा जी को पार्टी में आए हुए 5 से 7 साल हुए हैं। वे इससे पहले ABVP में काम करते थे।’हम लोग तो बरसों पहले से भाजपा के लिए लड़ाई लड़ते रहे हैं।


    उन्होंने वीडी शर्मा के बयान को आपत्तिजनक बताते हुए कहा कि उन्होंने अपने पद की गरिमा का ध्यान नहीं रखा। भूपेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि उनकी लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष से नहीं, बल्कि भाजपा कार्यकर्ताओं के अधिकारों के लिए है। उन्होंने यह भी बताया कि वे और गोपाल भार्गव सागर जिले में पार्टी को मजबूत करने के लिए एक साथ काम कर रहे हैं और कार्यकर्ताओं में नया जोश भर रहे हैं।


    भूपेन्द्र सिंह के इस बयान पर मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि मैं भाजपा का अनुशासित कार्यकर्ता हूं। तीन चुनावों में अपनी निष्ठा साबित कर चुका हूं। दो विधानसभा चुनाव और एक लोकसभा में मैंने पार्टी के लिए काम किया है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की मौजूदगी में मैंने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी। उसके बाद से मैं लगातार भारतीय जनता पार्टी की मजबूती के लिए काम कर रहा हूं। भारतीय जनता पार्टी बेहद अनुशासित पार्टी है, लेकिन भूपेंद्र सिंह ने पार्टी के अध्यक्ष को लेकर हल्की टिप्पणी की है कि वह एबीवीपी से आए हैं और अभी पांच साल ही हुए हैं।
    राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और राजनाथ सिंह भी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से ही आए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों जिस तरह से भाजपा के केन्द्रीय नेतृत्व के फैसलों से असहमति जताई जा रही है ये गंभीर मामला है और इस पर पूरी पार्टी विचार कर रही है।

  • अंबेडकर पर राजनीति, सरकार ने स्वयं मोर्चा संभाला

    अंबेडकर पर राजनीति, सरकार ने स्वयं मोर्चा संभाला

    भोपाल,18 दिसंबर(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। (Madhya Pradesh Assembly)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के डॉ. भीमराव आंबेडकर को लेकर सदन में दिए गए बयान पर बुधवार को मध्य प्रदेश विधानसभा में हंगामा हुआ । शून्यकाल में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने यह मामला उठाते हुए इसे संविधान को मानने वाले और पूरे अनुसूचित जाति वर्ग का अपमान बताते हुए माफी मांगने की मांग की।
    इसको लेकर सत्तापक्ष की ओर से आपत्ति दर्ज कराई तो पूरा विपक्ष आसंदी के समक्ष आ गया और नारेबाजी करने लगा। इसके विरोध में पहली बार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, मंत्री सहित सत्तापक्ष के सदस्य भी आसंदी के पास आ गए।
    दोनों पक्षों की ओर से नारेबाजी होने लगे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने दस मिनट के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी। बाद में उन्होंने पूरे संवाद को कार्यवाही से विलोपित कर दिया।
    शून्यकाल में उमंग सिंघार ने कहा कि संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर आस्था के केंद्र हैं। भाजपा संविधान को तार-तार करने में लगी है। केंद्रीय मंत्री अमित शाह की टिप्पणी से पूरा समाज आहत हुआ है। उन्हें माफी मांगनी चाहिए।
    इस पर संसदीय कार्यमंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने आपत्ति उठाते हुए कहा कि ऐसे कोई कुछ भी नहीं कह सकता है। सदन नियम और प्रक्रिया से चलता है। ऐसे किसी व्यक्ति जो सदन में अपना पक्ष नहीं रख सकता है, उसके बारे में चर्चा नहीं हो सकती है। संसद में कही किसी भी बात का उल्लेख यहां नहीं किया जा सकता है।
    इस पर कांग्रेस के सदस्य एक साथ खड़े हो गए और अपनी बात जोर-जोर से रखने लगे। मुख्यमंत्री, मंत्री सहित सत्ता पक्ष के सभी सदस्य भी अपने स्थान पर खड़े हो गए और कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार किया। जब कांग्रेस के सदस्य आसंदी के समक्ष आ गए तो मुख्यमंत्री, मंत्री और अन्य सदस्य भी आसंदी के समक्ष आ गए और दोनों पक्ष के बीच बहस होने लगी।
    स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अध्यक्ष ने कार्यवाही को दस मिनट के लिए स्थगित कर दिया। बाद में संसदीय कार्य मंत्री और पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि बिना तथ्य के किसी अन्य सदन में कही बात को यहां राजनीति के लिए उठाना नियम संगत नहीं है।
    यदि किसी उच्च पद पर बैठे व्यक्ति के लिए कुछ बोलना है तो पहले अनुमति ली जानी चाहिए। नेता प्रतिपक्ष को अपनी गलती के लिए माफी मांगनी चाहिए। कांग्रेस के सदस्यों ने सदन के बाहर नारेबाजी करते हुए आरोप दोहराए।

  • पंडित नेहरू के कार्यकाल में कांग्रेस ने सत्ता के लिए 17 बार संविधान बदलाःरक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

    पंडित नेहरू के कार्यकाल में कांग्रेस ने सत्ता के लिए 17 बार संविधान बदलाःरक्षा मंत्री राजनाथ सिंह


    नईदिल्ली 13 दिसंबर(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। संसद में 13 दिसंबर को ‘भारतीय संविधान की 75 साल की गौरवशाली यात्रा’ पर चर्चा हुई. इस दौरान अपने संबोधन में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला, और कांग्रेस की पोल खोल दी.


    केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को कांग्रेस पार्टी पर गंभीर आरोप लगाया. राजनाथ सिंह ने कहा कि कांग्रेस हमेशा भारत के संविधान निर्माण के काम को हाईजैक करने की कोशिश करती रही है. सिंह ने12 दिसंबर को शुरू हुई संविधान चर्चा के दौरान लोकसभा में यह सारी बातें कहीं. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को लोकसभा में कहा कि संविधान किसी एक पार्टी की देन नहीं है, लेकिन इसके निर्माण के कार्य को एक पार्टी विशेष द्वारा ‘हाईजैक’ करने की कोशिश हमेशा की गई है.


    उन्होंने लोकसभा में ‘भारत के संविधान की 75 वर्षों की गौरवशाली यात्रा’ पर चर्चा की शुरुआत करते हुए यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार संविधान के मूल्यों को केंद्र में रखकर काम कर रही है. लोकसभा के उप नेता ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का नाम लिए बगैर उन पर निशाना साधा और कहा कि विपक्ष के कई नेता संविधान की प्रति अपनी जेब में रखकर घूमते हैं क्योंकि उन्होंने पीढ़ियों से अपने परिवार में संविधान को जेब में ही रखे देखा है.


    सिंह ने कहा, ‘‘एक पार्टी विशेष द्वारा संविधान निर्माण के कार्य को ‘हाईजैक’ करने की कोशिश हमेशा से की गई है. भारत में संविधान निर्माण के इतिहास से जुड़ी ये सब बातें लोगों से छिपायी गई हैं.’’ उन्होंने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा, ‘‘आज विपक्ष के कई नेता संविधान की प्रति अपनी जेब में रखकर घूमते हैं. असल में उन्होंने बचपन से ही यही सीखा है. उन्होंने पीढ़ियों से अपने परिवार में संविधान को जेब में ही रखे देखा है. लेकिन भाजपा संविधान को सिर माथे पर लगाती है. हमारी प्रतिबद्धता संविधान के प्रति पूरी तरह साफ है.’’


    सिंह ने दावा किया कि कांग्रेस नेताओं को जब भी सत्ता और संविधान में से किसी एक को चुनना था तो उन्होंने हमेशा सत्ता को चुना. उन्होंने कहा, ‘‘हमने कभी किसी संस्था की स्वतंत्रता और स्वायत्तता के साथ खिलवाड़ नहीं किया है. संविधान के मूल्य हमारे लिए कहने या दिखाने भर की बात नहीं हैं. संविधान के मूल्य, संविधान के द्वारा दिखाया गया मार्ग, संविधान के सिद्धांत, हमारे मन में, वचन में, कर्म में, हर जगह दिखाई पड़ेंगे.’’ उनका कहना था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने पिछले 10 वर्षों में जो भी संवैधानिक संशोधन किये, उन सभी का उद्देश्य सिर्फ और सिर्फ संवैधानिक मूल्यों को सशक्त करना था, सामाजिक कल्याण था और लोगों का सशक्तीकरण था.


    सिंह ने कहा, ‘‘कांग्रेस की तरह, हमने संविधान को कभी राजनीतिक हित साधने का जरिया नहीं बनाया. हमने संविधान को जिया है. हमने सजग और सच्चे सिपाही की तरह संविधान के खिलाफ की जा रही साजिशों का सामना किया है. और उसकी रक्षा के लिए बड़े से बड़ा कष्ट भी उठाया है. उन्होंने कहा, ‘‘हमने अनुच्छेद 370 को निरस्त किया, ताकि भारत की अखंडता सुनिश्चित हो. ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ से महिलाओं के सामाजिक व आर्थिक सशक्तीकरण का मार्ग प्रशस्त किया.
    आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण भी सामाजिक न्याय की भावना से ही प्रेरित था.’’ रक्षा मंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस ने अतीत में सिर्फ संविधान संशोधन नहीं किया, बल्कि दुर्भावना के साथ धीरे-धीरे संविधान बदलने का प्रयास किया है. उन्होंने कहा, ‘‘पंडित जवारलाल नेहरू जब प्रधानमंत्री थे तो लगभग 17 बार संविधान में बदलाव किया गया.’’

  • जार्ज सोरोस के साथ देशद्रोह में जुटे राहुल गांधीःनिशिकांत दुबे

    जार्ज सोरोस के साथ देशद्रोह में जुटे राहुल गांधीःनिशिकांत दुबे

    नई दिल्ली 06 दिसंबर(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। बीजेपी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर देश के विरुद्ध साजिश करने का आरोप लगाया है. बीजेपी की ओर से कहा गया है कि राहुल गांधी अरबपति जॉर्ज सोरोस और समाचार पोर्टल संगठित अपराध और भ्रष्टाचार रिपोर्टिंग परियोजना (ओसीसीआरपी) के साथ एक त्रिकोण का हिस्सा हैं, जिसका उद्देश्य भारत को अस्थिर करना है.

    अब राहुल गांधी पर बीजेपी की ओर से लगाए गए आरोपों पर कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. राहुल गांधी और वायनाड के नवनिर्वाचित सांसद प्रियंका गांधी वाद्रा और पूरे विपक्षी दलों ने बीजेपी की ओर से दिए गए बयान का विरोध किया है. सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा में शून्यकाल में कांग्रेस को घेरने का प्रयास करते हुए नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से पूछने के लिए कुछ सवाल उठाए जिसके बाद विपक्षी सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया. कांग्रेस ने निशिकांत दुबे की ओर से लगाए गए आरोपों को अत्यंत अपमानजनक बताया है.निशिकांत दुबे ने कहा कि विपक्षी दल सरकार को अस्थिर करने के लिए तरह-तरह के मंसूबे पालते रहते हैं. मैं पूरे देश को बताना चाहता हूं कि विदेशी फंडिंग के माध्यम से (प्रधानमंत्री नरेन्द्र) मोदी और उनकी सरकार के खिलाफ किस तरह काम होता है.

    दुबे ने फ्रांस की एक रिपोर्ट के हवाले से दावा किया कि अमेरिका की सरकार और वहां के एक कारोबारी ने अपने फाऊंडेशन के माध्यम से भारत सरकार को अस्थिर करने के लिए विपक्षी नेता राहुल गांधी को किराए पर लिया है। बीजेपी ने आरोप लगाया कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भारत को अस्थिर करने का प्रयास कर रहे हैं. वे कतिपय मीडिया संस्थानों की मदद से अंतर्राष्ट्रीय ताकतों से जुड़े हैं और भारत के विरुद्ध षड़यंत्र कर रहे हैं।
    भाजपा नेता संबित पात्रा ने दावा किया कि अरबपति निवेशक जॉर्ज सोरोस और कुछ अमेरिका आधारित एजेंसियां, खोजी मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ऑर्गनाइज्ड क्राइम एंड करप्शन रिपोर्टिंग प्रोजेक्ट’ (ओसीसीआरपी) और राहुल गांधी की तिकड़ी ने भारत को अस्थिर करने और सत्ता परिवर्तन के लिए सार्वजनिक असंतोष को भड़काने की कोशिश की.
    उन्होंने कहा कि जब कोई मुद्दा नहीं होता है तब आप अपने मुद्दे गढ़ते हो और ऐसे मुद्दे गढ़ते हो जो देश के विरोध में हो और पूरे विश्वपटल पर देश को बदनाम करने की कोशिश होती है. यही राहुल गांधी कर रहे हैं, इसलिए मैंने उन्हें देशद्रोही कहा, जो अपने देश को बदनाम करते हैं, तथ्यों के आधार पर नहीं बल्कि झूठ बोलकर बदनाम करते हैं. उसे देशद्रोही नहीं तो क्या कहेंगे.
    संबित पात्रा ने कहा कि ओसीसीआरपी और राहुल गांधी दो शरीर और एक आत्मा है. उन्होंने कहा, ‘‘ये महज संयोग नहीं है। ये साठगांठ है और इससे एक बात स्पष्ट होती है कि राहुल नहीं चाहते कि भारत आगे बढ़े. भारत की संसद चले, यह राहुल गांधी नहीं चाहते.”
    Who is George Soros: संसद सत्र के पहले दिन से ही विपक्ष ने अडानी के मुद्दे को हवा दे रखी है। वहीं विपक्ष पर पलटवार करते हुए सत्ता पक्ष ने कई बड़े दावे किए हैं। इसी बीच अमेरिकी अरबपति जॉर्ज सोरोस का नाम भी मीडिया में सुर्खियां बटोरने लगा है। बीते दिन न सिर्फ संसद में जॉर्ज सोरोस का नाम सुनने को मिला बल्कि सत्ताधारी पार्टी बीजेपी ने सोशल मीडिया पर भी एक मुहिम छेड़ दी है।
    बीजेपी का दावा है कि जॉर्ज सोरोस अक्सर मोदी सरकार को निशाना बनाते हैं। जॉर्ज सोरोस नागरिकता संशोधन अधिनियम से लेकर आर्टिकल 370 हटाने, अडानी ग्रुप और भारतीय लोकतंत्र पर उंगली उठाने का कोई मौका नहीं छोड़ते हैं। यही नहीं, हिंडनबर्ग के अलावा OCCRP ने भी अडानी ग्रुप पर सवाल खड़े किए थे। वैसे तो OCCRP पब्लिक फंडेड फर्म है, लेकिन इसमें जॉर्ज सोरोस भी काफी पैसा देते हैं।
    साल 2020 में आर्टिकल 370 हटाने और नागरिकता संशोधन अधिनियम का विरोध करते हुए जॉर्ज सोरोस ने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत तानाशाही की तरफ बढ़ रहा है। वहीं अब जॉर्ज सोरोस का नाम सियासी गलियारों में नया एजेंडा बन गया है। तो आइए जानते हैं जॉर्ज सोरोस के बारे में विस्तार से…
    12 अगस्त 1930 को हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट में जन्में जॉर्ज सोरोस यहूदी परिवार से ताल्लुक रखते हैं। हालांकि दूसरे विश्व युद्ध के दौरान जब हिटलर यहूदियों पर अत्याचार कर रहा था, तो जॉर्ज सोरोस के परिवार ने अपनी पहचान बदल ली थी। विश्व युद्ध खत्म होने के बाद जॉर्ज सोरोस लंदन चले गए। यहां उन्होंने लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में एडमिशन लिया। इस दौरान जॉर्ज सोरोस ने पढ़ाई के साथ-साथ रेलवे में कुली और क्लब में वेटर का भी काम किया।
    1956 में जॉर्ज सोरोस ने अमेरिका का रुख कर लिया। 1973 में उन्होंने खुद की कंपनी सोरोस एंड मैनेजमेंट की नीव रखी। उन्हें अमेरिका के सबसे बड़े और कामयाब इन्वेस्टर के तौर पर देखा जाता है। जॉर्ज सोरोस अपना सोसाइटी फाउंडेशन भी चलाते हैं। फोर्ब्स की मानें तो जॉर्ज सोरोस की नेट वेल्थ 6.7 अरब डॉलर यानी 56,257 करोड़ रुपए से अधिक है। वहीं जॉर्ज सोरोस अपनी संपत्ति में से 32 अरब डॉलर रुपए दान कर चुके हैं।
    93 वर्षीय जॉर्स सोरोस तीन शादियां कर चुके हैं और उनके कुल 5 बच्चे हैं। जॉर्स सोरोस की पहली पत्नी एनालिसे विश्चेक थीं, जिनसे उन्होंने 1960 में शादी रचाई थी। सोरोस और एनालिसे के 3 बच्चे हैं। जॉर्ज सोरोस ने अपने बेटे अलेक्जेंडर को अपना उत्तराधिकारी घोषित किया है।

  • भाजपा के कोर वोटर ने बदलाव की बयार का रुख मोड़ा

    भाजपा के कोर वोटर ने बदलाव की बयार का रुख मोड़ा


    भोपाल,08 अक्टूबर (प्रेस इंफार्मेशन सेंटर) हरियाणा विधानसभा चुनावों में अब तक आए नतीजों ने साफ कर दिया है कि भाजपा के कोर वोटर ने एंटी इंकम्बेंसी और बदलाव की बयार का रुख मोड़ देने में सफलता पाई है।वोट प्रतिशत के आंकड़ों में काग्रेस को फायदा है। भाजपा को इस बार 39.94प्रतिशत वोट मिले हैं जबकि उसकी विरोधी कांग्रेस को 39.09 प्रतिशत मत प्राप्त हुए हैं।ये नतीजे तब आए हैं जब तमाम सर्वेक्षण और राजनीतिक दल सत्ता परिवर्तन की आशंकाएं दर्शा रहे थे।


    यहां गौर करने वाली बात यह है कि आम आदमी पार्टी को 1.79 फीसदी वोट मिले हैं। अगर हरियाणा में लोकसभा चुनाव की तरह विधानसभा चुनाव में भी इंडिया गठबंधन एकजुट होकर मैदान में उतरता तो सीटों के हिसाब से रिजल्ट में बड़ा अंतर देखने को मिल सकता था।


    यहां यह भी ध्यान देने वाली बात है कि हरियाणा विधानसभा चुनाव में अब तक हुई वोटों की गिनती में करीब 28 ऐसी सीटें हैं जहां बीजेपी और कांग्रेस के प्रत्याशियों के 5 हजार या उससे कम वोटों का अंतर दिख रहा है। ऐसे में आम आदमी पार्टी अगर कांग्रेस के साथ हरियाणा चुनाव में उतरती तो इसका कुछ और ही असर हो सकता था।


