Month: January 2024

  • गडकरी की टास्कफोर्स करेगी उद्योग और कृषि में सुधार

    गडकरी की टास्कफोर्स करेगी उद्योग और कृषि में सुधार

    भोपाल,31 जनवरी(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक मंत्रालय में वंदे मातरम् गान के साथ आरंभ हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रिपरिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना के लिए धन्यवाद दिया तथा प्रदेश को 10 हजार 405 करोड़ की सड़क परियोजनाओं की सौगात देने के लिए केंद्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी का आभार माना। मंत्रिपरिषद के सदस्यों ने मेजें थपथपाकर अभिवादन किया। मंत्रिपरिषद ने केन्द्रीय मंत्री नितिन गड़करी के फार्मूले पर टास्कफोर्स बनाने के लिए भी सहमति दी है जिससे कृषि और औद्योगिक विकास नई ऊंचाईयां छूने लगेगा.

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लगभग दो दशक से लंबित पार्वती- कालीसिंध- चंबल लिंक परियोजना, प्रधानमंत्री श्री मोदी की पहल से अब मूर्त रूप ले सकेगी। इससे मध्य प्रदेश के मालवा और चंबल क्षेत्र के 12 जिले और पूर्वी राजस्थान के 13 जिले लाभान्वित होंगे, इन क्षेत्रों में पेयजल की उपलब्धता बढ़ेगी तथा सिंचाई और औद्योगिक उपयोग के लिए भी पानी उपलब्ध होगा। उन्होंने जानकारी दी की 75000 करोड़ की इस परियोजना में राज्यांश मात्र 10% है, 90% राशि केंद्र शासन द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी। डॉ. यादव ने कहा कि केन-बेतवा लिंक परियोजना का भूमि पूजन फरवरी 2024 में होगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री गडकरी द्वारा दी गई राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की सौगात से प्रदेश के सभी संभागों में त्वरित और सुगम सड़क परिवहन की सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्रीय मंत्री श्री गडकरी द्वारा कृषि और उद्योग क्षेत्र के संबंध में दिए गए सुझावों के क्रियान्वयन तथा आवश्यक समन्वय के लिए विशेष टास्क फोर्स गठित किया जाएगा।

  • नगरीय निकाय अपना बिजली बिल खुद भरें बोले विजयवर्गीय

    नगरीय निकाय अपना बिजली बिल खुद भरें बोले विजयवर्गीय


    भोपाल, 24 जनवरी(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। नगरीय विकास और आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने नगरीय विकास संचालनालय का निरीक्षण किया तो उन्हें स्थानीय शासन की ढेरों गड़बड़ियों से सामना करना पड़ा। उन्होंने साफ निर्देश दिए हैं कि नगरीय निकाय अपनी कराधान व्यवस्था सुधारें और बिजली के बिल स्वयं भरें । शासन से मिलने वाली राशि में होने वाली कटौती से बचने के लिए स्थानीय निकायों को आत्मनिर्भर बनना होगा। मंत्री के आश्वासन के बाद वित्त विभाग ने नगरीय निकायों को दी जाने वाली लगभग तीन सौ तीस करोड़ रुपयों की धनराशि जारी कर दी है।


    विभागीय सूत्रों ने बताया कि शासन के वित्त विभाग ने कड़ा वित्तीय अनुशासन लागू करते हुए नगरीय निकायों को दी जाने वाली चुंगी क्षतिपूर्ति एवं अन्य राशि जारी करने पर रोक लगा रखी थी। नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारी इसे लेकर हो हल्ला मचा रहे थे। श्री विजय वर्गीय ने स्वयं पहुंचकर मामले का जायजा लिया तो नगरीय प्रशासन के कुशासन की पोल खुल गई। उनके साथ वित्त सचिव ज्ञानेश्वर पाटिल और नगरीय विकास आयुक्त भरत यादव भी मौजूद थे।

    वित्त विभाग ने कड़े वित्तीय अनुशासन के अंतर्गत नगरीय विकास विभाग पर अपनी उधारी चुकाने के लिए दबाव बनाया था। नगरीय निकायों की लापरवाही और उधार लेकर घी पीने की शैली के चलते मध्यप्रदेश का वित्तीय प्रबंधन प्रभावित हो रहा था। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के निर्देश के बाद वित्त विभाग ने इस बार पूरी राशि जारी कर दी है। आमतौर पर वित्त विभाग लगभग ढाई सौ करोड़ रुपए जारी करता है। बाकी राशि वह प्रोजेक्ट उदय योजना की शर्तों के कारण काट लेता है। नगरीय प्रशासन विभाग ने आश्वासन दिया है कि वह नगरीय निकायों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए टैक्स की वसूली समय पर कराने का प्रयास कर रहा है।


    विभागीय मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि मूलभूत राज्य वित्त आयोग, सड़क अनुरक्षण और मुद्रांक शुल्क की राशि, जो करीब एक हजार करोड़ रुपए के पास है, को जल्दी जारी किया जाए। उन्होंने यूआईडीएफ के अंतर्गत नगरीय निकायों को अमृत योजना की पूर्ति के लिए 500 करोड़ रुपए शीघ्र जारी करने की मांग की है। वित्त सचिव ने बताया कि इस संबंध में अधिकारिक रूप से एक हफ्ते के अंदर कार्रवाई की जाएगी। मंत्री विजयवर्गीय की मौजूदगी में हुई बैठक में यह भी तय हुआ कि मेट्रो रेल के संबंध में 350 करोड़ रुपए की स्वीकृत राशि के लिए राज्य का अंश शीघ्र जारी किया जाए। बैठक में तय हुआ कि पूंजीगत मदों की योजनाओं को नगरीय निकायों द्वारा लागू करने के संबंध में मानक प्रक्रिया तय कर सभी नगरीय निकायों को जारी की जाए। नगरीय विकास विभाग के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री शहरी अधो संरचना चतुर्थ चरण के अंतर्गत ऋण लिए जाने के संबंध में एमपीयूडीसी को अधिकृत किए जाने की स्वीकृति जल्द जारी किये जाने का आग्रह किया है। 552 ई-बसें छह शहरों में विजयवर्गीय ने प्रदेश के 6 प्रमुख नगरों में नगर परिवहन सेवा को मजबूत करने के लिए नगरीय विकास विभाग ने 552 ई-बसें लागू करने का प्रस्ताव वित्त विभाग को दिया है। नगरीय विकास मंत्री विजय वर्गीय ने कहा कि इस योजना में अन्य राज्यों ने गारंटी दी है, जिसे प्रदेश में भी वित्त विभाग द्वारा दी जाएगी।


    बैठक में वित्त विभाग ने बताया कि नगरीय निकायों की विभिन्न शासकीय विभागों पर अधिरोपित सेवा कर राशि की सूची उपलब्ध कराई जाए। इसके आधार पर वित्त विभाग द्वारा उक्त राशि शीघ्र दिलाए जाने के प्रयास किए जाएंगे। बैठक में मंत्री ने कहा कि नगरीय निकायों को देय चुंगी क्षतिपूर्ति की राशि से राज्य स्तर पर कटौती नहीं की जाना चाहिए। ऐसी व्यवस्था हो कि नगरीय निकाय बिजली बिल की राशि खुद बिजली कंपनियों को जमा कराएं। बैठक में नगरीय विकास मंत्री ने न्यू पेंशन स्कीम के कर्मचारियों को ग्रेच्युटी दिए जाने के संबंध में विभागीय प्रस्ताव को वित्त विभाग द्वारा एक सप्ताह में निराकरण करने के निर्देश दिए हैं। इससे पहले कैलाश विजयवर्गीय ने शिवाजी नगर पालिका भवन स्थित संचालनालय का निरीक्षण कर अधिकारियों को पेंशन, प्रशिक्षण जैसे मुद्दों पर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

    इस मौके पर अमृत योजना, मुख्यमंत्री अधोसंरचना योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना के कार्यों की भी विस्तार से समीक्षा कर कार्य समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। नगरीय क्षेत्रों में निर्मित हो चुके संजीवनी क्लीनिक को प्रारंभ कराने को भी कहा है। विजयवर्गीय ने कहा कि हमारा ध्येय है कि हर नागरिक तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचे और समाज के अंतिम छोर के व्यक्ति तक विकास की पहुंच सुनिश्चित हो। इस अवसर पर केश शिल्पी बोर्ड के अध्यक्ष श्री नंदकिशोर वर्मा जी सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।विभाग के अपर आयुक्त शिवम वर्मा, कैलाश वानखेडे व प्रमुख अभियंता सुरेश सेजकर भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

    श्री विजयवर्गीय ने 450 वर्गफिट तक के भवन निर्माण पर 24 घंटे के भीतर भवन अनुज्ञा की अनुमति देने पर विचार करने के लिए भी अधिकारियों को निर्देषित किया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इसके लिए नियम निर्माण से संबंधित वर्कशॉप आयोजित की जाये। विभागीय मंत्री ने आपदा प्रबंधन कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि वर्षा पूर्व नालों की साफ सफाई करवायी जाये व अतिक्रमण हटाऐं जायें।

  • वनों को समृद्धि का आधार बनाएं: राज्यपाल मंगुभाई पटेल

    वनों को समृद्धि का आधार बनाएं: राज्यपाल मंगुभाई पटेल

    भोपाल, 24 जनवरी(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि पर्यावरण संतुलन और समृद्धि के लिए अधिक से अधिक वृक्ष लगाए जाने चाहिए। वृक्ष होंगे तो पर्यावरण स्वस्थ होगा और वनोपज से समृद्धि आएगी। उन्होंने वन उत्पाद और औषधियों के गुणों के व्यापक स्तर पर प्रसार की आवश्यकता बताई है। उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि पारंपरिक रूप से सदियों से उपचार में उपयोग किए जाने वाली जड़ी-बूटियों, औषधियों का वैज्ञानिक स्वरूप में प्रमाणीकरण के प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने जनजातीय समुदाय में प्रचलित अनुवांशिक रोग सिकल सेल के बारे में बताते हुए कहा कि वह 21 प्रकार के रोगों का कारण होता है। वन विभाग और आयुर्वेद विशेषज्ञों से कहा है कि वह रोग के उपचार में आयुर्वेदिक औषधियों के अनुसंधान के कार्य करें। उन्होंने मेले के संबंध में नगर में लाउड स्पीकर पर सूचना के प्रसार की आवश्यकता बताई है।

    राज्यपाल श्री पटेल राज्य लघु वनोपज व्यापार एवं विकास सहकारी संघ द्वारा आयोजित वन मेला 2024 के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मेले का आयोजन हाट बाजार में किया गया है। वन, पर्यावरण एवं अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री श्री नागर सिंह चौहान, वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री श्री दिलीप अहिरवार भी उद्घाटन समारोह में मौजूद थे।

    राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि लघु वनोपज से समृद्धि के लिए वन मेले का आयोजन सराहनीय पहल है। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वह मेले में अधिक से अधिक खरीदारी कर, समाज के वंचित वर्ग के आर्थिक सशक्तिकरण के प्रयासों में सहभागी बने। उन्होंने कहा कि समाज की विकास की मुख्य धारा में पिछड़ने का प्रमुख कारण अशिक्षा है। विकास की पहली सीढ़ी शिक्षा है। उन्होंने वंचित वर्गों का आव्हान किया है कि वह बच्चों की शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि जल वायु परिवर्तन, ग्लोबल वार्मिंग की चुनौतियां पर्यावरणीय असंतुलन का परिणाम है। पर्यावरण संतुलन का आधार वृक्षारोपण है।

    उन्होंने पेड़ों के आरोग्य, पर्यावरणीय और सांस्कृतिक महत्व के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि वन औषधियों के साइड इफेक्ट नहीं होते। उनके उपचार का प्रभाव कोविड के समय हम सब ने देखा है। उन्होंने कहा कि घर की खिड़की के बाहर नीम अथवा पीपल के पेड़ होते हैं तो एयर कंडीशनिंग की आवश्यकता भी नहीं पड़ती है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में वृक्षारोपण में जनसहभागिता के लिए 12 राशि, 27 नक्षत्र और 9 ग्रह वनों की आयोजना की थी। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में सघन वृक्षारोपण बहुत जरूरी है। नागरिकों का आह्वान किया कि वे अपने जन्मदिन पर प्रतिवर्ष पौधरोपण और उसकी देख-भाल का संकल्प लें।

    वन, पर्यावरण एवं अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री श्री नागर सिंह चौहान ने बताया कि प्रदेश में 35 लाख लोग वनोपज संग्रहण कार्य से जुड़े हुए हैं। राज्य सरकार उनके कल्याण के लिए प्रभावी प्रयास कर रही है। तेंदूपत्ता संग्रहण की दर 3 हजार रुपए प्रति मानक बोरा से बढ़ाकर, 4 हजार रुपए कर दी है। प्रदेश में 126 वन धन केन्द्र स्थापित किए गए हैं। एकलव्य शिक्षा विकास योजना के द्वारा उत्कृष्ट शिक्षण संस्थानों में शिक्षा की व्यवस्था की जा रही है।

