Month: December 2022

  • तांत्रिक ऊर्जा से चीन के सफाए का अनुष्ठान करेगा राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच

    तांत्रिक ऊर्जा से चीन के सफाए का अनुष्ठान करेगा राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच

    भोपाल,27 दिसंबर(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच के राष्ट्रीय महामंत्री गोलोक बिहारी राय ने कहा है कि देश में सामूहिक तांत्रिक क्रियाओं के जरिए चीन का खात्मा किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि विश्व में चीन दुष्ट शक्ति के रूप में स्थापित हुआ है। चीन सिर्फ विस्तारवादी नहीं है, बल्कि मानव सभ्यताओं के लिए ख़तरा है। चीन का अस्तित्व न सिर्फ विश्व- मानवता, वरन जीव-मात्र के लिए ख़तरा है । ये राष्ट्र हत्या, नृशंसता, क्रूरता, हिंसा, अनाचार, अत्याचार, पापाचार, अधर्म का केंद्र बन चुका है। वह जीव और प्रकृति के लिए भी ख़तरा है। इसलिए चीन का नाश, विश्व के लिए शुभ होगा।


    इसके लिए हमें उन सभी शक्तियों, विद्याओं, तंत्रों, प्रक्रियाओं, विधाओं और साधनों का समर्थन करना चाहिए जो चीन के लिए विनाशक हों। भारत सहित दुनिया के अनेक देशों में दुष्ट और नकारात्मक शक्तियों के विनाश के लिए महाविद्याओं का प्रयोग होता रहा है। प्राचीन भारत का पूर्वोत्तर इन विद्याओं का मुख्य केंद्र रहा है। देश के अनेक संगठन, तांत्रिक, साधक और विद्वान चीन के विनाश की कामना कर रहे हैं। विश्व-कल्याण और मानवता की रक्षा के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच इन सभी शक्तियों को जोड़ने और सक्रिय करने की कोशिश करेगा। इसके तहत भारत सहित दुनियाभर में जन-जागरण का अभियान चलाया जाएगा। यह जानकारी राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच के राष्ट्रीय महामंत्री गोलोक बिहारी राय ने राजधानी भोपाल में आयोजित एक पत्रकार वार्ता में दी।
    गोलोक बिहारी राय ने बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच लोक-जागरण को दिशा और गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगा। यह अभियान सरकार और सेना से इतर तो होगा, लेकिन कई मायनों में यह सहयोगी भी होगा। इस अभियान का साधन होगा महाविद्या अर्थात तंत्र-विद्या। देश-दुनिया के तांत्रिकों, महाविद्या के विशेषज्ञों, साधकों और देशभक्त विद्वानों का आशीर्वाद और सहयोग से यह अभियान सफल होगा। आने वाले समय में देश कि विभिन्न हिस्सों में तांत्रिक सम्मलेन, यंत्रज्ञ सम्मलेन, अनुष्ठान, मन्त्र-जप आदि का आयोजन किया जाएगा । इस विद्या के द्वारा देशभक्ति और मानवता की भावना जागृत होगी। मन्त्र का जाप और अनुष्ठान देशभक्ति की अभिव्यक्ति का सहज-स्वाभाविक माध्यम बनेगा। राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच ने देश-दुनिया की सज्जन शक्ति, देशभक्त संगठनों, विद्वानों, विशेषज्ञों, अध्येताओं, शोधार्थियों, विद्यार्थियों, किसानों, कलाकारों, मीडिया सहित सभी नागरिकों से इस अभियान में शामिल होने और इसे समर्थन देने का आह्वान किया है।


    राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच के अध्यक्ष राय ने पत्रकारों और विद्वानों की उपस्थिति में चीन विनाश के लिए साधकों द्वारा प्रयुक्त मन्त्र – ‘‘ऊँ हं हं हं उमापतये कैलाशपतये नम: l चीनस्य विनाशं कुरु कुरु स्वाहा ll’’ प्रस्तुत किया। उन्होंने देशभक्त और मानवता प्रिय लोगों से इस मन्त्र के जप का आग्रह भी किया।राय ने कहा कि यह मन्त्र चीन के विनाश का सहज-सरल, किन्तु अत्यन्त प्रभावी उपाय है। यह चीन के लिए मारक-मन्त्र सिद्ध होगा। दुनिया की करोड़ों मानवता-प्रिय जनता जब विभिन्न भाषाओं में इस मारक-मन्त्र का जाप करेगी तो निश्चित ही एक विराट शक्ति का जागरण होगा। यह शक्ति पूरी मानवता, विश्व-कल्याण और चीन के विनाश का साधन बनेगी।
    पत्रकार वार्ता में मंच के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व डीजीपी एस के राऊत भी उपस्थित थे।

  • वनोपज संग्राहकों को शोषण से बचाएगा पेसा एक्टःराज्यपाल मंगूभाई पटेल

    वनोपज संग्राहकों को शोषण से बचाएगा पेसा एक्टःराज्यपाल मंगूभाई पटेल

    भोपाल,27 दिसंबर(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि मध्यप्रदेश में लघु वनोपजों का संग्रहण एवं विक्रय दूरस्थ अंचलों में रहने वाले ग्रामीणों के लिये आजीविका का एक मुख्य साधन है। प्रदेश में लगभग 15 लाख परिवारों के 37 लाख सदस्य लघु वनोपज संग्रहण कार्य से जुड़े हैं, जिनमें 50 प्रतिशत से अधिक सदस्य जनजातीय वर्ग के हैं। इन लघु वनोपज संग्राहकों को बिचौलियों के शोषण से बचाने के लिए राज्य सरकार ने पेसा एक्ट लागू किया है। संग्रहीत लघु वनोपज का उचित लाभ दिलाने के उद्देश्य से प्रदेश में लघु वनोपज का संग्रहण एवं व्यापार अब ग्राम-सभा के माध्यम से किया जायेगा। राज्यपाल आज लाल परेड मैदान पर अंतर्राष्ट्रीय वन मेले के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे।
    राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि प्रदेश में राष्ट्रीयकृत वनोपज के संग्रहण का वनवासियों एवं ग्रामीणों को उचित पारिश्रमिक दिलाने के लिये लघु वनोपज संघ कार्यशील है। संघ अपनी 1066 प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों और 60 जिला वनोपज सहकारी यूनियनों के माध्यम से लघु वनोपज संग्रहण कार्य, रोजगार सुलभ कराने के साथ ही औषधीय और सुगंधित पौधों के प्र-संस्करण, भंडारण एवं विपणन का कार्य भी सफलता से कर रहा है। राज्यपाल ने कहा कि संघ द्वारा वनोपज विक्रय का लाभांश भी संग्राहकों को वितरित किया जा रहा है। इन गतिविधियों से जनजातीय भाइयों एवं बहनों को आत्म-निर्भर एवं सशक्त बनाने के प्रयास प्रशंसनीय हैं। उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता संग्रहण तथा अन्य लघु वनोपज संग्रहण कार्य में संलग्न अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति और अन्य कमजोर वर्ग के ग्रामीणों का आर्थिक सुदृढ़ीकरण हो रहा है।
    राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि लघु वनोपज संघ द्वारा संचालित गतिविधियों के प्रचार-प्रसार, सुदूर वनांचलों में निवासरत जनजाति की लघु वनोपजों और प्राचीनतम चिकित्सा पद्धति इत्यादि को पहचान दिलाने और मंच प्रदान करने के उद्देश्य से वन मेले का आयोजन प्रशंसनीय है।
    राज्यपाल श्री पटेल ने अगले वर्ष अंतर्राष्ट्रीय वन मेले में दोगुने लक्ष्य की प्राप्ति के लिये प्रयास करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जनजातीय समुदाय एवं वैद्यों के परंपरागत औषधीय ज्ञान के प्रमाणीकरण एवं औपचारिक लाइसेंस की व्यवस्था के लिये प्रयास तेजी से करने की आवश्यकता है। इसके पहले राज्यपाल ने वन मेले के स्टॉलों का अवलोकन और मेले पर केन्द्रित स्मारिका का विमोचन किया।
    वन मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने बताया कि इस वर्ष वन मेले में 2 लाख 50 हज़ार नागरिकों की उपस्थिति रही। लगभग 3 करोड़ रूपए के वनोपज उत्पादों का विक्रय हुआ। मेले में 28 करोड़ मूल्य के एमओयू साइन किये गये, जो विगत वर्ष से दो-गुने हैं। क्रेता-विक्रेता संवाद से बिचौलियों को हटाने का प्रयास किया गया ताकि वनोपज़ संग्राहक सीधे बड़े संस्थानों से जुड़े एवं उन्हें उत्पाद के बेहतर मूल्य प्राप्त हों। मंत्री डॉ. शाह ने आगामी दिवसों में किए जाने वाले कार्यों विशेषकर महुआ से च्यवनप्राश, चाकलेट आदि उत्पाद बनाये जाने की भी जानकारी दी।
    मंत्री डॉ. शाह ने कहा कि इंदौर में फरवरी-मार्च 2023 में वन मेला लगवाया जायेगा। उन्होंने भोपाल में अंतर्राष्ट्रीय वन मेले के सूत्रधार सेवानिवृत्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री व्ही.आर. खरे और श्री दवे का विशेष रूप से आभार माना। अपर मुख्य सचिव वन एवं प्रशासक मप्र लघु वनोपज संघ श्री जे.एन. कंसोटिया ने लघु वनोपज संघ द्वारा आगामी दिवसों में किए जाने वाले हितग्राहीमूलक कार्यों की जानकारी दी। प्रबंध संचालक लघु वनोपज संघ श्री पुष्कर सिंह ने वन मेले की उपलब्धियों और संचालित गतिविधियों की जानकारी दी। पीसीसीएफ़-सह-वन बल प्रमुख श्री रमेश कुमार गुप्ता सहित वन विभाग एवं लघु वनोपज संघ के अधिकारी, कर्मचारी और वनोपज विक्रेता उपस्थित थे। अपर प्रबंध संचालक श्री भागवत सिंह ने आभार माना।

