हमारा टारगेट, प्रतिव्यक्ति आय साढ़े बाईस लाख करने का,बोले मुख्यमंत्री डाक्टर मोहन यादव


भोपाल,18 दिसंबर(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर) मुख्यमंत्री डाक्टर मोहन यादव ने राज्य की प्रति व्यक्ति आय बढ़ाकर बाईस लाख पचास हजार रुपए करने का रोडमैप प्रस्तुत किया है। विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र में धारा प्रवाह उद्बोधन के बीच उन्होंने अपने आंकड़ों से कर्ज के लिए आलोचना करने वाले विपक्ष के आरोपों का तथ्यात्मक जवाब भी दिया।उन्होंने कहा कि हम सभी प्रदेश की विकास यात्रा में सहभागी बन सकें इसके लिए ही विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर के प्रयासों से ये विशेष सत्र आहूत किया गया है। उन्होंने प्रदेश के हर नागरिक से इस यात्रा में बढ़ चढ़कर भागीदारी करने का आव्हान भी किया।
विकास यात्रा की इस मैराथन चर्चा का जवाब देते हुए उन्होंने सदन में कहा कि जब हम आपसे विजन डॉक्‍यूमेंट 2047 की बात कर रहे हैं तो यह विजन डॉक्‍यूमेंट कोई कागज का टुकड़ा नहीं है ,यह हमारा व्‍यक्तिगत संकल्‍प भी है। ये मानकर चलिए 2047 तक मध्‍यप्रदेश का युवा, महिला सभी वर्गों का इस प्रकार का माहौल बनेगा कि हमारे युवा और महिला नेतृत्‍व नौकरी देने वाले बनें । उन्हें नौकरी मांगने की जरूरत न पड़े। हम इस प्रकार के संकल्‍प से आगे बढ़ रहे हैं। मध्‍यप्रदेश 2047 का विजन डॉक्‍यूमेंट्स राज्‍य को आर्थिक रूप से सशक्‍त, सांस्‍कृतिक रूप से समृद्ध और नागरिक जीवन की गुणवत्‍ता को उच्‍चतम स्‍तर तक ले जाने के लिए संकल्‍पबद्ध हैं। यह हमारा सबका संकल्‍प है।
उन्होंने कहा कि हम अपनी इस सरकार के गठन से 2 वर्षों में लगभग 14-15 परसेंट की ग्रोथ रेट से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोग अक्सर कर्ज को लेकर चिंता व्यक्त करते रहते हैं। कहते हैं कि सरकार ने फिर कर्जा ले लिया, कर्जा हो गया, बजट से ज्‍यादा कर्जा हो गया। आंकडों पर हिसाब लगाएं तो एक साल के अंदर लगभग हमने 82 हजार करोड़ लिया है । हमारा बजट 4 लाख, 21 हजार करोड़ का था । कर्ज में वो राशि भी शामिल है जो पिछली सरकारों ने विकास पर खर्च की है। हमें तो उसका ब्याज और मूलधन भी चुकाना है। सरकारें तो बनती बिगड़ती हैं पर हमारी लायबिलिटी तो हमें चुकाना पड़ेगी। हमारे कर्ज में से हमने तीस हजार करोड़ तो मूलधन दिया है। अगर 4 लाख, 21 हजार में से 82 हजार घटा दें तो यह बचा हुआ साढ़े तीन लाख करोड़ कहां से आया। जाहिर है ये हमारी कमाई है। यह हमारी सरकार की नेक नियत है,हमारा कर्ज हमारी तीन प्रतिशत की सीमा के अंदर ही है। हमें इस गणित को दिमाग में रखना होगा। उसको समझकर ही ये बात जनता के बीच में लाएं।
उन्होंने कहा कि बड़े से बड़े उद्योगपति तीन प्रतिशत की लिमिट में ही कारोबार करते हैं। अगर कोई उद्यमी बैंक में अपना कोई ऋण नहीं बताएगा तो आने वाले समय में उसकी ग्रोथ रुक जाएगी. स्‍वाभाविक रूप से बैलेंस शीट तो हमारे लिए कागज लिखने का तरीका है । यदि हमने बिजली,सड़क और पानी जैसी मूलभूत जरूरतों का ढांचा विकसित किया है तो ये हमारी सफलता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2002-03 तक केवल 20 हजार करोड़ रुपये का बजट होता था आज हमारा बजट 4 लाख, 21 हजार करोड़ का है।
पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह ने चर्चा के दौरान कहा कि सरकार ने इस बार हमारा बजट सोलह हजार करोड़ रुपए बढ़ाया है। आंकड़ों के अनुसार यह 36 प्रतिशत होता है। इस तरह हम विकास के पैमाने पर आगे बढ़ रहे हैं।
कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि जब मैं 2003 में पीडब्‍ल्‍यूडी मिनिस्‍टर था तब सरकार का बजट सिर्फ 900 करोड़ रुपये का था और उसके बाद हमने उसको 10 हजार करोड़ का किया था. यह हमारी सरकार की उपलब्धि थी और लगातार डेवलपमेंट के मामले में मध्‍यप्रदेश की सरकार आगे बढ़ती जा रही है. यह हम सबके लिए बहुत गर्व की बात है.