    वन पर्यावरण राज्य मंत्री श्री दिलीप अहिरवार ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के वोकल फॉर लोकल की दिशा में राज्य सरकार द्वारा तेजी से कार्य किया जा रहा है। वन मेले का आयोजन वनोपज संग्राहकों को सीधे लाभांवित करने का प्रयास है।

    राज्यपाल का कार्यक्रम के प्रारंभ में जनजातीय लोक कलाकारों ने पारंपरिक लोक नृत्य के द्वारा स्वागत किया। उन्होंने कार्यक्रम के प्रारंभ में माँ सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्पांजलि और दीप प्रज्ज्वलन कर मेले का उदघाटन किया। कार्यक्रम में अतिथियों का औषधीय पौधे भेंट कर स्वागत किया गया। उन्हें वरली आर्ट की कृति और हर्बल उत्पादों का गिफ्ट हेम्पर भेंट किया।

    स्वागत उद्बोधन अपर मुख्य सचिव वन, श्री जे.एन. कांसोटिया ने किया । आभार प्रदर्शन प्रबंध संचालक लघु वनोपज संघ श्री विभाष ठाकुर ने किया। इस अवसर पर मुख्यवन संरक्षक, वन बल प्रमुख श्री अभय पाटिल, वनोपज संग्राहक और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे।

  • खनिज आय बढ़ाकर प्रदेश को बनाएँगे आत्मनिर्भरःमुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव

    खनिज आय बढ़ाकर प्रदेश को बनाएँगे आत्मनिर्भरःमुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव


    भोपाल,23 जनवरी(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय खनन मंत्रालय द्वारा खनन क्षेत्र में किए गए सुधारों ओर नवाचारों से मध्यप्रदेश सहित सभी राज्यों को लाभ मिलेगा। हमारी समृद्ध भू-गर्भ संपदा में अनेक संभावनाएं छिपी हैं, इन सुधारों के क्रियान्वयन और नवाचारों को अपनाने से प्रदेश आर्थिक रूप से सुदृढ़ होगा। खनन प्रक्रिया में लाई गई पारदर्शी और जवाबदेह व्यवस्था से खनन क्षेत्र को लेकर समाज में विश्वसनीयता बढ़ेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव राज्यों के खनिज मंत्रियों के दूसरे सम्मेलन को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित सम्मेलन की अध्यक्षता केन्द्रीय कोयला, खान और संसदीय कार्य मंत्री श्री प्रह्लाद जोशी ने की। मिनरल ब्लॉक्स की नीलामी में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए मध्यप्रदेश को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ, जिसका भारत सरकार द्वारा जारी प्रमाण मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को प्रदान किया गया। उल्लेखनीय है कि 29 खनिल ब्लॉकों की नीलामी कर मध्यप्रदेश ने देश में प्रथम रहा है। मध्यप्रदेश की क्रिटिकल मिनरल रिपोर्ट भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव को प्रदान की गई।
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव तथा केन्द्रीय मंत्री श्री जोशी ने केंद्रीय खान मंत्रालय द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। प्रदर्शनी में जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया, जिला खनिज प्रतिष्ठान सहित देश की प्रमुख खनन कंपनियों, निजी एजेंसियों और स्टार्ट-अप्स द्वारा अपनी उपलब्धियों को प्रदर्शित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव तथा केन्द्रीय मंत्री श्री जोशी ने मंत्रोच्चार के बीच दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर कॉफी टेबल बुक बिल्डिंग ट्रस्ट-ट्रासंफोर्मिंग लाईव्ज़ का विमोचन भी किया गया। इसके साथ ही एवरेज सेल प्राईज सिस्टम प्लेटफार्म तथा स्टार रेटिंग ऑफ माइन्स का डिजिटल लोकार्पण किया गया। एक्सप्लोरेशन लायसेंस रूल्स का भी विमोचन हुआ। खनन क्षेत्र में हुए प्रक्रियागत सुधारों और नवाचारों पर लघु फिल्म का भी प्रदर्शन हुआ।
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश गान का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारा प्रदेश वन संपदा, खनिज संपदा और प्राकृतिक संसाधनों में समृद्ध होने के साथ-साथ संस्कार, संस्कृति और धार्मिक रूप से भी उन्नत और सम्पन्न है। मध्यप्रदेश को राज्यों के खनिज मंत्रियों के सम्मेलन का अवसर देने के लिए राज्य सरकार केन्द्रीय मंत्री श्री जोशी की आभारी है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व और केन्द्रीय मंत्री श्री जोशी के मार्गदर्शन में खनन क्षेत्र की चुनौतियों और कठिनाइयों का सामना करते हुए खनन क्षेत्र में किए जा रहे सुधारों और नवाचारों से राज्यों के आर्थिक सुदृढ़ीकरण में मदद मिलेगी, उड़ीसा द्वारा राजस्व वृद्धि के लिए अपनाया गया मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी अनुकरणीय है।
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में देश के भू-भाग सहित समुद्री क्षेत्र की खनिज संपदा को खोजने और उसके उपयोग के लिए की गई पहल सराहनीय है। खनन से संबंधित प्रक्रियाओं सहित सम्पूर्ण शासन व्यवस्था में क्रियान्वित किए गए नवाचार और पारदर्शी एवं शुचितापूर्ण व्यवस्था से प्रधानमंत्री श्री मोदी का स्वरूप, सम्राट विक्रमादित्य का आभास कराता है। देश के विभिन्न भौगोलिक भागों में विद्यमान खनिज संपदा की सटीक जानकारी की बढ़ती उपलब्धता से देश की उन्नति के द्वार खुल रहे हैं, माइनिंग ब्लॉक्स की नीलामी जैसी गतिविधियों से खनिज संपदा का देश की उन्नति के लिए अधिक से अधिक उपयोग संभव हुआ है। माइनिंग फंड से लोगों की जिन्दगी बदलने के लिए किए जा रहे कार्य सराहनीय है।
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विभिन्न प्रदेशों के खनिज मंत्रियों का यह सम्मेलन खनन क्षेत्र में प्रगति के लिए निश्चित ही मील का पत्थर साबित होगा, खनन क्षेत्र में आ रही अंतर्विभागीय कठिनाइयों के समाधान का भी मार्ग इससे प्रशस्त होगा। साथ ही खनन क्षेत्र में पर्यावरण तथा वन विभाग से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए विशेष पहल की जाएगी।
    केन्द्रीय कोयला, खान और संसदीय कार्य मंत्री श्री प्रह्लाद जोशी ने मध्यप्रदेश द्वारा खनन गतिविधियों से प्रभावित लोगों के विकास और उनकी आजीविका सुनिश्चित करने के लिए डीएमएफटी (जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट) के अंतर्गत किए गए कार्यों की सराहना की। मध्यप्रदेश के मिनरल ब्लॉक्स की नीलामी में प्रथम आने पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बधाई देते हुए केन्द्रीय मंत्री श्री जोशी ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में खनिज संसाधनों की महत्वपूर्ण भूमिका है, खनिज ब्लॉक्स की नीलामी और नवाचारों से राजस्व बढ़ा है, अन्य राज्यों को भी खनिज ब्लॉक्स की नीलामी की दिशा में पहल करना चाहिए। सस्टेनेबल माइनिंग से प्रदेश अपनी अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण सुधार ला सकते हैं। केन्द्र सरकार, सभी राज्यों को खनन क्षेत्र में हरसंभव सहयोग प्रदान करने के लिए तत्पर है।
    केन्द्रीय मंत्री श्री जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में अब देश क्रिटिकल मिनरल्स, रेयरैस्ट मिनरल्स के खनन की ओर आगे बढ़ रहा है। डाटा रिपोजिटरी अवलेबलिटी में वृद्धि हुई है, लायसेंस, लीज क्लीयरेंस को भी सरल और त्वरित किया जा रहा है। उन्होंने मध्यप्रदेश द्वारा खनिज मंत्रियों के सम्मेलन की मेजबानी करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव तथा राज्य सरकार का आभार माना।
    राज्यों के खनिज मंत्रियों के सम्मेलन में उड़ीसा के इस्पात एवं खान मंत्री श्री प्रफुल कुमार मलिक, कर्नाटक के खान मंत्री श्री एस.एस. मलिकानुर्जन, उत्तरप्रदेश के एमएसएमई मंत्री श्री राकेश सचान, नागालैंड के विधायक तथा खनिज सलाहकार श्री डब्ल्यू.सी. कोनयक, केन्द्रीय खनन मंत्रालय के सचिव श्री वी.एल. कांताराव, अतिरक्त सचिव श्री संजय लोहिया तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे। सम्मेलन में आंध्रप्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, गुजरात, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, केरल, महाराष्ट्र, उड़ीसा, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना और उत्तरप्रदेश को क्रिटिकल मिनरल रिपोर्ट्स भी सौंपी गई।

  • स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा का विलय मंजूर

    स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा का विलय मंजूर

    भोपाल,23 जनवरी(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आज मंत्रालय में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग के विलय की स्वीकृति दी गई। लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग का विलय कर “लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग” के रूप में पुनर्गठित किया जायेगा। मेडिकल कॉलेज रूटीन चिकित्सा सेवाएं देने के बजाय अति गंभीर/विशिष्ट उपचार, चिकित्सा शिक्षा पर ध्यान केन्द्रित कर सकेंगे। शिशु मृत्यु दर, मातृ मृत्यु दर की प्रभावी निगरानी हो सकेगी। मेडिकल कॉलेजों की बेस्ट प्रेक्टिसेस का स्वास्थ्य केन्द्रों में उपयोग किया जा सकेगा। मेडिकल कॉलेजों से जिला चिकित्सालयों को संबद्ध करना आसान हो जाएगा। स्वास्थ्य नीति और विभागीय योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन एवं नियंत्रण में सुविधा मिलेगी। आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश के रोडमैप में दोनों विभागों के विलय की अनुशंसा की गई थी।

    मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय अधिनियम, 2011 के प्रावधानों में संशोधन

    मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय अधिनियम, 2011 के प्रावधानों में संशोधन की स्वीकृति दी गई है। वर्तमान में आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय चिकित्सा, दंत चिकित्सा, नर्सिंग, आयुर्वेद, यूनानी, होम्योपैथी, नेचरोपैथी आदि में पाठ्यक्रम संचालित करता है। नर्सिंग और पैरामेडिकल संस्थाओं और छात्र-छात्राओं की संख्या में वृद्धि को देखते हुए आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय को नर्सिंग एवं पैरामेडिकल को छोड़कर अन्य विषयों के पाठ्यक्रम संचालित करने का दायित्व दिया जायेगा। नर्सिंग एवं पैरामेडिकल विषयो से संबंधित पाठ्यक्रम का संचालन उच्च शिक्षा विभाग द्वारा स्थापित अन्य विश्व विद्यालयों के माध्यम से किया जायेगा।

    मल्हारगढ़ उद्वहन सिंचाई परियोजना के लिए 87 करोड़ 25 लाख रूपये से अधिक की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद द्वारा अशोकनगर की तहसील मुंगावली में बेतवा नदी पर 87 करोड़ 25 लाख रूपये लागत की मल्हारगढ़ उद्वहन सिंचाई परियोजना की प्रशासकीय स्वीकृति दी गयी है। परियोजना से मुंगावली तहसील के 26 ग्रामों के 7500 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई हो सकेगी।

    रतलाम जिले में तलावड़ा बैराज के निर्माण के लिये 264 करोड़ रूपये की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने रतलाम जिले में पेयजल आपूर्ति विस्तारित करने के लिए माही एवं मझोडिया समूह जल प्रदाय योजना अंतर्गत तलावड़ा बैराज (बांध) लागत रुपए 264 करोड़ 1 लाख रूपए की स्वीकृति दी है। जल जीवन मिशन के अंतर्गत परियोजना से रतलाम जिले के 1011 ग्राम लाभान्वित होंगे। इसका निर्माण एवं रखरखाव जल संसाधन विभाग द्वारा किया जायेगा।

    जल (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) अधिनियम, 1974 में संशोधन

    मंत्रि-परिषद ने जल (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) अधिनियम, 1974 में संशोधन के लिए संसद को भेजे जाने वाले प्रस्ताव का अनुमोदन किया है। कानून में जल प्रदूषण से जुड़े छोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से हटाने और जुर्माने का प्रावधान करने जैसे संशोधन प्रस्तावित है।

    सभी जिलों में प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेन्स की स्थापना का निर्णय

    मंत्रि-परिषद द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अतंर्गत प्रदेश के सभी जिलों में 1-1 प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेन्स स्थापित करने की स्वीकृति दी है। प्रदेश के 55 जिलों में प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेन्स स्थापित किया जायेगा। चयनित महाविद्यालयों में अतिरिक्त 1845 शैक्षणिक पदों व 387 अशैक्षणिक पदों की स्वीकृति दी गयी है। इसके लिए कुल 485 करोड़ रूपये के व्यय की स्वीकृति दी गयी।

    छठवें वेतनमान की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद द्वारा जनजातीय कार्य विभाग अंतर्गत अनुदान प्राप्त अशासकीय संस्थाओं के शिक्षकों/कर्मचारियों को 1 जनवरी 2006 से छठवें वेतनमान का लाभ देने एवं 206 करोड़ 80 लाख रूपये के अनुमानित व्यय का अनुमोदन दिया गया है।

