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  • इक्विटास बैंक के मुनाफे में हिस्सेदारी से ग्राहकों में संतोष

    इक्विटास बैंक के मुनाफे में हिस्सेदारी से ग्राहकों में संतोष


    भोपाल,05 सितंबर(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर).इक्विटास बैंक ने आधुनिक बैंकिंग में जो सुधार लागू किए हैं वे देश के संपदा निर्माताओं को बहुत पसंद आ रहे हैं। बैंक की वर्षगांठ पर पहुंचे नागरिकों उद्यमियों और श्रेष्ठी वर्ग ने इक्विटास बैंक को जन जन का बैंक बनने की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि बैंक के ऊर्जावान कर्मचारियों ने निवेशकों की जरूरतों पर खरा उतरने के लिए जो रुचि दिखाई है उससे आने वाले समय में ये बैंक प्रदेश भर में ग्राहकों की पहली पसंद बन जाएगा।


    इक्विटास स्माल फायनेंस बैंक की स्थापना के आठ साल पूरे होने पर राजधानी की एमपीनगर शाखा में प्रबंधन ने जीवंत आयोजन किया था जो लगभग दिन भर चला। बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक अमित देशपांडे ने सभी ग्राहकों,उद्यमियों और निवेशकों को बैंक की प्रगति के विभिन्न आयामों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हम अपनी आनलाईन सेवाओं के माधयम से देश की संपदा बढ़ाने में उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं। देश के अठारह राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों में हमारी 964 शाखाएं हैं जिनमें 57 लाख 22 हजार कर्मचारी कार्य कर रहे हैं।


    भोपाल शाखा के प्रबंधक लोकेश जैन ने बताया कि हम अपनी ग्राहक हितैषी बैंकिंग के माध्यम से आम नागरिकों का दिल जीत रहे हैं। ग्राहकों की छोटी छोटी सुविधाओं को हम तत्काल समाधान देकर उनका उचित मार्गदर्शन भी करते हैं। ग्राहकों के बताए अनुसार हम अपनी सेवाओं में लगातार सुधार और विस्तार भी कर रहे हैं। हमारा प्रबंधन हर निवेश की सुरक्षा पर विशेष ध्यान रखता है जिसकी वजह से हम देश के बैंकिंग मानकों पर लगातार खरे उतर रहे हैं।

    बैंक के ऊर्जावान कार्यकर्ताओं की वजह से ग्राहक सेवा सफल हो रही है.


    राजधानी के गणमान्य नागरिकों और श्रेष्ठि वर्ग ने बैंक पहुंचकर वर्षगांठ के आयोजन में हिस्सा लिया। दीप प्रज्जवलन के बाद केक काटा गया और सभी ने इक्विटास बैंक की सफलताओं की कहानियां सुनाईं। श्री मनोहर लाल टोंग्या ने कहा कि बैंक के कर्मचारियों के अच्छे व्यवहार और बैंक की सरल योजनाओं की वजह से हमें ज्यादा मुनाफा हो रहा है। बैंक में अनावश्यक नियमों का बोझ नहीं है। वरिष्ठ जनों को तो घर पहुंच सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। ज्यादातर काम बैंक के एप से निपट जाते हैं इसलिए हमें बार बार शाखा जाने की जरूरत नहीं पड़ती है।


    कार्यक्रम में पहुंचे श्री महावीर मेडीकल कालेज के प्रशासक आईएएस राजेश जैन ने कहा कि बैंक के नीति निर्धारकों ने उद्यमियों की सुविधा के लिए जो आधुनिक बैंकिंग दी है उससे संपदा निर्माण में मदद मिल रही है। श्री देवेन्द्र जैन ने कहा कि बैंक अपने ग्राहकों को मुनाफे का हिस्सेदार बना रहा है और इसके साथ साथ समाज कल्याण की भी योजनाओं में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर रहा है। आयोजन में पहुंचे श्री कमलेश सेन, श्रीमती प्रीति टोंग्या, श्री डी.आर.सोनी श्री सुरेश चंद्र प्रमोद सिन्हा, श्री देवेन्द्र जैन, श्री महेश सिंघल, सुरेश जैन आईएएस, श्री त्रिलोक जाजू, श्री प्रवीण कुमार सक्सेना, सीए मयंक अग्रवाल के अलावा बड़ी तादाद में गणमान्य नागरिकों ने बैंक पहुंचकर अपना स्नेह प्रदर्शित किया।


