Tag: #Jagdish_Devda

  • इसे कहते हैं नेता की छत्रछाया

    इसे कहते हैं नेता की छत्रछाया


    दिल्ली में रविवार, 25 मई को NDA शासित राज्यों के सीएम और डिप्टी सीएम की मीटिंग में पीएम नरेंद्र मोदी ने पार्टी नेताओं से कहा है, “कहीं भी, कुछ भी मत बोलिए.”यह कहकर उन्होंने भाजपा और एनडीए के नेताओं को साफ साफ समझाईश दी है। रविवार को मुख्यमंत्रियों और डिप्टी मुख्यमंत्रियों के बीच सम्मेलन में उन्होंने देश में कैसा विकास चाहिए इस विषय पर भी अपने खेमे का मार्गदर्शन किया है। दरअसल पिछले दिनों मध्यप्रदेश के आदिवासी नेता और वरिष्ठ मंत्री कुंवर विजय शाह की जुबान ऐसी फिसली कि पूरे देश में हंगामा शुरु हो गया। विपक्ष और मोदी विरोधियों ने इसे लेकर भारी उछलकूद शुरु कर दी। मीडिया के तमाम दिग्गज भी बहती गंगा में हाथ धोने उतर आए। ऐसा माहौल बनाया गया कि मानों देश के विरुद्ध कोई बड़ी साजिश की जा रही हो. इसी सीरीज में राज्य के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने भी पार्टी नेता नरेन्द्र मोदी के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हुए सेना को अपने साथ खड़ा कर लिया । इसे भी मोदी विरोधियों ने सेना का अपमान बताना शुरु कर दिया। इसी तरह पहलगाम आतंकी हमले पर अब हरियाणा से BJP के राज्यसभा सांसद रामचंद्र जांगड़ा ने विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अपना सुहाग खोने वाली महिलाओं में वीरांगना का भाव व जोश नहीं था, इसलिए 26 ‌‌लोग गोली का शिकार बने।नेताओं के बड़बोलेपन के इन कुछ उदाहरणों ने भाजपा को बैकफुट पर ला दिया है। उनके ऊटपटांग बयानों पर नाराजगी भरी प्रतिक्रियाएं भी आईँ हैं। भारतीय समाज के लोकतांत्रिक सोच का उद्घोष करती इन प्रतिक्रियाओं के बीच न्यायपालिका के भी कुछ जजों ने बढ़ चढ़कर अपनी आस्तीनें चढाना शुरु कर दिया। कुंवर विजय शाह का मामला तो अदालत के सामने भी पहुंचा दिया गया है। सोशल मीडिया के दौर में जनता के बीच से जो प्रतिक्रियाएं आईं उससे परेशान जनजाति मामलों के मंत्री कुंवर विजय शाह घबरा गए और उन्होंने विभिन्न समाचार माध्यमों और सोशल मीडिया पर अपने बयानों पर खेद व्यक्त किया और माफी मांगी।दरअसल कुंवर विजय शाह भाजपा के संघर्ष के दौर में उभरे नेताओं में से हैं. जब दिग्विजय सिंह की सरकार हरसूद के विस्थापितों पर लाठियां भांज रही थी तब विजय शाह सरकार के आक्रोश के बीच नेता बनकर उभरे थे। राज्य के लगभग बाईस प्रतिशत आदिवासी मतदाताओं के बीच सबसे सशक्त नेता के रूप में विजय शाह सबकी निगाहों में बने रहते हैं। उनके इसी तरह के बयानों से एक बार शिवराज सिंह चौहान ने उन्हें राजनीति के मैदान से हटाने का मन बना लिया था। इसके बावजूद विजय शाह को जानने वालों को ये पता है कि वे किस तरह जन भावनाओं की अभिव्यक्ति करते हुए कुछ भी कह गुजरते हैं। उनके चुटीले अंदाज को अक्सर नजरंदाज किया जाता रहा है। यही सब जानकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उन्हें उनके घर जाकर मनाया और पार्टी में उनका महत्व बरकरार रखा।