    वन मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने कहा है कि प्रदेश में संचालित विभिन्न जिला यूनियन, निजी संस्थाओं और वन धन केन्द्रों ने अंतर्राष्ट्रीय वन मेले में प्रशंसनीय कार्य किया है। इसके लिए वे बधाई के पात्र है। वन मंत्री लाल परेड ग्राउंड पर मेले के समापन कार्यक्रम में पुरस्कार वितरित कर रहे थे।



    वन मंत्री ने प्रदर्शनी के क्षेत्र में एम.पी.एम.एफ.पी. पार्क भोपाल को प्रथम, सामाजिक वानिकी को द्वितीय और म.प्र. मत्स्य महासंघ को तृतीय पुरस्कार स्वरूप शील्ड प्रदान की। प्रधानमंत्री वन धन योजना में पूर्व छिंदवाड़ा वन धन केन्द्र को प्रथम, पूर्व मण्डला वन धन को द्वितीय, उत्तर सिवनी वन धन केन्द्र को तृतीय एवं दक्षिण पन्ना वन धन केन्द्र और उमरिया वन धन केन्द्र को सांत्वना पुरस्कार से पुरस्कृत किया। प्रदेश में संचालित विभिन्न जिला यूनियनों में से सीहोर जिला यूनियन को प्रथम, औब्दुलागंज यूनियन को द्वितीय, पश्चिम बैतूल जिला यूनियन को तृतीय और गुना एवं छतरपुर यूनियन को सांत्वना पुरस्कार दिया गया।
    वन मंत्री डॉ. शाह ने मेले में शामिल हुई निजी संस्थाओं में से विशाल जवारिया, पचमढ़ी प्रथम, त्रिशटा टी को द्वितीय और आदिवासी आयुर्वेदिक पचमढ़ी को तृतीय पुरस्कार देकर सम्मानित किया। अन्य राज्यों की संस्थाओं में छत्तीसगढ़ राज्य (लघु वनोपज) को प्रथम, दीपू मिश्रा प्रतापगढ़ को द्वितीय, सुखदेव समत मेदनीपुर को तृतीय पुरस्कार से नवाजा गया। अंतर्राष्ट्रीय स्टॉलों की श्रेणी में नेपाल को पुरस्कृत किया गया। राज्य बाँस मिशन एवं विन्ध्य हर्बल को विशेष पुरस्कार से नवाजा गया।
    शहद संग्रहण में सामुदायिक प्रयास के लिए पश्चिम बैतूल की नांदा समिति को विशेष सम्मान, नर्मदापुरम वन मण्डल में स्थापित वन धन विकास केन्द्र को महुआ का ब्रिटेन में सफल निर्यात करने और छिन्दवाड़ा के मैनावाड़ी वन धन केन्द्र के अंतर्गत “वनभोज रसोई” को सफल सामुदायिक उपक्रम के विशेष सम्मान से नवाजा गया।
    अपर मुख्य सचिव वन श्री जे.एन. कंसोटिया, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री आर.के. गुप्ता, राज्य लघु वनोपज संघ के एम.डी. श्री पुष्कर सिंह सहित वन विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद थे।

  • वन मेले में फार्मा कंपनियों ने भी थोक में खरीदी जड़ीबूटियां

    वन मेले में फार्मा कंपनियों ने भी थोक में खरीदी जड़ीबूटियां

    पाँचवें दिन क्रेता-विक्रेता सम्मेलन में 34.50 करोड रूपये के व्यापार अनुबंध

    भोपाल,24 दिसंबर(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। राजधानी के लाल परेड मैदान पर चल रहे अंतर्राष्ट्रीय वन मेले में आज शनिवार का अवकाश होने की वजह से लगभग 32 हजार लोग मेला देखने पहुंचे। सुबह से ही वन उत्पादों में रुचि रखने वाले लोग मेला स्थल पर जुटने लगे थे। मेले में जड़ी बूटियों की खरीद बिक्री के साथ नाड़ी वैद्यों और आयुर्वेदिक चिकित्सकों के साथ जंगलों के वनवासियों के पास भी लोगों का जमावड़ा लगा रहा। मेले में ज्योतिष पर आधारित पेड़ पौधों और जड़ी बूटियों के विक्रय में लोगों की खासी रुचि देखी गई। परिसर में एक ओर सांस्कृतिक कार्यक्रम चल रहे थे तो दूसरी ओर क्रेता विक्रेता सम्मेलन का आयोजन भी चल रहा था। मेला घूमने आए लोग फूड जोन में खाने पीने के विविध व्यंजनों का भी लुत्फ उठा रहे थे। क्रेता विक्रेता सम्मेलन के दौरान छत्तीसगढ़ लघु वनोपज संघ (CGMFP) और मध्य प्रदेश लघु वनोपज संघ (MPMFP) विंध्य हर्बल्स के मध्य 6 करोड़ रुपए का व्यावसायिक अनुबंध हुआ | इस अनुबंध के माध्यम से छत्तीसगढ़ हर्बल एवं विंध्य हर्बल्स एक दूसरे के उत्पादों को बेचने में बढ़ावा देंगे | इस अनुबंध को CGMFP से विशेष प्रबंध संचालक एस. एस. बजाज ने एवं विंध्य हर्बल्स की ओर से डॉ. दिलीप कुमार ( सी. ई. ओ. एमपीएमएफपी पार्क, भोपाल) ने हस्ताक्षर किया एवं दस्तावेजों का हस्तांतरण किया गया | बस्तर फूड , छत्तीसगढ़ से महुआ के एक्सपोर्ट का MOU हस्ताक्षर किया गया जिसके माध्यम से मध्यप्रदेश का फ़ूड ग्रेड २००मीट्रिक टन महुआ लंदन एक्सपोर्ट किया जायेगा इन प्रयासों से वनवासियों का बहुत कम मूल्य में बिकने वाले महुआ उनकी खासी कमाई कराएगा। इसके साथ 28 करोड़ 50 लाख रूपये के अनुबंध एमएफपीपीएआरसी और विभिन्न संस्थाओं के बीच भी किए गए। इससे आने वाले समय में जड़ी-बूटियों के क्षेत्र में शामिल प्राथमिक संग्राहक और उत्पादकों की आर्थिक समृद्धि तेजी से बढ़ेगी।

