नदी जोड़ो परियोजना में राजस्थान और एमपी के बीच करार


भोपाल 30 जून(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने जिस नदी जोड़ो परियोजना का स्वप्न देखा था वह अब साकार होने जा रहा है। भारत की मोदी सरकार ने राजस्थान और मध्यप्रदेश दोनों की सरकारों को इस परियोजना पर शीघ्र अमल करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद आज मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डाक्टर मोहन यादव और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा की उपस्थिति में दोनों राज्यों के उच्चाधिकारियों ने अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं। विस्तृत कार्ययोजना भी केन्द्र को भेज दी गई है जिसमें परियोजना की 90 फीसदी लागत केन्द्र सरकार और 10 फीसदी लागत राज्य सरकारों ने देने की सहमति जताई है।


इस संबंध में आज पुरानी विधानसभा स्थित कंवेंशन हाल में हुए आयोजन में दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने इसे भारत को मजबूत बताने वाली महत्वाकांक्षी योजना बताया है। डाक्टर मोहन यादव ने कहा कि लगभग बीस साल पहले जब इस योजना की आधारशिला रखी गई थी तब से अब तक कई बार आर्थिक और कई बार राजनीतिक कारणों से इस परियोजना पर कार्य आरंभ नहीं हो पाया था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार ने समय सीमा में इस परियोजना पूरी करने का निर्देश दिया है और इस संबंध में केन्द्र सरकार की ओर से हरसंभव योगदान देने का आश्वासन दिया है। इसपरियोजना से लगभग साढ़े तीन लाख हेक्टेयर नई कृषि भूमि सिंचित बनाई जा सकेगी। लगभग तीस लाख किसान परिवारों को इस परियोजना से सीधा लाभ मिलेगा। सत्रह बांध बनाए जाएंगे जिनमें लगभग पंद्रह सौ मिलियन घन मीटर पानी व्यर्थ बहने से रोका जा सकेगा।


राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बताया कि ये परियोजना काफी पहले पूरी हो जानी चाहिए थी। कांग्रेस की सरकारों ने इस परियोजना में कोई रुचि नहीं दिखाई जिसकी वजह से लगभग दो दशक बाद इस परियोजना पर अमल शुरु हो पाया है। इस परियोजना से राजस्तान की लगभग तीन लाख हेक्टेयर नई जमीनें सिंचाई के दायरे में आ जाएंगी। ये परियोजना देश की आर्थिक विकास की रीढ़ बनने जा रही है। इस परियोजना को समयसीमा में पूरा किया जाएगा और जल्दी ही जनता को इस परियोजना का सीधा लाभ मिलने लगेगा।


जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट , विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश राजौरा, राज्य मंत्री कृष्णा गौर, व राजस्थान के अतिरिक्त मुख्य सचिव अभय कुमार भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

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