Month: July 2025

  • दवा माफिया पर सर्जिकल स्ट्राईक

    दवा माफिया पर सर्जिकल स्ट्राईक


    देश की प्रख्यात बड़ी बड़ी अस्पतालों के चढ़ते शेयर और आम जनता के घटते स्वास्थ्य ने दुनिया के तमाम देशों के बीच भारत की भारी बदनामी कराई है। बेशक भारत में स्वास्थ्य सुविधाओं का ढांचा मजबूत हुआ है ।बढ़ते संसाधनों के बीच आम नागरिक की औसत आयु भी बढ़ी है, इसके बाद भी आम आदमी को स्वस्थ रहने की जितनी बड़ी कीमत चुकानी पड़ रही है वह चिंताजनक है। दवा माफिया के इस मायाजाल को काटने के लिए केन्द्र सरकार ने प्रधानमंत्री जनऔषधि परियोजना शुरु की थी। अगले चरण के रूप में दवाईयों की कीमतें मनमाने ढंग से बढ़ाने वाले दवा माफिया पर प्रहार किया गया है। केन्द्र की फार्मेसी काऊंसिल और राज्यों की फार्मेसी काऊंसिलों ने फार्मेसी एक्ट के अधिकारों का प्रयोग करते हुए दवाईयों पर मनमानी एमआरपी प्रकाशित करने और छूट देकर ग्राहकों को आकर्षित करने के काले कारोबार पर करारा प्रहार किया है।


    मध्यप्रदेश में केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन (एमपीसीडीए) ने दवाओं के अनुचित डिस्काउंट, प्रचार और छूट के माध्यम से होने वाले उपभोक्ता शोषण और स्वास्थ्य जोखिमों को दृष्टिगत रखते हुए मध्य प्रदेश राज्य फार्मेसी कौंसिल से निवेदन किया था कि वह इस पर रोक लगाने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश जारी करे। इसके बाद 26 जुलाई 2025 को काऊंसिल ने दवाओं पर छूट के नाम पर अनुचित मुनाफा कमाने वाले दवा माफिया के विरुद्ध दिशा निर्देश जारी किए हैं। राज्य सरकार के ड्रग कंट्रोलर, ड्रग आफिसर और ड्रग इंस्पेक्टरों ने दवा माफिया के इस जाल के विरुद्ध जांच भी शुरु कर दी है। जल्दी ही दवाओं की मूल कीमतों और इनके बेमेल काम्बीनेशन के विरुद्ध कार्रवाई करने की तैयारियां भी कीं गईं हैं।


    इस आदेश के माध्यम से फार्मेसी कौंसिल ने यह निर्देशित किया है कि रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट किसी भी प्रकार के छूट, ऑफर, बोर्ड, बैनर अथवा प्रचार सामग्री का उपयोग न करें, और उल्लंघन की स्थिति में नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। यह निर्णय न केवल फार्मेसी अधिनियम, 1948 तथा फार्मेसी प्रैक्टिस रेगुलेशन्स, 2015 की भावना के अनुरूप है, बल्कि आम नागरिकों की स्वास्थ्य सुरक्षा और जीवन रक्षा की दिशा में एक दूरदर्शी और प्रभावशाली पहल भी है।


    छूट आधारित दवा बिक्री के कारण घटिया या नकली दवाओं की आपूर्ति में वृद्धि हो रही है। डाक्टर जिन दवाओं को अनुशंसित करता है,केमिस्ट उन्हें बदलकर छूट के नाम पर दूसरी दवाएं थमा देता है। इससे रोगियों में दवाओं के विरुद्ध एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस जैसी जटिलताएं बढ़ रहीं हैं।


    देश में दवाओं के मूल्य तय करने की जवाबदारी राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (NPPA) को दी गई है। उसने पहले से ही शेड्यूल दवाओं पर 8-16% और नॉन-शेड्यूल पर 10-20% तक मार्जिन निर्धारित कर रखा है। प्रतिस्पर्धा की अंधी दौड़ में कुछ प्रतिष्ठान छूट के नाम पर अनैतिक, अवैध एवं खतरनाक व्यापारिक प्रथाएं अपना रहे हैं — जिनमें सब-स्टैंडर्ड या नकली दवाओं की बिक्री, तथा डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन में मनमर्जी से परिवर्तन शामिल हैं।
    प्रिस्क्रिप्शन से इतर या गलत दवा दिए जाने से जीवन संकट में पड़ सकता है, विशेषकर गंभीर बीमारियों, हार्ट, कैंसर, डायबिटीज या मानसिक रोगों के मामलों में ये दवाएं मरीज को नुक्सान पहुंचा सकती हैं। छूट के नाम पर घटिया गुणवत्ता की या एक्सपायर्ड दवाओं की खपत बढ़ रही है, जिससे रोग ठीक होने के बजाय और गंभीर हो सकता है। मरीजों में AMR एंटी माइक्रोबियल रेजिस्टेंस , एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस, दवा का अप्रभावी होना, और एलर्जी या दुष्प्रभाव की घटनाएं बढ़ रही हैं।


