Category: भोपाल

  • ज्योतिरादित्य सिंधिया ने संजय जैन को डाक्टरेट की मानद उपाधि से सम्मानित किया

    ज्योतिरादित्य सिंधिया ने संजय जैन को डाक्टरेट की मानद उपाधि से सम्मानित किया


    भोपाल,03 फरवरी(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। फार्मेसी और मेडीकल साईंस के क्षेत्र में विशेष योगदान के लिए केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मध्यप्रदेश फार्मेसी काऊंसिल के अध्यक्ष संजय जैन को डाक्टरेट की मानद उपाधि से सम्मानित किया है। मध्यांचल प्रोफेशनल विश्वविद्यालय भोपाल के प्रथम दीक्षांत समारोह में उन्होंने कहा कि दुनिया के दवा बाजार में भारत की भागीदारी बढ़ाने के लिए हमारे युवा और फार्मासिस्ट महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने श्री संजय जैन को डाक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किए जाने पर बधाई भी दी।


    इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय की चांसलर प्रीति पटेल. वाइस चांसलर श्री राय . राजीव गांधी विश्वविद्यालय के कुल गुरु डॉक्टर एस.सी. चौबे. कवि एवं साहित्यकार शैलेश लोढ़ा एवं डॉ प्रदीप कुमार जोशी पूर्व अध्यक्ष यूपीएससी भारत सरकार उपस्थित थे। कार्यक्रम में लगभग 500 छात्र-छात्राओं को भी उपाधि देकर सम्मानित किया गया।


    कार्यक्रम के समापन पर विश्वविद्यालय से संबंधित समिति के अध्यक्ष श्री अजीत पटेल ने अतिथियों का आभार प्रदर्शित किया।

  • शीश कटा लेंगे पर भोपाल चेंबर आफ कामर्स को जेबी संस्था नहीं बनने देंगेःतेजकुल पाल सिंह पाली

    शीश कटा लेंगे पर भोपाल चेंबर आफ कामर्स को जेबी संस्था नहीं बनने देंगेःतेजकुल पाल सिंह पाली


    भोपाल,30 जनवरी(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। भोपाल के व्यापारियों का प्रतिष्ठापूर्ण नेतृत्व कर रहे प्रगतिशील पैनल के अध्यक्ष तेजकुल पाल सिंह पाली ने कहा है कि यदि वक्त आया तो वे शीश कटाना मंजूर करेंगे पर भोपाल चेंबर आफ कामर्स को कभी किसी नेता या कार्पोरेट घरानों की जेबी संस्था नहीं बनने देंगे। व्यापारियों का कहना है कि पाली का पिछला कार्यकाल उपलब्धियों के भरा पूरा रहा है। उन्होंने चुनाव न कराए जाने पर तीन साल नौ महीने बाद केवल इसलिए इस्तीफा दिया था कि संस्था के चुनाव निष्पक्ष रूप से कराए जा सकें। प्रतिद्वंदी के रूप में चुनाव लड़ रहे कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष गोविंद गोयल ने पिछले सात सालों से खुद को Confedration of MP for Industry, Service & Trade (COMPIST) का स्वयंभू अध्यक्ष घोषित कर रखा है और संस्था के चुनाव तक नहीं कराए हैं।यह मुद्दा इस चुनाव में व्यापारियों को डराने वाला साबित हो रहा है।


    एक फरवरी रविवार को होने जा रहे भोपाल चेंबर आफ कामर्स के चुनावों में जो अंदरूनी कहानियां रिसकर बाहर आ रहीं हैं उनसे व्यापारियों के बीच नेतृत्व की खींचतान को लेकर खासी सरगर्मी देखी जा रही है। व्यापारियों का कहना है कि चुनाव को जातिगत गोलबंदी में धकेलने वाले कार्पोरेट के षड़यंत्र की पोल खुल चुकी है। खुद को पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के प्रतिनिधि के तौर पर प्रस्तुत करने वाले गोविंद गोयल को हराने के लिए व्यापारियों ने पहले मतदान फिर जलपान का नारा दिया है। कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में आकाश गोयल और उनके सहयोगियों ने जिस तरह अनाप शनाप पैसा खर्च करके संस्था को लगभग खरीदने की पेशकश की उससे भी व्यापारियों के बीच संदेह का माहौल गहरा गया है।

    गोविंद गोयलः कम्पिस्ट के चुनाव न कराकर खुद को स्वयंभू अध्यक्ष बनाना पड़ा भारी.


    सूत्र बताते हैं कि प्रगतिशील पैनल से उपाध्यक्ष पद का चुनाव लड़ रहे ट्रांसपोर्ट व्यवसायी कमल पंजवानी इस चुनाव में गेम चेंजर साबित हो रहे हैं। चेंबर के अध्यक्ष पद पर जब व्यापारियों ने आकाश गोयल के नाम पर असहमति जताई तो वे कमल पंजवानी को निर्विरोध अध्यक्ष के रूप में स्वीकार करने राजी हो गए थे। इस नाम पर गोविंद गोयल ने असहमति जता दी और अपना नामांकन भर दिया। यही वजह थी कि तेजकुल पाल सिंह पाली ने संस्था पर मंडराते काले बादलों का पटाक्षेप करने के लिए मैदान संभाल लिया।


    तेजकुल पाल सिंह पाली का नाम सामने आते ही भाजपा समर्थित व्यापारी भी प्रगतिशील पैनल के समर्थन में आ गए और चुनाव रोचक मोड़ पर पहुंच गया। इस चुनाव में सक्रिय भागीदारी निभा रहे व्यापारियों का कहना है कि वे चाहते हैं संस्था उनकी समस्याओं को सुलझाने के लिए सीना चौड़ा करके चले। पाली का पिछला कार्यकाल गौरवपूर्ण रहा है और किसी नेता के पिट्ठू को वे अपना प्रतिनिधि स्वीकार नहीं कर सकते। संस्था को अपनी स्थापना के बाद से पहली बार पाली जैसा दबंग नेतृत्व मिला इसलिए वे दुबारा उन्हें अध्यक्ष के रूप में देखना चाहते हैं।


    प्रगतिशील पैनल से ही महामंत्री पद का चुनाव लड़ रहे समाजसेवी ललित तांतेड़ का कहना है कि राजधानी के व्यापारी पहले कभी इतने सक्रिय नहीं रहते थे। चंद जेबी नेता मिलकर सरकार से अपने हित में सौदेबाजी कर लेते थे। इससे न तो व्यापारिक गतिविधियों को विस्तार मिलता था और न ही व्यापारियों के हितों की रक्षा हो पाती थी। ऐसे में तेजकुल पाल सिंह पाली जी ने राजधानी के सक्रिय और ईमानदार व्यापारियों को मिलाकर संस्था को नेतृत्व प्रदान करने की पहल की है जिसका व्यापार जगत में स्वागत किया जा रहा है। एक फरवरी को होने जा रहे चुनावों में व्यापारियों के इस भाव पर मुहर भी लग जाएगी।

  • फार्मासिस्टों के डिजिटल पंजीयन से विदेशों में भी मिलने लगीं नौकरियां

    फार्मासिस्टों के डिजिटल पंजीयन से विदेशों में भी मिलने लगीं नौकरियां


    भोपाल,30 नवंबर(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर) मध्यप्रदेश फार्मेसी काऊंसिल ने जबसे पंजीयन का सारा रिकार्ड आनलाईन करना शुरु कर दिया है तबसे देश के विभिन्न संस्थानों के साथ साथ विदेशी दवा कारोबार में भी राज्य के फार्मासिस्टों को रोजगार आसानी से मिलने लगा है।किसी भी फार्मासिस्ट के पंजीयन रिकार्ड को पूरी दुनिया में आनलाईन देखा जा सकता है और उसके दावे की सत्यता परखी जा सकती है। इस डिजिटलाईजेशन के अभियान से नकली पंजीयन प्रमाण पत्रों पर नौकरी और कारोबार कर रहे लोगों में हड़कंप मच गया है और वे इस अभियान को रोकने के लिए तरह तरह के जतन करते देखे जा रहे हैं।


    हाल ही में एक कथित फार्मासिस्ट ने जिस तरह काऊंसिल के दफ्तर में हंगामा मचाया और पुलिस ने उसकी शिकायत पर एफआईआर दर्ज की उससे इस समस्या को आसानी से समझा जा सकता है। वह छात्र अपने हंगामे को सही ठहराने के लिए बाकायदा गवाह भी साथ लेकर आया था हालांकि परिषद की ओर से दर्ज कराई गई प्राथमिकी में सारी स्थिति स्पष्ट की गई है और छात्र की आपराधिक हरकत को उजागर किया गया है।


    जबकि तथ्यों को देखा जाए तो पिछले पाँच महीनों में परिषद् ने 4416 नए फार्मासिस्टों के पंजीकरण सफलतापूर्वक किए हैं । लगभग 8,000 आवेदन-पत्रों के साथ प्रस्तुत दस्तावेजों की जांच आदि की प्रोसेसिंग की गई है। इस अवधि में कई महत्त्वपूर्ण सुविधाएँ जोड़ी गई हैं, जिनमें डिजिलॉकर एकीकरण, डोमिसाइल सत्यापन के साथ समग्र आईडी एकीकरण शामिल हैं। इससे पंजीयन की प्रक्रिया गलतियों से मुक्त हो गई है। अब पंजीयन के लिए किसी छात्र या फार्मासिस्ट को काउंसिल के दफ्तर आने की जरूरत ही नहीं रही है।


