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  • किसान को कारोबारी बनाएंगे एफपीओः विश्वास सारंग

    किसान को कारोबारी बनाएंगे एफपीओः विश्वास सारंग


    भोपाल, 10 फरवरी(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा है कि नई तकनीक और सहकारिता से किसानों का उत्थान होगा। खेत, खलियान और किसान सरकार की प्राथमिकता है। विकसित भारत की परिकल्पना में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। इन तीनों के उन्नयन और उत्थान की दिशा में सामूहिक रूप से काम करने से ही देश विकसित हो पाएगा, सरकार इस दिशा में प्रयासरत है। मध्यप्रदेश ने कृषि क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। इससे प्रोडक्शन में रिकॉर्ड दर्ज किया और 7 बार लगातार कृषि कर्मण अवार्ड भी मिला। मंत्री श्री सारंग सोमवार को नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी के स्वर्ण जयंती सभागार में आयोजित कृषि क्रांति 2025 एफपीओ कॉन्क्लेव को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह भी उपस्थित थे।

    मंत्री से सारंग ने कहा कि मध्यप्रदेश ने कृषि को उन्नत बनाने हर क्षेत्र में काम किया है। किसानों को फसल का सही मूल्य मिल सके, समय पर उपार्जन सहित खाद, बीज, पानी मिल सके इसका ध्यान रखा गया है। अब किसान को व्यवसायी के रूप में परिवर्तन करना सरकार का मुख्य काम है और यह केवल सहकारिता के माध्यम से ही हो सकता है। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि किसानों को एफपीओ के माध्यम से ऑर्गेनिक खेती से जोड़ना होगा, जिससे उपभोक्ताओं का स्वास्थ्य भी ठीक रहेगा। एफपीओ को किसानों को जागरूक करना होगा। सरकार एफपीओ को हर तरह की सुविधा देने को तैयार है। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष- 2025 में हर पंचायत में पैक्स के माध्यम से सहकार सभा होगी। इसमें भी एफपीओ जोड़कर किसान को सरकार से समृद्धि की ओर ले जा सकते हैं।

    एफपीओ कॉन्क्लेव से सहकार की भावना मजबूत होगी

    मंत्री श्री सारंग ने कहा कि एफपीओ कॉन्क्लेव से सहकार की भावना मजबूत होगी। सहकारिता मानव स्वभाव का मूलभूत आधार है.सहकारिता के बिना इस समाज की परिकल्पना नहीं की जा सकती। आज के समय में सहकारिता के माध्यम से नई-नई तकनीक से जोड़ना, फूड प्रोसेसिंग आदि पर काम करना, खेती में वैल्यू एडिशन करने की आवश्यकता हैं, जिससे अच्छे परिणाम आए इसमें सरकार सहायता देने को तैयार है। उन्होंने कहा कि सरकार के साथ समाज जनता सहकारी संस्थाओं एफपीओ सब मिलकर काम करें, इस दिशा में कार्य करने के लिए सरकार प्रदेश के उन्नयन के लिए तत्पर है।

    खाद्य प्र-संस्करण से किसानों की आत्मनिर्भरता

    उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण मंत्री श्री कुशवाह ने कहा कि एफपीओ और खाद्य प्र-संस्करण को मजबूत बनाना किसानों की आत्मनिर्भरता की कुंजी है। उन्होंने फसल विविधीकरण और कृषि आधारित उद्योगों को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया। साथ ही, उन्होंने घोषणा की कि”राज्य सरकार जल्द ही एक विशाल फूड प्रोसेसिंग सम्मेलन का आयोजन करेगी, जिसमें किसानों, उद्यमियों, क्रेताओं और विक्रेताओं को एक मंच पर लाया जाएगा।”

    मंत्री श्री कुशवाह ने कहा कि किसान की आय दोगुना करने के लिये चल रहे कार्यों से फसलों का मूल्य अच्छा मिल सकेगा और उसका संवर्धन हो सकेगा। आत्मनिर्भर भारत बनाने में किसानों का बहुत बड़ा योगदान है। उन्होंने कहा कि कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश मसाला उद्योग में एक नम्बर पर है। सरकार अलग-अलग योजनाओं से किसानों की उत्थान की दिशा में काम कर रही है। उद्यानिकी विभाग के पोर्टल पर नये किसानों को रजिस्टर करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। विकसित कृषि के लिये नई खेती से जुड़ना होगा, इसके लिये किसान उद्यानिकी से भी जुड़े।

    मंत्री श्री कुशवाह ने कहा कि कई देश जैविक खेती में आगे बढ़ रहे हैं। जैविक खेती से पैदा होने वाली फसल से दुष्प्रभाव नहीं होता। इससे बीमारियों का सामना नहीं करना पड़ता और स्वास्थ्य प्रभावित नहीं होता। उन्होंने कहा कि प्र-संस्करण के क्षेत्र में कोई भी परियोजना व्यक्ति या संस्था लगाती है तो 35 प्रतिशत अनुदान सरकार दे रही है। साथ ही अनेक योजनाओं और कृषि उपकरण में भी सरकार अनुदान दे रही है।

    मंत्री श्री कुशवाह ने कहा कि आधुनिक कृषि यंत्र खराबी पर मैकेनिक एवं उपकरण स्टोर, प्रबंधन आदि आवश्यक है। इस पर भी ध्यान देकर आगे बढ़ा जा सकता है। तकनीकी विशेषज्ञ के माध्यम से किसानों को मदद मिलेगी और उचित दाम से किसान संबल होंगे।

    ‘कृषि क्रांति : एफपीओ कॉन्क्लेव’ में अधिकारियों, विशेषज्ञों, निर्यातकों, क्रेताओं और तकनीकी प्रदाताओं ने एफपीओ के विकास के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए। इस कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य एफपीओ को खाद्य प्र-संस्करण और निर्यात योग्य उत्पाद तैयार करने में सक्षम बनाना था। कॉन्क्लेव का आयोजन भूमिशा ऑर्गेनिक, डिक्की और सर्च एंड रिसर्च डेवपलमेंट सोयायटी ने किया।

    विशेषज्ञों के विचार एवं मार्गदर्शन

    कृषिका नेचुरल्स प्राइवेट लिमिटेड की प्रबंध निदेशक सुश्री प्रतिभा तिवारी, डिक्की के अध्यक्ष डॉ. अनिल सिरवैया और सर्च एंड रिसर्च डेवलपमेंट सोसायटी की अध्यक्ष डॉ. मोनिका जैन ने भी कॉन्क्लेव में विचार रखे। कॉन्क्लेव में सॉलिडरिडाड के जनरल मैनेजर सुरेश मोटवानी, एसबीआई के एजीएम श्री शशांक कुमार, एमपी स्टार्ट-अप सेंटर के श्री अरुणाभ दुबे, सी-मैप लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. आलोक कृष्णा और उद्यानिकी विभाग के अपर संचालक श्री कमल सिंह किरार प्रमुख थे।

    कृषि रत्न सम्मान एवं सहयोग

    कार्यक्रम में 8 एफपीओ और 2 किसानों को ‘कृषि रत्न सम्मान प्रदान किया गया। इनका सम्मान पत्र बांस से तैयार किया गया था। राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनएसडीसी) द्वारा पीएमएफएमई योजना के अंतर्गत 2 एफपीओ को 28.5 लाख रुपये की परियोजना स्वीकृत की गई, जिसकी पहली किश्त सहकारिता मंत्री श्री सारंग और एनएसडीसी की क्षेत्रीय निदेशक सुश्री इंद्रजीत कौर ने प्रदान की। इस मौके पर लक्ष्य प्राप्ति के सूत्र पुस्तिका का विमोचन भी किया गया।

  • किसानों को अमीर बनाएंगे एफपीओः नरेन्द्र सिंह तोमर

    किसानों को अमीर बनाएंगे एफपीओः नरेन्द्र सिंह तोमर

    बालाघाट, 20 मई(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। देश में कृषि के अधो-संरचनात्मक विकास पर निरंतर काम किया जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में किसानों को मुनाफे की खेती कर आत्म-निर्भर बनाने के लिये केन्द्र सरकार विभिन्न योजनाएँ संचालित कर रही है। केन्द्रीय कृषि एवं किसान-कल्याण मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने यह बात विश्व मधुमक्खी दिवस पर बालाघाट में हुई राष्ट्रीय कार्यशाला में कही। प्रदेश के किसान-कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री कमल पटेल ने कहा कि किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिये सरकार तत्पर होकर कार्य कर रही है। विश्व मधुमक्खी दिवस पर मधु एक्स-पो का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में आयुष एवं जल-संसाधन राज्य मंत्री श्री रामकिशोर ‘नानो’ कावरे, मध्यप्रदेश पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग के अध्यक्ष श्री गौरीशंकर बिसेन, छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री एवं विधायक श्री बृजमोहन अग्रवाल सहित जन-प्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित थे।

    केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री तोमर ने राष्ट्रीय कार्यशाला में कहा कि किसानों को आत्म-निर्भर बनाने के लिये केन्द्र और राज्य सरकार मिल कर निरंतर कार्य कर रही है। किसानों को आत्म-निर्भर बनाने के लिये उनके उत्पाद की ग्रेडिंग, प्रोसेसिंग और पैकेजिंग द्वारा अधिक से अधिक लाभान्वित करने को 10 हजार एफपीओ बनाये जा रहे हैं। एफपीओ पर केन्द्र सरकार 6 हजार 865 करोड़ रूपये व्यय कर रही है। केन्द्रीय मंत्री ने बालाघाट को विश्व मधुमक्खी दिवस पर राष्ट्रीय कार्यशाला के आयोजन के लिये बधाई दी।

    कृषि मंत्री श्री पटेल ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के सशक्तिकरण के लिये निरंतर कार्य कर रही है। सरकार द्वारा ग्रीष्मकालीन मूंग, उड़द एवं सरसों की समर्थन मूल्य पर खरीदी के लिये पंजीयन कराया जा रहा है। इससे किसानों को सीधे लाभ मिलेगा। प्रदेश में सिंचाई क्षमता को बढ़ा कर 45 लाख हेक्टेयर से बढ़ा कर 65 लाख हेक्टेयर करने का लक्ष्य निर्धारित कर कार्य किया जा रहा है। किसानों के फसल बीमे की प्रीमियम राशि सरकार द्वारा भरी जा रही है।