    दवाएं बदल दिए जाने से मरीज को जो क्षति उठानी पड़ती है उससे डॉक्टर-फार्मासिस्ट के बीच भरोसे का रिश्ता कमजोर होने लगा है। समाज में फार्मेसी पेशे के प्रति विश्वास धीरे-धीरे समाप्त हो रहा है, जिससे पूरे हेल्थकेयर सिस्टम की छवि प्रभावित हो रही है।
    केरल उच्च न्यायालय ने 31 जनवरी 2025 को पारित आदेश में फार्मासिस्टों को डिस्काउंट आधारित विज्ञापन न करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे। महाराष्ट्र, पंजाब, गोवा, मणिपुर, छत्तीसगढ़, आदि राज्यों की फार्मेसी काउंसिल्स और ड्रग कंट्रोलर जम्मू कश्मीर भी इस विषय में स्पष्ट परामर्श जारी कर चुके हैं।

    दवा कारोबारियों ने दवा माफिया की चुनौती पर प्रहार करने के बाद मध्यप्रदेश फार्मेसी काऊंसिल के अध्यक्ष संजय जैन का अभिनंदन किया।


    एसोसिएशन ने फार्मेसी काऊंसिल के इस निर्देश पर प्रभावी अमल करने के लिए मुख्यमंत्री डाक्टर मोहन यादव को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि वे संबंधित विभागों विशेष रूप से औषधि नियंत्रण प्रशासन (Drug Control Department) को आवश्यक निर्देश जारी करें, ताकि इस निर्णय का पालन सभी फार्मेसी आउटलेट्स को अनिवार्य रूप से करना पड़े।


    फार्मेसी क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि दवाईयों की दूकानों पर अलग अलग डिस्काऊंट के बोर्ड लगे होते हैं जिनमें एक ही किस्म की अलग अलग कंपनियों से बनी दवाएं अलग अलग रेट पर बेची जा रहीं हैं। कुछ सालों से दवा माफिया ने दवा निर्माण के साथ साथ मार्केटिंग का जो तंत्र विकसित किया है उसमें डाक्टरों के साथ सांठ गांठ की गई है। इस दवा माफिया ने प्रचलित ब्रांडों की दवाओं से मिलते जुलते नामों से कंपनियां बना लीं हैं। ये दवाईयां थर्ड पार्टी के लाईसेंस से बनाई जा रहीं हैं।इन दवाईयों पर पहले से कई गुना अधिक एमआरपी लिखवा दी जाती है फिर उस पर डिस्काउंट देकर छूट का कारोबार चलाया जाता है।


    फार्मेसी प्रेक्टिस एक्ट 2015 के अध्याय 7 एवं 8 में उल्लेख किया गया है की फार्मासिस्ट कोई भी ऐसा कार्य यह प्रचार प्रसार नहीं कर सकता जो की जनता को भ्रमित करें । इसी के तहत डिस्काउंट के बोर्ड लगाकर जनता को भ्रमित करना एक्ट के विरुद्ध है। इन सब को देखते हुए देश के 6 प्रदेशों में इस तरह के कार्य नहीं करने के लिए काउंसिल द्वारा समाचार पत्रों में सूचना प्रकाशित की गई है इसी के क्रम में मध्य प्रदेश में भी यह सूचना जारी की गई है। फार्मेसी एक्ट के तहत नियमों का पालन कराना काउंसिल के दायरे में आता है इसमें उनके साथ फूड एंड ड्रग का योगदान महत्वपूर्ण होता है।जम्मू एवं कश्मीर के ड्रग कंट्रोलर ने ही इसी तरह के निर्देश जारी किए हैं।


