Month: December 2021

  • शोमैन सुभाष घई को अपने सपनों में रंग भरने में सहयोगी ड्राईवर से भी लगाव

    शोमैन सुभाष घई को अपने सपनों में रंग भरने में सहयोगी ड्राईवर से भी लगाव

    शोमैन सुभाष घई के लिए बीवी से ज़्यादा बढ़कर उनका ड्राइवर, 40 साल से बॉलीवुड इंडस्ट्री “स्टार ड्राइवर” के नाम से जाना जाता है

    ब्लॉकबस्टर हिट देने वाले डायरेक्टर सुभाष घई ने बयान किया अपना दुःख जब बिछड़ रहे थे अपने “स्टार ड्राइवर” और बताया की कक्यों है वो उनके लिए अपनी बीवी से भी बढ़कर |

    नेशनल हिंदी फिल्मों के महान फिल्मकार और अभिनेता राज कपूर के बाद अगर शोमैन किसी और को कहा जाता है तो वह हैं फिल्मकार सुभाष घई। इसका कारण तो बिल्कुल साफ है।उन्होंने अपने पूरे फिल्मी करियर में गिनी चुनी फिल्मों का ही निर्देशन किया है और उनकी शुरुआती लगभग सभी फिल्में सुपरहिट साबित हुईं। यह भी को हम नज़र अंदाज़ भी नहीं कर सकते कि कि सुभाष घई बॉलीवुड में हीरो बनने आए थे लेकिन जब उनका सिक्का वहां नहीं चला तो उन्होंने कैमरे के पीछे काम करने का फैसला किया था

    आज उन्ही ने अपनी ज़िन्दगी के कुछ ऐसे पर्दो से अपने फैन्स को रूबरू करवाया है जिसमें एक उनका ड्राइवर है जो न सिर्फ एक ड्राइवर है बल्कि उनकी बीवी मुक्त से बढ़कर भी है |

    क्या है पूरी कहानी
    सुभाष घई के साथ 40 साल काम करने वाले उनके ड्राइवर बाबू इम्तियाज़ शैख़ है जो उनका न सिर्फ ड्राइवर से बढ़कर है | एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जहाँ सुभाष घई अपने ड्राइवर बाबू इम्तियाज़ शैख़ के बारे में बताते हैं की वो उनके साथ 1982 में उनके प्रोडक्शन में बन रही फिल्म “विधाता” से उनके साथ है | उस वक़्त शूटिंग के समय सुभाष घई को न सिर्फ दिन में बल्कि रात में भी काम करना पड़ता और उनका एहि ड्राइवर दिन रात उनके साथ रहता था| इसी के साथ सुभाष घई को अपने स्टार ड्राइवर का ही साथ चाहिए था उनको और कोई ड्राइवर पसंद नहीं आता था |

    वीडियो में सुभाष घई ने ये भी बताया है इन 40 सालों में बाबू न सिर्फ एक ड्राइवर रहा उसने उनकी कई फिल्मों में प्रोडक्शन बॉय और लाइट बॉय का काम भी सीखा और मेरी साथ कई बड़ी हिट फिल्मों में काम भी किया है | और आज 40 साल हो गए है कि पूरा बॉलीवुड उसको “स्टार ड्राइवर” के नाम से जनता है फिर चाहिए अनिल कपूर हो या फिर सलमान खान |

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लॉन्च की ब्लॉकचेन-आधारित डिजिटल डिग्री

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लॉन्च की ब्लॉकचेन-आधारित डिजिटल डिग्री

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लॉन्च की ब्लॉकचेन-आधारित डिजिटल डिग्री

    IIT कानपुर के दीक्षांत समारोह में छात्रों को डिजिटल डिग्री जारी की गई

    कानपुर, 28 दिसंबर 2021: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) कानपुर के 54वें दीक्षांत समारोह में ब्लॉकचेन-आधारित डिजिटल डिग्री का शुभारंभ किया। इस दीक्षांत समारोह में सभी छात्रों को राष्ट्रीय ब्लॉकचेन परियोजना के तहत संस्थान में विकसित एक आंतरिक ब्लॉकचेन संचालित तकनीक के माध्यम से डिजिटल डिग्री जारी की गई। ये डिजिटल डिग्री विश्व स्तर पर सत्यापित की जा सकती है और इसकी फ़र्ज़ी कॉपी नहीं बनाई जा सकती।