    इन बदलावों से काउंसिल अब एक से डेढ़ महीने में नए रजिस्ट्रेशन जारी कर पा रही है। जब तक ये प्रक्रिया चलती रहती है तब तक पोर्टल पर आवेदन की स्थिति आसानी से देखी जा सकती है। अब तक 99% बी.फार्मा पंजीकरण और सभी संभव/सत्यापन योग्य शासकीय विश्वविद्यालयों के डी.फार्मा पंजीकरण पूरे कर लिए गए हैं।
    जिन आवेदनों को प्रोसेसिंग के बाद पंजीकृत किया गया है उनमें लगभग 2000 आवेदन पुरानी प्रक्रिया के हैं जिनमें 2022/2024 के आवेदन मुख्यतः निजी विश्वविद्यालयों से संबंधित हैं । इनमें से अधिकतर आवेदनों का महाविद्यालयों से सत्यापन प्राप्त नहीं हुआ है। महाविद्यालयों से संपर्क करके ये पंजीयन भी जारी किए जा रहे हैं।


    प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार परिषद ने 2023 में कुल 2889 पंजीयन जारी किए थे। 2024 में 2297 पंजीयन किए गए। जनवरी से मई 2025 तक 970,जून से नवंबर 2025 में जब पूरा ढांचा तैयार हो गया और पूर्णकालिक रजिस्ट्रार की तैनाती हो गई तो 4416 फार्मासिस्टों के पंजीयन प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं। पिछले 5 महीनों में, परिषद ने एक वर्ष में होने वाले कार्य से लगभग दो–तीन गुना अधिक पंजीकरण जारी किए हैं।इस अवधि में कुल 8,000+ आवेदन प्रोसेस किए गए। जिसकी जानकारी आवेदक के लॉगिन पर भेजी जा चुकी है।
    डिजिटल सुधार और तेज सेवा

    • DigiLocker, Domicile, Samagra ID एकीकरण
    • आवेदन ट्रैकिंग व कारण-आधारित स्टेटस पोर्टल पर उपलब्ध है
    • अब नए पंजीकरण 1–1.5 माह में जारी किए जा रहे हैं
    • आवेदकों को काउंसिल आने की आवश्यकता समाप्त की गई
      वर्तमान पेंडेंसी — कारण व स्थिति
    • 99% बी.फार्मा और सभी सत्यापन योग्य सरकारी विश्वविद्यालयों के डी.फार्मा पंजीकरण पूर्ण किए गए हैं।
    • वर्तमान में लगभग 2000 आवेदन पुरानी प्रक्रिया के हैं जिनमें 2022/2024 के आवेदन मुख्यतः निजी विश्वविद्यालयों से संबंधित हैं और जिनके लिए महाविद्यालयों से सत्यापन प्राप्त नहीं हुआ है। इनको भी सत्यापन प्राप्ति अनुसार क्लियर किया जा रहा है।

    • परिषद ने विगत 1 वर्ष में दलालों के माध्यम से पंजीयन कराने की परंपरा समाप्त करने में सफलता पाई है। ऑफलाइन हस्तक्षेप पर जीरो टॉलरेंस पालिसी लागू की है। इससे नाराज दलालों में भारी असंतोष है और वे काऊंसिल के बारे में आधारहीन बातें फैलाकर छात्रों को भड़काने का प्रयास कर रहे हैं। जब फर्जी पंजीयन नहीं हो पा रहे हैं तो दलालों ने कई सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों को भी गुमराह करके अफवाहें फैलाना जारी कर दिया है। जबकि थोड़े ही दिनों में राज्य में एक पारदर्शी और सरल डिजिटल पंजीयन स्तर हासिल किया जा रहा है।

    • मध्यप्रदेश राज्य फार्मेसी परिषद के पदाधिकारियों का कहना है कि वह सभी आवेदकों के लिए तेज, पारदर्शी, डिजिटल,सटीक और ब्रोकर रहित सेवा उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
  • भोपाल की महिलाओं ने सकारात्मक सोच से देश को दिया संदेश बोले नरेन्द्र मोदी

    भोपाल की महिलाओं ने सकारात्मक सोच से देश को दिया संदेश बोले नरेन्द्र मोदी

    महापौर श्रीमती मालती राय ने भोपाल का गौरव बढ़ाने वाली महिलाओं को किया सम्मानित

    भोपाल 27 जुलाई (प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज मन की बात कार्यक्रम में भोपाल को स्वच्छता में निरंतर आगे बढ़ने और भोपाल की स्वच्छता में सकारात्मक सोच रखने वाली संस्था द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की और भोपाल में स्वच्छता के प्रति समर्पित महिलाओं का मान बढ़ाया है। सकारात्मक सोच संस्था की सदस्यों ने भोपाल को गौरवान्वित किया है। यह विचार महापौर श्रीमती मालती राय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मन की बात कार्यक्रम में सकारात्मक सोच संस्था का उल्लेख करने पर संस्था की सदस्यों के सम्मान कार्यक्रम में व्यक्त किये। इस मौके पर महापौर श्रीमती मालती राय ने भोपाल और भोपाल की स्वच्छता से संलग्न संस्था की सराहना करने पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रति आभार भी व्यक्त किया।
    सम्मान कार्यक्रम में महापौर परिषद के सदस्य श्री आर के सिंह बघेल श्री रविंद्र यति श्रीमती सुषमा बवीसा ,जोन अध्यक्ष श्री राजेश चौकसे,पार्षद श्री जीतेन्द्र सिंह राजपूत सहित बड़ी संख्या में सकारात्मक सोच की सदस्य और गणमान्य नागरिक मौजूद थे।
    प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को प्रसारित मन की बात कार्यक्रम में भोपाल को स्वच्छता में निरंतर आगे बढ़ाने और भोपाल की स्वच्छता में सकारात्मक सोच संस्था द्वारा किए जा रहे कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि भोपाल में एक टीम का नाम है सकारात्मक सोच इसमें 200 महिलाएं हैं यह सिर्फ सफाई ही नहीं करती बल्कि सोच भी बदलने का कार्य करती है। एक साथ मिल कर शहर के 17 पार्कों की सफाई करना, कपड़े के थैले बांटना जैसे इनके हर कदम एक संदेश है। ऐसे प्रयासों की वजह से ही भोपाल भी अब स्वच्छ सर्वेक्षण में काफी आगे आ गया है।
    प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा अपने लोकप्रिय कार्यक्रम मन की बात में भोपाल की स्वच्छता और स्वच्छता से संलग्न सकारात्मक सोच संस्था व उसके कार्यों का उल्लेख भोपालवासियों के लिए गौरव की बात है। महापौर श्रीमती मालती राय स्वामी विवेकानन्द पार्क अशोका गार्डन में मन की बात कार्यक्रम सुनने के बाद जोन 15 वार्ड 68 सोनागिरी के मिलखा सिंह पार्क स्थित सकारात्मक सोच संस्था के कार्यालय पहुंची और सदस्यों को सम्मानित किया। उन्हें बधाई और शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने कहा कि संस्था गरिमामयी सदस्यों की टीम के प्रयास आज सार्थक साबित हुए हैं।

  • नाकामी पर पर्दा ढांकने रजिस्ट्रार ने छोटे मंत्री को ढाल बनाया

    नाकामी पर पर्दा ढांकने रजिस्ट्रार ने छोटे मंत्री को ढाल बनाया


    भोपाल, 11 अप्रैल,(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। मध्यप्रदेश फार्मेसी काऊंसिल की प्रभारी रजिस्ट्रार माया अवस्थी ने काऊंसिल में चल रही अनियमिताओं पर पर्दा ढांकने के लिए लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री को इस बार एक टूल की तरह इस्तेमाल किया है। लंबे समय से पंजीयन के लिए भटक रहे फार्मासिस्टों की शिकायतों पर अखबारी खबरों से परेशान प्रभारी रजिस्ट्रार ने इस बार राज्यमंत्री को अपनी ढाल बनाया। छोटे मंत्री के पास काऊंसिल का प्रभार भी नहीं है इसके बावजूद उन्होंने दौरा करके स्वास्थ्य मंत्री राजेन्द्र शुक्ल के अधिकार क्षेत्र का उल्लंघन कर डाला है।


    पिछले लंबे समय से प्रदेश के फार्मासिस्टों और केमिस्टों के बीच पंजीयन को लेकर मारामारी चल रही है।प्रदेश के फार्मेसी कालेजों से हर साल लगभग तीस हजार विद्यार्थी डिग्री लेकर निकलते हैं। फार्मासिस्ट के रूप में पंजीकृत होने के बाद वे देश और दुनिया के विभिन्न फार्मा संस्थानों में नौकरी पा सकते हैं। इस लिहाज से ये पंजीयन उनके जीवन के लिए सुनहरा मोड़ साबित होता है। फार्मासिस्टों की इसी चाहत का फायदा उठाकर काऊंसिल में लंबे समय से हेराफेरी चलती रही है। प्रभारी रजिस्ट्रार माया अवस्थी का कहना है कि फार्मेसी की डिग्री लेकर आवारा किस्म के लोग खुद को फार्मासिस्ट के रूप में पंजीकृत करवा लेते हैं और अपने पंजीयन प्रमाण पत्र के नाम पर मेडीकल दूकान खोलकर किराए पर दे देते हैं। इसीलिए हमारा प्रयास रहता है कि कम से कम फार्मेसिस्टों का पंजीयन हो ताकि अराजकता न फैले।


    यही तर्क देकर उन्होंने आज छोटे मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल का दौरा काऊंसिल में कराया। यहां मंत्रीजी के निर्देश पर फार्मेसी काऊंसिल के अध्यक्ष संजय जैन को बुला लिया गया। रजिस्ट्रार ने मंत्रीजी से कहा कि अध्यक्ष महोदय उन पर वाजिब पंजीयन जारी करने का दबाव बनाते हैं। इस पर अध्यक्ष ने मंत्रीजी को बताया कि हजारों विद्यार्थी परेशान घूमते रहते हैं इसीलिए वे रजिस्ट्रार को काऊंसिल में बैठने और प्रमाण पत्र जारी करने के निर्देश देते रहते हैं। फूड एवं ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन की रजिस्ट्रार और काऊंसिल की प्रभारी रजिस्ट्रार माया अवस्थी ने शिकायती लहजे में मंत्री जी से कहा कि अध्यक्ष महोदय यहां पदस्थ रजिस्ट्रार कुमारी दिव्या पटेल को भी जांच उपरांत पंजीयन जारी करने का निर्देश देते रहे हैं। कुमारी पटेल इन दिनों मातृत्व अवकाश पर गई हुईं हैं इसलिए मुझे काऊंसिल का प्रभार दिया गया है। मेरे पर इतना समय नहीं है कि मैं यहां बैठकर पंजीयन जारी करूं।