    दवाओं की गुणवत्ता और इनके बाजार मूल्यों पर नियंत्रण के लिए भारत में पहली बार इस तरह का अभियान सरकारी तंत्र की पहल पर चलाया जा रहा है। इससे जहां कुकरमुत्तों की तरह उग आईं नकली दवाओं की कंपनियों पर रोक लगेगी वहीं दवा कंपनियों की सांठगांठ से चलने वाले असपतालों की लूट से भी उपभोक्ताओं को बचाया जा सकेगा।

    मध्यप्रदेश फार्मेसी काऊंसिल के अध्यक्ष संजय जैन कहते हैं कि दवाओं की गुणवत्ता स्थापित करने के लिए नकली दवा कंपनियों पर रोक लगाना जनहित का कार्य है। निश्चित रूप से भारत सरकार ने दवा माफिया पर लगाम लगाने की जो मुहिम चलाई है उसका लाभ देश के दवा उद्योग और दवाईयों का निर्यात करने वाली कंपनियों को भी मिलेगा।दवा निर्माण का लाईसेंस देने में स्थानीय अधिकारियों ने जो गोरख धंधा चला रखा है इस मुहिम से उसे भी नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। भारत की दवाओं की साख बढ़ाने के इस अभियान से सरकारी अस्पतालों में सप्लाई की जाने वाली दवाओं पर भी पड़ेगा जो भारत के आम लोगों के स्वास्थ्य के पैमाने पर एक सार्थक प्रयास साबित होगा।

  • विधानसभा ने लगभग ढाई हजार करोड़ रुपए और मंजूर किए

    विधानसभा ने लगभग ढाई हजार करोड़ रुपए और मंजूर किए

    भोपाल, 30 जुलाई(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। मध्यप्रदेश विधानसभा में आज तीसरे दिन 2335.36 करोड़ रुपए का अनुपूरक बजट पारित किया गया । अनुपूरक बजट पर चर्चा के दौरान डिप्टी सीएम और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि सभी क्षेत्र में विकास के लिए पर्याप्त प्रावधान मूल बजट में भी किए गए हैं और जहां राशि की जरूरत पड़ी है वहां अनुपूरक बजट में व्यवस्था की जा रही है।


    नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा- ये कर्ज लेकर घी पीने वाली सरकार है। सरकार लगातार कर्ज ले रही है। सत्र का समय भी कम किया जा रहा है। जिससे जनता की बात नहीं हो पाती है। सिंघार ने कहा- मुख्यमंत्री के पास विदेश यात्रा के लिए बजट और समय दोनों है, लेकिन जनता के लिए न बजट है और न समय है।


    कांग्रेस विधायक ओमकार सिंह मरकाम ने आरोप लगाया कि ट्रांसफर के नाम पर वसूली की जा रही है। उन्होंने ये भी कहा कि सत्ताधारी दल के विधायकों को 15-15 करोड़ रुपए की राशि दी जा रही, जबकि विपक्षी विधायकों को विकास के लिए राशि नहीं दे रहे हैं।
    इससे पहले कांग्रेस विधायक लखन घनघोरिया ने कहा कि पहले सड़कें बनती थीं तो कम से कम एक बारिश में कोई दिक्कत नहीं होती थी। अब 40 दिन में सड़कें उखड़ रही हैं। जबलपुर की सड़कों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 56 करोड़ की सड़क इसी बारिश में बह गई। अधिकारी दिखावे की कार्रवाई करते हैं।


    सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले कांग्रेस के विधायकों ने पेसा कानून को सही तरीके से लागू न किए जाने के विरोध में प्रदर्शन किया। सरकार पर आदिवासियों को वन क्षेत्र से बेदखल किए जाने का आरोप लगाया। कांग्रेस विधायकों ने कपड़ों पर पेड़ों के पत्ते लपेटकर प्रदर्शन किया।
    इस पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा- मुझे लगता है कि जिन्होंने जीवन में कुछ नहीं किया उन्हें मूल्यांकन का भी अधिकार नहीं है। पेसा के मामले में जिस ढंग से काम हुआ है वह बेहतरीन है।


    उमंग सिंघार ने स्मार्ट मीटर पर सवाल उठाते हुए कहा कि उसकी स्पीड जेट की तरह है 200 का बिल देने वालों को 2000 देना पड़ रहा है।
    सिंघार ने विधायकों और पूर्व विधायकों के वेतन का मामला भी उठाया और कहा कि जो वेतन मिलता है, उसमें गुजारा होना मुश्किल होता है। विधायक निधि भी बढ़ाई जानी चाहिए।


