Month: September 2023

  • दिव्यांग बच्चों को संबल देने सामने आया इक्विटास बैंक

    दिव्यांग बच्चों को संबल देने सामने आया इक्विटास बैंक


    भोपाल,29 सितंबर(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। इक्विटास स्माल फायनेंस बैंक ने अपने कारोबारी विस्तार के साथ दिव्यांग बच्चों को संबल देने का अभियान मध्यप्रदेश में भी जारी रखा है। बैंक बनने के सात वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में बैंक ने आज पटेल नगर स्थित दिव्यांग बच्चों के ज्योति स्पेशल स्कूल में बच्चों के बीच पढ़ाई सामग्री वितरित करके उनके चेहरों पर मुस्कान लाने का प्रयास किया है। बैंक अपनी माईक्रो फायनेंस बैंकिंग गतिविधियो से आम नागरिकों के बीच लगातार समर्थन बढ़ाता जा रहा है इसके साथ ही बैंक ने समाजसेवा के माध्यम से लोगों के साथ खडे होने का दायित्व निभाना जारी रखा है। चेन्नई से प्रारंभ इस बैंक का सामाजिक दायित्वों के प्रति समर्पण देखकर ही रिजर्व बैंक ने कडी प्रतिस्पर्धा के बीच इक्विटास बैंक को बैंकिंग का लाईसेंस प्रदान किया था तबसे लेकर बैंक लगातार अपनी बैंकिंग गतिविधियों के साथ लोक दायित्व निर्वहन का वादा भी पूरा करता आ रहा है।


    इक्विटास स्माल फायनेंस बैंक के इंदौर रेंज के सीएसआर अधिकारी राजेश भूमरकर ने बताया कि इक्विटास डेवलपमेंट इनीशिएटिव ट्रस्ट अपने सामाजिक दायित्वों को लगातार निभाता आ रहा है। समय से साथ बैंक के कामकाज में निखार आता जा रहा है जिससे हमारी सामाजिक गतिविधियां भी बढ़ती जा रहीं हैं। इसी श्रंखला में आज हमने मंदबुद्धि और दिव्यांग बच्चों के ज्योति स्पेशल स्कूल में अपना सहयोग दिया है। पांच से पंद्रह साल के करीबन अड़तालीस बच्चों को जब हमने पढ़ाई सामग्री वितरित की तो उनके खिले चेहरे और उनमें झलकता संतोष और जीवटता देखते ही बनती थी। ऐसे बच्चों को सहारा देना और उन्हें सामान्य जीवन के लिए प्रशिक्षित करना बहुत दुरूह कार्य है ऐसे किसी भीसामाजिक अभियान को मदद देने का हमारा प्रयास हमेशा जारी रहेगा। वर्ष 2016 से जब हमें बैंकिंग का लाईसेंस मिला तभी से हम एमपी में कार्य कर रहे हैं । भोपाल के लोगों ने हमारे कार्य के प्रति समर्पण को देखते हुए लगभग एक सौ चालीस करोड़ रुपए की जमाराशि देकर सामाजिक गतिविधियां निभाने की जवाबदारी सौंपी है। जैसे जैसे हमारी क्षमता बढती जाएगी हम प्रदेश के विकास की प्रमुख कड़ी के रूप में सदैव उपस्थित रहेंगे।


    बैंक के रीजनल मैनेजर अमित देशपांडे ने बच्चों को दुलार करते हुए बताया कि बैंक ने कुछ ऐसी सरल प्रणाली विकसित की है जिससे हम ऐसे सामाजिक ट्रस्टों, एसोसिएशन, फेडरेशन और समितियों की आय बढ़ाने में सहयोगी साबित हो रहे हैं। हमारा लक्ष्य सार्थक बैंकिंग करना है। अपने इस दायित्व के निर्वहन में हम लगातार आगे बढ़ते जा रहे हैं।


    बैंक के शाखा प्रबंधक लोकेश जैन ने बताया कि हमारी बैंकिंग गतिविधियां माईक्रो फायनेंस का सिद्धांत अपनाने की वजह से ज्यादा कारगर साबित हो रहीं हैं। हमने दस दस महिलाओं के स्वसहायता समूहों को बाजार की तुलना में कम ब्याज दर पर फायनेंस किया है। इन समूहों में सभी हितग्राही आपस में एक दूसरे की गारंटी देते हैं। ऐसे में हमारा डूबत ऋण एक फीसदी से भी कम होता है। यही वजह है कि हमारा मुनाफा ठोस और गारंटी वाला होता है। लगभग बीस सालों से हम लोगों को फायनेंस देकर उनका जीवन स्तर ऊंचा उठाने के लिए कार्य कर रहे हैं इस कारण से हमारा ग्राहकी आधार बहुत बड़ा है। लोगों को हम पर विश्वास है और जब हम उन्हें पैरों पर खड़ा करने में मदद करते हैं तो फिर वे हमसे अधिक ऋण लेकर अपना जीवन स्तर ऊंचा उठाने में निपुण हो जाते हैं। हमारी इसी सफलता को देखते हुए आज श्रंगेरी सारदा मठ हमारा संरक्षक बनकर सामने आया है। हमारे प्रेरणा पुंज पीएन वासुदेवन बैंक के धन प्रबंधन की जो कार्यपद्धति विकसित की है उससे हम गारंटी के साथ आगे बढ़ रहे हैं। शेयर बाजार का समर्थन हमारी विकास यात्रा का सबसे बड़ा गवाह साबित हो रहा है।


    श्री राजेश भूमरकर ने बताया कि हम अपने उपभोक्ताओं को सफल बनाने के लिए हेल्थ हेल्पलाईन चलाते हैं जिनके अंतर्गत उन्हें बेहतर और सस्ती चिकित्सा की सलाह दी जाती है। मेडिकल कैप लगाकर हम लोगों को मुफ्त चिकित्सकीय जांच की सुविधा मुहैया कराते हैं। अपनी सीएसआर गतिविधियों में हम युवाओं और उद्यमियों का भी मार्गदर्शन करते हैं जिससे हमारी बैंकिंग गतिविधियां अपना उद्देश्य सार्थक बनाती हैं। आज के आयोजन में बैंक की ओर से व्यवसाय विकास अधिकारी रोहित राजपूत और प्रियंका पराते भी उपस्थित थे। ज्योति स्पेशल स्कूल की प्राचार्य सिस्टर बिंसी आगस्टाईन( एंसिलिन सिस्टर) ने सभी समाजसेवियों के प्रति आभार प्रकट किया।

