Category: भारत

  • कांग्रेस की रगों में बसा है चारित्रिक पतनःसबनानी

    कांग्रेस की रगों में बसा है चारित्रिक पतनःसबनानी

    भोपाल,25 अगस्त(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। मध्य प्रदेश में कांग्रेस और उनके नेताओं की चरित्रहीनता पर भारतीय जनता पार्टी ने तीखा कटाक्ष किया है।भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री एवं प्रदेश कार्यालय प्रभारी श्री भगवानदास सबनानी ने आज राजधानी में पत्रकार वार्ता में कहा कि डबरा से कांग्रेस विधायक सुरेश राजे और तेंदूखेड़ा विधायक संजय शर्मा का नाम दो अलग-अलग चारित्रिक पतन की घटनाओं में सामने आया है। सुरेश राजे अशोभनीय वीडियो को लेकर चर्चाओं में हैं तो संजय शर्मा सना खान हत्याकांड के आरोपी को संरक्षण दे रहे हैं। यह मामले सामने आने के बाद भी कांग्रेस ने विधायकों पर कोई कार्रवाई नहीं की है और न ही किसी तरह की माफी मांगी है। यह घटनाएं हमें बताती हैं कि कांग्रेस का दुराचारियों और व्यभिचारियों को संरक्षण प्राप्त है। यह दुर्भाग्य की बात है इसमें कांर्ग्रेस ने जिस तरीके से चुप्पी ओढ़ रखी है, उससे लग रहा है कि यह सब कांग्रेस के इशारे पर हो रहा है। यही कांग्रेस का असली चेहरा और चरित्र रहा है।

    प्रदेश महामंत्री भगवानदास सबनानी ने कहा कि विधायक संजय शर्मा का नाम सना खान हत्याकांड में सामने आया है। विधायक और हत्यारे अमित साहू के बीच हुई बातचीत से साफ है कि वे उसे अपराध करने और फिर बचने का मार्गदर्शन दे रहे हैं। कांग्रेस ऐसे कांग्रेस नेताओं पर कार्रवाई करने की बजाय संरक्षण देने का काम कर रही है। वहीं विधायक सुरेश राजे का अशोभनीय वीडियो यह बताता है कि कांग्रेस नेताओं का असली चरित्र और चेहरा यही रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का एक पुराना इतिहास रहा है। उस इतिहास पर नजर डालें तो महिला अपमान में इन्होंने कोई कसर नहीं छोड़ी है।

    उन्होंने कहा कि गंधवानी से कांग्रेस विधायक और कमलनाथ सरकार में मंत्री रहे उमंग सिंघार के खिलाफ एक महिला ने दुष्कर्म का मामला दर्ज करवाया था। उन्होंने महिला को शादी का झूठा आश्वासन देकर दुष्कर्म किया था। मानवता को शर्मसार करने वाली इस तरह की घटनाएं कांग्रेस नेता व जनप्रतिनिधियों द्वारा की जा रही है। मंडला जिले में एक सरपंच के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया था। इसमें आरोपी और पीड़िता कांग्रेस कमेटी की पदाधिकारी थीं। कांग्रेस विधायक डॉ. अशोक मर्सकोले ने पीड़िता को न्याय दिलवाने की बजाय इसे व्यक्तिगत मामला बताते हुए पल्ला झाड़ लिया। यह कांग्रेस की असलियत है और अपनी जिम्मेदारियों से भागती है एवं जनता न्याय के लिए तरसती है।

    प्रदेश महामंत्री श्री सबनानी ने कहा कि रेवांचल एक्सर्प्रेस में यात्रा कर रही महिला के साथ सतना से कांग्रेस विधायक सुनील सर्राफ और कोतमा विधायक सिद्वार्थ कुशवाहा ने शराब के नशे में बदसलूखी की। साथ ही महिला को धमकी भी दी कि वह कहीं शिकायत न करें। अकेली महिला के साथ बदसलूकी करना कांग्रेसियों की आपराधिक और व्यभिचार से भरी मानसिकता को दर्शाता है। इनके लिए महिला सम्मान की कोई असहमियत नहीं है। कांग्रेस नेताओं ने महिलाओं के अपमान में कोई कसर नहीं छोड़ी है। उन्होंने अपने कर्मों से जनता का विश्वास तोड़ा है। आज प्रदेश की महिलाएं कांग्रेस और कांग्रेस नेताओं का चरित्र जानती हैं। कांग्रेस का असली चेहरा सबके सामने है।

    वरिष्ठ नेता भगवानदास सबनानी ने कहा कि जावरा में पूर्व कांग्रेस नेता डॉ. समीर सिंह राठौर पर महिला से दुष्कर्म का आरोप लगा, लेकिन कांग्रेस ने इस मामले को दबाने का काम किया। कांग्रेस का हाथ हमेशा अत्याचारियों के साथ ही होता है। उज्जैन जिले के कांग्रेस विधायक मुरली मोरवाल के बेटे करण मोरवाल एक महिला नेता के यौन शोषण के आरोपी हैं। उन्होंने महिला को शादी का झांसा देकर महिला के साथ दुष्कर्म किया। लेकिन उन पर कार्रवाई करने की बजाय उन्हें बचाया गया। कांग्रेस का हाथ हमेशा दुष्कर्मियों के साथ रहा है। भोपाल की नरेला विधानसभा के कांग्रेस अध्यक्ष तारिक अली और उनके भाइयों सारिक एवं राजा अली ने नशीला पदार्थ खिलाकर एक महिला की अस्मत लूटने का घिनौना काम किया। कांग्रेस नेता ही क्यों महिलाओं के रक्षक की जगह उनके भक्षक बनते हैं। कांग्रेस का चरित्र ही महिला विरोधी है। प्रियंका गांधी लड़की हूं, लड़ सकती हूं का नारा देती हैं, लेकिन महिलाओं को अपनी अस्मत कांग्रेस नेताओं से ही बचानी पड़ती है और अब तो बेटे भी इनकी आपराधिक और व्यभिचारिक मानसिकता के शिकार हो रहे हैं।

  • भाजपा ने एमपी को बीमारू के कलंक से मुक्त कराया बोले अमित शाह

    भाजपा ने एमपी को बीमारू के कलंक से मुक्त कराया बोले अमित शाह


    केंद्रीय गृह मंत्री ने लांच किया प्रदेश सरकार का 2003-2023 गरीब कल्याण रिपोर्ट कार्ड

    भोपाल,20 अगस्त(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। मध्यप्रदेश के गठन के बाद से 2003 तक ज्यादातर समय कांग्रेस की ही सरकारें सत्ता में रही हैं। इन सरकारों ने प्रदेश को बीमारू राज्य बना दिया था। मध्यप्रदेश देश के उन राज्यों में शामिल था, जो देश के विकास में बाधक थे। 2003 में प्रदेश में उमा भारती जी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनी। बाद में बाबूलाल गौर और शिवराजसिंह चौहान ने उस सरकार का नेतृत्व किया। भाजपा की सरकार ने प्रदेश को 20 सालों में बीमारू से बेमिसाल राज्य बनाया, बंटाढार से बुलंदियों पर पहुंचाया, पिछड़े से अग्रणी बनाया, समृद्ध और खुशहाल राज्य बनाया। मि. बंटाढार और कमलनाथ इस बात का जवाब दें कि 53 सालों में उनकी सरकारों ने प्रदेश के लिए क्या किया? क्यों प्रदेश की जनता के साथ अन्याय किया? क्यों मध्यप्रदेश का काफिला लुटा? यह बात केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को प्रदेश सरकार के 20 सालों का गरीब कल्याण रिपोर्ट कॉर्ड जारी करते हुए कही। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान एवं भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने भी संबोधित किया। इस दौरान मंच पर प्रदेश शासन के गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा मौजूद थे।

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि 2003 से पहले मध्यप्रदेश बीमारू राज्य हुआ करता था। 2003 में आई भाजपा की सरकार ने प्रदेश को बीमारू राज्य के कलंक से मुक्ति दिलाई। 2003 से 2023 तक के 20 साल प्रदेश में गरीबी से मुक्ति का स्वर्णकाल का समय रहा है। इन सालों में आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश की नींव डाली गई। 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की सरकार बनी और प्रधानमंत्री मोदी जी ने मध्यप्रदेश की दिल खोलकर मदद की। डबल इंजन वाली सरकार ने प्रदेश में विकास के नए प्रतिमान गढ़े। न सिर्फ सड़क, बिजली और पानी की समस्या दूर हुई, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, सुशासन और विकास के सभी मापदंडों पर प्रदेश को आगे बढ़ाया और राजधानी भोपाल से गांव की चौपाल तक विकास और खुशहाली बयार चलाई। इसका प्रति उत्तर देते हुए प्रदेश की जनता ने भी दिल खोलकर वोट दिये। 2019 में 29 में से 28 सीटें भाजपा को दीं और 2024 में जो एक सीट की कमी रह गई है, वो भी जनता पूरी कर देगी। श्री शाह ने कहा कि मैं प्रदेश की जनता को विश्वास दिलाता हूं कि देश के अमृतकाल में मध्यप्रदेश देश का अग्रणी राज्य बनेगा। उन्होंने कहा कि आने वाला चुनाव प्रदेश को विकसित और सर्वोच्च राज्य बनाने तथा गरीबी से संपूर्ण मुक्ति दिलाने वाला चुनाव है और मुझे पूरा विश्वास है कि प्रदेश की 9 करोड़ जनता का आशीर्वाद हमें मिलेगा।

    श्री शाह ने कहा कि 2014 में सत्ता में आने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की सरकार ने 60 करोड़ गरीबों का जीवन स्तर ऊपर उठाया। 14 करोड़ लोग गरीबी की सीमा रेखा से बाहर हुए। लगभग 10 सालों में देश की आबादी 10 प्रतिशत लोगों को गरीबी रेखा से बाहर करके मोदी जी गरीब कल्याण के पुरोधा बन गए और उनकी योजनाओं का लाभ मध्यप्रदेश को भी मिला। बंटाढार सरकार ने राज्य के बजट को 23000 करोड़ पर छोड़ दिया था, जिसे शिवराज जी की सरकार ने 3.14 लाख करोड़ तक पहुंचाया है। बंटाढार के समय शिक्षा का बजट 2456 करोड़ था, जिसे 38000 करोड़ तक पहुंचाया। स्वास्थ्य का बजट 580 करोड़ था, जिसे 16 हजार करोड़ तथा सर्व शिक्षा अभियान का बजट जो 844 करोड़ था, उसे 66 हजार करोड़ तक पहुंचाया। मि. बंटाढार और कमलनाथ को यह बताना चाहिए कि प्रदेश की आबादी का बड़ा हिस्सा एससी, एसटी और ओबीसी का है, इनके बजट को क्यों 1056 करोड़ पर छोड़ दिया था? भाजपा सरकार ने इसे 64390 करोड़ तक पहुंचाया। प्रति व्यक्ति आय 11700 से बढ़कर 1.40 लाख रुपये हो गई। बंटाढार सरकार के समय प्रदेश की सड़कें बदनाम थीं, भाजपा की सरकार ने 5.10 लाख कि.मी. अच्छी क्वालिटी की सड़कें बनाईं और राष्ट्रीय राजमार्ग जो सिर्फ 4800 किलोमीटर थे, उन्हें 13000 किलोमीटर तक पहुंचाया। श्री शाह ने कहा कि कमलनाथ जैसे जिन नेताओं ने कभी हाथों में हल नहीं पकड़ा, वो हमारी सरकार पर सवाल उठाते हैं। जबकि उनकी सरकार के समय समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी सिर्फ 4.38 लाख थी, जिसे हमारी सरकार ने 77.96 लाख मीट्रिक टन तक पहुंचाया। धान की खरीदी सिर्फ 95 हजार मीट्रिक टन होती थी, जिसे 46.30 लाख टन तक पहुंचाया। प्रदेश में हुए इस रिकॉर्ड तोड़ विकास के लिए मैं शिवराज जी को साधुवाद देता हूं।

    श्री शाह ने कहा कि पहले की सरकारें टुकड़े-टुकड़े विकास पर विश्वास करती थीं। 20 हजार घर, 30 हजार शौचालय जैसे लक्ष्य हुआ करते थे। लेकिन प्रधानमंत्री मोदी जी ने देश में पहली बार संपूर्ण सेचुरेशन का कांसेप्ट दिया। हर घर में शौचालय, हर जरूरतमंद माता-बहन को गैस कनेक्शन, हर घर में नल से जल जैसी योजनाएं संपूर्ण सेचुरेशन की ही उदाहरण हैं। संपूर्ण सेचुरेशन को हासिल करने के लिए ही मोदी सरकार ने प्रदेश के 80 लाख घरों में शौचालय बनाए हैं, तो 1.2 करोड़ प्रधानमंत्री अन्न योजना के कॉर्ड बनाए हैं। 10.87 लाख गैस सिलेंडर बांटे गए हैं। 42 लाख प्रधानमंत्री आवास बनाए गए हैं। 4000 कि.मी. नए राजमार्ग बनाए जा रहे हैं। रीवा, ग्वालियर और जबलपुर एयरपोर्ट का विकास हो रहा है, 35 रेल्वे स्टेशन विश्वस्तरीय बनाए जा रहे हैं। प्रदेश की विकास दर 16 प्रतिशत हो गई है और सिंचाई क्षमता 47 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गई है। प्रदेश की 46 लाख बेटियां लाडली लक्ष्मी बन चुकी हैं। प्रदेश में 24 मेडिकल कॉलेज खोले जा रहे हैं और मेडिकल, इंजीनियरिंग तथा पॉलीटेक्निक की पढ़ाई हिंदी में शुरू कराई जा रही है। भोपाल और इंदौर शहरों में मेट्रो रेल का काम तेजी से चल रहा है। ओंकारेश्वर में 2400 करोड़ की लागत से आदि शंकराचार्य अद्वैत स्मारक बनाया जा रहा है, तो उज्जैन में महाकाल महालोक बनकर तैयार हो चुका है। श्री शाह ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने आदिवासियों को उनके अधिकार देने के लिए पेसा एक्ट लागू किया है तथा जनजातीय इतिहास को संजोने के लिए संग्रहालय बनाए जा रहे हैं। जनजातीय क्रांतिवीरों और जननायकों की स्मृतियों को संजोने के लिए रेलवे स्टेशनों के नाम उनके नाम पर रखे जा रहे हैं।

    श्री शाह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने जवाबदेही की एक नई परंपरा शुरू की है, जिसके अंतर्गत हर सरकार अपने कार्यकाल में किए गए कामों का लेखा-जोखा प्रस्तुत करती है। हमने अपना रिपोर्ट कॉर्ड प्रस्तुत किया है और गलत आरोप लगाकर जनता को गुमराह करने वाली कांग्रेस को इस रिपोर्ट कॉर्ड का जवाब देना चाहिए। कांग्रेस ने प्रदेश की जनता के साथ जो अन्याय किया है, उसका जवाब देना चाहिए और अगर उसमें हिम्मत है, तो अपने 53 सालों के शासन का रिपोर्ट कॉर्ड प्रस्तुत करे। श्री शाह ने कहा कि मध्यप्रदेश में 15 महीनों के लिए कमलनाथ की सरकार बनी थी, जिन्हें करप्शन नाथ कहा जाता है। बंटाढार और कमलनाथ की उस सरकार ने भाजपा सरकार द्वारा शुरू की गई गरीब कल्याण की सारी योजनाएं बंद कर दीं थी और गरीब कल्याण अभियान को अपाहिज बना दिया था। उस सरकार ने सहरिया, भारिया और बैगा बहनों को मिलने वाला पोषण अनुदान बंद कर दिया था। श्री शाह ने कहा कि इस्तीफा देते समय कोई मुख्यमंत्री काम नहीं करता, लेकिन करप्शननाथ ने अपने इस्तीफे से 15 मिनट पहले मोबाइल घोटाले से संबंधित दस्तावेजों पर साइन किए। करप्शन नाथ ने 350 करोड़ का मोजर बियर घोटाला किया और 2400 करोड़ के अगस्ता वेस्टलैंड घोटाले से उनका संबंध है। करप्शन नाथ ने 600 करोड़ का इफ्को घोटाला, कर्जमाफी में 25000 करोड़ का हेरफेर किया। उस सरकार ने 800 ट्रांसफर करके नया तबादला उद्योग शुरू कर दिया था। श्री शाह ने कहा कि कमलनाथ को अपनी सरकार के डेढ़ सालों में हुए घोटालों का जवाब देना चाहिए।
    जनता तय करे, वह घोटालों के साथ है या विकास के साथ
    श्री शाह ने कहा कि मोदी जी ने देश के प्रधानमंत्री बनते ही भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का बीड़ा उठाया। देश को दुनिया की तीसरी अर्थव्यवस्था, 5 ट्रिलियन इकॉनॉमी और आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प लिया। आज भारत क्लाइमेट चेंज और आतंकवाद पर जीरो टालरेंस के मामले में दुनिया का नेतृत्व कर रहा है। जी-20 समिट सारी दुनिया में भारत की संस्कृति, विकास और उसके भविष्य के प्रसार का माध्यम बन रही है। पहली बार जी-20 समिट देश के सभी राज्यों के 59 स्थानों पर हो रही है। 14 देशों ने प्रधानमंत्री मोदी जी को अपना सर्वोच्च सम्मान दिया है। भारत आज डिजिटल लेनदेन, एलईडी वल्ब के वितरण, स्वच्छता, टीकाकरण तथा दाल, दलहन, दूध,जूट और रेल इंजन के उत्पादन में दुनिया में पहले स्थान पर है। मोबाइल, सीमेंट, स्टील, कॉटन, चाय के उत्पादन में दूसरे स्थान पर तथा स्टार्टअप और वाहन उद्योग में तीसरे स्थान पर है। दूसरी तरफ कांग्रेस अपने शासन में सिर्फ घोटाले करती रही। बोफोर्स घोटाला, टूजी घोटाला, सत्यम घोटाला, कॉमनवेल्थ घोटाला, कोयला घोटाला, चॉपर घोटाला, टेट्रा ट्रक घोटाला, वोट के बदले नोट घोटाला, आदर्श हाउसिंग घोटाला, डीएलएफ घोटाला, नेशनल हेराल्ड घोटाला, खाद्य सुरक्षा बिल घोटाला, शेयर बाजार घोटाला, आईपीएल घोटाला, एलआईसी हाउसिंग घोटाला, मधु कोड़ा कांड, राफेल खरीदी घोटाला, सबमरीन घोटाला, मंदिर कलेक्शन घोटाला और वॉक्स वैगन इक्विटी घोटाले जैसे 24 से अधिक घोटालों में लिप्त रही है। श्री शाह ने कहा कि अब यह मध्यप्रदेश की जनता को तय करना है कि वह विकास के साथ है या घोटालों के साथ। अगर वो विकास के साथ है, तो उसे 2023 के विधानसभा चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को अपना समर्थन देना है।

    केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा कि 2003 से पहले मध्यप्रदेश बीमारू राज्यों में शामिल था और यहां डकैतों, नक्सलियों का आतंक था। हमारी सरकार ने प्रदेश को बीमारू राज्य के ठप्पे से मुक्ति दिलाई। वर्ष 2002-03 में प्रदेश की अर्थव्यवस्था का आकार 71000 करोड़ रुपये हुआ करता था, वह अब 13.5 लाख करोड़ के पार हो गया है। देश की जीडीपी में पहले प्रदेश का योगदान सिर्फ 3.6 प्रतिशत था, जो अब 4.8 प्रतिशत हो गया है। हमने प्रदेश में सड़कों का जाल बिछाया है और सिंचाई के क्षेत्र में तो चमत्कार हो गया है। श्री चौहान ने कहा कि 2014 में श्री नरेंद्र मोदी जी के प्रधानमंत्री बनने के बाद प्रदेश की प्रगति को नई दिशा और गति मिली है। डबल इंजन वाली सरकार ने विकास के नए प्रतिमान गढ़ दिए हैं। पहले जहां एक पंचायत को गिनती के ही आवास मिला करते थे, वहीं अब हर पंचायत औसत 122-23 प्रधानमंत्री आवास मिल रहे हैं। महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में प्रदेश में अभूतपूर्व काम हुआ है। प्रदेश की विकास दर 16 प्रतिशत से ऊपर है, लेकिन हम इससे संतुष्ट नहीं हैं। श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश को 2047 तक देश को दुनिया को सबसे समृद्ध, गौरवशाली, वैभवशाली और शक्तिशाली राष्ट्र बनाने तथा देश को पांच ट्रिलियन इकॉनॉमी बनाने का संकल्प लिया है। इसे पूरा करने में मध्यप्रदेश कोई कसर नहीं छोड़ेगा और हमने भी इसमें भागीदारी करते हुए प्रदेश को 550 बिलियन की इकॉनॉमी बनाने का लक्ष्य तय किया है।

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि प्रदेश के लिए यह गर्व की बात है कि भाजपा सरकार के 20 सालों के गरीब कल्याण के रिपोर्ट कॉर्ड का लोकार्पण केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के हाथों किया जा रहा है, मैं प्रदेश की जनता की ओर से तथा पार्टी कार्यकर्ताओं की ओर से उनका स्वागत करता हूं, आभार जताता हूं। उन्होंने कहा कि भाजपा की डबल इंजन वाली सरकार देश और प्रदेश को लगातार विकास के रास्ते पर आगे बढ़ा रही है और यह हमारा सौभाग्य है कि हमारे पास ऐसी सशक्त सरकार है, जो अपने निर्णयों को लागू करने में सक्षम है।

  • हजार वर्षों का स्वर्णकाल लिख रहा हिंदुस्तान:प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

    हजार वर्षों का स्वर्णकाल लिख रहा हिंदुस्तान:प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

    मेरे प्रिय 140 करोड़ परिवारजन,

    दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र और अब बहुत लोगों का अभिप्राय है ये जनसंख्या की दृष्टि से भी हम विश्व में नंबर एक पर हैं। इतना बड़ा विशाल देश, 140 करोड़ देश, ये मेरे भाई-बहन, मेरे परिवारजन आज आजादी का पर्व मना रहे हैं। मैं देश के कोटि-कोटि जनों को, देश और दुनिया में भारत को प्यार करने वाले, भारत का सम्मान करने वाले, भारत का गौरव करने वाले कोटि-कोटि जनों को आजादी के इस महान पवित्र पर्व की अनेक-अनेक शुभकामनाएं देता हूं।

    मेरे प्यारे परिवारजन,

    पूज्य बापू के नेतृत्व में असहयोग का आंदोलन, सत्याग्रह की मूवमेंट और भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरू जैसे अनगिनत वीरों का बलिदान, उस पीढ़ी में शायद ही कोई व्यक्ति होगा जिसने देश की आजादी में अपना योगदान न दिया हो। मैं आज देश की आजादी की जंग में जिन-जिन ने योगदान दिया है, बलिदान दिए हैं, त्याग किया है, तपस्या की है, उन सबको आदरपूर्वक नमन करता हूं, उनका अभिनंदन करता हूं। आज 15 अगस्त महान क्रांतिकारी और अध्यात्म जीवन के रूचि तुल्य प्रणेता श्री अरविंदों की 150वीं जयंती पूर्ण हो रही है। ये वर्ष स्वामी दयानंद सरस्वती के 150वीं जयंती का वर्ष है। ये वर्ष रानी दुर्गावती के 500वीं जन्मशती का बहुत ही पवित्र अवसर है जो पूरा देश बड़े धूमधाम से मनाने वाला है। ये वर्ष मीराबाई भक्ति योग की सिरमौर मीराबाई के 525 वर्ष का भी ये पावन पर्व है। इस बार जब हम 26 जनवरी मनाएंगे वो हमारे गणतंत्र दिवस की 75वीं वर्षगांठ होगी। अनेक प्रकार से अनेक अवसर, अनेक संभावनाएं राष्ट्र निर्माण में जुटे रहने के लिए पल-पल नई प्रेरणा, पल-पल नई चेतना, पल-पल सपने, पल-पल संकल्प, शायद इससे बड़ा कोई अवसर नहीं हो सकता।
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    मेरे प्यारे परिवारजन,