    कांग्रेस के नेताओं का दावा है कि हरियाणा विधानसभा चुनाव में राहुल गांधी अंतिम वक्त चाहते थे कि आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन हो। लेकिन भूपेंद्र सिंह हुड्डा और उनके बेटे दीपेंद्र सिंह हुड्डा के अति आत्मविश्वास के चलते यह गठबंधन नहीं होने दिया । चुनाव के बीच में अरविंद केजरीवाल जब जेल से बाहर आए तो लगा कि कांग्रेस और आप का गठबंधन लगभग तय है, लेकिन हुड्डा इसके लिए तैयार नहीं हुए।


    उनका दावा है कि मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान कमलनाथ भी इसी तरह के अति आत्मविश्वास में दिखे थे। उन्होंने समाजवादी पार्टी को साथ लेने से मना कर दिया था और अखिलेश यादव के नाम पर बड़बोलेपन वाला बयान भी दे दिया था। हरियाणा के विधानसभा चुनाव को देखकर यही लगता है कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भी कमलनाथ वाली गलती की और कांग्रेस का एक और राज्य जीतने का सपना धरा रह गया था।

  • परिवहन माफिया पर चला सुशासन का चाबुक

    परिवहन माफिया पर चला सुशासन का चाबुक

    भोपाल,14अगस्त (प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)मध्यप्रदेश की राजनीति में बरसों से घुसपैठ जमाए सत्ता माफिया के एजेंट को जेल भेजकर डॉ.मोहन यादव की पुलिस ने उसे अपनी हद में रहने की खुली चुनौती दे डाली है। इस घटना से सत्ता के गलियारों में दौड़ भाग करने वाले तमाम नेता और उनके दलाल हतप्रभ हैं। उन्होंने सपने में भी नहीं सोचा था कि मोहन यादव सरकार कभी उस लक्ष्मण रेखा की सुरक्षा में इतनी मुस्तैद हो सकती है जिसे कभी उमा भारती के बाद बाबूलाल गौर और शिवराज सिंह चौहान ने अपने दो दशक लंबे कार्यकाल में छूने की हिम्मत भी नहीं दिखाई थी। बीच में आई कांग्रेस की कमलनाथ सरकार ने तो सत्ता माफिया के एक अड्े को मटियामेट करके खुली जंग का ऐलान कर दिया था लेकिन इसी दंभ में भरे कमलनाथ की सरकार समय से पहले धराशायी हो गई और मध्यप्रदेश की रगों में घुसकर खून चूसने वाले सत्ता माफिया के सफाए का अभियान अधूरा रह गया था।
    शिवराज सिंह चौहान ने अपने लंबे शासनकाल में जिस तरह कर्ज लेकर विकास करने का जो मार्ग चुना था उसकी वजह से सत्ता के इर्द गिर्द लुटेरों का जमघट लग गया था यही सत्ता के दलाल राज्य के सारे ठेकों में हिस्सेदार बन गए थे। विकास के नाम पर चलने वाली योजनाओं का कोई भी ठेका हो उन सभी में इस गिरोह का उदय हो जाता था। शिवराज सिंह का सचिवालय हो या मंत्रालय के अफसर सभी को ताकीद थी कि इस संगठन के इशारे पर ही ठेके दिए जाएं। जिस ठेके में इस गिरोह का कम से कम एक सदस्य साईलेंट पार्टनर के रूप में शामिल होता था उसी को ठेका दिया जाता था।इस ठेके का इस्टीमेट इसी तरह का बनाया जाता था कि उसमें सबकी हिस्सेदारी सुनिश्चित हो जाए।
    सत्ता को धमकाने का जो खून इस सत्ता माफिया के मुंह लग चुका है उसके चलते गुंडागर्दी के सामने पुलिस अक्सर लाचार हो जाती रही है। पिछले दो दशकों में सत्ता माफिया के इन्हीं गुर्गों को प्रदेश का कर्णधार बताने की परंपरा सी पड़ गई है। उद्योगपतियों के नाम पर यही गिरोह सत्ता का लाभ लेता रहा है। इसमें भाजपा तो क्या कांग्रेस के भी तमाम लोग शामिल रहे हैं। कांग्रेस के जिन नेताओं थोड़ी बहुत कमर सीधी की उसे इस सत्ता माफिया ने या तो तोड़ दिया या अपने बीच मिला लिया।
    एेसा नहीं था कि शिवराज सिंह चौहान इस परिस्थिति को नहीं समझते थे। तभी तो 13 दिसंबर 2018 को जब कमलनाथ ने शपथ ली तब शिवराज सिंह ने भाजपा की हार के बाद एक सार्वजनिक मंच पर कहा था कि मैं मुक्त हो गया। वे जानते थे कि किस तरह एमपी की सत्ता चलाना एक गंभीर कीमिया गिरी से ज्यादा नहीं है। इसके बावजूद वे इतने कमजोर साबित होते रहे कि प्रदेश की आय बढ़ाने के बजाए वे सत्ता माफिया को पालने में ही जुटे रहे।
    पहली बार डाक्टर मोहन यादव ने इस सत्ता माफिया को उसकी सीमाओं में रहने की चुनौती दी है। जबसे उन्होंने सत्ता संभाली है तभी से वे सुशासन के उस फार्मूले पर सरकार चला रहे हैं जो नीति आयोग ने निर्धारित किया है। सुशासन की इसी परंपरा को अटल सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान भोपाल के सीईओ एवं स्टाफ लागू करने का प्रयास कर रहा है। सत्त के इसी तंत्र में घुसपैठ करने के लिए इस माफिया गिरोह ने एमपी भाजपा कार्यसमिति सदस्य हीरेन्द्र बहादुर सिंह की बेटी को संविदा पर नियुक्त करवा दिया था। विदेश से पढ़कर आई उनकी बेटी सरकार के निर्णयों की मुखबिरी करके सत्ता माफिया को एलर्ट भेज रही थी। जब इसकी असलियत खुली तो संस्थान के सीईओ लोकेश शर्मा ने उसे चलता कर दिया। इससे बौखलाए हीरेन्द्र बहादुर सिंह ने मुख्यमंत्री से शिकायत करने के लिए तेज आवाज में तू तू मैं मैं कर डाली। यही नहीं जब संस्थान में एक बैठक चल रही थी तब वहां जाकर उन्होंने सीईओ के कक्ष में गुंडागर्दी मचाई। उन्होंने सीईओ को धमकााया कि वे मध्यप्रदेश में भी नहीं रह पाएंगे।


    दरअसल हीरेन्द्र बहादुर सिंह की चेतक ट्रेवल्स नाम की टैक्सी सेवा पिछले बीस सालों से मध्यप्रदेश की प्रमुख परिवहन कंपनी बन गई है। इस कंपनी ने सरकार से कई सौ करोड़ रुपयों का भुगतान प्राप्त किया है। इस कंपनी के नाम भुगतान की जो बिलिंग की गई है उससे भी कई गुना अधिक बिलों का भुगतान इसी गिरोह की अन्य नाम की परिवहन एजेंसियों को किया गया है।कुल मिलाकर सरकार के परिवहन पर सत्ता माफिया के प्रतिनिधि के तौर पर हीरेन्द्र बहादुर ही काबिज हैं। वे खुद को विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर के भतीजे बताते हैं। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री रमनसिंह की रिश्तेदारी की वजह से उन्होंने वहां भी अपना ठेकेदारी का नेटवर्क फैला रखा है।यही ट्रेवल्स चुनावी सभाओं के लिए हेलीकाप्टर और विमानों की सेवाओं की बिलिंग करता है। यही वजह है कि वे अक्सर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की रैलियों में भी हेलीकाप्टर से साथ यात्रा करते देखे जाते थे।


    जब हीरेन्द्र बहादुर सुशासन संस्थान में गदर मचा रहे थे तो संस्थान ने अपने बचाव में पुलिस को सूचना दे दी। संस्थान के ओएसडी(नायब तहसीलदार) निमेश पांडेय ने कमलानगर पुलिस को दिए अपने आवेदन में कहा कि जब 10 अगस्त को संस्थान में बैठक चल रही थी तब कुर्ता पजामा पहने हीरेन्द्र सिंह कक्ष में घुस आए और सीईओ लोकेश शर्मा के बारे में पूछने लगे,फिर यहां से वे सीईओ के कक्ष में गए और उन्हें धमकाने के बाद बाहर निकलते हुए भी गालियां दे रहे थे। कमलानगर पुलिस ने इस सूचना पर हीरेन्द्र सिंह को थाने बुलाया पर वे नहीं आए तो रविवार को उन्हें गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया जहां से वे सोमवार को बाहर आ सके। मुख्यमंत्री डाक्टर मोहन यादव को करीब से समझने वालों का कहना है कि माफिया ने यदि सत्ता को धमकाने की आदत नहीं छोड़ी तो फिर एमपी में सुशासन लागू होकर ही रहेगा।

  • लौह प्रतिमाओं के बोझ तले कुचली जाती भाजपा

    लौह प्रतिमाओं के बोझ तले कुचली जाती भाजपा


    आलोक सिंघई
    आम चुनाव 2024 के नतीजों के बाद भाजपा की आलोचना करने वालों के हौसले बुलंद हो गए हैं। तमाम विपक्षी दल एक सुर में चिचिया र हे हैं कि भाजपा की नीतियों को जनता ने नकार दिया है। इस कथित हार के कारणों की समीक्षा भी की जा रही है। बताया जा रहा है कि ये समीक्षा भाजपा और आरएसएस कर रहे हैं। चर्चाएं जरूर हैं पर भाजपा संगठन ने औपचारिक तौर पर ऐसा कोई कदम नहीं उठाया है। अलग अलग धड़े हार का ठीकरा फोड़ने के लिए खोपड़ी ढूंढ़ रहे हैं। जबकि कम सीटें आने के बावजूद सत्ता में लौटी मोदी सरकार जोर शोर से अपनी नीतियों का क्रियान्वयन करने में जुट गई है। जो भाजपाई और विपक्षी कांग्रेसी व अन्य राजनीतिक दल भाजपा की कथित हार की समीक्षा कर रहे हैं वे केवल बाहर से खड़े होकर कयास लगा रहे हैं। भाजपा की अंदरूनी स्थितियों की समीक्षा नहीं हो पा रही है।


    भाजपा और संघ को जो लोग करीब से देखते रहे हैं वे जानते है कि भाजपा का संगठन ऊपर से जितना सर्वव्यापी दिखता है भीतर से उतना ठोस नहीं है। इसकी वजह देश का वो संविधान है जिसने अन्य राजनीतिक दलों की वजह से समाज को खंड खंड देखने की परंपरा पाई है। कांग्रेस का फार्मूला तो देश को विभाजित करके राजनीति करने के लिए ही बनाया गया था। कांग्रेस ने अपने पूरे शासनकाल में समाज को खंड खंड बांटने का प्रयास किया और फिर उनमें राजनीतिक नेतृत्व खड़ा करने का प्रयास किया । ये स्वाभाविक नेतृत्व हो सकता था लेकिन कांग्रेस को जिस तरह एक ही परिवार के इर्द गिर्द खड़ा करने का प्रयास किया गया उसने जनता के बीच से स्वाभाविक नेतृत्व उभरने की प्रक्रिया को कुचल दिया। नतीजतन परिवारवाद, बाहुबल, धन बल, बंदूक बल,बलात्कार, चमड़े की नाव सभी कुटैवों ने कांग्रेस को जनता का मुकुट बनने से रोक दिया। अब उसकी जगह भरने के लिए भाजपा ने जिस तरह विकल्प बननेका प्रयास किया उससे वह अपनी स्वाभाविक पहचान ही गंवा बैठी है।


    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ , जनसंघ, जनता पार्टी और भारतीय जनता पार्टी जैसे कई पड़ाव पार करने के बाद जो विचारधारा सत्ता में आगे बढ़ी उसे पुष्पित और पल्लवित करने में कई पीढ़ियां खप गईं। त्याग और तपस्या के अटूट परिश्रम ने भाजपा को सत्ता के नजदीक तक तो पहुंचाया लेकिन वह सत्ता में नहीं पहुंच पा रही थी। तब कांग्रेस के भीतर से ही खुद को असहाय महसूस कर रहे नेताओं ने भाजपा को मध्यम मार्ग अपनाने की सलाह दी। जो भाजपा कुशा भाऊ ठाकरे, बलराज माधोक, अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी, विजया राजे सिंधिया, जैसे नेताओं के आगोश में पल रही थी वह अचानक कांग्रेस बनने निकल पड़ी। भाजपा के इस बधियाकरण में पुरानी पीढ़ी के कई नेता पीछे छूट गए। अवसर वादी नेताओं की पौध तैयार हो गई जो सत्ता के शीर्ष पर झंडा फहराने लगी। इस लीडर शिप के मन में चोरी का भाव था इसलिए वह खुलकर संवाद तो कर नहीं सकती थी। जिन्हें सत्ता से दूर धकेला गया वे क्षोभवश खुद अपने दायरे में सिमट गए।


    आज यूपी में भाजपा की कथित हार की समीक्षा हो रही है लेकिन मध्यप्रदेश में भाजपा की कथित जीत की समीक्षा करने कोई तैयार नहीं है। एमपी की भाजपा भी देश के अन्य राज्यों की तरह अपने ही बोझ तले दबी हुई है। जोर जोर से दावे करके दंभोक्तिपूर्ण भाषण देने वाले भाजपा के नेताओं को लगता है कि उनके प्रयासों से ही भाजपा ने अपना शत प्रतिशत परफार्मेंस दिखाया है जबकि ये अर्धसत्य ही है। एमपी की भाजपा को उसके कार्यकर्ताओं के साथ कांग्रेस के दिग्गजों ने भी आगे बढ़ कर सत्ता में पहुंचाया है। एमपी की कांग्रेस तो जान रही थी कि भाजपा को एक बार फुल मेजोरिटी देना अनिवार्य है। क्योंकि ऐसा किए बगैर देश को नई दिशा में नहीं ले जाया जा सकता। भारत माता के पैरों में पड़ी बेड़ियां भी नहीं काटी जा सकतीं। इस रहस्य को भाजपा का केन्द्रीय नेतृत्व नहीं समझ पाया। उसे लग रहा था कि उसकी बेहतरीन योजनाएं जनमन को प्रभावित कर चुकीं हैं और उसे अब केवल सत्ता का मुकुट अपने सिर पर सजाना मात्र है।


    यूपी में जिन राजनीतिक पंडितों को लगता है कि चार सौ पार और संविधान बदल देने के भय ने भाजपा को सत्ता से दूर किया है उन्हें अपने आकलन पर एक बार फिर विचार कर लेना चाहिए। बेशक भाजपा की हार में टिकिट वितरण और सत्ता विरोधी लहर ने अपना असर दिखाया है लेकिन इससे ज्यादा भाजपा का बोझ ही उसे कुचलने में सबसे बड़ा कारण रहा है। आरएसएस के नाम पर जिस तरह से सत्ता की लूट की गई और दंभोक्ति भरे दावे किये गए उससे भाजपा का संगठन बुरी तरह चकनाचूर हो गया है। एमपी में भी कमोबेश यही हालत है लेकिन यहां कांग्रेस की मजबूत लाबी राहुल गांधी के बोगस नेतृत्व को दरकिनार करने के लिए लामबंद हो गई थी। जीतू पटवारी जैसे ओछे और दंभी व्यक्ति की मौजूदगी ने कांग्रेसियों को अपने अपने दायरे में सिमट जाने के लिए जमीन तैयार कर दी। नतीजतन इसा लाभ भाजपा को मिला। कमलनाथ के भाजपा में जाने की अफवाह और उनके समर्थकों का भाजपा में जाने की कवायद ने जो संदेश दिया उससे जनता ने भी भाजपा को ही वोट देने में अपनी भलाई समझी और कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो गया।


    डाक्टर मोहन यादव की सरकार को आए हुए आधा साल हो गया लेकिन अब तक सरकार अपनी स्वाभाविक गति नहीं पकड़ पाई है। आम चुनावों की अपरिहार्यता और आर्थिक चुनौतियों ने सरकार के हाथ बांध रखे हैं। भाजपा के नेताओं को खुद समझ नहीं आ रहा है कि वे कैसे प्रदेश सरकार की गाड़ी को पटरी पर लाएं। भाजपा को अपने संगठन की कमियों पर निश्चित रुप से आत्म चिंतन करना चाहिए। किसी भीजीवित संगठन में ये सबसे महत्वपूर्ण शक्ति होती है लेकिन संगठन और सरकार दोनों को अपने भीतर पल रहे पाखंडियों से निजात पानी जरूरी है। चाहे वे भाजपा के मूल कार्यकर्ता रहे हों या सिंधिया के संग कांग्रेस से आए नेतागण सभी को अपना लक्ष्य हासिल करने के लिए आगे बढ़ना होगा। सबसे बड़ी बात तो ये कि डींगें हांकने वाले संगठन के स्वंभू नेताओं से भी दूरी बनानी होगी तभी भाजपा देश को बुलंदियों पर ले जाने के अपने उस स्वप्न को साकार कर पाएगी जिसा सपना उसके पूर्वजों ने कभी देखा था। लौह प्रतिमाओं का बोझ भाजपा को रसातल में पहुंचा देगा।

  • अमृतकाल में साकार होती रामराज्य की संकल्पना

    अमृतकाल में साकार होती रामराज्य की संकल्पना

    • विष्णुदत्त शर्मा

    • राम राज बैठे त्रैलोका। हर्षित भए गए सब सोका।।

    • यह चौपाई अब वास्तविकता बनने जा रही है जब श्री रामलला की प्राण प्रतिष्ठा से चहुंओर हर्ष और आनंदमय वातावरण होगा। 5 अगस्त 2020 को राममंदिर की आधारशिला रखते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने ‘जय सियाराम’ के उद्घोष के साथ अपने संबोधन में कहा था कि “आप भगवान राम की अदभुत शक्ति देखिए… इमारतें नष्ट हो गईं, अस्तित्व मिटाने का भरसक प्रयास हुआ, लेकिन प्रभु श्रीराम आज भी हमारे मन में बसे हुए हैं। प्रभु श्रीराम हमारी संस्कृति के आधार हैं, भारत के जनमानस के विचार हैं और मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम हैं।“ प्रधानमंत्री जी ने अपने संकल्प स्वरूप यह भी कहा था कि ‘राम काज किन्हें बिनु, मोहि कहां विश्राम…’

