Category: भोपाल

  • सरकार का सूचना आयुक्त कौन

    सरकार का सूचना आयुक्त कौन


    भोपाल,8 फरवरी(प्रेस सूचना केन्द्र)।मध्यप्रदेश के मुख्य सूचना आयुक्त केडी खान और सूचना आयुक्त आत्मदीप का कार्यकाल आज समाप्त हो गया। सूचना भवन में आयोजित एक औपचारिक कार्यक्रम में दोनों को विदाई भी दे दी गई। परिवार को सबसे प्रमुख इकाई मानने वाले केडी खान को राष्ट्रवादी भाजपा ने अपना सूचना आयुक्त बनाया था पर अब नए सूचना आयुक्त का फैसला कमलनाथ सरकार को करना है। फिलहाल सूचना आयुक्त सुखराज सिंह ने प्रभार संभाल लिया है।

    मुख्य सूचना आयुक्त के लिए जिन प्रमुख हस्तियों के प्रस्तावों पर सरकार विचार कर रही है उनमें सूचना आयुक्त आत्मदीप और सुखराज सिंह भी शामिल हैं। तरह तरह के नवाचारों से मध्यप्रदेश में सूचना के कानून को लोकप्रियता मिली उनमें बहुत सारे प्रयोग सूचना आयुक्त आत्मदीप ने किए थे। जनता को सूचना का अधिकार देने के लिए सामाजिक कार्यकर्ता अरूणा राय के नेतृत्व में राजस्थान से शुरू हुए आंदोलन में सहभागिता, सूचना का अधिकार अधिनियम एवं म0प्र0 सूचना का अधिकार (फीस व अपील) नियम 2005 के सुविज्ञ, सूचना के अधिकार के बेहतर क्रियान्वयन, इस अधिकार की पहुंच अधिकाधिक जनता तक पहुंचाने और इस अधिकार का लाभ ज्यादातर लोगों तक पहुंचाने के लिए म.प्र. राज्य सूचना आयुक्त के रूप में विशेष प्रयास, जनहित में म.प्र. में सर्वाधिक नवाचार किए ।
    देश में पहली बार म.प्र. में आर. टी. आई. एक्ट के तहत लोक अदालतों के आयोजन का शुभारंभ कराया । म0प्र0 सूचना आयोग में पहली बार वीडियो कान्फ्रेंसिंग से अपीलों की सुनवाई शुरू कराई । पक्षकारों की सुविधा के लिए सूचना आयोग को उसकी चारदीवारी से बाहर निकाल कर जनता के बीच ले जाने की पहल की । अपने प्रभार के सभी जिलों के दौरे कर जिला मुख्यालयों पर केंप कोर्ट लगाए और जिले की अपीलों का जिले में ही जाकर निराकरण करने का प्रयास किया । आर.टी.आई. एक्ट के प्रमुख उद्देश्य तथा एक्ट के मुख्य प्रावधानों की जानकारी देकर लोकसेवकों को लोकहित व लोक क्रिया कलाप से संबंधित अधिकाधिक जानकारियां नागरिकों को देने के लिए प्रेरित करने के लिए जिला मुख्यालयों पर जाकर लोक सूचना अधिकारियों, अपीलीय अधिकारियों व सूचना का अधिकार प्रकोष्ठ से जुडे़ लोक सेवकों की कार्यशालाएं आयोजित की । 5 वर्ष के कार्यकाल में 5 हजार से अधिक अपीलों व शिकायतों का निराकरण किया, सूचना के अधिकार की अवज्ञा करने वाले 21 लोक सूचना अधिकारियों को 3,13,500 रू0 के जुर्माने-हर्जाने से दंडित किया ।


