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  • केनरा बैंक ठगी में जेल भेजा गया प्रकाश चंद्र गुप्ता

    केनरा बैंक ठगी में जेल भेजा गया प्रकाश चंद्र गुप्ता

    जमा पर्ची में हेरफेर करके बोला केनरा बैंक की मैनेजर स्कूटर पर ले भागी दो करोड़ इक्कीस लाख रुपए

    भोपाल,28 फरवरी (प्रेस इंफार्मेशन सेंटर).केनरा बैंक की मैनेजर से दो करोड़ इक्कीस लाख रुपयों की ठगी करने वाले प्रकाश चंद्र गुप्ता को आज ग्यारहवें जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने एक बार फिर जेल भेज दिया है। उसके विरुद्ध आर्थिक ठगी के अलावा पास्को एक्ट का भी प्रकरण दर्ज है। देश भर के विभिन्न शहरों में चल रहे मुकदमों की फेरहिस्त भी जब अदालत के सामने पहुंची तो विद्वान न्यायाधीश ने उसके आपराधिक चरित्र को देखते हुए जमानत आवेदन खारिज कर दिया। भोपाल पुलिस बरसों बाद प्रभावशाली लोगों को झांसा देकर बचते रहे इस सफेदपोश ठग को गिरफ्त में ले पाई है।


    केनरा बैंक में कारोबारी साख का फायदा उठाकर जब बूटकाम सिस्टम्स के प्रोप्राईटर प्रकाश चंद्र गुप्ता ने मकान फायनेंस कराया तब तक बैंक को नहीं पता था कि उसकी शातिर खोपड़ी में क्या चल रहा है। बैंक को तो उसके कारोबार का आयव्यय देखकर लगता था कि वह बड़ा व्यापारी है। हकीकत जब सामने आई तो पुलिस भी देखकर दंग रह गई कि उसकी नाक के नीचे बरसों से ये ठग कैसे लोगों की आंख में धूल झोंकता रहा है। कभी छुरेबाजी करके रायबरेली के लालगंज से फरार हुआ प्रकाश चंद्र गुप्ता कलकत्ता में चाय कारोबार में नौकरी करने लगा था। बाद में चाय का कारोबारी बनकर भोपाल आ गया।यहां भाजपा के छुटभैये नेता के साथ नकली चाय बेचने के आरोप में पकड़ा गया तो उसने अपना धंधा बदलकर कंप्यूटर की दूकान खोल ली। इस बार उस पर बैंक ठगी का जो प्रकरण दर्ज कराया गया है उसमें उसने वही तरीका अपनाया जिसमें वह पंजाब नेशनल बैंक से सफल ठगी कर चुका है।

    प्रकाश चंद्र गुप्ताः केनरा बैंक से ठगी के आरोप में अदालत ने गिरफ्तार करके जेल भेजा.


    राजधानी के कोहेफिजा पुलिस थाने में दर्ज प्राथमिकी क्रमांक 0317 दिनांक 18.05.2024 में थाना प्रभारी ने लिखा कि मै थाना कोहेफिजा मे थाना प्रभारी के पद पर पदस्थ हूं.दिनांक 29/04/2024 को आवेदिका सुधा प्रिया दर्शिका शाखा प्रबंधक केनरा बैंक शाखा कोहेफिजा भोपाल की ओर से एक टाईपशुदा आवेदन पत्र थानाध्यक्ष थाना कोहेफिजा भोपाल के नाम का प्रस्तुत किया गया जिसमे बताया कि अनावेदक प्रकाश चंद्र गुप्ता प्रोप्राईटर बूटकाम सिस्टम एम पी नगर भोपाल का लोन खाता केनरा बैंक शाखा कोहेफिजा मे है जिसके द्वारा केनरा बैंक शाखा कोहेफिजा भोपाल से 03 व्यवसायिक लोन कुल राशि 2,60,00,000/- लिया गया है जिसका अनावेदक प्रकाश चन्द्र गुप्ता को इंस्टालमेन्ट भरना पडता है जब ग्राहक की 3 इंस्टालमेन्ट due हो जाती है तो बैंक द्वारा लोन NPA (Non-Performing Asset) घोषित किया जाता है और बैंक द्वारा ग्राहक को demand notice जारी किया जाता है ।