    • 22 जनवरी 2024 को भव्य-दिव्य मंदिर में हमारे रामलला विधि विधान के साथ विराजने जा रहे हैं। सांस्कृतिक सभ्यता से परिपूर्ण हमारा भारत सरयू के किनारे एक स्वर्णिम अध्याय रचने जा रहा है। सोमनाथ से लेकर काशी विश्वनाथ तक अयोध्या धाम इतिहास गढ़ने जा रहा है। आज संपूर्ण भारत राममय होकर आनंदित है। हर मन प्रफुल्लित है और भारतवासी भावुक हैं क्योंकि 5 सदियों का इंतजार ख़त्म होने जा रहा है। प्रधानमंत्री जी की दृढ़ संकल्प शक्ति और कर्तव्य परायणता से अयोध्या धाम में श्री राम मंदिर निर्माण के साथ ही अनेक विकास परियोजनाओं के सृजन से अद्भुत अलौकिक वातावरण का निर्माण होने जा रहा है।

    • हमारे रामलला की प्राण प्रतिष्ठा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है, अपितु यह हमारे सांस्कृतिक अभ्युदय का प्रतीक है। यह प्राण प्रतिष्ठा आस्था, धैर्य और संकल्प के विजय का परिचायक है। यह हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक स्मृतियों एवं आध्यात्मिक मूल्यों का प्रतिबिंब भी है। अयोध्या में बना यह मंदिर देश के लिए सिर्फ पूजा स्थल नहीं बल्कि यह हमारे पूर्वजों के तप, त्याग और संकल्प का स्थायी प्रेरणापुंज है। जिन कारसेवकों के आंदोलन रूपी तपस्या के फलस्वरूप श्री रामलला का मंदिर आकार ले पाया है, वह आंदोलन अर्पण, तर्पण और संकल्प से ओत-प्रोत था। उसका लक्ष्य सिर्फ राम मंदिर नहीं अपितु रामराज्य स्थापित करना भी था। वर्ष 2014 में देश के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने के पश्चात नरेंद्र मोदी जी ने इसी रामराज्य की संकल्पना को साकार करने के लिए परिश्रम की पराकाष्ठा के साथ कार्य किया है। मोदी सरकार ने एक ओर सदियों से उपेक्षित सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक मान्यताओं को प्रतिस्थापित किया तो दूसरी ओर गरीब कल्याण को प्राथमिकता के रूप में अपनी सरकार का लक्ष्य बनाया।
    • प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में सरकार ने धारा 370 की बेड़ियों से मां भारती को आजाद कराना, तीन तलाक की कुरीति से अल्पसंख्यक बहनों को मुक्ति दिलाना, माताओं-बहनों को रसोई में खतरनाक धुएं से मुक्ति दिलाने के लिए गैस सिलेंडर, नारी शक्ति की गरिमा की रक्षा के लिए शौचालय का निर्माण, आयुष्मान भारत योजना के जरिए स्वास्थ्य सेवा, हर गरीब के सिर पर छत हो उस हेतु प्रधानमंत्री आवास योजना, कोई भूखा न रहे इस हेतु 80 करोड़ देशवासियों के लिए मुफ्त राशन की व्यवस्था, किसानों के लिए किसान सम्मान निधि, पिछले 7 दशकों से देश को लूटने वाले भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कठोर कदम, कोरोनाकाल में हर भारतीय को मुफ्त वैक्सीन का प्रबंध जैसे अनेकों ऐतिहासिक कार्य किए। मोदी सरकार ने रामराज्य की अवधारणा को साकार करने के लिए हर संभव प्रयास किये है। दरअसल, किसी भी लोकतंत्र की गुणवत्ता उसके नेतृत्वकर्ताओं पर निर्भर करती है। नेतृत्वकर्ता यदि त्यागी, तपस्वी और न्याय प्रिय है तो निश्चित ही लोकतंत्र सफल होगा जैसा प्रभु श्री राम जी के राज में था। वर्षों बाद प्रभु कृपा से ही पुनः भारत को इसी प्रकार त्यागी, तपस्वी और न्याय प्रिय नेतृत्व प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के रूप में प्राप्त हुआ है।

    • जहां एक ओर देश में राममंदिर के माध्यम से आध्यात्मिक चेतना जागृत हो रही है, उसी समय यह हमारे भारत का अमृतकाल है और 2047 तक भारत को विकसित बनाने के लिए हम भारतीयों को अपने दायित्वों के प्रति कृत संकल्पित रहना है। रामराज्य की संकल्पना भी यही है जहां शासन जन-जन के साथ मिलकर लोकतंत्र को सशक्त बनाने में सहभागिता निभाए। आज भारत ने अपनी सांस्कृतिक विरासतों के गौरव के साथ ही विकास के नए प्रतिमान स्थापित किये हैं। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में आज हमारा भारत अपने तीर्थों को भी संवार रहा है और डिजिटल टेक्नोलॉजी की शक्ति से परिपूर्ण विश्व का अग्रणी राष्ट्र भी बन रहा है। आज मोदी जी की सरकार काशी विश्वनाथ धाम के पुनर्निमाण के साथ ही ग्रामीण विकास हेतु 30 हजार से अधिक पंचायत भवन भी बना रही है। सिर्फ केदारधाम का पुनरुत्थान ही नहीं अपितु 300 से अधिक मेडिकल कॉलेज भी देश में बन रहे हैं। सिर्फ महाकाल के लोक का ही निर्माण नहीं हो रहा, बल्कि स्वच्छ पेयजल के लिए दो लाख से ज्यादा पानी की टंकियों का भी निर्माण हो रहा है और 14 करोड़ घरों तक स्वच्छ पेयजल पहुंच रहा है। आज देश अपनी अतुलनीय वैज्ञानिक क्षमताओं के माध्यम से एक तरफ चन्द्रमा और सूरज की दूरी नाप रहा है तो वहीं हमारी पौराणिक मूर्तियों को भारत में वापस लाकर अपनी सांस्कृतिक सभ्यता के सवंर्धन का कार्य भी कर रहा है।

    • प्रधानमंत्री जी ने अयोध्या धाम में महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे एवं अयोध्या धाम जंक्शन के लोकार्पण के अवसर पर कहा कि “विकसित भारत के निर्माण को गति देने के अभियान को अयोध्या नगरी से नई ऊर्जा मिल रही है। विश्व में कोई भी देश हो अगर उसे विकास की नई ऊंचाई पर पहुंचना है, तो उसे अपनी विरासत को संभालना होगा। हमारी विरासत हमें प्रेरणा देती है। हमें सही मार्ग दिखाती है। आज का भारत पुरातन और नूतन को आत्मसात करते हुए आगे बढ़ रहा है।“

    • वास्तव में आज अयोध्या में अध्यात्म और विरासत की भव्यता के साथ विकास की दिव्यता भी दिखती है। विकास और विरासत का यह संयोजन ही भारत को 21 वीं सदी में सबसे आगे ले जाएगा। तुलसीदास जी ने रामचरितमानस में लोकतंत्र, लोकमंगल और आदर्श राज्य व्यवस्था की अभिव्यक्ति की है। चित्रकूट से विदा होते हुए भरत को श्री राम सबसे बड़ा उपदेश देते हुए राजा-प्रजा के संबंधों पर कहते हैं, “मुखिया मुख सों चाहिए, खान पान को एक।। पालै पोसै सकल अंग, तुलसी सहित विवेक।।” यानी शासन पक्षपाती एवं अन्यायी न हो, शासन में समाज के अंतिम व्यक्ति के अभ्युत्थान की चिंता प्रमुख होनी चाहिए। हम गर्व से कह सकते हैं कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति के उत्थान की संकल्पना निश्चित ही साकार हो रही है। इस बात में कोई संशय नहीं है कि हमारे प्रधानमंत्री भारत की मिट्टी के कण-कण और भारत के जन-जन के पुजारी हैं। विगत साढ़े नौ वर्षों में न केवल हम भारतीय अपितु समूचा विश्व एक ‘नए भारत’ के निर्माण का प्रत्यक्षदर्शी रहा है। यह नया भारत है जिसकी संस्कृति, सभ्यता और संस्कारों को अपनाने में विश्व का हर देश स्वयं को गौरवान्वित अनुभव करता है। यह नया भारत अपनी आस्था, अस्मिता और अर्थव्यवस्था के प्रति सजग और संवेदनशील भी है और सचमुच में यही तो रामराज्य की संकल्पना है।

    लेखक- भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद हैं

  • राज्य में उद्यमशीलता का दौर :भगवानदास सबनानी

    राज्य में उद्यमशीलता का दौर :भगवानदास सबनानी


    भोपाल.6 जनवरी(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। भारतीय जनता पार्टी के नवनिर्वाचित विधायक एवं प्रदेश महामंत्री भगवानदास सबनानी ने कहा है कि राज्य में अब उद्यमशीलता का दौर शुरु हो गया है हम पूंजी निर्माण से समाजसेवा के नए दौर में प्रवेश कर रहे हैं। राज्य की नई सरकार कार्यकर्ताओं के बल पर सत्तासीन हुई है, यही कार्यकर्ता जनता की आकांक्षाओं को साकार करने में जुट गए हैं।हमारे नेताओं ने जिस संकल्पपत्र को सामने रखकर जनता से आशीर्वाद मांगा था हम उसकी हर भावना को साकार करने जा रहे हैं। माननीय मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने सत्ता संभालते ही कार्यपालिका को साफ संदेश दे दिया है कि ये कार्यकर्ताओं,मजदूरों और किसानों की सरकार है और हम उनकी हर आकांक्षा को पूरा करेंगे।


    श्री सबनानी ने विशेष मुलाकात में बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने समाज की चार जातियां गरीब, किसान, महिला और युवाओं को बताया है। हमें अच्छी तरह मालूम है कि ये चारों वर्ग के आम नागरिक किस तरह प्रदेश और देश की उत्पादकता बढ़ाने में सहयोगी साबित होते हैं। हम भारत के परम वैभव को ऊंचाईयों पर पहुंचाने के लिए कार्य कर रहे हैं। यही वजह है कि नई सरकार सत्ता के सभी कारकों के लिए दो टूक संदेश देने का कार्य कर रही है।


    उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने सत्ता संभालते ही हुकमचंद मिल के मजदूरों की बरसों पुराने लंबित वेतन भत्तों का निराकरण करके अपनी सामाजिक प्रतिबद्धता जाहिर कर दी है। ग्वालियर की विनोद मिल के मजदूरों के भी लंबित प्रकरण सुलझाए जा रहे हैं। भाजपा संगठन ने अपनी जमीनी सेवाओं से जनता की जरूरतों को अच्छी तरह समझा है। राजनीति हमारे लिए सेवा का माध्यम है। हम सेवा की राजनीति करते हैं। हमारे पैतृक संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से हमने सेवा, त्याग और तपस्या के जो संस्कार पाए हैं हम उन्हें साकार करने में जी जान से जुटे हैं।

    श्री सबनानी ने बताया कि लगभग तीन चार महीनों से चुनावी प्रक्रिया चल रही थी। नई सरकार के गठन के बाद हमारी जवाबदारी है कि हम अपनी ही पूर्ववर्ती सरकार की योजनाओं को आगे ले जाएं और यदि उनमें कुछ संशोधन भी करना पड़े तो करें। इसके लिए हमने राज्य के खजाने का आकलन शुरु कर दिया है। हमारी पार्टी के कई आर्थिक विशेषज्ञ स्थितियों का आकलन कर रहे हैं। हम मौजूदा संसाधनों के बीच जनता की जरूरतें पूरी कर रहे हैं और जल्दी ही रोजगार के नए अवसर शुरु हो जाएंगे।


    उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री जी ने शासन को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सरकार रोजगार के अवसर बढ़ाना चाहती है। नई शिक्षा नीति में भी हमने युवाओं में हुनर विकसित करने की नीति पर अमल शुरु किया है। इस प्रक्रिया में हम औद्योगिक ढांचा भी विकसित कर रहे हैं और उसके लिए हुनरमंद युवाओं की टीम भी उपलब्ध करवा रहे हैं। हम सरकारीकरण के भरोसे नहीं बैठेंगे और समाज को जल्दी ही उत्पादकता का लाभ देंगे। ये बदलाव की बयार जल्दी ही अपना असर दिखाएगी और जनता की आकांक्षाओं पर खरी साबित होगी।

  • शिवराज सिंह का झांसा साबित हुई किसान मित्र योजना

    शिवराज सिंह का झांसा साबित हुई किसान मित्र योजना


    भोपाल,26 दिसंबर(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। चुनावी वैतरणी पार करने के लिए पूर्ववर्ती मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आनन फानन में जो घोषणाएं की थीं उनकी असलियत अब सामने आने लगी है। राज्य के ऊर्जा विभाग ने शासन से दो टूक कह दिया है कि विभाग के पास बिजली और कोयला खरीदने का बजट समाप्त हो गया है। बिजली पर दी जा रही छूट की वजह से हालत ये हो गई है कि कई इलाकों में सौ रुपयों की लागत में से मात्र सत्रह पैसे ही प्राप्त हो रहे हैं। ऐसे में किसान मित्र योजना जैसी घोषणाओं को पूरा करना संभव नहीं है।


    मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने पदभार ग्रहण करते ही शासन के आला अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि उन्हें राज्य की वित्तीय स्थिति से अवगत कराया जाए। पिछली सरकार की घोषणाओं को पूरा करने की जवाबदारी भी नई सरकार की है। ऐसे में अफसरों ने वाहवाही के लिए शुरु की गई योजनाओं की सच्चाई नए मुख्यमंत्री के सामने रख दी है। बिजली,सड़क और पानी की गारंटी देने वाली भाजपा सरकार असलियत जानकर असमंजस में पड़ गई है।


    मुख्यमंत्री को बताया गया है कि पूर्ववर्ती सरकार ने ऊर्जा विभाग के मुनाफे में से ही इस योजना को चालू करने का प्रावधान किया था। योजना में शर्त डाली गई थी कि ट्रांसफार्मर, खंभे और वायर आदि तमाम सामान किसानों को बिजली कंपनियों से ही खरीदना पड़ेगा। जिसकी कीमतें पहले से ही बाजार भाव से ज्यादा तय कीं गईं थी।जाहिर है ऐसे में पचास फीसदी छूट तो महज कागजी थी। इसके बावजूद विभाग के पास योजना पूरी करने लायक धनराशि भी नहीं है।


    सितंबर माह में जबसे इस योजना की घोषणा की गई थी तबसे किसानों ने उत्साह में भरकर कनेक्शन के लिए औपचारिकताएं पूरी कीं थीं। नए ट्रांसफार्मर के लिए जल स्रोत और भूमि का रिकार्ड सत्यापित करवाया जाना था। किसानों को कृषि विभाग से जलस्रोत सत्यापित करवाना था और पटवारी से भूमि का नक्शा भी प्रमाणित करवाना था।किसानों ने भारी मशक्कतके बाद फार्म में दी गई शर्तों के आधार पर दस्तावेज जमा करवाए थे।बिजली कंपनी ने किसान को पंजीयन क्रमांक जारी करके कहा था कि जब हमारी ओर से मूल्य आकलन करवाया जाएगा तब आपको डिमांड के अनुसार धनराशि जमा करवाना पड़ेगी।
    इस योजना को दो सालों में पूरा किया जाना था। पहले साल दस हजार ट्रांसफार्मर रखे जाने थे। इस बीच सरकार चुनाव में चली गई और योजना पर अमल रोक दिया गया। अब जबकि भाजपा की ही नई सरकार सत्ता में आ गई है तब उसे योजना पर अमल शुरु करने में खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बिजली कंपनी के सामने तो अभी सबसे बड़ा संकट बिजली खरीदने और बिजली उत्पादन के लिए कोयला खरीदने का है।कोयला कंपनियों ने अपनी उधारी वसूलने के लिए तकादा करना शुरु कर दिया है।


    इस संबंध में जब ब्यावरा विधायक और राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार नारायण पंवार से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि सरकार की कोई योजना बंद नहीं की गई है। विभागों का आबंटन होने के बाद संबंधित मंत्रीगण जनता से किएगए वायदों पर अमल सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने कहा कि शिवराज सिंह सरकार ने किसान मित्र योजना के लिए बजट शुरु किया था या नहीं इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। यदि विभाग के अफसरों को कोई परेशानी महसूस हो रही है तो उनकी सरकार आवश्यक कदम उठाएगी।


    गौरतलब है कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपनी वित्तीय क्षमताओं से भी ज्यादा कर्ज लेकर जिन योजनाओं की घोषणा की थीं वे अब नई सरकार के लिए जी का जंजाल बन गईं हैं। देखना है कि बदले हालात में नई सरकार योजनाओं के लिए धन कहां से और कैसे लाती है। मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव को सिंहस्थ में कुशल वित्तीय प्रबंधन के लिए भरपूर प्रशंसा मिली थी लेकिन तब सरकार धड़ाधड़ कर्ज लेकर धन मुहैया करा रही थी पर अब कर्ज की सीमा निर्धारित दायरे को पार कर गई है ऐसे में नई सरकार ज्यादा कर्ज नहीं ले पाएगी और उसे योजनाओं के लिए धन की वसूली तेज करनी होगी।

  • जनादेश की बेहतर डिलीवरी के लिए शिवराज की विदाई उचित फैसला

    जनादेश की बेहतर डिलीवरी के लिए शिवराज की विदाई उचित फैसला


    -आलोक सिंघई-
    भारतीय जनता पार्टी की डॉक्टर मोहन यादव सरकार ने अभी तक अपना मंत्रिमंडल घोषित नहीं किया है। चुनाव नतीजों के इक्कीस दिन बीत चुके हैं लेकिन आगामी लोकसभा चुनावों को देखते हुए भाजपा कोई चूक नहीं करना चाह रही है। शिवराज की सत्ता के नजदीक रहकर उपकृत होता रहा एक बड़ा धड़ा ये कह रहा है कि शिवराज जी जैसे राजनेता को कमतर आंकना उचित नहीं है। वे एक आलराऊंडर खिलाड़ी थे उन्हें जबरन पेवेलियन में भेज दिया गया है। कांग्रेस के गुंडों की तरह शिवराज और उनके गुंडे बन चुके मंत्रियों ने भाजपा संगठन को आंखें दिखाना शुरु भी कर दी हैं। जबकि भाजपा का राष्ट्रीय संगठन जिस कार्पोरेट संस्कृति का अनुसरण कर रहा है उसमें चेहरे से ज्यादा अंकों का महत्व है । जिसने सेवा कार्य में ज्यादा अंक जीते हैं उसे कमान थमाई जा रही है। यही फार्मूला अपनाकर तीनों राज्यों में नए नेतृत्व को अवसर दिया गया है। कांग्रेस संस्कृति की घिसी पिटी परिवारवादी अवधारणा को छोड़कर ही भाजपा आज कार्यकर्ताओं की आशा का दल बनकर उभरी है। मध्यप्रदेश में तो कार्यकर्ताओं की एक बड़ी जमात बरसों से सत्ता की बाट जोह रही है ऐसे में शिवराज की विदाई हो या मंत्रियों की संभावित विदाई उसे देखने की दृष्टि बदलने का समय आ गया है।


    दरअसल जब हम मानना शुरु कर देते हैं जो जानने की वैज्ञानिक दृष्टि लुप्त प्राय हो जाती है। महाभारत युद्ध में श्रीकृष्ण के कहने पर अर्जुन ने हनुमानजी का आवाहन कर उनको रथ के ऊपर पताका के साथ विराजित किया। अर्जुन का रथ श्रीकृष्ण चला रहे थे और शेषनाग ने पृथ्वी के नीचे से अर्जुन के रथ के पहियों को पकड़ा था, जिससे रथ पीछे न जाए। इतना सब कुछ अर्जुन के रथ की रक्षा के लिए भगवान ने व्यवस्था की थी।


    महाभारत युद्ध समाप्ति के बाद अर्जुन ने भगवान से कहा पहले आप उतरिए मैं बाद में उतरता हूं, इस पर भगवान बोले नहीं अर्जुन पहले तुम उतरो। भगवान के आदेशनुसार अर्जुन रथ से उतर गए, थोड़ी देर बाद श्रीकृष्ण भी रथ से उतर गए, तभी शेषनाग पाताल लोक चले गए। हनुमानजी भी तुरंत अंतर्ध्यान हो गए। रथ से उतरते ही श्रीकृष्ण अर्जुन को कुछ दूर ले गए। इतने में ही अर्जुन का रथ तेज अग्नि की लपटों से धूं-धूं कर जलने लगा। अर्जुन बड़े हैरान हुए और श्रीकृष्ण से पूछा, भगवान ये क्या हुआ!


