शीश कटा लेंगे पर भोपाल चेंबर आफ कामर्स को जेबी संस्था नहीं बनने देंगेःतेजकुल पाल सिंह पाली


भोपाल,30 जनवरी(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। भोपाल के व्यापारियों का प्रतिष्ठापूर्ण नेतृत्व कर रहे प्रगतिशील पैनल के अध्यक्ष तेजकुल पाल सिंह पाली ने कहा है कि यदि वक्त आया तो वे शीश कटाना मंजूर करेंगे पर भोपाल चेंबर आफ कामर्स को कभी किसी नेता या कार्पोरेट घरानों की जेबी संस्था नहीं बनने देंगे। व्यापारियों का कहना है कि पाली का पिछला कार्यकाल उपलब्धियों के भरा पूरा रहा है। उन्होंने चुनाव न कराए जाने पर तीन साल नौ महीने बाद केवल इसलिए इस्तीफा दिया था कि संस्था के चुनाव निष्पक्ष रूप से कराए जा सकें। प्रतिद्वंदी के रूप में चुनाव लड़ रहे कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष गोविंद गोयल ने पिछले सात सालों से खुद को Confedration of MP for Industry, Service & Trade (COMPIST) का स्वयंभू अध्यक्ष घोषित कर रखा है और संस्था के चुनाव तक नहीं कराए हैं।यह मुद्दा इस चुनाव में व्यापारियों को डराने वाला साबित हो रहा है।


एक फरवरी रविवार को होने जा रहे भोपाल चेंबर आफ कामर्स के चुनावों में जो अंदरूनी कहानियां रिसकर बाहर आ रहीं हैं उनसे व्यापारियों के बीच नेतृत्व की खींचतान को लेकर खासी सरगर्मी देखी जा रही है। व्यापारियों का कहना है कि चुनाव को जातिगत गोलबंदी में धकेलने वाले कार्पोरेट के षड़यंत्र की पोल खुल चुकी है। खुद को पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के प्रतिनिधि के तौर पर प्रस्तुत करने वाले गोविंद गोयल को हराने के लिए व्यापारियों ने पहले मतदान फिर जलपान का नारा दिया है। कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में आकाश गोयल और उनके सहयोगियों ने जिस तरह अनाप शनाप पैसा खर्च करके संस्था को लगभग खरीदने की पेशकश की उससे भी व्यापारियों के बीच संदेह का माहौल गहरा गया है।

गोविंद गोयलः कम्पिस्ट के चुनाव न कराकर खुद को स्वयंभू अध्यक्ष बनाना पड़ा भारी.


सूत्र बताते हैं कि प्रगतिशील पैनल से उपाध्यक्ष पद का चुनाव लड़ रहे ट्रांसपोर्ट व्यवसायी कमल पंजवानी इस चुनाव में गेम चेंजर साबित हो रहे हैं। चेंबर के अध्यक्ष पद पर जब व्यापारियों ने आकाश गोयल के नाम पर असहमति जताई तो वे कमल पंजवानी को निर्विरोध अध्यक्ष के रूप में स्वीकार करने राजी हो गए थे। इस नाम पर गोविंद गोयल ने असहमति जता दी और अपना नामांकन भर दिया। यही वजह थी कि तेजकुल पाल सिंह पाली ने संस्था पर मंडराते काले बादलों का पटाक्षेप करने के लिए मैदान संभाल लिया।


तेजकुल पाल सिंह पाली का नाम सामने आते ही भाजपा समर्थित व्यापारी भी प्रगतिशील पैनल के समर्थन में आ गए और चुनाव रोचक मोड़ पर पहुंच गया। इस चुनाव में सक्रिय भागीदारी निभा रहे व्यापारियों का कहना है कि वे चाहते हैं संस्था उनकी समस्याओं को सुलझाने के लिए सीना चौड़ा करके चले। पाली का पिछला कार्यकाल गौरवपूर्ण रहा है और किसी नेता के पिट्ठू को वे अपना प्रतिनिधि स्वीकार नहीं कर सकते। संस्था को अपनी स्थापना के बाद से पहली बार पाली जैसा दबंग नेतृत्व मिला इसलिए वे दुबारा उन्हें अध्यक्ष के रूप में देखना चाहते हैं।


प्रगतिशील पैनल से ही महामंत्री पद का चुनाव लड़ रहे समाजसेवी ललित तांतेड़ का कहना है कि राजधानी के व्यापारी पहले कभी इतने सक्रिय नहीं रहते थे। चंद जेबी नेता मिलकर सरकार से अपने हित में सौदेबाजी कर लेते थे। इससे न तो व्यापारिक गतिविधियों को विस्तार मिलता था और न ही व्यापारियों के हितों की रक्षा हो पाती थी। ऐसे में तेजकुल पाल सिंह पाली जी ने राजधानी के सक्रिय और ईमानदार व्यापारियों को मिलाकर संस्था को नेतृत्व प्रदान करने की पहल की है जिसका व्यापार जगत में स्वागत किया जा रहा है। एक फरवरी को होने जा रहे चुनावों में व्यापारियों के इस भाव पर मुहर भी लग जाएगी।

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *