Category: भारत

  • अमृतकाल में साकार होती रामराज्य की संकल्पना

    अमृतकाल में साकार होती रामराज्य की संकल्पना

    • विष्णुदत्त शर्मा

    • राम राज बैठे त्रैलोका। हर्षित भए गए सब सोका।।

    • यह चौपाई अब वास्तविकता बनने जा रही है जब श्री रामलला की प्राण प्रतिष्ठा से चहुंओर हर्ष और आनंदमय वातावरण होगा। 5 अगस्त 2020 को राममंदिर की आधारशिला रखते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने ‘जय सियाराम’ के उद्घोष के साथ अपने संबोधन में कहा था कि “आप भगवान राम की अदभुत शक्ति देखिए… इमारतें नष्ट हो गईं, अस्तित्व मिटाने का भरसक प्रयास हुआ, लेकिन प्रभु श्रीराम आज भी हमारे मन में बसे हुए हैं। प्रभु श्रीराम हमारी संस्कृति के आधार हैं, भारत के जनमानस के विचार हैं और मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम हैं।“ प्रधानमंत्री जी ने अपने संकल्प स्वरूप यह भी कहा था कि ‘राम काज किन्हें बिनु, मोहि कहां विश्राम…’

    • 22 जनवरी 2024 को भव्य-दिव्य मंदिर में हमारे रामलला विधि विधान के साथ विराजने जा रहे हैं। सांस्कृतिक सभ्यता से परिपूर्ण हमारा भारत सरयू के किनारे एक स्वर्णिम अध्याय रचने जा रहा है। सोमनाथ से लेकर काशी विश्वनाथ तक अयोध्या धाम इतिहास गढ़ने जा रहा है। आज संपूर्ण भारत राममय होकर आनंदित है। हर मन प्रफुल्लित है और भारतवासी भावुक हैं क्योंकि 5 सदियों का इंतजार ख़त्म होने जा रहा है। प्रधानमंत्री जी की दृढ़ संकल्प शक्ति और कर्तव्य परायणता से अयोध्या धाम में श्री राम मंदिर निर्माण के साथ ही अनेक विकास परियोजनाओं के सृजन से अद्भुत अलौकिक वातावरण का निर्माण होने जा रहा है।

    • हमारे रामलला की प्राण प्रतिष्ठा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है, अपितु यह हमारे सांस्कृतिक अभ्युदय का प्रतीक है। यह प्राण प्रतिष्ठा आस्था, धैर्य और संकल्प के विजय का परिचायक है। यह हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक स्मृतियों एवं आध्यात्मिक मूल्यों का प्रतिबिंब भी है। अयोध्या में बना यह मंदिर देश के लिए सिर्फ पूजा स्थल नहीं बल्कि यह हमारे पूर्वजों के तप, त्याग और संकल्प का स्थायी प्रेरणापुंज है। जिन कारसेवकों के आंदोलन रूपी तपस्या के फलस्वरूप श्री रामलला का मंदिर आकार ले पाया है, वह आंदोलन अर्पण, तर्पण और संकल्प से ओत-प्रोत था। उसका लक्ष्य सिर्फ राम मंदिर नहीं अपितु रामराज्य स्थापित करना भी था। वर्ष 2014 में देश के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने के पश्चात नरेंद्र मोदी जी ने इसी रामराज्य की संकल्पना को साकार करने के लिए परिश्रम की पराकाष्ठा के साथ कार्य किया है। मोदी सरकार ने एक ओर सदियों से उपेक्षित सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक मान्यताओं को प्रतिस्थापित किया तो दूसरी ओर गरीब कल्याण को प्राथमिकता के रूप में अपनी सरकार का लक्ष्य बनाया।
    • प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में सरकार ने धारा 370 की बेड़ियों से मां भारती को आजाद कराना, तीन तलाक की कुरीति से अल्पसंख्यक बहनों को मुक्ति दिलाना, माताओं-बहनों को रसोई में खतरनाक धुएं से मुक्ति दिलाने के लिए गैस सिलेंडर, नारी शक्ति की गरिमा की रक्षा के लिए शौचालय का निर्माण, आयुष्मान भारत योजना के जरिए स्वास्थ्य सेवा, हर गरीब के सिर पर छत हो उस हेतु प्रधानमंत्री आवास योजना, कोई भूखा न रहे इस हेतु 80 करोड़ देशवासियों के लिए मुफ्त राशन की व्यवस्था, किसानों के लिए किसान सम्मान निधि, पिछले 7 दशकों से देश को लूटने वाले भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कठोर कदम, कोरोनाकाल में हर भारतीय को मुफ्त वैक्सीन का प्रबंध जैसे अनेकों ऐतिहासिक कार्य किए। मोदी सरकार ने रामराज्य की अवधारणा को साकार करने के लिए हर संभव प्रयास किये है। दरअसल, किसी भी लोकतंत्र की गुणवत्ता उसके नेतृत्वकर्ताओं पर निर्भर करती है। नेतृत्वकर्ता यदि त्यागी, तपस्वी और न्याय प्रिय है तो निश्चित ही लोकतंत्र सफल होगा जैसा प्रभु श्री राम जी के राज में था। वर्षों बाद प्रभु कृपा से ही पुनः भारत को इसी प्रकार त्यागी, तपस्वी और न्याय प्रिय नेतृत्व प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के रूप में प्राप्त हुआ है।

    • जहां एक ओर देश में राममंदिर के माध्यम से आध्यात्मिक चेतना जागृत हो रही है, उसी समय यह हमारे भारत का अमृतकाल है और 2047 तक भारत को विकसित बनाने के लिए हम भारतीयों को अपने दायित्वों के प्रति कृत संकल्पित रहना है। रामराज्य की संकल्पना भी यही है जहां शासन जन-जन के साथ मिलकर लोकतंत्र को सशक्त बनाने में सहभागिता निभाए। आज भारत ने अपनी सांस्कृतिक विरासतों के गौरव के साथ ही विकास के नए प्रतिमान स्थापित किये हैं। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में आज हमारा भारत अपने तीर्थों को भी संवार रहा है और डिजिटल टेक्नोलॉजी की शक्ति से परिपूर्ण विश्व का अग्रणी राष्ट्र भी बन रहा है। आज मोदी जी की सरकार काशी विश्वनाथ धाम के पुनर्निमाण के साथ ही ग्रामीण विकास हेतु 30 हजार से अधिक पंचायत भवन भी बना रही है। सिर्फ केदारधाम का पुनरुत्थान ही नहीं अपितु 300 से अधिक मेडिकल कॉलेज भी देश में बन रहे हैं। सिर्फ महाकाल के लोक का ही निर्माण नहीं हो रहा, बल्कि स्वच्छ पेयजल के लिए दो लाख से ज्यादा पानी की टंकियों का भी निर्माण हो रहा है और 14 करोड़ घरों तक स्वच्छ पेयजल पहुंच रहा है। आज देश अपनी अतुलनीय वैज्ञानिक क्षमताओं के माध्यम से एक तरफ चन्द्रमा और सूरज की दूरी नाप रहा है तो वहीं हमारी पौराणिक मूर्तियों को भारत में वापस लाकर अपनी सांस्कृतिक सभ्यता के सवंर्धन का कार्य भी कर रहा है।

    • प्रधानमंत्री जी ने अयोध्या धाम में महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे एवं अयोध्या धाम जंक्शन के लोकार्पण के अवसर पर कहा कि “विकसित भारत के निर्माण को गति देने के अभियान को अयोध्या नगरी से नई ऊर्जा मिल रही है। विश्व में कोई भी देश हो अगर उसे विकास की नई ऊंचाई पर पहुंचना है, तो उसे अपनी विरासत को संभालना होगा। हमारी विरासत हमें प्रेरणा देती है। हमें सही मार्ग दिखाती है। आज का भारत पुरातन और नूतन को आत्मसात करते हुए आगे बढ़ रहा है।“

    • वास्तव में आज अयोध्या में अध्यात्म और विरासत की भव्यता के साथ विकास की दिव्यता भी दिखती है। विकास और विरासत का यह संयोजन ही भारत को 21 वीं सदी में सबसे आगे ले जाएगा। तुलसीदास जी ने रामचरितमानस में लोकतंत्र, लोकमंगल और आदर्श राज्य व्यवस्था की अभिव्यक्ति की है। चित्रकूट से विदा होते हुए भरत को श्री राम सबसे बड़ा उपदेश देते हुए राजा-प्रजा के संबंधों पर कहते हैं, “मुखिया मुख सों चाहिए, खान पान को एक।। पालै पोसै सकल अंग, तुलसी सहित विवेक।।” यानी शासन पक्षपाती एवं अन्यायी न हो, शासन में समाज के अंतिम व्यक्ति के अभ्युत्थान की चिंता प्रमुख होनी चाहिए। हम गर्व से कह सकते हैं कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति के उत्थान की संकल्पना निश्चित ही साकार हो रही है। इस बात में कोई संशय नहीं है कि हमारे प्रधानमंत्री भारत की मिट्टी के कण-कण और भारत के जन-जन के पुजारी हैं। विगत साढ़े नौ वर्षों में न केवल हम भारतीय अपितु समूचा विश्व एक ‘नए भारत’ के निर्माण का प्रत्यक्षदर्शी रहा है। यह नया भारत है जिसकी संस्कृति, सभ्यता और संस्कारों को अपनाने में विश्व का हर देश स्वयं को गौरवान्वित अनुभव करता है। यह नया भारत अपनी आस्था, अस्मिता और अर्थव्यवस्था के प्रति सजग और संवेदनशील भी है और सचमुच में यही तो रामराज्य की संकल्पना है।

    लेखक- भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद हैं

  • राज्य में उद्यमशीलता का दौर :भगवानदास सबनानी

    राज्य में उद्यमशीलता का दौर :भगवानदास सबनानी


    भोपाल.6 जनवरी(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। भारतीय जनता पार्टी के नवनिर्वाचित विधायक एवं प्रदेश महामंत्री भगवानदास सबनानी ने कहा है कि राज्य में अब उद्यमशीलता का दौर शुरु हो गया है हम पूंजी निर्माण से समाजसेवा के नए दौर में प्रवेश कर रहे हैं। राज्य की नई सरकार कार्यकर्ताओं के बल पर सत्तासीन हुई है, यही कार्यकर्ता जनता की आकांक्षाओं को साकार करने में जुट गए हैं।हमारे नेताओं ने जिस संकल्पपत्र को सामने रखकर जनता से आशीर्वाद मांगा था हम उसकी हर भावना को साकार करने जा रहे हैं। माननीय मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने सत्ता संभालते ही कार्यपालिका को साफ संदेश दे दिया है कि ये कार्यकर्ताओं,मजदूरों और किसानों की सरकार है और हम उनकी हर आकांक्षा को पूरा करेंगे।


    श्री सबनानी ने विशेष मुलाकात में बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने समाज की चार जातियां गरीब, किसान, महिला और युवाओं को बताया है। हमें अच्छी तरह मालूम है कि ये चारों वर्ग के आम नागरिक किस तरह प्रदेश और देश की उत्पादकता बढ़ाने में सहयोगी साबित होते हैं। हम भारत के परम वैभव को ऊंचाईयों पर पहुंचाने के लिए कार्य कर रहे हैं। यही वजह है कि नई सरकार सत्ता के सभी कारकों के लिए दो टूक संदेश देने का कार्य कर रही है।


    उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने सत्ता संभालते ही हुकमचंद मिल के मजदूरों की बरसों पुराने लंबित वेतन भत्तों का निराकरण करके अपनी सामाजिक प्रतिबद्धता जाहिर कर दी है। ग्वालियर की विनोद मिल के मजदूरों के भी लंबित प्रकरण सुलझाए जा रहे हैं। भाजपा संगठन ने अपनी जमीनी सेवाओं से जनता की जरूरतों को अच्छी तरह समझा है। राजनीति हमारे लिए सेवा का माध्यम है। हम सेवा की राजनीति करते हैं। हमारे पैतृक संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से हमने सेवा, त्याग और तपस्या के जो संस्कार पाए हैं हम उन्हें साकार करने में जी जान से जुटे हैं।

    श्री सबनानी ने बताया कि लगभग तीन चार महीनों से चुनावी प्रक्रिया चल रही थी। नई सरकार के गठन के बाद हमारी जवाबदारी है कि हम अपनी ही पूर्ववर्ती सरकार की योजनाओं को आगे ले जाएं और यदि उनमें कुछ संशोधन भी करना पड़े तो करें। इसके लिए हमने राज्य के खजाने का आकलन शुरु कर दिया है। हमारी पार्टी के कई आर्थिक विशेषज्ञ स्थितियों का आकलन कर रहे हैं। हम मौजूदा संसाधनों के बीच जनता की जरूरतें पूरी कर रहे हैं और जल्दी ही रोजगार के नए अवसर शुरु हो जाएंगे।


    उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री जी ने शासन को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सरकार रोजगार के अवसर बढ़ाना चाहती है। नई शिक्षा नीति में भी हमने युवाओं में हुनर विकसित करने की नीति पर अमल शुरु किया है। इस प्रक्रिया में हम औद्योगिक ढांचा भी विकसित कर रहे हैं और उसके लिए हुनरमंद युवाओं की टीम भी उपलब्ध करवा रहे हैं। हम सरकारीकरण के भरोसे नहीं बैठेंगे और समाज को जल्दी ही उत्पादकता का लाभ देंगे। ये बदलाव की बयार जल्दी ही अपना असर दिखाएगी और जनता की आकांक्षाओं पर खरी साबित होगी।

  • शिवराज सिंह का झांसा साबित हुई किसान मित्र योजना

    शिवराज सिंह का झांसा साबित हुई किसान मित्र योजना


    भोपाल,26 दिसंबर(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। चुनावी वैतरणी पार करने के लिए पूर्ववर्ती मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आनन फानन में जो घोषणाएं की थीं उनकी असलियत अब सामने आने लगी है। राज्य के ऊर्जा विभाग ने शासन से दो टूक कह दिया है कि विभाग के पास बिजली और कोयला खरीदने का बजट समाप्त हो गया है। बिजली पर दी जा रही छूट की वजह से हालत ये हो गई है कि कई इलाकों में सौ रुपयों की लागत में से मात्र सत्रह पैसे ही प्राप्त हो रहे हैं। ऐसे में किसान मित्र योजना जैसी घोषणाओं को पूरा करना संभव नहीं है।


    मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने पदभार ग्रहण करते ही शासन के आला अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि उन्हें राज्य की वित्तीय स्थिति से अवगत कराया जाए। पिछली सरकार की घोषणाओं को पूरा करने की जवाबदारी भी नई सरकार की है। ऐसे में अफसरों ने वाहवाही के लिए शुरु की गई योजनाओं की सच्चाई नए मुख्यमंत्री के सामने रख दी है। बिजली,सड़क और पानी की गारंटी देने वाली भाजपा सरकार असलियत जानकर असमंजस में पड़ गई है।


    मुख्यमंत्री को बताया गया है कि पूर्ववर्ती सरकार ने ऊर्जा विभाग के मुनाफे में से ही इस योजना को चालू करने का प्रावधान किया था। योजना में शर्त डाली गई थी कि ट्रांसफार्मर, खंभे और वायर आदि तमाम सामान किसानों को बिजली कंपनियों से ही खरीदना पड़ेगा। जिसकी कीमतें पहले से ही बाजार भाव से ज्यादा तय कीं गईं थी।जाहिर है ऐसे में पचास फीसदी छूट तो महज कागजी थी। इसके बावजूद विभाग के पास योजना पूरी करने लायक धनराशि भी नहीं है।


    सितंबर माह में जबसे इस योजना की घोषणा की गई थी तबसे किसानों ने उत्साह में भरकर कनेक्शन के लिए औपचारिकताएं पूरी कीं थीं। नए ट्रांसफार्मर के लिए जल स्रोत और भूमि का रिकार्ड सत्यापित करवाया जाना था। किसानों को कृषि विभाग से जलस्रोत सत्यापित करवाना था और पटवारी से भूमि का नक्शा भी प्रमाणित करवाना था।किसानों ने भारी मशक्कतके बाद फार्म में दी गई शर्तों के आधार पर दस्तावेज जमा करवाए थे।बिजली कंपनी ने किसान को पंजीयन क्रमांक जारी करके कहा था कि जब हमारी ओर से मूल्य आकलन करवाया जाएगा तब आपको डिमांड के अनुसार धनराशि जमा करवाना पड़ेगी।
    इस योजना को दो सालों में पूरा किया जाना था। पहले साल दस हजार ट्रांसफार्मर रखे जाने थे। इस बीच सरकार चुनाव में चली गई और योजना पर अमल रोक दिया गया। अब जबकि भाजपा की ही नई सरकार सत्ता में आ गई है तब उसे योजना पर अमल शुरु करने में खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बिजली कंपनी के सामने तो अभी सबसे बड़ा संकट बिजली खरीदने और बिजली उत्पादन के लिए कोयला खरीदने का है।कोयला कंपनियों ने अपनी उधारी वसूलने के लिए तकादा करना शुरु कर दिया है।


    इस संबंध में जब ब्यावरा विधायक और राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार नारायण पंवार से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि सरकार की कोई योजना बंद नहीं की गई है। विभागों का आबंटन होने के बाद संबंधित मंत्रीगण जनता से किएगए वायदों पर अमल सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने कहा कि शिवराज सिंह सरकार ने किसान मित्र योजना के लिए बजट शुरु किया था या नहीं इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। यदि विभाग के अफसरों को कोई परेशानी महसूस हो रही है तो उनकी सरकार आवश्यक कदम उठाएगी।


    गौरतलब है कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपनी वित्तीय क्षमताओं से भी ज्यादा कर्ज लेकर जिन योजनाओं की घोषणा की थीं वे अब नई सरकार के लिए जी का जंजाल बन गईं हैं। देखना है कि बदले हालात में नई सरकार योजनाओं के लिए धन कहां से और कैसे लाती है। मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव को सिंहस्थ में कुशल वित्तीय प्रबंधन के लिए भरपूर प्रशंसा मिली थी लेकिन तब सरकार धड़ाधड़ कर्ज लेकर धन मुहैया करा रही थी पर अब कर्ज की सीमा निर्धारित दायरे को पार कर गई है ऐसे में नई सरकार ज्यादा कर्ज नहीं ले पाएगी और उसे योजनाओं के लिए धन की वसूली तेज करनी होगी।

  • जनादेश की बेहतर डिलीवरी के लिए शिवराज की विदाई उचित फैसला

    जनादेश की बेहतर डिलीवरी के लिए शिवराज की विदाई उचित फैसला


    -आलोक सिंघई-
    भारतीय जनता पार्टी की डॉक्टर मोहन यादव सरकार ने अभी तक अपना मंत्रिमंडल घोषित नहीं किया है। चुनाव नतीजों के इक्कीस दिन बीत चुके हैं लेकिन आगामी लोकसभा चुनावों को देखते हुए भाजपा कोई चूक नहीं करना चाह रही है। शिवराज की सत्ता के नजदीक रहकर उपकृत होता रहा एक बड़ा धड़ा ये कह रहा है कि शिवराज जी जैसे राजनेता को कमतर आंकना उचित नहीं है। वे एक आलराऊंडर खिलाड़ी थे उन्हें जबरन पेवेलियन में भेज दिया गया है। कांग्रेस के गुंडों की तरह शिवराज और उनके गुंडे बन चुके मंत्रियों ने भाजपा संगठन को आंखें दिखाना शुरु भी कर दी हैं। जबकि भाजपा का राष्ट्रीय संगठन जिस कार्पोरेट संस्कृति का अनुसरण कर रहा है उसमें चेहरे से ज्यादा अंकों का महत्व है । जिसने सेवा कार्य में ज्यादा अंक जीते हैं उसे कमान थमाई जा रही है। यही फार्मूला अपनाकर तीनों राज्यों में नए नेतृत्व को अवसर दिया गया है। कांग्रेस संस्कृति की घिसी पिटी परिवारवादी अवधारणा को छोड़कर ही भाजपा आज कार्यकर्ताओं की आशा का दल बनकर उभरी है। मध्यप्रदेश में तो कार्यकर्ताओं की एक बड़ी जमात बरसों से सत्ता की बाट जोह रही है ऐसे में शिवराज की विदाई हो या मंत्रियों की संभावित विदाई उसे देखने की दृष्टि बदलने का समय आ गया है।


    दरअसल जब हम मानना शुरु कर देते हैं जो जानने की वैज्ञानिक दृष्टि लुप्त प्राय हो जाती है। महाभारत युद्ध में श्रीकृष्ण के कहने पर अर्जुन ने हनुमानजी का आवाहन कर उनको रथ के ऊपर पताका के साथ विराजित किया। अर्जुन का रथ श्रीकृष्ण चला रहे थे और शेषनाग ने पृथ्वी के नीचे से अर्जुन के रथ के पहियों को पकड़ा था, जिससे रथ पीछे न जाए। इतना सब कुछ अर्जुन के रथ की रक्षा के लिए भगवान ने व्यवस्था की थी।


    महाभारत युद्ध समाप्ति के बाद अर्जुन ने भगवान से कहा पहले आप उतरिए मैं बाद में उतरता हूं, इस पर भगवान बोले नहीं अर्जुन पहले तुम उतरो। भगवान के आदेशनुसार अर्जुन रथ से उतर गए, थोड़ी देर बाद श्रीकृष्ण भी रथ से उतर गए, तभी शेषनाग पाताल लोक चले गए। हनुमानजी भी तुरंत अंतर्ध्यान हो गए। रथ से उतरते ही श्रीकृष्ण अर्जुन को कुछ दूर ले गए। इतने में ही अर्जुन का रथ तेज अग्नि की लपटों से धूं-धूं कर जलने लगा। अर्जुन बड़े हैरान हुए और श्रीकृष्ण से पूछा, भगवान ये क्या हुआ!


    कृष्ण बोले- ‘हे अर्जुन- ये रथ तो भीष्मपितामह, द्रोणाचार्य और कर्ण के दिव्यास्त्रों के वार से बहुत पहले ही जल गया था, क्योंकि पताका लिए हनुमानजी और मैं स्वयं रथ पर बैठा था, इसलिए यह रथ मेरे संकल्प से चल रहा था। अब जब कि तुम्हारा काम पूरा हो चुका है, तब मैंने उसे छोड़ दिया, इसलिए अब ये रथ भस्म हो गया।’


    व्यक्ति को लगता है कि उसके प्रभाव, बल, बुद्धि से सब हो रहा है, लेकिन जीवन में ऐसा बहुत कुछ होता है जो प्रभु कृपा या गुरु कृपा से हो रहा है, पर हमारा अहंकार कृपा को मानने को तैयार नहीं होता, जिस कारण अहंकार बढ़ता जाता है।ऐसा ही कुछ शिवराज सिंह चौहान और उनके समर्थकों के साथ हो रहा है। शिवराज जी के नेतृत्व में तो भाजपा सरकार पिछला चुनाव हार चुकी थी। खुद शिवराज जी सार्वजनिक तौर पर बोल चुके थे कि मैं मुक्त हुआ। ये अलग बात है कि किसी नए ब्रांड की तैयारी न होने की वजह से कांग्रेस की सरकार गिरने के बाद शिवराज जी को जवाबदारी सौंपी गई थी। ये शिवराज जी भी अच्छी तरह जानते थे कि उनके नेतृत्व में चुनाव लड़ा जरूर जा रहा है लेकिन उन्हें सत्ता की बागडोर पार्टी के सुपुर्द करनी है। यही वजह है कि वे प्रदेश के कर्ज लिए धन से चलाई जा रहीं योजनाओं का श्रेय बटोरने का प्रयास करने लगे थे उन्हें लगता था कि जनता में उनकी लोकप्रियता को देखकर भाजपा हाईकमान हमेशा की तरह एक बार फिर लाचार हो जाएगा और मजबूर होकर उन्हें ही एक बार फिर प्रदेश की बागडोर सौंप देगा।


    यथार्थ तो ये है कि शिवराज की सत्ता काफी पहले ही विदा हो चुकी थी। वे तो सत्ता माफिया और चमचों की फौज के सहारे जैसे तैसे अपना काम चला रहे थे। शिवराज का कार्यकाल राज्य के इतिहास में मजबूरी का काल कहा जाएगा। जिस तरह से सत्ता पर शिव राज की ताजपोशी हुई और जिस तरह उन्होंने अपना एकछत्र साम्राज्य स्थापित करने के लिए पार्टी के स्वाभाविक नेतृत्व की नर्सरी को मटियामेट किया उससे पार्टी के भीतर बड़ा आक्रोश फैला चुका था।चुनाव जीतने की मजबूरी के चलते कार्यकर्ताओं ने चुप्पी साध रखी थी। भाजपा संगठन के सख्त तेवरों और उमा भारती की राजनीतिक दुर्दशा को देखकर कोई भी नया क्षत्रप खड़ा नहीं हो सका था। खुद मोहन यादव भी सत्ता सिंहासन के लिए अपनी जमात नहीं खड़ी कर पाए। आज भी उन्हें मालूम है कि यदि उन्होंने किसी लाबी का सहारा लेकर अपनी मनमानी की तो पार्टी के भीतर मजबूत हो चुके कई कार्यकर्ता उन्हें बर्दाश्त नहीं करेंगे। यही वजह है कि उन्हें अपना मंत्रिमंडल घोषित करने में देरी हो रही है। भाजपा हाईकमान ने राज्यों की सत्ता में मनमानी रोकने के लिए क्षेत्रीय स्तर पर प्रशासनिक अफसरों और पुलिस अफसरों की सत्ता का विकेन्द्रीकरण किया है। यही कुछ वह अपने मंत्रिमंडल में भी करने जा रही है। शिवराज और उनके मंत्रियों को सत्ता के मार्गदर्शन का अवसर जरूर मिलेगा। इससे ज्यादा की उम्मीद वे न रखें तो अच्छा होगा क्योंकि अब प्रदेश को सख्त सर्जरी की जरूरत भी है।

  • मोहन यादव विधायक दल के नेता निर्वाचित बनेंगे मुख्यमंत्री

    मोहन यादव विधायक दल के नेता निर्वाचित बनेंगे मुख्यमंत्री


    भाजपा प्रदेश कार्यालय में केंद्रीय पर्यवेक्षकों की उपस्थिति में हुई विधायक दल की बैठक

    भोपाल 11 दिसंबर(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। उज्जैन दक्षिण से हाल ही में निर्वाचित भारतीय जनता पार्टी के विधायक डॉ. मोहन यादव को पार्टी विधायक दल ने केंद्रीय पर्यवेक्षकों की उपस्थिति में अपना नेता चुन लिया है। उनके नाम का प्रस्ताव मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने किया, जिसका समर्थन पार्टी नेताओं ने किया।


    भारतीय जनता पार्टी के नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक सोमवार को पार्टी के प्रदेश कार्यालय में संपन्न हुई। इस दौरान पार्टी पर्यवेक्षक व हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहरलाल खट्टर, पिछड़ा वर्ग मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ, के लक्ष्मण, पार्टी की राष्ट्रीय सचिव सुश्री आशा लाकड़ा उपस्थित रहीं। बैठक के शुभारंभ के अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा ने केंद्रीय पर्यवेक्षकों, बैठक में उपस्थित वरिष्ठ नेताओं एवं नवनिर्वाचित विधायकों का स्वागत किया। इसके उपरांत केंद्रीय पर्यवेक्षक श्री मनोहरलाल खट्टर ने बैठक की प्रस्तावना रखी। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने विधायक डॉ. मोहन यादव का नाम विधायक दल के नेता के लिए प्रस्तावित किया। मुख्यमंत्री के इस प्रस्ताव का अनुमोदन वरिष्ठ नेता श्री नरेंद्रसिंह तोमर, श्री प्रहलाद पटेल, श्री कैलाश विजयवर्गीय, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष श्री राकेश सिंह, वरिष्ठ नेता श्री गोपाल भार्गव, श्री तुलसी सिलावट ने किया। विधायक दल की सहमति पर श्री मोहन यादव को विधायक दल का नेता चुन लिया गया।


    वरिष्ठ नेताओं ने किया स्वागत
    विधायक दल का नेता निर्वाचित होने पर केंद्रीय पर्यवेक्षक श्री मनोहरलाल खट्टर, मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान एवं प्रदेश अध्यक्ष श्री विष्णुदत्त शर्मा ने डॉ. मोहन यादव का स्वागत किया एवं बधाई दी।
    छोटे कार्यकर्ता को आपने जो जिम्मेदारी दी आपके आशीर्वाद से निभाऊंगाः डॉ. मोहन यादव
    नव निर्वाचित विधायक दल के नेता डॉ. मोहन यादव ने उपस्थित विधायकों को संबोधित करते हुए पार्टी के वरिष्ठ नेताओं तथा उपस्थित विधायकों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आपने मुझ जैसे छोटे कार्यकर्ता को जो जिम्मेदारी दी है, मैं उसके लायक नहीं हूं। लेकिन आप सभी के प्रेम और आशीर्वाद से उस जिम्मेदारी को पूरा करने का प्रयास करूंगा।
    बैठक के दौरान राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री श्री शिवप्रकाश जी, मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान, हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहरलाल खट्टर, पिछड़ा वर्ग मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ, के लक्ष्मण, पार्टी की राष्ट्रीय सचिव सुश्री आशा लाकड़ा, वरिष्ठ नेता व विधायक श्री नरेंद्रसिंह तोमर, श्री कैलाश विजयवर्गीय, श्री प्रहलाद पटेल, श्री राकेश सिंह एवं प्रदेश संगठन महामंत्री श्री हितानंद जी मंचासीन रहे।

