Month: March 2023

  • सिंधी समुदाय ने पुरुषार्थी बनकर दिखायाः मोहन भागवत

    सिंधी समुदाय ने पुरुषार्थी बनकर दिखायाः मोहन भागवत

    भोपाल,31 मार्च( प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)।राष्ट्रीय स्वयंसेवक के सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा कि सिंधी समुदाय सब कुछ गँवा कर भी शरणार्थी नहीं बना, उसने पुरूषार्थी बन कर दिखा दिया। वे आज भोपाल में शहीद हेमू कालानी जन्म शताब्दी समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अमर शहीद हेमू कालानी ने भारत को स्वतंत्र कराने के लिए अपने जीवन का बलिदान किया। उन्होंने गले में फाँसी का फंदा पहनते हुए कहा था कि मैं फिर से जन्म लूँगा और भारत को स्वतंत्र करवाऊँगा। आज यदि हम शहीदों को नहीं पूजेंगे, तो राष्ट्र के लिए जीवन का बलिदान करने के लिए कोई आगे नहीं आएगा। नई पीढ़ी के लिए शहीदों का जीवन प्रेरक है। वीर सेनानियों के साथ ही सिंध संतों की भूमि रही है। सिंधु नदी के किनारे वेदों की ऋचाएँ रची गईं। सिंध की संस्कृति काफी प्राचीन है। इस समाज ने अनेक समाज-सुधारक, सफल उद्यमी और अन्य प्रतिभाएँ देने का कार्य किया है। अपने धर्म, संस्कृति और सभ्यता के लिए मातृ-भूमि को छोड़ने के बाद भी पुन: स्थापित होकर दिखाने वाले सिंधी समाज ने व्यवसाय के क्षेत्र में तो बुद्धि और परिश्रम से योग्यता का संदेश दिया है। समाज की युवा पीढ़ी को कठोर परिश्रम के गुण के साथ ही अपनी संस्कृति, वेशभूषा और खान-पान को नहीं भूलना है। मुख्यमंत्री चौहान आज भेल दशहरा मैदान पर अमर बलिदानी हेमू कालानी जन्म-शताब्दी समारोह को संबोधित कर रहे थे।
    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि पिछले दशक में इंदौर में बसे पाकिस्तान के सिंधु प्रांत से आए नागरिकों की वीसा अवधि समाप्त होने के बाद भी उन्हें वापसी के लिए विवश नहीं किया गया। यह समस्या संज्ञान में आते ही प्रधानमंत्री श्री मोदी ने नागरिकता संबंधी प्रावधानों को लागू करवाया। देश की स्वतंत्रता के बाद विभाजन के कारण नए भू-भाग में जाकर बसने वाले सिंधी नागरिकों सहित बाद के वर्षों में भारत आए सिंधी नागरिकों को कठिनाई उत्पन्न नहीं होने दी जाएगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने ऐसे नागरिकों के लिए कहा कि पूरा देश आपका ही है। मुख्यमंत्री ने अनेक सिंधी व्यंजनों का उल्लेख करते हुए सिंधी समाज के साथ स्थापित अपनेपन के रिश्तों का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सिंधी समाज के हित में अनेक घोषणाएँ भी की।
    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि भोपाल की मनुआभान टेकरी के साथ ही प्रदेश के जबलपुर और इंदौर में भी अमर शहीद हेमू कालानी की प्रतिमा की स्थापना की जाएगी। सिंधी संस्कृति प्राचीनतम संस्कृति है। इसकी विशेषताओं को दिखाने वाले एक संग्रहालय का निर्माण राजधानी भोपाल में किया जाएगा। सिंधी विस्थापितों को कम कीमत पर पट्टे प्रदान करने के लिए मापदंड निर्धारित किए गए हैं। इसके अनुसार प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर पात्र सिंधी विस्थापितों को पट्टे प्रदान करने का कार्य किया जाएगा। विशेष शिविर लगा कर पात्र सिंधी विस्थापितों को जमीन का मालिकाना हक दिया जाएगा।
    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि लद्दाख स्थित सिंधु नदी के घाट पर प्रतिवर्ष जून माह में होने वाले सिंधु दर्शन उत्सव में प्रदेश के यात्रियों को भिजवाने की व्यवस्था राज्य सरकार ने प्रारंभ की थी। कोरोना और अन्य कारणों से इसे निरंतरता नहीं मिली। इस वर्ष मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन योजना में प्रति यात्री 25 हजार रूपए की राशि सिंधु दर्शन उत्सव में ले जाने के लिए प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि सिंधी साहित्य अकादमी के बजट को बढ़ाकर पाँच करोड़ रूपए वार्षिक किया जाएगा।