इस बार मंच पर मौजूद भाजपा की वरिष्ठ नेत्री ऊषा ठाकुर स्वयं कह रहीं हैं कि ये जुबान फिसलने जैसा मामला है। विजय शाह अक्सर अपनी रौ में बहकर वो बातें भी कह देते हैं जो अमूमन सड़कों की भाषा कही जाती है। पाकिस्तान के कट्टर पंथियों के बारे में भारत के राष्ट्रप्रेमी जिस तरह की भाषा का प्रयोग करते हैं ऐसी की कुछ भाषा का इस्तेमाल विजय शाह ने किया था।खुद ऊषा ठाकुर बेहतरीन वक्ता हैं और उनका ओजस्वी भाषण मुर्दों में भी जान फूंकने जैसा होता है। अपनी बहन की बराबरी करने के लिए विजय शाह ने भी बढ़ चढ़कर बयान दे दिया। उनका बयान पाकिस्तान के उन कट्टर पंथियों के लिए चेतावनी देने वाला था कि हमारे हिंदुस्तान की एक मुसलमान महिला ही तुम्हारा मुकाबला कर लेती है, तो फिर पूरे हिंदुस्तान से टकराने की जुर्रत न करो। बेशक उनका भाषण गली छाप कहा जा सकता है लेकिन वह न तो देश के खिलाफ था न सेना के विरुद्ध। सेना की प्रवक्ता कर्नल सोफिया कुरैशी के प्रति अपमान का भाव भी नहीं था। बल्कि वे तो सोफिया कुरैशी को पूरे पाकिस्तान की सेना से भी ज्यादा भारी बताना चाह रहे थे। शब्दों का उचित चयन न करने की वजह से विजय शाह को दोनों हाथ जोड़कर माफी मांगनी पड़ी। विभिन्न माध्यमों पर उनकी प्रतिक्रियाओं से लोगों ने उन्हें माफ भी कर दिया और हल्का फुलका व्यंग्य समझकर बात समाप्त कर दी। भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने भी विजय शाह के बयान को अदालत का विषय बताकर अपना पल्ला झाड़ लिया। उन्होंने तो कांग्रेस के नेताओं के देश विरोधी बयानो का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस नेताओं को अपने गिरेबान में झांकना चाहिए। विजय शाह के मामले में अदालत क्या निर्णय लेती है ये तो सुनवाई के बाद ही पता चलेगा लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एऩडीए के नेताओं को इस तरह के बयानों में न उलझने की सलाह देते हुए स्वयं को विशाल हृदय वाले नेता होने का परिचय दिया है. बेशक विजय शाह जैसे नेताओं के बयानों को नैतिकता या मर्यादा की कसौटी पर कम नंबर मिलें लेकिन इससे उनके पूर्व में किए गये कार्यों को नजरंदाज नहीं किया जा सकता। वैसे भी लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम राजनेताओं को बोलने की आजादी देता है। वह नेताओं को जनता की आवाज बनने की छूट भी देता है।अभिव्यक्ति की आजादी तो हर भारतीय नागरिक का अधिकार है ही। ऐसे में विजय शाह को केवल लापरवाही से भरी बयानबाजी के बाद मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने की मांग करना ज्यादति कही जाएगी। फिलहाल नरेन्द्र मोदी ने विजय शाह के माध्यम से भारत सरकार को नैतिकता के कटघरे में खड़ा करने वाले षड़यंत्रकारियों को करारा जवाब दे दिया है.ये उनकी परिपक्व राजनीति का परिचायक है।वास्तव में किसी भी पार्टी का मुखिया होता ही इसलिए है कि वो सभी नेताओं को संरक्षण प्रदान करे. कहा भी गया है कि मुखिया मुख सौ चाहिए, खानपान को एक, पाले पौसे सकल अंग तुलसी सहित विवेक। जाहिर है कि विजय शाह के माध्यम से मोदी विरोध का ख्वाब पालने वालों के स्वप्न अब धरातल पर उतर आएंगे।