    अपीलों व शिकायतों की सुनवाई के लिए पक्षकारों को भोपाल आने-जाने से राहत देने के लिए देश में पहली दफा मध्यप्रदेश में फोन पर सुनवाई कर प्रकरणों का निराकरण करने की पहल की । इससे अधिकारियों-कर्मचारियों की यात्रा पर खर्च होने वाले लोकधन की बचत हुई, शासकीय कार्यालयों का नियमित कामकाज बाधित होने से बचा, अधिकारियों-कर्मचारियों व अपीलार्थियों को यात्रा में होने वाली परेशानी से राहत मिली और सबके समय, श्रम, काम व धन की बचत हुई । उचित मूल्य की दुकानों, रेडक्रास सोसायटी आदि अनेक संस्थानों/निकायों को आर.टी.आई. एक्ट के दायरे में लाकर नागरिकों को वांछित सूचनाएं उपलब्ध कराने की पहल की ।


    सूचना आयुक्त के रूप में आत्मदीप ने देश में पहली बार म.प्र. में अपने स्तर पर ऐसी निःशुल्क सुविधा सबके लिए उपलब्ध कराई कि कोई भी नागरिक व लोकसेवक सूचना के अधिकार के संबंध में उनसे फोन, मोबाईल, वाट्सएप, इंस्ट्रग्राम, ईमेल आदि के जरिए कभी भी वांछित जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इस सुविधा से न केवल मध्यप्रदेश बल्कि अन्य राज्यों के भी काफी लोग लाभान्वित हुए जिनमें प्रवासी भारतीय भी शामिल हैं । सूचना के अधिकार के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से ‘राईट टू इंफर्मेशन’ (जर्नलिस्ट) नाम से फेसबुक पेज भी बनाया और सोशल मीडिया का भरपूर सदुपयोग किया । सुनवाई में निःशक्तजनों, बुजुर्गों व महिलाओं को प्राथमिकता देने का प्रावधान किया । अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर हर 8 मार्च को सिर्फ महिलाओं की अपीलों व शिकायतों को सुनवाई के लिए नियत किया ।


    प्रदेश के अनेक जिलों में गैर सरकारी कार्यक्रमों में भी प्रबोधन देकर सूचना के अधिकार को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया । दुबई व अबूधाबी में भी गोष्ठी आयोजित कर प्रवासी भारतीयों को सूचना के अधिकार का लाभ लेने हेतु प्रेरित किया।


    पत्रकार के रूप में: पूर्व में पत्रिका, नवभारत टाईम्स व जनसत्ता के कार्यालय संवाददाता/विशेष संवाददाता के रूप में करीब 35 वर्षों तक पूर्णकालिक पत्रकारिता की । जन सरोकारों से जुड़ी सार्थक पत्रकारिता करने तथा निष्पक्ष, खोजपूर्ण व रचनात्मक रिपोर्टिंग के लिए कई पुरूस्कारों से सम्मानित, विशेषकर मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत द्वारा श्रेष्ठ पत्रकार के रूप में ‘माणक अलंकरण’ से तथा जगदगुरू शंकराचार्य श्री वासुदेवानंद सरस्वती द्वारा ‘गुणीजन सम्मान’ से सम्मानित । देश के प्रमुख पत्रकार महासंघ नेशनल यूनियन आप जर्नलिस्टस्, इंडिया के राष्ट्रीय महासचिव के नाते पत्रकारों के लिए उल्लेखनीय कल्याणकारी कार्य किए तथा संयुक्त राष्ट्र के अंतराष्ट्रीय श्रम संगठन में पत्रकार बिरादरी का प्रतिनिधित्व करने वाले इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ जर्नलिस्ट्स, ब्रुसेल्स द्वारा विभिन्न देशों में आयोजित कार्यशालाओं में भागीदारी की ।


    म0प्र0 शासन द्वारा गठित राज्य स्तरीय पत्रकार अधिमान्यता समिति तथा म0प्र0 विधानसभाध्यक्ष द्वारा गठित पत्रकार दीर्घा सलाहकार समिति के भी सदस्य रहे । पत्रकारों के कल्याण के लिए राष्ट्रीय स्तर पर गठित जर्नलिस्ट्स वेलफेयर फाउंडेशन, नई दिल्ली के भी दो बार निर्विरोध राष्ट्रीय सचिव चुने गए ।


