Month: August 2021

  • भारतीय मजदूर संघ ने किया वृक्षारोपण

    भारतीय मजदूर संघ ने किया वृक्षारोपण

    सागर,28 अगस्त(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। मजदूर संघ के तत्वाधान में आज जिला इकाई सागर ने श्रीमती अमृता देवी विश्नोई जी के बलिदान को पर्यावरण दिवस के रूप में केंद्रीय बीड़ी अस्पताल सागर के परिसर में वृक्षारोपण कर मनाया।
    इस अवसर पर माननीय नगर विधायक शैलेंद्र जैन के मुख्य आतिथ्य में एवं भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश मंत्री आशीष सिंह जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सुरेश बौद्ध , स्वास्थ्य विभाग से सिविल सर्जन श्रीमती डॉक्टर ज्योति चौहान डॉक्टर प्रदीप चौहान सहायक श्रम आयुक्त भगवत प्रसाद कोरी बीड़ी अस्पताल की मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ श्रीमती बरूआ ,जिला मलेरिया अधिकारी डॉ शैलेंद्र शाक्य प्रदेश महामंत्री कंस्ट्रक्शन मजदूर महासंघ से डॉ प्रदीप पाठक बीड़ी श्रमिक संगठन से राष्ट्रीय सचिव श्रीमती राजकुमारी पवार शहर के समाजसेवी मस्तराम घोसी के विशिष्ट आतिथ्य एवं कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे भारतीय मजदूर संघ के जगदीश जी जारोलिया की अध्यक्षता में कार्यक्रम का शुभारंभ मां भारती एवं भारतीय मजदूर संघ के संस्थापक श्रीमान दत्तोपंत जी ठेंगड़ी की छाया चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया गया। इसी क्रम में स्वागत की श्रंखला में मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों का स्वागत सम्मान विभिन्न संगठनों से पधारे हुए अध्यक्ष एवं पदाधिकारियों द्वारा तिलक एवं पुष्प गुच्छ एवं मालाओं के माध्यम से किया गया।
    तत्पश्चात स्वागत उद्बोधन के लिए राकेश श्रीवास्तव मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ के अध्यक्ष के द्वारा किया गया, कार्यक्रम का मंच संचालन भारतीय मजदूर संघ सागर के जिला मंत्री राहुल जैन के द्वारा किया गया।
    इसी क्रम में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए माननीय विधायक शैलेंद्र जैन ने कहा कि अमृता देवी विश्नोई एवं विश्नोई समाज के द्वारा जो पर्यावरण को बचाने के लिए बलिदान दिया गया हम सभी आज यहां आज भारतीय मजदूर संघ की इस परंपरा को भारतीय पर्यावरण दिवस के रूप में मनाने एकत्रित हुए हैं ।मैं जनता का एक जनप्रतिनिधि होने के नाते आप सभी को यह विश्वास दिलाना चाहता हूं कि विधानसभा में इस प्रस्ताव को विशेष रुप से लाऊंगा जिससे आगामी आने वाले वर्ष में हम सभी एक साथ पूर्व तैयारी कर बड़े स्तर पर इस पर्यावरण दिवस को आयोजन संपूर्ण मध्यप्रदेश में एक साथ वृक्षारोपण कर मनाने का प्रयास करेंगे,इस अवसर पर उन्होंने भारतीय मजदूर संघ के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से आवाहन किया कि श्रमिकों की शत-प्रतिशत वैक्सीनेशन के लिए चिन्हित क्षेत्रों में अभियान चलाकर वैक्सीनेशन कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ वैक्सीनेशन के कार्यक्रम को सफल बनाने का प्रयास हम और आप सभी मिलकर करेंगे।

    आज के वृक्षारोपण कार्यक्रम में भारतीय मजदूर संघ से संबंधित विभिन्न संगठनों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की, जिसमें प्रमुख रूप से भारतीय मजदूर संघ के कार्यकारी जिला अध्यक्ष दीपक मिश्रा, कार्यालय मंत्री राम ठाकुर , के साथ दामोदर प्रजापति ब्रजमोहन पांडे विशाल खरे मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ से ऐसी द्विवेदी अशोक तिवारी अवधेश उपाध्याय अजय खरे डीके तिवारी विकास उपाध्याय दिनेश कनौजिया रघुवर प्रसाद दुलीचंद पटेल , कैलाश सोनी , देवेंद्र पंथी एवं मध्य प्रदेश बिजली कर्मचारी महासंघ से केशव प्रसाद तिवारी , राम विवेक गौतम ,सतीश मेहता ,महेंद्र प्रजापति श्रीमान कक्का , एवं बीड़ी संगठन के अध्यक्ष श्याम चरण जाटव, शीतल प्रसाद वर्मा , दीपेश जाटव , कृषि एवं ग्रामीण मजदूर महासंघ से अमित उपाध्याय, सर्वानंद पांडे ,कंस्ट्रक्शन मजदूर महासंघ के विभिन्न पदाधिकारी और पर्यावरण संयोजक अमित रैकवार, बहन श्रीमती रश्मि कुशवाहा , संजय भाटी ,एम ई एस कार्यकारी यूनियन से नितेश साहू , संतोष शर्मा के साथ समस्त संबद्ध संगठनों के कार्यकर्ताओं के साथ शहर वासियों ने सामूहिक रूप से वृक्षारोपण कर कार्यक्रम को सफल बनाया, इसी क्रम में जिला अध्यक्ष की ओर से सभी का आभार व्यक्त किया गया।

  • पवन विद्रोही के हत्यारे और शूटर सभी सबूतों के अभाव में बरी

    पवन विद्रोही के हत्यारे और शूटर सभी सबूतों के अभाव में बरी

    पवन विद्रोही हत्याकांड मामले में अदालत ने सुनाया फैसला

    भोपाल,23 अगस्त(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। राजधानी में वर्ष 2007 के दौरान हुए पत्रकार पवन विद्रोही हत्याकांड के मामले में अदालत ने ग्वालियर के तीन शूटरों सहित आरोपी बनाए गए बिजनेस पार्टनर राजेंद्र जैन आम्रपाली, मुकेश जैन राजेश जैन और सुनील भदोरिया को सबूतों के अभाव मैं दोषमुक्त कर दिया है। जिला अदालत में अपर सत्र न्यायाधीश यतेश सिसोदिया ने सोमवार को यह फैसला सुनाया।अपने फैसले में अदालत ने कहा कि मामले में गवाहों के बयानों में विरोधाभास है साथ ही जब्ती की कार्रवाई भी प्रमाणित नहीं है। ऐसे में सभी को दोषमुक्त किया जाता है।


    पत्रकार और बिल्डर पवन जैन विद्रोही की 3 जुलाई 2007 को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। विद्रोही कार में विदिशा से नेहरू नगर स्थित घर लौट रहे थे। ग्वालियर के शूटर जितेंद्र, मेवालाल और आरिफ ने कार को जेके रोड के पास रोककर विद्रोही की गोली मारकर हत्या कर दी थी। जिस कार में विद्रोही लौट रहे थे उसमें ही आरोपी बनाए गए विद्रोही के साले मुकेश जैन और राजेंद्र जैन आम्रपाली बैठे थे। कार चालक सरदार सिंह की भी गोलीबारी में मौत हो गई थी। मामले में शुरू में राजधानी पुलिस ने विवेचना की थी। बाद में हाईकोर्ट के आदेश पर जांच सीबीआई को सौंपी गई थी।

    सीबीआई ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर पवन के पार्टनर और साले को ही चिन्हित किया था। जांच अधिकारी का कहना था कि चूंकि गोलियां सीट के पीछे से मारी गईं हैं इसलिए शूटरों और गवाहों का बयान झूठा है। ड्राईवर और पवन दोनों के मृत शरीरों में गोलियां पीछे से घुसकर आगे की ओर निकलीं थीं। जबकि पकडे गए कथित शूटरों का कहना था कि उन्होंने आगे से गोलियां चलाईं थीं। सीबीआई के बाद के अफसरों ने इस मामले में रुचि नहीं ली और अदालत में आरोपियों को भ्रम की स्थिति निर्मित करने में सफलता मिल गई।

    राजेंद्र जैन आम्रपाली के वकील विजय चौधरी ने बताया कि पुलिस की कहानी के अनुसार बिजनेस पार्टनर राजेंद्र जैन आम्रपाली, मुकेश जैन राजेश जैन और सुनील भदोरिया ने कारोबारी रंजिश के चलते साजिश रच कर भाड़े के हत्यारों से विद्रोही की हत्या कराई थी। हालांकि कोर्ट में पुलिस चारों पर लगे आरोप साबित नहीं कर सकी। अदालत में गवाहों ने अभियोजन की कहानी का समर्थन नहीं किया।

    ऐसे हुआ था हत्याकांड का खुलासा

    जांच के दौरान पिपलानी पुलिस को विद्रोही का मोबाइल मिला था। जांच में पाया गया कि हत्या के पहले विद्रोही की लगातार फोन पर बिजनेस पार्टनरों से बातचीत हो रही थी। जिस नंबर पर ज्यादा बार बातचीत हुई उसकी लोकेशन घटनास्थल के आसपास की थी। जांच में नंबर विदिशा के रहने वाले सुनील भदोरिया का निकला। सुनील भदोरिया ने पुलिस को दिए मेमोरेंडम में बताया कि उसने राजेंद्र जैन आम्रपाली, मुकेश जैन और राजेश जैन के कहने पर गवालियर के शूटरों से हत्या करवाई है। भदोरिया ने बताया था कि हत्या का सौदा 15 लाख में तय हुआ था।

  • नए केन्द्रीय मंत्रियों को जनता देगी अपना आशीर्वाद बोले सबनानी

    नए केन्द्रीय मंत्रियों को जनता देगी अपना आशीर्वाद बोले सबनानी

    भोपाल। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही में किए गए मंत्रिमंडल पुनर्गठन में ‘सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास’ की झलक दिखाई देती है। इस पुनर्गठन के अंतर्गत प्रदेश के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री  थावरचंद गहलोत को कर्नाटक का राज्यपाल बनाया गया है, तो दो नए मंत्रियों के रूप में डॉ. वीरेंद्र खटीक एवं ज्योतिरादित्य सिंधिया को शामिल किया गया है। विपक्ष ने अपनी हठधर्मिता के चलते इन मंत्रियों का सदन में परिचय नहीं होने दिया था। इसलिए अब ये मंत्रीगण आशीर्वाद यात्राओं के माध्यम से जनता का आशीर्वाद लेंगे। यह बात भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री एवं आशीर्वाद यात्राओं के प्रदेश प्रभारी भगवानदास सबनानी ने गुरुवार को पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कही। पत्रकार वार्ता में प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती सीमा सिंह जादौन उपस्थित थी। 

    16 से 24 अगस्त तक चलेंगी यात्राएं

    श्री सबनानी ने बताया कि केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र खटीक, श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और उत्तरप्रदेश से सांसद तथा केंद्रीय मंत्री श्री एस.पी.एस. बघेल प्रदेश में आशीर्वाद यात्राओं के माध्यम से जनता का आशीर्वाद लेंगे। ये यात्राएं 16 अगस्त से शुरू होंगी और 24 अगस्त तक चलेंगी। यात्राओं के दौरान केंद्रीय मंत्री गण धार्मिक स्थलों, संत-महात्माओं, शहीदों, लोकतंत्र सेनानियों आदि से आशीर्वाद लेंगे। इसके अलावा मंत्रीगण विभिन्न समाजों के कार्यक्रमों में भाग लेंगे तथा प्रबुद्जनों, कलाकारों, खिलाड़ियों से भेंट करेंगे। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री विभिन्न महापुरुषों के स्मारकों पर जाकर श्रद्धासुमन भी अर्पित करेंगे।

    रेल और सड़क मार्ग से होगी मंत्री श्री खटीक की यात्रा

    केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र खटीक की आशीर्वाद यात्रा रेल और सड़क मार्ग से होगी। उनकी यात्रा 19 अगस्त को ग्वालियर से शुरू होगी। 20 अगस्त को डॉ. वीरेंद्र खटीक भोपाल में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेंगे। उनके इन कार्यक्रमों में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा भी शामिल होंगे। आशीर्वाद यात्रा 21 अगस्त को विदिशा एवं सागर जिलों में पहुंचेगी। 23 अगस्त को जबलपुर और 24 अगस्त को दमोह तथा टीकमगढ़ जिलों में पहुंचेगी। उनकी यात्रा के लिए प्रदेश महामंत्री श्री रणवीरसिंह रावत को प्रभारी एवं कार्यसमिति सदस्य श्री महेंद्र यादव को सह प्रभारी बनाया गया है। श्री खटीक की यह यात्रा 7 जिलों एवं 7 लोकसभा क्षेत्रों से गुजरेगी और पांच दिनों में 589 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। इस दौरान श्री खटीक 105 कार्यक्रमों में भाग लेंगे।

    देवास से शुरू होगी केंद्रीय मंत्री श्री सिंधिया की यात्रा

    श्री सबनानी ने बताया कि केंद्रीय मंत्री श्री ज्योतिरादित्य अपनी आशीर्वाद यात्रा की शुरुआत देवास से 17 अगस्त को करेंगे। इसी दिन यात्रा शाजापुर पहुंच जाएगी। 18 अगस्त को यात्रा खरगोन जिले में पहुंचेगी जहां रावेरखेड़ी में बाजीराव पेशवा के समाधि स्थल पर आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री श्री सिंधिया मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान के साथ भाग लेंगे। 19 अगस्त को श्री सिंधिया की आशीर्वाद यात्रा इंदौर पहुंचेगी। उनकी आशीर्वाद यात्रा के लिए प्रदेश उपाध्यक्ष श्री आलोक शर्मा को प्रभारी एवं कार्यसमिति सदस्य श्री संतोष पारीक को सहप्रभारी नियुक्त किया गया है। श्री सिंधिया की यह यात्रा 4 जिलों एवं 4 लोकसभा क्षेत्रों से गुजरेगी तथा 584 किलोमीटर की होगी। चार दिनों की यात्रा के दौरान श्री सिंधिया 78 कार्यक्रमों में भाग लेंगे।

    पीताम्बरा पीठ, दतिया से शुरू होगी केंद्रीय मंत्री श्री बघेल की यात्रा

    श्री सबनानी ने बताया कि केंद्रीय मंत्री श्री एस.पी.एस. बघेल की आशीर्वाद यात्रा दतिया स्थित पीताम्बरा पीठ से 16 अगस्त को शुरू होगी। विधि राज्यमंत्री श्री बघेल 16 अगस्त को दतिया, डबरा, ग्वालियर की यात्रा करेंगे। इसके उपरांत 17 अगस्त को ग्वालियर और मुरैना में आशीर्वाद लेंगे। उनकी यात्रा के लिए प्रदेश उपाध्यक्ष श्री चौधरी मुकेश चतुर्वेदी को प्रभारी एवं प्रदेश मंत्री श्री मदन कुशवाह को सह प्रभारी नियुक्त किया गया है। श्री बघेल की यह यात्रा तीन जिलों एवं तीन लोकसभा क्षेत्रों से होकर गुजरेगी तथा 167 किलोमीटर की होगी। इस दौरान श्री बघेल 14 कार्यक्रमों में भाग लेंगे। 
  • कांग्रेस ने दो दिन भी नहीं चलने दिया विधानसभा का राज दरबार

    कांग्रेस ने दो दिन भी नहीं चलने दिया विधानसभा का राज दरबार

    भोपाल 10 अगस्त(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतें, ओबीसी आरक्षण और बढ़ती महंगाई के विरोध में हंगामे के चलते विधानसभा का मानसून सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है। इस हंगामे के बीच सरकार ने सदन में महत्वपूर्ण विधेयकों की मंजूरी जरूर करवा ली।

    सदन की कार्यवाही सुबह से ही हंगामेदार रही। हंगामे की स्थिति और ज्यादा तब बढ़ गई जब महंगाई से जुड़ा सवाल वित्त मंत्री से पूछा गया। इसके बाद वित्त मंत्री के जवाब से विपक्ष खेमे ने नाराजगी प्रकट की। जवाब से असंतुष्ट नजर आए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मंत्री का जवाब सही नहीं, आज पूरा देश महंगाई से जूझ रहा है, इस पर चर्चा होनी चाहिए। इस पर विपक्षी सदस्य लॉबी में नारेबाजी करने लगे और विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम को सदन की कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। इसके बाद फिर से कार्यवाही शुरू की गई, लेकिन विपक्ष का हंगामा नहीं थमा तो विधानसभा के मानसून सत्र को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया।


    सदन की हंगामेदार कार्यवाही के दौरान सरकार ने कई महत्वपूर्ण विधेयक पास करा लिए। इसी शोरगुल के बीच अनुपूरक बजट को हंगामे के दौरान मंजूरी दे दी गई। इसके बाद नगरीय निकाय संशोधन बिल भी पास हुए और आबकारी एक्ट संशोधन समेत अन्य महत्वूर्ण विधेयकों को भी मंजूरी दे दी गई।

    बाढ़ से प्रभावित शयोपुर के विधायक बाबू जँडेल ने विधानसभा में अपने कपड़े फाड़ लिये। वे अपने इलाक़े में बाढ़ प्रभावितों को कथित तौर पर सरकारी मदद न मिल पाने के कारण खुद को दुखी बता रहे थे। उनका कहना था कि उनके इलाके के लोगों को कपड़े तक नहीं मिल पा रहे हैं। लोगों के घर पानी में डूब गए हैं। सरकार बाढ़ पीड़ितों को मदद नहीं कर रही है।