  • भाजपा के शक्ति संधान से चौखाने चित्त कमलनाथ कांग्रेस

    भाजपा के शक्ति संधान से चौखाने चित्त कमलनाथ कांग्रेस


    भाजपा ने तीसरी सूची में आदिवासी नेता रहे मनमोहन शाह बट्टी की बेटी मोनिका बट्टी को अमरवाड़ा से टिकिट देकर खलबली मचा दी है। कभी सनातन परंपरा के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले आदिवासी नेता मनमोहन शाह बट्टी की बेटी को चुनाव मैदान में उतारकर भाजपा ने कांग्रेस के अरमानों पर घड़ों पानी उढ़ेल दिया है। मनमोहन शाह बट्टी आदिवासी सम्मान का नारा देकर राजनीति में उतरे थे। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी बनाई। इस पार्टी ने समय समय पर अपनी मौजूदगी भी दर्ज कराई लेकिन राजनीतिक बदलाव लाना रेत में नाव खेने के समान होता है। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी में फूट भी पड़ी और पार्टी अप्रासंगिक भी हो गई। इसके बावजूद पिछले विधानसभा चुनावों में कमलनाथ कांग्रेस ने हीरालाल अलावा के नेतृत्व में जयस संगठन के नेतृत्व तले आदिवासियों को लामबंद करने में सफलता पा ली थी. आदिवासी वोट बैंक प्रदेश की 36 सीटों पर निर्णायक होता है। नतीजतन वोट का गणित गड़बड़ाया और भारतीय जनता पार्टी अधिक वोट पाने के बावजूद सत्ता से दूर रह गई थी। कमलनाथ की कूटनीति ने उन्हें सत्ता तक तो पहुंचा दिया था लेकिन शुचिता के अभाव ने सत्ता की लूट का जो नंगा नाच किया उससे क्षुब्ध होकर ज्योतिरादित्य सिंधिया के नेतृत्व में कांग्रेस के विधायकों ने विद्रोह कर दिया। कमलनाथ की सरकार औंधे मुंह गिर गई। तबसे भाजपा ने अपना खोया जनाधार वापस समेटने का अनुष्ठान शुरु कर दिया और आज वह मजबूत स्थिति में चुनावी कीर्तिमान स्थापित करने चल पड़ी है।
    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हालिया भोपाल दौरे के बाद तरह तरह की अटकलबाजियां शुरु हो गईं थीं लेकिन लोग तब भौंचक्के रह गए जब उनके दौरे के तुरंत बाद भाजपा हाईकमान ने अपने प्रत्याशियों की दूसरी सूची जारी कर दी। इस सूची में भाजपा ने तीन केन्द्रीय मंत्रियों और चार सांसदों को मैदान में उतारकर सभी को चौंका दिया। टिकिट बांटकर लौटे नरेन्द्र सिंह तोमर, प्रहलाद पटेल और फग्गन सिंह कुलस्ते को भी शायद अंदाजा नहीं था कि उन्हें मैदान में दो दो हाथ करना पड़ेंगे। बरसों से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की शासन शैली के खिलाफ शिकायतें आती रहीं हैं। भाजपा के कई दिग्गज स्वयं को मुख्यमंत्री के रूप में प्रस्तुत करते रहे हैं। खुद शिवराज सिंह चौहान बार बार खुद को चुनौतियों के सामने असहाय पाते रहे हैं। पिछले विधानसभा चुनावों में जब उनकी सरकार चली गई तो उन्होंने ये कहते हुए संतोष व्यक्त किया था कि मैं मुक्त हो गया। आखिर उन्हें किसने बांध रखा था। खुला हाथ मिलने के बावजूद वे खुद को बंधक क्यों महसूस कर रहे थे।
    दरअसल शिवराज सिंह चौहान लगभग अठारह सालों तक प्रदेश में ऐसी सरकार चलाते रहे हैं जो सत्ता माफिया की गिरफ्त में जकड़ी रही है। वे चाहकर भी इस गिरोह पर लगाम नहीं लगा सके। इस माफिया गिरोह ने एक क्लब बना रखा है और सारे कमाऊ ठेके इसी गिरोह के चंगू मंगू हड़प लेते रहे हैं। सत्ता की इस लूटपाट में आईएएस अफसरों का एक गिरोह भी शामिल रहा है। आज राजधानी की सड़कों पर रोज वाहनों का जाम लगता है। इसकी वजह सत्ता की लूट से आई काली कमाई रही है। अरबों रुपयों का विदेशी कर्ज लेकर जन कल्याणकारी योजनाओं के नाम पर जन धन की लूट ने ये हालात निर्मित किए हैं। कल्याणकारी योजनाएं सफल भी हुईं हैं जनता को उनका लाभ भी मिला है लेकिन ये लाभ उस कर्ज की तुलना में बहुत कम है जिसका ब्याज आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि मोदी है तो मुमकिन है।इस पर शिवराज के एक करीबी मंत्री ने कहा कि ये बड़बोला पन है किसी को अपने मुंह मियां मिट्ठू थोड़ी बनना चाहिए। भाजपा संगठन से जुड़े समर्पित स्वयंसेवक जानते हैं कि जिन नेताओं ने खुद को ब्रांड के रूप में स्थापित करके जनता के दिलों तक सफर किया है उन्होंने मतदाताओं को भरोसा दिलाने के लिए खुदकी मौजूदगी बताई है। कभी नारा दिया जाता था बच्चा बच्चा अटल बिहारी । शिवराज खुद मैं हूं न बोलकर लोगों को भरोसा दिलाने का प्रयास करते रहे हैं। इसके बावजूद उनकी सरकार की घोषणाएं सौ फीसदी सफल नहीं रहीं। यही वजह है कि भाजपा के ही वरिष्ठ नेता ने उन्हें घोषणा वीर की संज्ञा दे डाली थी।
    भाजपा हाईकमान के पास स्पष्ट फीड बैक था कि शिवराज सिंह चौहान के नाम को लेकर लोगों में बैचेनी है। खास तौर पर युवा वर्ग बदलाव चाहता है। उसने जबसे होश संभाला है भाजपा सरकार ही देखी है। ये सरकार न तो उसे रोजगार दे पाई न ही पूंजी निर्माण का कोई माहौल बना पाई है। ऐसे में कांग्रेस ने उसे पिछले विधानसभा चुनावों में बरगला लिया था। इस बार फिर ऐसा न हो इसके लिए हाईकमान ने शिवराज सिंह चौहान को हटाया तो नहीं है। इसकी वजह ये है कि शिवराज पर पिछले दो दशकों में भाजपा ने करोड़ों रुपए खर्च किए हैं। उन्हें ब्रांड के रूप में स्थापित किया है। इसलिए उन पर ही जवाबदारी है कि पार्टी को एक बार फिर सत्ता में लाएं। शिवराज के इर्द गिर्द जुटे सत्ता माफिया ने पंचायतों से लेकर स्वास्थ्य ,सड़क, बिजली, पानी और उद्योग सभी क्षेत्रों में जो लूट मचाई है उससे सभी खफा हैं। जाहिर है कि भाजपा को यदि 2024 में लोकसभा का चुनाव जीतना है तो उसे मध्यप्रदेश की अपनी सत्ता बचानी पड़ेगी। यही वजह है कि मोदी शाह की जोड़ी और भाजपा हाईकमान पूरी गंभीरता से मध्यप्रदेश में अपना परचम फहराने में जुट गए हैं।
    नरेन्द्र मोदी ने देश की अर्थव्यवस्था को 5 ट्रिलियन डॉलर का टारगेट रखकर जो योजनाएं बनाई हैं उसमें वे कोई चूक नहीं होने देना चाहते हैं। कांग्रेस जहां डिफाल्टरों को पालने पोसने में जुटी रही है वहीं भाजपा ने किसानों और महिलाओं को अपना साथी बनाया है। आधी आबादी को मजबूती देकर वे अर्थ व्यवस्था में लंबी छलांग लगाना चाहते हैं। उन्होंने जाति,धर्म, वर्ग की राजनीति नहीं खेली। उन्होंने देश के विशाल वर्कफोर्स पर अपना ध्यान केन्द्रित किया है। यही वजह है कि मोदी ने जब अपने भाषण में शिवराज सिंह चौहान का नाम नहीं लिया तो उनके समर्थक बौखला गए। उनके समर्थक एक मंत्री ने कहा कि जब शिवराज सिंह इस चुनावी रण के दूल्हे हैं तो उन्हें नजरंदाज नहीं किया जाना चाहिए। जबकि दूसरी सूची में जिन दिग्गजों और क्षेत्रीय क्षत्रपों को चुनाव में भेजकर भाजपा ने उन्हें चुनाव जिताने की जो जवाबदारी सौंपी है उससे साफ है कि भाजपा हाईकमान शिवराज का साफ विकल्प तैयार करना चाहती है। ये जनता की मांग पर लिया गया फैसला है जो भले ही कड़वा लगे पर समस्या का इससे अच्छा समाधान दूसरा नहीं हो सकता। इस फैसले से फिलहाल कांग्रेस तो चौखाने चित्त नजर आ रही है।