    गौरतलब है कि मध्यप्रदेश फार्मेसी काऊंसिल राज्य सरकार के निर्देश पर पंजीकृत संस्था है। इस संस्था में फार्मा क्षेत्र के चुने हुए जन प्रतिनिधियों को चुनाव के बाद पदस्थ किया जाता है। इसी संस्था के फंड से रजिस्ट्रार और स्टाफ का वेतन दिया जाता है। चुनी हुई काऊंसिल संस्था के फंड प्रबंधन और जनता की सुविधाओं के लिए प्रयास करती है। फंड का प्रबंधन रजिस्ट्रार के हाथ में होता है । राज्य प्रशासनिक सेवा से भेजे गए रजिस्ट्रार की नाकामियों का खमियाजा सरकार और काऊंसिल दोनों को भुगतना पड़ता है।


    फार्मा क्षेत्र को मजबूती देने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मेक इन इंडिया अभियान के अंतर्गत युवाओं को अवसर दिए जा रहे हैं. इन लक्ष्यों की पूर्ति के लिए ही काऊंसिल की चुनी हुई परिषद रजिस्ट्रार पर युवाओं के हित में जांच उपरांत पजीयन जारी करने के निर्देश देती रहती है। पिछले कुछ सालों से गड़बड़ियों को लेकर शिकायतें सामने आती रहीं हैं लेकिन सरकारी अमला अपना भ्रष्टाचार और नाकामी छुपाने के लिए तरह तरह के बहाने बनाता रहा है।


    विधानसभा चुनावों के पहले इंदौर की विजय नगर पुलिस ने जिस फर्जी मार्कशीट बनाने वाले गिरोह को गिरफ्तार किया था उसमें फार्मेसी काऊंसिल के तीन बाबू संजय तिलकवार, विजय शर्मा और आरएन पांडे भी धरे गए थे। उन्हें तो तभी निलंबित कर दिया गया था पर उन्होंने जिन फर्जी मार्कशीटों पर फार्मासिस्टों का पंजीयन कराया था उन्हें तत्कालीन रजिस्ट्रार शैलेन्द्र हिनोतिया ने मंजूरी दी थी। शैलेन्द्र हिनोतिया को बगैर जांच किए पंजीयन जारी करने का दोषी पाया गया था लेकिन उन्होंने अपनी ऊंची पहुंच का उपयोग करके खुद को गिरफ्तारी से बचा लिया। चुनावों की बेला में सरकारी असफलता की पोल न खुले इसके लिए काऊंसिल के पदाधिकारियों ने पूर्व की परिषद की गलतियों को नजरंदाज करने का अनुरोध करके मीडिया और विपक्षी दलों के लोगों को शांत किया था।


    माया अवस्थी को भी भय है कि वे बाबुओं की नोटशीट पर दस्तखत करके पंजीयन जारी करेंगी तो भविष्य मे उन पर भी घोटाले में शामिल होने के आरोप लग सकते हैं। दिव्या पटेल ने भी अपने कार्यकाल में गिने चुने पंजीयन जारी किए । ये प्रमाण पत्र भी भारी ऊहापोह के बीच बाबुओं की सिफारिश पर जारी किए गए थे। यहां भेजे जाने वाले रजिस्ट्रार असली नकली अभ्यर्थियों की छानबीन नहीं करना चाहते वे तो बाबुओं की नोटशीट को ही आधार बनाते हैं । इसकी वजह से काऊंसिल में लंबे समय से भ्रष्टाचार का बोलबाला रहा है। वर्तमान परिषद फार्मा सेक्टर के प्रतिभाशाली लोगों के बीच से आई है इसलिए रजिस्ट्रार के स्तर पर होने वाली गड़बड़ियों पर लगाम कसी गई है।


    काऊंसिल की परिषद के सदस्यों का कहना है कि राज्य के फार्मा सेक्टर को बल देने के लिए बड़ा वर्क फोर्स चाहिए। राज्य और केन्द्र सरकार की भी यही मंशा है। पंजीयन जारी करने की प्रक्रिया बड़ी पारदर्शी होती है। कालेजों से डिग्री पाने वाले विद्यार्थी यदि सभी प्रमाण पत्र प्रस्तुत करते हैं तो उन्हें पंजीयन जारी कर दिया जाना चाहिए। शासन को कई बार इसकी सूचना दी जा चुकी है कि फार्मा सेक्टर से जुड़ा पूर्णकालिक रजिस्ट्रार यहां पदस्थ किया जाए ताकि वह आवश्यक जांच उपरांत फार्मासिस्टों को पंजीकृत कर सके। अब सारी प्रक्रिया आनलाईन हो गई है इसलिए इसमें गड़बड़ी की संभावना नहीं है। इसके बावजूद प्रभारी रजिस्ट्रार न तो खुद दस्तावेंजों की जांच करवाने में इच्छुक हैं और न ही वे पंजीयन जारी करने मे रुचि लेती हैं। इससे सरकार को मिलने वाली फीस भी नहीं मिल पाती और युवाओं को चक्कर काटना पड़ते हैं जिससे वे दलालों के चंगुल में फंस जाते हैं। काऊंसिल इन्हीं गड़बड़ियों का निराकरण करने का प्रयास कर रही है।


    माया अवस्थी ने अपनी जवाबदारियों से पल्ला झाड़ने के लिए ही इस बार छोटे मंत्री को सामने ला खड़ा किया है। उनके पास फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन का प्रभार भी है। यहां फूड ड्रग के नमूनों की जांचें भी लंबित पड़ी हैं। ड्रग निर्माण की अनुमतियां जारी करने में भी भारी हेराफेरी की शिकायतें आ रहीं हैं। शायद यही वजह है कि छोटे मंत्रीजी को रजिस्ट्रार का पक्ष लेना न्याय जान पड़ रहा है। आज के दौरे में मंत्रीजी के साथ प्रभारी रजिस्ट्रार श्रीमती माया अवस्थी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल डॉ. प्रभाकर तिवारी भी उपस्थित थे।

  • भेल संगम गृह निर्माण सहकारी संस्था की आमसभा में कई फैसले

    भेल संगम गृह निर्माण सहकारी संस्था की आमसभा में कई फैसले


    भोपाल,29 सितंबर(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। भेल संगम गृह निर्माण सहकारी संस्था मर्यादित भोपाल के सदस्यों ने आज अपनी वार्षिक आम सभा में शहर को सुंदर बनाने के लिए संस्था की ओर से कई निर्णय पारित किए हैं। सहकारिता अधिनियम के अनुसार संस्था भूखंडों को कलेक्टर गाईडलाईन के अनुसार युक्ति संगत बनाएगी। बेनामी सदस्यों के भूखंडों के आबंटन निरस्त किए जाएंगे ताकि संस्था के क्षेत्राधिकार में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें और राजधानी के आधुनिकीकरण की प्रक्रिया में सहयोग दिया जा सके।


    संस्था के अध्यक्ष सुरेश कर्नाटक की अध्यक्षता में आयोजित वार्षिक आमसभा में संस्था के तमाम सदस्यों ने भाग लिया और फैसलों पर अपनी सहमति की मुहर लगाई। संस्था के वरिष्ठ सदस्य आरएस ठाकुर ने पूर्व में किए गए विकास कार्यों को आगे ले जाने में नए सदस्यों के योगदान की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी अपने दायित्वों को पूरा करके सहकारिता आंदोलन को मजबूती प्रदान कर रही है।


    संस्था के सदस्य नितिन वर्मा ने बताया कि एम्स अस्पताल परिसर के नजदीक साकेत नगर सामुदायिक भवन में आयोजित इस वार्षिक आमसभा में पारंपरिक तरीकों से हटकर कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। सभी सदस्यों को नियमानुसार उपस्थित रहने की सूचना दी गई थी। संस्था की सदस्यता सूची के प्रकाशन के लिए सभी सदस्यों से अपने सदस्यता संबंधित दस्तावेज जमा कराने का अनुरोध किया गया था। साफ निर्देश दिया गया कि जो सदस्य अपने दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा पाएंगे उनकी सदस्यता निरस्त कर दी जाएगी।

    संस्था के निर्देश के बाद सभी रहवासियों ने वार्षिक आमसभा में पहुंचकर नए फैसलों पर सहमति जताई है।


    सहकारिता विभाग के निर्देशानुसार पूरे आयोजन की वीडियोग्राफी कराई गई है। पिछली आडिट रिपोर्टों का अनुमोदन कराया गया है और नए वित्तीय सत्र के लिए अनुमानित बजट का अनुमोदन कराया गया है। संस्था ने फैसला लिया है कि भूखंडों से लगी हुई अतिरिक्त भूमियां कलेक्टर रेट पर युक्ति संगत बनाई जाऐंगी। कालोनी में जिन भूखंडों के सामने सड़क,नल लाईन और नालियों का निर्माण नहीं किया गया था उन लंबित विकास कार्यों को तय समयसीमा में पूरा किया जाएगा। जो भूखंड नगर निगम से मुक्त कराए गए हैं उन पर तय की गई विकास दर पर भवन निर्माण कराए जाने का निर्णय लिया गया है।