  • कांग्रेस की विदाई में त्रिदेव ने निभाई बड़ी भू्मिका

    कांग्रेस की विदाई में त्रिदेव ने निभाई बड़ी भू्मिका


    कांग्रेस की विचारधारा और नीतियों को विदाई देकर तीन राज्यों में भाजपा की सरकार बनाकर देश के मतदाताओं ने स्पष्ट संदेश दिया है। भारतीय जनता पार्टी तो इस संदेश को बहुत हद तक समझ रही है लेकिन कांग्रेस के दिग्गज इसे लगातार नकारते दिख रहे हैं। कमलनाथ कांग्रेस के अधिकतर बुद्दिजीवी इसे ईवीएम की गड़बड़ी बताकर अपनी हार पर पर्दा डालने का असफल प्रयास कर रहे हैं। इस ऐतिहासिक हार से सबक लेना तो दूर वे जनता पर ही ओछी तोहमत लगा रहे हैं। कांग्रेसी और उनके पिछलग्गू भाजपाई इन चुनावी नतीजों को कमतर बताने के लिए इसे लाड़ली बहना की देन बता रहे हैं। नतीजों का इस तरह का सरलीकरण करके वे सत्ता की फिसलन भरी सीढ़ियों पर खुद को जमाए रखने का प्रयास ही कर रहे हैं।
    भोपाल दक्षिण पश्चिम के नवनिर्वाचित विधायक और भाजपा के प्रदेश महामंत्री भगवान दास सबनानी बताते हैं कि जबसे चुनावी महासमर का मंथन शुरु हुआ था तभी से भारतीय जनता पार्टी संगठन ने अपनी भूमिका स्पष्ट रूप से तैयार कर ली थी। प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने अमितशाह के दिए मंत्र के अनुसार बूथ अध्यक्ष,महामंत्री और बूथ लेवल एजेंट यानि बीएलए को मैदानी जवाबदारी सौंपी थी।इन्ही त्रिदेवों ने मतदाताओं को ई वी एम तक पहुंचा दिया।पन्ना प्रभारी, पन्ना समिति, और शक्ति केन्द्र टोली इसके साथ खड़ी थी। यही वजह है कि जिन चुनावी क्षेत्रों में षड़यंत्रों की इबारत लिखी गई वहां भी भाजपा का संगठन मजबूती से प्रत्याशी के समर्थन में खड़ा था।
    यही वजह है कि भारतीय जनता पार्टी तमाम सर्वेक्षणों से आगे देखकर अपनी जीत पर आश्वस्त था। आज कांग्रेस को ये नतीजे भले ही अचंभित कर रहे हों लेकिन इसके पीछे भारतीय जनता पार्टी के संगठन की प्रतिबद्धता वह समझ ही नहीं पा रही है। इसकी वजह केवल यही कि कांग्रेस का संगठन तो नदारद था। कमलनाथ बयानबाजी को ही अपनी जीत का आधार मान रहे थे। कांग्रेस के प्रवक्ताओं को भी लगता था कि कमलनाथ कोई चमत्कार कर रहे हैं। लेकिन जब नतीजे सामने आए तो वे बौखला गए। जबसे इन पांच राज्यों की चुनावी बहसें शुरु हुईं थीं तबसे कम से कम मध्यप्रदेश में कहा जा रहा था कि जनता बदलाव चाहती है। राजस्थान में कहा जाता है कि वहां का मतदाता हर बार सत्ता बदल देता है।
    मध्यप्रदेश में कहा जा रहा था कि जनता शिवराज सिंह चौहान के चेहरे से ऊब गई है इसलिए वह बदलाव चाहती है। जबकि हकीकत ये है कि जनता को ये नहीं मालूम था कि उसका खलनायक कौन है। मध्यप्रदेश में जनता की बैचेनी की वजह यहां की नौकरशाही रही है। कांग्रेस और फिर उसकी पूंछ पकड़कर चलने वाली शिवराज सिंह चौहान की भारतीय जनता पार्टी ने जिस दरियादिली से सरकारी नौकरियां बांटीं उससे प्रदेश की आय और व्यय में असंतुलन पैदा हो गया है। मध्यप्रदेश में दस लाख से अधिक परिवार ऐसे हैं जिनमें एक न एक सदस्य सरकारी नौकरी कर रहा है। सरकारी नौकरियों में भी वेतनमान इतने अधिक हो गये हैं कि उसकी तुलना में प्रदेश के उत्पादक कार्यों में लगे लगभग आठ करोड़ लोग नेपथ्य में चले गए थे। इन्हीं को भाजपा संगठन ने अपनी हितग्राही मूलक योजनाओं से अपना तारण हार बना लिया। कमलनाथ कांग्रेस ने अपनी हार होते देखकर चुनावी चर्चाओं के बीच वादा कर दिया था कि वह सत्ता में आकर पुरानी पेंशन लागू कर देगी। इसके बावजूद कांग्रेस की डेढ़ साल का अनुभव कर्मचारी भूले नहीं थे। उन्हें मालूम था कि सत्ता में आकर कांग्रेसी तबादले और पोस्टिंग के धंधे में मशगूल हो जाएंगे। यही वजह थी कि पुरानी पेंशन का फार्मूला भी फिसड्डी हो गया। सरकारी कर्मचारियों ने जो मिल रहा है वही स्वीकार करने का मन बना लिया। नतीजा सामने है सरकारी कर्मचारियों ने कोई बड़ा फेरबदल नहीं किया। हालांकि डाक मतपत्रों के नतीजों को देखकर लग रहा था कि कोई बड़ा फेरबदल होगा।
    दरअसल में भारतीय जनता पार्टी ने जो हितग्राही मूलक योजनाएं चलाईं उनका लाभ लेने वाला इतना बड़ा वर्ग देश में तैयार हो गया है कि उसकी तुलना में जनधन की मलाई खाने वालों की भीड़ नगण्य रह गई है। भाजपा ने सत्ता का लाभ आम नागरिकों तक पहुंचाने के कई आयाम विकसित कर दिए हैं। चाहे लाड़ली बहना योजना हो, लाड़ली लक्ष्मी योजना हो, किसान सम्मान निधि हो, जलजीवन मिशन हो या फिर शौचालय निर्माण सभी ने देश के आम जनजीवन को प्रभावित किया है। यही वजह है कि कांग्रेस की फूट डालो राज करो की पूरी विचारधारा ही नेपथ्य में चली गई है।
    कांग्रेस की नीतियां समाज के एक वर्ग को खलनायक बनाने और दूसरे वर्ग से उस पर पत्थर फिंकवाने की रही है। जिसे इस बार जनता ने साफ तौर पर नकार दिया है।पहली बार देश से कांग्रेस के सफाए की शुरुआत हुई है। इन चुनावी नतीजों ने कांग्रेस की पूंछ पकड़कर चल रही शिवराज भाजपा से आगे निकलकर एक राजमार्ग दिखा दिया है। आज की भारतीय जनता पार्टी के सामने कांग्रेस की नीतियों को बरकरार रखने की अनिवार्यता नहीं रही है। भाजपा अब अपनी सकारात्मक सोच को बेधड़क लागू कर सकती है।
    पिछले दो दशकों में भाजपाईयों को नहीं मालूम था कि वे क्यों सत्ता में भेजे गए हैं। शिवराज सिंह चौहान ने भी केवल नौकरशाही के भरोसे रहकर सत्ता चलाई जिससे जनता को ये नहीं महसूस हुआ कि प्रदेश की राजनीति किस नई राह पर चल पड़ी है। इस बार जिस तरह नौकरशाही को जमीन दिखाई गई है वह अनोखी कवायद है। पहली बार सरकार नौकरशाही के चंगुल से बाहर निकली है। जाहिर है कि अब आने वाली मध्यप्रदेश की सरकार ब्लैकमेलिंग के जाल से बाहर निकल आई है। अब उसे न सरकारी तंत्र की ब्लैकमेलिंग के सामने मजबूर होकर खड़ा होना है न ही प्रेस के माध्यम से चलाई गई माफिया की मुहिम के सामने लाचार होना है। वह प्रदेश को विकास के राजपथ पर बेधड़क लेकर चल सकती है।
    मुख्यमंत्री के चयन में हो रही देरी को देखकर लोगों को लगता है कि भाजपा किसी असमंजस में है।केन्द्र की भाजपा ने अमित शाह ने बच्चों के साथ शतरंज खेलते हुए दिखाकर बता दिया है कि वह शह और मात के खेल में नया अध्याय लिखने जा रही है। आगामी आम चुनावों में देश नतीजों पर अपना फैसला सुनाने वाला है और भाजपा लगातार अपनी सफलताओं के नतीजे जनता के सामने प्रस्तुत कर रही है। तीनों राज्यों में भाजपा ने न केवल अपनी सफलताओं की कहानी लिखी है बल्कि वह नतीजों का अहसास अपनी नीतियों से करवाने में भी सफल रही है। आज ठेठ गांव के निवासी हों या उद्योंगों से जुड़े मजदूर सभी को पता है कि किस तरह से भाजपा की सरकारें उनका जीवन बदलती जा रहीं हैं। ऐसे में कांग्रेस तो क्या किसी अन्य दल को भी अपना अस्तित्व बचाने का भरोसा नहीं रहा है। कांग्रेस के दिग्गजों को पता है कि कि वे पुरानी राजनीति की अपनी इबारत खो चुके हैं। भाजपा अब एक नई भाजपा बन रही है। भाजपा का ये नया संस्करण भाजपा को विस्थापित करके सत्ता में आने जा रहा है।ऐसे में कांग्रेस हो या सपा,या फिर आप पार्टी किसी की कोई गुंजाईश नहीं बची है। जाहिर है कि आम चुनावों की इबारत साफ है। भाजपा अब देश का चुनाव भी भारी बहुमत से जीतने जा रही है। तीन राज्यों की जीत ने बता दिया है कि जनता की राय में अब और भी तेज इजाफा होने जा रहा है।
    भाजपा अब इन तीन राज्यों में सरकार का जो माडल पेश करने जा रही है वह परम्परावादी राजनीति के ऐसे अध्याय के रूप में सामने आ रहा है जो न किसी ने देखा न पढ़ा न सुना है। भारत अब न केवल विश्व गुरु बनने जा रहा है बल्कि वह पूरी दुनिया का अनूठा सेवक भी बनने जा रहा है। दुनिया की तमाम शक्तियों के बीच जो नया सूर्योदय होने जा रहा है उसके पक्ष में अब मध्यप्रदेश की जनता ने भी अपना फैसला सुना दिया है। भाजपा को इसी फैसले का इंतजार था और राष्ट्रवादियों ने भारतमाता के इसी श्रंगार का स्वप्न देखा था जो अब पूरा होने जा रहा है।संशय को बादल लगातार छंटते जा रहे हैं। राष्ट्रवादियों की कई पीढ़ियां इसी का इंतजार कर रहीं थीं।

  • कम्युनिस्ट नेत्री साधना कार्णिक ने आरिफ नगर में चश्मे बांटे

    कम्युनिस्ट नेत्री साधना कार्णिक ने आरिफ नगर में चश्मे बांटे

    भोपाल, 7 दिसंबर(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। भोपाल गैस काण्ड की 40 वो बरसी के कार्यक्रमों श्रृंखला के अंतर्गत आज आरिफ नगर स्कूल में गैस पीड़ित बच्चो महिलाओं का स्वास्थ्य कैंप लगाया गया। इसमें गैस पीड़ितों की समस्याओं की आवाज उठाने वाली कम्युनिस्ट नेता और समाजसेवी साधना कार्णिक प्रधान ने आंखों के इलाज के लिए चिकित्सा शिविर का आयोजन किया और जरूरत मंदों को चश्मे भी वितरित किए।


    भोपाल गैस पीड़ित संघर्ष सहयोग समिति की संयोजक साधना कर्णिक प्रधान ने बताया की भोपाल गैस काण्ड की 40 वीं बरसी के कार्यक्रमों के तहत पीड़ितो के परिवारों और उनके बच्चो के विभिन्न स्वास्थ्य , पुनर्वास , शिक्षा एवम जागरूकता कार्यक्रमों की शुरुआत की गई है। उसी श्रृंखला के तहत आज यूनियन कार्बाइड के पास जेपी नगर के सामने आरिफ नगर सरकारी स्कूल में गैस पीड़ित परिवारों के 300 बच्चो व 250 महिलाओं के आंखों की जांच कर उन्हे चश्मे प्रदान किए गए ।


    उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य कैंप में पहचान किए गए मोतियाबिंद के 20 मरीजों में से 10 मरीजों को ऑपरेशन के लिए गाड़ी से चिरायु अस्पताल भेजा गया । इसी के साथ कैंसर स्पेशलिस्ट डॉक्टर अलका चतुर्वेदी द्वारा गैस पीड़ित महिलाओं को कैंसर जागरूकता के संबंध में शिक्षाप्रद जानकारी भी प्रदान की गई । साधना कर्णिक ने बताया की स्वास्थ्य कैंप , जैन एकता मंच , सर्वोदय , चाइल्ड केयर काउंसिल के सहयोग से लगाया गया है।उन्होंने बताया कि गैस पीड़ितों की मदद के लिए इस तरह के आयोजन सालभर किए जाएंगे।

  • भाजपा एकमात्र विकल्प,हमारा संकल्प समृद्ध मध्यप्रदेश:नड्डा

    भाजपा एकमात्र विकल्प,हमारा संकल्प समृद्ध मध्यप्रदेश:नड्डा

    भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जेपी नड्डा जी ने कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में संकल्प पत्र का किया विमोचन

    हर परिवार को रोजगार की गारंटी,कोई परिवार बेघर नहीं रहेगा
    भोपाल,11 नवंबर(प्रेस इंफॉर्मेशन सेंटर). बीस साल पहले मध्यप्रदेश कहां था, यह आज की युवा पीढ़ी को पता नहीं है। पिछले 20 सालों में भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने अपने काम से एक बीमारू राज्य को विकास के पथ पर आगे बढ़ाया है। इन 20 सालों में मध्यप्रदेश विकास के सभी मापदंडों पर आगे बढ़ा है। चाहे प्रति व्यक्ति आय हो, कृषि उत्पादन हो, या फिर बिजली, पानी और सड़कों की स्थिति, सभी मामलों में मध्यप्रदेश तेज गति से आगे बढ़ा है। इन 20 सालों में हमारी सरकार ने वो काम तो किए ही हैं, जिनका हमने वादा किया था। इसके अलावा हमारी सरकार ने कई ऐसे काम भी किए हैं, जो हमने अपने संकल्प पत्र में शामिल नहीं किए थे। प्रदेश की जनता से ये हमारा वादा है कि आने वाले सालों में हम मध्यप्रदेश को एक विकसित राज्य बनाएंगे। यह बात भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जेपी नड्डा जी ने शनिवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित संकल्प पत्र विमोचन समारोह में संबोधित करते हुए कही। समारोह में मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री श्री प्रहलाद पटेल एवं प्रदेश अध्यक्ष श्री विष्णुदत्त शर्मा ने भी संबोधित किया।
    भारतीय जनता पार्टी के 10 संकल्प

    1. 5 वर्षों के लिए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का क्रियान्वयन करते हुए सभी गरीब परिवार को मुफ्त राशन के साथ रियायती दर पर दाल, सरसों का तेल एवं चीनी उपलब्ध करवाएंगे।
    2. मध्य प्रदेश का कोई भी परिवार बेघर नहीं रहेगा। इसके लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के साथ ही मुख्यमंत्री जन आवास योजना शुरू करेंगे।
    3. लाड़ली बहनों को मासिक आर्थिक सहायता के साथ आवास का लाभ मिलेगा।
    4. एमएसपी के साथ बोनस 2,700 रूपए प्रति क्विंटल पर गेहूं एवं 3,100 रूपए प्रति क्विंटल पर धान की खरीद की व्यवस्था करेंगे।
    5. पीएम किसान सम्मान निधि एवं मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के लाभार्थियों को वार्षिक ₹12,000 देंगे।
    6. तेंदूपत्ता संग्रहण दर 4,000 रूपए प्रति बोरा देना सुनिश्चित करेंगे।
    7. गरीब परिवार के सभी छात्रों को 12वीं कक्षा तक मुफ्त शिक्षा की व्यवस्था करेंगे।
    8. सरकारी स्कूल में मिड-डे मील के साथ अब पौष्टिक नाश्ता भी उपलब्ध कराया जाएगा।
    9. प्रत्येक संभाग में आईआईटी के तर्ज पर मध्य प्रदेश इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी एवं एम्स की तर्ज पर मध्य प्रदेश इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंस स्थापित किया जाएगा।
    10. प्रत्येक परिवार में कम से कम एक रोजगार अथवा स्वरोजगार के अवसर सुनिश्चित करेंगे।

    भाजपा के लिए संकल्प पत्र काम का रोडमैप
    समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जेपी नड्डा जी ने कहा कि घोषणा पत्र, मेनिफेस्टो, संकल्प पत्र या विजन डॉक्यूमेंट की महत्ता धीरे-धीरे घटती जा रही है। इसकी वजह यह है कि कई राजनीतिक दलों ने चुनाव से पहले जनता को लुभाने का काम किया और बाद में वादे भुलाने का काम किया है। वादा करो, भूल जाओ और जनता को गुमराह करो। लेकिन भारतीय जनता पार्टी अकेली ऐसी पार्टी है, जिसने इस डॉक्यूमेंट को अपने काम का रोड मैप बनाया है। यह हमारा रिकॉर्ड है कि हम अपने संकल्प पत्र का अक्षरशः पालन करते हैं। श्री नड्डा ने कहा कि भाजपा के लिए संकल्प पत्र कितना महत्वपूर्ण है, यह इस तथ्य से पता लग जाता है कि हमारे यहां जो सरकार आती है, वो कैबिनेट मंत्रियों की एक उप समिति बनाती है और उसे संकल्प पत्र पर अमल करने की जिम्मेदारी दी जाती है। सभी मंत्री अपने-अपने विभागों से संबंधित घोषणाओं का पालन कराते हैं। भारतीय जनता पार्टी अपने स्तर पर इस काम की मॉनीटरिंग करती है। श्री नड्डा ने कहा कि हमारी योजनाओं की मूल बात गरीब कल्याण है और इसके लिए हमारी पार्टी रिफॉर्म, ट्रांसफॉर्म और परफॉर्म पर जोर देती है।
    20 सालों में 19 गुना बढ़ा मध्यप्रदेश का जीडीपी
    राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नड्डा जी ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को यह पता नहीं होगा कि 20 साल पहले मध्यप्रदेश किस स्थित में था और उसे वर्तमान स्थिति में लाने के लिए भाजपा की सरकार ने क्या किया है। इसलिए प्रदेश के मतदाताओं और विशेषकर युवाओं को यह बता देना चाहता हूं कि 2003 में प्रदेश की औद्योगिक विकास दर 0.61 प्रतिशत थी, जो आज 24 प्रतिशत पर पहुंच गई है। अनाज उत्पादन 159 लाख मीट्रिक टन था, जो आज 4 गुना बढ़कर 619 लाख मीट्रिक टन हो गया है। उस समय प्रदेश में सिर्फ 7.68 लाख हेक्टेयर में सिंचाई होती थी, अब सिंचित रकबा 47 लाख हेक्टेयर है। बुंदेलखंड में एक राष्ट्रीय परियोजना के तौर पर केन-बेतवा लिंक परियोजना पर काम किया जा रहा है। श्री नड्डा ने कहा कि इस दीवाली पर रीवा में सबसे ज्यादा दोपहिया वाहनों की बिक्री हुई है और इसकी वजह है किसानों की परचेसिंग पॉवर बढ़ना। ये इसलिए संभव हुआ क्योंकि हमने सिंचाई की सुविधाएं दीं, 16 प्रतिशत ब्याज पर मिलने वाले कृषि ऋण को 0 प्रतिशत ब्याज पर उपलब्ध कराया। 2003 में राज्य की कुल आय 71 594 करोड़ थी, जो आज 13, 20000 करोड़ हो गई है। 2003 में प्रति व्यक्ति आय 11718 रुपए थी, जो 2023 में 1,40000 है। प्रदेश का बजट 14 गुना बढ़ा है। जीएसडीपी 19 गुना बढ़ा है। 2003 में प्रदेश में 60000 किलोमीटर सड़कें थी, जो आज 5 लाख किलोमीटर हो चुकी हैं। 2003 में राज्य में कुल 5000 मेगावॉट बिजली का उत्पादन होता था, जबकि आज 29000 मेगावाट है। 2003 में प्रदेश में 5 मेडिकल कॉलेज थे, आज 30 मेडिकल कॉलेज हैं। श्री नड्डा ने कहा कि कृषि के विकास के लिए जो प्रयास किए गए हैं, उनके फलस्वरूप मध्यप्रदेश आज जैविक खेती में नं.वन राज्य बन गया है। मध्यप्रदेश जैविक सोयाबीन, चना, मसूर, तुअर और उड़द के उत्पादन में पहले नंबर पर है, जबकि सरसों, मूंग और बीन्स के उत्पादन में दूसरे नंबर पर है। श्री नड्डा ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने 75 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाली 1 लाख से अधिक छात्राओं को स्कूटी दी है। 14 हजार छात्रों को आवासीय विद्यालयों का लाभ मिल रहा है।
    जो नहीं कहा, वो भी किया
    श्री नड्डा जी ने कहा कि हमने अपने वादों को तो पूरा किया ही है, वो काम भी किए हैं, जिनके लिए हमने नहीं कहा था। हमने नहीं कहा था, लेकिन प्रदेश सरकार के प्रयासों से आज मध्यप्रदेश नर्सिंग एंड मिडवाइफरी में देश का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस है। मध्यप्रदेश मेडिकल की पढ़ाई हिंदी में शुरू कराने वाला देश का पहला राज्य है। 6300 करोड़ के बजट से सीएम राइज स्कूलों की स्थापना और विकास का काम किया जा रहा है। प्रदेश में भोपाल-इंदौर, भोपाल-बीना, जबलपुर-कटनी, सतना-सिंगरौली और मुरैना-ग्वालियर-शिवपुरी के बीच चार इन्वेस्टमेंट कॉरिडोर बन रहे हैं। लाडली लक्ष्मी योजना से बच्चियों की संख्या में बढोत्तरी हुई है। लाडली बहना योजना ने भी महिला सशक्तीकरण के काम को आगे बढ़ाया है। इन योजनाओं के बल पर मध्यप्रदेश में आज लिंगानुपात 956 बालिकाएं प्रति 1000 बालक हो गया है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के साथ प्रदेश सरकार भी मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के अंतर्गत किसानों को 6 हजार रुपये प्रतिवर्ष दे रही है। मध्यप्रदेश में तीन वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं। इसके अलावा प्रदेश सरकार 100 करोड़ के खर्च से सागर में संत रविदास जी का स्मारक बना रही है।
    बहनों को लखपति बनाएंगे, हर ट्राइबल ब्लॉक में होगा मेडिकल कॉलेज
    पार्टी के रोडमैप यानी संकल्प पत्र पर प्रकाश डालते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जेपी नड्डा जी ने कहा कि हम गांवों की बहनों को लखपति बनाने के लिए विशेष ट्रेनिंग और स्किल डेवलपमेंट का काम करेंगे। कृषि का लाभ का धंधा बनाने के प्रयासों की कड़ी में प्रदेश सरकार गेहूं की खरीदी 2700 रुपये प्रति क्विंटल तथा धान की खरीदी 3100 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर करेगी। जनजातीय बंधुओं के विकास के लिए तीन लाख करोड़ का प्रावधान किया जाएगा। तेंदुपत्ता 4000 रुपये प्रति मानक बोरी की दर पर खरीदा जाएगा। प्रत्येक जनजातीय बहुल ब्लॉक में एकलव्य विद्यालय तथा मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे। गरीब परिवारों के बच्चों को 12 वीं तक मुफ्त शिक्षा जारी रखी जाएगी साथ ही प्रत्येक संभाग में आईआईटी तथा ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज की तर्ज पर मध्यप्रदेश इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज कॉलेज खोले जाएंगे। प्रत्येक परिवार को सरकारी क्षेत्र में या स्व रोजगार के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराएंगे। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना में चावल, दाल और गेहूं के साथ सरसों का तेल और शक्कर भी उपलब्ध कराएंगे। इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास की दृष्टि से प्रदेश में विंध्य एक्सप्रेस वे, नर्मदा एक्सप्रेस वे, अटल प्रगति एक्सप्रेस वे, बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे और मध्यभारत विकास पथ के रूप में 6 नए एक्सप्रेस वे बनाए जाएंगे। प्रदेश में 34 रेलवे स्टेशनों का उन्नयन तो किया ही जा रहा है, रीवा और सिंगरौली एयरपोर्ट्स को भी वर्ल्ड क्लास बनाया जाएगा। इंदौर और भोपाल में मेट्रो का ट्रॉयल रन हो चुका है। ग्वालियर और जबलपुर को भी मेट्रो से जोड़ा जाएगा। स्वास्थ्य के क्षेत्र में हम अटल मेडिसिटी बनाएंगे साथ ही हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए 20000 करोड़ का प्रावधान किया जाएगा। प्रदेश के 13 पूज्य स्थलों पर सांस्कृतिक लोकों का विकास किया जाएगा।
    मध्यप्रदेश को देश का सबसे विकसित राज्य बनाकर चैन की सांस लेंगेः शिवराज सिंह चौहान
    समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस ने टिप्पणी की है कि नरक चतुर्दशी के दिन भाजपा अपना संकल्प पत्र क्यों ला रही है। कांग्रेस और कांग्रेस के नेताओं को भारतीय संस्कृति, हमारे जीवन मूल्य, इतिहास इसका ज्ञान ही नहीं है। नरक चतुर्दशी के दिन ही भगवान श्री कृष्ण ने नरकासुर का वध करके 16 हजार रानियों को मुक्त कराया था। यह बहनों की मुक्ति का दिवस भी है, उनके आत्म-सम्मान और स्वाभिमान से जीने का दिवस भी है। श्री चौहान ने कहा कि आज के पवित्र दिन हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जेपी नड्डा जी के हाथों संकल्प पत्र का विमोचन हो रहा है। हम इस संकल्प पत्र को अक्षरशः रोडमैप बनाकर मध्यप्रदेश के विकास के लिए कार्य करेंगे और मध्यप्रदेश को देश का नंबर एक राज्य बनाकर ही चैन की सांस लेंगे। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने जनता के कल्याण के लिए जो योजनाएं बनाई हैं, वे जनता की तकलीफों, उनके दर्द और परेशानी को देखकर बनाई गई हैं। पंचायतें बुलाकर सलाह-मशविरा किया गया है। हमने देखा कि बेटियां कोख में ही मार दी जाती थीं, तब लाडली लक्ष्मी योजना बनी। बहनों के राजनीतिक सशक्तिकरण के लिए स्थानीय निकाय में 50 प्रतिशत आरक्षण दिया। पुलिस भर्ती में 30 प्रतिशत और शिक्षक भर्ती में 50 प्रतिशत आरक्षण देने के साथ संबल, लाड़ली बहना और लखपति दीदी जैसी योजनाएं भाजपा सरकार में बनाई गईं। उन्होंने कहा कि किसानों और गरीबों के बच्चों को भी अच्छी शिक्षा देने के लिए प्रदेश भर में सीएम राइज स्कूल खोले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार मध्यप्रदेश को 60 हजार किलोमीटर टूटी-फूटी सड़कों के दौर से मेट्रो रेल के सफर और टपरे वाले आईटीआई से ग्लोबल स्किल पार्क तक लेकर पहुंची है। आज फिर हम संकल्प लेते हैं कि मध्यप्रदेश को देश का सबसे विकसित राज्य बनाकर ही हम चैन की सांस लेंगे।
    संकल्प पत्र में है मध्यप्रदेश को सर्वोच्च प्रदेश बनाने का रोड मैपः प्रहलाद पटेल
    केंद्रीय मंत्री श्री प्रहलाद पटेल ने समारोह में संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जगत प्रकाश नड्डा जी के हाथों जनता को समर्पित संकलप पत्र जनता को समर्पित हो रहा हैं। यह संकल्प-पत्र आने वाले 5 वर्षों का रोड मैप होगा, जिसके माध्यम से मध्यप्रदेश को देश के सर्वोच्च राज्य बनाने के लिए कार्य किया जाएगा।
    भाजपा का संकल्प पत्र सर्व कल्याण का रोडमैप हैः श्री विष्णुदत्त शर्मा
    भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि यह संकल्प-पत्र मध्यप्रदेश की जनता के सर्व कल्याण का रोडमैप है। यह जन आकांक्षाओं के आधार पर तैयार किया गया है। यह कुछ पन्नों का दस्तावेज नहीं है, पिछले 20 सालों से जनता ने जिस भरोसे से हमारा साथ दिया है, उसको साकार करने की जिम्मेदारी इस संकल्प पत्र में निहित हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 21 दिन तक चली जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान 1500 स्थानों पर जन आकांक्षा पेटियों को रखकर प्रदेश की जनता की आकांक्षाओं को संकलित किया गया था। इस दौरान 7 लाख से अधिक सुझाव मिले थे। इसके साथ ही प्रदेश के 50 हजार प्रबुद्धजनों के सुझाव भी लिए गए थे। इन सुझावों पर गहरा शोध करके संकल्प पत्र में शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने बीमारू मध्यप्रदेश को विकसित मध्यप्रदेश बनाया है। हमारा संकल्प-पत्र उसे स्वर्णिम मध्यप्रदेश बनाने का रोडमैप है। श्री शर्मा ने कहा कि मध्यप्रदेश में विकास की जो धारा पिछले बीच वर्षों से चली है, इस धारा को गति प्रदान करने और प्रदेश के स्वर्ण काल के मार्ग को प्रशस्त करने की दृष्टि से हमारा संकल्प पत्र अत्यंत महत्वपूर्ण है।
    इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री व प्रदेश चुनाव सह प्रभारी श्री अश्विनी वैष्णव, केन्द्रीय मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, श्री फग्गन सिंह कुलस्ते, प्रदेश महामंत्री व सांसद सुश्री कविता पाटीदार उपस्थित थे। मंच का संचालन प्रदेश मीडिया प्रभारी श्री आशीष अग्रवाल ने किया.