    एमएसएमई पॉलिसी पर सवाल उठाते हुए सिंघार ने कहा कि बड़े उद्योगों को 1 रुपए में जमीन दी जाती है, लेकिन छोटे उद्योगों को 5 लाख, 10 लाख, 20 लाख रुपए में जमीन दी जाती है। ऐसे में छोटे उद्योग कहां लगेंगे। सभी योजनाओं में करप्शन भरा पड़ा है। योजनाओं में सोशल ऑडिट बहुत जरूरी है।


    आयुष्मान कार्ड की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए सिंघार ने कहा कि 131830 कार्ड धारक ने प्रदेश के बाहर इलाज कराया। यानी प्रदेश में डॉक्टर नहीं है, इसलिए बाहर जाना पड़ रहा है।


    राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने अति वृष्टि के कारण खराब हुई फसलों को लेकर कहा कि सभी कलेक्टरों को ये निर्देश दिए गए हैं कि जहां जितना भी नुकसान हुआ है, उसका सर्वे कर तत्काल जानकारी भेजें। जिनका जो नुकसान हुआ है उन किसानों को आरबीसी 6/4 के अंतर्गत मुआवजा दिया जाएगा।


    विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर की अनुमति के बाद आज 4 विधेयक सदन में पेश किए गए। उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने मध्य प्रदेश विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक 2025 पेश किया। उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने तीन विधेयक पेश किए। पहला भारतीय स्टांप मध्य प्रदेश संशोधन विधेयक 2025, दूसरा रजिस्ट्रीकरण मध्य प्रदेश संशोधन विधेयक 2025 और तीसरा भारतीय स्टांप मध्य प्रदेश द्वितीय संशोधन विधेयक 2025 किया।


    इसी मामले में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि सरकार ने यहां के लोगों को भू अधिकार पत्र दे दिया, लेकिन रजिस्ट्री नहीं कर रही है। स्वामित्व दे दिया है लेकिन बाकी सुविधा नहीं दे रहे। इस मामले में कोई टाइम लिमिट तय की जानी चाहिए। इस पर पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि कलेक्टर से इस मामले में जानकारी लेकर निराकरण का काम करेंगे।


    कांग्रेस के प्रदर्शन पर सागर के बीजेपी विधायक शैलेंद्र जैन ने कहा- हमारी सरकार आदिवासी हितों के लिए काम करने वाली है। आदिवासियों के लिए हमने कई योजनाएं बनाई हैं, जबकि कांग्रेस पाखंड करती है।

  • लागत का आधा मुनाफा सरकार देगीःशिवराज सिंह चौहान

    लागत का आधा मुनाफा सरकार देगीःशिवराज सिंह चौहान


    नई दिल्ली, 29 जुलाई(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)।केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज लोक सभा में प्रश्नकाल के दौरान, देश में समग्र कृषि विकास की तथ्यों व आंकड़ों सहित विस्तार से जानकारी दी और बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में किसानों की आय बढ़ाने का अभियान निरंतर जारी है।

    केंद्रीय कृषि मंत्री ने बताया कि कृषि क्षेत्र के विकास के लिए छह उपाय किए गए हैं। पहला– सरकार ने उत्पादन बढ़ाने का फैसला किया है। दूसरा– आय बढ़ाने के लिए लागत कम करना। तीसरा– उत्पादन के ठीक दाम सुनिश्चित करना। चौथा– नुकसान की स्थिति में उचित मुआवजे की व्यवस्था। पांचवां– कृषि का विविधीकरण, केवल एक फसल की खेती नहीं, बल्कि फलों, फूलों, सब्ज़ियों, औषधियों की खेती, कृषि वानिकी, मछली पालन, पशुपालन, अलग-अलग प्रयत्नों को बढ़ावा देना और छठा– प्राकृतिक खेती और संतुलित उर्वरकों के प्रयोग के साथ भावी पीढ़ी के लिए धरती को सुरक्षित रखना। उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में फसलों का उत्पादन 246.42 मिलियन टन से बढ़कर अब 353.96 मिलियन टन हो गया है। दलहन उत्पादन 16.38 मिलियन टन से बढ़कर 25.24 मिलियन टन हो गया, वहीं तिलहन उत्पादन, 27.51 मिलियन टन से बढ़कर 42.61 मिलियन टन हो गया है। बागवानी उत्पादन 280.70 मिलियन टन से बढ़कर 367.72 मिलियन टन हो गया है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि किसानों द्वारा ही दूध का उत्पादन किया जा रहा है और इसमें काफी बढ़ोतरी हुई है।

