भोपाल,23 फरवरी(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता यश भारतीय ने राज्यसभा सदस्य एवं संसद की शिक्षा समिति (भारत सरकार) के अध्यक्ष, दिग्विजय सिंह से भेंट करके कहा है कि राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस), से जुड़े शिक्षा माफिया ने यहां डिग्रियां बेचने का गोरखधंधा चला रखा है। इससे मेहनती विद्यार्थियों के अवसर छिन रहे हैं।
उन्होंने ज्ञापन में कहा कि NIOS सीधे शिक्षा मंत्रालय (MHRD) के अधीन कार्य करता है, इसके बावजूद 2017 में सीहोर, रतलाम और उमरिया में 1,200 अनुपस्थित छात्रों को पास घोषित करने जैसा बड़ा घोटाला हुआ। CBI चार्जशीट के अनुसार, साक्ष्य मिटाने के लिए उत्तर पुस्तिकाएं तक जला दी गईं। ज्ञापन में कहा गया है कि मध्य प्रदेश के कई जिलों में बाहरी राज्यों के छात्रों से 25,000 से 30,000 रुपये लेकर “गारंटी पास” का खेल चल रहा है।
शिक्षा मंत्रालय के इस संस्थान का क्षेत्रीय कार्यालय भोपाल में होने के बावजूद, कोविड के बाद से यहाँ ‘ऑन डिमांड एग्जाम’ (ODES) केंद्र बंद कर दिया गया है। इसे पुनः प्रारंभ न करना छात्रों के साथ अन्याय है ।उनका कहना है कि NIOS के अध्ययन केंद्रों का वर्षों से भुगतान लंबित है। ये केंद्र ही ड्रॉप-आउट छात्रों की काउंसलिंग और नियमित कक्षाओं का आधार हैं। भुगतान न होने से गरीब और पिछड़े छात्रों की शिक्षा बाधित हो रही है।
उनके मुताबिक NIOS ने सुप्रीम कोर्ट में तर्क दिया था कि अध्ययन केंद्रों के माध्यम से नियमित कक्षाएं और प्रायोगिक कार्य कराए जाते हैं, इसी आधार पर इसके सर्टिफिकेट फार्मेसी और नर्सिंग काउंसिल में मान्य हैं। लेकिन वर्तमान अव्यवस्था इस साख को खत्म कर रही है।
संसद की शिक्षा समिति के अध्यक्ष के रूप में दिग्विजय सिंह जी से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा गया है कि मध्य प्रदेश में पिछले 5 वर्षों के NIOS परिणामों का निष्पक्ष ‘थर्ड पार्टी ऑडिट’ कराया जाए। शिक्षा मंत्रालय के स्तर पर उन अधिकारियों को चिन्हित किया जाए जो भ्रष्टाचार को संरक्षण दे रहे हैं। भोपाल में ‘ऑन डिमांड एग्जाम’ केंद्र तत्काल प्रभाव से पुनः प्रारंभ किया जाए। अध्ययन केंद्रों का बकाया भुगतान तुरंत जारी कर शिक्षा व्यवस्था सुचारू की जाए।
राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान पर माफिया का शिकंजाः यशभारतीय

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