  • फर्जी सेठ बनकर समृद्धि की राह में  रोड़ा बना था लूजर भास्कर

    फर्जी सेठ बनकर समृद्धि की राह में रोड़ा बना था लूजर भास्कर

    भोपाल,4 जुलाई (प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)।आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय समेत देश की तमाम एजेंसियां इन दिनों शैल कंपनियों के सहारे काला धन सफेद करके उद्योगपति बन बैठे जेबकतरों की खाना तलाशी ले रहीं हैं। केरल के गोरखधंधेबाजों के बाद देश के अन्य प्रांतों में भी इन ठगों की धरपकड़ जारी है। मुद्रा को खोखला करने वाले इन फर्जी उद्योगपतियों से जूझने में राज्यों की सरकारें सबसे बड़ा अड़ंगा साबित हो रहीं हैं। पुलिस राज्य का विषय है और पुलिस की आंखें मूंदने के लिए काले धन के इन धोबियों ने राजनेताओं से गहरी सांठगांठ कर ली है। गुजरात के अहमदाबाद में पंजीकृत कराई गई डीबी कार्प लिमिटेड और इसके सहयोगी संस्थानों पर डाले गए छापे में पता चला कि बैंकों से लगभग 28 हजार करोड़ रुपए का कर्ज लेकर भास्कर समूह ने शैल कंपनियों के सहारे लगभग छह हजार करोड़ रुपयों का सालाना टर्नओवर हासिल कर लिया था। देश के वित्तीय ढांचे की आंखों में धूल झोंकने के लिए इस समूह ने बाजार से मंहगी दर पर निवेश जुटाया और पुलिस के रिश्वतखोरों की सहायता से इन छोटे निवेशकों की पूंजी हड़पकर उसे अपनी आय बता दिया.जबकि हकीकत में ये समूह देश के संसाधनों का लूजर बनकर सामने आया है.

    डीबी कार्प लिमिटेड में आ रहे विदेशी निवेश की जांच करने पर पता चला है कि कांग्रेस नेता दिग्गी के सहयोग से शुरु किए गए इस गोरखधंधे में भाजपा के कई बड़े दिग्गज भी शामिल हैं। सत्ताधीशों का ये गिरोह राज्य के खजाने से फर्जी योजनाओं के नाम पर मोटी रकमें निकालकर इस समूह को मुहैया कराता रहा है। आयकर अधिनियम की धारा 132 में जो तलाशी ली गई उससे इस काले कारोबार की पोल खुल गई है। समूह के मुंबई, दिल्ली, भोपाल, इंदौर,जयपुर, कोरबा,, नोयडा, अहमदाबाद, समेत लगभग 40 परिसरों की तलाशी ली गई है। लगभग सात दिनों तक डेरा डाले रहे अन्य प्रदेशों से भेजे गए अधिकारियों ने इस गोरखधंधे के पूरे दस्तावेज जब्त कर लिए हैं। अपने समाचार पत्र समूह और राज्य के गृहमंत्री के सहारे दबाव बनाने के प्रयास भी नाकाम होने के बाद अब समूह के कर्ताधर्ता संघ के दरबार में दंड बैठक लगाने की जुगत भी बिठा रहे हैं।

    सरे चौराहे कथित प्रगति की पोल खुलने से शेयर मार्केट में औंधे मुंह गिरने लगा कंपनी का शेयर

    यह समूह मीडिया, बिजली, कपड़ा और रियल एस्टेट के अलावा कई अन्य धंधों से भी अपनी आय होना दिखाता रहा है। जबकि इसका मुख्य धंधा मनी लांड्रिंग(धनशोधन) का रहा है। समूह ने अपना सालाना कारोबार 6000 करोड़ रुपए दिखाया है।समूह से जुड़े उद्योगपति नमक, अगरबत्ती, साबुन, प्रिंटिंग आदि तमाम धंधों से अपनी आय दिखाते रहे हैं।प्रेस को बुद्धू समझने वाले इस गिरोह के सदस्य लोटा बाल्टियां बांटते रहते है विदेशों में अय्याशी करने वाले इन कारोबारियों की जान इन दिनों सांसत में फंसी हुई है क्योंकि देश के मुद्रा तंत्र से काले धन की धरपकड़ का शिकंजा भारत सरकार की पहल पर ही कसा गया है।