    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने समारोह में कहा कि सिंधी समाज की वर्षों पुरानी मांग पूरी करते हुए पट्टे प्रदान करने के लिए विधिवत प्रीमियम की दरों में विशेष छूट का निर्णय राज्य सरकार ने लिया है। इसके अनुसार 45 वर्ग मीटर तक नि:शुल्क पट्टा दिया जाएगा। वर्तमान में 150 वर्ग मीटर तक भूमि के क्षेत्र फल के लिए 5 प्रतिशत की दर लागू है, जिसे घटा कर एक प्रतिशत किया गया है। इसी तरह 150 वर्ग मीटर से 200 वर्ग मीटर तक प्रीमियम की वर्तमान 10 प्रतिशत की दर को घटा कर भी एक प्रतिशत करने का निर्णय लिया गया है। व्यावसायिक उपयोग के भूखंड के लिए 20 वर्ग मीटर तक वर्तमान में 25 प्रतिशत की दर प्रचलित है, इस श्रेणी में अब नई दर सिर्फ 5 प्रतिशत होगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि भोपाल, सीहोर मुख्य मार्ग पर भूखंड की स्थिति में 1614 वर्गफुट आवासीय क्षेत्र फल के लिए यदि एक करोड़ 8 लाख रूपए बाजार मूल्य है, तो देय राशि एक लाख 8 हजार रूपए मात्र होगी। इसी तरह 2152 वर्गफुट आवासीय के‍लिए यदि एक करोड़ चवालीस लाख बाजार मूल्य होने पर, एक लाख चवालीस हजार रूपए की राशि देय होगी। इसके अलावा 215 वर्ग फुट के व्यावसायिक दुकान के लिए 14 लाख 40 हजार बाजार मूल्य की स्थिति में प्रीमियम में छूट के प्रावधान के अंतर्गत मात्र 72 हजार रूपए की राशि देनी पड़ेगी।
    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने संबोधन का प्रारंभ सिंधी भाषा में उपस्थित नागरिकों, भांजे-भांजियों संबोधित कर किया। श्री चौहान ने विभिन्न सिंधी व्यंजनों की विशेषताएँ भी बताईं। मुख्यमंत्री ने गुरूवार को इंदौर में हुई बावड़ी की घटना में दिवंगत सिंधी भाषी और अन्य नागरिकों के असामयिक निधन पर दुख व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
    राष्ट्रीय स्वयंसेवक के सरसंघचालक श्री मोहन भागवत ने कहा कि सिंधी समुदाय द्वारा स्वतंत्रता आंदोलन में दिए गए महत्वपूर्ण योगदान का उल्लेख कम होता है। शहीद हेमू कालानी ने बलूचिस्तान जाने वाली शस्त्रों से लदी उस रेल को पलटाने का प्रयास किया था जो, क्रांतिकारियों की हलचल को दबाने के लिए जा रही थी। शहीद हेमू अपने कार्य के परिणाम भी जानते थे। पकड़े जाने के बाद उन्होंने अपने मित्रों के नाम उजागर नहीं किए। उनका मानना था कि जीवन की सार्थकता बलिदान देने में है। तरूण आयु में किए गए उनके बलिदान की गूँज मुम्बई रेसीडेंसी से लेकर विश्व के देशों में हुई। उन्होंने हमें जीवन की राह दिखा कर जीवन दे दिया। शहीदों ने प्रामाणिकता के साथ अपने स्व को बचाने के लिए जीवन समर्पित किया। स्वराज का अर्थ नागरिकों को समझाया। शहीद हेमू कालानी की अटूट देश-भक्ति को ध्यान में रख कर संकुचित स्वार्थ को छोड़ कर उनके जैसा होने का प्रयास और एक समाज, एक देश की भावना, हम सभी को आत्मसात करना है।
    श्री भागवत ने कहा कि हेमू जी का मानना था कि हम तो चले जाएंगे, हम रहेंगे नहीं लेकिन भारत जरूर रहेगा। इसी आदर्श को लेकर संत कंवरराम जैसे देशभक्त भी बलिदान के लिए आगे आए। उन्होंने कहा कि सिंधी समुदाय ने भारत नहीं छोड़ा था, वे भारत से भारत में ही आए थे। सिंधु संस्कृति में वेदों के उच्चारण होते थे। हमने तो भारत बसा लिया लेकिन वास्तव में राष्ट्र खंडित हो गया। आज भी उस विभाजन को कृत्रिम मानते हुए सिंध के साथ लोग मन से जुड़े हैं। सिंधु नदी के प्रदेश सिंध से भारत का जुड़ाव रहेगा। वहाँ के तीर्थों को कौन भूल सकता है। श्री भागवत ने कहा कि आज भी अखंड भारत को सत्य और खंडित भारत को दु:स्वप्न माना जा सकता है। सिंधी समुदाय दोनों तरफ के भारत को जानता है। आदिकाल से सिंध की परम्पराओं को अपनाया गया। भारत ऐसा हो जो संपूर्ण विश्व को सुख-शांति देने का कार्य करें। तमाम उतार-चढ़ाव होंगे, लेकिन हम मिटेंगे नहीं। हम विश्व के नेतृत्व के लिए सक्षम हैं। सारे समाज के साथ कदम से कदम मिला कर चलना है। यह चिंतन आज की पीढ़ी को भी करना चाहिए कि हम कौन हैं और हमें क्या बनना है। विविधता में एकता को देखें और स्व के सच्चे अर्थ को समझ कर जीवन की दिशा तय करें।