  • सत्ता की दौड़ से बाहर होती कमलनाथ कांग्रेस

    सत्ता की दौड़ से बाहर होती कमलनाथ कांग्रेस


    चुनावों की आचार संहिता लागू होने में समय है लेकिन कमलनाथ की कांग्रेस अभी से पंचर हो गई है। भारतीय जनता पार्टी ने कारगर कार्यशैली अपनाकर जनता से जो संवाद स्थापित किया है उससे कांग्रेस के रणनीतिकार बौखला गए हैं। पिछले चुनावों में बिल्ली के भाग्य से छींका टूट गया था और सत्ता में पहुंचे कमलनाथ का दंभ सत्रहवें आसमान पर पहुंच गया था । ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जब उनके लटके झटके करीब से देखे तो उन्होंने जनता से की जा रही गद्दारी से अपना नाता तोड़ लिया था । नाथ की सरकार जब औंधे मुंह गिरी तभी से वे विक्षिप्त हो गए हैं। अपनी मनोदशा पर वे जैसे तैसे काबू बनाए हुए थे लेकिन इस चुनाव के पहले जनता में भाजपा के प्रति जो प्रेम और विश्वास उमड़ रहा है उसे देखकर तो कमलनाथ अपना आपा खो बैठे हैं। इंदौर में मतंग समाज के कार्यक्रम में उन्होंने साजिशन पत्रकारों को धक्के देकर बाहर निकाल दिया। ऐसा नहीं कि पत्रकारों को गरियाने का उनका ये पहला मामला है। वे हमेशा से प्रेस को धकियाने का प्रयास करते रहते हैं। इसके बावजूद मीडिया उनकी बातों को जनता तक पहुंचाने का अपना दायित्व निभाता रहा है। पिछले चुनावों में अधिक वोट पाने के बावजूद जब भाजपा सत्ता से दूर रह गई तब कमलनाथ ने कुर्सी पाते ही पत्रकारों को गरियाना शुरु कर दिया था। उन्होंने बदतमीजी भरे अंदाज में कहा कि मैं अखबारों में अपनी फोटो नहीं छपवाना चाहता हूं इसलिए आप पत्रकारिता छोड़कर कोई दूसरा धंधा अपना लो। दंभ से चूर गांधी परिवार के इस प्यादे को बुढ़ापा आ जाने तक ये नहीं मालूम पड़ा कि पत्रकारिता करने वाले किसी सरकार के भरोसे अखबार बाजी नहीं करते हैं। भारत की प्रेस अपने पैरों पर खड़ी है । वह वास्तव में जनता का उपकरण है। जनता ही उसे जिंदा रखती है। किसी सरकार की इतनी हैसियत नहीं कि वह प्रेस को कुचल पाए। इसके बावजूद कुर्सी पाते ही कुछ लोगों को मुगालता हो जाता है कि वे प्रेस को अपने घर के बाहर बंधा कुत्ता बना लेंगे। दरअसल अंग्रेजों की एजेंट रही कांग्रेस हमेशा से प्रेस पर लगाम लगाने का प्रयास करती रही है। सत्ता में आने के बाद कांग्रेस के तमाम बड़े नेता योजनाओं में भ्रष्टाचार करके जन धन की चोरी करते रहे हैं। वे चाहते हैं कि उनकी काली करतूतें अखबारों में न छपें मीडिया पर न दिखाई जाएं । इसके लिए मीडिया को गुलाम बनाए रखने का प्रयास करते रहे हैं । कमलनाथ को इस उठा पटक में महारथ हासिल रहा है। वे आपातकाल के प्रमुख अत्याचारी रहे हैं। नीरा राडिया टेप कांड में उन्हें मिस्टर फिफ्टीन परसेंट कहा गया था। उनकी पूरी राजनीतिक सोच इंस्पेक्टर राज और कमीशनबाजी पर केन्द्रित रही है। यही वजह है कि वे मीडिया का मुंह बंद करने का प्रयास करते रहते हैं । भारतीय जनता पार्टी की शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने समाज के सभी वर्गों को सत्ता में भागीदार बनाया है। जनता के संसाधनों को मिल बांटकर विकास की गति बढ़ाने के उसके प्रयास सफल रहे हैं और आज मध्यप्रदेश सर्वाधिक उत्पादकता कायम रख पाने वाला राज्य बन गया है। भाजपा ने इन प्रयासों को अपने नेतृत्व वाले सभी राज्यों में दुहराया है। यही वजह है कि भाजपा शासित राज्य विकास की पायदानों पर कारगर साबित हुए हैं। ये बात अलग है कि कुछ राज्यों में भाजपा नेतृत्व अपना दायित्व ठीक तरह नहीं निभा पाया और वहां उनकी सरकारें गिर गईं । इसके बावजूद उन विपक्ष शासित राज्यों में विकास भी परवान नहीं चढ़ पाया है। पुरातन सोच रही है कि रोटी को पलटते रहना चाहिए नहीं तो वह जल जाती है। जबकि ये जुगाड़ वाला फार्मूला केवल बकवास है। जैसे ही नए व्यक्ति को सत्ता थमाई जाती है वह भ्रष्टाचार करके अपना घर भरने जुट जाता है। विकास की पद्धतियां बदलती जा रहीं हैं। कांग्रेस की विकास की अवधारणा असफल साबित हुई है। उसका दौर बीत गया है। भाजपा ने लोकतांत्रिक सरकारों की अवधारणा बदलकर रख दी है। देश को समझ लेना चाहिए कि भाजपा का विकल्प अब कांग्रेस या कोई दूसरी पार्टी नहीं है। अब भाजपा का विकल्प केवल भाजपा ही हो सकती है। ये बात जरूर है कि भाजपा के विकल्प के रूप में हमें सुधरी और साफ सुथरी भाजपा बनाना पड़ेगी। ऐसी भाजपा बनाने की जवाबदारी भाजपा को तो निभानी ही है जनता को भी निभानी है। जनता अपनी ये जवाबदारी प्रेस के माध्यम से ही निभाती है। प्रेस तो केवल माध्यम है उसे चुनाव नहीं लड़ना और न जीतना है। ऐसे में वह उन कड़े फैसलों को लागू करने के लिए सरकार पर दबाव बना सकती है जिन्हें सरकारें आमतौर पर न्यायपालिका की ओर खिसका देती हैं।या फिर अपने वोट बैंक को नाराज न करने का जतन करते हुए ठंडे बस्ते के हवाले कर देती हैं। प्रेस की लोकतांत्रिक जवाबदारी है कि वह जनहित के फैसलों को राजनीतिक दलों के बीच संवाद स्थापित करके सख्ती से दबाव बनाकर लागू करवाए । वह मीडिया है लेकिन नपुंसक माध्यम नहीं है। उसकी विचारधारा जनता की विचारधारा है। आधुनिक भारत की जनता देश को आगे बढ़ाना चाहती है। आगे बढ़ाने के उपाय लागू करना चाहती है।इसलिए मीडिया से अपेक्षा करती है कि वह उसकी भावनाओं को लागू करवाएगा। सरकारों ने मीडिया को अपना पुछल्ला बनाने के लिए बड़े मीडिया घरानों को कर्ज के दलदल में फंसा लिया है। आज वह मीडिया को गरियाकर उसे अपनी ताबेदारी के लिए मजबूर करना चाहती है। इसके बावजूद कमलनाथ जैसे कांग्रेसियों को या अन्य राजनीतिक दलों के लोगों को समझ लेना चाहिए कि सौ फीसदी मीडिया उसका गुलाम नहीं है और न कभी ऐसा हो सकता है। नई पीढ़ी के युवा पत्रकार अब धीरे धीरे सरकारों के चंगुल से बाहर निकलते जा रहे हैं। सोशल मीडिया ने उनके हाथों में बड़ी ताकत दे दी है। ऐसे में उन्हें मीडिया से पंगा लेने का मानस बदलना होगा। यदि वे सोचते हैं कि मीडिया को गाली देने से वे मीडिया पर दबाव बना लेंगे तो ये उनकी बड़ी भूल है। इंदौर में मीडिया से की गई उनकी बदतमीजी ने बंद बोतल का ढक्कन खोल दिया है। जिन्न बाहर आ चुका है। अभी चुनाव के लिए कई दौर बाकी हैं। समूचा देश देखेगा कि किस तरह जनता का मीडिया घमंडिया गठबंधन के इस आततायी सोच को खदेड़ बाहर करता है। जो लोग समझते हैं कि वे मीडिया को गाली देंगे तो वह उनकी नालायकी भरी सोच को संबल प्रदान करने लगेगा वे अपनी गलती सुधार लें। मीडिया के कुछ लोग भी अपनी अज्ञानता में ऊटपटांग बयान देने लग जाते हैं वे भी सावधान हो जाएं क्योंकि कमलनाथ जैसे भ्रष्टाचार में निपुण राजनेता कल काम निकल जाने पर उन्हें भी धकेलकर सत्ता से गलियारों से बाहर कर देंगे । जिंदा प्रेस उन्हें जेल की सलाखों के पीछे भी पहुंचा देता है।