    वन मेले में आयोजित क्रेता विक्रेता सम्मेलन में एक वैश्विक मंडी का नजारा देखा गया।विक्रेता अपने माल का सैंपल लेकर आए थे और खरीददारों से मोल भाव कर रहे थे।


    क्रेता-विक्रेता सम्मेलन सेवा निवृत्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री व्ही.आर. खरे के मुख्य आतिथ्य में हुआ। इसमें प्रदेश और देश के विभिन्न हिस्सों से 140 सहभागी ने प्रत्यक्ष रूप से और 300 प्रतिभागी वीडियो कॉन्फ्रेंस से संवाद किया गया। राज्य लघु वनोपज संघ के सीईओ डॉ. दिलीप कुमार ने बताया कि मध्यप्रदेश के 32 जिलों में 4491 करोड़ रूपये से ज्यादा का लघु वनोपज का व्यापार होता है। इसमें केवल महुआ का व्यापार 981 करोड़ रूपये का है। भूतपूर्व वन बल प्रमुख श्री राम प्रसाद ने बताया कि प्रदेश के छिन्दवाड़ा और सिवनी की चिरौंजी की सम्पूर्ण विश्व में मांग है। यह सबसे महंगा सूखा मेवा है।


    राज्य लघु वनोपज के अपर प्रबंध संचालक भागवत सिंह ने संघ की विभिन गतिविधियों को साझा किया। उन्होंने बताया कि संघ वन धन केन्द्रों के विकास, लघु वन उपज के व्यापार एवं संग्रहण के साथ प्रतिवर्ष 10 हजार हेक्टेयर भूमि पर वृक्षारोपण कराता है। छत्तीसगढ़ लघु वन उपज संघ के एस. एस. बजाज ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार केन्द्रीय खाद्य प्रौद्योगिक संस्था मैसूर के साथ मिल कर महुआ से गुड़ बनाने पर अनुसंधान कर रहा है।
    अंतर्राष्ट्रीय वन मेले में दिन ब दिन भीड़ बढ़ती जा रही है, रविवार को मेले का आकर्षण चरम पर होगा। मेले के 5वें दिन 32 हजार लोगों ने मेले का आनंद लिया। विभिन्न स्टालों पर लोगों की भीड़ देख कर स्टॉल संचालकों का उत्साह भी बढ़ रहा है। कॉलेज के छात्र-छात्राओं द्वारा बनाए व्यंजनों का स्वाद लोगों का आकर्षण बढ़ा रहा है।
    मेले में पिछले 5 दिनों में 1 करोड़ 27 लाख रूपये के वनोपज हर्बल उत्पाद से निर्मित औषधियों की बिक्री हो चुकी है। स्थापित ओपीडी में 760 आगुंतकों ने आयुर्वेद चिकित्सक और अनुभवी वैद्यों से नि:शुल्क चिकित्सकीय परामर्श लिया।


    मेला प्रांगण में सोलो और ग्रुप नृत्य की रंगारंग प्रस्तुति में बच्चों ने सभी का मन को मोह लिया। एकल और सामूहिक नृत्य प्रस्तुति में 20 विद्यालयों के 146 छात्र-छात्राओं ने अदभुत कला का प्रदर्शन किया। एम.एम. म्यूजिकल ग्रुप की आर्केस्ट्रा और दुलैया कॉलेज के छात्र-छात्राओं द्वारा आकर्षक प्रस्तुति दी गई।

  • जंगलों का कवच हैं जड़ी बूटियां बोले उत्तराखंड के वनमंत्री

    जंगलों का कवच हैं जड़ी बूटियां बोले उत्तराखंड के वनमंत्री

    भोपाल,22 दिसंबर(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)।उत्तराखण्ड के वन मंत्री सुबोध उनियाल का कहना है कि आज के वन हमारी सामुदायिक सहभागिता से विकसित हो रहे हैं। जरूरी है कि इन वनों को वनवासियों की आत्मनिर्भरता का साधन भी बनाया जाए ताकि वनों का विनाश रुक सके और घने जंगल हमारी परिस्थितिकी को संवारने का साधन बन सकें। राजधानी के लाल परेड मैदान में चल रही दो दिवसीय कार्यशाला में श्री उनियाल ने वनसंपदा को जंगलों का रक्षा कवच बताया है। ये दो दिवसीय कार्यशाला ‘लघु वनोपज से आत्म-निर्भरता’ विषय पर आयोजित हो रही है जिसमें वनमेले में आए कई प्रकृति प्रेमी भी शामिल हो रहे हैं।


    श्री उनियाल ने कान्फ्रेंस में विभिन्न आयुर्वेदिक और वन-शिक्षण संस्थाओं से शामिल हुए विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि दुनिया का कोई लक्ष्य आपकी हिम्मत से बड़ा नहीं हो सकता। आप ये न सोचों कि इतने विशाल जंगलों को हम कैसे बचा सकते हैं। वनोपज से होने वाली आय जंगलों के रक्षकों की इतनी बड़ी फौज खड़ी कर सकती है जो सीमित संसाधनों में भी सफलता दिला सकती है।जंगलों की उपयोगिता से जुड़ी यह मानव शक्ति बगैर वेतन पर्यावरण बचा सकती है। जरूरत है कि हम लोगों को जड़ी बूटियों का महत्व समझाएं। देशी चिकित्सा के तौर तरीके उन्हें पेड़ों का महत्व आसानी से बता सकते हैं।


    राज्य लघु वनोपज संघ के एमडी पुष्कर सिंह ने बताया कि दो दिन तक चलने वाली कार्यशाला में देश-विदेश में हुए विभिन्न अनुसंधानों की जानकारी मिलेगी, जो आयुर्वेद के विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक साबित होगी। प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री आर.के. गुप्ता ने बताया कि वन मेले में लगे स्टालों से प्रदेश की जैव विविधता झलकती है। यहाँ एक ओर पातालकोट का विश्व विख्यात शहद, झाबुआ का लाल चावल, महाकौशल क्षेत्र का कोदो-कुटकी और कई तरह के पारम्परिक औषधीय पौधों की प्रचुरता है।


    कार्यशाला में नेपाल, इंडोनेशिया, भूटान के विशेषज्ञों के साथ मध्यप्रदेश सहित उत्तराखण्ड, उत्तरप्रदेश, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, महाराष्ट्र और हिमाचल प्रदेश के विषय-विशेषज्ञ, अधिकारी और इंडस्ट्री एक्सपर्ट शामिल हुए।नेपाल सरकार के जलवायु परिवर्तन एवं पर्यावरण सलाहकार डॉ. माधव कर्की वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से शामिल हुए। उन्होंने मध्यप्रदेश और उत्तराखण्ड राज्य के संसाधनों के सतत प्रबंधन और संवर्धन की तारीफ करते हुए कहा कि नेपाल को इस संदर्भ में सीखना होगा।