    विज्ञान व प्रोद्यौगिकी: पत्रकारिता, आर.टी.आई. एक्ट सहित विभिन्न कानूनों व राज्य सूचना आयोग के काम-काज के बारे में विशेषज्ञता के अतिरिक्त भाभा परमाणु अनुसंधान केन्द्र, मुंबई में प्रशिक्षण प्राप्त कर परमाणु उर्जा प्रोद्यौगिकी के क्षेत्र में भी विशेषज्ञता हासिल की । विज्ञान व तकनीकी के इस क्षेत्र में व पोखरण टू के संबंध में की गयी रिपोर्टिंग की देश के प्रमुख वैज्ञानिक डा0 अब्दुल कलाम आजाद, डा0 आर0 चिदंबरम व डा0 अनिल काकोड़कर द्वारा मुक्त कंठ से सराहना की गयी । जन सेवा को समर्पित, अब तक के जीवन पर अनुचित कार्य का कोई आक्षेप नहीं । पत्रकार व राज्य सूचना आयुक्त के रूप में संपूर्ण जीवन यात्रा बेदाग रही ।

  • गांधी भवन में स्वास्थ्य शिविर

    गांधी भवन में स्वास्थ्य शिविर

    भोपाल,16 जनवरी(निज प्रतिनिधि)। श्यामला हिल्स स्थित गांधी भवन में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर लगाया गया है। महाराष्ट्र के वर्धा में त्रिवेणी चैतन्यम ट्रस्ट के संस्थापक डॉ. सतीश सावरकर यहां 16 से 22 जनवरी तक ह्दय और डायबिटीज जैसे दुःसाध्य रोगों का इलाज करेंगे।यह चिकित्सा पूर्णतः अहिंसावादी और गांधीवादी नजरिए से की जाएगी। इस शिविर स्वास्थ्य के मौलिक सिद्धांतों को सिखाया जाएगा जिनसे बगैर गोली या दवा के स्वस्थ रहने के रहस्य बताए जाएंगे। इस संबंध में आज गांधी भवन न्यास के सचिव दयाराम नामदेव, गोविंद भूतड़ा,सी.पी.शर्मा,डॉ.एस.के.जैन ने पत्रकार वार्ता में चिकित्सा के तरीकों की जानकारी दी।

    श्री गोविंद भूतड़ा ने बताया कि इस शिविर में भोजन और निवास की व्यवस्था भी रहेगी। प्रदेश के कई जिलों से आने वाले रोगियों और जिज्ञासुओं को शिविर में गांधीवादी तरीकों से उपचार की जानकारियां दी जाएंगी। इस सरल उपचार पद्धति से ऐसे गंभीर रोगों का इलाज किया जाएगा जिन्हें आधुनिक मंहगी चिकित्सा पद्धति भी उपचार नहीं कर पाई है। डॉ.सतीश सावरकर देश के जाने माने साईको न्यूरोबिक विशेषज्ञ हैं। देश के कई जाने माने प्रतिष्ठान उनकी सेवाओं का लाभ लेते हैं। वे हृदय के ब्लाकेज, निराशा, दमा, पाचन विकारों,गठिया,थायराईड, एलर्जी,स्मरण शक्ति की कमी जैसे जटिल रोगों का निःशुल्क उपचार करेंगे।

    प्रेस वार्ता में वरिष्ठ पत्रकार विपिन शर्मा ने बताया कि यह शिविर सशुल्क है और इसमें शामिल होने के लिए पहले बुकिंग करानी होगी। चिकित्सा और उपचार मुफ्त किया जाएगा।