  • भाजपा की सेवा भावना को मिला जनता का आशीर्वाद बोले शिवराज

    भाजपा की सेवा भावना को मिला जनता का आशीर्वाद बोले शिवराज

    कार्यकर्ता महाकुंभ 25 को, प्रधानमंत्री जी दिलाएंगे विजय का संकल्प : नरेंद्र सिंह तोमर
    21 दिनों में 223 विधानसभाओं में 10880 कि.मी. चली पांचों जन आशीर्वाद यात्राएंः विष्णुदत्त शर्मा
    जन आशीर्वाद यात्राओं की अभूतपूर्व सफलता पर पार्टी नेताओं ने की मीडिया से चर्चा
    भोपाल, 23सितंबर(प्रेस इंफॉर्मेशन सेंटर)। भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश के विभिन्न अंचलों से पांच जन आशीर्वाद यात्राएं निकाली थीं, जिन्हें अभूतपूर्व सफलता हासिल हुई है। इन यात्राओं को जनता का भरपूर समर्थन मिला है। वास्तव में बीते समय में भाजपा की केंद्र और राज्य सरकारों ने जो काम किए हैं, उनके प्रतिफल ने जनता ने इन यात्राओं को अपना आशीर्वाद दिया है। यात्राओं को मिले अभूतपूर्व जनसमर्थन से यह साफ हो गया है कि प्रदेश में एक बार फिर भाजपा की सरकार बनने जा रही है। इन यात्राओं का समापन पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर 25 सितंबर को भोपाल के जंबूरी मैदान में होगा, जिसमें प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में पार्टी कार्यकर्ता विजय का संकल्प लेंगे। यह बात प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री एवं चुनाव प्रबंधन समिति के प्रदेश संयोजक श्री नरेंद्रसिंह तोमर एवं भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्री विष्णुदत्त शर्मा ने शनिवार को पत्रकारवार्ता को संबोधित करते हुए कही।
    देश की आधी आबादी को मोदी जी ने अमृतकाल में दिलाया पूरा न्यायः शिवराजसिंह चौहान
    पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा कि सबसे पहले मैं नारी शक्ति वंदन अधिनियम संसद के दोनों सदनों से सर्वसम्मति से पारित कराने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को धन्यवाद देना चाहता हूं। प्रधानमंत्री जी की इस पहल से आजादी के अमृतकाल में देश की आधी आबादी को पूरा न्याय मिला है। श्री चौहान ने कहा कि महिला सशक्तीकरण भारतीय जनता पार्टी की प्राथमिकता रही है और मध्यप्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य है, जिसने निकाय चुनावों में महिलाओं को प्रतिनिधित्व देने के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया। गिरते सेक्स रेश्यो को संभालने के लिए लाडली लक्ष्मी योजना शुरू की। उन्होंने कहा कि हम पुलिस की भर्ती में महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण दे रहे हैं, जिसे 35 प्रतिशत तक ले जाएंगे। महिलाओं के लिए स्टाम्प शुल्क में कटौती की है। लाडली बहना योजना में हम 1.32 करोड़ बहनों को 1250 रुपये प्रतिमाह दे रहे हैं, जिसे 3000 रुपये तक ले जाएंगे। श्री चौहान ने कहा कि भाजपा की सरकार ने जनता की जो सेवा की है, उसके कारण उसे जन आशीर्वाद यात्राओं में जनता का भरपूर समर्थन मिला है। इन यात्राओं को अभूतपूर्व सफलता मिली है, जिसके लिए मैं प्रदेश अध्यक्ष श्री विष्णुदत्त शर्मा, पार्टी कार्यकर्ताओं और प्रदेश की जनता का आभार जताता हूं।
    जिसका नेता पहियों वाला सूटकेस सिर पर रखे, उस पार्टी का क्या होगा?
    मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस भी यात्राएं निकाल रही है। हम भी यात्राएं निकालते हैं, एकात्म यात्रा, स्नेह यात्रा, आशीर्वाद यात्रा। कांग्रेस ने तो इन यात्राओं का नाम भी ऐसा रखा है कि जिसे सुनकर मन विचलित हो जाए। कांग्रेस जन आक्रोश यात्राएं निकाल रही है। ये यात्राएं ऐसी हैं, जिनमें कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता एक-दूसरे के प्रति आक्रोश दिखा रहे हैं। कहीं धक्का-मुक्का हो रहा है तो कहीं गोलियां भी चल रही हैं। कमलनाथ इस बाते को जानते हैं, इसलिए वो इन यात्राओं से ही गायब हैं। वहीं, दिग्विजय सिंह का तो फोटो भी इन यात्राओं के पोस्टर में नहीं लगाया गया है। कोई भी यह अनुमान लगा सकता है कि ऐसी पार्टी जिसका नेता पहियों वाले सूटकेस को सिर पर रखकर चलता हो, उसका भविष्य क्या होगा?
    वादे नहीं निभाए, इसलिए कांग्रेस के खिलाफ आक्रोशित है जनता
    श्री चौहान ने कहा कि वास्तव में आक्रोश प्रदेश की जनता में है, कांग्रेस के खिलाफ। 2003 के पहले मि. बंटाढार की सरकार ने प्रदेश की जो दुर्गति की थी, उसको लेकर जनता में आक्रोश है और मि. बंटाढार भी इस बात को मानते हैं। वो कहते हैं कि मेरे जाने से कांग्रेस के वोट कट जाएंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के खिलाफ आक्रोश इसलिए है क्योंकि कमलनाथ की सरकार ने जनहित की योजनाएं बंद कर दी थीं। बच्चों के लेपटॉप छीन लिए थे, संबल योजना बंद कर दी थी और बैगा, भारिया, सहरिया बहनों को मिलने वाली 1000 रुपये की सहायता छीन ली थी। कमलनाथ ने कन्यादान योजना की राशि बढ़ाने की बात कही, लेकिन किसी को भी पैसे नहीं दिए। कमलनाथ ने प्रधानमंत्री आवास योजना में स्वीकृत दो लाख आवास लौटा दिये और गरीबों को पक्के मकान से वंचित कर दिया। जनता इसलिए आक्रोशित है क्योंकि कमलनाथ ने किसान सम्मान निधि योजना के नाम नहीं भेजे। जलजीवन मिशन शुरू नहीं करके माता-बहनों की तकलीफों को नजरअंदाज किया। कमलनाथ सरकार ने किसानों, बेरोजगारों से किए गए वादे पूरे नहीं किए इसलिए प्रदेश की जनता में आक्रोश है। भाजपा ने जनता की सेवा की है, इसलिए उसे जनता का आशीर्वाद मिल रहा है।
    सनातन की आलोचना पर मौनी, वोट के लिए ढोंगी बाबा बन जाते हैं कमलनाथ
    श्री चौहान ने कहा कि कांग्रेस के इंडी गठबंधन में ऐसे-ऐसे नेताओं और दलों को शामिल किया गया है, जो सनातन की आलोचना करते हैं। गालियां देते हैं, डेंगू, मलेरिया और वायरस कह कर अपमानित करते हैं। लेकिन कमलनाथ ने इन नेताओं के खिलाफ एक शब्द नहीं बोला। वे सनातन की आलोचना पर मौनी बाबा बन जाते हैं और जब वोट लेना हो, तो ढोंगी बाबा बन जाते हैं। श्री चौहान ने कहा कि जनता सनातन के इस अपमान को सहन नहीं करेगी और जब उसके आक्रोश का प्रकटीकरण होगा, तो कमलनाथ और उनकी पार्टी कहीं की नहीं रहेगी।
    पार्टी के विजय अभियान में मील का पत्थर साबित होगा कार्यकर्ता महाकुंभः नरेंद्र सिंह तोमर
    पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री एवं प्रदेश चुनाव प्रबंधन समिति के संयोजक श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि जन आशीर्वाद यात्रा का जनता का जो अपार स्नेह और मिला है, यात्रा जिस तरह से अपने उद्देश्य में सफल रही है, उसके लिए मैं प्रदेश अध्यक्ष श्री विष्णुदत्त शर्मा जी, केंद्रीय नेतृत्व और पार्टी कार्यकर्ताओं का आभार प्रकट करता हूं। उन्होंने कहा कि 25 सितंबर को पं. दीनदयाल उपाध्याय जी का जन्मदिन है, जो भारतीय जनता पार्टी के चिंतन के प्रेरणास्रोत हैं। पं. उपाध्याय जी के जन्मदिन पर 25 सितंबर को भारतीय जनता पार्टी द्वारा जंबूरी मैदान में कार्यकर्ता महाकुंभ का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें पूरे प्रदेश के लाखों कार्यकर्ता भाग लेंगे। इस महाकुंभ में कार्यकर्ता प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की उपस्थिति में विजय का संकल्प लेंगे। यह महाकुंभ पार्टी की चुनाव तक की यात्रा और विजय को सुनिश्चित करेगा तथा पार्टी के विजय अभियान में मील का पत्थर साबित होगा।
    इसलिए एमपी के मन में उतर गए मोदी जी
    श्री तोमर ने कहा कि 2003 तीन के बाद मध्यप्रदेश को विकास के पथ पर आगे बढ़ाने में मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान की सरकार ने महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह किया है। उन्होंने कहा कि मुझे यह कहते हुए गर्व हो रहा है कि मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की योजनाओं, जनहित के कामों का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन किया गया है। केंद्र और प्रदेश सरकारें मिलकर मध्यप्रदेश में आमूलचूल परिवर्तन करने का प्रयास कर रही हैं। शिवराज जी ने 44 लाख लोगों को मकान बनाकर दिए, तो एमपी के मन में मोदी होगें ही। इसी तरह जब कोविड के भयानक दौर में बीमारी के कारण भले ही किसी की मौत हुई हो, लेकिन भूख के कारण देश और मध्यप्रदेश में किसी भी व्यक्ति को परेशान नहीं होना पड़ा और शिवराज जी की सरकार ने राज्य के 5 करोड लोगों को मुफ्त में अनाज पहुंचाने में सार्थक भूमिका निभाई। चाहे किसान सम्मान निधि योजना हो, घर-घर में शौचालय का निर्माण हो, या फिर उज्जवला योजना का क्रियान्वयन हो, प्रधानमंत्री श्री मोदी की सरकार लोगों का जीवन स्तर उठाने के लिए जो प्रयास कर रही है, उनमें रंग भरने का काम मुख्यमंत्री श्री शिवराज जी की सरकार कर रही है। श्री तोमर ने कहा कि चुनाव की बेला है, महाकुंभ का समय है और विजय का संकल्प है। मुझे पूरा विश्वास है कि डंबल इंजन की सरकार और भारतीय जनता पार्टी मिलकर प्रदेश में फिर से एक बार सरकार बनाने में सफल होंगी।
    अद्भुत और अद्वितीय है मोदी जी की कार्यशैली
    श्री तोमर ने कहा कि देश में अब तक जितने प्रधानमंत्री हुए हैं, सभी का देश के लिए कुछ न कुछ योगदान रहा है। लेकिन प्रधामनमंत्री मोदी जी की जो कार्य पद्धति है, वो अपने आप में अद्भुत और अद्वितीय है। हाल ही में जी – 20 सम्मेलन हुआ था, उसके घोषणा पत्र में महिलाओं पर एक बड़ा पैरा सर्वसम्मति से शामिल किया गया है। प्रधानमंत्री जी ने संसद का विशेष सत्र बुलाकर महिला आरक्षण बिल को सर्वसम्मति को पास कराकर पूरी दुनिया में देश की प्रतिष्ठा बढ़ाने का काम किया है। श्री तोमर ने कहा कि विश्वकर्मा जयंती के दिन प्रधानमंत्री जी ने विश्वकर्माओं के लिए योजना शुरू की है। हाथ के हुनर वाले कारीगरों की संख्या ज्यादा नहीं है। मोदी जी ने इन छोटे कारीगरों को योजना के माध्यम से न सिर्फ आर्थिक सहायता दी, बल्कि उनके हुनर को उन्नत बनाने और उनके प्रति लोगों के मन में सम्मान पैदा करने का काम भी किया है। विश्वकर्मा जयंती के दिन लोहार, बढ़ई जैसे कारीगरों के काम पर डाक टिकट जारी करके प्रधानमंत्री जी ने उन्हें जो सम्मान दिया है, वह सचमुच अद्भुत है।
    10600 किलोमीटर का लक्ष्य था, 10880 किलोमीटर चली यात्राएंः विष्णुदत्त शर्मा
    मीडिया को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्री विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी द्वारा मध्यप्रदेश में चुनावी अभियान के अंतर्गत पांच जन आशीर्वाद यात्राओं का आयोजन किया गया। पहली यात्रा का शुभारंभ 3 सितम्बर को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जे.पी.नड्डा ने श्रीराम की कर्मस्थली चित्रकूट से किया था। दूसरी यात्रा की शुरुआत 4 सितम्बर को नीमच से देश के रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह जी ने की थी। 5 सितम्बर को श्योपुर एवं जनजातीय क्षेत्र मंडला से दो जन आशीर्वाद यात्राओं का शुभारंभ देश के गृहमंत्री श्री अमित शाह जी ने किया था। पांचवी यात्रा 4 सितम्बर को धूनी वाले बाबा का आशीर्वाद लेकर खण्डवा से प्रारंभ हुई थी, जिसकी शुरूआत केंद्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी जी ने की थी। श्री शर्मा ने कहा कि पूर्व में जो जन आशीर्वाद यात्राएं निकलती थीं, वो सभी विधानसभाओं तक नहीं पहुंच पाती थीं। लेकिन इस बार 21 दिनों में पांच जन आशीर्वाद यात्राएं 223 विधानसभाओं तक पहुंची हैं। श्री शर्मा ने कहा कि इन यात्राओं को 10600 किलोमीटर की दूरी तय करना था, लेकिन जनसमर्थन से उत्साहित होकर इन यात्राओं ने 10880 किलोमीटर की दूरी तय की।
    गरीब कल्याण के कामों पर जनता ने लगाई मोहर, यात्राओं को दिया आशीर्वाद
    श्री शर्मा ने कहा कि इन पांचों जन आशीर्वाद यात्राओं में पार्टी को जनता का जो भरपूर आशीर्वाद प्राप्त हुआ है, उसके माध्यम से जनता से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान की सरकारों द्वारा किए जा रहे गरीब कल्याण के कार्यों पर मोहर लगा दी है। गरीब कल्याण के इन्हीं प्रयासों का रिपोर्ट कॉर्ड लेकर पार्टी कार्यकर्ता 65523 बूथों और लगभग 11 हजार शक्ति केंद्रों तक पहुंचे थे और इन्हीं को लेकर हम यात्राओं के माध्यम से जनता के बीच गए थे, जिसे जनता का भरपूर समर्थन मिला है। केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान की सरकारों के कामों से गरीब जनता के जीवन में जो बदलाव आए हैं, उनके चलते जनता ने पांचों जन आशीर्वाद यात्राओं को उत्साह और उमंग के साथ अपना आशीर्वाद दिया है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने बीमारू मध्यप्रदेश को विकसित राज्य बनाया है और आगे उसे स्वर्णिम मध्यप्रदेश बनाने का लक्ष्य है। श्री शर्मा ने कहा कि सरकार के कामों से प्रदेश की जनता में विश्वास जागृत हुआ है।
    2500 स्थानों पर हुआ स्वागत, सभाओं में शामिल हुए 1 करोड़ से ज्यादा लोग
    प्रदेश अध्यक्ष श्री शर्मा ने कहा कि जन आशीर्वाद यात्राओं का 2500 से अधिक स्थानों पर स्वागत किया गया तथा पार्टी नेताओं ने 750 स्थानों पर रथसभाएं एवं 250 स्थानों पर बड़ी मंच सभाओं को संबोधित किया, जिनमें 1 करोड के लगभग लोगों की सहभागिता रही। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के गरीब कल्याण रिपोर्ट कार्ड के माध्यम से फिर इस बार-भाजपा सरकार के स्टीकर घर-घर में लगाकर इस अभियान की शुरुआत की गई थी, जिसके माध्यम से हम लगभग 1 करोड़ लोगों तक पहुंचे। यात्रा के दौरान केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह ने मध्यप्रदेश के मन में मोदी नाम से सदस्यता अभियान की शुरुआत की थी, जिसमें पार्टी से युवाओं और नये सदस्यों को जोड़ने का काम किया गया। इस अभियान के अंतर्गत आज तक 23 लाख 65 हजार 711 लोगों ने भाजपा की सदस्यता ली है, जिसमें 8 लाख लोगों ने पुनः रजिस्ट्रेशन कराया और 14 लाख, 11 हजार, 754 नये सदस्यों ने पहली बार भाजपा की सदस्यता ग्रहण की है। देश एवं प्रदेश में महिला सशक्तिकरण के साथ महिलाओं को अधिकार संपन्न बनाने का जो काम किया है, उसका परिणाम भी इस अभियान में दिखाई दिया। अभियान के दौरान 8 लाख 40 हजार 784 बहनों ने पार्टी की सदस्यता ली, जो कुल सदस्यता का 65 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि इन यात्राओं में हर वर्ग के लोगों ने जिस तरह उत्साहपूर्वक भाग लिया है, वह सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास की नीति का परिणाम है। श्री शर्मा ने कहा कि इन यात्राओं के दौरान जन आकांक्षा पेटियों के माध्यम से स्वर्णिम मध्यप्रदेश के लिए जनता के सुझाव लिये गये हैं, जिन्हें घोषणा-पत्र में शामिल किया जाएगा। श्री शर्मा ने कहा कि जन आशीर्वाद यात्राओं को जो अभूतपूर्व सफलता मिली है, वह पार्टी कार्यकर्ताओं और केंद्रीय नेतृत्व की मेहनत का परिणाम है, जिसके लिए मैं पार्टी नेतृत्व, सभी कार्यकर्ताओं और मीडिया को बधाई एवं धन्यवाद देता हूं।

