Month: October 2023

  • फार्मासिस्टों के असामयिक निधन पर परिजनों को दो लाख रुपए की राहत मिलेगीःसंजय जैन

    फार्मासिस्टों के असामयिक निधन पर परिजनों को दो लाख रुपए की राहत मिलेगीःसंजय जैन

    भोपाल,17 अक्टूबर(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। मध्यप्रदेश फार्मेसी काऊंसिल के अध्यक्ष संजय जैन ने आज भोपाल केमिस्ट एसोसिएशन की ओर से आयोजित सम्मान समारोह में कहा कि व्यापारियों के असामयिक निधन पर उनके परिजनों को दो लाख रुपए की राहत राशि प्रदान की जाएगी। एसोसिएशन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने अध्यक्ष संजय जैन और उपाध्यक्ष राजू चतुर्वेदी को फूल मालाएं पहिनाकर,शाल श्रीफल से सम्मानित किया। एसोफरमससट-क-असमयकसिएशन की ओर से उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट कर दवा व्यापारियों की समस्याओं का समाधान करने का अनुरोध किया गया। जवाब में श्री संजय जैन ने पूरे प्रदेश के दवा व्यापारियों से व्यापार को व्यवस्थित और जनउपयोगी बनाने का आव्हान किया।

    फार्मेसी काऊंसिल आफ इंडिया के सदस्य औक्षर मध्यप्रदेश फार्मेसी काऊंसिल के अध्यक्ष संजय जैन ने कहा कि ये संयोग है कि मध्यप्रदेश के फार्मा सेक्टर को पहली बार अनुभवी फार्मासिस्ट और केमिस्ट मिले हैं। हमारा प्रयास रहेगा कि दवा उद्योग से जुड़े किसी भी व्यक्ति को अनावश्यक झंझटों में न उलझना पड़े ताकि दवा कारोबार को सुगम बनाकर आम जनता को राहत दी जा सके। उन्होंने कहा कि नई परिषद ने व्यापारियों के असामयिक निधन पर दो लाख रुपए की राहत राशि दिए जाने का प्रावधान किया है। ये राशि काऊंसिल के सुरक्षा फंड से उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि दवा उद्योग को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने के लिए फार्मेसी एक्ट में स्पष्ट प्रावधान किए गए हैं कि काऊंसिल के पदाधिकारी फार्मा सेक्टर से ही लिए जाएं। इस कारोबार से जुड़े लोग यदि व्यापार की तकनीक को समझ लेंगे तो उन्हें अनावश्यक घाटा नहीं झेलना पड़ेगा और जनता को भी विश्वसनीय दवाईयां कम कीमतों पर उपलब्ध हो सकेंगी। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का वित्तीय बोझ काऊंसिल स्वयं उठाएगी और प्रदेश के फार्मा सेक्टर को आधुनिक तकनीकों के प्रयोग से प्रशिक्षित किया जाएगा। हमारा प्रयास है कि व्यापारियों के काम हों और दवा निर्माताओं, विक्रेताओं डाक्टरों सभीलोक निर्माण मंत्री गोपाल भार्गव ने कहा है कि प्रदेश में सेतु बंधन योजना में 896 करोड़ रूपये की लागत से 15 फ्लाई ओवर तथा रेलवे ओवर ब्रिज बनाए जाएंगे। इसकी प्रक्रिया प्रारंभ की जा चुकी है। के बीच निरंतर संवाद कायम रहे। विश्व के विकसित देशों में डाक्टर मरीज को देखकर दवाईयां लिखता है लेकिन उसकी डोज तय करने का काम फार्मासिस्ट ही करते हैंं। इससे मरीजों को दवाईयों के दुष्प्रभाव से बचाया जाता है।

    उन्होंने कहा कि भोपाल के दवा कारोबारी प्रदेश भर में दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। श्री जितेन्द्र धाकड़ हरफनमौला प्रतिनिधि हैं और उनकी टीम ऊर्जावान है। इनका युवा नेतृत्व प्रदेश के दवा कारोबार को नए दौर में ले जाएगा। जिस तरह से नए पदाधिकारियों ने सुविधाजनक ड्रेसकोड लागू करने का फैसला लिया है उससे दवा उद्योग को पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी। इससे दवा कारोबार पर आम जनता का भरोसा भी बढ़ेगा।इस कारोबार से जुड़े छोटे कर्मचारियों में दायित्व बोध बढ़ेगा जिसका लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े नागरिक को मिलेगा। श्री जैन ने कहा कि जीएसटी और अन्य कारोबारी व्यवस्थाओं ने दवा उद्योग की सफल इंडेक्सिंग की है। व्यापारियों की जो समस्याएं होंगी हम सभी मिलजुलकर उनका समाधान करेंगे। हमारा प्रयास रहेगा कि सभी व्यवस्थाओं पर अमल करके वर्ष 2024तक प्रदेश के पूरे दवा कारोबार की रंगत बदल दी जाए। राजधानी में ही शाहपुरा थाने के पास काऊंसिल का नया भवन निर्मित होने जा रहा है। यहां एक म्यूजियम बनाया जाएगा जिसमें दवा उद्योग के क्रमबद्ध विकास को मॉडलों(प्रदर्शों) के माध्यम से समझाया जाएगा। ये संस्थान नए फार्मासिस्टों को संस्कारित करने में मील का पत्थर साबित होगा।

    एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेंद्र धाकड़ एवं सचिव विवेक खंडेलवाल ने अतिथियों का अभिनंदनकिया। श्री धाकड़ ने इस अवसर पर कहा कि मध्यप्रदेश फार्मेसी काऊंसिल में पिछले दस लगाए जाएंगे जिससे उन्हें अपनी समस्याओं के लिए हर बार राजधानी नहीं भागना पड़ेगा।सालों का दौर अफरातफरी भरा रहा है। व्यापारियों और फार्मासिस्टों को अपने वैधानिक पंजीयन के लिए भी ऊटपटांग रुकावटों का सामना करना पड़ता था। जबसे श्री जैन ने काऊंसिल का पदभार संभाला है तबसे नवागत फार्मासिस्टों और व्यापारियों को फिजूल की अडंगेबाजी से राहत मिल गई है।श्री जैन ने पंजीयन व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के लिए सरल नियम बनाए हैं। नई परिषद फार्मेसी क्षेत्र की जानकार है और इसी वजह से कारोबारी रुकावटें दूर होने लगीं हैं।काऊंसिल में लगभग बारह सालों बाद विधिवत चुनाव हुआ है।
    उन्होंने कहा कि दवा व्यापारियों को एक्सपायरी डेट की दवाईयां नष्ट करने में बड़ी अड़चनों का सामना करना पड़ता है। अब नई व्यवस्था के तहत हम सभी मिलकर एक मंच पर घोषित तरीके से एक्सपायरी डेट की दवाईयों को नष्ट करेंगे। इससे आम जनता को विश्वसनीय दवाईयां मिलने की गारंटी दी जा सकेगी।इससे दवा बाजार में फैलने वाला भ्रम भी दूर हो जाएगा। काऊंसिल के माध्यम से भविष्य में हर महीने फार्मासिस्टों के लिए संभाग स्तर पर केम्प लगाने का जो फैसला लिया गया है उससे व्यापारियों का समय बचेगा और उनका तनाव भी कम होगा। इस अवसर पर केमिस्ट एसोसिएशन और विभिन्न दवा संगठनों के पदाधिकारी और सदस्य मौजूद थे।

  • दिव्यांगों की मुस्कान से खुलते हैं समृद्धि के नए द्वार बोले देशमुख

    दिव्यांगों की मुस्कान से खुलते हैं समृद्धि के नए द्वार बोले देशमुख


    भोपाल 08 अक्टूबर(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)।मध्यप्रदेश में अपनी आर्थिक सेवाओं के लिए तेजी से बढ़ता इक्विटास स्माल फाइनेंस बैंक अब सेवा के क्षेत्र में भी अपना दायित्व निभा रहा है। प्रदेश के करीबन डेढ़ हजार दिव्यांग बच्चों के खेल आयोजन में इक्विटास बैंक ने भी बढ़ चढ़कर अपनी भागीदारी निभाई है। दिव्यांग बच्चों ने समाज का स्नेह पाकर रविवार को भोपाल के टीटीनगर स्टेडियम में जो सतरंगा संसार रचा उसने सामान्य नागरिकों में संतोष का भाव जगाया है। शारीरिक चुनौतियों से जूझते इन बच्चों को उमंगों से भरने वाले संस्थानों के बीच इक्विटास बैंक ने भी अपनी पृष्ठभूमि से मिले संस्कारों का परिचय दिया है।


    इक्विटास स्माल फाईनेंस बैंक के क्षेत्रीय व्यापार प्रबंधक अमित देशपांडे ने इस अवसर पर कहा कि बैंक अपनी स्थापना काल से सामाजिक दायित्वों के प्रति सजग रहा है। इस श्रंखला में बैंक ने इन स्पेशल बच्चों के खेलों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में उत्साह से भागीदारी निभाई है। उन्होंने कहा कि समाज जब दिव्यांग बच्चों और नागरिकों के प्रति अपना सामाजिक दायित्वों का बढ़ चढ़कर निर्वहन करता है तो समृद्धि के नए द्वार भी खुलने लगते हैं। यह आयोजन भोपाल का रोटरी क्लब मिडटाऊन पिछले इक्कीस सालों से कर रहा है। सामाजिक संस्थाओं की बढ़ती भागीदारी के बीच इस प्रदेश व्यापी आयोजन में भाग लेने वाले बच्चों की संख्या भी निरंतर बढ़ती जा रही है।शाखा प्रबंधक लोकेश जैन ने बताया कि बैंक के सभी कर्मचारियों ने इस आयोजन में शामिल होकर बच्चों को अपना दुलार दिया और आयोजन में सहयोग देने का अपना दायित्व निभाया।


    इक्विटास स्माल फाईनेंस बैंक के क्षेत्रीय व्यापार प्रबंधक अमित देशपांडे और शाखा प्रबंधक लोकेश जैन ने दिव्यांग बच्चों के लिए पुरस्कार वितरित किए और उनके आयोजनों में अपनी सक्रिय भागीदारी भी की। इस कार्यक्रम में विभिन्न श्रेणी के 1500 स्पेशल बच्चे विदिशा, खरगोन, राजगढ़, होशंगाबाद, भोपाल, रीवा, जबलपुर, इंदौर, देवास, शुजालपुर , नरसिंहगढ़, नागदा से भाग लेने आए। स्पेशल ओलंपिक मापदंड के अनुसार दौड़, रिले दौड़, हिट द बाल, कैरम, पावर ऑफ रिस्ट, शॉटपुट के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी हुई।


    इस बार भोपाल के सभी रोटरी क्लब के सहयोग से भोपाल में टाउन ने ड्राइंग एंड पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया । यह आयोजन सभी दर्शकों के लिए खुला है। भोपाल रोटरी क्लब मिड टाउन के वर्तमान अध्यक्ष अध्यक्ष आभास जैन ने बताया कि भोपाल और मध्य प्रदेश के लोगों से आने वाले सभी प्रतिभागियों का विशेष रूप से ध्यान रखा गया यहां उन्हें आवास और परिवहन की सुविधा क्लब की ओर से उपलब्ध कराई गई। विंटर गेम प्रोग्राम के चेयरपर्सन संजय निगम ने बताया कि आयोजन में शामिल होने वाले सभी दिव्यांग प्रतिभागियों को अनिवार्य रूप से प्रमाण पत्र और रिटर्न गिफ्ट 20 क्लब की ओर से उपलब्ध कराए गए हैं सभी विद्यार्थियों को विभिन्न प्रतियोगिताओं के प्रथम द्वितीय और तृतीय पुरस्कार दिए गए इस कार्यक्रम में एशियाई दिव्यांग खेलों में भाग लेने वाले कई प्रतिभागी भी शामिल हुए।