  • अंधों की आड़ में राजनीतिक पाखंड

    अंधों की आड़ में राजनीतिक पाखंड

    देश में पूंजीवाद के दरवाजे खोलने वाली कांग्रेस कल्याणकारी राज्य का पाखंड छोड़ने तैयार नहीं है। भोपाल में अंधों की पिटाई के बाद भी कांग्रेस का इसी तरह का स्यापा सामने आया। वोट बैंक की राजनीति करते हुए कांग्रेसी आज भी देश को गुमराह करने की नीतियां जारी रखे हुए है। जबकि पीवी नरसिम्हाराव ने इसी कांग्रेस में रहते हुए भारत के नवनिर्माण में जो योगदान दिया है उसे कभी नहीं भुलाया जा सकता। सबसे बड़ी बात तो ये कि उन्होंने कांग्रेस की तमाम बदमाशियों के बीच देश को पूंजीवाद के रास्ते पर ले जाने का करिश्मा कर दिखाया था। आजादी के बाद से नेहरू इंदिरा की कांग्रेस देश पर कल्याणकारी राज्य का पाखंड थोपती रही है। गरीबी हटाओ का नारा देने वाली इंदिरा गांधी ने तो गरीबी हटाओ के पाखंड तले गरीब बचाओ अभियान चला दिया। यानि लोग गरीब ही बने रहें ताकि हम गरीबी हटाओ की राजनीति करते रहें। कांग्रेस के शासनकाल में देश से गरीबी कभी नहीं हटी बल्कि करोड़पति घरानों के हाथों में देश की दौलत सिमटती गई। आज जब मोदी जेटली की जोड़ी देश को आर्थिक सुधारों की दौड़ में शामिल करने में जुटे हैं तब उन पर लांछन लगाए जा रहे हैं। इसके लिए कांग्रेसी डाक्टर मनमोहन सिंह तक का इस्तेमाल करने में नहीं चूक रहे। जबकि डाक्टर मनमोहन सिंह ने ही वित्तमंत्री रहते हुए भारत में पूंजीवाद का ड्राफ्ट तैयार किया था। अपने प्रधानमंत्रित्व काल में भी उन्होंने आर्थिक सुधारों पर अमल करने का प्रयास किया। इसके बावजूद बीस सालों की कसरत के बाद भी वे देश को पूंजीवाद के रास्ते पर नहीं चला सके। क्योंकि हर बार धूर्त कांग्रेसियों की गेंग उनके रास्ते में रोड़े खड़े कर देती थी। ये गेंग चुनाव हारने का भय दिखाती रहती थी। इस दोहरी मानसिकता की सजा भी कांग्रेस को भोगनी पड़ी। कांग्रेस सत्ता से बाहर हो गई।देश में समानांतर अर्थव्यवस्था के पैरवीकोर भाजपाई भी यही भूमिका निभा रहे हैं। कांग्रेसियों का मोदी को गाली देना स्वाभाविक है लेकिन भाजपाई जिस तरह से मोदी जेटली को कोस रहे हैं वह देखसुनकर उनकी मूर्खता पर हंसी आना स्वाभाविक है। नौकरी मांगने की जिद पर बैठे उकसाए गए अंधों ने जब अपनी जिद नहीं छोड़ी तो शिवराज सिंह चौहान की पुलिस ने उन्हें पकड़कर घर पहुंचा दिया। ये एक सकारात्मक कदम था। इसके बावजूद कांग्रेसियों और विचारशून्य पत्रकारों ने इसे अंधों की पिटाई और पुलिस बर्बरता बताकर सरकार को खूब लानतें भेजीं। ये आज भी मानने तैयार नहीं हैं कि पूंजीवाद का मतलब आर्थिक सुशासन होता है। इसमें समाज की उत्पादक शक्तियों के अलावा किसी को भी उत्पादन की प्रक्रिया में जगह नहीं दी जा सकती है। जिन नौकरियों के लिए सामान्य लोग और पढ़े लिखे सक्षम युवा बेरोजगार घूम रहे हैं उन नौकरियों पर अंधों को कैसे भर्ती किया जा सकता है। क्या ये खैरात बांटने वाले किसी रजवाड़े का शासन है। पूंजीवाद में अंधे हों या अनाथ बच्चे,मंदबुद्धि बालक बालिकाएं हों या बुजर्ग सभी के लिए व्यवस्थित केम्प में रखने की व्यवस्था दी गई है। अनाथालय,वृद्धाश्रम को बाकायदा बैलेंसशीट में स्थान उपलब्ध है।मंदबुद्धि बच्चों के पालन के लिए केम्प चलाने वालों को टैक्स में छूट का प्रावधान है। इसके लिए मनमानी नहीं बल्कि सुविचारित प्रक्रिया है। यदि कोई युवा अंधा है तो उसे नौकरी पर भेजने की क्या जरूरत है। क्या समाज इतना नाकारा है कि उनका पालन भी नहीं कर सकता है। उनके लिए बाकायदा गुजारे भत्ते की व्यवस्था करना समाज की जवाबदारी है। इसके बावजूद कांग्रेस के साथी और कुछ नादान पत्रकार अंधों को नौकरी दिए जाने की वकालत करते देखे जाते हैं। इनमें वही लोग प्रमुख हैं जिन्होंने किसी न किसी षड़यंत्र के तहत आर्थिक आजादी पाई है। समाज की उत्पादकता बढ़ाने के बजाए वे अधिकारों की बात करते हैं। बेशक अंधों, अनाथों, बुजुर्गों को जीवित रहने का अधिकार है। पर इसके लिए जरूरी नहीं कि वे जब नौकरी करेंगे तभी उन्हें जीने का हक मिलेगा। समाज को अब ये समझ लेना चाहिए कि नौकरी की खैरात बांटने का दौर अब बीत चला है। अनुत्पादक सरकारी नौकरियां बांटकर कांग्रेस की सरकारों ने देश का भट्टा बिठाल दिया। भाजपा की सरकारें भी इस कुशासन को नहीं बदल पा रहीं हैं। शिवराज सिंह सरकार ने यदि अंधों को धरने से उठाकर घर भेजा है तो ये सकारात्मक संदेश है।निःशक्तजनों के लिए सरकार की कई योजनाएं हैं वे उनका लाभ उठाएं और सुख के गीत गुनगुनाएं। किन्हीं षड़यंत्रकारियों के बहकावे में आकर अधिकारों की बहसबाजी न करें। यह संदेश आंखों से विहीन लोगों के साथ साथ दिमाग की आंखों से वंचित लोगों तक भी पहुंच गया होगा हम यही उम्मीद करते हैं।