    क्षेत्रीय प्रबंधक अमित देशपांडे ने अपने स्टाफ के साथ ग्राहकों के प्रति आभार प्रकट किया और उन्हें कहा कि आपके बताए सुझावों पर अमल करके बैंक ग्राहकों को अपने मुनाफे में भागीदार बनाता रहेगा। इस अवसर पर सागर मल्टिसिटी हास्पिटल के सौजन्य से हेल्थ चैकअप शिविर भी आयोजित किया गया। जिसमें नागरिकों के रक्तचाप और डायबिटीज की मुफ्त जांच की गई।

  • इक्विटास बैंक के प्रशंसकों ने चलाई पर्यावरण बचाने की मुहिम

    इक्विटास बैंक के प्रशंसकों ने चलाई पर्यावरण बचाने की मुहिम


    भोपाल, 5 जून(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर). विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर इक्विटास बैंक के प्रशंसकों और ग्राहकों ने शालीमार एन्क्लेव परिसर में पौधा रोपण करके पर्यावरण बचाने की मुहिम शुरु की है। रोपण किया गया। इस अवसर पर समिति के रहवासियों ने अपने ही परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपित किए और अपने परिचितों को शहर के विभिन्न स्थानों में पेड़ लगाने के लिए उनके पौधे वितरित किए।


    इक्विटास बैंक एमपीनगर शाखा के प्रबंधक श्री लोकेश जैन ने बताया कि दुनिया भर में बढ़ते तापमान का असर अब नजर आने लगा है। ग्लैशियर पिघल रहे हैं और ऋतु चक्र बदलने लगा है। ऐसे में खाद्यान्न उत्पादन का कैलेन्डर बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। बैंक ने अपने सामाजिक उत्तरदायित्व का निर्वहन करते हुए आम नागरिकों के बीच में जन जागरण अभियान चलाया है। जिन नागरिकों को हमारी बैंकिंग सुविधाओं से फायदा पहुंच रहा है हमने उन्हें खासतौर पर पर्यावरण प्रतिनिधि के रूप में समाज का मार्गदर्शन करने को प्रेरित किया है।


    उन्होंने बताया कि इक्विटास बैंक ने अपने वित्तीय प्रबंधन में नवाचारों के चलते कम समय में ऊंचा लाभांश देकर आम नागरिकों का जीवन सफल बनाया है। हम अपने कुशल वित्तीय सलाहकारों की मदद से आम नागरिकों को अपना वित्तीय प्रोफाईल सुधारने में मदद कर रहे हैं। ऐसे में आम नागरिकों के मन में हमारी बैंकिंग प्रणाली अपनी साख स्थापित करती जा रही है। अपनी इस कारोबारी साख के माध्यम से हम पर्यावरण अनुकूल बेहतर समाज का निर्माण करने का प्रयास कर रहे हैं। हमारे इस अभियान में हमारे बैंकिंग मार्गदर्शकों का पूरा सहयोग मिलता है। बैंक प्रबंधन के उच्चाधिकारी भी यही चाहते हैं कि हम अपनी बैंकिंग गतिविधियों से समाज में संतोष और उत्तरदायित्व का भाव विकसित करें। इस कार्यक्रम में बैंक के सीएसआर विभाग के राजेश भूमरकर ने आगे बढ़कर अपना सक्रिय सहयोग प्रदान किया।


    श्री जैन ने बताया कि विश्व पर्यावरण दिवस के वृक्षारोपण कार्यक्रम में आम नागरिकों के साथ क्षेत्रीय प्रबंधक अमित देश पांडे, क्लस्टर प्रमुख मनीष मरदवार, ने भी अपना सक्रिय योगदान देकर कार्यक्रम को गरिमा प्रदान की।उन्होंने बताया कि हमारे बैंक का हर कर्मचारी अपने ग्राहकों को बेहतर वित्तीय प्रबंधन की सलाह देता है और उन्हें पर्यावरण बचाने की सामाजिक जिम्मेदारी निभाने की प्रेरणा भी देता है।