    कृष्ण बोले- ‘हे अर्जुन- ये रथ तो भीष्मपितामह, द्रोणाचार्य और कर्ण के दिव्यास्त्रों के वार से बहुत पहले ही जल गया था, क्योंकि पताका लिए हनुमानजी और मैं स्वयं रथ पर बैठा था, इसलिए यह रथ मेरे संकल्प से चल रहा था। अब जब कि तुम्हारा काम पूरा हो चुका है, तब मैंने उसे छोड़ दिया, इसलिए अब ये रथ भस्म हो गया।’


    व्यक्ति को लगता है कि उसके प्रभाव, बल, बुद्धि से सब हो रहा है, लेकिन जीवन में ऐसा बहुत कुछ होता है जो प्रभु कृपा या गुरु कृपा से हो रहा है, पर हमारा अहंकार कृपा को मानने को तैयार नहीं होता, जिस कारण अहंकार बढ़ता जाता है।ऐसा ही कुछ शिवराज सिंह चौहान और उनके समर्थकों के साथ हो रहा है। शिवराज जी के नेतृत्व में तो भाजपा सरकार पिछला चुनाव हार चुकी थी। खुद शिवराज जी सार्वजनिक तौर पर बोल चुके थे कि मैं मुक्त हुआ। ये अलग बात है कि किसी नए ब्रांड की तैयारी न होने की वजह से कांग्रेस की सरकार गिरने के बाद शिवराज जी को जवाबदारी सौंपी गई थी। ये शिवराज जी भी अच्छी तरह जानते थे कि उनके नेतृत्व में चुनाव लड़ा जरूर जा रहा है लेकिन उन्हें सत्ता की बागडोर पार्टी के सुपुर्द करनी है। यही वजह है कि वे प्रदेश के कर्ज लिए धन से चलाई जा रहीं योजनाओं का श्रेय बटोरने का प्रयास करने लगे थे उन्हें लगता था कि जनता में उनकी लोकप्रियता को देखकर भाजपा हाईकमान हमेशा की तरह एक बार फिर लाचार हो जाएगा और मजबूर होकर उन्हें ही एक बार फिर प्रदेश की बागडोर सौंप देगा।


    यथार्थ तो ये है कि शिवराज की सत्ता काफी पहले ही विदा हो चुकी थी। वे तो सत्ता माफिया और चमचों की फौज के सहारे जैसे तैसे अपना काम चला रहे थे। शिवराज का कार्यकाल राज्य के इतिहास में मजबूरी का काल कहा जाएगा। जिस तरह से सत्ता पर शिव राज की ताजपोशी हुई और जिस तरह उन्होंने अपना एकछत्र साम्राज्य स्थापित करने के लिए पार्टी के स्वाभाविक नेतृत्व की नर्सरी को मटियामेट किया उससे पार्टी के भीतर बड़ा आक्रोश फैला चुका था।चुनाव जीतने की मजबूरी के चलते कार्यकर्ताओं ने चुप्पी साध रखी थी। भाजपा संगठन के सख्त तेवरों और उमा भारती की राजनीतिक दुर्दशा को देखकर कोई भी नया क्षत्रप खड़ा नहीं हो सका था। खुद मोहन यादव भी सत्ता सिंहासन के लिए अपनी जमात नहीं खड़ी कर पाए। आज भी उन्हें मालूम है कि यदि उन्होंने किसी लाबी का सहारा लेकर अपनी मनमानी की तो पार्टी के भीतर मजबूत हो चुके कई कार्यकर्ता उन्हें बर्दाश्त नहीं करेंगे। यही वजह है कि उन्हें अपना मंत्रिमंडल घोषित करने में देरी हो रही है। भाजपा हाईकमान ने राज्यों की सत्ता में मनमानी रोकने के लिए क्षेत्रीय स्तर पर प्रशासनिक अफसरों और पुलिस अफसरों की सत्ता का विकेन्द्रीकरण किया है। यही कुछ वह अपने मंत्रिमंडल में भी करने जा रही है। शिवराज और उनके मंत्रियों को सत्ता के मार्गदर्शन का अवसर जरूर मिलेगा। इससे ज्यादा की उम्मीद वे न रखें तो अच्छा होगा क्योंकि अब प्रदेश को सख्त सर्जरी की जरूरत भी है।

  • कांग्रेस की विदाई में त्रिदेव ने निभाई बड़ी भू्मिका

    कांग्रेस की विदाई में त्रिदेव ने निभाई बड़ी भू्मिका


    कांग्रेस की विचारधारा और नीतियों को विदाई देकर तीन राज्यों में भाजपा की सरकार बनाकर देश के मतदाताओं ने स्पष्ट संदेश दिया है। भारतीय जनता पार्टी तो इस संदेश को बहुत हद तक समझ रही है लेकिन कांग्रेस के दिग्गज इसे लगातार नकारते दिख रहे हैं। कमलनाथ कांग्रेस के अधिकतर बुद्दिजीवी इसे ईवीएम की गड़बड़ी बताकर अपनी हार पर पर्दा डालने का असफल प्रयास कर रहे हैं। इस ऐतिहासिक हार से सबक लेना तो दूर वे जनता पर ही ओछी तोहमत लगा रहे हैं। कांग्रेसी और उनके पिछलग्गू भाजपाई इन चुनावी नतीजों को कमतर बताने के लिए इसे लाड़ली बहना की देन बता रहे हैं। नतीजों का इस तरह का सरलीकरण करके वे सत्ता की फिसलन भरी सीढ़ियों पर खुद को जमाए रखने का प्रयास ही कर रहे हैं।
    भोपाल दक्षिण पश्चिम के नवनिर्वाचित विधायक और भाजपा के प्रदेश महामंत्री भगवान दास सबनानी बताते हैं कि जबसे चुनावी महासमर का मंथन शुरु हुआ था तभी से भारतीय जनता पार्टी संगठन ने अपनी भूमिका स्पष्ट रूप से तैयार कर ली थी। प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने अमितशाह के दिए मंत्र के अनुसार बूथ अध्यक्ष,महामंत्री और बूथ लेवल एजेंट यानि बीएलए को मैदानी जवाबदारी सौंपी थी।इन्ही त्रिदेवों ने मतदाताओं को ई वी एम तक पहुंचा दिया।पन्ना प्रभारी, पन्ना समिति, और शक्ति केन्द्र टोली इसके साथ खड़ी थी। यही वजह है कि जिन चुनावी क्षेत्रों में षड़यंत्रों की इबारत लिखी गई वहां भी भाजपा का संगठन मजबूती से प्रत्याशी के समर्थन में खड़ा था।
    यही वजह है कि भारतीय जनता पार्टी तमाम सर्वेक्षणों से आगे देखकर अपनी जीत पर आश्वस्त था। आज कांग्रेस को ये नतीजे भले ही अचंभित कर रहे हों लेकिन इसके पीछे भारतीय जनता पार्टी के संगठन की प्रतिबद्धता वह समझ ही नहीं पा रही है। इसकी वजह केवल यही कि कांग्रेस का संगठन तो नदारद था। कमलनाथ बयानबाजी को ही अपनी जीत का आधार मान रहे थे। कांग्रेस के प्रवक्ताओं को भी लगता था कि कमलनाथ कोई चमत्कार कर रहे हैं। लेकिन जब नतीजे सामने आए तो वे बौखला गए। जबसे इन पांच राज्यों की चुनावी बहसें शुरु हुईं थीं तबसे कम से कम मध्यप्रदेश में कहा जा रहा था कि जनता बदलाव चाहती है। राजस्थान में कहा जाता है कि वहां का मतदाता हर बार सत्ता बदल देता है।
    मध्यप्रदेश में कहा जा रहा था कि जनता शिवराज सिंह चौहान के चेहरे से ऊब गई है इसलिए वह बदलाव चाहती है। जबकि हकीकत ये है कि जनता को ये नहीं मालूम था कि उसका खलनायक कौन है। मध्यप्रदेश में जनता की बैचेनी की वजह यहां की नौकरशाही रही है। कांग्रेस और फिर उसकी पूंछ पकड़कर चलने वाली शिवराज सिंह चौहान की भारतीय जनता पार्टी ने जिस दरियादिली से सरकारी नौकरियां बांटीं उससे प्रदेश की आय और व्यय में असंतुलन पैदा हो गया है। मध्यप्रदेश में दस लाख से अधिक परिवार ऐसे हैं जिनमें एक न एक सदस्य सरकारी नौकरी कर रहा है। सरकारी नौकरियों में भी वेतनमान इतने अधिक हो गये हैं कि उसकी तुलना में प्रदेश के उत्पादक कार्यों में लगे लगभग आठ करोड़ लोग नेपथ्य में चले गए थे। इन्हीं को भाजपा संगठन ने अपनी हितग्राही मूलक योजनाओं से अपना तारण हार बना लिया। कमलनाथ कांग्रेस ने अपनी हार होते देखकर चुनावी चर्चाओं के बीच वादा कर दिया था कि वह सत्ता में आकर पुरानी पेंशन लागू कर देगी। इसके बावजूद कांग्रेस की डेढ़ साल का अनुभव कर्मचारी भूले नहीं थे। उन्हें मालूम था कि सत्ता में आकर कांग्रेसी तबादले और पोस्टिंग के धंधे में मशगूल हो जाएंगे। यही वजह थी कि पुरानी पेंशन का फार्मूला भी फिसड्डी हो गया। सरकारी कर्मचारियों ने जो मिल रहा है वही स्वीकार करने का मन बना लिया। नतीजा सामने है सरकारी कर्मचारियों ने कोई बड़ा फेरबदल नहीं किया। हालांकि डाक मतपत्रों के नतीजों को देखकर लग रहा था कि कोई बड़ा फेरबदल होगा।
    दरअसल में भारतीय जनता पार्टी ने जो हितग्राही मूलक योजनाएं चलाईं उनका लाभ लेने वाला इतना बड़ा वर्ग देश में तैयार हो गया है कि उसकी तुलना में जनधन की मलाई खाने वालों की भीड़ नगण्य रह गई है। भाजपा ने सत्ता का लाभ आम नागरिकों तक पहुंचाने के कई आयाम विकसित कर दिए हैं। चाहे लाड़ली बहना योजना हो, लाड़ली लक्ष्मी योजना हो, किसान सम्मान निधि हो, जलजीवन मिशन हो या फिर शौचालय निर्माण सभी ने देश के आम जनजीवन को प्रभावित किया है। यही वजह है कि कांग्रेस की फूट डालो राज करो की पूरी विचारधारा ही नेपथ्य में चली गई है।
    कांग्रेस की नीतियां समाज के एक वर्ग को खलनायक बनाने और दूसरे वर्ग से उस पर पत्थर फिंकवाने की रही है। जिसे इस बार जनता ने साफ तौर पर नकार दिया है।पहली बार देश से कांग्रेस के सफाए की शुरुआत हुई है। इन चुनावी नतीजों ने कांग्रेस की पूंछ पकड़कर चल रही शिवराज भाजपा से आगे निकलकर एक राजमार्ग दिखा दिया है। आज की भारतीय जनता पार्टी के सामने कांग्रेस की नीतियों को बरकरार रखने की अनिवार्यता नहीं रही है। भाजपा अब अपनी सकारात्मक सोच को बेधड़क लागू कर सकती है।
    पिछले दो दशकों में भाजपाईयों को नहीं मालूम था कि वे क्यों सत्ता में भेजे गए हैं। शिवराज सिंह चौहान ने भी केवल नौकरशाही के भरोसे रहकर सत्ता चलाई जिससे जनता को ये नहीं महसूस हुआ कि प्रदेश की राजनीति किस नई राह पर चल पड़ी है। इस बार जिस तरह नौकरशाही को जमीन दिखाई गई है वह अनोखी कवायद है। पहली बार सरकार नौकरशाही के चंगुल से बाहर निकली है। जाहिर है कि अब आने वाली मध्यप्रदेश की सरकार ब्लैकमेलिंग के जाल से बाहर निकल आई है। अब उसे न सरकारी तंत्र की ब्लैकमेलिंग के सामने मजबूर होकर खड़ा होना है न ही प्रेस के माध्यम से चलाई गई माफिया की मुहिम के सामने लाचार होना है। वह प्रदेश को विकास के राजपथ पर बेधड़क लेकर चल सकती है।
    मुख्यमंत्री के चयन में हो रही देरी को देखकर लोगों को लगता है कि भाजपा किसी असमंजस में है।केन्द्र की भाजपा ने अमित शाह ने बच्चों के साथ शतरंज खेलते हुए दिखाकर बता दिया है कि वह शह और मात के खेल में नया अध्याय लिखने जा रही है। आगामी आम चुनावों में देश नतीजों पर अपना फैसला सुनाने वाला है और भाजपा लगातार अपनी सफलताओं के नतीजे जनता के सामने प्रस्तुत कर रही है। तीनों राज्यों में भाजपा ने न केवल अपनी सफलताओं की कहानी लिखी है बल्कि वह नतीजों का अहसास अपनी नीतियों से करवाने में भी सफल रही है। आज ठेठ गांव के निवासी हों या उद्योंगों से जुड़े मजदूर सभी को पता है कि किस तरह से भाजपा की सरकारें उनका जीवन बदलती जा रहीं हैं। ऐसे में कांग्रेस तो क्या किसी अन्य दल को भी अपना अस्तित्व बचाने का भरोसा नहीं रहा है। कांग्रेस के दिग्गजों को पता है कि कि वे पुरानी राजनीति की अपनी इबारत खो चुके हैं। भाजपा अब एक नई भाजपा बन रही है। भाजपा का ये नया संस्करण भाजपा को विस्थापित करके सत्ता में आने जा रहा है।ऐसे में कांग्रेस हो या सपा,या फिर आप पार्टी किसी की कोई गुंजाईश नहीं बची है। जाहिर है कि आम चुनावों की इबारत साफ है। भाजपा अब देश का चुनाव भी भारी बहुमत से जीतने जा रही है। तीन राज्यों की जीत ने बता दिया है कि जनता की राय में अब और भी तेज इजाफा होने जा रहा है।
    भाजपा अब इन तीन राज्यों में सरकार का जो माडल पेश करने जा रही है वह परम्परावादी राजनीति के ऐसे अध्याय के रूप में सामने आ रहा है जो न किसी ने देखा न पढ़ा न सुना है। भारत अब न केवल विश्व गुरु बनने जा रहा है बल्कि वह पूरी दुनिया का अनूठा सेवक भी बनने जा रहा है। दुनिया की तमाम शक्तियों के बीच जो नया सूर्योदय होने जा रहा है उसके पक्ष में अब मध्यप्रदेश की जनता ने भी अपना फैसला सुना दिया है। भाजपा को इसी फैसले का इंतजार था और राष्ट्रवादियों ने भारतमाता के इसी श्रंगार का स्वप्न देखा था जो अब पूरा होने जा रहा है।संशय को बादल लगातार छंटते जा रहे हैं। राष्ट्रवादियों की कई पीढ़ियां इसी का इंतजार कर रहीं थीं।

  • कम्युनिस्ट नेत्री साधना कार्णिक ने आरिफ नगर में चश्मे बांटे

    कम्युनिस्ट नेत्री साधना कार्णिक ने आरिफ नगर में चश्मे बांटे

    भोपाल, 7 दिसंबर(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। भोपाल गैस काण्ड की 40 वो बरसी के कार्यक्रमों श्रृंखला के अंतर्गत आज आरिफ नगर स्कूल में गैस पीड़ित बच्चो महिलाओं का स्वास्थ्य कैंप लगाया गया। इसमें गैस पीड़ितों की समस्याओं की आवाज उठाने वाली कम्युनिस्ट नेता और समाजसेवी साधना कार्णिक प्रधान ने आंखों के इलाज के लिए चिकित्सा शिविर का आयोजन किया और जरूरत मंदों को चश्मे भी वितरित किए।


    भोपाल गैस पीड़ित संघर्ष सहयोग समिति की संयोजक साधना कर्णिक प्रधान ने बताया की भोपाल गैस काण्ड की 40 वीं बरसी के कार्यक्रमों के तहत पीड़ितो के परिवारों और उनके बच्चो के विभिन्न स्वास्थ्य , पुनर्वास , शिक्षा एवम जागरूकता कार्यक्रमों की शुरुआत की गई है। उसी श्रृंखला के तहत आज यूनियन कार्बाइड के पास जेपी नगर के सामने आरिफ नगर सरकारी स्कूल में गैस पीड़ित परिवारों के 300 बच्चो व 250 महिलाओं के आंखों की जांच कर उन्हे चश्मे प्रदान किए गए ।


    उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य कैंप में पहचान किए गए मोतियाबिंद के 20 मरीजों में से 10 मरीजों को ऑपरेशन के लिए गाड़ी से चिरायु अस्पताल भेजा गया । इसी के साथ कैंसर स्पेशलिस्ट डॉक्टर अलका चतुर्वेदी द्वारा गैस पीड़ित महिलाओं को कैंसर जागरूकता के संबंध में शिक्षाप्रद जानकारी भी प्रदान की गई । साधना कर्णिक ने बताया की स्वास्थ्य कैंप , जैन एकता मंच , सर्वोदय , चाइल्ड केयर काउंसिल के सहयोग से लगाया गया है।उन्होंने बताया कि गैस पीड़ितों की मदद के लिए इस तरह के आयोजन सालभर किए जाएंगे।