    साकेत सामुदायिक भवन सेवा न्यास के उपाध्यक्ष जे.पी. साहू का नाम नए प्रतिनिधि के रूप में अनुमोदन किया गया है।इसके साथ ही अब तक प्रतिनिधि रहे एसपी शुक्ला पद मुक्त हो जाएंगे। श्री शुक्ला के विरुद्ध कई अनियमितताओं की शिकायतें मिलीं थीं जिनकी जांच चल रही है। संस्था ने पूर्व सदस्य रहे नन्नू लाल राज की सदस्यता निरस्त कर करने की घोषणा भी की है।भौतिक सत्यापन के बाद अवैध सदस्यों का निष्कासन होगा और लावारिस संपत्तियों का वैधानिक तौर पर निष्पादन भी किया जाएगा।

  • बारिश में डामरीकरण करके जनधन की बर्बादी

    बारिश में डामरीकरण करके जनधन की बर्बादी


    भोपाल,2 सितंबर(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। भारी बारिश ने राजधानी की सड़कें क्षतिग्रस्त कर दी हैं पोल खुलने के डर से इंजीनियरों और ठेकेदारों ने मरम्मत का कार्य भी शुरु कर दिया है। कई स्थानों पर भारी बारिश के बीच डामर की सड़कें बनाए जाने का कार्य भी चल रहा है जबकि सड़के उखड़ने की वजह ही बारिश का पानी रहा है।


    ऐसा ही एक दृश्य बिट्टन मार्केट के नजदीक वंदेमातरम चौराहे पर देखा जा सकता है। सड़कों की मरम्मत करने वाली रिकांडो कंपनी ने भारी बारिश से लबालब सड़कों पर भी डामर की मरम्मत जारी रखी है। डामर पानी में पकड़ता ही नहीं इसके बावजूद ठेकेदार धड़ल्ले से अपना काम जारी रखे हुए है।


    सोमवार दो सितंबर को पानी भरी सड़क पर रिकांडो कंपनी के कर्मचारियों ने सड़क पर डामर गिट्टी डालने का कार्य जारी रखा है। जब मौके पर मौजूद रिकांडो कंपनी के सुपरवाईजर आरएस राजपूत से पूछा गया कि वे बारिश में ये कार्य क्यों कर रहे हैं। उसने जबाब दिया कि हमने जब माल तैयार कर लिया है तो क्या हम उसे वापस ले जाएंगे। पीडब्यूडी तो हमेशा से बारिश के बाद ही सड़कों की मरम्मत शुरु करता है। सीमेंट की सड़कें जरूर इस सीजन में बनाई जा सकती हैं।


    लोक निर्माण विभाग के स्थानीय अफसरों ने तो इस मसले पर बात करने से ही इंकार कर दिया। उनका कहना था कि जनता की सुविधा के लिए सड़कों की मरम्मत करना हमारी मजबूरी है।इसके लिए हम बारिश खत्म होने का इंतजार नहीं कर सकते।उनसे पूछा गया कि खराब निर्माण की वजह से सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं। इस पर विभाग के तमाम अफसरों ने चुप्पी साध ली है।
    गौरतलब है कि राजधानी में डामरीकरण की प्रक्रिया लगातार चलती रहती है। इससे सड़कें ऊंची हो रहीं हैं और मकानों में पानी भरने की शिकायत आ रही है। इसके विपरीत सरकारी अमला ऐसी ही सड़कें बनाता है जो बार बार टूटें और उनके रखरखाव का कार्य बार बार दिया जाता रहे।

    रिकांडो कंपनी के सुपरवाईजर पीएस राजपूत ने बताया कि हम केवल आदेश का पालन कर रहे हैं,
  • नर्मदा को सीवरेज से मुक्त बनाने में सहयोग की अपील

    नर्मदा को सीवरेज से मुक्त बनाने में सहयोग की अपील

    भोपाल19 फरवरी(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। नगरीय विकास एवं आवास विभाग के उपक्रम मध्य प्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी द्वारा नर्मदापुरम में जर्मन बैंक केएफडब्ल्यू की सहायता से सीवरेज परियोजना पर कार्य किया जा रहा है वर्तमान में 144 किलोमीटर में से 25 किलोमीटर सीवरेज लाइन बिछा दी गई है। मलजल के शोधन के लिए नगर में 21 एमएलडी क्षमता का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया जा रहा है। सीवर लाइन बिछाने के बाद खुदाई उपरांत अस्थाई रोड रेस्टोरेशन कर दिया जाता है। इसके उपरांत मेनहोल निर्माण, हाउस सर्विस चैम्बर निर्माण के उपरांत स्थाई रोड रेस्टोरेशन का कार्य किया जाता है इस पूरी प्रक्रिया में 20-25 दिन का समय लग जाता है। सीवरेज लाइन बिछाने का कार्य सडक के बीचो बीच में से किया जाता है जिसके कारण नल कनेक्शन एवं पाइप लाइन भी क्षतिग्रस्त होती है जिसका समय समय पर सुधार कार्य किया जाता है, ऐसी स्थिति में नागरिकों को भी असुविधा का सामना करना पडता है। मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कम्पनी सभी सम्मानीय नागरिकों से अपील करती है कि नर्मदापुरम सीवरेज परियोजना का कार्य मॉ नर्मदा की निर्मलता बनाऐं रखने के लिए किया जा रहा है अतः कार्य अवधि में धैर्य रखते हुए सहयोग करें। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कम्पनी द्वारा प्रति सप्ताह कार्य की समीक्षा भी की जा रही है।

  • राष्ट्रपति ज्योति मुर्मू का अभिनंदन

    राष्ट्रपति ज्योति मुर्मू का अभिनंदन

    भोपाल, 3 अगस्त(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)।राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मु को नई दिल्ली वापसी पर राजा भोज विमान तल पर राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भावभीनी विदाई दी। श्रीमती मुर्मु एक दिवसीय प्रवास पर भोपाल आई थीं।
    राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु को विमानतल पर राज्यपाल श्री पटेल और मुख्यमंत्री श्री चौहान ने भगवान श्री कृष्ण और राधा की अष्टधातु की प्रतिमा स्मृति-चिन्ह के रूप में भेंट की। महापौर श्रीमती मालती राय, मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस, पुलिस महानिदेशक श्री सुधीर सक्सेना, पुलिस कमिश्नर श्री हरिनारायण चारी मिश्रा भी उपस्थित थे। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने भारतीय सेना के विमान से लगभग साढ़े 4 बजे दिल्ली के लिए प्रस्थान किया।

  • जनसंवेदना ने सेवा कार्य करके दिखाया:विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम

    जनसंवेदना ने सेवा कार्य करके दिखाया:विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम

    भोपाल,11जुलाई(प्रेस इंफॉर्मेशन सेंटर)जनसंवेदना सामाजिक संस्था के 19 वें स्थापना दिवस पर प्रकाशित मानव सेवा ही माधव सेवा स्मारिका का विमोचन आज विधानसभा परिसर में  विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम ने किया। इस अवसर पर संस्था के संस्थापक राधेश्याम अग्रवाल ,उदयवीर सिंह एवं कई अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित थे ।

     विधानसभा अध्यक्ष श्री गौतम ने कहा कि मानव सेवा ही माधव सेवा के मूल मंत्र से जनसंवेदना अपना सेवा कार्य कर रही है जिससे जरूरतमंदों को सहायता मिल रही है । निराश्रित बेसहारा लावारिस की  मृत्यु हो  जाने पर उसका अंतिम संस्कार का सेवा कार्य गहरे समर्पण और धीरज से ही संभव है।संस्था ने अपनी उपयोगिता साबित की है

     

  • सहकारी आंदोलन को सार्थक करते मुकुंद राव भैंसारे

    सहकारी आंदोलन को सार्थक करते मुकुंद राव भैंसारे

    भोपाल,27जून( प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। सहकारिता का क्षेत्र भारत के विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका रखता है। विकास की दौड़ में आज सहकारिता अप्रासंगिक होता नजर आ रहा है, इसके बावजूद मध्य प्रदेश का एक छोटा सा अधिकारी आज सहकारिता को सामाजिक बदलाव की कडी बनाए हुए है। राजधानी भोपाल में जिस तरह से सहकारिता को बदलाव की भूमिका में देखा जा रहा है उसके लिए विभाग के एक डिप्टी ऑडिटर मुकुंद राव भैंसारे पर प्रशासन की भी निगाह है।प्रशासन ने उनके कार्य को पुरस्कृत किया है और सहकारिता के मॉडल के रूप में प्रस्तुत भी

              मुकुंदराव भैंसारे को मध्य प्रदेश का सहकारिता विभाग फायर ब्रिगेड की तरह इस्तेमाल करता है । जिस गृह समिति में गड़बड़ियों की शिकायत मिलती है उन्हें वहां प्रशासक के रूप में तैनात कर दिया जाता है । उन्होंने राजधानी के भारत नगर कि जिस तरह से कायापलट की उससे नगर निगम सहकारिता विभाग और प्रशासन का हर तबका अचंभित है ।श्री भैंसारे ने भारत नगर को ना केवल एक साफ-सुथरे मोहल्ले में तब्दील कर दिया है बल्कि उसे आत्मनिर्भर आर्थिक आजादी भी प्रदान की है।इसी के परिणामस्वरूप भारत नगर को स्वच्छता पुरुस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है।परिश्रम के इस पुरस्कार ने तीन बार समूचे सहकारिता विभाग की शान बढ़ाई है।

            स्वच्छता के मापदंडों पर खरा उतरने वाले भारत नगर को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने द्वितीय पुरस्कार से सम्मानित किया था। भोपाल नगर पालिक निगम क्षेत्र में अव्वल आने वाली ये एकमात्र रहवासी समिति है जिसका संचालन राज्य का सहकारिता विभाग कर रहा है। विभाग की ओर से नियुक्त तत्कालीन प्रशासक मुकुंद राव भैंसारे के आव्हान पर रहवासियों ने विभिन्न चरणों में सफल सामाजिक आयोजन किए थे।

