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  • कुबेरेश्वर धाम से अब साल भर बंटेंगे रुद्राक्ष

    कुबेरेश्वर धाम से अब साल भर बंटेंगे रुद्राक्ष

    सीहोर में पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा सुनने पहुंचा करोड़ों श्रद्धालुओं का रेला सनातन धर्म का जयकारा लगा रहा है।  बीस लाख लोगों ने पहले ही दिन लगभग पांच लाख अभिमंत्रित रुद्राक्ष प्राप्त कर लिए थे। प्रशासन और खुद आयोजकों को भी भरोसा नहीं था कि उनका आयोजन इतना सुपर हिट होगा। भोपाल इंदौर मार्ग पर लगे कई किलोमीटर लंबे जाम को देखते हुए आयोजकों ने फिलहाल रुद्राक्ष वितरण रोक दिया है। जनता की आस्था को देखते हुए अब ये रुद्राक्ष साल भर बांटे जाएंगे। इस विशाल आयोजन की सफलता पर तरह तरह की अटकलें लगाई जा रहीं हैं। कई सयाने इसे पाखंड और सरकार का वोट बटोरने का अनुष्ठान बताने में जुट गए हैं। उनका आरोप है कि पाखंडी बाबाओं की तरह पंडित प्रदीप मिश्रा भी जनता को बरगला रहे हैं। वे कहते हैं कि रुद्राक्ष का पानी पीने से कैंसर जैसे रोग भी ठीक हो जाते हैं। इस तरह के कई आरोप कथावाचक पर चिपकाने का प्रयास किया जा रहा है। कहा जा रहा है कि वे सरकार के लिए वोटों की खेती कर रहे हैं इसलिए भाजपा सरकार उनके आयोजन को बढ़ावा दे रही है। सरकार से वेतन और सुविधाएं प्राप्त करने वाले कथित सुधारवादी इसके लिए आयोजक और शासन को कटघरे में खड़ा करने का बचकाना प्रयास कर रहे हैं। इसके विपरीत लोगों की आस्थाएं परवान चढ़ती जा रही हैं। दूसरे दिन भी श्रद्धालुओं का सीहोर पहुंचना जारी रहा है। प्रशासन ने भोपाल इंदौर हाईवे खुलवा दिया है लेकिन कोसने वाले कई तरह की अफवाहें फैला रहे हैं। आयोजन में पहुंचे बीस लाख लोगों में से दो महिलाओं और एक बच्चे ने अपने स्वास्थ्य कारणों से दम तोड़ दिया तो कुछ लोगों ने ये कहना चालू कर दिया कि अव्यवस्था की वजह से इन लोगों का निधन हुआ है। जबकि हकीकत ये है कि आयोजकों ने लाखों लोगों के भोजन की व्यवस्थाएं की हैं। भीड़ की वजह से पानी के टैंकर नहीं पहुंच पा रहे हैं तो आसपास के नलकूपों से पाईप डलवाकर पानी पहुंचाया जा रहा है।इस तरह के कई उपाय किए जा रहे हैं कि दूरदराज से और अन्य प्रांतों से आने वाले लोगों को भी कोई परेशानी न हो। ये लोग मध्यप्रदेश के वोटर नहीं हैं।कथा सुनने के लिए पहुंचने वाले सभी श्रद्धालु भाजपाई कार्यकर्ता नहीं हैं। कुछ तो कट्टर कांग्रेसी भी हैं। इसके बावजूद ये सभी सनातन धर्म की उस धारा में स्नान करने पहुंच रहे हैं जो सबके सुखी और स्वस्थ होने की कामना करती है। कुबेर को यक्षों का राजा माना जाता है। वे स्थायी धन के देवता भी हैं। लक्ष्मी जहां चंचला होती है वहीं कुबेर स्थायी संपदा के प्रतीक हैं। पंडित प्रदीप मिश्रा अपनी कथाओं में जिस नजरिए से सनातन धर्म को समझाने का प्रयास करते हैं उनसे लोग धर्म को आज के संदर्भ में समझ पा रहे हैं। यही वजह है कि लोग अपने अपने इंतजाम करके अपने वाहनों से सीहोर पहुंच रहे हैं पर ये सभी सुविधाएं सभी के पास नहीं हैं । ऐसे में लोग ट्रेनों और बसों से भी कुबेरेश्वर धाम पहुंच रहे हैं। इस सफल आयोजन से किनके पेट में दर्द हो रहा है और क्यों ये जानकर असली षड़यंत्रकारियों की पहचान करना सरल हो जाता है।