    इस बार प्राकृतिक आपदा ने देश के अनेक हिस्सों में अकल्पनीय संकट पैदा किए। जिन परिवारों ने इस संकट में सहन किया है मैं उन सभी परिवाजनों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट करता हूं और राज्य-केंद्र सरकार मिल करके उन सभी संकटों से जल्दी‍ से मुक्त हो करके फिर तेज गति से आगे बढ़ेंगे ये विश्वास दिलाता हूं।

    मेरे प्यारे परिवारजनों,

    पिछले कुछ सप्ताह नार्थ-ईस्ट में विशेषकर मणिपुर में और हिन्दुस्तान के भी अन्य कुछ भागो में, लेकिन विशेषकर मणिपुर में जो हिंसा का दौर चला, कई लोगों को अपना जीवन खोना पड़ा, मां-बेटियों के सम्मान के साथ खिलवाड़ हुआ, लेकिन कुछ दिनों से लगातार शांति की खबरें आ रही हैं, देश मणिपुर के लोगों के साथ है। देश मणिपुर के लोगों ने पिछले कुछ दिनों से जो शांति बनाई रखी है, उस शांति के पर्व को आगे बढ़ाए और शांति से ही समाधान का रास्ता निकलेगा। और राज्य और केंद्र सरकार मिलकर के उन समस्याओं के समाधान के लिए भरपूर प्रयास कर रही है, करती रहेगी।

    मेरे प्यारे परिवारजनों,

    जब हम इतिहास की तरफ नजर करते हैं तो इतिहास में कुछ पल ऐसे आते हैं जो अपनी अमिट छाप छोडकर के जाते है। और उसका प्रभाव सदियों तक रहता है और कभी-कभी शुरूआत में वो बहुत छोटा लगता है, छोटी सी घटना लगती है, लेकिन वो अनेक समस्याओं की जड़ बन जाती है। हमें याद है 1000-1200 साल पहले इस देश पर आक्रमण हुआ। एक छोटे से राज्य के छोटे से राजा का पराजय हुआ। लेकिन तब पता तक नहीं था कि एक घटना भारत को हजार साल की गुलामी में फंसा देगी। और हम गुलामी में जकड़ते गए, जकड़ते गए, जकड़ते गए, जो आया लूटता गया, जो जिसका मन चाहा, हम पर आकर सवार हो गया। कैसा विपरीत काल रहा होगा, वो हजार साल का।
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    मेरे प्यारे परिवारजनों,

    घटना छोटी क्यों न हो, लेकिन हजार साल तक प्रभाव छोड़ती रही है। लेकिन मैं आज इस बात का जिक्र इसलिए करना चाहता हूं कि भारत के वीरों ने इस कालखण्ड में कोई भू-भाग ऐसा नहीं था, कोई समय ऐसा नहीं था, जब उन्होंने देश की आजादी की लौ को जलता ना रखा हो, बलिदान की परंपरा न बनाई हो। मां भारती बेड़ियों से मुक्त होने के लिए उठ खड़ी हुई थी, जंजीरों को झकझोर रही थी और देश की नारी शक्ति, देश की युवा शक्ति, देश के किसान, देश के गांव के लोग, मजदूर, कोई हिन्दुस्तानी ऐसा नहीं था, जो आजादी के सपने को लेकर के जीता न हो। आजादी को पाने के लिए मर-मिटने के लिए तैयार होने वालों की एक बड़ी फौज तैयार हो गई थी। जेलों में जवानी खपाने वाले अनेक महापुरूष हमारी देश की आजादी को, गुलामी के बेड़ियों को तोड़ने के लिए लगे हुए थे।

    मेरे प्यारे प्रिय परिवारजनों,

    जनचेतना का वो व्यापक रूप, त्याग और तपस्या का वो व्यापक रूप जन-जन के अंदर एक नए विश्वास जगाने वाला वो पल, आखिकार 1947 में देश आजाद हुआ, हजार साल की गुलामी में संजोये हुए सपने देशवासियों ने पूरे करते हुए देखे।

    साथियों,

    मैं हजार साल पहले की बात इसलिए कह रहा हूं, मैं देख रहा हूं फिर एक बार देश के सामने एक मौका आया है, हम ऐसे कालखण्ड में जी रहे हैं, ऐसे कालखण्ड में हमने प्रवेश किया है और यह हमारा सौभाग्य है कि भारत के ऐसे अमृतकाल में, यह अमृतकाल का पहला वर्ष है या तो हम जवानी में जी रहे हैं या हम मां भारती की गोद में जन्म ले चुके हैं। और ये कालखण्ड मेरे शब्द लिखकर के रखिए, मेरे प्यारे परिवारजनों, इस कालखण्ड में जो हम करेंगे, जो कदम उठाऐंगे, जितना त्याग करेंगे, तपस्या करेंगे। सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय, एक के बाद एक फैसले लेंगे, आने वाले एक हजार साल का देश का स्‍वर्णिम इतिहास उससे अंकुरित होने वाला है। इस कालखंड में होने वाली घटनाएं आगामी एक हजार साल के लिए इसका प्रभाव पैदा करने वाली हैं।
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    गुलामी की मानसिकता से बाहर निकला हुआ देश पंचप्राण को समर्पित हो, एक नए आत्‍मविश्‍वास के साथ आज आगे बढ़ रहा है। नए संकल्‍पों को सिद्ध करने के लिए वो जी-जान से जुड़ रहा है। मेरी भारत माता जो कभी ऊर्जा का सामर्थ्‍य था, लेकिन राख के ढेर में दबी पड़ी थी। वो भारत माँ 140 करोड़ देशवासियों के पुरुषार्थ से, उनकी चेतना से, उनकी ऊर्जा से, फिर एक बार जागृत हो चुकी है। मां भारती जागृत हो चुकी है और मैं साफ देख रहा हूँ दोस्‍तों, यही कालखंड है, पिछले 9-10 साल हमने अनुभव किया है। विश्‍व भर में भारत की चेतना के प्रति, भारत के सामर्थ्‍य के प्रति एक नया आकर्षण, नया विश्‍वास, नई आशा पैदा हुई है और ये प्रकाश पुंज जो भारत से उठा है वो विश्‍व को उसमें अपने लिए ज्‍योति नजर आ रही है। विश्‍व को एक नया विश्‍वास पैदा हो रहा है। हमारा सौभाग्‍य है कुछ ऐसी चीजें हमारे पास हैं जो हमारे पूर्वजों ने हमें विरासत में दी है और वर्तमान कालखंड ने गढ़ी है। आज हमारे पास डेमोग्राफी है, आज हमारे पास डेमोक्रेसी है, आज हमारे पास डाइवर्सिटी है। डेमोग्राफी, डेमोक्रेसी और डाइवर्सिटी की ये त्रिवेणी भारत के हर सपने को साकार करने का सामर्थ्‍य रखती है। आज पूरे विश्‍व में वहां देशों की उम्र ढल रही है, ढलाव पर है तो भारत यौवन की तरफ ऊर्जावान हो करके बढ़ रहा है। कितने बड़े गौरव का कालखंड है कि आज 30 साल की कम आयु की जनसंख्‍या दुनिया में सर्वाधिक कहीं है तो ये मेरे भारत मां की गोद में है। ये मेरे देश में है और 30 साल से कम उम्र के नौजवान हों, मेरे देश के पास हो, कोटि-कोटि भुजाएं हों, कोटि-कोटि मस्‍तिष्‍क हों, कोटि-कोटि सपने, कोटि-कोटि संकल्‍प हों तो भाईयों और बहनों, मेरे प्रिय परिवारजनों, हम इच्‍छित परिणाम प्राप्‍त करके रह सकते हैं।

    मेरे प्‍यारे परिवारजनों,

    देश का भाग्‍य ऐसी घटनाएं बदल देती है। ये सामर्थ्‍य देश के भाग्‍य को बदल देता है। भारत 1 हजार साल की गुलामी और आने वाले 1 हजार साल के भव्‍य भारत के बीच में पड़ाव पर हम खड़े हैं। एक ऐसी संधि पर खड़े हैं और इसलिए अब हमें न रुकना है, न दुविधा में जीना है।
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    मेरे प्‍यारे परिवारजनों,

    हमें खोई हुई उस विरासत का गर्व करते हुए, खोई हुई समृद्धि को प्राप्‍त करते हुए हमें फिर एक बार और ये बात मान कर चलें, हम जो भी करेंगे, हम जो भी कदम उठाएंगे, हम जो भी फैसला लेंगे वो अगले 1 हजार साल तक अपनी दिशा निर्धारित करने वाला है। भारत के भाग्‍य को लिखने वाला है, मैं आज मेरे देश के नौजवानों को, मेरे देश की बेटे-बेटियों को ये जरूर कहना चाहूँगा, जो सौभाग्‍य आज मेरे युवाओं को मिला है, ऐसा सौभाग्‍य, शायद ही किसी को नसीब होता है, जो आपको नसीब हुआ है।

    और इसलिए हमें ये गंवाना नहीं है। युवा शक्ति में मेरा भरोसा है, युवा शक्ति में सामर्थ्‍य है और हमारी नीतियां और हमारी रीतियां भी उस युवा सामर्थ्‍य को और बल देने के लिए है।

    आज मेरे युवाओं ने दुनिया के पहले तीन स्टार्टअप इकोनॉमी सिस्‍टम में भारत को स्‍थान दिला दिया है। विश्‍व के युवाओं को अचम्‍भा हो रहा है। भारत के इस सामर्थ्‍य को लेकर के, भारत की इस ताकत को देखकर के। आज दुनिया टेक्‍नोलॉजी ड्रिवेन है और आने वाला युग टेक्‍नोलॉजी से प्रभावित रहने वाला है और तब टेक्‍नोलॉजी में भारत की जो टेलेंट है, उसकी एक नई भूमिका रहने वाली है।

    साथियों,

    मैं पिछले दिनों जी-20 समिट में बाली गया था और बाली में दुनिया के समृद्ध से समृद्ध देश, दुनिया के विकसित देश भी, उनके मुखिया, मुझे भारत की डिजिटल इंडिया की सफलता के लिए, उसकी बारिकियों को जानने के लिए इच्‍छुक थे। हर कोई इसका सवाल पूछता था और जब मैं उनको कहता था कि भारत ने जो कमाल किया है ना वो दिल्‍ली, मुंबई, चेन्नई तक सीमित नहीं है, भारत जो कमाल कर रहा है, मेरे टियर-2, टियर-3 सिटी के युवा भी आज मेरे देश का भाग्‍य गढ़ रहे हैं। छोटे-छोटे स्‍थान के मेरे नौजवान, और मैं आज बड़े विश्‍वास से कहता हूं कि देश का ये जो सामर्थ्‍य नया नजर आ रहा है, और इसलिए मैं कहता हूं हमारे छोटे शहर आकार और आबादी में छोटे हो सकते हैं। ये हमारे छोटे-छोटे शहर, हमारे कस्‍बे आकार और आबादी में छोटे हो सकते हैं, लेकिन आशा और आकांक्षा, प्रयास और प्रभाव वो किसी से कम नहीं है, वो सामर्थ्‍य उनके अंदर है। नए एप, नए सोल्‍यूशन, टेक्‍नोलॉजी डिवाइस। अब खेलों की दुनिया देखिए, कौन बच्‍चे हैं, झुग्‍गी झोंपड़ी से निकले हुए बच्चे आज खेलों की दुनिया में पराक्रम दिखा रहे हैं। छोटे-छोटे गांव, छोटे-छोटे कस्‍बे के नौजवान, हमारे बेटे-बेटियां आज कमाल दिखा रहे हैं। अब देखिए, मेरे देश के सौ स्‍कूल ऐसे हैं, जहां के बच्‍चे सेटेलाइट बना करके सेटेलाइट छोड़ने की तैयारियां कर रहे हैं। आज हजारों टिंकरिंग लैब नये वैज्ञानिकों का गर्भाधान कर रही है। आज हजारों टिंकरिंग लैब लाखों बच्‍चों को साइंस और टेक्‍नोलॉजी के राह पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरणा दे रही है।

    मैं मेरे देश के नौजवानों को कहना चाहता हूं कि अवसरों की कमी नहीं है, आप जितने अवसर चाहेंगे, ये देश आसमान से भी ज्‍यादा अवसर आपको देने का सामर्थ्‍य रखता है।

    मैं आज लालकिले की प्राचीर से मेरे देश की माताओं, बहनों, मेरे देश की बेटियों का ह्दय से अभिनंदन करता चाहता हूं। देश आज जहां पहुंचा है, उसमें विशेष शक्ति जुड़ रही है, मेरी माताओं, बहनों के सामर्थ्‍य की। आज देश प्रगति की राह पर चल पड़ा है तो मैं मेरे किसान भाई-बहनों का भी अभिनंदन करना चाहता हूं ये आप ही का पुरुषार्थ है, ये आप ही का परिश्रम है कि देश आज कृषि क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। मैं मेरे देश के मजदूरों का, मेरे श्रमिकों का, मेरे प्रिय परिवारजन ऐसे कोटि-कोटि समूहों को आज मैं नमन करता हूं। उनका अभिनंदन कर रहा हूं। देश आज जो आधुनिकता की ओर बढ़ रहा है, विश्‍व की तुलना करने वाले सामर्थ्‍य के साथ नजर आ रहा है, उसके पीछे मेरे देश के मजदूरों का, मेरे देश के श्रमिकों का बहुत बड़ा योगदान है, आज समय कहता है कि लालकिले की प्राचीर से मैं उनका अभिनंदन करूं। उनका अभिवादन करूं और यह मेरे परिवारजन, 140 करोड़ देशवासी मेरे इन श्रमिकों, रेहड़ी-पटरी वालों का, फूल-सब्‍जी बेचने वालों का हम सम्‍मान करते हैं। मेरे देश को आगे बढ़ाने में, मेरे देश को प्रगति की नई ऊंचाई पर ले जाने में प्रोफेशनल्स की बहुत बड़ी भूमिका बढ़ती रही है। चाहे साइंटिस्‍ट हो, चाहे इंजीनियर्स हो, डॉक्‍टर्स हो, नर्सेस हो, शिक्षक हो, आचार्य हो, युनिवर्सिटीस हो, गुरूकुल हो हर कोई मां भारती का भविष्‍य उज्ज्वल बनाने के लिए अपनी पूरी ताकत से लगा हुआ है।

    मेरे प्‍यारे परिवारजनों,

    राष्‍ट्रीय चेतना वो एक ऐसा शब्‍द है जो हमें चिंताओं से मुक्‍त कर रहा है। और आज वो राष्‍ट्रीय चेतना यह सिद्ध कर रही है कि भारत का सबसे बड़ा सामर्थ्‍य बना है भरोसा, भारत का सबसे बड़ा सामर्थ्‍य बना है विश्‍वास, जन-जन में हमारा विश्‍वास, जन-जन का सरकार पर विश्‍वास, जन-जन का देश के उज्ज्वल भविष्‍य पर विश्‍वास और विश्‍व का भी भारत के प्रति विश्‍वास। यह विश्‍वास हमारी नीतियों का है, हमारी रीति का है। भारत के उज्ज्वल भविष्‍य को जिस निर्धारित मजबूत कदमों से हम आगे बढ़ा रहे हैं उसका है।
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    भाईयों और बहनों,

    मेरे प्‍यारे परिवारजनों, यह बात निश्चित है कि भारत का सामर्थ्‍य और भारत की संभावनाएं विश्‍वास की नई बुलंदियों को पार करने वाली है और यह विश्‍वास की नई बुलंदियां नये सामर्थ्‍य को ले करके चलनी चाहिए। आज देश में जी-20 समिट की मेहमान नवाजी का भारत को अवसर मिला है। और पिछले एक साल से हिन्‍दुस्‍तान के हर कोने में जिस प्रकार से जी-20 के अनेक ऐसे आयोजन हुए हैं, अनेक कार्यक्रम हुए हैं, उसने देश के सामान्‍य मानवी के सामर्थ्‍य को विश्‍व को परिचित करा दिया है। भारत की विविधता का परिचय कराया है। भारत की डायवर्सिटी को दुनिया अचम्भे से देख रही है और उसके कारण भारत के करीब आकर्षण बढ़ा है। भारत को जानने की, समझने की इच्छा जगी है। उसी प्रकार से आप देखिए, एक्‍सपोर्ट, आज भारत का एक्‍सपोर्ट तेजी से बढ़ रहा है और मैं कहना चाहता हूं दुनिया के एक्सपर्टस इन सारे मानदंडों के आधार पर कह रहे हैं कि अब भारत रूकने वाला नहीं है। दुनिया की कोई भी रेटिंग एजेंसी होगी वो भारत का गौरव कर रही है। कोरोना काल के बाद दुनिया एक नये सिरे से सोचने लगी है। और मैं विश्‍वास से देख रहा हूं कि जिस प्रकार से द्वितीय महायुद्ध के बाद, द्वितीय विश्‍वयुद्ध के बाद दुनिया में एक नया वर्ल्ड ऑर्डर ने आकार लिया था। मैं साफ-साफ देख रहा हूं कि कोरोना के बाद एक नया विश्‍व ऑर्डर, एक नया ग्‍लोबल ऑर्डर, एक नया जियो पॉलिटिकल इक्‍वेशन यह बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है। जियो पॉलिटिकल इक्‍वेशन की सारी व्‍याख्‍याएं बदल रही हैं, परिभाषाएं बदल रही हैं। और मेरे प्‍यारे परिवाजनों, आप गौरव करेंगे बदलते हुए विश्‍व को शेप देने में आज मेरे 140 करोड़ देशवासियों आपका सामर्थ्‍य नजर आ रहा है। आप निर्णायक मोड़ पर खड़े हैं।

    और कोरोना काल में भारत ने जिस प्रकार से देश को आगे बढ़ाया हे, दुनिया ने हमारे सामर्थ्‍य को देखा है। जब दुनिया की supply chain तहस-नहस हो गई थी, बड़ी-बड़ी अर्थव्‍यवस्‍था पर दबाव था, उस समय भी हमने कहा था हमें विश्‍व का विकास देखना है, तो वो मानव केंद्रित होना चाहिए, मानवीय संवेदनाओं से भरा हुआ होना चाहिए, और तब जा करके समस्‍याओं का सही समाधान निकालेंगे और कोविड ने हमें सिखाया है या हमें मजबूर किया है, लेकिन मानवीय संवेदनाओं को छोड़ करके हम विश्‍व का कल्‍याण नहीं कर सकते।

    आज भारत ग्‍लोबल साउथ की आवाज बन रहा है। भारत की समृद्धि, विरासत आज दुनिया के लिए एक अवसर बन रही है। ग्‍लोबल इकोनॉमी, ग्‍लोबल supply chain में भारत की हिस्‍सेदारी, मैं पक्के विश्‍वास से कहता हूं, आज जो भारत में परिस्थिति पैदा हुई है, आज जो भारत ने कमाया है, वो दुनिया में स्थिरता की गारंटी ले करके आया है दोस्तों। अब न हमारे मन में, न 140 करोड़ मेरे परिवारजनों के मन में और न ही दुनिया के मन में कोई ifs हैं कोई buts हैं, विश्‍वास बन चुका है।

    मेरे प्‍यारे देशवासियों,

    अब गेंद हमारे पाले में है, हमें अवसर जाने नहीं देना चाहिए, हमें मौका छोड़ना नहीं चाहिए। भारत में मैं मेरे देशवासियों का इसलिए भी अभिनंदन करता हूं कि मेरे देशवासियों में एक नीर-क्षीर विवेक का सामर्थ्‍य है, समस्‍याओं की जड़ों को समझने का सामर्थ्‍य है और इसलिए 2014 में मेरे देशवासियों ने 30 साल के अनुभव के बाद तय किया कि देश को आगे ले जाना है तो स्थिर सरकार चाहिए, मजबूत सरकार चाहिए, पूर्ण बहुमत वाली सरकार चाहिए, और देशवासियों ने एक मजबूत और स्थिर सरकार बनाई है। और तीन दशकों तक जो अनिश्चिता का काल था, जो अस्थिरता का कालखंड था, जो राजनीतिक मजबूरियों से देश जकड़ा हुआ था, उससे मुक्ति मिली।

    मेरे प्‍यारे परिवारजनों,

    देश के पास आज ऐसी सरकार है, वो सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय देश के संतुलित विकास के लिए समय का पल-पल और जनता की पाई-पाई जनता की भलाई के लिए लगा रही है और मेरी सरकार, मेरे देशवासियों का मान एक बात से जुड़ा हुआ है, हमारे हर निर्णय, हमारी हर दिशा, उसका एक ही मानदंड है Nation First राष्‍ट्र प्रथम और राष्‍ट्र प्रथम यही दूरगामी परिणाम, सकारात्‍मक परिणाम पैदा करने वाला है। देश में बड़े स्‍तर पर काम हो रहा है। लेकिन मैं कहना चाहूंगा 2014 में आपने एक मजबूत सरकार बनाई और मैं कहता हूं 2014 में और 2019 में आपने एक सरकार form की तो मोदी में reform करने की हिम्‍मत आई। आपने ऐसी सरकार form की कि मोदी को reform करने की हिम्‍मत आई। और जब मोदी ने एक के बाद एक reform किए तो मेरे ब्‍यूरोक्रेसी के लोग, मेरे लाखों हाथ-पैर, जो हिन्‍दुस्‍तान के कोने-कोने में सरकार के हिस्‍से के रूप में काम कर रहे हैं, उन्‍होंने ब्‍यूरोक्रेसी ने transform करने के लिए perform करने की जिम्‍मेदारी बखूबी निभाई और उन्‍होंने perform करके दिखाया और जनता-जनार्दन जुड़ गई तो वो transform होता भी नजर आ रहा है। और इसलिए reform, perform, transform ये कालखंड अब भारत के भविष्‍य को गढ़ रहा है। और हमारी सोच देश की उस ताकतों को बढ़ावा देने पर है, जो आने वाले एक हजार साल की नींव को मजबूत करने वाले हैं। दुनिया को युवा शक्ति की जरूरत है, युवा स्किल की जरूरत है। हमने अलग स्किल मिनिस्‍ट्री बनाई, वो भारत की आवश्‍यकताओं को तो पूरा करेगी, वो दुनिया की आवश्‍यकताओं को भी पूर्ण करने का भी सामर्थ्‍य रखेगी। हमने जल शक्ति मंत्रालय बनाया। मंत्रालय की बनाने की रचना को भी अगर वो analysis करेगा ना तो इस सरकार के मन-मस्तिष्क को बड़े अच्छे ढंग से आप समझ पाएंगे। हमने जल शक्ति मंत्रालय बनाया ये जल शक्ति मंत्रालय हमारा, हमारे देश के एक-एक देशवासियों को पीने का शुद्ध पानी पहुंचे, पर्यावरण की रक्षा के लिए पानी के प्रति संवदेनशील व्यवस्थाएं विकसित हो उस पर हम बल दे रहे हैं। हमारे देश में कोरोना के बाद दुनिया देख रही है holistic health care ये समय की मांग है। हमने अलग आयुष मंत्रालय बनाया और योग और आयुष आज दुनिया में अपना परचम लहरा रहे हैं।

    दुनिया को हमारे commitment के कारण विश्व का हमारे प्रति ध्यान गया है। अगर हम ही हमारे इस सामर्थ्य को नकार देंगे तो फिर दुनिया कैसे स्वीकर करेगी। लेकिन जब मंत्रालय बना तो दुनिया को भी उसका मूल्य समझ में आया। मत्स्य पालन हमारा इतना बड़ा समुद्री तट, हमारे कोटि-कोटि मछुआरे भाई-बहन उनका कल्याण भी हमारे दिलों में है और इसलिए हमने अलग से मत्स्य पालन को लेकर के, पशुपालन को लेकर के, डेयरी को लेकर के अलग मंत्रालय की रचना की ताकि समाज के जिस वर्ग के लोग पीछे रह गए उनको हम साथ दे। देश में सरकारी अर्थव्यवस्था के हिस्से होते हैं लेकिन समाज की अर्थव्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा है cooperative movement उसको बल देने के लिए, उसमें आधुनिकता लाने के लिए और देश के कोने-कोने में लोकतंत्र की एक सबसे बड़ी इकाई को मजबूत करने के लिए हमने अलग cooperative मंत्रालय बनाया और वो हमारी सहकारी संस्थाएं उसका जाल बिछा रहा है ताकि गरीब से गरीब की वहां सुनवाई हो, उसकी आवश्यकताओं की पूर्ति हो और वो भी राष्ट्र के विकास के योगदान में एक छोटी इकाई का हिस्सा बनकर के उसमें वो योगदान दे सके। हमने सहकार से समृद्धि का रास्ता अपनाया है।

