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  • ज्योतिरादित्य सिंधिया ने संजय जैन को डाक्टरेट की मानद उपाधि से सम्मानित किया

    ज्योतिरादित्य सिंधिया ने संजय जैन को डाक्टरेट की मानद उपाधि से सम्मानित किया


    भोपाल,03 फरवरी(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। फार्मेसी और मेडीकल साईंस के क्षेत्र में विशेष योगदान के लिए केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मध्यप्रदेश फार्मेसी काऊंसिल के अध्यक्ष संजय जैन को डाक्टरेट की मानद उपाधि से सम्मानित किया है। मध्यांचल प्रोफेशनल विश्वविद्यालय भोपाल के प्रथम दीक्षांत समारोह में उन्होंने कहा कि दुनिया के दवा बाजार में भारत की भागीदारी बढ़ाने के लिए हमारे युवा और फार्मासिस्ट महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने श्री संजय जैन को डाक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किए जाने पर बधाई भी दी।


    इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय की चांसलर प्रीति पटेल. वाइस चांसलर श्री राय . राजीव गांधी विश्वविद्यालय के कुल गुरु डॉक्टर एस.सी. चौबे. कवि एवं साहित्यकार शैलेश लोढ़ा एवं डॉ प्रदीप कुमार जोशी पूर्व अध्यक्ष यूपीएससी भारत सरकार उपस्थित थे। कार्यक्रम में लगभग 500 छात्र-छात्राओं को भी उपाधि देकर सम्मानित किया गया।


    कार्यक्रम के समापन पर विश्वविद्यालय से संबंधित समिति के अध्यक्ष श्री अजीत पटेल ने अतिथियों का आभार प्रदर्शित किया।

  • फार्मासिस्टों के डिजिटल पंजीयन से विदेशों में भी मिलने लगीं नौकरियां

    फार्मासिस्टों के डिजिटल पंजीयन से विदेशों में भी मिलने लगीं नौकरियां


    भोपाल,30 नवंबर(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर) मध्यप्रदेश फार्मेसी काऊंसिल ने जबसे पंजीयन का सारा रिकार्ड आनलाईन करना शुरु कर दिया है तबसे देश के विभिन्न संस्थानों के साथ साथ विदेशी दवा कारोबार में भी राज्य के फार्मासिस्टों को रोजगार आसानी से मिलने लगा है।किसी भी फार्मासिस्ट के पंजीयन रिकार्ड को पूरी दुनिया में आनलाईन देखा जा सकता है और उसके दावे की सत्यता परखी जा सकती है। इस डिजिटलाईजेशन के अभियान से नकली पंजीयन प्रमाण पत्रों पर नौकरी और कारोबार कर रहे लोगों में हड़कंप मच गया है और वे इस अभियान को रोकने के लिए तरह तरह के जतन करते देखे जा रहे हैं।


    हाल ही में एक कथित फार्मासिस्ट ने जिस तरह काऊंसिल के दफ्तर में हंगामा मचाया और पुलिस ने उसकी शिकायत पर एफआईआर दर्ज की उससे इस समस्या को आसानी से समझा जा सकता है। वह छात्र अपने हंगामे को सही ठहराने के लिए बाकायदा गवाह भी साथ लेकर आया था हालांकि परिषद की ओर से दर्ज कराई गई प्राथमिकी में सारी स्थिति स्पष्ट की गई है और छात्र की आपराधिक हरकत को उजागर किया गया है।


    जबकि तथ्यों को देखा जाए तो पिछले पाँच महीनों में परिषद् ने 4416 नए फार्मासिस्टों के पंजीकरण सफलतापूर्वक किए हैं । लगभग 8,000 आवेदन-पत्रों के साथ प्रस्तुत दस्तावेजों की जांच आदि की प्रोसेसिंग की गई है। इस अवधि में कई महत्त्वपूर्ण सुविधाएँ जोड़ी गई हैं, जिनमें डिजिलॉकर एकीकरण, डोमिसाइल सत्यापन के साथ समग्र आईडी एकीकरण शामिल हैं। इससे पंजीयन की प्रक्रिया गलतियों से मुक्त हो गई है। अब पंजीयन के लिए किसी छात्र या फार्मासिस्ट को काउंसिल के दफ्तर आने की जरूरत ही नहीं रही है।