    सूत्रों के अनुसार समूह की फ्लैगशिप कंपनी डीबी कॉर्प लिमिटेड है, जो दैनिक भास्कर समाचार प्रकाशित करती है। कोयला आधारित बिजली उत्पादन व्यवसाय मेसर्स डीबी पावर लिमिटेड के नाम से किया जाता है। सरकारी सूत्र कहते हैं कि फर्जी खर्च और शेल संस्थाओं की आड़ में समूह ने सरसरी नजर में लगभग सात सौ करोड़ की टैक्स चोरी की है। समूह ने अपने कर्मचारियों के साथ शेयर धारकों और निदेशकों के रूप में कई कागजी कंपनियां बनाई हैं। इस तरह से निकाले गए धन को मॉरीशस स्थित संस्थाओं के माध्यम से शेयर प्रीमियम और विदेशी निवेश के रूप में विभिन्न व्यक्तिगत और व्यावसायिक खातों में वापस भेज दिया गया। परिवार के सदस्यों के नाम पनामा पेपर लीक मामले में भी सामने आए। विभागीय डेटा बेस बैंकिंग पूछताछ और अन्य तरीकों से पूछताछ का विश्लेषण करने के बाद तलाशी का सहारा लिया गया।

    जांच से जुड़े सूत्र बताते हैं कि डीबी कार्प लिमिटेड के रूप में समूह को कमाई का एक नया साधन मिल गया था। शासन की अनुमति प्राप्त किए बगैर समूह ने मध्यप्रदेश हाऊसिंग बोर्ड से वह जमीन खरीद ली थी। खरीद का अनुबंध करने वाली कंपनी से मिलता जुलता नाम वाली नई कंपनी बनाकर मॉल खरीदा गया। बाद में आकार ली कंपनी देश भर में मॉल बनाने का दावा करके लोन पर लोन लेती चली गई।लगभग ढाई सौ करोड़ रुपयों से बने डीबी कार्प लिमि. पर आज हजारों करोड़ रुपयों का कर्ज है। ये राशि समूह की संपत्तियों से कई गुना अधिक है।इस राशि से समूह ने आय तो की लेकिन उस पर न तो टैक्स दिया न जुर्माना भरा।मुनाफे को शैल कंपनियों में घुमाकर और अधिक लोन लिया जाता रहा।

    बड़े समाचार प्रतिष्ठान देश के वित्तीय प्रबंधकों को धमकाने की आड़ बन गए थे.

    कंपनी ने मॉल बनाने के नाम पर भारी लोन उठाया है।बताते हैं कि इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट बैंक से सितंबर 2011 में 1,080,000,000रुपए, स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक से अगस्त 2010 में 500,000,000 रुपए,आईडीबीआई बैंक से 1,890,000,000 रुपए,राबो इंडिया फाईनेंस लिमि.से 1,400,000,000रुपए,एबीएन एंब्रो बैंक एनवी से जून 2009 में 250,000,000 रुपए,यूको बैंक से चल संपत्तियों पर 120,000,000 रुपए,स्टेट बैंक आफ इंदौर से फरवरी 2010 में 517,000,000 रुपए, यस बैंक लिमिटेड से 700,000,000 रुपए, स्टेट बैंक आफ इंदौर से 20,000,000 रुपए,स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक से 250,000,000 रुपए, आईडीबीआई बैंक से 700,000,000रुपए, 31इंफोटेक ट्रस्टीशिप सर्विसेज लिमिटेड से 1,000,000,000 रुपए,एगको फाईनेंस जीएमबीएच से 1,778,500,000 रुपए, आईएल एंड एफएस ट्रस्ट कंपनी लिमिटेड से अक्टूबर 2007 में 250,000,000 रुपए,इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट बैंक आफ इंडिया लिमिटेड से फरवरी 2008 में 200,000,000 रुपए लोन के नाम पर जुटाए गए। ये तो प्राप्त जानकारी का बहुत छोटा हिस्सा है।

    जासूस बादशाह समाचार पत्र के ब्यूरो प्रमुख अनिल तिवारी बताते हैं कि समूह की वित्तीय अनियमितताओं पर देश की जांच एजेंसियां लंबे समय से निगाह रख रहीं थीं।कई दस्तावेजों को एकजुट करने का काम चल रहा है।अभी तक जो जानकारियां सामने आईं है उससे वित्तीय अनियमितताओं की केवल सरसरी जानकारी मिली है।इससे जुड़ी अन्य जानकारियां सामने आने पर पता चलेगा कि किस तरह उद्योग खड़े करने के नाम पर देश में ही धनशोधन की फेक्टरी चलाई जा रही थी।

