Tag: #Budget

  • विधानसभा ने पारित किया साढ़े तेरह हजार करोड़ रुपयों का अनुपूरक बजट

    विधानसभा ने पारित किया साढ़े तेरह हजार करोड़ रुपयों का अनुपूरक बजट

    भोपाल 5 दिसंबर (प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा है कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के विकसित भारत के स्वप्न को विकसित मध्य प्रदेश बनाकर साकार करेंगे। हमारे प्रयास निरंतर जारी रहेंगे। विकसित भारत बनाना केवल एक मिशन नहीं हमारा धर्म भी है।

    मुख्यमंत्री डॉ.यादव शुक्रवार को मध्य प्रदेश विधानसभा के सत्र के समापन अवसर पर सदन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि विधानसभा प्रजातंत्र का मंदिर है।अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह तोमर जी ने कुशलता के साथ सदन का संचालन किया है, जो अभिनंदन है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सत्ता पक्ष और विपक्ष प्रजातंत्र की धुरी है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने नेता प्रतिपक्ष को भी धन्यवाद दिया कि उनके नेतृत्व में विपक्ष ने पूरे सत्र में सकारात्मक चर्चा की और अपने प्रश्नों एवं उद्बोधनों से लाभान्वित किया।

    द्वितीय अनुपूरक के संबंध में मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि 13,476.94 करोड़ का प्रावधान किया गया है जिसमें अनेक महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित होगी। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के लिए 4000 करोड़, उपार्जन संस्थाओं को ऋण देने के लिए 2000 करोड़, लाडली बहना योजना के लिए 1794 करोड़, पंचायत विभाग के अंतर्गत 15वें वित्त आयोग के दिए 1,633 करोड़ और उद्योग ,कृषि और अन्य महत्वपूर्ण विकास कार्यों के लिए सदन ने राशि स्वीकृत की है।

    अनूपूरक बजट की विशेषताएं

    · द्वितीय अनुपूरक अनुमान में कुल ₹ 13476.94 करोड़ का प्रावधान

    · विकास के लिए बजट की कोई कमी नहीं

    · जरूरतमंद को आवास देना प्रदेश सरकार की पहली प्राथमिकता

    · प्रधानमंत्री आवास योजना में 4000 करोड़ का प्रावधान. आगे और भी करने का प्लान

    · बहनों को आर्थिक रूप से और ज्यादा सक्षम बनाने के लिए मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना में 1794 करोड़ का प्रावधान

    · मध्य प्रदेश का परफॉर्मेंस देखते हुए 15वें वित्त आयोग का विशेष सहयोग

    · मूलभूत जन सुविधाओं के लिये स्थानीय निकायों को 1633 करोड़ का प्रावधान

    · मध्यप्रदेश पूंजीगत व्यय में सदैव अग्रणी

    · अधोसंरचना विकास के लिए बजट में कोई कमी नही

    · पूंजीगत मद में ₹ 5028.37 करोड़ का प्रावधान

    · मुख्य बजट 4 लाख 21 हजार 32 करोड़ रुपये का बजट था. यह अब तक का सबसे बड़ा बजट.

    · गरीब, महिला, किसान और युवा सभी वर्गों की बेहतरी के लिए सरकार आगे बढ़ रही है।

    मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि इन स्वीकृतियों से मध्य प्रदेश विकास के पथ पर तेज गति से अग्रसर होगा। इसके साथ ही एक महत्वपूर्ण विधेयक मध्य प्रदेश नगर पालिका संशोधन विधायक 2025 प्रस्तुत हुआ, जिसमें नगर पालिकाओं और नगर पंचायत में अध्यक्ष का निर्वाचन प्रत्यक्ष प्रणाली से करने का प्रावधान किया गया है। निश्चित रूप से इससे वर्तमान में निकायों में कार्य करने में आ रही समस्याओं में काफी कमी आएगी और ये निकाय स्वतंत्र रूप से ओर भी तेज गति से कार्य कर सकेंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ यादव ने पक्ष और विपक्ष दोनों के सदस्यों को धन्यवाद दिया जिसके कारण यह सत्र गरिमामय ढंग से संचालित हुआ। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश विधानसभा का स्वर्णिम इतिहास रहा है। इस सत्र से इसमें एक और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया है। प्रदेश की जनता की आकांक्षाओं के प्रति सदन में हम उपस्थित हैं और केवल निवेश की बात नहीं कर रहे ,मध्य प्रदेश के भाग्य और भविष्य की नींव रख रहे हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चरैवेति चरैवेति के मंत्र के अनुसार राज्य सरकार द्वारा जनकल्याण के लिए निरंतर कार्य करने के संकल्प को व्यक्त किया।