     रोहित नगर के रहवासी लंबे समय से अपने प्लाट पर मकान बनाने के लिए निवर्तमान पूर्व अध्यक्ष घनश्याम सिंह राजपूत के घर के चक्कर काट रहे थे । उन्हें उनकी जमीन ही नहीं मिल रही थी ।समिति के 550 सदस्यों में से 330सदस्य अपना आशियाना आज भी तलाश रहे हैं।श्री भैसारे ने कार्यभार संभालने के बाद खाली पड़ी लगभग ढाई एकड़ जमीन पर प्लाट दर्शाने की कार्यवाही शुरू कर दी।उन्होंने चुनाव कराने की भी प्रक्रिया जारी रखी है। एक स्कूल संचालक जो इस जमीन पर कब्जा जमाना चाहता था उसने अपने राजनीतिक संबंधों का इस्तेमाल करके श्री भैंसारे को हटाने का षड्यंत्र रचा लेकिन उनके कुशल प्रशासन को देखकर आला अफसरों ने रोहित नगर की विकास यात्रा बदस्तूर जारी रखी। इस गृह निर्माण समिति के नागरिकों की दूसरी पीढ़ी अपने हक की लड़ाई लड़ रही है। सहकारिता विभाग के अफसर अपने सामाजिक उद्देश्यों को पूरा करने के लिए आज संकल्पित होकर खड़े हैं।मैदान में उनके बुलंद इरादों को साकार करने की जवाबदारी श्री भैंसारे कुशलता पूर्वक निभा रहे हैं,ये राहत की बात है।

  • भोपाल विलीनीकरण दिवस पर छुट्टी रहेगी-शिवराज सिंह

    भोपाल विलीनीकरण दिवस पर छुट्टी रहेगी-शिवराज सिंह

    भोपाल,1 जून(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि अगले वर्ष से गौरव दिवस पर एक जून को भोपाल में अवकाश रहेगा। आने वाली पीढ़ी भोपाल के इतिहास से रू-ब-रू हो सके, इस उद्देश्य से भोपाल के इतिहास पर केंद्रित शोध संस्थान की स्थापना की जाएगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने भोपाल गौरव दिवस पर भोपाल गेट पहुँच कर सफाई मित्रों का सम्मान किया। उन्होंने भोपाल विलीनीकरण दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि असंख्य लोगों के बलिदान और वीर सपूतों के संघर्ष के परिणामस्वरूप देश की स्वतंत्रता के 2 साल बाद एक जून 1949 को भोपाल, भारत का अभिन्न अंग बना।

    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने रंग-गुलाल, पुष्प-वर्षा और आतिशबाजी के बीच राष्ट्रीय ध्वज फहराया। उन्होंने जन-गण-मन गान के बाद भारत माता को पुष्पांजलि अर्पित की और मशाल जला कर विलीनीकरण के शहीदों का स्मरण किया। शहीदों के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि भी दी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने भोपाल विलीनीकरण आंदोलन पर केंद्रित चित्र प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।

    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि नई पीढ़ी को यह नहीं मालूम कि 15 अगस्त 1947 को भारत के स्वतंत्र होने के साथ भोपाल स्वतंत्र नहीं हुआ था। नवाब ने भोपाल के भारत में विलय से इंकार कर दिया था। इस स्थिति में भोपाल में विलीनीकरण आंदोलन आरंभ हुआ। उन्होंने श्रद्धेय उद्धव दास मेहता, बालकृष्ण गुप्ता और डॉ. शंकर दयाल शर्मा के संघर्ष का स्मरण करते हुए बोरास के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने लगभग 100 सफाई मित्रों का शॉल पहना कर सम्मान किया। जानकारी दी गई कि भोपाल के सभी वार्डों में स्वच्छता कर्मियों का सम्मान किया जा रहा है।

    चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा एक जून को भोपाल का गौरव दिवस मनाने की पहल से आने वाली पीढ़ी भोपाल के इतिहास से अवगत होगी। महापौर श्रीमती मालती राय ने भोपालवासियों को गौरव दिवस की शुभकामनाएँ दी। पूर्व महापौर श्री आलोक शर्मा उपस्थित थे।

  • पांच नंबर मार्केट की बेशकीमती जमीनें हड़पने की तैयारी में आशुतोष तिवारी

    पांच नंबर मार्केट की बेशकीमती जमीनें हड़पने की तैयारी में आशुतोष तिवारी


    भोपाल, 14 फरवरी(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। मध्यप्रदेश हाऊसिंग एवं इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड के चेयरमेन आशुतोष तिवारी के निर्देश पर पांच नंबर मार्केट की सभी दूकानें गिराकर वहां पांच मंजिला बाजार बनाने की तैयारी की जा रही है। ये दूकानें अगले चुनाव से पहले मंहगे दामों पर बेचने की योजना बनाई गई है। आज इस संबंध में कमिश्नर चंद्रमौली शुक्ला ने स्वयं बाजार स्थल पहुंचकर भाजपा कार्यकर्ताओं से चर्चा की । उन्होंने आश्वासन दिया कि इस बाजार में भाजपा समर्थित आबंटितियों का ध्यान रखा जाएगा।
    अरेरा कालोनी स्थित पांच नंबर मार्केट नए भोपाल की मौके की जगह है और यहां जमीनों का मूल्य सबसे अधिक है। इसे देखते हुए चेयरमेन आशुतोष तिवारी ने यहां नया मार्केट बनाने की लंबित योजना को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए हैं। आज कमिश्नर चंद्रमौली शुक्ला ने स्वयं स्थल निरीक्षण किया और भाजपा समर्थित व्यापारियों की मांगों पर गौर करते हुए उन्हें सहयोग किए जाने का आश्वासन दिया। इस चर्चा को गोपनीय रखा गया और अन्य लोगों को वहां से हटा दिया गया था.

    कमिश्नर चंद्रमौली शुक्ला को बरगलाते हुए तिवारी के गुर्गे


    सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार भाजपा संगठन से करीबी रखने वाले कुछ व्यापारियों ने इस बेशकीमती जमीन को हड़पने के लिए बगैर शोरगुल मचाए बाजार को गिराने की रणनीति बनाई है। सूत्र बताते हैं कि अधिकतर आबंटितियों ने कई सालों से हाऊसिंग बोर्ड को न तो किराया दिया है और न ही दूकानों की रजिस्ट्री कराई है। तयशुदा अनुबंध के मुताबिक अब वे इन दूकानों के मालिक भी नहीं रह गए हैं। कुछ पर इतना अधिक किराया लंबित है कि वे अब न तो किराया जमा कर सकते हैं और न ही रजिस्ट्री करा सकते हैं।
    भाजपा संगठन से करीबी रखने वाले कुछ व्यापारियों की मांग पर गौर करते हुए चेयरमेन आशुतोष तिवारी ने इस पूरी बेशकीमती जमीन को हड़पने की तैयारी कर ली है। भाजपा संगठन से जुड़े व्यापारियों ने अपनी चर्चा को गोपनीय रखने के लिए स्थानीय व्यापारियों को यह कहकर वार्ता स्थल से हटा दिया था कि कमिश्नर शुक्ला ने केवल उनके प्रतिनिधियो से चर्चा के लिए वक्त दिया है।
    व्यापारियों ने कमिश्नर को बताया कि चार इमली जाने वाला मुख्य सड़क मार्ग बहुत चौड़ा है इसलिए बाजार का एफएआर .5 से लगभग डेढ़ प्रतिशत और ज्यादा बढ़ाया जा सकता है। बाजार को लगभग पांच मंजिला तक बनाया जा सकता है। इसे देखते हुए बाजार को शीघ्रातिशीघ्र जमींदोज किया जाए और सघनीकरण योजना को जल्दी शुरु किया जाए। उन्होंने बताया कि बाजार में मूल आबंटिती नहीं बचे हैं इसलिए किसी भी प्रकार का विरोध होने की संभावना नहीं है। जो लोग विरोध के लिए आगे आएंगे उन्हें हम संभाल लेंगे। चर्चा के दौरान हाऊसिंग बोर्ड के अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित थे।

  • गद्दार दोस्त मोहम्मद के जाल से मुक्त हुआ जगदीशपुर

    गद्दार दोस्त मोहम्मद के जाल से मुक्त हुआ जगदीशपुर

    भोपाल,14 फरवरी(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि 308 वर्ष बाद जगदीशपुर को खोई हुई पहचान मिल रही है। इस्लामनगर अब जगदीशपुर के नाम से जाना जाएगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान जगदीशपुर के चमन महल में गौरव दिवस कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने 26 करोड़ 71 लाख 86 हजार रूपए के कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। उन्होंने जगदीशपुर नामकरण शिला का अनावरण भी किया।

    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि ऐतिहासिक दृष्टि से जगदीशपुर देवड़ा राजपूतों का गढ़ था। दोस्त मोहम्मद खान ने जगदीशपुर पर अधिकार कर इसका नाम इस्लामनगर रख दिया। पर्यटन स्थल जगदीशपुर में गोंड महल, रानी महल एवं चमन महल प्रमुख हैं। सांसद सुश्री साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर, विधायक श्री विष्णु खत्री, अध्यक्ष एमपी स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कार्पोरेशन श्री शैतान सिंह पाल और श्री केदार सिंह मण्डलोई उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि आज हम सबका मन आनंद और प्रसन्नता से भरा हुआ है। अफगानी ने 308 साल पहले अन्याय और बर्बरता की थी। उसने धोखा दिया था। जगदीशपुर राजपूतों ने बसाया था। यहाँ के शासक नरसिंह देवड़ा थे। जगदीशपुर का किला अपनी वास्तु-कला के लिए जाना जाता है। दोस्त मोहम्मद खान ने राजा नरसिंह देवड़ा को निमंत्रण दिया था और भोजन करते समय हत्या कर दी गई। रानियों ने जल जौहर कर लिया था। आजादी के 75 साल बाद आज हम फिर से जगदीशपुर नाम कर पाए हैं।

