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  • मोदीजी ने भारत की शान बढ़ाई बोले भोपाल के प्रोफेशनल्स

    मोदीजी ने भारत की शान बढ़ाई बोले भोपाल के प्रोफेशनल्स

    भोपाल 20 जून(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर). मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने शुक्रवार को कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेटशन सेन्टर में ‘‘एक पेड़ मां के नाम‘‘ अभियान के तहत पौधा रोपकर प्रोफेशनल मीट को संबोधित किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने अपने कार्यों से दुनिया को बता दिया कि भारत अपने मूल स्वभाव से समझौता नहीं करता। प्रधानमंत्री जी भय मुक्त भारत बनाने के लिए कार्य कर रहे हैं। प्रधानमंत्री जी ने भारत को हर कार्य के लिए दुनिया की तरफ देखने की आदत को बदला है। अब भारत रक्षा उपकरणों सहित हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की ओर तेजी से अग्रसर है। ऑपरेशन सिंदूर में दुश्मन को घर में घुसकर मारकर दुनिया में भारत का डंका बजाया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने 11 सालों में सेवा, सुशासन, गरीब कल्याण के कार्यों से देश के भ्रष्टाचार के परसेप्शन को बदला है। प्रधानमंत्री जी ने 11 साल के कार्यकाल में प्रोफेशनल्स का असली इंपावरमेंट हुआ है। मोदी जी गांधी जी के स्वच्छता और स्वदेशी के विचारों को अपने अभियानों से आगे बढ़ा रहे हैं। प्रोफेशनल मीट को पार्टी की प्रदेश महामंत्री व सांसद सुश्री कविता पाटीदार एवं जिला अध्यक्ष रविन्द्र यति ने भी सम्बोधित किया।


    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रोफेशनल मीट को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में देश बहुत तेजी से हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। पहले देश हर कार्य के लिए विदेशों की तरफ ताकता था, लेकिन प्रधानमंत्री जी ने स्वदेशी को बढ़ावा देकर ‘मेड इन इंडिया’ के तहत रक्षा उपकरणों सहित हर क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कार्य कर रहे हैं। इतना ही नहीं भय मुक्त भारत बनाने के लिए भी कार्य कर रहे हैं। विश्व में दो ही देश ऐसे हैं, जो अपनी तरफ आने वाले हर खतरे को भांपकर उसे समय से पहले ही नष्ट करने का कार्य करते हैं। भारत भी इसी तरह कार्य कर रहा है। ऑपरेशन सिंदूर सहित कई मौकों पर प्रधानमंत्री जी ने अपने कार्यों से स्पष्ट कर दिया कि भारत का स्वर्णिम काल चल रहा है और भारत विकसित राष्ट्र बनने की ओर तेजी से बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में ऐतिहासिक फैसले लिए जो पहले कभी नहीं हुए। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में भारत वर्ष 2047 तक विश्व की सबसे बड़ी शक्ति के रूप में स्थापित होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के कार्यों का स्पंदन देखने को मिल रहा है। देश जब आजाद जुआ तो देश की अर्थव्यवस्था विश्व में 15वें नंबर पर थी, लेकिन आजादी के बाद अर्थव्यवस्था पर इतना ध्यान नहीं दिया गया। 2014 में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने जब देश की बागडोर संभाली को देश की अर्थव्यवस्था विश्व में 11वें नंबर थी। आज भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाल देश बन गया। श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने देश के नेता प्रतिपक्ष के पद की गरिमा क्या होती है, यह अपने कार्यों और व्यक्तित्व से दिखाकर देश को गौरवांन्वित किया था। जब प्रधानमंत्री पद संभाला तो उन्होंने कई प्रकार की कठिनाइयों के बावजूद परमाणु परीक्षण कर दुनिया को भारत की ताकत दिखायी।


    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि 2014 से पहले भारतीय राजनीति में भ्रष्टाचार और परिवारवाद चरम पर था। प्रधानमंत्री जी ने राजनीति से भ्रष्टाचार और परिवारवाद को समाप्त कर रहे हैं। पहले दुनिया के लोग भारत को कमजोर और गरीब देश के रूप में देखते थे। आज विश्व भर के देशों का भारत के प्रति नजरिया बदला है। प्रधानमंत्री जी ने देश की सेनाओं को खुली छूट दी, सेनाओं को सशक्त किया। देश को आत्मनिर्भर बनाने के साथ वर्ष 2047 तक देश को विकसित और विश्वगुरू बनाने की दिशा में तेजी से आगे ले जा रहे हैं। पहले देश में टुकड़े-टुकड़े गैंग बहुत सक्रिय था। अलगाववाद, नक्सलवाद और आतंकवाद की गतिविधियां होती रहती थी, लेकिन प्रधानमंत्री जी के कार्यों और नीतियों से नक्सलवाद और आतंकवाद को लगभग समाप्त कर दिया है। यह नए भारत की ताकत है कि प्रधानमंत्री जी 21 जून को योग दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लेते हैं तो दुनिया के 177 देश श्री मोदी जी पीछे खड़े होकर योग करते है। कांग्रेस कहती थी कि राम काल्पनिक हैं, उनके अस्तित्व को नकारती थी। अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर के लिए 500 वर्षों तक संघर्ष चला। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र में सरकार बनी, इसके बाद अयोध्या में भगवान श्री राम जी का भव्य मंदिर तैयार हो गया है। श्री मोदी जी ने देश की जनता में आशा जगाई और उसी का परिणाम है कि भारत हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और आमजन में 2047 तक विकसित भारत बनने की उम्मीद जगी है।


    भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि सेवा, सुशासन, गरीब कल्याण के कार्यों को पूरा करने में आप सभी प्रोफेशनल्स की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में 11 वर्षों में प्रोफेशनल्स का असली इंपावरमेंट किया गया है। प्रधानमंत्री जी ने देश के सभी वर्गों के कल्याण के साथ देश को सशक्त बनाने का कार्य किया है। चुनौतियों का समाधान निकालकर देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कार्य कर रहे हैं। ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने विदेशी हथियारों के साथ भारत में निर्मित स्वदेशी हथियारों के प्रदर्शन ने वैश्विक स्तर पर भारत के पराक्रम को सराहा है। आप सभी प्रोफेशनल्स देश की प्रगति के बड़े भागीदार हैं। प्रधानमंत्री जी ने गति शक्ति के माध्यम से इंफ्रास्ट्रक्चर में क्रांति लाने के साथ कई परिवर्तनकारी कार्य किए हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी विकसित भारत बनाने के लिए कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक समय था जब बुंदेलखंड सूखे से प्रभावित था। वर्षों तक मध्यप्रदेश और देश में शासन करने वाली पार्टी ने बुंदेलखंड के सूखे को समाप्त करने के लिए कोई कार्य नहीं किया। लेकिन विजनरी लीडर श्री नरेन्द्र मोदी जी ने देश के प्रधानमंत्री का पद संभाला तो उन्होंने पूरे देश के लोगों को नल से जल उपलब्ध कराने के लिए जल जीवन मिशन लागू किया। प्रधानमंत्री जी बुंदेलखंड के सूखे को समाप्त करने के लिए 44 हजार 605 करोड़ रूपए की केन-बेतवा लिंक परियोजना की सौगात देकर समूचे बुंदेलखंड को हरा-भरा और खुशहाल बनाने के लिए कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी गरीब कल्याण योजनाओं का इतना इंपेक्ट हुआ कि पहले मध्यप्रदेश के दतिया सहित देश के अलग-अलग राज्यों में बेटी बचाने के लिए अभियान चलाया जा रहा था। 2014 के प्रधानमंत्री जी ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना लागू की और आज मध्यप्रदेश में एक हजार लड़कों में 1020 बेटियां पैदा हो रही हैं। महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए अनेकों योजनाओं के साथ नारी शक्ति वंदन कानून बनाकर देश की संसद और राज्यों की विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण महिलाओं को देने का निर्णय किया है। आयुष्मान भारत योजना बनाकर हर गरीब और बुजुर्ग को पांच लाख रूपए के इलाज की गारंटी देने का कार्य किया है।


    भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी भ्रष्टाचार मुक्त भारत बनने के लिए कार्य कर रहे हैं। दुनिया भर में एक परसेप्शन बन गया था कि भारत में भ्रष्टाचार होता है। प्रधानमंत्री जी ने देश को लेकर बने इस परसेप्शन को पूरी तरह से बदलने का कार्य किया है। आजादी के बाद वर्षों तक देश में शासन करने वाली पार्टी के नेता और देश के तत्कालीन प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी ने ऑन रिकॉर्ड कहा था कि मैं दिल्ली से एक रूपए क्षेत्र में भेजता हूं तो जनता तक 15 पैसे पहुंचते हैं। आखिर देश में वर्षों तक शासन करने वाली पार्टी के नेता और देश के तत्कालीन प्रधानमंत्री ऐसी बातें कहते हैं तो भ्रष्टाचार समाप्त करने की जिम्मेदारी किसकी थी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने 2014 में प्रधानमंत्री का पद संभालने के बाद जनधन खाते खुलवाए और डायरेक्ट बेनीफिट योजना के तहत भ्रष्टाचार को पूरी तरह से समाप्त करने का कार्य किया है। डिजिटल इंडिया को देश भर में लागू करके देश में होने वाले भुगतान का 49 प्रतिशत डिजिटली कराने का रिकार्ड भी प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में बना है। भारत के अलावा दुनिया के किसी भी देश में कुल भुगतान का 49 प्रतिशत पेमेंट डिजिटली नहीं हो रहा है। हाल ही में विश्व स्तर की संस्था ने एक रिपोर्ट जारी की है, जिसमें कहा गया है कि देश में गरीबी की दर 27 प्रतिशत से घटकर 5.3 प्रतिशत हो गई है। देश में 27 करोड़ लोग गरीबी की रेखा के बाहर आ गए हैं। महात्मा गांधी जी के नाम पर राजनीति करने वालों ने उनके विचारों को आगे बढ़ाने के लिए कोई कार्य नहीं किया। 2014 के पहले देश में गंदगी का अंबार लगा रहता था। प्रधानमंत्री जी ने महात्मा गांधी के स्वच्छता और स्वदेशी विचारों को अभियान बनाकर आज देश को स्वच्छता में आगे ले जाने के साथ हर क्षेत्र में स्वदेशी को अपनाने का कार्य किया है।


    इस दौरान मंच पर पार्टी की प्रदेश महामंत्री एवं राज्यसभा सांसद सुश्री कविता पाटीदार, प्रदेश उपाध्यक्ष कांतदेव सिंह, पार्टी के प्रदेश महामंत्री व विधायक भगवानदास सबनानी, जिला प्रभारी महेन्द्र सिंह यादव, महापौर श्रीमती मालती राय, पूर्व विधायक ध्रुवनारायण सिंह, प्रदेश मंत्री राहुल कोठारी, वरिष्ठ नेता शैलेन्द्र शर्मा, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी उपस्थित रहे।

  • सबके विकास के दौर में बार बार कुचली जाएगी धर्मांधता

    सबके विकास के दौर में बार बार कुचली जाएगी धर्मांधता


    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का हिंदुस्तान सबके विकास का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ता जा रहा है। इसके लिए सबको समान अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। विकास योजनाओं का लाभ भी सबको समान रूप से दिया जा रहा है। इसके बावजूद चंद कट्टरपंथी ताकतें अपना धर्म सबसे अव्वल वाली विचारधारा की ध्वज वाहक बनी हुई हैं। ये ताकतें न केवल मुस्लिम बल्कि सभी धर्मों में मौजूद हैं। दरअसल धर्म की आस्थावान सोच को लोग वैज्ञानिक आधार पर नहीं बल्कि पाखंडों के आधार पर विकसित करने का प्रयास करते हैं इसलिए उन्हें झूठे मुद्दों पर भीड़ जुटानी पड़ती है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने जिस एकात्मकता को अपनी कार्यशैली बनाया है उसके बीच किसी भी कट्टरता को स्थान मिलना संभव नहीं है। फूट डालो राज करो वाली अंग्रेज परस्त कांग्रेस की राजनीति इसके सामने विदा होती चली जा रही है। पहलगाम आतंकी हमले के बाद जिस तरह आपरेशन सिंदूर के अंतर्गत पाकिस्तान की कुटाई की गई उसे देखकर इन कट्टरपंथी ताकतों को समझ लेना चाहिए कि उनकी वैमनस्य भरी राजनीति का अंत अब निकट आ गया है।


    सदियों से युद्ध वास्तव में किसी भी समाज की गंदगी साफ करने का प्रमुख अस्त्र साबित होता रहा है।इससे जहां लोगों में सामाजिक उद्देश्यों के प्रति जागरूकता बढ़ती है वहीं एकात्मकता का भाव भी विकसित होता है।कट्टरपंथी इस्लाम वादियों ने कथित भाईचारे के नाम पर एकात्मकता विकसित करने का फार्मूला अपना रखा है। ये भाईचारा मुस्लिम मुस्लिम भाई भाई तो कहता है लेकिन गैर मुस्लिम को काफिर कहकर लूटने और काटने की सलाह भी देता है। औपनिवेशिक दौर में भले ही ये चलता रहा हो। इसे सामाजिक स्वीकार्यता मिलती रही हो लेकिन पूंजीवाद के इस दौर में इस विकास विरोधी विचार के लिए कोई जगह नहीं है। जो लोग पूंजीवाद को कोसते फिरते हैं उन्हें भी अंततः पूंजीवाद की ठकुर सुहाती ही करनी पड़ती है।

    दरअसल पूंजीवाद और शोषणवाद दो अलग अलग विचार हैं। पूंजीवाद कहीं नहीं कहता कि श्रमिकों का शोषण किया जाए। ये तो वही अक्षम लोग हैं जो पूंजी पाकर शोषण पर उतारू हो जाते हैं।कई बार ऐसे लोगों का इलाज कानून से नहीं अपराध से ही करना पड़ता है। अमेरिका का पूंजीवादी समाज अपराध की वाशिंग मशीन में ही डालकर झकास साफ निखार पाता है। इसलिए दक्षिण एशिया में धर्म की ध्वजा थामने वालों को भी जान लेना होगा धर्म की आड़ में शोषणवादी ताकतों को संरक्षण देने की उनकी प्रवृत्ति अंततः कुचल ही दी जाएगी। चाहे पाकिस्तान हो या फिर हिंदुस्तान कहीं भी आतंक के अड्डों को स्वीकार नहीं किया जा सकता। जो लोग सोचते हैं कि इस्लामिक आतंकवाद से निपटने के लिए हमें हिंदू आतंकवाद को खड़ा करना होगा वे निहायत ही नादानी की बात करते हैं। आतंकवाद हमेशा ही विकास विरोधी होता है फिर वह किसी भी धर्म की आड़ लेकर क्यों न खड़ा किया जा रहा हो। पाकिस्तान के जो शासक ये बोलते हैं कि हम भी आतंकवाद का शिकार रहे हैं ये बोलकर वे दरअसल खुद की अक्षमता का ही उद्घोष कर रहे हैं। देश में नरेन्द्र मोदी हों या फिर उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ इन्होंने कहीं भी धर्म के नाम पर गुंडागर्दी को बढ़ावा नहीं दिया है। यही तो वह सकारात्मक विचार है जो देश को पांच ट्रिलियन डालर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य से आगे लेकर बढ़ता जा रहा है। पाकिस्तान के शासक क्या सोचते हैं ये उनकी समस्या है लेकिन उनकी समस्या यदि भारत को परेशान करेगी तो भारत की मजबूरी होगी कि वह सीमापार जाकर उन फोडों का इलाज करे। इसे यदि पाकिस्तान खुद पर हमला बताता है तो इस पर यकीन करना उसकी आवाम और वहां के शासकों की मूर्खता भरी सोच ही कही जाएगी।चीन जैसे देशों को भी समझना होगा कि वह भारत के प्रति वैमनस्यता रखकर यदि पाकिस्तान के आतंकवाद के साथ खड़ा होता है तो वह खुद के लिए एक नई कब्र खोद रहा है।

    तीन दिन के युद्ध में आपरेशन सिंदूर ने ये बता दिया है कि भारत, पाकिस्तान, बंग्लादेश और बंगाल के मुसलमानों को भी साफ समझ लें कि वे कट्टरपंथी ताकतों के भ्रमजाल में न उलझें। मोदी सरकार की नीति उनके विरुद्ध नहीं है। उन्हें उनकी धार्मिक सोच के साथ जीने की पूरी आजादी है। वे अपना जीवन संवारें इससे किसी को आपत्ति नहीं है। इसके विपरीत यदि वे चाहते हैं कि हम आतंकवाद के सहारे धर्मांतरण करेंगे और गजवा ए हिंद के मूर्खता पूर्ण सोच को लागू करने की कवायद में लगे रहेंगे तो फिर उनकी ये जिद अवश्य ही कुचली जाएगी। भारत के हिंदु हों या यहां के मुसलमान उन्हें कट्टरता की पट्टी पढ़ाकर उनका जीवन नहीं संवारा जा सकता। हां विकास की राह प्रशस्त करके जरूर उनका जीवन सुखमय बनाया जा सकता है। फिर वे चाहे तो हिंदु बनकर रहें या मुस्लिम बनकर किसी को क्या फर्क पड़ता है।

  • एमपी में उद्यमियों को नहीं झेलना पड़ेगा सत्ता की दलाली का बोझ

    एमपी में उद्यमियों को नहीं झेलना पड़ेगा सत्ता की दलाली का बोझ


    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत की सत्ता संभालते ही गुजरातियों के व्यापारिक सोच से पूरे देश को रोशन करने का अभियान चलाया हुआ है। भारत ही नहीं बल्कि वे पूरे देश में अपने इसी सोच की वजह से वे आज आकर्षण का केन्द्र बन गए हैं। भोपाल में जब ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट का आयोजन तय किया गया तभी से पूरी दुनिया के भारत मित्रों की निगाह देश के दिल की ओर लगी हुईं थीं। फ्रांस,जर्मनी, अमेरिका समेत विश्व के तमाम देशों में जाकर प्रधानमंत्री ने निवेशकों को भारत आने का न्यौता दिया है। यही वजह है कि एमपी आज निवेशकों के लिए एक प्रमुख डेस्टिनेशन बनकर सामने आया है। उद्योग अनुकूल माहौल बनाने के लिए भाजपा ने लगभग दो दशक पहले आधारभूत ढांचे को विकसित करने पर जोर दिया था। बिजली, सड़क और पानी की मूलभूत जरूरतें पूरी करने के साथ प्रधानमंत्री आवास योजना, जल नल योजना जैसी तमाम योजनाओं ने एमपी के इंफ्रास्टक्चर को मजबूती प्रदान की है। आज प्रदेश की तस्वीर पूरी तरह बदली हुई नजर आती है। कल्याणकारी हितग्राही मूलक योजनाओं से यहां के आम नागरिक की खरीद क्षमता भी बढ़ी है जिससे राज्य आज एक सफल बाजार के रूप में उभरकर सामने आया है। इस सबसे अलग जो बात आज श्री मोदी ने इंवेस्टर्स समिट में आए निवेशकों को समझाने का प्रयास किया वो यह कि देश का दिल आज निवेशकों को मुनाफे की गारंटी वाला राज्य बन गया है।


