
भोपाल,21 जून(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। प्रसिद्ध योग गुरु आचार्य हुकुमचंद शनकुशल की नई पीढ़ी ने उनकी समृद्ध योग परंपरा की मशाल थामकर एक नया अध्याय लिख डाला है। उनके पुत्रों,पुत्री और शिष्यों ने योग के क्षेत्र में नए कीर्तिमान गढ़ना आरंभ कर दिये हैं। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आनंद नगर स्थित आश्रम में योग शिविर का आयोजन किया गया जिसमें बच्चों और युवाओं ने अपने हुनर का प्रदर्शन करके उपस्थित जन समुदाय का मन मोह लिया।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में चालू हुआ भारतीय योग दिवस आज अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में पूरी दुनिया में लोकप्रिय हो चला है। इस अवसर पर भोपाल में भी कई स्थानों पर योग दिवस के आयोजन हुए। आनंद नगर स्थित भारतीय योग अनुसंधान केन्द्र परिसर में ये आयोजन धूमधाम से मनाया गया। भारतीय योग अनुसंधान केन्द्र में योगमाता डाक्टर शुभ्रा शनकुशल, सचिव ज्ञानेश्वर शनकुशल, और खुशबू शनकुशल के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में शहर के कई गणमान्य लोग भी उपस्थित हुए।

स्वर्गीय आचार्य हुकुमचंद शनकुशल ने जिस योग परंपरा के माध्यम से भारत की यशोगाथा लिखी थी उसी परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए योग गीतों पर आसनों का लयबद्ध प्रदर्शन किया गया। गुरुमाता शुभ्रा शनकुशल ने बताया कि आचार्यश्री ने लगभग पंद्रह साल पहले रोम में जगत गुरु शंकराचार्य के नेतृत्व में सबसे पहले योग दिवस का शंखनाद किया था। आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों से यूनाईटेड नेशंस ने योग दिवस मनाने का अभियान पूरी दुनिया में शुरु कर दिया है।

कार्यक्रम में मौजूद पूर्व शिक्षा मंत्री दीपक जोशी , वार्ड 62 की पार्षद सुश्री छाया ठाकुर, पार्षद सुश्री विश्वकर्मा आदि ने आयोजन का आनंद लिया और युवाओं की आगे बढ़ती नई पीढ़ी को अपना शुभाशीष प्रदान किया। इस अवसर पर भीमाशंकर शनकुशल ने नोली क्रिया और हैंड स्टैंडिंग के साथ एसओएस बालग्राम के बच्चों को प्रशिक्षण दिया। भीमाशंकर के कुशल योग प्रदर्शन को सभी आगंतुकों ने बहुत सराहा।
योग दिवस के आयोजन में शामिल बच्चों और युवाओं को पुरस्कार एवं पुरस्कार वितरण श्री दीपक जोशी और अर्जुन यादव के कर कमलों से किया गया। ज्ञानेश्वर शनकुशल ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया और योग परंपरा को एक बार फिर ऊंचाईयों पर ले जाने का आव्हान किया।
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