-आलोक सिंघई –
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के स्थापना दिवस पर जब पार्टी दिग्गजों के भाषणों में पंडित दीनदयाल उपाध्याय के ‘एकात्म मानवतावाद’ और ‘अंत्योदय’ की गूंज सुनाई देती है, तब देश का आम नागरिक विकास के नए प्रतिमानों के बीच एक अजीब सा विरोधाभास भी महसूस करता है। भाजपा का स्थापना दिवस महज एक औपचारिकता नहीं, बल्कि आत्मचिंतन का अवसर होना चाहिए कि क्या आज का आर्थिक ढांचा सचमुच एकात्म मानववाद की कसौटी पर खरा उतर रहा है? यह बात अब छिपी नहीं है कि पार्टी की ओर से प्रचारित ‘विकास मॉडल’ पूंजीवाद का ही एक देशी स्वरूप है—जिसे अक्सर ‘क्रोनी कैपिटलिज्म’ या ‘मित्र पूंजीवाद’ के चश्मे से देखा जा रहा है। जब हम न्यू वर्ल्ड ऑर्डर की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं, तो एकात्म मानवतावाद का सैद्धांतिक चोला उतारकर भारतीय पूंजीवाद को नए सिरे से परिभाषित करना होगा।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने एकात्म मानवतावाद के माध्यम से एक ऐसे समाज की कल्पना की थी, जहाँ व्यक्ति और समाज के बीच सामंजस्य हो, और विकास की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति (अंत्योदय) को उसका हक मिले। उनका दर्शन व्यक्तिवाद और समाजवाद दोनों के बीच का एक वैकल्पिक मार्ग था। लेकिन, पिछले एक दशक में जिस तरह के आर्थिक सुधार हुए हैं, वे पूंजी के केंद्रीकरण को बढ़ावा देते प्रतीत होते हैं। सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) का निजीकरण, कॉर्पोरेट घरानों को दी जा रही रियायतें, और असंगठित क्षेत्र की दुर्दशा, यह दर्शाती है कि ‘अंत्योदय’ अब केवल एक राजनीतिक नारा बनकर रह गया है, जबकि ‘अमीरोदय’ वास्तविक एजेंडा बन चुका है। यह एकात्म मानवतावाद की मूल भावना के विपरीत है, जो शरीर, मन, बुद्धि और आत्मा के एकीकृत कार्यक्रम की बात करती है।
भारतीय जनता पार्टी का दावा रहा है कि वह पश्चिमी अवधारणाओं से इतर एक विशुद्ध भारतीय आर्थिक मॉडल अपनाएगी। लेकिन वास्तविकता यह है कि आज का भारतीय पूंजीवाद वैश्वीकरण के उन दोषों को अपना चुका है, जिससे बचने की सलाह दीनदयाल जी ने दी थी। यह सच है कि 2014 के बाद देश में आधारभूत संरचना (Infrastructure) का अभूतपूर्व विकास हुआ है, डिजिटल इंडिया ने क्रांति ला दी है, लेकिन इस चमक-धमक के पीछे लघु, सूक्ष्म और मध्यम उद्यमों (MSME) की खामोश मौत भी छिपी है। जब देश की अर्थव्यवस्था में चंद बड़े कॉर्पोरेट समूह का एकाधिकार बढ़ता है, तो वह अंत्योदय की अवधारणा को सीधे चुनौती देता है। कई मायनों में पूंजी के उत्पादन के लिए ये मॉडल बेजोड़ है। इससे उत्पादित पूंजी ही समाज के अंतिम व्यक्ति के जीवन में खुशियों की दीपावली ला सकती है। ऐसे में केवल चुनावी जीत के लिए हम सच्चाई को स्वीकार करने का साहस न करें ये उचित नहीं है।
न्यू वर्ल्ड ऑर्डर के इस दौर में, जहाँ तकनीकी वर्चस्व और संसाधन-आधारित युद्ध (Resource War) आम बात हो गई है, भारत को एक ऐसे आर्थिक मॉडल की आवश्यकता है जो समावेशी (Inclusive) हो। भाजपा के दिग्गजों को यह विचार करना होगा कि जब तक छोटे उद्यमी, किसान और मजदूर आर्थिक विकास के केंद्र में नहीं होंगे, तब तक विकसित भारत का सपना अधूरा रहेगा। यदि हम वास्तव में एकात्म मानवतावाद के प्रति प्रतिबद्ध हैं, तो पूंजीवाद के देशी संस्करण—’मित्र पूंजीवाद’—से बाहर निकलकर ऐसे मॉडल को अपनाना होगा, जो आर्थिक असमानता को कम करे, न कि बढ़ाए। आजादी के लगभग आठ दशकों बाद भी हमारे लोग यदि गैस सिलेंडर,पेट्रोल डीजल की कतार में लगने को मजबूर हैं तो क्या हमें अपने विकास मॉडल पर पुर्नविचार नहीं करना चाहिए।
अब समय आ गया है कि बीजेपी अपनी विचारधारा को नए सिरे से अपडेट करे। 1980 के दशक के चश्मे से 2026 की आर्थिक चुनौतियों का सामना नहीं किया जा सकता। विचारधारा को वैचारिक जकड़न से निकालकर युगानुकूल (समय के अनुरूप) बनाना होगा। इसका मतलब यह नहीं है कि हम पूंजी निर्माण को रोक दें, बल्कि इसका अर्थ यह है कि पूंजी का उपयोग जन-कल्याण के लिए हो, न कि केवल कुछ हाथों में उसे केंद्रित करने के लिए। अंत्योदय का अर्थ है- समाज के अंतिम व्यक्ति को सशक्त बनाना, न कि उसे सरकार या कॉर्पोरेट की दया पर छोड़ देना।
अंततः, भाजपा को यह तय करना होगा कि वह दीनदयाल उपाध्याय की वैचारिक विरासत को केवल प्रतीकों (Symbols) के रूप में याद रखेगी या उसे आर्थिक नीतियों (Policies) में उतारेगी। यदि न्यू वर्ल्ड ऑर्डर में भारत को एक महाशक्ति के रूप में स्थापित होना है, तो उसे ‘भारतीय पूंजीवाद’ को ‘मानवीय पूंजीवाद’ में बदलना होगा। एकात्म मानवतावाद का चोला उतारकर जब हम वास्तविकता की ज़मीन पर ‘समावेशी विकास’ का नया प्रतिमान गढ़ेंगे, तभी सही मायने में अंत्योदय का संकल्प पूरा होगा।
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एकात्म मानवतावाद का पूंजीवादी मॉडल ही कर पाएगा अंत्योदय
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राज्य के विकास काआधार बनेगा केन्द्रीय बजटःडॉ.मोहन यादव
