राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव:
भोपाल, 19 फरवरी(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। मध्यप्रदेश विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को सरकार की उपलब्धियों और आगामी प्राथमिकताओं का विस्तृत खाका प्रस्तुत किया। सदन में अपने संबोधन के दौरान उन्होंने विपक्ष के आरोपों का तीखा प्रतिवाद करते हुए कहा कि राज्यपाल का अभिभाषण सरकार की नीतियों और संकल्पों का दस्तावेज है, जिसे राजनीतिक पूर्वाग्रह से नहीं बल्कि सकारात्मक दृष्टि से देखा जाना चाहिए।
विधानसभा में बजट सत्र के दौरान राज्यपाल मंगूभाई पटेल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा चल रही थी। सत्ता पक्ष की ओर से प्रस्ताव रखे जाने के बाद विपक्ष ने विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने का प्रयास किया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कानून व्यवस्था, किसानों की समस्याओं, बेरोजगारी और पेयजल संकट जैसे विषय उठाते हुए कहा कि अभिभाषण में जमीनी हकीकत का समुचित उल्लेख नहीं है।
इन आरोपों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले एक वर्ष में बुनियादी ढांचे के विकास, निवेश आकर्षित करने, किसानों को राहत देने और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश को औद्योगिक निवेश के लिए आकर्षक राज्य बनाने के प्रयास जारी हैं और कई राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने निवेश की रुचि दिखाई है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि कृषि क्षेत्र में उत्पादन बढ़ा है और समर्थन मूल्य पर खरीद की प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाया गया है।
मुख्यमंत्री ने विपक्ष के हंगामे पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि लोकतंत्र में असहमति स्वाभाविक है, लेकिन राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान व्यवधान डालना परंपराओं के अनुरूप नहीं है। उन्होंने सदन की गरिमा बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि सरकार हर विषय पर चर्चा के लिए तैयार है और विपक्ष के सुझावों का स्वागत करती है।
चर्चा के दौरान सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। संसदीय कार्यमंत्री कैलाश विजयवर्गीय और नेता प्रतिपक्ष के बीच हुई बहस से सदन का माहौल कुछ देर के लिए गर्मा गया। हालांकि बाद में स्थिति सामान्य हुई और कार्यवाही आगे बढ़ी।
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में सामाजिक योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि महिलाओं, गरीबों और युवाओं के कल्याण के लिए चलाई जा रही योजनाओं का दायरा बढ़ाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में अधोसंरचना विकास, सड़क निर्माण, सिंचाई परियोजनाओं और शहरी सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में भी सुधार को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए उन्होंने कहा कि नए मेडिकल कॉलेजों और तकनीकी संस्थानों की स्थापना पर कार्य चल रहा है।
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण में प्रदेश के सर्वांगीण विकास की स्पष्ट रूपरेखा प्रस्तुत की गई है और सरकार उस पर प्रतिबद्धता के साथ अमल करेगी। उन्होंने विपक्ष से आग्रह किया कि वह रचनात्मक सहयोग दे ताकि मध्यप्रदेश को विकास के नए आयामों तक पहुंचाया जा सके।
सदन में धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा जारी है और आगामी दिनों में इस पर मतदान की संभावना है। बजट सत्र के दौरान विभिन्न विभागों की मांगों और नीतिगत मुद्दों पर भी व्यापक बहस होने की उम्मीद है।





