विधानसभा ने लगभग ढाई हजार करोड़ रुपए और मंजूर किए

भोपाल, 30 जुलाई(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। मध्यप्रदेश विधानसभा में आज तीसरे दिन 2335.36 करोड़ रुपए का अनुपूरक बजट पारित किया गया । अनुपूरक बजट पर चर्चा के दौरान डिप्टी सीएम और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि सभी क्षेत्र में विकास के लिए पर्याप्त प्रावधान मूल बजट में भी किए गए हैं और जहां राशि की जरूरत पड़ी है वहां अनुपूरक बजट में व्यवस्था की जा रही है।


नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा- ये कर्ज लेकर घी पीने वाली सरकार है। सरकार लगातार कर्ज ले रही है। सत्र का समय भी कम किया जा रहा है। जिससे जनता की बात नहीं हो पाती है। सिंघार ने कहा- मुख्यमंत्री के पास विदेश यात्रा के लिए बजट और समय दोनों है, लेकिन जनता के लिए न बजट है और न समय है।


कांग्रेस विधायक ओमकार सिंह मरकाम ने आरोप लगाया कि ट्रांसफर के नाम पर वसूली की जा रही है। उन्होंने ये भी कहा कि सत्ताधारी दल के विधायकों को 15-15 करोड़ रुपए की राशि दी जा रही, जबकि विपक्षी विधायकों को विकास के लिए राशि नहीं दे रहे हैं।
इससे पहले कांग्रेस विधायक लखन घनघोरिया ने कहा कि पहले सड़कें बनती थीं तो कम से कम एक बारिश में कोई दिक्कत नहीं होती थी। अब 40 दिन में सड़कें उखड़ रही हैं। जबलपुर की सड़कों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 56 करोड़ की सड़क इसी बारिश में बह गई। अधिकारी दिखावे की कार्रवाई करते हैं।


सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले कांग्रेस के विधायकों ने पेसा कानून को सही तरीके से लागू न किए जाने के विरोध में प्रदर्शन किया। सरकार पर आदिवासियों को वन क्षेत्र से बेदखल किए जाने का आरोप लगाया। कांग्रेस विधायकों ने कपड़ों पर पेड़ों के पत्ते लपेटकर प्रदर्शन किया।
इस पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा- मुझे लगता है कि जिन्होंने जीवन में कुछ नहीं किया उन्हें मूल्यांकन का भी अधिकार नहीं है। पेसा के मामले में जिस ढंग से काम हुआ है वह बेहतरीन है।


उमंग सिंघार ने स्मार्ट मीटर पर सवाल उठाते हुए कहा कि उसकी स्पीड जेट की तरह है 200 का बिल देने वालों को 2000 देना पड़ रहा है।
सिंघार ने विधायकों और पूर्व विधायकों के वेतन का मामला भी उठाया और कहा कि जो वेतन मिलता है, उसमें गुजारा होना मुश्किल होता है। विधायक निधि भी बढ़ाई जानी चाहिए।


एमएसएमई पॉलिसी पर सवाल उठाते हुए सिंघार ने कहा कि बड़े उद्योगों को 1 रुपए में जमीन दी जाती है, लेकिन छोटे उद्योगों को 5 लाख, 10 लाख, 20 लाख रुपए में जमीन दी जाती है। ऐसे में छोटे उद्योग कहां लगेंगे। सभी योजनाओं में करप्शन भरा पड़ा है। योजनाओं में सोशल ऑडिट बहुत जरूरी है।


आयुष्मान कार्ड की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए सिंघार ने कहा कि 131830 कार्ड धारक ने प्रदेश के बाहर इलाज कराया। यानी प्रदेश में डॉक्टर नहीं है, इसलिए बाहर जाना पड़ रहा है।


राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने अति वृष्टि के कारण खराब हुई फसलों को लेकर कहा कि सभी कलेक्टरों को ये निर्देश दिए गए हैं कि जहां जितना भी नुकसान हुआ है, उसका सर्वे कर तत्काल जानकारी भेजें। जिनका जो नुकसान हुआ है उन किसानों को आरबीसी 6/4 के अंतर्गत मुआवजा दिया जाएगा।


विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर की अनुमति के बाद आज 4 विधेयक सदन में पेश किए गए। उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने मध्य प्रदेश विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक 2025 पेश किया। उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने तीन विधेयक पेश किए। पहला भारतीय स्टांप मध्य प्रदेश संशोधन विधेयक 2025, दूसरा रजिस्ट्रीकरण मध्य प्रदेश संशोधन विधेयक 2025 और तीसरा भारतीय स्टांप मध्य प्रदेश द्वितीय संशोधन विधेयक 2025 किया।


इसी मामले में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि सरकार ने यहां के लोगों को भू अधिकार पत्र दे दिया, लेकिन रजिस्ट्री नहीं कर रही है। स्वामित्व दे दिया है लेकिन बाकी सुविधा नहीं दे रहे। इस मामले में कोई टाइम लिमिट तय की जानी चाहिए। इस पर पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि कलेक्टर से इस मामले में जानकारी लेकर निराकरण का काम करेंगे।


कांग्रेस के प्रदर्शन पर सागर के बीजेपी विधायक शैलेंद्र जैन ने कहा- हमारी सरकार आदिवासी हितों के लिए काम करने वाली है। आदिवासियों के लिए हमने कई योजनाएं बनाई हैं, जबकि कांग्रेस पाखंड करती है।

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