  • शराब के कारोबार को माफिया मुक्त बनाएगी नई नीति

    शराब के कारोबार को माफिया मुक्त बनाएगी नई नीति

    भोपाल,23 अक्टूबर(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा है कि मध्यप्रदेश में शराब की अवैध बिक्री सख्ती से रोक लगाई जाए और व्यापार में शामिल आपराधिक तत्वों पर कड़ी कारवाई की जाए। श्री देवड़ा ने सोमवार को भोपाल स्थित पर्यावरण अध्ययन संस्थान (इप्को) में आयोजित नवीन आबकारी नीति/आबकारी व्यवस्था वर्ष 2025-26 के निर्धारण के संबंध में मदिरा की फुटकर बिक्री की दुकानों के लायसेंसियों की कार्यशाला में ये बात कही। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने पहली बार आसवक एवं देशी/विदेशी मदिरा विनिर्माताओं एवं बार-लायसेंसियों के साथ भी बैठक की। श्री देवड़ा ने वाणिज्यक कर विभाग की उपलब्धियों को लेकर भी चर्चा की।

    उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये कि उनका कर्तव्य है कि अधिकारी अपने मुख्यालय पर रहकर कार्यों के प्रति सजग रहें। उन्होने कहा कि किसी भी परिस्थिति में मदिरा का अवैध परिवहन ना हो तथा संगठित अपराधियों के विरूद्व कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। प्रदेश में शराब के अवैध कारोबार पर पैनी नजर रखी जाएगी और जहां भी अवैध कारोबार या कालाबाजारी की सूचना मिलती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार को राजस्व देने में वाणिज्यकर विभाग का महत्वपूर्ण योगदान है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में आबकारी विभाग का राजस्व लक्ष्य 16 हजार करोड़ रूपये है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि आप सभी के समन्वित प्रयास से यह लक्ष्य भी हम प्राप्त कर लेगें। इसके साथ साथ हमें शराब के धंधे की आड़ में जनता का शोषण करने वाले आपराधिक तत्वों पर भी नियंत्रण करना होगा।

    उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा निरंन्तर नए-नए नवाचार किये जा रहें हैं। विभिन्न राज्यों की आबकारी नीति का अध्ययन किया जा रहा है। उनकी अच्छाईयों को प्रदेश की आबकारी नीति में संम्मिलित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नीति तभी ठीक होगी जब अनुभवी लोगो से बात की जायेगी। कार्यशाला में प्रदेश के मदिरा व्यावसायियों एंव ठेकेदारों द्वारा उप मुख्यमंत्री को अपनी समस्या से भी अवगत कराया गया। उप मुख्यमंत्री श्री देवडा ने कहा कि अगर समस्या है तो उसका समाधान भी सरकार करेगी। कठिनाईयों को दूर किया जायेगा। सरकार बहुत सजग है। उन्होनें विभागीय अधिकारियों का निर्देश दिये कि प्रदेश के शराब व्यावसायियों की समस्या को हल करने का प्रयास करे। श्री देवड़ा ने कहा कि प्रदेश के राजस्व प्राप्ति में आबकारी विभाग का अहम भागीदारी रहती है।

    कार्यशाला में उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि आबकारी विभाग के द्वारा ई-आबकारी पोर्टल के माध्यम से लायसेंसियों को अनेक सुविधाऐं प्रदान की गई हैं, जिससे अधिक पारदर्शिता के साथ कार्य संम्पादित किये जा रहें हैं तथा राजस्व में निरंन्तर वृद्धि हो रही है। लायसेंसी भी नियमानुसार अपनी दुकान एवं बार का संचालन करें, विभाग द्वारा किसी प्रकार की गड़बड़ी होने पर लायसेंसियों के विरूद्ध भी कार्यवाही की जावेगी।