    मेरे प्यारे परिवारजनों,

    जब हम 2014 में आए थे, तो हम वैश्विक अर्थव्यवस्था में 10वें नंबर पर थे और आज 140 करोड़ देशवासियों का पुरुषार्थ रंग लाया है कि हम विश्व की अर्थव्यवस्था में 5वें नंबर पर पहुंच चुके हैं। और ये ऐसे ही नहीं हुआ है जब भ्रष्टाचार का राक्षस देश को दबोचे हुए थे, लाखों-करोड़ के घोटाले अर्थव्यवस्था को डावाडोल कर रहे थे, governance, fragile फाइव में देश की पहचान होने लगी थी। Leakages को हमने बंद किया, मजबूत अर्थव्यवस्था बनाई, हमने गरीब कल्याण के लिए ज्यादा से ज्यादा धन खर्च करने का प्रयास किया। और आज मैं देशवासियों को बताना चाहता हूं कि जब देश आर्थिक रूप से समृद्ध होता है तो सिर्फ तिजोरी नहीं भरती है, देश का सामर्थ्य बढ़ता है, देशवासियों का सामर्थ्य बढ़ता है और तिजोरी का पाई-पाई अगर ईमानदारी से जनता-जनार्दन के लिए खर्च करने का संकल्प लेने वाली सरकार हो तो परिणाम कैसा आता है। मैं 10 साल का हिसाब तिरंगे की साक्षी में लाल किले की प्राचीर से मेरे देशवासियों को दे रहा हूं। आंकड़े देखकर के आपको लगेगा इतना बड़ा बदलाव, इतना बड़ा सामर्थ्य। 10 साल पहले राज्यों को 30 लाख करोड़ रूपये भारत सरकार की तरफ से जाते थे। पिछले 9 साल में ये आंकड़ा 100 लाख करोड़ पर पहुंचा है।

    पहले स्थानीय निकाय के विकास के लिए भारत सरकार के खजाने से 70 हजार करोड़ रूपया जाता था, आज वो 3 लाख करोड़ से भी ज्यादा जा रहा है। पहले गरीबों के घर बनाने के लिए 90 हजार करोड़ रूपया खर्च होता था, आज वो 4 गुना होकर के 4 लाख करोड़ से भी ज्यादा खर्च गरीबों के घर बनाने के लिए हो रहा है। पहले गरीबों को यूरिया सस्ता मिले। जो यूरिया के बैग दुनिया के कुछ बाजारों में 3 हजार में बिकते हैं, वो यूरिया का बैग मेरे किसानों को 300 में मिले और इसलिए देश की सरकार 10 लाख करोड़ रुपया मेरे किसानों को यूरिया में सब्‍सिडी दे रही है। मुद्रा योजना 20 लाख करोड़ रुपए उससे भी ज्‍यादा मेरे देश के नौजवानों को स्‍वरोजगार के लिए, अपने व्‍यवसाय के लिए, अपने कारोबार के लिए दिए हैं। 8 करोड़ लोगों ने नया कारोबार शुरू किया है और 8 करोड़ लोगों ने कारोबार शुरू किया है, ऐसा नहीं, हर कारोबारी ने एक या दो, लोगों को रोजगार दिया है। 8-10 करोड़ नए लोगों को रोजगार देने का सामर्थ्‍य ये मुद्रा योजना से लाभ लेने वाले 8 करोड़ नागरिकों ने किया है। MSMEs को करीब साढ़े तीन लाख करोड़ रुपए की मदद से कोरोना के संकट में भी उनको डूबने नहीं दिया, मरने नहीं दिया, उनको एक ताकत दी है। वन रैंक वन पेंशन, मेरे देश के सेना के जवानों का एक सम्‍मान का विषय था, 70 हजार करोड़ रुपया भारत की तिजोरी से आज पहुंचा है। मेरे निवृत्त सेना के नायकों के जेब में उनका परिवार में पहुंचा है। सभी कैटेगरी में मैंने तो कुछ ही गिनाएं हैं, मैं ज्‍यादा समय लेना नहीं चाहता हूँ। हर कैटेगरी में पहले की तुलना में अनेक गुना धन देश के विकास के लिए कोने-कोने में रोजगार पैदा करने के‍ लिए, पाई-पाई का उपयोग भारत का भाग्‍य बदलने के लिए हो और इसलिए हमने काम किया है।

    और मेरे प्‍यारे प्रियजनों,

    इतना ही नहीं, हमने इन सारे प्रयासों का परिणाम है कि आज 5 साल के मेरे एक कार्यकाल में, 5 साल में साढ़े 13 करोड़ मेरे गरीब भाई-बहन गरीबी की जंजीरों को तोड़ करके न्‍यू मिडिल क्‍लास के रूप में बाहर आए हैं। जीवन में इससे बड़ा कोई संतोष नहीं हो सकता।

    मेरे प्‍यारे प्रिय परिवारजनों,

    और जब साढ़े 13 करोड़ लोग गरीबी की इस मुसीबतों से बाहर निकलते हैं तो कैसी-कैसी योजनाओं ने उन्‍हें मदद दी है, उनको आवास योजना का लाभ मिलना, पीएम स्‍वनिधि से 50 हजार करोड़ रुपए रेहड़ी-पटरी वालों तक पहुंचाया है। आने वाले दिनो में, आने वाली विश्‍वकर्मा जयन्‍ती पर एक कार्यक्रम हम आगे लागू करेंगे, इस विश्‍वकर्मा जयन्‍ती पर हम करीब 13-15 हजार करोड़ रुपया से जो परम्‍परागत कौशल्‍य से रहने वाले लोग, जो औजार से और अपने हाथ से काम करने वाला वर्ग है, ज्‍यादातर ओबीसी समुदाय से है। हमारे सुथार हों, हमारे सुनार हों, हमारे राजमिस्‍त्री हों, हमारे कपड़े धोने वाले काम करने वाले लोग हों, हमारे बाल काटने वाले भाई-बहन परिवार हों, ऐसे लोगों को एक नई ताकत देने के लिए हम आने वाले महीने में विश्‍वकर्मा जयन्‍ती पर विश्‍वकर्मा योजना लॉन्‍च करेंगे और करीब 13-15 हजार करोड़ रुपये से उसका प्रारंभ करेंगे। हमने पीएम किसान सम्‍मान निधि में ढाई लाख करोड़ रुपया सीधा मेरे देश के किसानों के खाते में जमा किया है। हमने जल जीवन मिशन हर घर में शुद्ध पानी पहुंचे, दो लाख करोड़ रुपया खर्च किया है। हमने आयुष्‍मान भारत योजना ताकि गरीब को बीमारी के कारण अस्‍पताल जाने से जो मुसीबत होती थी, उससे मुक्‍ति दिलाना। उसको दवाई मिले, उसका उपचार हो, ऑपरेशन हो अच्‍छे से अच्‍छे हॉस्पिटल में हो, आयुष्‍मान भारत योजना के तहत 70 हजार करोड़ रुपये हमने लगाए हैं। पशुधन देश ने कोरोना वैक्‍सीन की बात तो देश को याद है, 40 हजार करोड़ रुपये लगाए, वो तो याद है लेकिन आपको जानकर के खुशी होगी हमने पशुधन को बचाने के लिए करीब–करीब 15 हजार करोड़ रुपया पशुधन के टीकाकरण के लिए लगाया है।

    मेरे प्‍यारे देशवासियों, मेरे प्यारे परिवारजनों,

    जन औषधि केंद्रों ने, देश के Senior Citizens को, देश के मध्यम वर्गीय परिवार को एक नई ताकत दी है। जिस संयुक्‍त परिवार में अगर किसी को एक डायबिटिज जैसा हो जाए 2-3 हजार का बिल स्‍वाभाविक हो जाता है। हमने जन-औषधि केंद्र से जो दवाई बाजार में सौ रुपये में मिलती है वो 10 रुपया, 15 रुपया, 20 में दी। और आज देश के 1000 जन-औषधि केंद्रों से इन बीमारी में जिनको दवाई की जरूरत थी, ऐसे लोगों के करीब 20 करोड़ रुपया उनके जेब में बचा है। और ये ज्‍यादातर मध्‍यम वर्गीय परिवार के लोग हैं। लेकिन आज उसकी सफलता को देखते हुए मैं देशवासियों को कहना चाहता हूं जैसे हम एक विश्‍वकर्मा योजना लेकर के समाज के उस वर्ग को छूने वाले हैं। अब देश में 10 हजार जन-औषधि केंद्र से हम 25 हजार जन-औषधि केंद्र का लक्ष्‍य लेकर के आने वाले दिनों में काम करने वाले हैं।

    मेरे प्‍यारे परिवारजनों,

    जब देश में गरीबी कम होती है तब देश के मध्‍यम वर्गीय वर्ग की ताकत बहुत बढ़ती है। और मैं आपको विश्‍वास दिलाता हूं आने वाले पांच साल में मोदी की गारंटी है, देश पहले तीन वैश्विक इकोनॉमी में अपनी जगह ले लेगा, ये पक्‍का जगह ले लेगा। आज जो साढ़े 13 करोड़ गरीबी से बाहर आए हुए लोग हैं वो एक प्रकार से मध्‍यम वर्गीय ताकत बन जाते हैं। जब गरीब की खरीद शक्ति बढ़ती है तो मध्‍यम वर्ग की व्‍यापार शक्ति बढ़ती है। जब गांव की खरीद शक्ति बढ़ती है, तो कस्‍बे और शहर की आर्थिक व्‍यवस्‍था और तेज गति से दौड़ती है। और यही इंटर कनेक्‍टेड हमारा अर्थ चक्र होता है। हम उसको बल देकर के आगे चलना चाहते हैं।

    मेरे प्‍यारे परिवारजनों,

    शहर के अंदर जो कमजोर लोग रहते हैं, बिना बात की जो मुसीबत रहती है। मध्‍यम वर्गीय परिवार अपने खुद के घर का सपना देख रहे हैं। हम उसके लिए भी आने वाले कुछ सालों के लिए एक योजना लेकर के आ रहे हैं और जिसमें ऐसे मेरे परिवारजन जो शहरों में रहते हैं, लेकिन किराए के मकान पर रहते हैं, झुग्‍गी-झोपड़ी में रहते हैं, चाल में रहते हैं, unauthorised कॉलोनी में रहते हैं। ऐसे मेरे परिवारजन अगर अपना मकान बनाना चाहते हैं तो बैंक से जो लोन मिलेगा उसके ब्‍याज के अंदर राहत देकर के लाखों रुपयों की मदद करने का हमने निर्णय किया है। मेरे मध्‍यम वर्गीय परिवार को दो लाख से 7 लाख इनकम टैक्‍स की सीमा बढ़ जाती है तो सबसे बड़ा लाभ सैलरी क्‍लास को होता है, मेरे मध्‍यम वर्गीय को होता है। इंटरनेट का डाटा बहुत महंगा था 2014 के पहले। अब दुनिया का सबसे सस्ता इंटरनेट का डेटा पर खर्चा हो रहा है, हर परिवार के पैसे बच रहे हैं।

    मेरे प्यारे परिवारजनों

    विश्‍व कोरोना के बाद अभी तक उभर नहीं पाया है, युद्ध ने फिर एक नई मुसीबत पैदा की है। आज दुनिया महंगाई के संकट से जूझ रही है। पूरी दुनिया की अर्थव्‍यवस्‍था को महंगाई ने दबोच कर रखा है। हम भी दुनिया से जिन सामान की जरूरत होती है लाते हैं तो हमें सामान तो इम्‍पोर्ट करते हैं, हमारा दुर्भाग्‍य है कि हमें महंगाई भी इम्‍पोर्ट करनी पड़ती है। तो इस पूरी दुनिया को महंगाई ने जकड़ कर रखा है।

    लेकिन मेरे प्यारे प्रिय परिवारजनों

    भारत ने महंगाई को नियंत्रित रखने के लिए भरसक प्रयास किए हैं। पिछले कालखंड की तुलना में हमें कुछ सफलता भी मिली है लेकिन इतने से संतोष नहीं मान नहीं सकते। दुनिया से हमारी चीजें अच्‍छी हैं, इतनी बात से हम सोच नहीं सकते, मुझे तो मेरे देशवासियों को महंगाई का बोझ कम से कम हो इस दिशा में और भी कदम उठाने हैं। और हम उस कदम को उठा कर रहेंगे। मेरा प्रयास निरंतर जारी रहेगा।

    मेरे प्‍यारे परिवारजनों,

    आज देश अनेक क्षमताओं को लेकर आगे बढ़ रहा है। देश आधुनिकता की तरफ आगे बढ़ने के लिए काम कर रहा है। आज देश Renewable energy में काम कर रहा है, आज देश green hydrogen पर काम हो रहा है, देश की space में क्षमता बढ़ रही है। तो देश deep sea mission में भी सफलता के साथ आगे चल रहा है। देश में रेल आधुनिक हो रही है, तो वंदे भारत, बुलेट ट्रेन भी आज देश के अंदर काम कर रही है। गांव-गांव पक्की सड़कें बन रही है तो इलेक्ट्रिक बसें, मेट्रो की रचना भी आज देश में हो रहे हैं। आज गांव-गांव तक इंटरनेट पहुंच रहा है तो quantum computer के लिए भी देश काम करता है। Nano Urea और Nano DAP उस पर काम हो रहा है तो दूसरी तरफ जैविक खेती पर भी हम बल दे रहे हैं। आज किसान उत्पादक संघ FPO का निर्माण हो रहा है तो हम सेमीकंडक्टर का भी निर्माण करना चाह रहे हैं। हम दिव्‍यांगजनों के लिए एक सुगम भारत के निर्माण के लिए काम करते हैं तो हम पैरालिंपिक में भी हिन्‍दुस्‍तान का तिरंगा झंडा गाड़ने के लिए मेरे दिव्‍यांगजनों को सामर्थ्‍यवान बना रहे हैं। हम खिलाडि़यों को स्पेशल ट्रेनिंग दे रहे हैं।

    आज भारत पुरानी सोच, पुराने ढर्रे को छोड़ करके लक्ष्‍यों को तय करके, लक्ष्‍यों को प्राप्‍त करने की नजर से चल रहा है। और जब मैं कहता हूं कि जिसका शिलान्यास हमारी सरकार करती है उसके उद्घाटन भी हमारे कालखंड में करते हैं। इन दिनों जो मैं शिलान्‍यास कर रहा हूं न आप लिख करके रखिए उसके उद्घाटन भी आप सब ने मेरे नसीब में ही छोड़े हुए हैं। हमारी कार्य संस्कृति, बड़ा सोचना, दूर का सोचना, सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय सोचना यह हमारी कार्यशैली रही है। और सोच से भी ज्‍यादा, संकल्‍प से भी ज्‍यादा हासिल कैसे करना इस ऊर्जा के साथ हम काम करते हैं। हमने आजादी के अमृत महोत्‍सव में 75 हजार अमृत सरोवर बनाने का संकल्‍प किया था। उस समय हमने हर जिले में 75 अमृत सरोवर बनाने का संकल्‍प किया था। करीब 50-55 हजार अमृत सरोवर की कल्‍पना की थी। लेकिन आज करीब-करीब 75 हजार अमृत सरोवर के निर्माण का काम हो रहा है। यह अपने आप में बहुत बड़ा काम हो रहा है। जनशक्ति और जलशक्ति की यह ताकत भारत के पर्यावरण की रक्षा में भी काम आने वाली है। 18 हजार गांवों तक बिजली पहुंचाना, जन धन बैंक खाते खोलना, बेटियों के लिए शौचालय बनाना सारे टारगेट समय के पहले पूरी शक्ति से पूरे करेगा। और जब भारत ठान लेता है तो उसे पूरा करके रहता है, यह हमारा ट्रैक रिकॉर्ड कहता है।

    200 करोड़ वैक्सीनेशन का काम। दुनिया जब हमें पूछती है न, 200 करोड़ सुनती है उनकी आंखे फट जाती है, इतना बड़ा काम। यह मेरे देश के आंगनवाड़ी वर्कर, हमारी आशा वर्कर, हमारी हेल्‍थ वर्कर उन्‍होंने करके दिखाया। यह मेरे देश का सामर्थ्‍य है। 5-G को रोल आउट किया, दुनिया में सबसे तेज गति से 5-G रोल आउट करने वाला मेरा देश है। 700 से अधिक जिलों तक हम पहुंच चुके हैं। और अब 6-G की भी तैयारी कर रहे हैं। हमने टास्‍क फोर्स बना दिया है। Renewable energy हम टारगेट से पहले चले हैं। हमने renewable energy 2030 का जो टारगेट तय किया था, 2021-2022 में उसका पूरा कर दिया। हमने इथेनॉल में 20 percent ब्‍लेंडिंग की बात कही थी वो भी हमने समय से पांच साल पहले पूरा कर दिया है। हमने 500 बिलियन डॉलर के एक्‍सपोर्ट की बात कही थी वो भी समय से पहले पांच सौ बिलियन डॉलर से ज्‍यादा कर दिया। हमने तय किया, जो हमारे देश में 25 साल से चर्चा हो रही थी कि देश में नई संसद बने। पार्लियामेंट का कोई सत्र ऐसा नहीं था, नई संसद के लिए, यह मोदी है समय के पहले नई संसद बना करके रख दिया मेरे प्‍यारे भाइयों और बहनों। यह काम करने वाली सरकार है, निर्धारित लक्ष्‍यों को पार करने वाली सरकार है, यह नया भारत है, यह आत्‍मविश्‍वास से भरा हुआ भारत है, यह संकल्‍पों को चरितार्थ करने के लिए जी-जान से जुटा हुआ भारत है। और इसलिए यह भारत न रुकता है, यह भारत न थकता है, यह भारत न हांफता है और न ही ये भारत हारता है। और इसलिए मेरे प्‍यारे परिवारजनों, आर्थिक शक्ति भरी है, तो हमारी सामरिक शक्ति को नई ताकत मिली है, हमारी सीमाएं पहले से अधिक सुरक्षित हुई है और मेरे सीमा पर बैठे हुए जवान, मेरे जवान जो देश की सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं और मेरे देश की आंतरिक सुरक्षा संभालने वाले यूनिफॉर्म फोर्सेस, मैं आजादी के इस पावन पर्व पर उनको भी अनेक-अनेक बधाई देते हुए मेरी बात को आगे बढ़ाता हूं। सेना का अधिकरण हो, हमारी सेना युवा बने, हमारी सेना battle के लिए ready, युद्ध योग्‍य बने, इसलिए निरंतर रिफॉर्म का काम आज हमारी सेना में हो रहा है।

    मेरे प्‍यारे परिवारजनों,

    आए दिन हम लोग सुना करते थे, यहां बम धमाका हुआ, वहां बम धमाका हुआ। हर जगह पर लिखा हुआ रहता था कि इस बैग को मत छूना, एनाउसमेंट होते रहते थे। आज देश सुरक्षा की अनुभूति कर रहा है और जब सुरक्षा होती है, शांति होती है तो प्रगति के नए अरमान हम पूरे कर सकते हैं। उसके लिए सीरियल बम धमाके का जमाना बीती हुई बात हो गई है। निर्दोषों की जो मौत होती थी, वो बीते हुए कल की बात हो गई है। आज देश में आतंकी हमलों में भारी कमी आई है। नक्‍सल प्रभावित क्षेत्रों में भी बहुत बड़ा बदलाव आया है, बहुत बड़ा परिवर्तन का एक वातावरण बना है।

    मेरे प्‍यारे परिवारजनों,

    प्रगति की हर चीज में, लेकिन जब 2047, हम एक विकसित भारत का सपना ले करके चल रहे हैं तब, और वो सपना नहीं, 140 करोड़ देशवासियों का संकल्‍प है। और उस संकल्‍प को सिद्ध करने के लिए परिश्रम की पराकाष्‍ठा भी है और उसकी सबसे बड़ी ताकत होती है, वो राष्‍ट्रीय चरित्र होता है। दुनिया में जिन-जिन देशों ने प्रगति की है, दुनिया में जो-जो देश संकटों को पार करके निकले हैं, उनमें हर चीज के साथ-साथ एक महत्‍वपूर्ण कैटेलेटिक एजेंट रहा है, वो राष्‍ट्रीय चरित्र रहा है। और हमें राष्‍ट्रीय चरित्र के लिए और बल देते हुए हमें आगे बढ़ना होगा। हमारा देश, हमारा राष्‍ट्रीय चरित्र ओजस्‍वी हो, तेजस्‍वी हो, पुरुषार्थी हो, पराक्रमी हो, प्रखर हो; ये हम सबका सामूहिक दायित्‍व है। और आने वाले 25 साल हम एक ही मंत्र को लेकर चलें, ये हमारे राष्‍ट्रीय चरित्र का सिरमौर होना चाहिए। एकता का संदेश, भारत की एकता को जीना, भारत की एकता को आंच आए, न ऐसी मेरी भाषा होगी, न ऐसा मेरा कोई कदम होगा। हर पल देश को जोड़ने का प्रयास मेरी तरफ से भी होता रहेगा। भारत की एकता हमें सामर्थ्‍य देती है। उत्‍तर हो, दक्षिण हो, पूर्व हो, पश्चिम हो, गांव हो, शहर हो, पुरुष हो, नारी हो; हम सबने एकता के भाव के साथ और विविधता भरे देश में एकता का सामर्थ्‍य होता है और दूसरी महत्‍व की बात मैं देख रहा हूं, अगर 2047 में हमें हमारे देश को विकसि‍त भारत के रूप में देखना है तो हमें श्रेष्‍ठ भारत के मंत्र को जीना होगा, हमें चरित्रार्थ करना होगा।

    अब हमारे प्रोडक्‍शन में, मैंने 2014 में कहा था जीरो डिफेक्‍ट, जीरो इफेक्‍ट। दुनिया के किसी भी टेबल पर मेक इन इंडिया चीज हो तो दुनिया को विश्‍वास होना चाहिए, इससे बेहतर दुनिया में कुछ नहीं हो सकता है। ये अल्‍टीमेट होगा, हमारी हर चीज, हमारी सर्विसेज होंगी तो श्रेष्‍ठ होंगी, हमारे शब्‍दों की ताकत होगी तो श्रेष्‍ठ होंगी, हमारी संस्‍थाएं होंगी तो श्रेष्‍ठ होंगी, हमारी निर्णय प्रक्रियाएं होंगी तो श्रेष्‍ठ होंगी। ये श्रेष्‍ठता का भाव ले करके हमें चलना होगा। तीसरी बात है देश में आगे बढ़ने के लिए एक अतिरिक्‍त शक्ति का सामर्थ्‍य भारत को आगे ले जाने वाला है और वो है women-led development। आज भारत गर्व से कह सकता है कि दुनिया में नागरिक उड्डयन में अगर किसी एक देश में सबसे ज्‍यादा women-pilot हैं तो मेरे देश में हैं। आज चन्‍द्रयान की गति हो, moon-mission की बात हो, मेरी women-scientist उसका नेतृत्‍व कर रही हैं। आज women self-help group हो, मेरी 2 करोड़ लखपति दीदी का लक्ष्य लेकर के आज women self-help group पर हम काम कर रहे हैं। हम, हमारी नारी शक्ति के सामर्थ्य को बढ़ावा देते हुए women-led development और जब जी-20 में मैंने women led development के विषयों को आगे बढ़ाया है तो पूरा जी-20 समूह इसके महत्व का स्वीकार कर रहा है और उसके महत्व को स्वीकर कर करके वो उसको बहुत बल दे रहे हैं। उसी प्रकार से भारत विविधताओं से भरा देश है। असंतुलित विकास के हम शिकार रहे हैं, मेरा-पराया के कारण हमारे देश के कुछ हिस्से उसके शिकार रहे हैं। अब हमें regional aspirations को संतुलित विकास को बल देना है और regional aspirations को लेकर के उस भावना को हमें सम्मान देते हुए जैसे हमारी भारत मां का कोई, हमारे शरीर का कोई अंग अगर अविकसित रहे तो हमारा शरीर विकसित नहीं माना जाएगा। हमारा शरीर का कोई अंग दुर्बल रहे तो हमारा स्वस्थ नहीं माना जाएगा। वैसे ही मेरी भारत माता उसका कोई एक भू-भाग भी, समाज का कोई तबका भी अगर दुर्बल रहे तो मेरी भारत माता समर्थ है, स्वस्थ है ऐसा सोचकर के हम नहीं बैठ सकते। और इसलिए regional aspirations को हमें address करने की आवश्यकता है और इसलिए हम समाज का सर्वांगीण विकास हो, सर्वपक्षीय विकास हो भू-भाग के हर क्षेत्र को उसकी अपनी ताकत को खिलने का अवसर मिले, उस दिशा में आगे बढ़ना चाहते हैं।

    मेरे प्यारे परिवारजनों,

    भारत एक mother of democracy है, भारत model of diversity भी है। भाषाएं अनेक हैं, बोलियां अनेक हैं, परिधान अनेक हैं, विविधताएं बहुत है। हमने उन सारो के आधार पर आगे बढ़ना है।

    मेरे प्यारे परिवारजनों,

    देश के, जब मैं एकता की बात करता हूं तब अगर घटना मणिपुर में होती है तो पीढ़ा महाराष्ट्र में होती है, अगर बाढ़ असम में आती है तो बेचैन केरल हो जाता है। हिन्दुस्तान के किसी भी हिस्से में कुछ भी हो, हम एक अंगदान के भाव की अनुभूति करते हैं। मेरे देश की बेटियों पर जुल्म न हो, ये हमारा सामाजिक भी दायित्व है, ये हमारा पारिवारिक दायित्व भी है और ये देश के नाते हम सबका दायित्व है। आज जब अफगानिस्तान से गुरूग्रंथ साहब के स्वरूप को लाते है तो पूरा देश गौरव की अनुभूति करता है। जब आज दुनिया के किसी देश में कोविड के काल में मेरा कोई सिख भाई लंगर लगाता है, भूखों को खिलाता है और दुनिया में वाहा-वाही होती है तो हिंदुस्तान का सीना चौड़ा हो जाता है।

    मेरे प्यारे परिवारजनों,

    हमारे लिए जब नारी सम्मान की बात करते है। मुझे अभी, एक देश में दौरा कर रहा था तो वहां एक बहुत की सीनियर मिनिस्टर उसने मुझे एक सवाल पूछा, उसने कहां आपके यहां बेटियां science और engineering के विषयों की पढ़ाई करती है क्या? मैंने उनको कहा आज मेरे देश में लड़कों से ज्यादा बेटियां आज STEM यानी science, technology, engineering और maths, अधिकतम भाग मेरी बेटियां ले रही हैं तो उनके लिए अचरज था। ये सामर्थ्य आज हमारे देश का दिख रहा है।

    मेरे प्यारे परिवारजनों,

    आज 10 करोड़ महिलाएं women self help में जुड़ी हुई हैं और women self help group के साथ आप गांव में जाएंगे तो आपको बैंक वाली दीदी मिलेगी, आपको आंगनबाड़ी वाली दीदी मिलेगी, आपको दवाई देने वाली दीदी मिलेगी और अब मेरा सपना है, 2 करोड़ लखपति दीदी बनाने का, गांव में 2 करोड़ लखपति दीदी। और इसके लिए एक नया विकल्प भेजा, science और technology। हमारे गांव की महिलाओं का सामर्थ्य देखता हूं और इसलिए मैं नई योजना सोच रहे हूँ कि हमारे अग्रीकल्‍चर सेक्टर में टेक्‍नोलॉजी आए, एग्रीटेक को बल मिले, इसलिए Women Self Help Group की बहनों को हम ट्रेनिंग देंगे। ड्रोन चलाने की, ड्रोन रिपेयर करने की हम ट्रेनिंग देंगे और हजारों ऐसे Women Self Help Group को भारत सरकार ड्रोन देगी, ट्रेनिंग देगी और हमारे एग्रीकल्‍चर के काम में ड्रोन की सेवाएं उपलब्‍ध हों, इसके लिए हम शुरूआत करेंगे, प्रारंभ हम 15 हजार Women Self Help Group के द्वारा ये ड्रोन की उड़ान का हम आरंभ कर रहे हैं।

    मेरे प्‍यारे परिवारजनों,

    आज देश आधुनिकता की तरफ बढ़ रहा है। Highway हो, Railway हो, Airway हो, I-Ways हो, Information Ways, Water Ways हो, कोई क्षेत्र ऐसा नहीं है, जिस क्षेत्र को आगे बढ़ाने की दिशा में आज देश काम न करता हो। पिछले 9 वर्ष में तटीय क्षेत्रों में, हमने आदिवासी क्षेत्र में, हमारे पहाड़ी क्षेत्र में विकास को बहुत बल दिया है। हमने पर्वत माला, भारत माला ऐसी योजनाओं के द्वारा समाज के उस वर्ग को हमने बल दिया है। हमने गैस की पाइपलाइन से हमारे पूर्वी भारत को जोड़ने का काम किया है। हमने अस्‍पतालों की संख्‍या बढ़ाई है। हमने डॉक्‍टर्स की सीटें बढ़ाई हैं ताकि हमारे बच्‍चे डॉक्‍टर बनने का सपना पूरा कर सकें। हमने मातृभाषा पर पढ़ाने में बदल दिया है और मातृभाषा में वो पढ़ाई कर सके उस दिशा में और मैं भारत के सुप्रीम कोर्ट का भी धन्‍यवाद करता हूँ कि भारत के सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अब जो judgement देंगे, उसका जो operative part होगा, वो जो अदालत में आया है, उसकी भाषा में उसको उपलब्‍ध होगा। मातृभाषा का महात्म्य आज बढ़ रहा है।

    मेरे प्‍यारे परिवारजनों,

    आज तक हमारे देश के जो Border Village हैं, हमने वहां Vibrant Border Village का एक कार्यक्रम शुरू किया है और Vibrant Border Village अब तक इसके लिए कहा जाता था देश के आखिरी गांव, हमने उस पूरी सोच को बदला है। वो देश का आखिरी गांव नहीं है, सीमा पर जो नजर आ रहा है, वो मेरे देश का पहला गांव है। अगर सूरज उगता है पूर्व में, तो उस तरफ के गांव में पहली सूरज की किरण आती है। अगर सूरज ढलता है, तो इस तरफ के गांव में आखिरी किरण का उसका लाभ मिलता है। ये मेरे पहले गांव है और मुझे खुशी है कि आज मेरे इस कार्यक्रम के विशेष मेहमान, ये जो पहले गांव हैं, सीमावर्ती गांव हैं, उसके 600 प्रधान आज इस लाल किले की प्राचीर के इस महत्‍वपूर्ण कार्यक्रम का हिस्‍सा बनने के लिए आए हैं। पहली बार वो इतनी दूर तक आए हैं। नए संकल्‍प और सामर्थ्‍य के साथ जुड़ने के लिए आए हैं।

    मेरे प्‍यारे परिवारजनों,

    हमने संतुलित विकास के लिए Aspirational District, Aspirational Block की कल्‍पना की और आज उसके सुखद परिणाम मिल रहे हैं। आज राज्‍य के जो Normal Parameters हैं, जो Aspirational Districts कभी बहुत पीछे थे, वो आज राज्‍य में भी अच्‍छा करने लग गए हैं और मुझे विश्‍वास है कि आने वाले दिनों में ये हमारे आकांक्षित जिले, हमारे आकांक्षित ब्‍लॉक अवश्‍य आगे बढ़ेंगे। जैसा मैंने कहा था भारत के चरित्र की चर्चा कर रहा था, तो मैंने पहले कहा था भारत की एकता, दूसरा कहा था भारत श्रेष्‍ठता की तरफ बल दे, तीसरा कहा था Women Development की मैंने बात कही थी। और मैं आज एक बात और कहना चाहता हूँ कि हम जैसे Regional aspiration मैंने चौथी बात कही थी, पांचवी महत्‍व की बात है और भारत ने अब उस दिशा में जाना है और वो है हमारा राष्‍ट्रीय चरित्र, विश्‍व मंगल के लिए सोचने वाला होना चाहिए। हमें देश को इतना मजबूत बनाना है, जो विश्‍व मंगल के लिए भी अपनी भूमिका अदा करें। और आज कोरोना के बाद मैं देख रहा हूँ, जिस प्रकार से संकट की घड़ी में देश ने दुनिया की मदद की उसका परिणाम है कि आज दुनिया में हमारा देश एक विश्‍व मित्र के रूप में है। विश्‍व के अटूट साथी के रूप में है। आज मेरे देश की पहचान बनी है। हम जब विश्‍व मंगल की बात करते हैं, तब भारत का मूलभूत विचार है उस विचार को हम आगे बढ़ाने वाले लोग हैं और मुझे खुशी है कि आज अमेरिकी संसद के भी कई चुने हुए गणमान्‍य प्रतिनिधि भी आज हमारे 15 अगस्‍त के इस अवसर में हमारे बीच में मौजूद हैं। भारत की सोच कैसी है, हम विश्‍व मंगल की बात को कैसे आगे बढ़ाते हैं। अब देखिए, जब हम जब सोचते हैं तो क्‍या कहते हैं, हमने दुनिया के सामने ये दर्शन रखा है, और दुनिया उस दर्शन को लेकर के हमारे साथ जुड़ रही है। हमने कहा One Sun, One World, One Grid. Renewable energy के क्षेत्र में एक बहुत बड़ा हमारा statement है, आज दुनिया उसको स्‍वीकार कर रही है। कोविड के बाद हमने दुनिया को कहा हमारी ये approach होनी चाहिए One Earth, One Health समस्‍याओं का समधान तभी होगा, जब मानव को, पशु को, पौधे को बीमारी के समय में समान रूप से address किया जाएगा, तब जाकर के हम ये करेंगे। हमने जी-20 समिट के लिए दुनिया के सामने कहा है One World, One Family, One Future इस सोच को लेकर के चल रहें हैं। हमने क्‍लाईमेट को लेकर के दुनिया जो संकट से जूझ रही है, हमने रास्‍ता दिखाया है, लाइव मिशन लॉन्‍च किया है Lifestyle For Environment। हमने दुनिया के सामने मिलकर International Solar Alliance बनाया और आज दुनिया के कई देश International Solar Alliance का हिस्‍सा बन रहे हैं। हमने bio diversity का महत्‍व देखते हुए Big Cat Alliance की व्‍यवस्‍था को हमने आगे बढ़ाया है। हमने प्राकृतिक आपदा के कारण ग्लोबल वार्मिग के कारण Infrastructure का जो नुकसान होता है, उसके लिए दूरगामी व्‍यवस्‍थाओं की जरूरत है। और इसलिए Coalition for Disaster Resilient Infrastructure, CDRI एक समाधान के रूप में दुनिया को दिया है। विश्‍व आज समुद्रों को संघर्ष का केंद्र बना रहा है, तब हमने दुनिया को सागर का प्‍लेटफार्म दिया है। जो वैश्विक सामुद्रिक शांति की गारंटी बन सकता है। हमने पारंपरिक चिकित्‍सा पद्धति को बल देते हुए WHO का एक ग्‍लोबल लेवल का सेंटर हिंदुस्‍तान में बनाने की दिशा में काम किया है। हमने योग और आयुष के द्वारा विश्‍व कल्‍याण और विश्‍व की स्वस्थता की दिशा में काम किया है। आज भारत विश्‍व मंगल की मजबूत नींव डाल रहा है। इस मजबूत नींव को आगे बढ़ाना, हम सबका काम है। हम सबकी जिम्मेदारी है।

    मेरे प्‍यारे परिवारजनों

    सपने अनेक हैं, संकल्‍प साफ है, नीतियाँ स्‍पष्‍ट हैं। नियत के सामने कोई सवालिया निशान नहीं है। लेकिन कुछ सच्‍चाईयों को हमें स्‍वीकार करना पड़ेगा और उसके समाधान के लिए मेरे प्रिय परिवारजनों, मैं आज लाल किले से आपकी मदद मांगने आया हूं, मैं लाल किले से आपका आर्शीवाद मांगने आया हूं। क्‍योंकि पिछले सालों मैंने देश को जो समझा है, देश की आवश्‍यकताओं को जो मैंने परखा है। और अनुभव के आधार पर मैं कह रहा हूं कि आज गंभीरतापूर्वक उन चीजों को हमें लेना होगा। आजादी के अमृतकाल में, 2047 में जब देश आजादी के 100 साल मनाएंगा, उस समय दुनिया में भारत का तिरंगा-झंडा विकसित भारत का तिरंगा-झंडा होना चाहिए, रत्‍ती भर भी हमें रुकना नहीं है, पीछे हटना नहीं है और इसके लिए शुचिता, पारदर्शिता और निष्‍पक्षता ये पहली मजबूती की जरूरत है। हमें उस मजबूती को जितना ज्‍यादा खाद पानी दे सकते हैं, संस्‍थाओं के माध्‍यम से दे सकते हैं, नागरिक के नाते दे सकते हैं, परिवार के नाते दे सकते हैं यह हमारा सामूहिक दायित्‍व होना चाहिए। और इसलिए पिछले 75 साल का इतिहास देखिए, भारत के सामर्थ्‍य में कोई कमी नहीं थी और यह जो देश कभी सोने की चिड़िया कहा जाता था वो देश क्यों न फिर से उस सामर्थ्‍य को ले करके खड़ा हो सकता है। मेरा अटूट विश्‍वास है साथियों, मेरे प्रिय परिवारजनों, मेरा अखंड, अटूट, एकनिष्ठ विश्‍वास है कि 2047 में जब देश आजादी के 100 साल मनाएगा मेरा देश विकसित भारत बनकर रहेगा। और यह मैं मेरे देश के सामर्थ्‍य के आधार पर कह रहा हूं। मेरे उपलब्‍ध संसाधनों के आधार पर कह रहा हूं और सबसे ज्‍यादा 30 से कम आयु वाली मेरी युवा शक्ति के भरोसे कह रहा हूं। मेरी माताओं-बहनों के सामर्थ्‍य के भरोसे कह रहा हूं, लेकिन उसके सामने अगर कोई रुकावट है, कुछ भी कृतियां पिछले 75 साल में ऐसे घर कर गई है, हमारी समाज व्‍यवस्‍था का ऐसा हिस्‍सा बन गई है कि कभी-कभी तो हम आंख भी बंद कर देते हैं। अब आंख बंद करने का समय नहीं है। अगर सपनों को सिद्ध करना है, संकल्‍प को पार करना है तो हमें यह आंख-मिचौली बंद करके आंख में आंख मिला करके तीन बुराईयों से लड़ना बहुत समय की मांग है। हमारे देश की सारी समस्‍याओं की जड़ में भ्रष्‍टाचार ने दीमक की तरह देश की सारी व्‍यवस्‍थाओं को, देश के सारे सामर्थ्‍य को पूरी तरह नोंच लिया है। भ्रष्‍टाचार से मुक्ति, भ्रष्‍टाचार के खिलाफ जंग हर ईकाई में हर क्षेत्र में और मैं देशवासियों, मेरे प्रिय परिवारजनों, यह मोदी के जीवन का कमिटमेंट है, यह मेरे व्‍यक्तित्‍व का एक कमिटमेंट है कि मैं भ्रष्‍टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ता रहूंगा। दूसरा हमारे देश को नोंच लिया है परिवारवाद ने। इस परिवारवाद ने देश को जिस प्रकार से जकड़ करके रखा है उसने देश के लोगों का हक छीना है, और तीसरी बुराई तुष्टिकरण की है। यह तुष्टिकरण में भी देश के मूल चिंतन को, देश के सर्वसमावेशक हमारे राष्ट्रीय चरित्र को दाग लगा दिए हैं। तहस-नहस कर दिया इन लोगों ने। और इसलिए मेरे प्‍यारे देशवासियों, इसलिए मेरे प्‍यारे परिवारजनों हमें इन तीन बुराइयों के खिलाफ पूरे सामर्थ्य के साथ लड़ना है। भ्रष्‍टाचार, परिवारवाद, तुष्टिकरण यह चुनौतियां, ये ऐसी चीजें पनपी है जो हमारे देश के लोगों का, जो आकांक्षाएं है, उसका दमन करती है। हमारे देश के कुछ लोगों के पास जो छोटा-मोटा सामर्थ्‍य है उसका शोषण करती है। यह ऐसी चीजें हैं, जो हमारे लोगों की आशाओं-आकांक्षाओं को सवाल या निशान में गढ़ देती है। हमारे गरीब हो, हमारे दलित हों, हमारे पिछड़े हो, हमारे पसमांदा हो, हमारे आदिवासी भाई-बहन हो, हमारी माताएं-बहनें हो, हमने, सबने उनके हकों के लिए इन तीन बुराइयों से मुक्ति पानी है। हमें भ्रष्‍टाचार के खिलाफ एक नफरत का माहौल बनाना है। जैसे गंदगी हमें नफरत पैदा करती है न, मन में, गंदगी पसंद नहीं है, यह सार्वजनिक जीवन की इससे बड़ी कोई गंदगी नहीं हो सकती। और इसलिए हमारे स्‍वच्‍छता अभियान को एक नया मोड़ ये भी देना है कि हमें भ्रष्‍टाचार से मुक्ति पानी है। सरकार टेक्‍नोलॉजी से भ्रष्‍टाचार की मुक्ति के लिए बहुत प्रयास कर रही है। आपको जानकर हैरानी होगी, इस देश में पिछले 9 साल में एक काम मैंने ऐसा किया; आंकड़ा सुनोगे तो लगेगा कि मोदी ऐसा करता है जैसे दस करोड़ लोग करीब-करीब जो गलत फायदा उठाते थे, वो मैंने रोक दिया। तो आप में से कोई कहेगा आपने लोगों से अन्‍याय कर दिया; जी नहीं, ये दस करोड़ लोग कौन लोग थे, ये दस करोड़ लोग वो लोग थे, जिनका जन्‍म ही नहीं हुआ था और उनके नाम पर उनके widow हो जाते थे, वो वृद्ध हो जाते थे, वो दिव्‍यांग हो जाते थे, फायदे लिए जाते थे। दस करोड़ ऐसी बेनामी चीजें जो चलती थीं, उसको रोकने का पवित्र काम, भ्रष्‍टाचारियों की संपत्ति जो हमने जब्‍त की है ना, वो पहले की तुलना में 20 गुना ज्‍यादा की है।

    मेरे प्‍यारे परिवारजनों,

    ये आपकी कमाई का पैसा लोग ले करके भागे थे। 20 गुना ज्‍यादा संपत्ति को जब्‍त करने का, और इसलिए लोगों की मेरे प्रति नाराजगी होना बहुत स्‍वाभाविक है। लेकिन मुझे भ्रष्‍टाचार के खिलाफ की लड़ाई को आगे बढ़ाना है। हमारी सरकारी व्‍यवस्‍था ने, पहले कैमरा के सामने तो कुछ हो जाता था, लेकिन बाद में चीजें अटक जाती थीं। हमने पहले की तुलना में कई गुना ज्‍यादा अदालत में चार्जशीट की है और अब जमानतें भी नहीं मिलती हैं, वैसी पक्‍की व्‍यवस्‍था को ले करके हम आगे बढ़ रहे हैं, क्‍योंकि हम ईमानदारी से भ्रष्‍टाचार के खिलाफ लड़ रहे हैं। आज परिवारवाद और तुष्टिकरण इसने देश का बहुत बड़ा दुर्भाग्‍य किया है। अब लोकतंत्र में ये कैसे हो सकता है कि पॉलिटिकल पार्टी, और मैं विशेष बल दे रहा हूं पॉलिटिकल पार्टी, आज मेरे देश के लोकतंत्र में एक ऐसी विकृति आई है जो कभी भारत के लोकतंत्र को मजबूती नहीं दे सकती और वो क्‍या है बीमारी, परिवारवादी पार्टियां। और उनका तो मंत्र क्‍या है, पार्टी ऑफ द फैमिली, बाय द फैमिली एंड फॉर द फैमिली। इनका तो जीवन मंत्र यही है कि उनकी पॉलिटिकल पार्टी, उनका राजनीतिक दल परिवार का, परिवार के द्वारा और परिवार के लिए। परिवारवाद और भाई-भतीजावाद प्रतिभाओं के दुश्‍मन होते हैं, योग्‍यताओं को नकारते हैं, सामर्थ्‍य को स्‍वीकार नहीं करते हैं। और इसलिए परिवारवाद की इस देश के लोकतंत्र की मजबूती के लिए उसकी मुक्ति जरूरी है। सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय, हर किसी को हक मिले, इसलिए और सामाजिक न्‍याय के लिए भी ये बहुत जरूरी है, उसी प्रकार से तुष्टिकरण, तुष्टिकरण ने सामाजिक न्‍याय का सबसे बड़ा नुकसान किया है। अगर सामाजिक न्‍याय को तबाह किसी ने किया है तो ये तुष्टिकरण की सोच, तुष्टिकरण की राजनीति, तुष्टिकरण का सरकारी योजनाओं का तरीका, इसने सामाजिक न्‍याय को मौत के घाट उतार दिया है। और इसलिए हमें तुष्टिकरण, भ्रष्‍टाचार, ये विकास के सबसे बड़े दुश्‍मन हैं। अगर देश विकास चाहता है, देश 2047, विकसित भारत का सपना साकार करना चाहता है तो हमारे लिए आवश्‍यक है कि हम किसी भी हालत में देश में भ्रष्‍टाचार को सहन नहीं करेंगे, इस मूड को ले करके चलना चाहिए।

    मेरे प्‍यारे परिवारजनों,

    हम सबका एक बहुत बड़ा महत्‍वपूर्ण दायित्‍व है, आपने जिस प्रकार से जिंदगी जी है, हमारी आने वाली पीढ़ी को ऐसी जिंदगी जीने के लिए मजबूर करना, ये हमारा गुनाह है, ये हमारा दायित्‍व है कि हमारी आने वाली पीढ़ी को हम ऐसा समृद्ध देश दें, ऐसा संतुलित देश दें, ऐसा सामाजिक न्याय की धरोहर वाला देश दें, ताकि छोटी-छोटी चीजों को पाने के लिए उन्हें कभी भी संघर्ष न करना पड़े। हम सभी का कर्तव्य, हर नागरिक कर्तव्य है और ये अमृतकाल कर्तव्यकाल है। हम कर्तव्य से पीछे नहीं हो सकते हैं, हमें वो भारत बनाना है, जो पूज्य बापू के सपनों का था, हमें वो भारत बनाना है जो हमारे स्वतंत्रता सेनानियों का सपना था, हमें वो भारत बनाना है जो हमारे वीर-शहीदों का था, हमारी वीरांगनाओं का था, जिन्होंने मात्रभूमि के लिए अपना जीवन दे दिया था।

    मेरे प्यारे परिवारजनों,

    मैं जब 2014 में आपके पास आया था तब 2014 में मैं परिवर्तन का वादा लेकर के आया था। 2014 में मैंने आपको वादा किया था मैं परिवर्तन लाऊंगा। और 140 करोड़ मेरे परिवारजन आपने मुझ पर भरोसा किया और मैंने विश्वास पूरा करने की कोशिश की। Reform, Perform, Transform वो 5 साल जो वादा था वो विश्वास में बदल गया क्योंकि मैंने परिवर्तन का वादा किया था। Reform, Perform, Transform के द्वारा मैंने इस वादे को विश्वास में बदल दिया है। कठोर परिश्रम किया है, देश के लिए किया है, शान से किया है, सिर्फ और सिर्फ nation first राष्ट्र सर्वोपरि इस भाव से किया है। 2019 में performance के आधार पर आप सबने मुझे फिर से आशीर्वाद दिया। परिवर्तन का वादा मुझे यहां ले आया, performance मुझे दोबारा ले आया और आने वाले 5 साल अभूतपूर्व विकास के हैं। 2047 के सपने को साकार करने का सबसे बड़ा स्वर्णीम पल आने वाले 5 साल हैं। और अगली बार 15 अगस्त को इसी लाल किले से मैं आपको देश की उपलब्धियां, आपके समार्थ्य, आपके संकल्प उसमें हुई प्रगति, उसकी जो सफलता है, उसके गौरवगान उससे भी अधिक आत्मविश्वास के साथ, आपके सामने में प्रस्तुत करूंगा।