    अन्य निर्णय

    मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश माल एवं सेवा कर (संशोधन) अध्यादेश, 2024 में संशोधन की स्वीकृति दी गई।

  • सरकारी खजाने से 162 करोड़ चुराने वाले धराए

    सरकारी खजाने से 162 करोड़ चुराने वाले धराए

    भोपाल,16 जनवरी(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। वित्त विभाग के आईएफएमआईएस (IFMIS) साफ्टवेयर की मदद से शासन ने फर्जी भुगतानों पर कार्रवाई करते हुए करीबन 162 करोड़ रुपयों का घोटाला उजागर किया है। अब तक इन मामलों पर आडिटर्स ही निगाह रखते थे। ये घोटाला आडिटर्स की ओके रिपोर्ट के बाद निगाह में आया है। साफ्टवेयर के माध्यम से मध्य प्रदेश शासन के लगभग 5600 आहरण एवं संवितरण अधिकारियों के कार्यालय के समस्त देयकों के भुगतान किये जाते हैं। इसमें मध्य प्रदेश के 10 लाख से अधिक कर्मचारियों के वेतन एवं विभिन्न स्वत्वों के भुगतान, कार्यालयीन व्यय, अनुदान, स्कालरशिप आदि के भुगतान सम्मिलित हैं।

    आयुक्त कोष एवं लेखा ज्ञानेश्वर पाटिल की सक्रियता से ये मामला उजागर हुआ है। विगत माहों में कुछ कार्यालयों में फ्राड भुगतान के गंभीर प्रकरण आयुक्त, कोष एवं लेखा कार्यालय के संज्ञान में आये थे। अधिकांश स्थानों से यह जानकारी प्राप्त हुई थी कि DDO के द्वारा Login Password अपने अधीनस्थ बाबू को Share किये जा चुके हैं एवं DDO कार्यालय में Bill Creator एवं Approver का कार्य बाबू के द्वारा किया जाता है। इसी वजह से अधीनस्थ कर्मचारी द्वारा स्वयं के या परिवार के खाते में राशि जमा कर गबन किये गये, जिसकी सूचना सिवनी एवं अन्य जिले से प्राप्त हुई।

    विगत वर्षों में करोड़ों ट्रांजैक्‍शन्‍स में मानवीय हस्तक्षेप से इस तरह के गबन को पकड़ने में कठिनाई थी। अतः यह निर्णय लिया गया कि IFMIS में इस समस्त जानकारी की उपलब्धता को देखते हुए Data Analysis कर यह जानकारी प्राप्त की जावे कि राशि कौन-से खाते में जमा की जा रही है। इसी Data Analysis हेतु एक State Financial Intelligence Cell (SFIC) का गठन किया गया। SFIC द्वारा IFMIS के गत 5 वित्त वर्षों के 85 लाख देयकों से हुए लगभग 15 करोड़ ट्रांजैक्शन का विश्लेषण करने का कार्य प्रारंभ किया गया। अनियमितताओं की संभावनाओं वाले क्षेत्रों को चिह्नित किया गया एवं डाटा के विश्लेषण हेतु अनेक क्वेरीज बनाई गईं।

    Data Analysis के माध्यम से पहला गबन कार्यालय कलेक्टर, इंदौर में पकड़ा गया। इसी Data Analysis को और Strengthen करते हुए आज दिनांक तक लगभग 162 करोड़ रुपये के गबन पकड़े गये हैं, 170 संदिग्धों पर FIR की गयी है एवं 15 करोड़ रुपये की वसूली की गई है। अनेक प्रकरणों में उत्‍तरदायी अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर विभागीय जांच संस्थित की गई हैं।

    निर्धारित प्रक्रिया अनुसार SFIC द्वारा संदिग्‍ध भुगतानों को चिह्नांकित किया जाता है, एवं इनकी विस्तृत जाँच के लिये संबंधित संभागीय संयुक्त संचालक, कोष एवं लेखा को जाँच करने के लिये आदेशित किया जाता है। अनियमितताओं, अधिक भुगतान तथा गबन की पुष्टि होने पर जिला कलेक्टर के संज्ञान में लाते हुए तुरंत वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाती है। इस प्रक्रिया में प्राप्‍त प्रत्येक जाँच निष्कर्ष के आधार पर IFMIS सिस्टम में त्वरित गति से सुधार किये जा रहे हैं।

    आज दिनांक तक SFIC द्वारा निम्नलिखित अधिक भुगतान एवं गबन का पर्दाफाश किया गया है :-

    क्र. संभाग का नाम कोषालय का नाम कार्यालय का नाम हानि/गबन की राशि वसूली की गई राशि क्‍या FIR की गई है? FIR में आरोपियों की संख्‍या
    1 उज्‍जैन उज्‍जैन केंद्रीय जेल, भैरूगढ़, जिला उज्‍जैन 135048325 0 YES 10
    पुन: जांच —-”—– 66199128 0
    2 उज्‍जैन देवास शासकीय महाविद्यालय बागली 37239107 0 YES 8
    3 उज्‍जैन देवास शासकीय महाविद्यालय हाटपिपल्‍या 785607 0 YES 2
    4 उज्‍जैन आगर मालवा DD Veterinary Services Agar Malwa 5477460 58514 Yes 9
    5 उज्‍जैन आगर मालवा उप संचालक पशु चिकित्‍सा गो अभ्‍यारण (सुसनेर) Agar Malwa 196942 0 Yes 6
    6 उज्‍जैन शाजापुर DD Veterinary Services शाजापुर 416244 0 YES 3
    7 उज्‍जैन शाजापुर BEO शाजापुर 936692 971918 No 0
    8 उज्‍जैन शाजापुर BEO Kalapipal 1011726 1336459 NO 0
    9 इन्‍दौर इन्‍दौर कलेक्‍टर इन्‍दौर 92431697 17036025 Yes 54
    10 इन्‍दौर खरगोन BEO, कसरावद 20400000 13800000 YES 1
    11 इन्‍दौर खरगोन EE, नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण डिवीजन क्र 21 सनावद, खरगौन 28310524 5200000 No 0
    12 इन्‍दौर खण्‍डवा DFO Khandwa (G) 1232577 1232577 YES 1
    13 इन्‍दौर धार SAF, धार 4285167 0 YES 1
    14 इन्‍दौर धार BEO Nisarpur 11823031 11823031 YES 7
    15 इन्‍दौर अलीराजपुर BEO कट्ठीवाड़ा 204712747 6886843 Yes 6
    16 इन्‍दौर इन्‍दौर DSP, Police Training School, Indore 10431268 0 No 0
    17 सागर सागर EE, WR Div 2 केसली 6010405 4614881 No 0
    18 सागर सागर SE PWD Sagar 2940379 700000 No 0
    19 रीवा अनूपपुर ASCO, पुष्‍पराजगढ़ 13786154 1000000 Yes 7
    20 रीवा सीधी BEO SIDHI 375396 0 NO 0
    21 रीवा सीधी PRINCIPAL G.H.S.S 2734323 0 NO 0
    22 रीवा सीधी EXECUTIV ENGINEER P.H.E DIVN 1576779 0 NO 0
    23 भोपाल भोपाल BEO, फंदा 1447307 581630 NO 0
    24 भोपाल नर्मदापुरम तहसीलदार, डोलारिया 22333863 1500000 YES 2
    25 भोपाल नर्मदापुरम SP नर्मदापुरम 2112194 2112194 YES 1
    26 भोपाल वल्लभ भवन Conservator of Forest, Social Forestry, Bhopal 1632000 0 YES 1
    27 भोपाल रायसेन CMHO, रायसेन 19232727 12400583 Yes 12
    28 जबलपुर छिंदवाड़ा BEO, छिंदवाड़ा 6371516 4132214 YES 8
    29 जबलपुर छिंदवाड़ा BEO, मोहखेड 1997739 987037 No 0
    30 जबलपुर छिंदवाड़ा BEO Tamia 4355307 0 Yes 5
    31 जबलपुर बालाघाट BEO Balaghat 8644323 8644323 Yes 15
    32 ग्‍वालियर भिण्‍ड BEO भिण्‍ड 20626794 13337080 Yes 6
    33 ग्‍वालियर भिण्‍ड ASCO, Bhind 5833475 1025967 No 1
    34 ग्‍वालियर भिण्‍ड BEO Mehgaon 7351476 12160 Yes 1
    35 ग्‍वालियर भिण्‍ड BEO Lahar 882800 917467 No 0
    36 ग्‍वालियर दतिया BEO Bhander 23589509 0 No 0
    37 ग्‍वालियर शिवपुरी तहसीलदार, पोहरी 6266660 1222620 Yes 1
    38 ग्‍वालियर शिवपुरी SP Shivpuri 934500 443275 YES 1
    39 ग्‍वालियर ग्‍वालियर EE, PHE, Section-1 Gwalior 812776308 26380753 Yes 1
    40 ग्‍वालियर गुना BEO Chachoda 14342224 8204249 No 0
    41 ग्‍वालियर गुना BEO GUNA
    BEO BAMORI
    Joint Enquiry 14796896 7734410 No 0
    42 ग्‍वालियर गुना 0 0 No 0
    43 ग्‍वालियर मुरैना BEO PHARGHAR 522416 522416 No 0
    Total 1624411712 154818626 170
    नोट – हानि/गबन की राशि प्रारंभिक अनुमान हैं, जिनमें वृद्धि या कमी हो सकती है।

    कोष एवं लेखा द्वारा मार्च 2023 में केंद्रीय जेल, भेरूगढ़ जिला उज्जैन में कर्मचारियों की विभागीय भविष्य निधि के भुगतानों में कार्यालय के विभिन्न कर्मचारियों के विभागीय भविष्य निधि खाते में से राशि निकालकर श्री रिपुदमन सिंह रघुवंशी, प्रहरी, श्री शैलेन्द्र सिंह सिकरवार, प्रहरी एवं श्री सोनू मालवीय के खातों में भुगतान को चिह्नित किया गया। प्रकरण का परीक्षण होने पर इस कार्यालय में इसके अलावा गृह भाड़ा भत्ता, वर्दी धुलाई भत्ता में श्री रिपुदमन सिंह रघुवंशी के वेतन में विभिन्न माहों में लाखों रुपये के भुगतान दर्शित हुए। समस्त अनियमितताओं को शामिल करते हुए इस जेल कार्यालय में लगभग 20 करोड़ का गबन प्रकाश में आया है। उक्त तीनों आरोपियों के विरुद्ध FIR दर्ज की गई है।
    
    इस प्रकरण में कर्मचारियों के बैंक खाता क्रमांक परिवर्तन के लिये आहरण अधिकारियों को दिये गये अधिकारों का व्यापक दुरुपयोग दर्शित हुआ, जिसके द्वारा कर्मचारियों के खाता क्रमांकों में बार-बार परिवर्तन कर उनके विभागीय भविष्य निधि खातों से राशि का आहरण किया गया। साथ ही विभागीय भविष्य निधि खातों के बैलेंस में परिवर्तन किया जाकर अधिक राशि का आहरण किया जाना दर्शित हुआ। आयुक्त कोष एवं लेखा द्वारा IFMIS में तुरंत प्रक्रिया में परिवर्तन किया गया एवं कर्मचारियों के बैंक खाते में परिवर्तन एवं विभागीय भविष्य निधि के बैलेंस में परिवर्तन अब कोषालय अधिकारी के अनुमोदन उपरांत ही संभव है। गृह भाड़ा भत्ता एवं वर्दी धुलाई भत्तों के साथ वेतन के अन्य भत्तों में अधिकतम संभव राशि की सीमा लगाई गई है।
    
    मार्च 2023 में ही आयुक्त कोष एवं लेखा के जिला कोषालय इंदौर के निरीक्षण के दौरान कलेक्ट्रेट कार्यालय इंदौर में लगभग 9 करोड़ रुपये का गबन प्रकाश में आया। मुख्यतः असफल भुगतानों एवं कार्यालयीन व्यय के देयकों को श्री मिलाप सिंह चौहान, सहायक वर्ग 3 के द्वारा स्वयं के एवं पत्नी के खाते में एवं अन्य मित्रों के खाते में राशि का अवैध ट्रांसफर किया जाना पाया गया। प्रकरण में 54 व्यक्तियों पर FIR की जा चुकी है। यह दर्शित हुआ कि असफल भुगतान में दूसरे कार्यालयों के चालान से भी भुगतान किया गया है। आयुक्त कोष एवं लेखा ने इस संबंध में पूर्व से ही प्रक्रिया में परिवर्तन किया गया था एवं ई-कुबेर से असफल भुगतान में मैन्युअल प्रक्रिया के स्थान पर आनलाइन प्रक्रिया बनाई गई है, जिसमें संबंधित कार्यालय को आटोमेटिकली असफल भुगतान व्यक्ति या संस्था के नाम सहित दर्शित होते हैं।
    