    आज के कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मध्य प्रदेश शासन के अतिरिक्त मुख्य सचिव मोहम्मद सुलेमान, भोपाल जिला अस्पताल के अधीक्षक डॉक्टर प्रभाकर तिवारी, रोटरी डिस्ट्रिक्ट 3040 के डीजी ई अनीश मलिक, डीजीएन सुनील मल्होत्रा वर्तमान डीजी रितु ग्रोवर, पीजी डी गजेंद्र नारंग, आलोक बिल्लौर ,जितेंद्र जैन, कर्नल, महेंद्र मिश्रा और रोटेरियन धीरेंद्र दत्त प्रमुख रूप से उपस्थित थे । इस अवसर पर बिंटर गेम्स की स्मारिका का विमोचन की किया गया। कार्यक्रम में रोटरी क्लब भोपाल में टाउन के सुनील, भार्गव अमित तनेजा , राजेश नामदेव विनोद तिवारी , वीरेंद्र गुर्जर, हेम सिंह गुर्जर तरुण तनेजा, नीतू तिवारी, रूचिता अग्रवाल,श्रीमती शोभा भार्गव श्रीमती प्रीति उपाध्याय श्री शुभ्रांशु उपाध्याय सहित बड़ी संख्या में भोपाल के विभिन्न रोटरी क्लबो के सदस्य उपस्थित थे।

  • जनधन खाते,आधार और मोबाईल ने तहस नहस किया कांग्रेस का भ्रष्ट तंत्र बोले प्रधानमंत्री

    जनधन खाते,आधार और मोबाईल ने तहस नहस किया कांग्रेस का भ्रष्ट तंत्र बोले प्रधानमंत्री

    न गरीबों का पैसा लुटने दूंगा, न कांग्रेस नेताओं की तिजौरी भरने दूंगाः नरेंद्र मोदी

    जबलपुर,5 अक्टूबर(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। आज के युवाओं को पता नहीं होगा कि 2014 में मोदी के आने से पहले देश में हजारों करोड़ के घोटाले होते थे। गरीबों का पैसा नेताओं की तिजौरियों में जा रहा था। 2014 में जब जनता ने मुझे मौका दिया, तो हमारी सरकार ने भ्रष्ट व्यवस्थाओं को बदलने का अभियान चलाया। 11 करोड़ फर्जी नाम दफ्तरों से हटाए। ये नाम उन लोगों के थे, जो कभी पैदा ही नहीं हुए, लेकिन से देश का खजाना लूट रहे थे, गरीबों का हक लूट रहे थे। ये लोग इसीलिए मुझ पर गुस्सा हो रहे हैं क्योंकि मैंने कमीशन का खेल बंद कर दिया। मेरा संकल्प है, गरीब का पैसा लुटने नहीं दूंगा और कांग्रेसियों की तिजौरी भरने नहीं दूंगा। हमने जनधन, आधार और मोबाइल की त्रिशक्ति से कांग्रेस के भ्रष्ट तंत्र को तहस-नहस कर दिया। यह बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को वीरांगना रानी दुर्गावती की 500 वीं जयंती पर जबलपुर में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए कही। इस अवसर पर प्रधानमंत्री श्री मोदी ने रानी दुर्गावती के भव्य स्मारक समेत 8300 करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया। इस दौरान मंच पर राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान एवं पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा सहित केंद्रीय मंत्री एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

    आज कांग्रेस की सरकार होती, तो कितनी बड़ी चोरी हो रही होती
    प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि कांग्रेस के ही एक प्रधानमंत्री कहते थे कि हम दिल्ली से 1 रुपया भेजते हैं, लेकिन गरीब के पास तक सिर्फ 15 पैसा पहुंचता है। 85 पैसे कोई पंजा खींच लेता था। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने जनधन खातों, आधार और मोबाइल की त्रिशक्ति के प्रयोग से देश के, गरीबों के 2.5 लाख करोड़ रुपये गलत हाथों में जाने से बचाए और आज गरीबों का हर पैसा उनके हित में काम आ रहा है। उज्जवला योजना में हम रियायती सिलेंडर दे रहे हैं। मुफ्त राशन पर 3 लाख करोड़ खर्च हो रहे हैं। आयुष्मान भारत योजना में 5 करोड़ परिवारों को मुफ्त इलाज मिल रहा है, उस पर 70 हजार करोड़ खर्च हो रहे हैं। हमारी सरकार किसानों को 3000 रुपये मूल्य का यूरिया लगभग 300 रुपये में उपलब्ध करा रही है। इस पर 8 लाख करोड़ खर्च हो रहे हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में 2.5 लाख करोड़ रुपया किसानों के खातों में जा चुका है। हमारी सरकार ने गरीबों को पक्का घर देने के लिए 4 लाख करोड़ खर्च किए हैं। अगर ये पूरा पैसा जोड़ लिया जाए, तो कितना होगा? सोचकर देखिए, अगर आज कांग्रेस की सरकार होती, तो कितनी बड़ी चोरी हो रही होती?