  • जनधन खाते,आधार और मोबाईल ने तहस नहस किया कांग्रेस का भ्रष्ट तंत्र बोले प्रधानमंत्री

    जनधन खाते,आधार और मोबाईल ने तहस नहस किया कांग्रेस का भ्रष्ट तंत्र बोले प्रधानमंत्री

    न गरीबों का पैसा लुटने दूंगा, न कांग्रेस नेताओं की तिजौरी भरने दूंगाः नरेंद्र मोदी

    जबलपुर,5 अक्टूबर(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। आज के युवाओं को पता नहीं होगा कि 2014 में मोदी के आने से पहले देश में हजारों करोड़ के घोटाले होते थे। गरीबों का पैसा नेताओं की तिजौरियों में जा रहा था। 2014 में जब जनता ने मुझे मौका दिया, तो हमारी सरकार ने भ्रष्ट व्यवस्थाओं को बदलने का अभियान चलाया। 11 करोड़ फर्जी नाम दफ्तरों से हटाए। ये नाम उन लोगों के थे, जो कभी पैदा ही नहीं हुए, लेकिन से देश का खजाना लूट रहे थे, गरीबों का हक लूट रहे थे। ये लोग इसीलिए मुझ पर गुस्सा हो रहे हैं क्योंकि मैंने कमीशन का खेल बंद कर दिया। मेरा संकल्प है, गरीब का पैसा लुटने नहीं दूंगा और कांग्रेसियों की तिजौरी भरने नहीं दूंगा। हमने जनधन, आधार और मोबाइल की त्रिशक्ति से कांग्रेस के भ्रष्ट तंत्र को तहस-नहस कर दिया। यह बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को वीरांगना रानी दुर्गावती की 500 वीं जयंती पर जबलपुर में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए कही। इस अवसर पर प्रधानमंत्री श्री मोदी ने रानी दुर्गावती के भव्य स्मारक समेत 8300 करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया। इस दौरान मंच पर राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान एवं पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा सहित केंद्रीय मंत्री एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

    आज कांग्रेस की सरकार होती, तो कितनी बड़ी चोरी हो रही होती
    प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि कांग्रेस के ही एक प्रधानमंत्री कहते थे कि हम दिल्ली से 1 रुपया भेजते हैं, लेकिन गरीब के पास तक सिर्फ 15 पैसा पहुंचता है। 85 पैसे कोई पंजा खींच लेता था। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने जनधन खातों, आधार और मोबाइल की त्रिशक्ति के प्रयोग से देश के, गरीबों के 2.5 लाख करोड़ रुपये गलत हाथों में जाने से बचाए और आज गरीबों का हर पैसा उनके हित में काम आ रहा है। उज्जवला योजना में हम रियायती सिलेंडर दे रहे हैं। मुफ्त राशन पर 3 लाख करोड़ खर्च हो रहे हैं। आयुष्मान भारत योजना में 5 करोड़ परिवारों को मुफ्त इलाज मिल रहा है, उस पर 70 हजार करोड़ खर्च हो रहे हैं। हमारी सरकार किसानों को 3000 रुपये मूल्य का यूरिया लगभग 300 रुपये में उपलब्ध करा रही है। इस पर 8 लाख करोड़ खर्च हो रहे हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में 2.5 लाख करोड़ रुपया किसानों के खातों में जा चुका है। हमारी सरकार ने गरीबों को पक्का घर देने के लिए 4 लाख करोड़ खर्च किए हैं। अगर ये पूरा पैसा जोड़ लिया जाए, तो कितना होगा? सोचकर देखिए, अगर आज कांग्रेस की सरकार होती, तो कितनी बड़ी चोरी हो रही होती?

    हमारे देश में तेजस्वी, तपस्वी महापुरुषों को भुला दिया गया
    प्रधानमंत्री श्री मोदी ने वीरांगना रानी दुर्गावती की 500 वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि पूरा देश आज रानी दुर्गावती जी की जयंती मना रहा है। हमने जनजातीय गौरव यात्राओं के दौरान उनकी जयंती को राष्ट्रीय स्तर पर मनाने का आह्वान किया था और आज हम सब एक पवित्र कार्य करने के लिए, अपने पूर्वजों का ऋण चुकाने के लिए एकत्र हुए हैं। आज वीरांगना रानी दुर्गावती के एक भव्य स्मारक का भूमिपूजन हुआ है, जिसके बन जाने के बाद देश का हर व्यक्ति का मन उसे देखने के लिए मचलेगा और जबलपुर एक यात्राधाम बन जाएगा। श्री मोदी ने कहा कि रानी दुर्गावती का जीवन हमें सर्वजन हिताय की सीख देता है और मुश्किलों से संघर्ष का हौंसला भी देता है। दुनिया के किसी भी देश में उनके जैसा कोई नायक या नायिका होती, तो वह देश उछलकूद करने लगता। लेकिन हमारे देश में अपने महापुरुषों को भुला दिया गया। तेजस्वी, तपस्वी महापुरुषों को भुला दिया गया।

    जिस दल ने दशकों तक सरकार चलाई, उसने जनजातियों को सम्मान नहीं दिया
    श्री मोदी ने कहा कि देश की जनजातियों का आजादी से लेकर संस्कृति और स्वाभिमान की रक्षा तथा विरासत को संजाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। लेकिन जिस दल ने आजादी के बाद इतने दशकों तक देश में सरकार चलाई, उसने इन जनजातियों को सम्मान नहीं दिया, उनके योगदान को भुला दिया। पहली बार भाजपा की सरकार आने पर पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटलजी की सरकार ने अलग से जनजातीय मंत्रालय बनाया और बजट भी आवंटित किया। भाजपा के समय में ही देश में पहली जनजातीय समाज की महिला राष्ट्रपति बनी। भगवान बिरसा मुंडा की जयंती जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत भाजपा की सरकार ने की। हबीबगंज स्टेशन का नाम रानी कमलापति और पातालपानी स्टेशन का नाम जननायक टंट्या भील के नाम पर रखने का काम भाजपा सरकार ने किया। वीरांगना रानी दुर्गावती का जो भव्य स्मारक बनेगा उसमें भी गोंड कला, संस्कृति और इतिहास को प्रदर्शित किया जाएगा।

    ये भाजपा को गाली देते-देते भारत को गाली देने लगे हैं
    प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि जब किसी दल पर स्वार्थ हावी हो, तो उसकी स्थिति का अंदाज कोई भी लगा सकता है। आज पूरी दुनिया में देश की उपलब्धियों की चर्चा हो रही है, लेकिन विरोधी दलों को कुर्सी के अलावा कुछ दिखाई नहीं देता। ये भाजपा को गाली देते देते अब भारत को गाली देने लगे हैं। पूरी दुनिया में डिजिटल इंडिया का डंका बज रहा है, ये उसका मजाक उड़ाते हैं। हमारे वैज्ञानिकों ने कोरोना की वेक्सीन बनाई, जिस पर एक आंखें खोलने वाली फिल्म ‘वेक्सीन वार’ बनी है, लेकिन ये उस पर भी सवाल उठाते हैं। हमारी सेनाएं जब पराक्रम करती हैं, तो ये सवाल उठाते हैं। इन्हें देश के दुश्मनों की, आतंक के आकाओं की बात सही लगती है। आजादी का अमृत महोत्सव पूरे देश का उत्सव था, लेकिन इन्होंने उसका भी मजाक उड़ाया। अब हम पूरे देश में अमृत सरोवर बना रहे हैं, तो इन्हें उसमें भी दिक्कत हो रही है।

    कांग्रेस को नहीं थी माता-बहनों के स्वास्थ्य की परवाह
    श्री मोदी ने कहा कि आज हजारों करोड़ के कार्यों का भूमिपूजन, लोकार्पण हुआ है। इसमें गैस की पाइपलाइन और फोरलेन सहित अनेक जीवन बदलने वाले प्रोजेक्ट शामिल हैं। इनके तैयार हो जाने पर यहां फैक्ट्रियां लगेंगी, युवाओं को रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि माताओं, बहनों को धुएं से मुक्त रसोई देना भाजपा की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। एक रिसर्च कहती है कि हमारी माता-बहनें जब चूल्हे पर खाना बनाती हैं, तो 24 घंटे में उनके शरीर में 400 सिगरेट के बराबर धुआं जाता है। हमारी सरकार ने माता-बहनों को इस धुएं से मुक्ति दिलाई। अगर कांग्रेस चाहती, तो पहले भी ये काम कर सकती थी, लेकिन उन्हें हमारी माता-बहनों के स्वास्थ्य की चिंता नहीं थी। श्री मोदी ने कहा कि रक्षाबंधन पर हमारी सरकार ने उज्जवला योजना के सिलेंडर को सस्ता किया था, अब दुर्गापूजा, नवरात्रि, दशहरा और दीवाली आने वाले हैं, इसलिए उज्जवला के गैस सिलेंडर पर 100 रुपये और कम किए जा रहे हैं। इसका मतलब है पिछले कुछ सप्ताह में ही हमारी सरकार ने इस सिलेंडर की कीमत 500 रुपये कम कर दी है। आने वाले समय में लोगों को और सस्ती गैस मिल सके, इसके लिए भाजपा सरकार काम कर रही है, गैस पाइपलाइन बिछाई जा रही है।

    विकसित और समृद्ध मध्यप्रदेश के लिए सही फैसला लें
    श्री मोदी ने कहा कि मैं मां नर्मदा के तट से एक बात कह रहा हूं, मेरे शब्द लिख लो। आने वाला समय मध्यप्रदेश के लिए बहुत महत्वपूर्ण समय है। मध्यप्रदेश आज ऐसे मुहाने पर है कि अगर इसके विकास की रफ्तार में कोई भी रुकावट आई, तो वो रफ्तार आने वाले 20-25 सालों तक नहीं मिलेगी। आने वाले 25 साल बहुत महत्वपूर्ण हैं और हमें विकास की गति को रुकने नहीं देना है। ये आज के युवाओं की जिम्मेदारी है कि जब उनके बच्चे बड़े हों तो उन्हें एक विकसित, समृद्ध और आन-बान-शान वाला मध्यप्रदेश मिले। इसके लिए सबसे महत्वपूर्ण है कि आप सही फैसला लें।

    मध्यप्रदेश को हर क्षेत्र में नंबर-1 बनाना है
    प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि आज देश का रक्षा निर्यात कई गुना बढ़ा है, जिसमें जबलपुर की फैक्ट्रियों का भी योगदान है। केंद्र सरकार अपनी सेनाओं को मेड इन इंडिया हथियार दे रही है, जिससे हथियारों का उत्पादन बढ़ेगा और युवाओं को रोजगार मिलेंगे। उन्होंने कहा कि आज भारत का आत्मविश्वास नई बुलंदी पर है। खेल के मैदान से लेकर खेतों तक भारत का परचम लहरा रहा है। एशियाड में हमारे खिलाड़ी शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। सारी दुनिया कह रही है ये समय भारत के युवाओं का समय है। युवाओं को जब अवसर मिला, तो भारत जी-20 समिट जैसा सफल आयोजन कर पाया। युवाओं को अवसर मिला, तभी चंद्रयान चंद्रमा के उस तरफ उतरने में सफल हुआ, जहां अभी तक कोई नहीं पहुंच पाया था। युवाओं को अवसर मिला, तभी लोकल के लिए वोकल का मंत्र गूंजता है। गांधी जयंती पर दिल्ली के एक ही शो रूम से 1.5 करोड़ की खादी बिकी। जब से हमारे बेटे-बेटियों ने बागडोर संभाली है, स्वदेशी की भावना हर तरफ बढ़ रही है। श्री मोदी ने कहा कि 1 अक्टूबर को जब स्वच्छता अभियान चलाया गया, तो 9 लाख जगहों पर स्वच्छता अभियान चलाए गए और 9 करोड़ से ज्यादा लोगों ने इन अभियानों में भागीदारी कर सफाई की। मध्यप्रदेश के युवाओं ने स्वच्छता में प्रदेश को अव्वल बनाया। हमें इसी जज्बे को आगे ले जाना है और मध्यप्रदेश को हर क्षेत्र में नंबर-1 बनाना है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में मध्यप्रदेश विकास के मामले में टॉप पर रहेगा, ये मोदी का संकल्प है और विकास के इस संकल्प को महाकोशल और मध्यप्रदेश की जनता, यहां के युवा पूरा करेंगे।

    ये एक परिवार की चरणवंदना करते हैं, भाजपा करती है सबका सम्मान
    श्री मोदी ने कहा कि आजादी के बाद दशकों तक सरकार चलाने वाले दल ने एक ही परिवार की चरणवंदना की। जबकि देश को आजादी इस एक ही परिवार ने नहीं दिलाई, न देश का विकास इस एक परिवार ने किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सभी को एक दृष्टि से देखती है और हर वर्ग को सम्मान देती है। भाजपा की सरकार ने महू में डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर के सम्मान में पंचतीर्थ का विकास किया, तो सागर में संत रविदास जी का स्मारक बनाया जा रहा है। परिवारवाद और भ्रष्टाचार में डूबे इन दलों ने आदिवासियों के संसाधनों को लूटा है। इनकी सरकार के समय सिर्फ 8-10 वनोपज पर ही एमएसपी दी जाती थी, हमारी सरकार ने 90 वनोपज के लिए एमएसपी घोषित की है। इनके समय में छोटे किसानों के कोदों, कुटकी जैसे अनाज को महत्व नहीं मिला। हम इन्हें श्रीअन्न के रूप में सारी दुनिया में ले जा रहे हैं और जी-20 समिट में आए मेहमानों को भी इन्हीं से बने पकवान परोसे गए। उन्होंने कहा कि इन्होंने नारी शक्ति को नजरअंदाज किया, हमने नारी शक्ति वंदन अधिनियम बनाया। विश्वकर्मा साथियों के लिए हमारी सरकार ने 13000 करोड़ की योजनाएं बनाई हैं। श्री मोदी ने कहा कि भाजपा की सरकार गरीबों की सरकार है।

    खुले वाहन में सवार होकर जन समूह के बीच जन दर्शन करने पहुँचे प्रधानमंत्री
    प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान एवं भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा के साथ खुले वाहन पर सवार होकर कार्यक्रम स्थल में प्रवेश किया। प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा किए गए जन दर्शन के दौरान कार्यक्रम में भारी संख्या में मौजूद जनसमूह ने करतल ध्वनि और नारे लगाकर उनका आत्मीय स्वागत किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मौजूद महिलाओं सहित सम्पूर्ण जन समूह ने प्रधानमंत्री श्री मोदी के सम्मान में लिखी हुईं तख्तियाँ लहराकर प्रधानमंत्री श्री मोदी के प्रति अपना आभार जताया।

    कांग्रेस ने सिर्फ एक परिवार का महिमा मंडन किया, मोदी जी ने जनजातीय महापुरुषों का सम्मान: मुख्यमंत्री

    मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि कई बार मन में तकलीफ होती है कि एक पार्टी जो वर्षों तक सत्ता में रही, उसने केवल अपनी पार्टी के लोगों का ही महिमामंडन किया, मुझे गर्व है ये कहते हुए अगर रानी दुर्गावती जी की प्रतिमा लगाई तो भाजपा की सरकार ने लगाकर उन्हें श्रद्धा के सुमन अर्पित किया। प्रधानमंत्री जी को हृदय से धन्यवाद देता हूँ कि प्रधानमंत्री जी ने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर जनजातीय गौरव दिवस दिवस मनाने की घोषणा की। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने रानी दुर्गावती, टंट्या मामा, भीमानायक जैसे हमारे जनजातीय महापुरुषों का सम्मान किया। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की प्रेरणा से रानी दुर्गावती जी के स्मारक का निर्माण हो रहा है। उन्ही की प्रेरणा से आज मंडला के मेडिकल कॉलेज का नाम हृदय शाह मेडिकल कॉलेज है। छिंदवाड़ा के विश्वविद्यालय का नाम शंकर शाह विश्वविद्यालय है और ये प्रधानमंत्री जी ही हैं, जिनके कारण भोपाल के हबीबगंज का नाम रानी कमलापति रेलवे स्टेशन किया गया। उन्होंने कहा कि रघुनाथ शाह और शंकर शाह जी के जयंती पर दो साल पहले केंद्रीय मंत्री अमित शाह जी पधारे थे तब हमने 14 घोषणाएं की थी, आज वो घोषणाएं पूर्ण हो चुकी हैं। श्री चौहान ने कहा कि पेसा एक्ट की मांग वर्षों से रही लेकिन सत्ता में रही कांग्रेस ने कभी भी इसको लागू नहीं किया। पेसा एक्ट धरती पर उतारकर भाजपा की सरकार ने जनजातीय समुदाय का कल्याण किया। आज पेसा एक्ट जनजातीय भाइयों - बहनों को जल, जंगल और जमीन के अधिकार दे रहा हैं। 

    कमलनाथ ने गरीबों का हक़ और अधिकार छीनकर अपराध और पाप किया
    मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश प्रगति के पथ पर अग्रसर हैं। मध्यप्रदेश भी मोदी जी के नेतृत्व में आज हर दिशा में आगे बढ़ रहा है। मोदी जी ने आयुष्मान कार्ड योजना से गरीबों की चिंता की। मध्यप्रदेश में हमने गरीबों को 70 लाख से अधिक आयुष्मान कार्ड बनाकर उनको सुरक्षा कवच प्रदान किया। आज देश में सबसे अधिक आयुष्मान कार्ड मध्यप्रदेश में बनाए गये है। प्रधानमंत्री आवास योजना गरीब आदिवासियों के लिए वरदान बनकर आई। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने आवास योजना ग्रामीण में 38 लाख मकान स्वीकृत कियें, हमने 35 लाख 34 हजार घर बनाकर गरीबों को गृह प्रवेश करवाया। आज गरीबों को पक्के घर मिल रहें है लेकिन जब प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी तब कमलनाथ ने प्रधानमंत्री श्री मोदी जी के भेजे घर वापिस कर दिए। कमलनाथ ने गरीबों के घर नहीं बनायें, गरीबों के आयुष्मान कार्ड नहीं बनने दियें और आदिवासी किसानों को मिलने वाली सम्मान निधि से भी वंचित रखा। सरकार में रहते हुए कमलनाथ ने गरीबों का हक़ और अधिकार छीनकर अपराध और पाप किया।