भोपाल, 03 फरवरी(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खण्डेलवाल ने केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर मंगलवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार भोपाल में पत्रकार वार्ता को संबोधित किया। पत्रकार-वार्ता में पार्टी के प्रदेश प्रभारी डॉ. महेन्द्र सिंह एवं मध्यप्रदेश शासन के उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा विशेष रूप से उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पत्रकार-वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में और वित मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट प्रधानमंत्री जी के विकसित भारत के संकल्पों को सिद्ध करने वाला है। केंद्रीय बजट मध्यप्रदेश के आर्थिक-औद्योगिक और सामाजिक विकास का ऐतिहासिक अवसर सिद्ध होगा। पूंजीगत व्यय में वृद्धि, शहरों के विकास व लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम का विकास प्रदेश के लिए वरदान बनेगा। यह बजट सतत आर्थिक विकास के साथ जनअपेक्षाओं को पूरा करने वाला है। प्रधानमंत्री मोदी जी ने समय-समय पर अपने निर्णयों से देश को सशक्त बनाने के साथ दुनिया को भारत की ताकत का अहसास कराया है। इस बजट के माध्यम से उद्योगों को बढ़ावा मिलने के साथ अलग-अलग क्षेत्रों में रोजगार के अनेक अवसर पैदा होंगे। यह केंद्रीय बजट सभी वर्गों की आशा-आकांक्षाओं को पूरा करने के साथ उन्हें सशक्त बनाने में निर्णायक सिद्ध होगा। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व विधायक श्री हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की बताई चार जातियों गरीब, युवा, नारी शक्ति और अन्नदाता के साथ मध्यम वर्ग, उद्यमियों और हर वर्ग के कल्याण व शक्तिकरण के लिए प्रावधान किए गए हैं। केंद्रीय बजट सिर्फ बजट नहीं है, यह विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत का विजन डॉक्यूमेंट है। यह आने वाले वर्षों में भारत की दिशा तय करने वाला बजट सिद्ध होगा। यह सर्वस्पर्शी, सर्वव्यापी और सर्वसमावेशी बजट है। बजट में तीन कर्तव्यों-आर्थिक विकास, जन-आकांक्षाओं की पूर्ति और ‘सबका साथ, सबका विकास’ की परिकल्पना को साकार किया गया है। बजट में रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म स्पष्ट रूप से परिलक्षित हो रहा है। केन्द्रीय बजट में राजकोषीय घाटा को 4.5 प्रतिशत से घटाकर 4.3 प्रतिशत तक लाने का रोडमैप तैयार किया है। देश के कुल कर्ज को जीडीपी के 56 प्रतिशत से घटाकर 50 प्रतिशत तक लाने की भी योजना है। बजट में 7 हाई-स्पीड कॉरिडोर्स के निर्माण और 12.2 लाख करोड़ के कैपिटल एक्सपेंडिचर का प्रावधान किया गया है। सेमीकंडक्टर मिशन के लिए निवेश राशि को 22,500 करोड़ से बढ़ाकर 40,000 करोड़ करने का प्रस्ताव है।उन्होंने कहा कि इस बजट से मध्यप्रदेश को भी व्यापक लाभ होगा और यह बजट वर्ष 2047 के विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने में मील का पत्थर साबित होगा।
मध्यप्रदेश को सुदृढ़ वित्तीय आधार प्राप्त होगा, निवेशकों का विश्वास और बढ़ेगा- डॉ. मोहन यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह बजट युवा शक्ति प्रेरित बजट है। इस बजट का मूल उद्देश्य तेज एवं सतत आर्थिक वृद्धि, जन आकांक्षाओं की पूर्ति, क्षमता निर्माण तथा सभी परिवारों, क्षेत्रों और सेक्टरों को समान अवसर उपलब्ध कराना है। बजट में आत्मनिर्भरता को मार्गदर्शक सिद्धांत बनाकर उच्च विकास दर बनाए रखने के स्पष्ट प्रावधान किए गए हैं। यह बजट मध्यप्रदेश को सुदृढ़ वित्तीय आधार प्रदान करेगा। साथ ही निवेशकों का विश्वास और बढ़ेगा, जिससे मध्यप्रदेश के विकास की रफ्तार और तेज होगी और हमारा प्रदेश आत्मनिर्भर बनेगा। बजट में वैश्विक बाजारों से जुड़ाव, निर्यात विस्तार तथा दीर्घकालिक निवेश आकर्षण की रणनीति है, जिसका बहुत फायदा आने वाले सालों में मध्यप्रदेश को मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह बजट केवल वित्तीय प्रावधानों का संकलन नहीं है, बल्कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस आधारित आर्थिक विकास का संरचित रोडमैप है। यह बजट मध्यप्रदेश को सतत विकासशील राज्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में निर्णायक भूमिका अदा करेगा। बजट के प्रावधानों से मध्यप्रदेश में निवेश, उद्योग स्थापना, रोजगार सृजन, उत्पादन क्षमता, निर्यात उन्मुख विनिर्माण का बेहतर वातावरण तैयार होगा।