    दिनांक 08/01/2024 को आवेदिका सुधा प्रिया दर्शिका शाखा प्रबंधक केनरा बैंक कोहेफिजा भोपाल द्वारा अनावेदक प्रकाश चंद्र गुप्ता प्रोप0 बूटकाम सिस्टम एम पी नगर भोपाल को demand Notice तामील कराने के लिए बैंक के दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी रोहित नरवरे के साथ प्रकाश चंद्र गुप्ता के कार्यालय एम पी नगर भोपाल अपने व्यक्तिगत दो पहिया वाहन एक्टीवा से पहुंचे वहाँ पर अनावेदक से demand notice पर receiving प्राप्त कर अनावेदक के अनुरोध पर केनरा बैंक की एक जमा पर्ची जिसमें कुल राशि 1,20,000/- शब्दो ओर अंको मे पहले से ही भरी हुई थी. उसके साथ अनावेदक द्वारा उक्त नगद रकम 1,20,000/- दी गई अनावेदक द्वारा आवेदिका से काउन्टर जमा पर्ची पर हस्ताक्षर लिया गया सील ना होने से नही लगाई गई । उक्त नगद रकम को आवेदिका द्वारा लिफाफे मे रख कर अनावेदक के साथ रोहित को बुलाकर अवेदिका के मोबाईल से फोटो लिया गया बाद अनावेदक को शेष रकम भी जल्द जमा करने हेतु समझाईश देकर वापस बैंक आकर उक्त रकम 1,20,000/- केशियर को जमा पर्ची के साथ उसके खाते मे जमा करने हेतु दिये गये ।


    उसी समय प्रबंधक हर्षित द्वारा demand notice पर अनावेदक के हस्ताक्षर चैक किये गये तो अनावेदक प्रकाश चन्द्र गुप्ता दवारा demand notice पर अपने शासकीय कार्यालयीन में किये गये हस्ताक्षर के स्थान पर किसी अन्य प्रकार के हस्ताक्षर पाए गए।


    अनावेदक के हस्ताक्षर सही नही पाये जाने पर दिनांक 08/01/2024 को ही प्रबंधक हर्षित द्वारा पुनः अनावेदक के कार्यालय एम पी नगर मे जाकर हस्ताक्षर लिये गए. दिनांक 09.01.2024 को अनावेदक श्री प्रकाश चन्द्र गुप्ता ने प्रंबधक हर्षित को फोन कर तीनों ऋण खाते का बैलेंस सर्टिफिकेट उपलब्ध कराने के लिए कहा। जिस पर आवेदिका और प्रबंधक हर्षित अनावेदक के कार्यालय एमपी नगर जाकर बैलेंस प्रमाणपत्रों उपलब्ध कराये जाकर लोन खाता मे minimum required amount (11.50लाख लगभग) जमा करने हेतु समझाईश देकर वापस शाखा आ गये ।


    दिनांक 15.01.2024 को शाखा को उक्त अनावेदक श्री प्रकाश चन्द्र गुप्ता से मुख्य प्रबंधक के नाम से डाक से एक लिफाफा प्राप्त हुआ। इस लिफाफे को खोलने पर उसमें ड. बाबा साहब भीमराम अम्बेडकर से संबंधित एक पृष्ठ का नोट पाया गया जिसका श्री प्रकाश चंद्र गुप्ता या उनके खातों से इसका कोई लेना-देना नहीं था।


    दिनांक 08.02.2024 को, आवेदिका, रोहित नरवरे के साथ नियमित तरीके से एमपी नगर में अनावेदक श्री प्रकाश चंद्र गुप्ता के एम.पी. नगर स्थित कार्यालय गई। मुख्य प्रबंधक ने ऋण खातों को पूरी तरह से बंद करने के बजाय उन्हीं खातों को अपग्रेड करने की सलाह दी क्योंकि इसमें कम राशि की आवश्यकता थी जो कि लगभग 14 लाख रुपये हो सकती थी। अनावेदक द्वारा यह जानते हुए कि आवेदिका को हिन्दी नही आती है उन्हे एक पत्र (हिंदी भाषा मे) दिया जाकर आवेदिका से हस्ताक्षर करवाए सील नही होने से सील नही लगाई गई ।


    आवेदन पत्र के प्रत्येक पृष्ठ पर पावती ली गई । दिनांक 06/03/2024 को अनावेदक द्वारा केनरा बैंक शाखा कोहेफिजा को एक पत्र भेजा गया जिसमे उसके द्वारा 08/01/2024 को 2,21,20,000/- रुपये आवेदिका को उसके कार्यालय एम पी नगर मे नगद देना बताया गया और शेष लोन की राशि को उसकी जमा एफडी मे से काटने का उल्लेख किया गया तब जाकर आवेदिका के सज्ञांन मे यह बात आई ।


    जांच मे आवेदिका व साक्षीगण के कथन लेखबद्ध किये गए । पूर्व में प्रकाश चन्द्र गुप्ता दवारा श्रीमान पुलिस उपायुक्त जोन-03 भोपाल को एक आवेदन पत्र FIR दर्ज करने के संबंध में कैनरा बैंक शाखा प्रबंधक सुधा प्रियदर्शिका के विरूध 02,21,20,000/- रूपये कूटरचित दस्तावेज तैयार कर हडप कर लेने के संबंध में दिनांक 03/04/224 को दिया गया था । जो कार्यालय पुलिस उपायुक्त जोन-03 के माध्यम से जशि-177 दिनांक 08/04/2024 में इन्द्राज कर दिनांक 12/04/224 को थाना प्रभारी थाना कोहेफिजा को प्राप्त हुआ । शिकायत आवेदन पत्र के अनुक्रम में दिनांक 22/04/24 को शिकायत के संबंध में विस्तृृत पूछताछ कर कथन लेखबद्ध किये गये है ।


    आवेदिका सुधा प्रिया दर्शिका दवारा दिये गये आवेदन पत्र की जांच मे यह बात सामने आई है कि आमतौर पर expert द्वारा रुपये 2,21,20,000/-रूपये को मशीन से गिनने मे लगभग 03 घंटे का और हाथ से गिनने मे करीबन 15 घंटे का समय लगता है. जो कि दिनांक 08/01/2024 को आवेदिका अनावेदक के कार्यालय मे लगभग एक ही घंटे रुके थे अनावेदक के कार्यालय मे CCTV कैमरे भी लगे थे उसके बावजूद भी अनावेदक प्रकाश चन्द्र गुप्ता दवारा इतनी बडी राशि प्रदाय करने का कोई CCTV Footage संग्रहित नही किया गया और बैंक दवारा 02,21,20,000/- जमा करने की बात को अस्वीकार करने पर संबंधित पुलिस थाना व सबंधित बैंक को सूचना न देते हुए सीधे हाईकोर्ट मे 02,21,20,000/- रूपये जमा करने के उपरांत लोन की शेष राशि के समायोजन के लिए रिट पिटिशन क्र. 5100/2024 फाईल की और पर्याप्त समय निकलने के बाद सम्बंधित बैंक को सूचना दी गई ताकी कोई साक्ष्य उपलब्ध न हो सके ।