    आज मध्यप्रदेश विकास और योजनाओं के क्रियान्वयन में नम्बर वन
    मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कभी कांग्रेस के राज में मध्यप्रदेश बीमारू राज्य कहलाता था, आज समृद्ध राज्य बन रहा है। आज 3 लाख किमी की शानदार सड़कें हमने बनाई हैं। हमने सिंचाई की 47 लाख हेक्टेयर में व्यवस्था की है। आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश लगातार विकास कर रहा है। उन्होंने कहा कि हमने हर वर्ग के विकास के लिए योजनाएं बनाई साथ ही केंद्र की योजनाओं का सफल क्रियान्वयन भी किया। आज मध्यप्रदेश पीएम स्ट्रीट वेंडर योजना में नम्बर वन है, किसानों के लिए शुरू की गयी स्वामित्व योजना में मध्यप्रदेश नम्बर एक पर है। श्री मोदी जी ने बहनों के लिए मातृ वंदना योजना शुरू की उसके क्रियान्वयन में भी मध्यप्रदेश आगे है। स्वच्छता, जल सरंक्षण में भी आज मध्यप्रदेश नम्बर एक पर है। प्रधानमंत्री श्री मोदी जी के ड्रीम प्रोजेक्ट कहे जाने वाले स्मार्ट सीटी के क्रियान्वयन में आज मध्यप्रदेश आगे है।

    इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री श्री फग्गन सिंह कुलस्ते, श्री प्रहलाद पटेल, सांसद व पूर्व प्रदेश अध्यक्ष श्री राकेश सिंह, पार्टी के राष्ट्रीय मंत्री श्री ओमप्रकाश धुर्वे, प्रदेश शासन के मंत्री श्री गोपाल भार्गव, श्री विजय शाह, श्री राजेन्द्र शुक्ल, श्रीमती मीना सिंह, श्री सुरेश राठखेड़ा, पार्टी की प्रदेश उपाध्यक्ष व सांसद श्रीमती सुमित्रा वाल्मीकि, सांसद डॉ. दुर्गादास उइके, विधायक श्री अजय विश्नोई, श्री अशोक रोहाणी, श्री इंदू तिवारी एवं श्रीमती नंदिनी मरावी उपस्थित रहीं।

  • भाजपा की सेवा भावना को मिला जनता का आशीर्वाद बोले शिवराज

    भाजपा की सेवा भावना को मिला जनता का आशीर्वाद बोले शिवराज

    कार्यकर्ता महाकुंभ 25 को, प्रधानमंत्री जी दिलाएंगे विजय का संकल्प : नरेंद्र सिंह तोमर
    21 दिनों में 223 विधानसभाओं में 10880 कि.मी. चली पांचों जन आशीर्वाद यात्राएंः विष्णुदत्त शर्मा
    जन आशीर्वाद यात्राओं की अभूतपूर्व सफलता पर पार्टी नेताओं ने की मीडिया से चर्चा
    भोपाल, 23सितंबर(प्रेस इंफॉर्मेशन सेंटर)। भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश के विभिन्न अंचलों से पांच जन आशीर्वाद यात्राएं निकाली थीं, जिन्हें अभूतपूर्व सफलता हासिल हुई है। इन यात्राओं को जनता का भरपूर समर्थन मिला है। वास्तव में बीते समय में भाजपा की केंद्र और राज्य सरकारों ने जो काम किए हैं, उनके प्रतिफल ने जनता ने इन यात्राओं को अपना आशीर्वाद दिया है। यात्राओं को मिले अभूतपूर्व जनसमर्थन से यह साफ हो गया है कि प्रदेश में एक बार फिर भाजपा की सरकार बनने जा रही है। इन यात्राओं का समापन पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर 25 सितंबर को भोपाल के जंबूरी मैदान में होगा, जिसमें प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में पार्टी कार्यकर्ता विजय का संकल्प लेंगे। यह बात प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री एवं चुनाव प्रबंधन समिति के प्रदेश संयोजक श्री नरेंद्रसिंह तोमर एवं भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्री विष्णुदत्त शर्मा ने शनिवार को पत्रकारवार्ता को संबोधित करते हुए कही।
    देश की आधी आबादी को मोदी जी ने अमृतकाल में दिलाया पूरा न्यायः शिवराजसिंह चौहान
    पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा कि सबसे पहले मैं नारी शक्ति वंदन अधिनियम संसद के दोनों सदनों से सर्वसम्मति से पारित कराने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को धन्यवाद देना चाहता हूं। प्रधानमंत्री जी की इस पहल से आजादी के अमृतकाल में देश की आधी आबादी को पूरा न्याय मिला है। श्री चौहान ने कहा कि महिला सशक्तीकरण भारतीय जनता पार्टी की प्राथमिकता रही है और मध्यप्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य है, जिसने निकाय चुनावों में महिलाओं को प्रतिनिधित्व देने के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया। गिरते सेक्स रेश्यो को संभालने के लिए लाडली लक्ष्मी योजना शुरू की। उन्होंने कहा कि हम पुलिस की भर्ती में महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण दे रहे हैं, जिसे 35 प्रतिशत तक ले जाएंगे। महिलाओं के लिए स्टाम्प शुल्क में कटौती की है। लाडली बहना योजना में हम 1.32 करोड़ बहनों को 1250 रुपये प्रतिमाह दे रहे हैं, जिसे 3000 रुपये तक ले जाएंगे। श्री चौहान ने कहा कि भाजपा की सरकार ने जनता की जो सेवा की है, उसके कारण उसे जन आशीर्वाद यात्राओं में जनता का भरपूर समर्थन मिला है। इन यात्राओं को अभूतपूर्व सफलता मिली है, जिसके लिए मैं प्रदेश अध्यक्ष श्री विष्णुदत्त शर्मा, पार्टी कार्यकर्ताओं और प्रदेश की जनता का आभार जताता हूं।
    जिसका नेता पहियों वाला सूटकेस सिर पर रखे, उस पार्टी का क्या होगा?
    मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस भी यात्राएं निकाल रही है। हम भी यात्राएं निकालते हैं, एकात्म यात्रा, स्नेह यात्रा, आशीर्वाद यात्रा। कांग्रेस ने तो इन यात्राओं का नाम भी ऐसा रखा है कि जिसे सुनकर मन विचलित हो जाए। कांग्रेस जन आक्रोश यात्राएं निकाल रही है। ये यात्राएं ऐसी हैं, जिनमें कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता एक-दूसरे के प्रति आक्रोश दिखा रहे हैं। कहीं धक्का-मुक्का हो रहा है तो कहीं गोलियां भी चल रही हैं। कमलनाथ इस बाते को जानते हैं, इसलिए वो इन यात्राओं से ही गायब हैं। वहीं, दिग्विजय सिंह का तो फोटो भी इन यात्राओं के पोस्टर में नहीं लगाया गया है। कोई भी यह अनुमान लगा सकता है कि ऐसी पार्टी जिसका नेता पहियों वाले सूटकेस को सिर पर रखकर चलता हो, उसका भविष्य क्या होगा?
    वादे नहीं निभाए, इसलिए कांग्रेस के खिलाफ आक्रोशित है जनता
    श्री चौहान ने कहा कि वास्तव में आक्रोश प्रदेश की जनता में है, कांग्रेस के खिलाफ। 2003 के पहले मि. बंटाढार की सरकार ने प्रदेश की जो दुर्गति की थी, उसको लेकर जनता में आक्रोश है और मि. बंटाढार भी इस बात को मानते हैं। वो कहते हैं कि मेरे जाने से कांग्रेस के वोट कट जाएंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के खिलाफ आक्रोश इसलिए है क्योंकि कमलनाथ की सरकार ने जनहित की योजनाएं बंद कर दी थीं। बच्चों के लेपटॉप छीन लिए थे, संबल योजना बंद कर दी थी और बैगा, भारिया, सहरिया बहनों को मिलने वाली 1000 रुपये की सहायता छीन ली थी। कमलनाथ ने कन्यादान योजना की राशि बढ़ाने की बात कही, लेकिन किसी को भी पैसे नहीं दिए। कमलनाथ ने प्रधानमंत्री आवास योजना में स्वीकृत दो लाख आवास लौटा दिये और गरीबों को पक्के मकान से वंचित कर दिया। जनता इसलिए आक्रोशित है क्योंकि कमलनाथ ने किसान सम्मान निधि योजना के नाम नहीं भेजे। जलजीवन मिशन शुरू नहीं करके माता-बहनों की तकलीफों को नजरअंदाज किया। कमलनाथ सरकार ने किसानों, बेरोजगारों से किए गए वादे पूरे नहीं किए इसलिए प्रदेश की जनता में आक्रोश है। भाजपा ने जनता की सेवा की है, इसलिए उसे जनता का आशीर्वाद मिल रहा है।
    सनातन की आलोचना पर मौनी, वोट के लिए ढोंगी बाबा बन जाते हैं कमलनाथ
    श्री चौहान ने कहा कि कांग्रेस के इंडी गठबंधन में ऐसे-ऐसे नेताओं और दलों को शामिल किया गया है, जो सनातन की आलोचना करते हैं। गालियां देते हैं, डेंगू, मलेरिया और वायरस कह कर अपमानित करते हैं। लेकिन कमलनाथ ने इन नेताओं के खिलाफ एक शब्द नहीं बोला। वे सनातन की आलोचना पर मौनी बाबा बन जाते हैं और जब वोट लेना हो, तो ढोंगी बाबा बन जाते हैं। श्री चौहान ने कहा कि जनता सनातन के इस अपमान को सहन नहीं करेगी और जब उसके आक्रोश का प्रकटीकरण होगा, तो कमलनाथ और उनकी पार्टी कहीं की नहीं रहेगी।
    पार्टी के विजय अभियान में मील का पत्थर साबित होगा कार्यकर्ता महाकुंभः नरेंद्र सिंह तोमर
    पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री एवं प्रदेश चुनाव प्रबंधन समिति के संयोजक श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि जन आशीर्वाद यात्रा का जनता का जो अपार स्नेह और मिला है, यात्रा जिस तरह से अपने उद्देश्य में सफल रही है, उसके लिए मैं प्रदेश अध्यक्ष श्री विष्णुदत्त शर्मा जी, केंद्रीय नेतृत्व और पार्टी कार्यकर्ताओं का आभार प्रकट करता हूं। उन्होंने कहा कि 25 सितंबर को पं. दीनदयाल उपाध्याय जी का जन्मदिन है, जो भारतीय जनता पार्टी के चिंतन के प्रेरणास्रोत हैं। पं. उपाध्याय जी के जन्मदिन पर 25 सितंबर को भारतीय जनता पार्टी द्वारा जंबूरी मैदान में कार्यकर्ता महाकुंभ का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें पूरे प्रदेश के लाखों कार्यकर्ता भाग लेंगे। इस महाकुंभ में कार्यकर्ता प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की उपस्थिति में विजय का संकल्प लेंगे। यह महाकुंभ पार्टी की चुनाव तक की यात्रा और विजय को सुनिश्चित करेगा तथा पार्टी के विजय अभियान में मील का पत्थर साबित होगा।
    इसलिए एमपी के मन में उतर गए मोदी जी
    श्री तोमर ने कहा कि 2003 तीन के बाद मध्यप्रदेश को विकास के पथ पर आगे बढ़ाने में मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान की सरकार ने महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह किया है। उन्होंने कहा कि मुझे यह कहते हुए गर्व हो रहा है कि मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की योजनाओं, जनहित के कामों का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन किया गया है। केंद्र और प्रदेश सरकारें मिलकर मध्यप्रदेश में आमूलचूल परिवर्तन करने का प्रयास कर रही हैं। शिवराज जी ने 44 लाख लोगों को मकान बनाकर दिए, तो एमपी के मन में मोदी होगें ही। इसी तरह जब कोविड के भयानक दौर में बीमारी के कारण भले ही किसी की मौत हुई हो, लेकिन भूख के कारण देश और मध्यप्रदेश में किसी भी व्यक्ति को परेशान नहीं होना पड़ा और शिवराज जी की सरकार ने राज्य के 5 करोड लोगों को मुफ्त में अनाज पहुंचाने में सार्थक भूमिका निभाई। चाहे किसान सम्मान निधि योजना हो, घर-घर में शौचालय का निर्माण हो, या फिर उज्जवला योजना का क्रियान्वयन हो, प्रधानमंत्री श्री मोदी की सरकार लोगों का जीवन स्तर उठाने के लिए जो प्रयास कर रही है, उनमें रंग भरने का काम मुख्यमंत्री श्री शिवराज जी की सरकार कर रही है। श्री तोमर ने कहा कि चुनाव की बेला है, महाकुंभ का समय है और विजय का संकल्प है। मुझे पूरा विश्वास है कि डंबल इंजन की सरकार और भारतीय जनता पार्टी मिलकर प्रदेश में फिर से एक बार सरकार बनाने में सफल होंगी।
    अद्भुत और अद्वितीय है मोदी जी की कार्यशैली
    श्री तोमर ने कहा कि देश में अब तक जितने प्रधानमंत्री हुए हैं, सभी का देश के लिए कुछ न कुछ योगदान रहा है। लेकिन प्रधामनमंत्री मोदी जी की जो कार्य पद्धति है, वो अपने आप में अद्भुत और अद्वितीय है। हाल ही में जी – 20 सम्मेलन हुआ था, उसके घोषणा पत्र में महिलाओं पर एक बड़ा पैरा सर्वसम्मति से शामिल किया गया है। प्रधानमंत्री जी ने संसद का विशेष सत्र बुलाकर महिला आरक्षण बिल को सर्वसम्मति को पास कराकर पूरी दुनिया में देश की प्रतिष्ठा बढ़ाने का काम किया है। श्री तोमर ने कहा कि विश्वकर्मा जयंती के दिन प्रधानमंत्री जी ने विश्वकर्माओं के लिए योजना शुरू की है। हाथ के हुनर वाले कारीगरों की संख्या ज्यादा नहीं है। मोदी जी ने इन छोटे कारीगरों को योजना के माध्यम से न सिर्फ आर्थिक सहायता दी, बल्कि उनके हुनर को उन्नत बनाने और उनके प्रति लोगों के मन में सम्मान पैदा करने का काम भी किया है। विश्वकर्मा जयंती के दिन लोहार, बढ़ई जैसे कारीगरों के काम पर डाक टिकट जारी करके प्रधानमंत्री जी ने उन्हें जो सम्मान दिया है, वह सचमुच अद्भुत है।
    10600 किलोमीटर का लक्ष्य था, 10880 किलोमीटर चली यात्राएंः विष्णुदत्त शर्मा
    मीडिया को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्री विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी द्वारा मध्यप्रदेश में चुनावी अभियान के अंतर्गत पांच जन आशीर्वाद यात्राओं का आयोजन किया गया। पहली यात्रा का शुभारंभ 3 सितम्बर को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जे.पी.नड्डा ने श्रीराम की कर्मस्थली चित्रकूट से किया था। दूसरी यात्रा की शुरुआत 4 सितम्बर को नीमच से देश के रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह जी ने की थी। 5 सितम्बर को श्योपुर एवं जनजातीय क्षेत्र मंडला से दो जन आशीर्वाद यात्राओं का शुभारंभ देश के गृहमंत्री श्री अमित शाह जी ने किया था। पांचवी यात्रा 4 सितम्बर को धूनी वाले बाबा का आशीर्वाद लेकर खण्डवा से प्रारंभ हुई थी, जिसकी शुरूआत केंद्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी जी ने की थी। श्री शर्मा ने कहा कि पूर्व में जो जन आशीर्वाद यात्राएं निकलती थीं, वो सभी विधानसभाओं तक नहीं पहुंच पाती थीं। लेकिन इस बार 21 दिनों में पांच जन आशीर्वाद यात्राएं 223 विधानसभाओं तक पहुंची हैं। श्री शर्मा ने कहा कि इन यात्राओं को 10600 किलोमीटर की दूरी तय करना था, लेकिन जनसमर्थन से उत्साहित होकर इन यात्राओं ने 10880 किलोमीटर की दूरी तय की।
    गरीब कल्याण के कामों पर जनता ने लगाई मोहर, यात्राओं को दिया आशीर्वाद
    श्री शर्मा ने कहा कि इन पांचों जन आशीर्वाद यात्राओं में पार्टी को जनता का जो भरपूर आशीर्वाद प्राप्त हुआ है, उसके माध्यम से जनता से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान की सरकारों द्वारा किए जा रहे गरीब कल्याण के कार्यों पर मोहर लगा दी है। गरीब कल्याण के इन्हीं प्रयासों का रिपोर्ट कॉर्ड लेकर पार्टी कार्यकर्ता 65523 बूथों और लगभग 11 हजार शक्ति केंद्रों तक पहुंचे थे और इन्हीं को लेकर हम यात्राओं के माध्यम से जनता के बीच गए थे, जिसे जनता का भरपूर समर्थन मिला है। केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान की सरकारों के कामों से गरीब जनता के जीवन में जो बदलाव आए हैं, उनके चलते जनता ने पांचों जन आशीर्वाद यात्राओं को उत्साह और उमंग के साथ अपना आशीर्वाद दिया है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने बीमारू मध्यप्रदेश को विकसित राज्य बनाया है और आगे उसे स्वर्णिम मध्यप्रदेश बनाने का लक्ष्य है। श्री शर्मा ने कहा कि सरकार के कामों से प्रदेश की जनता में विश्वास जागृत हुआ है।
    2500 स्थानों पर हुआ स्वागत, सभाओं में शामिल हुए 1 करोड़ से ज्यादा लोग
    प्रदेश अध्यक्ष श्री शर्मा ने कहा कि जन आशीर्वाद यात्राओं का 2500 से अधिक स्थानों पर स्वागत किया गया तथा पार्टी नेताओं ने 750 स्थानों पर रथसभाएं एवं 250 स्थानों पर बड़ी मंच सभाओं को संबोधित किया, जिनमें 1 करोड के लगभग लोगों की सहभागिता रही। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के गरीब कल्याण रिपोर्ट कार्ड के माध्यम से फिर इस बार-भाजपा सरकार के स्टीकर घर-घर में लगाकर इस अभियान की शुरुआत की गई थी, जिसके माध्यम से हम लगभग 1 करोड़ लोगों तक पहुंचे। यात्रा के दौरान केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह ने मध्यप्रदेश के मन में मोदी नाम से सदस्यता अभियान की शुरुआत की थी, जिसमें पार्टी से युवाओं और नये सदस्यों को जोड़ने का काम किया गया। इस अभियान के अंतर्गत आज तक 23 लाख 65 हजार 711 लोगों ने भाजपा की सदस्यता ली है, जिसमें 8 लाख लोगों ने पुनः रजिस्ट्रेशन कराया और 14 लाख, 11 हजार, 754 नये सदस्यों ने पहली बार भाजपा की सदस्यता ग्रहण की है। देश एवं प्रदेश में महिला सशक्तिकरण के साथ महिलाओं को अधिकार संपन्न बनाने का जो काम किया है, उसका परिणाम भी इस अभियान में दिखाई दिया। अभियान के दौरान 8 लाख 40 हजार 784 बहनों ने पार्टी की सदस्यता ली, जो कुल सदस्यता का 65 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि इन यात्राओं में हर वर्ग के लोगों ने जिस तरह उत्साहपूर्वक भाग लिया है, वह सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास की नीति का परिणाम है। श्री शर्मा ने कहा कि इन यात्राओं के दौरान जन आकांक्षा पेटियों के माध्यम से स्वर्णिम मध्यप्रदेश के लिए जनता के सुझाव लिये गये हैं, जिन्हें घोषणा-पत्र में शामिल किया जाएगा। श्री शर्मा ने कहा कि जन आशीर्वाद यात्राओं को जो अभूतपूर्व सफलता मिली है, वह पार्टी कार्यकर्ताओं और केंद्रीय नेतृत्व की मेहनत का परिणाम है, जिसके लिए मैं पार्टी नेतृत्व, सभी कार्यकर्ताओं और मीडिया को बधाई एवं धन्यवाद देता हूं।