    लूटो और भागो की तर्ज पर काम करता रहा समूह जिद करो दुनिया बदलो का टैग वाक्य सुनाता रहा लेकिन उसने न तो दुनिया बदली न ही देश को समृद्ध बनाया। बैंकों का पैसा हड़पकर समूह के कर्ता धर्ता अपने रिश्तेदारों के घरों में ये जायदाद छुपाते रहे।प्रदेश के नेता और अफसर तो समूह के दरवाजे पूंछ हिलाते रहे लेकिन पहली बार देश की जांच एजेंसियों ने तिजोरी में बंद लक्ष्मी को आजाद कराने की पहल की है। निश्चित तौर पर ये पहल कई करोड़ गरीबों के औद्योगिक संस्थान रोशन करेगी और हजारों करोड़ घरों में रोजगार के दीप जलाएगी।

  • हाईकोर्ट को धता बताकर कर्ज वसूली की गुंडई पर उतरा राजस्व अमला

    हाईकोर्ट को धता बताकर कर्ज वसूली की गुंडई पर उतरा राजस्व अमला

    भोपाल 3 अगस्त(प्रेस सूचना केन्द्र)। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट नागरिकों की चाहे जो चिंता करे पर कार्यपालिका के मैदानी अफसरों को सिर्फ अपनी कमाई की चिंता सताती है। न्यायपालिका के मुखिया प्रदेश के चीफ जस्टिस मोहम्मद रफीक और जस्टिस विजय कुमार शुक्ला ने कोरोना काल में कंगाल हुए नागरिकों को राहत देने के लिए बैंकों को कुर्की करने पर रोक लगाई है लेकिन तहसीली का अमला दुष्ट साहूकार की तरह गुंडई पर उतर आया है। एमपी नगर वृत्त के तहसीली दफ्तर में तो बैंकों के वसूली एजेंटों ने बाकायदा अपना अड्डा बना लिया है। ये एजेंट पुलिस की वर्दी पहनकर कर्जदारों के घर जाते हैं और उन्हें वारंट थमाकर कुर्की का भय दिखा रहे हैं। हाईकोर्ट को झांसा देने के लिए एजेंटों ने कर्जदारों को नए लोन मंजूर करा दिए हैं। इस टॉपअप राशि से वे पुराना कर्ज जमा कर देते हैं और नए कर्ज की वसूली के लिए कुर्की आदेश जारी करवा देते हैं।

    मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर बेंच ने रिट याचिका क्रमांक- 8820-2021 का निपटारा करते हुए 15.07.2021 को कोरोना जैसी आपदा से प्रभावित कर्जदारों को राहत देने का प्रयास किया है । अपने फैसले में मुख्य न्यायाधीश की पीठ ने अंतरिम आदेश की समय सीमा 25 अगस्त 2021 तक बढ़ा दी है। हाईकोर्ट ने कहा है कि वित्तीय संस्थान कोरोना की आपदा को देखते हुए मजबूर डिफाल्टरों को नए लोन दें और वसूली की समय सीमा कम से कम एक महीने तक बढ़ाएं।

    बैंकों ने अपनी गड़बड़ाई कर्ज वसूली को लाईन पर लाने के लिए नए ऋण तो मंजूर किए हैं लेकिन मुनाफा बढ़ाने के लिए राजस्व अमले को साथ लेकर कुर्की का हथकंडा इस्तेमाल करना शुरु कर दिया है। बैंकों की वसूली एजेंसियों ने साहूकारों के गुंडों की तरह डिफाल्टरों का जीना हराम कर दिया है। जिला प्रशासन का साथ होऩे के कारण पुलिस का अमला भी एजेंटों को संरक्षण देता है। डिफाल्टरों से मारपीट और दुर्वयवहार की शिकायत लिखने के बजाए पुलिस वाले नागरिकों को डरा धमकाकर भगा देते हैं।

    गांधीनगर के 42 सेक्टर के निवासी शहनवाज खान ने गाड़ी के लिए आईडीएफसी फर्स्ट बैंक लिमिटेड से डेढ़ लाख रुपयों का लोन लिया था। पेशे से मैकेनिक शहनवाज का कामकाज लॉकडाउन की वजह से ठप हो गया। इसकी वजह से वह लोन की किस्तें वक्त पर जमा नहीं कर पाया। बैक के अधिकारियों ने पुराने रिकार्ड के आधार पर नया लोन मंजूर कर दिया। अब बैंक के वसूली एजेंट कथित पुलिस वालों को लेकर उसके घर जा रहे हैं और घर की कुर्की करने की धमकी दे रहे हैं।

    इसी तरह इतवारा निवासी मोहम्मद नावेद के नाम पर मंगलवारा पुलिस से 5000 रुपए का वारंट भिजवाया गया है। उसे घर की कुर्की किए जाने की धमकी दी जा रही है। जबकि उसका लोन तो कंज्यूमर सामान के लिए था। जिसकी वसूली के लिए वारंट जैसी प्रक्रिया का उपयोग ही नहीं किया जा सकता।