    श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जहां तक किसानों की आय का सवाल है, मैं दावे के साथ कहता हूं कि कई किसानों की आय दोगुनी से भी ज़्यादा हो गई है। पूर्व यूपीए सरकार में कृषि बजट 27 हज़ार करोड़ रुपये था, जो बढ़कर अब 1 लाख 27 हज़ार करोड़ रुपये हो गया है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि पहले थी ही नहीं और अब 10 करोड़ किसानों को किसान सम्मान निधि से लाभान्वित किया जा रहा है। हमें अपने प्रधानमंत्री के नेतृत्व पर गर्व है। श्री शिवराज सिंह ने कहा कि लगभग 2 लाख करोड़ रुपये उर्वरकों पर केंद्र सरकार सब्सिडी दे रही है। उन्होंने बताया कि पूर्व सरकार में केसीसी और बाकी संस्थागत लोन की राशि मात्र 7 लाख करोड़ रुपये थी, जो अब बढ़कर 25 लाख करोड़ रुपये हो गई है। ‘फसल बीमा योजना’ में केंद्र सरकार ने 35 हजार करोड़ रुपये प्रीमियम के मुक़ाबले 1 लाख 83 हजार करोड़ रुपये क्लेम किसानों के खाते में डालने का काम किया है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए मैकेनाइजेशन पर सब्सिडी दे रही है। “पर ड्रॉप-मोर क्रॉप” पर किसानों को ड्रिप और स्प्रिंकलर दिए जा रहे हैं। पॉलीहाउस, ग्रीनहाउस टेक्नॉलाजी, फल-सब्ज़ियों के उत्पादन से लेकर बाकी सभी चीज़ों में उत्पादन बढ़ाने के प्रयास और ठीक ढंग से ख़रीदने के प्रयास किए जा रहे हैं।

    श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि किसानों की आय बढ़े, इसलिए सरकार ने फैसला किया कि लागत में कम से कम 50 प्रतिशत मुनाफ़ा जोड़कर किसानों को एमएसपी दी जाएगी। उन्होंने बताया कि फिलहाल व्यापक पैमाने पर एमएसपी पर फसलों की खरीद हो रही। नुक़सान की भरपाई की जा रही है। यूरिया, डीएपी, बाकी उर्वरक, सब्सिडी पर उपलब्ध करवाए जा रहे हैं, जिससे किसानों की आय निरंतर बढ़ रही है। कई योजनाएं उन किसानों के लिए चलाई जाती है, जिनके पास कम लैंड होल्डिंग होती है। जो टेनेंट फॉर्मर्स हैं, उनके लिए अलग-अलग योजना है। केंद्र सरकार ने फैसला किया है कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में अगर जिसके पास स्वामित्व है वो किसान, टेनेंट फॉर्मर को अधिकृत कर देते हैं तो फसल बीमा योजना का लाभ उनको मिलता है। पिछले दिनों जो हमारे टेनेंट फॉर्मर्स हैं और जो बटाई पर खेती करते हैं, उनको प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में ऐसे टेनेंट और शेयर क्रॉपर दोनों मिलाकर शेयर क्रॉपर 6 लाख 55 हजार 846 किसानों को लाभ दिया गया है, वहीं 41 लाख 62 हजार 814 किसानों को लाभ दिया गया है।