    श्री भागवत ने डॉ. हेडगेवार और अन्य विचारकों के माध्यम से संपूर्ण दुनिया को दिखाए गए कल्याण के मार्ग का भी उल्लेख किया। उन्होंने सिंधी समुदाय द्वारा सनातनी परम्परा में रहने और अपने रीति-रिवाजों को कायम रख कर अपनी खुदी को बनाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि ऐसे तत्वों को असफल करना है, जो लोगों को झगड़ों के लिए उकसाते हैं। जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में सद्गुणों को उजागर करने की जरूरत है। श्री भागवत ने इंदौर में कल हुई दुर्घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्हें गंगाजी के दर्शन के समय यह खबर मिली और तभी गंगाजी को प्रणाम कर दिवंगत लोगों को श्रद्धांजलि भी दी।
    कार्यक्रम को महामंडलेश्वर श्री हंसराम उदासीन और भारतीय सिंधु सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री लधाराम नागवानी ने भी संबोधित किया। समारोह के संयोजक भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री श्री भगवानदास सबनानी ने स्वागत उद्बोधन दिया। युवा कलाकारों ने शहीदों के बलिदान पर केन्द्रित नृत्य नाटिका प्रस्तुत की। मंच पर शदाणी दरबार रायपुर के प्रमुख श्री युद्धिष्ठिर लालजी, श्री अशोक सोहनी, साधु समाज के श्री प्रियादास, सांसद श्री शंकर लालवानी, विधायक श्री अशोक रोहाणी, प्रख्यात गायक श्री घनश्याम वासवानी, बालक मंडली कटनी के वरिष्ठ गायक कलाकार श्री गोवर्धन उदासी, श्री दिलीप उदासी, राष्ट्रीय सिंधी भाषा विकास परिषद के उपाध्यक्ष श्री मोहन मंगनानी बैंगलुरु, निदेशक डॉ. रवि टेकचंदानी नई दिल्ली, अखिल भारतीय सिंधी बोली साहित्य सभा की महासचिव श्रीमती अंजलि तुलसियानी, मध्यप्रदेश सहित छत्तीसगढ़, कर्नाटक, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, उत्तरप्रदेश आदि से आए सिंधी पंचायतों के पदाधिकारी, भोपाल के विभिन्न संगठन के सदस्य और बड़ी संख्या में सिंधी समाज के नागरिक उपस्थित थे।
    मुख्यमंत्री श्री चौहान और श्री मोहन भागवत ने समारोह स्थल पर लगी स्वतंत्रता संग्राम में सिंधी समाज के योगदान पर केंद्रित प्रदर्शनी देखी। प्रदर्शनी में सिंधी संतों, महापुरूषों, स्वतंत्रता सेनानियों, साहित्यकारों, सेना के अधिकारियों और समाज सुधारकों के चित्रों के साथ सिंध की परम्पराओं पर केन्द्रित चित्र भी प्रदर्शित किए गए।
    मुख्यमंत्री श्री चौहान और अतिथियों ने भारत में रक्त कैंसर के उपचार में अस्थिमज्जा प्रत्यारोपण के क्षेत्र के विशेषज्ञ डॉ. सुरेश एच. आडवाणी मुम्बई सहित खेल, साहित्य, समाज सेवा, चिकित्सा, सिनेमा और कला क्षेत्र की प्रमुख विभूतियों को सम्मानित किया। इनमें सर्वश्री सी.पी. गुरनानी, इंदर जयसिंघानी, राम बख्शानी, गायक महेश चंदर, लेखक राम जवाहरानी, प्रसिद्ध अधिवक्ता महेश राम जेठमलानी, श्रीमती अनीता गुरनानी, सतराम रामानी और मनोहर तेजवानी शामिल हैं। अतिथियों ने डॉ. सुधीर आजाद की नाट्य कृति “शेरे सिंध हेमू कालानी”, श्री राजेश वाधवानी के संपादन में प्रकाशित “हेमू कालानी की गौरव गाथा” और श्री राजेन्द्र प्रेमचंदानी की पुस्तक “सिंध के क्रांतिकारी : कही-अनकही गौरव गाथा” का विमोचन किया। संचालन श्री राजेश कुमार वाधवानी और श्रीमती कविता ईसरानी ने किया।

