भोपाल, 03 सितंबर(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। केनरा बैंक की कोहेफिजा शाखा से दो करोड़ इक्कीस लाख रुपए ठगने वाले प्रकाशचंद्र गुप्ता के ठिकानों पर आयकर महकमे ने अपना शिकंजा कस दिया है। पिछले दो दिनों से आयकर के अधिकारी गुप्ता की एमपीनगर वाली कंप्यूटर दूकान बूटकॉम सिस्टम्स और कम्फर्ट पार्क, अयोध्या बाईपास रोड स्थित निवास पर दस्तावेज खंगाल रहे हैं। उसकी अवैध पत्नी के 31A पार्क एवेन्यू गिरधर परिसर कोलार रोड स्थित आवास एवं गर्ल्स हास्टल्स और फार्म हाऊस आदि संपत्तियों पर भी निगाह बनाए हुए है।
आयकर विभाग ने राजधानी के जिन सूदखोरों और ठेकेदारों पर छापे डाले हैं उन्हीं के साथ गुप्ता का कारोबारी लेनदेन पाया गया है। सूत्र बताते हैं कि इसके घर से जांच अमले को करोड़ों रुपए नकद, सोना और अवैध संपत्तियों के दस्तावेज भी बरामद हुए हैं। पिछले दो दिनों से एमपीनगर स्थित उसकी दूकान पर पुलिस दस्ते की मौजूदगी में अधिकारी तमाम दस्तावेज खंगाल रहे हैं।
गुप्ता ने पुलिस और न्यायालय के समक्ष ये दावा किया था कि उसने केनरा बैंक की बुजुर्ग महिला मैनेजर को अपनी दूकान कार्यालय में बुलाकर एनपीए हो गए लोन एकाऊंट को बंद करने के लिए दो करोड़ इक्कीस लाख रुपए की बड़ी राशि कैश। नकद दी थी। आरोपी ने इतनी बड़ी नकद धनराशि उसके पास मौजूद होने का कोई कानूनी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया था। इसी प्रकार एक अन्य प्रकरण क्रमांक आरसीटी 4137 । 2020 जो भोपाल जिला न्यायालय में लंबित है इसमें भी फरियादी को करोड़ों रुपए नकद भुगतान करने का उल्लेख किया गया है। इस नकद राशि का भी कोई वैध स्रोत नहीं बताया गया है। ये रकम उसके पास कहां से आई यही जांच का विषय है।
गौरतलब है कि प्रकाश चंद्र गुप्ता लंबे समय से काले धन और हवाला का कारोबार कर रहा है। इसकी सूचनाएं कई बार पुलिस और अन्य जांच एजेंसियों को भी दी जा चुकी हैं। वह कंप्यूटर व्यवसायियों के अलावा समाज के हर वर्ग के लोगों को झांसा देकर करोड़ों रुपयों की ठगी करता रहा है। अधिक ब्याज का प्रलोभन देकर वह लोगों से रकम एंठता है फिर वह रकम डकार जाता है। इसके अपराध करने के तरीकों पर पुलिस ने लगभग पांच दर्जन प्रकरण दर्ज किए हुए हैं। पास्को एक्ट के एक अपराध में वह जमानत पर छूटा है। केनरा बैंक धोखाघड़ी प्रकरण में भी वह लगभग सवा महीने जेल में बंद रहा था। बाद में अदालत के सामने मामले का निपटारा करने की गुहार पर उसे जमानत पर छोड़ा गया था।
ज्ञात हो कि वर्ष 2006-07 में भी प्रकाश चंद्र गुप्ता ने ठगी करते हुए पंजाब नेशनल बैंक की हबीबगंज शाखा से 32 लाख रुपए की धोखाधड़ी की थी। इस प्रकरण में उसने झूठे दस्तावेजों के आधार पर बैंक से लगभग पैंसठ लाख रुपए वसूले थे। पुलिस सूत्रों के अनुसार प्रकाश गुप्ता एक आदतन अपराधी है। पुलिस के पास विगत पच्चीस सालों से उसका आपराधिक रिकार्ड है। अपराध को छुपाने के लिए वह न्याय व्यवस्था के सामने झूठे साक्ष्य गढ़कर खुद को बचाता आ रहा है।

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