  • टावर पर चढ़कर राजनीतिक ड्रामेबाजी करने वाला गिरफ्तार

    टावर पर चढ़कर राजनीतिक ड्रामेबाजी करने वाला गिरफ्तार


    भोपाल, 20 सितंबर(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। राजधानी के महाराणा प्रताप नगर चौराहे पर संचार टावर पर चढ़कर राजनीतिक मांग करना एक युवक को भारी पड़ गया है, पुलिस उसे समझाबुझाकर नीचे लाई और उसे गिरफ्तार करके मानसिक जांच के लिए ले गई है। घटनास्थल पर पहुंचे एसपी मुजाल्दे ने कहा कि इस युवक की मानसिकजांच कराने के बाद उसके करीबी संबंधों की जांच की जाएगी और इस तरह की घटना दुबारा न हो इसके लिए भी आवश्यक इंतजाम किए जाएंगे।


    आज शाम करीबन पांच बजे चौराहे के व्यस्त ट्रेफिक के बीच तब अफरा तफरी फैल गई जब लोगों ने एक युवक को ठीक चौराहे पर लगे टावर पर चढ़ते हुए देखा। लोग टावर के नीचे एकत्रित होकर उसे देख रहे थे तभी उसने अपने कंधे पर टंगे बैग से छपे हुए पर्चे निकाले और नीचे फेंककर लोगों का ध्यान आकर्षित किया। नागरिकों ने इसकी सूचना पुलिस को दे दी। इसके बाद एमपीनगर पुलिस के कुछ जवान और टीआई घटना स्थल पर पहुंच गए। पुलिस ने अपनी गाड़ी में लगे स्पीकर से उसे नीचे उतरने को कहा। इस दौरान पुलिस का अमला और फायर ब्रिगेड भी घटना स्थर पर पहुंच गईं।


    पुलिस ने किसी अनहोनी से बचने के लिए जाल भी बुलवा लिया और नीचे बिछा दिया। इसके बावजूद वह उतरने को राजी नहीं हुआ। टावर पर ही खड़े होकर उसने एक पाईप में लगा तिरंगा झंडा फहराना शुरु कर दिया। पुलिस ने जब उससे अनुरोध किया कि शाम के वक्त झंडा नहीं फहराया जाता तो उसने झंडा खोलकर अपने बैग में रख लिया और डंडा नीचे फेंक दिया। पुलिस ने प्रेस मीडिया की मौजूदगी को स्पष्ट करने के लिए आसपास की भीड़ को हटा दिया। उससे अनुरोध किया गया कि वह नीचे आकर मीडिया के सामने अपनी बात कहे। काफी मान मनौव्वल के बाद वह राजी हुआ और नीचे उतरकर उसने मीडिया के सामने अपनी बात कही।


    परचे में छपी बातों को दुहराते हुए उसने कहा कि सरकारी तंत्र की हीलाहवाली से वह क्षुब्ध है और इसीलिए उसने जनता और सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए ये कदम उठाया था। उसने अपना नाम अर्जुन आर्य उर्फ जज्जाल साहब बताया। उसने कहा कि मेरी उम्र 29 साल है और मैं जनता की सेवा करने के लिए ही ये मांगे रख रहा हूं। पुलिस की मार से बचने के लिए उसने पहली मांग पुलिस के लिए ही कर डाली। उसने लिखा कि वह भारतीय पुलिस की ड्यटी 8 घंटे की करवाना चाहता है।उसने कहा कि पुलिस वालों का वेतन भी दस हजार रुपए बढ़ाया जाना चाहिए। पुलिस वालों को 52 साल की उम्र में रिटायरमेंट दिया जाए ताकि चुस्त दुरुस्त युवकों को पुलिस में जगह मिल सके। नगर निगम में काम करने वाले मजदूरों को नियमित किया जाए।


    अर्जुन आर्य ने टावर से उतरकर मीडिया से कहा कि वह सरकार से बेरोजगार युवकों को बेरोजगारी भत्ता दिए जाने की मांग करता है। शिक्षा नीति बदलकर निम्न वर्ग के गरीबों के बच्चों को उच्च शिक्षा प्रदान की जाए। उद्योगों में काम करने वाले मजदूरों को प्रतिदिन एक हजार रुपए के हिसाब से तीस हजार रुपए मासिक वेतन दिया जाए। राशन में मिलावट खोरी करने वाले अपराधियों के विरुद्ध सख्त कानून बनाया जाए। बाल शोषण और बलात्कारियों के विरुद्ध फास्टेग कोर्ट में मुकदमा चलाया जाए।
    युवाओं को संबल देने के लिए निजी कालेजों और स्कूलों में हर विद्यार्थी को मुफ्त कापी किताबें दी जाएं और वार्षिक फीस मात्र दस हजार रुपए निर्धारित की जाए। तंबाखू वाले गुटखों और पान मसालों का विज्ञापन करने वाले फिल्मी अभिनेताओं पर कड़ी कार्रवाई की जाए। सेना के आफिसरों का वेतन दस हजार रुपए बढ़ाया जाए।


    एसपी श्री मुजाल्दे ने घटनास्थल पर पत्रकारों के सवालों के जवाब में बताया कि पुलिस ने तमाशा करके जनजीवन में व्यवधान डालने वाले इसयुवक के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया है और इसकेसंबंधों की छानबीन शुरु कर दी है। फिलहाल उसे चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।