    आगे केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने जानकारी देते हुए बताया कि दलहन व तिलहन खरीद के लिए पीएम आशा योजना बनाई गई है। तुअर, मसूर व उड़द ये शत-प्रतिशत एमएसपी पर खरीदी जाएगी, ये फैसला किया है, और बाकी भी जो फसलें दलहन, तिलहन की हो, उसे भी खरीदने की उचित व्यवस्था की गई है। हम लगातार प्रयत्न कर रहे हैं कि बिचौलिए सफल ना हो पाएं, किसानों को जो एमएसपी का रेट तय है, वो ठीक ढंग से मिलें। श्री चौहान ने आंकड़ों सहित बताया कि धान की एमएसपी 2013–14 में ₹1310 थी, अब बढ़कर ₹2369 हो गई है। बाजरा ₹1250 से ₹2775 हो गया। रागी की ₹1500 से बढ़ाकर ₹4886 कर दी गई। मक्का की ₹1310 से बढ़ाकर ₹2400 कर दी गई। तुअर की ₹4300 से बढ़ाकर ₹8000 कर दी गई। मूंग की ₹4500 से बढ़ाकर ₹8768 कर दी गई। उड़द ₹4300 से बढ़ाकर ₹7800 कर दी गई। मूंगफली की ₹4000 से बढ़ाकर ₹7263 कर दी गई। सूरजमुखी की ₹3700 से बढ़ाकर ₹7721 कर दी गई। सोयाबीन की ₹2560 से बढ़ाकर ₹5328 कर दी गई। तिल की ₹4500 से बढ़ाकर ₹9846 कर दी गई। रामतिल की ₹3500 से बढ़ाकर ₹9537 कर दी गई। कपास की ₹3700 से बढ़ाकर ₹7710 कर दी गई। उन्होंने कहा कि एमएसपी दोगुनी तो की ही है साथ ही साथ खरीद भी कई गुना ज़्यादा की है। पूर्व सरकार में 10 साल में सिर्फ 6 लाख मीट्रिक टन दलहन खरीदी गई थी और अब यह आकड़ा बढ़कर 1 करोड़ 82 लाख मीट्रिक टन हो गया है।

    अंत में केंद्रीय कृषि मंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी हितैषी प्रधानमंत्री हैं, इसलिए पूर्व की फसल बीमा योजना को किसान हितैषी बनाकर उसमें अनेक परिवर्तन किए गए हैं। अब अगर बीमा कंपनी, किसान का जो क्लेम बनता है, उसका समय पर भुगतान नहीं करती तो निर्धारित तिथि के 21 दिन में भुगतान नहीं करने पर 12 प्रतिशत ब्याज बीमा कंपनी पर लगाया जाएगा, जो किसान के खाते में डाला जाएगा। दूसरा, कई बार राज्य सरकार का शेयर आने में भी देर होती है, राज्य सरकर भी अगर शेयर करने में देर करेगी तो उन पर भी 12 प्रतिशत ब्याज लगेगा, जो सीधे किसान के खाते में जाएगा। केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि अब क्रॉप कटिंग एक्सपेरिमेंट की दिक्कतें दूर कर यसटेक (प्रौद्योगिकी आधारित उपज अनुमान) प्रणाली अपनाई गई है, सैटेलाइट आधारित रिमोट सेन्सिंग के माध्यम से फसल का आंकलन करने की व्यवस्था की गई है, इससे पारदर्शी व्यवस्था को बल मिलेगा। अब डिजिटल माध्यम से फसल की क्षति का आंकलन हो सकेगा, जिसके आधार पर पूरी भरपाई किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत की जाएगी।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय कृषि मंडी (ई-नाम) पोर्टल के साथ 1,522 मंडियों को एकीकृत किया गया है, जिसका ट्रेड वॉल्यूम दिनांक 30.6.2025 की स्थिति के अनुसार विभिन्न कृषि वस्तुओं का 12.03 करोड़ मीट्रिक टन (एमटी) और नारियल, पान, स्वीट कॉर्न, नींबू और बांस जैसी गणनीय वस्तुओं की 49.15 करोड़ यूनिट्स है। ई-नाम प्लेटफॉर्म पर ₹4,39,941 करोड़ का व्यापार दर्ज किया गया है। प्रारम्भ से अब तक व्यापार की मात्रा और मूल्य का राज्यवार विवरण अनुबंध पर दिया गया है।

    छोटे और सीमांत किसानों, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों को ई-नाम प्लेटफॉर्म में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु, सरकार ने विभिन्न पहल की हैं। प्रत्येक ई-नाम मंडी में किसानों और स्टेकहोल्डेर्स के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इस प्लेटफॉर्म को वेब और मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से सुलभ बनाया गया है। इसके अलावा, डिजिटल पहुँच बढ़ाने के लिए सोशल मीडिया चैनलों के माध्यम से ट्यूटोरियल सामग्री उपलब्ध किए गए है।