  • एमपी के विकास का रोडमैप भी नहीं समझ सकी कांग्रेसः प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

    एमपी के विकास का रोडमैप भी नहीं समझ सकी कांग्रेसः प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

    रतलाम,4नवंबर(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)।कांग्रेस अभी तक मध्यप्रदेश के विकास का रोडमैप भी नहीं समझ सकी है।वह इतनी दूर की योजना नहीं बना सकती।उसकी घोषणाएं और डायलाग फिल्मी हैं। जब किरदार ही फिल्मी हैं तो सीन भी फिल्मी ही होगा। रतलाम में शनिवार को मध्यप्रदेश के चुनावी संवाद की पहली सभा के आयोजन में उन्होंने कहा कि जनता को भाजपा की जीत पर कोई संशय नहीं है। चर्चा तो अब ये है कि भाजपा को एक तिहाई बहुमत मिलेगा या उससे कम।

    उन्होंने कहा कि यहां कांग्रेस के दो नेताओं में कपड़े फाड़ने का काम्पीटीशन चल रहा है। उन्होंने कहा कि ये दोनों नेता अपने बेटों का भविष्य संवारने में लगे हैं। अभी तो ये इस फिल्म का ट्रेलर है असली फिल्म तो तीन दिसंबर को भाजपा की जीत के बाद दिखाई देगी। तब लोग इनके सिर फुटौव्वल की असलियत जान पाएंगे।

    सिर पर नारंगी रंग की टोपी पहिनकर मंच पर पहुंचे प्रधानमंत्री को राजेश सोनी के बनाए स्वर्ण आभूषणों का प्रतीक चिन्ह भेंट किया गया। उन्होंने कहा कि खाटूश्याम-पार्श्वनाथ तीर्थ को प्रणाम किए बगैर और यहां का रतलामी सेव खाए बगैर कोई वापस चला जाए तो उसे रतलाम आया हुआ नहीं माना जाता। आगामी तीन दिसंबर को जब भाजपा की सरकार में वापिसी का जश्न मनेगा तो रतलामी सेव के साथ लड्डू भी खाया जाएगा। उन्होंने खचाखच भरे तीन पांडालों के बाहर भी मौजूद विशाल जनसमुदाय को देखते हुए कहा कि भाजपा के समर्थन की आंधी अद्भुत है। जो लोग दिल्ली में बैठकर चुनावी गणित लगा रहे हैं नतीजों को देखकर उनका हिसाब बिगड़ जाएगा। विशाल जन समर्थन से भाजपा दो तिहाई बहुमत पाएगी। भारत को नई बुलंदी और पहचान दिलाने में मध्यप्रदेश का बहुत बड़ा योगदान है। भाजपा कभी दो सदस्यों वाला दल था जिसे कोई नहीं जानता था आज वह विश्व का सबसे बड़ा राजनीतिक दल है। भाजपा ने देश को विश्व की पांचवी आर्थिक शक्ति बनाया है। लोग कहते हैं एमपी के मन में मोदी है और मोदी के मन में एमपी है, इसीलिए तो एमपी में एक बार फिर भाजपा की सरकार बनाई जा रही है।

    उन्होंने कहा कि आपका हर सपना मोदी का संकल्प बन जाता है। इसीलिए हर गरीब परिवार को संपन्न बनाना भाजपा का भी संकल्प है।भाजपा की सरकार गरीबों की हर जरूरत पूरी कर रही है। गरीबों को पक्का घर देने में कांग्रेस की कोई दिलचस्पी नहीं थी। वह केवल गरीबी हटाने का नारा देती थी। हमने देश में चार करोड़ से ज्यादा लोगों के पक्के घर बनवाए हैं। एमपी में पचास लाख गरीबों को पीएम आवास मिले हैं। रतलाम में ही गरीबों के 90 हजार घर बने हैं। बहनों की बात करो तो मामा याद आ ही जाते हैं। शहरी मध्यम वर्ग को घर बनाने के लिए ब्याज पर छूट दी जा रही है। इन योजनाओं का लाभ दलितों, पिछड़ों और आदिवासी भाई बहनों को सर्वाधिक मिला है।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि गरीबी से निकले व्यक्ति को पता होता है कि भूख क्या होती है। इसीलिए तो कोरोनाकाल में हमने मुफ्त राशन देने की योजना शुरु की। आज कोई भूखा न रहे ये भाजपा की गारंटी बन गई है। आज भी उन परिवारों को मुफ्त राशन दिया जा रहा है। 80 करोड़ गरीबों को मुफ्त राशन देने की ये योजना दिसंबर में पूरी होने जा रही है। इसका कार्यकाल अगले पांच सालों के लिए बढ़ाया जाएगा। इससे हर गरीब के घर का चूल्हा जलता रहेगा। मोदी जब माता बहन को गारंटी देता है तो उस गारंटी को पूरा करने की गारंटी भी देता है। उज्जवला योजना से गरीब महिलाओं को धुंएं से मुक्ति मिली, राखी पर सस्ता सिलेंडर मिला, घर घर पेयजल पहुंचाने का अभियान चल रहा है। डबल इंजन की सरकार ने जनधन खाते खुलवाए इसी वजह से अंतिम पंक्ति के व्यक्ति को सीधी सहायता पहुंचने लगी है। लाड़ली बहना और लाड़ली लक्&मी योजना की प्रशंसा पूरी दुनिया में हो रही है।

    आदिवासी अंचल में आयोजित इस सभा में उन्होंने कहा कि हमने जब आदिवासी बहन लाड़ली मुर्मू को देश का राष्ट्रपति बनाया तो कांग्रेस ने विरोध किया था। आज आदिवासी उसे इसके लिए सजा देने के मूड में है। देश की आजादी में टंट्या भील जैसे आदिवासी योद्धाओं को सम्मानित करने के लिए हमने कई योजनाएं चलाई हैं। रानी कमलापति के नाम पर विश्वस्तरीय रेलवे स्टेशन बनाया है। दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे, सूरत से सीधा संपर्क स्थापित करके हम युवाओं को रोजगार के अवसर दे रहे हैं। पिछले चुनावों में कांग्रेस ने अपने चेलेचपाटों को लाभ पहुंचाने के लिए कर्जमाफी का जाल बिछाया था। हमने किसान सम्मान निधि से हर किसान को सहयोग किया है। विदेशों में तीन हजार रुपए में मिलने वाली यूरिया की बोरी हम किसान को तीन सौ रुपए में देते हैं। यही वजह है कि छत्तीसगढ़ में भी भाजपा की सरकार बन रही है। हम सबका प्रयास है कि शत प्रतिशत बूथों पर कमल खिले।

    उन्होंने तालियां और नारे लगाकर मोदी का समर्थन कर रहे लोगों से कहा कि वे घर घर जाएं और लोगों से कहें कि मोदी जी रतलाम आए थे और उन्होंने आपको प्रणाम कहा है।हर परिवार तक जब प्रणाम पहुंचता है तो वे आशीर्वाद देते हैं और यही हमारी काम करने की ताकत बन जाता है। मोदीजी के पूरे भाषण के दौरान उपस्थित जन समुदाय प्रफुल्लित होकर नारे लगा रहा था और मोदी की हर बात का समर्थन कर रहा था।

    उपस्थित जन समुदाय को मंदसौर के सांसद सुधीर गुप्ता,झाबुआ सांसद गुमान सिंह डामोर,उज्जैन सांसद अनिल फिरोजिया,और कई अन्य नेताओं ने भी संबोधित किया। मंच पर आलोट के विधायक पद प्रत्याशी डा.चिंतामन मालवीय, रतलाम के प्रत्याशी चेतन काश्यप,जावरा के राजेन्द्र पांडे, संगीता चारेल, महिदपुर के प्रत्याशी बहादुर सिंह, बड़नगर के जितेन्द्र पंड्या, जिलाध्यक्ष राजेन्द्र सिंह भी मौजूद थे। सभी भाषण कर्ताओं ने इन्हें भारी बहुमत से जिताने की अपील की।कार्यक्रम का संचालन बंसीलाल गुर्जर ने किया।

  • राम मंदिर में देश की आस्था से कांग्रेस को परेशानीःरविशंकर

    राम मंदिर में देश की आस्था से कांग्रेस को परेशानीःरविशंकर


    भोपाल 3 नवंबर(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)।अयोध्या में राममंदिर के वकील रहे पूर्व केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद का कहना है कि भाजपा सभी धर्मों का सम्मान करती है। राम मंदिर देश की जन भावनाओं का प्रतीक है इसलिए भाजपा ने उसकी राह में आने वाले रोड़ों को हटाया है। भारतीय जनता पार्टी मध्यप्रदेश में अपनी विकास यात्रा के कीर्तिमान के कारण जनता का विश्वास प्राप्त कर रही है। कांग्रेस के समय मध्यप्रदेश बीमारू था, आज ग्वालियर, जबलपुर, इंदौर, भोपाल सहित पूरे मध्यप्रदेश में बदलाव हुआ है। यहां उद्यमशीलता, आईटी, इंफ्रास्ट्रकर सहित हर क्षेत्र में सर्वांगीण विकास हुआ है। आज मध्यप्रदेश बीमारू से विकसित प्रदेश बना है क्योकि यहां ईमानदारी से काम हुआ है। भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने युवा, लाड़ली बहना सहित समाज के हर वर्ग की चिंता की है। लेकिन कांग्रेस अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है। 20 वर्षों से सत्ता से बाहर रहने के कारण कांग्रेस नेता आपस में कुर्ता फाड़ राजनीति कर रहे है। यह बात भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्री रविशंकर प्रसाद ने शुक्रवार को प्रदेश मीडिया सेंटर में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कही। पत्रकार वार्ता में मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल,पंकज चतुर्वेदी, मिलन भार्गव,नेहा बग्गा,एवं अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित थे।

    श्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि मैं कल छिंदवाडा के प्रवास पर गया था, वहां मैंने देखा कमलनाथ जी बहुत कठिनाई में है। अगर वे हार जाए तो आश्चर्य नहीं होगा। कांग्रेस में हताशा भरी लड़ाई देखने को मिल रही है। उन्होंने कहा कि हम विकास के नाम और अपने काम पर चुनाव लड रहे है। वहीं कांग्रेस प्रदेश के चुनाव में भी हमास को लेकर आयी है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश आस्था, अध्यात्म और संस्कार की जननी प्रदेश है। यहां भारतीय जनता पार्टी विकास के मुद्दे पर पुनः सरकार बनायेगी।

    श्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि यहां तो मैं नए-नए शब्द सुन रहा हूं। मैं बिहार से आता हूं लालू प्रसाद जी होली में कुर्ता फाड़ होली खेलते थे लेकिन यहां की तो राजनीति में कुर्ता फाड़ आ गया है। कांग्रेस के नेता गाली खाने की पावर ऑफ अटर्नी दे रहे है और उनके बड़े नेता संभालने के लिए जय वीरू की संज्ञा दे रहे है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की टॉप लीडरशीप में कितना सद्भाव और सहमति का अभाव है। यह बड़ा विषय है जो हम जनता को बतायेंगे कि यह कांग्रेस पार्टी है जो जनता के भलाई और विकास की झूठी बातें करती है। उन्होंने कहा कि राहुल गाँधी कहाँ है ? मध्यप्रदेश में उनकी मोहब्बत की दुकान क्यों बंद हो गयी है। जो जय-वीरू के बीच सेतु बनने की बात करते है उनके फोटो उनकी ही पार्टी के उम्मीदवारों के पैम्पलेट्स पर दिखाई नहीं पड़ती है ।

    श्री रविशंकर प्रसाद ने कहा विपक्षी दलों के इंडी गठबंधन को अवसरवादी गठबंधन बताते हुए कहा कि अभी लोकसभा चुनाव का उदघोष नहीं हुआ है और अभी से गठबंधन बिखर गया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश चुनाव में आम आदमी पार्टी, समाजवादी पार्टी भी कूद गई है, वही कमलनाथ कहते है कि इनका कोई वजूद ही नहीं है, इन्हें क्या हिस्सा दें, यहाँ कांग्रेस और भाजपा की सीधी लड़ाई है। कमलनाथ जी अगर इनका वजूद नहीं है तो राहुल गांधी पिछले 6 महीने से कभी बैंगलुरू कभी पटना तो कभी मुंबई में बैठक का नाटक क्यों कर रहे है। उन्होंने कहा कि विपक्षियों का गठबंधन अवसरवादियों का ठगबंधन है।
    उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के चुनाव में कोई हनुमान जी की स्तुति गा रहा है, तो कोई हिंदू धर्म के मर्म को समझा रहा है। कोई हिंदू सोच पर टिप्पणी और व्यंग्य दोनों कर रहा है। श्री प्रसाद ने राहुल गाँधी और प्रियंका गाँधी की और इशारा करते हुए कहा कि आप हिंदू है या नहीं इतना बताइए और अगर आपका यह अतीत है तो इस तरह की व्यंग्यात्मक टिप्पणी कर किसी के आस्था का मजाक ना करें। उन्होंने कहा कि हम सभी की आस्थाओं का सम्मान करते हैं और सभी आस्थाओं के ईश्वर का सम्मान करते हैं लेकिन राम जन्म भूमि को लेकर कांग्रेस के नेताओं को क्या परेशानी है। राम सनातन है और सबके है। उन्होंने सवाल पूछते हुए कहा कि राहुल गांधी, सोनिया गांधी, प्रियंका जी, कमलनाथ और दिग्विजय सिंह ने अयोध्या जाकर भगवान राम को प्रणाम किया क्या ? इन्हें अयोध्या के विषय से इतनी नफरत क्यों हो जाती है यह इन्हें जवाब देना चाहिए।

    पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस द्वारा लगातार सनातन धर्म का अपमान कर तुष्टिकरण की राजनीति से मध्यप्रदेश की जनता आहत है और उन्हें सबक सिखाने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि इंडी गठबंधन में शामिल नेताओं द्वारा सनातन धर्म को डेंगू कहा गया तब राहुल गाँधी, सोनिया गाँधी, दिग्विजय सिंह और कमलनाथ क्यो चुप्पी साधे हुए थे। कमलनाथ से मेरा सवाल है कि बाबरी ढांचा जब गिरा तब मध्यप्रदेश की पटवा सरकार को बर्खास्त कर दी तब नरसिंहा सरकार में तो आप मंत्री थे तब यह बात कौन करता था कि हम बाबरी मस्जिद फिर बनवाएंगे। आप बार-बार हिंदू की बात करते हैं, हनुमान चालीसा की बात करते हैं तो यह भी बताएं कि सुप्रीम कोर्ट में रामसेतु की सुनवाई में एफिडेविट देकर किसने प्रभु श्रीराम को काल्पनिक बताया ? आपको अपना अतीत भी बताना जरूरी है।

    श्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि राहुल गांधी जातिगत जनगणना की बात करते है। पहले उन्हें राफेल की चिट कोई पकडा गया, जिसके बाद उन्होंने माफी मांगी। सावरकर के नाम पर भी उन्हें कोई चिठ्ठी पकडा गया था। अब नीतिश कुमार उन्हें जातिगत जनगणना की चिट पकडाई, जिसे राहुल गांधी सिर्फ पढ़ने का काम कर रहे है। राहुल गांधी कोई होमवर्क नहीं करते। अगर वे जातिगत जनगणना की बात करते है तो उसके नतीजे उनके परिवार पर लागू होंगे की नहीं। जिसकी जितनी संख्या भारी उसकी उतनी भागीदारी तो राहुल गांधी के परिवार में यह फार्मूला लागू होगा या नहीं। या सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी के बाद अगले गांधी का क्रम चलेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सिर्फ पिछडों की बात करती है, जबकि भारतीय जनता पार्टी के 80 सांसद पिछडा और वर्ग से है। पिछडा वर्ग से सबसे ज्यादा विधायक भाजपा के है। अनुसूचित जाति के विधायक सबसे अधिक भारतीय जनता पार्टी के है। प्रधानमंत्री खुद पिछडा वर्ग से आते है। भाजपा ने अनुसूचित जाति वर्ग से आने वाले श्री रामनाथ कोविन्द को राष्ट्र्रपति बनाया और अब अनुसूचित जनजाति वर्ग की बहन द्रोपदी मुर्मू को राष्ट्र्रपति बनाया है।

  • चुनावी हिंदू बनने की हड़बड़ी में पिछले पाप भूल गए कमलनाथःरामेश्वर शर्मा

    भोपाल,27 अक्टूबर(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। कमलनाथ जी आजकल हिंदू हो गए हैं। कह रहे हैं कि अयोध्या में बन रहा राम मंदिर भाजपा का नहीं, राष्ट्र और सनातन का है। हैरत की बात है कि न तो राम मंदिर के लिए कारसेवकों के बलिदान को देखा जा रहा है, न साधु-संतों की कुर्बानी देखी जा रही है। जब मंदिर का निर्माण पूरा होने को है, तो कांग्रेस राजनीतिक रोटियां सेंकने की कोशिश में जुट गई है और चुनाव नजदीक देखकर सोनिया के यह भक्त, राम भक्त होने का ढोंग रच रहे हैं। लेकिन देश का हिंदू, सनातनी यह बात अच्छे से जानता है कि कांग्रेस की नस-नस में बेईमानी है। उसकी नसों में बेईमानी का खून दौड़ रहा है। कांग्रेस न राम की हो सकती है और न हिंदुस्तान की। यह बात वरिष्ठ भाजपा नेता और विधायक श्री रामेश्वर शर्मा ने शुक्रवार को प्रदेश मीडिया सेंटर में पत्रकार-वार्ता के दौरान कही।

    श्री शर्मा ने कहा कि आजकल कमलनाथ जिस तरह की बातें कर रहे हैं, उससे यह संदेह होने लगा है कि कमलनाथ आजकल कांग्रेस में हैं या उन्होंने अपनी अलग कमलनाथ कांग्रेस बना ली है। मैं कमलनाथ जी से यह पूछना चाहता हूं कि क्या उन्हें अपनी और कांग्रेस की गलतियों के बारे में पता नहीं है? क्या कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और उनके बेटे ने सनातन के विरोध में दिये गए बयान के लिए माफी मांग ली है? क्या करुणानिधि के पोते ने सनातन के अपमान के लिए माफी मांग ली है? श्री शर्मा ने कहा कि कमलनाथ अपने पिछले पाप भूलते जा रहे हैं। 1992 में जब रामजन्म भूमि आंदोलन के दौरान गोलियां चली थीं, तब क्या कमलनाथ बच्चे थे? श्री शर्मा ने कहा कि कमलनाथ उस समय संसदीय परंपरा में थे, लेकिन उन्होंने इस घटना के विरोध में एक शब्द नहीं बोला। उस समय राम जन्मभूमि आंदोलन के तमाम नेता, साधु-संत जेलों में डाल दिए गए, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, दिल्ली, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश की चुनी हुई सरकारें गिरा दी गईं। उस समय कमलनाथ केंद्रीय कैबिनेट में थे, लेकिन उन्होंने इसके विरोध में एक शब्द भी नहीं बोला था। जब राम जन्मभूमि आंदोलन के लिए सर्वस्व न्यौछावर कर देने वाले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, विश्व हिंदू परिषद सहित अन्य संगठनों पर बैन लगाया गया, तब आपने नहीं कहा कि कैबिनेट का यह निर्णय गलत है। आपने तब ये क्यों नहीं बोला कि जो कुछ कारसेवकों ने किया मैं उसके साथ हूं।

    श्री शर्मा ने कहा कि बाबरी मस्जिद के ध्वंस के बाद कांग्रेस की सरकार जानबूझकर हिंदू संगठनों, साधु-संतों को निशाना बना रही थी, लेकिन कमलनाथ तब जानबूझकर मौन रहे, क्योंकि वो भी यह चाहते थे कि हिंदू संगठनों पर प्रतिबंध लगे, साधु-संतों को जेल में डाला जाए, उन्हें सजा सुनाई जाए। इसीलिए कमलनाथ ने कैबिनेट के निर्णयों का विरोध नहीं किया। श्री शर्मा ने कहा कि हिंदू विरोध में उस समय की कांग्रेस सरकार इतने आगे बढ़ गई थी कि उसने संसद में कहा था कि हम बाबरी मस्जिद फिर से बनाएंगे। लेकिन संतों की चेतावनी के बाद कांग्रेस को अपने कदम वापस लेना पड़े थे। उस समय साधु-संतों ने कहा था कि बावरी ढांचा तो अब टूट चुका है, अगर कांग्रेस कोई कुत्सित प्रयास करती है तो उसकी नस-नस तोड़ देंगे और राम जन्मभूमि पर दोबारा मस्जिद नहीं बनने देंगे।

    श्री शर्मा ने कहा कि राम जन्मभूमि के बारे में बयानबाजी करने वाले कमलनाथ क्या कभी रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या गए हैं? क्या सोनिया जी रामलला के दर्शन के लिए गई हैं, राहुल गांधी या फिरोज खान के परिवार का कोई भी सदस्य क्या रामलला के दर्शन के लिए गया है? लेकिन अब जब रामलला का भव्य मंदिर अयोध्या में बनने लगा है, देश का हिंदू जागने लगा है और शादी-ब्याह तक में यह गाना बजने लगा है कि जो राम को लाए हैं, हम उनको लाए हैं, तो कांग्रेस को यह लगने लगा है कि राम के बिना काम नहीं होगा। श्री शर्मा ने कहा कि चुनाव नजदीक देखकर चुनावी हिंदुओं ने भी करवट बदल ली है और अब वो भी कहने लगे हैं कि राम मंदिर तो राष्ट्रीय आस्था का प्रश्न है। श्री शर्मा ने कहा कि मैं इन चुनावी हिंदुओं से पूछना चाहता हूं कि अगर यह राष्ट्रीय आस्था का प्रश्न था, तो पहले क्यों नहीं राम मंदिर बनवा दिया? उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस इतनी ही सच्ची हिंदू है, तो ज्ञानवापी के सामने खड़े होकर यह घोषणा करे कि यहां भी शिवालय है और यहां शिव शंकर का भव्य मंदिर बनेगा। श्री शर्मा ने कहा कि सनातन पर आस्था, भरोसा रखने वाला हर व्यक्ति कांग्रेस को जानता है। उसे पता है कि कांग्रेस न तो कभी हिंदुस्तान की हो सकती है, न कभी राम की। वह कृष्ण, महावीर, गौतम बुद्ध, नानक की भी नहीं हो सकती। कांग्रेस सिर्फ मौका परस्त है, वह जिसका पलड़ा भारी हो, उसी की तरफ हो जाती है।

  • मोदीजी ने दुनिया भर में हिंदी की शान बढ़ाईःडहेरिया

    मोदीजी ने दुनिया भर में हिंदी की शान बढ़ाईःडहेरिया

    भोपाल,06 अक्टूबर(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)”आज हिंदी भाषा विश्व पटल पर सितारा बनकर चमक रही है। दुनिया भर में हिंदी का प्रभाव देखा जा सकता है। आज हिंदी भाषा सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा बन गई है। संयुक्त राष्ट्र संघ में भी हिंदी संपर्क की भाषा बनी हुई है।”उक्त उद्बोधन अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. खेमसिंह डहेरिया ने दिया। अवसर था, प्रगत शैक्षिक अध्ययन संस्थान में हिंदी पखवाड़े के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रमों के पुरस्कार वितरण समारोह का।

    प्रो. डहेरिया ने कहा कि मध्यप्रदेश अकेला ऐसा राज्य है, जहाँ चिकित्सा शास्त्र और इंजीनियरिंग की शिक्षा अब हिंदी में होगी। जिससे अंग्रेजी न जानने वाले और ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों के भी डॉक्टर और इंजीनियर बनने के सपने साकार होंगे। उन्होंने बताया कि आज हिंदी की वैश्विक स्थिति पहले से कई गुना बेहतर हुई है। इसका श्रेय हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को भी जाता है क्योंकि वो जब भी विदेश जाते हैं तो अपनी बात हिंदी में ही रखते हैं। जिससे हिंदी का विश्व स्तर पर सम्मान बढ़ा है। दुनिया भर के अधिकतर देशों में हिंदी को जानने और समझने वाले लोग मिल जाएँगे। फिजी छोटा देश है परंतु उसकी राजभाषा हिंदी है। 12वाँ विश्व हिंदी सम्मेलन फिजी में आयोजित हुआ था। वहाँ पर 2000 से अधिक रामायण मंडलियाँ हैं।
    विभिन प्रतियोगिताओं के पुरस्कार प्रदान करते हुए कुलपति महोदय ने काव्य पाठ में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली रुचि सचान एवं द्वितीय स्थान प्राप्त स्वाति चतुर्वेदी से कविता सुनाने का आग्रह किया और उनकी रचना की प्रशंसा की ।
    अतिथि का सम्मान संस्थान के प्रमुख श्री शैलेंद्र निगम द्वारा किया गया। संस्थान का परिचय डॉ. फ़र्रुख़ सलीम खान ने दिया। आभार प्रदर्शन डॉ. संगीता गौर सचान द्वारा किया गया। कार्यक्रम में 300 से ज्यादा प्रशिक्षणार्थियों ने भाग लिया।
    संपूर्ण कार्यक्रम का संयोजन डॉ सपना जैन ने किया ।

  • जनधन खाते,आधार और मोबाईल ने तहस नहस किया कांग्रेस का भ्रष्ट तंत्र बोले प्रधानमंत्री

    जनधन खाते,आधार और मोबाईल ने तहस नहस किया कांग्रेस का भ्रष्ट तंत्र बोले प्रधानमंत्री

    न गरीबों का पैसा लुटने दूंगा, न कांग्रेस नेताओं की तिजौरी भरने दूंगाः नरेंद्र मोदी

    जबलपुर,5 अक्टूबर(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। आज के युवाओं को पता नहीं होगा कि 2014 में मोदी के आने से पहले देश में हजारों करोड़ के घोटाले होते थे। गरीबों का पैसा नेताओं की तिजौरियों में जा रहा था। 2014 में जब जनता ने मुझे मौका दिया, तो हमारी सरकार ने भ्रष्ट व्यवस्थाओं को बदलने का अभियान चलाया। 11 करोड़ फर्जी नाम दफ्तरों से हटाए। ये नाम उन लोगों के थे, जो कभी पैदा ही नहीं हुए, लेकिन से देश का खजाना लूट रहे थे, गरीबों का हक लूट रहे थे। ये लोग इसीलिए मुझ पर गुस्सा हो रहे हैं क्योंकि मैंने कमीशन का खेल बंद कर दिया। मेरा संकल्प है, गरीब का पैसा लुटने नहीं दूंगा और कांग्रेसियों की तिजौरी भरने नहीं दूंगा। हमने जनधन, आधार और मोबाइल की त्रिशक्ति से कांग्रेस के भ्रष्ट तंत्र को तहस-नहस कर दिया। यह बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को वीरांगना रानी दुर्गावती की 500 वीं जयंती पर जबलपुर में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए कही। इस अवसर पर प्रधानमंत्री श्री मोदी ने रानी दुर्गावती के भव्य स्मारक समेत 8300 करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया। इस दौरान मंच पर राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान एवं पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा सहित केंद्रीय मंत्री एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

    आज कांग्रेस की सरकार होती, तो कितनी बड़ी चोरी हो रही होती
    प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि कांग्रेस के ही एक प्रधानमंत्री कहते थे कि हम दिल्ली से 1 रुपया भेजते हैं, लेकिन गरीब के पास तक सिर्फ 15 पैसा पहुंचता है। 85 पैसे कोई पंजा खींच लेता था। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने जनधन खातों, आधार और मोबाइल की त्रिशक्ति के प्रयोग से देश के, गरीबों के 2.5 लाख करोड़ रुपये गलत हाथों में जाने से बचाए और आज गरीबों का हर पैसा उनके हित में काम आ रहा है। उज्जवला योजना में हम रियायती सिलेंडर दे रहे हैं। मुफ्त राशन पर 3 लाख करोड़ खर्च हो रहे हैं। आयुष्मान भारत योजना में 5 करोड़ परिवारों को मुफ्त इलाज मिल रहा है, उस पर 70 हजार करोड़ खर्च हो रहे हैं। हमारी सरकार किसानों को 3000 रुपये मूल्य का यूरिया लगभग 300 रुपये में उपलब्ध करा रही है। इस पर 8 लाख करोड़ खर्च हो रहे हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में 2.5 लाख करोड़ रुपया किसानों के खातों में जा चुका है। हमारी सरकार ने गरीबों को पक्का घर देने के लिए 4 लाख करोड़ खर्च किए हैं। अगर ये पूरा पैसा जोड़ लिया जाए, तो कितना होगा? सोचकर देखिए, अगर आज कांग्रेस की सरकार होती, तो कितनी बड़ी चोरी हो रही होती?