    शराब कारोबारियों में नागरिकों के प्रति जिम्मेदारी का भाव जगाने के लिए मंथन बैठक

    उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि विभागीय अधिकारियों से अपेक्षा है कि आप सभी जनप्रतिनिधियों/मंत्रियों/विधायकों के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का त्वरित निराकरण करें एवं निराकरण के बाद संबंधित को अवगत भी कराया जाए। आबकारी अधिनियम का प्रभावी क्रियान्वयन कर आबकारी अपराधों पर रोक लगाना हम सभी का दायित्व है। सभी के समन्वित प्रयास से वर्ष 2025-26 के लिए संतुलित आबकारी नीति बनाना ही विभाग का लक्ष्य है। आशा करता हूं कि हम इसमें पूरी तरह सफल होगें।

    कार्यक्रम में प्रमुख सचिव वाणिज्यिक कर श्री अमित राठौर ने कहा कि प्रदेश के राजस्व में मदिरा व्यावसायियों का बड़ा योगदान रहता है। उन्होने अपेक्षा की कि जनता के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा का ध्यान रखा जाना चाहिए। आबकारी आयुक्त श्री अभिजीत अग्रवाल ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर विभागीय अधिकारी एवं मदिरा व्यावसायियों/लाइसेंसियों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

  • जगदीश देवड़ा ने बजट में समृद्धि के नए आयाम खोले

    जगदीश देवड़ा ने बजट में समृद्धि के नए आयाम खोले

    भोपाल,03 जुलाई (प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। मध्य प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने बुधवार को विधानसभा में वर्ष 2024-25 के लिए बजट पेश कर दिया है। 3.65 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया गया है, जो पिछले साल के मुकाबले 16 प्रतिशत अधिक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में किसानों को ध्यान रखकर जो सुधार किए गए हैं उनके अनुरूप लगभग पांच हजार करोड़ रुपयों का प्रावधान किया गया है। केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की ओर से मिलने वाली सौगातें इसमें शामिल नहीं हैं।


    विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने जमकर हंगामा किया। उनकी मांग थी कि नर्सिंग कॉलेज घोटाले के लिए तत्कालीन चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग को बर्खास्त किया जाए। इस एकसूत्री मांग के साथ विधायकों ने आसंदी के पास आकर नारेबाजी की और बजट भाषण में व्यवधान डालने की कोशिश की। जब तक देवड़ा बोलते रहे, तब तक विपक्ष के विधायक हंगामा करते रहे। बाद में उन्होंने वॉकआउट कर लिया और बाहर जाकर धरना दिया। पत्रकारों से चर्चा में देवड़ा ने विपक्ष के इस रवैये को कष्टप्रद बताया है।


    देवड़ा ने 2024-25 के बजट में जो प्रमुख घोषणाएं की हैं, उनमें पीएम ई-बस योजनांतर्गत छह शहरों (इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन एवं सागर) में भारत सरकार की सहायता से 552 ई-बसों का संचालन करना शामिल है। इसके साथ ही सरकार ने पांच साल में वार्षिक बजट के आकार को दोगुना करने का लक्ष्य तय किया है। 2024-25 के लिए 3,65,067 करोड़ रुपये के व्यय का प्रावधान किया गया है, जो 2023-24 के 3,14,025 करोड़ रुपये के मुकाबले 16 प्रतिशत अधिक है।
    मध्य प्रदेश में अगले पांच साल में एक्सप्रेस-वे नेटवर्क के माध्यम से 299 किमी का अटल प्रगति पथ, 900 किमी का नर्मदा प्रगति पथ, 676 किमी के विंध्य एक्सप्रेस-वे, 450 किमी का मालवा-निमाड़ विकास पथ, 330 किमी का बुंदेलखंड विकास पथ एवं 746 किमी का मध्य भारत विकास पथ बनाया जाएगा। इनके दोनों ओर औद्योगिक कॉरीडोर विकसित होंगे। भोपाल, इन्दौर, जबलपुर एवं ग्वालियर में एलिवेटेड कॉरिडोर बन रहे हैं। सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए उज्जैन शहर में बायपास के साथ शहर में आने वाले सभी मार्गों को चार लेन अथवा आठ लेन किया जाएगा।