    हमारे देश में तेजस्वी, तपस्वी महापुरुषों को भुला दिया गया
    प्रधानमंत्री श्री मोदी ने वीरांगना रानी दुर्गावती की 500 वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि पूरा देश आज रानी दुर्गावती जी की जयंती मना रहा है। हमने जनजातीय गौरव यात्राओं के दौरान उनकी जयंती को राष्ट्रीय स्तर पर मनाने का आह्वान किया था और आज हम सब एक पवित्र कार्य करने के लिए, अपने पूर्वजों का ऋण चुकाने के लिए एकत्र हुए हैं। आज वीरांगना रानी दुर्गावती के एक भव्य स्मारक का भूमिपूजन हुआ है, जिसके बन जाने के बाद देश का हर व्यक्ति का मन उसे देखने के लिए मचलेगा और जबलपुर एक यात्राधाम बन जाएगा। श्री मोदी ने कहा कि रानी दुर्गावती का जीवन हमें सर्वजन हिताय की सीख देता है और मुश्किलों से संघर्ष का हौंसला भी देता है। दुनिया के किसी भी देश में उनके जैसा कोई नायक या नायिका होती, तो वह देश उछलकूद करने लगता। लेकिन हमारे देश में अपने महापुरुषों को भुला दिया गया। तेजस्वी, तपस्वी महापुरुषों को भुला दिया गया।

    जिस दल ने दशकों तक सरकार चलाई, उसने जनजातियों को सम्मान नहीं दिया
    श्री मोदी ने कहा कि देश की जनजातियों का आजादी से लेकर संस्कृति और स्वाभिमान की रक्षा तथा विरासत को संजाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। लेकिन जिस दल ने आजादी के बाद इतने दशकों तक देश में सरकार चलाई, उसने इन जनजातियों को सम्मान नहीं दिया, उनके योगदान को भुला दिया। पहली बार भाजपा की सरकार आने पर पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटलजी की सरकार ने अलग से जनजातीय मंत्रालय बनाया और बजट भी आवंटित किया। भाजपा के समय में ही देश में पहली जनजातीय समाज की महिला राष्ट्रपति बनी। भगवान बिरसा मुंडा की जयंती जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत भाजपा की सरकार ने की। हबीबगंज स्टेशन का नाम रानी कमलापति और पातालपानी स्टेशन का नाम जननायक टंट्या भील के नाम पर रखने का काम भाजपा सरकार ने किया। वीरांगना रानी दुर्गावती का जो भव्य स्मारक बनेगा उसमें भी गोंड कला, संस्कृति और इतिहास को प्रदर्शित किया जाएगा।

    ये भाजपा को गाली देते-देते भारत को गाली देने लगे हैं
    प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि जब किसी दल पर स्वार्थ हावी हो, तो उसकी स्थिति का अंदाज कोई भी लगा सकता है। आज पूरी दुनिया में देश की उपलब्धियों की चर्चा हो रही है, लेकिन विरोधी दलों को कुर्सी के अलावा कुछ दिखाई नहीं देता। ये भाजपा को गाली देते देते अब भारत को गाली देने लगे हैं। पूरी दुनिया में डिजिटल इंडिया का डंका बज रहा है, ये उसका मजाक उड़ाते हैं। हमारे वैज्ञानिकों ने कोरोना की वेक्सीन बनाई, जिस पर एक आंखें खोलने वाली फिल्म ‘वेक्सीन वार’ बनी है, लेकिन ये उस पर भी सवाल उठाते हैं। हमारी सेनाएं जब पराक्रम करती हैं, तो ये सवाल उठाते हैं। इन्हें देश के दुश्मनों की, आतंक के आकाओं की बात सही लगती है। आजादी का अमृत महोत्सव पूरे देश का उत्सव था, लेकिन इन्होंने उसका भी मजाक उड़ाया। अब हम पूरे देश में अमृत सरोवर बना रहे हैं, तो इन्हें उसमें भी दिक्कत हो रही है।

    कांग्रेस को नहीं थी माता-बहनों के स्वास्थ्य की परवाह
    श्री मोदी ने कहा कि आज हजारों करोड़ के कार्यों का भूमिपूजन, लोकार्पण हुआ है। इसमें गैस की पाइपलाइन और फोरलेन सहित अनेक जीवन बदलने वाले प्रोजेक्ट शामिल हैं। इनके तैयार हो जाने पर यहां फैक्ट्रियां लगेंगी, युवाओं को रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि माताओं, बहनों को धुएं से मुक्त रसोई देना भाजपा की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। एक रिसर्च कहती है कि हमारी माता-बहनें जब चूल्हे पर खाना बनाती हैं, तो 24 घंटे में उनके शरीर में 400 सिगरेट के बराबर धुआं जाता है। हमारी सरकार ने माता-बहनों को इस धुएं से मुक्ति दिलाई। अगर कांग्रेस चाहती, तो पहले भी ये काम कर सकती थी, लेकिन उन्हें हमारी माता-बहनों के स्वास्थ्य की चिंता नहीं थी। श्री मोदी ने कहा कि रक्षाबंधन पर हमारी सरकार ने उज्जवला योजना के सिलेंडर को सस्ता किया था, अब दुर्गापूजा, नवरात्रि, दशहरा और दीवाली आने वाले हैं, इसलिए उज्जवला के गैस सिलेंडर पर 100 रुपये और कम किए जा रहे हैं। इसका मतलब है पिछले कुछ सप्ताह में ही हमारी सरकार ने इस सिलेंडर की कीमत 500 रुपये कम कर दी है। आने वाले समय में लोगों को और सस्ती गैस मिल सके, इसके लिए भाजपा सरकार काम कर रही है, गैस पाइपलाइन बिछाई जा रही है।