    हमारे देश में तेजस्वी, तपस्वी महापुरुषों को भुला दिया गया
    प्रधानमंत्री श्री मोदी ने वीरांगना रानी दुर्गावती की 500 वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि पूरा देश आज रानी दुर्गावती जी की जयंती मना रहा है। हमने जनजातीय गौरव यात्राओं के दौरान उनकी जयंती को राष्ट्रीय स्तर पर मनाने का आह्वान किया था और आज हम सब एक पवित्र कार्य करने के लिए, अपने पूर्वजों का ऋण चुकाने के लिए एकत्र हुए हैं। आज वीरांगना रानी दुर्गावती के एक भव्य स्मारक का भूमिपूजन हुआ है, जिसके बन जाने के बाद देश का हर व्यक्ति का मन उसे देखने के लिए मचलेगा और जबलपुर एक यात्राधाम बन जाएगा। श्री मोदी ने कहा कि रानी दुर्गावती का जीवन हमें सर्वजन हिताय की सीख देता है और मुश्किलों से संघर्ष का हौंसला भी देता है। दुनिया के किसी भी देश में उनके जैसा कोई नायक या नायिका होती, तो वह देश उछलकूद करने लगता। लेकिन हमारे देश में अपने महापुरुषों को भुला दिया गया। तेजस्वी, तपस्वी महापुरुषों को भुला दिया गया।

    जिस दल ने दशकों तक सरकार चलाई, उसने जनजातियों को सम्मान नहीं दिया
    श्री मोदी ने कहा कि देश की जनजातियों का आजादी से लेकर संस्कृति और स्वाभिमान की रक्षा तथा विरासत को संजाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। लेकिन जिस दल ने आजादी के बाद इतने दशकों तक देश में सरकार चलाई, उसने इन जनजातियों को सम्मान नहीं दिया, उनके योगदान को भुला दिया। पहली बार भाजपा की सरकार आने पर पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटलजी की सरकार ने अलग से जनजातीय मंत्रालय बनाया और बजट भी आवंटित किया। भाजपा के समय में ही देश में पहली जनजातीय समाज की महिला राष्ट्रपति बनी। भगवान बिरसा मुंडा की जयंती जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत भाजपा की सरकार ने की। हबीबगंज स्टेशन का नाम रानी कमलापति और पातालपानी स्टेशन का नाम जननायक टंट्या भील के नाम पर रखने का काम भाजपा सरकार ने किया। वीरांगना रानी दुर्गावती का जो भव्य स्मारक बनेगा उसमें भी गोंड कला, संस्कृति और इतिहास को प्रदर्शित किया जाएगा।

    ये भाजपा को गाली देते-देते भारत को गाली देने लगे हैं
    प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि जब किसी दल पर स्वार्थ हावी हो, तो उसकी स्थिति का अंदाज कोई भी लगा सकता है। आज पूरी दुनिया में देश की उपलब्धियों की चर्चा हो रही है, लेकिन विरोधी दलों को कुर्सी के अलावा कुछ दिखाई नहीं देता। ये भाजपा को गाली देते देते अब भारत को गाली देने लगे हैं। पूरी दुनिया में डिजिटल इंडिया का डंका बज रहा है, ये उसका मजाक उड़ाते हैं। हमारे वैज्ञानिकों ने कोरोना की वेक्सीन बनाई, जिस पर एक आंखें खोलने वाली फिल्म ‘वेक्सीन वार’ बनी है, लेकिन ये उस पर भी सवाल उठाते हैं। हमारी सेनाएं जब पराक्रम करती हैं, तो ये सवाल उठाते हैं। इन्हें देश के दुश्मनों की, आतंक के आकाओं की बात सही लगती है। आजादी का अमृत महोत्सव पूरे देश का उत्सव था, लेकिन इन्होंने उसका भी मजाक उड़ाया। अब हम पूरे देश में अमृत सरोवर बना रहे हैं, तो इन्हें उसमें भी दिक्कत हो रही है।

    कांग्रेस को नहीं थी माता-बहनों के स्वास्थ्य की परवाह
    श्री मोदी ने कहा कि आज हजारों करोड़ के कार्यों का भूमिपूजन, लोकार्पण हुआ है। इसमें गैस की पाइपलाइन और फोरलेन सहित अनेक जीवन बदलने वाले प्रोजेक्ट शामिल हैं। इनके तैयार हो जाने पर यहां फैक्ट्रियां लगेंगी, युवाओं को रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि माताओं, बहनों को धुएं से मुक्त रसोई देना भाजपा की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। एक रिसर्च कहती है कि हमारी माता-बहनें जब चूल्हे पर खाना बनाती हैं, तो 24 घंटे में उनके शरीर में 400 सिगरेट के बराबर धुआं जाता है। हमारी सरकार ने माता-बहनों को इस धुएं से मुक्ति दिलाई। अगर कांग्रेस चाहती, तो पहले भी ये काम कर सकती थी, लेकिन उन्हें हमारी माता-बहनों के स्वास्थ्य की चिंता नहीं थी। श्री मोदी ने कहा कि रक्षाबंधन पर हमारी सरकार ने उज्जवला योजना के सिलेंडर को सस्ता किया था, अब दुर्गापूजा, नवरात्रि, दशहरा और दीवाली आने वाले हैं, इसलिए उज्जवला के गैस सिलेंडर पर 100 रुपये और कम किए जा रहे हैं। इसका मतलब है पिछले कुछ सप्ताह में ही हमारी सरकार ने इस सिलेंडर की कीमत 500 रुपये कम कर दी है। आने वाले समय में लोगों को और सस्ती गैस मिल सके, इसके लिए भाजपा सरकार काम कर रही है, गैस पाइपलाइन बिछाई जा रही है।

    विकसित और समृद्ध मध्यप्रदेश के लिए सही फैसला लें
    श्री मोदी ने कहा कि मैं मां नर्मदा के तट से एक बात कह रहा हूं, मेरे शब्द लिख लो। आने वाला समय मध्यप्रदेश के लिए बहुत महत्वपूर्ण समय है। मध्यप्रदेश आज ऐसे मुहाने पर है कि अगर इसके विकास की रफ्तार में कोई भी रुकावट आई, तो वो रफ्तार आने वाले 20-25 सालों तक नहीं मिलेगी। आने वाले 25 साल बहुत महत्वपूर्ण हैं और हमें विकास की गति को रुकने नहीं देना है। ये आज के युवाओं की जिम्मेदारी है कि जब उनके बच्चे बड़े हों तो उन्हें एक विकसित, समृद्ध और आन-बान-शान वाला मध्यप्रदेश मिले। इसके लिए सबसे महत्वपूर्ण है कि आप सही फैसला लें।

    मध्यप्रदेश को हर क्षेत्र में नंबर-1 बनाना है
    प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि आज देश का रक्षा निर्यात कई गुना बढ़ा है, जिसमें जबलपुर की फैक्ट्रियों का भी योगदान है। केंद्र सरकार अपनी सेनाओं को मेड इन इंडिया हथियार दे रही है, जिससे हथियारों का उत्पादन बढ़ेगा और युवाओं को रोजगार मिलेंगे। उन्होंने कहा कि आज भारत का आत्मविश्वास नई बुलंदी पर है। खेल के मैदान से लेकर खेतों तक भारत का परचम लहरा रहा है। एशियाड में हमारे खिलाड़ी शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। सारी दुनिया कह रही है ये समय भारत के युवाओं का समय है। युवाओं को जब अवसर मिला, तो भारत जी-20 समिट जैसा सफल आयोजन कर पाया। युवाओं को अवसर मिला, तभी चंद्रयान चंद्रमा के उस तरफ उतरने में सफल हुआ, जहां अभी तक कोई नहीं पहुंच पाया था। युवाओं को अवसर मिला, तभी लोकल के लिए वोकल का मंत्र गूंजता है। गांधी जयंती पर दिल्ली के एक ही शो रूम से 1.5 करोड़ की खादी बिकी। जब से हमारे बेटे-बेटियों ने बागडोर संभाली है, स्वदेशी की भावना हर तरफ बढ़ रही है। श्री मोदी ने कहा कि 1 अक्टूबर को जब स्वच्छता अभियान चलाया गया, तो 9 लाख जगहों पर स्वच्छता अभियान चलाए गए और 9 करोड़ से ज्यादा लोगों ने इन अभियानों में भागीदारी कर सफाई की। मध्यप्रदेश के युवाओं ने स्वच्छता में प्रदेश को अव्वल बनाया। हमें इसी जज्बे को आगे ले जाना है और मध्यप्रदेश को हर क्षेत्र में नंबर-1 बनाना है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में मध्यप्रदेश विकास के मामले में टॉप पर रहेगा, ये मोदी का संकल्प है और विकास के इस संकल्प को महाकोशल और मध्यप्रदेश की जनता, यहां के युवा पूरा करेंगे।

    ये एक परिवार की चरणवंदना करते हैं, भाजपा करती है सबका सम्मान
    श्री मोदी ने कहा कि आजादी के बाद दशकों तक सरकार चलाने वाले दल ने एक ही परिवार की चरणवंदना की। जबकि देश को आजादी इस एक ही परिवार ने नहीं दिलाई, न देश का विकास इस एक परिवार ने किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सभी को एक दृष्टि से देखती है और हर वर्ग को सम्मान देती है। भाजपा की सरकार ने महू में डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर के सम्मान में पंचतीर्थ का विकास किया, तो सागर में संत रविदास जी का स्मारक बनाया जा रहा है। परिवारवाद और भ्रष्टाचार में डूबे इन दलों ने आदिवासियों के संसाधनों को लूटा है। इनकी सरकार के समय सिर्फ 8-10 वनोपज पर ही एमएसपी दी जाती थी, हमारी सरकार ने 90 वनोपज के लिए एमएसपी घोषित की है। इनके समय में छोटे किसानों के कोदों, कुटकी जैसे अनाज को महत्व नहीं मिला। हम इन्हें श्रीअन्न के रूप में सारी दुनिया में ले जा रहे हैं और जी-20 समिट में आए मेहमानों को भी इन्हीं से बने पकवान परोसे गए। उन्होंने कहा कि इन्होंने नारी शक्ति को नजरअंदाज किया, हमने नारी शक्ति वंदन अधिनियम बनाया। विश्वकर्मा साथियों के लिए हमारी सरकार ने 13000 करोड़ की योजनाएं बनाई हैं। श्री मोदी ने कहा कि भाजपा की सरकार गरीबों की सरकार है।

    खुले वाहन में सवार होकर जन समूह के बीच जन दर्शन करने पहुँचे प्रधानमंत्री
    प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान एवं भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा के साथ खुले वाहन पर सवार होकर कार्यक्रम स्थल में प्रवेश किया। प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा किए गए जन दर्शन के दौरान कार्यक्रम में भारी संख्या में मौजूद जनसमूह ने करतल ध्वनि और नारे लगाकर उनका आत्मीय स्वागत किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मौजूद महिलाओं सहित सम्पूर्ण जन समूह ने प्रधानमंत्री श्री मोदी के सम्मान में लिखी हुईं तख्तियाँ लहराकर प्रधानमंत्री श्री मोदी के प्रति अपना आभार जताया।

    कांग्रेस ने सिर्फ एक परिवार का महिमा मंडन किया, मोदी जी ने जनजातीय महापुरुषों का सम्मान: मुख्यमंत्री

    मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि कई बार मन में तकलीफ होती है कि एक पार्टी जो वर्षों तक सत्ता में रही, उसने केवल अपनी पार्टी के लोगों का ही महिमामंडन किया, मुझे गर्व है ये कहते हुए अगर रानी दुर्गावती जी की प्रतिमा लगाई तो भाजपा की सरकार ने लगाकर उन्हें श्रद्धा के सुमन अर्पित किया। प्रधानमंत्री जी को हृदय से धन्यवाद देता हूँ कि प्रधानमंत्री जी ने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर जनजातीय गौरव दिवस दिवस मनाने की घोषणा की। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने रानी दुर्गावती, टंट्या मामा, भीमानायक जैसे हमारे जनजातीय महापुरुषों का सम्मान किया। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की प्रेरणा से रानी दुर्गावती जी के स्मारक का निर्माण हो रहा है। उन्ही की प्रेरणा से आज मंडला के मेडिकल कॉलेज का नाम हृदय शाह मेडिकल कॉलेज है। छिंदवाड़ा के विश्वविद्यालय का नाम शंकर शाह विश्वविद्यालय है और ये प्रधानमंत्री जी ही हैं, जिनके कारण भोपाल के हबीबगंज का नाम रानी कमलापति रेलवे स्टेशन किया गया। उन्होंने कहा कि रघुनाथ शाह और शंकर शाह जी के जयंती पर दो साल पहले केंद्रीय मंत्री अमित शाह जी पधारे थे तब हमने 14 घोषणाएं की थी, आज वो घोषणाएं पूर्ण हो चुकी हैं। श्री चौहान ने कहा कि पेसा एक्ट की मांग वर्षों से रही लेकिन सत्ता में रही कांग्रेस ने कभी भी इसको लागू नहीं किया। पेसा एक्ट धरती पर उतारकर भाजपा की सरकार ने जनजातीय समुदाय का कल्याण किया। आज पेसा एक्ट जनजातीय भाइयों - बहनों को जल, जंगल और जमीन के अधिकार दे रहा हैं। 

    कमलनाथ ने गरीबों का हक़ और अधिकार छीनकर अपराध और पाप किया
    मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश प्रगति के पथ पर अग्रसर हैं। मध्यप्रदेश भी मोदी जी के नेतृत्व में आज हर दिशा में आगे बढ़ रहा है। मोदी जी ने आयुष्मान कार्ड योजना से गरीबों की चिंता की। मध्यप्रदेश में हमने गरीबों को 70 लाख से अधिक आयुष्मान कार्ड बनाकर उनको सुरक्षा कवच प्रदान किया। आज देश में सबसे अधिक आयुष्मान कार्ड मध्यप्रदेश में बनाए गये है। प्रधानमंत्री आवास योजना गरीब आदिवासियों के लिए वरदान बनकर आई। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने आवास योजना ग्रामीण में 38 लाख मकान स्वीकृत कियें, हमने 35 लाख 34 हजार घर बनाकर गरीबों को गृह प्रवेश करवाया। आज गरीबों को पक्के घर मिल रहें है लेकिन जब प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी तब कमलनाथ ने प्रधानमंत्री श्री मोदी जी के भेजे घर वापिस कर दिए। कमलनाथ ने गरीबों के घर नहीं बनायें, गरीबों के आयुष्मान कार्ड नहीं बनने दियें और आदिवासी किसानों को मिलने वाली सम्मान निधि से भी वंचित रखा। सरकार में रहते हुए कमलनाथ ने गरीबों का हक़ और अधिकार छीनकर अपराध और पाप किया।

    आज मध्यप्रदेश विकास और योजनाओं के क्रियान्वयन में नम्बर वन
    मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कभी कांग्रेस के राज में मध्यप्रदेश बीमारू राज्य कहलाता था, आज समृद्ध राज्य बन रहा है। आज 3 लाख किमी की शानदार सड़कें हमने बनाई हैं। हमने सिंचाई की 47 लाख हेक्टेयर में व्यवस्था की है। आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश लगातार विकास कर रहा है। उन्होंने कहा कि हमने हर वर्ग के विकास के लिए योजनाएं बनाई साथ ही केंद्र की योजनाओं का सफल क्रियान्वयन भी किया। आज मध्यप्रदेश पीएम स्ट्रीट वेंडर योजना में नम्बर वन है, किसानों के लिए शुरू की गयी स्वामित्व योजना में मध्यप्रदेश नम्बर एक पर है। श्री मोदी जी ने बहनों के लिए मातृ वंदना योजना शुरू की उसके क्रियान्वयन में भी मध्यप्रदेश आगे है। स्वच्छता, जल सरंक्षण में भी आज मध्यप्रदेश नम्बर एक पर है। प्रधानमंत्री श्री मोदी जी के ड्रीम प्रोजेक्ट कहे जाने वाले स्मार्ट सीटी के क्रियान्वयन में आज मध्यप्रदेश आगे है।

    इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री श्री फग्गन सिंह कुलस्ते, श्री प्रहलाद पटेल, सांसद व पूर्व प्रदेश अध्यक्ष श्री राकेश सिंह, पार्टी के राष्ट्रीय मंत्री श्री ओमप्रकाश धुर्वे, प्रदेश शासन के मंत्री श्री गोपाल भार्गव, श्री विजय शाह, श्री राजेन्द्र शुक्ल, श्रीमती मीना सिंह, श्री सुरेश राठखेड़ा, पार्टी की प्रदेश उपाध्यक्ष व सांसद श्रीमती सुमित्रा वाल्मीकि, सांसद डॉ. दुर्गादास उइके, विधायक श्री अजय विश्नोई, श्री अशोक रोहाणी, श्री इंदू तिवारी एवं श्रीमती नंदिनी मरावी उपस्थित रहीं।

  • क्षमावाणी के आयोजन में भाजपा की जीत के लिए तालियां

    क्षमावाणी के आयोजन में भाजपा की जीत के लिए तालियां


    भोपाल 1 अक्टूबर(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। जैन तीर्थों की सुरक्षा को लेकर भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ अभियान चला रही कांग्रेस रविवार को उस वक्त बेचैन हो गई जब भोपाल मध्य और भोपाल उत्तर से विधानसभा के प्रत्याशी घोषित किए गए ध्रुवनारायण सिंह और आलोक शर्मा ने जैन समाज को तीर्थों के संरक्षण का आश्वासन दिया और जाने अनजाने में हुई गलतियों के लिए सामूहिक क्षमा मांगी। पूर्व महापौर आलोक शर्मा ने हाल में उपस्थित समुदाय के हाथों से कमल खिलवाकर और तालियां बजवाकर वहां मौजूद पूर्व मंत्री कांग्रेस के पीसी शर्मा को झल्लाने के लिए मजबूर कर दिया। जैन समाज की सामूहिक क्षमावाणी का ये आयोजन चौक ट्रस्ट कमेटी के पूर्व अध्यक्ष प्रमोद जैन हिमांशु और उनके मित्रों ने किया था जो लोगों की कम संख्या के कारण देर से शुरु हुआ और फलाहार ( ब्यारू ) की वजह से अव्यवस्थाओं से घिर गया।


    प्रमोद हिमांशु फाऊंडेशन,दिगंबर जैन महासभा, दिगंबर जैन सोशल ग्रुप, मनोज जैन,एमके इंजीनियरिंग,ने संयुक्त रूप से इस कार्यक्रम का आयोजन किया था। राजेन्द्र जैन टीआई ने बताया कि पूरे भोपाल के निवासियों के आने तक आयोजन प्रारंभ नहीं किया जा सका था। बाद में जब जवाहर चौक परिसर का पंडाल भर गया तब कार्यक्रम आरंभ किया गया। हमने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया था जिनकी भागीदारी से ये आयोजन सफल हो गया।


    भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी घोषित किए गए भोपाल मध्य विधानसभा क्षेत्र के प्रत्याशी ध्रुवनारायण सिंह ने कहा कि अधिकांश जैन तीर्थंकर क्षत्रिय थे और उन्होंने एक सुधारवादी पद्धति अपनाकर जैन धर्म की प्रभावना की थी। मै स्वयं को गलतियों का पुतला मानता हूं और लगातार खुद को परिमार्जित करता रहता हूं। इस लिहाज से मैं आपके समान पक्का जैनी बन गया हूं। जब भी आप भोपाल के जैनियों की गणना करें तो उनमें एक मेरा नाम भी जैनी के रूप में शामिल अवश्य करें. उन्होंने कहा कि अहिंसा मन वचन और कर्म से अपनाई जाती है लेकिन अहिंसा का अर्थ भीरुता नहीं है। क्षमा वही कर सकता है जो स्वयं बलशाली हो। कमजोर लोग क्षमा नहीं करते वे तो मजबूरी की वजह से चुप रह जाते हैं। उन्होंने कहा कि जैन समाज इसी तरह अपने समाज सुधार के पथ पर चलती रहे हम उसके हर कदम के साथ हरदम मैौजूद रहेंगे। उन्होंने आगामी विधानसभा चुनावों में अन्य सभी समाजों का नेतृत्व करते हुए भाजपा को प्रबल बहुमत से सत्तासीन करने का निवेदन भी किया।


    पूर्व महापौर आलोक शर्मा ने कहा कि मेरी पढ़ाई चौक के दिगंबर जैन स्कूल में हुई है। मेरे सभी सहपाठी जैन थे आज वे समाज के अग्रणी कर्ता धर्ता बन चुके हैं। मै जैन पद्धतियों और आचरण का पालन करता रहा हूं इसलिए मुझे जैन संतों का आशीर्वाद हमेशा से मिलता रहा है। आचार्यश्री विद्यासागर जी महाराज के आशीर्वाद से मैं महापौर भी बना और राजधानी के विकास में अपना योगदान देने का अवसर भी मुझे मिला। इस बार पार्टी ने विधानसभा चुनाव लड़ने का आदेश दिया है मैं दुबारा आचार्यश्री के पास जाऊंगा और उनके आशीर्वाद मांगूंगा। उनका आशीर्वाद मेरा तारणहार बन जाता है। उन्होंने कहा कि क्षमावाणी इतना उपयोगी उत्सव है कि इसे हर समाज को मनाना चाहिए। मैं चाहता हूं कि इसे राष्ट्रीय पर्व के रूप में मनाया जाए ताकि हम आपसी मनमुटाव भूलकर देश की मुख्य धारा में शामिल हो सकें। उन्होंने कांग्रेस के पूर्व मंत्री पीसी शर्मा को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी विचारधाराएं अ्लग हैं लेकिन हम आपस में मनमुटाव नहीं रखते हैं इसीलिए मैं तो दोनों हाथ जोड़कर पीसी शर्मा जी से भी माफी मांगता हूं। पूर्व महापौर ने उपस्थित समुदाय से अनुरोध किया कि वे अपने हाथों से कमल खिलाकर मुझे आगामी विधानसभा चुनावों में जीत का आशीर्वाद दें। लोगों के अपने हाथों से कमल की आकृति बनाकर और तालियां बजाकर उन्हें भरपूर समर्थन दिया।


    कांग्रेस सरकार में पूर्व मंत्री रहे भोपाल दक्षिण के विधायक पीसी शर्मा ने कहा कि जैन समाज की गतिविधियों में हमेशा शामिल होने के कारण मैं उनकी समस्याओं को करीब से जानता हूं। मेरा प्रयास रहता है कि किसी समाज को तकलीफ न हो वे अपना जीवन सरलता से जी सकें। उन्होंने पूर्व महापौर आलोक शर्मा की ओर हाथों का इशारा करते हुए कहा कि अब कमल नहीं पंजा का समय आ गया है। जनता कांग्रेस को गद्दी सौंपने वाली है।


    कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रख्यात एडव्होकेट विजय चौधरी ने कहा कि समाजके आयोजन हमेशा समय पर शुरु होकर समय पर समाप्त कर दिए जाने चाहिए। भोपाल बडा शहर है और दूरदराज के आने वालों को समय पर लौटना भी पड़ता है इसलिए आयोजनों में समयबद्धता का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन समाज को जोड़ने में कारगर होते हैं।


    आयोजन के विशेष अतिथि राकेश जैन विनायका, अतिरिक्त महासचिव आशीष सूतवाला, भाजपा के प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी,मनोहर लाल टोंग्या, पंकज सुपारी, आनंद तारण, आदित्य मनयां, डॉ.मेहता, अमिताभ मनयां,अनिल कुमार जैन आरबीआई,ने भी सभी लोगों से क्षमा याचना की। कार्यक्रम की व्यवस्था संभालने वालों में संयोजक राजकुमार जी जैन बीजा भाई, सह संयोजक संजय जैन, राजेश जैन लड्डू, कमल हाथीशाह,दीप कुमार जैन, ने सभी आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया।


    मंच का संचालन कर रही आकाशवाणी की उद्घोषिका श्रीमती साधना जैन और उनकी सहयोगियों ने सभी आगंतुकों का परिचय देते हुए बताया कि क्षमावाणी पर्व को जैन समाज ने अपने जीवन में उतारा है इसी वजह से हमारी विकास यात्रा बगैर रुकावट जारी रहती है। प्रमोद हिमांशु और राजेन्द्र जैन टीआई ने सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह और शाल श्रीफल देकर सम्मानित किया।विभिन्न जैन मंदिरों से आए अतिथिय़ों का अभिनंदन भी किया गया। आभार प्रदर्शन पंकज प्रधान ने किया।

  • भाजपा की सेवा भावना को मिला जनता का आशीर्वाद बोले शिवराज

    भाजपा की सेवा भावना को मिला जनता का आशीर्वाद बोले शिवराज

    कार्यकर्ता महाकुंभ 25 को, प्रधानमंत्री जी दिलाएंगे विजय का संकल्प : नरेंद्र सिंह तोमर
    21 दिनों में 223 विधानसभाओं में 10880 कि.मी. चली पांचों जन आशीर्वाद यात्राएंः विष्णुदत्त शर्मा
    जन आशीर्वाद यात्राओं की अभूतपूर्व सफलता पर पार्टी नेताओं ने की मीडिया से चर्चा
    भोपाल, 23सितंबर(प्रेस इंफॉर्मेशन सेंटर)। भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश के विभिन्न अंचलों से पांच जन आशीर्वाद यात्राएं निकाली थीं, जिन्हें अभूतपूर्व सफलता हासिल हुई है। इन यात्राओं को जनता का भरपूर समर्थन मिला है। वास्तव में बीते समय में भाजपा की केंद्र और राज्य सरकारों ने जो काम किए हैं, उनके प्रतिफल ने जनता ने इन यात्राओं को अपना आशीर्वाद दिया है। यात्राओं को मिले अभूतपूर्व जनसमर्थन से यह साफ हो गया है कि प्रदेश में एक बार फिर भाजपा की सरकार बनने जा रही है। इन यात्राओं का समापन पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर 25 सितंबर को भोपाल के जंबूरी मैदान में होगा, जिसमें प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में पार्टी कार्यकर्ता विजय का संकल्प लेंगे। यह बात प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री एवं चुनाव प्रबंधन समिति के प्रदेश संयोजक श्री नरेंद्रसिंह तोमर एवं भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्री विष्णुदत्त शर्मा ने शनिवार को पत्रकारवार्ता को संबोधित करते हुए कही।
    देश की आधी आबादी को मोदी जी ने अमृतकाल में दिलाया पूरा न्यायः शिवराजसिंह चौहान
    पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा कि सबसे पहले मैं नारी शक्ति वंदन अधिनियम संसद के दोनों सदनों से सर्वसम्मति से पारित कराने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को धन्यवाद देना चाहता हूं। प्रधानमंत्री जी की इस पहल से आजादी के अमृतकाल में देश की आधी आबादी को पूरा न्याय मिला है। श्री चौहान ने कहा कि महिला सशक्तीकरण भारतीय जनता पार्टी की प्राथमिकता रही है और मध्यप्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य है, जिसने निकाय चुनावों में महिलाओं को प्रतिनिधित्व देने के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया। गिरते सेक्स रेश्यो को संभालने के लिए लाडली लक्ष्मी योजना शुरू की। उन्होंने कहा कि हम पुलिस की भर्ती में महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण दे रहे हैं, जिसे 35 प्रतिशत तक ले जाएंगे। महिलाओं के लिए स्टाम्प शुल्क में कटौती की है। लाडली बहना योजना में हम 1.32 करोड़ बहनों को 1250 रुपये प्रतिमाह दे रहे हैं, जिसे 3000 रुपये तक ले जाएंगे। श्री चौहान ने कहा कि भाजपा की सरकार ने जनता की जो सेवा की है, उसके कारण उसे जन आशीर्वाद यात्राओं में जनता का भरपूर समर्थन मिला है। इन यात्राओं को अभूतपूर्व सफलता मिली है, जिसके लिए मैं प्रदेश अध्यक्ष श्री विष्णुदत्त शर्मा, पार्टी कार्यकर्ताओं और प्रदेश की जनता का आभार जताता हूं।
    जिसका नेता पहियों वाला सूटकेस सिर पर रखे, उस पार्टी का क्या होगा?
    मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस भी यात्राएं निकाल रही है। हम भी यात्राएं निकालते हैं, एकात्म यात्रा, स्नेह यात्रा, आशीर्वाद यात्रा। कांग्रेस ने तो इन यात्राओं का नाम भी ऐसा रखा है कि जिसे सुनकर मन विचलित हो जाए। कांग्रेस जन आक्रोश यात्राएं निकाल रही है। ये यात्राएं ऐसी हैं, जिनमें कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता एक-दूसरे के प्रति आक्रोश दिखा रहे हैं। कहीं धक्का-मुक्का हो रहा है तो कहीं गोलियां भी चल रही हैं। कमलनाथ इस बाते को जानते हैं, इसलिए वो इन यात्राओं से ही गायब हैं। वहीं, दिग्विजय सिंह का तो फोटो भी इन यात्राओं के पोस्टर में नहीं लगाया गया है। कोई भी यह अनुमान लगा सकता है कि ऐसी पार्टी जिसका नेता पहियों वाले सूटकेस को सिर पर रखकर चलता हो, उसका भविष्य क्या होगा?
    वादे नहीं निभाए, इसलिए कांग्रेस के खिलाफ आक्रोशित है जनता
    श्री चौहान ने कहा कि वास्तव में आक्रोश प्रदेश की जनता में है, कांग्रेस के खिलाफ। 2003 के पहले मि. बंटाढार की सरकार ने प्रदेश की जो दुर्गति की थी, उसको लेकर जनता में आक्रोश है और मि. बंटाढार भी इस बात को मानते हैं। वो कहते हैं कि मेरे जाने से कांग्रेस के वोट कट जाएंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के खिलाफ आक्रोश इसलिए है क्योंकि कमलनाथ की सरकार ने जनहित की योजनाएं बंद कर दी थीं। बच्चों के लेपटॉप छीन लिए थे, संबल योजना बंद कर दी थी और बैगा, भारिया, सहरिया बहनों को मिलने वाली 1000 रुपये की सहायता छीन ली थी। कमलनाथ ने कन्यादान योजना की राशि बढ़ाने की बात कही, लेकिन किसी को भी पैसे नहीं दिए। कमलनाथ ने प्रधानमंत्री आवास योजना में स्वीकृत दो लाख आवास लौटा दिये और गरीबों को पक्के मकान से वंचित कर दिया। जनता इसलिए आक्रोशित है क्योंकि कमलनाथ ने किसान सम्मान निधि योजना के नाम नहीं भेजे। जलजीवन मिशन शुरू नहीं करके माता-बहनों की तकलीफों को नजरअंदाज किया। कमलनाथ सरकार ने किसानों, बेरोजगारों से किए गए वादे पूरे नहीं किए इसलिए प्रदेश की जनता में आक्रोश है। भाजपा ने जनता की सेवा की है, इसलिए उसे जनता का आशीर्वाद मिल रहा है।
    सनातन की आलोचना पर मौनी, वोट के लिए ढोंगी बाबा बन जाते हैं कमलनाथ
    श्री चौहान ने कहा कि कांग्रेस के इंडी गठबंधन में ऐसे-ऐसे नेताओं और दलों को शामिल किया गया है, जो सनातन की आलोचना करते हैं। गालियां देते हैं, डेंगू, मलेरिया और वायरस कह कर अपमानित करते हैं। लेकिन कमलनाथ ने इन नेताओं के खिलाफ एक शब्द नहीं बोला। वे सनातन की आलोचना पर मौनी बाबा बन जाते हैं और जब वोट लेना हो, तो ढोंगी बाबा बन जाते हैं। श्री चौहान ने कहा कि जनता सनातन के इस अपमान को सहन नहीं करेगी और जब उसके आक्रोश का प्रकटीकरण होगा, तो कमलनाथ और उनकी पार्टी कहीं की नहीं रहेगी।
    पार्टी के विजय अभियान में मील का पत्थर साबित होगा कार्यकर्ता महाकुंभः नरेंद्र सिंह तोमर
    पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री एवं प्रदेश चुनाव प्रबंधन समिति के संयोजक श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि जन आशीर्वाद यात्रा का जनता का जो अपार स्नेह और मिला है, यात्रा जिस तरह से अपने उद्देश्य में सफल रही है, उसके लिए मैं प्रदेश अध्यक्ष श्री विष्णुदत्त शर्मा जी, केंद्रीय नेतृत्व और पार्टी कार्यकर्ताओं का आभार प्रकट करता हूं। उन्होंने कहा कि 25 सितंबर को पं. दीनदयाल उपाध्याय जी का जन्मदिन है, जो भारतीय जनता पार्टी के चिंतन के प्रेरणास्रोत हैं। पं. उपाध्याय जी के जन्मदिन पर 25 सितंबर को भारतीय जनता पार्टी द्वारा जंबूरी मैदान में कार्यकर्ता महाकुंभ का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें पूरे प्रदेश के लाखों कार्यकर्ता भाग लेंगे। इस महाकुंभ में कार्यकर्ता प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की उपस्थिति में विजय का संकल्प लेंगे। यह महाकुंभ पार्टी की चुनाव तक की यात्रा और विजय को सुनिश्चित करेगा तथा पार्टी के विजय अभियान में मील का पत्थर साबित होगा।
    इसलिए एमपी के मन में उतर गए मोदी जी
    श्री तोमर ने कहा कि 2003 तीन के बाद मध्यप्रदेश को विकास के पथ पर आगे बढ़ाने में मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान की सरकार ने महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह किया है। उन्होंने कहा कि मुझे यह कहते हुए गर्व हो रहा है कि मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की योजनाओं, जनहित के कामों का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन किया गया है। केंद्र और प्रदेश सरकारें मिलकर मध्यप्रदेश में आमूलचूल परिवर्तन करने का प्रयास कर रही हैं। शिवराज जी ने 44 लाख लोगों को मकान बनाकर दिए, तो एमपी के मन में मोदी होगें ही। इसी तरह जब कोविड के भयानक दौर में बीमारी के कारण भले ही किसी की मौत हुई हो, लेकिन भूख के कारण देश और मध्यप्रदेश में किसी भी व्यक्ति को परेशान नहीं होना पड़ा और शिवराज जी की सरकार ने राज्य के 5 करोड लोगों को मुफ्त में अनाज पहुंचाने में सार्थक भूमिका निभाई। चाहे किसान सम्मान निधि योजना हो, घर-घर में शौचालय का निर्माण हो, या फिर उज्जवला योजना का क्रियान्वयन हो, प्रधानमंत्री श्री मोदी की सरकार लोगों का जीवन स्तर उठाने के लिए जो प्रयास कर रही है, उनमें रंग भरने का काम मुख्यमंत्री श्री शिवराज जी की सरकार कर रही है। श्री तोमर ने कहा कि चुनाव की बेला है, महाकुंभ का समय है और विजय का संकल्प है। मुझे पूरा विश्वास है कि डंबल इंजन की सरकार और भारतीय जनता पार्टी मिलकर प्रदेश में फिर से एक बार सरकार बनाने में सफल होंगी।
    अद्भुत और अद्वितीय है मोदी जी की कार्यशैली
    श्री तोमर ने कहा कि देश में अब तक जितने प्रधानमंत्री हुए हैं, सभी का देश के लिए कुछ न कुछ योगदान रहा है। लेकिन प्रधामनमंत्री मोदी जी की जो कार्य पद्धति है, वो अपने आप में अद्भुत और अद्वितीय है। हाल ही में जी – 20 सम्मेलन हुआ था, उसके घोषणा पत्र में महिलाओं पर एक बड़ा पैरा सर्वसम्मति से शामिल किया गया है। प्रधानमंत्री जी ने संसद का विशेष सत्र बुलाकर महिला आरक्षण बिल को सर्वसम्मति को पास कराकर पूरी दुनिया में देश की प्रतिष्ठा बढ़ाने का काम किया है। श्री तोमर ने कहा कि विश्वकर्मा जयंती के दिन प्रधानमंत्री जी ने विश्वकर्माओं के लिए योजना शुरू की है। हाथ के हुनर वाले कारीगरों की संख्या ज्यादा नहीं है। मोदी जी ने इन छोटे कारीगरों को योजना के माध्यम से न सिर्फ आर्थिक सहायता दी, बल्कि उनके हुनर को उन्नत बनाने और उनके प्रति लोगों के मन में सम्मान पैदा करने का काम भी किया है। विश्वकर्मा जयंती के दिन लोहार, बढ़ई जैसे कारीगरों के काम पर डाक टिकट जारी करके प्रधानमंत्री जी ने उन्हें जो सम्मान दिया है, वह सचमुच अद्भुत है।
    10600 किलोमीटर का लक्ष्य था, 10880 किलोमीटर चली यात्राएंः विष्णुदत्त शर्मा
    मीडिया को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्री विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी द्वारा मध्यप्रदेश में चुनावी अभियान के अंतर्गत पांच जन आशीर्वाद यात्राओं का आयोजन किया गया। पहली यात्रा का शुभारंभ 3 सितम्बर को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जे.पी.नड्डा ने श्रीराम की कर्मस्थली चित्रकूट से किया था। दूसरी यात्रा की शुरुआत 4 सितम्बर को नीमच से देश के रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह जी ने की थी। 5 सितम्बर को श्योपुर एवं जनजातीय क्षेत्र मंडला से दो जन आशीर्वाद यात्राओं का शुभारंभ देश के गृहमंत्री श्री अमित शाह जी ने किया था। पांचवी यात्रा 4 सितम्बर को धूनी वाले बाबा का आशीर्वाद लेकर खण्डवा से प्रारंभ हुई थी, जिसकी शुरूआत केंद्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी जी ने की थी। श्री शर्मा ने कहा कि पूर्व में जो जन आशीर्वाद यात्राएं निकलती थीं, वो सभी विधानसभाओं तक नहीं पहुंच पाती थीं। लेकिन इस बार 21 दिनों में पांच जन आशीर्वाद यात्राएं 223 विधानसभाओं तक पहुंची हैं। श्री शर्मा ने कहा कि इन यात्राओं को 10600 किलोमीटर की दूरी तय करना था, लेकिन जनसमर्थन से उत्साहित होकर इन यात्राओं ने 10880 किलोमीटर की दूरी तय की।
    गरीब कल्याण के कामों पर जनता ने लगाई मोहर, यात्राओं को दिया आशीर्वाद
    श्री शर्मा ने कहा कि इन पांचों जन आशीर्वाद यात्राओं में पार्टी को जनता का जो भरपूर आशीर्वाद प्राप्त हुआ है, उसके माध्यम से जनता से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान की सरकारों द्वारा किए जा रहे गरीब कल्याण के कार्यों पर मोहर लगा दी है। गरीब कल्याण के इन्हीं प्रयासों का रिपोर्ट कॉर्ड लेकर पार्टी कार्यकर्ता 65523 बूथों और लगभग 11 हजार शक्ति केंद्रों तक पहुंचे थे और इन्हीं को लेकर हम यात्राओं के माध्यम से जनता के बीच गए थे, जिसे जनता का भरपूर समर्थन मिला है। केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान की सरकारों के कामों से गरीब जनता के जीवन में जो बदलाव आए हैं, उनके चलते जनता ने पांचों जन आशीर्वाद यात्राओं को उत्साह और उमंग के साथ अपना आशीर्वाद दिया है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने बीमारू मध्यप्रदेश को विकसित राज्य बनाया है और आगे उसे स्वर्णिम मध्यप्रदेश बनाने का लक्ष्य है। श्री शर्मा ने कहा कि सरकार के कामों से प्रदेश की जनता में विश्वास जागृत हुआ है।
    2500 स्थानों पर हुआ स्वागत, सभाओं में शामिल हुए 1 करोड़ से ज्यादा लोग
    प्रदेश अध्यक्ष श्री शर्मा ने कहा कि जन आशीर्वाद यात्राओं का 2500 से अधिक स्थानों पर स्वागत किया गया तथा पार्टी नेताओं ने 750 स्थानों पर रथसभाएं एवं 250 स्थानों पर बड़ी मंच सभाओं को संबोधित किया, जिनमें 1 करोड के लगभग लोगों की सहभागिता रही। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के गरीब कल्याण रिपोर्ट कार्ड के माध्यम से फिर इस बार-भाजपा सरकार के स्टीकर घर-घर में लगाकर इस अभियान की शुरुआत की गई थी, जिसके माध्यम से हम लगभग 1 करोड़ लोगों तक पहुंचे। यात्रा के दौरान केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह ने मध्यप्रदेश के मन में मोदी नाम से सदस्यता अभियान की शुरुआत की थी, जिसमें पार्टी से युवाओं और नये सदस्यों को जोड़ने का काम किया गया। इस अभियान के अंतर्गत आज तक 23 लाख 65 हजार 711 लोगों ने भाजपा की सदस्यता ली है, जिसमें 8 लाख लोगों ने पुनः रजिस्ट्रेशन कराया और 14 लाख, 11 हजार, 754 नये सदस्यों ने पहली बार भाजपा की सदस्यता ग्रहण की है। देश एवं प्रदेश में महिला सशक्तिकरण के साथ महिलाओं को अधिकार संपन्न बनाने का जो काम किया है, उसका परिणाम भी इस अभियान में दिखाई दिया। अभियान के दौरान 8 लाख 40 हजार 784 बहनों ने पार्टी की सदस्यता ली, जो कुल सदस्यता का 65 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि इन यात्राओं में हर वर्ग के लोगों ने जिस तरह उत्साहपूर्वक भाग लिया है, वह सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास की नीति का परिणाम है। श्री शर्मा ने कहा कि इन यात्राओं के दौरान जन आकांक्षा पेटियों के माध्यम से स्वर्णिम मध्यप्रदेश के लिए जनता के सुझाव लिये गये हैं, जिन्हें घोषणा-पत्र में शामिल किया जाएगा। श्री शर्मा ने कहा कि जन आशीर्वाद यात्राओं को जो अभूतपूर्व सफलता मिली है, वह पार्टी कार्यकर्ताओं और केंद्रीय नेतृत्व की मेहनत का परिणाम है, जिसके लिए मैं पार्टी नेतृत्व, सभी कार्यकर्ताओं और मीडिया को बधाई एवं धन्यवाद देता हूं।