    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि असंभव को संभव करने का कार्य प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और वर्तमान सरकार कर रही है। पुराने और गौरवशाली नामों को पुर्नस्थापित किया जाना चाहिए। इतिहास की घटनाओं को ध्यान में रखकर नाम बदलने का क्रम चल रहा है। हबीबगंज रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर रानी कमलापति किया गया है। ऐसे कई नामों को बदला जाएगा। जगदीशपुर का वैभव पुन: स्थापित किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिए कि गाँवों का मास्टर प्लान बनाया जाए। जगदीशपुर ऐसा गाँव बने कि लोग देखते रह जाये। उन्होंने कहा कि यहाँ राजाओं का स्मारक बनाया जाएगा।

    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि विकास यात्रा से विकास की नई गंगा बह रही है। उन्होंने कहा कि बेटी को वरदान बनाने के लिए लाड़ली लक्ष्मी योजना बनाई गई। अब तक प्रदेश में 44 लाख लाड़ली लक्ष्मी हो चुकी हैं। इसी तरह मेधावी विद्यार्थी योजना बनाई गई। अब बहनों को सशक्त बनाने के लिए लाड़ली बहना योजना बनाई गई है। इस योजना में गरीब बहनों के खातों में एक-एक हजार रूपए की राशि हर माह दी जाएगी। उन्होंने कहा कि किसानों को प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की ओर से सम्मान निधि दी जा रही है।

    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि एक के बाद एक योजना बन रही है। जनता की जिंदगी बदलने की कोशिश है। वृद्धावस्था पेंशन राशि 600 से बढ़ा कर 1000 रूपये कर दी जाएगी। आगामी 5 मार्च से मुख्यमंत्री बहना योजना के गाँव-गाँव में शिविर लगा कर कार्य कराए जाएंगे। जून माह से पैसा आना शुरू हो जाएगा। जनता की जिंदगी बदलने का अभियान है। उन्होंने कहा कि हम परिवार की भाँति ध्यान रखने की कोशिश कर रहे हैं। सबका मंगल और कल्याण हो। सब सुखी हों। मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों में जनता का सहयोग भी मांगा।

    सांसद सुश्री प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने कहा कि जगदीशपुर का जन-जन चाहता था कि इस्लामनगर का नाम पुन: जगदीशपुर हो जाए। उन्होंने कहा कि जब हम परतंत्र थे तब इसका नाम इस्लामनगर था। जगदीशपुर का अपना एक इतिहास है। इसी को ध्यान में रख कर पुन: जगदीशपुर नामकरण किया गया है। जगदीशपुर अपने पुराने वैभव में लौटा है। केन्द्र और प्रदेश सरकार द्वारा विकास के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। सांसद सुश्री ठाकुर ने गाँव में भगवान जगदीश का भव्य मंदिर निर्माण कराने का सुझाव रखा।

    बैरसिया विधायक श्री विष्णु खत्री ने स्वागत उद्बोधन देते हुए कहा कि आज जगदीशपुर में गौरव दिवस मनाने का अवसर मिला है। यह ऐतिहासिक क्षण है। उन्होंने कहा कि 308 वर्ष बाद यह क्षण देखने को मिला है। जब इस्लामनगर का नाम बदल कर पुन: जगदीशपुर कर दिया गया है। मुख्यमंत्री श्री चौहान की सक्रियता से यह संभव हो पाया है। उन्होंने कहा कि जगदीशपुर को आदर्श पंचायत बनाने के लिए विकास कार्यों की कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। सामाजिक सरोकार और जन-भागीदारी से कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा। श्री खत्री ने बाणगंगा के किनारे बलिदानी राजाओं का स्मारक बनाने की मांग रखी।

    प्रारंभ में मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मंच पर पहुँच कर साधु-संतों का शाल-श्रीफल से स्वागत और कन्या-पूजन किया। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। वंदे-मातरम का गायन हुआ। ग्रामीणों ने साफा पहना कर अतिथियों का स्वागत किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने लाम्बाखेड़ा से जगदीशपुर मार्ग, भदभदा से निपानिया जाट मार्ग मजबूतीकरण, लाम्बाखेड़ा से निपालिया बाजखां मार्ग और ईंटखेड़ी से अचारपुरा मार्ग के चौड़ीकरण, 33:11 केव्ही विद्युत उपकेन्द्र परेवाखेड़ा, ईंटखेड़ी एमआरएफ सेंटर, स्वच्छता परिसर ग्राम पंचायत अचारपुरा, गोलखेड़ी, जगदीशपुर, ईंटखेड़ी सड़क सहित अनेक विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। कार्यक्रम में जन-प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद रहे।

  • नगर निगम के कमर्शियल टैक्स के विरोध में होटल संचालकों ने महापौर को दिया ज्ञापन

    नगर निगम के कमर्शियल टैक्स के विरोध में होटल संचालकों ने महापौर को दिया ज्ञापन


    भोपाल,1 सितंबर। नगर पालिक निगम की ओर से लगाए गए व्यावसायिक कर के विरोध में आज महाराणा प्रताप नगर के होटल संचालकों ने महापौर मालती राय को ज्ञापन दिया। जिसमें उन्होंने इस नए टैक्स को अव्यावहारिक और शोषणकारी बताया है। इस टैक्स को लेकर व्यापारियों ने पहले भी आपत्ति दर्ज कराई थी लेकिन टैक्स भरने की अंतिम समय सीमा 31 अगस्त बीत जाने की वजह से मिलने वाली छूट की समयावधि भी बीत गई है। व्यापारियों ने यह टैक्स हटाकर टैक्स भरने की तिथि एक बार बढ़ाने की मांग भी की है।

    नगर निगम की फिजूलखर्ची और स्मार्ट सिटी के कर्ज का बोझ व्यापारियों पर डालने से वे आंदोलित हैं.


    महापौर श्रीमती मालती राय से मुलाकात करने पहुंचे एमपीनगर भोपाल होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने व्यावसायिक लाईसेंस की प्रक्रिया बदलने को असंगत और बोझ बताया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष और होटल आर्च मैन्योर के प्रोप्राईटर एस.एन.माहेश्वरी ने बताया कि इस नए टैक्स से सारे व्यापारी परेशान हैं। कोरोना काल की मंदी की वजह से न तो कारोबार है और न ही व्यापारी अब तक घाटे से उबर पाए हैं। इसके बावजूद निगम ने एक नया टैक्स लाद दिया है। उन्होने महापौर को बताया कि ये टैक्स संपत्तिकर, पानी बिजली और कचरा कर के अलावा वसूला जा रहा है। इस टैक्स में सभी व्यावसायिक संपत्तियों के क्षेत्रफल के आधार पर टैक्स की गणना की गई है। ये अव्यावहारिक है और इतना ज्यादा है कि आम व्यापारी इसे चुकाने में सक्षम नहीं है। ऐसे में इस टैक्स को पूरी तरह हटाया जाए और जो लोग ये टैक्स जमा कर चुके हैं उस राशि को अगले साल के टैक्स में समायोजित किया जाए।
    श्री माहेश्वरी ने बताया कि पहले नगर निगम होटल के कमरों के आधार पर आय की गणना करता था और उस पर कर लगाया जाता था। नई व्यवस्था में होटल के खुले क्षेत्र और बाथरूम, बरामदे आदि को भी टैक्स के दायरे में लिया गया है जबकि इन स्थानों से आय नहीं होती है। व्यापारियों ने इस टैक्स का विरोध तभी से करना शुरु कर दिया था जब नगर निगम के राजस्व अमले ने उन्हें मांग पत्र सौंपे थे। व्यापारियों की आपत्ति पर निगम ने कोई फैसला नहीं लिया और कर भरने की समय सीमा भी निकल गई।
    व्यापारियों ने कहा कि ये टैक्स नगर निगम कमिश्नर श्री वीएस चौधरी कोलसानी ने तब मंजूर कराया था जब नगर निगम की चुनी हुई परिषद भंग की जा चुकी थी। इस फैसले में आम नागरिकों के बीच रायशुमारी नहीं की गई थी। हैदराबाद की तर्ज पर लागू की गई इस व्यवस्था को तब लागू किया गया है जब भीषण मंदी का दौर चल रहा है। ऐसे में चुनी हुई परिषद को इस फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए।
    ज्ञापन देने वालों में भोपाल
    हॉस्टल एसोसिएशन के अध्यक्ष एमपी नगर कोचिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय तिवारी एवं कई पदाधिकारी शामिल थे।
    महापौर श्रीमती मालती राज ने संघ के पदाधिकारियों को आश्वासन दिया है कि उनकी मांगों को दो-तीन दिन के अंदर कुछ ना कुछ निराकरण अवश्य करेंगे।
    संघ के कुछ पदाधिकारियों का कहना है कि अगर निर्णय उनके पक्ष में नहीं जाता तो वह उच्च न्यायालय की शरण में जाने के लिए तैयारी कर रहे हैं