मध्यप्रदेश स्वास्थ्य और ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था में तेजी से आगे बढ़ेगा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि बायोफार्म शक्ति योजना से बायोटेक्नोलॉजी, बायो फार्मा, फार्मास्यूटिकल अनुसंधान और हेल्थ इंडस्ट्री आधारित स्टार्ट अप्स को बढ़ावा मिलेगा। मध्यप्रदेश ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था की दिशा में अग्रसर होगा, जिससे उच्च मूल्य रोजगार सृजित होंगे। सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 से इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग और एआई आधारित तकनीकों के विकास से मध्यप्रदेश में हाई टेक उद्योग, डिजिटल निवेश और नवाचार आधारित उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा। बजट के प्रावधान मध्यप्रदेश के पारंपरिक औद्योगिक क्षेत्रों के लिए विशेष रूप से लाभकारी सिद्ध होगा। ग्रामीण और स्थानीय अर्थव्यवस्था रोजगार तथा औद्योगिक पुनर्जीवन को नई गति प्रदान करेंगे। 200 लेगेसी इंडस्ट्रियल क्लस्टर्स के पुनर्जीवन से मध्यप्रदेश के पारंपरिक औद्योगिक क्षेत्रों में अधोसंरचना सुधार, निवेश पुनर्स्थापन, उत्पादन विस्तार और स्थानीय रोजगार को नई ऊर्जा मिलेगी। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट मध्यप्रदेश के एमएसएमई सेक्टर के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा। राज्य में उद्यमिता, स्वरोजगार तथा औद्योगिक विस्तार को मजबूती मिलेगी। मध्यप्रदेश के लघु एवं मध्यम उद्योग अधिक प्रतिस्पर्धी, आत्मनिर्भर और विस्तार उन्मुख बनेंगे। मध्यप्रदेश को आईटी, पर्यटन, स्वास्थ्य एवं शिक्षा सेवाओं के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने में यह बजट महती भूमिका निभाएगा।
ग्रामीण क्षेत्र के साथ नारी शक्ति को आर्थिक सशक्तिकरण देगा बजट
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि बजट में वर्ष 2047 तक भारत को वैश्विक सेवा क्षेत्र में नेतृत्व दिलाने की दृष्टि से सेवा क्षेत्र को विकास का प्रमुख चालक बनाया गया है। यह बजट मध्यप्रदेश को आईटी, हेल्थ, एजुकेशन, टूरिज्म और प्रोफेशनल सर्विसेज के केंद्र के रूप में विकसित होने में सहायक सिद्ध होने के सथ भारत को सेवा क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व भी दिलाएगा। बजट में 10 हजार करोड़ की लागत से देश के प्रत्येक जिलों में महिला छात्रावास स्थापना का के साथ नारी शक्ति के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने 1.5 लाख सेवा प्रदाताओं और एक लाख स्वास्थ्य पेशेवरों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। लखपति दीदी योजना पर आधारित सामुदायिक स्व-सहायता समूह उद्यम स्थापित करने का प्रावधान है, इससे महिलाओं को क्रेडिट लिंक्ड आजीविका से उद्यम स्वामित्व की ओर जाने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट के इन प्रावधनों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी ही, साथ ही यह बजट नारी शक्ति को आर्थिक सशक्तिकरण देने वाला होगा। सिटी ईकोनॉमिक रीजन के अंतर्गत शहरी क्षेत्रों में नियोजित आर्थिक विकास, औद्योगिक व्यावसायिक क्लस्टरिंग और आधुनिक अधोसंरचना का निर्माण होगा। इसके साथ ही मध्यप्रदेश के प्रमुख शहर संगठित आर्थिक केंद्रों के रूप में विकसित होंगे, जिससे निवेश अनुकूल शहरी अर्थव्यवस्था का निर्माण होगा।
बजट मध्यप्रदेश के आर्थिक विकास के नए द्वार खोलता है
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह बजट मध्यप्रदेश के लिए आर्थिक विकास के नए द्वार खोलता है, जहां उद्योगों को सरल प्रक्रियाएं, निवेशकों को भरोसेमंद वातावरण, युवाओं को रोजगार के अवसर, महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण, एमएसएमई को संस्थागत समर्थन और नागरिकों को बेहतर सेवाए प्राप्त होंगी। यह बजट मध्य प्रदेश के सर्वांगीण विकास, समावेशी प्रगति और दीर्घकालिक आर्थिक समृद्धि का एक मजबूत आधार बनेगा। साथ ही एक निवेश-आकर्षक, विकासोन्मुख और भविष्य-उन्मुख अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित करने की दिशा में निर्णायक भूमिका निभाएगा। यह बजट मध्यप्रदेश के लिए तेज विकास, संरचनात्मक परिवर्तन और सतत समृद्धि की एक सशक्त विकास यात्रा का प्रारंभ बिंदु सिद्ध होगा, जो राज्य के सामाजिक आर्थिक भविष्य को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में अत्यंत सहायक एवं परिवर्तनकारी भूमिका निभाएगा।
प्रदेश की प्रतिभाओं के बलबूते फार्मा सहित सभी क्षेत्रों में लगाएंगे छलांग
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य्रदेश अपनी प्रतिभाओं के बलबूते पर फार्मा सहित सभी क्षेत्रों में लंबी छलांग लगाएगा। सेमीकंडक्टर बड़ा सेक्टर है। मैं सेमीकंडक्टर को लेकर गुजरात के मुख्यमंत्री से कल ही बात करके आया हूं। सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 भारतीय तकनीक है, जिसके आधार पर मध्यप्रदेश में अत्याधुनिक उद्योग, डिजिटल निवेश के साथ देश के साथ कदम से कदम मिलाकर चलेंगे। हमारे प्रदेश में जो उद्योग चल रहे हैं, वह अधिकांश परंपरागत आधारित हैं। आगे बढ़ने के लिए रिनोवेशन के साथ और अधिक प्रभावी कार्य किया जाएगा। मध्यप्रदेश में पहले कॉटन इंडस्ट्री चलती थी, लेकिन रिनोवेशन नहीं होने से वह डूब गई थी। प्रधानमंत्री मोदी जी ने धार में पीएम मित्र पार्क की सौगात दी है, जिसके आधार पर हमारी सरकार मध्यप्रदेश वस्त्र उद्योग को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि नए उद्योग लगाना अच्छी बात है, लेकिन जो चल रहे हैं उनका संवर्धन करना भी एक बड़ा कार्य है। हमारी सरकार इस क्षेत्र में भी कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी टियर-2 और टियर-3 शहरों के लिए भी पर्याप्त धनराशि दी गई है। मध्यप्रदेश में प्रमुख शहर संगठित और आर्थिक रूप से समृद्ध होंगे और संरचना निवेश मॉडल मध्य प्रदेश के लिए अत्यंत लाभकारी होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की दूरदृष्टि आर्थिक विकास के नए राह दिखा रही है। मैं प्रधानमंत्री जी को बधाई देता हूं कि उन्होंने देश के आर्थिक विकास के लिए कई निर्णय लिए हैं। पाकिस्तान हमारे साथ आजाद हुआ। वहां की आर्थिक स्थिति दुनिया में किसी से छिपी नहीं है। हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने देश को सशक्त बनाने के साथ दुनिया को भारत की ताकत का अहसास कराया है।