  • जेल के 15 करोड़ गबन करने वाली अधीक्षक ऊषा राज बयानों से बचने अस्पताल में भर्ती

    जेल के 15 करोड़ गबन करने वाली अधीक्षक ऊषा राज बयानों से बचने अस्पताल में भर्ती

    अधीक्षक के पद से हटाते ही जेलकर्मियों के परिजनों ने फोड़े पटाखे, मनवारे ने लिया चार्ज

    उज्जैन (प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। केंद्रीय जेल भैरवगढ़ लगातार सुर्खियों में बनी हुई है। वजह डीपीएफ घोटाले में जेल अधीक्षक उषाराज को हटाने पर दोपहर में जेलकर्मियों के परिजनों ने पटाखे फोडक़र खुशियां मनाई। वहीं गबन केस में नोटिसों के बाद भी बयान नहीं देने पर शाम को पुलिस उन्हें जबरन भैरवगढ़ थाने ले गई। इस दौरान प्रभारी जेल अधीक्षक हिमानी मनवारे ने चार्ज लेकर काम शुरू कर दिया।

    भैरवगढ़ जेल के 68कर्मचारियों के भविष्य निधि खाते से करीब १५ करोड़ रुपए का घोटाले में जांच के बाद डीजी अरविंद कुमार ने जेल अधीक्षक उषाराज को वित्तीय अनियमितता का दोषी मानते हुए पद से हटाने के आदेश दे दिए। पता चलते ही कर्मचारी के परिजनों ने जेल परिसर में पटाखे फोड़े और ढोल बजाते हुए मिठाई बांटकर खुशी मनाई। इसी दौरान नवागत प्रभारी जेल अधीक्षक हिमानी मनवारे जेल पहुंचीं और उषा राज से चार्ज लिया।

    वहीं गबन मामले में लगातार तीन नोटिस के बाद भी बयान नहीं देने पर टीआई प्रवीण पाठक, जितेंद्र भास्कर, एसआई बल्लू मंडलोई जेल पहुंचे। बावजूद शाम तक इंतजार के बाद भी उषा राज सहयोग के लिए तैयार नहीं हुई। नतीजतन जेल पहुंचे सीएसपी अनिल मौर्य ने महिला थाना प्रभारी रेखा वर्मा और उनकी टीम को बुलाया और उषा राज को हिरासत में लेकर थाने ले गए,जहां रात तक एएसपी इंद्रजीत बाकलवाल, मौर्य व टीम उनसे पूछताछ करते रहे।