    अप्रैल 2023 में देवास जिले के शासकीय महाविद्यालय, बागली एवं शासकीय महाविद्यालय हाटपिपल्या में 3.8 करोड़ का गबन प्रकाश में आया। श्री विजय शंकर त्रिपाठी, सहायक वर्ग 3 एवं श्री रोहित दुबे, सहायक वर्ग 3 के द्वारा कर्मचारियों के एरियर एवं छात्रों की स्कालरशिप की राशि को अपने खातों में ट्रांसफर किया गया। स्वीकृति के रूप में खाली कागज की इमेज साफ्टवेयर में संलग्न होने पर भी देयक उपकोषालय बागली से अनुमोदित होने से उपकोषालय के कर्मचारी श्री हरी सिंह चौहान को भी निलंबित किया गया है। इस प्रकरण में FIR दर्ज की गई है एवं अन्य संदिग्धों के नाम जोड़े जाने के लिये प्रकरण पुलिस विवेचना में है।
    
    इन सभी प्रकरणों में अधिकारियों के द्वारा पासवर्ड शेयर करना एवं भुगतानों की मानीटरिंग में लापरवाही प्रकाश में आयी है। इसे रोकने के लिये ई-साइन को देयक को एप्रूव करने के लिये अनिवार्य किया गया है। आधार आधारित भुगतान प्रणाली की शुरुआत की गई है, ताकि वास्तविक भुगतानप्राप्तकर्ता की पहचान सुनिश्चित की जा सके।
    
    इन समस्त प्रकरणों के विश्लेषण पर यह भी दर्शित हुआ कि आहरण एवं संवितरण अधिकारियों को कोषालय में न आना पड़े, इसके लिये उनके कार्यालय के कर्मचारियों के बैंक खाता क्रमांक का सुधार करना, मोबाइल क्रमांक सुधारना, ई-मेल परिवर्तित करना, विभागीय भविष्य निधि के बैलेंस को अपडेट करना आदि की सुविधायें प्रदान की गई। आहरण एवं संवितरण अधिकारी द्वारा पासवर्ड एवं डिजिटल हस्ताक्षरों के डिटेल्स अपने अधीनस्थ कर्मचारी को विश्वास कर शेयर करने से दुरुपयोग के प्रकरण सामने आये हैं। DDO द्वारा सतर्कता दिखाते तो गबन की स्थिति निर्मित नहीं होती। अब बैंक खाता विवरण सुधार एवं विभागीय भविष्य निधि के बैलेंस के सुधार तो कोषालय अधिकारी से किया जाना सुनिश्चित किया ही गया है, साथ ही मोबाइल क्रमांक के अपडेशन की मिशन मोड में कार्यवाही जारी है, जिसके पूर्ण होने के उपरांत मोबाइल नंबर सुधारने का उत्तरदायित्व भी कोषालय अधिकारी को प्रदान किये जावेंगे।
    
    वेतन निर्धारण में सेवा-पुस्तिका को स्कैन कर IFMIS में अपलोड करने एवं उसके आधार पर वेतन निर्धारण किया जावेगा। इससे सेवा-पुस्तिका के कोष एवं लेखा कार्यालयों में नहीं भेजने या बाद में एंट्री को अनुचित रूप से सुधारने की वृत्ति को नियंत्रित किया गया है।
  • आयुर्वेद के उपायों से महिलाओं का उपचार सरल

    आयुर्वेद के उपायों से महिलाओं का उपचार सरल

    महिला स्वास्थ्य विषय पर सेमिनार कर आयुर्वेद डॉक्टर्स ने मनाया मकर संक्रांति पर्व

    • भोपाल,14 जनवरी(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। शहर के महिला आयुर्वेद डॉक्टर के संगठन वीमेन ऑफ़ विजडम के भोपाल चैप्टर द्वारा अपोलो सेज हॉस्पिटल के सेज आनंदम विभाग के संयुक्त तत्वाधान में महिला स्वास्थ्य संरक्षण, एवं प्रसूति से संबंधित जटिल समस्याओं एवम उनके समाधान, विषय पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया, जिसमें भोपाल संभाग की लगभग 100 आयुष महिला डॉक्टर्स ने हिस्सा लिया।

    • कार्यक्रम संयोजक डॉक्टर बबिता शर्मा ने बताया की यह संगठन नियमित रूप से स्वास्थ संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर सेमिनार, अतिथि व्याख्यान, कर्मशाला आदि का आयोजन करता रहता है। इस कार्यक्रम के प्रथम हिस्से में अपोलो सेज अस्पताल के स्त्री रोग विभाग के वरिष्ठ चिकित्सकों के साथ स्त्री रोग एवम प्रसव संबंधित जटिलताओं और उसके उपचार विषय पर हेल्थ टॉक के द्वारा अपना ज्ञानवर्धन किया तथा अगले हिस्से में संगठन के सभी सदस्यों ने मिलकर उत्तरायण पर्व के उपलक्ष्य में पीले रंग की ड्रेसेज पहनकर तथा पतंग प्रॉप के साथ रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का जमकर मजा उठाया, जिसमे समूह नृत्य प्रतियोगिता, रैंप वॉक में सभी डॉक्टर ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया।
    • कार्यक्रम में आयुर्वेद के विकास और प्रचार के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए नगर की वरिष्ठ महिला आयुर्वेद विशेषज्ञ
      डॉक्टर निबेदिता मिश्र को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया । आयोजन समिति सदस्य डॉ गायत्री, डॉ प्रीति चोपड़ा, डॉ मोनिका, डॉ स्वाति, डॉ श्रद्धा डॉ आशी, डॉ नीरू कुंदवानी थीं।
  • सोशल मीडिया से विधि का ज्ञान बढ़ाएं,प्रतिक्रिया देने से बचें – सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधिपति श्री अभय एस. ओक

    सोशल मीडिया से विधि का ज्ञान बढ़ाएं,प्रतिक्रिया देने से बचें – सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधिपति श्री अभय एस. ओक

    भोपाल,14 जनवरी(मुकेश मोदी)। माननीय सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधिपति श्री अभय एस. ओक ने सोशल मीडिया का उपयोग विधि का ज्ञान बढ़ाने, साथियों और परिवार के सदस्यों के स्वास्थ्य संबंधी जानकारियाँ लेने, अच्छे कार्यों को करने में प्रयोग करने की सलाह दी है। उन्होने न्यायाधीश को सोशल मीडिया पर दी जाने वाली प्रतिक्रियाओं पर ध्यान न देने और विभिन्न घटनाओं पर सोशल मीडिया के कमेंट पर प्रतिक्रिया न देने की सलाह दी है। वे आज भोपाल के रवीन्द्र भवन में मध्यप्रदेश न्यायाधीश संघ के दसवें द्विवर्षीय सम्मेलन के दूसरे एवं अंतिम दिन “आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और सोशल मीडिया का न्यायपालिका पर प्रभाव’’ पर अपना संबोधन दे रहे थे।

    न्यायाधिपति श्री अभय एस. ओक की अध्यक्षता और माननीय उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश के मुख्य न्यायाधीश श्री रवि मलिमठ की उपस्थिति में अकादमिक सत्र में उन्होने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और सोशल मीडिया के न्यायपालिका पर प्रभाव के संबंध में विस्तृत चर्चा की। उन्होने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का उपयोग दैनिक न्यायालयीन कार्यों में एक सहायक की तरह करें। यह मानव मस्तिष्क, मानवीय संवेदनाओं को प्रतिस्थापित नहीं कर सकता। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का प्रयोग करते समय सावधानीपूर्वक कार्य करें।

    उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश के न्यायमूर्ति श्री रोहित आर्य और श्री विवेक रूसिया ने भी अपने अनुभवों को साझा करते हुए आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का उपयोग सावधानीपूर्वक और सहायक कार्यों में करने की सलाह दी।

    माननीय सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधिपति माननीय श्री सूर्यकांत ने वीडियो मैसेज के माध्यम से मध्यप्रदेश न्यायाधीश संघ को शुभकामनाएँ देते हुए मध्यप्रदेश के न्यायाधीशों को उत्साहपूर्वक कार्य करने के लिये प्रोत्साहित किया।

    मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति माननीय श्री रवि मलिमठ ने कहा कि न्यायाधीशों को मेहनत और लगन और ईमानदारी से मानवीय संवेदनाओं के साथ कार्य करते हुए पक्षकारों की पीड़ा को विचार में लेने की अपेक्षा की। उन्होने कहा कि लंबित प्रत्येक मामला न्यायाधीशों के लिये एक ऋण की तरह है, जिसे न्यायाधीशों को त्वरित निराकृत कर विमुक्त होना चाहिये। मध्यप्रदेश न्यायाधीश संघ की वेबसाइट का अनावरण किया गया ।

    श्री सुबोध जैन, अध्यक्ष मध्यप्रदेश न्यायाधीश संघ द्वारा माननीय मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति के प्रति आभार प्रकट करते हुए एक अनूठे कार्यक्रम के आयोजन के लिये न्यायाधीशों को बधाई दी और भविष्य में इसी प्रकार के कार्यक्रम आयोजित करने के लिये न्यायाधीशों को प्रोत्साहित किया।

    अधिवेशन में माननीय उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश के तीनों खण्डपीठ के सभी न्यायामूर्ति उपस्थित थे। जिला न्यायालय के लगभग 1500 न्यायाधीश उपस्थित थे। न्यायाधीश संघ के सचिव श्री धर्मेन्द्र टाडा ने आभार व्यक्त किया ।

  • बेसहारा बच्चों और घुमंतू आवासहीनों को भोजन कंबल का सहारा बनी जनसंवेदना

    बेसहारा बच्चों और घुमंतू आवासहीनों को भोजन कंबल का सहारा बनी जनसंवेदना


    भोपाल, 14 जनवरी(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। मकर संक्रांति के अवसर पर आज बेसहारा और लावारिसों की सेवा में जुटे जनसंवेदना संस्था परिवार के सदस्यों ने आवासहीन बच्चों और नागरिकों को भोजन,मिठाई और कंबल बांटकर उनके चेहरों पर मुस्कान बिखेरी। इस आयोजन को मानवता संरक्षण ट्रस्ट ने अपने मार्गदर्शन में संपन्न कराया ।


    मानवता संरक्षक ट्रस्ट की सचिव अधिवक्ता विनीता तोमर ने आज जनसंवेदना परिवार को सिंगार चोली पुल के नीचे अस्थायी तौर पर रह रहे आवासहीन परिवारों और बेसहारा घूमंतू बच्चों की जानकारी दी थी। मानवता संरक्षक ट्रस्ट इन बच्चों के पुनर्वास, शिक्षा और उन्हें मूलभूत जनरूरतें पूरी करने के लिए अभियान चला रही है। विनीता तोमर ने बताया कि ये बच्चे उचित देखभाल के अभाव में आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय होते जा रहे थे। ये बच्चे स्कूली शिक्षा से भी वंचित हैं इसलिए ट्रस्ट के सदस्यों ने इन बच्चों में आधारभूत ज्ञानबोध जगाने की मुहिम चला रखी है।

    जनसंवेदना संस्था के राधेश्याम अग्रवाल ने आवासहीनों को ठंड से बचाने के लिए कंबल वितरित किए.


    मकर संक्रांति के त्यौहार पर ये बच्चे और उनके अभिभावक स्वयं को समाज से कटा हुआ महसूस न करें इसके लिए ट्रस्ट के सदस्यों ने जनसंवेदना संस्था के अध्यक्ष राधेश्याम अग्रवाल से आग्रह किया था कि हम मिल जुलकर इन बच्चों के साथ यदि त्यौहार मनाएंगे तो उन्हें समाज की मुख्य धारा में लाने का माहौल बन सकेगा। इस पर संस्था परिवार के उदयभान सिंह, आलोक सिंघई और सुनील ने श्री अग्रवाल के साथ मिलकर बच्चों के लिए लड्डू ,मिठाई के पैकेट और पूरी सब्जी के साथ भोजन के पैकेट बांटकर उनके चेहरों पर मुस्कान बिखेरने का प्रयास किया। इस अवसर पर जरूरतमंदों को कंबल बांटकर उन्हें ठंड से बचाने का प्रबंध भी किया गया।

    आवारा बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए संस्था उन्हें रेखांकित भी करती जा रही है।


    मानवता संरक्षण ट्रस्ट की सचिव अधिवक्ता विनीता तोमर ने बताया कि इन बच्चों के आधारकार्ड नहीं हैं जिससे इनकी पहचान करना कठिन होता है। आए दिन इनके विरुद्ध पुलिस प्रकरण भी लाद दिए जाते हैं। हमारा प्रयास है कि इनकी पहचान सुनिश्चित करने के लिए इनके आधार कार्ड बनवाए जाएं ताकि उन्हें असामाजिक तत्वों के षड़यंत्रों से बचाया जा सके। सिंगारचोली ओव्हर ब्रिज के नीचे रह रहे इन बच्चों के जीवन में ज्ञान का प्रकाश लाने के लिए ट्रस्ट की यूथ वालिंटियर नगमा शेख, श्याला अली, इलमा आदि भी लगातार प्रयास कर रहीं हैं।

    समाजसेवियों के सहयोग से विकास की दौड़ में पिछड़ गए लोगों को मुख्यधारा में लाने के प्रयास हो रहे हैं.