  • विकास का खलनायक बना घमंडिया गठबंधन

    विकास का खलनायक बना घमंडिया गठबंधन


    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विपक्षी गठबंधन इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस (इंडिया) पर निशाना साधते हुए कहा कि देश के लोगों को इससे सतर्क रहने की जरूरत है क्योंकि यह गठबंधन भारत की संस्कृति और भारत को मिटाना चाहता है. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि गांधी जी से लेकर स्वामी विवेकानंद तक और माता अहिल्या बाई होलकर से लेकर मीराबाई तक हजारों हजार साल तक यह सनातन धर्म, सनातन संस्कृति हर किसी को प्रेरित करती रही है.उन्होंने कहा कि यह सनातन संस्कृति है जो संत रविदास, संत कबीरदास को संत शिरोमणि कहती है. प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसी सनातन संस्कृति को समाप्त करने की कोशिश ‘इंडी’ गठबंधन के लोगों ने की है.पूरे देश के लोगों को इनसे बहुत सतर्क रहना है क्योंकि ये भारत की हजारों साल की संस्कृति को मिटाना चाहते हैं, ये भारत को मिटाना चाहते हैं.उन्होंने कहा कि इन लोगों ने मिलकर एक ‘इंडी’ गठबंधन बनाया है जिसे कुछ लोग घमंडिया गठबंधन भी कहते हैं, लेकिन ‘इंडी’ गठबंधन ने तय किया है कि वह भारत की सनातन संस्कृति को समाप्त करके रहेगा. पीएम मोदी ने कहा, “सनातन संस्कृति वह है जिसमें भगवान राम शबरी को मां कहकर उनके झूठे बेरों को खाने का आनंद लेते हैं. सनातन संस्कृति वह है, जहां राम वनवासियों को, निषाद राज को अपने भाई से भी बढ़कर बताते हैं. सनातन संस्कृति वह है जहां राम नाव चलाने वाले केवट को गले लगाते हैं. सनातन संस्कृति वह है जो किसी परिवार में जन्म को नहीं, व्यक्ति के कर्म को प्रधानता देती है.”
    विकास की अपील और आर्थिक सुधारों की आंधी से उत्साहित भारत का प्रगतिशील समुदाय इन दिनों प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की इस आवाज को गौर से सुन रहा है। वे देश भर में घूम घूमकर विपक्ष को ललकार रहे हैं। सरकारी कार्यक्रमों में भी वे अपनी बात इतने सधे अंदाज में बोलते हैं कि उनके जवाब की प्रासंगिकता खुद ब खुद प्रमाणित हो जाती है। केन्द्र की भाजपा सरकार ने किसान सम्मान निधि जैसी सार्थक योजना से देश को एकसूत्र में बांधने का भगीरथ किया है। वहीं राज्यों की शिवराज सिंह चौहान जैसी सरकारें लाड़ली बहना योजना लाकर जन जन तक अपनी पैठ बना रहीं हैं। मुफ्त योजनाओं की तुलना में नकद भुगतान की योजनाएं भाजपा सरकार की समाधान देने की अपील को कारगर बना रहीं हैं। ऐसे में विपक्ष हताश है। वह जाति, संप्रदाय और परिवारवाद के मुद्दों पर देश के सामने उतरा है। विपक्ष की वैमनस्य से भरी राजनीतिक चालें भी भाजपा की डायरेक्ट भुगतान वाली शैली के सामने चिचिया रहीं हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने भाषणों में जनधन खातों, प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला गैस कनेक्शन, किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं की जानकारी देते हैं। वहीं शिवराज सिंह चौहान जैसी राज्य सरकारों लाड़ली बहना योजना जैसी तमाम हितग्राही मूलक योजनाओं का हवाला देकर खुद को जनता का असली सेवक बताने में जुटी हैं। ऐसे में विपक्षकी तमाम जाति संप्रदाय आधारित राजनीति अप्रासंगिक नजर आ रही है। आदिवासियों को बरगलाने का जो प्रयास मध्यप्रदेश में पिछले चुनावों में कांग्रेस ने किया था उसके जवाब में भाजपा ने अपनी हितग्राही मूलक योजनाओं का रेला ठेल दिया है। ऐसे में देश विकास के नए जोश से भरता जा रहा है। जाहिर है जन जन में बढ़ रहा ये उत्साह भारत को विश्व की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में बढ़ चला है। ऐसे में कथित घमंडिया गठबंधन की फूट डालो राज करो की नीति कब तक अपना असर बचा सकेगी नहीं कहा जा सकता।उसकी राजनीति विकास का खलनायक बनकर रह गई है।

  • विकास के उत्सव का लाभ उठाएं बोले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

    विकास के उत्सव का लाभ उठाएं बोले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

    भोपाल,14 सितंबर( प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि भारत को विश्व की टॉप 3 अर्थ-व्यवस्था में लाना हमारा लक्ष्य है जिसकी ओर हम तेजी से बढ़ रहे हैं। इस लक्ष्य को पूरा करने में मध्यप्रदेश की बड़ी भूमिका होगी। मध्यप्रदेश के लिये हमारे संकल्प बड़े हैं। आने वाले 5 वर्षों में मध्यप्रदेश विकास की बुलंदियों को छुएगा। आज यहां लगभग 51 हजार करोड़ लागत की औद्योगिक परियोजनाओं का भूमि-पूजन किया गया है, इनसे बुन्देलखण्ड और मध्यप्रदेश की तस्वीर और तकदीर बदलेगी। औद्योगिक विकास को नई ऊर्जा मिलेगी। केन्द्र सरकार मध्यप्रदेश में नई परियोजनाओं पर 50 हजार करोड़ रूपये से ज्यादा खर्च करेगी। ये परियोजनाएँ गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के सपनों को सच करेंगी। विकास के इस उत्सव में भागीदार होने के लिये आप सभी को धन्यवाद और शुभकामनाएँ।

    प्रधानमंत्री श्री मोदी आज बीना रिफाइनरी परिसर में नवीन औद्योगिक परियोजनाओं के शिलान्यास अवसर पर विशाल जन-समुदाय को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने 51 हजार करोड़ रूपये की औद्योगिक परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इनमें बीना रिफाइनरी परिसर में 49 हजार करोड़ रूपये की लागत से पेट्रो-केमिकल कॉम्पलेक्स और मध्यप्रदेश के विभिन्न स्थानों पर 1800 करोड़ रूपये की लागत की 10 नई औद्योगिक परियोजनाएँ शामिल हैं।

    नर्मदापुरम्में नवकरणीय ऊर्जा जोन, इंदौर में 2 आईटी पार्क, रतलाम में मेगा इंडस्ट्रियल पार्क और 6 शहरों शाजापुर, गुना, मंदसौर, आगर-मालवा, नर्मदापुरम् और मक्सी में नये औद्योगिक केन्द्र विकसित किये जाएंगे। इसके पहले प्रधानमंत्री श्री मोदी, मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और सांसद श्री व्ही.डी. शर्मा के साथ खुली जीप में जनता का अभिवादन स्वीकार करते हुए मंच तक पहुँचे। कार्यक्रम स्थल पर उन्होंने पेट्रो-केमिकल कॉम्पलेक्स के निर्माण संबंधी प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने पुष्प-गुच्छ और साँची स्तूप की प्रतिकृति भेंट कर प्रधानमंत्री श्री मोदी का स्वागत किया।

    औद्योगिक विकास के लिये मुख्यमंत्री को दी बधाई

    प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि मध्यप्रदेश जो कभी देश के खस्ताहाल राज्यों में शामिल था, आज विकास की नई ऊँचाई छू रहा है। आजादी के बाद लम्बे समय तक यहां भ्रष्टाचार, अन्याय और अत्याचार का बोलबाला रहा है। कोई कानून व्यवस्था थी ही नहीं। उद्योग और व्यापार चौपट थे। केन्द्र और राज्य की डबल इंजन सरकार ने पूरी ईमानदारी से मध्यप्रदेश का भाग्य बदलने का कार्य किया है। पहले सड़क, पानी और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएँ भी नहीं थीं। आज हर क्षेत्र में विकास हो रहा है। हर गाँव तक सड़क, हर घर में बिजली, हर क्षेत्र में पानी पहुँच रहा है। निवेशक यहाँ आना और निवेश करना चाहते हैं। मध्यप्रदेश तेज गति से औद्योगिक विकास कर रहा है। इसके लिये यहाँ की जनता, मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और उनकी पूरी टीम बधाई की पात्र है।

    प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि जी-20 की सफलता से आज पूरे विश्व में भारत का मस्तक ऊँचा हुआ है। गाँव-गाँव के बच्चे की जुबान पर जी-20 का नाम है। जी-20 की सफलता का श्रेय मोदी को नहीं बल्कि देश की 140 करोड़ जनता को जाता है। यह भारत की सामूहिक शक्ति का परिणाम है। विदेशी मेहमानों ने कहा कि उन्होंने ऐसा आयोजन कभी नहीं देखा। हमने उनका स्वागत दिल खोलकर किया। वे हमारी विविधता और समृद्ध विरासत को देखकर प्रभावित हुए। जी-20 की बैठकों का सफल आयोजन भोपाल, इंदौर और खजुराहो में भी किया गया। जी-20 के सफल आयोजन में मध्यप्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका रही है और इसके लिये मैं शिवराज की टीम-मध्यप्रदेश की प्रशंसा करता हूँ।

    प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि आजादी के अमृत काल में हर भारतवासी ने देश के विकास का संकल्प लिया है, परंतु इसकी सिद्धि के लिये भारत का आत्म-निर्भर होना जरूरी है। आज बीना में पेट्रो-केमिकल इकाई का शिलान्यास इस क्षेत्र में भारत को आत्म-निर्भर बनाने में सहायक होगा। अभी भारत को डीजल, पेट्रोल और अन्य पेट्रो-केमिकल सामग्री के लिये दूसरे देशों पर निर्भर रहना होता है। इन परियोजनाओं से पूरे क्षेत्र को विकास की नई ऊँचाई मिलेगी, नए उद्योग आएंगे और किसान, छोटे उद्यमी और बड़ी संख्या में नौजवानों को रोजगार मिलेगा।