    विकसित और समृद्ध मध्यप्रदेश के लिए सही फैसला लें
    श्री मोदी ने कहा कि मैं मां नर्मदा के तट से एक बात कह रहा हूं, मेरे शब्द लिख लो। आने वाला समय मध्यप्रदेश के लिए बहुत महत्वपूर्ण समय है। मध्यप्रदेश आज ऐसे मुहाने पर है कि अगर इसके विकास की रफ्तार में कोई भी रुकावट आई, तो वो रफ्तार आने वाले 20-25 सालों तक नहीं मिलेगी। आने वाले 25 साल बहुत महत्वपूर्ण हैं और हमें विकास की गति को रुकने नहीं देना है। ये आज के युवाओं की जिम्मेदारी है कि जब उनके बच्चे बड़े हों तो उन्हें एक विकसित, समृद्ध और आन-बान-शान वाला मध्यप्रदेश मिले। इसके लिए सबसे महत्वपूर्ण है कि आप सही फैसला लें।

    मध्यप्रदेश को हर क्षेत्र में नंबर-1 बनाना है
    प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि आज देश का रक्षा निर्यात कई गुना बढ़ा है, जिसमें जबलपुर की फैक्ट्रियों का भी योगदान है। केंद्र सरकार अपनी सेनाओं को मेड इन इंडिया हथियार दे रही है, जिससे हथियारों का उत्पादन बढ़ेगा और युवाओं को रोजगार मिलेंगे। उन्होंने कहा कि आज भारत का आत्मविश्वास नई बुलंदी पर है। खेल के मैदान से लेकर खेतों तक भारत का परचम लहरा रहा है। एशियाड में हमारे खिलाड़ी शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। सारी दुनिया कह रही है ये समय भारत के युवाओं का समय है। युवाओं को जब अवसर मिला, तो भारत जी-20 समिट जैसा सफल आयोजन कर पाया। युवाओं को अवसर मिला, तभी चंद्रयान चंद्रमा के उस तरफ उतरने में सफल हुआ, जहां अभी तक कोई नहीं पहुंच पाया था। युवाओं को अवसर मिला, तभी लोकल के लिए वोकल का मंत्र गूंजता है। गांधी जयंती पर दिल्ली के एक ही शो रूम से 1.5 करोड़ की खादी बिकी। जब से हमारे बेटे-बेटियों ने बागडोर संभाली है, स्वदेशी की भावना हर तरफ बढ़ रही है। श्री मोदी ने कहा कि 1 अक्टूबर को जब स्वच्छता अभियान चलाया गया, तो 9 लाख जगहों पर स्वच्छता अभियान चलाए गए और 9 करोड़ से ज्यादा लोगों ने इन अभियानों में भागीदारी कर सफाई की। मध्यप्रदेश के युवाओं ने स्वच्छता में प्रदेश को अव्वल बनाया। हमें इसी जज्बे को आगे ले जाना है और मध्यप्रदेश को हर क्षेत्र में नंबर-1 बनाना है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में मध्यप्रदेश विकास के मामले में टॉप पर रहेगा, ये मोदी का संकल्प है और विकास के इस संकल्प को महाकोशल और मध्यप्रदेश की जनता, यहां के युवा पूरा करेंगे।

    ये एक परिवार की चरणवंदना करते हैं, भाजपा करती है सबका सम्मान
    श्री मोदी ने कहा कि आजादी के बाद दशकों तक सरकार चलाने वाले दल ने एक ही परिवार की चरणवंदना की। जबकि देश को आजादी इस एक ही परिवार ने नहीं दिलाई, न देश का विकास इस एक परिवार ने किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सभी को एक दृष्टि से देखती है और हर वर्ग को सम्मान देती है। भाजपा की सरकार ने महू में डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर के सम्मान में पंचतीर्थ का विकास किया, तो सागर में संत रविदास जी का स्मारक बनाया जा रहा है। परिवारवाद और भ्रष्टाचार में डूबे इन दलों ने आदिवासियों के संसाधनों को लूटा है। इनकी सरकार के समय सिर्फ 8-10 वनोपज पर ही एमएसपी दी जाती थी, हमारी सरकार ने 90 वनोपज के लिए एमएसपी घोषित की है। इनके समय में छोटे किसानों के कोदों, कुटकी जैसे अनाज को महत्व नहीं मिला। हम इन्हें श्रीअन्न के रूप में सारी दुनिया में ले जा रहे हैं और जी-20 समिट में आए मेहमानों को भी इन्हीं से बने पकवान परोसे गए। उन्होंने कहा कि इन्होंने नारी शक्ति को नजरअंदाज किया, हमने नारी शक्ति वंदन अधिनियम बनाया। विश्वकर्मा साथियों के लिए हमारी सरकार ने 13000 करोड़ की योजनाएं बनाई हैं। श्री मोदी ने कहा कि भाजपा की सरकार गरीबों की सरकार है।

    खुले वाहन में सवार होकर जन समूह के बीच जन दर्शन करने पहुँचे प्रधानमंत्री
    प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान एवं भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा के साथ खुले वाहन पर सवार होकर कार्यक्रम स्थल में प्रवेश किया। प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा किए गए जन दर्शन के दौरान कार्यक्रम में भारी संख्या में मौजूद जनसमूह ने करतल ध्वनि और नारे लगाकर उनका आत्मीय स्वागत किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मौजूद महिलाओं सहित सम्पूर्ण जन समूह ने प्रधानमंत्री श्री मोदी के सम्मान में लिखी हुईं तख्तियाँ लहराकर प्रधानमंत्री श्री मोदी के प्रति अपना आभार जताया।

    कांग्रेस ने सिर्फ एक परिवार का महिमा मंडन किया, मोदी जी ने जनजातीय महापुरुषों का सम्मान: मुख्यमंत्री

    मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि कई बार मन में तकलीफ होती है कि एक पार्टी जो वर्षों तक सत्ता में रही, उसने केवल अपनी पार्टी के लोगों का ही महिमामंडन किया, मुझे गर्व है ये कहते हुए अगर रानी दुर्गावती जी की प्रतिमा लगाई तो भाजपा की सरकार ने लगाकर उन्हें श्रद्धा के सुमन अर्पित किया। प्रधानमंत्री जी को हृदय से धन्यवाद देता हूँ कि प्रधानमंत्री जी ने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर जनजातीय गौरव दिवस दिवस मनाने की घोषणा की। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने रानी दुर्गावती, टंट्या मामा, भीमानायक जैसे हमारे जनजातीय महापुरुषों का सम्मान किया। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की प्रेरणा से रानी दुर्गावती जी के स्मारक का निर्माण हो रहा है। उन्ही की प्रेरणा से आज मंडला के मेडिकल कॉलेज का नाम हृदय शाह मेडिकल कॉलेज है। छिंदवाड़ा के विश्वविद्यालय का नाम शंकर शाह विश्वविद्यालय है और ये प्रधानमंत्री जी ही हैं, जिनके कारण भोपाल के हबीबगंज का नाम रानी कमलापति रेलवे स्टेशन किया गया। उन्होंने कहा कि रघुनाथ शाह और शंकर शाह जी के जयंती पर दो साल पहले केंद्रीय मंत्री अमित शाह जी पधारे थे तब हमने 14 घोषणाएं की थी, आज वो घोषणाएं पूर्ण हो चुकी हैं। श्री चौहान ने कहा कि पेसा एक्ट की मांग वर्षों से रही लेकिन सत्ता में रही कांग्रेस ने कभी भी इसको लागू नहीं किया। पेसा एक्ट धरती पर उतारकर भाजपा की सरकार ने जनजातीय समुदाय का कल्याण किया। आज पेसा एक्ट जनजातीय भाइयों - बहनों को जल, जंगल और जमीन के अधिकार दे रहा हैं। 

    कमलनाथ ने गरीबों का हक़ और अधिकार छीनकर अपराध और पाप किया
    मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश प्रगति के पथ पर अग्रसर हैं। मध्यप्रदेश भी मोदी जी के नेतृत्व में आज हर दिशा में आगे बढ़ रहा है। मोदी जी ने आयुष्मान कार्ड योजना से गरीबों की चिंता की। मध्यप्रदेश में हमने गरीबों को 70 लाख से अधिक आयुष्मान कार्ड बनाकर उनको सुरक्षा कवच प्रदान किया। आज देश में सबसे अधिक आयुष्मान कार्ड मध्यप्रदेश में बनाए गये है। प्रधानमंत्री आवास योजना गरीब आदिवासियों के लिए वरदान बनकर आई। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने आवास योजना ग्रामीण में 38 लाख मकान स्वीकृत कियें, हमने 35 लाख 34 हजार घर बनाकर गरीबों को गृह प्रवेश करवाया। आज गरीबों को पक्के घर मिल रहें है लेकिन जब प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी तब कमलनाथ ने प्रधानमंत्री श्री मोदी जी के भेजे घर वापिस कर दिए। कमलनाथ ने गरीबों के घर नहीं बनायें, गरीबों के आयुष्मान कार्ड नहीं बनने दियें और आदिवासी किसानों को मिलने वाली सम्मान निधि से भी वंचित रखा। सरकार में रहते हुए कमलनाथ ने गरीबों का हक़ और अधिकार छीनकर अपराध और पाप किया।

    आज मध्यप्रदेश विकास और योजनाओं के क्रियान्वयन में नम्बर वन
    मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कभी कांग्रेस के राज में मध्यप्रदेश बीमारू राज्य कहलाता था, आज समृद्ध राज्य बन रहा है। आज 3 लाख किमी की शानदार सड़कें हमने बनाई हैं। हमने सिंचाई की 47 लाख हेक्टेयर में व्यवस्था की है। आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश लगातार विकास कर रहा है। उन्होंने कहा कि हमने हर वर्ग के विकास के लिए योजनाएं बनाई साथ ही केंद्र की योजनाओं का सफल क्रियान्वयन भी किया। आज मध्यप्रदेश पीएम स्ट्रीट वेंडर योजना में नम्बर वन है, किसानों के लिए शुरू की गयी स्वामित्व योजना में मध्यप्रदेश नम्बर एक पर है। श्री मोदी जी ने बहनों के लिए मातृ वंदना योजना शुरू की उसके क्रियान्वयन में भी मध्यप्रदेश आगे है। स्वच्छता, जल सरंक्षण में भी आज मध्यप्रदेश नम्बर एक पर है। प्रधानमंत्री श्री मोदी जी के ड्रीम प्रोजेक्ट कहे जाने वाले स्मार्ट सीटी के क्रियान्वयन में आज मध्यप्रदेश आगे है।

    इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री श्री फग्गन सिंह कुलस्ते, श्री प्रहलाद पटेल, सांसद व पूर्व प्रदेश अध्यक्ष श्री राकेश सिंह, पार्टी के राष्ट्रीय मंत्री श्री ओमप्रकाश धुर्वे, प्रदेश शासन के मंत्री श्री गोपाल भार्गव, श्री विजय शाह, श्री राजेन्द्र शुक्ल, श्रीमती मीना सिंह, श्री सुरेश राठखेड़ा, पार्टी की प्रदेश उपाध्यक्ष व सांसद श्रीमती सुमित्रा वाल्मीकि, सांसद डॉ. दुर्गादास उइके, विधायक श्री अजय विश्नोई, श्री अशोक रोहाणी, श्री इंदू तिवारी एवं श्रीमती नंदिनी मरावी उपस्थित रहीं।

