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  • भोपाल से गूंजेगा एक राष्ट्र एक चुनाव का उद्घोषःओमप्रकाश धनखड़

    भोपाल से गूंजेगा एक राष्ट्र एक चुनाव का उद्घोषःओमप्रकाश धनखड़


    सांसद आलोक शर्मा की पहल पर आयोजित राष्ट्रव्यापी विचार एवं परामर्श सम्मेलन


    भोपाल 30 अगस्त(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर) संविधान संशोधन के माध्यम से संसद और विधानसभाओं के चुनावों को एक साथ कराने के मुद्दे पर देश में आम सहमति बन गई है। इस मुद्दे पर बनी रामनाथ कोविंद कमेटी ने सभी दलों के प्रतिनिधियों के प्रयासों से तैयार सिफारिशें प्रस्तुत कर दीं हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी चाहते हैं एक सौ चालीस करोड़ नागरिकों के इस देश में ये सुधार आम जनता की पहल पर किया जाए। यही वजह है कि देश के उद्यमियों और विचारशील लोगों से संवाद करके इस कानून के स भी पहलुओं पर राय जुटाई जा रही है। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय मंत्री ओम प्रकाश धनखड़ ने आज इस मुद्दे पर विचारोत्तेजक भाषण करके राजधानी के बुद्धिजीवियों और उद्योगपतियों के बीच समर्थन जुटाया।इस अवसर पर इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक भगवानदास सबनानी, महापौर मालती राय, भाजपा जिलाध्यक्ष रवीन्द्र यति भी उपस्थित थे। ये कार्यक्रम भोपाल सीहोर सांसद आलोक शर्मा की पहल पर आयोजित किया गया था।
    भाजपा के प्रखर राष्ट्रीय वक्ता ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि भोपाल पूरे देश का दिल है । इस दिल से उठी आवाज को पूरा देश गौर से सुनता है। सांसद आलोक शर्मा ने यहां के उद्यमियों और बुद्धिजीवियों के माध्यम से एक देश एक चुनाव का विचार देश के समक्ष प्रस्तुत किया है। निश्चित तौर पर पूरा देश आम जन के दिल की ये आवाज के समर्थन में आगे बढ़ेगा। अपने तथ्यात्मक उद्बोधन में उन्होंने बताया कि देश पांच ट्रिलियन डालर की अर्थव्यवस्था का टारगेट पूरा करने जा रहा है। हमारी अर्थव्यवस्था चार दशमलव दो ट्रिलियन डालर तक तो पहुंच चुकी है। हम दुनिया के देशों के बीच चौथे नंबर पर हैं अब तीसरे नंबर पर आने के लिए प्रयासरत हैं। हमारी विकास दर छह दशमलव पांच है जबकि हमसे ऊपर वाले तीनों देशों की विकास दर दो के आंकड़े से नीचे है। हमारी आबादी और बाजार दोनों विशाल हैं। हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तो अहर्निशं सेवामहे के सूत्र वाक्य पर अमल करते हुए तेजी से नए नए आयामों पर कार्य कर रहे हैं। यही वजह है कि विश्व की महाशक्तियों को भरोसा हो गया है कि भारत की यही विकास दर रही तो जल्दी ही विकसित देशों का उनका ताज छिन जाएगा।
    श्री धनख़ड़ ने कहा कि हर चार महीनों में देश में कहीं न कहीं चुनाव आ जाते हैं। इससे देश के विकास पर सीधा असर पड़ता है। उन्होंने बताया कि रामनाथ कोविंद कमेटी ने पाया कि यदि देश में एक साथ चुनाव कराए जाएं तो हमारे चुनाव खर्च में तीस प्रतिशत की कमी आ सकती है। प्रशासनिक अमला और राजनैतिक दलों के लगभग पैंतालीस करोड़ लोग मिलकर ये चुनाव संपन्न कराते हैं। इससे धन के साथ लगभग 136 कार्य दिवसों की हानि भी होती है। उन्होने बताया कि हमारी सरकारों का राजस्व व्यय बढ़ता जा रहा है। सरकारी तंत्र पर किया गया ये खर्च हमारी अर्थव्यवस्था में केवल दो बार घूम पाता है। इसके विपरीत हमें पूंजीगत व्यय से विकास के काम करना पड़ते हैं। ये राशि हमारी अर्थव्यवस्था में छह बार घूमती है,जिससे हमारी आय बढ़ती है।
    उन्होंने बताया कि देश में 1967 तक सारे चुनाव एक साथ ही होते थे।लाल बहादुर शास्त्री के निधन के बाद श्रीमती इंदिरा गांधी ने अपना वर्चस्व बढ़ाने के लिए 1972 में होने वाले चुनाव 1971 में ही करा दिए। उनका पांसा उलटा पड़ा और जनादेश उनके खिलाफ आ गया। श्रीमती गांधी फंस गईं तो उन्होंने चुनावों का कानून ही बदल दिया। नई पीढ़ी को तो पता ही नहीं है कि कैसे मनमाने फैसले लिए गए। उन्होंने संसद के नाम पर कानून बना दिया कि राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के चुनावों पर दायर याचिकाएं सुनने का अधिकार सुप्रीम कोर्ट को भी नहीं है। इस कानून को उन्होंने 1971 के चुनावों के पहले की तिथि से ही लागू कर दिया। इसके बाद का चुनाव 1976 में होना था उसे 1977 में एक साल बाद करवाया। सत्ता के लिए मनमानी की ये प्रथा आगे भी जारी रही। राजीव गांधी की हत्या के बाद चुनाव तीन महीने आगे खिसका दिए गए। इस दौरान देश भर में कलश यात्राएं निकालकर सहानुभूति को भुनाने का अभियान चलाया गया। सिर्फ एक आदमी के लिए पूरे देश के चुनावों के साथ खिलवाड़ किया गया।
    उन्होंने कहा कि राजनैतिक दल हर बूथ पर अपना बीएलए नियुक्त करता है। इस बीएलए को यदि कुछ गलत होता दिखे तो चुनाव आयोग उसकी सिफारिश पर गौर करता है। भाजपा तो हर बूथ पर अपना पंजीकृत बीएलए तैनात करती है। जबकि कांग्रेस को ज्यादातर बूथों पर बीएलए भी नहीं मिलते। वह अपना ढांचा तो खड़ा कर नहीं पाती और चुनाव आयोग पर मनगढ़ंत लांछन लगाती रहती है। हम तो साठ सालों तक विपक्ष में रहे। हमारे नेताओं को फर्जी आरोपों में जेल भेजा जाता रहा। इसके बावजूद हमने कभी देश की संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप नहीं लगाए। कांग्रेस के नेता देश की संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल खड़े करके दुश्मन देशों की भाषा बोलते हैं।