    वन मंत्री श्री सुबोध उनियाल ने लाल परेड ग्राउंड में लगे वन मेले में लगी विभिन्न स्टालों का अवलोकन किया और प्रदर्शित उत्पादों की जानकारी भी प्राप्त की। वन बल प्रमुख आर.के. गुप्ता ने वन मंत्री को प्रतीक-चिन्ह भेंट किया। इस मौके पर भारतीय वन प्रबंध संस्थान (आईआईएफएम भोपाल) के डायरेक्टर डॉ. के. रविचंद्रन की मौजूदगी विशेष रही। अपर प्रबंध संचालक (व्यापार) श्री विभाष ठाकुर ने सभी आगंतुकों का आभार माना।

  • चौपाल से चलती है शिवराज सिंह सरकार बोले गोविंद सिंह राजपूत

    चौपाल से चलती है शिवराज सिंह सरकार बोले गोविंद सिंह राजपूत

    अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा जारी, आज आएगा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का जवाब

    भोपाल,21 दिसंबर(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। मध्य प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र में तीसरे दिन बुधवार को सदन की कार्यवाही गहमागहमी भरी रही . कई सालों बाद सदन में लगभग साढ़े तेरह घंटों तक चर्चा जारी रही। सुबह ग्यारह बजे समवेत हुआ सदन समयकाल बढ़ाने के साथ रात्रि 12.37 बजे तक चलता रहा। कार्यवाही के दौरान कई बार पक्ष और विपक्ष के नेताओं में तीखी बहस देखने को मिली. कांग्रेस की ओर से नेता प्रतिपक्ष डॉ.गोविंद सिंह ने ये प्रस्ताव प्रस्तुत किया जिस पर हुई चर्चा ने सत्ता पक्ष को अपने कामकाज पर सफाई देने का अवसर मिल गया। कई बार तो विपक्ष स्वयं अपने आरोपों में घिरता नजर आया।


    कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव पर प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कल गुरुवार को जवाब प्रस्तुत करेंगे. इधर विधानसभा सत्र के महत्वपूर्ण तीसरे दिन सदन की कार्यवाही के दौरान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रमुख कमलनाथ नदारद रहे. पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ बुधवार को विदिशा जिले के सिरोंज जिले के दौरे पर थे . जबकि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पूरी कार्यवाही के दौरान मौजूद रहे.


    सदन में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा में कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी ने कहा कि सरकारी पैसे से भाजपा ने अपने दफ्तर में 40 करोड़ रुपए का खाना खिला दिया. जीतू पटवारी के इस बयान पर नगरीय प्रशासन राज्यमंत्री ओपीएस भदौरिया भडक़ उठे. मंत्री भदौरिया अपनी सीट से उठकर विपक्ष की और बढऩे लगे जिस पर विपक्षी नेताओं ने हंगामा शुरु कर दिया. मामले को बढ़ता देख स्पीकर ने जैसे तैसे मामले को शांत कराया. इसके बाद जीतू पटवारी ने पुन: बोलना शुरू किया.


    हंगामे के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सज्जन सिंह वर्मा ने ओपीएस भदौरिया को बिल्ली कहकर संबोधित किया. सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि ओपीएस अपने क्षेत्र में भीगी बिल्ली बने फिरते हैं और यहां पहलवानी बता रहे हैं। पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा के तेवर इसलिए तेज हो रहे थे. क्योंकि पूर्व मंत्री जीतू पटवारी के वक्तव्य के दौरान मंत्री ओपीएस भदौरिया अपनी सीट से उठ खड़े हुए ,जिन्हें मंत्री रामखेलावन सिंह बार बार हाथ पकडक़र बिठाते नजर आए.

    परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि कमलनाथ सरकार में हम अपने क्षेेत्र के गरीब नागरिकों के नाम गरीबी रेखा में जुड़वाने के लिए प्रयास करते रहे लेकिन डेढ़ साल तक पोर्टल ही नहीं खोला गया। जबकि शिवराज सिंह चौहान की सरकार आते ही पच्चीस लाख लोगों के नाम गरीबी रेखा में जोड़ दिए गए। कांग्रेस सरकार अप्राकृतिक मृत्यु होने पर पचास हजार रुपए हर्जाना देती थी जबकि शिवराज सरकार ने चार लाख रुपए मुआवजा देना शुरु कर दिया। ये सरकार भोपाल के मंत्रालय से नहीं बल्कि प्रदेश के चौपालों से चलने वाली सरकार है।

    सुश्री हिना लिखीराम कांवरे ने सरकार की कार्यप्रणाली को घेरे में लेते हुए कहा कि गृहमंत्री बड़े बड़े दावे करते हैं कि उनके शासनकाल में डकैतों,नक्सलियों पर कार्रवाई हुई है लेकिन हकीकत ये है कि बालाघाट और इसके आसपास नक्सलवादियों ने इतने घर बना लिए हैं कि सरकार किस किस घर में घुसकर उन्हें मार पाएगी। आतंकी हरकतों की वजह से कान्हा नेशनल पार्क में पर्यटक आखिर क्यों आएंगे। बालाघाट को नक्सली अपना रेस्ट जोन मानते हैं। नक्सलियों ने इलाके के नागरिकों का हक छीना है वहां कोई उद्योगपति अपना कारोबार शुरु नहीं करना चाहते।


    शीतकालीन विधानसभा सत्र के तीसरे दिन की कार्रवाई में पक्ष और विपक्ष के नेताओं में व्यंग्य तंज का भी दौर चला. नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह ने कहा कि हमने अविश्वास प्रस्ताव में जो मुद्दे उठाए, उनपर जवाब देना चाहिए. इस पर मंत्री गोपाल भार्गव वने कहा कि आपने आज क्या भाषण दिया वो आपको खुद याद नहीं होगा. इस पर संसदीय मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने तंज कसते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह तो ढोर डॉक्टर हैं.

  • फेब्रिकेटेड शादियों से बढ़ रहे जैन समाज में तलाक के मामले

    फेब्रिकेटेड शादियों से बढ़ रहे जैन समाज में तलाक के मामले

    भोपाल,19 दिसंबर (प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। दिगंबर जैन समाज में झूठी शान और दिखावे की वजह से कराई गई शादियां तलाक की वजह बन रहीं हैं। भोपाल में चल रहे जैन समाज के परिचय सम्मेलन में ये बात प्रमुखता से नजर आ रही है। अधिक प्रविष्टियां दिखाने के प्रलोभन में आयोजन के संचालकों ने जिन लोगों के आवेदन बुलाए हैं उनमें लोफर और बदनाम लड़के लड़कियों की भीड़ इकट्ठा हो रही है। ये अपने बारे में बढ़ा चढ़ाकर जो बातें बोलते  हैं उससे प्रभावित होकर शादियां तो हो जाती हैं लेकिन कुछ ही दिनों बाद मनमुटाव के चलते ये शादियां टूट जाती हैं।पत्रिका के तलाकशुदा युवाओं वाले सेक्शन में बढ़ती संख्या को देखकर पहली ही नजर में इस मामले की गंभीरता को समझा जा सकता है।ऐसे कई मामलों में लड़कियां घर के जेवर लेकर भाग गईं और अदालतों में मंहगे हर्जाने की मांग करते हुए मुकदमे दर्ज कराए हैं।