    अनावेदक द्वारा जो काउन्टर जमा पर्ची कोर्ट मे उपलब्ध कराई गई थी उसमे रुपये 2,21,20,000/- रूपये का अंको ओर शब्दो मे उल्लेख है और जो जमा पर्ची बैंक से प्राप्त हुई है उसमे शब्दो और अंको मे रुपये 1,20,000/- रू का उल्लेख है दोनो ही पर्चियों मे असमानता है । अनावेदक द्वारा जमा पर्ची कि counter file मे edit किया जाना प्रथम दृष्टया सम्भव प्रतीत होता है तथा अनावेदक द्वारा माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर में कैनरा बैंक का दिनांक 09/01/2024 का balance certificate प्रस्तुत किया गया है जिसमे received cash 2,21,20,000/- होना लेख है जो कि edit किया जाना प्रथम दृष्यया प्रतीत होता है । बैंक से प्राप्त CCTV Footage अनुसार दिनांक 08/01/2024 के दोपहर लगभग 02.40 बजे अवेदिका सुधा प्रिया दर्शिका दो पहिया वाहन एक्टीवा से दैनिक बेतन भोगी रोहित नरवरे के साथ जाना व दोपहर लगभग 04.11 बजे शाखा कोहेफिजा वापस आना पाया गया इतने कम समय मे इतनी बडी राशि गिनकर वापस दो पहिया वाहन पर ले कर आना सम्भव प्रतीत नही होता है । अनावेदक द्वारा बैंक मे कभी भी इतनी बडी राशि पूर्व मे जमा नही की गई । बैंक से प्राप्त जानकारी अनुसार जाँच मे यह बात भी सामने आई कि अनावेदक प्रकाश चंद गुप्ता के मोबाइल नंबर 9826057899 जो कि केनरा बेंक शाखा मे उसके खाते से registered है, जिसमे दिनांक 08/01/2024 को बैंक द्वारा एस एम एस भेजा गया था जिसमे सिर्फ रुपये 1,20,000/- जमा होने का उल्लेख था। यदि अनावेदक द्वारा रुपये 2,21,20,000/- जमा किये होते तो अनावेदक एस एम एस प्राप्त होने के बाद तुरंत बैंक जाकर सूचना देकर सुधार करवाता ।


    इसके पश्चात भी अनावेदक प्रकाश चंद्र गुप्ता द्वारा केनरा बैंक मे बुटकाम सिस्टम के नाम से संचालित खाते कि net banking का user ID and password जिसकी जानकारी सिर्फ खाता धारक को होती है अनावेद्क द्वारा दिनांक 10.01.2024 एवम 15.01.2024 को उक्त user id and password के माध्यम से net banking से 16 बार लागिन किया गया था उसके बाद भी अनावेदक द्वारा पैसा जमा न होने के सम्बंध मे न तो बैंक को और न ही पुलिस को सूचना दी गई। यदि अनावेदक दवारा दिनांक 08/01/2024 को 02,21,20,000/- रूपये जमा किये जाते तो बैंक नियमानुसार जमा करने में cash handling charge एवं door step banking charge जमा राशि से काटा जाता। इस संबध मे अनावेदक द्वारा कोई आपत्ति क्यो नही उठाई गई जो संदेह उत्पन्न करता है।


    आवेदिका द्वारा काउंटर जमा पर्ची पर एवं दिनाक 08.01.24 को अनावेदक को दी गई पावती पर सिर्फ हस्ताक्षर किये गये सील नही लगाई गई जबकी अनावेदक द्वारा माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर के समक्ष प्रस्तुत उक्त दस्तावेज की छाया प्रति मे सील लगी हुई है जो की बैंक की शासकीय कार्यालयीन उपयोग की सील न होकर अनावेदक दवारा तैयार कूटरचित सील है । बैंक की सील में दो स्टार है और अनावेदक द्वारा माननीय उच्च न्यायालय के समक्ष दिये गये दस्तावेजों मे चार स्टार है तथा सील मे लिखा हुआ कोहेफिजा अंग्रेजी व हिन्दी मे कोहे फिजा के बीच मे गेप है। आवेदिका दवारा हमेशा ही हस्ताक्षर करने के उपरांत सील हमेशा हस्ताक्षर के उपर लगाना बताया गया है परन्तु अनावेदक द्वारा माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत दस्तावेजो में हस्ताक्षर के बाजू मे सील लगाई गई है ।