    सांसद आलोक शर्मा की पहल पर ओमप्रकाश धनखड़ ने सेल्फी प्वाईंट का उद्घाटन भी किया।


    उन्होंने बताया कि कांग्रेस तो बंदी प्रत्यक्षीकरण जैसा दमनकारी कानून लाई थी। जिसमें इकतरफा कार्रवाई में जेल भेजे गए व्यक्ति के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाती थी। उसे अदालत में भी प्रस्तुत नहीं किया जाता था. यही वजह है कि देश में कानूनों को आम सहमति से निर्मित करने का प्रयास किया जा रहा है। दुनिया के कई विकसित देश अपने चुनाव एक साथ करवाते हैं। हम तो हमेशा से एक देश एक चुनाव की बात कहते रहे हैं। हमारे चुनावी घोषणा पत्र इसके गवाह हैं। मोदी जी चाहते हैं कि जनमत की राय लेकर ही चुनाव जैसा महत्वपूर्ण कानून बनाया जाए। संसद के भीतर इस पर काम पूरा हो चुका है। कोविद कमेटी ने सिफारिश की है कि राष्ट्रपति एक तारीख घोषित करें।उसे आम चुनाव की तिथि कहा जाएगा। हर बार इसी तिथि को चुनाव होंगे। इन चुनावों को एक पखवाड़े के भीतर संपन्न करा लिया जाएगा। यदि कहीं सरकारें अल्पमत की वजह से गिर जाएं तो मध्यावधि चुनावों से चुनी सरकारों का कार्यकाल भी इसी तिथि तक ही होगा।समिति ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 82ए और 324ए में संशोधन का प्रस्ताव रखा हैताकि लोकसभाराज्य विधानसभाओं और स्थानीय निकायों के लिए एक साथ चुनाव कराए जा सकें।
    इस मुद्दे पर पूर्व कमिश्रर कवीन्द्र कियावत , पूर्व आईएएस राजेश प्रसाद मिश्र, और कई अन्य गणमान्य नागरिकों ने इस मुद्दे पर अपने सुझाव रखे जिन्हें चुनाव आयोग को भेजा जाएगा। ट्रक ट्रांसपोर्ट ओनर वेलफेयर आर्गेनाईजेशन के अध्यक्ष कमल पंजवानी ने कहा कि भोपाल के उद्यमी अपव्यय पर रोक लगाने के प्रयासों का हमेशा से समर्थन करते रहे हैं। भोपाल के उद्यमियों की ओर से डाक्टर शैलेश लुनावत ने सभी आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया।