  • विकास के उत्सव का लाभ उठाएं बोले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

    विकास के उत्सव का लाभ उठाएं बोले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

    भोपाल,14 सितंबर( प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि भारत को विश्व की टॉप 3 अर्थ-व्यवस्था में लाना हमारा लक्ष्य है जिसकी ओर हम तेजी से बढ़ रहे हैं। इस लक्ष्य को पूरा करने में मध्यप्रदेश की बड़ी भूमिका होगी। मध्यप्रदेश के लिये हमारे संकल्प बड़े हैं। आने वाले 5 वर्षों में मध्यप्रदेश विकास की बुलंदियों को छुएगा। आज यहां लगभग 51 हजार करोड़ लागत की औद्योगिक परियोजनाओं का भूमि-पूजन किया गया है, इनसे बुन्देलखण्ड और मध्यप्रदेश की तस्वीर और तकदीर बदलेगी। औद्योगिक विकास को नई ऊर्जा मिलेगी। केन्द्र सरकार मध्यप्रदेश में नई परियोजनाओं पर 50 हजार करोड़ रूपये से ज्यादा खर्च करेगी। ये परियोजनाएँ गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के सपनों को सच करेंगी। विकास के इस उत्सव में भागीदार होने के लिये आप सभी को धन्यवाद और शुभकामनाएँ।

    प्रधानमंत्री श्री मोदी आज बीना रिफाइनरी परिसर में नवीन औद्योगिक परियोजनाओं के शिलान्यास अवसर पर विशाल जन-समुदाय को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने 51 हजार करोड़ रूपये की औद्योगिक परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इनमें बीना रिफाइनरी परिसर में 49 हजार करोड़ रूपये की लागत से पेट्रो-केमिकल कॉम्पलेक्स और मध्यप्रदेश के विभिन्न स्थानों पर 1800 करोड़ रूपये की लागत की 10 नई औद्योगिक परियोजनाएँ शामिल हैं।

    नर्मदापुरम्में नवकरणीय ऊर्जा जोन, इंदौर में 2 आईटी पार्क, रतलाम में मेगा इंडस्ट्रियल पार्क और 6 शहरों शाजापुर, गुना, मंदसौर, आगर-मालवा, नर्मदापुरम् और मक्सी में नये औद्योगिक केन्द्र विकसित किये जाएंगे। इसके पहले प्रधानमंत्री श्री मोदी, मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और सांसद श्री व्ही.डी. शर्मा के साथ खुली जीप में जनता का अभिवादन स्वीकार करते हुए मंच तक पहुँचे। कार्यक्रम स्थल पर उन्होंने पेट्रो-केमिकल कॉम्पलेक्स के निर्माण संबंधी प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने पुष्प-गुच्छ और साँची स्तूप की प्रतिकृति भेंट कर प्रधानमंत्री श्री मोदी का स्वागत किया।

    औद्योगिक विकास के लिये मुख्यमंत्री को दी बधाई

    प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि मध्यप्रदेश जो कभी देश के खस्ताहाल राज्यों में शामिल था, आज विकास की नई ऊँचाई छू रहा है। आजादी के बाद लम्बे समय तक यहां भ्रष्टाचार, अन्याय और अत्याचार का बोलबाला रहा है। कोई कानून व्यवस्था थी ही नहीं। उद्योग और व्यापार चौपट थे। केन्द्र और राज्य की डबल इंजन सरकार ने पूरी ईमानदारी से मध्यप्रदेश का भाग्य बदलने का कार्य किया है। पहले सड़क, पानी और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएँ भी नहीं थीं। आज हर क्षेत्र में विकास हो रहा है। हर गाँव तक सड़क, हर घर में बिजली, हर क्षेत्र में पानी पहुँच रहा है। निवेशक यहाँ आना और निवेश करना चाहते हैं। मध्यप्रदेश तेज गति से औद्योगिक विकास कर रहा है। इसके लिये यहाँ की जनता, मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और उनकी पूरी टीम बधाई की पात्र है।

    प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि जी-20 की सफलता से आज पूरे विश्व में भारत का मस्तक ऊँचा हुआ है। गाँव-गाँव के बच्चे की जुबान पर जी-20 का नाम है। जी-20 की सफलता का श्रेय मोदी को नहीं बल्कि देश की 140 करोड़ जनता को जाता है। यह भारत की सामूहिक शक्ति का परिणाम है। विदेशी मेहमानों ने कहा कि उन्होंने ऐसा आयोजन कभी नहीं देखा। हमने उनका स्वागत दिल खोलकर किया। वे हमारी विविधता और समृद्ध विरासत को देखकर प्रभावित हुए। जी-20 की बैठकों का सफल आयोजन भोपाल, इंदौर और खजुराहो में भी किया गया। जी-20 के सफल आयोजन में मध्यप्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका रही है और इसके लिये मैं शिवराज की टीम-मध्यप्रदेश की प्रशंसा करता हूँ।

    प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि आजादी के अमृत काल में हर भारतवासी ने देश के विकास का संकल्प लिया है, परंतु इसकी सिद्धि के लिये भारत का आत्म-निर्भर होना जरूरी है। आज बीना में पेट्रो-केमिकल इकाई का शिलान्यास इस क्षेत्र में भारत को आत्म-निर्भर बनाने में सहायक होगा। अभी भारत को डीजल, पेट्रोल और अन्य पेट्रो-केमिकल सामग्री के लिये दूसरे देशों पर निर्भर रहना होता है। इन परियोजनाओं से पूरे क्षेत्र को विकास की नई ऊँचाई मिलेगी, नए उद्योग आएंगे और किसान, छोटे उद्यमी और बड़ी संख्या में नौजवानों को रोजगार मिलेगा।

    राष्ट्र विरोधी ताकतों को मिलकर रोके

    प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि आज भारत विश्वमित्र के रूप में सामने आ रहा है, वह दुनिया को जोड़ने का सामर्थ्य दिखा रहा है। यह हमारी सनातन संस्कृति ही है जिसने हजारों वर्षों से हमारे देश को जोड़े रखा है। भगवान श्री राम, देवी अहिल्याबाई, झांसी की रानी लक्ष्मीबाई, महात्मा गांधी सभी हमारी सनातन संस्कृति के प्रतीक हैं। महर्षि वाल्मिकी, माता शबरी, संत रविदास, लोकमान्य तिलक आदि सभी ने इसका संरक्षण किया है। परंतु आज कतिपय राष्ट्र विरोधी ताकतें इसे समाप्त करने की कोशिश कर रही हैं। ये फिर से देश को गुलामी में ढकेलना चाहती हैं। हमें साथ मिलकर पूरी ताकत से इन्हें रोकना होगा।

    जनता की सेवा, मोदी की गारंटी

    प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि जनता की सेवा, मोदी की गारंटी है और उसे निरंतर पूरा किया जा रहा है। हमने सबको पक्के घर, घर-घर शौचालय, सबको भोजन, नि:शुल्क इलाज, सबके बैंक खाते, हर बहन को गैस कनेक्शन की गारंटी दी और उसे पूरा किया। देश में 40 लाख परिवारों को पक्के घर दिये गये हैं। उज्ज्वला योजना में बहनों को गैस कनेक्शन देकर धुएँ से मुक्ति दिलाई गई है। रक्षाबंधन पर गैस सिलेंडर की कीमत 200 रूपये कम की गई है। अब केन्द्र सरकार ने निर्णय लिया है कि 75 लाख और बहनों को मुफ्त गैस कनेक्शन दिये जाएंगे।

    वंचितों की वरीयता है शासन का मूल मंत्र

    प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि वंचितों की वरीयता शासन का मूल मंत्र है। दिल्ली की सरकार हो अथवा भोपाल की, हम हर घर तक पहुँचकर जनता की सेवा कर रहे हैं। कोविड के संकटकाल में मुफ्त टीकाकरण मानवता की बड़ी सेवा थी। गरीबों को मुफ्त राशन दिया जा रहा है। सरकार खेती की लागत कम करने और किसानों के कल्याण के कार्य कर रही है। किसानों को सस्ता खाद- बीज दिलवा रही है। यूरिया खाद की जो बोरी अमेरिका में 3 हजार रूपये में मिलती है, हम किसानों को 300 रूपये में दिलवा रहे हैं। इस पर सरकार ने सरकारी खजाने से 10 लाख करोड़ रूपये खर्च किये हैं।

    प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि केन-बेतवा लिंक परियोजना से बुंदेलखण्ड क्षेत्र को अत्यधिक लाभ होगा। आने वाली पीढ़ियां भी इससे लाभान्वित होंगी। देश में आने वाले 4 वर्षों में 10 करोड़ नए परिवारों को नल से जल उपलब्ध कराया जाएगा। मध्यप्रदेश में भी 65 लाख परिवारों को नल से जल दिलवाया जा रहा है। अटल भू-जल योजना पर भी कार्य हो रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि आगामी 5 अक्टूबर को देश में रानी दुर्गावती की 500वीं जयंती धूम-धाम से मनाई जाएगी।

     मध्यप्रदेश का हुआ कायाकल्प : केन्द्रीय मंत्री श्री हरदीप सिंह पुरी

    केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री श्री हरदीप सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा 2014 में देश की बागडोर संभालने के बाद देश का कायाकल्प हुआ है। वर्ष 2014 में जहाँ देश के केवल 45% लोगों के पास एलपीजी गैस कनेक्शन था, हमारी सरकार ने 32 करोड़ गैस कनेक्शन उपलब्ध कराए। प्रधानमंत्री श्री मोदी के प्रयासों का ही परिणाम है कि विश्व के दूसरे देशों में पेट्रोल- डीजल के दाम बढ़े लेकिन भारत में पेट्रोल-डीजल के भाव कम हुए। देश में सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी में भी कमी आई है। जिन राज्यों में डबल इंजन की सरकारें है, वहां वैट टैक्स भी कम हुआ है। केंद्रीय मंत्री श्री पुरी ने 2014 के बाद मध्य प्रदेश में हुई प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि 2014 में मध्य प्रदेश में जहां 2854 पेट्रोल पंप थे वहीं 2023 में बढ़कर 5938 हो गए। एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर की संख्या 865 से बढ़कर 1552 और एलपीजी गैस कनेक्शन की संख्या 70 लाख से बढ़कर एक करोड 85 लाख हो गई है। केंद्रीय मंत्री ने मध्य प्रदेश की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में एलपीजी गैस की उपलब्धता 45 प्रतिशत से बढ़कर शत प्रतिशत हुई है, एलपीजी पाइपलाइन कनेक्शन की संख्या 2700 से बढ़कर 15785, सीएनजी स्टेशन की संख्या 15 से बढ़कर 275 और प्राकृतिक गैस पाइपलाइन का विस्तार 802 किलोमीटर से बढ़कर 6862 किलोमीटर में हुआ है। बीना में आज हुए लोकार्पण से यह क्षेत्र “बुलंद बुंदेलखंड” के लक्ष्य की ओर दृढ़तापूर्वक अग्रसर होगा।

    विश्व-कल्याण के लिये काम कर रहे हैं प्रधानमंत्री – मुख्यमंत्री श्री चौहान

    मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री श्री मोदी का स्वागत करते हुए कहा कि जी-20 की ऐतिहासिक सफलता ने सिद्ध किया है कि प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा विश्व के कल्याण की दिशा में किए जा रहे कार्य से संपूर्ण विश्व में हमारे देश और देशवासियों का मान-सम्मान बढ़ा है। चंद्रयान की सफलता के लिए भी हमारे वैज्ञानिकों को प्रणाम और प्रधानमंत्री श्री मोदी का वंदन है। उनके नेतृत्व में अब हम सूर्य की ओर भी अग्रसर हैं।

    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि पिछली सरकार ने बुंदेलखंड को पिछड़ा रखा था। प्रधानमंत्री मोदी की पहल पर यहां हो रहे 50 हजार करोड़ के निवेश से बुंदेलखंड की तस्वीर और यहां के निवासियों की तकदीर बदल जाएगी। बीना रिफाइनरी, एथिलीन क्रेकर परियोजना और प्रदेश के 10 प्रमुख औद्योगिक पार्कों से युवाओं के लिए लाखों रोजगार के अवसर सृजित होंगे, इन सौगातों के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी का आभार। उन्होंने कहा कि केन-बेतवा परियोजना मंजूर हो गई है इससे 20 लाख एकड़ में सिंचाई होगी और बुंदेलखंड क्षेत्र के लोगों का जीवन बदल जाएगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रधानमंत्री श्री मोदी को केन-बेतवा परियोजना के भूमि पूजन का आमंत्रण दिया।

    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रधानमंत्री श्री मोदी को आगामी 17 सितंबर को आ रहे जन्मदिवस के लिए प्रदेशवासियों की ओर से शुभकामनाएं देते हुए कहा कि श्री मोदी का जीवन देश और देशवासियों के लिए है। ईश्वर से यही प्रार्थना है कि वे स्वस्थ और प्रसन्न रहें तथा देश-दुनिया की सेवा करते रहें, मध्य प्रदेश उनका अनुसरण करता रहेगा।

     सभा स्थल पर श्री नरेंद्र मोदी का जनदर्शन

    बीना रिफाइनरी परिसर में पेट्रो केमिकल काम्पलेक्स के भव्य शिलान्यास कार्यक्रम और जनसभा स्थल पहुंचने पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जनता के बीच खुले वाहन से पहुंचे। लगभग बीस मिनट के जनदर्शन में उनके साथ मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और सांसद वीडी शर्मा भी थे। श्री मोदी को अपने बीच पाकर मौजूद जनता ने उत्साह, उमंग और हर्ष से स्वागत किया। श्री मोदी ने भी जनता का अभिवादन स्वीकार किया। जनसभा में विशाल संख्या में उपस्थित जनता के बीच प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के वाहन के लिए मार्ग बनाया गया था। जिस स्थान से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री चौहान का वाहन निकला, उस स्थान पर मौजूद लोग इस ऐतिहासिक दृश्य को अपने मोबाइल के कैमरे में कैद से करने से नहीं चूके।

    केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता  मंत्री श्री वीरेंद्र कुमार, केंद्रीय जल शक्ति नियोजन राज्य मंत्री प्रहलाद पटेल, जिले के प्रभारी और प्रदेश के सहकारिता और लोक सेवा प्रबंधन मंत्री डॉ. अरविंद सिंह भदौरिया, लोक निर्माण मंत्री गोपाल भार्गव, नगरीय विकास मंत्री भूपेंद्र सिंह, राजस्व एवं परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, सांसद व्ही.डी. शर्मा और राजबहादुर सिंह सहित विधायक और जन-प्रतिनिधि मौजूद थे।

  • कांग्रेस की रगों में बसा है चारित्रिक पतनःसबनानी

    कांग्रेस की रगों में बसा है चारित्रिक पतनःसबनानी

    भोपाल,25 अगस्त(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। मध्य प्रदेश में कांग्रेस और उनके नेताओं की चरित्रहीनता पर भारतीय जनता पार्टी ने तीखा कटाक्ष किया है।भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री एवं प्रदेश कार्यालय प्रभारी श्री भगवानदास सबनानी ने आज राजधानी में पत्रकार वार्ता में कहा कि डबरा से कांग्रेस विधायक सुरेश राजे और तेंदूखेड़ा विधायक संजय शर्मा का नाम दो अलग-अलग चारित्रिक पतन की घटनाओं में सामने आया है। सुरेश राजे अशोभनीय वीडियो को लेकर चर्चाओं में हैं तो संजय शर्मा सना खान हत्याकांड के आरोपी को संरक्षण दे रहे हैं। यह मामले सामने आने के बाद भी कांग्रेस ने विधायकों पर कोई कार्रवाई नहीं की है और न ही किसी तरह की माफी मांगी है। यह घटनाएं हमें बताती हैं कि कांग्रेस का दुराचारियों और व्यभिचारियों को संरक्षण प्राप्त है। यह दुर्भाग्य की बात है इसमें कांर्ग्रेस ने जिस तरीके से चुप्पी ओढ़ रखी है, उससे लग रहा है कि यह सब कांग्रेस के इशारे पर हो रहा है। यही कांग्रेस का असली चेहरा और चरित्र रहा है।

    प्रदेश महामंत्री भगवानदास सबनानी ने कहा कि विधायक संजय शर्मा का नाम सना खान हत्याकांड में सामने आया है। विधायक और हत्यारे अमित साहू के बीच हुई बातचीत से साफ है कि वे उसे अपराध करने और फिर बचने का मार्गदर्शन दे रहे हैं। कांग्रेस ऐसे कांग्रेस नेताओं पर कार्रवाई करने की बजाय संरक्षण देने का काम कर रही है। वहीं विधायक सुरेश राजे का अशोभनीय वीडियो यह बताता है कि कांग्रेस नेताओं का असली चरित्र और चेहरा यही रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का एक पुराना इतिहास रहा है। उस इतिहास पर नजर डालें तो महिला अपमान में इन्होंने कोई कसर नहीं छोड़ी है।

