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  • अब गांवों में जी राम जी से आएगी खुशहालीःप्रह्लाद पटेल

    अब गांवों में जी राम जी से आएगी खुशहालीःप्रह्लाद पटेल


    भोपाल, 19 दिसंबर(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री श्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने आज पत्रकारों को बताया कि भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय की पहल पर ‘विकसित भारत-रोज़गार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) विधेयक, 2025’ या VB-G RAM G (Viksit Bharat – Guarantee For Rozgar and Ajeevika Mission (Gramin)) के नाम से जो योजना शुरु की गई है वह बेरोजगारी दूर करने में मील का पत्थर साबित होगी।

    इसी तरह प्रधानमंत्री जनमन योजना अब दूर दराज की बस्तियों को भी मुख्य धारा से जोड़ने का कारगर उपाय बनने जा रही है। राजधानी के मिंटो हाल में आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने विभाग की दो वर्ष की उपलब्धियों से मीडिया को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्र के विकास के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ उल्लेखनीय उपलब्धियाँ अर्जित की है। मध्य प्रदेश में श्रमिकों के हित में भी अनेक उल्लेखनीय कार्य हुए हैं।भारत सरकार ने श्रमिकों को रोजगार दिलाने के लिए जो जी राम जी योजना लागू की है वह अब गांवों में खुशहाली लाने का प्रवेश द्वार साबित होगी।