  • सरकार असामाजिक तत्वों के हाथों में बोले कक्का शर्मा

    सरकार असामाजिक तत्वों के हाथों में बोले कक्का शर्मा

    मध्यप्रदेश में किसान आंदोलन को कुचलने की तैयारी


    भोपाल,(पीआईसीएमपीडॉटकॉम )। मध्यप्रदेश में किसान आंदोलन के हिंसक रूप अख्तियार कर लेने के बाद सरकार अब इस आंदोलन को कुचलने की तैयारी कर रही है। अनुषांगिक संगठन भारतीय किसान संघ के हड़ताल वापस लेने के ऐलान के बावजूद जब कई स्थानों पर हिंसक प्रदर्शन जारी रहे तब सरकार ने आरपार की लड़ाई लड़ने का मन बनाया है। उधर देश के किसान आंदोलन में मध्यप्रदेश के किसानों की अगुआई करने वाले राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ ने हड़ताल तोडने के सरकारी प्रयासों के खिलाफ नई जंग छेड़ दी है। जगह जगह गुपचुप समझौता करने वाले भारतीय किसान संघ के पुतले जलाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज भोपाल में पत्रकार वार्ता बुलाई और कहा कि मैं किसी का नाम तो नहीं लेना चाहता पर यह आंदोलन कुछ असामाजिक तत्वों के हाथों में चला गया है। सरकार हालात पर नजर रखे हुए है और जल्दी ही सख्त कार्रवाई भी की जाएगी। उधर इंदौर में पत्रकार वार्ता के बुलाकर राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ ने सरकार को आड़े हाथों लिया। मुख्यमंत्री के आरोप के जवाब में संघ के अध्यक्ष शिवकुमार शर्मा ने कहा कि सरकार ही असामाजिक तत्वों के हाथों में आ गई है इसलिए उसे किसान भी दुश्मन नजर आने लगे हैं।

    मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार किसानों की सभी वाजिब मांगों को मानने के लिए तैयार है। हम अन्नदाता के साथ हैं और उन्हें हरसंभव सहयोग दिलाने की कोशिश कर रहे हैं। सरकार ने अरहर की दाल के मूल्यों की गिरावट को देखकर समर्थन मूल्य पर दाल खरीदने का फैसला लिया है। प्याज की खरीदी जल्दी ही शुरु की जाएगी। उन्होंने कहा कि बार बार की इस समस्या से किसानों को निजात दिलाने के लिए हम जल्दी ही खेती के रकबे की जानकारी सार्वजनिक करेंगे। किसानों को सलाह दी जाएगी कि यदि उन्होंने मांग के अनुरूप फसलें न बोईं तो उन्हें उपज का लागत मूल्य नहीं मिल पाएगा। श्री चौहान ने कहा कि भारतीय किसान संघ के आव्हान के बाद प्रदेश की मंडियों में अनाज, फल, सब्जी और दूध की आवक सुधरने लगी है।

    उन्होंने कहा कि ये आंदोलन कुछ असामाजिक तत्वों ने हथिया लिया है। वे किसानों को उन काल्पनिक मांगों को लेकर गुमराह कर रहे हैं जिन्हें पूरा करना संभव नहीं हैं। कुछ असामाजिक तत्वों ने तोड़फोड़ करके पुलिस पर हमला करने का भी प्रयास किया है। एक पुलिस अधिकारी की तो आंख ही फूट गई है। उसे इलाज के लिए चेन्नई भेजा गया है। उन्होंने कहा कि सरकार उपद्रवियों से सख्ती से निपटेगी।

    राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ के अध्यक्ष पं. शिवकुमार शर्मा उर्फ कक्काजी का कहना है कि सरकार अपने खुद के वायदे से मुकर रही है। सरकार के कुशासन के कारण ही आज किसान दुर्दशा के शिकार हैं और उनके सामने अपनी जीवन लीला समाप्त करने की स्थितियां बनती जा रहीं हैं। उन्होंने कहा कि मूल्य सूचकांक के आधार पर फसलों का मूल्य दिए जाने के बाद ही किसानों की स्थितियां सुधारी जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि सरकार केवल बड़े किसानों को देखकर फैसले कर रही है जबकि बड़ी संख्या में सीमांत और लघु किसान भी हैं जिनके हालात बदतर होते जा रहे हैं। सरकार किसानों की स्थितियां सुधारने की बातें तो बड़ी बड़ी करती है पर उसने कभी किसान को सक्षम बनाने का प्रयास नहीं किया है। पिछली सरकारों ने जिस तरह उद्योगपतियों के हित में फैसले लिए उसी तरह मौजूदा सरकार भी किसानों के नाम पर उद्योगपतियों और सूदखोरों को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने सरकार के दमन चक्र के फैसले के जवाब में कहा कि किसान अपनी हड़ताल जारी रखेंगे ।

