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  • चुनाव नहीं हुए पर सहकारी आंदोलन सफल,विश्वास सारंग का दावा

    चुनाव नहीं हुए पर सहकारी आंदोलन सफल,विश्वास सारंग का दावा

    भोपाल,24 दिसंबर(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। सहकारी पैक्स समितियों तक के चुनाव न कराए जाने से सहकारिता आंदोलन में आम किसानों की सहभागिता समाप्त हो गई है। इसके बावजूद राज्य के सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग का दावा है कि सहकारी आंदोलन सफल हो रहा है।राजधानी के अपेक्स बैंक सभागार में पहले तो उन्होंने खेलों में पदक जीतने वाले युवाओं की सफलता को अपनी कुशलता बताया बाद में सहकारिता के क्षेत्र में केन्द्रीय सहयोग का हवाला देकर अपनी पीठ थपथपाई।


    सरकार के दो साल पूरे होने पर शाबासी लेने पहुंचे मंत्री से जब पूछा गया कि धारा 11 के मापदंडों के अनुसार बैंक पूंजी विहीन हो गए हैं इस पर सरकार क्या कर रही है तो उन्होंने कहा कि हमने बैंकों को पूंजी मुहैया कराई है । उन्होंने कहा कि संस्थाओं के चुनाव कानूनी तौर पर करा लिये जाते हैं इससे हमें कामकाज चलाने लायक वैधानिक अधिकार मिल जाते हैं। सहकारी समितियों ने किसानों को कर्ज भी मुहैया कराया है और वसूली की बिगड़ी चाल भी सुधारी है। उन्होंने कहा कि भविष्य में हम किसानों को घर घर खाद पहुंचाने की व्यवस्था कर रहे हैं जो देश में अनूठी मिसाल के रूप में गिनी जाएगी।


    कंपनी के तौर पर चलाई जा रही सहकारी योजनाओं के आरोप से असहमति जताते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डबल इंजन सरकार की परिकल्पना जहाँ केंद्र और राज्य एक साझा लक्ष्य, साझा गति और साझा परिणाम के साथ काम करते हैं, आज मध्यप्रदेश में ज़मीन पर साकार रूप ले रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सक्षम नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने बीते दो वर्षों में सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियाँ हासिल की हैं।


    मंत्री श्री सारंग ने कहा कि प्रदेश के खिलाड़ी आज राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर पदक अर्जित कर देश और प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। वर्ष 2024 में पेरिस (फ्रांस) में आयोजित ओलम्पिक व पैरा ओलम्पिक 2024 में प्रदेश के खिलाड़ियों ने प्रतिभागिता कर पदक अर्जित किये। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर भी मध्यप्रदेश ने खेलों में निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। खेलो इंडिया यूथ गेम्स, तमिलनाडु में भी प्रदेश के खिलाड़ियों ने 29 पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। इसी प्रकार 38वें नेशनल गेम्स, उत्तराखण्ड में मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों ने 67 पदक अर्जित कर राज्यों में तीसरा स्थान प्राप्त किया।


    वर्ष 2024-25 की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मंत्री श्री सारंग ने बताया कि प्रदेश के खिलाड़ियों ने अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में कुल 57 पदक तथा राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में 391 पदक अर्जित किए। हॉकी एशिया कप 2025, 16वीं एशियन शूटिंग चैंपियनशिप कजाकिस्तान, खेलो इंडिया वाटर स्पोर्ट्स फेस्टिवल श्रीनगर एवं एशियन केनो स्लालम चैंपियनशिप चीन में मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर प्रदेश को शीर्ष राज्यों की श्रेणी में स्थापित किया है।


    मंत्री श्री सारंग ने कहा कि किसानों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने हेतु ऑनलाइन केसीसी आवेदन, एकीकृत साख सीमा तथा नकद-वस्तु ऋण की बाध्यता समाप्त करने जैसे सुधार प्रस्तावित हैं। सभी PACS में ई-PACS के माध्यम से ऑनलाइन सेवाएं और SMS सूचना अनिवार्य की जाएगी। उन्होने बताया कि कमजोर जिला सहकारी बैंकों को आर्थिक सहायता देकर 0% ब्याज पर फसल ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। डिफॉल्टर किसानों को मुख्यधारा में लाने हेतु एकमुश्त समझौता योजना तथा आर्थिक अनियमितताओं से प्रभावित किसानों को जांच अवधि में राहत देने की व्यवस्था हेतु न्याय योजना प्रस्तावित है।