  • विकास के उत्सव का लाभ उठाएं बोले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

    विकास के उत्सव का लाभ उठाएं बोले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

    भोपाल,14 सितंबर( प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि भारत को विश्व की टॉप 3 अर्थ-व्यवस्था में लाना हमारा लक्ष्य है जिसकी ओर हम तेजी से बढ़ रहे हैं। इस लक्ष्य को पूरा करने में मध्यप्रदेश की बड़ी भूमिका होगी। मध्यप्रदेश के लिये हमारे संकल्प बड़े हैं। आने वाले 5 वर्षों में मध्यप्रदेश विकास की बुलंदियों को छुएगा। आज यहां लगभग 51 हजार करोड़ लागत की औद्योगिक परियोजनाओं का भूमि-पूजन किया गया है, इनसे बुन्देलखण्ड और मध्यप्रदेश की तस्वीर और तकदीर बदलेगी। औद्योगिक विकास को नई ऊर्जा मिलेगी। केन्द्र सरकार मध्यप्रदेश में नई परियोजनाओं पर 50 हजार करोड़ रूपये से ज्यादा खर्च करेगी। ये परियोजनाएँ गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के सपनों को सच करेंगी। विकास के इस उत्सव में भागीदार होने के लिये आप सभी को धन्यवाद और शुभकामनाएँ।

    प्रधानमंत्री श्री मोदी आज बीना रिफाइनरी परिसर में नवीन औद्योगिक परियोजनाओं के शिलान्यास अवसर पर विशाल जन-समुदाय को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने 51 हजार करोड़ रूपये की औद्योगिक परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इनमें बीना रिफाइनरी परिसर में 49 हजार करोड़ रूपये की लागत से पेट्रो-केमिकल कॉम्पलेक्स और मध्यप्रदेश के विभिन्न स्थानों पर 1800 करोड़ रूपये की लागत की 10 नई औद्योगिक परियोजनाएँ शामिल हैं।

    नर्मदापुरम्में नवकरणीय ऊर्जा जोन, इंदौर में 2 आईटी पार्क, रतलाम में मेगा इंडस्ट्रियल पार्क और 6 शहरों शाजापुर, गुना, मंदसौर, आगर-मालवा, नर्मदापुरम् और मक्सी में नये औद्योगिक केन्द्र विकसित किये जाएंगे। इसके पहले प्रधानमंत्री श्री मोदी, मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और सांसद श्री व्ही.डी. शर्मा के साथ खुली जीप में जनता का अभिवादन स्वीकार करते हुए मंच तक पहुँचे। कार्यक्रम स्थल पर उन्होंने पेट्रो-केमिकल कॉम्पलेक्स के निर्माण संबंधी प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने पुष्प-गुच्छ और साँची स्तूप की प्रतिकृति भेंट कर प्रधानमंत्री श्री मोदी का स्वागत किया।

    औद्योगिक विकास के लिये मुख्यमंत्री को दी बधाई

    प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि मध्यप्रदेश जो कभी देश के खस्ताहाल राज्यों में शामिल था, आज विकास की नई ऊँचाई छू रहा है। आजादी के बाद लम्बे समय तक यहां भ्रष्टाचार, अन्याय और अत्याचार का बोलबाला रहा है। कोई कानून व्यवस्था थी ही नहीं। उद्योग और व्यापार चौपट थे। केन्द्र और राज्य की डबल इंजन सरकार ने पूरी ईमानदारी से मध्यप्रदेश का भाग्य बदलने का कार्य किया है। पहले सड़क, पानी और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएँ भी नहीं थीं। आज हर क्षेत्र में विकास हो रहा है। हर गाँव तक सड़क, हर घर में बिजली, हर क्षेत्र में पानी पहुँच रहा है। निवेशक यहाँ आना और निवेश करना चाहते हैं। मध्यप्रदेश तेज गति से औद्योगिक विकास कर रहा है। इसके लिये यहाँ की जनता, मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और उनकी पूरी टीम बधाई की पात्र है।

    प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि जी-20 की सफलता से आज पूरे विश्व में भारत का मस्तक ऊँचा हुआ है। गाँव-गाँव के बच्चे की जुबान पर जी-20 का नाम है। जी-20 की सफलता का श्रेय मोदी को नहीं बल्कि देश की 140 करोड़ जनता को जाता है। यह भारत की सामूहिक शक्ति का परिणाम है। विदेशी मेहमानों ने कहा कि उन्होंने ऐसा आयोजन कभी नहीं देखा। हमने उनका स्वागत दिल खोलकर किया। वे हमारी विविधता और समृद्ध विरासत को देखकर प्रभावित हुए। जी-20 की बैठकों का सफल आयोजन भोपाल, इंदौर और खजुराहो में भी किया गया। जी-20 के सफल आयोजन में मध्यप्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका रही है और इसके लिये मैं शिवराज की टीम-मध्यप्रदेश की प्रशंसा करता हूँ।

    प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि आजादी के अमृत काल में हर भारतवासी ने देश के विकास का संकल्प लिया है, परंतु इसकी सिद्धि के लिये भारत का आत्म-निर्भर होना जरूरी है। आज बीना में पेट्रो-केमिकल इकाई का शिलान्यास इस क्षेत्र में भारत को आत्म-निर्भर बनाने में सहायक होगा। अभी भारत को डीजल, पेट्रोल और अन्य पेट्रो-केमिकल सामग्री के लिये दूसरे देशों पर निर्भर रहना होता है। इन परियोजनाओं से पूरे क्षेत्र को विकास की नई ऊँचाई मिलेगी, नए उद्योग आएंगे और किसान, छोटे उद्यमी और बड़ी संख्या में नौजवानों को रोजगार मिलेगा।

    राष्ट्र विरोधी ताकतों को मिलकर रोके

    प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि आज भारत विश्वमित्र के रूप में सामने आ रहा है, वह दुनिया को जोड़ने का सामर्थ्य दिखा रहा है। यह हमारी सनातन संस्कृति ही है जिसने हजारों वर्षों से हमारे देश को जोड़े रखा है। भगवान श्री राम, देवी अहिल्याबाई, झांसी की रानी लक्ष्मीबाई, महात्मा गांधी सभी हमारी सनातन संस्कृति के प्रतीक हैं। महर्षि वाल्मिकी, माता शबरी, संत रविदास, लोकमान्य तिलक आदि सभी ने इसका संरक्षण किया है। परंतु आज कतिपय राष्ट्र विरोधी ताकतें इसे समाप्त करने की कोशिश कर रही हैं। ये फिर से देश को गुलामी में ढकेलना चाहती हैं। हमें साथ मिलकर पूरी ताकत से इन्हें रोकना होगा।

    जनता की सेवा, मोदी की गारंटी

    प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि जनता की सेवा, मोदी की गारंटी है और उसे निरंतर पूरा किया जा रहा है। हमने सबको पक्के घर, घर-घर शौचालय, सबको भोजन, नि:शुल्क इलाज, सबके बैंक खाते, हर बहन को गैस कनेक्शन की गारंटी दी और उसे पूरा किया। देश में 40 लाख परिवारों को पक्के घर दिये गये हैं। उज्ज्वला योजना में बहनों को गैस कनेक्शन देकर धुएँ से मुक्ति दिलाई गई है। रक्षाबंधन पर गैस सिलेंडर की कीमत 200 रूपये कम की गई है। अब केन्द्र सरकार ने निर्णय लिया है कि 75 लाख और बहनों को मुफ्त गैस कनेक्शन दिये जाएंगे।

    वंचितों की वरीयता है शासन का मूल मंत्र

    प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि वंचितों की वरीयता शासन का मूल मंत्र है। दिल्ली की सरकार हो अथवा भोपाल की, हम हर घर तक पहुँचकर जनता की सेवा कर रहे हैं। कोविड के संकटकाल में मुफ्त टीकाकरण मानवता की बड़ी सेवा थी। गरीबों को मुफ्त राशन दिया जा रहा है। सरकार खेती की लागत कम करने और किसानों के कल्याण के कार्य कर रही है। किसानों को सस्ता खाद- बीज दिलवा रही है। यूरिया खाद की जो बोरी अमेरिका में 3 हजार रूपये में मिलती है, हम किसानों को 300 रूपये में दिलवा रहे हैं। इस पर सरकार ने सरकारी खजाने से 10 लाख करोड़ रूपये खर्च किये हैं।

    प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि केन-बेतवा लिंक परियोजना से बुंदेलखण्ड क्षेत्र को अत्यधिक लाभ होगा। आने वाली पीढ़ियां भी इससे लाभान्वित होंगी। देश में आने वाले 4 वर्षों में 10 करोड़ नए परिवारों को नल से जल उपलब्ध कराया जाएगा। मध्यप्रदेश में भी 65 लाख परिवारों को नल से जल दिलवाया जा रहा है। अटल भू-जल योजना पर भी कार्य हो रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि आगामी 5 अक्टूबर को देश में रानी दुर्गावती की 500वीं जयंती धूम-धाम से मनाई जाएगी।

     मध्यप्रदेश का हुआ कायाकल्प : केन्द्रीय मंत्री श्री हरदीप सिंह पुरी

    केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री श्री हरदीप सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा 2014 में देश की बागडोर संभालने के बाद देश का कायाकल्प हुआ है। वर्ष 2014 में जहाँ देश के केवल 45% लोगों के पास एलपीजी गैस कनेक्शन था, हमारी सरकार ने 32 करोड़ गैस कनेक्शन उपलब्ध कराए। प्रधानमंत्री श्री मोदी के प्रयासों का ही परिणाम है कि विश्व के दूसरे देशों में पेट्रोल- डीजल के दाम बढ़े लेकिन भारत में पेट्रोल-डीजल के भाव कम हुए। देश में सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी में भी कमी आई है। जिन राज्यों में डबल इंजन की सरकारें है, वहां वैट टैक्स भी कम हुआ है। केंद्रीय मंत्री श्री पुरी ने 2014 के बाद मध्य प्रदेश में हुई प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि 2014 में मध्य प्रदेश में जहां 2854 पेट्रोल पंप थे वहीं 2023 में बढ़कर 5938 हो गए। एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर की संख्या 865 से बढ़कर 1552 और एलपीजी गैस कनेक्शन की संख्या 70 लाख से बढ़कर एक करोड 85 लाख हो गई है। केंद्रीय मंत्री ने मध्य प्रदेश की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में एलपीजी गैस की उपलब्धता 45 प्रतिशत से बढ़कर शत प्रतिशत हुई है, एलपीजी पाइपलाइन कनेक्शन की संख्या 2700 से बढ़कर 15785, सीएनजी स्टेशन की संख्या 15 से बढ़कर 275 और प्राकृतिक गैस पाइपलाइन का विस्तार 802 किलोमीटर से बढ़कर 6862 किलोमीटर में हुआ है। बीना में आज हुए लोकार्पण से यह क्षेत्र “बुलंद बुंदेलखंड” के लक्ष्य की ओर दृढ़तापूर्वक अग्रसर होगा।

    विश्व-कल्याण के लिये काम कर रहे हैं प्रधानमंत्री – मुख्यमंत्री श्री चौहान

    मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री श्री मोदी का स्वागत करते हुए कहा कि जी-20 की ऐतिहासिक सफलता ने सिद्ध किया है कि प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा विश्व के कल्याण की दिशा में किए जा रहे कार्य से संपूर्ण विश्व में हमारे देश और देशवासियों का मान-सम्मान बढ़ा है। चंद्रयान की सफलता के लिए भी हमारे वैज्ञानिकों को प्रणाम और प्रधानमंत्री श्री मोदी का वंदन है। उनके नेतृत्व में अब हम सूर्य की ओर भी अग्रसर हैं।

    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि पिछली सरकार ने बुंदेलखंड को पिछड़ा रखा था। प्रधानमंत्री मोदी की पहल पर यहां हो रहे 50 हजार करोड़ के निवेश से बुंदेलखंड की तस्वीर और यहां के निवासियों की तकदीर बदल जाएगी। बीना रिफाइनरी, एथिलीन क्रेकर परियोजना और प्रदेश के 10 प्रमुख औद्योगिक पार्कों से युवाओं के लिए लाखों रोजगार के अवसर सृजित होंगे, इन सौगातों के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी का आभार। उन्होंने कहा कि केन-बेतवा परियोजना मंजूर हो गई है इससे 20 लाख एकड़ में सिंचाई होगी और बुंदेलखंड क्षेत्र के लोगों का जीवन बदल जाएगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रधानमंत्री श्री मोदी को केन-बेतवा परियोजना के भूमि पूजन का आमंत्रण दिया।

    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रधानमंत्री श्री मोदी को आगामी 17 सितंबर को आ रहे जन्मदिवस के लिए प्रदेशवासियों की ओर से शुभकामनाएं देते हुए कहा कि श्री मोदी का जीवन देश और देशवासियों के लिए है। ईश्वर से यही प्रार्थना है कि वे स्वस्थ और प्रसन्न रहें तथा देश-दुनिया की सेवा करते रहें, मध्य प्रदेश उनका अनुसरण करता रहेगा।

     सभा स्थल पर श्री नरेंद्र मोदी का जनदर्शन

    बीना रिफाइनरी परिसर में पेट्रो केमिकल काम्पलेक्स के भव्य शिलान्यास कार्यक्रम और जनसभा स्थल पहुंचने पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जनता के बीच खुले वाहन से पहुंचे। लगभग बीस मिनट के जनदर्शन में उनके साथ मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और सांसद वीडी शर्मा भी थे। श्री मोदी को अपने बीच पाकर मौजूद जनता ने उत्साह, उमंग और हर्ष से स्वागत किया। श्री मोदी ने भी जनता का अभिवादन स्वीकार किया। जनसभा में विशाल संख्या में उपस्थित जनता के बीच प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के वाहन के लिए मार्ग बनाया गया था। जिस स्थान से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री चौहान का वाहन निकला, उस स्थान पर मौजूद लोग इस ऐतिहासिक दृश्य को अपने मोबाइल के कैमरे में कैद से करने से नहीं चूके।

    केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता  मंत्री श्री वीरेंद्र कुमार, केंद्रीय जल शक्ति नियोजन राज्य मंत्री प्रहलाद पटेल, जिले के प्रभारी और प्रदेश के सहकारिता और लोक सेवा प्रबंधन मंत्री डॉ. अरविंद सिंह भदौरिया, लोक निर्माण मंत्री गोपाल भार्गव, नगरीय विकास मंत्री भूपेंद्र सिंह, राजस्व एवं परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, सांसद व्ही.डी. शर्मा और राजबहादुर सिंह सहित विधायक और जन-प्रतिनिधि मौजूद थे।

  • कांग्रेस की रगों में बसा है चारित्रिक पतनःसबनानी

    कांग्रेस की रगों में बसा है चारित्रिक पतनःसबनानी

    भोपाल,25 अगस्त(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। मध्य प्रदेश में कांग्रेस और उनके नेताओं की चरित्रहीनता पर भारतीय जनता पार्टी ने तीखा कटाक्ष किया है।भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री एवं प्रदेश कार्यालय प्रभारी श्री भगवानदास सबनानी ने आज राजधानी में पत्रकार वार्ता में कहा कि डबरा से कांग्रेस विधायक सुरेश राजे और तेंदूखेड़ा विधायक संजय शर्मा का नाम दो अलग-अलग चारित्रिक पतन की घटनाओं में सामने आया है। सुरेश राजे अशोभनीय वीडियो को लेकर चर्चाओं में हैं तो संजय शर्मा सना खान हत्याकांड के आरोपी को संरक्षण दे रहे हैं। यह मामले सामने आने के बाद भी कांग्रेस ने विधायकों पर कोई कार्रवाई नहीं की है और न ही किसी तरह की माफी मांगी है। यह घटनाएं हमें बताती हैं कि कांग्रेस का दुराचारियों और व्यभिचारियों को संरक्षण प्राप्त है। यह दुर्भाग्य की बात है इसमें कांर्ग्रेस ने जिस तरीके से चुप्पी ओढ़ रखी है, उससे लग रहा है कि यह सब कांग्रेस के इशारे पर हो रहा है। यही कांग्रेस का असली चेहरा और चरित्र रहा है।

    प्रदेश महामंत्री भगवानदास सबनानी ने कहा कि विधायक संजय शर्मा का नाम सना खान हत्याकांड में सामने आया है। विधायक और हत्यारे अमित साहू के बीच हुई बातचीत से साफ है कि वे उसे अपराध करने और फिर बचने का मार्गदर्शन दे रहे हैं। कांग्रेस ऐसे कांग्रेस नेताओं पर कार्रवाई करने की बजाय संरक्षण देने का काम कर रही है। वहीं विधायक सुरेश राजे का अशोभनीय वीडियो यह बताता है कि कांग्रेस नेताओं का असली चरित्र और चेहरा यही रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का एक पुराना इतिहास रहा है। उस इतिहास पर नजर डालें तो महिला अपमान में इन्होंने कोई कसर नहीं छोड़ी है।

    उन्होंने कहा कि गंधवानी से कांग्रेस विधायक और कमलनाथ सरकार में मंत्री रहे उमंग सिंघार के खिलाफ एक महिला ने दुष्कर्म का मामला दर्ज करवाया था। उन्होंने महिला को शादी का झूठा आश्वासन देकर दुष्कर्म किया था। मानवता को शर्मसार करने वाली इस तरह की घटनाएं कांग्रेस नेता व जनप्रतिनिधियों द्वारा की जा रही है। मंडला जिले में एक सरपंच के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया था। इसमें आरोपी और पीड़िता कांग्रेस कमेटी की पदाधिकारी थीं। कांग्रेस विधायक डॉ. अशोक मर्सकोले ने पीड़िता को न्याय दिलवाने की बजाय इसे व्यक्तिगत मामला बताते हुए पल्ला झाड़ लिया। यह कांग्रेस की असलियत है और अपनी जिम्मेदारियों से भागती है एवं जनता न्याय के लिए तरसती है।

    प्रदेश महामंत्री श्री सबनानी ने कहा कि रेवांचल एक्सर्प्रेस में यात्रा कर रही महिला के साथ सतना से कांग्रेस विधायक सुनील सर्राफ और कोतमा विधायक सिद्वार्थ कुशवाहा ने शराब के नशे में बदसलूखी की। साथ ही महिला को धमकी भी दी कि वह कहीं शिकायत न करें। अकेली महिला के साथ बदसलूकी करना कांग्रेसियों की आपराधिक और व्यभिचार से भरी मानसिकता को दर्शाता है। इनके लिए महिला सम्मान की कोई असहमियत नहीं है। कांग्रेस नेताओं ने महिलाओं के अपमान में कोई कसर नहीं छोड़ी है। उन्होंने अपने कर्मों से जनता का विश्वास तोड़ा है। आज प्रदेश की महिलाएं कांग्रेस और कांग्रेस नेताओं का चरित्र जानती हैं। कांग्रेस का असली चेहरा सबके सामने है।

    वरिष्ठ नेता भगवानदास सबनानी ने कहा कि जावरा में पूर्व कांग्रेस नेता डॉ. समीर सिंह राठौर पर महिला से दुष्कर्म का आरोप लगा, लेकिन कांग्रेस ने इस मामले को दबाने का काम किया। कांग्रेस का हाथ हमेशा अत्याचारियों के साथ ही होता है। उज्जैन जिले के कांग्रेस विधायक मुरली मोरवाल के बेटे करण मोरवाल एक महिला नेता के यौन शोषण के आरोपी हैं। उन्होंने महिला को शादी का झांसा देकर महिला के साथ दुष्कर्म किया। लेकिन उन पर कार्रवाई करने की बजाय उन्हें बचाया गया। कांग्रेस का हाथ हमेशा दुष्कर्मियों के साथ रहा है। भोपाल की नरेला विधानसभा के कांग्रेस अध्यक्ष तारिक अली और उनके भाइयों सारिक एवं राजा अली ने नशीला पदार्थ खिलाकर एक महिला की अस्मत लूटने का घिनौना काम किया। कांग्रेस नेता ही क्यों महिलाओं के रक्षक की जगह उनके भक्षक बनते हैं। कांग्रेस का चरित्र ही महिला विरोधी है। प्रियंका गांधी लड़की हूं, लड़ सकती हूं का नारा देती हैं, लेकिन महिलाओं को अपनी अस्मत कांग्रेस नेताओं से ही बचानी पड़ती है और अब तो बेटे भी इनकी आपराधिक और व्यभिचारिक मानसिकता के शिकार हो रहे हैं।

  • भाजपा ने एमपी को बीमारू के कलंक से मुक्त कराया बोले अमित शाह

    भाजपा ने एमपी को बीमारू के कलंक से मुक्त कराया बोले अमित शाह


    केंद्रीय गृह मंत्री ने लांच किया प्रदेश सरकार का 2003-2023 गरीब कल्याण रिपोर्ट कार्ड

    भोपाल,20 अगस्त(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। मध्यप्रदेश के गठन के बाद से 2003 तक ज्यादातर समय कांग्रेस की ही सरकारें सत्ता में रही हैं। इन सरकारों ने प्रदेश को बीमारू राज्य बना दिया था। मध्यप्रदेश देश के उन राज्यों में शामिल था, जो देश के विकास में बाधक थे। 2003 में प्रदेश में उमा भारती जी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनी। बाद में बाबूलाल गौर और शिवराजसिंह चौहान ने उस सरकार का नेतृत्व किया। भाजपा की सरकार ने प्रदेश को 20 सालों में बीमारू से बेमिसाल राज्य बनाया, बंटाढार से बुलंदियों पर पहुंचाया, पिछड़े से अग्रणी बनाया, समृद्ध और खुशहाल राज्य बनाया। मि. बंटाढार और कमलनाथ इस बात का जवाब दें कि 53 सालों में उनकी सरकारों ने प्रदेश के लिए क्या किया? क्यों प्रदेश की जनता के साथ अन्याय किया? क्यों मध्यप्रदेश का काफिला लुटा? यह बात केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को प्रदेश सरकार के 20 सालों का गरीब कल्याण रिपोर्ट कॉर्ड जारी करते हुए कही। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान एवं भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने भी संबोधित किया। इस दौरान मंच पर प्रदेश शासन के गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा मौजूद थे।

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि 2003 से पहले मध्यप्रदेश बीमारू राज्य हुआ करता था। 2003 में आई भाजपा की सरकार ने प्रदेश को बीमारू राज्य के कलंक से मुक्ति दिलाई। 2003 से 2023 तक के 20 साल प्रदेश में गरीबी से मुक्ति का स्वर्णकाल का समय रहा है। इन सालों में आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश की नींव डाली गई। 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की सरकार बनी और प्रधानमंत्री मोदी जी ने मध्यप्रदेश की दिल खोलकर मदद की। डबल इंजन वाली सरकार ने प्रदेश में विकास के नए प्रतिमान गढ़े। न सिर्फ सड़क, बिजली और पानी की समस्या दूर हुई, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, सुशासन और विकास के सभी मापदंडों पर प्रदेश को आगे बढ़ाया और राजधानी भोपाल से गांव की चौपाल तक विकास और खुशहाली बयार चलाई। इसका प्रति उत्तर देते हुए प्रदेश की जनता ने भी दिल खोलकर वोट दिये। 2019 में 29 में से 28 सीटें भाजपा को दीं और 2024 में जो एक सीट की कमी रह गई है, वो भी जनता पूरी कर देगी। श्री शाह ने कहा कि मैं प्रदेश की जनता को विश्वास दिलाता हूं कि देश के अमृतकाल में मध्यप्रदेश देश का अग्रणी राज्य बनेगा। उन्होंने कहा कि आने वाला चुनाव प्रदेश को विकसित और सर्वोच्च राज्य बनाने तथा गरीबी से संपूर्ण मुक्ति दिलाने वाला चुनाव है और मुझे पूरा विश्वास है कि प्रदेश की 9 करोड़ जनता का आशीर्वाद हमें मिलेगा।