    पंडित प्रदीप मिश्राःसनातन को सरल बनाकर किया पाखंडियों को बेनकाब

    दरअसल पंडित प्रदीप मिश्रा सनातन को सरल भाषा में समझा रहे हैं वे कह रहे हैं कि ईश्वर के प्रति आस्था प्रकट करने के लिए आपको ढपोरशंखियों के जंजाल में उलझने की जरूरत नहीं हैं। आप अपने घर में भी भोले का अभिषेक कर सकते हैं।इससे खासतौर पर वे पंडित और नकली ब्राह्मण खासे नाराज हैं जो अपने जजमानों की जेब से चढ़ावा निकलवाने के लिए ऊटपटांग उपाय सुझाते रहते हैं। ऐसे लोग  वास्तव में सनातन को भौतिकवादी पाखंडों में घसीट रहे हैं। ऐसे में पंडित प्रदीप मिश्रा का मार्गदर्शन उन्हें सनातन की महिमा समझने का अवसर दे रहा है। गुरु और शिष्यों के बीच का ये प्रेम अद्भुत है। वे गुरु कथाओं में अपने आसपास के उदाहरणों से लोगों को पाखंड के दलदल से बाहर निकाल रहे हैं। संघ और भाजपा ने जबसे सनातन और हिंदुत्व की चमचमाती आभा को पाखंड के पर्दे से बाहर लाने का अभियान चलाया है तबसे सुधारवादी कथावाचक और साधु संतों को सनातन के प्रति खोया सम्मान जगाने में सरलता होने लगी है। परेशानी तो उन पाखंडियों को हो रही है जिन्होंने भोली भाली जनता को जातियों में बांटकर वैमनस्य की खेती की है। धर्म की दीवारें खींचकर उन्हें एक दूसरे के विरुद्ध बरगलाया है। समाज को बड़ी संख्या में मनोवैज्ञानिकों की जरूरत है जो लोगों का मार्गदर्शन कर सकें। ऐसे में पंडित प्रदीप मिश्रा जैसे कथावाचक दीपक बनकर लोगों का मार्ग निष्कंटक बना रहे हैं। कुबेरेश्वर धाम में बंटने वाले रुद्राक्षों के प्रति लोगों का अनुराग देखकर आयोजकों ने अब साल भर रुद्राक्ष बांटने की व्यवस्था कर दी है। जाहिर है इससे रुद्राक्ष पाने के लिए भगदड़ की कोई जरूरत नहीं रह गई है। हर श्रद्धालु को रुद्राक्ष मिलेगा और कथाओं से निकला ज्ञान पुंज उनके जीवन में स्थायी सुख समृद्धि और स्वास्थ्य का श्रीगणेश करेगा।

  • गद्दार दोस्त मोहम्मद के जाल से मुक्त हुआ जगदीशपुर

    गद्दार दोस्त मोहम्मद के जाल से मुक्त हुआ जगदीशपुर

    भोपाल,14 फरवरी(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि 308 वर्ष बाद जगदीशपुर को खोई हुई पहचान मिल रही है। इस्लामनगर अब जगदीशपुर के नाम से जाना जाएगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान जगदीशपुर के चमन महल में गौरव दिवस कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने 26 करोड़ 71 लाख 86 हजार रूपए के कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। उन्होंने जगदीशपुर नामकरण शिला का अनावरण भी किया।

    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि ऐतिहासिक दृष्टि से जगदीशपुर देवड़ा राजपूतों का गढ़ था। दोस्त मोहम्मद खान ने जगदीशपुर पर अधिकार कर इसका नाम इस्लामनगर रख दिया। पर्यटन स्थल जगदीशपुर में गोंड महल, रानी महल एवं चमन महल प्रमुख हैं। सांसद सुश्री साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर, विधायक श्री विष्णु खत्री, अध्यक्ष एमपी स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कार्पोरेशन श्री शैतान सिंह पाल और श्री केदार सिंह मण्डलोई उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि आज हम सबका मन आनंद और प्रसन्नता से भरा हुआ है। अफगानी ने 308 साल पहले अन्याय और बर्बरता की थी। उसने धोखा दिया था। जगदीशपुर राजपूतों ने बसाया था। यहाँ के शासक नरसिंह देवड़ा थे। जगदीशपुर का किला अपनी वास्तु-कला के लिए जाना जाता है। दोस्त मोहम्मद खान ने राजा नरसिंह देवड़ा को निमंत्रण दिया था और भोजन करते समय हत्या कर दी गई। रानियों ने जल जौहर कर लिया था। आजादी के 75 साल बाद आज हम फिर से जगदीशपुर नाम कर पाए हैं।