भारत को आत्मनिर्भर बनाने, देशवासियों के कल्याण और मध्यम वर्ग को राहत देने वाले इस क्रांतिकारी बजट के लिए यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी और केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण जी का मध्यप्रदेशवासियों की ओर से बहुत-बहुत आभार व्यक्त करता हूं।
केंद्रीय बजट सशक्त भारत की नींव को और मजबूती प्रदान करेगा – श्री हेमंत खण्डेलवाल
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के विकसित व आत्मनिर्भर भारत के विजन का सशक्त दस्तावेज़ है। गरीब, युवा, नारी शक्ति, अन्नदाता के साथ मध्यम वर्ग और उद्यमियों के कल्याण व सशक्तिकरण के प्रावधान बजट में किए गए हैं। यह सर्वस्पर्शी, सर्वसमावेशी बजट रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म की भावना को दर्शाता है, जो मध्यप्रदेश सहित देश को 2047 के विकसित भारत की ओर मजबूती से ले जाएगा। केंद्रीय बजट को राजनीति के दृष्टिकोण से नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की नजर से देखना आवश्यक है। देश के कुल कर्ज को जीडीपी के 56 प्रतिशत से घटाकर 50 प्रतिशत तक लाने की भी योजना है। बजट में 7 हाई-स्पीड कॉरिडोर्स के निर्माण और 12.2 लाख करोड़ के कैपिटल एक्सपेंडिचर का प्रावधान किया गया है। सेमीकंडक्टर मिशन के लिए निवेश राशि को 22,500 करोड़ से बढ़ाकर 40,000 करोड़ करने का प्रस्ताव है।उन्होंने कहा कि इस बजट से मध्यप्रदेश को भी व्यापक लाभ होगा और यह बजट वर्ष 2047 के विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने में मील का पत्थर साबित होगा। यह बजट भारत को आने वाले वर्षों में विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश तेजी से सही दिशा में आगे बढ़ रहा है, और बजट 2026 उसी भरोसे और दूरदृष्टि का प्रमाण है। यह केंद्रीय बजट देश के आर्थिक विकास के साथ “रिफॉर्म एक्सप्रेस” की रफ्तार को भी दिखा रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में प्रस्तुत केंद्रीय बजट तात्कालिक प्रभाव से अधिक अगले 10-20 वर्षों में भारत की दिशा तय करने वाला है। यह बजट सशक्त भारत की नींव को और मजबूती प्रदान करेगा।
स्वास्थ्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा बजट
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि केन्द्रीय बजट में फिस्कल डेफिसिट (राजकोषीय घाटा) को 4.5 प्रतिशत से घटाकर 4.3 प्रतिशत तक लाने का रोडमैप तैयार किया है। साथ ही देश के कुल कर्ज को जीडीपी के 56 प्रतिशत से घटाकर 50 प्रतिशत तक लाने की भी योजना है। रेयर अर्थ मिनरल्स के क्षेत्र में ओडिशा, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में बड़े निवेश की योजना बनाई गई है, जिससे इस क्षेत्र में चीन की निर्भरता कम होगी। सेमीकंडक्टर उद्योग को बढ़ावा देने के लिए लगभग 40 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा केमिकल पार्क और नए इकोनॉमिक जोन स्थापित करने की भी घोषणा हुई है। स्वास्थ्य क्षेत्र में कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की 17 दवाइयों पर कस्टम ड्यूटी शून्य कर दी गई है। एक लाख हेल्थ प्रोफेशनल्स की नियुक्ति, राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य संस्थान और हेल्थ टूरिज्म को बढ़ावा देने जैसे महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। जिला अस्पतालों का उन्नयन कर उनमें ट्रामा सेंटर स्थापित करने संबंधी प्रावधान स्वास्थ्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार लाएंगे। महिलाओं के लिए हर जिले में हॉस्टल, डेढ़ लाख केयर वर्कर्स और पेंशनर्स को सुविधाएं देने का भी प्रावधान है। यह महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण के लिए बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि ‘लखपति दीदी’ योजना, पशुपालन में पूंजी सब्सिडी, पशु चिकित्सकों की संख्या बढ़ाने तथा अमृत सरोवर योजना के माध्यम से रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान दिया गया है। यह निर्णय ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेंगे।
युवाओं को रोजगार दिलाने में महती भूमिका निभाएगी कंटेंट क्रिएटर लैब