    इन बदलावों से काउंसिल अब एक से डेढ़ महीने में नए रजिस्ट्रेशन जारी कर पा रही है। जब तक ये प्रक्रिया चलती रहती है तब तक पोर्टल पर आवेदन की स्थिति आसानी से देखी जा सकती है। अब तक 99% बी.फार्मा पंजीकरण और सभी संभव/सत्यापन योग्य शासकीय विश्वविद्यालयों के डी.फार्मा पंजीकरण पूरे कर लिए गए हैं।
    जिन आवेदनों को प्रोसेसिंग के बाद पंजीकृत किया गया है उनमें लगभग 2000 आवेदन पुरानी प्रक्रिया के हैं जिनमें 2022/2024 के आवेदन मुख्यतः निजी विश्वविद्यालयों से संबंधित हैं । इनमें से अधिकतर आवेदनों का महाविद्यालयों से सत्यापन प्राप्त नहीं हुआ है। महाविद्यालयों से संपर्क करके ये पंजीयन भी जारी किए जा रहे हैं।


    प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार परिषद ने 2023 में कुल 2889 पंजीयन जारी किए थे। 2024 में 2297 पंजीयन किए गए। जनवरी से मई 2025 तक 970,जून से नवंबर 2025 में जब पूरा ढांचा तैयार हो गया और पूर्णकालिक रजिस्ट्रार की तैनाती हो गई तो 4416 फार्मासिस्टों के पंजीयन प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं। पिछले 5 महीनों में, परिषद ने एक वर्ष में होने वाले कार्य से लगभग दो–तीन गुना अधिक पंजीकरण जारी किए हैं।इस अवधि में कुल 8,000+ आवेदन प्रोसेस किए गए। जिसकी जानकारी आवेदक के लॉगिन पर भेजी जा चुकी है।
    डिजिटल सुधार और तेज सेवा

    • DigiLocker, Domicile, Samagra ID एकीकरण
    • आवेदन ट्रैकिंग व कारण-आधारित स्टेटस पोर्टल पर उपलब्ध है
    • अब नए पंजीकरण 1–1.5 माह में जारी किए जा रहे हैं
    • आवेदकों को काउंसिल आने की आवश्यकता समाप्त की गई
      वर्तमान पेंडेंसी — कारण व स्थिति
    • 99% बी.फार्मा और सभी सत्यापन योग्य सरकारी विश्वविद्यालयों के डी.फार्मा पंजीकरण पूर्ण किए गए हैं।
    • वर्तमान में लगभग 2000 आवेदन पुरानी प्रक्रिया के हैं जिनमें 2022/2024 के आवेदन मुख्यतः निजी विश्वविद्यालयों से संबंधित हैं और जिनके लिए महाविद्यालयों से सत्यापन प्राप्त नहीं हुआ है। इनको भी सत्यापन प्राप्ति अनुसार क्लियर किया जा रहा है।

    • परिषद ने विगत 1 वर्ष में दलालों के माध्यम से पंजीयन कराने की परंपरा समाप्त करने में सफलता पाई है। ऑफलाइन हस्तक्षेप पर जीरो टॉलरेंस पालिसी लागू की है। इससे नाराज दलालों में भारी असंतोष है और वे काऊंसिल के बारे में आधारहीन बातें फैलाकर छात्रों को भड़काने का प्रयास कर रहे हैं। जब फर्जी पंजीयन नहीं हो पा रहे हैं तो दलालों ने कई सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों को भी गुमराह करके अफवाहें फैलाना जारी कर दिया है। जबकि थोड़े ही दिनों में राज्य में एक पारदर्शी और सरल डिजिटल पंजीयन स्तर हासिल किया जा रहा है।

    • मध्यप्रदेश राज्य फार्मेसी परिषद के पदाधिकारियों का कहना है कि वह सभी आवेदकों के लिए तेज, पारदर्शी, डिजिटल,सटीक और ब्रोकर रहित सेवा उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
  • फार्मासिस्ट ने काऊंसिल के गार्ड का सिर फोड़ा तो लड़कों ने तबियत से धुन दिया