    इस दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि प्रौद्योगिकी भविष्य है और इसे आईआईटी कानपुर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से अमूल्य उपहार मिल रहे हैं। वहीं, ऑल इंडिया रेडियो ने पीएम मोदी द्वारा लॉन्च की गई इस डिजिटल डिग्री के साथ इसकी खूबियाँ बताता छोटा वीडियो माइक्रो-ब्ल़ॉगिंग प्लेटफ़ॉर्म Koo App पर शेयर किया है।

    समारोह के दौरान एक क्लिक में एक साथ 1723 छात्रों को ब्लॉकचेन आधारित यह अतिसुरक्षित डिजिटल डिग्री सौंपी गई। इसके साथ ही आईआईटी कानपुर देश का ऐसा प्रमुख संस्थान बन गया जिसने ब्लॉकचेन तकनीक और दुनियाभर में अनोखी पहचान वाली डिग्री का वितरण किया। अगर बात करें इस डिग्री की तो हर एक डिग्री टेंडर प्रूफ़ यानी छेड़छाड़ रहित, दुनियाभर में सत्यापित की जा सकने योग्य, यूज़र की सहमति से देखी जा सकने वाली और केवल जिसे चाहें- वही देख सके, जैसी खूबियों से लैस है।

    क्या है ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी

    ब्लॉकचेन सिस्टम विकेंद्रीकरण के सिद्धांत पर काम करता है। इसका मतलब यह है कि इसका नियंत्रण किसी एक केंद्रीय एजेंसी के हाथों में नहीं है, बल्कि नोड्स के एक फैले हुए नेटवर्क के लिए है। ऐसी स्थिति में जब भले ही किसी विशिष्ट नोड को हैक कर लिया गया हो, यह डेटा को सुरक्षित रखने में मदद करेगा। इसके अलावा, एक ब्लॉकचेन में जानकारी एक सटीक टाइमस्टैम्प के साथ क्रमिक रूप से रिकॉर्ड और स्टोर की जाती है। इसमें पिछली जानकारी को बदला नहीं जा सकता औऱ केवल एक नया ब्लॉक जोड़कर संशोधित किया जा सकता है। इसके चलते किसी एक ट्रांसक्रिप्ट के साथ छेड़छाड़ करना बहुत कठिन हो जाता है।

  • आर्टिफिशल  इंटेलिजेंस आधारित स्मार्ट आई से हो सकेगी छात्रों की निगरानी

    आर्टिफिशल इंटेलिजेंस आधारित स्मार्ट आई से हो सकेगी छात्रों की निगरानी

    आर्टिफिशल इंटेलिजेंस आधारित स्मार्ट आई से हो सकेगी छात्रों की निगरानी

    चंडीगढ़: पिछले कई वर्षों से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर काफी चर्चा हो रही है। दुनिया में भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल पर जोर दिया जा रहा है। यह तकनीक फोन या कंप्यूटर में उपलब्ध शतरंज जैसे गेम, गूगल और एलेक्सा वॉयस असिस्टेंट समेत रोबोट जैसी डिवाइस के रूप में मौजूद है। हालांकि, इस तकनीक पर अब भी काम चल रहा है। आज हम आपको बता रहे हैं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से कैसे स्कूल में छात्रों की निगरानी की जा सकती है गवर्मेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सेक्टर 33 चंडीगढ़ के एक छात्र संजीत सोनी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से एक स्मार्ट आई प्रोजेक्ट बनाया है। यह प्रोजेक्ट छात्रों की उपस्थिति को चिह्नित करने और कक्षाओं और लेक्चर्स में उनकी हाज़िरी की जांच करने के लिए फ़ेस रिकगनिशन मॉडल यानी चेहरे पहचानने वाली तकनीक के रूप में काम करता है। डिजिटल इंडिया ने माइक्रो-ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म एप्प कू पर संजीत सोनी का एक वीडियो शेयर कर बताया कि कैसे काम करेगा यह स्मार्ट आई प्रोजेक्ट। क्या है आर्टिफिशियल इटेलिजेंस
    आर्टिफिशियल इटेलिजेंस, दुनिया की श्रेष्ठ तकनीकों में से एक है। यह दो शब्दों आर्टिफिशियल और इंटेलिजेंस से मिलकर बना है। इसका अर्थ है “मानव निर्मित सोचने की ताक़त। इस तकनीक की सहायता से ऐसा सिस्टम तैयार किया जा सकता है, जो मानव बुद्धिमत्ता यानी इंटेलिजेंस के बराबर होगा। इस तकनीक के माध्यम से एल्गोरिदम सीखने, पहचानने, समस्या-समाधान, भाषा, लॉजिकल रीजनिंग, डिजिटल डेटा प्रोसेसिंग, बायोइंफार्मेटिक्‍स तथा मशीन बायोलॉजी को आसानी से समझा जा सकता है। इसके अलावा यह तकनीक खुद सोचने, समझने और कार्य करने में सक्षम है।

