जैन मंदिर में जानलेवा हमला करने वाले सटोरिए को बचाने उतरे अहिंसा के पुजारी

भोपाल 14 सितंबर(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। जैन समाज के एक सटोरिए ने शिवाजी नगर जैन मंदिर के भीतर समाजसेवी प्रदीप जैन पर जो प्राणघातक हमला किया उसे छुपाने के लिए समाज के कई सफेदपोश नेता अब समझौते का दबाव बनाने में जुट गए हैं। घटना की प्राथमिकी दर्ज होने के बाद इन सफेदपोशों ने पुलिस मुख्यालय के आला अधिकारियों पर दबाव बनाकर प्रदीप जैन के खिलाफ लगभग ग्यारह घंटे बाद छेड़खानी की झूठी शिकायत दर्ज करवा दी। अब आपराधिक पृष्ठभूमि के यही नेता राजधानी में विराजमान मुनि श्री से समझौता करवाने के लिए निवेदन कर रहे हैं।
पर्यूषण पर्व के उत्सवी माहौल के बाद लाड़ू चढ़ाने के कार्यक्रम में ये आपराधिक वारदात समाज के तमाम लोगों की मौजूदगी में घटित हुई थी। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार प्रदीप कुमार जैन पिता स्वं. श्री अशोक कुमार जैन उम्र 61 साल निवासी म.न. डी 4 ग्रीन हाईट्स कालोनी ऑरा माल के पीछे थाना शाहपुरा जिला भोपाल एमपीनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई है कि एमपीनगर में जैन स्वीट्स नाम से मेरी दूकान है। मैं जैन मंदिर शिवाजी नगर ,मानसरोवर के पास जोन 2 के ट्रस्ट मे संयोजक के पद पर हूँ । ये मंदिर जैन ट्रस्ट कमेटी चौक के अंतर्गत आता है। यहां विशाल जैन मंदिर का निर्माण चल रहा है।
विगत छह तारीख को साढ़े दस बजे जब वे जैन मंदिर शिवाजी नगर ,मानसरोवर के पास जोन 2 एमपी नगर पूजा के लिए गए तभी आरोपियों ने घात लगाकर इस वारदात को अंजाम दिया। उनके साथ उनकी भतीजी प्रज्ञा जैन भी उपस्थित थी। वहां पर लाड़ू चढ़ने का प्रोसीजर चल रहा था पंडितजी वहां पर मंत्र पढ़ रहे थे मेरी भतीजी के हाथ मे लाडू थे जिसके ऊपर कपूर रखा था और मेरे हाथ मे माचिस थी उसी समय वहां पर कैलाश चंद्र जैन(सिंघई) औऱ उसका लड़का अंकित सिघंई आए और गाली गलौच करने लगे।


कैलाश चंद्र के पुत्र अंकित ने उन्हें धक्का देकर माचिस छीन ली। विरोध करने पर अंकित सिघंई और कैलाश चंद्र ने मंदिर के भीतर ही प्रदीप जैन और उनकी भतीजी प्रज्ञा जैन को मां- बहन की गंदी-गंदी गालियां देने लगे । जब उनसे कहा गया कि मंदिर परिसर से बाहर निकलकर बात कीजिए तो दोनों फरियादी प्रदीप जैन पर पिल पड़े। इसी मारपीट में सहयोग करने के लिए उनके साथी नितिन जैन और जितेन्द्र जैन भी आ गए। चारों मिलकर उनके साथ हाथ मुक्को से मारपीट करने लगे । इस बीच कैलाश सिंघई ने किसी धारदार हथियार से प्रदीप जैन के सिर पर प्रहार किया। वे फर्श पर गिर पड़े और उनकी बायीं आंख व भौंह से खून बहने लगा। मारपीट में प्रदीप जैन को बायीं आँख मे एवं भौह मे ऊपर एवं दाहीने पैर के घुटने मे एवं शरीर मे अन्य जगह चोटे आयी है। इस वारदात के प्रत्यक्षदर्शी विजय मोदी और बलराम सैनी ने बताया कि उन्होंने हमलावरों को दूर करने की कोशिश की लेकिन वे नहीं माने। कैलाश चंद्र और उनके साथी बोल रहे थे कि आज तो बच गया आईंदा उलझा तो जान से खत्म कर देंगे।
गौरतलब है कि कैलाश सिंघई कथित तौर पर गैरकानूनी सट्टे का फड़ संचालित करता है। इस वजह से पुलिस के कई आला अधिकारियों से उसके करीबी संपर्क भी हो गए हैं। समाज के कुछ सफेदपोश नेता भी इस मामले में कूद पड़े और उन्होंने पुलिस अधिकारियों को गुमराह करते हुए कहा कि ये तो सामाजिक मामला है। हम लोग आपस में समझौता करवा देंगे। आप पुलिस थाने को बोलकर हमलावरों की ओर से भी एक शिकायत दर्ज करवा दीजिए। बाकी हम निपट लेगें।इसके ग्यारह घंटे बाद पुलिस ने फरियादी के विरुद्ध छेड़खानी की झूठी शिकायत दर्ज कर ली है। जबकि इस मामले में भाजपा के एक बड़े नेता ने भी हस्तक्षेप करके पुलिस को निर्देश दिए हैं कि वह निष्पक्ष जांच करके प्रकरण अदालत भिजवाए ताकि अपराधियों को अपनी करनी पर दंड मिल सके।

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