    जनसंवेदना के वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता राधेश्याम अग्रवाल ने बताया कि संस्था बेसहारा एवं गरीब परिवारों के लिए निःशुल्क भोजन और विभिन्न बीमारियों के इलाज के लिए आने वाले मरीजों और उनके परिजनों के लिए निःशुल्क भोजन की व्यवस्थाएं करती है। आज प्रवासी मजदूरों, बच्चों और उनके अभिभावकों के लिए संस्था ने जो भोजन के पैकेट वितरित किए उसके लिए मानतवा संरक्षण ट्रस्ट की अध्यक्ष मिथिलेश सिंह ने आभार व्यक्त किया है।

  • मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट से क्यों हटाए गए संजय बंदोपाध्याय

    मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट से क्यों हटाए गए संजय बंदोपाध्याय


    भोपाल,13 जनवरी (प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। भारतीय प्रशासनिक सेवा में मध्यप्रदेश कैडर से 1988 बैच के अधिकारी संजय बंदोपाध्याय केन्द्र सरकार से दिए गए एक हजार करोड़ के काम शुरू भी नहीं कर पाए और उन्हें अचानक मध्यप्रदेश वापस भेज दिया गया।इससे सत्ता के गलियारों में तरह तरह की अटकलें लगाई जाने लगीं हैं। केन्द्रीय कार्मिक मंत्रालय से अचानक आदेश जारी होने के बाद ही मध्यप्रदेश के लोगों को पता चल सका कि मुख्य सचिव स्तर का कोई अधिकारी प्रदेश भेजा जा रहा है। कहा जाने लगा कि उनका रिटायरमेंट अगस्त महीने में है जबकि उन्हीं के बैच की अधिकारी वीरा राणा वर्तमान में मुख्य सचिव हैं जिनका रिटायरमेंट मार्च में होना है इसलिए चुनावों को संपन्न कराने के लिए बंदोपाध्याय को मुख्य सचिव बनाया जा सकता है।हालांकि इसके बाद जिस तरह की खबरें सत्ता के गलियारों में फैलीं हैं उनसे लगता है कि डाक्टर मोहन यादव सरकार फिलहाल उन्हें कोई दूसरा काम देने जा रही है।


    बताया जाता है कि केन्द्र में सचिव के समकक्ष होने के बावजूद भारत सरकार ने उन्हें सचिव नहीं बनाया है । वे भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण में दिसंबर 2021 से अध्यक्ष थे । यह निगम दरअसल पत्तन पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय के ही अधीन आता है। जहाजरानी तथा जलमार्ग मंत्रालय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का सबसे प्रिय विभाग रहा है । मोदी सरकार ने जहाजरानी यानी शिपिंग मंत्रालय (Shipping Ministry) का नाम बदलकर मिनिस्ट्री ऑफ पोर्ट्स, शिपिंग और वाटरवेज (Ministry of Ports, Shipping and Waterways) कर दिया था। तभी से यह मंत्रालय बंदरगाह, जहाजरानी एवं जलमार्ग मंत्रालय के नाम से जाना जाने लगा।

    मोदी सरकार ने जैसी कार्यप्रणाली अपनाई है उससे ये विभाग देश का कमाऊ सपूत बन गय़ा है। विदेशी कारोबार बढ़ाने के लिए मंत्रालय ने दुनिया के व्यस्ततम बंदरगाहों पर अपना दखल बढ़ाया है। पिछले दिनों जलमार्गों पर बढ़ते लुटेरों के हमलों के बाद खुफिया सूत्रों को जानकारी मिली थी कि मंत्रालय के ही कुछ अधिकारी जानकारियां लीक करते थे। भारत के पोत परिवहन में अडंगा लगाने में कई विपक्षी राजनेताओं की गतिविधियां भी उजागर हो गईँ हैं। इन राजनेताओं ने कई जहाजरानी कंपनियों में अपना पैसा लगाया हुआ है और नियम कानूनों का पालन होने से उन्हें खासा टैक्स देना पड़ रहा है। इन जहाज कंपनियों के एजेंट लुटेरों के मुखबिरों के रूप में मंत्रालय में सक्रिय पाए गए थे।


    मंत्रालय के सूत्र बताते हैं कि जब श्री बंदोपाध्याय राज्य में ऊर्जा सचिव थे तब बिरसिंहपुर में 500 मेगावाट का बिजलीघर तैयार किया गया था। अपने वरिष्ठ अफसर राकेश साहनी के निर्देश पर उन्होंने बिजलीघर निर्माण में प्राप्त एक बडी धनराशि का निवेश दुबई के शेयर बाजार में करवाया था। बताते हैं कि ये राशि शेयर बाजार में डूब गई । तभी से उन्होंने किसी संभावित जांच से बचने के लिए भारत सरकार में पोस्टिंग करवा ली।


    पत्तन पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय की कमान सौंपने के लिए जब किसी अधिकारी की खोज की जा रही थी तब बताते हैं कि संजय बंदोपाध्याय की कुंडली खुल गई और भारत सरकार ने उन्हें प्रमोशन देने के बजाए वापस भेज दिया। हालांकि उनके करीबी सूत्र बताते हैं कि श्री बंदोपाध्याय की पत्नी इंडियन इंजीनियरिंग सेवा की अधिकारी हैं और वर्तमान में जबलपुर में जनरल मैनेजर के पद पर पदस्थ हैं। श्री बंदोपाध्याय का रिटायरमेंट नजदीक है इसलिए उन्होंने घर वापिसी का फैसला लिया है।

  • अमृतकाल में साकार होती रामराज्य की संकल्पना

    अमृतकाल में साकार होती रामराज्य की संकल्पना

    • विष्णुदत्त शर्मा

    • राम राज बैठे त्रैलोका। हर्षित भए गए सब सोका।।

    • यह चौपाई अब वास्तविकता बनने जा रही है जब श्री रामलला की प्राण प्रतिष्ठा से चहुंओर हर्ष और आनंदमय वातावरण होगा। 5 अगस्त 2020 को राममंदिर की आधारशिला रखते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने ‘जय सियाराम’ के उद्घोष के साथ अपने संबोधन में कहा था कि “आप भगवान राम की अदभुत शक्ति देखिए… इमारतें नष्ट हो गईं, अस्तित्व मिटाने का भरसक प्रयास हुआ, लेकिन प्रभु श्रीराम आज भी हमारे मन में बसे हुए हैं। प्रभु श्रीराम हमारी संस्कृति के आधार हैं, भारत के जनमानस के विचार हैं और मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम हैं।“ प्रधानमंत्री जी ने अपने संकल्प स्वरूप यह भी कहा था कि ‘राम काज किन्हें बिनु, मोहि कहां विश्राम…’

    • 22 जनवरी 2024 को भव्य-दिव्य मंदिर में हमारे रामलला विधि विधान के साथ विराजने जा रहे हैं। सांस्कृतिक सभ्यता से परिपूर्ण हमारा भारत सरयू के किनारे एक स्वर्णिम अध्याय रचने जा रहा है। सोमनाथ से लेकर काशी विश्वनाथ तक अयोध्या धाम इतिहास गढ़ने जा रहा है। आज संपूर्ण भारत राममय होकर आनंदित है। हर मन प्रफुल्लित है और भारतवासी भावुक हैं क्योंकि 5 सदियों का इंतजार ख़त्म होने जा रहा है। प्रधानमंत्री जी की दृढ़ संकल्प शक्ति और कर्तव्य परायणता से अयोध्या धाम में श्री राम मंदिर निर्माण के साथ ही अनेक विकास परियोजनाओं के सृजन से अद्भुत अलौकिक वातावरण का निर्माण होने जा रहा है।

    • हमारे रामलला की प्राण प्रतिष्ठा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है, अपितु यह हमारे सांस्कृतिक अभ्युदय का प्रतीक है। यह प्राण प्रतिष्ठा आस्था, धैर्य और संकल्प के विजय का परिचायक है। यह हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक स्मृतियों एवं आध्यात्मिक मूल्यों का प्रतिबिंब भी है। अयोध्या में बना यह मंदिर देश के लिए सिर्फ पूजा स्थल नहीं बल्कि यह हमारे पूर्वजों के तप, त्याग और संकल्प का स्थायी प्रेरणापुंज है। जिन कारसेवकों के आंदोलन रूपी तपस्या के फलस्वरूप श्री रामलला का मंदिर आकार ले पाया है, वह आंदोलन अर्पण, तर्पण और संकल्प से ओत-प्रोत था। उसका लक्ष्य सिर्फ राम मंदिर नहीं अपितु रामराज्य स्थापित करना भी था। वर्ष 2014 में देश के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने के पश्चात नरेंद्र मोदी जी ने इसी रामराज्य की संकल्पना को साकार करने के लिए परिश्रम की पराकाष्ठा के साथ कार्य किया है। मोदी सरकार ने एक ओर सदियों से उपेक्षित सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक मान्यताओं को प्रतिस्थापित किया तो दूसरी ओर गरीब कल्याण को प्राथमिकता के रूप में अपनी सरकार का लक्ष्य बनाया।
    • प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में सरकार ने धारा 370 की बेड़ियों से मां भारती को आजाद कराना, तीन तलाक की कुरीति से अल्पसंख्यक बहनों को मुक्ति दिलाना, माताओं-बहनों को रसोई में खतरनाक धुएं से मुक्ति दिलाने के लिए गैस सिलेंडर, नारी शक्ति की गरिमा की रक्षा के लिए शौचालय का निर्माण, आयुष्मान भारत योजना के जरिए स्वास्थ्य सेवा, हर गरीब के सिर पर छत हो उस हेतु प्रधानमंत्री आवास योजना, कोई भूखा न रहे इस हेतु 80 करोड़ देशवासियों के लिए मुफ्त राशन की व्यवस्था, किसानों के लिए किसान सम्मान निधि, पिछले 7 दशकों से देश को लूटने वाले भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कठोर कदम, कोरोनाकाल में हर भारतीय को मुफ्त वैक्सीन का प्रबंध जैसे अनेकों ऐतिहासिक कार्य किए। मोदी सरकार ने रामराज्य की अवधारणा को साकार करने के लिए हर संभव प्रयास किये है। दरअसल, किसी भी लोकतंत्र की गुणवत्ता उसके नेतृत्वकर्ताओं पर निर्भर करती है। नेतृत्वकर्ता यदि त्यागी, तपस्वी और न्याय प्रिय है तो निश्चित ही लोकतंत्र सफल होगा जैसा प्रभु श्री राम जी के राज में था। वर्षों बाद प्रभु कृपा से ही पुनः भारत को इसी प्रकार त्यागी, तपस्वी और न्याय प्रिय नेतृत्व प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के रूप में प्राप्त हुआ है।

    • जहां एक ओर देश में राममंदिर के माध्यम से आध्यात्मिक चेतना जागृत हो रही है, उसी समय यह हमारे भारत का अमृतकाल है और 2047 तक भारत को विकसित बनाने के लिए हम भारतीयों को अपने दायित्वों के प्रति कृत संकल्पित रहना है। रामराज्य की संकल्पना भी यही है जहां शासन जन-जन के साथ मिलकर लोकतंत्र को सशक्त बनाने में सहभागिता निभाए। आज भारत ने अपनी सांस्कृतिक विरासतों के गौरव के साथ ही विकास के नए प्रतिमान स्थापित किये हैं। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में आज हमारा भारत अपने तीर्थों को भी संवार रहा है और डिजिटल टेक्नोलॉजी की शक्ति से परिपूर्ण विश्व का अग्रणी राष्ट्र भी बन रहा है। आज मोदी जी की सरकार काशी विश्वनाथ धाम के पुनर्निमाण के साथ ही ग्रामीण विकास हेतु 30 हजार से अधिक पंचायत भवन भी बना रही है। सिर्फ केदारधाम का पुनरुत्थान ही नहीं अपितु 300 से अधिक मेडिकल कॉलेज भी देश में बन रहे हैं। सिर्फ महाकाल के लोक का ही निर्माण नहीं हो रहा, बल्कि स्वच्छ पेयजल के लिए दो लाख से ज्यादा पानी की टंकियों का भी निर्माण हो रहा है और 14 करोड़ घरों तक स्वच्छ पेयजल पहुंच रहा है। आज देश अपनी अतुलनीय वैज्ञानिक क्षमताओं के माध्यम से एक तरफ चन्द्रमा और सूरज की दूरी नाप रहा है तो वहीं हमारी पौराणिक मूर्तियों को भारत में वापस लाकर अपनी सांस्कृतिक सभ्यता के सवंर्धन का कार्य भी कर रहा है।

    • प्रधानमंत्री जी ने अयोध्या धाम में महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे एवं अयोध्या धाम जंक्शन के लोकार्पण के अवसर पर कहा कि “विकसित भारत के निर्माण को गति देने के अभियान को अयोध्या नगरी से नई ऊर्जा मिल रही है। विश्व में कोई भी देश हो अगर उसे विकास की नई ऊंचाई पर पहुंचना है, तो उसे अपनी विरासत को संभालना होगा। हमारी विरासत हमें प्रेरणा देती है। हमें सही मार्ग दिखाती है। आज का भारत पुरातन और नूतन को आत्मसात करते हुए आगे बढ़ रहा है।“