    आदेश आते ही सुविधा छीनी

    जेल अधीक्षक उषाराज को तबादला का मुख्यालय में पदस्थ करने का आदेश आते ही सुबह से ही जेलर सुनील शर्मा, डिप्टी जेलर सुरेश गोयल मातहतों के साथ परिसर में जमा हो गए। बताया जाता है कि कर्मचारियों को शक था कि उषा राज गबन से संबंधित दस्तावेज और ऑफिस का सामान ले जा सकती है। इसलिए उन्हें रोकने के लिए वह तैनात हो गए थे।

    यहीं नहीं जेल अधीक्षक की स्थिति ऐसी थी कि उनके घंटी बजाने पर भी कोई कर्मचारी सुनने को तैयार नहीं था। इसे लेकर उन्होंने मीडिया के सामने आपत्ति भी जताई कहा गाड़ी छीनकर ड्राईवर व कंप्यूटर ऑपरेटर तक को हटा दिया।

    पटाखे फोडक़र बांटी मिठाई

    खास बात यह है कि किसी अधिकारी का तबादला होने पर मातहत स मान पूर्वक बिदा करते है, लेकिन जेल पर आज नजारा दूसरा ही था। यहां दोपहर में जेलकर्मियों के परिजन पहुंचे और जमकर पटाखे फोडऩे के बाद ढोल बजाकर मिठाई बांटी। प्रहरी गोर्वधन सिंह रघुवंशी के पुत्र नितिन ने बताया कि डीपीएफ घोटाले से कर्मचारियों के घर में मातम मना हुआ है। मेडम ने घोटाले के साथ ही काफी भ्रष्टाचार किया है इसलिए उन्हें हटाने पर खुशी मना रहे है।

    नई जेल अधीक्षक सचेत

    प्रभारी जेल अधीक्षक हिमानी मनवारे फिलहाल देवास में पदस्थ हैं। उन्हें भैरवगढ़ का अस्थाई रुप से अतिरिक्त चार्ज दिया गया है। मरवारे ने चार्ज लेने के बाद बताया कि उन्हें जेल के वर्तमान हालात की जानकारी है। मुख्यालय ने उन्हें सजग रहने का कहा है। जेल का निरक्षण कर आगे की रुपरेखा बनाएगी।

    डीपीएफ कांड : अब तक कब-क्या

    • १० मार्च : दो कर्मचारियों के राशि निकालने के आवेदन में एक ही आईआईएफसी कोड नंबर होने से ट्रैजरी ऑफिसर को शक हुआ। कलेक्टर ने जेल से रिकार्ड तलब किया। प्रथम दृष्टया१० करोड़ रुपए घोटाले का पता चलते ही कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम ने शासन व जेल डीजी को सूचना दी। रात १० बजे लेखा-जोखा संभालने वाला प्रहरी रिपूदमन घोटाला उजागर होने पर जेल अधीक्षक के सामने रोया और देर रात परिवार सहित फरार हो गया।
    • ११ मार्च : मामले में जिला कोषालय अधिकारी सुरेंद्र भामर ने भैरवगढ़ थाने में रिपूदमन के खिलाफ केस दर्ज कराया।
    • १३ मार्च : जेल डीआईजी मंशाराम पटेल सात सदस्यीय टीम के साथ भैरवगढ़ जेल पहुंचे,जांच शुरू।
    • १४ मार्च : प्रहरी शैलेंद्र सिकरवार व धर्मेद्र लोधी के खाते में १० करोड का ट्रांजेक्शन सामने आते ही फरार हुए,,घोटाले की राशि १४ करोड़ पहुंची।
    • १५ मार्च : जेल अधीक्षक को हटाने की मांग करते हुए कर्मचारी परिवार सहित अनशन पर बैठे। विधायक महेश परमार ने विधानसभा में प्रश्र लगाकर गृहमंत्री को ज्ञापन सौंपा।
    • १६ मार्च : जांच रिपोर्ट जेल डीजी अरविंदकुमार के पास पहुंची।
    • १७ मार्च : डीजी ने जेल अधीक्षक उषाराज को वित्तीय अनियमितता के आरोप में पद से हटाने और मनवारे का प्रभारी बनाने के आदेश जारी किए।
    • १८ मार्च : जेलकर्मियों के परिजनों ने खुशियां मनाई, नई अधीक्षक ने चार्ज लिया, उषा राज हिरासत में ले ली गईं, पूछताछ के बाद उन्हें दूसरे दिन सुबह आने को कहा गया था लेकिन वे इंदौर के एक निजी अस्पताल में भर्ती हो गईं।
    • गौरतलब है कि ऊषा राज को अपने एक रिश्तेदार की हत्या करने के आरोप में सागर जेल की सजा काटनी पड़ी थी।लेकिन बाद में सबूतों के अभाव में वे बरी हो गईं। तत्कालीन जेल अधीक्षक लालजी मिश्र की कृपा से वे जेल की नौकरी में आ गईं और जेल विभाग की नारकीय परिपाटियों ने उन्हें प्रदेश की सबसे बड़ी जेल का अधीक्षक बना दिया। जेल विभाग ने उन्हें सुधरने का जो अवसर दिया था उसका उन्होंने बेजा लाभ उठाया और अरबों रुपयों की दौलत बनाई। रिश्तेदारों से अनबन ने उन्हें अलग थलग कर दिया। इस घटना के बाद जब वे देवास रोड स्थित एक रेस्टोरेंट में अपने किसी मित्र के साथ पहुंची थीं तो कुछ लोगों ने उनकी वीडियो फिल्म बना ली। इस पर उन्होंने आपत्ति की तो युवकों ने उन्हें पीट दिया। जिसकी शिकायत उन्होंने उज्जैन पुलिस से की है।
  • दमोह के जुझार गांव की सुरक्षा अब गांव वाले करेंगे