    राज्य सरकार ने संस्कृति विभाग के लिए 1,081 करोड़ रुपये रखे हैं। यह 2023-24 के मुकाबले 250 प्रतिशत अधिक है। इस राशि से भारत के कालजयी महानायकों की तेजस्विता का संग्रहालय वीर भारत न्यास स्थापित किया जा रहा है। यह देश और दुनिया का अपनी तरह का पहला संग्रहालय होगा। भगवान श्री राम ने वनवास के दौरान प्रदेश के विभिन्न स्थानों से पथ गमन किया। राज्य की सीमाओं के अंतर्गत राम पथ गमन के अंचलों के विभिन्न स्थलों को चिह्नांकित कर उनका विकास करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने श्री कृष्ण पाथेय योजना की घोषणा की गई है। इसके माध्यम से प्रदेश में श्री कृष्ण पथ के पुनरावेषण और संबंधित क्षेत्रों के साहित्य, संस्कृति तथा संस्कार का संरक्षण, संवर्धन किया जाना प्रस्तावित है।
    कृषि क्षेत्र का बजट 15 प्रतिशत, स्वास्थ्य के साथ-साथ महिला एवं बाल विकास विभाग के बजट में 56 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। शिक्षा में चार प्रतिशत, एससी, एसटी और ओबीसी वर्गों की योजनाओं के लिए 10 प्रतिशत, इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में 9 प्रतिशत, नगरीय एवं ग्रामीण विकास के लिए 13 प्रतिशत, संस्कृति संवर्धन के लिए 35 प्रतिशत, रोजगार के लिए 39 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है।


    अगले पांच साल में एक्सप्रेस-वे नेटवर्क के माध्यम से 299 किमी का अटल प्रगति पथ, 900 किमी का नर्मदा प्रगति पथ, 676 किमी के विंध्य एक्सप्रेस-वे, 450 किमी का मालवा-निमाड़ विकास पथ, 330 किमी का बुंदेलखंड विकास पथ एवं 746 किमी का मध्य भारत विकास पथ बनाया जाएगा। इनके दोनों ओर औद्योगिक कॉरीडोर विकसित होंगे।


    सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए उज्जैन शहर में बायपास के साथ शहर में आने वाले सभी मार्गों को चार लेन अथवा आठ लेन किया जाएगा।
    प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत 2024-25 में 1,000 किमी सड़क बनाएंगे और 2,000 किमी सड़कों के नवीनीकरण का लक्ष्य है।
    अमरकंटक एवं सतपुडा ताप विद्युत गृहों में 660-660 मेगावाट की नई विस्तार इकाइयों का निर्माण होगा। 603 सर्किट किमी पारेषण लाइनों एवं 2,908 मेगावाट क्षमता के अति उच्च दाब उपकेन्द्र के कार्य प्रस्तावित हैं।
    प्रति व्यक्ति आय 2023-24 में 1,42,565 रुपये रही, जो 2003-04 की 13,465 रुपये से लगभग 11 गुना हो गई है। नीति आयोग की जनवरी-2024 की रिपोर्ट के अनुसार 2013-14 से 2022-23 के बीच मध्य प्रदेश के 2.30 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं।
    श्री अन्न उत्पादन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश राज्य मिलेट मिशन गठित किया है। राज्य सरकार द्वारा श्री अन्न के उत्पादन तथा उत्पादकता में वृद्धि के लिये फेडरेशन के माध्यम से उपार्जित किये जा रहे कोदो-कुटकी पर प्रति किलोग्राम 10 रूपये की अतिरिक्त राशि भी दी जाएगी।
    डिंडोरी में श्री अन्न अनुसंधान केन्द्र की स्थापना होगी। क़ृषि क्षेत्र में अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए उज्जैन में चना तथा ग्वालियर में सरसों अनुसंधान संस्थान बनेंगे।