    मेरे प्यारे प्रियजनों,

    मेरे परिवारजनों, मैं आप में से आता हूं, मैं आपके बीच से निकला हूं, मैं आपके लिए जीता हूं। अगर मुझे सपना भी आता है, तो आपके लिए आता है। अगर मैं पसीना भी बहाता हूं तो आपके लिए बहाता हूं, क्योंकि इसलिए नहीं कि आपने मुझे दायित्व दिया है, मैं इसलिए कर रहा हूं कि आप मेरे परिवाजन हैं और आपके परिवार के सदस्य के नाते मैं आपके किसी दु:ख को देख नहीं सकता हूँ, मैं आपके सपनों को चूर-चूर होते नहीं देख सकता हूं। मैं आपके संकल्प को सिद्धी तक ले जाने के लिए आपका एक साथी बनकर के, आपका एक सेवक बनकर के, आपके साथ जुड़े रहने का, आपके साथ जीने का, आपके लिए जूझने का मैं संकल्प लेकर के चला हुआ इंसान हूं और मुझे विश्वास है हमारे पूर्वजों ने आजादी के लिए जो जंग लड़ा था, जो सपने देखे थे, वो सपने हमारे साथ हैं। आजादी के जंग में जिन्होंने बलिदान दिया था, उनके आशीर्वाद हमारे साथ हैं और 140 करोड़ देशवासियों के लिए एक ऐसा अवसर आया है, ये अवसर हमारे लिए एक बहुत बड़ा संबल लेकर के आया है।

    और इसलिए मेरे प्यारे प्रियजनों,

    आज जब मैं अमृतकाल में आपके साथ बात कर रहा हूं, ये अमृतकाल का पहला वर्ष है, ये अमृतकाल के पहले वर्ष पर जब मैं आपके बात कर रहा हूं तो मैं आपको पूरे विश्वास से कहना चाहता हूं-

    चलता चलाता कालचक्र,

    अमृतकाल का भालचक्र,

    सबके सपने, अपने सपने,

    पनपे सपने सारे, धीर चले, वीर चले, चले युवा हमारे,

    नीति सही रीती नई, गति सही राह नई,

    चुनो चुनौती सीना तान, जग में बढ़ाओ देश का नाम।

    मेरे प्‍यारे परिवारजनों,

    हिन्‍दुस्‍तान के कोने-कोने में बैठे हुए मेरे परिवारजनों, दुनिया के कोने-कोने में जा करके बसे हुए मेरे परिवारजन, आप सबको आजादी के पावन पर्व की फिर एक बार मैं बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूँ। और ये अमृतकाल हम सबके लिए कर्तव्य काल है। ये अमृतकाल हम सबको मां भारती के लिए कुछ कर गुजरने का काल है। आज़ादी की जब जंग चल रही थी, 1947 के पहले जो पीढ़ी ने जन्‍म लिया था, उन्‍हें देश के लिए मरने का मौका मिला था। वो देश के लिए मरने के लिए मौका नहीं छोड़ते थे लेकिन हमारे नसीब में देश के लिए मरने का मौका नहीं है। लेकिन हमारे लिए देश के लिए जीने का ये इससे बड़ा कोई अवसर नहीं हो सकता। हमें पल-पल देश के लिए जीना है, इसी संकल्‍प के साथ इस अमृत काल में 140 करोड़ देशवासियों के सपने संकल्‍प भी बनाने हैं। 140 करोड़ देशवासियों के संकल्‍प को सिद्धि में भी परिवर्तित करना है और 2047 का जब तिरंगा झंडा फहरेगा, तब विश्‍व एक विकसित भारत का गुणगान करता होगा। इसी विश्‍वास के साथ, इसी संकल्‍प के साथ मैं आप सबको अनेक-अनेक शुभकामनाएं देता हूँ। बहुत-बहुत बधाई देता हूँ।

    जय हिन्‍द, जय हिन्‍द, जय हिन्‍द!

    भारत माता की जय, भारत माता की जय, भारत माता की जय!

    वंदे मातरम, वंदे मातरम, वंदे मातरम!

    बहुत-बहुत धन्‍यवाद!

  • नेहरू के षड़यंत्रों के बाद भी मुखर्जी का बलिदान व्यर्थ नहीं : कृषि मंत्री कमल पटेल

    नेहरू के षड़यंत्रों के बाद भी मुखर्जी का बलिदान व्यर्थ नहीं : कृषि मंत्री कमल पटेल


    हरदा 23 जून(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर). कृषि मंत्री कमल पटेल ने पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी की रहस्यमय मौत को लेकर बड़ा बयान दिया है।उन्होंने कहा कि पंडित श्यामा मुखर्जी की रहस्यमय तरीके से हत्या की गई थी। जिस पर अभी तक रहस्य बना हुआ है।पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के षड़यंत्रों की वजह से ही भारत को इतने लंबे समय तक कश्मीर में अपने युवाओं की जान गंवानी पड़ी।
    उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में कश्मीर जाने के लिए अपने ही देश में वीजा लेना पड़ता था लेकिन वर्तमान परिदृश्य हम सब कह सकते हैं कि डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान व्यर्थ नहीं गया है


    कृषि मंत्री कमल पटेल ने पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर हरदा में मुखर्जी कीमूर्ति पर माल्यार्पण करते हुए कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने भारतीय जनसंघ की स्थापना करते हुए कश्मीर में सत्याग्रह किया उन्होंने उस समय कहा था कि यह देश दो विधान से नहीं चलेगा। मंत्रीपटेल ने कहा कि देश में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार बनी तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी के संकल्प को पूरा किया। गृह मंत्री अमित शाह ने सरकार की इच्छा का पालन करने के लिए संसद पारित प्रस्ताव के माध्यम से कश्मीर से धारा 370 का कानून हटवा दिया। अब कश्मीर में दो विधान दो निशान नहीं है। मंत्री पटेल ने पूर्व प्रधानमंत्री नेहरू पर कटाक्ष करते हुए कहा कि नेहरू देश में तुष्टीकरण की राजनीति करते थे। जिसका ज्वलंत उदाहरण कश्मीर था नेहरू के उसी तुष्टीकरण की नीति आज भी कांग्रेस पार्टी के रग रग में समाई हुई है।

  • कांग्रेस के खून में अंग्रेजों और मुगलों के जीन्सःविष्णुदत्त शर्मा

    कांग्रेस के खून में अंग्रेजों और मुगलों के जीन्सःविष्णुदत्त शर्मा

    भोपाल,16 जून(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। छिंदवाड़ा गरीब कल्याण की योजनाओं के हितग्राहियों का गढ़ है। आज यह साबित हुआ है कि पार्षद के उपचुनाव में कमलनाथ जी के अपील जारी करने के बाद नकुल नाथ के पार्षद चुनाव में इंवॉल्वमेंट होने के बाद भी वार्ड के सभी बूथों पर भारतीय जनता पार्टी ने ऐतिहासिक जीत पाकर छिंदवाड़ा के अंदर इतिहास बनाया है। छिंदवाड़ा की जनता ने कमलनाथ जी, मिस्टर बंटाढार जी और प्रियंका गांधी जी जो चुनाव प्रचार करके अभी गई थीं, उन्हें भी आईना दिखाया है। यह बात भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्री विष्णुदत्त शर्मा ने शुक्रवार को प्रदेश कार्यालय में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कही। प्रदेश अध्यक्ष ने छिंदवाडा के वार्ड चुनाव सहित प्रदेश की अन्य नगरीय निकायों में हुए पार्षद उपचुनाव में भाजपा की जीत के लिए स्थानीय जनता और कार्यकर्ताओं को आभार माना है।

    प्रत्येक बूथ पर 51 प्रतिशत वोट शेयर का संकल्प, छिंदवाडा से हुई शुरूआतप्रदेश अध्यक्ष श्री शर्मा  ने कहा भारतीय जनता पार्टी ने प्रत्येक बूथ पर 51 प्रतिशत वोट शेयर का जो विजय संकल्प लिया है, आज उसकी छिंदवाड़ा से शुरुआत हुई है। छिंदवाडा के वार्ड क्रमांक 42 के पार्षद उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी श्री संदीप चौहान ने सभी बूथों पर कांग्रेस को पछाड़ते हुए 436 वोटों से जीत दर्ज की है। भाजपा प्रत्याशी ने हर बूथ पर लगभग 62 प्रतिशत वोट प्राप्त किये है। उन्होंने कहा कि अभी तो यह अंगड़ाई है आगे देखते चलिए मध्य प्रदेश विजय के परचम की ओर अग्रसर हुआ है।

    कमलनाथ बताएं की क्या वे कर्नाटक सरकार के धर्मांतरण कानून रद्द के निर्णय से सहमत है ?प्रदेश अध्यक्ष श्री विष्णुदत्त शर्मा ने धर्मांतरण विरोधी कानून को रद्द किये जाने को कर्नाटक सरकार का जेहादी चेहरा बताया है। श्री शर्मा ने कहा कि सत्ता पाने के लिए हनुमान भक्ति का ढोंग करने वाली कांग्रेस सत्ता में आते ही धर्मांतरण का समर्थन करने लगी है। कर्नाटक में धर्मान्तरण के  विरुद्ध बनाये गए कानून को कांग्रेस सरकार ने रद्द करके एक बार पुनः सिद्ध कर दिया कि कांग्रेस में मोहब्बत की दुकान केवल और केवल जेहादियों,धर्मान्तरण करने वालों एवं देश विरोधी तत्वों के लिए है। श्री शर्मा ने कहा कि कांग्रेस की हिन्दू विरोधी क्रोनोलॉजी इस बात से समझ में आती है कि कांग्रेस ने पहले ’केरला स्टोरी’ जैसी धर्मांतरण और जिहाद को उजागर करने वाली फिल्म का विरोध किया फिर चुनाव जीतने के लिए हनुमान भक्ति का छद्म चोला ओढ़ा और अब चुनाव जीतकर धर्मांतरण विरोधी कानून खत्म कर जिहादियों और कट्टरपंथियों को बढ़ावा देकर हिन्दुओं के दमन का कुत्सित प्रयास किया है। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि 2018 के चुनाव से पूर्व कमलनाथ मुसलमानों को बूथ के आधार पर बांटकर 90 प्रतिशत वोट मांग रहे थे और जीतने के बाद ’इंडियन हिस्ट्री कांग्रेस’ में जिन्ना के सपनों का पाकिस्तान दिखाया। मध्यप्रदेश कांग्रेस और कमलनाथ भी धर्मान्तरण का समर्थन करते हैं और अगर नहीं करते तो कर्नाटक सरकार के निर्णय का विरोध करें। कमलनाथ बताएं कि क्या वे कर्नाटक सरकार के निर्णय से सहमत है?

    दिग्विजय सिंह के विचार उनकी जेहादी मानसिकता को प्रदर्शित करते हैंप्रदेश अध्यक्ष श्री विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि दिग्विजय सिंह के बयान ने यह सिद्ध कर दिया है कि कांग्रेसियों के खून में सिर्फ अंग्रेजों के जीन्स नहीं बल्कि मुगलों के भी जीन्स है। दिग्विजय सिंह वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री होकर भी जेहादियों का गुणगान करते हैं और देश विरोधी शक्तियों के समर्थन में खड़े होते हैं। पूर्व मुख्यमंत्री एक ओर ठोंगी जैसे अपशब्दों से दमोह में हिन्दू बेटियों के ज़बरन धर्म परिवर्तन के दर्द का एहसास नहीं होने देते हैं, वहीं दूसरी ओर हमारे पूज्य संतों और सनातन संस्कृति का अपमान करते हैं। दिग्विजय सिह के साथ पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ का दमोह के स्कूल पर हुई कार्यवाही को अनुचित बताना इस बात को पुनः प्रमाणित करता है, कि कांग्रेस के खून में मुगलों के भी जीन्स हैं। अगर कमलनाथ धर्मान्तरण के आरोपियों पर हुई कार्यवाही का विरोध कर रहे हैं तो यह क्यों न माना जाए कि वो स्वयं दमोह के जबरन धर्मान्तरण के समर्थन में हैं। वो उस ईको सिस्टम का हिस्सा हैं, जिसके तहत दमोह में षड्यंत्र पूर्वक बेटियों को बहला-फुसला कर धर्मान्तरण करने का कार्य चल रहा था। उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह और कमलनाथ का आरोपियों के साथ खड़े होना यह दर्शाता है कि ये सारा खेल कांग्रेस की सहमति एवं संरक्षण में चल रहा था। ये सभी तथ्य प्रमाणित करते हैं कि कांग्रेस अपने मुगलई जींस के कारण ही तुष्टिकरण और देश विरोधी ताकतों का समर्थन करती है।

  • समाजसेवा के स्थायी समाधान लाई मोदी सरकारःसहस्त्रबुद्धे

    समाजसेवा के स्थायी समाधान लाई मोदी सरकारःसहस्त्रबुद्धे

    भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद के अध्यक्ष डॉ. विनय सहस्त्रबुद्धे ने भाजपा प्रदेश कार्यालय में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार की 9 वर्षों की उल्लेखनीय उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। डॉ. सहस्त्रबुद्धे ने कहा कि ई-श्रम पोर्टल की स्थापना के बाद अब असंगठित श्रमिकों को मौजूदा सामाजिक कल्याण योजनाओं का लाभ मिल रहा है। इसके अलावा, ट्रांसजेंडर समुदाय से संबंधित लोगों के लिए देश भर में 12 ‘गरिमा गृह’ स्थापित किये गये हैं जो उन्हें आश्रय प्रदान कर रहे हैं। इसी तरह, देश की 2.7 लाख से अधिक दिव्यांग आबादी को लाभावन्वित करने वाली 3954 परियोजनाओं को दीनदयाल विकलांग पुनर्वास योजना के तहत 508.34 करोड़ रुपये की सहायता अनुदान जारी की गयी है। इसके अलावा 1.84 लाख दिव्यांग छात्रों को 2022 तक 556.37 करोड़ रुपये की छात्रृवृत्ति प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि देश में पहली बार पोषण ट्रेकर के तहत गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए राज्य के भीतर और बाहर एक आंगनवाड़ी केंद्र से दूसरे में प्रवास की सुविधा प्रदान की गई है। प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत 2,900 से अधिक गांवों का चयन किया गया है, जिसमें 53 लाख से अधिक परिवारों के जीवन में बदलाव लाया गया है, जिसमें अनुसूचित जाति के 2.6 करोड़ से अधिक लोग शामिल हैं। वर्तमान सामाजिक कल्याण मॉडल स्वभाविक रूप से समावेशी हैं और समग्र सामाजिक कल्याण सुनिश्चित करते हुए सभी समुदायों को इसका लाभ प्रदान कर रहा है।

    भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद के अध्यक्ष डॉ. विनय सहस्त्रबुद्धे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में समाज कल्याण क्षेत्र में हो रहे बदलाव पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने पंडित दीनदयाल जी की धारणा ‘अंतिम व्यक्ति तक पहुंच’ के सिद्धांत को पूरा करने की दिशा में अथक प्रयास किया है। ऐसे ही अधिक जवाबदेही और पारदर्शिता के साथ सार्वजनिक वितरण प्रणाली और सुदृढ़ हुई है। प्रत्येक योजना के लिए समर्पित पोर्टल के साथ-साथ ‘आधार’ प्रणाली में लाए गए सुधार, समाज कल्याण योजनाओं के लाभ लक्षित लाभार्थियों तक सफलतापूर्वक पहुंचा रहे हैं। पीएम उज्जवला योजना, वन नेशन-वन राशन कार्ड, जल जीवन मिशन, पीएम आवास योजना, पीएम ग्राम सड़क योजना और स्वच्छ भारत मिशन जैसी योजनाओं और पहलों के साथ इस क्षेत्र में परिवर्तन की शुरुआत सभी को प्रभावित कर रही है और भारत की लोक कल्याणकारी राज्य की छवि को मजबूती दे रही है।

    डॉ. सहस्त्रबुद्धे ने बताया कि लोक नीति शोध केंद्र (पीपीआरसी) ने ’सामाजिक न्याय से संपूर्ण विकास’ शीर्षक वाली एक रिपोर्ट जारी की, जिसमें देश में मौजूद मजबूत सामाजिक कल्याण मॉडल के मूल सार को शामिल किया गया और साथ ही इसे साबित करने के लिए चौंका देने वाले आंकड़े भी पेश किए गए। उन्होंने बताया कि यह रिपोर्ट प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत के सामाजिक कल्याण के एक समग्र मॉडल को चित्रित करते हुए मोदी सरकार द्वारा शुरू की गई प्रत्येक पहल या योजनाओं का विश्लेषण करती है। इसके अलावा, रिपोर्ट यूपीए और एनडीए शासन के बीच तुलना करती है, जिसमें सांख्यिकीय डेटा का उपयोग करके मोदी सरकार के तहत इस क्षेत्र में हो रहे परिवर्तन को उजागर किया गया है।

    डॉ. सहस्त्रबुद्धे ने कहा कि 2014 में सत्ता में आने के बाद भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने देश में सामाजिक कल्याण के परिदृश्य को बदल दिया है। 2014 से पहले, ग्रामीण स्वच्छता कवरेज केवल 38.7 प्रतिशत था। हालांकि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने 2019 में खुले में शौच मुक्त (ODF) स्थिति को हासिल कर एक नयी कामयाबी को लिखा। इसी तरह 2014 से पहले 19.43 करोड़ ग्रामीण परिवारों में से 3.23 करोड़ घरों में ही नल कनेक्शन उपलब्ध थे। इसके विपरीत 4 अप्रैल, 2023 तक 11.66 करोड़ से अधिक (60 प्रतिशत) ग्रामीण परिवारों को नल कनेक्शन के दायरे में लाया गया और उनके लिए स्वच्छ पेयजल आपूर्ति को सुनिश्चित किया गया। उन्होंने कहा कि आवासीय योजनाओं का मामला भी कुछ अलग नहीं था। 2014 से पहले, ग्रामीण परिवेश के लिए चलने वाली आवासीय योजना चिंता जनक रूप से धीमी गति से बढ़ रही थी। लेकिन, प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 2.25 करोड़ से अधिक घरों का निमार्ण किया हैं, जिनमें से 60 प्रतिशत अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समुदायों को दिये गये हैं।
    जनजातीय मंत्रालय के आवंटन में 190 प्रतिशत की वृद्धि हुई
    उन्होंने कहा कि एनडीए शासन के तहत सामाजिक कल्याण से संबंधित मंत्रालयों के लिए बजटीय आवंटन में भी जबरदस्त वृद्धि हुई है। उदाहरण के लिए जनजातीय मामलों के मंत्रालय के लिए आवंटन में लगभग 190 प्रतिशत की वृद्धि हुई। मंत्रालय के लिए आवंटन 2013-14 में 4295.94 करोड़ रुपये से बढ़कर 2023-24 में 12461.88 करोड़ रुपये हो गया, जो 2.9 गुना वृद्धि को दर्शाता है। इसी तरह, सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग के बजट में 1.9 गुना की वृद्धि हुई, जो 91 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि को दर्शाता है, यह 2013-14 के 6725.32 करोड़ रुपये से बढ़कर नवीनतम बजट में 12,847.02 करोड़ रुपये हो गया है।

    डॉ. सहस्त्रबुद्धे ने बताया कि पीपीआरसी की रिपोर्ट में भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के तहत कार्यात्मक सामाजिक कल्याण की हर योजना को भी शामिल किया गया है। स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण के दूसरे चरण में 1,685,545 गांवों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्था है और 2,45,064 गावों में तरल अपशिष्ट प्रबंधन की सुविधाएं हैं, जो ओडीएफ $ स्थिति को प्राप्त करने की दिशा में काम कर रहे हैं। मिशन पोषण 2.0 के तहत देश भर में 4 लाख से अधिक पोषण वाटिकाओं का विकास किया गया है और 1.10 लाख औषधीय पौधे लगाए गए है। इस तरह बेटी बचाओ-बेटी पढाओ योजना के सफल क्रियान्वयन के बाद भारत का लिंग अनुपात 918 (2014-15) से बढ़कर 937 (2020-21) हो गया है और इसमें 19 अंकों का सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि 2021-22 में राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के अंतिम चरण में 695 पंचायत भवन का निर्माण करवाया गया और 6 लाख से अधिक हितधारकों को प्रशिक्षित किया गया था। इसके अलावा, योजना के तहत 1619 पंचायत शिक्षण केंद्र बनाए गए। ऐसे ही मैला ढोने वालों के पुर्नवास एवं स्व-रोजगार योजना (एसआरएमएस) के एक भाग के रूप में, सभी 58,098 चिन्हित लोगों को 40,000 रुपये की एकमुश्त नकद सहायता का भुगतान किया गया है। जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा के लिए 690 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों में से 523 को 2014-15 के बाद स्वीकृत किया गया है। श्री सहस्त्रबुद्धे ने पत्रकार वार्ता में राष्ट्रीय लोक नीति शोध केंद्र (पीपीआरसी) द्वारा मोदी सरकार के 9 वर्ष और यूपीए सरकार के कार्यकाल की तुलनात्मक रिपोर्ट पर पॉवर पाइंट प्रजेंटेशन प्रस्तुत किया।
    इस अवसर पर पार्टी की प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती सीमा सिंह, प्रदेश महामंत्री एवं प्रदेश कार्यालय प्रभारी श्री भगवानदास सबनानी, सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर, प्रदेश मीडिया प्रभारी श्री आशीष अग्रवाल, विधायक श्री रामेश्वर शर्मा, प्रदेश प्रवक्ता डॉ. हितेश वाजपेयी, श्री राजपाल सिंह सिसोदिया सुश्री नेहा बग्गा एवं जिला अध्यक्ष श्री सुमित पचौरी उपस्थित थे।

  • जनता के विश्वास पर खरी उतरी मोदी सरकार

    जनता के विश्वास पर खरी उतरी मोदी सरकार

    केन्द्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने पत्रकारों को सभी तथ्यों से अवगत कराया

    भोपाल 29 मई(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। 2014 से पहले देश में जो सरकार थी, उसमें सत्ता के ऐसे केंद्र बन गए थे, जो संविधानेत्तर थे और उनकी देश के संविधान के प्रति कोई जवाबदेही नहीं थी। देश पॉलिसी पैरालिसिस का शिकार था। अर्थव्यवस्था ढेर हो रही थी और भ्रष्टाचार की स्थिति यह थी कि सरकार के मंत्री ही जेल चले जाते थे। 2014 के चुनाव में जनता ने जनादेश दिया और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नई सरकार बनी। देश की जनता ने पूर्ण बहुमत से सरकार बनाकर जो विश्वास जताया था, बीते 9 वर्षों में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की सरकार ने अपने कामकाज से उस भरोसे को सही साबित कर दिया है। यह बात केंद्रीय पर्यावरण, वन, जलवायु परिवर्तन, श्रम और रोजगार मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोमवार को कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर सभागार में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार के 9 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित मीडिया संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही। मीडिया संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान एवं पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा ने भी विचार व्यक्त किए। मंच का संचालन प्रदेश मीडिया प्रभारी श्री आशीष अग्रवाल ने किया।

    केन्द्रीय मंत्री श्री यादव ने कहा कि बीते 9 वर्षों में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की सरकार अगर देश में बड़े बदलाव ला सकी है, तो उसका आधार है टारगेटेड डिलीवरी और लॉस्ट माइल डिलीवरी। यही मोदी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धियां भी हैं। मोदी सरकार ने हर काम की समय सीमा तय की और हर योजना का 100 प्रतिशत लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके, यह सुनिश्चित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने 2014 में शपथ लेते ही कहा था कि मेरी सरकार, गरीबों की सरकार है। बीते 9 वर्षों में उनकी सरकार ने जो काम किए हैं, उनसे हर गरीब को सुरक्षा और गरिमा मिली है। मोदी सरकार ने आधुनिक टेक्नोलॉजी, अपने विजन और कार्यक्षमता के आधार पर हर गरीब तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया। पहले जहां हम टी.बी.और पोलियो जैसी बीमारियों की वेक्सीन नहीं बना पाए, हमने कोरोना संकट में रिकॉर्ड समय में कोरोना की वेक्सीन बनाई और अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाई। 3.5 करोड़ से अधिक लोगों को प्रधानमंत्री आवास दिये गए। स्व. लोहिया जी ने जिन दो विषयों को भारतीय महिलाओं की सबसे बड़ी समस्या बताया था, उन्हें मोदी सरकार ने हल किया है। देश में 11.72 करोड़ इज्जत घरों का निर्माण किया गया है। 12 करोड़ घरों में नल से स्वच्छ जल पहुंच रहा है और उज्जवला योजना में 9.6 करोड़ से अधिक गैस कनेक्शन देकर महिलाओं के जीवन को आसान बनाया है। कोविड संकट में मोदी सरकार ने 80 करोड़ गरीबों को मुफ्त राशन देना शुरू किया। आयुष्मान योजना में प्रत्येक गरीब व्यक्ति को 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिल रहा है।

