भोपाल 22 दिसंबर(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। मध्य प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग प्रायोगिक रूप से राजगढ़ और नरसिंहपुर में आदिशंकराचार्य गुरुकुलम शुरू करने जा रहा है। इन गुरुकुलों में वेद, योग, संस्कृत के साथ गाय को लेकर भी पाठ्यक्रम शामिल रहेंगे।उन्होंने कहा कि अब तक बच्चों को स्कूलों में गाय पर निबंध लिखना सिखाया जाता था पर अब हम उसे दैनंदिनी जीवन का हिस्सा बनाने जा रहे हैं।
स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने स्कूल शिक्षा विभाग और परिवहन विभाग का दो साल का रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए बताया कि हम गाय के बारे में बच्चों को पढ़ाएंगे ताकि नई पीढ़ी गाय के महत्व को आसानी से समझ पाए। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक तौर पर ये बात साबित हो चुकी है कि गाय से हमें सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। गाय से निरोग रहने के लिए वातावरण मिलता है. गाय को लेकर दूसरे देशों में भी रिसर्च किए जा रहे हैं।
राव उदय प्रताप सिंह ने बताया “मध्य प्रदेश में 30 हजार से ज्यादा शिक्षकों के खाली पद भरे जाएंगे. इसके अलावा पहली बार ये भी हुआ है कि पात्र शिक्षकों को प्रमोट किया गया है. पहली बार ही 20 हजार से अधिक अतिशेष शिक्षकों का तबादला ऐसे विद्यालयों में किया गया है जहां टीचर्स की कमी है. अब स्कूलों में हाईटेक अटेंडेंस हो रही है, जिसमें करीब 80 प्रतिशत नियमित और 96 फीसदी अतिथि शिक्षकों की जियो टैग एप से हाजिरी दर्ज की जा रही है।
मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने कहा “राइट टू एजुकेशन के तहत सबसे महत्वपूर्ण काम है कि बच्चों को समय से सिलेबस मिले और सरकार उन्हें किताबें उपलब्ध कराए. किताबें अगर समय पर नहीं मिलती तो बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है. पिछले वर्ष हमने 100 फीसदी जिन बच्चों को मुफ्त में मिलना चाहिए, हम स्कूल में भेजने में कामयाब रहे. इस साल हम एक कदम और आगे जा रहे हैं. हम विकास खंड स्तर पर बुक फेयर लगाएंगे. बच्चे शासन स्तर पर न्यूनतम दरों पर पुस्तकें खरीद सकते हैं.”
स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने बताया “मध्य प्रदेश में 8 वीं कक्षा तक 86 प्रतिशत बच्चे स्कूलिंग नियमित रख पा रहे हैं. 10वीं तक के बच्चों के प्रतिशत में थोड़ी गिरावट के साथ ये आंकड़ा 54 फीसदी है. वहीं 12वीं तक पहुंच पाने वाले छात्रों की संख्या घटकर 32 प्रतिशत ही रह जाती है. बीते 3 वर्षों में सभी कक्षाओं में ड्रॉपआउट दर में कमी आई है. वर्ष 2024-25 में प्रथामिक स्तर पर ड्रॉपआउट दर 6.8 प्रतिशत से घटकर शून्य हो गई है.”
स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने बताया “पहली कक्षा में पिछले साल के मुकाबले में 19 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है. इसी तरह से नौवीं से 12वीं में इनरोलमेंट करीब 4 फीसदी बढ़ा है. समग्र आईडी के जरिए 90 फीसदी बच्चों की ट्रैकिंग पूर्ण कर ली गई है. जिसमें 6-14 वर्ष के विद्यालय से बाहर के बच्चों को विद्यालय में प्रवेश दिया जा रहा है.”
एक सवाल के जवाब में मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने बताया “मौजूदा स्थिति में प्रदेश के 3367 विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा दी जा रही है. जिनमें 17 ट्रेड और 42 जॉब रोल का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. बीते दो वर्षों से 690 विद्यालयों में कृषि ट्रेड भी शुरू किया गया है.”
मंत्री ने कहा कि शिक्षा विभाग में कई चुनौतियां हैं, लेकिन बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। हर साल अप्रैल में प्रवेश उत्सव मनाया जा रहा है, जिससे स्कूलों में नामांकन बढ़ा है। इस साल 100 फीसदी किताबें समय पर स्कूलों तक पहुंचाई गईं।
उन्होंने बताया कि कक्षा 1 में नामांकन पिछले साल की तुलना में 19.6 फीसदी बढ़ा है, जबकि सरकारी स्कूलों में यह बढ़ोतरी 32.4 फीसदी रही। कक्षा 9 से 12 तक के नामांकन में भी 4 फीसदी की वृद्धि हुई है। पिछले तीन सालों में सभी कक्षाओं में ड्रॉपआउट कम हुआ है और साल 2024–25 में ड्रॉपआउट दर घटकर शून्य हो गई।
मंत्री ने बताया कि अब हर विकासखंड में बुक फेयर लगाया जाएगा। इसमें सरकारी और निजी स्कूलों के बच्चे कम कीमत पर किताबें खरीद सकेंगे। प्रदेश में 30,281 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया चल रही है। 275 संदीपनी और 799 पीएमश्री स्कूलों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जा रहा है। डिजिटल शिक्षा पर भी विशेष फोकस किया जा रहा है। 3,367 स्कूलों में व्यवसायिक शिक्षा शुरू की जा चुकी है। आने वाले तीन सालों में स्कूलों में सीटें बढ़ाने, स्कूल का समय कम करने और आईसीटी लैब स्थापित करने की योजना है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत मालवी, बुंदेलखंडी और निमाड़ी जैसी स्थानीय भाषाओं में किताबें बच्चों को उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके अलावा राजगढ़ और नरसिंहपुर में आदि शंकराचार्य गुरुकुल बनाया जाएगा, जहां वेद और योग की शिक्षा दी जाएगी। भोपाल में शिक्षा विभाग की एक बहुमंजिला इमारत भी बनाई जाएगी।
मंत्री ने बताया कि कक्षा 1 से 8 तक 86 फीसदी, कक्षा 1 से 10 तक 54 फीसदी और कक्षा 1 से 12 तक 32 फीसदी बच्चे नियमित रूप से पढ़ाई कर रहे हैं। ड्रॉपआउट रोकने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
इस मौके पर स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. संजय गोयल, परिवहन विभाग के सचिव श्री मनीष सिंह, परिवहन आयुक्त श्री विवेक शर्मा, संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र श्री हरजिंदर सिंह एवं विभागीय अधिकारी भी मौजूद थे।