    दमोह के जुझार गांव की सुरक्षा अब गांव वाले करेंगे

    दमोह,2 मार्च। घरों और खलिहानों से कटकर आने वाले खाद्यान्न की सुरक्षा में पुलिस की नाकामी को देखते हुए दमोह के जुझार गांव में घरों की सुरक्षा का बीड़ा गांव वाले स्वयं उठा रहे हैं। यहां के एक किसान और प्रेस इंफार्मेशन सेंटर के संपादक ने अपने खाद्यानों की सुरक्षा करने की जवाबदारी गांव वालों को ही थमा दी है। इसके लिए उन्होंने कल 3 मार्च को अपने घर के बाहर एक आयोजन किया है जिसमें चाभी खो चुके ताले को काटकर गोदाम की सफाई का कार्य कराया जाएगा और फिर गांव के ही लोगों के सामने उसमें खाद्यान्न रखा जाएगा। इसके बाद ग्रामीणों और बच्चों को मिठाई वितरण किया जाएगा। इस आयोजन में शामिल होने के लिए जिले के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक,पत्रकारों और हिंडोरिया पुलिस को भी आमंत्रित किया गया है।

    प्रेस इंफार्मेशन सेंटर के कृषि फार्म के संचालक और पत्रकार आलोक सिंघई ने बताया कि पिछले साल उनके गांव स्थित घर से खाद्यान्न की बोरियां चोरी हो गईं थी। इसकी शिकायत हिंडोरिया पुलिस और तत्कालीन पुलिस अधीक्षक से भी की गई थी। पुलिस ने शिकायत मिलने पर छानबीन तो की लेकिन न तो अपराधियों को गिरफ्तार किया और न ही उनसे चोरी गया खाद्यान्न जब्त किया। इस बार जब खलिहानों से फसल कटकर गोदामों में आ रही है तब एक बार फिर खाद्यान्न की सुरक्षा का मामला गहरा गया है। इसे देखते हुए खाद्यान्न की सुरक्षा की जवाबदारी गांव के लोग स्वयं निभाने जा रहे हैं।

    उन्होंने बताया कि आज के इस आयोजन में गांव वालों के सामने ही ताले को तोड़कर गोदाम की सफाई कराई जाएगी और मिष्ठान्न वितरण किया जाएगा। इस संबंध में जिला प्रशासन और नवागत पुलिस अधीक्षक को भी सूचना भेजी गई है।

    इस कार्यक्रम का प्रसारण फेसबुक पर लाइव उपलब्ध रहेगा।