    फार्मासिस्ट ने काऊंसिल के गार्ड का सिर फोड़ा तो लड़कों ने तबियत से धुन दिया


    भोपाल,28 नवंबर(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। मध्यप्रदेश फार्मेसी काऊंसिल के कार्यालय में आज उस समय अफरातफरी मच गई जब इंदौर से आए एक कथित फार्मासिस्ट ने अपना पंजीयन कराने का दबाव बनाने के लिए वहां पदस्थ गार्ड का सिर फोड़ दिया। उसने रजिस्ट्रार और कर्मचारियों को भी धमकाया और गाली गलौच की। इसकी सूचना जब पुलिस को मिली तो पुलिस भी घटना स्थल पर पहुंच गई लेकिन तब तक अपना पंजीयन कराने आए कुछ लड़कों ने आरोपी को घसीटकर तबियत से धुन दिया। पुलिस ने गार्ड और आरोपी की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की है। सरकारी कार्य में अड़चन करने की शिकायत भी दर्ज की गई है।


    प्राप्त जानकारी के अनुसार घटना आज पूर्वान्ह लगभग 11 बजे की है। खुद को इंदौर का फार्मेसी छात्र बताने वाला तुषार नाम का एक युवक वहां पदस्थ गार्ड से अंदर प्रवेश के लिए जिद कर रहा था। गार्ड ने उसे रोका तो उसने गार्ड से मारपीट शुरु कर दी। इससे गार्ड का सिर फट गया और उससे खून निकलने लगा। इसे देखकर वहां मौजूद छात्रों और कर्मचारियों ने भागते हुए इस आरोपी को पकड़ लिया और मन लगाकर धुन दिया। इस बीच पुलिस भी पहुंच गई और सूचना मिलते ही मध्यप्रदेश फार्मेसी काऊंसिल के अध्यक्ष संजय जैन भी पहुंच गए और उन्होंने बीच बचाव करके आरोपी को पुलिस के हवाले करवाया।


    श्री जैन ने पुलिस को दी सूचना में कहा है कि काऊंसिल में आनलाईन पंजीयन का कार्य होता है। एमपी आनलाईन के फार्म को भरने और सभी दस्तावेज भरने पर जांच के बाद स्वतः ही पंजीयन हो जाता है। इसके लिए किसी को काऊंसिल के दफ्तर आने की जरूरत नहीं होती है। इसके बावजूद हर दिन लगभग पचास अभ्यर्थी अपना आवेदन जमा कराने के लिए काऊंसिल आते हैं। इसके लिए काऊंसिल ने गार्ड की व्यवस्था की है जो एक एक करके अभ्यर्थियों को अंदर जाने देता है। उन्होंने पंजीयन के इस कार्य में आवश्यक सुरक्षा बल उपलब्ध कराने की मांग की है।


    गौरतलब है कि मध्यप्रदेश में फार्मासिस्टों के पंजीयन का कार्य लंबे समय से अव्यवस्था के दौर से गुजर रहा है। वर्तमान में काऊंसिल ने इस कार्य के लिए आनलाईन आवेदन जमा करने की व्यवस्था की है। इसके बावजूद कुछ अड़ीबाज फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पंजीयन कराने का प्रयास करते हैं। काऊंसिल ने मेडीकल स्टोरों के पंजीयन की प्रक्रिया में जीवन प्रमाण पत्र देने के निर्देश जारी किए हैं। इससे प्रदेश भर के वे मेडीकल संचालक नाराज हैं जिनके संचालक बरसों पहले ही स्वर्गवासी हो चुके हैं। इसके बावजूद उनके नाम पर फर्जी मेडीकल स्टोर चलाए जा रहे हैं। यही वजह है कि नए नियमों से नाराज फार्मासिस्ट काऊंसिल पर दवाब बनाने का प्रयास कर रहे हैं।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार पुलिस ने काऊंसिल के कर्मचारी गोपाल सिंह यादव की शिकायत पर आरोपी फार्मासिस्ट के विरुद्ध शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने की शिकायत दर्ज की है। गार्ड जितेन्द्र बैरागी की हालत खतरे से बाहर बताई गई है।