    इसके लिए हमें दो दशक पहले मध्यप्रदेश पर गौर करना होगा। तब राज्य में न तो सड़कें थीं, न बिजली पानी की मूलभूत व्यवस्थाएं थीं। कांग्रेस की सरकारों ने राज्य में लूटपाट का माहौल बना रखा था। वोट बटोरने के लिए तुष्टिकरण और जनता को बरगलाने के लिए उद्योगपतियों, व्यापारियों, सेठों को खलनायक बताने की राजनीति की जाती थी। शोषण की कहानियां सुनाकर कांग्रेस के नेता लोगों को बरगलाते थे। व्यापारियों और उद्योगपतियों को चोर व शोषक बताया जाता था। उनकी पैरवी करने वाली भाजपा को व्यापारियों की पार्टी बताकर लांछित किया जाता था। चंबल में डकैतों का आतंक इतना गहरा था कि लोग शाम के वक्त घरों से बाहर नहीं निकलते थे। उन्हीं डकैतों की कहानियां दिखाकर मुंबई की फिल्म नगरी कांग्रेस की जीवनरेखा बनी हुई थी। मीडिया की अपराध कथाएं भी उद्यमियों को कलंकित करती होती थीं। यही वजह है कि न तो यहां उद्योग विकसित हो पाए और न ही पूंजी का निर्माण हो पाया । आर्थिक रूप से बुरी तरह टूट चुका मध्यप्रदेश एक दुःस्वप्न बनकर रह गया था।


    बदले माहौल में आज इन्हीं पिछड़ेपन की नीतियों को मार भगाया गया है। लगभग दो दशकों की भाजपा की सरकारों ने पहले डकैतों, माफियाओं, ठगों और षड़यंत्र कारियों के विरुद्ध अभियान चलाया। अब वह सत्ता के दलालों को मार भगाने में जुटी हुई है। शिवराज सिंह की भाजपा सरकार ने आधारभूत ढांचे को तो विकसित किया लेकिन वह राज्य को सत्ता के दलालों से मुक्ति नहीं दिला पाई थी। डकैतों और माफियाओं ने जंगल छोड़ दिए लेकिन वे बस्तियों में आकर सेठ बन गए। राज्य की आय तो नहीं बढ़ी लेकिन कर्ज बढ़कर साढ़े तीन लाख करोड़ हो गया। चोरों मवालियों और ठगों ने अपनी आय बढ़ाई लेकिन वे न तो उद्योग स्थापित कर रहे थे और न ही उन्होंने अपनी काली कमाई का टैक्स चुकाया ।


    इस बार प्रदेश की जनता ने जैसे ही भाजपा को एक बार फिर सत्ता सौंपी तो सबसे पहले सत्ता के दलालों के आगे नतमस्तक नेताओं को सत्ता से बाहर किया और नई पीढ़ी को बागडोर सौंपी। डाक्टर मोहन यादव जैसे जमीनी नेता के हाथों कमान सौंपकर केन्द्र सरकार ने सत्ता के दलालों को घर बैठने का संदेश दिया। लाठी लेझम चलाने वाले पहलवान मोहन यादव हों या फिर वित्तमंत्री जगदीश देवड़ा जैसे समर्पित राजनेताओं तो आगे लाकर उन्होंने जड़ हो चुकी राजनीति को एक खुला आसमान सौप दिया है। इसके साथ ही काला धन बटोरकर जिन राजनेताओं ने अपने चहेते व्यापारियों के माध्यम से निवेश किया और महाराजा बन बैठे उनसे काला धन भी निकलवाया जाने लगा है।इस सब कार्य के लिए मोहन यादव ने अफसरशाही को खुला अवसर दिया है।


    मुख्य सचिव के रूप में अनुराग जैन को भेजकर राज्य में निवेश अनुकूल वातावरण बनाया गया है।जिन अफसरों के हाथों में आज राज्य की कमान है,योजनाओं को लागू करने की जवाबदारी है वे अपेक्षाकृत रूप से साफ सुथरे हैं। ये भी कहा जा सकता है कि अफसरशाही पर शिकंजा कसकर उसे औद्योगिक विकास के अनुकूल बनाया गया है। यही वजह है कि इस बार की इंवेस्टर समिट पिछले तमाम सम्मेलनों से अलग तस्वीर लेकर सामने आई है। निवेशकों की परख के लिए राज्य की पूरी जानकारी डिजिटल कर दी गई है। उनके आवेदनों की प्रक्रिया भी इतनी सरल कर दी गई है कि वे निवेश का प्रस्ताव देकर आसानी से अपना कारोबार शुरु कर सकते हैं।दुनिया के बहुराष्ट्रीय बैंकों में कार्य कर चुके भोपाल के ही युवा उद्यमी अंकेश मेहरा ने बताया कि उन्होंने अलान्ना ब्रांड नेम से राजधानी में एक स्टार्टअप शुरु किया है। उनका प्रोडक्ट होंठों की सुंदरता के लिए दुनिया का आधुनिकतम आविष्कार है। अपने माल को सस्ता और आम जनता की पहुंच का बनाने के लिए उन्हें कुछ पैकिंग मटेरियल आज भी चीन से बुलाना पड़ता है। जल्दी ही वे ये सामान भी भारत में बनाने लगेंगे। राज्य की औद्योगिक नीतियां उद्यमियों के लिए दोस्ताना हैं ।ये माहौल बना रहेगा तो राज्य जल्दी ही एक सफल स्टेट के रूप में अपना नाम रौशन करेगा।


    इसके पहले तक राज्य में एक कुप्रथा छाई हुई थी कि टेंडर किसी भी उद्यमी के नाम खुले उसे एक विशेष प्रजाति का साईलेंट पार्टनर रखना पड़ता था। कांग्रेस के आपराधिक चरित्र वाले मुख्यमंत्रियों की चलाई इस प्रथा का पालन भाजपा की सरकारें भी दो दशक तक करती रहीं।इसका सबसे बड़ा नुक्सान ये होता था कि निवेशक यदि गुणवत्ता का कार्य करे और कम मुनाफा ले तब भी उसे सत्ता के दलालों को मुनाफे का कट देना पड़ता था। सत्ता का पेट भरते भरते उसे यहां कारोबार करना घाटे का सौदा बन जाता था और वो यहां की परंपराओं से घबराकर निवेश से पीछे हट जाता था। पहली बार डाक्टर मोहन यादव की सरकार ने निवेशकों को सत्ता के दलालों के भय से मुक्ति दिलाकर स्वच्छंद वातावरण मुहैया कराया है। यही वजह है कि राज्य में निवेशकों ने धड़ाधड़ निवेश शुरु कर दिया है।


    लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव आईएएस नीरज मंडलोई ने बताया कि इंवेस्टर्स समिट की सफलता का आलम ये है कि आज पहले दिन ही उनके विभाग को लगभग ढाई सौ करोड़ रुपयों के निवेश के प्रस्ताव मिल चुके हैं। कल तक ये आंकडा़ नया रिकार्ड स्थापित करेगा। इसी तरह एमपी इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष राघवेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि उद्यमियों में जो उत्साह देखने मिल रहा है वह अद्वितीय है। हमें अब तक के अनुभवों और निरंतर संवाद का लाभ भी मिला है। ये बात सही है कि राज्य में कई मूलभूत बदलाव हुए हैं लेकिन अब तक भाजपा के कई स्थानीय नेता भी इस बदलाव को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। उन्हें कांग्रेस से आए ज्योतिरादित्य सिंधिया गुट के नेताओं के नाम पर भड़काया जा रहा है। अब तक जो हुआ सो हुआ पर जीआईएस के आयोजन की सफलता की जो तस्वीर उभरी है वह मध्यप्रदेश और देश में मेक इन इंडिया का एक सफल माडल दुनिया के सामने लाने में सफल हुई है।

  • भयमुक्त मध्यप्रदेश में अब निवेशकों को मुनाफे की गारंटी बोले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

    भयमुक्त मध्यप्रदेश में अब निवेशकों को मुनाफे की गारंटी बोले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

    भोपाल,24 फरवरी(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विकसित मध्यप्रदेश से विकसित भारत के उद्देश्य से ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के भव्य आयोजन के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को बधाई दी। प्रधामनंत्री श्री मोदी ने कहा कि भारत के इतिहास में ऐसा अवसर पहली बार आया है, जब पूरी दुनिया भारत के लिए आशान्वित है। भारत ने विभिन्न क्षेत्रों में अपनी क्षमता को सिद्ध किया है, जिसके परिणाम स्वरूप सम्पूर्ण विश्व भारत पर विश्वास प्रकट कर रहा है। प्रधामनंत्री श्री मोदी ने कहा कि यही विश्वास हम मध्यप्रदेश में अनुभव कर रहे हैं। मध्यप्रदेश जनसंख्या की दृष्टि से देश का पांचवां बड़ा राज्य है, कृषि और खनन में अग्रणी है, इसके साथ ही राज्य को माँ नर्मदा का आशीर्वाद प्राप्त हुआ है। देश में हो रहे अधोसंरचना विकास का लाभ मध्यप्रदेश को मिला है, दिल्ली, मुम्बई नेशनल हाईवे का बड़ा भाग मध्यप्रदेश से निकलता है, प्रदेश में पाँच लाख किलोमीटर का रोड नेटवर्क है और लॉजिस्टिक्स की यहाँ अपार संभावनाएं विद्यमान हैं। मध्यप्रदेश में हर वो क्षमता है, जो इसे देश के शीर्ष पाँच राज्यों में ला सकता है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को वर्ष 2025 को उद्योग वर्ष के रूप में मनाने के लिए बधाई दी।


    प्रधानमंत्री श्री मोदी ने रिमोर्ट का बटन दबाकर प्रदेश में औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन के लिए लागू 18 नवीन नीतियों का शुभारंभ किया। इसके अंतर्गत मध्यप्रदेश उद्योग नीति 2025, एमएसएमई नीति, एक्सपोर्ट प्रमोशन नीति, लॉजिस्टिक्स नीति, स्टार्टअप नीति, मध्यप्रदेश एनीमेशन, वीआर, गैमिंग कामिक्स और विस्तारित रियलिटि नीति, जीसीसी नीति, सेमी कंडक्टर नीति, ड्रोन संवर्धन और उपयोग नीति, फिल्म पर्यटन नीति, पर्यटन नीति, पम्पड हाइड्रो स्टोरेज नीति, सिटी गैस डिस्टिब्यूशन नीति, विमानन नीति, नवकरणीय ऊर्जा नीति, स्वास्थ निवेश प्रोत्साहन नीति और एकीकृत टाउनशिप नीति शामिल हैं।


    प्रधानमंत्री श्री मोदी ने समिट में पधारे उद्योगपतियों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहा कि यहां 300 से अधिक इंडस्ट्री जोन हैं और निवेश की अपार संभावनाएं हैं। प्रदेश में 31 हजार मेगावॉट सरप्लस एनर्जी है, जिसमें 30 फीसदी रिन्यूएबल एनर्जी है। कुछ दिन पहले ही ओंकारेश्वर में फ्लोटिंग सौर ऊर्जा परियोजना का शुभारंभ हुआ है। एनर्जी सेक्टर में आए बूम का मध्यप्रदेश को लाभ मिला है। हाल ही में 45 हजार करोड़ रूपए लागत की केन-बेतवा लिंक परियोजना की आधारशिला रखी गई, जिससे 10 लाख हेक्टेयर भूमि में सिंचाई क्षमता बढ़ेगी, परिणामस्वरूप प्रदेश में कपड़ा उद्योग और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर बढ़ेगा। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने मध्यप्रदेश को देश का कॉटन कैपिटल बताते हुए कहा कि कपड़ा उद्योग और कॉटन सप्लाई में मध्यप्रदेश, देश का सबसे बड़ा उत्पादक है। यहां का मलबरी सिल्क और चंदेरी साड़ियां भी बहुत पसंद की जाती हैं। देश में बन रहे सात बड़े टेक्सटाइल पार्क में से एक मध्यप्रदेश में है। देश के टूरिज्म सेक्टर में मध्यप्रदेश अजब भी है और गजब भी है। नर्मदा के किनारे पर्यटन का पर्याप्त विकास हुआ है। प्रदेश में मेडिकल टूरिज्म की भी अपार संभावनाएं हैं।


    प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि दो दशक पहले लोग मध्यप्रदेश में निवेश करने से डरते थे। जिस प्रदेश में बसें ठीक से नहीं चल पाती थीं, वह राज्य अब इलेक्ट्रिक व्हीकल के मामले में तेज गति से आगे बढ़ रहा है। जनवरी 2025 तक प्रदेश में दो लाख इलेक्ट्रिक वाहन रजिस्टर्ड हुए हैं, जो दर्शाता है कि नए क्षेत्रों में भी मध्यप्रदेश निवेश आकर्षित कर रहा है। लीथियम बैटरी और न्यूक्लीयर एनर्जी में भी निवेश को प्रोत्साहित किया जा रहा है। मध्यप्रदेश में शत-प्रतिशत रेल नेटवर्क का विद्युतीकरण किया जा चुका है। रानी कमलापति स्टेशन के चित्र सभी का मन मोह रहे हैं। इसी तर्ज पर प्रदेश के 80 रेलवे स्टेशनों को विकसित किया जा रहा है। विमानन सेवा के लिए ग्वालियर और जबलपुर के एयरपोर्ट को विस्तार दिया गया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि केन्द्र और राज्य सरकार प्रदेश की विकास दर को नई ऊँचाइयां देने के लिए निरंतर हरसंभव प्रयास कर रही है। मध्यप्रदेश में निवेश का यही समय है और सही समय है।


    प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि विश्व के सामान्यजन, विशेषज्ञ और संस्थाएं भारत की ओर आशा से देख रही हैं। विश्व बैंक ने कहा है कि भारत आने वाले वर्षों में ऐसे ही गतिशील अर्थव्यवस्था बना रहेगा। इसी प्रकार संयुक्त राष्ट्र संघ की एक संस्था ने भारत को सौर ऊर्जा का श्रेष्ठ केन्द्र कहा है। एक अन्य रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक सप्लाई चैन के रूप में उभर रहा है। विश्व में यह मान्यता है कि भारत जो कहता है – वह करके दिखाता है। वैश्विक स्तर पर विद्यमान यह विचार निवेशकों का उत्साह बढ़ाने के पर्याप्त आधार हैं।


    प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि टेक्सटाइल, टूरिज्म और टेक्नोलॉजी आगामी वर्षों में देश के विकास को गति देंगे। मध्यप्रदेश सहित देश में मेडिकल टूरिज्म की अपार संभावनाए हैं। हेल्थ एंड वेलनेस क्षेत्र को प्रोत्साहित किया जा रहा है। सरकार एमएसएमई सेक्टर को गति देने के लिए एमएसएमई केन्द्रित सप्लाई चैन को विकसित करने की दिशा में कार्य कर रही है और इस सेक्टर में कार्यरत उद्यमियों को प्रोत्साहन प्रदान किए जा रहे हैं। “ईज-ऑफ-डूइंग बिजनेस” को प्रोत्साहित करने के लिए कई अप्रासंगिक कानूनों को समाप्त किया गया है। केन्द्रीय बजट में टैक्स स्लैब को रिस्ट्रक्चर किया गया है, रिजर्व बैंक ने भी ब्याज दरें घटाई हैं।


    प्रधानमंत्री श्री मोदी ने समिट में पधारे डेलीगेट्स से कहा कि वे मध्यप्रदेश आएं है तो उज्जैन के महाकाल महालोक के दर्शन कर भगवान महाकाल का आशीर्वाद अवश्य प्राप्त करें, यह उन्हें आलोकिक अनुभूति प्रदान करेगा।
    प्रधानमंत्री श्री मोदी ने जीआईएस के शुभारंभ कार्यक्रम में 15-20 मिनिट विलंब पहुंचने का कारण बताते हुए कहा कि उन्हें ज्ञात हुआ कि आज 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों की परीक्षा है। वीआईपी मूवमेंट होने से विद्यार्थियों को कोई परेशानी न हो, इस उद्देश्य से उन्होंने अपने शिड्यूल को पंद्रह मिनिट लेट कर दिया।


    प्रधानमंत्री श्री मोदी का भोपाल में पहली बार हो रही ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में पधारने पर राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल की उपस्थिति में, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अंग वस्त्रम भेंट अभिवादन किया। आयोजन की शोभा बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्मृति चिन्ह के रूप में भोपाल की प्रसिद्ध जरी-जरदोजी कला से निर्मित महाकाल मंदिर का चित्र भेंट कर उनका आभार व्यक्त किया। राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में आयोजित दो दिवसीय समिट में देश-दुनिया के दिग्गज राजनेता, उद्योगपति और राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधि सहभागिता कर रहे हैं।
    कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में उभरते भारत पर केंद्रित लघु फिल्म “इंडिया ग्रोथ स्टोरी” का भी प्रदर्शन किया गया। प्रदेश की औद्योगिक संभावनाओं पर केंद्रित लघु फिल्म “मध्य प्रदेश-अनंत संभावनाएं” का प्रदर्शन किया गया।


