डाक्टरों को मनपसंद जिलों में नौकरी की छूटः राजेन्द्र शुक्ल

विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए डिस्ट्रिक्ट रेसिडेंसी प्रोग्राम में हुआ संशोधन

भोपाल,19 दिसंबर(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त करने के लिये शासन प्रतिबद्ध है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य चिकित्सकों, विशेषज्ञों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिये डिस्ट्रिक्ट रेसिडेंसी प्रोग्राम में संशोधन किया गया है। 1 जनवरी 2025 से शुरू होने वाले इस कार्यक्रम के तहत शैक्षणिक सत्र 2022 के 319 स्नातकोत्तर छात्र चिकित्सकों को प्रदेश के विभिन्न जिला अस्पतालों में तैनात किया जाएगा। इस पहल से ग्रामीण इलाकों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपस्थिति सुनिश्चित होगी, साथ ही चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता में भी व्यापक सुधार होगा।

स्वास्थ्य आयुक्त तरुण राठी ने बताया कि मध्यप्रदेश सरकार ने ग्रामीण और पिछड़े जिलों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ाने के उद्देश्य से डिस्ट्रिक्ट रेसिडेंसी प्रोग्राम को संशोधित स्वरूप में लागू किया है। डिस्ट्रिक्ट रेसिडेंसी प्रोग्राम, जो 1 अप्रैल 2023 से मध्यप्रदेश में लागू हुआ था, अब 18 दिसंबर 2024 को जारी संशोधित नीति के तहत अधिक पारदर्शिता और प्रभावशीलता के साथ लागू किया जाएगा। प्रत्येक जिले में अधिकतम 12 छात्र चिकित्सकों की तैनाती की जाएगी, जिसमें प्रत्येक विषय के दो विशेषज्ञ शामिल होंगे।

इस नीति के तहत छात्र चिकित्सकों को अपनी पसंद के अनुसार जिले का चयन करने का अवसर प्रदान किया गया है। पिछड़े जिलों में सेवा देने के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि का प्रावधान भी किया गया है। साथ ही, निगरानी और पारदर्शिता के लिए “दर्पण पोर्टल” और “सार्थक एप” को आपस में जोड़ा गया है। इससे जिला अस्पतालों में विशेषज्ञ सेवाएं बेहतर होंगी, साथ ही छात्र चिकित्सकों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों का व्यावहारिक अनुभव भी प्राप्त होगा।

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