    श्री शाह ने कहा कि 2014 में सत्ता में आने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की सरकार ने 60 करोड़ गरीबों का जीवन स्तर ऊपर उठाया। 14 करोड़ लोग गरीबी की सीमा रेखा से बाहर हुए। लगभग 10 सालों में देश की आबादी 10 प्रतिशत लोगों को गरीबी रेखा से बाहर करके मोदी जी गरीब कल्याण के पुरोधा बन गए और उनकी योजनाओं का लाभ मध्यप्रदेश को भी मिला। बंटाढार सरकार ने राज्य के बजट को 23000 करोड़ पर छोड़ दिया था, जिसे शिवराज जी की सरकार ने 3.14 लाख करोड़ तक पहुंचाया है। बंटाढार के समय शिक्षा का बजट 2456 करोड़ था, जिसे 38000 करोड़ तक पहुंचाया। स्वास्थ्य का बजट 580 करोड़ था, जिसे 16 हजार करोड़ तथा सर्व शिक्षा अभियान का बजट जो 844 करोड़ था, उसे 66 हजार करोड़ तक पहुंचाया। मि. बंटाढार और कमलनाथ को यह बताना चाहिए कि प्रदेश की आबादी का बड़ा हिस्सा एससी, एसटी और ओबीसी का है, इनके बजट को क्यों 1056 करोड़ पर छोड़ दिया था? भाजपा सरकार ने इसे 64390 करोड़ तक पहुंचाया। प्रति व्यक्ति आय 11700 से बढ़कर 1.40 लाख रुपये हो गई। बंटाढार सरकार के समय प्रदेश की सड़कें बदनाम थीं, भाजपा की सरकार ने 5.10 लाख कि.मी. अच्छी क्वालिटी की सड़कें बनाईं और राष्ट्रीय राजमार्ग जो सिर्फ 4800 किलोमीटर थे, उन्हें 13000 किलोमीटर तक पहुंचाया। श्री शाह ने कहा कि कमलनाथ जैसे जिन नेताओं ने कभी हाथों में हल नहीं पकड़ा, वो हमारी सरकार पर सवाल उठाते हैं। जबकि उनकी सरकार के समय समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी सिर्फ 4.38 लाख थी, जिसे हमारी सरकार ने 77.96 लाख मीट्रिक टन तक पहुंचाया। धान की खरीदी सिर्फ 95 हजार मीट्रिक टन होती थी, जिसे 46.30 लाख टन तक पहुंचाया। प्रदेश में हुए इस रिकॉर्ड तोड़ विकास के लिए मैं शिवराज जी को साधुवाद देता हूं।

    श्री शाह ने कहा कि पहले की सरकारें टुकड़े-टुकड़े विकास पर विश्वास करती थीं। 20 हजार घर, 30 हजार शौचालय जैसे लक्ष्य हुआ करते थे। लेकिन प्रधानमंत्री मोदी जी ने देश में पहली बार संपूर्ण सेचुरेशन का कांसेप्ट दिया। हर घर में शौचालय, हर जरूरतमंद माता-बहन को गैस कनेक्शन, हर घर में नल से जल जैसी योजनाएं संपूर्ण सेचुरेशन की ही उदाहरण हैं। संपूर्ण सेचुरेशन को हासिल करने के लिए ही मोदी सरकार ने प्रदेश के 80 लाख घरों में शौचालय बनाए हैं, तो 1.2 करोड़ प्रधानमंत्री अन्न योजना के कॉर्ड बनाए हैं। 10.87 लाख गैस सिलेंडर बांटे गए हैं। 42 लाख प्रधानमंत्री आवास बनाए गए हैं। 4000 कि.मी. नए राजमार्ग बनाए जा रहे हैं। रीवा, ग्वालियर और जबलपुर एयरपोर्ट का विकास हो रहा है, 35 रेल्वे स्टेशन विश्वस्तरीय बनाए जा रहे हैं। प्रदेश की विकास दर 16 प्रतिशत हो गई है और सिंचाई क्षमता 47 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गई है। प्रदेश की 46 लाख बेटियां लाडली लक्ष्मी बन चुकी हैं। प्रदेश में 24 मेडिकल कॉलेज खोले जा रहे हैं और मेडिकल, इंजीनियरिंग तथा पॉलीटेक्निक की पढ़ाई हिंदी में शुरू कराई जा रही है। भोपाल और इंदौर शहरों में मेट्रो रेल का काम तेजी से चल रहा है। ओंकारेश्वर में 2400 करोड़ की लागत से आदि शंकराचार्य अद्वैत स्मारक बनाया जा रहा है, तो उज्जैन में महाकाल महालोक बनकर तैयार हो चुका है। श्री शाह ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने आदिवासियों को उनके अधिकार देने के लिए पेसा एक्ट लागू किया है तथा जनजातीय इतिहास को संजोने के लिए संग्रहालय बनाए जा रहे हैं। जनजातीय क्रांतिवीरों और जननायकों की स्मृतियों को संजोने के लिए रेलवे स्टेशनों के नाम उनके नाम पर रखे जा रहे हैं।

    श्री शाह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने जवाबदेही की एक नई परंपरा शुरू की है, जिसके अंतर्गत हर सरकार अपने कार्यकाल में किए गए कामों का लेखा-जोखा प्रस्तुत करती है। हमने अपना रिपोर्ट कॉर्ड प्रस्तुत किया है और गलत आरोप लगाकर जनता को गुमराह करने वाली कांग्रेस को इस रिपोर्ट कॉर्ड का जवाब देना चाहिए। कांग्रेस ने प्रदेश की जनता के साथ जो अन्याय किया है, उसका जवाब देना चाहिए और अगर उसमें हिम्मत है, तो अपने 53 सालों के शासन का रिपोर्ट कॉर्ड प्रस्तुत करे। श्री शाह ने कहा कि मध्यप्रदेश में 15 महीनों के लिए कमलनाथ की सरकार बनी थी, जिन्हें करप्शन नाथ कहा जाता है। बंटाढार और कमलनाथ की उस सरकार ने भाजपा सरकार द्वारा शुरू की गई गरीब कल्याण की सारी योजनाएं बंद कर दीं थी और गरीब कल्याण अभियान को अपाहिज बना दिया था। उस सरकार ने सहरिया, भारिया और बैगा बहनों को मिलने वाला पोषण अनुदान बंद कर दिया था। श्री शाह ने कहा कि इस्तीफा देते समय कोई मुख्यमंत्री काम नहीं करता, लेकिन करप्शननाथ ने अपने इस्तीफे से 15 मिनट पहले मोबाइल घोटाले से संबंधित दस्तावेजों पर साइन किए। करप्शन नाथ ने 350 करोड़ का मोजर बियर घोटाला किया और 2400 करोड़ के अगस्ता वेस्टलैंड घोटाले से उनका संबंध है। करप्शन नाथ ने 600 करोड़ का इफ्को घोटाला, कर्जमाफी में 25000 करोड़ का हेरफेर किया। उस सरकार ने 800 ट्रांसफर करके नया तबादला उद्योग शुरू कर दिया था। श्री शाह ने कहा कि कमलनाथ को अपनी सरकार के डेढ़ सालों में हुए घोटालों का जवाब देना चाहिए।
    जनता तय करे, वह घोटालों के साथ है या विकास के साथ
    श्री शाह ने कहा कि मोदी जी ने देश के प्रधानमंत्री बनते ही भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का बीड़ा उठाया। देश को दुनिया की तीसरी अर्थव्यवस्था, 5 ट्रिलियन इकॉनॉमी और आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प लिया। आज भारत क्लाइमेट चेंज और आतंकवाद पर जीरो टालरेंस के मामले में दुनिया का नेतृत्व कर रहा है। जी-20 समिट सारी दुनिया में भारत की संस्कृति, विकास और उसके भविष्य के प्रसार का माध्यम बन रही है। पहली बार जी-20 समिट देश के सभी राज्यों के 59 स्थानों पर हो रही है। 14 देशों ने प्रधानमंत्री मोदी जी को अपना सर्वोच्च सम्मान दिया है। भारत आज डिजिटल लेनदेन, एलईडी वल्ब के वितरण, स्वच्छता, टीकाकरण तथा दाल, दलहन, दूध,जूट और रेल इंजन के उत्पादन में दुनिया में पहले स्थान पर है। मोबाइल, सीमेंट, स्टील, कॉटन, चाय के उत्पादन में दूसरे स्थान पर तथा स्टार्टअप और वाहन उद्योग में तीसरे स्थान पर है। दूसरी तरफ कांग्रेस अपने शासन में सिर्फ घोटाले करती रही। बोफोर्स घोटाला, टूजी घोटाला, सत्यम घोटाला, कॉमनवेल्थ घोटाला, कोयला घोटाला, चॉपर घोटाला, टेट्रा ट्रक घोटाला, वोट के बदले नोट घोटाला, आदर्श हाउसिंग घोटाला, डीएलएफ घोटाला, नेशनल हेराल्ड घोटाला, खाद्य सुरक्षा बिल घोटाला, शेयर बाजार घोटाला, आईपीएल घोटाला, एलआईसी हाउसिंग घोटाला, मधु कोड़ा कांड, राफेल खरीदी घोटाला, सबमरीन घोटाला, मंदिर कलेक्शन घोटाला और वॉक्स वैगन इक्विटी घोटाले जैसे 24 से अधिक घोटालों में लिप्त रही है। श्री शाह ने कहा कि अब यह मध्यप्रदेश की जनता को तय करना है कि वह विकास के साथ है या घोटालों के साथ। अगर वो विकास के साथ है, तो उसे 2023 के विधानसभा चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को अपना समर्थन देना है।

    केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा कि 2003 से पहले मध्यप्रदेश बीमारू राज्यों में शामिल था और यहां डकैतों, नक्सलियों का आतंक था। हमारी सरकार ने प्रदेश को बीमारू राज्य के ठप्पे से मुक्ति दिलाई। वर्ष 2002-03 में प्रदेश की अर्थव्यवस्था का आकार 71000 करोड़ रुपये हुआ करता था, वह अब 13.5 लाख करोड़ के पार हो गया है। देश की जीडीपी में पहले प्रदेश का योगदान सिर्फ 3.6 प्रतिशत था, जो अब 4.8 प्रतिशत हो गया है। हमने प्रदेश में सड़कों का जाल बिछाया है और सिंचाई के क्षेत्र में तो चमत्कार हो गया है। श्री चौहान ने कहा कि 2014 में श्री नरेंद्र मोदी जी के प्रधानमंत्री बनने के बाद प्रदेश की प्रगति को नई दिशा और गति मिली है। डबल इंजन वाली सरकार ने विकास के नए प्रतिमान गढ़ दिए हैं। पहले जहां एक पंचायत को गिनती के ही आवास मिला करते थे, वहीं अब हर पंचायत औसत 122-23 प्रधानमंत्री आवास मिल रहे हैं। महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में प्रदेश में अभूतपूर्व काम हुआ है। प्रदेश की विकास दर 16 प्रतिशत से ऊपर है, लेकिन हम इससे संतुष्ट नहीं हैं। श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश को 2047 तक देश को दुनिया को सबसे समृद्ध, गौरवशाली, वैभवशाली और शक्तिशाली राष्ट्र बनाने तथा देश को पांच ट्रिलियन इकॉनॉमी बनाने का संकल्प लिया है। इसे पूरा करने में मध्यप्रदेश कोई कसर नहीं छोड़ेगा और हमने भी इसमें भागीदारी करते हुए प्रदेश को 550 बिलियन की इकॉनॉमी बनाने का लक्ष्य तय किया है।

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि प्रदेश के लिए यह गर्व की बात है कि भाजपा सरकार के 20 सालों के गरीब कल्याण के रिपोर्ट कॉर्ड का लोकार्पण केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के हाथों किया जा रहा है, मैं प्रदेश की जनता की ओर से तथा पार्टी कार्यकर्ताओं की ओर से उनका स्वागत करता हूं, आभार जताता हूं। उन्होंने कहा कि भाजपा की डबल इंजन वाली सरकार देश और प्रदेश को लगातार विकास के रास्ते पर आगे बढ़ा रही है और यह हमारा सौभाग्य है कि हमारे पास ऐसी सशक्त सरकार है, जो अपने निर्णयों को लागू करने में सक्षम है।

  • हजार वर्षों का स्वर्णकाल लिख रहा हिंदुस्तान:प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

    हजार वर्षों का स्वर्णकाल लिख रहा हिंदुस्तान:प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

    मेरे प्रिय 140 करोड़ परिवारजन,

    दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र और अब बहुत लोगों का अभिप्राय है ये जनसंख्या की दृष्टि से भी हम विश्व में नंबर एक पर हैं। इतना बड़ा विशाल देश, 140 करोड़ देश, ये मेरे भाई-बहन, मेरे परिवारजन आज आजादी का पर्व मना रहे हैं। मैं देश के कोटि-कोटि जनों को, देश और दुनिया में भारत को प्यार करने वाले, भारत का सम्मान करने वाले, भारत का गौरव करने वाले कोटि-कोटि जनों को आजादी के इस महान पवित्र पर्व की अनेक-अनेक शुभकामनाएं देता हूं।

    मेरे प्यारे परिवारजन,

    पूज्य बापू के नेतृत्व में असहयोग का आंदोलन, सत्याग्रह की मूवमेंट और भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरू जैसे अनगिनत वीरों का बलिदान, उस पीढ़ी में शायद ही कोई व्यक्ति होगा जिसने देश की आजादी में अपना योगदान न दिया हो। मैं आज देश की आजादी की जंग में जिन-जिन ने योगदान दिया है, बलिदान दिए हैं, त्याग किया है, तपस्या की है, उन सबको आदरपूर्वक नमन करता हूं, उनका अभिनंदन करता हूं। आज 15 अगस्त महान क्रांतिकारी और अध्यात्म जीवन के रूचि तुल्य प्रणेता श्री अरविंदों की 150वीं जयंती पूर्ण हो रही है। ये वर्ष स्वामी दयानंद सरस्वती के 150वीं जयंती का वर्ष है। ये वर्ष रानी दुर्गावती के 500वीं जन्मशती का बहुत ही पवित्र अवसर है जो पूरा देश बड़े धूमधाम से मनाने वाला है। ये वर्ष मीराबाई भक्ति योग की सिरमौर मीराबाई के 525 वर्ष का भी ये पावन पर्व है। इस बार जब हम 26 जनवरी मनाएंगे वो हमारे गणतंत्र दिवस की 75वीं वर्षगांठ होगी। अनेक प्रकार से अनेक अवसर, अनेक संभावनाएं राष्ट्र निर्माण में जुटे रहने के लिए पल-पल नई प्रेरणा, पल-पल नई चेतना, पल-पल सपने, पल-पल संकल्प, शायद इससे बड़ा कोई अवसर नहीं हो सकता।
    |

    मेरे प्यारे परिवारजन,

    इस बार प्राकृतिक आपदा ने देश के अनेक हिस्सों में अकल्पनीय संकट पैदा किए। जिन परिवारों ने इस संकट में सहन किया है मैं उन सभी परिवाजनों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट करता हूं और राज्य-केंद्र सरकार मिल करके उन सभी संकटों से जल्दी‍ से मुक्त हो करके फिर तेज गति से आगे बढ़ेंगे ये विश्वास दिलाता हूं।

    मेरे प्यारे परिवारजनों,

    पिछले कुछ सप्ताह नार्थ-ईस्ट में विशेषकर मणिपुर में और हिन्दुस्तान के भी अन्य कुछ भागो में, लेकिन विशेषकर मणिपुर में जो हिंसा का दौर चला, कई लोगों को अपना जीवन खोना पड़ा, मां-बेटियों के सम्मान के साथ खिलवाड़ हुआ, लेकिन कुछ दिनों से लगातार शांति की खबरें आ रही हैं, देश मणिपुर के लोगों के साथ है। देश मणिपुर के लोगों ने पिछले कुछ दिनों से जो शांति बनाई रखी है, उस शांति के पर्व को आगे बढ़ाए और शांति से ही समाधान का रास्ता निकलेगा। और राज्य और केंद्र सरकार मिलकर के उन समस्याओं के समाधान के लिए भरपूर प्रयास कर रही है, करती रहेगी।

    मेरे प्यारे परिवारजनों,

    जब हम इतिहास की तरफ नजर करते हैं तो इतिहास में कुछ पल ऐसे आते हैं जो अपनी अमिट छाप छोडकर के जाते है। और उसका प्रभाव सदियों तक रहता है और कभी-कभी शुरूआत में वो बहुत छोटा लगता है, छोटी सी घटना लगती है, लेकिन वो अनेक समस्याओं की जड़ बन जाती है। हमें याद है 1000-1200 साल पहले इस देश पर आक्रमण हुआ। एक छोटे से राज्य के छोटे से राजा का पराजय हुआ। लेकिन तब पता तक नहीं था कि एक घटना भारत को हजार साल की गुलामी में फंसा देगी। और हम गुलामी में जकड़ते गए, जकड़ते गए, जकड़ते गए, जो आया लूटता गया, जो जिसका मन चाहा, हम पर आकर सवार हो गया। कैसा विपरीत काल रहा होगा, वो हजार साल का।
    |

    मेरे प्यारे परिवारजनों,

    घटना छोटी क्यों न हो, लेकिन हजार साल तक प्रभाव छोड़ती रही है। लेकिन मैं आज इस बात का जिक्र इसलिए करना चाहता हूं कि भारत के वीरों ने इस कालखण्ड में कोई भू-भाग ऐसा नहीं था, कोई समय ऐसा नहीं था, जब उन्होंने देश की आजादी की लौ को जलता ना रखा हो, बलिदान की परंपरा न बनाई हो। मां भारती बेड़ियों से मुक्त होने के लिए उठ खड़ी हुई थी, जंजीरों को झकझोर रही थी और देश की नारी शक्ति, देश की युवा शक्ति, देश के किसान, देश के गांव के लोग, मजदूर, कोई हिन्दुस्तानी ऐसा नहीं था, जो आजादी के सपने को लेकर के जीता न हो। आजादी को पाने के लिए मर-मिटने के लिए तैयार होने वालों की एक बड़ी फौज तैयार हो गई थी। जेलों में जवानी खपाने वाले अनेक महापुरूष हमारी देश की आजादी को, गुलामी के बेड़ियों को तोड़ने के लिए लगे हुए थे।

    मेरे प्यारे प्रिय परिवारजनों,

    जनचेतना का वो व्यापक रूप, त्याग और तपस्या का वो व्यापक रूप जन-जन के अंदर एक नए विश्वास जगाने वाला वो पल, आखिकार 1947 में देश आजाद हुआ, हजार साल की गुलामी में संजोये हुए सपने देशवासियों ने पूरे करते हुए देखे।

    साथियों,

    मैं हजार साल पहले की बात इसलिए कह रहा हूं, मैं देख रहा हूं फिर एक बार देश के सामने एक मौका आया है, हम ऐसे कालखण्ड में जी रहे हैं, ऐसे कालखण्ड में हमने प्रवेश किया है और यह हमारा सौभाग्य है कि भारत के ऐसे अमृतकाल में, यह अमृतकाल का पहला वर्ष है या तो हम जवानी में जी रहे हैं या हम मां भारती की गोद में जन्म ले चुके हैं। और ये कालखण्ड मेरे शब्द लिखकर के रखिए, मेरे प्यारे परिवारजनों, इस कालखण्ड में जो हम करेंगे, जो कदम उठाऐंगे, जितना त्याग करेंगे, तपस्या करेंगे। सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय, एक के बाद एक फैसले लेंगे, आने वाले एक हजार साल का देश का स्‍वर्णिम इतिहास उससे अंकुरित होने वाला है। इस कालखंड में होने वाली घटनाएं आगामी एक हजार साल के लिए इसका प्रभाव पैदा करने वाली हैं।
    |

    गुलामी की मानसिकता से बाहर निकला हुआ देश पंचप्राण को समर्पित हो, एक नए आत्‍मविश्‍वास के साथ आज आगे बढ़ रहा है। नए संकल्‍पों को सिद्ध करने के लिए वो जी-जान से जुड़ रहा है। मेरी भारत माता जो कभी ऊर्जा का सामर्थ्‍य था, लेकिन राख के ढेर में दबी पड़ी थी। वो भारत माँ 140 करोड़ देशवासियों के पुरुषार्थ से, उनकी चेतना से, उनकी ऊर्जा से, फिर एक बार जागृत हो चुकी है। मां भारती जागृत हो चुकी है और मैं साफ देख रहा हूँ दोस्‍तों, यही कालखंड है, पिछले 9-10 साल हमने अनुभव किया है। विश्‍व भर में भारत की चेतना के प्रति, भारत के सामर्थ्‍य के प्रति एक नया आकर्षण, नया विश्‍वास, नई आशा पैदा हुई है और ये प्रकाश पुंज जो भारत से उठा है वो विश्‍व को उसमें अपने लिए ज्‍योति नजर आ रही है। विश्‍व को एक नया विश्‍वास पैदा हो रहा है। हमारा सौभाग्‍य है कुछ ऐसी चीजें हमारे पास हैं जो हमारे पूर्वजों ने हमें विरासत में दी है और वर्तमान कालखंड ने गढ़ी है। आज हमारे पास डेमोग्राफी है, आज हमारे पास डेमोक्रेसी है, आज हमारे पास डाइवर्सिटी है। डेमोग्राफी, डेमोक्रेसी और डाइवर्सिटी की ये त्रिवेणी भारत के हर सपने को साकार करने का सामर्थ्‍य रखती है। आज पूरे विश्‍व में वहां देशों की उम्र ढल रही है, ढलाव पर है तो भारत यौवन की तरफ ऊर्जावान हो करके बढ़ रहा है। कितने बड़े गौरव का कालखंड है कि आज 30 साल की कम आयु की जनसंख्‍या दुनिया में सर्वाधिक कहीं है तो ये मेरे भारत मां की गोद में है। ये मेरे देश में है और 30 साल से कम उम्र के नौजवान हों, मेरे देश के पास हो, कोटि-कोटि भुजाएं हों, कोटि-कोटि मस्‍तिष्‍क हों, कोटि-कोटि सपने, कोटि-कोटि संकल्‍प हों तो भाईयों और बहनों, मेरे प्रिय परिवारजनों, हम इच्‍छित परिणाम प्राप्‍त करके रह सकते हैं।

    मेरे प्‍यारे परिवारजनों,

    देश का भाग्‍य ऐसी घटनाएं बदल देती है। ये सामर्थ्‍य देश के भाग्‍य को बदल देता है। भारत 1 हजार साल की गुलामी और आने वाले 1 हजार साल के भव्‍य भारत के बीच में पड़ाव पर हम खड़े हैं। एक ऐसी संधि पर खड़े हैं और इसलिए अब हमें न रुकना है, न दुविधा में जीना है।
    |

    मेरे प्‍यारे परिवारजनों,

    हमें खोई हुई उस विरासत का गर्व करते हुए, खोई हुई समृद्धि को प्राप्‍त करते हुए हमें फिर एक बार और ये बात मान कर चलें, हम जो भी करेंगे, हम जो भी कदम उठाएंगे, हम जो भी फैसला लेंगे वो अगले 1 हजार साल तक अपनी दिशा निर्धारित करने वाला है। भारत के भाग्‍य को लिखने वाला है, मैं आज मेरे देश के नौजवानों को, मेरे देश की बेटे-बेटियों को ये जरूर कहना चाहूँगा, जो सौभाग्‍य आज मेरे युवाओं को मिला है, ऐसा सौभाग्‍य, शायद ही किसी को नसीब होता है, जो आपको नसीब हुआ है।

    और इसलिए हमें ये गंवाना नहीं है। युवा शक्ति में मेरा भरोसा है, युवा शक्ति में सामर्थ्‍य है और हमारी नीतियां और हमारी रीतियां भी उस युवा सामर्थ्‍य को और बल देने के लिए है।

    आज मेरे युवाओं ने दुनिया के पहले तीन स्टार्टअप इकोनॉमी सिस्‍टम में भारत को स्‍थान दिला दिया है। विश्‍व के युवाओं को अचम्‍भा हो रहा है। भारत के इस सामर्थ्‍य को लेकर के, भारत की इस ताकत को देखकर के। आज दुनिया टेक्‍नोलॉजी ड्रिवेन है और आने वाला युग टेक्‍नोलॉजी से प्रभावित रहने वाला है और तब टेक्‍नोलॉजी में भारत की जो टेलेंट है, उसकी एक नई भूमिका रहने वाली है।

    साथियों,

    मैं पिछले दिनों जी-20 समिट में बाली गया था और बाली में दुनिया के समृद्ध से समृद्ध देश, दुनिया के विकसित देश भी, उनके मुखिया, मुझे भारत की डिजिटल इंडिया की सफलता के लिए, उसकी बारिकियों को जानने के लिए इच्‍छुक थे। हर कोई इसका सवाल पूछता था और जब मैं उनको कहता था कि भारत ने जो कमाल किया है ना वो दिल्‍ली, मुंबई, चेन्नई तक सीमित नहीं है, भारत जो कमाल कर रहा है, मेरे टियर-2, टियर-3 सिटी के युवा भी आज मेरे देश का भाग्‍य गढ़ रहे हैं। छोटे-छोटे स्‍थान के मेरे नौजवान, और मैं आज बड़े विश्‍वास से कहता हूं कि देश का ये जो सामर्थ्‍य नया नजर आ रहा है, और इसलिए मैं कहता हूं हमारे छोटे शहर आकार और आबादी में छोटे हो सकते हैं। ये हमारे छोटे-छोटे शहर, हमारे कस्‍बे आकार और आबादी में छोटे हो सकते हैं, लेकिन आशा और आकांक्षा, प्रयास और प्रभाव वो किसी से कम नहीं है, वो सामर्थ्‍य उनके अंदर है। नए एप, नए सोल्‍यूशन, टेक्‍नोलॉजी डिवाइस। अब खेलों की दुनिया देखिए, कौन बच्‍चे हैं, झुग्‍गी झोंपड़ी से निकले हुए बच्चे आज खेलों की दुनिया में पराक्रम दिखा रहे हैं। छोटे-छोटे गांव, छोटे-छोटे कस्‍बे के नौजवान, हमारे बेटे-बेटियां आज कमाल दिखा रहे हैं। अब देखिए, मेरे देश के सौ स्‍कूल ऐसे हैं, जहां के बच्‍चे सेटेलाइट बना करके सेटेलाइट छोड़ने की तैयारियां कर रहे हैं। आज हजारों टिंकरिंग लैब नये वैज्ञानिकों का गर्भाधान कर रही है। आज हजारों टिंकरिंग लैब लाखों बच्‍चों को साइंस और टेक्‍नोलॉजी के राह पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरणा दे रही है।

    मैं मेरे देश के नौजवानों को कहना चाहता हूं कि अवसरों की कमी नहीं है, आप जितने अवसर चाहेंगे, ये देश आसमान से भी ज्‍यादा अवसर आपको देने का सामर्थ्‍य रखता है।

    मैं आज लालकिले की प्राचीर से मेरे देश की माताओं, बहनों, मेरे देश की बेटियों का ह्दय से अभिनंदन करता चाहता हूं। देश आज जहां पहुंचा है, उसमें विशेष शक्ति जुड़ रही है, मेरी माताओं, बहनों के सामर्थ्‍य की। आज देश प्रगति की राह पर चल पड़ा है तो मैं मेरे किसान भाई-बहनों का भी अभिनंदन करना चाहता हूं ये आप ही का पुरुषार्थ है, ये आप ही का परिश्रम है कि देश आज कृषि क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। मैं मेरे देश के मजदूरों का, मेरे श्रमिकों का, मेरे प्रिय परिवारजन ऐसे कोटि-कोटि समूहों को आज मैं नमन करता हूं। उनका अभिनंदन कर रहा हूं। देश आज जो आधुनिकता की ओर बढ़ रहा है, विश्‍व की तुलना करने वाले सामर्थ्‍य के साथ नजर आ रहा है, उसके पीछे मेरे देश के मजदूरों का, मेरे देश के श्रमिकों का बहुत बड़ा योगदान है, आज समय कहता है कि लालकिले की प्राचीर से मैं उनका अभिनंदन करूं। उनका अभिवादन करूं और यह मेरे परिवारजन, 140 करोड़ देशवासी मेरे इन श्रमिकों, रेहड़ी-पटरी वालों का, फूल-सब्‍जी बेचने वालों का हम सम्‍मान करते हैं। मेरे देश को आगे बढ़ाने में, मेरे देश को प्रगति की नई ऊंचाई पर ले जाने में प्रोफेशनल्स की बहुत बड़ी भूमिका बढ़ती रही है। चाहे साइंटिस्‍ट हो, चाहे इंजीनियर्स हो, डॉक्‍टर्स हो, नर्सेस हो, शिक्षक हो, आचार्य हो, युनिवर्सिटीस हो, गुरूकुल हो हर कोई मां भारती का भविष्‍य उज्ज्वल बनाने के लिए अपनी पूरी ताकत से लगा हुआ है।

    मेरे प्‍यारे परिवारजनों,

    राष्‍ट्रीय चेतना वो एक ऐसा शब्‍द है जो हमें चिंताओं से मुक्‍त कर रहा है। और आज वो राष्‍ट्रीय चेतना यह सिद्ध कर रही है कि भारत का सबसे बड़ा सामर्थ्‍य बना है भरोसा, भारत का सबसे बड़ा सामर्थ्‍य बना है विश्‍वास, जन-जन में हमारा विश्‍वास, जन-जन का सरकार पर विश्‍वास, जन-जन का देश के उज्ज्वल भविष्‍य पर विश्‍वास और विश्‍व का भी भारत के प्रति विश्‍वास। यह विश्‍वास हमारी नीतियों का है, हमारी रीति का है। भारत के उज्ज्वल भविष्‍य को जिस निर्धारित मजबूत कदमों से हम आगे बढ़ा रहे हैं उसका है।
    |

    भाईयों और बहनों,

    मेरे प्‍यारे परिवारजनों, यह बात निश्चित है कि भारत का सामर्थ्‍य और भारत की संभावनाएं विश्‍वास की नई बुलंदियों को पार करने वाली है और यह विश्‍वास की नई बुलंदियां नये सामर्थ्‍य को ले करके चलनी चाहिए। आज देश में जी-20 समिट की मेहमान नवाजी का भारत को अवसर मिला है। और पिछले एक साल से हिन्‍दुस्‍तान के हर कोने में जिस प्रकार से जी-20 के अनेक ऐसे आयोजन हुए हैं, अनेक कार्यक्रम हुए हैं, उसने देश के सामान्‍य मानवी के सामर्थ्‍य को विश्‍व को परिचित करा दिया है। भारत की विविधता का परिचय कराया है। भारत की डायवर्सिटी को दुनिया अचम्भे से देख रही है और उसके कारण भारत के करीब आकर्षण बढ़ा है। भारत को जानने की, समझने की इच्छा जगी है। उसी प्रकार से आप देखिए, एक्‍सपोर्ट, आज भारत का एक्‍सपोर्ट तेजी से बढ़ रहा है और मैं कहना चाहता हूं दुनिया के एक्सपर्टस इन सारे मानदंडों के आधार पर कह रहे हैं कि अब भारत रूकने वाला नहीं है। दुनिया की कोई भी रेटिंग एजेंसी होगी वो भारत का गौरव कर रही है। कोरोना काल के बाद दुनिया एक नये सिरे से सोचने लगी है। और मैं विश्‍वास से देख रहा हूं कि जिस प्रकार से द्वितीय महायुद्ध के बाद, द्वितीय विश्‍वयुद्ध के बाद दुनिया में एक नया वर्ल्ड ऑर्डर ने आकार लिया था। मैं साफ-साफ देख रहा हूं कि कोरोना के बाद एक नया विश्‍व ऑर्डर, एक नया ग्‍लोबल ऑर्डर, एक नया जियो पॉलिटिकल इक्‍वेशन यह बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है। जियो पॉलिटिकल इक्‍वेशन की सारी व्‍याख्‍याएं बदल रही हैं, परिभाषाएं बदल रही हैं। और मेरे प्‍यारे परिवाजनों, आप गौरव करेंगे बदलते हुए विश्‍व को शेप देने में आज मेरे 140 करोड़ देशवासियों आपका सामर्थ्‍य नजर आ रहा है। आप निर्णायक मोड़ पर खड़े हैं।