  • जरूरत थी संजीवनी की पूरा पहाड़ उठा लाए सरकार

    जरूरत थी संजीवनी की पूरा पहाड़ उठा लाए सरकार


    आलोक सिंघई
    चुनाव की बेला में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भोपाल में मीडिया सेंटर की आधारशिला रखने जा रहे हैं। भूमिपूजन के इस विशाल समागम में प्रदेश भर से पत्रकारों को ढो ढोकर लाया गया है। होटलों में ठहराया गया है। सरकार ये दर्शाने का जतन कर रही है कि कांग्रेस के बदमिजाज कमलनाथ की तुलना में मौजूदा सरकार पत्रकार हितैषी है।कमलनाथ कांग्रेस के छोटे से कार्यकाल को देखकर ये बात गले भी उतरती है। कमलनाथ ने जिस तरह मीडिया पर लांछन लगाए उसे देखते हुए तो शिवराज सिंह चौहान की भाजपा सरकार पत्रकारों को सम्मान देने वाली सरकार ही नजर आती है। इसके बावजूद उसे चुनाव की बेला में पत्रकार भवन का प्रहसन क्यों खेलना पड़ रहा है। लगातार साढ़े अठारह सालों तक मीडिया पर मोटा बजट खर्च करने वाली भाजपा सरकार को दूरदराज के छोटे पत्रकारों तक का आशीर्वाद क्यों बटोरना पड़ रहा है।पत्रकार खुद हतप्रभ हैं कि अचानक सरकार उन पर क्यों मेहरबान हो गई है।
    सत्ताधीशों का लंबा अनुभव रहा है कि चुनाव जिताने वाले अलग होते हैं और सत्ता का सुख लूटने वाले अलग हैं। भाजपा को लंबा शासन करने का अवसर मिला है। इसके बावजूद पिछले चुनावों में कांग्रेस को मिला मत प्रतिशत बताता है कि संगठन, जनता और पत्रकार कोई भी मतदान की आंधी की दिशा नहीं बदल सकते हैं। जनता के बीच से उठने वाली मनोभावों की आंधी जनमत बनाती है और वही सत्ता की असली कुंजी है। पिछले चार कार्यकालों में भाजपा सरकार ने पत्रकारों को कल्पनातीत तरीके से उपकृत किया है। उसका उपकार पाने वाले पत्रकारों की तादाद भी बहुत ज्यादा है। जब मनीष सिंह को जनसंपर्क आयुक्त बनाया गया तो उन्हें आश्चर्य हुआ कि सरकार इतना बडा बजट पत्रकारों पर खर्च करती है फिर भी सरकार के कार्यकलापों को सही परिप्रेक्ष्य में प्रस्तुत करने वाला कंटेट नदारद है। पिछली सरकारों के मंत्रियों, प्रशासकों ने इतने बोगस पत्रकार पाल रखे हैं जिनकी बुद्दि केवल चापलूसी की योग्यता रखती है। जनसंपर्क की भाषा बोलने वाले इन पत्रकारों ने दो दशकों में जन संवाद को इतना भौंथरा बना दिया है कि सरकार पर जनता का नजला गिरना सुनिश्चित है।


    चमचों की इस फौज में से असली पत्रकारों को तलाशना और फिर जनहित में उनका उपयोग करना भूसे में सुई तलाशने जैसा कठिन कार्य है। यही सोचकर आयुक्त महोदय ने हनुमान जी वाला फार्मूला अपना लिया। संजीवनी लाने के साथ साथ वे पूरा पर्वत ही उठा लाए हैं । सरकार ने उनके प्रयासों को हरी झंडी दिखाई क्योंकि वह पिछले चुनावों में मिली बारीक हार का जोखिम दुबारा नहीं उठाना चाहती थी। शिवराज जी आज आलोचना का केन्द्र बिंदु बने हुए हैं। उन्होंने भाग भागकर प्रचार किया और जनता से सीधा संवाद करने की कोशिश की । इस आपाधापी में वे भूल गए थे कि नौकरशाही कभी विधायिका का रूप नहीं ले सकती है। मोटी तनख्वाह पाने वाले अफसरों को इस बात से क्या लेना देना कि वे जिन पत्रकारों को पाल रहे हैं वे असरकारी संवाद कर रहे हैं या कि सिर्फ खानापूरी।


    राजधानी का पत्रकार भवन पिछले तीन दशकों से समस्या ग्रस्त रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह ने अपनी मनमानी को मीडिया के माध्यम से सही दर्शाने के लिए जिस ढांचे का गठन किया था वह आज खलनायक बन चुका है। एडीजी इंटेलीजेंस ए.एन सिंह के घिसे पिटे फार्मूले ने प्रदेश की पूरी पत्रकारिता को धूल धूसरित कर दिया है। कोई भी सैन्य या पुलिसिया सोच जन संवाद की भूमिका नहीं निभा सकता है। इसके बावजूद सत्ता माफिया ने अपने काले कारनामों को छुपाने के लिए इस ढांचे को बरकार रखा। एएन सिंह की सलाह पर तत्कालीन अर्जुनसिंह सरकार ने कम्युनिस्ट ढांचे में रंगे श्रमजीवी पत्रकार संघ का प्रोजेक्ट चलाया था। इसकी फंडिंग जनसंपर्क विभाग के बजट और पुलिस के मुखबिर तंत्र के लिए मिलने वाले एसएस फंड से की जानी थी। यही वजह थी कि प्रदेश की पत्रकारिता नागरिकों को नक्सली ,चरित्रहीन, भ्रष्टाचारी और शराबी के तौर पर पहचानने लगी।