    कृषि महाविद्यालय में भवन लोकार्पित

    केन्द्रीय मंत्री श्री तोमर, कृषि मंत्री श्री पटेल एवं अन्य अतिथियों ने बालाघाट के राजा भोज कृषि महाविद्यालय में 80 करोड़ रूपये की लागत से बने भवन, छात्रावास एवं ऑडिटोरियम हॉल का लोकार्पण किया।

    बैलजोड़ी दौड़ का हुआ आयोजन

    राजा भोज कृषि महाविद्यालय में बैलजोड़ी दौड़ प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। इसमें देश की 170 से अधिक बैलजोड़ियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता के प्रथम पुरस्कार विजेता को 47 हॉर्स पॉवर, द्वितीय पुरस्कार विजेता को 42 हॉर्स पॉवर और तृतीय पुरस्कार विजेता को 32 हॉर्स पॉवर का ट्रेक्टर प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त 22 विजेता को मोटर-साइकिल प्रदान की गई।

  • ब्लाक लेवल पर दोगुनी करेंगे किसानों की आयःकमल पटेल

    ब्लाक लेवल पर दोगुनी करेंगे किसानों की आयःकमल पटेल

    भोपाल,02 फरवरी(प्रेस सूचना केन्द्र)। कृषि मंत्री कमल पटेल ने कहा है कि किसानों की आय दोगुनी करने के लिए हर ब्लाक में दो फूड प्रोड्यूसर आर्गेनाईजेशन(एपपीओ) बनाए जा रहे हैं। इनके माध्यम से किसानों को उनकी उपज का अधिकतम मूल्य दिलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जो लोग आंदोलन के माध्यम से किसानों को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं उनकी सदबुद्धि के लिए वे चार फरवरी को उपवास पर बैठेंगे।

    राजधानी में सेन्ट्रल प्रेस क्लब की ओर से आयोजित प्रेस वार्ता में श्री पटेल ने मध्यप्रदेश में किसानों के लिए चलाई जा रहीं विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गांव की संपत्तियों को नक्शे पर लाकर भाजपा ने किसानों को लाचारी से बाहर निकालने में मदद की है। आज गांव की संपत्तियों पर लोन भी मिल सकता है और जमानत भी।

    उन्होंने कहा कि किसान अब और गुमराह न हों तथा इस बात को समझें कि प्रधानमंत्री द्वारा लाए गए तीनों किसान कानून देश के करोड़ों किसानों को मजबूत बनाएगा और किसान परिवारों का भविष्य इन तीनों कानून से संवेरगा। उन्होंने कहा कि यह कृषि कानून किसानों के हित में हैं, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़ी सूझ-बूझ के साथ लाया है। कुछ बिचौलिये जरूर इसे गलत रूप देने में लगे हुए हैं। कृषि मंत्री कमल पटेल ने कहा कि कोरोना काल में यही किसान, मजदूर खेत में काम करके पूरी दुनिया के लिए अनाज पैदा करा रहे थे। देश के 130 करोड़ लोगों को दोनों टाइम का भोजन मिला, अगर किसान भी तय कर लेता कि लॉक डाउन में हमें घर से नहीं निकलना है तो कल्पना कीजिए फिर क्या होता। इसलिए किसान अन्नदाता के साथ-साथ जीवनदाता है। उन्होंने कहा कि लेकिन गांधी जी के नाम पर जिन लोगों ने देश पर 60 सालों तक राज किया, लेकिन उन्होंने किसानों के लिए कुछ नहीं किया। देश के पहले प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी थे, जिन्होंने गांधी जी के सपने को पूरा करने के लिए गांव की और ध्यान दिया।

    कृषि मंत्री ने पत्रकारों के सवालों के जवाब में कहा कि मध्यप्रदेश सरकार की आर्थिक स्थिति मजबूत होने पर किसानों के कर्ज माफी पर विचार करेंगे। अभी तो किसान को कैसे व्यवसायिक रूप से मजबूत और सक्षम बनाने के लिए काम किये जा रहे है। किसानों से गेहूं के आलावा चना, मसूर, सरसों, उड़द की खरीदी भी फरवरी माह से शुरू कर दी है। कुल मिलाकर अब किसान को अपनी फसल का उचित दाम दिलाने के लिए राज्य सरकार कटिबद्ध है।

    कृषि मंत्री कमल पटेल ने कहा कि किसानों से जुड़े हुए कई पायलेट प्रोजेक्ट पर हरदा जिले में काम हो रहा है, जिसे आने वाले समय में पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा। उन्होंने 15 महीनों वाली कमलनाथ सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि किसानों के साथ सबसे बड़ा छलावा तो कर्जमाफी के नाम पर किया गया है। लेकिन शिवराज सरकार किसानों के साथ उनकी हर एक परेशानी में साथ है और उन्हें संबल देने का काम निरंतर कर रही है।