    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि असंभव को संभव करने का कार्य प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और वर्तमान सरकार कर रही है। पुराने और गौरवशाली नामों को पुर्नस्थापित किया जाना चाहिए। इतिहास की घटनाओं को ध्यान में रखकर नाम बदलने का क्रम चल रहा है। हबीबगंज रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर रानी कमलापति किया गया है। ऐसे कई नामों को बदला जाएगा। जगदीशपुर का वैभव पुन: स्थापित किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिए कि गाँवों का मास्टर प्लान बनाया जाए। जगदीशपुर ऐसा गाँव बने कि लोग देखते रह जाये। उन्होंने कहा कि यहाँ राजाओं का स्मारक बनाया जाएगा।

    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि विकास यात्रा से विकास की नई गंगा बह रही है। उन्होंने कहा कि बेटी को वरदान बनाने के लिए लाड़ली लक्ष्मी योजना बनाई गई। अब तक प्रदेश में 44 लाख लाड़ली लक्ष्मी हो चुकी हैं। इसी तरह मेधावी विद्यार्थी योजना बनाई गई। अब बहनों को सशक्त बनाने के लिए लाड़ली बहना योजना बनाई गई है। इस योजना में गरीब बहनों के खातों में एक-एक हजार रूपए की राशि हर माह दी जाएगी। उन्होंने कहा कि किसानों को प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की ओर से सम्मान निधि दी जा रही है।

    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि एक के बाद एक योजना बन रही है। जनता की जिंदगी बदलने की कोशिश है। वृद्धावस्था पेंशन राशि 600 से बढ़ा कर 1000 रूपये कर दी जाएगी। आगामी 5 मार्च से मुख्यमंत्री बहना योजना के गाँव-गाँव में शिविर लगा कर कार्य कराए जाएंगे। जून माह से पैसा आना शुरू हो जाएगा। जनता की जिंदगी बदलने का अभियान है। उन्होंने कहा कि हम परिवार की भाँति ध्यान रखने की कोशिश कर रहे हैं। सबका मंगल और कल्याण हो। सब सुखी हों। मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों में जनता का सहयोग भी मांगा।

    सांसद सुश्री प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने कहा कि जगदीशपुर का जन-जन चाहता था कि इस्लामनगर का नाम पुन: जगदीशपुर हो जाए। उन्होंने कहा कि जब हम परतंत्र थे तब इसका नाम इस्लामनगर था। जगदीशपुर का अपना एक इतिहास है। इसी को ध्यान में रख कर पुन: जगदीशपुर नामकरण किया गया है। जगदीशपुर अपने पुराने वैभव में लौटा है। केन्द्र और प्रदेश सरकार द्वारा विकास के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। सांसद सुश्री ठाकुर ने गाँव में भगवान जगदीश का भव्य मंदिर निर्माण कराने का सुझाव रखा।

    बैरसिया विधायक श्री विष्णु खत्री ने स्वागत उद्बोधन देते हुए कहा कि आज जगदीशपुर में गौरव दिवस मनाने का अवसर मिला है। यह ऐतिहासिक क्षण है। उन्होंने कहा कि 308 वर्ष बाद यह क्षण देखने को मिला है। जब इस्लामनगर का नाम बदल कर पुन: जगदीशपुर कर दिया गया है। मुख्यमंत्री श्री चौहान की सक्रियता से यह संभव हो पाया है। उन्होंने कहा कि जगदीशपुर को आदर्श पंचायत बनाने के लिए विकास कार्यों की कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। सामाजिक सरोकार और जन-भागीदारी से कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा। श्री खत्री ने बाणगंगा के किनारे बलिदानी राजाओं का स्मारक बनाने की मांग रखी।

    प्रारंभ में मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मंच पर पहुँच कर साधु-संतों का शाल-श्रीफल से स्वागत और कन्या-पूजन किया। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। वंदे-मातरम का गायन हुआ। ग्रामीणों ने साफा पहना कर अतिथियों का स्वागत किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने लाम्बाखेड़ा से जगदीशपुर मार्ग, भदभदा से निपानिया जाट मार्ग मजबूतीकरण, लाम्बाखेड़ा से निपालिया बाजखां मार्ग और ईंटखेड़ी से अचारपुरा मार्ग के चौड़ीकरण, 33:11 केव्ही विद्युत उपकेन्द्र परेवाखेड़ा, ईंटखेड़ी एमआरएफ सेंटर, स्वच्छता परिसर ग्राम पंचायत अचारपुरा, गोलखेड़ी, जगदीशपुर, ईंटखेड़ी सड़क सहित अनेक विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। कार्यक्रम में जन-प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद रहे।