    • वास्तव में आज अयोध्या में अध्यात्म और विरासत की भव्यता के साथ विकास की दिव्यता भी दिखती है। विकास और विरासत का यह संयोजन ही भारत को 21 वीं सदी में सबसे आगे ले जाएगा। तुलसीदास जी ने रामचरितमानस में लोकतंत्र, लोकमंगल और आदर्श राज्य व्यवस्था की अभिव्यक्ति की है। चित्रकूट से विदा होते हुए भरत को श्री राम सबसे बड़ा उपदेश देते हुए राजा-प्रजा के संबंधों पर कहते हैं, “मुखिया मुख सों चाहिए, खान पान को एक।। पालै पोसै सकल अंग, तुलसी सहित विवेक।।” यानी शासन पक्षपाती एवं अन्यायी न हो, शासन में समाज के अंतिम व्यक्ति के अभ्युत्थान की चिंता प्रमुख होनी चाहिए। हम गर्व से कह सकते हैं कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति के उत्थान की संकल्पना निश्चित ही साकार हो रही है। इस बात में कोई संशय नहीं है कि हमारे प्रधानमंत्री भारत की मिट्टी के कण-कण और भारत के जन-जन के पुजारी हैं। विगत साढ़े नौ वर्षों में न केवल हम भारतीय अपितु समूचा विश्व एक ‘नए भारत’ के निर्माण का प्रत्यक्षदर्शी रहा है। यह नया भारत है जिसकी संस्कृति, सभ्यता और संस्कारों को अपनाने में विश्व का हर देश स्वयं को गौरवान्वित अनुभव करता है। यह नया भारत अपनी आस्था, अस्मिता और अर्थव्यवस्था के प्रति सजग और संवेदनशील भी है और सचमुच में यही तो रामराज्य की संकल्पना है।

    लेखक- भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद हैं

  • चीनी साईबर ठगों के गिरोह का भांडा फूटा

    चीनी साईबर ठगों के गिरोह का भांडा फूटा


    साईबर अपराधियों को बैंक खाते किराए पर देने वाले भी जेल जाएंगे

    भोपाल,10 जनवरी(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। भोपाल पुलिस ने चीन में बैठे ठगों के एक माड्यूल का नेटवर्क पकड़ने में सफलता पाई है। इस नेटवर्क से जुड़े अपराधी यहां से ठगी करके जुटाई रकम को क्रिप्टो करंसी में बदलकर चीन में बैठे अपराधियों तक पहुंचा देते हैं। पुलिस ने एक फरियादी से 90 लाख रुपए की ठगी करने वाले आरोपियों को गिरफ्तार करने में भी सफलता पाई है।अपराधियों के इस नेटवर्क में सीमा पार बैठे षड़यंत्रकारियों पर भी नजर ऱखी जा रही है।


    भोपाल पुलिस के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त जोन-1 नगरीय पुलिस श्रुतकीर्ति सोमवंशी ने कंट्रोल रूम में आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि चायनीज माड्यूल के इस नेटवर्क की कई आईडी हमने पहचान लीं हैं। फरियादी ने रकम जिन खातों में जमा कराई थी उनकी भी पहचान हो गई है। अंतिम कडी़ के रूप में चीनी भाषा और चीनी आईपी एड्रेस से जुड़े अपराधियों को भी हमने पहचान लिया है। अंतर्राष्ट्रीय अपराधी गिरोह के नेटवर्क पर निगरानी रखने वाला तंत्र भी सक्रिय हो गया है। पहली बार हमने किराए पर खाता देने वाले आम नागरिकों को भी अपराध की कड़ी में हिस्सेदार बनाया है। साईबर पुलिस की अपील है कि लोग अनजान लोगों को थोड़े से पैसों के लालच में अपने बैंक खातों का इस्तेमाल करने की इजाजत न दें।


    अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त ने आईसीआई सीआई बैंक में नकली सोना गिरवी रखने वाले गिरोह का भी पर्दाफाश किया है।इसमें बैंक के कई अधिकारियों और सोना परखने वाले जौहरियों को भी गिरफ्तार किया गया है।

  • स्काऊट आंदोलन को राघवजी जैसे तपस्वियों ने सफल बनायाः पारस जैन

    स्काऊट आंदोलन को राघवजी जैसे तपस्वियों ने सफल बनायाः पारस जैन


    भोपाल,09 जनवरी(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर) भारत स्काउट एवं गाइड मध्य प्रदेश के पूर्व राज्य मुख्य आयुक्त, पूर्व राज्य सचिव व वर्तमान राज्य आयुक्त कब श्री दलबीर सिंह राघव आज हमारे बीच नहीं है मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु राष्ट्रीय स्तर पर स्काउट आंदोलन के लिए है यह अपूर्णीय क्षति है, श्री राघव जी व्यक्ति नहीं व्यक्तित्व थे जिन्होंने स्काउटिंग आंदोलन को गति प्रदान करने के लिए अपनी निजी संपत्ति तक गिरबी रखकर इस पवित्र आंदोलन को आगे बढ़ाने का कार्य किया था। उन्होंने मध्य प्रदेश में जो स्काउटिंग का बीज बोया था वह आज बंट वृक्ष के रूप में हमारे सामने है हमारे द्वारा उनकी इस धरोहर को सहेज कर उनके आदर्शों पर चलना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी यह बात भारत स्काउट एवं गाइड मध्य प्रदेश के राज्य मुख्य आयुक्त श्री पारस चंद्र जैन ने आज स्वर्गीय श्री डी.एस. राघव जी की श्रद्धांजलि सभा के दौरान राज्य मुख्यालय के सभा कक्ष में स्काउट परिवार के समक्ष कहीं।
    श्री जैन ने स्वर्गीय श्री राघव जी के कर्मठ, निर्भीक व जनहितैषी जीवनकाल को याद करते हुए उन्हें मध्य प्रदेश में स्काउटिंग के पितृ पुरुष की संज्ञा से संबोधित किया । इस श्रद्धांजलि सभा में राज्य कोषाध्यक्ष श्री रमेश चंद्र शर्मा ने स्वर्गीय श्री डी.एस. राघव जी को याद करते हुए कहा कि उनमे विषम परिस्थितियों में कड़े निर्णय लेने की जो क्षमता थी वह विरले व्यक्तियों में होती है स्काउटिंग के प्रति उनका समर्पण किसी से छुपा नहीं है। राज्य सचिव श्री राजेश प्रसाद मिश्रा सेवा निवृत्त आईएएस ने स्वर्गीय श्री राघव जी को याद करते हुए कहा कि जब भी कही स्काउटिंग की बात होती है तो श्री राघव जी का नाम सबसे पहले आता है, उन्होंने अपने आप को स्काउटिंग व समाज सेवा के लिए समर्पित कर दिया था ऐसे व्यक्तित्व युगों पश्चात धरा पर जन्म लेते हैं।
    राज्य आयुक्त रोवर श्री राजीव जैन ने कहा कि स्वर्गीय श्री राघव जी ने अपनी धर्मपत्नी की स्मृति में एक विशाल हॉल का निर्माण गांधीनगर में करवाया है साथ ही कारगिल युद्ध के दौरान शहीद हुए अमर जवानों की स्मृति में अमर जवान कारगिल शहीद स्मारक बनवाया , प्रकृति व पर्यावरण संरक्षण के लिए स्वर्गीय श्री डी.एस. राघव जी ने जो कार्य किए हैं वह अतुलनीय है , गांधीनगर प्रशिक्षण केंद्र में जितने भी पौधे आज वृक्ष के रूप में है वह सभी उन्हीं की बदौलत है श्री राघव जी की दूरदृष्टिता इस बात से समझी जा सकती है कि गांधीनगर में पानी न होने के कारण पौधे पनप नही पा रहे थे तभी उन्होंने वहां लगभग एक एकड़ क्षेत्र में तालाब निर्माण करा कर उस जल संकट को दूर किया हम ऐसी महान विभूति के श्री चरणों में नमन करते हैं ।
    कर्मचारियों की ओर से श्री श्री राम सैनी ने श्री राघव जी के जीवन चरित्र पर विस्तृत रूप से प्रकाश डालते हुए मध्य प्रदेश में स्काउटिंग के प्रारंभिक काल में आई परेशानियां के समय स्वर्गीय श्री राघव जी की कार्यशैली व दूरदर्शिता से सबको अवगत कराते हुए वर्तमान में प्रदेश की स्काउटिंग के सफर को बयां किया । श्रद्धांजलि सभा का संचालन राज्य प्रशिक्षण आयुक्त स्काउट श्री बी.एल. शर्मा ने किया इस दौरान श्री संतोष यादव ,श्री सुरेश गोस्वामी, श्री एस साहू, श्री भारत सिंह यादव ,श्री रामेश्वर दयाल सेन ,श्री जयदीप सिंह, श्री मनोज कवर्शे ,श्री पदम सिंह चौहान, श्री देवेंद्र मालवीय, श्री विनोद मिश्रा,श्रीमती आशा चारव्या, श्रीमती कल्पना कुलश्रेष्ठ ,श्रीमती सुनीता पांडे ,श्रीमती निशा परतेती , श्रीमती संध्या श्रीवास्तव,श्री सुभाष श्रीवास, श्री विष्णु श्रीवास ,श्री राजेंद्र दुबे,श्री दीपक साऊलरकर, श्री कपिल रायकवार,श्री संजय कुमार ,श्री राजेंद्र धौलपुरिया, श्री जमाल कटारे,श्रीमती लाली सहित समस्त कार्यालय स्टाफ उपस्थित रहा । श्रद्धांजलि सभा में सभी ने स्वर्गीय श्री डी.एस. राघव जी सहित राज्य उपाध्यक्ष श्री प्रकाश चित्तौड़ा जी की माताजी के देहावसान ,श्री सुरेश गोस्वामी जी के पिताजी के देहावसान ,श्री रवि यादव जी की माता जी के देहावसान तथा श्रीमती कविता वर्मा की दादी जी के देहावसान पर गहन दुख प्रकट करते हुए 2 मिनट का मौन धारण कर दिवंगत आत्माओ की शांति हेतु ईश्वर से प्रार्थना की ।।

  • समाजसेवा में अडंगा आए तो शीर्षासन कराते हैं बाबा रामदेव


    योगशिविर में आए पतंजलि आयुर्वेद के स्वामी परमार्थदेव गरजे


    भोपाल,09 जनवरी(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। स्वामी बाबा रामदेव ने ऋषि मुनियों की देन भारतीय योग पद्धति को पुर्नजीवित करके समाजसेवा का सफल मॉडल खड़ा किया है। बहुराष्ट्रीय कंपनियों की आड़ में जिन लुटेरों ने इस अनुष्ठान में व्यवधान डालने की कोशिश की उन्हें पूज्य स्वामी जी ने शीर्षासन करा दिया। आज वे अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहे हैं। पतंजलि फूड्स के माध्यम से हमने आम जनता को अपना भागीदार बनाया है। हम देश से प्राप्त संसाधनों को देश के विकास पर खर्च कर रहे हैं। ये हमारी देश भक्ति है और इसमें देश के उद्यमी अपनी हिस्सेदारी दर्ज करा रहे हैं। हमारा उद्देश देश को स्वस्थ और समृद्ध बनाना है। अपना लक्ष्य हम पाकर ही रहेंगे। राजधानी में आए पतंजलि योगपीठ ट्रस्ट हरिद्वार के डॉक्टर स्वामी परमार्थ देव ने पत्रकार वार्ता में सवालों का जवाब देते हुए ये बात कही। वे यहां सुभाष एक्सीलेंस स्कूल में आयोजित योग शिविर में शामिल होने राजधानी पहुंचे हैं।


    पतंजलि योगपीठ ट्रस्ट के प्रकल्पों पर लगाए जा रहे आरोपों का तीखा प्रतिकार करते हुए स्वामी परमार्थदेव ने कहा कि हमारा लक्ष्य समाजसेवा है और हम इसमें आधुनिक व्यापार प्रबंधन की तकनीकों का प्रयोग कर रहे हैं। यही वजह है कि आज हम आम परिवारों को स्वस्थ बनाने में कामयाब हुए हैं। देश को आर्थिक महाशक्ति बनाने के अभियान में हम सबसे सबल मॉडल के रूप में उभरे हैं। हमारी प्रगति से उन लोगों को हैरानी हो रही है जो अपने उत्पादों के माध्यम से आम जनता को ठग रहे थे। हम अपने प्रतिद्वंदियों के षड़यंत्रों को अच्छी तरह समझते हैं इसलिए हमारे उत्पाद गुणवत्ता के पैमाने पर चोखे हैं। कभी हमारे ऊपर छह छह सौ मुकदमे लादे गए लेकिन हम सभी में बेदाग होकर आगे आए हैं। हमारी सफलता के पीछे आम जनता की शक्ति है, यही वजह है कि हम अपने लक्ष्यकी ओर लगातार बढ़ते जा रहे हैं।