    और कोरोना काल में भारत ने जिस प्रकार से देश को आगे बढ़ाया हे, दुनिया ने हमारे सामर्थ्‍य को देखा है। जब दुनिया की supply chain तहस-नहस हो गई थी, बड़ी-बड़ी अर्थव्‍यवस्‍था पर दबाव था, उस समय भी हमने कहा था हमें विश्‍व का विकास देखना है, तो वो मानव केंद्रित होना चाहिए, मानवीय संवेदनाओं से भरा हुआ होना चाहिए, और तब जा करके समस्‍याओं का सही समाधान निकालेंगे और कोविड ने हमें सिखाया है या हमें मजबूर किया है, लेकिन मानवीय संवेदनाओं को छोड़ करके हम विश्‍व का कल्‍याण नहीं कर सकते।

    आज भारत ग्‍लोबल साउथ की आवाज बन रहा है। भारत की समृद्धि, विरासत आज दुनिया के लिए एक अवसर बन रही है। ग्‍लोबल इकोनॉमी, ग्‍लोबल supply chain में भारत की हिस्‍सेदारी, मैं पक्के विश्‍वास से कहता हूं, आज जो भारत में परिस्थिति पैदा हुई है, आज जो भारत ने कमाया है, वो दुनिया में स्थिरता की गारंटी ले करके आया है दोस्तों। अब न हमारे मन में, न 140 करोड़ मेरे परिवारजनों के मन में और न ही दुनिया के मन में कोई ifs हैं कोई buts हैं, विश्‍वास बन चुका है।

    मेरे प्‍यारे देशवासियों,

    अब गेंद हमारे पाले में है, हमें अवसर जाने नहीं देना चाहिए, हमें मौका छोड़ना नहीं चाहिए। भारत में मैं मेरे देशवासियों का इसलिए भी अभिनंदन करता हूं कि मेरे देशवासियों में एक नीर-क्षीर विवेक का सामर्थ्‍य है, समस्‍याओं की जड़ों को समझने का सामर्थ्‍य है और इसलिए 2014 में मेरे देशवासियों ने 30 साल के अनुभव के बाद तय किया कि देश को आगे ले जाना है तो स्थिर सरकार चाहिए, मजबूत सरकार चाहिए, पूर्ण बहुमत वाली सरकार चाहिए, और देशवासियों ने एक मजबूत और स्थिर सरकार बनाई है। और तीन दशकों तक जो अनिश्चिता का काल था, जो अस्थिरता का कालखंड था, जो राजनीतिक मजबूरियों से देश जकड़ा हुआ था, उससे मुक्ति मिली।

    मेरे प्‍यारे परिवारजनों,

    देश के पास आज ऐसी सरकार है, वो सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय देश के संतुलित विकास के लिए समय का पल-पल और जनता की पाई-पाई जनता की भलाई के लिए लगा रही है और मेरी सरकार, मेरे देशवासियों का मान एक बात से जुड़ा हुआ है, हमारे हर निर्णय, हमारी हर दिशा, उसका एक ही मानदंड है Nation First राष्‍ट्र प्रथम और राष्‍ट्र प्रथम यही दूरगामी परिणाम, सकारात्‍मक परिणाम पैदा करने वाला है। देश में बड़े स्‍तर पर काम हो रहा है। लेकिन मैं कहना चाहूंगा 2014 में आपने एक मजबूत सरकार बनाई और मैं कहता हूं 2014 में और 2019 में आपने एक सरकार form की तो मोदी में reform करने की हिम्‍मत आई। आपने ऐसी सरकार form की कि मोदी को reform करने की हिम्‍मत आई। और जब मोदी ने एक के बाद एक reform किए तो मेरे ब्‍यूरोक्रेसी के लोग, मेरे लाखों हाथ-पैर, जो हिन्‍दुस्‍तान के कोने-कोने में सरकार के हिस्‍से के रूप में काम कर रहे हैं, उन्‍होंने ब्‍यूरोक्रेसी ने transform करने के लिए perform करने की जिम्‍मेदारी बखूबी निभाई और उन्‍होंने perform करके दिखाया और जनता-जनार्दन जुड़ गई तो वो transform होता भी नजर आ रहा है। और इसलिए reform, perform, transform ये कालखंड अब भारत के भविष्‍य को गढ़ रहा है। और हमारी सोच देश की उस ताकतों को बढ़ावा देने पर है, जो आने वाले एक हजार साल की नींव को मजबूत करने वाले हैं। दुनिया को युवा शक्ति की जरूरत है, युवा स्किल की जरूरत है। हमने अलग स्किल मिनिस्‍ट्री बनाई, वो भारत की आवश्‍यकताओं को तो पूरा करेगी, वो दुनिया की आवश्‍यकताओं को भी पूर्ण करने का भी सामर्थ्‍य रखेगी। हमने जल शक्ति मंत्रालय बनाया। मंत्रालय की बनाने की रचना को भी अगर वो analysis करेगा ना तो इस सरकार के मन-मस्तिष्क को बड़े अच्छे ढंग से आप समझ पाएंगे। हमने जल शक्ति मंत्रालय बनाया ये जल शक्ति मंत्रालय हमारा, हमारे देश के एक-एक देशवासियों को पीने का शुद्ध पानी पहुंचे, पर्यावरण की रक्षा के लिए पानी के प्रति संवदेनशील व्यवस्थाएं विकसित हो उस पर हम बल दे रहे हैं। हमारे देश में कोरोना के बाद दुनिया देख रही है holistic health care ये समय की मांग है। हमने अलग आयुष मंत्रालय बनाया और योग और आयुष आज दुनिया में अपना परचम लहरा रहे हैं।

    दुनिया को हमारे commitment के कारण विश्व का हमारे प्रति ध्यान गया है। अगर हम ही हमारे इस सामर्थ्य को नकार देंगे तो फिर दुनिया कैसे स्वीकर करेगी। लेकिन जब मंत्रालय बना तो दुनिया को भी उसका मूल्य समझ में आया। मत्स्य पालन हमारा इतना बड़ा समुद्री तट, हमारे कोटि-कोटि मछुआरे भाई-बहन उनका कल्याण भी हमारे दिलों में है और इसलिए हमने अलग से मत्स्य पालन को लेकर के, पशुपालन को लेकर के, डेयरी को लेकर के अलग मंत्रालय की रचना की ताकि समाज के जिस वर्ग के लोग पीछे रह गए उनको हम साथ दे। देश में सरकारी अर्थव्यवस्था के हिस्से होते हैं लेकिन समाज की अर्थव्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा है cooperative movement उसको बल देने के लिए, उसमें आधुनिकता लाने के लिए और देश के कोने-कोने में लोकतंत्र की एक सबसे बड़ी इकाई को मजबूत करने के लिए हमने अलग cooperative मंत्रालय बनाया और वो हमारी सहकारी संस्थाएं उसका जाल बिछा रहा है ताकि गरीब से गरीब की वहां सुनवाई हो, उसकी आवश्यकताओं की पूर्ति हो और वो भी राष्ट्र के विकास के योगदान में एक छोटी इकाई का हिस्सा बनकर के उसमें वो योगदान दे सके। हमने सहकार से समृद्धि का रास्ता अपनाया है।

    मेरे प्यारे परिवारजनों,

    जब हम 2014 में आए थे, तो हम वैश्विक अर्थव्यवस्था में 10वें नंबर पर थे और आज 140 करोड़ देशवासियों का पुरुषार्थ रंग लाया है कि हम विश्व की अर्थव्यवस्था में 5वें नंबर पर पहुंच चुके हैं। और ये ऐसे ही नहीं हुआ है जब भ्रष्टाचार का राक्षस देश को दबोचे हुए थे, लाखों-करोड़ के घोटाले अर्थव्यवस्था को डावाडोल कर रहे थे, governance, fragile फाइव में देश की पहचान होने लगी थी। Leakages को हमने बंद किया, मजबूत अर्थव्यवस्था बनाई, हमने गरीब कल्याण के लिए ज्यादा से ज्यादा धन खर्च करने का प्रयास किया। और आज मैं देशवासियों को बताना चाहता हूं कि जब देश आर्थिक रूप से समृद्ध होता है तो सिर्फ तिजोरी नहीं भरती है, देश का सामर्थ्य बढ़ता है, देशवासियों का सामर्थ्य बढ़ता है और तिजोरी का पाई-पाई अगर ईमानदारी से जनता-जनार्दन के लिए खर्च करने का संकल्प लेने वाली सरकार हो तो परिणाम कैसा आता है। मैं 10 साल का हिसाब तिरंगे की साक्षी में लाल किले की प्राचीर से मेरे देशवासियों को दे रहा हूं। आंकड़े देखकर के आपको लगेगा इतना बड़ा बदलाव, इतना बड़ा सामर्थ्य। 10 साल पहले राज्यों को 30 लाख करोड़ रूपये भारत सरकार की तरफ से जाते थे। पिछले 9 साल में ये आंकड़ा 100 लाख करोड़ पर पहुंचा है।

    पहले स्थानीय निकाय के विकास के लिए भारत सरकार के खजाने से 70 हजार करोड़ रूपया जाता था, आज वो 3 लाख करोड़ से भी ज्यादा जा रहा है। पहले गरीबों के घर बनाने के लिए 90 हजार करोड़ रूपया खर्च होता था, आज वो 4 गुना होकर के 4 लाख करोड़ से भी ज्यादा खर्च गरीबों के घर बनाने के लिए हो रहा है। पहले गरीबों को यूरिया सस्ता मिले। जो यूरिया के बैग दुनिया के कुछ बाजारों में 3 हजार में बिकते हैं, वो यूरिया का बैग मेरे किसानों को 300 में मिले और इसलिए देश की सरकार 10 लाख करोड़ रुपया मेरे किसानों को यूरिया में सब्‍सिडी दे रही है। मुद्रा योजना 20 लाख करोड़ रुपए उससे भी ज्‍यादा मेरे देश के नौजवानों को स्‍वरोजगार के लिए, अपने व्‍यवसाय के लिए, अपने कारोबार के लिए दिए हैं। 8 करोड़ लोगों ने नया कारोबार शुरू किया है और 8 करोड़ लोगों ने कारोबार शुरू किया है, ऐसा नहीं, हर कारोबारी ने एक या दो, लोगों को रोजगार दिया है। 8-10 करोड़ नए लोगों को रोजगार देने का सामर्थ्‍य ये मुद्रा योजना से लाभ लेने वाले 8 करोड़ नागरिकों ने किया है। MSMEs को करीब साढ़े तीन लाख करोड़ रुपए की मदद से कोरोना के संकट में भी उनको डूबने नहीं दिया, मरने नहीं दिया, उनको एक ताकत दी है। वन रैंक वन पेंशन, मेरे देश के सेना के जवानों का एक सम्‍मान का विषय था, 70 हजार करोड़ रुपया भारत की तिजोरी से आज पहुंचा है। मेरे निवृत्त सेना के नायकों के जेब में उनका परिवार में पहुंचा है। सभी कैटेगरी में मैंने तो कुछ ही गिनाएं हैं, मैं ज्‍यादा समय लेना नहीं चाहता हूँ। हर कैटेगरी में पहले की तुलना में अनेक गुना धन देश के विकास के लिए कोने-कोने में रोजगार पैदा करने के‍ लिए, पाई-पाई का उपयोग भारत का भाग्‍य बदलने के लिए हो और इसलिए हमने काम किया है।

    और मेरे प्‍यारे प्रियजनों,

    इतना ही नहीं, हमने इन सारे प्रयासों का परिणाम है कि आज 5 साल के मेरे एक कार्यकाल में, 5 साल में साढ़े 13 करोड़ मेरे गरीब भाई-बहन गरीबी की जंजीरों को तोड़ करके न्‍यू मिडिल क्‍लास के रूप में बाहर आए हैं। जीवन में इससे बड़ा कोई संतोष नहीं हो सकता।

    मेरे प्‍यारे प्रिय परिवारजनों,

    और जब साढ़े 13 करोड़ लोग गरीबी की इस मुसीबतों से बाहर निकलते हैं तो कैसी-कैसी योजनाओं ने उन्‍हें मदद दी है, उनको आवास योजना का लाभ मिलना, पीएम स्‍वनिधि से 50 हजार करोड़ रुपए रेहड़ी-पटरी वालों तक पहुंचाया है। आने वाले दिनो में, आने वाली विश्‍वकर्मा जयन्‍ती पर एक कार्यक्रम हम आगे लागू करेंगे, इस विश्‍वकर्मा जयन्‍ती पर हम करीब 13-15 हजार करोड़ रुपया से जो परम्‍परागत कौशल्‍य से रहने वाले लोग, जो औजार से और अपने हाथ से काम करने वाला वर्ग है, ज्‍यादातर ओबीसी समुदाय से है। हमारे सुथार हों, हमारे सुनार हों, हमारे राजमिस्‍त्री हों, हमारे कपड़े धोने वाले काम करने वाले लोग हों, हमारे बाल काटने वाले भाई-बहन परिवार हों, ऐसे लोगों को एक नई ताकत देने के लिए हम आने वाले महीने में विश्‍वकर्मा जयन्‍ती पर विश्‍वकर्मा योजना लॉन्‍च करेंगे और करीब 13-15 हजार करोड़ रुपये से उसका प्रारंभ करेंगे। हमने पीएम किसान सम्‍मान निधि में ढाई लाख करोड़ रुपया सीधा मेरे देश के किसानों के खाते में जमा किया है। हमने जल जीवन मिशन हर घर में शुद्ध पानी पहुंचे, दो लाख करोड़ रुपया खर्च किया है। हमने आयुष्‍मान भारत योजना ताकि गरीब को बीमारी के कारण अस्‍पताल जाने से जो मुसीबत होती थी, उससे मुक्‍ति दिलाना। उसको दवाई मिले, उसका उपचार हो, ऑपरेशन हो अच्‍छे से अच्‍छे हॉस्पिटल में हो, आयुष्‍मान भारत योजना के तहत 70 हजार करोड़ रुपये हमने लगाए हैं। पशुधन देश ने कोरोना वैक्‍सीन की बात तो देश को याद है, 40 हजार करोड़ रुपये लगाए, वो तो याद है लेकिन आपको जानकर के खुशी होगी हमने पशुधन को बचाने के लिए करीब–करीब 15 हजार करोड़ रुपया पशुधन के टीकाकरण के लिए लगाया है।

    मेरे प्‍यारे देशवासियों, मेरे प्यारे परिवारजनों,

    जन औषधि केंद्रों ने, देश के Senior Citizens को, देश के मध्यम वर्गीय परिवार को एक नई ताकत दी है। जिस संयुक्‍त परिवार में अगर किसी को एक डायबिटिज जैसा हो जाए 2-3 हजार का बिल स्‍वाभाविक हो जाता है। हमने जन-औषधि केंद्र से जो दवाई बाजार में सौ रुपये में मिलती है वो 10 रुपया, 15 रुपया, 20 में दी। और आज देश के 1000 जन-औषधि केंद्रों से इन बीमारी में जिनको दवाई की जरूरत थी, ऐसे लोगों के करीब 20 करोड़ रुपया उनके जेब में बचा है। और ये ज्‍यादातर मध्‍यम वर्गीय परिवार के लोग हैं। लेकिन आज उसकी सफलता को देखते हुए मैं देशवासियों को कहना चाहता हूं जैसे हम एक विश्‍वकर्मा योजना लेकर के समाज के उस वर्ग को छूने वाले हैं। अब देश में 10 हजार जन-औषधि केंद्र से हम 25 हजार जन-औषधि केंद्र का लक्ष्‍य लेकर के आने वाले दिनों में काम करने वाले हैं।

    मेरे प्‍यारे परिवारजनों,

    जब देश में गरीबी कम होती है तब देश के मध्‍यम वर्गीय वर्ग की ताकत बहुत बढ़ती है। और मैं आपको विश्‍वास दिलाता हूं आने वाले पांच साल में मोदी की गारंटी है, देश पहले तीन वैश्विक इकोनॉमी में अपनी जगह ले लेगा, ये पक्‍का जगह ले लेगा। आज जो साढ़े 13 करोड़ गरीबी से बाहर आए हुए लोग हैं वो एक प्रकार से मध्‍यम वर्गीय ताकत बन जाते हैं। जब गरीब की खरीद शक्ति बढ़ती है तो मध्‍यम वर्ग की व्‍यापार शक्ति बढ़ती है। जब गांव की खरीद शक्ति बढ़ती है, तो कस्‍बे और शहर की आर्थिक व्‍यवस्‍था और तेज गति से दौड़ती है। और यही इंटर कनेक्‍टेड हमारा अर्थ चक्र होता है। हम उसको बल देकर के आगे चलना चाहते हैं।

    मेरे प्‍यारे परिवारजनों,

    शहर के अंदर जो कमजोर लोग रहते हैं, बिना बात की जो मुसीबत रहती है। मध्‍यम वर्गीय परिवार अपने खुद के घर का सपना देख रहे हैं। हम उसके लिए भी आने वाले कुछ सालों के लिए एक योजना लेकर के आ रहे हैं और जिसमें ऐसे मेरे परिवारजन जो शहरों में रहते हैं, लेकिन किराए के मकान पर रहते हैं, झुग्‍गी-झोपड़ी में रहते हैं, चाल में रहते हैं, unauthorised कॉलोनी में रहते हैं। ऐसे मेरे परिवारजन अगर अपना मकान बनाना चाहते हैं तो बैंक से जो लोन मिलेगा उसके ब्‍याज के अंदर राहत देकर के लाखों रुपयों की मदद करने का हमने निर्णय किया है। मेरे मध्‍यम वर्गीय परिवार को दो लाख से 7 लाख इनकम टैक्‍स की सीमा बढ़ जाती है तो सबसे बड़ा लाभ सैलरी क्‍लास को होता है, मेरे मध्‍यम वर्गीय को होता है। इंटरनेट का डाटा बहुत महंगा था 2014 के पहले। अब दुनिया का सबसे सस्ता इंटरनेट का डेटा पर खर्चा हो रहा है, हर परिवार के पैसे बच रहे हैं।

    मेरे प्यारे परिवारजनों

    विश्‍व कोरोना के बाद अभी तक उभर नहीं पाया है, युद्ध ने फिर एक नई मुसीबत पैदा की है। आज दुनिया महंगाई के संकट से जूझ रही है। पूरी दुनिया की अर्थव्‍यवस्‍था को महंगाई ने दबोच कर रखा है। हम भी दुनिया से जिन सामान की जरूरत होती है लाते हैं तो हमें सामान तो इम्‍पोर्ट करते हैं, हमारा दुर्भाग्‍य है कि हमें महंगाई भी इम्‍पोर्ट करनी पड़ती है। तो इस पूरी दुनिया को महंगाई ने जकड़ कर रखा है।

    लेकिन मेरे प्यारे प्रिय परिवारजनों

    भारत ने महंगाई को नियंत्रित रखने के लिए भरसक प्रयास किए हैं। पिछले कालखंड की तुलना में हमें कुछ सफलता भी मिली है लेकिन इतने से संतोष नहीं मान नहीं सकते। दुनिया से हमारी चीजें अच्‍छी हैं, इतनी बात से हम सोच नहीं सकते, मुझे तो मेरे देशवासियों को महंगाई का बोझ कम से कम हो इस दिशा में और भी कदम उठाने हैं। और हम उस कदम को उठा कर रहेंगे। मेरा प्रयास निरंतर जारी रहेगा।

    मेरे प्‍यारे परिवारजनों,

    आज देश अनेक क्षमताओं को लेकर आगे बढ़ रहा है। देश आधुनिकता की तरफ आगे बढ़ने के लिए काम कर रहा है। आज देश Renewable energy में काम कर रहा है, आज देश green hydrogen पर काम हो रहा है, देश की space में क्षमता बढ़ रही है। तो देश deep sea mission में भी सफलता के साथ आगे चल रहा है। देश में रेल आधुनिक हो रही है, तो वंदे भारत, बुलेट ट्रेन भी आज देश के अंदर काम कर रही है। गांव-गांव पक्की सड़कें बन रही है तो इलेक्ट्रिक बसें, मेट्रो की रचना भी आज देश में हो रहे हैं। आज गांव-गांव तक इंटरनेट पहुंच रहा है तो quantum computer के लिए भी देश काम करता है। Nano Urea और Nano DAP उस पर काम हो रहा है तो दूसरी तरफ जैविक खेती पर भी हम बल दे रहे हैं। आज किसान उत्पादक संघ FPO का निर्माण हो रहा है तो हम सेमीकंडक्टर का भी निर्माण करना चाह रहे हैं। हम दिव्‍यांगजनों के लिए एक सुगम भारत के निर्माण के लिए काम करते हैं तो हम पैरालिंपिक में भी हिन्‍दुस्‍तान का तिरंगा झंडा गाड़ने के लिए मेरे दिव्‍यांगजनों को सामर्थ्‍यवान बना रहे हैं। हम खिलाडि़यों को स्पेशल ट्रेनिंग दे रहे हैं।

    आज भारत पुरानी सोच, पुराने ढर्रे को छोड़ करके लक्ष्‍यों को तय करके, लक्ष्‍यों को प्राप्‍त करने की नजर से चल रहा है। और जब मैं कहता हूं कि जिसका शिलान्यास हमारी सरकार करती है उसके उद्घाटन भी हमारे कालखंड में करते हैं। इन दिनों जो मैं शिलान्‍यास कर रहा हूं न आप लिख करके रखिए उसके उद्घाटन भी आप सब ने मेरे नसीब में ही छोड़े हुए हैं। हमारी कार्य संस्कृति, बड़ा सोचना, दूर का सोचना, सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय सोचना यह हमारी कार्यशैली रही है। और सोच से भी ज्‍यादा, संकल्‍प से भी ज्‍यादा हासिल कैसे करना इस ऊर्जा के साथ हम काम करते हैं। हमने आजादी के अमृत महोत्‍सव में 75 हजार अमृत सरोवर बनाने का संकल्‍प किया था। उस समय हमने हर जिले में 75 अमृत सरोवर बनाने का संकल्‍प किया था। करीब 50-55 हजार अमृत सरोवर की कल्‍पना की थी। लेकिन आज करीब-करीब 75 हजार अमृत सरोवर के निर्माण का काम हो रहा है। यह अपने आप में बहुत बड़ा काम हो रहा है। जनशक्ति और जलशक्ति की यह ताकत भारत के पर्यावरण की रक्षा में भी काम आने वाली है। 18 हजार गांवों तक बिजली पहुंचाना, जन धन बैंक खाते खोलना, बेटियों के लिए शौचालय बनाना सारे टारगेट समय के पहले पूरी शक्ति से पूरे करेगा। और जब भारत ठान लेता है तो उसे पूरा करके रहता है, यह हमारा ट्रैक रिकॉर्ड कहता है।

    200 करोड़ वैक्सीनेशन का काम। दुनिया जब हमें पूछती है न, 200 करोड़ सुनती है उनकी आंखे फट जाती है, इतना बड़ा काम। यह मेरे देश के आंगनवाड़ी वर्कर, हमारी आशा वर्कर, हमारी हेल्‍थ वर्कर उन्‍होंने करके दिखाया। यह मेरे देश का सामर्थ्‍य है। 5-G को रोल आउट किया, दुनिया में सबसे तेज गति से 5-G रोल आउट करने वाला मेरा देश है। 700 से अधिक जिलों तक हम पहुंच चुके हैं। और अब 6-G की भी तैयारी कर रहे हैं। हमने टास्‍क फोर्स बना दिया है। Renewable energy हम टारगेट से पहले चले हैं। हमने renewable energy 2030 का जो टारगेट तय किया था, 2021-2022 में उसका पूरा कर दिया। हमने इथेनॉल में 20 percent ब्‍लेंडिंग की बात कही थी वो भी हमने समय से पांच साल पहले पूरा कर दिया है। हमने 500 बिलियन डॉलर के एक्‍सपोर्ट की बात कही थी वो भी समय से पहले पांच सौ बिलियन डॉलर से ज्‍यादा कर दिया। हमने तय किया, जो हमारे देश में 25 साल से चर्चा हो रही थी कि देश में नई संसद बने। पार्लियामेंट का कोई सत्र ऐसा नहीं था, नई संसद के लिए, यह मोदी है समय के पहले नई संसद बना करके रख दिया मेरे प्‍यारे भाइयों और बहनों। यह काम करने वाली सरकार है, निर्धारित लक्ष्‍यों को पार करने वाली सरकार है, यह नया भारत है, यह आत्‍मविश्‍वास से भरा हुआ भारत है, यह संकल्‍पों को चरितार्थ करने के लिए जी-जान से जुटा हुआ भारत है। और इसलिए यह भारत न रुकता है, यह भारत न थकता है, यह भारत न हांफता है और न ही ये भारत हारता है। और इसलिए मेरे प्‍यारे परिवारजनों, आर्थिक शक्ति भरी है, तो हमारी सामरिक शक्ति को नई ताकत मिली है, हमारी सीमाएं पहले से अधिक सुरक्षित हुई है और मेरे सीमा पर बैठे हुए जवान, मेरे जवान जो देश की सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं और मेरे देश की आंतरिक सुरक्षा संभालने वाले यूनिफॉर्म फोर्सेस, मैं आजादी के इस पावन पर्व पर उनको भी अनेक-अनेक बधाई देते हुए मेरी बात को आगे बढ़ाता हूं। सेना का अधिकरण हो, हमारी सेना युवा बने, हमारी सेना battle के लिए ready, युद्ध योग्‍य बने, इसलिए निरंतर रिफॉर्म का काम आज हमारी सेना में हो रहा है।

    मेरे प्‍यारे परिवारजनों,

    आए दिन हम लोग सुना करते थे, यहां बम धमाका हुआ, वहां बम धमाका हुआ। हर जगह पर लिखा हुआ रहता था कि इस बैग को मत छूना, एनाउसमेंट होते रहते थे। आज देश सुरक्षा की अनुभूति कर रहा है और जब सुरक्षा होती है, शांति होती है तो प्रगति के नए अरमान हम पूरे कर सकते हैं। उसके लिए सीरियल बम धमाके का जमाना बीती हुई बात हो गई है। निर्दोषों की जो मौत होती थी, वो बीते हुए कल की बात हो गई है। आज देश में आतंकी हमलों में भारी कमी आई है। नक्‍सल प्रभावित क्षेत्रों में भी बहुत बड़ा बदलाव आया है, बहुत बड़ा परिवर्तन का एक वातावरण बना है।

    मेरे प्‍यारे परिवारजनों,

    प्रगति की हर चीज में, लेकिन जब 2047, हम एक विकसित भारत का सपना ले करके चल रहे हैं तब, और वो सपना नहीं, 140 करोड़ देशवासियों का संकल्‍प है। और उस संकल्‍प को सिद्ध करने के लिए परिश्रम की पराकाष्‍ठा भी है और उसकी सबसे बड़ी ताकत होती है, वो राष्‍ट्रीय चरित्र होता है। दुनिया में जिन-जिन देशों ने प्रगति की है, दुनिया में जो-जो देश संकटों को पार करके निकले हैं, उनमें हर चीज के साथ-साथ एक महत्‍वपूर्ण कैटेलेटिक एजेंट रहा है, वो राष्‍ट्रीय चरित्र रहा है। और हमें राष्‍ट्रीय चरित्र के लिए और बल देते हुए हमें आगे बढ़ना होगा। हमारा देश, हमारा राष्‍ट्रीय चरित्र ओजस्‍वी हो, तेजस्‍वी हो, पुरुषार्थी हो, पराक्रमी हो, प्रखर हो; ये हम सबका सामूहिक दायित्‍व है। और आने वाले 25 साल हम एक ही मंत्र को लेकर चलें, ये हमारे राष्‍ट्रीय चरित्र का सिरमौर होना चाहिए। एकता का संदेश, भारत की एकता को जीना, भारत की एकता को आंच आए, न ऐसी मेरी भाषा होगी, न ऐसा मेरा कोई कदम होगा। हर पल देश को जोड़ने का प्रयास मेरी तरफ से भी होता रहेगा। भारत की एकता हमें सामर्थ्‍य देती है। उत्‍तर हो, दक्षिण हो, पूर्व हो, पश्चिम हो, गांव हो, शहर हो, पुरुष हो, नारी हो; हम सबने एकता के भाव के साथ और विविधता भरे देश में एकता का सामर्थ्‍य होता है और दूसरी महत्‍व की बात मैं देख रहा हूं, अगर 2047 में हमें हमारे देश को विकसि‍त भारत के रूप में देखना है तो हमें श्रेष्‍ठ भारत के मंत्र को जीना होगा, हमें चरित्रार्थ करना होगा।

    अब हमारे प्रोडक्‍शन में, मैंने 2014 में कहा था जीरो डिफेक्‍ट, जीरो इफेक्‍ट। दुनिया के किसी भी टेबल पर मेक इन इंडिया चीज हो तो दुनिया को विश्‍वास होना चाहिए, इससे बेहतर दुनिया में कुछ नहीं हो सकता है। ये अल्‍टीमेट होगा, हमारी हर चीज, हमारी सर्विसेज होंगी तो श्रेष्‍ठ होंगी, हमारे शब्‍दों की ताकत होगी तो श्रेष्‍ठ होंगी, हमारी संस्‍थाएं होंगी तो श्रेष्‍ठ होंगी, हमारी निर्णय प्रक्रियाएं होंगी तो श्रेष्‍ठ होंगी। ये श्रेष्‍ठता का भाव ले करके हमें चलना होगा। तीसरी बात है देश में आगे बढ़ने के लिए एक अतिरिक्‍त शक्ति का सामर्थ्‍य भारत को आगे ले जाने वाला है और वो है women-led development। आज भारत गर्व से कह सकता है कि दुनिया में नागरिक उड्डयन में अगर किसी एक देश में सबसे ज्‍यादा women-pilot हैं तो मेरे देश में हैं। आज चन्‍द्रयान की गति हो, moon-mission की बात हो, मेरी women-scientist उसका नेतृत्‍व कर रही हैं। आज women self-help group हो, मेरी 2 करोड़ लखपति दीदी का लक्ष्य लेकर के आज women self-help group पर हम काम कर रहे हैं। हम, हमारी नारी शक्ति के सामर्थ्य को बढ़ावा देते हुए women-led development और जब जी-20 में मैंने women led development के विषयों को आगे बढ़ाया है तो पूरा जी-20 समूह इसके महत्व का स्वीकार कर रहा है और उसके महत्व को स्वीकर कर करके वो उसको बहुत बल दे रहे हैं। उसी प्रकार से भारत विविधताओं से भरा देश है। असंतुलित विकास के हम शिकार रहे हैं, मेरा-पराया के कारण हमारे देश के कुछ हिस्से उसके शिकार रहे हैं। अब हमें regional aspirations को संतुलित विकास को बल देना है और regional aspirations को लेकर के उस भावना को हमें सम्मान देते हुए जैसे हमारी भारत मां का कोई, हमारे शरीर का कोई अंग अगर अविकसित रहे तो हमारा शरीर विकसित नहीं माना जाएगा। हमारा शरीर का कोई अंग दुर्बल रहे तो हमारा स्वस्थ नहीं माना जाएगा। वैसे ही मेरी भारत माता उसका कोई एक भू-भाग भी, समाज का कोई तबका भी अगर दुर्बल रहे तो मेरी भारत माता समर्थ है, स्वस्थ है ऐसा सोचकर के हम नहीं बैठ सकते। और इसलिए regional aspirations को हमें address करने की आवश्यकता है और इसलिए हम समाज का सर्वांगीण विकास हो, सर्वपक्षीय विकास हो भू-भाग के हर क्षेत्र को उसकी अपनी ताकत को खिलने का अवसर मिले, उस दिशा में आगे बढ़ना चाहते हैं।