    केंद्रीय मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि मोदी सरकार के लिए सामाजिक न्याय का आशय किसी का तुष्टिकरण नहीं है, बल्कि वह पिछड़ों के सशक्तीकरण पर विश्वास करती है। वोट बैंक की राजनीति को नकारते हुए मोदी सरकार ने उच्च शिक्षा में सामान्य वर्ग के कमजोर आय वर्ग के छात्र-छात्राओं को 10 प्रतिशत आरक्षण दिया। कांग्रेस की सरकारों ने काका कालेकर कमीशन और फिर मंडल कमीशन की सिफारिशों को ठंडे बस्ते में डाले रखा। मोदी सरकार ने सत्ता में आने के बाद पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया। सरकार ने दिव्यांगों की कैटेगरी को 7 से बढ़ाकर 21 किया, ताकि हर तरह के दिव्यांगों तक सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंच सके। मोदी सरकार ने सीमांत किसानों की कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए उनकी तात्कालिक आवश्यकता की पूर्ति के लिए उन्हें प्रतिवर्ष 6 हजार रुपये की किसान सम्मान निधि देना शुरू किया।

    श्री यादव ने कहा कि देश की आजादी के बाद से लेकर 2014 के पहले तक अधोसंरचना के विकास के जितने काम नहीं हुए थे, उससे कहीं ज्यादा विकास कार्य मोदी सरकार के 9 वर्षों में हुए हैं। 2014 के पहले देश में 74 एयरपोर्ट थे, जबकि 2014 के बाद के 9 वर्षों में इतने ही नए एयरपोर्ट बनाए गए हैं। मोदी सरकार के पहले तक देश में 91287 किलोमीटर सड़कें थीं, जबकि मोदी सरकार के 9 वर्षों में 53868 किलोमीटर नई सड़कें बनाई गई हैं। इस सरकार के समय पहली बार वाटर वे के विकास के बारे में सोचा गया और 111 वाटर वे बनाए गए। 20 वंदे भारत ट्रेनें देश के यात्रियों को वर्ल्ड क्लास सुविधाएं उपलब्ध करा रही हैं, वहीं 15 शहरों में मेट्रो ट्रेनों का परिवहन शुरू किया गया है, जो कि पहले 5 शहरों में ही चलती थीं। 2014 तक देश में 7 एम्स हुआ करते थे, मोदी सरकार ने 15 नए एम्स स्थापित किए। पहले देश में 641 मेडिकल कॉलेज थे, जबकि बीते 9 सालों में 700 नए कॉलेज खोले गए हैं। 7 नए आईआईएम और 390 नए विश्वविद्यालय खोले गए हैं। सरयू नहर, बोगीबील ब्रिज और केरल के कोलम बायपास जैसी जो परियोजनाएं बरसों से अटकी हुई थीं, उन्हें पूरा किया गया है। देश के सुदूर अंचलों और सीमावर्ती क्षेत्रों तक हर मौसम में आने-जाने की सुविधा मिली है तथा इसमें लगने वाला समय भी कम हुआ है।

    श्री यादव ने कहा कि मोदी सरकार के 9 सालों में देश में अर्थव्यवस्था को टेक्नोलॉजी से जोड़ा गया और आज देश में एक डिजिटल क्रांति आई हुई है। देश का निर्यात रिकॉर्ड स्तर पर है और भारत सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था वाला देश बन गया है। भारत ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स में 45 वें स्थान पर है और देश में 100 से अधिक यूनिकॉर्न हैं। देश में नई शिक्षा नीति लागू की गई है, जो भविष्य की आवश्यकताओं को पूरा करेगी। देश में नए स्पोर्ट्स कल्चर की शुरुआत हुई है। मोदी सरकार ने अयोध्या में राम मंदिर की 500 साल पुरानी समस्या को न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से सुलझाया है, तो वहीं बुद्धा सर्किट, महाकाल महालोक, सोमनाथ, करतारपुर साहिब कॉरिडोर, केदारनाथ धाम आदि के विकास से देश के धार्मिक, सांस्कृतिक वैभव को नई ऊंचाइयां दी हैं। एक देश में दो निशान-दो विधान की बिडंबना से मुक्ति के लिए मोदी सरकार ने कश्मीर से धारा 370 को समाप्त किया। रक्षा उत्पादन में देश आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है। देश की जैव विविधता को समृद्ध करने के लिए प्रोजेक्ट चीता की शुरुआत की गई है। भारत जी-20 के अध्यक्ष के रूप में उन देशों का नेतृत्व कर रहा है, जिन देशों में वैश्विक अर्थव्यवस्था की 75 प्रतिशत हिस्सेदारी है। श्री यादव ने कहा कि बीते 9 सालों में मोदी सरकार ने अविस्मरणीय काम किए हैं और सरकार की घरेलू नीतियों की वजह से सारी दुनिया में देश की साख तथा भारत और प्रधानमंत्री मोदी जी का मान-सम्मान बढ़ा है।

    मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने कार्यक्रम में संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी सदैव देश के विकास, गरीब कल्याण, प्रकृति और पर्यावरण को लेकर सोचते हैं। 9 साल में प्रधानमंत्री जी ने देश को बदल दिया है, आज हर भारतवासी आत्म विश्वास और गौरव से भरा हुआ है। पूरी दुनिया में भारत की जय-जय हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश में 5 करोड़ 18 लाख से अधिक हितग्राहियों को निःशुल्क खाद्यान्न वितरित किया गया है। 4 करोड 1 लाख से अधिक नागरिकों को जन धन खाते खोले गए है। गांव में हर घर में नल से पानी लाने का अभियान शुरू किया है, जिसके अंतर्गत 57 लाख घरों में नल कनेक्शन एवं 38 लाख से अधिक पीएम आवास ग्रामीण क्षेत्र में और 7 लाख आवास शहरी क्षेत्रों में दिये जा चुके हैं। अटल पेंशन योजना से 30 लाख 21 हजार लोग लाभान्वित हुए है। वहीं मुख्यमंत्री जीवन ज्योति योजना के अंतर्गत 81 लाख 75 हजार लोगों को बीमा की सुविधा मिली है। मुद्रा योजना के अंतर्गत 95 लाख 47 हजार हितग्राहियों को 34 हजार करोड से अधिक के ऋण दिए गए हैं। श्री चौहान ने इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में प्रदेश में हुए विकास की जानकारी देते हुए कहा कि 2009 से 2014 के बीच रेलवे के बजट का आवंटन 632 करोड रूपए था, जो 2021-22 में बढकर 7700 करोड और 2023-24 में बढकर 13607 करोड रूपए हो गया है। वहीं, 2005-06 से लेकर 2013-14 तक 9 वर्षों में सड़कों के निर्माण के लिए प्रदेश को केवल 662 करोड रूपए स्वीकृत किए गए थे। वहीं,  इसके बाद 2022-23 तक 9 वर्षों में 52613 करोड रूपए सड़क निर्माण के लिए स्वीकृत किए गए हैं। 4906 कि.मी. राष्ट्रीय राजमार्ग सड़कों का निर्माण किया जा चुका है। मुख्यंमत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश सिंचाई के मामले में 45 लाख हेक्टेयर तक पहुंचा है तो इसके पीछे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का भरपूर सहयोग है। 44500 करोड से अधिक की केन बेतवा लिंक परियोजना स्वीकृत प्रधानमंत्री जी ने बुन्देलखण्ड के तस्वीर और वहां की जनता की तकदीर बदलने का काम किया है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में एक वैभवशाली, गौरवशाली और संपन्न भारत का निर्माण हो रहा है, आज भारत विश्वगुरु बनने की ओर तेजी से अग्रसर है। सुरक्षित भारत और आत्मविश्वास से भरा भारत आज दुनिया को दिशा दिखा रहा है।

    भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार के 9 वर्ष सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण को समर्पित हैं। श्री मोदी जी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता आज भारत के कोने कोने में गुड गर्वेनेंस को जमीन पर उतारने का काम कर रहे है। श्री शर्मा ने कहा कि कांग्रेस के जमाने में कहा जाता था कि केन्द्र सरकार से 1 रुपए भेजा जाता था तो 85 पैसे भ्रष्टाचार में चला जाता था, 15 पैसे ही जनता तक पहुँचते थे। लेकिन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने भ्रष्टाचार की परंपरा का अंत कर देश को पारदर्शी व्यवस्था दी है। आज केन्द्र सरकार एक रूपया अगर गरीब के लिए पहुंचाती है तो पूरा 1 रूपया गरीब के खाते में पहुंचता है। उन्होंने कहा कि देश के विकास के संकल्प के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के कुशल नेतृत्व में देश आगे बढ रहा है। हर गरीब के जीवन को बदलने का कार्य विगत 9 वर्षों में हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पूरी दुनिया में भारत का मान सम्मान बढ़ा है और भारत के नेतृत्व के प्रति एक विश्वास जागृत हुआ है। यह सब मोदीजी के कारण संभव हुआ है। उन्होंने कहा कि मोदी जी के विकास कार्यो और निर्णयों को 140 करोड जनता अनुभव करती है और आज मोदी जी हर नागरिक के दिल में अलग स्थान बनाए हुए हैं।

  • मोदी के नौ सालों में भारत का अभ्युदय

    मोदी के नौ सालों में भारत का अभ्युदय

    भोपाल 28 मई( प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार के 9 वर्ष सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण को समर्पित है। इन 9 वर्षों में गरीबों के जीवन स्तर में सुधार आया है तो वहीं सांस्कृतिक वैभव का अभ्युदय हुआ है। 9 वर्षों में देश ने हर मोर्चे पर सफलताएं अर्जित की है। भारतीय जनता पार्टी ने 30 मई से 30 जून के बीच विशेष जनसंपर्क अभियान के माध्यम से मोदी सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को जन जन तक पहुंचाने का कार्यक्रम तय किया है। इस अभियान के दौरान प्रदेश में हर बूथ तक केन्द्र और राज्य सरकार की उपलब्धियां पहुंचे, इसकी जिम्मेदारी प्रत्येक कार्यकर्ता की है। हर मोर्चा विस्तृत कार्ययोजना के आधार पर विशेष जनसंपर्क अभियान को सफल बनाने में जुटें। यह बात भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री श्री शिवप्रकाश जी, प्रदेश प्रभारी श्री मुरलीधर राव, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा एवं प्रदेश संगठन महामंत्री श्री हितानंद जी ने शनिवार को प्रदेश कार्यालय में किसान मोर्चा, युवा मोर्चा, अनुसूचित जाति मोर्चा एवं अनुसूचित जनजाति मोर्चा की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए कही।
    पार्टी के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि मोदी सरकार की योजनाएं हर वर्ग के लिए है। समाज का ऐसा कोई वर्ग अछूता नहीं है जो गरीब कल्याण की योजनाओें से लाभान्वित न हुआ हो। उन्होंने कहा कि पिछले 9 वर्षों में ढांचागत विकास में अमूलचूल परिवर्तन आया है। 2014 से पहले देश में नक्सलवाद, माओवाद और आतंकवाद की घटना आम बात थी। 2014 के बाद देश की आतंरिक सुरक्षा मजबूत हुई है और देश की सीमाएं भी सुरक्षित हुई है। सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक इसके उदाहरण है। देश के सीमावर्ती गांवों तक आज सड़कें बन चुकी है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार में देश आर्थिक उन्नति की ओर अग्रसर हुआ है। आज भारत दुनिया की पांचवी अर्थव्यवस्था बन चुका है। आने वाले वर्षों में भारत तीसरे स्थान पर पहुंचेगा। श्री शिवप्रकाश जी ने कहा कि मोदी सरकार के 9 वर्ष देश में क्रांतिकारी और अभूतपूर्व निर्णयों के लिए जाने जाते है। मोदी सरकार ने वीआईपी कल्चर पर प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि महाकाल लोक, काशी विश्वनाथ कॉरीडोर और राम मंदिर के निर्माण जैसे अनेक निर्णय यह दर्शाते है कि मोदी सरकार में सांस्कृतिक मूल्य स्थापित हुए है और विश्व में भारत का मान सम्मान बढा है। उन्होंने कहा कि सम्राट हर्षवर्धन और उसके बाद चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य और अहिल्याबाई के शासनकाल में धर्म प्रधान शासन था। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को भी लोग इसी के लिए जानेंगे।
    प्रदेश प्रभारी श्री मुरलीधर राव ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस के डीएनए में हिन्दू विरोधी भावनाएं है। जो देश की सर्वमान्य परंपराएं है उन्हें भी कांग्रेस नहीं मानती है। सेंगोल देश के राजधर्म का प्रतीक है। उसका अपमान कर कांग्रेस ने जनता की भावनाओं को ठेस पहुंचायी है। उन्होंने कहा कि राम को न मानने वाली कांग्रेस ने राम मंदिर निर्माण में भी रूकावटें डालने की कोशिश की लेकिन वह सफल नहीं हो पायी। कांग्रेस ने हमेशा हिन्दूओं को अपमानित करने का काम किया है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के 9 वर्ष पूरे होने पर कार्यकर्ता सरकार की उपलब्धियों और योजनाओं को लेकर जनता के बीच जायेंगे तो साथ ही कांग्रेस की भारत की अस्मिता विरोधी मानसिकता को भी जनता के समक्ष रखें और उन्हें बताएं कि कांग्रेस हमेशा देश की अवमानना करती आयी है। उन्होंने कहा कि विशेष जनसंपर्क अभियान में पार्टी द्वारा तय कार्यक्रमों के साथ ही हर मोर्चा विधानसभा स्तर पर प्रभावी सम्मेलन आयोजित करें।
    पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 9 वर्ष का कार्यकाल अभूतपूर्व है। मोदी सरकार के 9 वर्ष पूर्ण होने पर भारतीय जनता पार्टी सरकार के कामों को विशेष जनसंपर्क अभियान के माध्यम से हर बूथ और हर घर तक पहुंचाने का काम करेगी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने विकास के नए आयाम स्थापित किए है। 30 मई से 30 जून के बीच चलने वाले अभियान में अलग अलग कार्यक्रम होंगे। 20 से 30 जून के बीच बूथ स्तर तक घर घर संपर्क अभियान चलेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की योजनाएं सर्वहारा वर्ग की योजनाएं है। इनके माध्यम से कार्यकर्ता हर समाज वर्ग को पार्टी से जोडने का काम करें। श्री शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार ने पेसा एक्ट लागू कर अनुसूचित जनजाति वर्ग को अधिकार संपन्न बनाया और गौरव दिवस मनाकर उन्हें गौरवान्वित किया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने आदिवासी बहन को राष्ट्रपति बनाकर आदिवासी समाज का सम्मान किया है। यह सब बातें हमें नीचे तक ले जाने की आवश्यकता है। श्री शर्मा ने कहा कि मध्यप्रदेश में 30 लाख नवमतदाता है इन्हें अभियान के दौरान युवा मोर्चा पार्टी की विचारधारा से जोडे और नवमतदाताओं को यह बताएं कि कांग्रेस उन्हें गुमराह करने की कोशिश कर रही है।
    श्री शर्मा ने कहा कि देश और प्रदेश में कांग्रेस मुद्दाविहीन है। कांग्रेस भ्रम का वातावरण फैला रही है। कांग्रेस के इस भ्रम का जवाब भारतीय जनता पार्टी सरकार द्वारा किया गया विकास, गुड गर्वेंनेंस और गरीब कल्याण की योजनाएं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस चुनाव के पहले हर राज्य में बडे बडे वादे करती है, लेकिन चुनाव के बाद जनता के साथ वादाखिलाफी करती है। कांग्रेस ने राजस्थान, कर्नाटक में जनता से बडे बडे वादे किए लेकिन सत्ता हासिल करते ही उन वादों को पूरा करने में पीछे हट गयी। आज वहां की जनता खुद को ठगा महसूस कर रही है। मध्यप्रदेश में भी कांग्रेस ऐसे ही चुनावी वादे कर जनता को भ्रमित कर रही है, भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता मैदान में उतरकर सरकार के विकास कार्यों से उन्हें करारा जवाब दें।
    बैठक के दौरान अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह आर्य, किसान मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बंशीलाल गुर्जर, किसान मोर्चा प्रदेश प्रभारी डॉ. अनिल बोंडे, अशोक नेते, प्रदेश सरकार के मंत्री जगदीश देवडा, डॉ. प्रभुराम चौधरी, प्रदेश महामंत्री सुश्री कविता पाटीदार, युवा मोर्चा के राष्ट्रीय महामंत्री व प्रदेश प्रभारी रोहित चहल, युवा आयोग अध्यक्ष डॉ. निशांत खरे, बैतूल सांसद दुर्गादास उइके, पार्टी की प्रदेश उपाध्यक्ष व सांसद श्रीमती संध्या राय, अजा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. कैलाश जाटव, अजजा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष कल सिंह भांबर, युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष वैभव पंवार, किसान मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष दर्शन सिंह चौधरी मंचासीन थे। बैठक का संचालन अजजा मोर्चा के राष्ट्रीय महामंत्री व सांसद गजेन्द्रसिंह पटेल ने किया।

  • मोदी का नेतृत्व पसंद करते हैं विश्व के नेतागण

    मोदी का नेतृत्व पसंद करते हैं विश्व के नेतागण

    भोपाल, 25 मई(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विश्व के अनेक देशों में सम्मान मिला है। इससे भारतवासी गर्वित, आनंदित और सम्मानित महसूस कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी अभिनन्दन के पात्र हैं। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि हाल ही में प्रधानमंत्री जी को पापुआ न्यू गिनी और फिजी ने अपने सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित किया है। इन देशों के राष्ट्र प्रमुख कहते हैं कि भारत हमारी आवाज बन कर उभर रहा है। हमारे प्रधानमंत्री जब पापुआ न्यू गिनी पहुँचे तो वहाँ के प्रधानमंत्री ने मोदी जी के चरण स्पर्श किए। यह अभूतपूर्व और ऐतिहासिक है। यह प्रधानमंत्री श्री मोदी की सेवाओं का ही परिणाम है। उन्होंने दुनिया की भी चिंता की है। श्री मोदी को केवल इन दो देशों ने ही अपना सर्वोच्च सम्मान नहीं दिया बल्कि सबसे पहले अफगानिस्तान ने अपना सर्वोच्च सम्मान उन्हें दिया था। इसके अलावा फिलीस्तीन, यूएई और रूस ने भी मोदी जी को अपने देश के सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित किया है।

    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने डिंडोरी में कहा कि अनेक राष्ट्र, भारत से मार्गदर्शन की अपेक्षा करते हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी कल 6 दिवसीय विदेश यात्रा से लौटे, उन्होंने लगभग 20 राष्ट्राध्यक्षों से भेंट की और 40 से अधिक बैठकों में शामिल हुए। वे निरंतर घंटों कार्य करते हैं।

    सम्मानों की रही है लंबी श्रंखला

    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री जी का सम्मान अद्भुत है और गर्व का विषय है। उनको पूर्व में अनेक देशों ने सम्मान दिए हैं। जहाँ अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि मोदी जी आप बहुत लोकप्रिय हैं, मुझे आपके आटोग्राफ चाहिए, वहीं आस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री श्री एंथनी एल्बनीज ने मोदी जी के लिए कहा “मोदी इज द बॉस”। यहीं नहीं इसके पूर्व मालद्वीप और बहरीन द्वारा भी प्रधानमंत्री जी को सम्मानित किया गया है। अमेरिका ने अपना सर्वोच्च सैन्य सम्मान श्री मोदी को दिया। सऊदी अरब ने भी उनको सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित किया। साथ ही दक्षिण कोरिया ने भी सम्मानित किया। पर्यावरण के क्षेत्र में काम करने के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ ने “चेंपियन्स ऑफ द अर्थ अवार्ड से मोदी जी को नवाजा। प्रधानमंत्री श्री मोदी को फिलिप कोर्टल प्रेसिडेंशियल अवार्ड से भी सम्मानित किया गया। स्वच्छ भारत अभियान के लिए बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन अवार्ड से सम्मानित किया गया। वर्ष 2019 में ग्लोबल गोल्ड कीपर अवार्ड से नवाजा गया। विश्व ऊर्जा और पर्यावरण के क्षेत्र बेहतर काम करने के लिए मोदी जी को इसी साल केम्ब्रिज रिसर्च एसोसिएट्स का ग्लोबल एनर्जी एंड एनवायरमेंट लीडरशिप अवार्ड दिया गया। यह सभी सम्मान अकेले प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का सम्मान नही है बल्कि सभी 140 करोड़ भारतवासियों का सम्मान है।

  • महारानी पद्मावती का जौहर सदा याद रहेगाःशिवराज

    महारानी पद्मावती का जौहर सदा याद रहेगाःशिवराज

    भोपाल,22 मई,(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल की मनुआभान टेकरी पर महारानी पद्मावती की प्रतिमा का अनावरण किया। केंद्रीय कृषि एवं किसान-कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और महाराणा प्रताप के वंशज महाराज कुमार डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ साथ थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि भारतीय शौर्य एवं पराक्रम की प्रतीक महारानी पद्मावती की प्रतिमा स्थापना से एक संकल्प पूरा हुआ है। महारानी पद्मावती ने अपने स्वाभिमान और देश के गौरव की रक्षा के लिए स्वयं को अग्नि में समर्पित कर दिया। उनकी मूर्ति स्थापित करने के साथ ही इस स्थल को विकसित किया जा रहा है, जिससे युवा पीढ़ी महारानी के संघर्ष से प्रेरणा ले सकें और अपनी धर्म, संस्कृति और जीवन मूल्यों को न भूलें। महारानी पद्मावती की मूर्ति का प्रारूप श्री एल.एन. भावसार द्वारा तैयार किया गया और मूर्तिकार श्री प्रभात राय हैं।

    सहकारिता मंत्री श्री अरविंद सिंह भदौरिया, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री सुश्री उषा ठाकुर, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन मंत्री श्री राजवर्धन सिंह दत्तीगांव, चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री विश्वास सारंग, पूर्व मंत्री श्री रामपाल सिंह, भोपाल महापौर श्रीमती मालती राय, विधायक श्री रामेश्वर शर्मा, पूर्व महापौर श्री आलोक शर्मा सहित जन-प्रतिनिधि और नागरिक उपस्थित थे।