    अदालत के मीडिएशन सेंटर से जुड़े वकीलों से बात करने पर इस मामले की भयावहता सामने आ रही है। वकील आभा जैन बताती हैं कि जरूरत से ज्यादा उम्मीद युवाओं में तलाक की प्रमुख वजह बन रही है। जैन समाज में लड़की को मायके से मिलने वाला स्त्री धन हो या ससुराल से मिलने वाली जायदाद ये दोनों झगड़े की वजह होती हैं। वर्ष 2005 में बना संपत्ति का अधिकार भी झगड़े की वजह बन रहा है।जो फेब्रिकेटेड शादियां परिचय सम्मेलन की झूठी शान बढ़ाने के लिए कराई जा रहीं हैं उनमें शादी की वजह प्रेम या सम्मान नहीं है बल्कि लड़के लड़की का ऊंचा पैकेज और धनाड्य परिवारों की प्रतिष्ठा प्रमुख देखी जा रही है। लड़की को भारी जेवरात चढ़ाए जाते हैं जो लड़की और उसके परिजनों का मानसिक संतुलन बिगाड़ देते हैं। कई मामलों में लड़कियां अपने भाईयों से ज्यादा जायदाद हड़पने के लिए स्वयं माता पिता से अधिक दहेज दिए जाने की मांग करती हैं। जो लड़कियां आत्म निर्भर हैं उन्हें ससुराल की परिस्थितियों और लड़के की संपदा दोनों में खोट नजर आती है। वे शादी करते ही पति से कहने लगती हैं कि तुम्हारी हैसियत ही क्या है। जबकि 25-28 साल से लड़के तब अपने जीवन की शुरुआत ही कर रहे होते हैं।

    जब ये केस अदालत पहुंचते हैं तो वकीलों का धंधा शुरु  हो जाता है। वकील न तो तलाक होने देते हैं और न ही शादी को सफल बनाने का उपाय करते हैं। लड़कियों की शारीरिक और मानसिक कमियों को छुपाकर की गई शादियों में भी वकील जब ज्यादा मुआवजा दिलाने का लालच दिखाकर ज्यादा फीस कमाने का उपाय तलाशते हैं तो लड़कियों का दिमाग  ही फिर जाता है। फिर वे लड़कों पर ऐसे आरोप जड़ने लगती हैं जो हकीकत से कोसों दूर होते हैं।

    परिचय सम्मेलन के तलाकशुदा लड़के लड़कियों के सेक्शन में जो युवा प्रस्तुत हुए हैं उन सभी की कमोबेश इसी तरह की समस्याएं सामने आई हैं। कई मामलों में एक्स्ट्रा मेरिटल अफेयर, एक दूसरे के प्रति सम्मान में कमी, कम्युनिकेशन की समस्या, प्यार और इंटिमेसी की कमी, प्रमुख कारण हैं। लड़कियां जिस तरह की संपदा मिलने की उम्मीद कर रहीं हैं उन शर्तों को कोई राजकुमार युवक नहीं बल्कि कोई डाकू ही पूरा कर सकता है। ये जैन समाज में जगाई गई झूठी शान और लालच भरी सोच की वजह से हो रहा है। परिचय  सम्मेलन से जुड़े लोग समाजसेवा की भावना छोड़कर जिस तरह रिकार्ड बनाने की सोच से काम कर रहे हैं उससे ये समस्या बढ़ती जा रही है।

  • विदेशी धन कमाने का माध्यम बनी एमपी की वन संपदा

    विदेशी धन कमाने का माध्यम बनी एमपी की वन संपदा


    वनमंत्री विजय शाह ने बताया 20 से 26 दिसंबर तक भोपाल के लाल परेड ग्राऊंड में लगेगा 9 वां अंतर्राष्ट्रीय हर्बल मेला
    भोपाल,18 दिसंबर(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। वनों से प्राप्त जड़ी बूटियां वनवासियों की समृद्धि का साधन बन रही हैं और विदेशी मुद्रा कमाने का साधन भी बन गईं हैं। मध्यप्रदेश सरकार के वन विभाग की रणनीति की कामयाबी की ये कहानी वर्ष 2011 से आयोजित हो रहे अंतर्राष्ट्रीय हर्बल मेलों की वजह से लिखी जा सकी है। लगातार नौवें वर्ष आयोजित किए जा रहे इस वन मेले की सफलता से उत्साहित राज्य के वन विभाग ने इस बार 20 से 26 दिसंबर तक लगातार सात दिनों तक इस मेले की मेजबानी करने की तैयारी की है। वनमंत्री कुंवर विजय शाह ने आज भोपाल में आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि वनवासियों की समृद्धि के लिए इस बार भी वनसंपदा के विक्रेताओं और खरीददारों को आपस में जोड़कर राज्य सरकार वनौषधियों की मंडी को सफल बनाएगी।
    कुंवर विजय शाह ने पत्रकारों के सवालों के जवाब में बताया कि लगातार आयोजित होने वाले वनमेलों से वन संपदा अब वैश्विक बाजारों में पहचान बनाने लगी हैं। महुए के च्वनप्राश की लोकप्रियता इतनी तेजी से बढ़ रही है कि वन समितियों ने अब महुआ इकट्ठा कराकर उसकी मिठाई, अचार और च्वनप्राश जैसे उत्पादों की मार्केटिंग शुरु कर दी है। लघुवनोपज संघ को लंदन से अठारह क्विंटल महुआ उपलब्ध कराने का आर्डर मिला है। इस तरह कई अन्य वनौषधियां भी विदेशी मुद्रा कमाने का साधन बन रहीं हैं।

    वनमंत्री कुंवर विजय शाह ने बताया कि सरकार के प्रयासों से वनवासियों को रोजगार के नए साधन मिले हैं.इस अवसर पर लघुवनोपज संघ के एमडी पुष्कर सिंह भी उपस्थित थे.


    श्री शाह ने बताया कि इस सात दिवसीय आयोजन के लिए भारत के बारह राज्यों के साथ भूटान, नेपाल और इंडोनेशिया की सरकारों ने भी अपनी भागीदारी सुनिश्चित की है। मेले में चौबीस दिसंबर को बायर सेलर मीट का आयोजन किया जाएगा जिससे स्थानीय वनसंपदा के विक्रेताओं के लिए वैश्विक बाजार के खरीदार भी उपलब्ध हो सकेंगे। कई सरकारी और गैर सरकारी प्रतिष्ठान भी मेले में अपने उत्पादों के स्टाल लगा रहे हैं। पिछले साल इस मेले में लगभग सवा लाख लोग पहुंचे थे इस बार सात दिनों के मेले में इससे भी ज्यादा तादाद में दर्शक और खरीददार पहुंचेंगे।
    उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश की वनौषधियों में लोगों की रुचि को देखते हुए वन विभाग ने कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया है.मेले में प्रसिद्ध गायक विनोद राठौर, हास्य कलाकार सुनील पाल, कबीर कैफे, आदिवासी लोक नृत्य जैसे कई कार्यक्रमों का आयोजन होगा।
    इस मेले की थीम हर बार की तरह लघुवनोपज से आत्मनिर्भरता रहेगी। पिछले साल बड़ी कंपनियों ने ग्रामीण वनोपज समितियों से 14 करोड़ रुपए के अनुबंध किए थे। इस बार हमें लगभग बीस करोड़ रुपए से अधिक के अनुबंध होने का अनुमान है। हमारा प्रयास है कि विक्रेताओं को सीधे खरीददार उपलब्ध हों और वे दलालों के चंगुल में न फंसें। ये सारे प्रयास मप्र लघुवनोपज संघ और वन विभाग के सहयोग से सफल हो पाए हैं।