    गौरतलब है कि भारतीय किसान संघ से अलग हुए इस नए संगठन में प्रमुख पदों पर मजदूरों को भी पदासीन किया गया है। आंदोलन में बढ़ चढ़कर भागीदारी न कर पाने के कारण किसान तो खामोश बैठने लगे हैं पर इस आंदोलन की कमान अब किसानों के बजाए मजदूरों ने संभाल ली है। जाहिर है इन खेतिहर मजदूरों में सरकार के दमनचक्र को झेलने की ताकत अधिक है।

  • अब भोपाल में महावीर पथ प्रशस्त करेगा जीतो

    अब भोपाल में महावीर पथ प्रशस्त करेगा जीतो

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    भोपाल,17 दिसंबर(पीआईसीएमपीडाटकाम)। जैन इंटरनेशनल ट्रेड आर्गेनाईजेशन(जीतो) अब भोपाल से भी भगवान महावीर का उद्घोष करता नजर आएगा। संस्था ने आज भोपाल के प्रसिद्ध कारोबारी सुनील जैन 501 को भोपाल चेप्टर की जवाबदारी सौंपी है। तुलसी मानस प्रतिष्ठान के सभागार में आयोजित एक कार्यक्रम में संस्था के भोपाल चेप्टर से जुड़ने वाले सभी पदाधिकारियों को पर्यटन मंत्री सुरेन्द्र पटवा ने शपथ दिलाई।पूर्व विधायक सुनील जैन भी इस अवसर पर मौजूद थे।
    भोपाल के युवा कारोबारी सुनील जैन 501 को दो साल के लिए जीतो के भोपाल चेप्टर का अध्यक्ष बनाया गया है। उनके साथ सीए अखिलेश जैन, जयदीप जैन और निलय जैन ने 11-11 लाख की सहयोग राशि देकर प्रतिभाशाली बच्चों और उद्यमियों को बेहतर नागरिक बनाने की शपथ ली। एक एक लाख रुपए की सहयोग राशि देने वालों में सर्व श्री देवेन्द्र जैन, राकेश जैन, प्रियंक जैन,विजय तारण, राजेंद्र जैन टीआई,नीरव जैन,प्रमोद जैन हिमांशु,प्रदीप जैन नॉहर कलां,संदीप जैन गोधा,सौरभ जैन गोखरू,मुकेश जैन शीतल,विवेक चौधरी,डॉ,रूपेश जैन,अनु डागा, जेएल गाँधी,बीएस मोदी,सुभाष भंडारी,सिम्मी जैन,विक्रम जैन,विकास जैन,नितिन नादगॉंवकर,राकेश अनुपम,ने भी सहयोग की घोषणा की।
    सुरेन्द्र पटवा ने कहा कि हम समाज का कर्ज उसी को लौटाने की व्यवस्था कर रहे हैं।सकारात्मकता से उसे हासिल करेंगे।देश भर मेें आज कई छात्र छात्राएं, उद्योगपति, राजनेता जीतो के सहयोग से भगवान महावीर के उपदेशों के अनुसार सामाजिक गतिविधियों में शामिल हो रहे हैं। संस्था का उद्देश्य देश को सफल राष्ट्र बनाना है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी समाज के अंतिम व्यक्ति के कल्याण की बात कहती है। हमारे प्रेरणा पुरुष पं. दीनदयाल उपाध्याय ने अंत्योदय की अवधारणा दी थी। ये स्ंस्था भी संसाधन विहीन लेकिन प्रतिभाशाली युवाओं को खोजकर उन्हें अपना सर्वोत्तम योगदान देने के लिए तत्पर रहती है। भोपाल चेप्टर के प्रारंभ होने से मध्यप्रदेश के बड़े हिस्से में युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर प्रशस्त होंगे। उन्होंने संस्था के पदाधिकारियों और नए सदस्यों को शुभकामनाएं दीं।
    डॉ अनिल भंडारी ने स्वागत भाषण दिया,संस्थापक अध्यक्ष शांतिलाल कँवर ने बताया कि संस्था ने भगवान महावीर के जीवन दर्शन से देश और दुनिया को सफल बनाने का अभियान चलाया है।उन्होंने कहा कि विश्व में कई जाति समुदाय अपनी योग्यता के लिए पहचाने जाते हैं। भगवान महावीर के उपदेशों में आस्था रखने वाले जैन बंधु समाज के किसी भी वर्ग से आते हों लेकिन वे समय समय पर समाज के बीच अपने कार्यों, बुद्धिमत्ता और सेवा भावना से प्रकाश स्तंभ बन जाते हैं। उन्हें अपने जीवन की सर्वोत्कृष्ट पारी खेलने के लिए तरह तरह की बाधाओं का सामना करना पड़ता है। जैन समाज के कई बुद्धिजीवियों और साधुओं ने इस विषय पर चिंतन करके इस संस्था का गठन किया है। जैन समाज अपने सारे आयोजन परस्पर सहयोग से सफल बनाते रहे हैं। नई पीढ़ी के प्रतिभाशाली युवाओं को समाज की मुख्य धारा में मजबूती से खड़ा करने के लिए समाज के बीच से ही जीतो का गठन किया गया। आज इस संस्था के पास लगभग 220 करोड़ का स्थायी फंड है। इसके ब्याज से ही संस्था की तमाम गतिविधियां चलती हैं। हमने युवाओं के लिए कोचिंग, हास्टल, उद्यमियों के लिेए वर्किंग कैपिटल आदि देकर उन्हें समाज के बीच सिर उठाकर चलने का मौका दिया है। सबसे बड़ी बात तो ये है कि ये सब किसी व्यक्तिविशेष की कृपा से नहीं बल्कि भगवान महावीर की विचारधारा को सफल बनाने की सोच के कारण संभव हो सका है। हमने साधुओं के स्वास्थ्य के लिए विशेष फंड बनाया है। जैन धर्मावलंबियों की किसी भी विचारधारा से जुड़े साधु के लिए हम संपूर्ण स्वास्थ्य पैकेज प्रदान करते हैं। संस्था से जुड़े उद्योगपति सतीश पारख ने संस्था के कार्यक्रमों की जानकारी दी।सीईओ ललित जैन ने कार्यक्रम का संचालन किया।
    देवरी के पूर्व कांग्रेसी विधायक सुनील जैन,सुरेश जैन आईएएस,जस्टिस अभय गोहिल,उद्योगपति विनोद डागा, ने भी मंच पर अपनी उपद्थिति दर्ज कराई।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जैन गणमान्य नागरिक और समाज के जागरूक लोग भी उपस्थित हुए।

