भोपाल09 जनवरी(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 (Indian Evidence Act, 2023) और भारतीय न्याय संहिता, 2023 (Bharatiya Nyaya Sanhita – BNS),ने दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (CrPC) को और भी ज्यादा सटीक बना दिया है। इससे अपराधियों को दंड दिलाना सरल हुआ है। यही वजह है कि अपराध की रोकथाम में पुलिस की पहल कानून के लिए ज्यादा उपयोगी हो गई है।मध्यप्रदेश में अपराधियों को दंड दिलाने के मामलों को देखकर कानून की सटीकता आसानी से समझी जा सकती है। नव वर्ष मिलन समारोह में पत्रकारों से अनौपचारिक चर्चा करते हुए पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने कानून व्यवस्था के कई पहलुओं पर प्रकाश डाला।
श्री मकवाना ने कहा कि मध्यप्रदेश की पुलिस अपनी सामाजिक जिम्मेदारी के मानदंडों पर खरी साबित हुई है। हमने पुलिसिया अत्याचार को रोका है लेकिन अपराध पर लगाम लगाने में सफलता पाई है। अपनी लोकतांत्रिक जिम्मेदारियों के बीच राज्य की पुलिस आम जनता के ज्यादा करीब पहुंची है। समाज के बीच से ही पुलिस के अधिकारी आते हैं और अपने अपने नजरिए से अपराध की रोकथाम के नवाचार करते हैं।

उन्होंने बताया कि हमने जनता से लूटा गया माल वापस दिलाने में बड़ी कामयाबी पाई है। मोबाईल या वाहन चोरी की बरामदगी पहले की तुलना में ज्यादा सरल हुई है। नई पीढ़ी के पुलिस कर्मियों ने पुलिस की कई बुराईयां दूर की हैं। इसके बावजूद हमें अभी बहुत प्रयास करने हैं। हमने पुलिस सुधार का पूरा खाका बनाया है। हर पीढ़ी के नए अधिकारी आकर इसमें कुछ न कुछ सुधार करते जाते हैं। यही कड़ी हमें ज्यादा कारगर बना रही है। मैंने स्वयं अपने कार्यकाल में इस निरंतरता को बनाए रखने का प्रयास किया है। निश्चित तौर पर भविष्य में भी पुलिस की यही गरिमा बनी रहेगी।