  • फूट डालने के नए प्रयासों पर प्रहार जरूरी

    फूट डालने के नए प्रयासों पर प्रहार जरूरी


    खेतों में किसान जो बीज बोता है धरती उसे कई गुना बढ़ाकर लौटा देती है। बात जब जीवित इंसानों की हो तो ये फलन कल्पनातीत होता है। एक व्यक्ति का सकारात्मक विचार पूरी मानवता को ऊंचाईयों के नए धरातल तक पहुंचा देता है ।इसके विपरीत एक नकारात्मक विचार करोड़ों लोगों के लिए जीवन मृत्यु का सबब भी बन जाता है। ये जानते बूझते भी कई विचारधाराएं अभिमान की पूर्ति के लिए स्वयं को संशोधित करने को तैयार नहीं हैं। भारत में अप्रासंगिक हो चली कांग्रेस भी अपनी गलतियों से सबक लेने को तैयार नहीं है। उसके नेता और कार्यकर्ता सभी अपने इतिहास से चिपटे हुए हैं और पार्टी को रसातल में जाते देख रहे हैं। कई समझदार समाजसेवी तो वक्त पर जाग गए और वैकल्पिक उपकरणों की ओर चले गए पर जड़ सलाहकारों की वजह से आज भी ढेरों कांग्रेसी पुराने ढर्रे पर ही चलते जा रहे हैं। उन्हें ये सब करने की पूरी आजादी है पर समस्या ये है कि वे अपनी नकारात्मकता भरा वोट बैंक बढ़ाने के लिए कई चिरपरिचित उपायों का सहारा ले रहे हैं। देश के जनमत को संवारने का कोई बड़ा प्रकल्प न होने की वजह से वे अपने उद्देश्यों में थोड़े बहुत सफल भी होते दिख रहे हैं। इस नकारात्मक अभियान से देश की तरुणाई का बहुमूल्य वक्त जरूर बर्बाद हो रहा है।
    इसे समझने के लिए हमें इतिहास की कुछ घटनाओं का विश्लेषण करना होगा। श्रीलंका में एक सिंहली सिपाही ने परेड का निरीक्षण करते समय राजीव गांधी के सिर पर अपनी बंदूक के बट से प्रहार किया था । सिंहलियों को लगता था कि तमिलनाडू में तमिलों के वोट कबाड़ने के लिए भारत की कांग्रेसी सरकार लिट्टे को हथियार और पैसा देकर उनके देश में अशांति फैला रही है। लिबरेशन टाईगर्स आफ तमिल ईलम ने राजीव गांधी को केवल इसलिए बम से उड़ा दिया था क्योंकि उसका मानना था कि उन्होंने सिंहलियों और तमिलों के बीच जारी संघर्ष में तमिलों की पीठ में छुरा घोंपा है। श्रीमती इंदिरा गांधी को उनके अंगरक्षक ने इसलिए गोली मार दी थी क्योंकि सिखों को लगता था कि श्रीमती गांधी ने अपने पैदा किए भस्मासुर जनरैल सिंह भिंडरावाला की आड़ में सिखों की आस्थाओं के केन्द्र स्वर्ण मंदिर को नेस्तनाबूत किया था। आपरेशन ब्लूस्टार के घावों ने सिखों की आत्मा को छलनी कर दिया था। जब श्रीमती गांधी की हत्या उनके ही अंगरक्षक सिख ने कर दी तो देश भर में हजारों सिखों को घरों से निकालकर जिंदा जला दिया गया । इस तरह की प्रतिक्रियावादी घटनाओं से देश का इतिहास भरा पड़ा है। महात्मा गांधी को एक सिरफिरे नाथूराम गोडसे ने केवल इसलिए गोलियां मार दीं थीं क्योंकि उसे लगता था कि महात्मा गांधी भारत विभाजन और लाखों हिंदुओं के कत्लेआम के दोषी हैं।
    ऐसी ढेरों घटनाएं कांग्रेस की कार्यशैली के स्याह पक्ष को दस्तावेजी प्रमाण के साथ प्रस्तुत करती हैं। इसके बावजूद आज की सोनिया राहुल कांग्रेस 137 साल पहले बनी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के स्थापित उद्देश्यों का वारिस होने का ढोंग छोड़ने तैयार नहीं है। तब सर ए ओ ह्यूम ने तत्कालीन ब्रिटिश शासकों को जन आक्रोश से बचाने के लिए 72 भारतीयों का एक जत्था तैयार किया था जिसकी आड़ में वे अपनी काली करतूतों पर पर्दा डालने का काम करते थे। समय बीतते ये जत्था इतना सफल हुआ कि दि्वतीय विश्वयुद्ध के बाद जब अंग्रेज अपने नियंत्रण वाले देशों को आजादी देने लगे तो उन्हें अपनी बनाई कांग्रेस ही सबसे अनुकूल नजर आई। आज की कांग्रेस अंग्रेजों के प्रभाव से इसलिए मुक्त नहीं होना चाहती क्योंकि केरल के समुद्री तटों से पुर्तगाल ,जिब्राल्टर, स्पेन और फिर इंग्लैंड होते हुए पौंड खरीदने के बड़े मार्ग पर वो अपना नियंत्रण नहीं खोना चाहती। जाहिर है इसीलिए इन दिनों चल रही राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा कश्मीर से कन्याकुमारी नहीं बल्कि केरल से दिल्ली की ओर चल रही है।
    कांग्रेस के इस सत्ता अनुष्ठान की अघोषित प्रायोजक पीएफआई यानि पापुलर फ्रंट आफ इंडिया को बताया जा रहा है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानि एनआईए के छापों और प्रवर्तन निदेशालय की जांच में पाया गया है कि पीएफआई कई आतंकवादी गतिविधियों से भी जुड़ा है। प्रवर्तन निदेशालय यानि ईडी को अब तक की जांच में पीएफआई के खातों से लगभग साठ करोड़ रुपयों के गैर कानूनी लेनदेन के सबूत मिले हैं। खाड़ी देशों में काम करने वाले मजदूरों के खातों का इस्तेमाल करके भारत जो रकम बुलाई जाती थी उसका उपयोग आतंकवादी गतिविधियों और राजनीति में खुद को मजबूत बनाने के लिए किया जाता था। पीएफआई के विभिन्न कैडर इस राशि का इस्तेमाल करके युवाओं को बम बनाने का प्रशिक्षण देते थे और युवाओं को बरगलाकर उन्हें आईएसआईएस जैसे आतंकी संगठनों में भर्ती करवाते थे।अब इस तरह की अलगाववादी कार्यशैली को कथित संरक्षण देने वाली राहुल गांधी कांग्रेस यदि देश को जोड़ने का नारा दे रही है तो आसानी से समझा जा सकता है कि वह देश के कैसे लोगों को और क्यों जोड़ने का ख्वाब देख रही है।

    राष्ट्र संत श्री श्री रविशंकर जी ने श्रीलंका में भेदभाव के शिकार तमिलों और सत्ता पर इठलाते सिंहलियों के बीच सद्भाव कायम करने के लिए लगभग दस सालों तक जोखिम भरा अभियान चलाया था। उनके योग प्रशिक्षण कार्यक्रम द आर्ट आफ लिविंग को सिंहली सरकार और तमिलों दोनों का समर्थन मिलता था। श्रीलंका के तत्कालीन राष्ट्रपति महिंद्रा राजपक्षे ने सद्भाव कायम करने की पहल करते हुए अपने हैलीकाप्टर से श्री श्री रविशंकर जी को लिट्टे प्रमुख वेलुपिल्लई प्रभाकरन से चर्चा करने भेजा था। टूटा टाईगर पुस्तक के लेखक स्वामी विरुपाक्ष लिखते हैं कि हमारे प्रयास निष्पक्ष और पवित्र थे हम शांति की इबारत लिखने जा रहे थे। इसके विपरीत अशांति चाहने वालों ने लिट्टे के खुफिया विभाग को षड़यंत्र पूर्वक संदेश पहुंचाया कि जब प्रभाकरन गुरुदेव से मिलेगा, तब भारत उसकी लोकेशन मालूम कर लेगा और उस पर बमबारी करके श्रींलंका की मदद करेगा।इस तरह शांति वार्ता में खलल डालने का ये प्रयास भारत की तत्कालीन कांग्रेस सरकार के उन्हीं लोगों ने किया था जो नहीं चाहते थे कि श्रीलंका में कभी शांति स्थापित हो। कांग्रेस को लगता था कि समुद्री सीमाओं और अपेक्षाकृत मुक्त सोच की वजह से सोने की लंका बन गई तो भारत के विकास की तस्वीर धुंधली पड़ सकती है।
    कांग्रेस की तत्कालीन सरकारें सिंहलियों और तमिलों को आपसी झगड़े में उलझाने के लिए लिट्टे को गुपचुप हथियार और धन मुहैया कराती थीं वहीं वे सिंहलियों को भी कारोबार में मदद करती थीं। जब 1987 में राजीव गांधी ने भारतीय शांति सेना को श्रीलंका भेजा तो घोषित रूप से उसे दोनों समुदायों के बीच शांति स्थापित करनी थी लेकिन निर्देशों की घुटन के बीच भारत की सेना सिंहलियों की पैरवीकोर बन गई और गौरिल्ला युद्ध लड़ रहे तमिलों का संहार करने लगी। इससे नाराज लिट्टे ने भारतीय शांति सेना पर हमले शुरु कर दिए। नतीजतन भारत की सेना को लगभग बारह सौ जवानों की शहादत झेलनी पड़ी। 1990 में वीपीसिंह की सरकार ने शांति सेना के मिशन को असफल करार दिया और सेना को वापस बुला लिया। श्रीलंका की सरकार, लिट्टे और भारत के बीच हुई संधि की वजह से लिट्टे को अपने समर्पित सैनिकों की भारी क्षति उठानी पड़ी थी। तब लिट्टे की ओर से अलग राष्ट्र की मांग की जा रही थी और उसे वैश्विक समर्थन भी मिल रहा था। लिट्टे को लगता था कि यदि राजीव गांधी दुबारा सत्ता में लौट आएंगे तो वे उसके पृथक राष्ट्र के अभियान में बाधक बन सकते हैं। यही वजह थी कि लिट्टे ने 1991 में श्रीपेरंबुदूर में राजीव गांधी को आत्मघाती बम हमले से उडा दिया।
    राजीव गांधी की हत्या के बाद भले ही देश में कांग्रेस की सरकार आ गई थी लेकिन हत्या का षड़यंत्र उजागर हो जाने के बावजूद पार्टी ने दुबारा भारतीय सेना का इस्तेमाल नहीं किया। इधर श्रीमती सोनिया गांधी ने भी घोषित रूप से भले ही राजीव गांधी के हमलावरों को माफ करने की बात कही पर उनके चीनी सलाहकारों ने श्रीलंका में दखल शुरु कर दिया। चीनी हथियारों, प्रशिक्षण और गोलाबारूद के सहारे सिंहली सेना ने वर्ष 2009 में लिट्टे प्रमुख वी प्रभाकरन को घात लगाकर उड़ा दिया। तबसे श्रीलंका में चीन का जो सैन्य हस्तक्षेप शुरु हुआ वह आज भारत के लिए सामरिक दृष्टि से चुनौती बन गया है।
    समुदायों ,जातियों में फूट डालकर उन्हें लड़ाने और राज करने की नीति कांग्रेस ने अंग्रेजों से सीखी है। इस बार वह कथित तौर पर पीएफआई के माध्यम से भारत में तख्ता पलट की रणनीति पर काम कर रही थी। ये तो गनीमत है कि चौकन्ने भारतीय सुरक्षा तंत्र ने समय से पहले आतंक की आहट को महसूस कर लिया और भांडा फूट गया। भारत में मुसलमानों और हिंदुओं में फूट डालकर अंग्रेजों ने जो खाई खोदी थी उसे कांग्रेस की तुष्टिकरण की नीतियां अब तक सींचती रहीं हैं। हिंदू एकता को खंडित करने के लिए जाति के नाम पर आरक्षण की विषबेल भी भारत में अंग्रेजों के अघोषित हस्तक्षेप से पुष्पित और पल्लवित हुई है। बैलेंस शीट पर 2.66 लाख करोड़(ट्रिलियन डॉलर) के सकल घरेलू उत्पाद(जीडीपी) वाला भारत आज 13.6 लाख करोड़ के सकल घरेलू उत्पाद वाले चीन से बहुत पीछे है।जबकि चीन की विकास यात्रा भारत से दो साल बाद शुरु हुई थी। कांग्रेस की पीव्ही नरसिम्हाराव सरकार ने जो फैसले लिए उन्हें कांग्रेसी आज तक स्वीकार नहीं कर पाए हैं। जाति और धर्म के नाम पर लड़ाने की चालें भारत को लगातार नाकाम बनाती रहीं हैं। जाहिर है इस बार देश जागरूक है और सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई को देशव्यापी जनसमर्थन मिल रहा है। फूट डालने के इन प्रयासों पर प्रहार समय की मांग भी है। एकजुट होते आतंक का अंत करने के लिए देश पहले से ही हाथों में हाथ डालकर साथ खड़ा है।

  • …..और कांग्रेस ने विभाजन स्वीकारा

    …..और कांग्रेस ने विभाजन स्वीकारा

    विभाजन की चुभन / 3

    • प्रशांत पोळ

    अपने देश में चालीस का दशक अत्यंत उथल-पुथल वाला रहा. दूसरा विश्व युध्द चल रहा था. ब्रिटिश सरकार के विरोध में जनमत तीव्र हो रहा था. विश्व युध्द समाप्त होने के पश्चात् भारत को स्वतंत्रता दी जाएगी ऐसी ब्रिटिश सरकार ने घोषणा भी की थी. किन्तु आजादी जब सामने दिखने लगी, तो मुस्लिम लीग ने अपने आक्रमण तेज कर दिए. देश में अनेक स्थानों पर दंगे भड़के. दंगों के माध्यम से खौफ निर्माण करने का काम मुस्लिम लीग कर रही थी.

    मुस्लिम लीग पाकिस्तान की मांग कर रही थी. प्रारंभ में तो कांग्रेस भी बंटवारे के विरोध में थी. गांधीजी ने ऐतिहासिक भाषण दिया था, जिसमे उन्होने कहा था की, ‘पहले मेरे शरीर के टुकडे होंगे, फिर इस देश का विभाजन होगा..!’

    इस देश के करोड़ो लोगों ने गांधीजी को अपना नेता माना था. ‘महात्मा’ की पदवी से नवाजा था. उन्हें पूरा विश्वास था गांधीजी पर. लेकिन ४ जून १९४७ को, दिल्ली की प्रार्थना सभा में गांधीजी ने यह विश्वास तोड़ दिया. उन्होंने, कांग्रेस पार्टी विभाजन का समर्थन क्यों कर रही हैं, इसलिए तर्क दिए… गांधीजी ने बंटवारे का समर्थन किया..!

    विभाजन नहीं होगा, ऐसा मानने वाले करोडो लोग इस घटना से टूट गए. विशेषतः सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों पर यह बहुत बड़ा आघात था. वे विभाजन के लिए तैयार नहीं थे. उन्होंने विस्थापन के बारे में सोचा ही नहीं था. गांधीजी फिर भी कह रहे थे की, ‘प्रस्तावित पाकिस्तान से हिन्दुओं को विस्थापित होने की कोई आवश्यकता नहीं हैं..’

    लेकिन डॉ. बाबासाहब आंबेडकर ज्यादा व्यावहारिक थे. गाधीजी, नेहरु और जीना की नीतियों का उन्होंने पूरजोर विरोध किया था. अपने पुस्तक ‘थॉट ऑन पाकिस्तान’ में उन्होंने लिखा हैं – “श्री गांधी अस्पृश्यों को तो कोई भी राजनीतिक लाभ देने का विरोध करते हैं, लेकिन मुसलमानों के पक्ष में एक कोरे चेक पर हस्ताक्षर करने तैयार बैठे हैं.” आंबेडकर जी की मूल चिंता थी की ‘आखिर कांग्रेस द्वारा इतना पालने पोसने के बाद भी मुसलमान अलग देश की मांग क्यों कर रहे हैं..?’

    बाबासाहब आंबेडकर मूलतः अखंड भारत के समर्थक थे. उन्होंने लिखा हैं, ‘प्रकृति ने ही भारत को अखंड बनाया हैं.’ लेकिन वास्तविक धरातल पर उन्होंने द्विराष्ट्र वाद का समर्थन किया. उन्होंने कहा की मुसलमानों का हिन्दुओं के साथ सह-अस्तित्व संभव ही नहीं हैं. इसलिए उन्हें अलग राष्ट्र देना ही ठीक रहेगा. लेकिन एक शर्त पर – हिंदुस्तान के सारे मुसलमान प्रस्तावित पाकिस्तान में जायेंगे और वहां के सारे हिन्दू हिंदुस्तान में आयेंगे..! उनके शब्द हैं, “When partition took place, I felt that God was willing to lift his curse and let India be one great and prosperous” (जब विभाजन हुआ तो मुझे लगा मानो ईश्वर ने हमे दिया हुआ अभिशाप (श्राप) हटा लिया हैं और अब भारत एक महान और समृध्द राष्ट्र बनेगा). – डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर : राइटिंग अँड स्पीचेस, पहला खंड, पृष्ठ 146.

    दुर्भाग्य से कांग्रेस ने भारत विभाजन का प्रस्ताव तो स्वीकार किया, किन्तु जनसंख्या के अदलाबदली को सिरे से नकारा… इसका नतीजा रहा, इतिहास के सबसे दर्दनाक दंगे. लाखों लोगों की मृत्यु. करोडो लोगों का बिना किसी योजना के बलात विस्थापन..!

    पंधरा अगस्त जैसे जैसे निकट आ रहा था, वैसे वैसे बंगाल, पंजाब और सिंध में दंगे बढ़ रहे थे. हिन्दुओं को घर-बार छोड़ने के लिए विवश किया जा रहा था…

    ऐसे समय हमारा नेतृत्व क्या कर रहा था..?

    अगस्त, १९४७ के पहले और दुसरे सप्ताह में नेहरु व्यस्त थे, सत्तांतरण के कार्यक्रम की तैयारी में. उनकी बहन कृष्णा हाथिसिंग लिखती हैं – Jawahar was concerned about his wardrobe. १४ अगस्त के रात वाले समारोह में पहनने के लिए नेहरु ने अचकन और जाकिट पेरिस से मंगवाए थे. सीमा पर हो रहे दंगों की चिंता करने के बजाय, उन कपड़ों की चिंता नेहरु को थी. लॉर्ड माउंटबेटन को नेहरू आश्वस्त कर रहे थे की स्वतंत्रता के बाद भी भारत की सरकारी इमारतों पर, ब्रिटेन के शासकीय महत्व के दिनों में, यूनियन जैक फहराया जाएगा..!

    लेकिन जब पंजाब और सिंध जल रहा था, तब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तत्कालीन सरसंघचालक श्री गुरूजी ५ अगस्त से ८ अगस्त तक सिंध के दंगा पीड़ित क्षेत्रों में (जो अब पाकिस्तान में हैं) थे. कराची के हवाईअड्डे पर श्री गुरूजी को लेने के लिए जिस भारी मात्रा में स्वयंसेवक आये थे, उसके एक चौथाई भी लीगी कार्यकर्ता, जीना को लेने नहीं आए थे…!

    श्री गुरूजी ने धधकते वातावरण में कराची और हैदराबाद (सिंध) में स्वयंसेवकों की बैठके ली. साधु वासवानी जी के साथ सार्वजनिक सभा को संबोधित किया. लोगों को ढाढस बंधाया.

    श्री गुरूजी के पश्चात् १३ अगस्त को राष्ट्र सेविका समिति की तत्कालीन प्रमुख संचालिका वन्दनीय मौसी केलकर भी कराची पहुची. १४ अगस्त को, अर्थात जिस दिन पाकिस्तान का निर्माण हो रहा था, ठीक उसी दिन, उसी कराची शहर में मौसी केलकर जी ने समिति की बहनों की एक विशाल बैठक ली. साहस और समर्पण इसे कहते हैं !

    उस अशांत परिस्थिति में जब संघ, समिति और आर्य समाज के अधिकारी और कार्यकर्ता, लोगों में ढाढस बंधा रहे थे, उनके सुरक्षित भारत लौटने के प्रबंध कर रहे थे, तब देश का कांग्रेसी नेतृत्व दिल्ली में राज्यारोहण की खुशिया मनाने में व्यस्त था…! (क्रमशः)

    • प्रशांत पोळ

    विभाजन #भारत_विभाजन #Partition

  • द्रौपदी मुर्मू की विजय को सुनहरा बनाएगी सिन्हा की हार

    द्रौपदी मुर्मू की विजय को सुनहरा बनाएगी सिन्हा की हार

    के. विक्रम राव

    नौकरशाही से राजनीति में प्रविष्ट हुये यशवंत सिन्हा को यदि कुछ भी लाज—लिहाज हो तो राष्ट्रपति चुनाव से हट जायें। हजारीबाग में अपने व्यवसाय को देखें। व्यापार बढ़ायें, ज्यादा मुनाफा कमायें। राजनीति में हनीमून पर दोबारा आये हैं। अब पूरा हो गया। क्योंकि जनसेवा तो राजनीति में अब चन्द निस्वार्थ जन के लिये ही रह गयी है। यशवंत सिन्हा को इसी जुलाई 1 को ही नाम वापस ले लेना चाहिये था, जब उनकी प्रस्ताविका कुमारी ममता बनर्जी ने कहा था : ”भारतीय जनता पार्टी ने राष्ट्रपति पद हेतु राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू को चुनावी मैदान में उतारने से पहले विपक्ष के साथ चर्चा की होती तो विपक्षी दल उनका समर्थन करने पर विचार कर सकते थे।” उन्होंने यह भी कहा कि ”मुर्मू के पास 18 जुलाई होने वाले राष्ट्रपति चुनाव जीतने की बेहतर संभावना है, क्योंकि महाराष्ट्र में सत्ता परिवर्तन के बाद एनडीए की स्थिति मजबूत हुयी है।”

    उत्तर प्रदेश जो राष्ट्रीय राजनीति का ध्रुव केन्द्र है में यशवंत सिन्हा के लिये धूमधाम से अखिलेश यादव ने समर्थन जुटाया। पर दरार पड़ गयी। चचा शिवपाल के शब्दों में भतीजा अपरिपक्व हैं। मगर नासमझी इस कदर ? ओमप्रकाश राजभर को न बैठक में बुलाया। न उनसे सिन्हा के लिये समर्थन मांगा। खिसियाये राजभर योगी आदित्यनाथ के घर पर डिनर खाने चले गये। वहां द्रौपदी मुर्मू के लिये सभी अपने वोट की घोषणा कर रहे थे। वहीं शिवपाल सिंह भी वादा कर आये। शिवपाल समाजवादी पार्टी के कुछ और वोट काट सकते हैं। उन्होंने ने कहा कि ”मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रपति चुनाव में राजग प्रत्याशी द्रौपदी मुर्मू के पक्ष में वोट मांगा है। लिहाजा मैं मुर्मू को ही वोट करूंगा।” श्री यादव ने यहां कहा, ”मैंने पहले ही कहा था, राष्ट्रपति चुनाव में जो प्रत्याशी मुझसे वोट मांगेगा, मैं उसके पक्ष में वोट करुंगा। योगी आदित्यनाथ ने मुझसे (द्रौपदी मुर्मू के लिये) वोट देने को कहा था और मैंने फैसला किया है कि मैं उन्हें वोट दूंगा।” जयंत चौधरी बच गये। सपा मुखिया के साथ रह गये। मगर क्या फर्क डाल पायेंगे ?