  • नई दवाएं मानवता का उपहारःसंजय जैन

    नई दवाएं मानवता का उपहारःसंजय जैन

    भोपाल,27 जून(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)।

    मध्यप्रदेश फार्मेसी काऊंसिल के अध्यक्ष और फार्मेसी काऊंसिल आफ इंडिया के सदस्य संजय जैन ने कहा है कि आर्टीफीशियल इंटेलिजेंस से बन रहीं आधुनिक दवाएं मानवता के लिए उपहार बनकर सामने आई हैं। ये दवाएं जल्दी बन जाती हैं और व्यक्ति विशेष के लिए खास तौर पर बनाई जा सकती हैं। एल एन सी टी संस्थान भोपाल के फार्मेसी विभाग में आयोजित अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में उन्होंने ये विचार व्यक्त किए। संगोष्ठी के मुख्य अतिथि विज्ञान एवं साइंस टेक्नोलॉजी विभाग मध्य प्रदेश के संचालक डॉक्टर अनिल कोठारी थे।


    कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में स्टेट फार्मेसी काउंसिल मध्य प्रदेश के अध्यक्ष .एवं फार्मेसी काउंसिल आफ इंडिया के सदस्य संजय कुमार जैन ने भाग लिया । संस्थान के डायरेक्टर श्री अशोक राय एवं फार्मेसी विभाग की विभाग अध्यक्ष श्रीमती पारुल मेहता ने अतिथियों का पुष्प एवं मालाओं से स्वागत किया । श्री कोठारी ने अपने अपने उद्बोधन में कहा कि फार्मेसी के बगैर विज्ञान अधूरी है विज्ञान की विभिन्न विभिन्न शाखों द्वारा फार्मेसी के क्षेत्र में विभिन्न शोध कार्य किया जा रहे हैं।


    मध्य प्रदेश स्टेट फार्मेसी काउंसिल के अध्यक्ष श्री संजय जैन ने संगोष्ठी में फार्मेसी के क्षेत्र में हो रहे विकास कार्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश में जितनी उन्नति फार्मेसी के क्षेत्र में हुई है। उतनी आजादी के बाद कभी नहीं हुई थी। इसी का कारण है कि दुनिया के अधिकतम देश औषधि के क्षेत्र में भारत पर निर्भर हैं।


    मध्य प्रदेश में भी फार्मेसी औद्योगिक क्षेत्र एवं शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव एवं उपमुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल के मार्गदर्शन में निरंतर आगे बढ़ रहे हैं। इसी का कारण है कि मध्य प्रदेश आज फार्मेसी के क्षेत्र में विकासशील प्रदेशों में जाना जाता है।
    इस संगोष्ठी में देश प्रदेश एवं विदेश के कई फार्मासिस्ट विभिन्न माध्यमों के द्वारा भाग ले रहे हैं।

  • दुनिया के दवा उद्योग में छलांग लगाने को तैयार है प्रदेश

    दुनिया के दवा उद्योग में छलांग लगाने को तैयार है प्रदेश

    भोपाल, 25 सितंबर (प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। मध्यप्रदेश के फार्मा सेक्टर के युवाओं ने गुणवत्ता युक्त दवाओं के निर्माण में नए कीर्तिमान स्थापित करके प्रदेश का नाम रोशन किया है। राज्य में बनाई जा रहीं कई जीवन रक्षक दवाएं वैश्विक बाजारों में साख अर्जित कर रहीं हैं। प्रदेश सरकार ने फार्मा सेक्टर को मजबूती देने के लिए जो उपाय किए हैं उनके नतीजे मिलने शुरु हो गए हैं। जल्दी ही प्रदेश के फार्मेसिस्ट अपनी रचनाधर्मिता से राज्य को औषधि निर्माण,विदेशी मुद्रा अर्जित करने और रोजगार मुहैया कराने में बड़ी भूमिका निभाने जा रहे हैं। विश्व फार्मासिस्ट दिवस के अवसर पर एक विशेष मुलाकात में काऊंसिल के अध्यक्ष संजय जैन ने इस क्षेत्र की कई बारीकियों की जानकारी दी।


    काउंसिल के अध्यक्ष संजय कुमार जैन ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आज के समय में फार्मासिस्ट का औषधि निर्माण हॉस्पिटल मेडिकल स्टोर शोध कार्य एवं कई विधाओं में महत्वपूर्ण योगदान है। काउंसिल अपने मापदंडों के अनुरूप फार्मेसी के क्षेत्र में कार्य कर रही है और भविष्य में भी कई योजनाएं बनाई जा रही हैं।इन्हें जल्दी लागू किया जाएगा।