  • सफलता की आठवीं सीढ़ी जा पहुंचा इक्विटास बैंक

    सफलता की आठवीं सीढ़ी जा पहुंचा इक्विटास बैंक


    राज्यों की सरकारों ने इक्विटास बैंक को भागीदार बनाकर अपनी आय बढ़ाई

    भोपाल, 5 सितंबर(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)।तमिलनाडू के चेन्नई से वर्ष 2016 में शुरु हुआ इक्विटास स्माल फाईनेंस बैंक आज सात साल पूरे करके आठवें वर्ष में प्रवेश कर गया है, बैंक ने राजधानी में इस अवसर पर एक उत्सव का आयोजन किया। अपनी इस यात्रा में बैंक ने लोगों का भरोसा जीता और 3641 करोड़ रुपए की पूंजी जुटाई है।अप्रैल-जून की तिमाही में बैंक ने अपने नेट प्राफिट में 97.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज कराई । इन सफलताओं को देखते हुए शेयर बाजार ने भी बैंक को अपनी सलामी दी है। राजधानी में आज इक्विटास बैंक की वर्षगांठ के अवसर पर लाभ उठाने वाले निवेशकों और हितग्राहियों ने बैंक का जन्मदिन उत्साह पूर्वक मनाया।

    भोपाल चैंबर्स आफ कामर्स ने केक काटकर इक्विटास बैंक को सफलता की शुभकामनाएं दीं.


    भोपाल चैंबर्स आफ कामर्स के अध्यक्ष तेजकुल पाल सिंह पाली, फार्मेसी काऊंसिल के अध्यक्ष संजय जैन, रेलवे बोर्ड सदस्य कमलेश सेन, भोपाल कैट के अध्यक्ष रामबाबू शर्मा, मनोहर लाल टोंग्या, श्री कोल इंडस्ट्री के मनोज जैन, विदिशा के व्यवसायी विजय कदरे, नगरीय प्रशासन विभाग के वरिष्ठ अभियंता रवि चतुर्वेदी, सीनियर चार्डर्ड अकाऊंटेंट बी.आर.सोनी, एड्व्होकेट सीमा शाही,मूंदड़ा एंडरप्राईजेस के चंद्रमोहन नेमा, प्रापर्टी डीलर अशोक सिंह, जय स्टेशनरी वाले जेपी मड़वैया,संजीव शर्मा समृद्धि इंटरप्राईजेस,समेत कई गणमान्य नागरिकों ने दीप प्रज्ववलन करके और केक काटकर बैंक को शुभकामनाएं दीं। बैंक की ओर से रीजनल मैनेजर अमित देशपांडे,भोपाल संभाग बैंक समूह के प्रबंधक मनीष मरदद्वाज,शाखा प्रबंधक लोकेश जैन ने सभी आगंतुकों का स्वागत और अभिनंदन किया। बैंक की ओर से जन कल्याण कार्यो के अंतर्गत जरूरतमंद लोगों और बच्चों को आवश्यक सामग्री का वितरण भी किया गया।

    मध्यप्रदेश फार्मेसी काऊंसिल के अध्यक्ष संजय जैन ने इक्विटास बैंक की सफल यात्रा पर केक काटकर बधाई दी.


    वासुदेवन पठानी नरसिम्हन के मार्गदर्शन में आधुनिक बैंकिंग का प्रतीक बनते जा रहे इस बैंक ने अपने नाम को सार्थक कर दिखाया है। करोड़ों लोगों की बैंकिंग जरूरतों को पूरा करते हुए बैंक ने शेयर बाजार में भी धाक जमा ली है। महज सात सालों के कार्यकाल में बैंक ने पूरे देश में 882 शाखाएं स्थापित की हैं जहां से फाईनेंस के साथ साथ तमाम बैंकिंग सुविधाओं को संचालित किया जा रहा है। महाराष्ट्र ,छत्तीसगढ़ जैसे पड़ोसी राज्यों के अलावा कई अन्य राज्यों की सरकारों के कामकाज में सफल भागीदार रहते हुए बैंक ने प्रदेश सरकारों की आय बढ़ाने में उल्लेखनीय योगदान दिया है।