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि केंद्रीय बजट में 15 हजार माध्यमिक शालाओं में कंटेंट क्रिएटर लैब की स्थापना, आईआईएम के सहयोग से 10 हजार टूरिस्ट गाइड तैयार करने और ‘खेलो इंडिया’ के माध्यम से खेलों को प्रोत्साहन देने की घोषणाएं की गई हैं। क्रिएटर लैब युवाओं को रोजगार दिलाने में महती भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी देश को हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बना रहे हैं। रक्षा बजट में 15 प्रतिशत की वृद्धि से देश की सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को और बल मिलेगा। उन्होंने कहा कि बजट में महात्मा गांधी जी के ग्राम स्वराज की परिकल्पना का पालन करते हुए खादी, हथकरघा, हस्तशिल्प और एक जिला एक उत्पाद को बढ़ावा देने वाला है। रक्षा बजट में 15 फीसदी की बढ़ोतरी देश की सुरक्षा की प्रधानमंत्री जी की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। पूर्वोत्तर राज्यों में बौद्ध स्थलों के संरक्षण, बुनियादी ढांचे के विकास और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने का निर्णय प्रधानमंत्री जी की विरासत के विकास के मंत्र को साकार कर रहा है। कैंसर की 17 जीवनरक्षक दवाओं पर कस्टम ड्यूटी शून्य या न्यूनतम कर गरीबों को संबल देने का कार्य किया गया है। यह बजट महिला सशक्तिकरण को नई दिशा देने वाला है। बजट में किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को आधुनिक बनाने पर स्पष्ट फोकस किया गया है। पशुपालन और मत्स्य पालन को मजबूती, पूंजी सब्सिडी से पशु चिकित्सकों की संख्या बढ़ेगी और जलाशयों, अमृत सरोवरों के निर्माण से ग्रामीण रोजगार को प्राथमिकता दी गई है।
पत्रकार-वार्ता के दौरान पार्टी के प्रदेश महामंत्री श्री राहुल कोठारी, प्रदेश मीडिया प्रभारी श्री आशीष उषा अग्रवाल एवं जिला अध्यक्ष श्री रविन्द्र यति मंचासीन रहे।
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स्वदेशी को अपनाकर बनेगा आत्मनिर्भर भारतः शिवप्रकाश
भोपाल, 20 सितंबर(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश , प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल, आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान के राष्ट्रीय सह-संयोजक सी. पी. जोशी एवं प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद जी ने शनिवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में ‘आत्मनिर्भर भारत संकल्प’ अभियान को लेकर कार्यशाला को संबोधित किया। भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री श्री शिवप्रकाश जी ने कहा कि स्वदेशी सिर्फ आर्थिक नहीं है, बल्कि इसमें देशभक्ति की भावना है और स्वयं का स्वाभिमान भी है। यह हमारी भाषा, रीति रिवाज, पहनावे, संस्कृति आदि सभी से संबंधित है। जो अपने देश में बना है, उसके प्रति स्वाभिमान ही स्वदेशी है। हमें प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के स्वदेशी के संकल्प के साथ आगे बढ़ना है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी भारत को दुनिया की आर्थिक महाशक्ति बनाने के लिए कार्य कर रहे हैं। लेकिन इसके लिए हर व्यक्ति के मन में स्वदेशी उत्पाद खरीदने की मानसिकता बनाने की जरूरत है। कार्यकर्ता स्वदेशी को अपनाकर आत्मनिर्भर भारत बनाने के अभियान को साकार करें। राजस्थान के पूर्व प्रदेष अध्यक्ष व आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान के राष्ट्रीय सह संयोजक सी पी जोशी ने कहा कि हम आजादी के पहले स्वदेशी के कारण आत्मनिर्भर थे, आजादी के बाद दुनिया पर निर्भर हो गए। जीएसटी रिफॉर्म कोई सामान्य बात नहीं है, आने वाले समय में यह स्वदेशी के लिए बड़ा आधार बनेगा। भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद ने कहा कि स्वदेशी और स्वावलंबन से ही भारत आत्मनिर्भर बनेगा। स्वतंत्रता आंदोलन के समय स्वदेशी की अलख जगाई गई थी। आजादी के बाद स्वदेशी आंदोलन को प्रमुखता नहीं दी गई। भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 25 सितंबर से 25 दिसंबर तक ‘‘आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान‘‘ चलाया जाएगा।
आज के संदर्भ स्वदेशी की परिभाषा अलग-श्री शिवप्रकाश जी
भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश ने कहा कि आजादी की लड़ाई में अंग्रेजों को देश से भगाने के लिए स्वदेशी के दो प्रयोग हुए। एक प्रयोग बाल गंगाधर तिलक जी ने किया। उन्होंने गणेश उत्सव और शिवाजी उत्सव शुरू किए। वहीं गांधी जी ने चरखा चलाया। उस समय के विचारकों का मानना था कि अंग्रेज भारत में विदेशी वस्त्र बेचकर देश को लूट रहे हैं। ऐसे में गांधी जी ने खादी पहनने का आग्रह किया और चरखे के माध्यम से हर व्यक्ति को जोड़ा। महर्षि दयानंद, स्वामी विवेकानंद, रवींद्रनाथ टैगोर और महर्षि अरविंद आदि ने भी अपने-अपने तरीके से स्वदेशी की बात की। लेकिन आज का स्वदेशी वो चरखे वाला स्वदेशी नहीं है। हमें आज के संदर्भों में स्वदेशी की व्याख्या करनी होगी। उन्होंने कहा कि पं. दीनदयाल उपाध्याय जी ने एकात्म मानवतावाद में स्वदेशी और विकेंद्रीकरण की चर्चा करते हुए नए परिदृश्य में स्वदेशी की परिभाषा दी। उन्होंने कहा था कि स्वदेशी और आत्मनिर्भरता हमारे तंत्र हो सकते हैं।
स्वदेशी का मतलब दुनिया में कल्याणकारी व्यवस्था
भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश ने कहा कि 15 अगस्त को लाल किले से दिये गए भाषण और काशी की सभा में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने कहा था कि दुनिया आज आर्थिक संकट से जूझ रही है। हर देश अपनी अर्थव्यवस्था को संभालने का प्रयास कर रहा है। ऐसे में भारत के आर्थिक विकास को जारी रखने और विकसित देश बनाने का वही तरीका उचित है, जिसमें आत्मनिर्भरता और स्वदेशी का मंत्र हो। उन्होंने इसे ‘मन की बात’ कार्यक्रम में भी दोहराया और कोरोना संकट के समय भी कहा था। श्री शिवप्रकाश जी ने कहा कि आज दुनिया में पूंजीवाद, साम्यवाद और समाजवादी व्यवस्थाओं का खोखलापन उजागर हो चुका है। यूक्रेन-रूस और इजराइल-फिलस्तीन के युद्ध चल रहे हैं। पर्यावरण का संकट पैदा हो गया है। अतिवृष्टि हो रही है और जगह-जगह बादल फट रहे हैं। ऐसे में भारत की लिव एंड लैट लिव यानी वसुधैव कुटुंबकम की संस्कृति प्रासंगिक हो जाती है। ऐसी व्यवस्था जिसमें रोजगार हो, पर्यावरण का संरक्षण हो, कम पूंजी लगती हो और भारतीय चिंतन हो, वही दुनिया के लिए कल्याणकारी हो सकती है। इस अर्थ में स्वदेशी का मतलब है दुनिया में कल्याणकारी व्यवस्था। इसमें बाजार और व्यापार नहीं, परिवार की सोच होती है। यह भारत को आत्मनिर्भर बनाएगी और दुनिया के संकटों को दूर करेगी।
स्वदेशी के मंत्र पर आगे बढ़ रहा भारत
भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश ने कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी ने मेड इन इंडिया और मेक इन इंडिया पर जोर दिया। ये दोनों ही नीतियां स्वदेशी को पोषित करने वाली हैं। बीते 11 वर्षों में उन्होंने स्वदेशी चिंतन के आधार पर व्यवस्थाएं खड़ी की। इसी का परिणाम है कि 2014 तक हमारा जो रक्षा निर्यात कुछ सौ करोड़ का था, वो 2025 में बढ़कर 24000 करोड़ हो गया। अब हमारे रक्षा उत्पाद 100 देशों में खरीदे जा रहे हैं। चंद्रयान और मिशन मंगल के बाद अब हम अनेक देशों को सैटेलाइट सिस्टम दे रहे हैं। 10 से अधिक देशों को हम रेल कोच बेच रहे हैं। एमएसएमई का हमारी जीडीपी में 30 प्रतिशत योगदान है। हम सेमी कंडक्टर भी बना रहे हैं। ट्रैक्टर, जैविक उत्पाद, मोबाइल फोन और जैनेरिक दवाएं हम सारी दुनिया को बेच रहे हैं। हम सारी दुनिया में खिलौने सप्लाई कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री जी का संकल्प ‘स्वदेशी’, हम उसके साथ खड़े होना है
भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश ने कहा कि हमें समाज जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में, भारत के युवाओं, बुद्धिजीवियों, व्यापारियों सबके मन में एक भाव पैदा करना है कि हम ये कर सकते हैं। हमें स्वदेशी वस्तुओं का निर्माण करने वालों को प्रोत्साहित करना है और इस विचार को प्रसारित करना है। निश्चित रूप से एक दिन भारत सारी दुनिया में फिर प्रसिद्ध होगा और हमारे उत्पाद दुनिया के बाजारों में भरे रहेंगे। उन्होंने कहा कि अभी हाल ही में अमेरिका ने टैरिफ के जरिए भारत पर यह दबाव बनाने के कोशिश की कि हमारा कृषि क्षेत्र, फिशरीज और डेयरी उद्योग उसके लिये खोल दिये जाएं। लेकिन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने कहा कि हम यह नहीं होने देंगे। उनका यह संकल्प ही ‘स्वदेशी’ है और हमें उनके इस संकल्प के साथ खड़ा होना है।
हेमंत खंडेलवालः भाजपा के लिए ठोस धरातल गढ़ने का जतन
प्रधानमंत्री जी का संकल्प आत्मनिर्भर भारत और ‘स्वदेशी’- हेमंत खंडेलवाल
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि भारत और चीन साथ में आजाद हुए, लेकिन हम निर्यात में पिछड़ गए। इसकी वजह यह थी कि पूर्ववर्ती सरकारों ने निर्यात बढ़ाने के बारे में नहीं सोचा। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की सरकार हर क्षेत्र में निर्यात बढ़ाने और भारत को आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने के लिए प्रयास कर रही है। आत्मनिर्भर का मतलब है हम देश में बनी चीजें खरीदें और हमारा आयात कम तथा निर्यात ज्यादा हो। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहते हैं कि वही उत्पाद खरीदें, जिसमें भारत के श्रमिक का पसीना हो, जो भारत में बना हो। उन्होंने कहा कि हमारे देश की लगभग 50 प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर है, लेकिन कृषि का हमारी जीडीपी में योगदान सिर्फ 17 प्रतिशत है। प्रधानमंत्री चाहते हैं कि हमारे कृषि उत्पाद सारी दुनिया में एक्सपोर्ट हों। उन्होंने पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिलाने का सफल प्रयोग किया, जिससे गन्ना उत्पादक किसानों को तो लाभ हुआ है और 2 लाख करोड़ रुपये के राजस्व की भी बचत हुई।
हर व्यक्ति के मन में स्वदेशी की भूख जगाएं कार्यकर्ता