    काउंसिल की सचिब एवं रजिस्ट्रार सुश्री दिव्या पटेल ने कहा कि काउंसिल के माध्यम से फार्मेसी के छात्रों को कम समय में फार्मेसी के रजिस्ट्रेशन प्रदान करने का प्रयास किए जा रहे हैं। काउंसिल के अध्यक्ष एवं सचिव ने विश्व फार्मेसी दिवस पर सभी को अपनी शुभकामनाएं प्रकट की।


    कार्यक्रम का संचालन एवं आभार काउंसिल के ही गोपाल यादव ने किया । उन्होंने बताया कि आए हुए आवेदनों पर सक्रियता से फैसले लिए जा रहे हैं।

  • फार्मासिस्टों के असामयिक निधन पर परिजनों को दो लाख रुपए की राहत मिलेगीःसंजय जैन

    फार्मासिस्टों के असामयिक निधन पर परिजनों को दो लाख रुपए की राहत मिलेगीःसंजय जैन

    भोपाल,17 अक्टूबर(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। मध्यप्रदेश फार्मेसी काऊंसिल के अध्यक्ष संजय जैन ने आज भोपाल केमिस्ट एसोसिएशन की ओर से आयोजित सम्मान समारोह में कहा कि व्यापारियों के असामयिक निधन पर उनके परिजनों को दो लाख रुपए की राहत राशि प्रदान की जाएगी। एसोसिएशन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने अध्यक्ष संजय जैन और उपाध्यक्ष राजू चतुर्वेदी को फूल मालाएं पहिनाकर,शाल श्रीफल से सम्मानित किया। एसोफरमससट-क-असमयकसिएशन की ओर से उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट कर दवा व्यापारियों की समस्याओं का समाधान करने का अनुरोध किया गया। जवाब में श्री संजय जैन ने पूरे प्रदेश के दवा व्यापारियों से व्यापार को व्यवस्थित और जनउपयोगी बनाने का आव्हान किया।

    फार्मेसी काऊंसिल आफ इंडिया के सदस्य औक्षर मध्यप्रदेश फार्मेसी काऊंसिल के अध्यक्ष संजय जैन ने कहा कि ये संयोग है कि मध्यप्रदेश के फार्मा सेक्टर को पहली बार अनुभवी फार्मासिस्ट और केमिस्ट मिले हैं। हमारा प्रयास रहेगा कि दवा उद्योग से जुड़े किसी भी व्यक्ति को अनावश्यक झंझटों में न उलझना पड़े ताकि दवा कारोबार को सुगम बनाकर आम जनता को राहत दी जा सके। उन्होंने कहा कि नई परिषद ने व्यापारियों के असामयिक निधन पर दो लाख रुपए की राहत राशि दिए जाने का प्रावधान किया है। ये राशि काऊंसिल के सुरक्षा फंड से उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि दवा उद्योग को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने के लिए फार्मेसी एक्ट में स्पष्ट प्रावधान किए गए हैं कि काऊंसिल के पदाधिकारी फार्मा सेक्टर से ही लिए जाएं। इस कारोबार से जुड़े लोग यदि व्यापार की तकनीक को समझ लेंगे तो उन्हें अनावश्यक घाटा नहीं झेलना पड़ेगा और जनता को भी विश्वसनीय दवाईयां कम कीमतों पर उपलब्ध हो सकेंगी। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का वित्तीय बोझ काऊंसिल स्वयं उठाएगी और प्रदेश के फार्मा सेक्टर को आधुनिक तकनीकों के प्रयोग से प्रशिक्षित किया जाएगा। हमारा प्रयास है कि व्यापारियों के काम हों और दवा निर्माताओं, विक्रेताओं डाक्टरों सभीलोक निर्माण मंत्री गोपाल भार्गव ने कहा है कि प्रदेश में सेतु बंधन योजना में 896 करोड़ रूपये की लागत से 15 फ्लाई ओवर तथा रेलवे ओवर ब्रिज बनाए जाएंगे। इसकी प्रक्रिया प्रारंभ की जा चुकी है। के बीच निरंतर संवाद कायम रहे। विश्व के विकसित देशों में डाक्टर मरीज को देखकर दवाईयां लिखता है लेकिन उसकी डोज तय करने का काम फार्मासिस्ट ही करते हैंं। इससे मरीजों को दवाईयों के दुष्प्रभाव से बचाया जाता है।