    राष्ट्र विरोधी ताकतों को मिलकर रोके

    प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि आज भारत विश्वमित्र के रूप में सामने आ रहा है, वह दुनिया को जोड़ने का सामर्थ्य दिखा रहा है। यह हमारी सनातन संस्कृति ही है जिसने हजारों वर्षों से हमारे देश को जोड़े रखा है। भगवान श्री राम, देवी अहिल्याबाई, झांसी की रानी लक्ष्मीबाई, महात्मा गांधी सभी हमारी सनातन संस्कृति के प्रतीक हैं। महर्षि वाल्मिकी, माता शबरी, संत रविदास, लोकमान्य तिलक आदि सभी ने इसका संरक्षण किया है। परंतु आज कतिपय राष्ट्र विरोधी ताकतें इसे समाप्त करने की कोशिश कर रही हैं। ये फिर से देश को गुलामी में ढकेलना चाहती हैं। हमें साथ मिलकर पूरी ताकत से इन्हें रोकना होगा।

    जनता की सेवा, मोदी की गारंटी

    प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि जनता की सेवा, मोदी की गारंटी है और उसे निरंतर पूरा किया जा रहा है। हमने सबको पक्के घर, घर-घर शौचालय, सबको भोजन, नि:शुल्क इलाज, सबके बैंक खाते, हर बहन को गैस कनेक्शन की गारंटी दी और उसे पूरा किया। देश में 40 लाख परिवारों को पक्के घर दिये गये हैं। उज्ज्वला योजना में बहनों को गैस कनेक्शन देकर धुएँ से मुक्ति दिलाई गई है। रक्षाबंधन पर गैस सिलेंडर की कीमत 200 रूपये कम की गई है। अब केन्द्र सरकार ने निर्णय लिया है कि 75 लाख और बहनों को मुफ्त गैस कनेक्शन दिये जाएंगे।

    वंचितों की वरीयता है शासन का मूल मंत्र

    प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि वंचितों की वरीयता शासन का मूल मंत्र है। दिल्ली की सरकार हो अथवा भोपाल की, हम हर घर तक पहुँचकर जनता की सेवा कर रहे हैं। कोविड के संकटकाल में मुफ्त टीकाकरण मानवता की बड़ी सेवा थी। गरीबों को मुफ्त राशन दिया जा रहा है। सरकार खेती की लागत कम करने और किसानों के कल्याण के कार्य कर रही है। किसानों को सस्ता खाद- बीज दिलवा रही है। यूरिया खाद की जो बोरी अमेरिका में 3 हजार रूपये में मिलती है, हम किसानों को 300 रूपये में दिलवा रहे हैं। इस पर सरकार ने सरकारी खजाने से 10 लाख करोड़ रूपये खर्च किये हैं।

    प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि केन-बेतवा लिंक परियोजना से बुंदेलखण्ड क्षेत्र को अत्यधिक लाभ होगा। आने वाली पीढ़ियां भी इससे लाभान्वित होंगी। देश में आने वाले 4 वर्षों में 10 करोड़ नए परिवारों को नल से जल उपलब्ध कराया जाएगा। मध्यप्रदेश में भी 65 लाख परिवारों को नल से जल दिलवाया जा रहा है। अटल भू-जल योजना पर भी कार्य हो रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि आगामी 5 अक्टूबर को देश में रानी दुर्गावती की 500वीं जयंती धूम-धाम से मनाई जाएगी।

     मध्यप्रदेश का हुआ कायाकल्प : केन्द्रीय मंत्री श्री हरदीप सिंह पुरी

    केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री श्री हरदीप सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा 2014 में देश की बागडोर संभालने के बाद देश का कायाकल्प हुआ है। वर्ष 2014 में जहाँ देश के केवल 45% लोगों के पास एलपीजी गैस कनेक्शन था, हमारी सरकार ने 32 करोड़ गैस कनेक्शन उपलब्ध कराए। प्रधानमंत्री श्री मोदी के प्रयासों का ही परिणाम है कि विश्व के दूसरे देशों में पेट्रोल- डीजल के दाम बढ़े लेकिन भारत में पेट्रोल-डीजल के भाव कम हुए। देश में सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी में भी कमी आई है। जिन राज्यों में डबल इंजन की सरकारें है, वहां वैट टैक्स भी कम हुआ है। केंद्रीय मंत्री श्री पुरी ने 2014 के बाद मध्य प्रदेश में हुई प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि 2014 में मध्य प्रदेश में जहां 2854 पेट्रोल पंप थे वहीं 2023 में बढ़कर 5938 हो गए। एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर की संख्या 865 से बढ़कर 1552 और एलपीजी गैस कनेक्शन की संख्या 70 लाख से बढ़कर एक करोड 85 लाख हो गई है। केंद्रीय मंत्री ने मध्य प्रदेश की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में एलपीजी गैस की उपलब्धता 45 प्रतिशत से बढ़कर शत प्रतिशत हुई है, एलपीजी पाइपलाइन कनेक्शन की संख्या 2700 से बढ़कर 15785, सीएनजी स्टेशन की संख्या 15 से बढ़कर 275 और प्राकृतिक गैस पाइपलाइन का विस्तार 802 किलोमीटर से बढ़कर 6862 किलोमीटर में हुआ है। बीना में आज हुए लोकार्पण से यह क्षेत्र “बुलंद बुंदेलखंड” के लक्ष्य की ओर दृढ़तापूर्वक अग्रसर होगा।

    विश्व-कल्याण के लिये काम कर रहे हैं प्रधानमंत्री – मुख्यमंत्री श्री चौहान

    मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री श्री मोदी का स्वागत करते हुए कहा कि जी-20 की ऐतिहासिक सफलता ने सिद्ध किया है कि प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा विश्व के कल्याण की दिशा में किए जा रहे कार्य से संपूर्ण विश्व में हमारे देश और देशवासियों का मान-सम्मान बढ़ा है। चंद्रयान की सफलता के लिए भी हमारे वैज्ञानिकों को प्रणाम और प्रधानमंत्री श्री मोदी का वंदन है। उनके नेतृत्व में अब हम सूर्य की ओर भी अग्रसर हैं।

    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि पिछली सरकार ने बुंदेलखंड को पिछड़ा रखा था। प्रधानमंत्री मोदी की पहल पर यहां हो रहे 50 हजार करोड़ के निवेश से बुंदेलखंड की तस्वीर और यहां के निवासियों की तकदीर बदल जाएगी। बीना रिफाइनरी, एथिलीन क्रेकर परियोजना और प्रदेश के 10 प्रमुख औद्योगिक पार्कों से युवाओं के लिए लाखों रोजगार के अवसर सृजित होंगे, इन सौगातों के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी का आभार। उन्होंने कहा कि केन-बेतवा परियोजना मंजूर हो गई है इससे 20 लाख एकड़ में सिंचाई होगी और बुंदेलखंड क्षेत्र के लोगों का जीवन बदल जाएगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रधानमंत्री श्री मोदी को केन-बेतवा परियोजना के भूमि पूजन का आमंत्रण दिया।

    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रधानमंत्री श्री मोदी को आगामी 17 सितंबर को आ रहे जन्मदिवस के लिए प्रदेशवासियों की ओर से शुभकामनाएं देते हुए कहा कि श्री मोदी का जीवन देश और देशवासियों के लिए है। ईश्वर से यही प्रार्थना है कि वे स्वस्थ और प्रसन्न रहें तथा देश-दुनिया की सेवा करते रहें, मध्य प्रदेश उनका अनुसरण करता रहेगा।

     सभा स्थल पर श्री नरेंद्र मोदी का जनदर्शन

    बीना रिफाइनरी परिसर में पेट्रो केमिकल काम्पलेक्स के भव्य शिलान्यास कार्यक्रम और जनसभा स्थल पहुंचने पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जनता के बीच खुले वाहन से पहुंचे। लगभग बीस मिनट के जनदर्शन में उनके साथ मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और सांसद वीडी शर्मा भी थे। श्री मोदी को अपने बीच पाकर मौजूद जनता ने उत्साह, उमंग और हर्ष से स्वागत किया। श्री मोदी ने भी जनता का अभिवादन स्वीकार किया। जनसभा में विशाल संख्या में उपस्थित जनता के बीच प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के वाहन के लिए मार्ग बनाया गया था। जिस स्थान से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री चौहान का वाहन निकला, उस स्थान पर मौजूद लोग इस ऐतिहासिक दृश्य को अपने मोबाइल के कैमरे में कैद से करने से नहीं चूके।

    केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता  मंत्री श्री वीरेंद्र कुमार, केंद्रीय जल शक्ति नियोजन राज्य मंत्री प्रहलाद पटेल, जिले के प्रभारी और प्रदेश के सहकारिता और लोक सेवा प्रबंधन मंत्री डॉ. अरविंद सिंह भदौरिया, लोक निर्माण मंत्री गोपाल भार्गव, नगरीय विकास मंत्री भूपेंद्र सिंह, राजस्व एवं परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, सांसद व्ही.डी. शर्मा और राजबहादुर सिंह सहित विधायक और जन-प्रतिनिधि मौजूद थे।

  • सफलता की आठवीं सीढ़ी जा पहुंचा इक्विटास बैंक

    सफलता की आठवीं सीढ़ी जा पहुंचा इक्विटास बैंक


    राज्यों की सरकारों ने इक्विटास बैंक को भागीदार बनाकर अपनी आय बढ़ाई

    भोपाल, 5 सितंबर(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)।तमिलनाडू के चेन्नई से वर्ष 2016 में शुरु हुआ इक्विटास स्माल फाईनेंस बैंक आज सात साल पूरे करके आठवें वर्ष में प्रवेश कर गया है, बैंक ने राजधानी में इस अवसर पर एक उत्सव का आयोजन किया। अपनी इस यात्रा में बैंक ने लोगों का भरोसा जीता और 3641 करोड़ रुपए की पूंजी जुटाई है।अप्रैल-जून की तिमाही में बैंक ने अपने नेट प्राफिट में 97.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज कराई । इन सफलताओं को देखते हुए शेयर बाजार ने भी बैंक को अपनी सलामी दी है। राजधानी में आज इक्विटास बैंक की वर्षगांठ के अवसर पर लाभ उठाने वाले निवेशकों और हितग्राहियों ने बैंक का जन्मदिन उत्साह पूर्वक मनाया।

    भोपाल चैंबर्स आफ कामर्स ने केक काटकर इक्विटास बैंक को सफलता की शुभकामनाएं दीं.