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता हर व्यक्ति के मन में स्वदेशी वस्तुएं खरीदने की मानसिकता बनाने की जरूरत है। इससे रोजगार बढ़ेगा, हमारा उत्पादन बढ़ेगा और हम निर्यात के क्षेत्र में आगे बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी भारत को अगले कुछ सालों में दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था और 2047 तक दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाना चाहते हैं। इस संकल्प को साकार करने के लिए जरूरी है कि हम हर दिल तक यह बात पहुंचायें कि कोई भी व्यक्ति कुछ भी खरीदने से पहले एक बार यह जरूर सोचे कि वह वस्तु देशी है या विदेशी।
जीएसटी रिफॉर्म कोई सामान्य बात नहीं, स्वदेशी को मिलेगा आधार-श्री सी.पी. जोशी
राजस्थान के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान के राष्ट्रीय सह-संयोजक सी. पी. जोशी ने कहा कि पं. दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती 25 सितंबर से स्वदेशी के मूल मंत्र के साथ शुरू होने वाला सबसे बड़ा आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती 25 दिसंबर तक चलेगा। यह कोई सामान्य अभियान नहीं, बल्कि देश की दिशा और दशा बदलने वाला अभियान है। यह भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प है। अखंड भारत के समय हमारी अर्थव्यवस्था विश्व की 40 प्रतिशत थी। पहली शताब्दी से पंद्रहवीं शताब्दी तक हमारा देश विश्व उत्पादन का 32 प्रतिशत करता था। 1720 ईस्वी तक भी हमारी अर्थव्यवस्था 18 प्रतिशत थी। हमारी आर्थिक संपन्नता और आत्मनिर्भरता के कारण ही मुग़लों से लेकर अंग्रेज़ों तक ने हमारे देश को लूटा। अंग्रेज़ों के आने से पहले हम “उत्तम कृषि, मध्यम व्यापार और निम्न चाकरी” की नीति पर चलते थे, लेकिन अंग्रेज़ों के शासन के बाद यह सब बदल गया। आज़ादी के बाद हम गरीबी रेखा के नीचे और निरक्षरता में 75 प्रतिशत तक पहुँच गए। हम आज़ादी से पहले स्वदेशी के कारण आत्मनिर्भर थे, लेकिन आज़ादी के बाद दुनिया पर निर्भर हो गए। जो लोग शासन में थे, उन्होंने ऐसी नीतियाँ बनाईं जिनके कारण हम दूसरों पर निर्भर होते चले गए।
स्वदेशी के मूलमंत्र को हर नागरिक तक पहुंचाएं कार्यकर्ता
भारत संकल्प अभियान के राष्ट्रीय सह-संयोजक श्री सी. पी. जोशी ने कहा कि आज हमारा देश दुनिया का सबसे बड़ा युवा देश है। युवा न केवल उपयोग अधिक करता है, बल्कि अधिक उत्पादन भी करता है और देश की जीडीपी में बड़ा योगदान दे सकता है। इसलिए हमें आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान को घर-घर तक पहुँचाकर स्वदेशी के मूल मंत्र को प्रत्येक नागरिक तक पहुँचाना होगा। उन्होंने कहा कि जीएसटी रिफॉर्म कोई सामान्य बात नहीं है, हमने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि ऐसा होगा। यह आने वाले समय में स्वदेशी के लिए बहुत बड़ा आधार बनेगा। हमारे देश के पास दुनिया की सबसे अधिक कृषि भूमि है। मध्यप्रदेश संसाधनों से समृद्ध है। भारत दुनिया के कुल निर्यात का लगभग 40 प्रतिशत करता है और गेहूं, दूध तथा सौर ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी है। अब हमारा देश हथियारों के क्षेत्र में भी आत्मनिर्भर बनकर अन्य देशों को हथियार उपलब्ध करा रहा है। कोरोना काल में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के आह्वान पर देश एकजुट होकर खड़ा था। अब स्वदेशी के लिए भी वैसी ही एकजुटता की आवश्यकता है। 25 सितंबर से 25 दिसंबर तक स्वदेशी का संदेश हर घर और हर दुकान तक पहुँचना चाहिए, ताकि भारत एक बार फिर आत्मनिर्भर बनकर 2047 तक विकसित राष्ट्र बन सके।
आत्मनिर्भर भारत बनाने स्वदेशी के आंदोलन को जन-जन तक पहुंचाएं कार्यकर्ता – श्री हितानंद जी
भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी कहते हैं कि आत्मनिर्भर भारत का रास्ता गरीब, किसान, महिला और युवाओं की भागीदारी से होकर जाता है। आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की सोच का विस्तार है, जिसका लक्ष्य भारत को सामाजिक और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए हर त्यौहार पर आमजन जो खरीदारी करते हैं, वह सिर्फ स्वदेशी वस्तुओं की ही करें। प्रधानमंत्री जी ने कहा है कि हम भारत के लोग वही वस्तुएं खरीदें, जिसे बनाने, तैयार करने में भारतीयों का पसीना बहा हो। प्रधानमंत्री जी के इन विचारों को आत्मसात करते हुए हम सभी कार्यकर्ताओं को आत्मनिर्भर भारत संकल्प सम्मेलन का आयोजन कर स्कूली छात्रों से लेकरी शासकीय विभागों, धार्मिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठनों, युवाओं, महिला संगठनों, बुद्धिजीवियों के साथ व्यापारिक संगठनों को इस आंदोलन में सहभागी बनाना है। भाजपा के सभी मोर्चां, प्रकोष्ठों के साथ समान विचारधारा वाले संगठनों को साथ में लेकर उद्योग सम्मेलन, प्रभात फेरी, रथ यात्रा, एमएसएमई उद्योगपति सम्मेलनों का आयोजन कर स्वदेशी के इस आंदोलन को जन-जन तक पहुंचाना है।
प्रधानमंत्री जी भारत को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बना रहे हैं
भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री श्री हितानंद जी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी भारत को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्वदेशी को एक आंदोलन के रूप में ले रहे हैं। भारत की स्वतंत्रता का आंदोलन जो हुआ था, वह सिर्फ देश को आजादी दिलाने के लिए आंदोलन नहीं था। वह आंदोलन भारत को संस्कृति, भाषा, संस्कार और उपयोग की वस्तुओं में स्वदेशी की खुशबू के लिए था। स्वदेशी को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री जी ने अमेरिका से ट्रड डील नहीं की। उन्होंने कहा कि भारत के किसानों, पशुपालकों का अहित नहीं होने दूंगा। यह अभियान जनभागीदारी से चलाया जाना है, इसलिए इसमें सभी समाजिक, व्यापारिक और समान विचारधारा वाले संगठनों की सहभागिता सुनिश्चित करें। स्वदेशी आंदोलन से हर भारतीय को जोड़कर इसे जन आंदोलन बनाने के लिए कार्य करना है, ताकि स्वदेशी को बढ़ावा मिल सके और भारत की सांस्कृतिक पहचान को और मजबूत बनाया जा सके। स्वदेशी अपनाने के लिए बड़े स्तर पर हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए 21 से 25 सितंबर तक जिला कार्यशालाएं आयोजित होगी। 26 से 30 सितंबर तक मंडल कार्यशालाएं एवं प्रदेश स्तरीय पत्रकार वार्ता का आयोजन होगा। 1 से 5 अक्टूबर तक वक्ता कार्यशाला, 1 से 30 नवंबर तक स्वदेशी रील्स प्रतियोगिता ऑनलाईन क्विज प्रतियोगिता, आत्मनिर्भर भारत निबंध प्रतियोगिता, आत्मनिर्भर भारत स्पीच प्रतियोगिता का आयोजन भी किया जाना है। 1 से 25 दिसंबर तक घर-घर संपर्क, जिला स्तर पर 3 से 15 अक्टूबर तक पत्रकार वार्ताएं, 16 से 30 अक्टूबर तक महिला एवं युवा सम्मेलन, 1 से 15 नवंबर तक व्यापारी, लघु उद्योगी एवं प्रोफेशनल्स सम्मेलन व कालेज स्तरीय स्वदेशी संकल्प सेमीनार, 16 से 30 नवंबर तक स्वदेशी मेला, 1 से 25 दिसंबर तक घर-घर संपर्क, आत्मनिर्भर भारत संकल्प रथ और पदयात्रा का आयोजन होगा। मंडल स्तर पर 15 अक्टूबर से 15 नवंबर के बीच मंडल सम्मेलन, 16 से 30 नवंबर तक महिला एवं युवा सम्मेलन, 1 से 15 दिसंबर तक स्ट्रीट वेंडर, छोटे दुकानदार एवं स्थानीय कारीगर सम्मेलन व संपर्क, 1 से 25 दिसंबर तक घर-घर संपर्क के साथ 25 दिसंबर को अभियान का समापन होगा।
इस दौरान प्रदेश शासन के मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह, श्री नागर सिंह चौहान, श्रीमती कृष्णा गौर, प्रदेश महामंत्री व अभियान के प्रदेश संयोजक श्री रणवीर सिंह रावत, प्रदेश उपाध्यक्ष व सह संयोजक श्रीमती सीमा सिंह, श्री योगेश ताम्रकार, प्रदेश मंत्री श्री राजेश पाण्डे, प्रदेश कोषाध्यक्ष श्री अखिलेश जैन, आर्थिक प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक श्री योगेश मेहता सहित प्रदेश टोली के सदस्य मंचासीन रहे। कार्यशाला में पार्टी के प्रदेश पदाधिकारी, संभाग प्रभारी, जिला प्रभारी एवं अभियान के जिला टोली के सदस्य उपस्थित रहे। -

राष्ट्रवादी भाजपा के सभी कार्यकर्ता एकजुट: हेमंत खंडेलवाल
भोपाल, 22 जुलाई(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। जो राजनेता भाजपा को राष्ट्रवादी एक्सप्रेस मानकर सहयात्री बने हैं वे सभी एकमत हैं। इसलिए आज की भाजपा अंतर्विरोधों से ऊपर उठकर वसुधैव कुटुंबकम का उद्घोष करती चल रही है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने पत्रकारों के आत्मीय सवालों के जवाब में कहा कि हम एक परिवार की तरह राष्ट्र आराधना करते हैं। यही वजह है कि भाजपा का हर कार्यकर्ता अपने पदाधिकारी का दर्पण बनकर काम करता है।
श्री खंडेलवाल ने कहा कि भाजपा की स्थापना से लेकर आज तक सभी नेताओं ने अपनी अपनी योग्यता और समझ के अनुसार सामाजिक जिम्मेदारियों को निभाया है। नेता अपना काम करता है और कार्यकर्ता अपनी भूमिका का निर्वहन पूरी निष्ठा के साथ करता है। उन्होंने कहा कि भाजपा हाईकमान अपने फीडबैक और नजरिए के आधार पर फैसले लेता है।हमें उन फैसलों की जानकारी कई बार मीडिया के माध्यम से ही मिलती है। उन्होंने कहा कि उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे की खबर उन्हें मीडिया से ही मिली थी। उन्होंने स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा दिया ये जानकारी भी उन्हें मीडिया से ही मिली है। इसी तरह हर स्तर पर पार्टी के पदाधिकारी अपने क्षेत्राधिकार को समझकर फैसले लेते हैं। इन सभी फैसलों का लक्ष्य भारत माता की आराधना करना होता है।
खंडेलवाल ने कहा कि पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता उनके लिए महत्वपूर्ण है और हर किसी को उसकी क्षमता के अनुसार जिम्मेदारी दी जाएगी। “पार्टी अब जन-आंदोलन से आगे बढ़कर एक जनविश्वास बन चुकी है। समाज हमसे अच्छे आचरण और जिम्मेदार नेतृत्व की उम्मीद करता है, जिसे हमें पूरी निष्ठा से निभाना होगा,” उन्होंने कहा।
हेमंत खंडेलवाल ने अपने परिवार की राजनीतिक विरासत को भी याद किया। उन्होंने बताया कि उनके दादा 1930 में कांग्रेस को हराकर नगर पालिका अध्यक्ष बने थे और उनके पिता चार बार सांसद रहे। “हमारे परिवार में सिर्फ संस्कार, अनुशासन और भाजपा की विचारधारा की ही चर्चा होती है,” उन्होंने कहा।
अपने अध्यक्षीय दृष्टिकोण को साझा करते हुए खंडेलवाल ने कहा, “मैं इसे सत्ता का प्रतीक नहीं, बल्कि सेवा और संगठन के प्रति समर्पण का अवसर मानता हूं। हम सौभाग्यशाली हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसा नेतृत्व हमें मिला है।”