  • स्वच्छता में अव्वल भारत नगर के लोगों ने उल्लास से मनाया स्वाधीनता दिवस

    स्वच्छता में अव्वल भारत नगर के लोगों ने उल्लास से मनाया स्वाधीनता दिवस


    भोपाल,15 अगस्त( प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान में बढ़ चढ़कर भागीदारी निभाने वाले राजधानी के भारत नगर के वासियों ने स्वाधीनता दिवस उल्लास के साथ मनाया । स्वाधीनता के अमृत महोत्सव पर 13 अगस्त 15 अगस्त तक विभिन्न कार्यक्रमों की श्रंखला चलाई गई। तिरंगा अभियान से ही ये उत्साह परवान चढ़ने लगा था और भारी वर्षा के बीच झंडावंदन करके रहवासियों ने विकसित भारत के लक्ष्य के प्रति अपना संकल्प दुहराया।
    स्वच्छता के मापदंडों पर खरा उतरने वाले भारत नगर को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने द्वितीय पुरस्कार से सम्मानित किया था। भोपाल नगर पालिक निगम क्षेत्र में अव्वल आने वाली ये एकमात्र रहवासी समिति है जिसका संचालन राज्य का सहकारिता विभाग कर रहा है। विभाग की ओर से नियुक्त प्रशासक मुकुंद राव भैंसारे के आव्हान पर रहवासियों ने विभिन्न चरणों में स्वाधीनता दिवस के आयोजन किए थे। इस अवसर पर श्री भैंसारे ने ध्वजारोहण करके मुख्य समारोह का मार्गदर्शन किया। कार्यक्रम का संचालन श्री एम.के.सचदेव ने किया। आजादी की 75 वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित रंगारंग कार्यक्रम में अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। सभी वक्ताओं ने भारत को प्रगति की नई ऊंचाईयों तक ले जाने का संकल्प दुहराया।

    स्वाधीनता के अमृत महोत्सव में भागीदारी निभाने वाले युवाओं ने झंडावंदन के साथ सांस्कृतिक आयोजन में भी भाग लिया।


    ध्वजारोहण समारोह में भारत नगर के सभी गणमान्य नागरिकों ने भारी वर्षा के बावजूद अपनी भागीदारी निभाई। सर्वश्री सुदर्शन राजपूत, के.सी.शर्मा, श्री नामदेव,श्री जेपी सिंह,श्री शेडगै जी,सुश्री दिव्या अत्री ,सुश्री पल्लवी शर्मा,सुश्री सुनीता विश्वकर्मा, सुश्री सुषमा चौकसे, सुश्री अल्पना ,सुश्री अनुजा मजूमदार,श्री महेन्द्र कोकाटे,श्री गोपेश तारे, श्री अनिल त्यागी, श्री शैलेन्द्र गुजरावत, श्री एस.के.चौकसे, समेत बड़ी संख्या में बच्चे और युवाजन भी उपस्थित थे।

    भारत नगर की मातृशक्ति ने स्वाधीनता दिवस समारोह को सतरंगी आभा से सराबोर कर दिया।


    स्मरण रहे कि भरत नगर सोसायटी को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्वच्छता के पैमाने पर द्वितीय पुरस्कार से सम्मानित किया है। एक साल में दो बार इस सोसायटी को स्वच्छता की दिशा में उल्लेखनीय योगदान के लिए पुरस्कृत किया गया है।राजधानी में 475 हाउसिंग गृह निर्माण समितियां और 125 रहवासी समितियां हैं। इनके बीच भारत नगर की गृह निर्माण समिति का संचालन कुशलता पूर्वक किया जा रहा है।समिति की ओर से स्वाधीनता दिवस समारोह में लगभग 45 रहवासियों को स्वच्छता प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। समारोह में शामिल युवाओं और बच्चों को मिठाई का वितरण भी किया गया।

  • कोरोना की बूस्टर डोज जरूर लगवाएं बोले स्वास्थ्य मंत्री डॉ.प्रभुराम चौधरी

    कोरोना की बूस्टर डोज जरूर लगवाएं बोले स्वास्थ्य मंत्री डॉ.प्रभुराम चौधरी

    भोपाल, 21 जुलाई( प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने कहा कि सभी पात्र व्यक्ति कोविड टीके की प्रिकॉशन (बूस्टर) डोज अवश्य लगवायें। कोविड वैक्सीन अमृत महोत्सव में कोविड-19 प्रिकॉशन डोज 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी पात्र व्यक्तियों को नि:शुल्क लगाया जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. चौधरी आज होटल अशोक लेक व्यू के ओपन थियेटर में ड्राइव इन वैक्सीनेशन का शुभारंभ कर रहे थे।

    स्वास्थ्य मंत्री डॉ. चौधरी ने कहा कि एम.पी. टूरिज्म, यूनीसेफ और एनएचएम द्वारा ड्राइव इन वैक्सीनेशन का नवाचार किया गया है। इसके लिये अशोक लेक व्यू होटल के ओपन थियेटर परिसर में टीकाकरण केन्द्र बनाया गया है। यहाँ पर कोई भी पात्र व्यक्ति वाहन ड्राइव करते हुए टीकाकरण केन्द्र में पहुँच कर वाहन में बैठे-बैठे कोविड-19 प्रिकॉशन डोज लगवा सकता है। यह सुविधा दिव्यांग और वृद्धजन के लिये आसानी से टीका लगवाने में मददगार है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. चौधरी ने कहा कि इस नवाचार से पहले टीकाकरण अभियान में 50 हजार से अधिक व्यक्तियों को कोविड-19 के टीके लगाये गये।

    स्वास्थ्य मंत्री डॉ. चौधरी ने कहा कि कोविड टीका बहुत महत्वपूर्ण है। टीकाकरण के बाद आई तीसरी लहर में कोविड टीका ने सुरक्षा प्रदान की और जिन्हें कोरोना हुआ, उनमें से बहुत कम को अस्पताल जाना पड़ा। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. चौधरी ने सभी नागरिकों से अपील की है कि कोरोना की प्रिकॉशन डोज अवश्य लगवायें। डायरेक्टर एनएचएम (टीकाकरण) डॉ. संतोष शुक्ला, जनरल मैनेजर एम.पी. टूरिज्म श्री के.आर. साद, श्री एस.पी. सिंह, संचार विशेषज्ञ यूनिसेफ मध्यप्रदेश श्री अनिल गुलाटी और डॉ. वंदना भाटिया उपस्थित थीं।

  • भाजपा जन स्वास्थ्य बढ़ाने में फेल – यश भारतीय 

    भाजपा जन स्वास्थ्य बढ़ाने में फेल – यश भारतीय 

    भोपाल,19 जून(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर) समाजवादी पार्टी मप्र युवजन सभा प्रदेश अध्यक्ष यश भारतीय ने आरोप लगाया है, भाजपा की केंद्र और राज्य सरकारों ने मिलकर शासकीय स्वास्थ्य व्यवस्था चौपट करते हुए निजी और महंगी स्वास्थ्य सेवाओं को फायदा पहुंचाया है । भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल(बीएमएचआरसी) को पूरी तरह से बर्बाद किया, एम्स में भी व्यवस्था चौपट है ,राज्य चिकित्सालय के हालत ये है की मुख्यमंत्री एवं उनके मंत्री , बड़े अधिकारी सभी निजी स्वास्थ्य व्यवस्था पर ही विश्वास दिखाते है ।

    पूर्व में भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री रहते दौरा कर चुके है एम्स का, जिसमे तमाम कमियां विधार्थियो ने बताई थी लेकिन वह आज भी वैसे की वैसे ही बनी हुई है, नए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ मनसुख मंडाविया जी के आने के बाद भी । एम्स में आज भी पूरी फैकल्टी नही है, न ही मरीजों को पूरा इलाज मिल रहा है और न ही विधार्थियो को सही चिकित्सा शिक्षा प्राप्त हो रही है ऐसे में बीएमएचआरसी को मेडिकल कॉलेज बनाने जैसी बातें साफ तौर पर बेमानी है । 

    राज्य चिकत्सा मंत्री विश्वास सारंग जी भोपाल में रहते हुए इतने लापरवाह है की हमीदिया अस्पताल,जय प्रकाश नारायण अस्पताल, काटजू अस्पताल की व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित  नही करवा पा रहे है । प्रदेश और राजधानी वासियों को अभी भी बच्चों के वार्ड में लगी आग का मंजर अभी भी भूले नहीं भूलता जिसमें न मुख्यमंत्री सक्रिय थे और न ही उनके मंत्री ।

    भाजपा के लोग केवल झूठे बयान,झ्ठे वादों से जनता को भ्रमित कर रहे है, आमजन की धार्मिक भावना उकसा कर सत्ता पर काबिज है। अब जनता इनसे इनकी ही योजना का हिसाब मांग रही है, वो चाहे कृषि कानून हो या अग्निवीर । भाजपा के लोग अपनी योजनाओं को ही सही तरीके से जनता को नही बता पाते क्योंकि तानाशाही तरीके से जनता के ऊपर निर्णय थोप दिए जा रहे है बिना किसी तैयारी के ,बिना किसी विरोधी दलों से चर्चा करते हुए ।

  • सहकारिता से जीती भारत नगर ने स्वच्छता की जंग

    सहकारिता से जीती भारत नगर ने स्वच्छता की जंग

        

    भोपाल,9 जून(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जब लाल किले से स्वच्छता का संदेश दिया था तब किसी ने नहीं सोचा था कि हिंदुस्तान के शहर और गांव इस दिशा में नई करवट लेने जा रहे हैं। आज देश के कई शहरों में स्वच्छता को लेकर जो जंग छिड़ी है उसने सड़कों और गलियों की तस्वीर बदलकर रख दी है। राजधानी भोपाल में स्वच्छता को लेकर जो बदलाव हुए हैं उसके लिए किसी तंत्र को बदले बगैर जनता बढ़ चढ़कर भागीदारी कर रही है। शहर की भारत नगर गृह निर्माण सहकारी समिति के प्रशासक मुकुंद राव भैसारे ने जब कालोनी की मूलभूत समस्यायों का समाधान शुरु किया तो लोगों ने आगे आकर स्वच्छता अभियान में अपना योगदान देना आरंभ कर दिया। आज यह गृह निर्माण सहकारी समिति मूलभूत समस्याओं का निराकरण करके पुरस्कार जीत रही है इसके साथ संस्था के खाते में बचत की राशि भी बढ़ती जा रही है।

    यह संस्था कभी बुरे हालात से भी गुजरती रही है। घरों में पानी नहीं आता था,सीवेज की लाईनें चोक थीं, सड़कें बदहाल थीं और जगह जगह कचरे के ढेर नजर आते थे। समिति का प्रबंधन संभालने वालों की सक्रियता न होने की वजह से मनमानी का आलम था और लोग कहीं भी कबाड़ा जमा करते रहते थे। गृह निर्माण समिति के संधारण का शुल्क लोग इसलिए नहीं जमा करते थे क्योंकि आए दिन घोटालों की कहानियां सुनने मिलती थीं। रहवासियों ने जगह जगह शिकायतें कीं लेकिन कोई समाधान नजर नहीं आता था। सहकारिता विभाग के आयुक्त ने कड़ा फैसला लिया और समिति को भंग करके प्रशासक की नियुक्ति कर दी। ये जवाबदारी विभाग के उप अंकेक्षक मुकुंद भैसारे को दी गई।

    सहकारिता विभाग के आयुक्त संजय गुप्ता ने अपने नवाचारों से शुरु किया सहकारिता आंदोलन का नया दौर.