    सिलसिलेवार अन्य राज्यों पर गौर करें। अन्नाद्रमुक और अन्य सहयोगी दल एनडीए की प्रत्याशी द्रौपदी मुर्मू का समर्थन करेंगे। मुर्मू ने अन्नाद्रमुक नेताओं—के. पलानीस्वामी और ओ. पन्नीरसेल्वम, तमिल मनीला कांग्रेस के अध्यक्ष जी. के. वासन, पट्टाली मक्कल काचि (पीएमके) के अध्यक्ष डॉ. अंबुमणि रामदास से मुलाकात की। सभी ने उनके प्रति समर्थन व्यक्त किया। वहीं शिरोमणी अकाली दल (शिअद) ने भी कहा कि वह राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की उम्मीदवार का समर्थन करेगा। शिअद ने मुर्मू का समर्थन करने का फैसला किया है। पार्टी का मानना है कि वह अल्पसंख्यकों, शोषित और पिछड़े वर्गों के साथ—साथ महिलाओं की प्रतीक है। देश में गरीब व आदिवासी वर्गों के प्रतीक के रुप में उभरी हैं। यही वजह है कि पार्टी राष्ट्रपति चुनाव में उनका समर्थन करेगी। ”सिख समुदाय पर अत्याचारों के कारण हम कांग्रेस के साथ कभी नहीं जायेंगे।”

    पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कह चुकीं हैं कि ”यदि एनडीए की ओर से पहले द्रौपदी मुर्मू की उम्मीदवारी के बारे में बता दिया जात तो हम भी राजी हो जाते और सर्वसम्मति से उन्हें चुना जा सकता था। ममता बनर्जी ने द्रौपदी मुर्मू की जीत की संभावनाएं ज्यादा होने की बात भी स्वीकार की।”

    बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राजग उम्मीदवार के बारे में कहा, ”हम लोगों को पूरा भरोसा है कि मुर्मू भारी बहुमत से जीतेंगी। यह बहुत खुशी की बात है कि एक आदिवासी महिला देश के सर्वोच्च पद के लिये उम्मीदवार है।” मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का झारखण्ड मुक्ति मोर्चा अब द्रौपदी को वोट देगा जिससे गठबंधन सहयोगी कांग्रेसी पार्टी को शर्मिंदगी उठानी पड़ेगी।

    बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने स्पष्ट किया कि सिर्फ अनुसूचित जनजाति की महिला होने के कारण ही उनकी पार्टी ने द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति चुनाव के लिये समर्थन देने का ऐलान किया है। उनका एक ही विधायक है।

    प्रतिद्वंदी यशवंत सिन्हा ने द्रौपदी पर तनिक शकुनि के अंदाज में विवाद उठा दिया। वे बोले कि ”यह महिला प्रत्याशी रबर स्टांप राष्ट्रपति बनेगी।” सिन्हा की घोषणा है कि वे खुद राष्ट्रपति चुने गये तो ”केवल संविधान के प्रति उत्तरदायी रहूंगा।” हालांकि भारत का संविधान गत 70 वर्षों में 108 बार संशोधित हो चुका है। तुलना में अमेरिका का संविधान गत सवा दो सौ वर्षों में केवल 25 बार संशोधित हुआ। जब 1975 में एमर्जेंसी इंदिरा गांधी ने थोपी थी तो जनाब यशवंत सिन्हाजी कलक्टरी कर रहे थे। सरकारी अफसर थे उस शासन के जो भ्रष्टाचार—विरोधी संघर्ष में जननायकों को जेल में कैद कर रही थी। तब उन्हीं के परिवारजन लोकनायक जयप्रकाश नारायण भी इंदिरा गांधी की जेल में नजरबंद थे। बाद में इन्हीं जेपी की सिफारिश पर प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई ने सिन्हा पर कृपादृष्टि दर्शायी थी। यही सिन्हाजी अब आदिवासी गरीब विधवा द्रौपदी मुर्मू से बेहिचक वचन मांग रहे है कि वे ”नाममात्र” की राष्ट्रपति नहीं रहेंगी। खामोश नहीं रहा करेंगी। मगर जब दस साल मनमोहन सिंह गूंगे रहे, सोनिया की धौंस के चलती रही, तब?

    अब जानिये अगर सिन्हा स्वयं राष्ट्रपति बन गये (मुंगेरी लाल के सपने जैसा) तो यशवंतजी क्या—क्या कर देंगे? वे केन्द्रीय संस्थाओं द्वारा विपक्ष को तंग करना बंद करा देंगे। नीक है, सब इसे स्वीकारते हैं। सांप्रदायिकता को रोकेंगे? दुरुस्त है। राज्य सरकारों को डगमायेंगे नहीं। यह भी वाजिब है। मगर इंदिरा गांधी काल का यही सरकारी (84—वर्षीय) नौकर चालीस साल के दौरान तो ”जी हुजूरी” भर करता रहा। कैसा कर्तव्य निभाया?

    यशवंत सिन्हा को बैठ जाने के आग्रह के लिये तर्क है, वे कभी भी गंभीर चुनौती देने वाले, प्रत्याशी नहीं रहे। विपक्ष की चौथी पसंद रहे। शरद पवार चतुर थे। हार की प्रतीती हो गयी थी। पलायन कर गये। अधिक फजीहत से बचने के पूर्व यशवंत सिन्हा को संतुष्ट होना चाहिये कि उन्हें आशातीत प्राप्ति तो हो गयी। हशिए पर पड़े इस राजनेता को फोकट में देशव्यापी मीडिया पब्लिसिटी मिल गयी। बड़े—बड़े राजनेताओं से भेंट हो गयी जो अब उनके समर्थक बन बैठे। बिन रकम खर्चे सिन्हा लाभ पा गये। विपुल चुनावी बजट पा गये। फ्री भारत दर्शन करने का मौका मिल गया। अब उनके राजनीति करने में कुछ ही वर्ष रह गये है। वानप्रस्थ खत्म हो गया। संन्यास का वक्त दस साल पूर्व ही आ गया था। अभी भी देर नहीं है कि सिन्हा साहब रिटायमेंट की घोषणा के लिये। इसमें राष्ट्रहित है। उनका यश भी बना रहेगा।

    साहित्य में यश का रंग सफेद, धवल कहा गया है। कवि भूषण ने कहा था कि छत्रपति शिवाजी के अपार यश से तीनों लोकों में सफेदी छा गयी। तब इन्द्र अपने सफेद हाथी ऐरावत को तलाशते रहे। खुद ऐरावत गोरे इन्द्र को खोजता रहा। अत: सारी गोरी चीजें और गोरे लोग खो गये। अब यशवंत को भी यश की तरह गोरे बने रहना चाहिये। पराजय की कालिमा से बचें।

    K. Vikram Rao

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    E-mail –k.vikramrao@gmail.com

  • नारी शक्ति के सम्मान की प्रतीक द्रौपदी मुर्मू

    नारी शक्ति के सम्मान की प्रतीक द्रौपदी मुर्मू

    -नेहा बग्गा-

    देश में हम आजादी के 75 वर्ष मना रहे हैं और इस अमृत महोत्सव में एनडीए की राष्ट्रपति उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू के चयन से पूरे देश में खुशी का माहौल है। मध्यप्रदेश ही नहीं,  जनजाति समाज ही नहीं अपितु पुरे देश को आज गर्व की अनुभूति हो रही है। देश के इतिहास में यह पहली बार होगा जब कोई पूर्व पार्षद राष्ट्रपति बनने के बेहद करीब पहुंच गया है। राष्ट्रपति प्रत्याशी के रूप में द्रौपदी मुर्मू के चयन ने भले ही उन लोगों को चौंका दिया हो, जो राष्ट्रपति पद को एक विशेष दायरे में सीमित करके देखते हैं। लेकिन भाजपा संसदीय दल का यह निर्णय वास्तव में जनजातियों और महिलाओं के सशक्तीकरण की दिशा में भाजपा की नीतियों का ही प्रतिबिंब है। 
    ओडिशा में जन्मी द्रौपदी मुर्मू ने भुवनेश्वर स्थित रमादेवी महिला कॉलेज से स्नातक की डिग्री (बीए) हासिल की। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत बतौर शिक्षक के रूप में की,  फिर वह राजनीति में आ गईं। साल 1997 में पार्षद के रूप में मुर्मू ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की। इसके 3 साल बाद 2000 में पहली बार विधायक बनीं और फिर भाजपा-बीजेडी सरकार में दो बार मंत्री भी रहीं। बाद में मुर्मू झारखंड की राज्यपाल बनीं और इस प्रदेश की पहली महिला राज्यपाल भी बनीं। यही नहीं वह देश के किसी भी प्रदेश की राज्यपाल बनने वाली देश की पहली आदिवासी महिला नेता भी हैं। ओडिशा के मयूरभंज जिले से ताल्लुक रखने वाली द्रौपदी मुर्मू झारखंड की पहली महिला आदिवासी राज्यपाल बनीं और सबसे लंबे समय तक इस पद पर रहीं। झारखंड की राज्यपाल रहते हुए पक्ष और विपक्ष दोनों ही उनकी कार्यशैली के मुरीद रहे। उन्होंने ओडिशा के सर्वोत्तम विधायक को दिया जाने वाला नीलकंठ पुरस्कार भी हासिल किया है। इस पद से रिटायर होने के बाद ओडिशा के मयूरभंज जिले के रायरंगपुर में रह रही हैं। द्रौपदी मुर्मू अपनी साफ छवि और बेबाक फैसलों के लिए जानी जाती हैं। इनकी निजी जिंदगी भले ही त्रासदियों से भरी रही हो, लेकिन देश के इस सबसे बड़े पद पर उनका नामांकन होना ये साबित करता है कि वह मुश्किल हालातों से निपटना बखूबी जानती हैं।
    भारतीय जनता पार्टी ने सदैव सबका साथ सबका विकास और सबके प्रयासों के साथ समाज के वंचित पीड़ित शोषित वर्गों को प्रतिनिधित्व दिलवाने के लिए अनेकों काम किए हैं और योजनाएं चलाई हैं। चाहे विधायिका और मंत्रिमंडलों में महिलाओं, पिछड़ों और आदिवासियों की संख्या की बात हो, या फिर 26 जनवरी की परेड हो, भाजपा की नीतियां सरकार के निर्णयों से छलकती रही हैं। बीते वर्षों में आदिवासियों और महिलाओं के हितों में भाजपा की केंद्र और राज्य सरकारों ने जो निर्णय लिए हैं, जो काम किए हैं, वो अभूतपूर्व हैं। पार्टी के इन निर्णयों और कामों में मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार की अग्रणी भूमिका रही है। लाड़ली लक्ष्मी योजना से लेकर भगवान बिरसा मुंडा के जन्मदिवस को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने के निर्णय तक पूरे देश के लिए अनुकरणीय रहे हैं। 
    मध्यप्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य है, जहां निकाय व स्थानीय पंचायत के चुनाव में महिलाओं की भागीदारी को सुनिश्चित करने के लिए 50% का आरक्षण दिया और आज जब हम चुनावी मैदान में है तो यह देखने को मिलता है कि महिलाएं लगभग 80% के आसपास आज चुनावी रण में है। यह समाज और प्रदेश के लिए अत्यंत सौभाग्य का विषय है की ग्रहणी से लेकर फाइटर जेट तक मध्य प्रदेश की बेटियां लगातार अपने पंख फैला रही हैं। मध्यप्रदेश से पिछले दिनों राज्यसभा की दोनों सीटों पर दो महिला प्रत्याशियों को निर्विरोध चयन कर सर्वोच्च सदन राज्यसभा में भेजा गया है। जिसमें सुमित्रा वाल्मिकी देश की पहली वाल्मिकी समाज से आने वाली सांसद बनी,  वहीं पिछड़ा वर्ग से कविता पाटीदार को राज्यसभा भेजा गया। यह मध्यप्रदेश में महिला सशक्तीकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों का ही नतीजा है कि आज 42 लाख लाडली लक्ष्मी मध्यप्रदेश में हैं और बेटी और बेटों का अनुपात जो पहले 1000 बेटों पर 912 था अब 970 हो गया है। 
    चाहे महिला सशक्तीकरण हो या जनजातीय अस्मिता के गौरव को पुनर्स्थापित करना हो इस दिशा में जितने कार्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में पिछले 8 सालों में हुए हैं वो पहले कभी नहीं हुए। द्रौपदी मुर्मू जी को राष्ट्रपति प्रत्याशी नामांकित किए जाने का ये निर्णय मोदी जी के महिला व जनजातीय कल्याण के उसी अटूट संकल्प का प्रतिबिंब है। द्रौपदी मुर्मू ने अभी तक अपने सभी दायित्वों को बहुत अच्छे से निभाया है चाहे वह शिक्षक का हो,  संगठन का हो, जनप्रतिनिधि का या फिर राज्यपाल का। आशा की जानी चाहिए कि देश के सर्वोच्च पद पर पदस्थ होकर वे इस भूमिका में भी नए कीर्तिमान बनाएंगी। 
    -लेखक भारतीय जनता पार्टी की प्रवक्ता हैं |

  • बच्चों के अधिकारों पर देश की नीति साफःप्रियंक कानूनगो

    बच्चों के अधिकारों पर देश की नीति साफःप्रियंक कानूनगो


    भोपाल,4 मार्च (प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। आजादी के अमृत महोत्सव श्रंखला के अंतर्गत बाल अधिकारों के संरक्षण और संभावनाओं पर विचार विमर्श के लिए आज भोपाल में देश भर के विद्वानों का जमावड़ा हो रहा है। जल एवं भूमि प्रबंधन संस्थान(वाल्मी) में आयोजित इस कार्यशाला का आयोजन राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने किया है। इस कार्यशाला में केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती स्मृति ईरानी वर्चुअल रूप से उपस्थित होकर बच्चों के लिए संवाद करेंगी।
    राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने बताया कि राज्यपाल श्री मंगू भाई पटेल उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री मुजपार महेन्द्र भाई तथा केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास सचिव इंदीवर पांडेय भी यहां उपस्थित रहेंगे। पत्रकारों से चर्चा के दौरान आयोग की सदस्य सचिव रूपाली बैनर्जी सिंह, के अलावा आयोग के सदस्य द्रविन्द्र मोरे और बृजेन्द्र चौहान भी उपस्थित थे।

  • पंचायत चुनाव नहीं कराए तो आंदोलन करेगी कांग्रेस,कमलनाथ ने धमकाया

    पंचायत चुनाव नहीं कराए तो आंदोलन करेगी कांग्रेस,कमलनाथ ने धमकाया

    भोपाल,10 जनवरी(प्रेस इँफार्मेशन सेंटर)। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रदेश की शिवराज सिंह चौहान सरकार को चेतावनी देकर कहा है कि सरकार दो महीने के अंदर परिसीमन, रोटेशन और ओबीसी आरक्षण के साथ पंचायत चुनाव कराए, नहीं तो कांग्रेस आंदोलन करेगी।
    सोमवार को भोपाल में मीडियाकर्मियों से बातचीत में कमलनाथ ने बीजेपी को ओबीसी विरोधी बताया।

    उन्होंने कहा कि सरकार की ओबीसी और आरक्षण विरोधी नीति के कारण प्रदेश में सात साल से पंचायत चुनाव नहीं हो पा रहे हैं। कुछ महीने पहले शिवराज सरकार इसके लिए अध्यादेश लेकर आई थी। उन्होंने अध्यादेश को काला कानून बताते हुए कहा कि इसमें न रोटेशन का पालन किया गया, न परिसीमन का और न आरक्षण का। इसी वजह से चुनाव रद्द हो गए। अगर सरकार दो महीने के भीतर परिसीमन, रोटेशन और ओबीसी आरक्षण के साथ ग्राम पंचायत चुनाव नहीं कराएगी तो कांग्रेस पार्टी जिला से लेकर ग्राम पंचायत स्तर तक आंदोलन करेगी ।


    कमलनाथ ने कहा कि शिवराज सिंह चौहान 15 साल से मुख्यमंत्री हैं, लेकिन कभी ओबीसी को 27% आरक्षण देने का प्रस्ताव सदन में नहीं रखा। पिछले दो साल से ओबीसी स्कॉलरशिप का 1210 करोड़ रुपये बकाया है। छात्र परेशान हैं, लेकिन सरकार को कोई चिंता नहीं है।


    हाल में हुई ओलावृष्टि के सवाल पर उन्होंने कहा कि सरकार को तत्काल किसानों को मुआवजा देना चाहिए। इस बारे में मुख्यमंत्री शिवराज की घोषणा को धूठा बताते हुए कमलनाथ ने कहा कि किसानों को हुए नुकसान का आकलन अब तक शुरू नहीं हुआ। फसल बीमा की राशि के भुगतान में हुई देरी के लिए भी उन्होंने बीजेपी सरकार को जिम्मेदार ठहराया।

  • शोमैन सुभाष घई को अपने सपनों में रंग भरने में सहयोगी ड्राईवर से भी लगाव

    शोमैन सुभाष घई को अपने सपनों में रंग भरने में सहयोगी ड्राईवर से भी लगाव

    शोमैन सुभाष घई के लिए बीवी से ज़्यादा बढ़कर उनका ड्राइवर, 40 साल से बॉलीवुड इंडस्ट्री “स्टार ड्राइवर” के नाम से जाना जाता है

    ब्लॉकबस्टर हिट देने वाले डायरेक्टर सुभाष घई ने बयान किया अपना दुःख जब बिछड़ रहे थे अपने “स्टार ड्राइवर” और बताया की कक्यों है वो उनके लिए अपनी बीवी से भी बढ़कर |

    नेशनल हिंदी फिल्मों के महान फिल्मकार और अभिनेता राज कपूर के बाद अगर शोमैन किसी और को कहा जाता है तो वह हैं फिल्मकार सुभाष घई। इसका कारण तो बिल्कुल साफ है।उन्होंने अपने पूरे फिल्मी करियर में गिनी चुनी फिल्मों का ही निर्देशन किया है और उनकी शुरुआती लगभग सभी फिल्में सुपरहिट साबित हुईं। यह भी को हम नज़र अंदाज़ भी नहीं कर सकते कि कि सुभाष घई बॉलीवुड में हीरो बनने आए थे लेकिन जब उनका सिक्का वहां नहीं चला तो उन्होंने कैमरे के पीछे काम करने का फैसला किया था

    आज उन्ही ने अपनी ज़िन्दगी के कुछ ऐसे पर्दो से अपने फैन्स को रूबरू करवाया है जिसमें एक उनका ड्राइवर है जो न सिर्फ एक ड्राइवर है बल्कि उनकी बीवी मुक्त से बढ़कर भी है |

    क्या है पूरी कहानी
    सुभाष घई के साथ 40 साल काम करने वाले उनके ड्राइवर बाबू इम्तियाज़ शैख़ है जो उनका न सिर्फ ड्राइवर से बढ़कर है | एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जहाँ सुभाष घई अपने ड्राइवर बाबू इम्तियाज़ शैख़ के बारे में बताते हैं की वो उनके साथ 1982 में उनके प्रोडक्शन में बन रही फिल्म “विधाता” से उनके साथ है | उस वक़्त शूटिंग के समय सुभाष घई को न सिर्फ दिन में बल्कि रात में भी काम करना पड़ता और उनका एहि ड्राइवर दिन रात उनके साथ रहता था| इसी के साथ सुभाष घई को अपने स्टार ड्राइवर का ही साथ चाहिए था उनको और कोई ड्राइवर पसंद नहीं आता था |

    वीडियो में सुभाष घई ने ये भी बताया है इन 40 सालों में बाबू न सिर्फ एक ड्राइवर रहा उसने उनकी कई फिल्मों में प्रोडक्शन बॉय और लाइट बॉय का काम भी सीखा और मेरी साथ कई बड़ी हिट फिल्मों में काम भी किया है | और आज 40 साल हो गए है कि पूरा बॉलीवुड उसको “स्टार ड्राइवर” के नाम से जनता है फिर चाहिए अनिल कपूर हो या फिर सलमान खान |

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लॉन्च की ब्लॉकचेन-आधारित डिजिटल डिग्री

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लॉन्च की ब्लॉकचेन-आधारित डिजिटल डिग्री

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लॉन्च की ब्लॉकचेन-आधारित डिजिटल डिग्री

    IIT कानपुर के दीक्षांत समारोह में छात्रों को डिजिटल डिग्री जारी की गई

    कानपुर, 28 दिसंबर 2021: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) कानपुर के 54वें दीक्षांत समारोह में ब्लॉकचेन-आधारित डिजिटल डिग्री का शुभारंभ किया। इस दीक्षांत समारोह में सभी छात्रों को राष्ट्रीय ब्लॉकचेन परियोजना के तहत संस्थान में विकसित एक आंतरिक ब्लॉकचेन संचालित तकनीक के माध्यम से डिजिटल डिग्री जारी की गई। ये डिजिटल डिग्री विश्व स्तर पर सत्यापित की जा सकती है और इसकी फ़र्ज़ी कॉपी नहीं बनाई जा सकती।

    इस दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि प्रौद्योगिकी भविष्य है और इसे आईआईटी कानपुर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से अमूल्य उपहार मिल रहे हैं। वहीं, ऑल इंडिया रेडियो ने पीएम मोदी द्वारा लॉन्च की गई इस डिजिटल डिग्री के साथ इसकी खूबियाँ बताता छोटा वीडियो माइक्रो-ब्ल़ॉगिंग प्लेटफ़ॉर्म Koo App पर शेयर किया है।

    समारोह के दौरान एक क्लिक में एक साथ 1723 छात्रों को ब्लॉकचेन आधारित यह अतिसुरक्षित डिजिटल डिग्री सौंपी गई। इसके साथ ही आईआईटी कानपुर देश का ऐसा प्रमुख संस्थान बन गया जिसने ब्लॉकचेन तकनीक और दुनियाभर में अनोखी पहचान वाली डिग्री का वितरण किया। अगर बात करें इस डिग्री की तो हर एक डिग्री टेंडर प्रूफ़ यानी छेड़छाड़ रहित, दुनियाभर में सत्यापित की जा सकने योग्य, यूज़र की सहमति से देखी जा सकने वाली और केवल जिसे चाहें- वही देख सके, जैसी खूबियों से लैस है।

    क्या है ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी

    ब्लॉकचेन सिस्टम विकेंद्रीकरण के सिद्धांत पर काम करता है। इसका मतलब यह है कि इसका नियंत्रण किसी एक केंद्रीय एजेंसी के हाथों में नहीं है, बल्कि नोड्स के एक फैले हुए नेटवर्क के लिए है। ऐसी स्थिति में जब भले ही किसी विशिष्ट नोड को हैक कर लिया गया हो, यह डेटा को सुरक्षित रखने में मदद करेगा। इसके अलावा, एक ब्लॉकचेन में जानकारी एक सटीक टाइमस्टैम्प के साथ क्रमिक रूप से रिकॉर्ड और स्टोर की जाती है। इसमें पिछली जानकारी को बदला नहीं जा सकता औऱ केवल एक नया ब्लॉक जोड़कर संशोधित किया जा सकता है। इसके चलते किसी एक ट्रांसक्रिप्ट के साथ छेड़छाड़ करना बहुत कठिन हो जाता है।

  • पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 97वीं जयंती बड़ी हस्तियों ने किया याद

    पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 97वीं जयंती बड़ी हस्तियों ने किया याद

    पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 97वीं जयंती आज, नेताओं सहित देश की बड़ी हस्तियों ने किया याद

    भोपाल, 25 दिसंबर,(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की आज 97वीं जयंती है. ग्वालियर में जन्मे अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म 25 दिसंबर,1924 को हुआ था. 2014 में मोदी सरकार के आने के बाद से यह दिन सुसाशन दिवस के रूप में मनाया जाता है.

    अपने कुशल नेतृत्व और राजनैतिक सूझभूज के साथ ही वह अपनी कविताओं के लिए भी जाने जाते हैं, जिनमें से अधिकतर उन्होंने हिंदी में लिखी हैं. समय समय पर अटल जी ने कभी संसद में तो कभी कही और अपनी कविताओं से लोगों पर बहुत गहरा प्रभाव छोड़ा. उन्होंने अपने पूरे राजनीतिक जीवन में कई महत्वपूर्ण विभागों को संभाला, मोरारजी देसाई की सरकार में वे विदेश मंत्री रहे और बाद में भाजपा की स्थापना कर सं 1996 में देश के प्रधानमंत्री भी बने.

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    भाजपा के पितृपुरुष एवं पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न से सम्मानित श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती (सुशासन दिवस) पर आज कटनी में प्रबुद्धजनों और कार्यकर्ताओं से संवाद किया। श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी के सुशासन के सपने को साकार करने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी एवं मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में केन्द्र व राज्य सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। #AtalJiAmarRahen VD Sharma (@VDSharmaBJP) 25 Dec 2021
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    भारत के पूर्व प्रधानमंत्री, श्रेष्ठ कवि, प्रखर वक्ता भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती पर शत्-शत् नमन एवं समस्त देशवासियों को ’ सुशासन दिवस ’ की हार्दिक शुभकामनाएं। भारत को मजबूत राष्ट्र एवं प्रगति की राह में आगे बढ़ाने में आपका महान योगदान अनंत काल तक अविस्मरणीय रहेगा। Pushkar Singh Dhami (@pushkarsinghdhami) 25 Dec 2021
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    राष्ट्रसेवा में अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले, हमारे प्रेरणा स्रोत, भारत के भूतपूर्व प्रधानमंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी के पितामह, भारतरत्न परम श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती पर उन्हें शत् शत् नमन। समस्त देशवासियों को सुशासन दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। #SushashanDiwas #AtalBihariVajpayee Keshav Prasad Maurya (@kpmaurya1) 25 Dec 2021
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    देश के पूर्व प्रधानमंत्री,भारत रत्न,स्व.अटलबिहारी वाजपेयी जी की जयंती के अवसर पर उन्हें नमन करते हुए आदरांजलि अर्पित करता हूँ। मध्यप्रदेश के ग्वालियर में जन्मे अटलजी की सादगी,सरलता,सहजता,उनके सिद्धांत,प्रतिस्पर्धी व विरोधी को भी सम्मान देने का उनका व्यक्तित्व,आज भी जेहन में है। KamalNath (@officeofknath) 25 Dec 2021