    प्रसन्नता का विषय है कि भारत की संसद ने विकसित भारत-रोज़गार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) विधेयक, 2025 (विकसित भारत- जी राम जी विधेयक, 2025) को पारित किया है। यह विधेयक मनरेगा में व्यापक वैधानिक बदलाव का प्रतिनिधित्व करता है, जो ग्रामीण रोज़गार को विकसित भारत 2047 के दीर्घकालिक विजन के साथ संयोजित करेगा तथा जवाबदेही, बुनियादी ढांचे के परिणामों और आय सुरक्षा को सुदृढ़ करेगा।गांव के विकास के बिना प्रदेश और राष्ट्र के विकास की कल्पना नहीं की जा सकती। हमारा सौभाग्य है कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री माननीय श्री नरेंद्र मोदी जी की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में ग्राम विकास है। उनकी भावनाओं को दृष्टिगत रखते हुए प्रदेश सरकार के मुखिया डॉक्टर मोहन यादव जी के नेतृत्व में हमारी सरकार ग्रामीण क्षेत्र के विकास हेतु सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ कार्य कर रही है। यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम विभाग का उत्तरदायित्व मिला है। हमारी सरकार ने विगत दो वर्षों में जो कार्य किए हैं उनकी जानकारी इस प्रकार है :-
    विशेष उल्लेखनीय बिंदु
    तीनों स्तर की पंचायतों के कार्यालय भवनों हेतु स्वीकृतियां प्रदान कीं तथा उनकी डिजाइन में परिवर्तन भी किया ताकि भविष्य में उनके ऊपरी मंजिलों का भी निर्माण किया जा सके।
    2472 अटल ग्राम सेवा सदनों (ग्राम पंचायत भवनों) के निर्माण हेतु 922.20 करोड़ की राशि स्वीकृत की।
    106 अटल सुशासन भवनों (जनपद पंचायत भवनों) के निर्माण हेतु 557.08 करोड़ की राशि स्वीकृत की।
    05 अटल जिला सुशासन भवनों (जिला पंचायत भवनों) के निर्माण हेतु 49.98 करोड़ की राशि स्वीकृत की।
    जीवनदायिनी माँ नर्मदा के परिक्रमा पथ को सुगम बनाना हमारी सरकार की प्राथमिकता में है। इस हेतु आश्रय स्थलों के निर्माण हेतु 231 स्थल चिन्हित किए गए हैं। इन स्थलों पर प्रथम चरण में पौधारोपण कार्य हेतु फेंसिंग के लिए 4.13 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। 19 स्थलों पर आश्रय स्थलों एवं यात्री प्रतिक्षालय के निर्माण हेतु 10.5 करोड रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। इन आश्रय स्थलों का निर्माण पर्यटन विकास विभाग के माध्यम से प्रारंभ भी हो चुका है।
    नदियों एवं जलवायु का संरक्षण हम सभी की सामूहिक चिंता का विषय है। मैंने प्रदेश की 106 नदियों के उद्गम स्थलों तक की यात्रा की है। हमारी सरकार इन उद्गम स्थलों को संरक्षित एवं संवर्धित करने का प्रयास कर रही है। हमने 89 नदियों के उद्गम स्थलों पर पौधरोपण कार्य हेतु फेंसिंग के लिए 2.92 करोड रुपए की राशि स्वीकृत की है।
    प्रदेश के पुराऐतिहासिक स्थलों का संरक्षण भी हमारी सरकार की प्राथमिकता में है। हमने तामिया एवं भीमबेटिका क्षेत्र के विकास हेतु मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम को 2 करोड रुपए की राशि स्वीकृत की है।
    प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में श्मशान घाटों को सुव्यवस्थित करने का निर्णय हमारी सरकार ने लिया है। इसके लिए दिसंबर, 2026 तक की समय सीमा भी तय की है। इस अवधि में सभी श्मशान घाटों को अतिक्रमण मुक्त करवाकर फेंसिंग उपरांत उनमें पौधरोपण करना तथा उन्हें मुख्य सड़क से एप्रोच रोड बनाकर जोड़ने का कार्य इस अवधि में किया जाएगा।
    प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में प्रदेश ने उल्लेखनीय कार्य किया है इसके प्रथम चरण में 72975 किलोमीटर लंबाई की 18948 सड़कों का निर्माण किया गया द्वितीय चरण में 4891 किलोमीटर की 373 सड़कों का निर्माण हुआ तथा तीसरे चरण में 11886 किलोमीटर की 984 सड़कों का निर्माण किया गया। विगत दो वर्षों में इन तीनों चरणों में 913 किलोमीटर लंबाई की सड़क तथा 305 फूलों का निर्माण किया गया है।