  • स्वाभिमान रखो तो सुख बरसेगा – आचार्य विद्यासागर जी

    achrya shree1 भोपाल (पीआईसीएमपीडॉटकॉम)। अहिंसा के मार्ग पर चलकर जीवन संवारने के गुर सिखाने वाले राष्ट्रसंत आचार्य विद्यासागर जी महाराज का कहना है कि देश यदि स्वाभिमान जगाकर अपने इतिहास को ही समझ ले तो वह एक बार फिर दुनिया का सबसे सुखी और समृद्धिशाली देश बन सकता है। हिंदुस्तान जैसे विशाल लोकतंत्र में हमें पक्ष और विपक्ष छोड़कर राष्ट्रीय पक्ष मजबूत करना होगा। मध्यप्रदेश की विधानसभा में आज आयोजित धर्मसभा में उन्होंने राजनेताओं को समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति के कल्याण की चिंता करने का उपदेश दिया। इस अनूठे आयोजन में विधानसभा के अध्यक्ष डाक्टर सीतासरन शर्मा, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, विधानसभा के उपाध्यक्ष राजेन्द्र कुमार सिंह,प्रतिपक्ष के उपनेता बाला बच्चन ने श्रीफल भेंटकर आचार्यश्री का अभिनंदन किया और आशीर्वाद प्राप्त किया। (more…)