    पशुओं को घर पहुंच चिकित्साः मई 2023 से प्रारंभ 406 चलित पशु चिकित्सा इकाइयों ने अब तक 5.46 लाख से अधिक पशुओं को घर पर चिकित्सा सुविधा दी है। चलित पशु कल्याण सेवा योजना में 82 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
    मुख्यमंत्री सहकारी दुग्ध उत्पादक प्रोत्साहन योजना प्रारंभ की जाएगी। इसके अंतर्गत दुग्ध उत्पादकों को सहकारी समितियों के माध्यम से प्रति लीटर प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसके लिए 150 करोड़ रुपये का बजट।
    2,190 गौ-शालाओं का संचालन हो रहा है। इनमें लगभग तीन लाख गौ-वंश का पालन हो रहा है। प्रति गौ-वंश प्रति दिन 20 रुपये दिए जाते थे, जिसे दोगुना कर 40 रुपये किया जाएगा। तीन गुना वृद्धि करते हुए बजट में 250 करोड़ रुपये रखे हैं। 2024-25 को गौ-वंश रक्षा वर्ष के रूप में मनाया जाएगा।
    किसानों की आय बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के महत्वपूर्ण घटक जैसे सूक्ष्म सिंचाई, फसल विस्तार, संरक्षित खेती, बागवानी, मधुमक्खी पालन की स्थापना पर फोकस।
    किसानों की आय बढ़ाने में फूड प्रोसेसिंग का महत्वपूर्ण योगदान है। उद्योग संवर्धन नीति के अंतर्गत फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स को विशेष पैकेज दिया जा रहा है। फूड प्रोसेसिंग उद्योगों को पांच वर्ष तक मंडी शुल्क में शत-प्रतिशत तथा विद्युत टैरिफ में एक रुपये प्रति यूनिट की छूट।
    प्रदेश में उपलब्ध 4 लाख 42 हजार हैक्टेयर जलक्षेत्र में से 4 लाख 40 हजार हेक्टेयर जलक्षेत्र मछली पालन अन्तर्गत लाया जा चुका है। वर्ष 2023-24 में 3 लाख 82 हजार मैट्रिक टन मत्स्य उत्पादन तथा लगभग 215 करोड़ मत्स्य बीज का उत्पादन किया गया है, जो अब तक का सर्वाधिक है।
    अहमदाबाद में ग्लोबल फिशरीज कॉन्फ्रेंस में सिवनी को बेस्ट इनलेण्ड डिस्ट्रिक्ट का प्रथम पुरस्कार तथा बालाघाट की प्राथमिक सरस्वती मछुआ सहकारी समिति को मछुआ सहकारी समिति की श्रेणी में द्वितीय पुरस्कार मिला है।
    विद्यार्थियों में स्किल डेवलपमेंट एवं एमर्जिंग ट्रेण्डस के दृष्टिगत ए.आई, मशीन लर्निंग, कोडिंग आधारित शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी।


    प्रदेश सरकार ने सरकारी स्कूलों में नई शिक्षा नीति के तहत अभी तक 1,500 प्री-स्कूल क्लासेस संचालित कर रहे हैं। 2024-25 में 3,200 प्राथमिक शालाओं में प्री-स्कूल शुरू होंगे।
    सरकारी स्कूलों में विषयवार शिक्षकों की उपलब्धता के साथ खेल, नृत्य, संगीत शिक्षकों के 11 हज़ार पदों पर नियुक्ति की कार्यवाही की जा रही है।
    730 स्कूलों को पीएम श्री योजना अंतर्गत चिन्हित किया है। शैक्षिक गुणवत्ता सुधार के साथ भौतिक संसाधनों का उन्नयन भी किया जाएगा। प्रदेश के बैगा, भारिया, सहरिया जैसी विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय के बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने हेतु पीएम जन-मन योजना के अंतर्गत इस वर्ष 22 नवीन छात्रावास प्रारंभ किए जाएंगे।
    प्रदेश के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा सुगम बनाने हेतु तीन नवीन शासकीय विश्वविद्यालयों यथा क्रांति सूर्य टंट्या भील विश्वविद्यालय खरगौन, तात्या टोपे विश्वविद्यालय गुना एवं रानी अवंतीबाई लोधी विश्वविद्यालय सागर की स्थापना की है। दो निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना भी प्रदेश में हुई है।
    वर्ल्ड बैंक परियोजना के माध्यम से 247 महाविद्यालयों में राशि 244 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान कर भौतिक एवं अकादमिक अधोसंरचना विकास के कार्य कराये जा रहे हैं।


    उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए शुरू की गई पीएम उषा परियोजना के तहत प्रदेश में 565 करोड़ की कार्ययोजना स्वीकृत हुई है।
    प्रत्येक जिले में एक कॉलेज को प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस में अपग्रेड किया जाएगा। इन कॉलेजों के लिए दो हजार से अधिक नवीन पद भी सृजित किए गए हैं।
    प्रदेश में 22 नए आईटीआई शुरू होंगे। वर्तमान में 268 सरकारी आईटीआई संचालित हो हैं। नए आईटीआई में 5,280 नई सीट्स मिलेंगी। देवास, छिंदवाडा एवं धार को ग्रीन स्किलिंग आईटीआई में विकसित कर सोलर टेक्नीशियन एवं इलेक्ट्रिक व्हीकल मैकेनिक पाठ्यक्रम प्रांरभ किए हैं ।
    विद्यार्थियों को विशिष्ट कौशल एवं आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण प्रदान करने के उद्देश्य से प्रदेश के प्रत्येक संभाग में स्थित इंजीनियरिंग/पॉलीटेकनिक महाविद्यालय में कोडिंग लैब की स्थापना की जाएगी।

  • जगदीश देवड़ा ने पेश किया अंतरिम बजट

    जगदीश देवड़ा ने पेश किया अंतरिम बजट

    लेखानुदान में कोई नया कर नहीं लगाया.

    भोपाल, 12 फरवरी(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)।उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने आज वित्तीय वर्ष 2024-25 का लेखानुदान विधानसभा में प्रस्तुत किया। संविधान के अनुच्छेद 206 (1) के अंतर्गत निरंतर व्यय के मदों के लिये नवीन सेवायें अथवा व्यय के नये मद/शीर्ष सम्मिलित नहीं हैं। लेखानुदान का उद्देश्य अंतिम आपूर्ति की स्वीकृति होने तक सरकार के क्रियान्वयन को जारी रखना है। करारोपण संबंधी नये प्रस्ताव तथा व्यय के नवीन मद सम्मिलित नहीं हैं। द्वितीय अनुपूरक अनुमान में सम्मिलित नवीन योजनाओं के लिये प्रावधान है। लेखानुदान की अवधि समाप्त होने के पूर्व अनुदान की पुनरीक्षित मांगें सदन के समक्ष प्रस्तुत की जायेंगी। लेखानुदान द्वारा प्राप्त राशि मुख्य बजट में समाहित की जायेंगी। लेखानुदान 4 माह (एक अप्रैल से 31 जुलाई, 2024) के लिये है। वित्तीय वर्ष हेतु बजट में सम्मिलित राशि 3,48,986.57 करोड़ है। लेखानुदान के लिये राशि रुपये 1,45,229.55 करोड़ है। लेखानुदान राशि में मतदेय राशि रुपये 1,19,453.05 करोड़ तथा भारित राशि रुपये 25,776.51 करोड़ है।

    बजट अनुमान 2024-25 का वार्षिक वित्तीय विवरण

    वर्ष 2024-25 के बजट अनुमान में कुल राजस्व प्राप्तियाँ राशि रुपये 2,52,268.03 करोड़ है। इसमें राज्य कर से राजस्व प्राप्तियाँ रुपये 96,553.30 करोड़ है। गैर कर राजस्व प्राप्तियाँ रुपये 18,077.33 करोड़ है। बजट अनुमान में राजस्व व्यय रुपये 2,51,825.13 करोड़ है। वर्ष 2023-24 में पुनरीक्षित अनुमान में राजस्व व्यय रुपये 2,31,112.34 करोड़ है। वर्ष 2024-25 में बजट अनुमान में राजस्व आधिक्य रुपये 442.90 करोड़ है। कुल पूँजीगत प्राप्तियाँ का बजट अनुमान रुपये 59,718.64 करोड़ है एवं वर्ष 2024-25 में कुल पूँजीगत परिव्यय का बजट अनुमान 59,342.48 करोड़ है।