  • खुल गई राजा पटेरिया के अपराधों की डायरी

    खुल गई राजा पटेरिया के अपराधों की डायरी


    दमोह,13 दिसंबर(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ह्त्या के लिए उकसाने वाले कांग्रेस नेता राजा पटेरिया की जमानत अर्जी को पवई की अदालत ने खारिज कर दिया है और उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। उनके बयान के बाद कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने दो और धाराएं बढ़ा दी हैं जिससे अब सत्र न्यायालय से भी उनकी जमानत की संभावनाएं धूमिल हो गईं हैं।
    पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक जब राजा पटेरिया ने बयान दिया तो भाजपा नेताओं ने इसका विरोध किया। जिसे देखते हुए गृह मंत्री डॉ.नरोत्तम मिश्रा ने पुलिस को मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए थे। पुलिस ने आज सुबह राजा पटेरिया को हटा स्थित उनके घर से गिरफ्तार किया और पबई की अदालत में पेश किया था। पबई थाना प्रभारी ने भादवि की धारा 451,504,505(1)(स),506,153(1)(स),115,117,के अंतर्गत राजा पटेरिया पुत्र हरबंस पटेरिया के विरुद्ध मामला दर्ज किया है। आज उन्हें जेएमएफसी पबई के समक्ष प्रस्तुत किया गया जहा से उन्हें जेल भेज दिया गया।

    पुलिस ने लगे हाथ सभी पेंडिंग मामलों का निपटारा करने की तैयारी भी कर ली है। उनके विरुद्ध पहले भी बूथ लूटने और वनवासियों को नक्सली बना देने जैसे प्रकरण दर्ज हो चुके हैं।

    पटेरिया को पार्टी से निष्कासित करने वाले भाजपा नेताओं के सवाल पर कमलनाथ ने कहा कि मैं भाजपा नेताओं के टुच्चे सवालों का जवाब नहीं देता। इस पर भाजपा के विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि रिटायरमेंट की उम्र में लफंगों जैसी भाषा शोभा नहीं देती। कमलनाथ को मुख्यमंत्री की तीर्थदर्शन योजना में जाना चाहिए। इससे उनके विचार निर्मल होंगे।

  • राम सीता की तरह समर्पित युवाओं को हमारा शुभाशीष बोले किशन सूर्यवंशी

    राम सीता की तरह समर्पित युवाओं को हमारा शुभाशीष बोले किशन सूर्यवंशी

    अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन परिचय सम्मेलन का शुभारंभ

    विदेशों से आए युवाओं ने कहा हमें संस्कारित जीवनसाथी चाहिेए,दो दिन चलेगी परिचय की बेला

    भोपाल,03 दिसंबर,(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर ).नगर निगम भोपाल में सभापति किशन सूर्यवंशी का कहना है कि जिस तरह भगवान राम और माता सीता की जोड़ी आदर्श मानी जाती है उसी तरह भारतीय संस्कृति में संस्कारित युवा भी हमारे आदर्श हैं। चाहे परिस्थितियां कितनी भी विपरीत हों जीवनसाथी का हाथ पकड़कर चलने वाले युवाओं को हम ह्दय से आशीर्वाद देते हैं और उनके सफल जीवन की कामना करते हैं। अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन समाज के परिचय सम्मेलन के शुभारंभ अवसर पर पहुंचे श्री सूर्यवंशी ने कहा कि जैन संतों की त्याग और तपस्या की आराधना करने वाला जैन समाज अपने नवाचारों के लिए पहचाना जाता है। जैन समाज ने परिचय की श्रंखला शुरु करके युवाओं की बड़ी समस्या का समाधान खोज निकाला है। इस परंपरा का अनुकरण समाज के हर तबके को करना चाहिए।

     परिचय सम्मेलन का आज राजधानी भोपाल में भव्य शुभारंभ हुआ। देश विदेश और प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए युवाओं ने इस प्रतिष्ठापूर्ण आयोजन में अपने जीवन साथी की तलाश करते हुए परिचय की प्रक्रिया शुरु कर दी है। ये आयोजन आज और कल दो दिन चलेगा। रविवार को अवकाश होने और भोपाल में आज गैस त्रासदी दिवस पर स्थानीय अवकाश होने से आयोजन स्थल पर खासी चहल पहल देखी जा रही है।सकल दिगंबर जैन समाज भोपाल का ये आयोजन तात्याटोपे नगर खेल परिसर के नजदीक श्री महावीर दिगंबर जैन मंदिर,स्मार्ट सिटी,टिन शेड भोपाल में चल रहा है।इस अवसर पर प्रकाशित चयन पत्रिका के विमोचन के अवसर पर श्री सूर्यवंशी के साथ पूर्व आईएएस श्री सुरेश जैन,पूर्व आईपीएस श्री आर.के.दिवाकर भी उपस्थित थे।सभी अतिथियों का शाल और श्रीफल से अभिनंदन भी किया गया।

        श्री सूर्यवंशी ने कहा कि आयोजन समिति के अध्यक्ष प्रो.एन.सी.जैन कॉलेज में उनके शिक्षक रहे हैं।उनके दिए संस्कारों ने हमारी जीवनराह प्रशस्त की है। वे अब जैन युवक युवतियों का मार्गदर्शन कर रहे हैं।जाहिर है कि उनके मार्गदर्शन में हो रहा ये परिचय सम्मेलन समाज में नए प्रतिमान गढ़ेगा। उन्होंने कहा कि आमतौर पर शादियों को व्यक्तिगत आयोजन माना जाता है लेकिन ऐसे कुशल मार्गदर्शन में जुड़ने वाले परिवार, समाज का ताना बाना मजबूत करते हैं। ये परिचय सम्मेलन जिस तरह के संस्कार लेकर चल रहा है उसे देखकर मुझे पूरा विश्वास है कि यहां भगवान राम और माता सीता की तरह आदर्श जोड़ियां ही बनेंगी।इस तरह के आदर्श परिवार गढ़ने वाले समाजसेवी भी निश्चित रूप से आदर के पात्र हैं। समाज में बंधुत्व फैलाने वाला यह सम्मेलन नित नई ऊंचाईयां छुए हम यही कामना करते हैं।

    परिचय सम्मेलन में आज युवक युवतियों के बायोडाटा वाली चयन पत्रिका का विमोचन किया गया.

        आयोजन समिति के अध्यक्ष प्रो.डॉ.एन.सी.जैन ने बताया कि इस आयोजन में विदेशों में कारोबार और नौकरी करने वाले युवाओं ने अब तक की सर्वाधिक भागीदारी दर्ज कराई है। मध्यप्रदेश के भी विभिन्न इलाकों से युवाओं ने अपना बायोडाटा भेजकर स्वयं को उत्कृष्ट जीवनसाथी के रूप में रेखांकित किया है। युवाओं के बायोडाटा वाली परिचय पत्रिका में जिन युवाओं ने अपनी प्रविष्टियां भेजी हैं वे सभी ऊंची पढ़ाई करके सफल नागरिक के रूप में स्थापित हो चुके हैं। कई तो देश विदेश के प्रख्यात डॉक्टर,इंजीनियर और विदेशों में कारोबार करने वाले उद्यमी हैं। युवाओं का कहना है कि हम विदेशी मुद्रा भारत भेजते हैं लेकिन हमें भारतीय संस्कृति में पले बढ़े जीवनसाथी ही चाहिए।

         राजधानी के विभिन्न क्षेत्रों में बसे जैन कारोबारी और नागरिक इस आयोजन की व्यवस्था संभाल रहे हैं। आगंतुकों के ठहरने, भोजन और अमानती सामानगृह रखने की व्यवस्था टिन शेड जैन मंदिर में की गई है। कई आगंतुक शहर के होटलों में और रिश्तेदारों के घरों पर भी रुके हुए हैं। आयोजन स्थल पर युवाओं का मेला सा लगा हुआ है।युवा लड़के और लड़कियां अपने परिजनों के साथ परिचय के इस दौर में शामिल हैं। रिश्तेदारों के सहयोग से युवाओं के व्यक्तित्व,पारिवारिक पृष्ठभूमि, कारोबारी उपलब्धियों,और युवाओं के भावी जीवन के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।