    प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कार्यक्रम स्थल पर मध्यप्रदेश की अनोखी शिल्प कला और सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करते एमपी एक्सपीरियन्स जोन और एमपी प्वेलियन का अवलोकन किया। एक्सपीरियन्स ज़ोन के अंतर्गत इमर्सिव डिजिटल वॉकव्यू के रूप में प्रदेश की विरासत, प्रगति और आकांक्षाओं का प्रदर्शन किया गया है। इसके साथ ही सांस्कृति क्षेत्र के अंतर्गत इंटरैक्टिव प्रदर्शनियां, डिजिटल स्टोरीटेलिंग और वर्चुअल रीयलिटी द्वारा राज्य के इतिहास, लोककथाएं, वास्तुशिल्प और जनजातीय परम्पराएं प्रदर्शित हैं। गांव के रूप में विकसित जोन में पारंपरिक मिट्टी के बर्तनों, टैराकोटा कलाकृतियों के साथ ही “एक जिला-एक उत्पाद” के अंतर्गत जिलों के उत्पादों का प्रदर्शन भी किया गया। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने प्रदेश के प्रसिद्ध जनजातीय चित्रकारों द्वारा बनाई गई गौंड, भीली, और पिथौरा कलाकृतियों का अवलोकन किया। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने इस अवसर पर लगाई गई औद्योगिक प्रदर्शनियों क्रमश: आटो शो, टेक्सटाइल एवं फैशन एक्सपो का भी अवलोकन किया।


    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के सतत विकास और औद्योगिक निवेश की दिशा में नए कदम बढ़ाऐ जा रहे है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की थीम ‘अनंत संभावनाएँ है, जो प्रदेश में उद्योग और निवेश की असीमित संभावनाओं को दर्शाती है। ‘अनंत संभावनाएँ’ केवल एक विचार नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र में अवसरों की व्यापकता को दर्शाने वाला दृष्टिकोण है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने “सबका साथ, सबका विकास, सबका प्रयास, सबका विश्वास” का मंत्र दिया, जिसमें यह संदेश समाहित है कि जब संभावनाओं के अनंत आकाश में हम साथ मिलकर आशा की ज्योत जलाते हैं, तो एक नहीं, बल्कि सभी के आंगन रोशन होते हैं और यही हमारी सनातन संस्कृति है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत को 2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प समस्त भारतवासियों ने लिया है, हमारा लक्ष्य देश को 35 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना है। विकसित भारत के इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए विकसित मध्यप्रदेश समस्त प्रदेशवासियों के साथ महत्वपूर्ण योगदान प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी अनुक्रम में राज्य सरकार अगले 05 वर्षों में राज्य की अर्थव्यवस्था को दोगुना करने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही है।


    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एक वर्ष पहले निवेश तथा औद्योगिक विकास की यात्रा मार्च 2024 में बाबा महाकाल के आशीर्वाद के साथ उज्जैन से शुरू हुई। इस यात्रा में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के साथ ही देश के प्रमुख शहरों में इंटरैक्टिव सेशंस आयोजित किए गए। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर यूके, जर्मनी एवं जापान में मध्यप्रदेश की विकास गाथा को प्रस्तुत किया गया और उद्योगपतियों से संवाद कर उनकी आवश्यकताओं एवं संभावित चुनौतियों को समझा तथा निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए एक व्यापक रोडमैप तैयार किया गया। सरल, निवेश अनुकूल एवं प्रासंगिक नीतियों का प्रभावी क्रियान्वयन, सरलीकृत व्यापार एवं बाधारहित व्यवसाय, सिंगल विंडो सिस्टम को बेहतर बनाना और शासन में पारदर्शिता लाना हमारी उच्च प्राथमिकता है। प्रदेश में निवेश के प्रयासों के लिए लगातार कार्य करने के उद्देश्य से सरकार ने वर्ष 2025 को “उद्योग एवं रोजगार वर्ष” के रूप में मनाने का निर्णय लिया है।


    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्योग एवं रोज़गार को बढ़ावा देने के लिए पहली बार ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के अंतर्गत 6 विभाग शहरी विकास विभाग, पर्यटन विभाग, खनिज विभाग, नवीकरणीय ऊर्जा विभाग, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग एवं एमएसएमई विभाग के अलग से समिट हो रहे हैं। किसी भी प्रदेश के औद्योगिक विकास के लिए 4 मूलभूत संसाधनों की आवश्यकता होती है, भूमि, जल, बिजली और कुशल कार्यबल। प्रदेश में सरप्लस बिजली है, भरपूर पानी है, विशाल लैंड बैंक है और कुशल मानव संसाधन है। यहां की कानून-व्यवस्था भी निवेश अनुकूल है। इसके साथ ही सरकार की प्रतिबद्धता प्रदेश में उद्योगों के विकास की है, जिससे उद्योग जगत के कार्य सरल, प्रभावी एवं त्वरित गति से चलें, नवीन निवेश के क्षेत्र का विकास हो और औद्योगिक विकास के लिए अनुकूल इकोसिस्टम तैयार हो।


    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सकल राज्य घरेलु उत्पाद (GSDP) में मध्यप्रदेश बड़े राज्यों की श्रेणी में सर्वाधिक वार्षिक विकास दर वाला राज्य है। पिछले 12 वर्षों में मध्यप्रदेश का सकल घरेलु उत्पाद लगभग 4 गुना हुआ है। मेगा फुटवेयर क्लस्टर (मुरैना), नवकरणीय ऊर्जा उपकरण निर्माण (मोहासा-बावई) और पीएम मित्रा (MITRA) पार्क (धार) सहित कई बड़े प्रोजेक्ट प्रगति पर हैं। विक्रम उद्योगपुरी (उज्जैन) में मेडिकल डिवाइसेस पार्क और 6 नए औद्योगिक क्षेत्रों का विकास हो रहा है। प्रदेश में 300 से अधिक औद्योगिक क्षेत्र हैं। आगामी वर्ष में 13 नए औद्योगिक पार्क पूर्ण होंगे, जबकि 20 और औद्योगिक पार्कों की आधारशिला रखी जाएगी। राज्य में प्लग एंड प्ले सेंटर, सेमीकंडक्टर पार्क एवं नवीन आईटी पार्क स्थापित किए जा रहे हैं, इससे प्रदेश में निवेश आकर्षित होगा और रोजगार के नए द्वार खुलेंगे। बड़े से बड़ा और छोटे से छोटा निवेशक भी हमारे लिए अतिथि है। सभी के लिए प्रदेश में अनंत संभावनाएं हैं। इन अनंत संभावनाओं को विकास में फलीभूत करने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है।


    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सहित पूरा देश आर्थिक प्रगति के नई युग में प्रवेश कर रहा है। राज्य सरकार ने गरीब, युवा, अन्नदाता एवं महिलाओं को केंद्र में रखते हुए 4 मिशन आरंभ किए हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने मध्यप्रदेश को विकास की राह पर अग्रसर करने के लिए केन-बेतवा लिंक राष्ट्रीय परियोजना और पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना की सौगात दी, जिससे मध्यप्रदेश में 41 लाख की आबादी को पेयजल सुविधा एवं लगभग 09 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में वार्षिक सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। मध्यप्रदेश बिजली के क्षेत्र में सरप्लस स्टेट है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में प्रदेश को विकसित और औद्योगिक मध्यप्रदेश’ बनाने की यात्रा शुरू हो चुकी है, प्रदेश एक बेहतर भविष्य को आकार दे रहा है। मध्यप्रदेश, देश की आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने में अग्रणी साबित होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योग जगत की प्रमुख हस्तियों को प्रदेश में आमंत्रित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में सशक्त पारिवारिक भावना विद्यमान है। यहां की यह विशेषता है कि जो मध्यप्रदेश एक बार आता है, वह यहीं का होकर रह जाता है।


    प्रधानमंत्री श्री मोदी की उपस्थिति में विभिन्न उद्योगपतियों और औद्योगिक समूहों के प्रतिनिधियों ने मध्यप्रदेश में औद्योगिक इकाइयों के संचालन और गतिविधियों के विस्तार के संबंध में अपने अनुभव साझा किए। इसके अंतर्गत अडाणी ग्रुप के चेयरमेन श्री गौतम अडाणी ने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में आना उनके लिए सौभाग्य का विषय है। अडाणी ग्रुप मध्यप्रदेश में 50 हजार करोड़ रूपए का निवेश कर चुका है। भविष्य में उनके समूह की एक लाख 10 हजार करोड़ रूपए की योजना है। यह निवेश सीमेंट, खनन और ऊर्जा क्षेत्र में होगा, इससे वर्ष 2030 तक एक लाख 20 हजार रोजगार के अवसर सृजित होंगे। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के साथ मल्टी स्मार्ट सिटी और एयरपोर्ट सिटी के निर्माण के लिए भी उनका समूह चर्चा कर रहा है।


    प्रदेश में निवेश के संबंध में अवाडा ग्रुप के चेयरमेन श्री विनीत मित्तल ने कहा कि उनके समूह की प्रदेश में 50 हजार करोड़ रूपए के निवेश से सोलर-विंड पॉवर प्रोजेक्ट स्थापना की योजना है। आईटीसी ग्रुप के श्री संजीव पुरी ने मध्यप्रदेश को कृषि क्षेत्र का पॉवर हाऊस बताया। गोदरेज समूह के श्री नादिर गोदरेज ने कहा कि प्रदेश में जारी विकास प्रक्रिया से यहां निवेश करना बुद्धिमानी है। सागर ग्रुप के श्री सुधीर अग्रवाल और शक्ति पम्पस के श्री दिनेश पाटीदार ने भी प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों के संचालन संबंधी अपने अनुभव साझा किए। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में विदेशी निवेशक, वैश्विक औद्योगिक संगठन, राष्ट्रीय स्तर पर कार्यरत औद्योगिक घरानें, उद्योग संघों के प्रतिनिधि, उद्यमी तथा व्यवसायी बड़ी संख्या में सम्मिलित हुए।

  • गरीबी हटाओ कांग्रेस का जुमलाःप्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

    गरीबी हटाओ कांग्रेस का जुमलाःप्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

    PM Modi 11 Resolutions: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को लोकसभा में संविधान पर चर्चा का जवाब दिया. इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा. अपने लंबे भाषणा के आखिर में पीएम मोदी ने विकसित भारत के लिए 11 संकल्प भी प्रस्तुत किए. आइये एक-एक कर जानें.

    पहला संकल्प – चाहे नागरिक हो या सरकार हो सभी अपने कर्तव्यों का पालन करें
    दूसरा संकल्प – हर क्षेत्र, हर समाज को विकास का लाभ मिले, सबका साथ, सबका विकास हो
    तीसरा संकल्प – भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस हो, भष्टाचारी की सामाजिक स्वीकार्यता न हो.
    चौथा संकल्प – देश के कानून, देश के नियम, देश की परंपराओं के पालन में देश के नागरिकों को गर्व होना चाहिए. गर्व का भाव हो.
    पांचवां संकल्प – गुलामी की मानसिकता से मुक्ति हो. देश की विरासत पर गर्व हो.
    छठा संकल्प – देश की राजनीति को परिवारवाद से मुक्ति मिले.
    सातवां संकल्प – संविधान का सम्मान हो. राजनीतिक स्वार्थ के लिए संविधान को हथियार न बनाया जाए.
    आठवां संकल्प – संविधान की भाव के प्रति समर्पण रखते हुए, जिनको आरक्षण मिल रहा है. उसे न छिना जाए और धर्म के आधार पर आरक्षण की हर कोशिश पर रोक लगे.
    नौवां संकल्प – Women-led Development में भारत दुनिया के लिए मिशाल बने.
    10वां संकल्प – राज्य के विकास से राष्ट्र का विकास, ये हमारा विकास का मंत्र हो.
    11वां संकल्प – एक भारत, श्रेष्ठ भारत का ध्येय सर्वोपरि हो.

  • पंडित नेहरू के कार्यकाल में कांग्रेस ने सत्ता के लिए 17 बार संविधान बदलाःरक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

    पंडित नेहरू के कार्यकाल में कांग्रेस ने सत्ता के लिए 17 बार संविधान बदलाःरक्षा मंत्री राजनाथ सिंह


    नईदिल्ली 13 दिसंबर(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। संसद में 13 दिसंबर को ‘भारतीय संविधान की 75 साल की गौरवशाली यात्रा’ पर चर्चा हुई. इस दौरान अपने संबोधन में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला, और कांग्रेस की पोल खोल दी.


    केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को कांग्रेस पार्टी पर गंभीर आरोप लगाया. राजनाथ सिंह ने कहा कि कांग्रेस हमेशा भारत के संविधान निर्माण के काम को हाईजैक करने की कोशिश करती रही है. सिंह ने12 दिसंबर को शुरू हुई संविधान चर्चा के दौरान लोकसभा में यह सारी बातें कहीं. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को लोकसभा में कहा कि संविधान किसी एक पार्टी की देन नहीं है, लेकिन इसके निर्माण के कार्य को एक पार्टी विशेष द्वारा ‘हाईजैक’ करने की कोशिश हमेशा की गई है.


    उन्होंने लोकसभा में ‘भारत के संविधान की 75 वर्षों की गौरवशाली यात्रा’ पर चर्चा की शुरुआत करते हुए यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार संविधान के मूल्यों को केंद्र में रखकर काम कर रही है. लोकसभा के उप नेता ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का नाम लिए बगैर उन पर निशाना साधा और कहा कि विपक्ष के कई नेता संविधान की प्रति अपनी जेब में रखकर घूमते हैं क्योंकि उन्होंने पीढ़ियों से अपने परिवार में संविधान को जेब में ही रखे देखा है.


    सिंह ने कहा, ‘‘एक पार्टी विशेष द्वारा संविधान निर्माण के कार्य को ‘हाईजैक’ करने की कोशिश हमेशा से की गई है. भारत में संविधान निर्माण के इतिहास से जुड़ी ये सब बातें लोगों से छिपायी गई हैं.’’ उन्होंने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा, ‘‘आज विपक्ष के कई नेता संविधान की प्रति अपनी जेब में रखकर घूमते हैं. असल में उन्होंने बचपन से ही यही सीखा है. उन्होंने पीढ़ियों से अपने परिवार में संविधान को जेब में ही रखे देखा है. लेकिन भाजपा संविधान को सिर माथे पर लगाती है. हमारी प्रतिबद्धता संविधान के प्रति पूरी तरह साफ है.’’


    सिंह ने दावा किया कि कांग्रेस नेताओं को जब भी सत्ता और संविधान में से किसी एक को चुनना था तो उन्होंने हमेशा सत्ता को चुना. उन्होंने कहा, ‘‘हमने कभी किसी संस्था की स्वतंत्रता और स्वायत्तता के साथ खिलवाड़ नहीं किया है. संविधान के मूल्य हमारे लिए कहने या दिखाने भर की बात नहीं हैं. संविधान के मूल्य, संविधान के द्वारा दिखाया गया मार्ग, संविधान के सिद्धांत, हमारे मन में, वचन में, कर्म में, हर जगह दिखाई पड़ेंगे.’’ उनका कहना था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने पिछले 10 वर्षों में जो भी संवैधानिक संशोधन किये, उन सभी का उद्देश्य सिर्फ और सिर्फ संवैधानिक मूल्यों को सशक्त करना था, सामाजिक कल्याण था और लोगों का सशक्तीकरण था.


    सिंह ने कहा, ‘‘कांग्रेस की तरह, हमने संविधान को कभी राजनीतिक हित साधने का जरिया नहीं बनाया. हमने संविधान को जिया है. हमने सजग और सच्चे सिपाही की तरह संविधान के खिलाफ की जा रही साजिशों का सामना किया है. और उसकी रक्षा के लिए बड़े से बड़ा कष्ट भी उठाया है. उन्होंने कहा, ‘‘हमने अनुच्छेद 370 को निरस्त किया, ताकि भारत की अखंडता सुनिश्चित हो. ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ से महिलाओं के सामाजिक व आर्थिक सशक्तीकरण का मार्ग प्रशस्त किया.
    आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण भी सामाजिक न्याय की भावना से ही प्रेरित था.’’ रक्षा मंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस ने अतीत में सिर्फ संविधान संशोधन नहीं किया, बल्कि दुर्भावना के साथ धीरे-धीरे संविधान बदलने का प्रयास किया है. उन्होंने कहा, ‘‘पंडित जवारलाल नेहरू जब प्रधानमंत्री थे तो लगभग 17 बार संविधान में बदलाव किया गया.’’