    आरसीपीएलडब्ल्यूईए अंतर्गत 18 अप्रैल 107 किलोमीटर लंबाई की सड़कों का निर्माण हुआ है।
    प्रधानमंत्री जनमन योजना अंतर्गत 1033 संपर्क विहीन बस्तियों हेतु 2218 किलोमीटर सड़क स्वीकृत की गई हैं।
    प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चौथे चरण हेतु 10602 बस हटे चिन्ह अंकित की गई है जिनके लिए 1849 किलोमीटर की स्वीकृति प्रक्रियाधीन है।
    रोजगार गांरटी योजना :-
    कार्यों के स्थल चयन हेतु वैज्ञानिक आधार पर करने हेतु SIPRI सॉफ्टवेयर विकसित
    जल गंगा संवर्धन अभियान 2025 में SIPRI सॉफ्टवेयर से समस्त कार्यों (जैसे खेत तालाब, कूप रिचार्ज, अमृत सरोवर इत्यादि) के उपयुक्त स्थल का चयन
    वर्ष 2025-26 में कुल स्वीकृत लेबर बजट (मानव दिवस) : 1500 लाख, कुल सृजित : 1404 लाख (94%)
    वर्ष 2024-25 में कुल स्वीकृत लेबर बजट (मानव दिवस) : 2000 लाख, कुल सृजित : 1897 लाख (95%)
    राष्ट्रीय स्तर पर वर्ष 2025-26 में अनुसूचित जनजाति परिवारों को रोजगार देने में मध्यप्रदेश प्रथम स्थान पर
    कैच द रेन अभियान (जल संचय, जन भागीदारी- अप्रैल 2024 से मई 2025) – देश में मध्यप्रदेश को चतुर्थ स्थान एवं खंडवा जिले को प्रथम पुरुस्कार प्राप्त
    एक बगिया माँ के नाम परियोजना अंतर्गत रु 750 करोड़ की लागत से 31,142 कार्य लिए गए।
    माँ नर्मदा परिक्रमा पथ पर चिन्हित आश्रय स्थल के में 138 परिसरों में पौधरोपण कार्य।
    जल गंगा संवर्धन अभियान 2025 अंतर्गत, रु 3000 करोड़ के कार्य लिए गए
    खेत तालाब – 86,360 लागत रु 2048 करोड़
    कूप रिचार्ज – 1,05,203 लागत रु 263 करोड़
    अमृत सरोवर – 536, लागत रु 138 करोड़
    पूर्व वर्षों के प्रगतिरत 24,358 कार्यों की पूर्णता
    जल गंगा संवर्धन अभियान 2024 अंतर्गत रु. 1368 करोड़ के 60,428 कार्य कराये गए।
    राज्‍य ग्रामीण आजीविका मिशन
    लखपति दीदी- Digital Ajeevika register के अनुसार SHG के ऐसे सदस्य जिनके परिवार की मासिक आय ₹10,000 या उससे अधिक है, की श्रेणी में 11,27,037 परिवार पिछले 2 वर्षों में बने।
    135 FPO का टर्नओवर ₹1,608 करोड़। (306 करोड़ रूपये की बढ़ोत्‍तरी)
    प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण
    कुल 11.72 लाख लक्ष्‍य में से 11.46 लाख आवास स्‍वीकृत देश में प्रथम स्‍थान
    PM-JANMAN
    लक्ष्‍य- 1.85 लाख
    स्‍वीकृत- 1.84 लाख
    पूर्ण- 1.29 लाख देश में प्रथम स्‍थान
    स्‍वच्‍छ भारत मिशन
    खुले में शौच मुक्ति के स्थायित्व हेतु 2,87,279 पारिवारिक व्यक्तिगत शौचालय (IHHL) एवं 1,417 सामुदायिक स्वच्छता परिसर का निर्माण।
    16,056 ग्रामों (अब तक कुल 99.35%) ग्राम ठोस अपशिष्ट प्रबंधित (SWM) घोषित।
    4,318 ग्रामों (अब तक कुल 99.46%) ग्राम तरल अपशिष्ट प्रबंधित (LWM) घोषित।
    गोबरधन योजना अंतर्गत 73 बायो गैस सयंत्रों का निर्माण ।
    नवाचार
    सभी ग्राम पंचायतो में CSC ई-गवर्नेंस सर्विस इंडिया लिमिटेड के माध्यम से गैर वित्तीय आधार पर अटल ई-सेवा केन्द्रों का संचालन। 30 नवम्बर तक 1084 पंचायतों में अटल ई-सेवा केंद्र प्रारंभ हो चुके है।
    मुख्यमंत्री वृन्दावन ग्राम योजना 2025 प्रकाशित हो चुकी है। ग्रामों के चयन की गतिविधियां अंतिम चरण में है।
    श्मशान घाटों का सुव्यवस्थित विकास 5वां राज्य वित्त आयोग की अनुदान राशि से किया जाना एवं इस हेतु इस वित्तीय वर्ष की द्वितीय किश्त जारी।
    23,011 ग्राम पंचायतों की वार्षिक कार्ययोजना तैयार करने हेतु प्लानर सॉफ्टवेयर विकसित किया गया है।
    विकेंद्रीकृत कौशल प्रशिक्षण – आदिवासी बाहुल्य /नक्सल प्रभावित जिलों में विशेषकर जनजाति समूहों की परंपरागत कला और ज्ञान को संरक्षित, प्रोत्साहित, और व्यवसायिक बनाने के उद्देश्य से कार्यक्रम प्रारंभ।
