भोपाल23 दिसंबर(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। दुनिया के नक्शे पर मध्यप्रदेश आज भारत की नई सांस्कृतिक पहचान के साथ उभर रहा है। यहां के आतिथ्य संस्कार से आकर्षित होकर प्रदेश में पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। राज्य सरकार इसे देखते हुए प्रदेश के तमाम धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन स्थलों पर ठहरने की आवासीय सुविधाएं बढ़ाने का प्रयास कर रही है। हमारा प्रयास है कि दुनिया भर के पर्यटक मध्यप्रदेश आएं और यहां की विकास यात्रा के सहभागी बनें।
राजधानी के कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कंवेशन सेंटर में आयोजित पत्रकार वार्ता में संस्कृति मंत्री ने कहा कि भारत के विभिन्न राज्यों की संस्कृति देश के हृदय प्रदेश के कला संसार में साफ तौर पर देखी जा सकती है। हमारे प्रदेश के कलाकारों ने अपनी रचनात्मकता से दुनिया भर में प्रेम का संदेश दिया है। यही वजह है कि इस साल दुनिया भर से लगभग 14 लाख पर्यटक मध्यप्रदेश आए हैं। हमने अपने धार्मिक शहरों और पर्यटन स्थलों को आपस में जोड़ दिया है। इससे यहां आने वाले पर्यटक एक साथ सभी लक्ष्य पूरे कर लेते हैं।
उन्होंने पिछले दो सालों में पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास और धर्मस्व विभागों की सफलताओं का लेखा जोखा प्रेस के माध्यम से जनता के समक्ष प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि पत्रकारों के माध्यम से हमें जनता के जो सुझाव मिल रहे हैं हम उनके अनुसार अपने कार्यक्रमों में फेरबदल कर रहे हैं। हमारा प्रयास है कि वैश्विक संवाद के इस महा अभियान में आम जनता की सीधी भागीदारी हो। उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ की तैयारियों को लेकर भी उन्होंने कई जानकारियां दीं। उन्होंने बताया कि हम चारों दिशाओं में फोरलेन सड़कों के साथ ठहरने के सुविधायुक्त आवास भी बढ़ा रहे हैं। इससे दुनिया भर से आने वाले श्रद्धालुओं को एक आत्मिक संतुष्टि मिल पाएगी।

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