    उन्होंने कहा कि गंधवानी से कांग्रेस विधायक और कमलनाथ सरकार में मंत्री रहे उमंग सिंघार के खिलाफ एक महिला ने दुष्कर्म का मामला दर्ज करवाया था। उन्होंने महिला को शादी का झूठा आश्वासन देकर दुष्कर्म किया था। मानवता को शर्मसार करने वाली इस तरह की घटनाएं कांग्रेस नेता व जनप्रतिनिधियों द्वारा की जा रही है। मंडला जिले में एक सरपंच के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया था। इसमें आरोपी और पीड़िता कांग्रेस कमेटी की पदाधिकारी थीं। कांग्रेस विधायक डॉ. अशोक मर्सकोले ने पीड़िता को न्याय दिलवाने की बजाय इसे व्यक्तिगत मामला बताते हुए पल्ला झाड़ लिया। यह कांग्रेस की असलियत है और अपनी जिम्मेदारियों से भागती है एवं जनता न्याय के लिए तरसती है।

    प्रदेश महामंत्री श्री सबनानी ने कहा कि रेवांचल एक्सर्प्रेस में यात्रा कर रही महिला के साथ सतना से कांग्रेस विधायक सुनील सर्राफ और कोतमा विधायक सिद्वार्थ कुशवाहा ने शराब के नशे में बदसलूखी की। साथ ही महिला को धमकी भी दी कि वह कहीं शिकायत न करें। अकेली महिला के साथ बदसलूकी करना कांग्रेसियों की आपराधिक और व्यभिचार से भरी मानसिकता को दर्शाता है। इनके लिए महिला सम्मान की कोई असहमियत नहीं है। कांग्रेस नेताओं ने महिलाओं के अपमान में कोई कसर नहीं छोड़ी है। उन्होंने अपने कर्मों से जनता का विश्वास तोड़ा है। आज प्रदेश की महिलाएं कांग्रेस और कांग्रेस नेताओं का चरित्र जानती हैं। कांग्रेस का असली चेहरा सबके सामने है।

    वरिष्ठ नेता भगवानदास सबनानी ने कहा कि जावरा में पूर्व कांग्रेस नेता डॉ. समीर सिंह राठौर पर महिला से दुष्कर्म का आरोप लगा, लेकिन कांग्रेस ने इस मामले को दबाने का काम किया। कांग्रेस का हाथ हमेशा अत्याचारियों के साथ ही होता है। उज्जैन जिले के कांग्रेस विधायक मुरली मोरवाल के बेटे करण मोरवाल एक महिला नेता के यौन शोषण के आरोपी हैं। उन्होंने महिला को शादी का झांसा देकर महिला के साथ दुष्कर्म किया। लेकिन उन पर कार्रवाई करने की बजाय उन्हें बचाया गया। कांग्रेस का हाथ हमेशा दुष्कर्मियों के साथ रहा है। भोपाल की नरेला विधानसभा के कांग्रेस अध्यक्ष तारिक अली और उनके भाइयों सारिक एवं राजा अली ने नशीला पदार्थ खिलाकर एक महिला की अस्मत लूटने का घिनौना काम किया। कांग्रेस नेता ही क्यों महिलाओं के रक्षक की जगह उनके भक्षक बनते हैं। कांग्रेस का चरित्र ही महिला विरोधी है। प्रियंका गांधी लड़की हूं, लड़ सकती हूं का नारा देती हैं, लेकिन महिलाओं को अपनी अस्मत कांग्रेस नेताओं से ही बचानी पड़ती है और अब तो बेटे भी इनकी आपराधिक और व्यभिचारिक मानसिकता के शिकार हो रहे हैं।

  • भाजपा ने एमपी को बीमारू के कलंक से मुक्त कराया बोले अमित शाह

    भाजपा ने एमपी को बीमारू के कलंक से मुक्त कराया बोले अमित शाह


    केंद्रीय गृह मंत्री ने लांच किया प्रदेश सरकार का 2003-2023 गरीब कल्याण रिपोर्ट कार्ड

    भोपाल,20 अगस्त(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। मध्यप्रदेश के गठन के बाद से 2003 तक ज्यादातर समय कांग्रेस की ही सरकारें सत्ता में रही हैं। इन सरकारों ने प्रदेश को बीमारू राज्य बना दिया था। मध्यप्रदेश देश के उन राज्यों में शामिल था, जो देश के विकास में बाधक थे। 2003 में प्रदेश में उमा भारती जी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनी। बाद में बाबूलाल गौर और शिवराजसिंह चौहान ने उस सरकार का नेतृत्व किया। भाजपा की सरकार ने प्रदेश को 20 सालों में बीमारू से बेमिसाल राज्य बनाया, बंटाढार से बुलंदियों पर पहुंचाया, पिछड़े से अग्रणी बनाया, समृद्ध और खुशहाल राज्य बनाया। मि. बंटाढार और कमलनाथ इस बात का जवाब दें कि 53 सालों में उनकी सरकारों ने प्रदेश के लिए क्या किया? क्यों प्रदेश की जनता के साथ अन्याय किया? क्यों मध्यप्रदेश का काफिला लुटा? यह बात केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को प्रदेश सरकार के 20 सालों का गरीब कल्याण रिपोर्ट कॉर्ड जारी करते हुए कही। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान एवं भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने भी संबोधित किया। इस दौरान मंच पर प्रदेश शासन के गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा मौजूद थे।

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि 2003 से पहले मध्यप्रदेश बीमारू राज्य हुआ करता था। 2003 में आई भाजपा की सरकार ने प्रदेश को बीमारू राज्य के कलंक से मुक्ति दिलाई। 2003 से 2023 तक के 20 साल प्रदेश में गरीबी से मुक्ति का स्वर्णकाल का समय रहा है। इन सालों में आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश की नींव डाली गई। 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की सरकार बनी और प्रधानमंत्री मोदी जी ने मध्यप्रदेश की दिल खोलकर मदद की। डबल इंजन वाली सरकार ने प्रदेश में विकास के नए प्रतिमान गढ़े। न सिर्फ सड़क, बिजली और पानी की समस्या दूर हुई, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, सुशासन और विकास के सभी मापदंडों पर प्रदेश को आगे बढ़ाया और राजधानी भोपाल से गांव की चौपाल तक विकास और खुशहाली बयार चलाई। इसका प्रति उत्तर देते हुए प्रदेश की जनता ने भी दिल खोलकर वोट दिये। 2019 में 29 में से 28 सीटें भाजपा को दीं और 2024 में जो एक सीट की कमी रह गई है, वो भी जनता पूरी कर देगी। श्री शाह ने कहा कि मैं प्रदेश की जनता को विश्वास दिलाता हूं कि देश के अमृतकाल में मध्यप्रदेश देश का अग्रणी राज्य बनेगा। उन्होंने कहा कि आने वाला चुनाव प्रदेश को विकसित और सर्वोच्च राज्य बनाने तथा गरीबी से संपूर्ण मुक्ति दिलाने वाला चुनाव है और मुझे पूरा विश्वास है कि प्रदेश की 9 करोड़ जनता का आशीर्वाद हमें मिलेगा।

    श्री शाह ने कहा कि 2014 में सत्ता में आने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की सरकार ने 60 करोड़ गरीबों का जीवन स्तर ऊपर उठाया। 14 करोड़ लोग गरीबी की सीमा रेखा से बाहर हुए। लगभग 10 सालों में देश की आबादी 10 प्रतिशत लोगों को गरीबी रेखा से बाहर करके मोदी जी गरीब कल्याण के पुरोधा बन गए और उनकी योजनाओं का लाभ मध्यप्रदेश को भी मिला। बंटाढार सरकार ने राज्य के बजट को 23000 करोड़ पर छोड़ दिया था, जिसे शिवराज जी की सरकार ने 3.14 लाख करोड़ तक पहुंचाया है। बंटाढार के समय शिक्षा का बजट 2456 करोड़ था, जिसे 38000 करोड़ तक पहुंचाया। स्वास्थ्य का बजट 580 करोड़ था, जिसे 16 हजार करोड़ तथा सर्व शिक्षा अभियान का बजट जो 844 करोड़ था, उसे 66 हजार करोड़ तक पहुंचाया। मि. बंटाढार और कमलनाथ को यह बताना चाहिए कि प्रदेश की आबादी का बड़ा हिस्सा एससी, एसटी और ओबीसी का है, इनके बजट को क्यों 1056 करोड़ पर छोड़ दिया था? भाजपा सरकार ने इसे 64390 करोड़ तक पहुंचाया। प्रति व्यक्ति आय 11700 से बढ़कर 1.40 लाख रुपये हो गई। बंटाढार सरकार के समय प्रदेश की सड़कें बदनाम थीं, भाजपा की सरकार ने 5.10 लाख कि.मी. अच्छी क्वालिटी की सड़कें बनाईं और राष्ट्रीय राजमार्ग जो सिर्फ 4800 किलोमीटर थे, उन्हें 13000 किलोमीटर तक पहुंचाया। श्री शाह ने कहा कि कमलनाथ जैसे जिन नेताओं ने कभी हाथों में हल नहीं पकड़ा, वो हमारी सरकार पर सवाल उठाते हैं। जबकि उनकी सरकार के समय समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी सिर्फ 4.38 लाख थी, जिसे हमारी सरकार ने 77.96 लाख मीट्रिक टन तक पहुंचाया। धान की खरीदी सिर्फ 95 हजार मीट्रिक टन होती थी, जिसे 46.30 लाख टन तक पहुंचाया। प्रदेश में हुए इस रिकॉर्ड तोड़ विकास के लिए मैं शिवराज जी को साधुवाद देता हूं।

    श्री शाह ने कहा कि पहले की सरकारें टुकड़े-टुकड़े विकास पर विश्वास करती थीं। 20 हजार घर, 30 हजार शौचालय जैसे लक्ष्य हुआ करते थे। लेकिन प्रधानमंत्री मोदी जी ने देश में पहली बार संपूर्ण सेचुरेशन का कांसेप्ट दिया। हर घर में शौचालय, हर जरूरतमंद माता-बहन को गैस कनेक्शन, हर घर में नल से जल जैसी योजनाएं संपूर्ण सेचुरेशन की ही उदाहरण हैं। संपूर्ण सेचुरेशन को हासिल करने के लिए ही मोदी सरकार ने प्रदेश के 80 लाख घरों में शौचालय बनाए हैं, तो 1.2 करोड़ प्रधानमंत्री अन्न योजना के कॉर्ड बनाए हैं। 10.87 लाख गैस सिलेंडर बांटे गए हैं। 42 लाख प्रधानमंत्री आवास बनाए गए हैं। 4000 कि.मी. नए राजमार्ग बनाए जा रहे हैं। रीवा, ग्वालियर और जबलपुर एयरपोर्ट का विकास हो रहा है, 35 रेल्वे स्टेशन विश्वस्तरीय बनाए जा रहे हैं। प्रदेश की विकास दर 16 प्रतिशत हो गई है और सिंचाई क्षमता 47 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गई है। प्रदेश की 46 लाख बेटियां लाडली लक्ष्मी बन चुकी हैं। प्रदेश में 24 मेडिकल कॉलेज खोले जा रहे हैं और मेडिकल, इंजीनियरिंग तथा पॉलीटेक्निक की पढ़ाई हिंदी में शुरू कराई जा रही है। भोपाल और इंदौर शहरों में मेट्रो रेल का काम तेजी से चल रहा है। ओंकारेश्वर में 2400 करोड़ की लागत से आदि शंकराचार्य अद्वैत स्मारक बनाया जा रहा है, तो उज्जैन में महाकाल महालोक बनकर तैयार हो चुका है। श्री शाह ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने आदिवासियों को उनके अधिकार देने के लिए पेसा एक्ट लागू किया है तथा जनजातीय इतिहास को संजोने के लिए संग्रहालय बनाए जा रहे हैं। जनजातीय क्रांतिवीरों और जननायकों की स्मृतियों को संजोने के लिए रेलवे स्टेशनों के नाम उनके नाम पर रखे जा रहे हैं।

    श्री शाह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने जवाबदेही की एक नई परंपरा शुरू की है, जिसके अंतर्गत हर सरकार अपने कार्यकाल में किए गए कामों का लेखा-जोखा प्रस्तुत करती है। हमने अपना रिपोर्ट कॉर्ड प्रस्तुत किया है और गलत आरोप लगाकर जनता को गुमराह करने वाली कांग्रेस को इस रिपोर्ट कॉर्ड का जवाब देना चाहिए। कांग्रेस ने प्रदेश की जनता के साथ जो अन्याय किया है, उसका जवाब देना चाहिए और अगर उसमें हिम्मत है, तो अपने 53 सालों के शासन का रिपोर्ट कॉर्ड प्रस्तुत करे। श्री शाह ने कहा कि मध्यप्रदेश में 15 महीनों के लिए कमलनाथ की सरकार बनी थी, जिन्हें करप्शन नाथ कहा जाता है। बंटाढार और कमलनाथ की उस सरकार ने भाजपा सरकार द्वारा शुरू की गई गरीब कल्याण की सारी योजनाएं बंद कर दीं थी और गरीब कल्याण अभियान को अपाहिज बना दिया था। उस सरकार ने सहरिया, भारिया और बैगा बहनों को मिलने वाला पोषण अनुदान बंद कर दिया था। श्री शाह ने कहा कि इस्तीफा देते समय कोई मुख्यमंत्री काम नहीं करता, लेकिन करप्शननाथ ने अपने इस्तीफे से 15 मिनट पहले मोबाइल घोटाले से संबंधित दस्तावेजों पर साइन किए। करप्शन नाथ ने 350 करोड़ का मोजर बियर घोटाला किया और 2400 करोड़ के अगस्ता वेस्टलैंड घोटाले से उनका संबंध है। करप्शन नाथ ने 600 करोड़ का इफ्को घोटाला, कर्जमाफी में 25000 करोड़ का हेरफेर किया। उस सरकार ने 800 ट्रांसफर करके नया तबादला उद्योग शुरू कर दिया था। श्री शाह ने कहा कि कमलनाथ को अपनी सरकार के डेढ़ सालों में हुए घोटालों का जवाब देना चाहिए।
    जनता तय करे, वह घोटालों के साथ है या विकास के साथ
    श्री शाह ने कहा कि मोदी जी ने देश के प्रधानमंत्री बनते ही भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का बीड़ा उठाया। देश को दुनिया की तीसरी अर्थव्यवस्था, 5 ट्रिलियन इकॉनॉमी और आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प लिया। आज भारत क्लाइमेट चेंज और आतंकवाद पर जीरो टालरेंस के मामले में दुनिया का नेतृत्व कर रहा है। जी-20 समिट सारी दुनिया में भारत की संस्कृति, विकास और उसके भविष्य के प्रसार का माध्यम बन रही है। पहली बार जी-20 समिट देश के सभी राज्यों के 59 स्थानों पर हो रही है। 14 देशों ने प्रधानमंत्री मोदी जी को अपना सर्वोच्च सम्मान दिया है। भारत आज डिजिटल लेनदेन, एलईडी वल्ब के वितरण, स्वच्छता, टीकाकरण तथा दाल, दलहन, दूध,जूट और रेल इंजन के उत्पादन में दुनिया में पहले स्थान पर है। मोबाइल, सीमेंट, स्टील, कॉटन, चाय के उत्पादन में दूसरे स्थान पर तथा स्टार्टअप और वाहन उद्योग में तीसरे स्थान पर है। दूसरी तरफ कांग्रेस अपने शासन में सिर्फ घोटाले करती रही। बोफोर्स घोटाला, टूजी घोटाला, सत्यम घोटाला, कॉमनवेल्थ घोटाला, कोयला घोटाला, चॉपर घोटाला, टेट्रा ट्रक घोटाला, वोट के बदले नोट घोटाला, आदर्श हाउसिंग घोटाला, डीएलएफ घोटाला, नेशनल हेराल्ड घोटाला, खाद्य सुरक्षा बिल घोटाला, शेयर बाजार घोटाला, आईपीएल घोटाला, एलआईसी हाउसिंग घोटाला, मधु कोड़ा कांड, राफेल खरीदी घोटाला, सबमरीन घोटाला, मंदिर कलेक्शन घोटाला और वॉक्स वैगन इक्विटी घोटाले जैसे 24 से अधिक घोटालों में लिप्त रही है। श्री शाह ने कहा कि अब यह मध्यप्रदेश की जनता को तय करना है कि वह विकास के साथ है या घोटालों के साथ। अगर वो विकास के साथ है, तो उसे 2023 के विधानसभा चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को अपना समर्थन देना है।

    केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा कि 2003 से पहले मध्यप्रदेश बीमारू राज्यों में शामिल था और यहां डकैतों, नक्सलियों का आतंक था। हमारी सरकार ने प्रदेश को बीमारू राज्य के ठप्पे से मुक्ति दिलाई। वर्ष 2002-03 में प्रदेश की अर्थव्यवस्था का आकार 71000 करोड़ रुपये हुआ करता था, वह अब 13.5 लाख करोड़ के पार हो गया है। देश की जीडीपी में पहले प्रदेश का योगदान सिर्फ 3.6 प्रतिशत था, जो अब 4.8 प्रतिशत हो गया है। हमने प्रदेश में सड़कों का जाल बिछाया है और सिंचाई के क्षेत्र में तो चमत्कार हो गया है। श्री चौहान ने कहा कि 2014 में श्री नरेंद्र मोदी जी के प्रधानमंत्री बनने के बाद प्रदेश की प्रगति को नई दिशा और गति मिली है। डबल इंजन वाली सरकार ने विकास के नए प्रतिमान गढ़ दिए हैं। पहले जहां एक पंचायत को गिनती के ही आवास मिला करते थे, वहीं अब हर पंचायत औसत 122-23 प्रधानमंत्री आवास मिल रहे हैं। महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में प्रदेश में अभूतपूर्व काम हुआ है। प्रदेश की विकास दर 16 प्रतिशत से ऊपर है, लेकिन हम इससे संतुष्ट नहीं हैं। श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश को 2047 तक देश को दुनिया को सबसे समृद्ध, गौरवशाली, वैभवशाली और शक्तिशाली राष्ट्र बनाने तथा देश को पांच ट्रिलियन इकॉनॉमी बनाने का संकल्प लिया है। इसे पूरा करने में मध्यप्रदेश कोई कसर नहीं छोड़ेगा और हमने भी इसमें भागीदारी करते हुए प्रदेश को 550 बिलियन की इकॉनॉमी बनाने का लक्ष्य तय किया है।

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि प्रदेश के लिए यह गर्व की बात है कि भाजपा सरकार के 20 सालों के गरीब कल्याण के रिपोर्ट कॉर्ड का लोकार्पण केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के हाथों किया जा रहा है, मैं प्रदेश की जनता की ओर से तथा पार्टी कार्यकर्ताओं की ओर से उनका स्वागत करता हूं, आभार जताता हूं। उन्होंने कहा कि भाजपा की डबल इंजन वाली सरकार देश और प्रदेश को लगातार विकास के रास्ते पर आगे बढ़ा रही है और यह हमारा सौभाग्य है कि हमारे पास ऐसी सशक्त सरकार है, जो अपने निर्णयों को लागू करने में सक्षम है।