  • सैडमैप में ठगों का जंजाल काटने से क्यों तिलमिलाए कोठारी

    सैडमैप में ठगों का जंजाल काटने से क्यों तिलमिलाए कोठारी


    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सरकार के पूंजी निर्माण अनुष्ठान से मक्कारी का तिलिस्म रचने वाला कांग्रेस का कैडर बौखलाया हुआ है। कल्याणकारी राज्य की अवधारणा तले काली अर्थव्यवस्था निर्मित करने का जो पाप नेहरू इंदिरा परिवार ने शुरु किया था उसके वंशज राहुल गांधी कुतर्कों से उसे सही साबित करने का प्रयास कर रहे हैं। सैडमैप जैसे स्वायत्तशासी निकाय के माध्यम से भाजपा सरकार ने पूंजी निर्माण और रोजगार सृजन का अभियान शुरु किया था। इसे ध्वस्त करने के लिए कांग्रेसियों के सुर में सुर मिलाकर सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्योग विभाग के वर्तमान सचिव नवनीत कोठारी ने जो षड़यंत्र रचा वह आज उनके जी का जंजाल बन गया है।डाक्टर मोहन यादव सरकार ने माफिया के इशारे पर सैडमैप की कार्यकारी संचालक श्रीमती अनुराधा सिंघई को निलंबित करने के मामले को गंभीरता से लिया है। इससे सचिव नवनीत कोठारी अलग थलग पड़ गए हैं। उनके प्रशासनिक इतिहास की स्याह परतें भी खुलनी शुरु हो गईं हैं। आयुष विभाग के उनके इतिहास से भी इस कहानी को जोड़कर देखा जा रहा है।


    कंपनी सेक्रेटरी श्रीमती अनुराधा सिंघई को जब सैडमैप की कमान सौंपी गई थी तब सरकार के संरक्षण में चलने वाला ये निकाय भारी घाटे से जूझ रहा था। यहां के कर्मचारियों को लगभग दस महीनों से तनख्वाह नहीं मिल पा रही थी। ये निकाय सरकारी नहीं है इसलिए वेतन का भुगतान भी इसे अपने ही प्रशासनिक प्रबंधन से करना था। प्रबंधन में दखल रखने वाला कंप्यूटर प्रोग्रामर राजेन्द्र देवीदास मांडवकर झूठे दस्तावेज रचने में कुशलता के कारण मैनपावर विभाग का नोडल अधिकारी बन बैठा था। खुद की काली कमाई छुपाने के लिए इसने कभी अपनी वार्षिक संपत्ति का ब्यौरा प्रस्तुत नहीं किया।बेरोजगारों को नौकरी दिलाने के नाम पर ये दो महीने की तनख्वाह रिश्वत के रूप में वसूल करता था।संस्थान को मिलने वाला दस फीसदी सेवा शुल्क वह रिकार्ड पर नहीं लेता था ।रतन इंपोरियम के संचालक रमनवीर अरोरा और सुरभि सिक्योरिटीज के अरुण शर्मा को वह कई बार इसमें से आठ प्रतिशत तक रिश्वत दे देता था। ये दोनों एजेंसियां फर्जी दरवाजे से सैडमैप में दाखिल कराई गईं थीं। रमन अरोरा कांग्रेस के नेता अजय सिंह राहुल के निजी होटल का संचालक भी है। इन दिनों उसने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े एक मंच का पद भी खरीद रखा है। जिन एजेंसियों को वैधानिक तौर पर सूचीबद्ध नहीं किया गया था उनके माध्यम से ही लगभग अस्सी फीसदी व्यवसाय कराया जा रहा था। जिन्हें नौकरी पर भेजा जाता था वे कर्मचारी उनके पेरोल पर नहीं थे और उनका वेतन ,पीएफ, ईएसआईसी आदि नहीं भरा जा रहा था। ये एजेंसियां जीएसटी का भुगतान भी नहीं कर रहीं थीं । आरजीएसवाई पंचायत में 1141 पदों पर भर्ती के लिए आर डी मांडवकर ने प्रति पद पचास हजार रुपए रिश्वत लेकर नौकरी दिलाने का अनुबंध किया था। इससे वह लगभग 57 करोड़ रुपए की काली कमाई होने का अनुमान लगा रहा था। बताते हैं कि इसीलिए गिरोह के सदस्यों ने सचिव नवनीत कोठारी को कथित तौर पर पांच करोड़ रुपयों की रिश्वत देकर ईडी अनुराधा सिंघई को निलंबित करके पद से हटाने का सौदा कर लिया। उनका अभी दो साल का कार्यकाल शेष है जाहिर है कि उनके रहते ये गड़बड़झाला संभव नहीं था।


    मांडवकर गिरोह के कुप्रबंधन का तरीका ये था कि आऊटसोर्स कर्मचारियों का वेतन, पीएफ और ईएसआईसी गड़प लिया जाता था। सैडमैप को दस फीसदी सेवा शुल्क मिलता था लेकिन वह पंद्रह प्रतिशत से अधिक राशि इस पर खर्च कर देता था। इससे संस्थान लगातार घाटे की घाटी पर लुढ़कता रहा। अनुराधा सिंघई ने जिन चार्टर्ड एकाऊंटेंटों को इस मामले की जांच में लगाया उन्होंने फोरेंसिक आडिट करके भ्रष्टाचार के ठोस सबूत उजागर कर दिए। पंचायत पदों की भर्ती के लिए एमपी आनलाईन से आवेदन बुलाए गए, शर्त लगाई गई कि नौकरी के लिए उन्होंने किसे रिश्वत दी है। इससे मांडवकर का घोटाला सामने आ गया। श्रीमती सिंघई ने जान से मारने की धमकी देने वाले जिन शरद मिश्रा,मनोज शर्मा, रमनवीर अरोरा, अनिल श्रीवास्तव, प्रशांत श्रीवास्तव, अनम इब्राहिम, राजेश मिश्रा और उनके जिन सहयोगियों के नाम पुलिस को दिए उनमें मांडवकर का भी नाम शामिल है।


    सैडमैप का ही ट्रेनिंग फेकल्टी शरद मिश्रा भी फोरेंसिक आडिट से ही पकड़ा गया। इसने एजेंसियों को पांच करोड़ चौबीस लाख उनतीस हजार सात सौ अड़तालीस रुपयों के भुगतान में से लगभग तीन करोड़ रुपए बगैर भुगतान विवरण मांगे थमा दिए। जिन्हें ये भुगतान किया गया उन्होंने न तो कभी कोटेशन दिया और न ही किसी प्रतिस्पर्धी बोली में भाग लिया था।जिला समन्वयकों को भी लगभग पचहत्तर प्रतिशत अधिक व्यय दर्शाकर संस्थान का खजाना खाली कर दिया। एक करोड़ छियासठ लाख रुपयों का तो नकद भुगतान कर दिया गया ये राशि किसे दी गई इसका कोई रिकार्ड नहीं है। भोजन आदि के आयोजनों पर भी ये फर्जी भुगतान निकाल लेता था जिसके सबूत जांच कमेटी के पास मौजूद हैं।
    सैडमेप का परियोजना समन्वयक राजीव सिंघई के खिलाफ भ्रष्टाचार के जो सबूत सामने आए तो वह जवाब देने के बजाए छुट्टी पर चला गया। इसने तो लाकडाऊन के दौरान भी सत्र आयोजित करने के बिल भुगतान कर दिए जो जांच में उजागर हो गए। प्रमाणित दस्तावेजों से पकड़ी गई इस धोखाघड़ी के बाद से वह गायब हो गया और अपना पक्ष रखने भी सामने नहीं आया। बताते हैं कि इन सभी लोगों ने चंदा करके कथित तौर पर ये पांच करोड़ रुपयों की रिश्वत राशि जमा की है जिसके बाद नवनीत कोठारी ने अपने विभागीय अधिकारियों पर दबाव डालकर श्रीमती अनुराधा सिंघई को निलंबित करवाया और मनगढ़ंत आरोपपत्र बनवाकर शासन व सरकार को गुमराह करना शुरु कर दिया।


    एक और मैनपावर नोडल अधिकारी दिनेश खरे भी अपने भ्रष्टाचार पर जवाब देने के बजाय बाहर गिरोहबंद होकर सरकार को गुमराह कर रहा है। जिन संविदा कर्मचारियों को वेतन न देने और देरी से भुगतान करने की बात नवनीत कोठारी लोगों को सुनाते हैं वे प्रकरण इसी के कार्यकाल के हैं। ये भी संविदा आऊटसोर्स कर्मचारियों के विवरण ईपीएफ ,ईएसआईसी और जीएसटी को नहीं भेजता था जिससे संस्थान को भारी जुर्माना भरना पड़ता था। कई बार कर्मचारियों को दंड के रूप में दुगुना भुगतान करना पड़ता था। ये कर्मचारी यूनियन के माध्यम से लोगों को भड़काता था और मीडिया में अनर्गल तथ्य प्रचारित करके सैडमैप और सरकार की भद पिटवाता रहता था।


    राज सिक्योरिटी सर्विसेज और रतन इंपोरियम जैसी मैनपावर आऊसोर्सिंग फर्मो के घोटाले पर भी जांच कमेटी ने सभी तथ्य विभाग को और शासन को उपलब्ध करा दिए हैं जिस पर चर्चा अगली किस्त में करेंगे। सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री डाक्टर मोहन यादव , विभागीय मंत्री चैतन्य काश्यप और शासन ने इस मामले को गंभीरता से लिया है जिस पर कार्रवाई जारी है। जाहिर है कि जल्दी ही इस घोटाले की असलियत सरकार के सामने उजागर हो जाएगी।

  • सत्ता के लुटेरों को क्यों पनाह दे रही अफसरशाही

    सत्ता के लुटेरों को क्यों पनाह दे रही अफसरशाही

    भारत से अंग्रेजों को विदा हुए सतत्तर साल हो चुके हैं लेकिन उनका लूट का तंत्र आज भी बदस्तूर जारी है। आज भी आला अफसरों में एक वर्ग ऐसा है जो सरकारी संसाधनों को लूटने वालों को पनाह देता रहता है। सैडमैप के संसाधनों की लूटमार में ये कहानी स्पष्ट रूप से सामने आ रही है।सरकारी नौकरियां बेचने वालों के लिए सैडमैप आज एक मुफीद अखाड़ा बन गया है।नौकरशाही के ही एक वर्ग ने गुणवत्ता पूर्ण कार्य बल उपलब्ध कराने के लिए एक कंपनी सेक्रेटरी अनुराधा सिंघई को यहां का एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर बनाया था। उन्हें पांच सालों के लिए नियुक्ति दी गई थी। उन्होंने अपना काम संभालते ही सैडमैप में जुटे नौकरी माफिया और रिश्वत देकर नौकरी में आए फोकटियों की छुट्टी करनी शुरु कर दी। इससे हड़कंप मच गया और नौकरी माफिया ने कुछ निकाले गए कर्मचारियों को आगे करके ईडी अनुराधा सिंघई पर कथित अनियमितताओं को लेकर प्राथमिकी दर्ज करवा दी। मामला हाईकोर्ट पहुंचा तो विद्वान न्यायाधीशों ने अनुराधा सिंघई को क्लीनचिट दे दी। उन्होंने अपना काम फिर चालू किया और सैडमैप को भंडार क्रय नियमों के अधिकार दिलाकर संस्थान की आय और बढ़ा दी। जब उन्होंने कार्यभार संभाला था तब सैडमैप की आय लगभग बीस करोड़ रुपए थी, कर्मचारियों को लगभग दस महीनों से तनख्वाह नहीं मिली थी। संस्थान लगभग बंद होने की कगार पर पहुंच गया था। विभिन्न कंपनियों और सरकारी प्रतिष्ठानों से कारोबार लेकर उन्होंने सैडमैप का टर्नओवर बीस करोड़ रुपयों से बढ़ाकर एक सौ तीस करोड़ रुपए कर दिया। जैसे ही ये चमत्कार लोगों की निगाह में आया वैसे ही लुटेरे सत्ता माफिया की लार टपकने लगी। भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े कुछ सत्ता के दलालों से सांठगांठ करके उन्होंने इस बार ईडी अनुराधा सिंघई को निलंबित करा दिया।

    इस अन्याय के खिलाफ जब वे हाईकोर्ट गईं तो शासन ने सैडमैप के फंड से ही लगभग नौ लाख रुपए निकालकर वकीलों की फौज पर खर्च कर दिए। हाईकोर्ट जबलपुर में जब शासन की ओर से महाधिवक्ता और उनके सहयोगी दर्जन भर वकीलों ने कहा कि निलंबन कोई सजा थोड़ी है। हमने तो केवल दस्तावेजों की जांच करने के लिए ईडी को निलंबित किया है। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि ठीक है अभी मामला पूरी तरह पका नहीं है इसलिए शासन को जांच कर लेने दी जाए। जिस तरह इकतरफा निलंबन की कार्यवाही की गई वह प्राकृतिक न्याय सिद्धांत के विरुद्ध थी। सैडमैप एक स्वायत्तशासी निकाय है और उद्योग विभाग के सचिव केवल इसके संरक्षक होते हैं। शासन इस संस्थान को कोई अनुदान भी नहीं देता है। ईडी, उद्योग विभाग का भी अधिकारी नहीं होता है इसके बावजूद श्रीमती सिंघई को उद्योग विभाग में हाजिरी देने के निर्देश दिए गए. संस्थान के लिए करोड़ों रुपए कमाने वाली इस कंपनी सेक्रेटरी को गुजारे भत्ते के रूप निलंबन के बाद मात्र आठ हजार रुपए दिए गए।

    इस अन्याय के विरुद्ध अनुराधा सिंघई ने मुख्यमंत्री डाक्टर मोहन यादव को पत्र लिखा जिसमें कहा गया कि उन्हें उद्योग विभाग के सचिव आईएएस नवनीत मोहन कोठारी अनावश्यक रूप से प्रताडि़त कर रहे हैं। अपने पत्र में उन्होंने न्याय के लिए अनुरोध करते हुए लिखा कि सैडमैप के अध्यक्ष और सचिव नवनीत मोहन कोठारी अपनी शक्ति और पद का दुरुपयोग करते हुए एक वरिष्ठ महिला अधिकारी का उत्पीड़न, दुर्व्यवहार, मानसिक यातना, अपमान,गलत निलंबन और अब जीवन भत्ता निर्वाह रोक रहे हैं । ऐसे में मुख्यमंत्री और जनप्रतिनिधि होने के नाते आप मामले में हस्तक्षेप करें और न्याय दिलाएं।

    उद्योग विभाग के सचिव ने मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम के कार्यकारी निदेशक सीएस धुर्वे के माध्यम से बीस अगस्त को एक पत्र भेजा और 21 अगस्त तक एक दिन में लगभग डेढ़ लाख पृष्ठों की जानकारी देने का दबाव बनाया। इसके जवाब में ईडी ने पत्र लिखकर निवेदन किया इस इस डेटा को संग्रहित करने में लगभग एक महीने का समय लगेगा इसलिए कृपया जवाब देने की समय सीमा बढ़ाने की कृपा करें। इस पत्र पर उद्योग विभाग ने कोई फैसला नहीं लिया और तीन सितंबर को ईडी को इकतरफा निलंबित कर दिया गया।
    उद्योग विभाग ने एक छोटे अफसर अंबरीश अधिकारी को भेजकर इकतरफा ईडी का कार्यभार हथिया लिया। श्री अंबरीश को विभाग के कुछ कर्मचारियों के साथ ईडी के दफ्तर भेजा गया और जबर्दस्ती ईडी की कुर्सी हथिया ली गई। ईडी को कार्यालय में मौजूद अपना निजी सामान भी नहीं उठाने दिया गया और सुरक्षा के लिए लगाए गए सभी कैमरे बंद कर दिए गए। उद्योग विभाग ने हाईकोर्ट को कहा कि कर्मचारियों के पीएफ, ईसआईसी चालान और फार्म 16 मे कोई छेड़छाड़ न हो सके इसके लिए श्रीमती सिंघई को निलंबित किया गया है जो कि कोई सजा नहीं है। एक स्वायत्तशासी निकाय की ईडी को पद से हटाने के इस षड़यंत्र में सैडमैप के ही फंड से लाखों रुपए निकाले गए और महाधिवक्ता समेत सचिव ने आठ प्रमुख वकीलों को खड़ा करके ऐसा माहौल बनाया कि हाईकोर्ट कोई राहत न दे पाए। यही नहीं अनुकूल रोस्टर का इंतजार करने के नाम पर भी मामले को कई दिनों तक लटकाया गया।

    श्रीमती अनुराधा सिंघई की कार और ड्राईवर छीन लिए गए। गौरतलब ये है कि जिस जानकारी को इकट्ठा करने के लिए उद्योग विभाग उन्हें एक महीने का वक्त नहीं दे रहा था उस जानकारी को अब तक उद्योग विभाग का अमला भी एकत्रित नहीं कर पाया है।फिर वो जानकारियां केंद्र या अन्य विभागों के पास संरक्षित है।जब सैडमैप के कर्मचारियों को दस दस महीनों तक वेतन नहीं मिल पा रहा था तब तो सूक्ष्म एवं लघु उद्योग विभाग कभी सामने नहीं आया। जिस स्ववित्त पोषित संगठन को अनुराधा सिंघई ने पैरों पर खड़ा किया उनके विरुद्ध कर्मचारियों को मानव ढाल बनाकर हमले किए जा रहे हैं। जिस नौकरी माफिया को सैडमैप से निकाल बाहर किया गया था उसने एक होनहार महिला अधिकारी का चरित्र हनन करने के लिए फर्जी मोबाईल चैट बनाया को पुलिस जांच में सामने आ गया। इस कूटरचना के आरोपी सिक्योरिटी एजेंसी के संचालक और उसके कर्मचारी का अपराध भी पुलिस ने उजागर कर दिया जिससे षड़यंत्र का पूरा खुलासा हो गया है। तब भी उद्योग विभाग ने आगे आकर कभी नौकरी माफिया के विरुद्ध सैडमैप को सहयोग नहीं किया।

    उन्होंने अपने पत्र में लिखा है कि एक महिला अधिकारी ने अपने पसीने और परिश्रम से मृत संगठन को पुर्नजीवित किया तो लोग फसल काटने आ गए और बीज बोने वाले को कुचलने लगे। इन लोगों को पुरुष भी कैसे कहा जा सकता है। एक झुंड में आकर ये एक महिला का शिकार करने में जुटे हुए हैं। ईडी ने अपने जिन सहयोगियों को संविदा आधार पर नियुक्त किया था उन्हें तोड़ने के लिए सचिव ने अध्यक्ष के रूप में फैसला लिया कि उन्हें सैडमेप में नहीं बल्कि किन्हीं अन्य सूचीबद्ध एजेंसियों के पेरोल पर रखा जाए। इसके लिए एक मानव संसाधन समिति का गठन किया जाए। ईडी ने सचिव को संभावित अधिकारियों की सूची भेजकर कहा कि आप आपने स्तर पर इस सूची को तय कर दीजिए । इसके बावजूद किसी समिति को गठित नहीं किया गया ताकि ईडी अपने सहयोगियों की टीम बढ़ाकर लंबित कार्यों का निपटारा न कर पाएं।

    लगभग तीन सालों में श्रीमती सिंघई ने सैडमेप का टर्नओवर चार गुना तक बढ़ा दिया है। नौकरियां बेचने वाले गिरोह को निकाल बाहर किया गया। मैनपावर आऊटसोर्सिंग उद्योग को साफ सुथरा बनाकर सरकारी कार्यालयों में संविदा के आधार पर नियुक्तियां सरल बना दी गईं। यही वजह थी कि सैडमेप को मध्यप्रदेश भंडार क्रय नियम अंतर्गत नैमेत्तिक नोडल एजेंसी बनाया गया।

    श्रीमती अनुराधा सिंघई ने अपने पत्र में लिखा है कि उन्होंने अगले दो सालों में लगभग पचास लाख नौकरियां सृजित करके रोजगार समस्या का समाधान करने का बीड़ा उठाया है। इस लक्ष्य को वे लगातार हासिल करती जा रहीं हैं जबकि नौकरी माफिया के लोग इन बेरोजगारों से नौकरी के एवज में रिश्वत लेकर बेरोजगारों और राज्य के साथ गद्दारी करने का षड़यंत्र कर कर रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि उनका गलत निलंबन रद्द किया जाए और उन्हें सम्मान के साथ बहाल किया जाए। उनके वित्तीय नुक्सान की भरपाई की जाए और वास्तविक दोषी को दंडित किया जाए।