    नवाचार -स्वच्छता साथी Wash on Wheels सेवा
    ODF के निरंतरता के लिए मोबाइल ऐप द्वारा ऑनलाइन बुकिंग सेवा जिसके अंतर्गत घरेलू एवं संस्थागत शौचालयों की आधुनिक मशीनों एवं उपकरणों के माध्यम से साफ़-सफ़ाई
    प्रशिक्षित स्वच्छता साथियों के द्वारा दो-पहिया वाहन के माध्यम से त्वरित साफ़-सफ़ाई
    सम्मानजनक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराये जाने हेतु पूर्णत: व्यावसायिक मॉडल
    वर्तमान में प्रगति-
    37,499 ग्राम मैप
    1,577 क्लस्टर निर्माण पूर्ण
    1,484 स्वच्छता साथी का पोर्टल पर पंजीकरण पूर्ण
    आगामी 03 वर्षों की कार्य योजना
    नर्मदा परिक्रमा पथ पर चयनित स्‍थलों पर 20 से 25 कि.मी की पारस्‍परिक दूरी पर नर्मदा परिक्रमा करने वाले श्रध्‍दालुओं के लिये सर्वसुविधायुक्‍त आश्रय स्‍थल/यात्री प्रतीक्षालय का निर्माण।
    सभी पंचायत भवनों में अटल ई-सेवा केन्द्रों का संचालन सुनिश्चित किया जायेगा।
    पंचायत सचिवो एवं अन्य विभागीय रिक्त पदों पर भर्ती सुनिश्चित की जाएगी।
    प्रदेश के समस्त ग्रामीण क्षेत्र के श्मशान घाटों का सुव्यवस्थित विकास एवं निर्बाध पहुंच मार्ग सुनिश्चित किया जाना
    अर्ध शहरी एवं बड़ी ग्राम पंचायतो के व्यवस्थित्त विकास हेतु मध्य प्रदेश ग्राम पंचायत (कॉलोनी विकास) नियमों का युक्तियुक्तकरण करते हुए व्यवस्थित विकास कराया जायेगा|
    ग्रामीण क्षेत्रो में कॉलोनियो के रजिस्ट्रेशन एवं विकास इत्यादि की अनुमति केंद्रीकृत ऑनलाइन व्यवस्था तथा EWS हितग्राहियों संबंधी समस्त जानकारियों का पंचायत दर्पण पोर्टल पर प्रदर्शन|
    पंचायत दर्पण पोर्टल के माध्यम से पंचायतो का वित्तीय प्रबंधन सुनिश्चित करना|
    पंचायत दर्पण पोर्टल को वस्तु एवं सेवा कर (GST) के पोर्टल से इन्टीग्रेट कर अनिवार्य TDS कटोत्रा सुनिश्चित करना|
    पंचायतो की सशक्त करने के दृष्टिकोण से तकनीकी एवं प्रशासनिक स्वीकृतियां ऑनलाइन जारी किया जाना |
    मानव संसाधन के बेहतर एवं प्रभावी प्रबंधन हेतु HRMS पोर्टल का प्रभावी उपयोग।
    दोहरी संपर्कता हेतु प्रस्तावित मुख्यमंत्री सुगम संपर्कता परियोजना
    अधिकांश ग्रामीण क्षेत्रों को राष्‍ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना,मुख्‍य जिला सड़क, अन्‍य जिला सड़क इत्‍यादि से जोड़ा जा चुका है।
    कई स्‍थानों पर 02 ग्रामों/पंचायतों/मजरे-टोलों को एक-दूसरे से जोड़ने हेतु व संदीपनी विद्यालय तक संपर्कता की मांग, जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणजनों से प्राप्‍त होती है।
    दो गांव/पंचायत/मजरे-टोले को दोहरी संपर्कता उपलब्‍ध कराए जाने हेतु प्रदेश में मनरेगा अंतर्गत “मुख्‍यमंत्री सुगम सम्‍पर्कता परियोजना” लागू की जा रही है
    प्रदेश में लगभग रु. 1000 करोड़ के कार्य लिए जा सकेंगे (3 करोड़ प्रति जनपद पंचायत)
    कार्य स्थल चयन तथा DPR तैयार करने हेतु RIMS पोर्टल विकसित।
    3300 ग्राम पंचायतों में ग्राम रोजगार सहायक के रिक्त पदों पर नियुक्ति की कार्यवाही
    एक बगिया माँ के नाम अंतर्गत लिए गए 30,000 से अधिक कार्यों को पूर्ण करना तथा कार्बन क्रेडिट से जोड़ना ।
    किचिनशेड के निर्धारित राशि रू. 2.24 – 3.25 लाख में कुल 3000 किचिनशेड में मनरेगा कंवरजेंस से 10 लाख तक के उन्‍नत किचनशेड का निर्माण किया जाना प्रस्‍तावित है। माननीय मुख्‍यमंत्री जी से नामकरण हेतु अनुरोध है।
    पीएम पोषण पोर्टल, निरीक्षण, ऑडिट, AMS, MIS से संबंधित समस्‍त पोर्टल का एक डेशबोर्ड तैयार करना।
    शतप्रतिशत लक्षित शालाओं में नवीन बर्तनों की उपलब्‍धता सुनिश्चित करना।
    शाजापुर की तर्ज में आगामी वर्ष में प्रदेश के समस्‍त सांदीपनी शालाओं में SHG के माध्‍यम से मेकेनाईज्‍ड किचिन शेड का प्रशिक्षण दिया जा कर किचिन शेड का संचालन किया जाएगा।

