भोपाल,28 नवंबर(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। मध्यप्रदेश फार्मेसी काऊंसिल के कार्यालय में आज उस समय अफरातफरी मच गई जब इंदौर से आए एक कथित फार्मासिस्ट ने अपना पंजीयन कराने का दबाव बनाने के लिए वहां पदस्थ गार्ड का सिर फोड़ दिया। उसने रजिस्ट्रार और कर्मचारियों को भी धमकाया और गाली गलौच की। इसकी सूचना जब पुलिस को मिली तो पुलिस भी घटना स्थल पर पहुंच गई लेकिन तब तक अपना पंजीयन कराने आए कुछ लड़कों ने आरोपी को घसीटकर तबियत से धुन दिया। पुलिस ने गार्ड और आरोपी की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की है। सरकारी कार्य में अड़चन करने की शिकायत भी दर्ज की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार घटना आज पूर्वान्ह लगभग 11 बजे की है। खुद को इंदौर का फार्मेसी छात्र बताने वाला तुषार नाम का एक युवक वहां पदस्थ गार्ड से अंदर प्रवेश के लिए जिद कर रहा था। गार्ड ने उसे रोका तो उसने गार्ड से मारपीट शुरु कर दी। इससे गार्ड का सिर फट गया और उससे खून निकलने लगा। इसे देखकर वहां मौजूद छात्रों और कर्मचारियों ने भागते हुए इस आरोपी को पकड़ लिया और मन लगाकर धुन दिया। इस बीच पुलिस भी पहुंच गई और सूचना मिलते ही मध्यप्रदेश फार्मेसी काऊंसिल के अध्यक्ष संजय जैन भी पहुंच गए और उन्होंने बीच बचाव करके आरोपी को पुलिस के हवाले करवाया।
श्री जैन ने पुलिस को दी सूचना में कहा है कि काऊंसिल में आनलाईन पंजीयन का कार्य होता है। एमपी आनलाईन के फार्म को भरने और सभी दस्तावेज भरने पर जांच के बाद स्वतः ही पंजीयन हो जाता है। इसके लिए किसी को काऊंसिल के दफ्तर आने की जरूरत नहीं होती है। इसके बावजूद हर दिन लगभग पचास अभ्यर्थी अपना आवेदन जमा कराने के लिए काऊंसिल आते हैं। इसके लिए काऊंसिल ने गार्ड की व्यवस्था की है जो एक एक करके अभ्यर्थियों को अंदर जाने देता है। उन्होंने पंजीयन के इस कार्य में आवश्यक सुरक्षा बल उपलब्ध कराने की मांग की है।
गौरतलब है कि मध्यप्रदेश में फार्मासिस्टों के पंजीयन का कार्य लंबे समय से अव्यवस्था के दौर से गुजर रहा है। वर्तमान में काऊंसिल ने इस कार्य के लिए आनलाईन आवेदन जमा करने की व्यवस्था की है। इसके बावजूद कुछ अड़ीबाज फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पंजीयन कराने का प्रयास करते हैं। काऊंसिल ने मेडीकल स्टोरों के पंजीयन की प्रक्रिया में जीवन प्रमाण पत्र देने के निर्देश जारी किए हैं। इससे प्रदेश भर के वे मेडीकल संचालक नाराज हैं जिनके संचालक बरसों पहले ही स्वर्गवासी हो चुके हैं। इसके बावजूद उनके नाम पर फर्जी मेडीकल स्टोर चलाए जा रहे हैं। यही वजह है कि नए नियमों से नाराज फार्मासिस्ट काऊंसिल पर दवाब बनाने का प्रयास कर रहे हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पुलिस ने काऊंसिल के कर्मचारी गोपाल सिंह यादव की शिकायत पर आरोपी फार्मासिस्ट के विरुद्ध शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने की शिकायत दर्ज की है। गार्ड जितेन्द्र बैरागी की हालत खतरे से बाहर बताई गई है।


