शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष वसीम रिजवी ने अपनाया हिंदू धर्म


डासना देवी मंदिर में यति नरसिंहानंद ने कराया शामिल

आगरा,06 दिसंबर,(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)।उत्तर प्रदेश शिया वक्‍फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन वसीम रिजवी ने इस्‍लाम धर्म छोड़कर हिंदू धर्म अपना लिया। सोमवार सुबह उन्होंने डासना देवी मंदिर मे शिवलिंग पर दुग्धाभिषेक कर हिदू सनातन धर्म में आस्था जताई। रिजवी रविवार रात को ही आगरा से डासना देवी मंदिर में आ गए थे। वसीम रिज़वी ने सबसे पहले वैदिक मंत्रों के साथ माँ काली की पूजा की और उसके बाद उनका शुद्धिकरण हुआ। उन्हें ब्राह्मण समाज में जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी नाम दिया गया।

बता दें कि पिछले महीने 12 नवंबर को वसीम रिजवी ने अपनी किताब ‘मोहम्मद’ के विमोचन के बाद कहा था कि यदि उनकी हत्या कर दी जाती है, तो उनका अंतिम संस्कार सनातन धर्म के विधि विधान से किया जाए। अंतिम संस्कार का अधिकार महामंडलेश्वर स्वामी नरसिंहानंद गिरि को देते हुए कहा था कि यदि उनकी हत्या होती है तो इस्लामिक रीति-रिवाज से उनका अंतिम संस्कार न करके उनका शव महामंडलेश्वर स्वामी नरसिंहानंद गिरी को दिया जाए और स्वामी जी सनातन रीति-रिवाजों से उनका अंतिम संस्कार करें।

भाजपा नेताओं ने दी बधाई…
वसीम रिज़वी के इस्लाम धर्म छोड़ सनातन धर्म छोड़ने पर बीजेपी के नेताओ ने सोशल मीडिया पर उन्हें बधाई दी.इसी कड़ी में सोशल बीजेपी प्रवक्ता नवीन कुमार jindal ने सोशल मीडिया ऐप को के माध्यम से लिखा-
वसीम रिजवी अब हरबीर नारायण सिंह त्यागी जी के नाम से जाने जाएंगे।
घर वापिस के लिए बधाई.

इसके साथ ही मध्य प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भी पत्रकारों से चर्चा के दौरान उन्हें बधाई दी और कहा –
उत्तर प्रदेश में शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष आसीन रिज़वी के फैसले का स्वागत है।
भारतीय संस्कृति सदैव से वसुधैव कुटुम्बकम और विश्व के कल्याण की बात करती रही है।

गौरतलब है कि पिछले कई सालों से वसीम रिजवी लगातार चर्चा में रहे हैं। अपने विवादित बयानों के चलते उन्हें कई बार अल्पसंख्यक संगठनों का विरोध झेलना पड़ा। इसके पहले वसीम रिजवी की किताब को लेकर भी काफी विवाद हुआ था.

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