  • अफसरशाही की गर्राहट

    अफसरशाही की गर्राहट


    आदिवासियों को कुत्ता कहकर उनकी औकात बताने वाले एसपी अरविंद तिवारी को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हड़बड़ाहट में हटा दिया है। झाबुआ के कलेक्टर सोमेश मिश्रा को भी हटाया गया है। उन पर आरोप था कि वे सरकारी योजनाओं की डिलीवरी नहीं कर पा रहे थे। पिछले विधानसभा चुनावों में आदिवासियों की नाराजगी से भाजपा अपनी सरकार खोने का दंश झेल चुकी है। इस बार भी भाजपा चिंतित है। यदि आदिवासियों के आक्रोश को न थामा गया तो उसे इस बार भी सरकार बनाना कठिन हो जाएगा। आदिवासी ही नहीं भाजपा के सबसे बड़े जनाधार पिछड़ा वर्ग की बेचैनी भी भाजपा के लिए चिंता का सबब बनी हुई है। पिछले चुनाव में ब्राह्रण मतदाताओं ने जिस तरह अपनी प्रतिष्ठा बचाने के लिए भाजपा से विद्रोह किया वह भी भाजपा के लिए भय की एक वजह बनी हुई है। यही कारण था कि भाजपा ने ब्राह्मण अफसरों ,नेताओं और ठेकेदारों को भरपूर लूट की छूट दी। अब भाजपा इस मुहाने पर आ गई है जहां सभी तबके उसे ब्लैकमेल कर रहे हैं। कमलनाथ कांग्रेस विद्रोह की इस खेती को करने में पूरी शिद्दत से जुटी हुई है।हालत ये है कि कमलनाथ राहुल गांधी की पदयात्रा और विधानसभा जैसे मौकों में भी उलझने से बच रहे हैं। भाजपा की स्थिति भई गति सांप छछूंदर जैसी हो गई है। तमाम हितग्राही मूलक योजनाएं बनाने और कांग्रेस से जनता की सहज नफरत के बावजूद भाजपा को चुनावी दौड़ में हांफी आ रही है।मध्यप्रदेश के शासकों की अकुशलता इसकी सबसे बड़ी वजह रही है।शिवराज सरकार को लगभग अठारह साल काम करने का मौका मिला। अथाह बहुमत ने उन्हें भरपूर आजादी दी। इसके बावजूद उनकी सरकार अब तक जनता की कसौटी पर खरी नहीं उतर पाई है। दिग्विजय सिंह की भ्रष्ट सरकार 2003 में सत्ताच्युत हुई थी। उन्होंने पंचायती राज के माध्यम से सत्ता के समानांतर तंत्र खड़ा करने का असफल प्रयास किया था। वह प्रयास बुरी तरह औंधे मुंह गिरा। इसकी पृष्ठभूमि में पंचायतों और प्रतिनिधियों का भ्रष्टाचार प्रमुख वजह रही थी। अफसरशाही को उन्होंने जिस तरह गली का कुत्ता बनाया उससे अफसरशाही ने भाजपा के प्रतिनिधि बनकर उमा भारती की सरकार को रिकार्डतोड़ सफलता दिलाई थी। उमा भारती ने तो अफसरशाही को उत्पादकता के लिए कसा लेकिन उनके बाद बाबूलाल गौर और फिर शिवराज दोनों ने अफसरशाही के इस अहसानों के बदले में सत्ता की बागडोर उसे ही थमा दी। शुरु से भाजपा के नेता और मंत्री बोलते रहे हैं कि अफसर उनकी नहीं सुनते। वे जो प्रस्ताव अफसरों के पास बनाकर देते हैं उन्हें वे रद्दी की टोकरी में फेंक देते हैं। भाजपा के नेताओं का ये दर्द सही था और आज भी बरकरार है। अफसरशाही ने शिवराज के कार्यकाल में जो मलाई कूटी है उसे अफसरों पर पड़े छापों और रंगे हाथों पकड़े गए अफसरों की संख्या देखकर आसानी से समझा जा सकता है। भाजपा ने खुद अफसरशाही की गोदी में बैठकर हितग्राही मूलक योजनाओं का भरपूर लाभ उठाया है। अपने कार्यकर्ताओं को दोनों हाथों में लड्डू थमाए। संघ के नाम पर तो चिरकुटों तक ने सरकारी खजाने को मनचाहे ढंग से उलीचा। अफसरशाही और भाजपा की इस लूट में जनता उपेक्षित होती रही। यदा कदा जनता के बीच भी योजनाओं का लाभ पहुंचा जिससे असंतोष अब तक हिंसक विद्रोह का रूप नहीं ले सका है।लोगों को अब भी लगता है कि शायद कभी उनकी भी लाटरी लग जाए, जो अब संभव नहीं है। कमलनाथ इसी असंतोष को उभारने का जतन कर रहे हैं। दिल्ली के बाद पंजाब में आप पार्टी ने भाजपा की धन बटोरने वाली शैली को मुफ्त बिजली के वादे से धराशायी किया है। राहुल गांधी भी अपनी यात्रा में भाजपा को अडानी अंबानी की सरकार कह रहे हैं।कांग्रेस वैसे भी पूंजीपतियों को शैतान बताकर उन पर कंकर फेंककर तालियां बजवाती रही है। कांग्रेस का ये पुराना तरीका उसे एक बार फिर जीवन दे रहा है। भाजपा के नेतागण असहाय हैं वे अपने लिए धन जुटाने वाले अफसरों उद्योगपतियों और ठेकेदारों पर आखिर कैसे प्रहार कर सकते हैं। झाबुआ के कलेक्टर एसपी को हटाकर शिवराज सिंह ने आदिवासियों को खुश करने का फौरी प्रयास किया है। भाजपा के मुख्यमंत्री जिनमें शिवराज सिंह चौहान सबसे अव्वल हैं वे चोरी छिपे मोदी सरकार की नीतियों को जन असंतोष की वजह बताते रहे हैं। ये बात बहुत हद तक सही भी है। मोदी सरकार ने टैक्स वसूलने और सब्सिडी बंद करने में जो तेजी दिखाई है उससे जनता में असंतोष फैला है। इसके बावजूद शिवराज सिंह चौहान और अन्य राज्यों की सरकारें जनता को इन बदली परिस्थितियों के बीच जिंदा रहने की कला नहीं सिखा पाई हैं। कांग्रेस की मुफ्तखोरी वाली राजनीति को बंद कभी न कभी तो होना ही था लेकिन भाजपा ने अधूरे प्रहार किए हैं। वह न तो मुफ्तखोरी की नीतियां पूरी तरह बंद कर पाई है और न ही जनता को धन बनाने की कला सिखा पाई है। जाहिर है इससे असंतोष बढ़ रहा है। उस पर झाबुआ एसपी अरविंद तिवारी की नशे में धुत्त बदतमीजी और प्रशासनिक अकुशलता की वजह से कलेक्टर सोमेश मिश्र ने आदिवासियों के असंतोष को हवा दे दी है। जाहिर है मुख्यमंत्री ने मजबूरी में उन्हें हटाया है। सोमेश मिश्र ने कलेक्टरी से पहले आयुष्मान मिशन के सीईओ की जवाबदारी संभाली थी। कलेक्टरी भी उन्हें इनाम के तौर पर मिली थी। जब भाजपा की शिवराज सरकार अफसरों की मैदानी पोस्टिंग उपकृत करने के अंदाज में करती रही है तो फिर अफसर मैदान में जाकर अपना करिश्मा आखिर क्यों न दिखाएंगे। जाहिर है मध्यप्रदेश में भाजपा की सरकार को अपने किए कर्मों का फल मिलना शुरु हो गया है। भाजपा की अकुशलता कांग्रेस के लिए भाग्य से छींका टूटने वाली साबित हो रही है। पिछले चुनाव में भी कांग्रेस के भाग्य से छींका टूटा था उसने सत्ता में आकर यही लूट का दौर चलाया था। अब यदि जनता भाजपा से नाराज होती है तो उसे एक बार फिर कमलनाथ जैसा नागनाथ सौगात में मिलेगा।अफसरशाही तो मदमस्त है ही।

