इस महाकुंभ के शाही स्नान में बारह फरवरी से छह करोड़ से अधिक लोग एक साथ गंगा, यमुना और सरस्वती नदियों के संगम में स्नान करने जा रहे हैं। तीर्थयात्रियों के अखाड़ों से जुड़े लाखों सनातनी एक साथ महाकुंभ में होंगे। महाकुंभ पहली बार नहीं जा रहा है। ये परम्परा सनातनकाल से चली आ रही है। ऐसे भगवान के दरबार में दमोह जिले के कुंडपुर तीर्थ में बड़े बाबा के चंद ओछे भक्तों की जो थू थू हो रही है वह विचारणीय है। यहां जैन मुनि अंतरमना आचार्य आकर्षक सागर जी को मंदिर समिति के कुछ सदस्यों ने निराहार गमन करने के लिए मजबूर कर दिया। अंतरमना संघ के भक्तगण यहां नए साल के आगमन के अवसर पर भजन संध्या का आयोजन करना चाह रहे थे। मंदिर समिति का कहना था कि तीर्थ क्षेत्र की ओर से एक कार्यक्रम आयोजित किया गया है इसलिए दूसरे कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी जा सकती। बांसुरी म्युजिकल ग्रुप के अक्षय पंड्या और डिशी जैन की भजन मंडली ये कार्यक्रम प्रस्तुत करने जा रही थी। समिति के कुछ कुटिल मंदिर समिति ने कहा कि लड़कियां नाचने के इस कार्यक्रम के बारे में विचार नहीं किया जा सकता है। कहा जा रहा है कि यह धार्मिक आयोजन आचार्य श्री आकर्षक सागर जी के नाम पर हो रहा था इसलिए मंदिर समिति ने इस पर रोक लगा दी। आकर्षक सागर जी तो अगले दिन सुबह क्षेत्र से निराहार गमन कर गए इस घटना पर कई सवाल कर दिए गए हैं। कुंडपुर में इस तरह की घटनाएं बार-बार क्यों घटती हैं। यहां आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज की कृपा से विशाल मंदिर बनकर तैयार हो गया है। सैकड़ों साज़िशों के मंदिर बने हुए हैं। ये विशाल तीर्थ पूरी दुनिया में जैन धर्म की कीर्ति पताका फहरा रहा है। पूर्ण होने के बाद आचार्यश्री मंदिर में विशाल पंच कल्याणक महोत्सव के लिए गए थे। आचार्यश्री ने भी तीर्थ क्षेत्र से यात्रा की थी। निर्यापक बनाये गये सुधा सागर जी महाराज ने भी तीर्थ क्षेत्र से कुछ ऐसी ही मनःस्थिति में गमन किया था। जबकि वे तो आचार्य श्री के ही नियुक्त किये गये निर्यापक संत थे। आचार्य सागर जी को गणाचार्य पुष्पदंत सागर जी ने चार शिष्यों के साथ आचार्य की पदवी प्रदान की है। ये समाधिनाथ पुलक सागर जी,प्रमुख सागर जी और प्रमुख सागर जी भी शामिल हैं। इस समारोह में जाने वाले प्रोफेसर के पदवी में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड एलेक्टोल ने प्रतिनिधि के रूप में अपने सलाहकार प्रोफेसर फिलिप एलेक्जेंड्रा को भी भेजा था। ये अमेरिकी सरकार की ओर से उनका सम्मान था। ऐसे विद्वान संत को कुंडलपुर समिति ने क्यों स्वीकार नहीं किया, इस पर पूरी दुनिया के जैन समाज के बीच गंभीर सांत्वना मनन चल रहा है। निश्चित रूप से आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज का वास्तुशिल्प अद्वितीय है। बड़े बाबा भगवान आदिनाथ की विशाल प्रतिमा बिना खंडित किस चमत्कारिक तरीके से नए मंदिर में हो गई ये अनोखी घटना। लाल पत्थर से बना कुंड, पुरी का जैन मंदिर, अयोध्या के भगवान श्रीराम के मंदिर की ऐसी ही अद्भुत संरचना है। इस तीर्थ क्षेत्र की वंदना करने के लिए दक्षिणी आचार्य श्री आकर्षक सागर जी की सेवा और साख लेकर यहां की प्रबंधन समिति तीर्थ क्षेत्र की यशोगाथा पूरी दुनिया में निकाली जा सकती थी, लेकिन समिति में पाई गई जगह पर कुछ ओछे लोगों ने इसे तीर्थ क्षेत्र की गरिमा का खंडन कर दिया। तीर्थ क्षेत्र समिति के अध्यक्ष चंद्रकुमार सराफ उस वक्त वहां मौजूद नहीं थे। इस घटना के बाद उन्होंने खेद भी व्यक्त किया। असल में उनके कुछ षडयंत्रकारी कार्यकर्ताओं ने ये कहा था कि निवृत्तमान अध्यक्ष संतोष सिंघई ने मंदिर की कमान दमोह के बाहर जैन धर्मावलंबियों के हाथों में दे दी है। दरअसल मंदिर निर्माण में पूरी दुनिया में अंतिम जैन धर्मावलंबियों ने बढ़-चढ़कर अपना योगदान दिया था। तब आचार्य श्री ने सकारात्मक लोगों को दिये महत्वपूर्ण उत्तर। कुछ लोगों को मंदिर निर्माण के कार्य से दूर रखा गया था। आज वही लोग मंदिर के आभूषण बन गए हैं और वे कुंडलपुर की चमक-दमक को फीका करने की वजह बन रहे हैं। आचार्यश्री ने इस मंदिर को पूरी दुनिया तक पहुंचाने के लिए जैन धर्म की वकालत का संदेश दिया था। आज भारत में जैन धर्म को अल्पसंख्यक माना जाता है। सनातन धर्म के विभिन्न मतावलंबियों में भी जैन धर्म के मतावलम्बियों को प्रेरणा लेनी होगी।
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दमोह में बिजली सुधारों के लिए 95 करोड़ मंजूर
भोपाल,28 मई( प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा है कि दमोह जिले की विद्युत अधो-संरचना को सुदृढ़ करने एवं विद्युत हानियों को कम करने के उद्देश्य से 95 करोड़ रूपये स्वीकृत किये गए हैं। इसमें से केन्द्र सरकार द्वारा रिवेम्पड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम के प्रथम चरण में 49 करोड़ रूपये और राज्य सरकार द्वारा 46 करोड़ रूपये स्वीकृत किये गए हैं।
स्वीकृत कार्यों में 220/132 के.व्ही. अति उच्च दाब पॉवर ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि, 220/132 के.व्ही. अतिरिक्त अति उच्च दाब पॉवर ट्रांसफार्मर स्थापना, 2 नवीन 33/11 के.व्ही. उप केंद्र निर्माण, वोल्टेज व्यवस्था में सुधार के लिए 28 स्थान पर कैपेसिटर बैंक स्थापना, 48 उच्च दाब फीडरों का विभक्तिकरण कार्य, 975 वितरण ट्रांसफार्मर स्थापना, 3308 किलोमीटर निम्न दाब लाइनों का केबलिंग कार्य, 396 उच्च दाब फीडरों का विभक्तिकरण और कंडक्टर क्षमता वृद्धि के कार्य शामिल हैं। इससे दमोह जिले की लगभग 13 लाख की जनसंख्या लाभान्वित होगी। साथ ही आगामी 10 वर्षों की विद्युत माँग की सफलतापूर्वक पूर्ति हो सकेगी।
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भारत के स्वाभिमान को जाग्रत करने का सबसे अनुकूल अवसरः आचार्य श्री विद्यासागर जी
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कुंडलपुर को पवित्र क्षेत्र घोषित कियाकुंडलपुर 21 फरवरी (प्रेस इँफार्मेशन सेंटर)। दमोह जिले में स्थित जैन तीर्थ क्षेत्र कुंडलपुर में आज मुख्यमंत्री शिवराज सिंहासन चौहान ने धर्मसभा में आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के सामने कहा कि तीर्थ क्षेत्र के आसपास के 7 किलोमीटर क्षेत्र को पवित्र स्थल के रूप में नोटिफाई किया जाएगा, यहां मांस मदिरा व अन्य अनैतिक गतिविधियों पर सख्ती से रोक रहेगी। चौहान आज सपत्नीक कुंडलपुर महोत्सव में शामिल होने पहुंचे थे।
कुंडलपुर महोत्सव में आज ज्ञान कल्याणक (पूर्व) के धार्मिक अनुष्ठान प्रतिष्ठाचार्य विनय भैया के निर्देशन में किये गये। दोपहर में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपने मंत्रिमंडल सहयोगी गोपाल भार्गव व ओमप्रकाश सकलेचा के साथ महोत्सव स्थल पहुंचे। उनके साथ उनकी पत्नि श्रीमती साधना सिंह भी थीं। पूर्व वित्तमंत्री जयंत मलैया और रामकृष्ण कुसमरिया भी इस अवसर पर उपस्थित थे। कुंडलपुर कमेटी ने मुख्यमंत्री और श्रीमती साधना सिंह को चांदी का मुकुट पहनाकर, चांदी का प्रशस्ति पत्र सौंपा। चौहान ने आचार्यश्री विद्यासागर जी महाराज के चरणों में श्रीफल भेंटकर आचार्यश्री का संघ सहित आशीर्वाद लिया।