  • आर्थिक सुधारों के साथ चलें तो घर घर बरसेगी खुशहालीःजगदीश देवड़ा

    आर्थिक सुधारों के साथ चलें तो घर घर बरसेगी खुशहालीःजगदीश देवड़ा


    भोपाल,27 जुलाई(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। मध्यप्रदेश के वित्तमंत्री जगदीश देवड़ा ने प्रदेश के नागरिकों से कहा है कि भारत सरकार जो वित्तीय सुधार लागू कर रही है वे आजादी के बाद से अपेक्षित थे। जनता इन सुधारों के साथ कदमताल करेगी तो जल्दी ही घर घर में खुशहाली फैल जाएगी। कटनी दौरे से लौटने के बाद आज पत्रकारों से मुलाकात में उन्होंने प्रदेश के मजबूत होते वित्तीय ढांचे को लेकर कई संकेत दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जिस तरह आधारभूत ढांचे को विकसित किया गया है उसका लाभ प्रदेश की जनता भरपूर उठा रही है। लोगों की अपेक्षाएं बढ़ीं हैं और सरकार उन्हें पूरा करने का हर संभव प्रयास कर रही है।
    पत्रकारों के सवालों के जवाब में हरफन मौला वित्तमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि आर्थिक चुनौतियों के बीच जिन परिवारों की समरसता बिगड़ रही है उन्हें हमारी सांस्कृतिक विरासत से प्रेरणा लेनी चाहिए। हमारे देश में बचत की परंपरा बहुत मजबूत रही है अब हमें अपने आर्थिक संसाधनों को बढ़ाने के तरीके सीखना होंगे। भारत सरकार की वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने टैक्स में छूट की जो सीमा बढ़ाई है उससे काली अर्थव्यवस्था समाप्त होगी। भारत का विदेशी व्यापार संतुलन सुधरेगा और लोगों की आय बढ़ेगी।सबसे बड़ी बात है कि लोगों के जीवन में सुकून बढ़ेगा अब तक जिन छोटे और मध्यम आयवर्ग के लोगों को अपनी आय छिपानी पड़ती थी वे अब बेखौफ होकर अपना जीवनयापन कर पाएंगे।
    वित्तमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार ने जिस तरह माईक्रोफाईनेंस और सूक्षम व लघु उद्योगों को अवसर दिए हैं, किसानों के लिए एफपीओ गठित किए हैं, सहकारिता के क्षेत्र को मजबूत बनाया है उससे जल्दी मुद्रा निर्माण बढ़ेगा और देश की क्षमताओं का उचित प्रतिफल हम जन जन तक पहुंचा पाएंगे। उन्होंने कहा कि लोग वित्तीय प्रबंधन की बारीकियां समझ रहे हैं और सरकार पर उनकी निर्भरता घट रही है। हमारा प्रयास है कि लोग लाचार न रहें और वे अपने हुनर का इस्तेमाल करके खूब समृद्धि हासिल करें।
    एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार कुशल वित्तीय प्रबंधन के माध्यम से जनता को लाभ पहुंचाने वाले वित्तीय संस्थानों की पहचान कर रही है और उन्हें भरपूर संरक्षण भी दे रही है। हम ढर्रे की सोच से बाहर निकलना चाहते हैं। प्रदेश की पुरानी परंपराओं के साथ हमने कई ऐसे नवाचार भी किए हैं जो आज जनता की समृद्धि के प्रकाश स्तंभ बनते जा रहे हैं।