    मेरे प्यारे परिवारजनों,

    भारत एक mother of democracy है, भारत model of diversity भी है। भाषाएं अनेक हैं, बोलियां अनेक हैं, परिधान अनेक हैं, विविधताएं बहुत है। हमने उन सारो के आधार पर आगे बढ़ना है।

    मेरे प्यारे परिवारजनों,

    देश के, जब मैं एकता की बात करता हूं तब अगर घटना मणिपुर में होती है तो पीढ़ा महाराष्ट्र में होती है, अगर बाढ़ असम में आती है तो बेचैन केरल हो जाता है। हिन्दुस्तान के किसी भी हिस्से में कुछ भी हो, हम एक अंगदान के भाव की अनुभूति करते हैं। मेरे देश की बेटियों पर जुल्म न हो, ये हमारा सामाजिक भी दायित्व है, ये हमारा पारिवारिक दायित्व भी है और ये देश के नाते हम सबका दायित्व है। आज जब अफगानिस्तान से गुरूग्रंथ साहब के स्वरूप को लाते है तो पूरा देश गौरव की अनुभूति करता है। जब आज दुनिया के किसी देश में कोविड के काल में मेरा कोई सिख भाई लंगर लगाता है, भूखों को खिलाता है और दुनिया में वाहा-वाही होती है तो हिंदुस्तान का सीना चौड़ा हो जाता है।

    मेरे प्यारे परिवारजनों,

    हमारे लिए जब नारी सम्मान की बात करते है। मुझे अभी, एक देश में दौरा कर रहा था तो वहां एक बहुत की सीनियर मिनिस्टर उसने मुझे एक सवाल पूछा, उसने कहां आपके यहां बेटियां science और engineering के विषयों की पढ़ाई करती है क्या? मैंने उनको कहा आज मेरे देश में लड़कों से ज्यादा बेटियां आज STEM यानी science, technology, engineering और maths, अधिकतम भाग मेरी बेटियां ले रही हैं तो उनके लिए अचरज था। ये सामर्थ्य आज हमारे देश का दिख रहा है।

    मेरे प्यारे परिवारजनों,

    आज 10 करोड़ महिलाएं women self help में जुड़ी हुई हैं और women self help group के साथ आप गांव में जाएंगे तो आपको बैंक वाली दीदी मिलेगी, आपको आंगनबाड़ी वाली दीदी मिलेगी, आपको दवाई देने वाली दीदी मिलेगी और अब मेरा सपना है, 2 करोड़ लखपति दीदी बनाने का, गांव में 2 करोड़ लखपति दीदी। और इसके लिए एक नया विकल्प भेजा, science और technology। हमारे गांव की महिलाओं का सामर्थ्य देखता हूं और इसलिए मैं नई योजना सोच रहे हूँ कि हमारे अग्रीकल्‍चर सेक्टर में टेक्‍नोलॉजी आए, एग्रीटेक को बल मिले, इसलिए Women Self Help Group की बहनों को हम ट्रेनिंग देंगे। ड्रोन चलाने की, ड्रोन रिपेयर करने की हम ट्रेनिंग देंगे और हजारों ऐसे Women Self Help Group को भारत सरकार ड्रोन देगी, ट्रेनिंग देगी और हमारे एग्रीकल्‍चर के काम में ड्रोन की सेवाएं उपलब्‍ध हों, इसके लिए हम शुरूआत करेंगे, प्रारंभ हम 15 हजार Women Self Help Group के द्वारा ये ड्रोन की उड़ान का हम आरंभ कर रहे हैं।

    मेरे प्‍यारे परिवारजनों,

    आज देश आधुनिकता की तरफ बढ़ रहा है। Highway हो, Railway हो, Airway हो, I-Ways हो, Information Ways, Water Ways हो, कोई क्षेत्र ऐसा नहीं है, जिस क्षेत्र को आगे बढ़ाने की दिशा में आज देश काम न करता हो। पिछले 9 वर्ष में तटीय क्षेत्रों में, हमने आदिवासी क्षेत्र में, हमारे पहाड़ी क्षेत्र में विकास को बहुत बल दिया है। हमने पर्वत माला, भारत माला ऐसी योजनाओं के द्वारा समाज के उस वर्ग को हमने बल दिया है। हमने गैस की पाइपलाइन से हमारे पूर्वी भारत को जोड़ने का काम किया है। हमने अस्‍पतालों की संख्‍या बढ़ाई है। हमने डॉक्‍टर्स की सीटें बढ़ाई हैं ताकि हमारे बच्‍चे डॉक्‍टर बनने का सपना पूरा कर सकें। हमने मातृभाषा पर पढ़ाने में बदल दिया है और मातृभाषा में वो पढ़ाई कर सके उस दिशा में और मैं भारत के सुप्रीम कोर्ट का भी धन्‍यवाद करता हूँ कि भारत के सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अब जो judgement देंगे, उसका जो operative part होगा, वो जो अदालत में आया है, उसकी भाषा में उसको उपलब्‍ध होगा। मातृभाषा का महात्म्य आज बढ़ रहा है।

    मेरे प्‍यारे परिवारजनों,

    आज तक हमारे देश के जो Border Village हैं, हमने वहां Vibrant Border Village का एक कार्यक्रम शुरू किया है और Vibrant Border Village अब तक इसके लिए कहा जाता था देश के आखिरी गांव, हमने उस पूरी सोच को बदला है। वो देश का आखिरी गांव नहीं है, सीमा पर जो नजर आ रहा है, वो मेरे देश का पहला गांव है। अगर सूरज उगता है पूर्व में, तो उस तरफ के गांव में पहली सूरज की किरण आती है। अगर सूरज ढलता है, तो इस तरफ के गांव में आखिरी किरण का उसका लाभ मिलता है। ये मेरे पहले गांव है और मुझे खुशी है कि आज मेरे इस कार्यक्रम के विशेष मेहमान, ये जो पहले गांव हैं, सीमावर्ती गांव हैं, उसके 600 प्रधान आज इस लाल किले की प्राचीर के इस महत्‍वपूर्ण कार्यक्रम का हिस्‍सा बनने के लिए आए हैं। पहली बार वो इतनी दूर तक आए हैं। नए संकल्‍प और सामर्थ्‍य के साथ जुड़ने के लिए आए हैं।

    मेरे प्‍यारे परिवारजनों,

    हमने संतुलित विकास के लिए Aspirational District, Aspirational Block की कल्‍पना की और आज उसके सुखद परिणाम मिल रहे हैं। आज राज्‍य के जो Normal Parameters हैं, जो Aspirational Districts कभी बहुत पीछे थे, वो आज राज्‍य में भी अच्‍छा करने लग गए हैं और मुझे विश्‍वास है कि आने वाले दिनों में ये हमारे आकांक्षित जिले, हमारे आकांक्षित ब्‍लॉक अवश्‍य आगे बढ़ेंगे। जैसा मैंने कहा था भारत के चरित्र की चर्चा कर रहा था, तो मैंने पहले कहा था भारत की एकता, दूसरा कहा था भारत श्रेष्‍ठता की तरफ बल दे, तीसरा कहा था Women Development की मैंने बात कही थी। और मैं आज एक बात और कहना चाहता हूँ कि हम जैसे Regional aspiration मैंने चौथी बात कही थी, पांचवी महत्‍व की बात है और भारत ने अब उस दिशा में जाना है और वो है हमारा राष्‍ट्रीय चरित्र, विश्‍व मंगल के लिए सोचने वाला होना चाहिए। हमें देश को इतना मजबूत बनाना है, जो विश्‍व मंगल के लिए भी अपनी भूमिका अदा करें। और आज कोरोना के बाद मैं देख रहा हूँ, जिस प्रकार से संकट की घड़ी में देश ने दुनिया की मदद की उसका परिणाम है कि आज दुनिया में हमारा देश एक विश्‍व मित्र के रूप में है। विश्‍व के अटूट साथी के रूप में है। आज मेरे देश की पहचान बनी है। हम जब विश्‍व मंगल की बात करते हैं, तब भारत का मूलभूत विचार है उस विचार को हम आगे बढ़ाने वाले लोग हैं और मुझे खुशी है कि आज अमेरिकी संसद के भी कई चुने हुए गणमान्‍य प्रतिनिधि भी आज हमारे 15 अगस्‍त के इस अवसर में हमारे बीच में मौजूद हैं। भारत की सोच कैसी है, हम विश्‍व मंगल की बात को कैसे आगे बढ़ाते हैं। अब देखिए, जब हम जब सोचते हैं तो क्‍या कहते हैं, हमने दुनिया के सामने ये दर्शन रखा है, और दुनिया उस दर्शन को लेकर के हमारे साथ जुड़ रही है। हमने कहा One Sun, One World, One Grid. Renewable energy के क्षेत्र में एक बहुत बड़ा हमारा statement है, आज दुनिया उसको स्‍वीकार कर रही है। कोविड के बाद हमने दुनिया को कहा हमारी ये approach होनी चाहिए One Earth, One Health समस्‍याओं का समधान तभी होगा, जब मानव को, पशु को, पौधे को बीमारी के समय में समान रूप से address किया जाएगा, तब जाकर के हम ये करेंगे। हमने जी-20 समिट के लिए दुनिया के सामने कहा है One World, One Family, One Future इस सोच को लेकर के चल रहें हैं। हमने क्‍लाईमेट को लेकर के दुनिया जो संकट से जूझ रही है, हमने रास्‍ता दिखाया है, लाइव मिशन लॉन्‍च किया है Lifestyle For Environment। हमने दुनिया के सामने मिलकर International Solar Alliance बनाया और आज दुनिया के कई देश International Solar Alliance का हिस्‍सा बन रहे हैं। हमने bio diversity का महत्‍व देखते हुए Big Cat Alliance की व्‍यवस्‍था को हमने आगे बढ़ाया है। हमने प्राकृतिक आपदा के कारण ग्लोबल वार्मिग के कारण Infrastructure का जो नुकसान होता है, उसके लिए दूरगामी व्‍यवस्‍थाओं की जरूरत है। और इसलिए Coalition for Disaster Resilient Infrastructure, CDRI एक समाधान के रूप में दुनिया को दिया है। विश्‍व आज समुद्रों को संघर्ष का केंद्र बना रहा है, तब हमने दुनिया को सागर का प्‍लेटफार्म दिया है। जो वैश्विक सामुद्रिक शांति की गारंटी बन सकता है। हमने पारंपरिक चिकित्‍सा पद्धति को बल देते हुए WHO का एक ग्‍लोबल लेवल का सेंटर हिंदुस्‍तान में बनाने की दिशा में काम किया है। हमने योग और आयुष के द्वारा विश्‍व कल्‍याण और विश्‍व की स्वस्थता की दिशा में काम किया है। आज भारत विश्‍व मंगल की मजबूत नींव डाल रहा है। इस मजबूत नींव को आगे बढ़ाना, हम सबका काम है। हम सबकी जिम्मेदारी है।

    मेरे प्‍यारे परिवारजनों

    सपने अनेक हैं, संकल्‍प साफ है, नीतियाँ स्‍पष्‍ट हैं। नियत के सामने कोई सवालिया निशान नहीं है। लेकिन कुछ सच्‍चाईयों को हमें स्‍वीकार करना पड़ेगा और उसके समाधान के लिए मेरे प्रिय परिवारजनों, मैं आज लाल किले से आपकी मदद मांगने आया हूं, मैं लाल किले से आपका आर्शीवाद मांगने आया हूं। क्‍योंकि पिछले सालों मैंने देश को जो समझा है, देश की आवश्‍यकताओं को जो मैंने परखा है। और अनुभव के आधार पर मैं कह रहा हूं कि आज गंभीरतापूर्वक उन चीजों को हमें लेना होगा। आजादी के अमृतकाल में, 2047 में जब देश आजादी के 100 साल मनाएंगा, उस समय दुनिया में भारत का तिरंगा-झंडा विकसित भारत का तिरंगा-झंडा होना चाहिए, रत्‍ती भर भी हमें रुकना नहीं है, पीछे हटना नहीं है और इसके लिए शुचिता, पारदर्शिता और निष्‍पक्षता ये पहली मजबूती की जरूरत है। हमें उस मजबूती को जितना ज्‍यादा खाद पानी दे सकते हैं, संस्‍थाओं के माध्‍यम से दे सकते हैं, नागरिक के नाते दे सकते हैं, परिवार के नाते दे सकते हैं यह हमारा सामूहिक दायित्‍व होना चाहिए। और इसलिए पिछले 75 साल का इतिहास देखिए, भारत के सामर्थ्‍य में कोई कमी नहीं थी और यह जो देश कभी सोने की चिड़िया कहा जाता था वो देश क्यों न फिर से उस सामर्थ्‍य को ले करके खड़ा हो सकता है। मेरा अटूट विश्‍वास है साथियों, मेरे प्रिय परिवारजनों, मेरा अखंड, अटूट, एकनिष्ठ विश्‍वास है कि 2047 में जब देश आजादी के 100 साल मनाएगा मेरा देश विकसित भारत बनकर रहेगा। और यह मैं मेरे देश के सामर्थ्‍य के आधार पर कह रहा हूं। मेरे उपलब्‍ध संसाधनों के आधार पर कह रहा हूं और सबसे ज्‍यादा 30 से कम आयु वाली मेरी युवा शक्ति के भरोसे कह रहा हूं। मेरी माताओं-बहनों के सामर्थ्‍य के भरोसे कह रहा हूं, लेकिन उसके सामने अगर कोई रुकावट है, कुछ भी कृतियां पिछले 75 साल में ऐसे घर कर गई है, हमारी समाज व्‍यवस्‍था का ऐसा हिस्‍सा बन गई है कि कभी-कभी तो हम आंख भी बंद कर देते हैं। अब आंख बंद करने का समय नहीं है। अगर सपनों को सिद्ध करना है, संकल्‍प को पार करना है तो हमें यह आंख-मिचौली बंद करके आंख में आंख मिला करके तीन बुराईयों से लड़ना बहुत समय की मांग है। हमारे देश की सारी समस्‍याओं की जड़ में भ्रष्‍टाचार ने दीमक की तरह देश की सारी व्‍यवस्‍थाओं को, देश के सारे सामर्थ्‍य को पूरी तरह नोंच लिया है। भ्रष्‍टाचार से मुक्ति, भ्रष्‍टाचार के खिलाफ जंग हर ईकाई में हर क्षेत्र में और मैं देशवासियों, मेरे प्रिय परिवारजनों, यह मोदी के जीवन का कमिटमेंट है, यह मेरे व्‍यक्तित्‍व का एक कमिटमेंट है कि मैं भ्रष्‍टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ता रहूंगा। दूसरा हमारे देश को नोंच लिया है परिवारवाद ने। इस परिवारवाद ने देश को जिस प्रकार से जकड़ करके रखा है उसने देश के लोगों का हक छीना है, और तीसरी बुराई तुष्टिकरण की है। यह तुष्टिकरण में भी देश के मूल चिंतन को, देश के सर्वसमावेशक हमारे राष्ट्रीय चरित्र को दाग लगा दिए हैं। तहस-नहस कर दिया इन लोगों ने। और इसलिए मेरे प्‍यारे देशवासियों, इसलिए मेरे प्‍यारे परिवारजनों हमें इन तीन बुराइयों के खिलाफ पूरे सामर्थ्य के साथ लड़ना है। भ्रष्‍टाचार, परिवारवाद, तुष्टिकरण यह चुनौतियां, ये ऐसी चीजें पनपी है जो हमारे देश के लोगों का, जो आकांक्षाएं है, उसका दमन करती है। हमारे देश के कुछ लोगों के पास जो छोटा-मोटा सामर्थ्‍य है उसका शोषण करती है। यह ऐसी चीजें हैं, जो हमारे लोगों की आशाओं-आकांक्षाओं को सवाल या निशान में गढ़ देती है। हमारे गरीब हो, हमारे दलित हों, हमारे पिछड़े हो, हमारे पसमांदा हो, हमारे आदिवासी भाई-बहन हो, हमारी माताएं-बहनें हो, हमने, सबने उनके हकों के लिए इन तीन बुराइयों से मुक्ति पानी है। हमें भ्रष्‍टाचार के खिलाफ एक नफरत का माहौल बनाना है। जैसे गंदगी हमें नफरत पैदा करती है न, मन में, गंदगी पसंद नहीं है, यह सार्वजनिक जीवन की इससे बड़ी कोई गंदगी नहीं हो सकती। और इसलिए हमारे स्‍वच्‍छता अभियान को एक नया मोड़ ये भी देना है कि हमें भ्रष्‍टाचार से मुक्ति पानी है। सरकार टेक्‍नोलॉजी से भ्रष्‍टाचार की मुक्ति के लिए बहुत प्रयास कर रही है। आपको जानकर हैरानी होगी, इस देश में पिछले 9 साल में एक काम मैंने ऐसा किया; आंकड़ा सुनोगे तो लगेगा कि मोदी ऐसा करता है जैसे दस करोड़ लोग करीब-करीब जो गलत फायदा उठाते थे, वो मैंने रोक दिया। तो आप में से कोई कहेगा आपने लोगों से अन्‍याय कर दिया; जी नहीं, ये दस करोड़ लोग कौन लोग थे, ये दस करोड़ लोग वो लोग थे, जिनका जन्‍म ही नहीं हुआ था और उनके नाम पर उनके widow हो जाते थे, वो वृद्ध हो जाते थे, वो दिव्‍यांग हो जाते थे, फायदे लिए जाते थे। दस करोड़ ऐसी बेनामी चीजें जो चलती थीं, उसको रोकने का पवित्र काम, भ्रष्‍टाचारियों की संपत्ति जो हमने जब्‍त की है ना, वो पहले की तुलना में 20 गुना ज्‍यादा की है।

    मेरे प्‍यारे परिवारजनों,

    ये आपकी कमाई का पैसा लोग ले करके भागे थे। 20 गुना ज्‍यादा संपत्ति को जब्‍त करने का, और इसलिए लोगों की मेरे प्रति नाराजगी होना बहुत स्‍वाभाविक है। लेकिन मुझे भ्रष्‍टाचार के खिलाफ की लड़ाई को आगे बढ़ाना है। हमारी सरकारी व्‍यवस्‍था ने, पहले कैमरा के सामने तो कुछ हो जाता था, लेकिन बाद में चीजें अटक जाती थीं। हमने पहले की तुलना में कई गुना ज्‍यादा अदालत में चार्जशीट की है और अब जमानतें भी नहीं मिलती हैं, वैसी पक्‍की व्‍यवस्‍था को ले करके हम आगे बढ़ रहे हैं, क्‍योंकि हम ईमानदारी से भ्रष्‍टाचार के खिलाफ लड़ रहे हैं। आज परिवारवाद और तुष्टिकरण इसने देश का बहुत बड़ा दुर्भाग्‍य किया है। अब लोकतंत्र में ये कैसे हो सकता है कि पॉलिटिकल पार्टी, और मैं विशेष बल दे रहा हूं पॉलिटिकल पार्टी, आज मेरे देश के लोकतंत्र में एक ऐसी विकृति आई है जो कभी भारत के लोकतंत्र को मजबूती नहीं दे सकती और वो क्‍या है बीमारी, परिवारवादी पार्टियां। और उनका तो मंत्र क्‍या है, पार्टी ऑफ द फैमिली, बाय द फैमिली एंड फॉर द फैमिली। इनका तो जीवन मंत्र यही है कि उनकी पॉलिटिकल पार्टी, उनका राजनीतिक दल परिवार का, परिवार के द्वारा और परिवार के लिए। परिवारवाद और भाई-भतीजावाद प्रतिभाओं के दुश्‍मन होते हैं, योग्‍यताओं को नकारते हैं, सामर्थ्‍य को स्‍वीकार नहीं करते हैं। और इसलिए परिवारवाद की इस देश के लोकतंत्र की मजबूती के लिए उसकी मुक्ति जरूरी है। सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय, हर किसी को हक मिले, इसलिए और सामाजिक न्‍याय के लिए भी ये बहुत जरूरी है, उसी प्रकार से तुष्टिकरण, तुष्टिकरण ने सामाजिक न्‍याय का सबसे बड़ा नुकसान किया है। अगर सामाजिक न्‍याय को तबाह किसी ने किया है तो ये तुष्टिकरण की सोच, तुष्टिकरण की राजनीति, तुष्टिकरण का सरकारी योजनाओं का तरीका, इसने सामाजिक न्‍याय को मौत के घाट उतार दिया है। और इसलिए हमें तुष्टिकरण, भ्रष्‍टाचार, ये विकास के सबसे बड़े दुश्‍मन हैं। अगर देश विकास चाहता है, देश 2047, विकसित भारत का सपना साकार करना चाहता है तो हमारे लिए आवश्‍यक है कि हम किसी भी हालत में देश में भ्रष्‍टाचार को सहन नहीं करेंगे, इस मूड को ले करके चलना चाहिए।

    मेरे प्‍यारे परिवारजनों,

    हम सबका एक बहुत बड़ा महत्‍वपूर्ण दायित्‍व है, आपने जिस प्रकार से जिंदगी जी है, हमारी आने वाली पीढ़ी को ऐसी जिंदगी जीने के लिए मजबूर करना, ये हमारा गुनाह है, ये हमारा दायित्‍व है कि हमारी आने वाली पीढ़ी को हम ऐसा समृद्ध देश दें, ऐसा संतुलित देश दें, ऐसा सामाजिक न्याय की धरोहर वाला देश दें, ताकि छोटी-छोटी चीजों को पाने के लिए उन्हें कभी भी संघर्ष न करना पड़े। हम सभी का कर्तव्य, हर नागरिक कर्तव्य है और ये अमृतकाल कर्तव्यकाल है। हम कर्तव्य से पीछे नहीं हो सकते हैं, हमें वो भारत बनाना है, जो पूज्य बापू के सपनों का था, हमें वो भारत बनाना है जो हमारे स्वतंत्रता सेनानियों का सपना था, हमें वो भारत बनाना है जो हमारे वीर-शहीदों का था, हमारी वीरांगनाओं का था, जिन्होंने मात्रभूमि के लिए अपना जीवन दे दिया था।

    मेरे प्यारे परिवारजनों,

    मैं जब 2014 में आपके पास आया था तब 2014 में मैं परिवर्तन का वादा लेकर के आया था। 2014 में मैंने आपको वादा किया था मैं परिवर्तन लाऊंगा। और 140 करोड़ मेरे परिवारजन आपने मुझ पर भरोसा किया और मैंने विश्वास पूरा करने की कोशिश की। Reform, Perform, Transform वो 5 साल जो वादा था वो विश्वास में बदल गया क्योंकि मैंने परिवर्तन का वादा किया था। Reform, Perform, Transform के द्वारा मैंने इस वादे को विश्वास में बदल दिया है। कठोर परिश्रम किया है, देश के लिए किया है, शान से किया है, सिर्फ और सिर्फ nation first राष्ट्र सर्वोपरि इस भाव से किया है। 2019 में performance के आधार पर आप सबने मुझे फिर से आशीर्वाद दिया। परिवर्तन का वादा मुझे यहां ले आया, performance मुझे दोबारा ले आया और आने वाले 5 साल अभूतपूर्व विकास के हैं। 2047 के सपने को साकार करने का सबसे बड़ा स्वर्णीम पल आने वाले 5 साल हैं। और अगली बार 15 अगस्त को इसी लाल किले से मैं आपको देश की उपलब्धियां, आपके समार्थ्य, आपके संकल्प उसमें हुई प्रगति, उसकी जो सफलता है, उसके गौरवगान उससे भी अधिक आत्मविश्वास के साथ, आपके सामने में प्रस्तुत करूंगा।

    मेरे प्यारे प्रियजनों,

    मेरे परिवारजनों, मैं आप में से आता हूं, मैं आपके बीच से निकला हूं, मैं आपके लिए जीता हूं। अगर मुझे सपना भी आता है, तो आपके लिए आता है। अगर मैं पसीना भी बहाता हूं तो आपके लिए बहाता हूं, क्योंकि इसलिए नहीं कि आपने मुझे दायित्व दिया है, मैं इसलिए कर रहा हूं कि आप मेरे परिवाजन हैं और आपके परिवार के सदस्य के नाते मैं आपके किसी दु:ख को देख नहीं सकता हूँ, मैं आपके सपनों को चूर-चूर होते नहीं देख सकता हूं। मैं आपके संकल्प को सिद्धी तक ले जाने के लिए आपका एक साथी बनकर के, आपका एक सेवक बनकर के, आपके साथ जुड़े रहने का, आपके साथ जीने का, आपके लिए जूझने का मैं संकल्प लेकर के चला हुआ इंसान हूं और मुझे विश्वास है हमारे पूर्वजों ने आजादी के लिए जो जंग लड़ा था, जो सपने देखे थे, वो सपने हमारे साथ हैं। आजादी के जंग में जिन्होंने बलिदान दिया था, उनके आशीर्वाद हमारे साथ हैं और 140 करोड़ देशवासियों के लिए एक ऐसा अवसर आया है, ये अवसर हमारे लिए एक बहुत बड़ा संबल लेकर के आया है।

    और इसलिए मेरे प्यारे प्रियजनों,

    आज जब मैं अमृतकाल में आपके साथ बात कर रहा हूं, ये अमृतकाल का पहला वर्ष है, ये अमृतकाल के पहले वर्ष पर जब मैं आपके बात कर रहा हूं तो मैं आपको पूरे विश्वास से कहना चाहता हूं-

    चलता चलाता कालचक्र,

    अमृतकाल का भालचक्र,

    सबके सपने, अपने सपने,

    पनपे सपने सारे, धीर चले, वीर चले, चले युवा हमारे,

    नीति सही रीती नई, गति सही राह नई,

    चुनो चुनौती सीना तान, जग में बढ़ाओ देश का नाम।

    मेरे प्‍यारे परिवारजनों,

    हिन्‍दुस्‍तान के कोने-कोने में बैठे हुए मेरे परिवारजनों, दुनिया के कोने-कोने में जा करके बसे हुए मेरे परिवारजन, आप सबको आजादी के पावन पर्व की फिर एक बार मैं बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूँ। और ये अमृतकाल हम सबके लिए कर्तव्य काल है। ये अमृतकाल हम सबको मां भारती के लिए कुछ कर गुजरने का काल है। आज़ादी की जब जंग चल रही थी, 1947 के पहले जो पीढ़ी ने जन्‍म लिया था, उन्‍हें देश के लिए मरने का मौका मिला था। वो देश के लिए मरने के लिए मौका नहीं छोड़ते थे लेकिन हमारे नसीब में देश के लिए मरने का मौका नहीं है। लेकिन हमारे लिए देश के लिए जीने का ये इससे बड़ा कोई अवसर नहीं हो सकता। हमें पल-पल देश के लिए जीना है, इसी संकल्‍प के साथ इस अमृत काल में 140 करोड़ देशवासियों के सपने संकल्‍प भी बनाने हैं। 140 करोड़ देशवासियों के संकल्‍प को सिद्धि में भी परिवर्तित करना है और 2047 का जब तिरंगा झंडा फहरेगा, तब विश्‍व एक विकसित भारत का गुणगान करता होगा। इसी विश्‍वास के साथ, इसी संकल्‍प के साथ मैं आप सबको अनेक-अनेक शुभकामनाएं देता हूँ। बहुत-बहुत बधाई देता हूँ।

    जय हिन्‍द, जय हिन्‍द, जय हिन्‍द!

    भारत माता की जय, भारत माता की जय, भारत माता की जय!

    वंदे मातरम, वंदे मातरम, वंदे मातरम!

    बहुत-बहुत धन्‍यवाद!

  • नेहरू के षड़यंत्रों के बाद भी मुखर्जी का बलिदान व्यर्थ नहीं : कृषि मंत्री कमल पटेल

    नेहरू के षड़यंत्रों के बाद भी मुखर्जी का बलिदान व्यर्थ नहीं : कृषि मंत्री कमल पटेल


    हरदा 23 जून(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर). कृषि मंत्री कमल पटेल ने पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी की रहस्यमय मौत को लेकर बड़ा बयान दिया है।उन्होंने कहा कि पंडित श्यामा मुखर्जी की रहस्यमय तरीके से हत्या की गई थी। जिस पर अभी तक रहस्य बना हुआ है।पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के षड़यंत्रों की वजह से ही भारत को इतने लंबे समय तक कश्मीर में अपने युवाओं की जान गंवानी पड़ी।
    उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में कश्मीर जाने के लिए अपने ही देश में वीजा लेना पड़ता था लेकिन वर्तमान परिदृश्य हम सब कह सकते हैं कि डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान व्यर्थ नहीं गया है


    कृषि मंत्री कमल पटेल ने पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर हरदा में मुखर्जी कीमूर्ति पर माल्यार्पण करते हुए कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने भारतीय जनसंघ की स्थापना करते हुए कश्मीर में सत्याग्रह किया उन्होंने उस समय कहा था कि यह देश दो विधान से नहीं चलेगा। मंत्रीपटेल ने कहा कि देश में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार बनी तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी के संकल्प को पूरा किया। गृह मंत्री अमित शाह ने सरकार की इच्छा का पालन करने के लिए संसद पारित प्रस्ताव के माध्यम से कश्मीर से धारा 370 का कानून हटवा दिया। अब कश्मीर में दो विधान दो निशान नहीं है। मंत्री पटेल ने पूर्व प्रधानमंत्री नेहरू पर कटाक्ष करते हुए कहा कि नेहरू देश में तुष्टीकरण की राजनीति करते थे। जिसका ज्वलंत उदाहरण कश्मीर था नेहरू के उसी तुष्टीकरण की नीति आज भी कांग्रेस पार्टी के रग रग में समाई हुई है।