    उन्होंने कहा कि भोपाल के दवा कारोबारी प्रदेश भर में दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। श्री जितेन्द्र धाकड़ हरफनमौला प्रतिनिधि हैं और उनकी टीम ऊर्जावान है। इनका युवा नेतृत्व प्रदेश के दवा कारोबार को नए दौर में ले जाएगा। जिस तरह से नए पदाधिकारियों ने सुविधाजनक ड्रेसकोड लागू करने का फैसला लिया है उससे दवा उद्योग को पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी। इससे दवा कारोबार पर आम जनता का भरोसा भी बढ़ेगा।इस कारोबार से जुड़े छोटे कर्मचारियों में दायित्व बोध बढ़ेगा जिसका लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े नागरिक को मिलेगा। श्री जैन ने कहा कि जीएसटी और अन्य कारोबारी व्यवस्थाओं ने दवा उद्योग की सफल इंडेक्सिंग की है। व्यापारियों की जो समस्याएं होंगी हम सभी मिलजुलकर उनका समाधान करेंगे। हमारा प्रयास रहेगा कि सभी व्यवस्थाओं पर अमल करके वर्ष 2024तक प्रदेश के पूरे दवा कारोबार की रंगत बदल दी जाए। राजधानी में ही शाहपुरा थाने के पास काऊंसिल का नया भवन निर्मित होने जा रहा है। यहां एक म्यूजियम बनाया जाएगा जिसमें दवा उद्योग के क्रमबद्ध विकास को मॉडलों(प्रदर्शों) के माध्यम से समझाया जाएगा। ये संस्थान नए फार्मासिस्टों को संस्कारित करने में मील का पत्थर साबित होगा।

    एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेंद्र धाकड़ एवं सचिव विवेक खंडेलवाल ने अतिथियों का अभिनंदनकिया। श्री धाकड़ ने इस अवसर पर कहा कि मध्यप्रदेश फार्मेसी काऊंसिल में पिछले दस लगाए जाएंगे जिससे उन्हें अपनी समस्याओं के लिए हर बार राजधानी नहीं भागना पड़ेगा।सालों का दौर अफरातफरी भरा रहा है। व्यापारियों और फार्मासिस्टों को अपने वैधानिक पंजीयन के लिए भी ऊटपटांग रुकावटों का सामना करना पड़ता था। जबसे श्री जैन ने काऊंसिल का पदभार संभाला है तबसे नवागत फार्मासिस्टों और व्यापारियों को फिजूल की अडंगेबाजी से राहत मिल गई है।श्री जैन ने पंजीयन व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के लिए सरल नियम बनाए हैं। नई परिषद फार्मेसी क्षेत्र की जानकार है और इसी वजह से कारोबारी रुकावटें दूर होने लगीं हैं।काऊंसिल में लगभग बारह सालों बाद विधिवत चुनाव हुआ है।
    उन्होंने कहा कि दवा व्यापारियों को एक्सपायरी डेट की दवाईयां नष्ट करने में बड़ी अड़चनों का सामना करना पड़ता है। अब नई व्यवस्था के तहत हम सभी मिलकर एक मंच पर घोषित तरीके से एक्सपायरी डेट की दवाईयों को नष्ट करेंगे। इससे आम जनता को विश्वसनीय दवाईयां मिलने की गारंटी दी जा सकेगी।इससे दवा बाजार में फैलने वाला भ्रम भी दूर हो जाएगा। काऊंसिल के माध्यम से भविष्य में हर महीने फार्मासिस्टों के लिए संभाग स्तर पर केम्प लगाने का जो फैसला लिया गया है उससे व्यापारियों का समय बचेगा और उनका तनाव भी कम होगा। इस अवसर पर केमिस्ट एसोसिएशन और विभिन्न दवा संगठनों के पदाधिकारी और सदस्य मौजूद थे।