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  • पत्रकारों का स्वागत रहेगाःजनसंपर्क आयुक्त दीपक सक्सेना

    पत्रकारों का स्वागत रहेगाःजनसंपर्क आयुक्त दीपक सक्सेना

    भोपाल 22 सितंबर(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। सेंट्रल इंडिया प्रेस क्लब पब्लिक ट्रस्ट के आमंत्रण पर राजधानी के अरेरा क्लब में पधारे नए जनसंपर्क आयुक्त दीपक सक्सेना का कहना है कि वे मीडिया को मार्गदर्शक के रूप में सहयोगी मानते हैं। पिछले 32 सालों की नौकरी में उनका कभी पत्रकारों से टकराव नहीं हुआ। वे कहते हैं कि महत्वपूर्ण सुझाव देकर विभिन्न सामाजिक समस्याओं की गुत्थी सुलझाने वाले पत्रकारों का उनके कार्यकाल में हमेशा स्वागत रहेगा। इस ऐतिहासिक अवसर पर निवृत्तमान जनसंपर्क कमिश्नर सुदाम खाड़े को भी भावभीनी विदाई दी गई।
    डॉ. सुदाम खाड़े, जिनकी सहजता, सादगी और संवादप्रियता ने पत्रकारिता जगत के हृदय पर गहरी छाप छोड़ी है, ने अपने विदाई संबोधन में कहा- “पत्रकारिता और जनसंपर्क की डोर हमेशा अटूट रहनी चाहिए। यहाँ हर शब्द की जवाबदेही है। एक बार प्रकाशित हो जाने के बाद सुधार की कोई गुंजाइश नहीं रहती। यही इस विभाग की सबसे बड़ी चुनौती और सबसे बड़ी शक्ति भी है। मध्यप्रदेश का जनसंपर्क विभाग, केंद्र से प्रत्यक्ष जुड़ाव न होने के बावजूद, आज देशभर में नवाचार में अग्रणी स्थान पर है।”
    भावुक स्वर में उन्होंने आगे कहा – “मुझे आदत थी कि मैं प्रतिदिन सौ से अधिक लोगों से भेंट करता था। अब यह संभव नहीं होगा और निश्चय ही यह मुझे बहुत खलेगा।”वहीं, नवागत जनसंपर्क आयुक्त दीपक सक्सेना ने विश्वास का संदेश देते हुए कहा- “अपने 32 वर्ष के लंबे करियर में कभी किसी पत्रकार से टकराव की स्थिति नहीं बनी। आगे भी ऐसी स्थिति नहीं आएगी। मेरी आदत है कि हर कॉल उठाऊं और यदि छूट भी जाए तो अवश्य कॉल बैक करूं। मेरा प्रयास रहेगा कि सरकार और मीडिया के बीच विश्वास की डोर और अधिक सुदृढ़ हो। जब हम सब एक दिशा में कार्य कर रहे हैं, तो कटुता की कोई संभावना नहीं है।”
    वरिष्ठ पत्रकार और पद्मश्री सम्मानित विजय दत्त श्रीधर ने इस अवसर पर सुझाव दिया कि फोटोजर्नलिस्टों के हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। साथ ही उन्होंने वरिष्ठ पत्रकारों की स्मृतियों और अनुभवों को संजोने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि यही अनुभव भविष्य की पत्रकारिता के लिए दिशा-प्रदर्शक सिद्ध होंगे।

    नए जनसंपर्क आयुक्त दीपक सक्सेना का कहना है कि समाज की गुत्थियां सुलझाने वाले पत्रकार राज्य की धरोहर हैं। सरकार के साथ वे भी समाज कल्याण का लक्ष्य लेकर चलते हैं इसलिए कोई टकराव की स्थिति नहीं बननी चाहिए।


    सेंट्रल इंडिया प्रेस क्लब के संस्थापक अध्यक्ष विजय दास ने कहा कि इस पत्रकार संघ ने अपने गठन से ही आंदोलन और नारेबाज़ी से दूरी बनाए रखते हुए संवाद, विमर्श और रचनात्मक गतिविधियों को अपनी पहचान बनाया है। मीडिया संवाद श्रृंखलाएँ, कार्यशालाएँ, पुस्तक विमोचन, स्वास्थ्य शिविर और सामाजिक सरोकार- इन सबने इसे वरिष्ठ और युवा पीढ़ी के बीच एक सेतु के रूप में स्थापित किया है।
    कार्यक्रम में डॉ. सुदामा खाड़े को शाल-श्रीफल, पौधा और स्मृति-चिह्न भेंट कर भावभीनी विदाई दी गई। वहीं श्री दीपक सक्सेना का उसी आत्मीयता और विश्वास के साथ स्वागत किया गया।इस अवसर पर क्लब के सचिव सचिन चौधरी ने अपनी पुस्तक “बागेश्वर धाम सरकार” अतिथियों को भेंट की।
    कार्यक्रम में क्लब के राष्ट्रीय संस्थापक अध्यक्ष विजय कुमार दास , प्रदेश अध्यक्ष गोविन्द गुर्जर , राष्ट्रीय समन्वयक राजेश भाटिया , महासचिव अक्षत शर्मा संस्थापक समन्वयक सरमन नगेले , पूर्व महासचिव मृग्रेन्द्र सिंह ,भोपाल जिलाध्यक्ष कन्हैया लोधी , ट्रस्टी के डी शर्मा , वीरेंद्र सिन्हा एवं क्लब के समस्त पदाधिकारी, पत्रकारगण,जनसम्पर्क अधिकारी उपस्थित थे।
    कार्यक्रम में संदेश स्पष्ट था कि पत्रकारिता और जनसंपर्क की साझेदारी केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि संवाद, विश्वास और सहयोग की जीवंत परंपरा है। यही भरोसा आने वाले कल की पत्रकारिता को नई दिशा और नई ऊर्जा प्रदान करेगा।