    पतंजलि फूड्स पर सेबी की आपत्तियों के बारे में उन्होंने कहा कि आर्थिक मॉडल में कई छोटी त्रुटियां रह जाती हैं जिन्हें हम सेबी, या अन्य आर्थिक गतिविधियों की नियंत्रक संस्थाओं के मार्गदर्शन में सुधारते जा रहे हैं। हमने अपने कारोबार में कई संस्थाओं और नागरिकों को हिस्सेदार बनाया है। उनकी खामियों के आरोप भी हमारे ऊपर लगा दिए जाते हैं जबकि हमने जो आर्थिक मॉडल अपनाया है उसमें देशसेवा और स्वाधीनता की खनक है।


    भारत स्वाभिमान न्यास और पतंजलि योग समिति के प्रांतीय कार्यालय प्रबंधक टी.एस.बावल ने बताया कि राजधानी में आयोजित विशाल योग शिविर में भारत स्वाभिमान,पतंजलि योग समिति, महिला पतंजलि योग समिति, युवा भारत, पतंजलि किसान सेवा समिति, हमरो स्वाभिमान संगठन, के कार्यकर्ता साधक, स्कूली बच्चे, आध्यात्मिक संगठन, सामाजिक संगठन व गणमान्य नागरिक ठंड और कोहरे के बावजूद बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।


    इस अवसर पर योग आयोग के अध्यक्ष वेद प्रकाश शर्मा, संगठन के प्रदेश संरक्षक अरुण मेहरोत्रा, भारत स्वाभिमान संगठन के प्रदेश प्रभारी करण सिंह पंवार, पतंजलि योग समिति की प्रदेश प्रभारी डॉक्टर पुष्पांजलि शर्मा, भारत स्वाभिमान के प्रदेश प्रभारी, राजेन्द्र आर्य, पतंजलि किसान सेवा समिति के प्रभारी मुन्नीलाल यादव, युवा भारत के प्रभारी अनिल सेन, सोशल मीडिया के प्रभारी सत्यानारायण गौर, प्रदेश कोषाध्यक्ष टी.एस. बावल, पतंजलि योग समिति सह प्रदेश प्रभारी हरिशरण समारी, पतंजलि किसान सेवा समिति सह प्रदेश प्रभारी कमलेश गौर, युवा भारत सह प्रदेश प्रभारी लखनलाल साहू, महिला पतंजलि योग समिति प्रदेश कोषाध्यक्ष पार्वती शर्मा, संगठन के सभी जिला प्रभारीगण मुरलीधर साहू, डॉक्टर मनोज शर्मा, अमरीश गोस्वामी, मोहनलाल श्रीवास्तव, रेखा बत्रा, हीरालाल कुशवाहा, रामकृपाल पटेल, लोकेश नागर, सुरेन्द्र सिंह आर्य, धर्मेन्द्र जाट, एमएल गौर, प्रदीप वैष्णव, महेन्द्र रघुवंशी, शर्द वर्मा, अशोक पटेल, प्रदीप वर्मा, गणेश प्रसाद गौर, रामकृपाल पटेल,अखिलेश योगी, शशिकांत यादव, सोबरन सिंह चौहान, वीरेन्द्र धवन, हरीश भाई , एम के श्रीवास्तव, जगदीश सिंह, डॉक्टर एस आर मालवीय, विनोद वाजपेयी, उपस्थित थे।


    सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय के प्राचार्य सुधाकर पाराशर, अर्पणा नागोलिया, संजय झा, गुलाब रघुवंशी, प्रेम सिंह चौहान, भीम सिंह यादव, के साथ बडी संख्या में गणान्य नागरिकों ने भी शिविर का लाभ उठाया। योग शिविर में स्वामी परमार्थदेव ने सूक्ष्म व्यायाम, भस्त्रिका, कपालभाति, अनुलोम विलोम, भ्रामरी, उद्घिगत, प्राणायाम के साथ सूर्य नमस्कार, मरकटासन, वज्रासन, गौमुखासन, ताड़ासन, त्रियक ताड़ासन, आदि कराते हुए उनके बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की।


    योग शिविर के बाद ई-4। 7 अरेरा कालोनी में आोयजित बैठक में स्वामी परमार्थदेव ने कहा कि नर सेवा ही नारायण सेवा है। एक डाक्टर भी चीरा लगाता है और अपराधी भी चाकू चलाता है। डाक्टर के कार्य को हम समाजसेवा कहते हैं और स्वयं जाकर उससे चीरा लगवाते हैं। सभी जानते हैं कि डाक्टर का कार्य जीवनदान देना है। हम सभी कार्यकर्ताओं को मानवसेवा ,स्वास्थ्य सेवा और योग सेवा के अपने कार्य में जुटे रहना है। हम विचार पर आधारित गुरु सत्ता को ध्यान में रखते हुए वो आचरण करें जिससे समाज का लाभ हो। हमारे कार्यों से आम लोगों में संतुष्टि का भाव जागना चाहिए तभी हम अपने अनुष्ठान को सफल कर पाएंगे।

  • राज्य में उद्यमशीलता का दौर :भगवानदास सबनानी

    राज्य में उद्यमशीलता का दौर :भगवानदास सबनानी


    भोपाल.6 जनवरी(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। भारतीय जनता पार्टी के नवनिर्वाचित विधायक एवं प्रदेश महामंत्री भगवानदास सबनानी ने कहा है कि राज्य में अब उद्यमशीलता का दौर शुरु हो गया है हम पूंजी निर्माण से समाजसेवा के नए दौर में प्रवेश कर रहे हैं। राज्य की नई सरकार कार्यकर्ताओं के बल पर सत्तासीन हुई है, यही कार्यकर्ता जनता की आकांक्षाओं को साकार करने में जुट गए हैं।हमारे नेताओं ने जिस संकल्पपत्र को सामने रखकर जनता से आशीर्वाद मांगा था हम उसकी हर भावना को साकार करने जा रहे हैं। माननीय मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने सत्ता संभालते ही कार्यपालिका को साफ संदेश दे दिया है कि ये कार्यकर्ताओं,मजदूरों और किसानों की सरकार है और हम उनकी हर आकांक्षा को पूरा करेंगे।


    श्री सबनानी ने विशेष मुलाकात में बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने समाज की चार जातियां गरीब, किसान, महिला और युवाओं को बताया है। हमें अच्छी तरह मालूम है कि ये चारों वर्ग के आम नागरिक किस तरह प्रदेश और देश की उत्पादकता बढ़ाने में सहयोगी साबित होते हैं। हम भारत के परम वैभव को ऊंचाईयों पर पहुंचाने के लिए कार्य कर रहे हैं। यही वजह है कि नई सरकार सत्ता के सभी कारकों के लिए दो टूक संदेश देने का कार्य कर रही है।


    उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने सत्ता संभालते ही हुकमचंद मिल के मजदूरों की बरसों पुराने लंबित वेतन भत्तों का निराकरण करके अपनी सामाजिक प्रतिबद्धता जाहिर कर दी है। ग्वालियर की विनोद मिल के मजदूरों के भी लंबित प्रकरण सुलझाए जा रहे हैं। भाजपा संगठन ने अपनी जमीनी सेवाओं से जनता की जरूरतों को अच्छी तरह समझा है। राजनीति हमारे लिए सेवा का माध्यम है। हम सेवा की राजनीति करते हैं। हमारे पैतृक संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से हमने सेवा, त्याग और तपस्या के जो संस्कार पाए हैं हम उन्हें साकार करने में जी जान से जुटे हैं।

    श्री सबनानी ने बताया कि लगभग तीन चार महीनों से चुनावी प्रक्रिया चल रही थी। नई सरकार के गठन के बाद हमारी जवाबदारी है कि हम अपनी ही पूर्ववर्ती सरकार की योजनाओं को आगे ले जाएं और यदि उनमें कुछ संशोधन भी करना पड़े तो करें। इसके लिए हमने राज्य के खजाने का आकलन शुरु कर दिया है। हमारी पार्टी के कई आर्थिक विशेषज्ञ स्थितियों का आकलन कर रहे हैं। हम मौजूदा संसाधनों के बीच जनता की जरूरतें पूरी कर रहे हैं और जल्दी ही रोजगार के नए अवसर शुरु हो जाएंगे।


    उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री जी ने शासन को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सरकार रोजगार के अवसर बढ़ाना चाहती है। नई शिक्षा नीति में भी हमने युवाओं में हुनर विकसित करने की नीति पर अमल शुरु किया है। इस प्रक्रिया में हम औद्योगिक ढांचा भी विकसित कर रहे हैं और उसके लिए हुनरमंद युवाओं की टीम भी उपलब्ध करवा रहे हैं। हम सरकारीकरण के भरोसे नहीं बैठेंगे और समाज को जल्दी ही उत्पादकता का लाभ देंगे। ये बदलाव की बयार जल्दी ही अपना असर दिखाएगी और जनता की आकांक्षाओं पर खरी साबित होगी।