    भोपाल चैंबर्स आफ कामर्स के अध्यक्ष तेजकुल पाल सिंह पाली, फार्मेसी काऊंसिल के अध्यक्ष संजय जैन, रेलवे बोर्ड सदस्य कमलेश सेन, भोपाल कैट के अध्यक्ष रामबाबू शर्मा, मनोहर लाल टोंग्या, श्री कोल इंडस्ट्री के मनोज जैन, विदिशा के व्यवसायी विजय कदरे, नगरीय प्रशासन विभाग के वरिष्ठ अभियंता रवि चतुर्वेदी, सीनियर चार्डर्ड अकाऊंटेंट बी.आर.सोनी, एड्व्होकेट सीमा शाही,मूंदड़ा एंडरप्राईजेस के चंद्रमोहन नेमा, प्रापर्टी डीलर अशोक सिंह, जय स्टेशनरी वाले जेपी मड़वैया,संजीव शर्मा समृद्धि इंटरप्राईजेस,समेत कई गणमान्य नागरिकों ने दीप प्रज्ववलन करके और केक काटकर बैंक को शुभकामनाएं दीं। बैंक की ओर से रीजनल मैनेजर अमित देशपांडे,भोपाल संभाग बैंक समूह के प्रबंधक मनीष मरदद्वाज,शाखा प्रबंधक लोकेश जैन ने सभी आगंतुकों का स्वागत और अभिनंदन किया। बैंक की ओर से जन कल्याण कार्यो के अंतर्गत जरूरतमंद लोगों और बच्चों को आवश्यक सामग्री का वितरण भी किया गया।

    मध्यप्रदेश फार्मेसी काऊंसिल के अध्यक्ष संजय जैन ने इक्विटास बैंक की सफल यात्रा पर केक काटकर बधाई दी.


    वासुदेवन पठानी नरसिम्हन के मार्गदर्शन में आधुनिक बैंकिंग का प्रतीक बनते जा रहे इस बैंक ने अपने नाम को सार्थक कर दिखाया है। करोड़ों लोगों की बैंकिंग जरूरतों को पूरा करते हुए बैंक ने शेयर बाजार में भी धाक जमा ली है। महज सात सालों के कार्यकाल में बैंक ने पूरे देश में 882 शाखाएं स्थापित की हैं जहां से फाईनेंस के साथ साथ तमाम बैंकिंग सुविधाओं को संचालित किया जा रहा है। महाराष्ट्र ,छत्तीसगढ़ जैसे पड़ोसी राज्यों के अलावा कई अन्य राज्यों की सरकारों के कामकाज में सफल भागीदार रहते हुए बैंक ने प्रदेश सरकारों की आय बढ़ाने में उल्लेखनीय योगदान दिया है।


    बैंक की सफलता की वजह इसका सफल धन प्रबंधन है। बैंक ने अपनी आनलाईन सेवाओं के माध्यम से अनावश्यक खर्चों को घटाने में सफलता पाई है। जनधन का उचित निवेश और बेहतर मुनाफा अर्जित करके बैंक ने अपने ग्राहकों को उनकी पूंजी का अधिकाधिक लाभ उपलब्ध कराया है। आज इक्विटास स्माल फाईनेंस बैंक अपने निवेशकों को फिक्स जमा राशियों पर नौ फीसदी से अधिक ब्याज उपलब्ध करा रहा है। इसके साथ ही बैंक ने ऐसे ऋणदाताओं का नेटवर्क खड़ा किया है जो सफल कारोबारों से बैंक को खासा लाभ दिलवा रहे हैं।


    बैंक की जीवंत सेवाओं को देखते हुए श्रंगेरी सारदा मठ ने इक्विटास हेल्थकेयर फाऊंडेशन के तहत कैंसर रोगियों की देखभाल और उपचार का विशाल अभियान चलाया है। इसमें रोगियों को मुफ्त उपचार उपलब्ध कराया जाता है। बैंक अपने मुनाफे का 5 फीसदी हिस्सा इसी तरह के जनकल्याणकारी कार्यों पर खर्च करता है।

  • फसल का पैटर्न बदलें बोले मुख्यमंत्री

    फसल का पैटर्न बदलें बोले मुख्यमंत्री


    1500 करोड़ रूपए की लागत के आईटीसी की खाद्य प्र-संस्करण इकाइयों का शिलान्यास
    5000 लोगों को मिलेगा रोजगार

    भोपाल 3सितंबर (प्रेस इंफॉर्मेशन सेंटर)मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज सीहोर के औद्योगिक क्षेत्र बडियाखेड़ी में आईटीसी कम्पनी की कुल 1500 करोड़ रुपये के निवेश से स्थापित होने वाली दो इकाइयों- इंटीग्रेटेड फूड मैन्यूफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स फैसिलिटी और सस्टेनेबल पैकेजिंग प्रोडक्ट्स मैन्यूफैक्चरिंग फैसिलिटी का शिलान्यास किया। ये दोनों इकाइयाँ 57 एकड़ में लगेंगी। इससे 5000 लोगों को रोजगार मिलेगा।

    इस फूड प्लांट में आईटीसी के विश्वस्तरीय भारतीय ब्रांड जैसे देश का नंबर-1 आटा ब्रांड आशीर्वाद, सनफीस्ट बिस्कुट और यिप्पी नूडल्स का उत्पादन होगा, जबकि मोल्डेड फाइबर प्रोडक्ट्स प्लांट सस्टेनेबल पैकेजिंग के क्षेत्र में नए मानक बनाएगा। इससे इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं, एफएमसीजी और फूड एवं बेबरेज सेक्टर में पैकेजिंग के लिए प्लास्टिक का विकल्प मिलेगा। सीहोर में फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में आईटीसी का यह निवेश राज्य के मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर में मूल्य सृजित करेगा और एग्री-वैल्यू चेन में सहयोग देगा।

    शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि खेती में मध्यप्रदेश ने देश के सभी राज्यों को पीछे छोड़ दिया है। मध्यप्रदेश ने डेढ़ दशकों तक 18 प्रतिशत की कृषि विकास दर प्राप्त कर चमत्कार किया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि कहा कि फसल नुकसान से बचने और खेती को लाभ का धंधा बनाने के लिए फसल उत्पादन के पैटर्न को बदलना होगा। परंपरागत फसलों के साथ-साथ व्यावसायिक फसलों जैसे औषधीय फसलों का भी उत्पादन भी आवश्यक है।

    खेती आधारित उद्योग लगाने के प्रयास

    श्री चौहान ने कहा कि खरीफ की फसल में अधिकतर सोयाबीन और धान ही लगाते है और कई बार एक फसल पर संकट आने से किसान को नुकसान होता है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग फसलों की किस्मों से किसानों को अधिक से अधिक लाभ हो सके। इसके लिए आईटीसी ने 7000 एकड़ में तुलसी, अश्वगंधा, कलौंजी की खेती की है। उन्होंने कहा कि खेती पर आधारित उद्योग धंधे लगाने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है, ताकि किसानों को अपनी फसलों का अच्छा दाम और स्थानीय नागरिकों को रोजगार मिले।

    15 लाख 42,750 करोड़ के निवेश प्रस्ताव

    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में 15 लाख 42 हजार 750 करोड़ रुपए के निवेश के प्रस्ताव आए हैं। आईटीसी कंपनी ने भी प्रस्ताव दिया था जिसके तहत बड़ियाखेड़ी में 1500 करोड रुपए का निवेश हो रहा है।

    श्री चौहान ने कहा कि आईटीसी किसानों के साथ मिलकर उद्योग और खेती के विकास दोनों के लिए काम कर रही है। इस पहल से सीहोर और आसपास के 5000 लोगों को रोजगार मिलेगा। निरंतर प्रयास है कि ज्यादा से ज्यादा उद्योग स्थापित हों और ज्यादा से ज्यादा युवाओं को रोजगार मिले। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि अल्प वर्षा होने के कारण किसान चिंतित है। किसान चिंता न करें, सरकार हर संकट से निपटने के लिए उनके साथ में है। उन्होंने कहा कि बारिश कम होने के कारण बिजली की मांग बढ़ गई है। पहले 7 हजार मेगावाट की आवश्यकता थी जो बढ़कर 15000 मेगावाट की मांग बढ़ गई है।

    आईटीसी लिमिटेड के चेयरमैन श्री संजीव पुरी ने सीहोर में आईटीसी की नई निवेश परियोजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में इछावर विधायक श्री करण सिंह वर्मा, सीहोर विधायक श्री सुदेश राय, आष्टा विधायक श्री रघुनाथ मालवीय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री गोपाल सिंह इंजीनियर, सीहोर जनपद अध्यक्ष श्रीमती नावड़ी बाई बारेला, नगर पालिका अध्यक्ष श्री प्रिंस राठौर उपस्थित थे।