    जब शासन ने मुकुंद भैसारे को भेजा तब रहवासी बहुत परेशान थे और शिकायतें लेकर दर दर भटक रहे थे। 20 जनवरी 2021 को संस्था भंग हो चुकी थी और लोगों को लगता था कि अब उनकी समस्याएं लालफीताशाही के बीच उलझकर रह जाएंगी। श्री भैसारे ने पानी, सफाई, बिजली सप्लाई जैसे मुद्दों को सुलझाने के लिए अपनी प्रशासनिक दक्षता का प्रयोग किया और धीरे धीरे शिकायतें सुलझने लगीं। हर विभाग से जुड़े प्रभारी अधिकारियों को प्रेरित करके उन्होंने कालोनी की काया बदलना शुरु कर दी। समिति के पास केवल एक सफाई कर्मचारी था लेकिन जन सहयोग और भोपाल नगर पालिक निगम की टीम को साथ लेकर उन्होंने सफाई का महासंग्राम शुरु कर दिया। लोगों ने जब अपने गली मोहल्ले में ये सक्रियता देखी तो महिलाओं समेत कई नागरिकों ने इस अभियान में सहयोग शुरु कर दिया। बच्चों की टोलियां काम में हाथ बंटाने लगीं। महिलाओं का समूह सफाई कर्मचारियों की प्रेरणा बन गया।

    श्री भैसारे ने गृह निर्माण समिति के दफ्तर की भी काया पलट कर डाली। पुराने पड़े पाईपों को वेल्डिंग करवाकर उन्होंने तिरंगा फहराने के लिए झंडा स्थल का निर्माण करवाया। समिति के आय व्यय पत्रकों को सिलसिलेबार संजोया। लोगों को प्रेरित किया कि वे यदि लंबित सहयोग राशि का भुगतान कर देते हैं तो कई सुविधाएं बढाई जा सकती हैं। चोक पड़ी पाईपलाईनों को चालू करवाते ही लोगों के घरों में पेयजल की सप्लाई शुरु हो गई। इस पानी ने लोगों में जो उत्साह का संचार किया कि वे आगे बढ़कर अपनी सहयोग राशि जमा करने लगे। जनसहयोग की भागीदारी से  श्री भैसारे ने नगर पालिक निगम की योजनाओं को लागू करवाना शुरु कर दिया। जगह जगह कचरे के डिब्बे रखवाए गए। सार्वजनिक लाईनों का बिजली भुगतान  होते ही कालोनी की सड़कें रात में जगमग होने लगीं।

    भारत नगर सहकारी समिति को स्वच्छता का पुरस्कार देकर प्रसन्न हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान.

    ये ऐसा अवसर था जब देश भर में स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर नगरीय निकाय बढ़ चढ़कर भागीदारी दिखा रहे थे। कोरोना की वजह से लाक डाऊन था और सफाई अमला पूरी तरह मुस्तैद था। इसी समय का लाभ लेकर श्री भैसारे ने गृह निर्माण समिति के कामकाज में जान फूंक दी। नगर पालिक निगम ने स्वच्छता के जो मापदंड तय किए थे उन पर श्री भैसारे ने सिलसिलेबार ढंग से अमल शुरु कर दिया। वर्ष 21-22 के स्वच्छता सर्वेक्षण के तहत 11 जनवरी 2022 को रहवासी समितियों ने प्रथम द्वितीय और तृतीय पुरस्कार प्राप्त किए। संपूर्ण भोपाल जिले में भारत गृह निर्माण सहकारी समिति को तृतीय पुरस्कार मिल गया।जब भोपाल नगर पालिक निगम के कमिश्नर ने ये पुरस्कार दिया तो कालोनी में हर्ष की लहर फैल गई। लोगों ने बढ़ चढ़कर सहयोग देना शुरु कर दिया।

    इसी श्रंखला में भारत सरकार ने स्मार्ट सिटी जैसी नई प्रोत्साहन योजना शुरु की। मध्यप्रदेश सरकार ने अपनी अन्य कालोनियों की तस्वीर बदलने के लिए अप्रैल 2022 में दुबारा जोन वार पुरस्कार देने की घोषणा की। भोपाल की 38 रहवासी वेलफेयर समितियों के सामने पुरुस्कार पाने का लक्ष्य था। इसके तहत प्रथम पुरस्कार के रूप में पांच लाख रुपए के निर्माण कार्य कराए जाने थे। द्वितीय पुरस्कार के रूप में तीन लाख रुपए के कार्य कराने की घोषणा की गई थी। इसके लिए सर्वेक्षण हुआ और जोन 15 की भारत गृह निर्माण सहकारी समिति को दूसरे पुरुस्कार के रूप में चुना गया। समिति का काम इतना सिलसिलेबार और लयबद्ध था कि प्रशासन ने एक ही वर्ष में उसे दो बार पुरस्कृत किया। इसका सारा श्रेय सहकारिता विभाग की ओर से प्रशासक के रूप में नियुक्त श्री भैसारे को ही जाता है।

    श्री भैसारे ने समिति की आर्थिक स्थिति सुधारी,और सुधारों को जमीन पर क्रियान्वित किया। इससे सहकारिता के माध्यम से रहवासियों की समस्यायों का समाधान करने का नया उदाहरण सामने आया है। ये पहला अवसर है जब किसी सहकारी समिति के प्रशासक ने जन सहयोग से किसी रहवासी क्षेत्र की समस्याओं का समाधान कर दिखाया हो। कई बड़े बिल्डर हजारों रुपए की सहयोग राशि जुटाने के बावजूद ये चमत्कार नहीं दिखा पा रहे थे जबकि श्री भैसारे ने मात्र 350 रुपए की सहयोग राशि के बलबूते कालोनी की तस्वीर बदलकर रख दी।

    भोपाल नगर पालिक निगम ने स्वच्छता पुरस्कार देकर रहवासियों के सफल मॉडल को रेखांकित किया..

    सहकारिता के क्षेत्र में इस बडी उपलब्धि से श्री भैसारे उत्साहित हैं। स्थानीय नागरिकों ने समिति के सफल संचालन के लिए कई बदलाव भी किए हैं। सहकारी समिति ने कालोनी में सड़कें रोशन करने के लिए सोलर लाईटें,बगीचों में पाथ वे का निर्माण और कैमरे लगाने के लिए भी प्रस्ताव तैयार किए हैं। इस लक्ष्य  की पूर्ति के लिए हर रहवासी की ओर से मिलने वाली सहयोग राशि 500 रुपए कर दी गई है और जल्दी ही  जरूरतें भी पूरी हो जाएंगी । इससे स्ट्रीट लाईट का हर महीने आने वाला बिजली का बिल भी शून्य हो जाएगा। साथ ही साथ अतिरिक्त बिजली बेचकर समिति अपने रखरखाव के लिए अतिरिक्त आय कर सकेगी। कैमरों से अपराध नियंत्रण में सहयोग मिलेगा। इस तरह के कई अभियानों के लिए भी लोग मशविरा कर रहे हैं।

    एक रचनात्मक व्यक्ति की उपस्थिति से स्थितियां किस तरह बदल जाती हैं ये भी श्री भैसारे ने साबित कर दिया है। जो लोग लोकतांत्रिक व्यवस्था को कोसते फिरते थे वे आज सहकारिता की शक्ति का अहसास कर रहे हैं। मध्यप्रदेश में सहकारी आंदोलन को पलीता लगाने की तो कई कहानियां सुनी और सुनाई जाती हैं लेकिन सहकारिता की ये बुलंद तस्वीर केवल भोपाल से निकलकर सामने आई है। इसके लिए श्री भैसारे जैसे अधिकारियों की पहचान और उन्हें जवाबदारी देने की पहल अब सरकार को करनी होगी।

  • भोपाल विलीनीकरण के सेनानियों को पुष्पांजलि

    भोपाल विलीनीकरण के सेनानियों को पुष्पांजलि

    भोपाल,1 जून(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, भोपाल विलीनीकरण दिवस एक जून के अवसर पर विलीनीकरण शहीद स्मृति द्वार पर कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। राज्य सभा सांसद श्री जे.पी. नड्डा विशेष रूप से उपस्थित थे। चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री विश्वास सारंग, सांसद श्री वी.डी. शर्मा, पूर्व महापौर श्री आलोक शर्मा तथा विलीनीकरण आंदोलन के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजन सम्मिलित हुए।

    मुख्यमंत्री श्री चौहान तथा सांसद श्री नड्डा ने शहीद स्मृति द्वार पर स्थापित रानी कमलापति की प्रतिमा पर नमन किया। साथ ही भोपाल विलीनीकरण आंदोलन के स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृति में पुष्पांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम में स्वतंत्रता सेनानियों के परिजन का सम्मान भी किया गया। भोपाल की स्वतंत्रता की 73 वीं वर्षगांठ हर्ष और उल्लास के साथ मनाई गई।