  • अब बिट्वीन द लाईंस भी देखना पड़ेगा मुख्यमंत्री जी

    अब बिट्वीन द लाईंस भी देखना पड़ेगा मुख्यमंत्री जी


    अवैध हड़ताल से देश को ठप करने वालों की औकात क्या इतनी हो सकती है कि वे जनता की सरकार को भी चुनौती देने लगें। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने सारे तथ्यों पर विचार करके कहा कि हड़ताल अवैध है, सरकार जनसुविधाएं बहाल करे । ऐसे में प्रशासन को आगे बढ़कर गतिरोध हटाना ही था। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद शाजापुर कलेक्टर जब पूरे देश को चुनौती देने वाले किसी अपराधी को ललकार लगाए तो उसमें भाषा के लालित्य पर सवाल नहीं उठाया जा सकता । देश के हमलावर को आत्मरक्षा में तैनात सैनिक बंदूक की गोली से मारे या लाठी से या फिर मुक्के लात से,ये थोड़ी देखा जाता । उसका तो उद्देश्य शत्रु पर विजय पाना है। कुछ लाल बुझक्कड़ बुद्धिजीवी ऐसे टसुए बहाने निकल पड़े कि सरकार ने अपने ही कलेक्टर को हटाकर मंत्रालय में बिठा दिया। इस पहले मूव ने सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया है। डॉक्टर मोहन यादव को जिन्होंने करीब से देखा है वे जानते हैं कि मुख्यमंत्री लीक पकड़कर चलने वालों में से नहीं हैं। इसके बावजूद सत्ता के इर्द गिर्द झुंड जमा लेने वाले दरबारियों के सामने तो राजा विक्रमादित्य की भी मति मारी जाए। लगभग दो दशकों में शिवराज सिंह चौहान ने अपने इर्द गिर्द चमचों और चिलमकारों की ऐसे फौज जमा कर रखी थी कि सरकार किसी और पटरी पर चली गई थी। इन कुकर्मों को छुपाने के लिए इन चमचों ने एक स्वर में इसे संघ का फरमान बताना शुरु कर दिया था। जन आक्रोश की इसी अभिव्यक्ति के रूप में कमलनाथ गिरोह को सत्ता में घुसपैठ का अवसर मिल गया था। ज्योतिरादित्य सिंधिया की एंट्री न हुई होती तो हालिया चुनाव भाजपा को विपक्ष में बैठकर लड़ना पड़ता। सिंधिया के आने के बावजूद सरकार का कामकाज इतना लचर और जड़ था कि उसे किसी नजरिए से सुशासन नहीं कहा जा सकता। ये तो गनीमत है कि जनता की और पार्टी कार्यकर्ताओं की टीस को भाजपा हाईकमान ने सुन लिया और शिवराज को पैवेलियन में भेजकर सत्ता परिवर्तन की जन आकांक्षा पूरी कर दी। समस्या ये है कि सत्ता के सिंहासन पर बदलाव अभी पूरी तरह नहीं हुआ है। शिवराज के बहरे सत्ताभोगियों को साथ लेकर सुशासन करने निकले मोहन यादव अभी तक अपना राज स्थापित नहीं कर सके हैं। किशोर कान्याल को हटाने के फैसले से इतना तो साफ झलकता है कि वे अपनी सोच और पार्टी की विचारधारा को स्थापित करने के लिए बदलाव करना चाहते हैं। ये बदलाव गलत मोड़ पर हुआ है। किशोर कान्याल मध्यप्रदेश के जमीनी प्रशासन को समझने वाले प्रतिभाशाली अफसर हैं। राज्य प्रशासनिक सेवा के कई जिम्मेदार पदों पर रहते हुए उन्होंने जमीनी हकीकत को करीब से देखा है। जनोन्मुखी शासन शैली का तो खुमार उन पर इतना अधिक है कि वे अपना हर कार्य सार्वजनिक तौर पर करते हैं। जब ड्राईवरों की हड़ताल पर चर्चा के लिए कलेक्टर के चेंबर में बातचीत चल रही थी तब भी उन्होंने मीडिया को चर्चा में उपस्थित रहने की अनुमति दे रखी थी। ड्राईवरों की हड़ताल को विपक्ष ने पूरे देश में कुछ इस तरह प्रचारित किया था मानों वे देश के कर्मठ सिपाही हैं और सरकार उन्हें कुचलकर मार देना चाहती है। हिट एंड रन पर बना कानून एक दिन में अस्तित्व में नहीं आया। पूरी सुविचारित प्रक्रिया से इसे तैयार किया गया है। विपक्ष का कहना था कि जब वे सदन में कम संख्या में मौजूद थे तब सरकार ने बगैर चर्चा के इसे पास करा लिया। जबकि हकीकत ये है कि विपक्ष के जो सदस्य सदन में मौजूद थे उन्होंने भी बिल का समर्थन किया था। कानून से ड्राईवरों को खतरा क्यों महसूस हो रहा है। यदि वे सही चल रहे हैं और कोई व्यक्ति अपनी गलती से उनके वाहन के नीचे कुचलकर मर जाता है तो इसे अदालत में साबित करके वे साफ बच सकते हैं। अब नेशनल हाईवे पर जंगल में यदि कोई दुर्घटना होती है जहां कोई जनता मौजूद नहीं है तो ड्राईवर को भागने की जरूरत क्या है। वह जाकर प्रशासन को सूचना दे सकता है कि फलां राहगीर शराब के नशे में या किसी तकनीकी खामी की वजह से उसके वाहन के नीचे आ गया है कृपया उसे उपचार उपलब्ध कराएं। कोई कानून इतना अंधा तो है नहीं कि गलती न होने के बावजूद ड्राईवर को सात साल की जेल और दस लाख रुपए के जुर्माने की सजा दे दे। सभी ट्रकों में अभी तक कैमरे और जीपीएस नहीं लगाए गए हैं। निजी कंपनियां थर्ड पार्टी बीमे का प्रीमियम समय पर भरती नहीं। राहगीरों की सुरक्षा वे सुनिश्चित करती नहीं। इस पर ड्राईवरों को ऐसा भयभीत कर दिया कि वे बेचारे कानून के भय से कांपने लगे। कानूनी प्रावधान यदि गलत हैं तो सही प्रक्रिया अपनाकर उन्हें बदला भी जा सकता है। इसके बावजूद विपक्ष और खासतौर पर कांग्रेस ने हो हल्ला मचाकर देश भर में भय का वातावरण निर्मित कर दिया। लोकहित में लड़ने वाले शूरवीर अधिकारियों को सलाम किया जाना चाहिए कि उन्होंने विपरीत हालात में भी मोर्चा संभाला और नागरिकों को जरूरी सामानों की सप्लाई बाधित नहीं होने दी। कलेक्टर महोदय की क्लीपिंग वायरल करने वाले टीआरपी प्रेमी पत्रकारों मौका हाथ से नहीं जाने दिया। दरअसल जिन पत्रकारों ने ये काम किया उनकी ये समझने की औकात भी नहीं थी कि सामाजिक दायित्वों का निर्वहन कैसे किया जाता है। शायद यही वजह है कि राजनेता और प्रशासन अक्सर मीडिया कर्मियों को विमर्श स्थल से बाहर खदेड़ देते हैं। सीधी भर्ती वाले आईएएस अफसरों की टीस तो समझी जा सकती है पर सत्ता पर आसीन राजा विक्रमादित्य की सोच में पले बढ़े राजनेता की आंख पर भी वे पट्टी बांध दें ये कैसे संभव हो सकता है। भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को तो कम से कम सुशासन का समर्थन करते हुए कलेक्टर को अपना संरक्षण देना था। वे भी एक गलत नारे की रौ में बह निकले। ये अंग्रेजों की विदेशी सरकार तो है नहीं। संवैधानिक कानून का विरोध करने के लिए अब जनांदोलन जरूरी नहीं है। कानून उनकी ही सरकार ने बनाया है वे अपनी ही सरकार से इसमें सुधार करवा सकते हैं। इसके लिए आंदोलन की तो जरूरत ही नहीं है। सरकार ने कानून को लागू करने की अवधि बढ़ाने की बात कहकर मौजूदा गतिरोध तो टाल दिया है लेकिन उसे नहीं भूलना चाहिए कि वह जनता की निर्वाचित सरकार है। दबाव की राजनीति करने वाले चंद बदमाशों के दबाव में वह अपने दायित्व से मुकर नहीं सकती। नए नए मुख्यमंत्री जी को भी यही सलाह है कि वे अब बिट्वीन द लाईन्स भी देखना शुरु करें। सत्ता के शीर्ष पर बैठकर जो दिखाया जाता है वह हमेशा सही नहीं होता।यदि इस तरह के फैसले सामने आएंगे तो फिर कौन अधिकारी जनहित की लड़ाई लड़ने की हिम्मत करेगा।

  • हिट एंड रन पर सरकार सख्त,मुख्यमंत्री के निर्देश नागरिक सेवाएं बहाल करें

    हिट एंड रन पर सरकार सख्त,मुख्यमंत्री के निर्देश नागरिक सेवाएं बहाल करें


    भोपाल,2 जनवरी(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज मंत्रालय में कमिश्नर, कलेक्टर और एसपी के साथ वीसी के माध्यम से चर्चा कर ट्रक ड्राइवरों की हड़ताल के मद्देनजर किए जा रहे आवश्यक उपायों की जानकारी प्राप्त की और जरूरी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नागरिकों को आवश्यक सामग्री के लिए परेशानी नही हो, इसके लिए सभी जरूरी उपाय किए जाएं।


    मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को हड़ताल खत्म कराने के निर्देश दिए हैं। दो याचिकाओं पर मंगलवार को हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने कहा, ‘हड़ताल को तुरंत खत्म करवाया जाए। सरकार परिवहन बहाल करवाए।’ इस पर सरकार की तरफ से महाधिवक्ता ने कहा, ‘आज शाम तक इस मामले में अहम निर्णय लिया जा रहा है।’ ये याचिकाएं नागरिक उपभोक्ता मंच और अखिलेश त्रिपाठी की ओर से दायर की गईं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में पेट्रोल-डीजल की सप्लाई प्रभावित न हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पेट्रोल-डीजल को लेकर कोई अवरोध पैदा करेगा तो उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके लिए सभी आवश्यक उपाय सुनिश्चित किए जाएं, जनता को किसी भी प्रकार का कष्ट न हो। पेट्रोल पंप और एलपीजी गैस के डीलर्स जिनके अपने वाहन हैं, उनके माध्यम से सप्लाई सुनिश्चित की जाए।


    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जबलपुर, ग्वालियर, कटनी, रीवा, उज्जैन, सागर समेत विभिन्न जिलों के कलेक्टर, एसपी से चर्चा करते हुए कहा कि किसी भी मार्ग पर अवरोध और बाधा न हो। रास्ते की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करें। सभी डीलर्स, एसोसिएशन के साथ बैठक करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा मैदान में मूवमेंट दिखे। सोशल मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया आदि प्लेटफार्म का उपयोग करते हुए स्थिति सामान्य होने की जानकारी दी जाए।

    बैठक में अपर मुख्य सचिव गृह डॉ. राजेश राजौरा, डीजीपी श्री सुधीर कुमार सक्सेना, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री राघवेंद्र सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

  • अमीरी की आधारशिला पर खुशहाल बनेगा मध्यप्रदेशःगौतम टेटवाल

    अमीरी की आधारशिला पर खुशहाल बनेगा मध्यप्रदेशःगौतम टेटवाल


    भोपाल, 2 जनवरी(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल ने कहा है कि हमारे युवा हमारी संपदा हैं। हम इस युवा शक्ति ऊर्जा को बेहतर दृष्टिकोण से संवार रहे हैं। इससे स्थायी रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और युवाओं का जीवन स्तर बेहतर होगा. पिछली सरकारें गरीबी को संरक्षित करती रहीं हैं मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार अमीरी की आधारशिला पर काम कर रही है। इसके नतीजे जल्दी ही सबको खुशहाल बनाएंगे।


    उन्होंने मंगलवार को वल्लभ भवन क्र. 3 में कक्ष क्र. 318 में पूजा अर्चना कर पदभार ग्रहण किया। श्री टेटवाल ने विभागीय योजनाओं की जानकारी भी ली। इस दौरन अपर मुख्य सचिव तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास श्री मनु श्रीवास्तव एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

    श्री टेटवाल ने एक मुलाकात में कहा कि प्रदेश अब रोजगार निर्माण के एक नए दौर में प्रवेश करने जा रहा है।अब तक भाजपा सरकार ने युवाओं के कौशल के आधार पर उनका जीवन संवारने के लिए विभिन्न उद्यमों की मदद ली थी। इस प्रक्रिया में युवाओं को फौरी राहत भी मिली । अब स्थायी रोजगार स्थापित करने के लिए हम वो फार्मूला लागू कर रहे हैं जिसके माध्यम से आत्मनिर्भर प्रदेश के निर्माण की राह प्रशस्त होगी। प्रदेश के करोड़ों युवा आज अपने हुनर के मुताबिक काम न मिलने के कारण परेशान हैं।अब सरकार जिन उद्यमों को बढ़ावा दे रही है उससे युवाओं के जीवन में समृद्धि आएगी और प्रदेश भी समृद्ध होगा।

  • हांगकांग में बैंकिंग का सिक्का जमाने वाले चंद्रशेखर शर्मा बने भोपाल सर्किल के मुख्य महाप्रबंधक

    हांगकांग में बैंकिंग का सिक्का जमाने वाले चंद्रशेखर शर्मा बने भोपाल सर्किल के मुख्य महाप्रबंधक

    भोपाल 1.जनवरी(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)।श्री चंद्रशेखर शर्मा के रूप में आज भारतीय स्टेट बैंक में एक नया अध्याय सामने आया है। चंद्रशेखर शर्मा ने आधिकारिक तौर पर आज भारतीय स्टेट बैंक के मुख्य महाप्रबंधक के रूप में कार्यभार संभाल लिया है। देश के सबसे बड़े बैंक के भोपाल सर्किल में मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ दोनों राज्य शामिल हैं।


    बैंकिंग क्षेत्र के लोग जानते हैं कि उन्होंने 1994 में एक परिवीक्षाधीन अधिकारी के रूप में अपनी पारी शुरु की थी। अपने शानदार दीर्घ कार्यकाल में उन्होंने लगातार 29 सालों तक बैंकिंग के विभिन्न कार्यों को सफलता पूर्वक अंजाम दिया। हर सेवा का अनुभव हासिल करते हुए उन्होंने अपनी विशेषज्ञता को न केवल निखारा बल्कि बैंक को ऊंचाईयों तक पहुंचाने में अपनी प्रतिभा का बहुमूल्य योगदान दिया है। आज भारतीय स्टेट बैंक की शाखाएं जिस तकनीकी पेशेवर कुशलता के साथ दूर दराज के इलाकों तक भी उपलब्ध हैं उसमें श्री शर्मा ने भी अपनी रचनात्मकता का योगदान दिया है।


    बैंकिंग का अनुपालन निरीक्षण हो या वाणिज्यिक ऋणों का रणनीतिक प्रबंधन, हर क्षेत्र में उन्होंने एक सख्त कार्यशैली का विकास किया और सेवाओं को कारगर बनाने में अपनी भूमिका निभाई है। अंतर्राष्ट्रीय एसबीआई की विदेशी शाखा में उनके कार्यकाल के दौरान कई ऐसे बैंकिंग मामले आए जिनसे भारत की अर्थव्यवस्था को संवारने में मदद मिली।

    इस नई जिम्मेदारी से पहले श्री शर्मा भुवनेश्वर मंडल के महाप्रबंधक रहे हैं। उनका ये कार्यकाल देश में नई आशाओं का संचार करता देखा गया। कॉव्लून शाखा में मुख्य परिचालन अधिकारी के रूप में उन्होंने हांगकांग में भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान की।


    राजधानी के प्रधान कार्यालय में अधिकारियों और कर्मचारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने नए साल की हार्दिक शुभकामनाएं दीं और सभी से कहा कि वे अपनी सेहत का ख्याल रखते हुए सामाजिक समर्पण की मिसाल पेश करें। उन्होंने कहा कि संस्था और काम के प्रति अटूट प्रतिबद्धता से हम जो गौरव हासिल करते हैं वह न केवल हमें बल्कि हमारे परिजनों और ग्राहकों के बीच प्रेरणा बनता है। उन्होंने कहा कि तनावमुक्त कार्य वातावरण बनाने के लिए हमें खुद पहल करनी होगी तभी हम खुशहाल ग्राहक सेवा का माहौल बना पाएंगे और एक सामंजस्यपूर्ण कार्यसंस्कृति को अंजाम दे पाएंगे।


    इस अवसर पर बैंक के तमाम अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित थे। श्री कुंदन ज्योति, श्री अजितव पाराशर, श्री नीरज प्रसाद, श्री दीपक कुमार झा डीजीएम एवं सीरडीओ ने भी अपने विचार साझा किए। सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपने उद्बोधन में कहा कि किसी भी सकारात्मक नेतृत्व से पूरे संस्थान में नई ऊर्जा का संचार हो जाता है।

    प्रफुल्लित अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित करते हुए श्री चंद्रशेखर शर्मा ने कहा कि हम सभी मिलकर भारतीय स्टेट बैंक की सेवाओं को और भी ज्यादा जनोन्मुखी बनाने में सफल होंगे। हमारा लक्ष्य समाज की समृद्धि है जिसे हमें ग्राहकों के चेहरे पर मुस्कान लाकर संपन्न करना है।