    इस पत्र के जवाब में आईएएस और सूक्ष्म एवं लघु उद्योग विभाग के सचिव नवनीत कोठारी का कहना है कि श्रीमती सिंघई कई छोटे कर्मचारियों का वेतन नहीं दे रहीं थीं इसलिए उन्हें निलंबित किया गया है। जब उनसे कहा गया कि जिन कर्मचारियों की नौकरियां संदिग्ध हैं तो उन्हें वेतन क्यों दिया जाना चाहिए तो उन्होंने कहा कि हम मामले की जांच करा रहे हैं। उनके हटाए गए नौकरी माफिया को दुबारा सैडमैप में जगह दिए जाने पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि मैं पिछले सात महीनों से सचिव पद पर आया हूं इससे पुराने मामलों के बारे में मैं कुछ नहीं बोल सकता।

    पाकिस्तान में सेना ने जिस तरह हर कमाई के तंत्र पर अपना कब्जा जमा लिया है और वहां कि अर्थव्यवस्था छिन्न भिन्न कर दी है उसी प्रकार मध्यप्रदेश में नौकरशाही ने हर कमाई के तंत्र पर अपना सिक्का जमा लिया है। लगभग अस्सी हजार करोड़ का स्थापना व्यय हड़प जाने वाला सरकारी तंत्र जनता की समस्याओं का समाधान देने में असफल साबित हो रहा है। उत्पादकता बढ़ाने के स्थान पर उद्यमियों से लूटमार की जाने लगी है।मोदी सरकार ने राज्य की आय बढ़ाने का लक्ष्य तय करके डाक्टर मोहन यादव को मुख्यमंत्री बनाकर भेजा है। चेतन काश्यप जैसे हुनरमंद उद्योगपति सूक्ष्म एवं लघु उद्योग विभाग के मंत्री बनाए गए हैं इसके बावजूद उनकी नाक तले नौकरी माफिया का षड़ंयत्र बदस्तूर जारी है।व्यापम भर्ती घोटाले की कहानियों की स्याही अभी सूखी नहीं है और एक बार फिर सेडमैप से नौकरियां बेचे जाने की नींव रखी जाने लगी है।उम्मीद की जानी चाहिए कि इस विषय पर राज्य के नीति निर्धारक एक बार गंभीरता से विचार करेंगे और समस्या का समाधान ढूंढ़ने में अपने हुनर का प्रयोग करेंगे। प्रशासनिक प्रमुख को बदलकर राज्य सरकार ने सुशासन की अपनी मंशा तो जाहिर कर दी है देखना है कि इसका असर कितने दिनों में साकार होता नजर आता है।

  • जनधन खाते,आधार और मोबाईल ने तहस नहस किया कांग्रेस का भ्रष्ट तंत्र बोले प्रधानमंत्री

    जनधन खाते,आधार और मोबाईल ने तहस नहस किया कांग्रेस का भ्रष्ट तंत्र बोले प्रधानमंत्री

    न गरीबों का पैसा लुटने दूंगा, न कांग्रेस नेताओं की तिजौरी भरने दूंगाः नरेंद्र मोदी

    जबलपुर,5 अक्टूबर(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। आज के युवाओं को पता नहीं होगा कि 2014 में मोदी के आने से पहले देश में हजारों करोड़ के घोटाले होते थे। गरीबों का पैसा नेताओं की तिजौरियों में जा रहा था। 2014 में जब जनता ने मुझे मौका दिया, तो हमारी सरकार ने भ्रष्ट व्यवस्थाओं को बदलने का अभियान चलाया। 11 करोड़ फर्जी नाम दफ्तरों से हटाए। ये नाम उन लोगों के थे, जो कभी पैदा ही नहीं हुए, लेकिन से देश का खजाना लूट रहे थे, गरीबों का हक लूट रहे थे। ये लोग इसीलिए मुझ पर गुस्सा हो रहे हैं क्योंकि मैंने कमीशन का खेल बंद कर दिया। मेरा संकल्प है, गरीब का पैसा लुटने नहीं दूंगा और कांग्रेसियों की तिजौरी भरने नहीं दूंगा। हमने जनधन, आधार और मोबाइल की त्रिशक्ति से कांग्रेस के भ्रष्ट तंत्र को तहस-नहस कर दिया। यह बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को वीरांगना रानी दुर्गावती की 500 वीं जयंती पर जबलपुर में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए कही। इस अवसर पर प्रधानमंत्री श्री मोदी ने रानी दुर्गावती के भव्य स्मारक समेत 8300 करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया। इस दौरान मंच पर राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान एवं पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा सहित केंद्रीय मंत्री एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

    आज कांग्रेस की सरकार होती, तो कितनी बड़ी चोरी हो रही होती
    प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि कांग्रेस के ही एक प्रधानमंत्री कहते थे कि हम दिल्ली से 1 रुपया भेजते हैं, लेकिन गरीब के पास तक सिर्फ 15 पैसा पहुंचता है। 85 पैसे कोई पंजा खींच लेता था। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने जनधन खातों, आधार और मोबाइल की त्रिशक्ति के प्रयोग से देश के, गरीबों के 2.5 लाख करोड़ रुपये गलत हाथों में जाने से बचाए और आज गरीबों का हर पैसा उनके हित में काम आ रहा है। उज्जवला योजना में हम रियायती सिलेंडर दे रहे हैं। मुफ्त राशन पर 3 लाख करोड़ खर्च हो रहे हैं। आयुष्मान भारत योजना में 5 करोड़ परिवारों को मुफ्त इलाज मिल रहा है, उस पर 70 हजार करोड़ खर्च हो रहे हैं। हमारी सरकार किसानों को 3000 रुपये मूल्य का यूरिया लगभग 300 रुपये में उपलब्ध करा रही है। इस पर 8 लाख करोड़ खर्च हो रहे हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में 2.5 लाख करोड़ रुपया किसानों के खातों में जा चुका है। हमारी सरकार ने गरीबों को पक्का घर देने के लिए 4 लाख करोड़ खर्च किए हैं। अगर ये पूरा पैसा जोड़ लिया जाए, तो कितना होगा? सोचकर देखिए, अगर आज कांग्रेस की सरकार होती, तो कितनी बड़ी चोरी हो रही होती?

    हमारे देश में तेजस्वी, तपस्वी महापुरुषों को भुला दिया गया
    प्रधानमंत्री श्री मोदी ने वीरांगना रानी दुर्गावती की 500 वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि पूरा देश आज रानी दुर्गावती जी की जयंती मना रहा है। हमने जनजातीय गौरव यात्राओं के दौरान उनकी जयंती को राष्ट्रीय स्तर पर मनाने का आह्वान किया था और आज हम सब एक पवित्र कार्य करने के लिए, अपने पूर्वजों का ऋण चुकाने के लिए एकत्र हुए हैं। आज वीरांगना रानी दुर्गावती के एक भव्य स्मारक का भूमिपूजन हुआ है, जिसके बन जाने के बाद देश का हर व्यक्ति का मन उसे देखने के लिए मचलेगा और जबलपुर एक यात्राधाम बन जाएगा। श्री मोदी ने कहा कि रानी दुर्गावती का जीवन हमें सर्वजन हिताय की सीख देता है और मुश्किलों से संघर्ष का हौंसला भी देता है। दुनिया के किसी भी देश में उनके जैसा कोई नायक या नायिका होती, तो वह देश उछलकूद करने लगता। लेकिन हमारे देश में अपने महापुरुषों को भुला दिया गया। तेजस्वी, तपस्वी महापुरुषों को भुला दिया गया।

    जिस दल ने दशकों तक सरकार चलाई, उसने जनजातियों को सम्मान नहीं दिया
    श्री मोदी ने कहा कि देश की जनजातियों का आजादी से लेकर संस्कृति और स्वाभिमान की रक्षा तथा विरासत को संजाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। लेकिन जिस दल ने आजादी के बाद इतने दशकों तक देश में सरकार चलाई, उसने इन जनजातियों को सम्मान नहीं दिया, उनके योगदान को भुला दिया। पहली बार भाजपा की सरकार आने पर पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटलजी की सरकार ने अलग से जनजातीय मंत्रालय बनाया और बजट भी आवंटित किया। भाजपा के समय में ही देश में पहली जनजातीय समाज की महिला राष्ट्रपति बनी। भगवान बिरसा मुंडा की जयंती जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत भाजपा की सरकार ने की। हबीबगंज स्टेशन का नाम रानी कमलापति और पातालपानी स्टेशन का नाम जननायक टंट्या भील के नाम पर रखने का काम भाजपा सरकार ने किया। वीरांगना रानी दुर्गावती का जो भव्य स्मारक बनेगा उसमें भी गोंड कला, संस्कृति और इतिहास को प्रदर्शित किया जाएगा।

    ये भाजपा को गाली देते-देते भारत को गाली देने लगे हैं
    प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि जब किसी दल पर स्वार्थ हावी हो, तो उसकी स्थिति का अंदाज कोई भी लगा सकता है। आज पूरी दुनिया में देश की उपलब्धियों की चर्चा हो रही है, लेकिन विरोधी दलों को कुर्सी के अलावा कुछ दिखाई नहीं देता। ये भाजपा को गाली देते देते अब भारत को गाली देने लगे हैं। पूरी दुनिया में डिजिटल इंडिया का डंका बज रहा है, ये उसका मजाक उड़ाते हैं। हमारे वैज्ञानिकों ने कोरोना की वेक्सीन बनाई, जिस पर एक आंखें खोलने वाली फिल्म ‘वेक्सीन वार’ बनी है, लेकिन ये उस पर भी सवाल उठाते हैं। हमारी सेनाएं जब पराक्रम करती हैं, तो ये सवाल उठाते हैं। इन्हें देश के दुश्मनों की, आतंक के आकाओं की बात सही लगती है। आजादी का अमृत महोत्सव पूरे देश का उत्सव था, लेकिन इन्होंने उसका भी मजाक उड़ाया। अब हम पूरे देश में अमृत सरोवर बना रहे हैं, तो इन्हें उसमें भी दिक्कत हो रही है।

    कांग्रेस को नहीं थी माता-बहनों के स्वास्थ्य की परवाह
    श्री मोदी ने कहा कि आज हजारों करोड़ के कार्यों का भूमिपूजन, लोकार्पण हुआ है। इसमें गैस की पाइपलाइन और फोरलेन सहित अनेक जीवन बदलने वाले प्रोजेक्ट शामिल हैं। इनके तैयार हो जाने पर यहां फैक्ट्रियां लगेंगी, युवाओं को रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि माताओं, बहनों को धुएं से मुक्त रसोई देना भाजपा की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। एक रिसर्च कहती है कि हमारी माता-बहनें जब चूल्हे पर खाना बनाती हैं, तो 24 घंटे में उनके शरीर में 400 सिगरेट के बराबर धुआं जाता है। हमारी सरकार ने माता-बहनों को इस धुएं से मुक्ति दिलाई। अगर कांग्रेस चाहती, तो पहले भी ये काम कर सकती थी, लेकिन उन्हें हमारी माता-बहनों के स्वास्थ्य की चिंता नहीं थी। श्री मोदी ने कहा कि रक्षाबंधन पर हमारी सरकार ने उज्जवला योजना के सिलेंडर को सस्ता किया था, अब दुर्गापूजा, नवरात्रि, दशहरा और दीवाली आने वाले हैं, इसलिए उज्जवला के गैस सिलेंडर पर 100 रुपये और कम किए जा रहे हैं। इसका मतलब है पिछले कुछ सप्ताह में ही हमारी सरकार ने इस सिलेंडर की कीमत 500 रुपये कम कर दी है। आने वाले समय में लोगों को और सस्ती गैस मिल सके, इसके लिए भाजपा सरकार काम कर रही है, गैस पाइपलाइन बिछाई जा रही है।

    विकसित और समृद्ध मध्यप्रदेश के लिए सही फैसला लें
    श्री मोदी ने कहा कि मैं मां नर्मदा के तट से एक बात कह रहा हूं, मेरे शब्द लिख लो। आने वाला समय मध्यप्रदेश के लिए बहुत महत्वपूर्ण समय है। मध्यप्रदेश आज ऐसे मुहाने पर है कि अगर इसके विकास की रफ्तार में कोई भी रुकावट आई, तो वो रफ्तार आने वाले 20-25 सालों तक नहीं मिलेगी। आने वाले 25 साल बहुत महत्वपूर्ण हैं और हमें विकास की गति को रुकने नहीं देना है। ये आज के युवाओं की जिम्मेदारी है कि जब उनके बच्चे बड़े हों तो उन्हें एक विकसित, समृद्ध और आन-बान-शान वाला मध्यप्रदेश मिले। इसके लिए सबसे महत्वपूर्ण है कि आप सही फैसला लें।

    मध्यप्रदेश को हर क्षेत्र में नंबर-1 बनाना है
    प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि आज देश का रक्षा निर्यात कई गुना बढ़ा है, जिसमें जबलपुर की फैक्ट्रियों का भी योगदान है। केंद्र सरकार अपनी सेनाओं को मेड इन इंडिया हथियार दे रही है, जिससे हथियारों का उत्पादन बढ़ेगा और युवाओं को रोजगार मिलेंगे। उन्होंने कहा कि आज भारत का आत्मविश्वास नई बुलंदी पर है। खेल के मैदान से लेकर खेतों तक भारत का परचम लहरा रहा है। एशियाड में हमारे खिलाड़ी शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। सारी दुनिया कह रही है ये समय भारत के युवाओं का समय है। युवाओं को जब अवसर मिला, तो भारत जी-20 समिट जैसा सफल आयोजन कर पाया। युवाओं को अवसर मिला, तभी चंद्रयान चंद्रमा के उस तरफ उतरने में सफल हुआ, जहां अभी तक कोई नहीं पहुंच पाया था। युवाओं को अवसर मिला, तभी लोकल के लिए वोकल का मंत्र गूंजता है। गांधी जयंती पर दिल्ली के एक ही शो रूम से 1.5 करोड़ की खादी बिकी। जब से हमारे बेटे-बेटियों ने बागडोर संभाली है, स्वदेशी की भावना हर तरफ बढ़ रही है। श्री मोदी ने कहा कि 1 अक्टूबर को जब स्वच्छता अभियान चलाया गया, तो 9 लाख जगहों पर स्वच्छता अभियान चलाए गए और 9 करोड़ से ज्यादा लोगों ने इन अभियानों में भागीदारी कर सफाई की। मध्यप्रदेश के युवाओं ने स्वच्छता में प्रदेश को अव्वल बनाया। हमें इसी जज्बे को आगे ले जाना है और मध्यप्रदेश को हर क्षेत्र में नंबर-1 बनाना है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में मध्यप्रदेश विकास के मामले में टॉप पर रहेगा, ये मोदी का संकल्प है और विकास के इस संकल्प को महाकोशल और मध्यप्रदेश की जनता, यहां के युवा पूरा करेंगे।

    ये एक परिवार की चरणवंदना करते हैं, भाजपा करती है सबका सम्मान
    श्री मोदी ने कहा कि आजादी के बाद दशकों तक सरकार चलाने वाले दल ने एक ही परिवार की चरणवंदना की। जबकि देश को आजादी इस एक ही परिवार ने नहीं दिलाई, न देश का विकास इस एक परिवार ने किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सभी को एक दृष्टि से देखती है और हर वर्ग को सम्मान देती है। भाजपा की सरकार ने महू में डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर के सम्मान में पंचतीर्थ का विकास किया, तो सागर में संत रविदास जी का स्मारक बनाया जा रहा है। परिवारवाद और भ्रष्टाचार में डूबे इन दलों ने आदिवासियों के संसाधनों को लूटा है। इनकी सरकार के समय सिर्फ 8-10 वनोपज पर ही एमएसपी दी जाती थी, हमारी सरकार ने 90 वनोपज के लिए एमएसपी घोषित की है। इनके समय में छोटे किसानों के कोदों, कुटकी जैसे अनाज को महत्व नहीं मिला। हम इन्हें श्रीअन्न के रूप में सारी दुनिया में ले जा रहे हैं और जी-20 समिट में आए मेहमानों को भी इन्हीं से बने पकवान परोसे गए। उन्होंने कहा कि इन्होंने नारी शक्ति को नजरअंदाज किया, हमने नारी शक्ति वंदन अधिनियम बनाया। विश्वकर्मा साथियों के लिए हमारी सरकार ने 13000 करोड़ की योजनाएं बनाई हैं। श्री मोदी ने कहा कि भाजपा की सरकार गरीबों की सरकार है।

    खुले वाहन में सवार होकर जन समूह के बीच जन दर्शन करने पहुँचे प्रधानमंत्री
    प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान एवं भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा के साथ खुले वाहन पर सवार होकर कार्यक्रम स्थल में प्रवेश किया। प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा किए गए जन दर्शन के दौरान कार्यक्रम में भारी संख्या में मौजूद जनसमूह ने करतल ध्वनि और नारे लगाकर उनका आत्मीय स्वागत किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मौजूद महिलाओं सहित सम्पूर्ण जन समूह ने प्रधानमंत्री श्री मोदी के सम्मान में लिखी हुईं तख्तियाँ लहराकर प्रधानमंत्री श्री मोदी के प्रति अपना आभार जताया।

    कांग्रेस ने सिर्फ एक परिवार का महिमा मंडन किया, मोदी जी ने जनजातीय महापुरुषों का सम्मान: मुख्यमंत्री

    मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि कई बार मन में तकलीफ होती है कि एक पार्टी जो वर्षों तक सत्ता में रही, उसने केवल अपनी पार्टी के लोगों का ही महिमामंडन किया, मुझे गर्व है ये कहते हुए अगर रानी दुर्गावती जी की प्रतिमा लगाई तो भाजपा की सरकार ने लगाकर उन्हें श्रद्धा के सुमन अर्पित किया। प्रधानमंत्री जी को हृदय से धन्यवाद देता हूँ कि प्रधानमंत्री जी ने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर जनजातीय गौरव दिवस दिवस मनाने की घोषणा की। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने रानी दुर्गावती, टंट्या मामा, भीमानायक जैसे हमारे जनजातीय महापुरुषों का सम्मान किया। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की प्रेरणा से रानी दुर्गावती जी के स्मारक का निर्माण हो रहा है। उन्ही की प्रेरणा से आज मंडला के मेडिकल कॉलेज का नाम हृदय शाह मेडिकल कॉलेज है। छिंदवाड़ा के विश्वविद्यालय का नाम शंकर शाह विश्वविद्यालय है और ये प्रधानमंत्री जी ही हैं, जिनके कारण भोपाल के हबीबगंज का नाम रानी कमलापति रेलवे स्टेशन किया गया। उन्होंने कहा कि रघुनाथ शाह और शंकर शाह जी के जयंती पर दो साल पहले केंद्रीय मंत्री अमित शाह जी पधारे थे तब हमने 14 घोषणाएं की थी, आज वो घोषणाएं पूर्ण हो चुकी हैं। श्री चौहान ने कहा कि पेसा एक्ट की मांग वर्षों से रही लेकिन सत्ता में रही कांग्रेस ने कभी भी इसको लागू नहीं किया। पेसा एक्ट धरती पर उतारकर भाजपा की सरकार ने जनजातीय समुदाय का कल्याण किया। आज पेसा एक्ट जनजातीय भाइयों - बहनों को जल, जंगल और जमीन के अधिकार दे रहा हैं। 