    कोषाध्यक्ष प्रो.डॉ.विजय जैन ने बताया कि हमें इस बार पत्रिका के लिए 1624 प्रविष्टियां मिली हैं।युवाओं के बायोडाटा का प्रारंभिक विश्लेषण करने पर पाया गया कि डॉक्टर युवक 36 युवती 41,इंजीनियर युवक 298 युवती 189,प्रोफे/एडवोकेट युवक 17 युवती 14,सी ए/सी एस युवक 28 युवती 30 ,Govt युवक 21 प्राइवेट नौकरियां करने वाले युवक 99 युवती 146 ,व्यवसाय करने वाले युवक 318 युवती 39 ,अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कारोबार या नौकरी करने वाले युवक 20, युवती 12, व अन्य युवती 198 से अधिक हैं। परिचय की पत्रिका प्रकाशन होने के बाद आयोजन स्थल तक पहुंचने वाले इससे भी अधिक युवाओं की भागीदारी भी देखी जा रही है। पत्रिका में प्रकाशन के बाद भी जिन युवक युवतियों की जानकारियां प्राप्त हो रहीं हैं उऩ्हें अब आन लाईन जारी किया जाएगा। जो युवा अपनी प्रविष्टियां समय सीमा में नहीं भेज पाए हैं उनके लिए परिचय सम्मेलन का आयोजन एक महत्वपूर्ण मंच साबित हो रहा है।

    आयोजन की व्यवस्था संभाल रहे मुख्य संयोजक अनिल जैन नयापुरा ने बताया कि पिछले 27 साल से जैन समाज के युवाओं के परिवार बसा रहे समिति सदस्यों ने इस बार कई तकनीकी सुधार किए हैं। चयन पत्रिका में युवाओं की सहूलियत के लिए रिश्तों को व्यवसायगत आधार पर पहले से छांट दिया गया है।ये सम्मेलन समाज का है इसे किसी व्यक्ति की बपौती नहीं बनाया जा सकेगा। हम आयोजन के पूरे आय व्यय का ब्यौरा शीघ्र ही सार्वजनिक कर देंगे। भविष्य में युवाओं के लिए और क्या सुविधाएं दिला सकते हैं इस पर भी विचार किया जाएगा।

       अ भा दि जैन परिचय सम्मेलन में 3 व 4 दिसम्बर में ऑनलाइन जुड़ने के लिए फेस बुक लाइव https://m.facebook.com/100086714492304/

    और you tube channel पर लाइव देखे https://youtube.com/@muktajain

    प्रवक्ता आलोक सिंघई ने बताया कि आयोजन में अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ.एन.सी.जैन,कार्याध्यक्ष और जैन समाज की सबसे पुरानी चौक जैन मंदिर कमेटी ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री मनोज जैन बांगा,मुख्य संयोजक श्री अनिल जैन नयापुरा,स्वागताध्यक्ष और चौक मंदिर कमेटी के पूर्व अध्यक्ष श्री अशोक जैन पंचरत्न,इंजी.वीरेन्द्र जैन मंदाकिनी, श्री धीरेन्द्र जैन निवेश नगर, महामंत्री इंजी.राकेश लहरी,महामंत्री श्री जिनेन्द्र जैन, जैन रोडवेज, महामंत्री श्री चक्रेश शास्त्री, प्रधान संपादक मुकेश चौधरी,कोषाध्यक्ष प्रो.डॉ.विजय कुमार जैन,सह कोषाध्यक्ष श्री विनोद जैन भिंड, मीडिया प्रभारी श्री अखिलेश सेठी,संपादक प्रो.डॉ.प्रसन्न जैन,श्री विकास जैन(नितिन),त्रिशला महिला मंडल की अध्यक्ष श्रीमती विजय लक्ष्मी भारिल्ल,श्री आलोक जैन मेरठ,इंजी.सुरेश जैन, राजेन्द्र जैन(शाहगढ़), विकास गोधा, सेठ कमल टड़ैया, अमन जैन काला, निशंक जैन, समेत कई अन्य पदाधिकारी और देश विदेश से आए जैन युवाओं के अभिभावकगण भी उपस्थित थे।

  • त्रिशला महिला मंडल की कव्वाली ने देव दर्शन सिखाया

    त्रिशला महिला मंडल की कव्वाली ने देव दर्शन सिखाया


    अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन परिचय सम्मेलन भोपाल

    भोपाल,3 दिसंबर(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर )। अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन परिचय सम्मेलन के पहले दिन आज शाम को आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम ने देश विदेश से आए युवाओं में उमंग और उल्लास का संचार कर दिया।आयोजन स्थल और सुदूर देशों में बैठे युवाओं के रिश्तेदारों ने भी इस कार्यक्रम का आनंद लिया।यह प्रस्तुति आयोजन की व्यवस्था संभाल रही त्रिशला महिला मंडल की ओर से दी गई थी।
    त्रिशला महिला मंडल की अध्यक्ष श्रीमती विजय लक्ष्मी भारिल्ल ने बताया कि लगभग एक महीने से आयोजन की व्यवस्थाओं में जुड़ी महिलाओं और युवतियों ने अपने कार्य के बीच समय निकालकर ये प्रस्तुतियां तैयार की थीं।इन कार्यक्रमों को जिस खूबसूरती के साथ लड़ी में पिरोया गया था उससे परिचय सम्मेलन में आए युवा भी आल्हादित हो उठे।
    आयोजन की व्यवस्थाएं संभाल रही गुणाली जैन ने …रेशम की है डोरी.. नृत्य से सभी का मन मोह लिया। एक नृत्य ….बड़े बाबा मेरे आदिनाथ…की प्रस्तुति से सुश्री शिवाली जैन ने पंडाल में मौजूद लोगों को भाव विभोर कर दिया। श्रीमती आरती जैन और नितिका ने जय हो रामेश्वरा नृत्य प्रस्तुत करके ओज भरा माहौल निर्मित कर दिया। मनस्वी जैन ने नमोकार मंत्र है प्यारा से जैन सांस्कृतिक चेतना का उद्घोष किया। इस बीच मंच संचालन में सहयोग दे रहे प्रसन्न जैन ने चुटकुले सुनाकर लोगों को लोटपोट कर दिया।
    त्रिशला महिला मंडल की सदस्य महिलाओं के बच्चों ने हम याद करें सती ब्राह्मी भजन पर भावपूर्ण प्रस्तुति दी। श्रीमती सोना विमित जैन ने बुंदेलखंडी विदाई गीत गाकर युवक युवतियों और उनके अभिभावकों की आंखें नम कर दीं। बुंदेलखंडी परिवेश में कन्या के जन्म से लेकर विदाई तक के विभिन्न पहलुओं को उन्होंने ढपली बजाकर बहुत सुंदर अंदाज में प्रस्तुत किया। श्रीमती आरती, नितिका, प्रिया और नेहा जी ने एक समूह नृत्य करके पनघट की संस्कृति को मनोहारी अंदाज में प्रस्तुत किया। नयापुरा जैन मंदिर से जुड़ी त्रिशला महिला मंडल की सदस्यों ने लुक छुप न जाओ जी की प्रस्तुति दी।
    त्रिशला महिला मंडल की सदस्यों ने अरे माता बहनों जरा ये तो बता दो कि मंदिर में श्रंगार भला किसलिए है कव्वाली गाकर जैन समाज में नियमित दर्शन जाने की प्रेरणा दी। उन्होंने मंदिर को ध्यान स्थल बताते हुए यहां होने वाली लापरवाहियों को भी रेखांकित किया। महिलाओं ने बताया कि मंदिर में जाकर शास्त्र पढ़े जाते हैं , कुछ लोग जिस तरह मंहगे वस्त्रों, आभूषणों के प्रदर्शन तक स्वयं को सीमित कर लेते हैं वह जैन आगम में भी निषिद्ध है और स्वयं के व्यक्तित्व विकास में भी बाधक होता है। कव्वाली के व्यंगात्मक लहजे के बीच उन्होंने बताया कि जैन धर्म ईश्वर के दर्शन और आराधना से अपनी इंद्रियों पर विजय का मार्ग प्रशस्त करना सिखाता है।
    अनुशासन ग्रुप की छात्राओं ने लव जिहाद नाटक की प्रस्तुति देकर जैन युवक युवतियों को जीवन साथी के चयन में सावधानी बरतने का संदेश दिया। उन्होंने बताया कि जो युवक युवतियां जवानी के उल्लास में पथ भ्रष्ट हो जाते हैं और अपने माता पिता का मार्गदर्शन ठुकरा देते हैं उन्हें कई अप्रिय परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। ये सभी छात्राएं विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के माध्यम से अपना जीवन संवारने का प्रयास कर रहीं हैं।
    नाटिका की लेखक और निर्देशक सुश्री प्राची जैन ने बताया कि लव जिहाद बनाम चक्रवर्ती विवाह नामक इस लघु नाटिका के माध्यम से हमने दो परिवारों के संस्कारों के अंतर को समझाने का प्रयास किया है। एक जैन परिवार है जिसमें माता पिता की परवरिश और जैन संस्कारों के महत्व को रेखांकित किया गया है। जबकि दूसरे परिवार में एक पथ भ्रष्ट विजातीय परिवार है जिसके सदस्य अपनी चालबाजियों से धार्मिक ग्रंथों की आड़ में अनाचार और धोखाघड़ी करते हैं।
    उन्होंने कहा कि हम भारत के लोग अल्लाह ईशु सबको मानते हैं। कोई धर्म बुरा नहीं है जरूरत है कि हम अच्छाई और बुराई के मर्म को पहचानें। अनुशासन समूह की छात्राओं का यह संदेश महिला सशक्तिकरण में नई पीढ़ी की भूमिका को संबल प्रदान करता है। छात्राओं ने देश की जैन लड़कियों को नाटिका के माध्यम से संदेश देने का प्रयास किया है कि ….नहीं बचे अब देश में कोई ,लव जिहाद का भोगी। हर बेटे बेटी की शादी ,चक्रवर्ती विवाह से होगी।