आचार्यश्री विद्यासागर जी का आशीर्वाद लेने पहुंचे शिवराज सिंह चौहान और उनकी धर्मपत्नी
आचार्यश्री ने प्रवचन में कहा कि भारत के गौरवशाली इतिहास को सामने लाना जरूरी है।ये तभी संभव है जब देश को इंडिया बनाने के बजाए भारत बनाया जाए। भारत की मुद्रा का अवमूल्यन केवल इसलिए हो रहा है क्योंकि हमने आत्मनिर्भरता की राह छोड़कर आयातित सोच को महत्व देना बंद नहीं किया है। आजादी के बाद संविधान निर्माताओं ने भगवान आदिनाथ का प्रतीक चिन्ह संविधान पर अंकित किया था। भगवान आदिनाथ ने समाज को आत्मनिर्भरता का संदेश दिया था। उन्होंने कहा कि कोरोना जैसी बीमारियों को दूर भगाना चाहते हो तो आयुर्वेद पर जोर देना होगा। आजादी के बाद साढ़े सात दशक बीत चुके हैं अब हमें तेजी से काम करना होगा।
आचार्य श्री ने कहा कि देश की बुलंदी के लिए हमें भाषा की भूमिका की पहचान करनी होगी। संविधान में हमने बहुत सारी बातें शामिल की हैं लेकिन हमारी संस्कृति की सोच को हम अब तक केन्द्र में नहीं ला पाए हैं। हमारे न्यायालय जनता की भाषा में घोषणा नहीं करते हैं इसलिए जनता की आस्था लोकतंत्र में स्थापित नहीं हो पा रही है। अदालत में भाषा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि मातृभाषा का असर पूरे समाज पर पड़ता है। पिता की भाषा(अंग्रेजी) देश के व्यक्तित्व का विकास अब तक नहीं कर पाई है। हम विदेशी विचार के प्रभाव में अपनी सहमति भले ही दे दें लेकिन इससे हमारी असफलता की इबारत ही लिखी जाती है। प्राणी की रक्षा तभी संभव है जब हम नकारात्मक भाव को तिलांजलि देंगे और हां की कूबत देखेंगे। सकारात्मकता का असर इतना प्रभावी होता है कि उसके नतीजे देखकर हम दंग रह जाते हैं।
उन्होंने कहा कि कुंडलपुर के लोगों ने दस दिनों में विशाल पंचकल्याणक की तैयारियां करके साबित किया है कि यदि हम ठान लें तो सब संभव हो सकता है। भारतीयता को लागू करने में सरकारों को कोई शंका नहीं करनी चाहिए। जनता भी सब समझ रही है। आप आगे बढ़ें ,शंका न करें कि कुर्सी हिल जाएगी। जनता आपके सद्प्रयासों को हाथों हाथ लेगी, और आपकी कुस्री भी नहीं हिलेगी।हमें किसी पर अधिकार नहीं करना है,हमारी मंशा साफ है तो जाहिर है कि सबके अधिकार सुरक्षित रहेंगे। हमारी संस्कृति हमारे जीवन का अंग है, यही राष्ट्र के अंग अंग में ऊर्जा भरती है। हमारे देश में रामायण भी पढ़ी जाती है और महाभारत भी। आप इस संस्कृति पर चलेंगे तो देखेंगें कि जिस तरह आधी रात को विभीषण स्वयं चलकर राम की शरण में आया था और रावण राज का अंत हो गया था उसी तरह हम यदि आगे बढ़ेंगे तो सभी परेशानियों का अंत हो जाएगा। आज देश को सबसे उत्तम अवसर मिला है। हम फैसलें लेंगे तो दुनिया में कोई भी भारत को हिला नहीं पाएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के माध्यम से देश के नेताओं को संदेश दिया कि हम अपनी विचारधारा को मजबूत करेंगे तो उनकी राजनीति को कोई नुक्सान नहीं पहुंचेगा।
कुंडलपुर महोत्सव में विशाल जनसमूह के सामने शिवराज सिंह ने 17 जनवरी 2006 की तारीख को याद करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री का पद संभाले सिर्फ दो महीने हुए थे, तभी आचार्यश्री ने बड़े बाबा को बड़े सिंहासन पर विराजमान करने का भाव किया। कलेक्टर एसपी और सभी कानूनविद चेतावनी दे रहे थे कि ऐसा हुआ तो सरकार जा सकती है। मैंने तय कर लिया सरकार जाए तो चली जाए, लेकिन आचार्यश्री की भावना के अनुसार बड़े बाबा को बड़े सिंहासन पर विराजमान करके रहेंगे। चौहान ने कहा कि पिछले चुनाव में हमारी सरकार