राजा भोज हवाईअड्डे पर संदिग्ध लोगों की घुसपैठ


भोपाल,14 मई(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। राजा भोज विमान तल इन दिनों कई संदिग्ध गतिविधियों की वजह से संदेह के घेरे में आ गया है। संदिग्ध कर्मचारियों की घुसपैठ, हवाला तस्करों की आवाजाही और निर्माण संबंधी घोटालों की वजह से न केवल भोपाल बल्कि देशविदेश की हवाई यात्रा करने वालों के लिए ये विमानतल असुरक्षित होता जा रहा है। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण और टाटा के स्वामित्व वाली इंडियन एयरलाईंस जैसी दो एजेंसियों के बीच तालमेल न बन पाने की वजह से कई असामाजिक तत्व भी हवाई यात्रा के मार्ग में विषकंटक बन गए हैं।


ताजा मामला एक संदेहास्पद कर्मचारी को घुसपैठ कराने और फिर उसे बचाने का सामने आया है। भोपाल एअरपोर्ट पर एआईएएसएल का कर्मचारी गुलरेज आठ दिन की छुट्टी पर था, वापस आया और बिना किसी परमिशन के चुपके से ड्यूटी आरंभ कर दी।उसकी ड्यूटी आरंभ कराने में एअर इंडिया के ही एक सीनियर असिस्टेंट नासिर खान ने मुख्य रोल निभाया । हाइली सेंसटिव एरिया माने जाने वाले इस एअरपोर्ट पर युद्ध की आशंका से अतिरिक्त सुरक्षा ऐहतियात बरते जा रहे हैं । इस गुलरेज नाम के कर्मचारी का एयरपोर्ट एंट्री पास खत्म होने के बावजूद नासिर खान ने इसकी सूचना अपने अधिकारियों को नहीं दी। यह 9 मई से लगातार बिना पास के नौकरी करता रहा।बाहर मई को एअर इंडिया के एक सुरक्षा कर्मचारी ने विमान पर ड्यूटी कर रहे गुलरेज का पास चैक किया तो वह सदमे में आ गया कि किसी भी हो जाने वाली वारदात के चपेटे में वह स्वयं भी आ सकता है। एअरपोर्ट पर केन्द्रीय सुरक्षा एजेंसी सीआईएसएफ की इतनी बड़ी चूक को अब छुपाया जा रहा है।
कर्मचारियों का कहना है कि गुलरेज खान के विरुद्ध कोई कार्रवाई केवल इसलिए नहीं की जा रही है क्योंकि एआईएएसएल के उत्तरी क्षेत्र का मुख्य अधिकारी अब्दुल गफ्फार खान है और नासिर खान, अब्दुल गफ्फार खान का खास कर्मचारी है।


एक अन्य मामले में एअर इंडिया का एक संदिग्ध अधिकारी पारेश गांधी भोपाल में पदस्थ था। उसे महिला कर्मचारियों का यौन शोषण, भ्रष्टाचार, हेराफेरी आदि केसों में तीसरी बार सस्पेंड किया गया है। इस मामले में इन दिनों विजिलेंस की जांच भी भोपाल एयरपोर्ट पर चल रही है।बताते हैं कि इसने अब्दुल गफ्फार खान के साथ लगभग डेढ़ साल पहले ग्वालियर एअरपोर्ट पर हुई भर्ती में खुलकर भ्रष्टाचार किया । इस भर्ती के लिए हुए इंटरव्यू में कुछ लड़के भोपाल के भी चुने गए थे। भ्रष्टाचार में डूबे इन अधिकारियों ने इन योग्य लड़कों की सूची रोक ली। कुछ दिनों बाद अब्दुल गफ्फार खान ने इन लड़कों के स्थान पर कई मुस्लिम युवकों को भर्ती करवा दिया। अब्दुल गफ्फार खान उत्तरी क्षेत्र का सर्व सर्वा है और उसने चुपके से हुई इन भर्तियों की भनक किसी को नहीं लगने दी।ये सभी कर्मचारी बगैर पहचान पत्र जारी हुए आज भी नौकरी कर रहे हैं। इस बात की जानकारी कई राष्ट्रीय स्तर के मुस्लिम नेताओं को भी दी गई लेकिन उन्होंने जातिगत शोरशराबे में इस पर अपनी आंखें मूंद लीं।


कतिपय कर्मचारियों का कहना है कि एक महिला अधिकारी का शारीरिक शोषण करके चुपके से छः छः महीने के अनुबंध पर भोपाल में ज्वाइनिंग दी गई थी,जब यह राज खुलने का अंदेशा हुआ तो से उस महिला अधिकारी को दिल्ली स्थानांतरित कर दिया। अब्दुल गफ्फार खान एयर इंडिया की उस ग्राऊंड हैंडलिंग कंपनी का मुखिया है जो पैंतीस हवाई अड्डों के प्रबंधन का कार्य संभालती है। यही वजह है कि छुटपुट सुगबुगाहट वहीं दबा दी जाती है। संदिग्ध कर्मचारी गुलरेज और अब्दुल गफ्फार खान के बीच क्या रिश्ता है ये व्यापक जांच में ही पता चल सकता है।सूत्रों का कहना है कि जब गुलरेज विमान पर बिना पास के पाया गया है और यह गतिविधी संदिग्धता की श्रेणी में आती है तो सीआईएसएफ ने उसपर केस दर्ज क्यों नहीं किया,उसपर थाने में प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई।नासिर खान जो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी सुपरवाइजर है, उसे निलंबित क्यों नहीं किया गया।

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