  • इत्र कारोबारी पीयुष जैन से ढाई सौ करोड़ नकद, हजार करोड़ की जायदाद बरामद

    इत्र कारोबारी पीयुष जैन से ढाई सौ करोड़ नकद, हजार करोड़ की जायदाद बरामद

    पीयूष जैन के बाद अब कन्नौज में GST विजिलेंस टीम की जांच, इत्र कारोबारी रानू मिश्रा के यहां बड़ी कार्रवाई
    कानपुर,27 दिसंबर(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)।इत्र कारोबारी पीयुष जैन के ठिकानों से आज सोमवार को भी नोटों की गड्डियों के मिलने का सिलसिला जारी है। कानपुर के बाद आज कन्नौज स्थित उसके एक घर पर आरबीआई और सीबीआई कर्मी भी नोट गिनने पहुंचे हैं। अब तक कुल 257 करोड़ रुपयों की बरामदगी हो चुकी है और पीयुष जैन को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया है। अबतक पीयुष जैन के ठिकानों से 257 करोड़ कैश, 125 किलो सोना और अरबों की संपत्ति के दस्तावेज मिले हैं। छापे में करीब 1000 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति का खुलासा हो चुका है।

    गिरफ्तारी के बाद कानपुर कोर्ट में पीयुष जैन पेश

    इधर पीयूष जैन को कानपुर में गिरफ्तार कर लिया गया। थाने में अंदर उसके ठिकानों से मिले नोटों का अंबार लगा था जबकि पुलिस स्टेशन की फर्श पर धनकुबेर इत्र कारोबारी बेहाल लेटा हुआ था। ताजा समाचार में बताया गया कि पीयुष जैन का पुलिस ने मेडिकल चेकअप कराया है। इसके बाद उसे आज ही कानपुर कोर्ट में पेश किया जाएगा।

    RBI और एसबीआई की टीम भी लगाई गई

    इत्र माफिया के घर पिछले 4 दिनों से जारी छापेमारी सोमवार को भी जारी रही। कन्नौज में उसके घर पर नोटों की गिनती के लिए आरबीआई के साथ स्टेट बैंक के अफसरों की भी टीम लगायी गई है। नोट गिनने की तीन बड़ी और दो छोटी मशीनों को बढ़ाते हुए कुल 7 मशीनों का प्रयोग किया जा रहा है।

    अफसरों ने जब उससे पूछा कि ये पैसा किसका है तो उसने कहा कि मेरा है। मैंने अपने घर का पुश्तैनी 400 किलो सोना बेचकर इसे इकट्ठा किया है। ये रकम मैं अपने कारोबार में लगाना चाहता था।
    कन्नौज में इत्र कारोबारी पीयूष जैन के बेटे को लेकर शुक्रवार को जीएसटी इंटेलिजेंस महानिदेशालय गुजरात (DGGI) की टीम छिपट्टी मोहल्ला पहुंची थी, वहीं टीम ने शहर के दूसरे बडे़ कंपाउंड और इत्र कारोबारी रानू मिश्रा के घर छापा मारा और उनके स्टॉफ से पूछताछ की जा रही है, वहीं टीम ने कुछ दस्तावेज भी जब्त किए है।