    अनावेदक द्वारा माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर के समक्ष रिट पिटीशन न. 5100/2024 में प्रस्तुत दस्तावेजो पर लगी सील कूटरचित है । अनावेदक प्रकाश चन्द्र गुप्ता द्वारा कूटरचित दस्तावेज तैयार कर अपने ऋण खाते मे बडी राशि जमा करने की प्रवंचना कर आवेदिका सुधा प्रिया दर्शिका शाखा प्रबंधक शाखा कोहेफिजा भोपाल एवं अन्य अधिकारी केनरा बैंक शाखा कोहेफिजा के विरूध षडयंत्र रचा गया है । आवेदन पत्र की जांच पर प्रथम दृष्टया अनावेदक प्रकाश चन्द्र गुप्ता के विरूध अपराध धारा-420,467,468,471 (भादवि) का पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया जाता है ।


    नकल आवेदन पत्र केनरा लेटरपेड पर लिखा हुआ है। संदर्भ दिनांक-10.05.2024 श्रीमान थानाध्यक्ष महोदय,थाना- कोहेफिजा, भोपाल विषय- हमारी कोहेफ़िज़ा शाखा, भोपाल में मेसर्स बूटकम सिस्टम्स के नाम पर अपने ऋण खातों में दस्तावेज़ों की जालसाज़ी करने के लिए श्री प्रकाश चंद्र गुप्ता के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज करने के लिए। विषय के संदर्भ में यह भी सूचित किया जाता है कि अधोहस्ताक्षरी को मानसिक रूप से परेशान करने और यातना देने के लिए, मेरे खिलाफ आपके पुलिस स्टेशन में झूठी शिकायत दर्ज करने के अलावा, जिसकी जांच चल रही है, श्री प्रकाश चंद्र गुप्ता प्रोप एम/एस बूटकम सिस्टम्स निम्नलिखित मामले दर्ज किए हैं-1.श्री प्रकाश चंद्र गुप्ता प्रोप एम/एस बूटकम सिस्टम्स बनाम केनरा बैंक और अन्य द्वारा रिट याचिका संख्या 5100/2024 माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर के समक्ष झूठे और मनगढ़ंत दस्तावेजों को संलग्न करके दायर की गई और माननीय को गुमराह करके आदेश प्राप्त करने में सफल रहे। ब्ले कोर्ट. माननीय उच्च न्यायालय के समक्ष दायर रिट याचिका की प्रमाणित प्रति अनुलग्नक-1 के रूप में संलग्न है2.न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, भोपाल की अदालत में मेरे खिलाफ उन्हीं झूठे और मनगढ़ंत दस्तावेजों को संलग्न करके शिकायत संख्या यूएन सीआर/2143/2024, जिनका माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर के समक्ष दुरुपयोग किया गया था। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, भोपाल की अदालत के समक्ष दायर उक्त शिकायत की प्रति अनुलग्नक – 2 के रूप में संलग्न है।3.बैंक और अधोहस्ताक्षरी के खिलाफ उन्हीं झूठे और मनगढ़ंत दस्तावेजों को संलग्न करके 11वें अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, भोपाल की अदालत के समक्ष एक सिविल मुकदमा संख्या आरसीएस ए/397/2024 दायर किया गया है। 11वें अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, भोपाल की अदालत के समक्ष दायर उक्त शिकायत की प्रति अनुलग्नक -3 के रूप में संलग्न है।


    मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के जस्टिस सुशील नागू और जस्टिस विनय सराफ की बेंच ने कोहेफिजा बैंक का पक्ष सुनने के बाद प्रकाश चंद्र गुप्ता की रिट याचिका दो अप्रैल को खारिज कर दी थी। अब इस प्रकरण में पुलिस ने कई अन्य तथ्य भी जुटाए हैं। नए कानूनों के अनुसार साक्ष्यों में हेरफेर प्रथम दृष्टया तो साबित हो रही है जिसमें गुप्ता को जेल भेजा गया है।