    कमलनाथ ने गरीबों का हक़ और अधिकार छीनकर अपराध और पाप किया
    मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश प्रगति के पथ पर अग्रसर हैं। मध्यप्रदेश भी मोदी जी के नेतृत्व में आज हर दिशा में आगे बढ़ रहा है। मोदी जी ने आयुष्मान कार्ड योजना से गरीबों की चिंता की। मध्यप्रदेश में हमने गरीबों को 70 लाख से अधिक आयुष्मान कार्ड बनाकर उनको सुरक्षा कवच प्रदान किया। आज देश में सबसे अधिक आयुष्मान कार्ड मध्यप्रदेश में बनाए गये है। प्रधानमंत्री आवास योजना गरीब आदिवासियों के लिए वरदान बनकर आई। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने आवास योजना ग्रामीण में 38 लाख मकान स्वीकृत कियें, हमने 35 लाख 34 हजार घर बनाकर गरीबों को गृह प्रवेश करवाया। आज गरीबों को पक्के घर मिल रहें है लेकिन जब प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी तब कमलनाथ ने प्रधानमंत्री श्री मोदी जी के भेजे घर वापिस कर दिए। कमलनाथ ने गरीबों के घर नहीं बनायें, गरीबों के आयुष्मान कार्ड नहीं बनने दियें और आदिवासी किसानों को मिलने वाली सम्मान निधि से भी वंचित रखा। सरकार में रहते हुए कमलनाथ ने गरीबों का हक़ और अधिकार छीनकर अपराध और पाप किया।

    आज मध्यप्रदेश विकास और योजनाओं के क्रियान्वयन में नम्बर वन
    मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कभी कांग्रेस के राज में मध्यप्रदेश बीमारू राज्य कहलाता था, आज समृद्ध राज्य बन रहा है। आज 3 लाख किमी की शानदार सड़कें हमने बनाई हैं। हमने सिंचाई की 47 लाख हेक्टेयर में व्यवस्था की है। आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश लगातार विकास कर रहा है। उन्होंने कहा कि हमने हर वर्ग के विकास के लिए योजनाएं बनाई साथ ही केंद्र की योजनाओं का सफल क्रियान्वयन भी किया। आज मध्यप्रदेश पीएम स्ट्रीट वेंडर योजना में नम्बर वन है, किसानों के लिए शुरू की गयी स्वामित्व योजना में मध्यप्रदेश नम्बर एक पर है। श्री मोदी जी ने बहनों के लिए मातृ वंदना योजना शुरू की उसके क्रियान्वयन में भी मध्यप्रदेश आगे है। स्वच्छता, जल सरंक्षण में भी आज मध्यप्रदेश नम्बर एक पर है। प्रधानमंत्री श्री मोदी जी के ड्रीम प्रोजेक्ट कहे जाने वाले स्मार्ट सीटी के क्रियान्वयन में आज मध्यप्रदेश आगे है।

    इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री श्री फग्गन सिंह कुलस्ते, श्री प्रहलाद पटेल, सांसद व पूर्व प्रदेश अध्यक्ष श्री राकेश सिंह, पार्टी के राष्ट्रीय मंत्री श्री ओमप्रकाश धुर्वे, प्रदेश शासन के मंत्री श्री गोपाल भार्गव, श्री विजय शाह, श्री राजेन्द्र शुक्ल, श्रीमती मीना सिंह, श्री सुरेश राठखेड़ा, पार्टी की प्रदेश उपाध्यक्ष व सांसद श्रीमती सुमित्रा वाल्मीकि, सांसद डॉ. दुर्गादास उइके, विधायक श्री अजय विश्नोई, श्री अशोक रोहाणी, श्री इंदू तिवारी एवं श्रीमती नंदिनी मरावी उपस्थित रहीं।

  • विकास के उत्सव का लाभ उठाएं बोले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

    विकास के उत्सव का लाभ उठाएं बोले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

    भोपाल,14 सितंबर( प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि भारत को विश्व की टॉप 3 अर्थ-व्यवस्था में लाना हमारा लक्ष्य है जिसकी ओर हम तेजी से बढ़ रहे हैं। इस लक्ष्य को पूरा करने में मध्यप्रदेश की बड़ी भूमिका होगी। मध्यप्रदेश के लिये हमारे संकल्प बड़े हैं। आने वाले 5 वर्षों में मध्यप्रदेश विकास की बुलंदियों को छुएगा। आज यहां लगभग 51 हजार करोड़ लागत की औद्योगिक परियोजनाओं का भूमि-पूजन किया गया है, इनसे बुन्देलखण्ड और मध्यप्रदेश की तस्वीर और तकदीर बदलेगी। औद्योगिक विकास को नई ऊर्जा मिलेगी। केन्द्र सरकार मध्यप्रदेश में नई परियोजनाओं पर 50 हजार करोड़ रूपये से ज्यादा खर्च करेगी। ये परियोजनाएँ गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के सपनों को सच करेंगी। विकास के इस उत्सव में भागीदार होने के लिये आप सभी को धन्यवाद और शुभकामनाएँ।

    प्रधानमंत्री श्री मोदी आज बीना रिफाइनरी परिसर में नवीन औद्योगिक परियोजनाओं के शिलान्यास अवसर पर विशाल जन-समुदाय को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने 51 हजार करोड़ रूपये की औद्योगिक परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इनमें बीना रिफाइनरी परिसर में 49 हजार करोड़ रूपये की लागत से पेट्रो-केमिकल कॉम्पलेक्स और मध्यप्रदेश के विभिन्न स्थानों पर 1800 करोड़ रूपये की लागत की 10 नई औद्योगिक परियोजनाएँ शामिल हैं।

    नर्मदापुरम्में नवकरणीय ऊर्जा जोन, इंदौर में 2 आईटी पार्क, रतलाम में मेगा इंडस्ट्रियल पार्क और 6 शहरों शाजापुर, गुना, मंदसौर, आगर-मालवा, नर्मदापुरम् और मक्सी में नये औद्योगिक केन्द्र विकसित किये जाएंगे। इसके पहले प्रधानमंत्री श्री मोदी, मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और सांसद श्री व्ही.डी. शर्मा के साथ खुली जीप में जनता का अभिवादन स्वीकार करते हुए मंच तक पहुँचे। कार्यक्रम स्थल पर उन्होंने पेट्रो-केमिकल कॉम्पलेक्स के निर्माण संबंधी प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने पुष्प-गुच्छ और साँची स्तूप की प्रतिकृति भेंट कर प्रधानमंत्री श्री मोदी का स्वागत किया।

    औद्योगिक विकास के लिये मुख्यमंत्री को दी बधाई

    प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि मध्यप्रदेश जो कभी देश के खस्ताहाल राज्यों में शामिल था, आज विकास की नई ऊँचाई छू रहा है। आजादी के बाद लम्बे समय तक यहां भ्रष्टाचार, अन्याय और अत्याचार का बोलबाला रहा है। कोई कानून व्यवस्था थी ही नहीं। उद्योग और व्यापार चौपट थे। केन्द्र और राज्य की डबल इंजन सरकार ने पूरी ईमानदारी से मध्यप्रदेश का भाग्य बदलने का कार्य किया है। पहले सड़क, पानी और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएँ भी नहीं थीं। आज हर क्षेत्र में विकास हो रहा है। हर गाँव तक सड़क, हर घर में बिजली, हर क्षेत्र में पानी पहुँच रहा है। निवेशक यहाँ आना और निवेश करना चाहते हैं। मध्यप्रदेश तेज गति से औद्योगिक विकास कर रहा है। इसके लिये यहाँ की जनता, मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और उनकी पूरी टीम बधाई की पात्र है।

    प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि जी-20 की सफलता से आज पूरे विश्व में भारत का मस्तक ऊँचा हुआ है। गाँव-गाँव के बच्चे की जुबान पर जी-20 का नाम है। जी-20 की सफलता का श्रेय मोदी को नहीं बल्कि देश की 140 करोड़ जनता को जाता है। यह भारत की सामूहिक शक्ति का परिणाम है। विदेशी मेहमानों ने कहा कि उन्होंने ऐसा आयोजन कभी नहीं देखा। हमने उनका स्वागत दिल खोलकर किया। वे हमारी विविधता और समृद्ध विरासत को देखकर प्रभावित हुए। जी-20 की बैठकों का सफल आयोजन भोपाल, इंदौर और खजुराहो में भी किया गया। जी-20 के सफल आयोजन में मध्यप्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका रही है और इसके लिये मैं शिवराज की टीम-मध्यप्रदेश की प्रशंसा करता हूँ।

    प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि आजादी के अमृत काल में हर भारतवासी ने देश के विकास का संकल्प लिया है, परंतु इसकी सिद्धि के लिये भारत का आत्म-निर्भर होना जरूरी है। आज बीना में पेट्रो-केमिकल इकाई का शिलान्यास इस क्षेत्र में भारत को आत्म-निर्भर बनाने में सहायक होगा। अभी भारत को डीजल, पेट्रोल और अन्य पेट्रो-केमिकल सामग्री के लिये दूसरे देशों पर निर्भर रहना होता है। इन परियोजनाओं से पूरे क्षेत्र को विकास की नई ऊँचाई मिलेगी, नए उद्योग आएंगे और किसान, छोटे उद्यमी और बड़ी संख्या में नौजवानों को रोजगार मिलेगा।

    राष्ट्र विरोधी ताकतों को मिलकर रोके

    प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि आज भारत विश्वमित्र के रूप में सामने आ रहा है, वह दुनिया को जोड़ने का सामर्थ्य दिखा रहा है। यह हमारी सनातन संस्कृति ही है जिसने हजारों वर्षों से हमारे देश को जोड़े रखा है। भगवान श्री राम, देवी अहिल्याबाई, झांसी की रानी लक्ष्मीबाई, महात्मा गांधी सभी हमारी सनातन संस्कृति के प्रतीक हैं। महर्षि वाल्मिकी, माता शबरी, संत रविदास, लोकमान्य तिलक आदि सभी ने इसका संरक्षण किया है। परंतु आज कतिपय राष्ट्र विरोधी ताकतें इसे समाप्त करने की कोशिश कर रही हैं। ये फिर से देश को गुलामी में ढकेलना चाहती हैं। हमें साथ मिलकर पूरी ताकत से इन्हें रोकना होगा।

    जनता की सेवा, मोदी की गारंटी

    प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि जनता की सेवा, मोदी की गारंटी है और उसे निरंतर पूरा किया जा रहा है। हमने सबको पक्के घर, घर-घर शौचालय, सबको भोजन, नि:शुल्क इलाज, सबके बैंक खाते, हर बहन को गैस कनेक्शन की गारंटी दी और उसे पूरा किया। देश में 40 लाख परिवारों को पक्के घर दिये गये हैं। उज्ज्वला योजना में बहनों को गैस कनेक्शन देकर धुएँ से मुक्ति दिलाई गई है। रक्षाबंधन पर गैस सिलेंडर की कीमत 200 रूपये कम की गई है। अब केन्द्र सरकार ने निर्णय लिया है कि 75 लाख और बहनों को मुफ्त गैस कनेक्शन दिये जाएंगे।

    वंचितों की वरीयता है शासन का मूल मंत्र

    प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि वंचितों की वरीयता शासन का मूल मंत्र है। दिल्ली की सरकार हो अथवा भोपाल की, हम हर घर तक पहुँचकर जनता की सेवा कर रहे हैं। कोविड के संकटकाल में मुफ्त टीकाकरण मानवता की बड़ी सेवा थी। गरीबों को मुफ्त राशन दिया जा रहा है। सरकार खेती की लागत कम करने और किसानों के कल्याण के कार्य कर रही है। किसानों को सस्ता खाद- बीज दिलवा रही है। यूरिया खाद की जो बोरी अमेरिका में 3 हजार रूपये में मिलती है, हम किसानों को 300 रूपये में दिलवा रहे हैं। इस पर सरकार ने सरकारी खजाने से 10 लाख करोड़ रूपये खर्च किये हैं।

    प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि केन-बेतवा लिंक परियोजना से बुंदेलखण्ड क्षेत्र को अत्यधिक लाभ होगा। आने वाली पीढ़ियां भी इससे लाभान्वित होंगी। देश में आने वाले 4 वर्षों में 10 करोड़ नए परिवारों को नल से जल उपलब्ध कराया जाएगा। मध्यप्रदेश में भी 65 लाख परिवारों को नल से जल दिलवाया जा रहा है। अटल भू-जल योजना पर भी कार्य हो रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि आगामी 5 अक्टूबर को देश में रानी दुर्गावती की 500वीं जयंती धूम-धाम से मनाई जाएगी।

     मध्यप्रदेश का हुआ कायाकल्प : केन्द्रीय मंत्री श्री हरदीप सिंह पुरी

    केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री श्री हरदीप सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा 2014 में देश की बागडोर संभालने के बाद देश का कायाकल्प हुआ है। वर्ष 2014 में जहाँ देश के केवल 45% लोगों के पास एलपीजी गैस कनेक्शन था, हमारी सरकार ने 32 करोड़ गैस कनेक्शन उपलब्ध कराए। प्रधानमंत्री श्री मोदी के प्रयासों का ही परिणाम है कि विश्व के दूसरे देशों में पेट्रोल- डीजल के दाम बढ़े लेकिन भारत में पेट्रोल-डीजल के भाव कम हुए। देश में सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी में भी कमी आई है। जिन राज्यों में डबल इंजन की सरकारें है, वहां वैट टैक्स भी कम हुआ है। केंद्रीय मंत्री श्री पुरी ने 2014 के बाद मध्य प्रदेश में हुई प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि 2014 में मध्य प्रदेश में जहां 2854 पेट्रोल पंप थे वहीं 2023 में बढ़कर 5938 हो गए। एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर की संख्या 865 से बढ़कर 1552 और एलपीजी गैस कनेक्शन की संख्या 70 लाख से बढ़कर एक करोड 85 लाख हो गई है। केंद्रीय मंत्री ने मध्य प्रदेश की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में एलपीजी गैस की उपलब्धता 45 प्रतिशत से बढ़कर शत प्रतिशत हुई है, एलपीजी पाइपलाइन कनेक्शन की संख्या 2700 से बढ़कर 15785, सीएनजी स्टेशन की संख्या 15 से बढ़कर 275 और प्राकृतिक गैस पाइपलाइन का विस्तार 802 किलोमीटर से बढ़कर 6862 किलोमीटर में हुआ है। बीना में आज हुए लोकार्पण से यह क्षेत्र “बुलंद बुंदेलखंड” के लक्ष्य की ओर दृढ़तापूर्वक अग्रसर होगा।

    विश्व-कल्याण के लिये काम कर रहे हैं प्रधानमंत्री – मुख्यमंत्री श्री चौहान

    मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री श्री मोदी का स्वागत करते हुए कहा कि जी-20 की ऐतिहासिक सफलता ने सिद्ध किया है कि प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा विश्व के कल्याण की दिशा में किए जा रहे कार्य से संपूर्ण विश्व में हमारे देश और देशवासियों का मान-सम्मान बढ़ा है। चंद्रयान की सफलता के लिए भी हमारे वैज्ञानिकों को प्रणाम और प्रधानमंत्री श्री मोदी का वंदन है। उनके नेतृत्व में अब हम सूर्य की ओर भी अग्रसर हैं।

    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि पिछली सरकार ने बुंदेलखंड को पिछड़ा रखा था। प्रधानमंत्री मोदी की पहल पर यहां हो रहे 50 हजार करोड़ के निवेश से बुंदेलखंड की तस्वीर और यहां के निवासियों की तकदीर बदल जाएगी। बीना रिफाइनरी, एथिलीन क्रेकर परियोजना और प्रदेश के 10 प्रमुख औद्योगिक पार्कों से युवाओं के लिए लाखों रोजगार के अवसर सृजित होंगे, इन सौगातों के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी का आभार। उन्होंने कहा कि केन-बेतवा परियोजना मंजूर हो गई है इससे 20 लाख एकड़ में सिंचाई होगी और बुंदेलखंड क्षेत्र के लोगों का जीवन बदल जाएगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रधानमंत्री श्री मोदी को केन-बेतवा परियोजना के भूमि पूजन का आमंत्रण दिया।

    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रधानमंत्री श्री मोदी को आगामी 17 सितंबर को आ रहे जन्मदिवस के लिए प्रदेशवासियों की ओर से शुभकामनाएं देते हुए कहा कि श्री मोदी का जीवन देश और देशवासियों के लिए है। ईश्वर से यही प्रार्थना है कि वे स्वस्थ और प्रसन्न रहें तथा देश-दुनिया की सेवा करते रहें, मध्य प्रदेश उनका अनुसरण करता रहेगा।

     सभा स्थल पर श्री नरेंद्र मोदी का जनदर्शन

    बीना रिफाइनरी परिसर में पेट्रो केमिकल काम्पलेक्स के भव्य शिलान्यास कार्यक्रम और जनसभा स्थल पहुंचने पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जनता के बीच खुले वाहन से पहुंचे। लगभग बीस मिनट के जनदर्शन में उनके साथ मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और सांसद वीडी शर्मा भी थे। श्री मोदी को अपने बीच पाकर मौजूद जनता ने उत्साह, उमंग और हर्ष से स्वागत किया। श्री मोदी ने भी जनता का अभिवादन स्वीकार किया। जनसभा में विशाल संख्या में उपस्थित जनता के बीच प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के वाहन के लिए मार्ग बनाया गया था। जिस स्थान से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री चौहान का वाहन निकला, उस स्थान पर मौजूद लोग इस ऐतिहासिक दृश्य को अपने मोबाइल के कैमरे में कैद से करने से नहीं चूके।

    केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता  मंत्री श्री वीरेंद्र कुमार, केंद्रीय जल शक्ति नियोजन राज्य मंत्री प्रहलाद पटेल, जिले के प्रभारी और प्रदेश के सहकारिता और लोक सेवा प्रबंधन मंत्री डॉ. अरविंद सिंह भदौरिया, लोक निर्माण मंत्री गोपाल भार्गव, नगरीय विकास मंत्री भूपेंद्र सिंह, राजस्व एवं परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, सांसद व्ही.डी. शर्मा और राजबहादुर सिंह सहित विधायक और जन-प्रतिनिधि मौजूद थे।

  • मोदी का नेतृत्व पसंद करते हैं विश्व के नेतागण

    मोदी का नेतृत्व पसंद करते हैं विश्व के नेतागण

    भोपाल, 25 मई(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विश्व के अनेक देशों में सम्मान मिला है। इससे भारतवासी गर्वित, आनंदित और सम्मानित महसूस कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी अभिनन्दन के पात्र हैं। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि हाल ही में प्रधानमंत्री जी को पापुआ न्यू गिनी और फिजी ने अपने सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित किया है। इन देशों के राष्ट्र प्रमुख कहते हैं कि भारत हमारी आवाज बन कर उभर रहा है। हमारे प्रधानमंत्री जब पापुआ न्यू गिनी पहुँचे तो वहाँ के प्रधानमंत्री ने मोदी जी के चरण स्पर्श किए। यह अभूतपूर्व और ऐतिहासिक है। यह प्रधानमंत्री श्री मोदी की सेवाओं का ही परिणाम है। उन्होंने दुनिया की भी चिंता की है। श्री मोदी को केवल इन दो देशों ने ही अपना सर्वोच्च सम्मान नहीं दिया बल्कि सबसे पहले अफगानिस्तान ने अपना सर्वोच्च सम्मान उन्हें दिया था। इसके अलावा फिलीस्तीन, यूएई और रूस ने भी मोदी जी को अपने देश के सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित किया है।

    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने डिंडोरी में कहा कि अनेक राष्ट्र, भारत से मार्गदर्शन की अपेक्षा करते हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी कल 6 दिवसीय विदेश यात्रा से लौटे, उन्होंने लगभग 20 राष्ट्राध्यक्षों से भेंट की और 40 से अधिक बैठकों में शामिल हुए। वे निरंतर घंटों कार्य करते हैं।

    सम्मानों की रही है लंबी श्रंखला

    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री जी का सम्मान अद्भुत है और गर्व का विषय है। उनको पूर्व में अनेक देशों ने सम्मान दिए हैं। जहाँ अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि मोदी जी आप बहुत लोकप्रिय हैं, मुझे आपके आटोग्राफ चाहिए, वहीं आस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री श्री एंथनी एल्बनीज ने मोदी जी के लिए कहा “मोदी इज द बॉस”। यहीं नहीं इसके पूर्व मालद्वीप और बहरीन द्वारा भी प्रधानमंत्री जी को सम्मानित किया गया है। अमेरिका ने अपना सर्वोच्च सैन्य सम्मान श्री मोदी को दिया। सऊदी अरब ने भी उनको सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित किया। साथ ही दक्षिण कोरिया ने भी सम्मानित किया। पर्यावरण के क्षेत्र में काम करने के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ ने “चेंपियन्स ऑफ द अर्थ अवार्ड से मोदी जी को नवाजा। प्रधानमंत्री श्री मोदी को फिलिप कोर्टल प्रेसिडेंशियल अवार्ड से भी सम्मानित किया गया। स्वच्छ भारत अभियान के लिए बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन अवार्ड से सम्मानित किया गया। वर्ष 2019 में ग्लोबल गोल्ड कीपर अवार्ड से नवाजा गया। विश्व ऊर्जा और पर्यावरण के क्षेत्र बेहतर काम करने के लिए मोदी जी को इसी साल केम्ब्रिज रिसर्च एसोसिएट्स का ग्लोबल एनर्जी एंड एनवायरमेंट लीडरशिप अवार्ड दिया गया। यह सभी सम्मान अकेले प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का सम्मान नही है बल्कि सभी 140 करोड़ भारतवासियों का सम्मान है।

  • एमपी के उद्योगों में रुपया लगाकर धन उलीचने की होड़

    एमपी के उद्योगों में रुपया लगाकर धन उलीचने की होड़


    भोपाल, 09 जनवरी(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)।सभी प्रकार के उद्योगों को फलने फूलने लायक माहौल बनाए जाने के बाद से देश विदेश के निवेशकों का रुझान मध्यप्रदेश की ओर तेजी से बढ़ता जा रहा है। यहां कोई भी कारोबार शुरु करना हो तो सरकारी अनुमतियों से लेकर उद्योग चलाने लायक सभी सुविधाएं एवं कच्चा माल आसानी से उपलब्ध हो जाता है। यही वजह है कि आज एमपी में औद्योगिक निवेश करके मुनाफा कमाने के लिए मध्यप्रदेश पूरे देश में अव्वल राज्य बन गया है।
    भारत के बीचों बीच हृदय स्थान पर यह राज्य क्षेत्रफल की दृष्टि से दूसरा सबसे बड़ा प्रदेश है ।शांतिपूर्ण माहौल की वजह से आज ये विकास के पथ- पर तेजी से बढ़ रहा है। राज्य प्राकृतिक संसाधनों और खनिजों से संपन्न है। राज्य में 95 से अधिक औद्योगिक क्षेत्र, 7 स्मार्ट सिटी और बेहतरीन यातायात व्यवस्था है।
    राज्य में खेती एवं प्रोसेसिंग क्षेत्र में तेजी से विकास हो रहा है, जिससे औद्योगिक निवेश के लिए माहौल बन रहा है। इसके साथ ही फार्मास्यूटिकल ऑटोमोटिव इंजीनियरिंग, टेक्सटाईल, लॉजिस्टिक, आईटी, अक्षय ऊर्जा, पर्यटन, शहरी विकास ऐसे क्षेत्र हैं, जहाँ निवेश की अपार संभावनाएँ हैं।
    कुशल मानव संसाधन और उचित मूल्य पर भूमि की उपलब्धता, राज्य में औद्योगिक वातावरण को तैयार करती है। सरकार की नीति और प्रशासन का सहयोग इस दिशा में मददगार साबित हो रहा है। मध्य प्रदेश में निवेशकों को आकर्षित करने के लिए वह सभी कुछ है, जो निवेश के लिए आवश्यक है।
    देश के केंद्र में स्थित होने के कारण मध्यप्रदेश की सीमा देश के 5 राज्यों से लगती है और यह देश की तकरीबन 50 प्रतिशत आबादी को प्रवेश देता है। यह देश के किसी भी उपभोक्ता बाजार से अधिकतम 15 घंटे की दूरी पर स्थित है। भोपाल, इन्दौर, ग्वालियर, जबलपुर, खजुराहो में कुल 5 व्यावसायिक हवाई अड्डे हैं। 20 से अधिक रेल जंक्शन और राज्य में 550 से अधिक ट्रेनें संचालित होती है। मालनपुर, मंडीदीप, पवारखेड़ा, रतलाम, तिही, धन्नद में 6 इनलैंड कंटेनर डिपो हैं।
    मध्यप्रदेश देश के कई बड़े प्रोजेक्टस से जुड़ा हुआ है। दिल्ली-मुम्बई औद्योगिक कॉरिडोर के तहत मध्य प्रदेश के हिस्से में औद्योगिक क्षेत्र विक्रम उद्योगपुरी, उज्जैन आया है। नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर के लिए साथ विकसित दिल्ली- नागपुर कॉरिडोर से आर्थिक गतिविधियों में आश्चर्यजनक रूप से उछाल आएगा। ग्वालियर से होकर जाने वाले ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर (एन.एच.27) को उत्तर भारत में प्रवेश करने के लिए मध्यप्रदेश का गेटवे कहा जाता है। दिल्ली-मुम्बई ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे के प्रदेश से गुजरने के कारण प्रदेश की कनेक्टिविटी बढ़ गई है और औद्योगिक क्षेत्र में विकास हुआ है। रतलाम- दिल्ली-मुम्बई ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे का केंद्र है।
    मध्य प्रदेश सरकार ने कुछ महत्वपूर्ण सेक्टर्स का चुनाव किया है, जो सरकार की 550 बिलियन अमरीकी डॉलर अर्थ-व्यवस्था की सोच को साकार करने में सहयोग करेंगे।
    ऑटोमोटिव इंजीनियरिंग के क्षेत्र में 10 से अधिक उपकरण निर्माता और 200 से अधिक ऑटो कंपोनेंट निर्माता प्रदेश में कार्यरत हैं। इन्दौर और भोपाल में भारत के अग्रणी ऑटो क्लस्टर्स हैं। पीथमपुर में 4500 हेक्टेयर में विकसित औद्योगिक क्लस्टर 25 हजार से अधिक लोगों को रोजगार दे रहा है। इंदौर में एशिया का सबसे लंबे और तेज गति के टेस्टिंग ट्रेक नेट्रेक्स की स्थापना की गई है।
    मध्यप्रदेश को भारत का फूड बास्केट कहा जाता है। यहाँ 45 लाख हेक्टेयर से अधिक कृषि योग्य भूमि है, जो 10 प्रमुख नदियों से जुड़ी है। इस वजह से जिसके कारण राज्य में उत्तम सिंचाई व्यवस्था है। प्रदेश उद्यनिकी फसलों, मसालों, संतरा, अदरक, लहसुन आदि के उत्पादन में अग्रणी है। मध्यप्रदेश दलहन, तिलहन एवं डेयरी उत्पाद में भी अग्रणी है। राज्य में 8 सरकारी फूड पार्क और 2 निजी मेगा फूड पार्क है। इन्दौर, ग्वालियर, जबलपुर में सरकारी कृषि कॉलेज संचालित हैं। प्रदेश को 7 बार भारत सरकार से कृषि क्षेत्र का प्रतिष्ठित “कृषि कर्मण” पुरस्कार मिलना प्रदेश की उन्नत कृषि का संकेत है।
    मध्यप्रदेश में टेक्सटाईल एवं गारमेंट सेक्टर में भी सतत् प्रगति हो रही है। राज्य 43 प्रतिशत भारतीय और 24 प्रतिशत वैश्विक जैविक रूई का उत्पादक है। यहाँ 60 से अधिक टेक्सटाईल यूनिट में 4 हजार से अधिक लूम्स और 2.5 मिलियन स्पिंडल्स संचालित हैं। राज्य के टेक्सटाईल सेक्टर में स्पिनिंग से लेकर बुनाई, गारमेंटिंग की सभी प्रक्रिया रूप से संचालित हैं। भारत सरकार की पीएलआई योजना में राज्य के टेक्सटाईल सेक्टर को 3513 करोड़ रुपए का निवेश प्राप्त हुआ है। गारमेंट यूनिट के प्लांट एवं मशीनरी में निवेश का 200 प्रतिशत तक का पॉलिसी इंसेंटिव दिया जाता है। प्रदेश में 200 से अधिक रेडीमेड गारमेंट क्लस्टर एवं इन्दौर में अपैरल डिजाइनिंग सेंटर स्थित है। एनआईएफटी, एनआईडी भोपाल और आईआईआईटीडीएम जबलपुर जैसे अंतर्राष्ट्रीय स्तर के फैशन डिजाइनिंग इंस्टीट्यूट मध्यप्रदेश के टेक्सटाईल उद्योग की रीढ़ हैं।
    फार्मास्यूटिकल सेक्टर में भी राज्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। कोरोना काल में यहाँ की दवाइयाँ विदेशों में निर्यात की गईं। इन्दौर, देवास, भोपाल, मंडीदीप, मालनपुर और पीथमपुर स्पेशल इकोनॉमिक जोन में फार्मा क्लस्टर है। यहाँ 300 फार्मा एवं मेडिकल यूनिट से 1 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिल रहा है। विक्रम उद्योगपुरी, उज्जैन में मेडिकल डिवाइस पार्क की स्थापना की गई है। साल 2021 में राज्य से 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक का फार्मा निर्यात किया गया। अमेरीका, ब्रिटेन, रूस, जर्मनी, ब्राजील, हॉलैंड सहित विश्व के 160 से अधिक देशों में राज्य में बनने वाली दवाइयाँ निर्यात की जा रही हैं। राज्य को एआईसीटीई से मान्यता प्राप्त 73 फार्मेसी इंस्टीट्यूट से 9 हजार से अधिक स्किल्ड प्रोफेशनल प्रतिवर्ष प्राप्त हो रहे हैं। फार्मा सेक्टर के विकास और क्षमता को देखते हुए प्रदेश में फार्मा औद्योगिक पार्क की स्थापना का प्रस्ताव भी विचाराधीन है।
    मध्यप्रदेश में लॉजिस्टिक एवं वेयरहाउसिंग के लिए आदर्श सड़कें एवं रेल कनेक्टिविटी है। देश के केंद्र में स्थित होने के कारण लॉजिस्टिक का खर्च बेहद कम है। देश की 50 प्रतिशत आबादी मध्यप्रदेश से जुड़ी हुई है। इससे विशाल उपभोक्ता बाजार पर नियंत्रण किया जा सकता है। प्रदेश में 40 एमएमटी की वेयरहाउसिंग और 13.2 एमएमटी की कोल्ड स्टोरेज क्षमता है। भारत सरकार के सहयोग से इंदौर और भोपाल में मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क का निर्माण प्रस्तावित है। प्रदेश स्टील साइलो निर्माण के क्षेत्र में भी अग्रणी है। प्रदेश में लॉजिस्टिक एवं वेयरहाउसिंग इकाई / पार्क के लिए आकर्षक इंसेंटिव पॉलिसी है।
    मध्यप्रदेश अक्षय ऊर्जा के सृजन लिए आवश्यक प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है। राज्य की अक्षय ऊर्जा की क्षमता साल 2012 की तुलना में 11 गुना बढ़ गई है। सर्वाधिक सोलर रेडिएशन के कारण राज्य सोलर पॉवर प्लांट स्थापित करने के लिए आदर्श स्थान है। तकनीकी रूप से मजबूत अक्षय ऊर्जा पॉलिसी बनाकर अक्षय ऊर्जा उपकरण निर्माण और इनोवेशन करने वाला पहला राज्य है। अक्षय ऊर्जा का मध्य प्रदेश की ऊर्जा क्षमता में 20 प्रतिशत का योगदान है। साँची को राज्य की पहली सोलर सिटी के रूप में विकसित किया गया है। विश्व का सबसे बड़ा फ्लोटिंग सोलर पार्क (600 मेगावाट) ओंकारेश्वर में प्रस्तावित है। रीवा सोलर पॉवर प्रोजेक्ट को वर्ल्ड बैंक ग्रुप प्रेसीडेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया है।
    मध्यप्रदेश रक्षा उपकरण निर्माण के लिए आदर्श राज्य है। यहाँ रेअर अर्थ मेटल प्रोसेसिंग, अनुसंधान एवं विकास ट्रेनिंग के लिए भोपाल में रेयर अर्थ एंड टाइटेनियम थीम प्रस्तावित है। राज्य में 4 पीएसयू जबलपुर और 1-1 पीएसयू कटनी और इटारसी में है। प्रदेश में भारत की पहली निजी क्षेत्र की लघु हथियार निर्माण यूनिट स्थापित की गई है। 5 कॉमर्शियल हवाई अड्डे तथा भोपाल और इंदौर के हवाई अड्डे एमआरओ गतिविधियों के लिए उपयुक्त हैं। यहाँ इंडस्ट्री एवं सिविल हवाई सेवा के लिए 26 एयर स्ट्रिप हैं। मेगा इन्वेस्टमेंट रीजन के साथ इंदौर के समीप ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रस्तावित है।
    राज्य में 150 से अधिक ईएसडीएम यूनिट और 220 से अधिक आईटी/आईटीईएस यूनिट मौजूद हैं। राज्य में 4 स्पेशल आईटी इकोनॉमिक जोन, 10 आईटी पार्क, 2 मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर मौजूद हैं। इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर में हर तरह की सुविधाओं से युक्त बुनियादी ढाँचा है। राज्य में आईआईटी, आईआईएम, आईआईएसईआर, आईआईटीएम जैसे 330 से अधिक तकनीकी इंस्टीट्यूट स्किल्ड प्रोफेशनल को तैयार कर रहे हैं। राज्य में जीवन जीने के लिए बेहतरीन माहौल उपलब्ध है। इन्दौर और भोपाल देश के 10 सबसे स्वच्छ शहरों में शामिल हैं। उचित दर पर 24X7 निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुविधा है। यहाँ लो रिस्क सीस्मिक जोन के कारण डाटा सेंटर स्थापित करने के लिए आदर्श स्थिति है।
    मध्यप्रदेश की स्टार्ट अप पॉलिसी 2022 के तहत राज्य में स्टार्ट अप्स को बढ़ावा दिया जा रहा है। उत्पाद आधारित स्टार्ट अप को विशेष सहायता दी जा रही है। हर तरह के आर्थिक सहयोग और जानकारी के लिए ऑनलाइन पोर्टल बनाया गया है। राज्य में 2500 से अधिक डीपीआईआईटी द्वारा मान्यता प्राप्त स्टार्ट अप्स और 45 से अधिक इनक्यूबेटर सेंटर स्थित है। महिला उद्यमियों द्वारा 1100 से अधिक स्टार्ट अप संचालित किये जा रहे हैं। राज्य में 26 लाख से अधिक एमएसएमई इकाईयाँ हैं जिनका राज्य की जीडीपी में 25.68 प्रतिशत योगदान है।