    मंत्री श्री सारंग ने बताया कि राष्ट्रीय सहकारिता नीति 2025 के अनुरूप राज्य की सहकारिता नीति में आवश्यक संशोधन किए जाएंगे। जनवरी 2026 में IBPS के माध्यम से 2000 से अधिक पदों पर भर्ती एवं सतत प्रशिक्षण की योजना है। उन्होंने कहा कि CPPP मॉडल के विस्तार से सहकारिता में निजी निवेश और नवाचार को बढ़ावा दिया जाएगा। अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 अंतर्गत उत्कृष्ट संस्थाओं को पुरस्कृत किया जाएगा तथा जिला सहकारी बैंकों में NEFT/RTGS, QR कोड एवं इंटरनेट बैंकिंग जैसी आधुनिक तकनीकी सुविधाएं लागू की जाएंगी।

  • सहकारी आंदोलन को सार्थक करते मुकुंद राव भैंसारे

    सहकारी आंदोलन को सार्थक करते मुकुंद राव भैंसारे

    भोपाल,27जून( प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। सहकारिता का क्षेत्र भारत के विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका रखता है। विकास की दौड़ में आज सहकारिता अप्रासंगिक होता नजर आ रहा है, इसके बावजूद मध्य प्रदेश का एक छोटा सा अधिकारी आज सहकारिता को सामाजिक बदलाव की कडी बनाए हुए है। राजधानी भोपाल में जिस तरह से सहकारिता को बदलाव की भूमिका में देखा जा रहा है उसके लिए विभाग के एक डिप्टी ऑडिटर मुकुंद राव भैंसारे पर प्रशासन की भी निगाह है।प्रशासन ने उनके कार्य को पुरस्कृत किया है और सहकारिता के मॉडल के रूप में प्रस्तुत भी

              मुकुंदराव भैंसारे को मध्य प्रदेश का सहकारिता विभाग फायर ब्रिगेड की तरह इस्तेमाल करता है । जिस गृह समिति में गड़बड़ियों की शिकायत मिलती है उन्हें वहां प्रशासक के रूप में तैनात कर दिया जाता है । उन्होंने राजधानी के भारत नगर कि जिस तरह से कायापलट की उससे नगर निगम सहकारिता विभाग और प्रशासन का हर तबका अचंभित है ।श्री भैंसारे ने भारत नगर को ना केवल एक साफ-सुथरे मोहल्ले में तब्दील कर दिया है बल्कि उसे आत्मनिर्भर आर्थिक आजादी भी प्रदान की है।इसी के परिणामस्वरूप भारत नगर को स्वच्छता पुरुस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है।परिश्रम के इस पुरस्कार ने तीन बार समूचे सहकारिता विभाग की शान बढ़ाई है।

            स्वच्छता के मापदंडों पर खरा उतरने वाले भारत नगर को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने द्वितीय पुरस्कार से सम्मानित किया था। भोपाल नगर पालिक निगम क्षेत्र में अव्वल आने वाली ये एकमात्र रहवासी समिति है जिसका संचालन राज्य का सहकारिता विभाग कर रहा है। विभाग की ओर से नियुक्त तत्कालीन प्रशासक मुकुंद राव भैंसारे के आव्हान पर रहवासियों ने विभिन्न चरणों में सफल सामाजिक आयोजन किए थे।

     रोहित नगर के रहवासी लंबे समय से अपने प्लाट पर मकान बनाने के लिए निवर्तमान पूर्व अध्यक्ष घनश्याम सिंह राजपूत के घर के चक्कर काट रहे थे । उन्हें उनकी जमीन ही नहीं मिल रही थी ।समिति के 550 सदस्यों में से 330सदस्य अपना आशियाना आज भी तलाश रहे हैं।श्री भैसारे ने कार्यभार संभालने के बाद खाली पड़ी लगभग ढाई एकड़ जमीन पर प्लाट दर्शाने की कार्यवाही शुरू कर दी।उन्होंने चुनाव कराने की भी प्रक्रिया जारी रखी है। एक स्कूल संचालक जो इस जमीन पर कब्जा जमाना चाहता था उसने अपने राजनीतिक संबंधों का इस्तेमाल करके श्री भैंसारे को हटाने का षड्यंत्र रचा लेकिन उनके कुशल प्रशासन को देखकर आला अफसरों ने रोहित नगर की विकास यात्रा बदस्तूर जारी रखी। इस गृह निर्माण समिति के नागरिकों की दूसरी पीढ़ी अपने हक की लड़ाई लड़ रही है। सहकारिता विभाग के अफसर अपने सामाजिक उद्देश्यों को पूरा करने के लिए आज संकल्पित होकर खड़े हैं।मैदान में उनके बुलंद इरादों को साकार करने की जवाबदारी श्री भैंसारे कुशलता पूर्वक निभा रहे हैं,ये राहत की बात है।