चली गई थी। हमने सोचा अब पांच साल तक विपक्ष में बैठना है, लेकिन बडे बाबा आदिनाथ भगवान और छोटे बाबा आचार्यश्री की कृपा से मुझे फिर से मुख्यमंत्री पद मिला। मैं भाग्यशाली हूं कि बड़े बाबा के भव्य व दिव्य मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा मेरे कार्यकाल में हो रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के संचालन में कभी कभी कुछ अड़चनें आती हैं। कुछ फैसले लेने में परेशानी होती है। ऐसे में मैं आचार्यश्री के चित्र के सामने ध्यान लगाने बैठता हूं और मेरी सारी समस्याओं का हल मुझे मिल जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आचार्यश्री को प्रणाम किये बिना वह घर से नहीं निकलते। चौहान ने पहली बार आचार्यश्री से कहा कि सभी के प्रति करूणा रखने वाले आचार्यश्री अपने शरीर के प्रति इतने निर्मोही क्यों हैं? मानवता के कल्याण के लिये आचार्य भगवन का हमारे बीच रहना बहुत जरूरी है।
आचार्यश्री के प्रवचन से पहले निर्यापक मुनिश्री सुधासागर जी महाराज ने सुझाव दिया कि कुंडलपुर के 100 किलोमीटर क्षेत्र को पशुओं के लिये अभ्यारण्य घोषित किया जाए, जहां पशु निर्भय होकर विचरण कर सकें।
कुंडलपुर महोत्सव में कल मंगलवार को भगवान आदिनाथ का ज्ञान कल्याणक महोत्सव मनाया जाएगा। सुबह से ही धार्मिक अनुष्ठान शुरू होंगे। दोपहर में आचार्यश्री समोशरन में बैठकर प्रवचन देंगे। -

प्रहलाद पटेल बोले दमोह के टमाटर को फूड प्रोसेसिंग नीति का लाभ मिलेगा
भोपाल,18 दिसंबर(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। देश में अगस्त 2019 से जल जीवन मिशन का कार्य प्रारंभ हुआ, लेकिन मध्य प्रदेश में इसका काम मई 2020 से प्रारंभ हुआ। मध्य प्रदेश में जल जीवन मिशन के पूर्व 14.5 प्रतिशत घरों में नल से जल प्रदाय था, जो अब बढ़कर 36.5 प्रतिशत हो चुका है।
यह बात केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग एवं जल शक्ति राज्य मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने शनिवार को भोपाल में पत्रकार वार्ता में कही। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत प्रदेश में 2024 तक कुल 1 करोड़ 22 लाख क्रियाशील घरेलू नल कनेक्शन उपलब्ध कराए जाने हैं। 17 दिसंबर 2021 तक प्रदेश में 44.64 लाख (36.5 प्रतिशत) परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन उपलब्ध करा दिए गए हैं। पटेल ने कहा कि मध्य प्रदेश अकेला राज्य है, जिसमें समस्त जिला स्तरीय पेयजल परीक्षण प्रयोगशालाएं NABL प्रमाणित हैं। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के तेजी से क्रियान्वयन के लिए प्रदेश के बजट को वर्ष 2021-22 में तीन गुना (5824 करोड़ रुपये) किया गया, जिससे राज्यांश व्यय करने में मप्र (1260 करोड़ रुपये) प्रथम स्थान पर है।
आज केन्द्रीय मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने दमोह की चना दाल और टमाटर की फूड प्रोसेसिंग को बढ़ावा देने की बात कही, (वीडियो आईएनएच टीवी के सौजन्य से उपलब्ध)उन्होंने प्रेस इंफार्मेशन सेंटर को आश्वासन दिया कि दमोह जिले के रंजरा में बनाई जा रही गौशाला शीघ्र ही प्रारंभ हो जाएगी ।इसके लिए उन्होंने प्रशासन को स्पष्ट निर्देश भी दिए। पत्रकार वार्ता में मध्यप्रदेश की पूर्व मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस, डॉ.हितेश वाजपेयी, भोपाल भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष विकास वीरानी,प्रवक्ता सुश्री नेहा बग्गा समेत कई अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित थे।