  • राज्य में उद्यमशीलता का दौर :भगवानदास सबनानी

    राज्य में उद्यमशीलता का दौर :भगवानदास सबनानी


    भोपाल.6 जनवरी(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। भारतीय जनता पार्टी के नवनिर्वाचित विधायक एवं प्रदेश महामंत्री भगवानदास सबनानी ने कहा है कि राज्य में अब उद्यमशीलता का दौर शुरु हो गया है हम पूंजी निर्माण से समाजसेवा के नए दौर में प्रवेश कर रहे हैं। राज्य की नई सरकार कार्यकर्ताओं के बल पर सत्तासीन हुई है, यही कार्यकर्ता जनता की आकांक्षाओं को साकार करने में जुट गए हैं।हमारे नेताओं ने जिस संकल्पपत्र को सामने रखकर जनता से आशीर्वाद मांगा था हम उसकी हर भावना को साकार करने जा रहे हैं। माननीय मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने सत्ता संभालते ही कार्यपालिका को साफ संदेश दे दिया है कि ये कार्यकर्ताओं,मजदूरों और किसानों की सरकार है और हम उनकी हर आकांक्षा को पूरा करेंगे।


    श्री सबनानी ने विशेष मुलाकात में बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने समाज की चार जातियां गरीब, किसान, महिला और युवाओं को बताया है। हमें अच्छी तरह मालूम है कि ये चारों वर्ग के आम नागरिक किस तरह प्रदेश और देश की उत्पादकता बढ़ाने में सहयोगी साबित होते हैं। हम भारत के परम वैभव को ऊंचाईयों पर पहुंचाने के लिए कार्य कर रहे हैं। यही वजह है कि नई सरकार सत्ता के सभी कारकों के लिए दो टूक संदेश देने का कार्य कर रही है।


    उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने सत्ता संभालते ही हुकमचंद मिल के मजदूरों की बरसों पुराने लंबित वेतन भत्तों का निराकरण करके अपनी सामाजिक प्रतिबद्धता जाहिर कर दी है। ग्वालियर की विनोद मिल के मजदूरों के भी लंबित प्रकरण सुलझाए जा रहे हैं। भाजपा संगठन ने अपनी जमीनी सेवाओं से जनता की जरूरतों को अच्छी तरह समझा है। राजनीति हमारे लिए सेवा का माध्यम है। हम सेवा की राजनीति करते हैं। हमारे पैतृक संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से हमने सेवा, त्याग और तपस्या के जो संस्कार पाए हैं हम उन्हें साकार करने में जी जान से जुटे हैं।

    श्री सबनानी ने बताया कि लगभग तीन चार महीनों से चुनावी प्रक्रिया चल रही थी। नई सरकार के गठन के बाद हमारी जवाबदारी है कि हम अपनी ही पूर्ववर्ती सरकार की योजनाओं को आगे ले जाएं और यदि उनमें कुछ संशोधन भी करना पड़े तो करें। इसके लिए हमने राज्य के खजाने का आकलन शुरु कर दिया है। हमारी पार्टी के कई आर्थिक विशेषज्ञ स्थितियों का आकलन कर रहे हैं। हम मौजूदा संसाधनों के बीच जनता की जरूरतें पूरी कर रहे हैं और जल्दी ही रोजगार के नए अवसर शुरु हो जाएंगे।


    उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री जी ने शासन को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सरकार रोजगार के अवसर बढ़ाना चाहती है। नई शिक्षा नीति में भी हमने युवाओं में हुनर विकसित करने की नीति पर अमल शुरु किया है। इस प्रक्रिया में हम औद्योगिक ढांचा भी विकसित कर रहे हैं और उसके लिए हुनरमंद युवाओं की टीम भी उपलब्ध करवा रहे हैं। हम सरकारीकरण के भरोसे नहीं बैठेंगे और समाज को जल्दी ही उत्पादकता का लाभ देंगे। ये बदलाव की बयार जल्दी ही अपना असर दिखाएगी और जनता की आकांक्षाओं पर खरी साबित होगी।

  • नए केन्द्रीय मंत्रियों को जनता देगी अपना आशीर्वाद बोले सबनानी

    नए केन्द्रीय मंत्रियों को जनता देगी अपना आशीर्वाद बोले सबनानी

    भोपाल। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही में किए गए मंत्रिमंडल पुनर्गठन में ‘सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास’ की झलक दिखाई देती है। इस पुनर्गठन के अंतर्गत प्रदेश के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री  थावरचंद गहलोत को कर्नाटक का राज्यपाल बनाया गया है, तो दो नए मंत्रियों के रूप में डॉ. वीरेंद्र खटीक एवं ज्योतिरादित्य सिंधिया को शामिल किया गया है। विपक्ष ने अपनी हठधर्मिता के चलते इन मंत्रियों का सदन में परिचय नहीं होने दिया था। इसलिए अब ये मंत्रीगण आशीर्वाद यात्राओं के माध्यम से जनता का आशीर्वाद लेंगे। यह बात भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री एवं आशीर्वाद यात्राओं के प्रदेश प्रभारी भगवानदास सबनानी ने गुरुवार को पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कही। पत्रकार वार्ता में प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती सीमा सिंह जादौन उपस्थित थी। 