  • पंचायत चुनाव नहीं कराए तो आंदोलन करेगी कांग्रेस,कमलनाथ ने धमकाया

    पंचायत चुनाव नहीं कराए तो आंदोलन करेगी कांग्रेस,कमलनाथ ने धमकाया

    भोपाल,10 जनवरी(प्रेस इँफार्मेशन सेंटर)। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रदेश की शिवराज सिंह चौहान सरकार को चेतावनी देकर कहा है कि सरकार दो महीने के अंदर परिसीमन, रोटेशन और ओबीसी आरक्षण के साथ पंचायत चुनाव कराए, नहीं तो कांग्रेस आंदोलन करेगी।
    सोमवार को भोपाल में मीडियाकर्मियों से बातचीत में कमलनाथ ने बीजेपी को ओबीसी विरोधी बताया।

    उन्होंने कहा कि सरकार की ओबीसी और आरक्षण विरोधी नीति के कारण प्रदेश में सात साल से पंचायत चुनाव नहीं हो पा रहे हैं। कुछ महीने पहले शिवराज सरकार इसके लिए अध्यादेश लेकर आई थी। उन्होंने अध्यादेश को काला कानून बताते हुए कहा कि इसमें न रोटेशन का पालन किया गया, न परिसीमन का और न आरक्षण का। इसी वजह से चुनाव रद्द हो गए। अगर सरकार दो महीने के भीतर परिसीमन, रोटेशन और ओबीसी आरक्षण के साथ ग्राम पंचायत चुनाव नहीं कराएगी तो कांग्रेस पार्टी जिला से लेकर ग्राम पंचायत स्तर तक आंदोलन करेगी ।


    कमलनाथ ने कहा कि शिवराज सिंह चौहान 15 साल से मुख्यमंत्री हैं, लेकिन कभी ओबीसी को 27% आरक्षण देने का प्रस्ताव सदन में नहीं रखा। पिछले दो साल से ओबीसी स्कॉलरशिप का 1210 करोड़ रुपये बकाया है। छात्र परेशान हैं, लेकिन सरकार को कोई चिंता नहीं है।


    हाल में हुई ओलावृष्टि के सवाल पर उन्होंने कहा कि सरकार को तत्काल किसानों को मुआवजा देना चाहिए। इस बारे में मुख्यमंत्री शिवराज की घोषणा को धूठा बताते हुए कमलनाथ ने कहा कि किसानों को हुए नुकसान का आकलन अब तक शुरू नहीं हुआ। फसल बीमा की राशि के भुगतान में हुई देरी के लिए भी उन्होंने बीजेपी सरकार को जिम्मेदार ठहराया।

  • ग्रेडिंग के आधार पर पुरस्कृत होंगी प्रदेश की पंचायतें

    ग्रेडिंग के आधार पर पुरस्कृत होंगी प्रदेश की पंचायतें

    भोपाल,10 जनवरी(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)।मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश की पंचायतों के कार्य की ग्रेडिंग की जायेगी तथा जो पंचायतें अच्छा कार्य कर रही हैं, उन्हें पुरस्कृत किया जायेगा। हर पंचायत की विकास योजना बनाई गई है, उस पर अमल कर ‘स्मार्ट विलेज’ बनाये जायेंगे।

    मुख्यमंत्री श्री चौहान आज मंत्रालय में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने विभाग द्वारा गाँव-गाँव में कचरा संग्रहण एवं परिवहन के लिये बनाये गये ‘मोबाइल एप’ का लोकार्पण भी किया।

    पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री रामखेलावन पटेल, मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, सीईओ मध्यप्रदेश डे राज्य आजीविका मिशन एल.एम. बेलवाल तथा संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में स्व-सहायता समूहों द्वारा 127 “दीदी कैफे” संचालित किये जा रहे हैं। ये स्वल्पाहार केन्द्रों के रूप में सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं। आने वाले समय में वल्लभ भवन, विंध्याचल, सतपुड़ा आदि स्थानों पर भी “दीदी कैफे” खोले जायेंगे।

    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में प्लास्टिक कचरा निपटान के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य हो रहा है। गाँव-गाँव से प्लास्टिक कचरा संग्रहण की व्यवस्था की गई है, जहाँ से प्लास्टिक कचरा संग्रहण केन्द्रों तक पहुँचेगा और वहीं से इसकी बिक्री होगी। प्रदेश में 28 प्लास्टिक संग्रहण केन्द्र खोले जा रहे हैं, जिनका संचालन स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा किया जायेगा। प्रदेश में लगभग 9 हजार किलोमीटर सड़कों के निर्माण में वेस्ट प्लास्टिक का उपयोग किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में 42 हजार से अधिक पुरानी जल-संरचनाओं के पुनउर्द्वार का कार्य प्रारंभ किया गया है। यह कार्य मनरेगा एवं अन्य योजनाओं से कराया जा रहा है। इससे बड़े क्षेत्र में सिंचाई, मछली-पालन, सिंघाड़ा उत्पादन आदि गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में समुदाय आधारित ग्रामीण पर्यटन में “होम-स्टे” योजना सफलता से संचालित की जा रही है। योजना के प्रति पर्यटकों में अच्छा उत्साह दिख रहा है। निवाड़ी जिले के लदपुरा ग्राम तथा पन्ना जिले के मदला ग्रामों में ‘होम-स्टे’ में बड़ी संख्या में पर्यटक रुक रहे हैं। योजना की सफलता के लिये मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सभी संबंधितों को बधाई दी गई।

    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि हर गाँव के इतिहास, गौरव, पहचान, संस्कृति, महापुरुषों आदि को पुन: स्थापित करने के लिये सरकार द्वारा निर्णय लिया गया है कि प्रत्येक गाँव में हर वर्ष “ग्राम स्थापना दिवस” मनाया जायेगा। उन्होंने आगामी अप्रैल माह से इस संबंध में कार्यवाही के निर्देश दिये।