  • सूरज रे जलते रहना

    सूरज रे जलते रहना


    प्रिय युवा साथियो
    दिगंबर जैन समाज की नई पीढ़ी के युवक युवतियों का परिचय सम्मेलन में स्वागत करते हुए हमें बहुत प्रसन्नता हो रही है। जो बच्चे हमारे देखते देखते दुनिया में आए वे आज विभिन्न क्षेत्रों में अपना परचम फहरा रहे हैं। हमें साल दर साल उनके लिए योग्य जीवनसाथी तलाशने का अवसर मिला है। अपने हिस्््से में आए इस पवित्र कार्य के लिए हम स्वयं को सौभाग्यशाली महसूस करते हैं। जो बात कुछ समय से मन को बैचेन कर रही है वह ये कि आज के युवाओं में अहम और संवादहीनता की वजह से परिवार के प्रति श्रद्धा का भाव घट रहा है। उनमें परिवार की गाड़ी को पटरियों पर चलाने का धैर्य कम होता जा रहा है। उपभोक्तावाद ने माईक्रोफैमिली बनाने की जो मुहिम छेड़ रखी है उसकी वजह से परिवार टूट रहे हैं। कहा जाता है ….सा विद्या या विमुक्तये…यानि विद्या वो जो मुक्ति प्रदान करती हो। जाहिर है कि ज्ञान के प्रसार के बाद बंधनों से आजादी की ललक परवान चढ़ती ही है। आज युवतियां जाति,राष्ट्रवाद और पुरुषवाद के घेरे से आजादी की तरफ भाग रहीं हैं । वे पितृसत्ता की गुलामी से आजादी की ओर भी भाग रहीं हैं।उन्हें कानून से मिले अधिकार बहुत लुभा रहे हैं। इन सबके बीच वे अपना कर्तव्यबोध भूल चली हैं।युवा लड़के परिवार की जिम्मेदारियों से बचने का हुनर तलाश रहे हैं। इन सब विकृतियों का कारण वोट की राजनीति के लिए परिवारवादी चिंतन को बढ़ावा देना रहा है। हमारी सामाजिक गतिविधियां भी व्यक्तिवाद के इर्द गिर्द सिमटी रहीं हैं। लोगों ने सामाजिक गतिविधियों को किन्हीं परिवार या व्यक्ति की बपौती बताना शुरु कर दिया।संस्थाओं में किसी व्यक्ति के नाम का लेबल लगाकर भरपूर अनियमितताएं की जाती हैं। गड़बड़ियों को छुपाने के लिए धर्म या धर्म गुरुओं के नाम की आड़ ले ली जाती है। फर्जी बिल लगाकर सामाजिक गतिविधियों को इस तरह एहसान थोपते हुए अंजाम दिया जाता है मानों वे महान दानी और भामाशाह हों। ये सब गतिविधियां युवा मन बड़ी जल्दी पकड़ लेता है। इसके बाद अनैतिकता के विचार धीरे धीरे अपनी जगह बनाने लगते हैं। नई पीढ़ी बराबरी चाहती है सौंदर्य चाहती है, प्रेम चाहती है यहां तक तो ठीक है लेकिन वह इसके लिए जब गैर जिम्मेदार हो जाती है तो निंदनीय हो जाती है। समाज को सुंदर और न्यायप्रिय बनाने के लिए विद्रोह जरूरी है। समाज को ढर्रे से आजाद करना जरूरी है। इंसानियत तभी खूबसूरत बनेगी जब हम गलत बातों का प्रतिकार करेंगे। परिवार के दायरे को आगे बढ़ाकर जब राष्ट्र और विश्व के स्तर पर ले जाया जाता है तभी चिंतन की व्यापकता सार्थक होती है। हमें सोचना होगा कि हम व्यापक तो हों पर धरातल पर भी अपने पैर जमाए रख सकें । युवाओं का एक बड़ा वर्ग अधिकार की आड़ में सब कुछ मुफ्त हड़पने की नियत रखता है। सामाजिक नियंत्रण और दंड विधान की निष्क्रियता या अक्षमता वजह से इस पाखंड को कई बार प्रश्रय भी मिल जाता है। इसके बावजूद दूरगामी परिणाम विषदायी साबित होते हैं। युवाओं को समझना होगा कि वे अपने जीवनसाथी का आकलन पैकेज के आधार पर नहीं बल्कि व्यक्तित्व की व्यापकता के आधार पर करें। जब वे आत्मनिर्भर सोच से निर्णय करेंगे तो फिर उन्हें हताशा नहीं होगी। जैन समाज को जागरूक माना जाता है। उसके ऊपर बड़ी जिम्मेदारी भी है। आईए हम प्रयास करें कि हमारे परिवार आदर्श बनें, हम समाज के उन घरों का अंधेरा दूर कर सकें जिनके घरों को दीपक भी मुश्किल से नसीब होता हो। जगत कल्याण के लिए हमें सूरज बनकर निरंतर जलते रहना होगा।
    निवेदक
    आभा जैन गोहिल,
    त्रिशला महिला मंडल,9424966247