    भाजपा सरकार के सत्ता में आते ही उमा भारती ने इस आततायी संगठन को उखाड़ फेंका। तभी उनके इर्द गिर्द जुट रहे लोधियों को निशाना बनाकर उमा भारती को कुर्सी छोड़ने के लिए मजबूर कर दिया गया। इसके बाद वही ढाक के तीन पात वाली पुरानी कहानी चल पड़ी। बाबूलाल गौर तो अघोषित तरीके से अर्जुनसिंह जी के ही प्यादे थे। उन्होंने उमा भारती सरकार के फैसलों को पलट दिया। सरकार से वे सभी फाईलें गायब हो गईं जिन्हें लौह महिला और आयुक्त जनसंपर्क अरुणा शर्मा ने विशेष परिश्रम से तैयार किया था। इसके बाद आई शिवराज सरकार ने यही नीति जारी रखी। शिवराज सिंह के गुरु सुंदरलाल पटवा भाजपा में अर्जुनसिंह गुट के ही खासमखास माने जाते थे सो उन्होंने पत्रकार भवन पर वही पत्रकार विरोधी व्यवस्था कायम रखी। लगभग डेढ़ दशक के शासनकाल में पत्रकारों की तमाम मांगों पर सहमति जताने के बावजूद शिवराज सिंह ने इस व्यवस्था पर कोई प्रहार नहीं किया बल्कि पर्दे के पीछे वे इस बदनाम संगठन के पदाधिकारियों को उपकृत करते रहे।


    जनता ने पिछली बार जब इस व्यवस्था को पलटने का जनादेश दिया तो कमलनाथ सरकार ने आते ही पत्रकार भवन को जमींदोज करके पत्रकारों की बरसों पुरानी मांग पूरी कर दी थी। उनके इर्द गिर्द भी किताबी पत्रकारों का जमावड़ा हो गया था सो उन्होंने इन बदमाशों के साथ पूरी पत्रकार बिरादरी को लांछित करना शुरु कर दिया। यही वजह थी कि कमलनाथ की भ्रष्ट सरकार के उखाड़ फेंकने में मीडिया के सभी वर्गों ने भाजपा को भरपूर साथ दिया। भाजपा ने दुबारा सत्ता में आने के बाद कमलनाथ की नीति को जारी ऱखा और पत्रकारों से दूरियां बनाए रखीं। ये भी महज दिखावा साबित हुआ। लुटेरे पत्रकारों की फौज को जनसंपर्क के भ्रष्ट अधिकारियों ने दुबारा सरकार के गले में लटका दिया। नतीजतन असली पत्रकार फिर भी वंचित ही रहे। बल्कि वे खामखां जनता के निशाने पर आते रहे जबकि मलाई खाने वाला तबका तो सरकार के साथ मजे लूटता रहा।

    दरअसल स्व. माखनलाल चतुर्वेदी के एक बदमाश रिश्तेदार ने जनसंपर्क विभाग में रहते हुए दिग्विजय सिंह की सामंती सरकार की आंखों में धूल झोंककर जो विश्विद्यालय सरकार के गले में बांध दिया वह उसे डुबाने वाला बोझा साबित हो रहा है। बरसों से सरकारें अपने चमचों को इस विवि में उपकृत करती रहीं हैं। कभी दिग्विजय सिंह सरकार जो करती थी उसे भाजपा सरकार ने कई सौ गुना तरीके से किया। अन्य प्रदेशों से लाए गए हवा हवाई पत्रकारों को यहां पत्रकारिता का शिक्षक बनाया गया और उन्हें यूजीसी के निर्धारित वेतनमानों से उपकृत किया जाने लगा। वास्तव में पत्रकारिता की आड़ में एक ऐसे चरोखर खुल गई जिस पर पत्रकार भी खामोश थे।


    यही वजह है कि आज ऐसा लगता है कि सरकार पत्रकारों पर भारी बजट खर्च कर रही है लेकिन वह वास्तव में सरकार का जेबी प्रचार तंत्र है जो हर बार बोगस साबित होता रहा है।असली पत्रकार तो आज भी झुनझुना पकड़कर घूम रहा है। इस बार जब भाजपा सरकार को बिजली सड़क और पानी के नाम पर भारी बजट खर्च करने मिला तो निर्माण माफिया को लगने लगा है कि ये व्यवस्था जारी रहनी चाहिए। भ्रष्ट अफसरशाही के लिए इससे अनुकूल सरकार दूसरी कोई हो नहीं सकती। यही वजह है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मैं हूं का नारा देते हुए भाजपा हाईकमान के निशाने पर आ गए हैं। बजट का आंकड़ा तो जारी करने वाली संस्थाओं की बैलेंस शीट से पढ़ा जा सकता है। जो रकम प्रदेश पर खर्च की गई उसकी तुलना में उत्पादकता कितनी बढ़ी। ये आंकड़े कितने असली और कितने फर्जी हैं इसे जांचना आज तकनीकी के दौर में कठिन नहीं है। सरकार के बजट का कितना हिस्सा माफिया की भेंट चढ़ गया इसका आकलन अच्छी तरह कर लिया गया है। यही वजह है कि शिवराज जी के शासनकाल को जनता की कसौटी पर तो बाद में परखा जाएगा अभी तो पार्टी के अंदरूनी आडिट ने इसका अध्ययन अच्छी तरह कर लिया है। जाहिर है कि सरकार ने अब पत्रकार भवन का नाम मीडिया सेंटर रखा है। वह नहीं चाहती कि फिर कोई माफिया इस पर कब्जा जमा ले और प्रदेश के विकास की कहानी को पटरी से उतार कर चलता बने।उम्मीद की जानी चाहिए कि इस बार मीडिया सेंटर मध्यप्रदेश में प्रोफेशनल जनसंवाद कायम करेगा। हां यदि कोई जनहितैषी व्यक्ति सत्ता के शीर्ष पर आ जाए तो फिर जनधन लूटकर भागने वाले माफिया को भी जमींदोज किया जा सकेगा।