    सूत्रों का कहना है कि जांच में पता चला है कि मुखौटा कंपनियां बनाकर लोन लिया गया है और कर की चोरी की गई है। जैन मूल रूप से कन्नौज के रहने वाले हैं। इनका इत्र का बड़ा कारोबार है। इनकी संपत्तियां, शोरूम एवं कार्यालय मुंबई में भी है। जांच में पता चला है कि इनका कारोबार सऊदी अरब सहित मध्य पूर्व के देशों में फैला है। पीयूष जैन की फैक्टरी से ही निर्मित ‘समाजवादी इत्र’ की लॉन्चिंग नवंबर में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने की जैन को अखिलेश यादव का करीबी बताया जाता है।
    अधिकारियों के मुताबिक जैन की करीब 40 कंपनियां हैं जिनमें से दो कंपनियां मध्य पूर्व के देशों में हैं। जैन का कारोबार तो कई क्षेत्रों में हैं लेकिन इनका मूल व्यवसाय इत्र का है। इनका एक शो रूम मुंबई में है जहां से वह अपने इत्र का निर्यात देश और दुनिया में करते हैं। आयकर विभाग की टीम ने पीयूष जैन की फैक्ट्री, कार्यालय, कोल्ड स्टोर और पेट्रोल पंप पर छापेमारी की और इस दौरान करोड़ों की कर चोरी सामने आई।कल उनके घर से डेढ़ सौ करोड़ रुपए नकद बरामद होने के बाद टीम के सदस्यों ने घर के गुप्त तहखानों को तोड़कर रकम जब्त करने का अभियान चलाया है।

  • पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 97वीं जयंती बड़ी हस्तियों ने किया याद

    पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 97वीं जयंती बड़ी हस्तियों ने किया याद

    पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 97वीं जयंती आज, नेताओं सहित देश की बड़ी हस्तियों ने किया याद

    भोपाल, 25 दिसंबर,(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की आज 97वीं जयंती है. ग्वालियर में जन्मे अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म 25 दिसंबर,1924 को हुआ था. 2014 में मोदी सरकार के आने के बाद से यह दिन सुसाशन दिवस के रूप में मनाया जाता है.

    अपने कुशल नेतृत्व और राजनैतिक सूझभूज के साथ ही वह अपनी कविताओं के लिए भी जाने जाते हैं, जिनमें से अधिकतर उन्होंने हिंदी में लिखी हैं. समय समय पर अटल जी ने कभी संसद में तो कभी कही और अपनी कविताओं से लोगों पर बहुत गहरा प्रभाव छोड़ा. उन्होंने अपने पूरे राजनीतिक जीवन में कई महत्वपूर्ण विभागों को संभाला, मोरारजी देसाई की सरकार में वे विदेश मंत्री रहे और बाद में भाजपा की स्थापना कर सं 1996 में देश के प्रधानमंत्री भी बने.

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    भाजपा के पितृपुरुष एवं पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न से सम्मानित श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती (सुशासन दिवस) पर आज कटनी में प्रबुद्धजनों और कार्यकर्ताओं से संवाद किया। श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी के सुशासन के सपने को साकार करने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी एवं मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में केन्द्र व राज्य सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। #AtalJiAmarRahen VD Sharma (@VDSharmaBJP) 25 Dec 2021
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    भारत के पूर्व प्रधानमंत्री, श्रेष्ठ कवि, प्रखर वक्ता भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती पर शत्-शत् नमन एवं समस्त देशवासियों को ’ सुशासन दिवस ’ की हार्दिक शुभकामनाएं। भारत को मजबूत राष्ट्र एवं प्रगति की राह में आगे बढ़ाने में आपका महान योगदान अनंत काल तक अविस्मरणीय रहेगा। Pushkar Singh Dhami (@pushkarsinghdhami) 25 Dec 2021
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    राष्ट्रसेवा में अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले, हमारे प्रेरणा स्रोत, भारत के भूतपूर्व प्रधानमंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी के पितामह, भारतरत्न परम श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती पर उन्हें शत् शत् नमन। समस्त देशवासियों को सुशासन दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। #SushashanDiwas #AtalBihariVajpayee Keshav Prasad Maurya (@kpmaurya1) 25 Dec 2021
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    देश के पूर्व प्रधानमंत्री,भारत रत्न,स्व.अटलबिहारी वाजपेयी जी की जयंती के अवसर पर उन्हें नमन करते हुए आदरांजलि अर्पित करता हूँ। मध्यप्रदेश के ग्वालियर में जन्मे अटलजी की सादगी,सरलता,सहजता,उनके सिद्धांत,प्रतिस्पर्धी व विरोधी को भी सम्मान देने का उनका व्यक्तित्व,आज भी जेहन में है। KamalNath (@officeofknath) 25 Dec 2021