  • विधानसभा ने लगभग ढाई हजार करोड़ रुपए और मंजूर किए

    विधानसभा ने लगभग ढाई हजार करोड़ रुपए और मंजूर किए

    भोपाल, 30 जुलाई(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। मध्यप्रदेश विधानसभा में आज तीसरे दिन 2335.36 करोड़ रुपए का अनुपूरक बजट पारित किया गया । अनुपूरक बजट पर चर्चा के दौरान डिप्टी सीएम और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि सभी क्षेत्र में विकास के लिए पर्याप्त प्रावधान मूल बजट में भी किए गए हैं और जहां राशि की जरूरत पड़ी है वहां अनुपूरक बजट में व्यवस्था की जा रही है।


    नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा- ये कर्ज लेकर घी पीने वाली सरकार है। सरकार लगातार कर्ज ले रही है। सत्र का समय भी कम किया जा रहा है। जिससे जनता की बात नहीं हो पाती है। सिंघार ने कहा- मुख्यमंत्री के पास विदेश यात्रा के लिए बजट और समय दोनों है, लेकिन जनता के लिए न बजट है और न समय है।


    कांग्रेस विधायक ओमकार सिंह मरकाम ने आरोप लगाया कि ट्रांसफर के नाम पर वसूली की जा रही है। उन्होंने ये भी कहा कि सत्ताधारी दल के विधायकों को 15-15 करोड़ रुपए की राशि दी जा रही, जबकि विपक्षी विधायकों को विकास के लिए राशि नहीं दे रहे हैं।
    इससे पहले कांग्रेस विधायक लखन घनघोरिया ने कहा कि पहले सड़कें बनती थीं तो कम से कम एक बारिश में कोई दिक्कत नहीं होती थी। अब 40 दिन में सड़कें उखड़ रही हैं। जबलपुर की सड़कों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 56 करोड़ की सड़क इसी बारिश में बह गई। अधिकारी दिखावे की कार्रवाई करते हैं।


    सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले कांग्रेस के विधायकों ने पेसा कानून को सही तरीके से लागू न किए जाने के विरोध में प्रदर्शन किया। सरकार पर आदिवासियों को वन क्षेत्र से बेदखल किए जाने का आरोप लगाया। कांग्रेस विधायकों ने कपड़ों पर पेड़ों के पत्ते लपेटकर प्रदर्शन किया।
    इस पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा- मुझे लगता है कि जिन्होंने जीवन में कुछ नहीं किया उन्हें मूल्यांकन का भी अधिकार नहीं है। पेसा के मामले में जिस ढंग से काम हुआ है वह बेहतरीन है।


    उमंग सिंघार ने स्मार्ट मीटर पर सवाल उठाते हुए कहा कि उसकी स्पीड जेट की तरह है 200 का बिल देने वालों को 2000 देना पड़ रहा है।
    सिंघार ने विधायकों और पूर्व विधायकों के वेतन का मामला भी उठाया और कहा कि जो वेतन मिलता है, उसमें गुजारा होना मुश्किल होता है। विधायक निधि भी बढ़ाई जानी चाहिए।


    एमएसएमई पॉलिसी पर सवाल उठाते हुए सिंघार ने कहा कि बड़े उद्योगों को 1 रुपए में जमीन दी जाती है, लेकिन छोटे उद्योगों को 5 लाख, 10 लाख, 20 लाख रुपए में जमीन दी जाती है। ऐसे में छोटे उद्योग कहां लगेंगे। सभी योजनाओं में करप्शन भरा पड़ा है। योजनाओं में सोशल ऑडिट बहुत जरूरी है।


    आयुष्मान कार्ड की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए सिंघार ने कहा कि 131830 कार्ड धारक ने प्रदेश के बाहर इलाज कराया। यानी प्रदेश में डॉक्टर नहीं है, इसलिए बाहर जाना पड़ रहा है।


    राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने अति वृष्टि के कारण खराब हुई फसलों को लेकर कहा कि सभी कलेक्टरों को ये निर्देश दिए गए हैं कि जहां जितना भी नुकसान हुआ है, उसका सर्वे कर तत्काल जानकारी भेजें। जिनका जो नुकसान हुआ है उन किसानों को आरबीसी 6/4 के अंतर्गत मुआवजा दिया जाएगा।


    विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर की अनुमति के बाद आज 4 विधेयक सदन में पेश किए गए। उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने मध्य प्रदेश विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक 2025 पेश किया। उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने तीन विधेयक पेश किए। पहला भारतीय स्टांप मध्य प्रदेश संशोधन विधेयक 2025, दूसरा रजिस्ट्रीकरण मध्य प्रदेश संशोधन विधेयक 2025 और तीसरा भारतीय स्टांप मध्य प्रदेश द्वितीय संशोधन विधेयक 2025 किया।


    इसी मामले में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि सरकार ने यहां के लोगों को भू अधिकार पत्र दे दिया, लेकिन रजिस्ट्री नहीं कर रही है। स्वामित्व दे दिया है लेकिन बाकी सुविधा नहीं दे रहे। इस मामले में कोई टाइम लिमिट तय की जानी चाहिए। इस पर पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि कलेक्टर से इस मामले में जानकारी लेकर निराकरण का काम करेंगे।


    कांग्रेस के प्रदर्शन पर सागर के बीजेपी विधायक शैलेंद्र जैन ने कहा- हमारी सरकार आदिवासी हितों के लिए काम करने वाली है। आदिवासियों के लिए हमने कई योजनाएं बनाई हैं, जबकि कांग्रेस पाखंड करती है।

  • जगदीश देवड़ा ने पेश किया अंतरिम बजट

    जगदीश देवड़ा ने पेश किया अंतरिम बजट

    लेखानुदान में कोई नया कर नहीं लगाया.

    भोपाल, 12 फरवरी(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)।उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने आज वित्तीय वर्ष 2024-25 का लेखानुदान विधानसभा में प्रस्तुत किया। संविधान के अनुच्छेद 206 (1) के अंतर्गत निरंतर व्यय के मदों के लिये नवीन सेवायें अथवा व्यय के नये मद/शीर्ष सम्मिलित नहीं हैं। लेखानुदान का उद्देश्य अंतिम आपूर्ति की स्वीकृति होने तक सरकार के क्रियान्वयन को जारी रखना है। करारोपण संबंधी नये प्रस्ताव तथा व्यय के नवीन मद सम्मिलित नहीं हैं। द्वितीय अनुपूरक अनुमान में सम्मिलित नवीन योजनाओं के लिये प्रावधान है। लेखानुदान की अवधि समाप्त होने के पूर्व अनुदान की पुनरीक्षित मांगें सदन के समक्ष प्रस्तुत की जायेंगी। लेखानुदान द्वारा प्राप्त राशि मुख्य बजट में समाहित की जायेंगी। लेखानुदान 4 माह (एक अप्रैल से 31 जुलाई, 2024) के लिये है। वित्तीय वर्ष हेतु बजट में सम्मिलित राशि 3,48,986.57 करोड़ है। लेखानुदान के लिये राशि रुपये 1,45,229.55 करोड़ है। लेखानुदान राशि में मतदेय राशि रुपये 1,19,453.05 करोड़ तथा भारित राशि रुपये 25,776.51 करोड़ है।

    बजट अनुमान 2024-25 का वार्षिक वित्तीय विवरण

    वर्ष 2024-25 के बजट अनुमान में कुल राजस्व प्राप्तियाँ राशि रुपये 2,52,268.03 करोड़ है। इसमें राज्य कर से राजस्व प्राप्तियाँ रुपये 96,553.30 करोड़ है। गैर कर राजस्व प्राप्तियाँ रुपये 18,077.33 करोड़ है। बजट अनुमान में राजस्व व्यय रुपये 2,51,825.13 करोड़ है। वर्ष 2023-24 में पुनरीक्षित अनुमान में राजस्व व्यय रुपये 2,31,112.34 करोड़ है। वर्ष 2024-25 में बजट अनुमान में राजस्व आधिक्य रुपये 442.90 करोड़ है। कुल पूँजीगत प्राप्तियाँ का बजट अनुमान रुपये 59,718.64 करोड़ है एवं वर्ष 2024-25 में कुल पूँजीगत परिव्यय का बजट अनुमान 59,342.48 करोड़ है।