मुख्यमंत्री डाक्टर मोहन यादव ने कहा कि 2047 तक लगभग सवा तीन लाख करोड़ का बजट हम हर पांच साल में दोगुना करेंगे। इसका मतलब है कि 2028 तक यह लगभग 7 लाख करोड़ के आसपास पहुंचेगा. फिर 5 साल बाद हमारी सरकार बनेगी तो यह 7 का 14 होगा. फिर 5 साल बाद हमारी सरकार बनेगी तो यह 14 का 28 होगा. फिर 5 साल बाद सरकार बनेगी तो 28 का 56 होगा. फिर 5 साल बाद सरकार बनेगी तो सीधा 100 होगा। इसीलिए तो हमने कहा कि 2047 तक 2.5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थ व्‍यवस्‍था हमारे राज्‍य की होगी ।
प्रति व्‍यक्ति सालाना आय का आंकड़ा देखें तो वर्ष 2002-03 तक 11 हजार रुपये प्रति व्‍यक्ति थी । वर्ष 1956 में मध्‍यप्रदेश बना. 55 साल में ये आय सिर्फ 11 हजार थी। मुझे गर्व है कि आज 1 लाख, 56 हजार रुपये प्रति व्‍यक्ति आय है। यह हमारी ग्रोथ रेट है और अब वर्ष 2047 तक प्रति व्यक्ति आय 22 लाख 50 हजार करने का संकल्प हम आपके माध्यम से कर रहे हैं। इसमें हम विपक्षी सदस्यों का भी सहयोग चाहेंगे। जब हम राज्य की बेहतरी की बात करेंगे तो गरीब आदमी के सपने भी पूरे क्यों नहीं होना चाहिए । वो आर्थिक रुप से संपन्न क्यों नहीं होना चाहिए। धीरे-धीरे कृषि बढ़ रही है. परमात्मा चाहेगा तो औसत आयु, साक्षरता दर, जिस प्रकार की स्वास्थ्य सुविधाएं और बाकी चीजें हम बढ़ा रहे हैं इनमें हम लगातार ग्रोथ देखेंगे । साक्षरता तो 100 प्रतिशत बढ़ाने का संकल्प आप सभी के माध्यम से चाहेंगे।
उन्होंने विपक्षी सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि आप बताइए कहां-कहां पर स्कूल खोलें, स्कूल के अंदर कौन-कौन सी सौगात दें. कमियां बताएं बहुत अच्छी बात है लेकिन समाधान भी बताईए । हम और आप मिलकर उसका रास्ता निकालें. हमारे मन में कोई भेदभाव नहीं है. हम सबको साथ लेकर चलने को तैयार हैं. इस मामले में हमारा बहुत खुला दृष्टिकोण है. कृषि आधारित अर्थव्यवस्था, उद्योग आधारित अर्थव्यवस्था, सेवा आधारित कामों को, राज्य को आत्म निर्भर और विकसित बनाने के लिए विस्तृत प्लान हम बना रहे हैं। वर्ष 2047 तक दलों से ऊपर उठकर प्रदेश की बेहतरी के लिए हम संकल्प करके आगे बढ़ रहे हैं। क्योंकि मध्यप्रदेश के भविष्य के लिए हम और आप सब मिलकर एक हैं. इसी भावना के साथ हम चल रहे हैं. हमारी और आपकी सामूहिक जवाबदारी है.

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