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  • राज्य की खेती अब सोलर ऊर्जा से होगी बोले मंत्री राकेश शुक्ल

    राज्य की खेती अब सोलर ऊर्जा से होगी बोले मंत्री राकेश शुक्ल


    नवीन और नवकरणीय ऊर्जा विभाग की उपब्धियों पर मंत्री राकेश शुक्ला ने प्रकाश डाला


    भोपाल23 दिसंबर(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। मध्यप्रदेश आज ऊर्जा सरप्लस राज्य बनकर सामने आया है। हमने ताप ऊर्जा, जल ऊर्जा, पन बिजली परियोजनाओं के साथ साथ सोलर बिजली बनाने में भी रिकार्ड सफलता पाई है। हमारा प्रयास है कि जल्दी ही राज्य की खेती की जरूरतें हम सोलर ऊर्जा से पूरी कर सकें। इसके लिए हमने इस साल पचास हजार किसानों को सब्सिडी आधारित सोलर पंप देने का फैसला किया है। लगभग चौदह हजार किसानों ने अपनी राशि भी जमा कर दी है ।जिन्हें सब्सिडी आधारित सोलर पंप और पूरा सैटअप दिया जा रहा है।


    विभागीय मंत्री राकेश शुक्ला के साथ ,प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव ऊर्जा श्री मनु श्रीवास्तव(आईएएस) और मध्य प्रदेश ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड (MPUVNL) के प्रबंध संचालक (MD) अमनवीर सिंह बैंस (Amanbir Singh Bains) भी इस अवसर पर उपस्थित थे।


    श्री बैंस ने बताया कि नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के अंतर्गत नवरत्न सीपीएसयू, सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एसईसीआई) ने सीपीएसयू योजना के अंतर्गत धार में 200 मेगावाट की सौर परियोजना तथा राज्य में 1000 मेगावाट क्षमता की बैटरी स्टोरेज परियोजना स्थापित करने के लिए मध्य प्रदेश सरकार के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। ये प्रोजेक्ट राज्य की गैर पारंपरिक ऊर्जा जरूरतें पूरी करने में मील का पत्थर साबित होगा।


    उल्लेखनीय है कि समझौता ज्ञापन पर शिवकुमार वी वेपाकोम्मा, निदेशक (विद्युत प्रणाली) एसईसीआई और मनु श्रीवास्तव, आईएएस, अतिरिक्त मुख्य सचिव (एनआरई) ने मध्य प्रदेश के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला और आर पी गुप्ता, आईएएस (सेवानिवृत्त) अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, एसईसीआई की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए थे।


    200 मेगावाट की सौर परियोजना 500 मेगावाट के उस समझौते का हिस्सा है जिसे 2023 में एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड (एमपीपीएमसीएल) के साथ 25 साल की अवधि के लिए निष्पादित किया गया था जिसके तहत एसईसीआई राज्य को बिजली की आपूर्ति करेगी। एसईसीआई ने मध्य प्रदेश राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार और विकास के लिए 2500 करोड़ रुपये का चरणबद्ध पूंजीगत व्यय प्रस्तावित किया है।

  • बिजली बेचकर आय बढ़ा सकेंगे किसानःराकेश शुक्ल

    बिजली बेचकर आय बढ़ा सकेंगे किसानःराकेश शुक्ल


    भोपाल, 23 अक्टूबर(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ल ने कहा है कि भारत सरकार की प्रधानमंत्री कुसुम योजना जल्दी ही किसानों को बिजली कारोबारी के रूप में भी सक्षम बनाने जा रही है। इस योजना के कार्यान्वयन को सफल बनाने के लिए सरकार सौर ऊर्जा का लागत व्यय घटाने पर ध्यान केन्द्रित कर रही है। आज हमारे पास प्रदेश की ही फैक्टरियों में बने सोलर पैनलऔर मोटर आदि सामान उपलब्ध है।इससे हम जल्दी ही सौर बिजली के माध्यम से ऊर्जा आत्मनिर्भरता का लक्ष्य हासिल कर लेंगे।


    राजधानी में आयोजित एक पत्रकार वार्ता में उन्होंने बताया कि हमारे प्रदेश में कुल सात हजार मेगावाट सौर बिजली का उत्पादन हो रहा है जिसे हम अन्य राज्यों को बेचकर अपनी आय बढ़ाने में सफल हुए हैं। बारह साल पहले हम केवल पांच सौ मेगावाट बिजली बनाते थे जो अब लगातार बढ़ती जा रही है। मुख्यमंत्री डाक्टर मोहन यादव ने सोलर बिजली का उत्पादन बढ़ाने में जो रुचि दिखाई है उससे हम जल्दी ही सोलर ऊर्जा उत्पादन के अग्रणी राज्यों में शामिल हो जाएंगे।जल्दी ही हम सोलर ऊर्जा संयंत्रों से बीस हजार मेगावाट तक बिजली बनाने लगेंगे।


    सरकार ने इस लक्ष्य की पूर्ति के लिए सागर और धार में तीन तीन सौ मेगावाट के सोलर पार्क बनाने के लिए मंजूरी प्रदान की है। रीवा जिले की गुढ़,ओंकारेश्वर और नीमच के अलावा मुरैना में भी सोलर बिजली संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं। चंबल के बीहड़ों में हम बिजली का उत्पादन करके लोगों को आत्मनिर्भर बना सकें इसके भी प्रयास किए जा रहे हैं। रीवा में स्थापित 750 मेगावाट क्षमता का सबसे बड़ा सोलर प्लांट राज्य की सफलता का उद्घोष कर रहा है। इस परियोजना का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कर कमलों से हुआ था।


    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कुसुम योजना से हम किसानों को अन्नदाता के साथ ऊर्जा दाता भी बना रहे हैं। ये दो मेगावाट की बिजली योजनाएं किसान अपनी ही जमीनों पर लगा सकेंगे। यहां उत्पादित बिजली पावर मैनेजमेंट कंपनी सवा तीन रुपए प्रति यूनिट की दर से खरीद रही है। कुसुम स परियोजना में उद्योगों के लिए सस्ती बिजली दिन के वक्त उपलब्ध कराने का कार्य किया जा रहा है। कुसुम ब योजना में किसानों को अपनी जमीन पर केवल बोर कराना होगा। सोलर पंप, पैनल और बैटरी आदि सभी सामान इस योजना में सरकार उपलब्ध कराएगी। ये सभी सामान अच्छी गुणवत्ता का होगा और किसान को अगले पच्चीस सालों तक बिजली के बिल से मुक्ति मिल जाएगी। सरकारी भवनों पर सोलर रूफटाप लगाए जा रहे हैं। रेस्को परियोजना के इन कार्यों से सरकारी भवनों का बिजली बिल घटाया जा रहा है।