    16 से 24 अगस्त तक चलेंगी यात्राएं

    श्री सबनानी ने बताया कि केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र खटीक, श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और उत्तरप्रदेश से सांसद तथा केंद्रीय मंत्री श्री एस.पी.एस. बघेल प्रदेश में आशीर्वाद यात्राओं के माध्यम से जनता का आशीर्वाद लेंगे। ये यात्राएं 16 अगस्त से शुरू होंगी और 24 अगस्त तक चलेंगी। यात्राओं के दौरान केंद्रीय मंत्री गण धार्मिक स्थलों, संत-महात्माओं, शहीदों, लोकतंत्र सेनानियों आदि से आशीर्वाद लेंगे। इसके अलावा मंत्रीगण विभिन्न समाजों के कार्यक्रमों में भाग लेंगे तथा प्रबुद्जनों, कलाकारों, खिलाड़ियों से भेंट करेंगे। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री विभिन्न महापुरुषों के स्मारकों पर जाकर श्रद्धासुमन भी अर्पित करेंगे।

    रेल और सड़क मार्ग से होगी मंत्री श्री खटीक की यात्रा

    केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र खटीक की आशीर्वाद यात्रा रेल और सड़क मार्ग से होगी। उनकी यात्रा 19 अगस्त को ग्वालियर से शुरू होगी। 20 अगस्त को डॉ. वीरेंद्र खटीक भोपाल में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेंगे। उनके इन कार्यक्रमों में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा भी शामिल होंगे। आशीर्वाद यात्रा 21 अगस्त को विदिशा एवं सागर जिलों में पहुंचेगी। 23 अगस्त को जबलपुर और 24 अगस्त को दमोह तथा टीकमगढ़ जिलों में पहुंचेगी। उनकी यात्रा के लिए प्रदेश महामंत्री श्री रणवीरसिंह रावत को प्रभारी एवं कार्यसमिति सदस्य श्री महेंद्र यादव को सह प्रभारी बनाया गया है। श्री खटीक की यह यात्रा 7 जिलों एवं 7 लोकसभा क्षेत्रों से गुजरेगी और पांच दिनों में 589 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। इस दौरान श्री खटीक 105 कार्यक्रमों में भाग लेंगे।

    देवास से शुरू होगी केंद्रीय मंत्री श्री सिंधिया की यात्रा

    श्री सबनानी ने बताया कि केंद्रीय मंत्री श्री ज्योतिरादित्य अपनी आशीर्वाद यात्रा की शुरुआत देवास से 17 अगस्त को करेंगे। इसी दिन यात्रा शाजापुर पहुंच जाएगी। 18 अगस्त को यात्रा खरगोन जिले में पहुंचेगी जहां रावेरखेड़ी में बाजीराव पेशवा के समाधि स्थल पर आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री श्री सिंधिया मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान के साथ भाग लेंगे। 19 अगस्त को श्री सिंधिया की आशीर्वाद यात्रा इंदौर पहुंचेगी। उनकी आशीर्वाद यात्रा के लिए प्रदेश उपाध्यक्ष श्री आलोक शर्मा को प्रभारी एवं कार्यसमिति सदस्य श्री संतोष पारीक को सहप्रभारी नियुक्त किया गया है। श्री सिंधिया की यह यात्रा 4 जिलों एवं 4 लोकसभा क्षेत्रों से गुजरेगी तथा 584 किलोमीटर की होगी। चार दिनों की यात्रा के दौरान श्री सिंधिया 78 कार्यक्रमों में भाग लेंगे।

    पीताम्बरा पीठ, दतिया से शुरू होगी केंद्रीय मंत्री श्री बघेल की यात्रा

    श्री सबनानी ने बताया कि केंद्रीय मंत्री श्री एस.पी.एस. बघेल की आशीर्वाद यात्रा दतिया स्थित पीताम्बरा पीठ से 16 अगस्त को शुरू होगी। विधि राज्यमंत्री श्री बघेल 16 अगस्त को दतिया, डबरा, ग्वालियर की यात्रा करेंगे। इसके उपरांत 17 अगस्त को ग्वालियर और मुरैना में आशीर्वाद लेंगे। उनकी यात्रा के लिए प्रदेश उपाध्यक्ष श्री चौधरी मुकेश चतुर्वेदी को प्रभारी एवं प्रदेश मंत्री श्री मदन कुशवाह को सह प्रभारी नियुक्त किया गया है। श्री बघेल की यह यात्रा तीन जिलों एवं तीन लोकसभा क्षेत्रों से होकर गुजरेगी तथा 167 किलोमीटर की होगी। इस दौरान श्री बघेल 14 कार्यक्रमों में भाग लेंगे।