    कर्जों की वसूली के लिए बैंकों से आरआरसी जारी होने के बाद कलेक्ट्रेट दफ्तर को भेजी जाती है। यहां से संबंधिक एसडीएम के माध्यम से तहसील के ऋण वसूली अमले को मांग सूची जारी करने की अनुमति प्रदान की जाती है। भोपाल में इस प्रक्रिया का पालन नहीं हो रहा है। तहसील दफ्तर में अड्डा जमाए बैठे वसूली एजेंट खुद की सील ठप्पे लगाकर फर्जी हस्ताक्षरों से मांग सूची जारी कर देते हैं। फर्जी पुलिस वालों को भेजकर डिफाल्टरों को धमकाया जाता है। आईडीएफसी बैंक से जुड़ी कुछ वसूली एजेंसियों ने तो कर्ज वसूली के लिए गुंडों को नौकरी पर रख लिया है। इनमें सहयोग ,विसर्प, श्री जैसी एजेंसियों के मुश्ताक खान,लोकेश शर्मा और उनके सहयोगियों ने छीना झपटी के साथ माफियागिरी भी शुरु कर दी है। बताते हैं कि रूपाली यादव नाम की एक डिफाल्टर की कार इन्हीं एजेंटों ने धमकाकर कुर्क कर ली और उसे बाजार में बेच दिया। इसी तरह से आईडीएफसी बैंक के यार्ड में खड़ी तीन अन्य कारें भी कोरोना काल के बाद कुर्क की गईं हैं। सहयोग नाम की एजेंसी के अमित ठाकुर के ससुर पुलिस में थे और इसका लाभ लेकर वह लोन वसूली के लिए पुलिस का झांसा दिखाता रहता है। आईडीएफसी बैंक के मैनेजर सुजीत सिंह और रोहित शर्मा कथित तौर पर इन एजेंटों को संरक्षण भी देते हैं और जरूरत होने पर उनके लिए वित्तीय मदद भी मुहैया कराते हैं। कंज्यूमर प्रोडक्ट के लोन की वसूली के लिए तो आरआरसी जारी करने का प्रावधान ही नहीं है लेकिन ये एजेंट कथित तौर पर फर्जी कुर्की वारंट बनाकर लोगों को धमका रहे हैं।

    तहसील दफ्तर की ऋण वसूली शाखा पर बैंकों के वसूली एजेटों ने कब्जा जमा लिया है.

    सूत्र बताते हैं कि गुरु एसोसिएट नाम की वसूली एजेंसी के फरीद और गुरु भाई अपने पार्टनरों के साथ मिलकर लंबित किस्तों वाले वाहनों को तहसील से बाहर ही बेच देते हैं। तहसील के नोटिसों के आधार पर डिफाल्टरों को धमकाया जाता है। कई ग्राहकों ने तो राजधानी के पुलिस थानों में इस गुंडागिरी के विरुद्ध प्रकरण भी दर्ज कराए हैं। अशोका गार्डन समेत कई पुलिस थानों में ये प्रकरण जांच के बाद दर्ज किए गए हैं ।तहसीलदार को अनाप शनाप जानकारियां देकर सहयोग एजेंसी के सुजीत सिंह ने तो कथित तौर पर आठ दस ग्राहकों के बैंक खाते भी सीज करवा दिए हैं ।

    वसूली एजेंट खुद को राजस्व अधिकारी भी बता देते हैं.

    हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी एजेंटों के माध्यम से की जा रही इस अवैध वसूली और गुंडागर्दी के बारे में पूछे जाने पर तहसीलदार मनीष शर्मा ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश की वजह से कुर्की की प्रक्रिया रोक दी गई है। डिफाल्टरों को मांग पत्र जरूर भेजे जा रहे हैं क्योंकि हम किसी को कर्ज जमा करने से रोक नहीं सकते। श्री शर्मा ने कहा कि बैंकों की वसूली पर हमें प्रोत्साहन राशि मिलती है जो कि बाकायदा शासन की ओर से वेतन के अलावा जारी होती है। कलेक्टर के ब्रिक्स फंड में भी कर्ज वसूली का एक हिस्सा जमा होता है। इस वजह से हम लोग कर्ज वसूली को प्राथमिकता देते हैं। हाईकोर्ट जब अनुमति देगा तो कुर्की की कार्रवाई वसूली नियमों के अनुसार ही की जाएगी।