
भोपाल,17 अक्टूबर(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। मध्यप्रदेश फार्मेसी काऊंसिल के अध्यक्ष संजय जैन ने आज भोपाल केमिस्ट एसोसिएशन की ओर से आयोजित सम्मान समारोह में कहा कि व्यापारियों के असामयिक निधन पर उनके परिजनों को दो लाख रुपए की राहत राशि प्रदान की जाएगी। एसोसिएशन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने अध्यक्ष संजय जैन और उपाध्यक्ष राजू चतुर्वेदी को फूल मालाएं पहिनाकर,शाल श्रीफल से सम्मानित किया। एसोफरमससट-क-असमयकसिएशन की ओर से उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट कर दवा व्यापारियों की समस्याओं का समाधान करने का अनुरोध किया गया। जवाब में श्री संजय जैन ने पूरे प्रदेश के दवा व्यापारियों से व्यापार को व्यवस्थित और जनउपयोगी बनाने का आव्हान किया।
फार्मेसी काऊंसिल आफ इंडिया के सदस्य औक्षर मध्यप्रदेश फार्मेसी काऊंसिल के अध्यक्ष संजय जैन ने कहा कि ये संयोग है कि मध्यप्रदेश के फार्मा सेक्टर को पहली बार अनुभवी फार्मासिस्ट और केमिस्ट मिले हैं। हमारा प्रयास रहेगा कि दवा उद्योग से जुड़े किसी भी व्यक्ति को अनावश्यक झंझटों में न उलझना पड़े ताकि दवा कारोबार को सुगम बनाकर आम जनता को राहत दी जा सके। उन्होंने कहा कि नई परिषद ने व्यापारियों के असामयिक निधन पर दो लाख रुपए की राहत राशि दिए जाने का प्रावधान किया है। ये राशि काऊंसिल के सुरक्षा फंड से उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि दवा उद्योग को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने के लिए फार्मेसी एक्ट में स्पष्ट प्रावधान किए गए हैं कि काऊंसिल के पदाधिकारी फार्मा सेक्टर से ही लिए जाएं। इस कारोबार से जुड़े लोग यदि व्यापार की तकनीक को समझ लेंगे तो उन्हें अनावश्यक घाटा नहीं झेलना पड़ेगा और जनता को भी विश्वसनीय दवाईयां कम कीमतों पर उपलब्ध हो सकेंगी। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का वित्तीय बोझ काऊंसिल स्वयं उठाएगी और प्रदेश के फार्मा सेक्टर को आधुनिक तकनीकों के प्रयोग से प्रशिक्षित किया जाएगा। हमारा प्रयास है कि व्यापारियों के काम हों और दवा निर्माताओं, विक्रेताओं डाक्टरों सभीलोक निर्माण मंत्री गोपाल भार्गव ने कहा है कि प्रदेश में सेतु बंधन योजना में 896 करोड़ रूपये की लागत से 15 फ्लाई ओवर तथा रेलवे ओवर ब्रिज बनाए जाएंगे। इसकी प्रक्रिया प्रारंभ की जा चुकी है। के बीच निरंतर संवाद कायम रहे। विश्व के विकसित देशों में डाक्टर मरीज को देखकर दवाईयां लिखता है लेकिन उसकी डोज तय करने का काम फार्मासिस्ट ही करते हैंं। इससे मरीजों को दवाईयों के दुष्प्रभाव से बचाया जाता है।

स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया.1
उन्होंने कहा कि भोपाल के दवा कारोबारी प्रदेश भर में दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। श्री जितेन्द्र धाकड़ हरफनमौला प्रतिनिधि हैं और उनकी टीम ऊर्जावान है। इनका युवा नेतृत्व प्रदेश के दवा कारोबार को नए दौर में ले जाएगा। जिस तरह से नए पदाधिकारियों ने सुविधाजनक ड्रेसकोड लागू करने का फैसला लिया है उससे दवा उद्योग को पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी। इससे दवा कारोबार पर आम जनता का भरोसा भी बढ़ेगा।इस कारोबार से जुड़े छोटे कर्मचारियों में दायित्व बोध बढ़ेगा जिसका लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े नागरिक को मिलेगा। श्री जैन ने कहा कि जीएसटी और अन्य कारोबारी व्यवस्थाओं ने दवा उद्योग की सफल इंडेक्सिंग की है। व्यापारियों की जो समस्याएं होंगी हम सभी मिलजुलकर उनका समाधान करेंगे। हमारा प्रयास रहेगा कि सभी व्यवस्थाओं पर अमल करके वर्ष 2024तक प्रदेश के पूरे दवा कारोबार की रंगत बदल दी जाए। राजधानी में ही शाहपुरा थाने के पास काऊंसिल का नया भवन निर्मित होने जा रहा है। यहां एक म्यूजियम बनाया जाएगा जिसमें दवा उद्योग के क्रमबद्ध विकास को मॉडलों(प्रदर्शों) के माध्यम से समझाया जाएगा। ये संस्थान नए फार्मासिस्टों को संस्कारित करने में मील का पत्थर साबित होगा।
एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेंद्र धाकड़ एवं सचिव विवेक खंडेलवाल ने अतिथियों का अभिनंदनकिया। श्री धाकड़ ने इस अवसर पर कहा कि मध्यप्रदेश फार्मेसी काऊंसिल में पिछले दस लगाए जाएंगे जिससे उन्हें अपनी समस्याओं के लिए हर बार राजधानी नहीं भागना पड़ेगा।सालों का दौर अफरातफरी भरा रहा है। व्यापारियों और फार्मासिस्टों को अपने वैधानिक पंजीयन के लिए भी ऊटपटांग रुकावटों का सामना करना पड़ता था। जबसे श्री जैन ने काऊंसिल का पदभार संभाला है तबसे नवागत फार्मासिस्टों और व्यापारियों को फिजूल की अडंगेबाजी से राहत मिल गई है।श्री जैन ने पंजीयन व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के लिए सरल नियम बनाए हैं। नई परिषद फार्मेसी क्षेत्र की जानकार है और इसी वजह से कारोबारी रुकावटें दूर होने लगीं हैं।काऊंसिल में लगभग बारह सालों बाद विधिवत चुनाव हुआ है।
उन्होंने कहा कि दवा व्यापारियों को एक्सपायरी डेट की दवाईयां नष्ट करने में बड़ी अड़चनों का सामना करना पड़ता है। अब नई व्यवस्था के तहत हम सभी मिलकर एक मंच पर घोषित तरीके से एक्सपायरी डेट की दवाईयों को नष्ट करेंगे। इससे आम जनता को विश्वसनीय दवाईयां मिलने की गारंटी दी जा सकेगी।इससे दवा बाजार में फैलने वाला भ्रम भी दूर हो जाएगा। काऊंसिल के माध्यम से भविष्य में हर महीने फार्मासिस्टों के लिए संभाग स्तर पर केम्प लगाने का जो फैसला लिया गया है उससे व्यापारियों का समय बचेगा और उनका तनाव भी कम होगा। इस अवसर पर केमिस्ट एसोसिएशन और विभिन्न दवा संगठनों के पदाधिकारी और सदस्य मौजूद थे।
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