  • खुल गई राजा पटेरिया के अपराधों की डायरी

    खुल गई राजा पटेरिया के अपराधों की डायरी


    दमोह,13 दिसंबर(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ह्त्या के लिए उकसाने वाले कांग्रेस नेता राजा पटेरिया की जमानत अर्जी को पवई की अदालत ने खारिज कर दिया है और उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। उनके बयान के बाद कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने दो और धाराएं बढ़ा दी हैं जिससे अब सत्र न्यायालय से भी उनकी जमानत की संभावनाएं धूमिल हो गईं हैं।
    पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक जब राजा पटेरिया ने बयान दिया तो भाजपा नेताओं ने इसका विरोध किया। जिसे देखते हुए गृह मंत्री डॉ.नरोत्तम मिश्रा ने पुलिस को मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए थे। पुलिस ने आज सुबह राजा पटेरिया को हटा स्थित उनके घर से गिरफ्तार किया और पबई की अदालत में पेश किया था। पबई थाना प्रभारी ने भादवि की धारा 451,504,505(1)(स),506,153(1)(स),115,117,के अंतर्गत राजा पटेरिया पुत्र हरबंस पटेरिया के विरुद्ध मामला दर्ज किया है। आज उन्हें जेएमएफसी पबई के समक्ष प्रस्तुत किया गया जहा से उन्हें जेल भेज दिया गया।

    पुलिस ने लगे हाथ सभी पेंडिंग मामलों का निपटारा करने की तैयारी भी कर ली है। उनके विरुद्ध पहले भी बूथ लूटने और वनवासियों को नक्सली बना देने जैसे प्रकरण दर्ज हो चुके हैं।

    पटेरिया को पार्टी से निष्कासित करने वाले भाजपा नेताओं के सवाल पर कमलनाथ ने कहा कि मैं भाजपा नेताओं के टुच्चे सवालों का जवाब नहीं देता। इस पर भाजपा के विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि रिटायरमेंट की उम्र में लफंगों जैसी भाषा शोभा नहीं देती। कमलनाथ को मुख्यमंत्री की तीर्थदर्शन योजना में जाना चाहिए। इससे उनके विचार निर्मल होंगे।

  • स्वच्छता में अव्वल भारत नगर के लोगों ने उल्लास से मनाया स्वाधीनता दिवस

    स्वच्छता में अव्वल भारत नगर के लोगों ने उल्लास से मनाया स्वाधीनता दिवस


    भोपाल,15 अगस्त( प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान में बढ़ चढ़कर भागीदारी निभाने वाले राजधानी के भारत नगर के वासियों ने स्वाधीनता दिवस उल्लास के साथ मनाया । स्वाधीनता के अमृत महोत्सव पर 13 अगस्त 15 अगस्त तक विभिन्न कार्यक्रमों की श्रंखला चलाई गई। तिरंगा अभियान से ही ये उत्साह परवान चढ़ने लगा था और भारी वर्षा के बीच झंडावंदन करके रहवासियों ने विकसित भारत के लक्ष्य के प्रति अपना संकल्प दुहराया।
    स्वच्छता के मापदंडों पर खरा उतरने वाले भारत नगर को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने द्वितीय पुरस्कार से सम्मानित किया था। भोपाल नगर पालिक निगम क्षेत्र में अव्वल आने वाली ये एकमात्र रहवासी समिति है जिसका संचालन राज्य का सहकारिता विभाग कर रहा है। विभाग की ओर से नियुक्त प्रशासक मुकुंद राव भैंसारे के आव्हान पर रहवासियों ने विभिन्न चरणों में स्वाधीनता दिवस के आयोजन किए थे। इस अवसर पर श्री भैंसारे ने ध्वजारोहण करके मुख्य समारोह का मार्गदर्शन किया। कार्यक्रम का संचालन श्री एम.के.सचदेव ने किया। आजादी की 75 वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित रंगारंग कार्यक्रम में अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। सभी वक्ताओं ने भारत को प्रगति की नई ऊंचाईयों तक ले जाने का संकल्प दुहराया।

    स्वाधीनता के अमृत महोत्सव में भागीदारी निभाने वाले युवाओं ने झंडावंदन के साथ सांस्कृतिक आयोजन में भी भाग लिया।


    ध्वजारोहण समारोह में भारत नगर के सभी गणमान्य नागरिकों ने भारी वर्षा के बावजूद अपनी भागीदारी निभाई। सर्वश्री सुदर्शन राजपूत, के.सी.शर्मा, श्री नामदेव,श्री जेपी सिंह,श्री शेडगै जी,सुश्री दिव्या अत्री ,सुश्री पल्लवी शर्मा,सुश्री सुनीता विश्वकर्मा, सुश्री सुषमा चौकसे, सुश्री अल्पना ,सुश्री अनुजा मजूमदार,श्री महेन्द्र कोकाटे,श्री गोपेश तारे, श्री अनिल त्यागी, श्री शैलेन्द्र गुजरावत, श्री एस.के.चौकसे, समेत बड़ी संख्या में बच्चे और युवाजन भी उपस्थित थे।

    भारत नगर की मातृशक्ति ने स्वाधीनता दिवस समारोह को सतरंगी आभा से सराबोर कर दिया।


    स्मरण रहे कि भरत नगर सोसायटी को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्वच्छता के पैमाने पर द्वितीय पुरस्कार से सम्मानित किया है। एक साल में दो बार इस सोसायटी को स्वच्छता की दिशा में उल्लेखनीय योगदान के लिए पुरस्कृत किया गया है।राजधानी में 475 हाउसिंग गृह निर्माण समितियां और 125 रहवासी समितियां हैं। इनके बीच भारत नगर की गृह निर्माण समिति का संचालन कुशलता पूर्वक किया जा रहा है।समिति की ओर से स्वाधीनता दिवस समारोह में लगभग 45 रहवासियों को स्वच्छता प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। समारोह में शामिल युवाओं और बच्चों को मिठाई का वितरण भी किया गया।

  • सवालों का फतवा जारी करने से पहले जान तो लें

    सवालों का फतवा जारी करने से पहले जान तो लें

    • प्रशांत पोळ

    द कश्मीर फाईल्स की जबरदस्त सफलता के कारण तमाम वामपंथी और इस्लामिस्ट्स बौखला गए हैं. आज तक खड़ा किया सारा विमर्श उन्हे बिखरता हुआ नजर आ रहा हैं. इसलिए राष्ट्रवाद के इस नए तूफान को भ्रमित करने, वे सोशल मीडिया के तमाम मंचों पर यह प्रश्न उठा रहे हैं, “तब आप क्या कर रहे थे..? दिल्ली में सरकार आपकी थी. राज्यपाल जगमोहन आपके थे. फिर भी यह नरसंहार क्यूँ हुआ.? क्या किया आपने तब ?”

    ‘उल्टा चोर कोतवाल को डांटे’ इस मुहावरे का इससे अच्छा प्रयोग नहीं हो सकता.

    1984 में आठवी लोकसभा के चुनाव में काँग्रेस को राक्षसी बहुमत मिला था. कुल 514 में से 404 सीट्स. भाजपा के मात्र 2 सांसद चुन कर आए थे. किन्तु परिस्थिति तेजी से बदली. 1989 के चुनाव मे, उन्ही राजीव गांधी के नेतृत्व में काँग्रेस बहुमत का आंकड़ा भी नहीं छूं सकी. उन्हे मिली 197 सीटें. नवगठित ‘जनता दल’ के 143 सदस्य चुनकर आए. रामजन्मभूमि आंदोलन के कारण पहली बार, भाजपा का आंकड़ा 2 से बढ़कर 85 तक पहुंचा था. मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी को 33 सीटें मिली थी. अतः जनता दल की सरकार बनी, जिसे भाजपा और कम्युनिस्ट पार्टी ने बाहर से समर्थन दिया. विश्वनाथ प्रताप सिंह प्रधानमंत्री बने.

    इधर कश्मीर की परिस्थिति क्या थी.? नेहरू के चहेते, शेख अब्दुल्ला के बेटे फारुख अब्दुल्ला मुख्यमंत्री थे. कश्मीर से ही चुने गए मुफ़्ती मोहम्मद सईद देश के गृहमंत्री थे. 1987 के विधानसभा चुनाव में 76 में से फारुख अब्दुल्ला की नेशनल कॉन्फ्रेंस को 40 और काँग्रेस को 26 सीटें मिली थी. जम्मू क्षेत्र से भाजपा के मात्र 2 विधायक चुन कर आए थे. इस चुनाव के बाद, सन 1988 से ही, कश्मीर घाटी में पाकिस्तानीयों की घुसपैठ बढ़ गई थी. हिंदुओं को घाटी से भगाने का आंदोलन प्रारंभ हो गया था. यासीन मलिक (जिसे फिल्म में ‘बिट्टा’ के रूप में दिखाया हैं), यह आतंकवादी गुट, ‘जम्मू – कश्मीर लिबरेशन फ्रंट’ (JKLF) का नेता था. अनेक आतंकवादी गुटों के साथ, वह खुले आम केंद्र शासन को चुनौती देता था. चुन – चुन कर घाटी के हिन्दू नेताओं को मारता था. 1986 के काश्मीर दंगों में इसकी बड़ी भूमिका थी. 14 सितंबर 1989 को ‘टीका लाल टपलू’ की दिन दहाड़े, खुले आम हत्या कर के दहशत फैलाने का काम प्रारंभ हो गया था. टीका लाल टपलू यह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के निष्ठावान और समर्पित स्वयंसेवक थे. कश्मीरी पंडित उन्हे अतीव आदर से देखते थे.

    1989 में कश्मीर में हो रही इन हत्याओं के दौर में दिल्ली में वी. पी. सिंह की सरकार थी, जिसमे मुफ़्ती मोहम्मद सईद गृहमंत्री थे और इश्कबाजी में डुबे हुए फारुख अब्दुल्ला मुख्यमंत्री..! इसी बीच 8 दिसंबर 1989 को, गृहमंत्री मुफ़्ती साहब की लड़की, रूबिया सईद का आतंकवादी अपहरण कर लेते हैं. उसके बदले कश्मीर के जेल में बंद पांच खूंखार आतंकवादियों को रिहा करने की मांग रखी जाती हैं. अपहरण की ज़िम्मेदारी जेकेएलएफ और उसका नेता यासीन मलिक लेते हैं. पांच दिन यह नाटक चलता हैं. पांच दिनों के बाद रूबिया सईद को सुरक्षित लौटाया जाता हैं और वहां पांच खूंखार आतंकवादी रिहा किए जाते हैं..!

    इस पूरे प्रकरण में, ना तो जेकेएलएफ़ का कोई नेता गिरफ्तार होता हैं, ना ही यासीन मलिक को गिरफ्तार किया जाता हैं. गिरफ्तारी छोड़िए, पुंछताछ के लिए भी नहीं बुलाया जाता… 1989 के दिसंबर और 1990 के जनवरी महीने में पूरा कश्मीर आतंकवादियों के हवाले कर दिया गया हैं. जैसा कश्मीर फाईल्स में दिखाया गया हैं, बिलकुल वैसा ही कश्मीर का माहौल हैं. रोज रात को मशाल जुलूस निकाल रहे हैं जिसमे हिंदुओं को, उनकी औरतों को कश्मीर में छोड़कर, भाग जाने के लिए कहा जा रहा हैं. 4 जनवरी 1990 को श्रीनगर से प्रकाशित होने वाले दैनिक ‘आफताब’ ने एक बड़ा सा विज्ञापन प्रकाशित किया, जिसमे हिजबूल मुजाहिदीन ने सारे हिन्दू – सीख समुदाय को घाटी छोड़ के जाने के लिए कहा गया था. पूरे घाटी में पाकिस्तानी करेंसी का प्रयोग हो रहा था.

    कश्मीर में हो रहे हिंदुओं के हत्याकांड पर जब भाजपा ने आवाज उठाना चालू किया, चिल्लाना शुरू किया, तब फारुख अब्दुल्ला को हटाकर राष्ट्रपति शासन लगाया गया. यह दिन था, 19 जनवरी 1990. आतंकवादियों को यह पहले से पता चल गया था, की 19 जनवरी को राज्यपाल का शासन लगेगा. इसलिए 18 जनवरी की रात और 19 जनवरी को पूरे दिन भर कश्मीर घाटी में हिंदुओं के खून की होली खेली गई. इसी दिन राज्यपाल के रूप में जिस व्यक्ति को दिल्ली ने भेजा, वह थे – जगमोहन !

    इस समय तक जगमोहन का और भाजपा का, दूर – दूर तक कोई संबंध नहीं था. जगमोहन काँग्रेस के आदमी थे. विशेषतः गांधी परिवार के खास. आपातकाल (1975 – 1977) में संजय गांधी की आज्ञा से तुर्कमान गेट और अन्य स्थानों के अतिक्रमण तोड़ने वाले प्रशासक. संजय गांधी के कारण ही वे ‘नाम’ समिट के समय गोवा के और एशियाड के समय दिल्ली के उप-राज्यपाल बने. इन आयोजनों की सफलता के कारण वे इंदिरा गांधी और बाद में राजीव गांधी के चहेते बने. वे कुशल प्रशासक थे.

    जगमोहन ने कश्मीर के हिंदुओं की जो स्थिति देखी, उससे वो अंदर तक हिल गए. उन दिनों पर उन्होने पुस्तक लिखी हैं – My Frozen Turbulence in Kashmir’. कश्मीर के राज्यपाल के नाते उनका कार्यकाल मात्र पांच महीनों का ही रहा. जब वे वहां मुस्लिम आतंकवादियों पर कहर बरसाने लगे, तो उन्हे गृहमंत्री मुफ़्ती मोहम्मद सईद ने राज्यपाल पद से हटा दिया. इस के बाद जगमोहन ने भाजपा में शामिल होने का निर्णय लिया.

    कश्मीर की इन तत्कालीन घटनाओं पर सबसे ज्यादा आवाज उठाई तो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने. उस समय नए बनने जा रहे ‘पुनुन कश्मीर’ (हमारा कश्मीर) के शीर्ष नेताओं को, जिसमे ‘अग्निशेखर जी’ प्रमुख थे, संघ ने देश भर, विभिन्न स्थानों पर लोगों से, पत्रकारों से मिलवाया. कश्मीर की स्थिति को लोगों तक लेकर जाने के पूरे प्रयास किए. दुर्भाग्य से उन दिनों संघ को उतना नहीं सुना जाता था, जितना आज सुना जाता हैं !

    इसलिए कोई अगर यह कहे की ‘उस समय आप क्या कर रहे थे?’ तो उनसे पूछिए –

    • शेख अब्दुल्ला, फारुख अबुल्ला और ओमर अब्दुल्ला की खासमखास काँग्रेस पार्टी क्या कर रही थी ?
    • जितने वामपंथी यह सवाल उठा रहे हैं, उनसे पूछना हैं, वे क्या कर रहे थे? वी. पी. सिंह सरकार को उनका भी तो समर्थन था.
    • देश के तमाम बुध्दीजीवी मुस्लिम नेताओं ने इस घटना पर क्या कहा? किसी एक मुसलमान नेता ने भी इस घटना का विरोध किया?
    • फारुख अब्दुल्ला परिवार की खास समर्थक काँग्रेस सरकार दस साल तक दिल्ली में राज करती रही. उस ने एक बार, एक बार भी इस समस्या का हल ढूँढने की कोशिश की?
    • और सिनेमा जगत…. दुनिया भर के प्रश्नों पर सिनेमा बनाने वाले हमारे बॉलीवुड के निर्माता, कश्मीर के इस सच को इतने वर्षों तक क्यूँ नहीं पर्दे पर लाये?
  • पीएम मोदी गोरखपुर दौरा, मुख्यमंत्री आदित्यनाथ बोले बाबा गोरखनाथ जी की पावन धरा पर प्रधानमंत्री का हार्दिक स्वागत

    पीएम मोदी गोरखपुर दौरा, मुख्यमंत्री आदित्यनाथ बोले बाबा गोरखनाथ जी की पावन धरा पर प्रधानमंत्री का हार्दिक स्वागत

    पीएम मोदी गोरखपुर दौरा, मुख्यमंत्री आदित्यनाथ बोले
    बाबा गोरखनाथ जी की पावन धरा पर प्रधानमंत्री का हार्दिक स्वागत….

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गढ़ गोरखपुर पहुंचे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री का गोरखपुर में स्वागत किया। इस दौरान पीएम मोदी ने गोरखपुर में 9650 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं को जनता को समर्पित किया। पीएम मोदी ने गोरखपुर खाद कारखाने, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान और क्षेत्रीय चिकित्सा अनुसंधान केंद्र का लोकार्पण किया। इसके बाद पीएम ने एक जनसभा को संबोधित भी किया।

    कई योजनाओं का करेंगे लोकार्पण
    पीएम मोदी अपने दौरे में गोरखपुर में विभिन्न में 9600 करोड़ रुपये से अधिक लागत की विकास परियोजनाएं राष्‍ट्र को समर्पित करेंगे.

    एमआरआइ, सीटी स्कैन, डिजिटल एक्स-रे व अल्ट्रासाउंड जांच शुरू होगी

    पूर्वांचल की जनता को जिन बीमारियों के लिए रेफर कर दिया जाता था, अब उनका इलाज एम्स में हो सकेगा। 127 डाक्टरों का चयन हो चुका है। इनमें से 36 ने ज्वाइन कर लिया है। 56 फैकेल्टी पहले से एम्स में मौजूद हैं। अन्य डाक्टरों के ज्वाइन करते ही 75 बेड की इमरजेंसी के साथ दो और आपरेशन थियेटर इसी माह शुरू कर दिए जाएंगे। साथ ही एमआरआइ, सीटी स्कैन, डिजिटल एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड जांच भी शुरू हो जाएगी।

    खाद कारखाने को करेंगे राष्ट्र को समर्पित

    प्रधानमंत्री गोरखपुर उर्वरक संयंत्र को राष्ट्र को समर्पित करेंगे, जिसकी आधारशिला उन्होंने 22 जुलाई, 2016 को रखी थी। 30 से अधिक वर्षों से बंद पड़े कारखाने को लगभग 8,600 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्जीवित किया गया है। गोरखपुर संयंत्र प्रति वर्ष 12.7 लाख मीट्रिक टन स्वदेशी नीम लेपित यूरिया उत्पादन उपलब्ध कराएगा। यूरिया उर्वरक की मांग पूरी होने से पूर्वांचल क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों के किसानों को मदद मिलेगी। बयान में कहा गया है कि यह क्षेत्र के समग्र आर्थिक विकास को भी बढ़ावा देगा। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले गोरखपुर में एक रैली में पीएम मोदी ने बंद गोरखपुर उर्वरक संयंत्र का मुद्दा उठाया था।

    मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने कू कर दी जानकारी
    प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर सीएम आदित्यनाथ भी काफी उत्साहित दिखे और सोशल मीडिया पर उन्होंने कई पोस्ट कर पीएम मोदी के कार्यक्रम के बारे में बताया .