मछली ठेके और नशा कारोबार से दुबई में बनाई दौलत

भोपाल 06 सितंबर(प्रेस इंफार्मेशन सेंटऱ) मध्यप्रदेश की राजनीति में शरीफ मछली का नाम आज भी आदर से लिया जाता है। उनके निधन के बाद उनके परिवार ने जिस तरह अपराध जगत से नाता जोड़ा वो प्रदेश के लिए एक बड़ी समस्या बन गया था। अपराध की दुनिया में ‘मछली परिवार’ के नाम से कुख्यात यह गिरोह ड्रग तस्करी, यौन शोषण, जबरन वसूली जैसे संगीन आरोपों से जुड़ा रहा हैं। प्रशासन ने इस गिरोह की बनाई गई अवैध संपत्तियों को बुलडोजर से ध्वस्त कर एक स्पष्ट संदेश भेजा कि अपराध नहीं बख्शा जाएगा।

  1. बुलडोजर से अवैध संपत्तियों का ध्वंस
    30 जुलाई 2025 को प्रशासन ने मछली परिवार की लगभग ₹50 करोड़ की अवैध संपत्ति—जिसमें फार्म‑हाउस, वेयरहाउस, फैक्ट्री और आवासीय भवन शामिल थे—को अवैध अतिक्रमण की कार्रवाई में ध्वस्त किया। उसी दिन जिला प्रशासन, पुलिस और नगर निगम के संयुक्त टीम ने कई ठिकानों पर बुलडोजर चलाया जिसमें लगभग ₹100 करोड़ मूल्य की अवैध संपत्तियाँ शामिल थीं। 21 अगस्त 2025 को ‘मछली परिवार’ की तीन मंजिला कोठी (अनंतपुरा‑कोकता इलाके, वार्ड 62) को ध्वस्त किया गया, जिसकी कीमत ₹22–25 करोड़ आंकी गई थी। यह भी सरकारी जमीन पर बिना अनुमति निर्मित थी।
  2. गंभीर आरोप: ड्रग्स, यौन शोषण, ब्लैकमेलिंग
    गिरफ्तारी के बाद युवक यासीन अहमद उर्फ मछली और उनके चाचा शाहवर अहमद उर्फ मछली ने अपराध शाखा की गिरफ्त में आने पर कई खुलासे किए। आरोप है कि वे राजस्थान से ड्रग्स लाते, पब और लाउंज में पुरानी एवं भरोसेमंद ग्राहकों को पहुँचाते थे, और लड़कियों का उपयोग फिक्स डिलीवरी करने और उन्हें मुफ़्त ड्रग दे कर शोषित करने में करते थे। यासीन के मोबाइल में अश्लील वीडियो और पिस्टल भी बरामद हुए, जिससे यौन शोषण और ब्लैकमेलिंग का मामला और गंभीर हो गया।
  1. न्याय प्रक्रिया में ढिलाई—एफ़आईआर का अभाव
    लगभग ₹100 करोड़ की संपत्ति ध्वस्त कर दी गई परन्तु 34 दिनों बाद भी शारिक मछली के खिलाफ कोई FIR दर्ज नहीं की गई। शिकायतों और उपलब्ध सबूतों के बावजूद पुलिस कार्रवाई की निष्क्रियता पर सवाल उठे हुए हैं।
  2. नए उत्‍पन्न मामले—रेप और होटल में शोषण
    हाल ही में बीजेपी नेता के भतीजे यासीन मछली के खिलाफ और एक एफआईआर दर्ज हुई है जिसमें उन पर 5‑स्टार होटल में शादी का झांसा देकर रेप और मारपीट का आरोप लगाया गया है। यह वीडियो भी सामने आया है और अब पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।
  3. राजनीतिक बयान और सरकार की प्रतिक्रिया
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य स्तरीय नशा मुक्ति कार्यक्रम में कहा कि “ड्रग्स तस्करों के खिलाफ ढूंढ‑ढूंढकर कार्रवाई की जा रही है” और कहा—“कोई कितनी भी पॉलिटिकल अप्रोच वाला हो, कोई कुछ भी — हम छोड़ेंगे नहीं।”–30 जुलाई 2025 ~₹50–100 करोड़ की अवैध संपत्ति (फार्म‑हाउस, वेयरहाउस आदि) ढहायी गई । 21 अगस्त 2025 तीन मंजिला कोठी (₹22–25 करोड़) ध्वस्त, सरकारी जमीन पर गिरफ्तारी यासीन और शाहवर सहित कई आरोपियों ने ड्रग तार्किक भय, यौन शोषण आदि खुलासे किए हैं।

  1. FIR मामला शारिक मछली के खिलाफ अभी तक FIR नहीं
    नया मामला यासीन के खिलाफ होटल में रेप व मारपीट की FIR का है। एक प्रताड़ित राजेश तिवारी ने मीडिया के सामने खुद के साथ हुई मारपीट और धोखाघड़ी की शिकायत की है।क्षेत्र के मुस्लिम नागरिकों ने भी इस परिवार की गुंडागर्दी के खिलाफ खुलकर बयान दिए हैं। लोगों का कहना है कि उनके कब्जे वाले तालाबों पर मछली मारने वालों को इस परिवार के गुर्गे उठा ले जाते थे और हवेली में बंद करके मारपीट करते थे।
    मुख्यमंत्री की टिप्पणी सख्त कार्रवाई का राजनीतिक संदेश जारी
    ‘मछली परिवार’ ने लंबे समय तक भोपाल में अपराधों के जरिए करोड़ों की संपत्ति और साम्राज्य का निर्माण किया। ड्रग तस्करी, यौन शोषण, ब्लैकमेलिंग जैसे अपराधों की घटित पृष्ठभूमि ने प्रशासन को कठोर कदम उठाने पर मजबूर किया। बुलडोजर द्वारा अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया कि अपराध के लिए कोई स्थान नहीं होगा।
    हालांकि, कार्रवाई के बाद भी न्यायालयीन प्रक्रिया में विलंब, विशेषकर शारिक मछली के खिलाफ FIR का अभाव, चिंता का विषय है। इसके अलावा, नए अपराधों की झड़ी से यह मामला अभी समाप्त नहीं माना जा सकता। सरकार की प्रतिबद्धता और पुलिस की सक्रियता ही इस जटिल अपराधी नेटवर्क को सुलझा कर कानूनी रास्ता सुनिश्चित कर सकती है।

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