    बैंक की सफलता की वजह इसका सफल धन प्रबंधन है। बैंक ने अपनी आनलाईन सेवाओं के माध्यम से अनावश्यक खर्चों को घटाने में सफलता पाई है। जनधन का उचित निवेश और बेहतर मुनाफा अर्जित करके बैंक ने अपने ग्राहकों को उनकी पूंजी का अधिकाधिक लाभ उपलब्ध कराया है। आज इक्विटास स्माल फाईनेंस बैंक अपने निवेशकों को फिक्स जमा राशियों पर नौ फीसदी से अधिक ब्याज उपलब्ध करा रहा है। इसके साथ ही बैंक ने ऐसे ऋणदाताओं का नेटवर्क खड़ा किया है जो सफल कारोबारों से बैंक को खासा लाभ दिलवा रहे हैं।


    बैंक की जीवंत सेवाओं को देखते हुए श्रंगेरी सारदा मठ ने इक्विटास हेल्थकेयर फाऊंडेशन के तहत कैंसर रोगियों की देखभाल और उपचार का विशाल अभियान चलाया है। इसमें रोगियों को मुफ्त उपचार उपलब्ध कराया जाता है। बैंक अपने मुनाफे का 5 फीसदी हिस्सा इसी तरह के जनकल्याणकारी कार्यों पर खर्च करता है।

  • फाईनेंशियल प्लानिंग से अमर वैभव की यात्रा

    फाईनेंशियल प्लानिंग से अमर वैभव की यात्रा


    पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की जद्दोजहद में भारत ने कई पुरानी ढपोरशंखी परंपराओं को तिलांजलि दे दी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जिस तरह आर्थिक हालात को बदलने में सफलता पाई है उससे भारत के वैभव की अमरगाथा आज पूरी दुनिया गौर से सुन रही है। मौजूदा हालात में हमें वित्तीय प्रबंधन के नए तौर तरीके सीखने होंगे। इसे जिम्मेदारी कहना भी कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी. इसे जरूर निभाएं।


    पैसा पैसे को खींचता है… हम सभी ने ये कहावत जरूर सुनी है. इसका शाब्दिक अर्थ निकाला जाए तो हम कहेंगे, आज आत्मीय रिश्तों की उतनी महत्ता नहीं है जितनी कि रुपये-पैसों की है. अब ज़रा इसे हम अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में ढालकर इस पर अमल करें तो… हम वाकई रुपये-पैसों के महत्व को समझते हुए बचत को तवज़्जो देंगे, और जिस तरह से दुनियाभर में अनिश्चितताओं का बाजार गर्म है, बचत करना समझदारी भरा कदम है और यह कदम उठाना हम सभी के लिए बेहद जरूरी हो गया है. बल्कि हमें अब एक कदम और आगे बढ़ने की जरूरत है, वो कदम है — हमें अपने बच्चों को रुपये-पैसों का गणित सिखाने और बचत के महत्व को समझाते हुए उन्हें इसके तरीके बताने होंगे. यही सही समय है कि हम इसे अपनी नैतिक जिम्मेदारी बना लें.


    India Brand Equity Foundation (IBEF) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में दुनिया का शीर्ष वित्तीय साक्षर देश (financial literate country) होने की क्षमता है क्योंकि 25-44 आयु वर्ग के 27.6 प्रतिशत लोग वित्तीय शिक्षा के माध्यम से वित्तीय समावेशन (financial inclusion) कार्यक्रम में भाग लेना जारी रखते हैं. रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि यदि 10-19 आयु वर्ग के युवाओं को भी उचित वित्तीय शिक्षा प्रदान की जाती है, तो अगले दो दशकों में यह दर 20% से अधिक बढ़ सकती है. यह समूह भारत की आबादी का लगभग 21.8% है.


    आपको अपनी नैतिक जिम्मेदारी निभाने में अर्थात् अपने बच्चों को रुपये-पैसों का हिसाब-किताब सिखाने और बचत के महत्व को समझाने में… पैसों की समझ जरूरी है। अपने अनुभवों के आधार पर हम कह सकते हैं कि वित्तीय संकट का समय हमें पैसों को मैनेज करने और इसका सही उपयोग करना सिखाता है. बच्चों को अपनी मेहनत की कमाई का विवेकपूर्ण तरीके से उपयोग करने और पैसे के मामलों से अवगत होने में मदद करने के लिए आर्थिक रूप से साक्षर बनाना आवश्यक है. पैसा हमारे दिन-प्रतिदिन के जीवन के लिए बेहद जरूरी है, हम न केवल पढ़ाई के लिए इसका उपयोग करते हैं बल्कि हम जो खाते हैं, कपड़े पहनते हैं, तकनीक का उपयोग करते हैं और बहुत कुछ करते हैं. ऐसे में अगर आप अपने बच्चों के सामने पैसों का जिक्र नहीं करते हैं, तो वे इसका महत्व नहीं समझ पाएंगे या उन्हें इसे समझने में देर हो जाएगी. उन्हें बताएं कि पैसा कमाना और खर्चों का हिसाब-किताब करना कितना कठिन है. उन्हें यह महसूस करने में मदद करें कि बचत या निवेश के माध्यम से फंड का सबसे उचित उपयोग मौजूदा फंड का ज्यादा से ज्यादा सदुपयोग करना है.


    पैसा कमाया जाता है अपने बच्चों को यह समझने में मदद करना आवश्यक है कि पैसा कमाना इतना आसान नहीं है, बल्कि इसके लिए कड़ी मेहनत की आवश्यकता होती है. आप उन्हें यह सिखाएं कि आप एक परिवार के मुखिया होने के नाते पैसा कैसे कमाते हैं और उन्हें सैलरी का अर्थ समझाएं. इस तरह, आप पैसों के महत्व को समझने में उनकी मदद कर सकते हैं. इससे उन्हें पैसों की अहमियत का एहसास होगा. खर्चों का हिसाब-किताब समझाएं हम हर रोज अपनी दैनिक जरूरतों के लिए अपनी जेब ढीली करते हैं, और पूरे खर्चों का हिसाब-किताब रखते हैं. यह हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा है. इसलिए, वित्तीय साक्षरता हर जगह सिखाई जा सकती है – उदाहरण के लिए, खरीदारी करते समय, आप अपने बच्चों को उनकी चाहत और ज़रूरत के बीच का अंतर सिखा सकते हैं. आप इस अवसर का लाभ उठाकर उन्हें यह समझने में मदद कर सकते हैं कि क्रेडिट या डेबिट कार्ड क्या हैं और/या नकद कैसे काम करता है और कुछ खरीदते समय कैसे इसका उपयोग किया जाता है. आप खरीदारी के बिलों को समझने में भी उनकी मदद कर सकते हैं जिनमें प्राप्त वस्तु के अनुसार लागत और अन्य महत्वपूर्ण विवरण शामिल हैं.


    पैसों की बचत का महत्व समझाएं जैसा कि हमने पहले कहा है — अपने बच्चों को पैसों की बचत के महत्व को समझाना; अपनी नैतिक जिम्मेदारी बना लें. खर्चों को समझने में आप अपने बच्चों की मदद करें और आय और बचत इसमें एक बड़ी भूमिका निभाते हैं. उन्हें सिखाएं कि पहले बचत करना और उसके अनुसार खर्चों को समायोजित करना आवश्यक है. उन्हें अपनी पॉकेट मनी का कुछ हिस्सा अपने गुल्लक में बचत के रूप में रखने की आदत डालने में मदद करें और एक लक्ष्य निर्धारित करें. यह न केवल उन्हें बचत के मूल्य का एहसास कराने में मदद करेगा बल्कि धन-प्रबंधन की बात आने पर उन्हें स्वतंत्रता की भावना महसूस करने में भी मदद करेगा।.