    हमारे उत्पाद “जैम” और “अमेजन” पर बिकें

    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिये कि प्रदेश में महिला स्व-सहायता समूहों एवं अन्य द्वारा तैयार किये गये उत्पाद जैम पोर्टल एवं अमेजन जैसे मार्केटिंग प्लेटफार्म पर बिकें, इसके लिये सघन प्रयास किये जायें।

    समूहों को ऋण स्वीकृति में प्रदेश देश में प्रथम

    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि स्व-सहायता समूहों को ऑनलाइन माध्यम से ऋण प्रकरण प्रस्तुत करने तथा ऋण स्वीकृति में मध्यप्रदेश देश में प्रथम रहा है। वर्ष 2021-22 में एक लाख 40 हजार 576 ऋण प्रकरण स्वीकृत किये गये। स्वीकृत प्रकरणों में ऋण वितरण की त्वरित कार्यवाही के लिये मुख्यमंत्री द्वारा निर्देश दिये।

    हर गाँव में हो ग्राम संगठन

    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिये कि राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन में हर गाँव में ग्राम संगठन बनें। वर्तमान में प्रदेश में 32 हजार 874 ग्राम संगठन हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सभी 45 हजार गाँवों में ग्राम संगठन बनाने के निर्देश दिये।

    74 प्रतिशत प्रधानमंत्री आवास पूर्ण

    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना में वर्ष 2024 तक सभी को आवास दिये जाने का लक्ष्य है। योजना में प्रदेश को 30 लाख 39 हजार आवास का लक्ष्य मिला है, जिसके विरुद्ध प्रदेश में 29 लाख 78 हजार (97.3 प्रतिशत) आवास स्वीकृत किये जा चुके हैं तथा 22 लाख 65 हजार (74 प्रतिशत) आवास पूर्ण किये जा चुके हैं। प्रमुख सचिव श्री उमाकांत उमराव ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास के हितग्राहियों को शासन की 36 प्रकार की योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। इनमें राशन प्रदाय, नल-बिजली कनेक्शन, गैस कनेक्शन, शिक्षा, स्वास्थ्य आदि योजनाएँ शामिल हैं।

    सभी गाँवों को ‘ओडीएफ-प्लस’ बनाना है

    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन में वर्ष 2024-25 तक प्रदेश के सभी गाँवों को ‘ओडीएफ-प्लस’ बनाना है। इसमें सभी घरों में शौचालय, 80 प्रतिशत घरों में कम्पोस्ट पिट, 80 प्रतिशत घरों में तरल अपशिष्ट प्रबंधन तथा सभी ग्रामों में प्लास्टिक अपशिष्ट संग्रहण एवं पृथकीकरण कार्य किये जाने हैं। प्रदेश के 1154 गाँव को अभी तक ‘ओडीएफ-प्लस’ बनाया जा चुका है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिये हैं कि इस बात का पूरा ध्यान रखा जाये कि नये बनने वाले घर बिना शौचालय के न हो।

    ग्राम सड़क निर्माण में प्रदेश देश में प्रथम

    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के क्रियान्वयन एवं गुणवत्तापूर्ण सड़कों के निर्माण में मध्यप्रदेश देश में शीर्ष पर है। योजना से प्रदेश की 17 हजार 541 बसाहटों को जोड़ा जाना था, जिसके विरुद्ध 17 हजार 506 (99.80 प्रतिशत) बसाहटों को सड़क से जोड़ा जा चुका है। प्रदेश के 250 एवं इससे अधिक जनसंख्या के जनजातीय ग्राम तथा 500 एवं अधिक जनसंख्या के अन्य सभी ग्राम प्रधानमंत्री सड़क से जुड़ गये हैं।

    मनरेगा के भुगतान में न हो विलंब

    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिये कि मनरेगा में कराये गये कार्यों के भुगतान में विलंब नहीं होना चाहिये। उन्होंने इस संबंध में केन्द्रीय मंत्री श्री गिरिराज सिंह से बातचीत कर लंबित भुगतान के लिये बजट की माँग की। केन्द्रीय मंत्री ने अश्वस्त कराया कि शीघ्र ही बजट दिया जायेगा।

    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मुख्यमंत्री भू-अधिकार योजना, पेसा अधिनियम के क्रियान्वयन, सॉलिड लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट, देवारण्य योजना के संचालन, पोषण-आहार संयंत्रों के हस्तांतरण आदि के संबंध में भी अधिकारियों को निर्देश दिये।