    आज की तिथि के अनुसार, 1.79 करोड़ से अधिक किसान और 4,518 किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) ई-नाम पर पंजीकृत हैं। इनमें महाराष्ट्र में पंजीकृत 12,41,854 किसान और 354 एफपीओ शामिल हैं। हिंगोली ज़िले में, बसमत, हिंगोली और सेनगांव स्थित तीन कृषि उपज मंडी समितियाँ (एपीएमसी) ई-नाम पर शामिल हैं। इन समितियों में पंजीकृत 28,197 किसानों में से 10,437 किसानों ने ई-नाम पर व्यापार किया है।

    एग्रीकल्चर मार्केटिंग राज्य का विषय है। व्यापार लाइसेंसों को उदार बनाने और निर्बाध अंतर-राज्यीय व्यापार को सुनिश्चित करने का कार्य राज्य सरकारों का है। लाइसेंसिंग मानदंडों को उदार बनाकर, सभी ई-नाम पंजीकृत खरीदारों को मंडियों में बोली लगाने की अनुमति देकर कुछ राज्य ई-नाम के माध्यम से अंतर-राज्यीय व्यापार को बढ़ावा दे रहे हैं। किसानों सहित उपयोगकर्ताओं की शिकायतों के समाधान के लिए ई-नाम के अंतर्गत एक टोल-फ्री हेल्पलाइन (18002700224) स्थापित की गई है। पिछले 3 वर्षों में अंतर-राज्यीय व्यापार की मात्रा 67,29,72,855 करोड़ रुपये रही है।

    वर्तमान में, ई-नाम पर ऑनलाइन नीलामी के लिए 238 वस्तुओं को अधिसूचित किया गया है। राज्यों से नई वस्तुओं को जोड़ने के अनुरोध नियमित रूप से प्राप्त होते हैं और विपणन एवं निरीक्षण निदेशालय (डीएमआई) द्वारा उचित समावेशन के लिए उनकी जांच की जाती है। वस्तुओं और सेवाओं को जोड़ने की प्रक्रिया सक्रिय रूप से चल रही है।

  • भोपाल की महिलाओं ने सकारात्मक सोच से देश को दिया संदेश बोले नरेन्द्र मोदी

    भोपाल की महिलाओं ने सकारात्मक सोच से देश को दिया संदेश बोले नरेन्द्र मोदी

    महापौर श्रीमती मालती राय ने भोपाल का गौरव बढ़ाने वाली महिलाओं को किया सम्मानित

    भोपाल 27 जुलाई (प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज मन की बात कार्यक्रम में भोपाल को स्वच्छता में निरंतर आगे बढ़ने और भोपाल की स्वच्छता में सकारात्मक सोच रखने वाली संस्था द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की और भोपाल में स्वच्छता के प्रति समर्पित महिलाओं का मान बढ़ाया है। सकारात्मक सोच संस्था की सदस्यों ने भोपाल को गौरवान्वित किया है। यह विचार महापौर श्रीमती मालती राय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मन की बात कार्यक्रम में सकारात्मक सोच संस्था का उल्लेख करने पर संस्था की सदस्यों के सम्मान कार्यक्रम में व्यक्त किये। इस मौके पर महापौर श्रीमती मालती राय ने भोपाल और भोपाल की स्वच्छता से संलग्न संस्था की सराहना करने पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रति आभार भी व्यक्त किया।
    सम्मान कार्यक्रम में महापौर परिषद के सदस्य श्री आर के सिंह बघेल श्री रविंद्र यति श्रीमती सुषमा बवीसा ,जोन अध्यक्ष श्री राजेश चौकसे,पार्षद श्री जीतेन्द्र सिंह राजपूत सहित बड़ी संख्या में सकारात्मक सोच की सदस्य और गणमान्य नागरिक मौजूद थे।
    प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को प्रसारित मन की बात कार्यक्रम में भोपाल को स्वच्छता में निरंतर आगे बढ़ाने और भोपाल की स्वच्छता में सकारात्मक सोच संस्था द्वारा किए जा रहे कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि भोपाल में एक टीम का नाम है सकारात्मक सोच इसमें 200 महिलाएं हैं यह सिर्फ सफाई ही नहीं करती बल्कि सोच भी बदलने का कार्य करती है। एक साथ मिल कर शहर के 17 पार्कों की सफाई करना, कपड़े के थैले बांटना जैसे इनके हर कदम एक संदेश है। ऐसे प्रयासों की वजह से ही भोपाल भी अब स्वच्छ सर्वेक्षण में काफी आगे आ गया है।
    प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा अपने लोकप्रिय कार्यक्रम मन की बात में भोपाल की स्वच्छता और स्वच्छता से संलग्न सकारात्मक सोच संस्था व उसके कार्यों का उल्लेख भोपालवासियों के लिए गौरव की बात है। महापौर श्रीमती मालती राय स्वामी विवेकानन्द पार्क अशोका गार्डन में मन की बात कार्यक्रम सुनने के बाद जोन 15 वार्ड 68 सोनागिरी के मिलखा सिंह पार्क स्थित सकारात्मक सोच संस्था के कार्यालय पहुंची और सदस्यों को सम्मानित किया। उन्हें बधाई और शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने कहा कि संस्था गरिमामयी सदस्यों की टीम के प्रयास आज सार्थक साबित हुए हैं।

  • विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने देखी सत्र की तैयारियां

    विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने देखी सत्र की तैयारियां

    भोपाल, 27 जुलाई(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। मध्यप्रदेश की सोलहवीं विधान सभा का मानसून सत्र सोमवार, 28 जुलाई, 2025 से आरंभ होकर 8 अगस्त 2025 तक चलेगा। आज विधान सभा अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने सत्र की तैयारियों का जायजा लिया । उन्होंने सत्र के सुचारू रूप से संचालन के लिए अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए।

    प्रमुख सचिव श्री ए. पी. सिंह के अनुसार इस बारह दिवसीय सत्र में सदन की कुल 10 बैठकें होंगी। बजट सत्र की अधिसूचना जारी होने से अब तक विधान सभा सचिवालय में तारांकित प्रश्न 1718 एवं अतारांकित प्रश्न 1659 कुल 3377 प्रश्नों की सूचनाएं प्राप्त हई हैं। जबकि ध्यानाकर्षण की 226, स्थगन प्रस्ताव की 01, अशासकीय संकल्प की 23, शून्यकाल की 65, नियम -139 की 01 सूचनाएं प्राप्त हई हैं। शासकीय विधेयक भी 03 प्राप्त हुए हैं।

    उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश की सोलहवीं विधान सभा का यह षष्टम सत्र होगा।

  • राष्ट्रवादी भाजपा के सभी कार्यकर्ता एकजुट:  हेमंत खंडेलवाल

    राष्ट्रवादी भाजपा के सभी कार्यकर्ता एकजुट: हेमंत खंडेलवाल


    भोपाल, 22 जुलाई(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। जो राजनेता भाजपा को राष्ट्रवादी एक्सप्रेस मानकर सहयात्री बने हैं वे सभी एकमत हैं। इसलिए आज की भाजपा अंतर्विरोधों से ऊपर उठकर वसुधैव कुटुंबकम का उद्घोष करती चल रही है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने पत्रकारों के आत्मीय सवालों के जवाब में कहा कि हम एक परिवार की तरह राष्ट्र आराधना करते हैं। यही वजह है कि भाजपा का हर कार्यकर्ता अपने पदाधिकारी का दर्पण बनकर काम करता है।
    श्री खंडेलवाल ने कहा कि भाजपा की स्थापना से लेकर आज तक सभी नेताओं ने अपनी अपनी योग्यता और समझ के अनुसार सामाजिक जिम्मेदारियों को निभाया है। नेता अपना काम करता है और कार्यकर्ता अपनी भूमिका का निर्वहन पूरी निष्ठा के साथ करता है। उन्होंने कहा कि भाजपा हाईकमान अपने फीडबैक और नजरिए के आधार पर फैसले लेता है।हमें उन फैसलों की जानकारी कई बार मीडिया के माध्यम से ही मिलती है। उन्होंने कहा कि उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे की खबर उन्हें मीडिया से ही मिली थी। उन्होंने स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा दिया ये जानकारी भी उन्हें मीडिया से ही मिली है। इसी तरह हर स्तर पर पार्टी के पदाधिकारी अपने क्षेत्राधिकार को समझकर फैसले लेते हैं। इन सभी फैसलों का लक्ष्य भारत माता की आराधना करना होता है।
    खंडेलवाल ने कहा कि पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता उनके लिए महत्वपूर्ण है और हर किसी को उसकी क्षमता के अनुसार जिम्मेदारी दी जाएगी। “पार्टी अब जन-आंदोलन से आगे बढ़कर एक जनविश्वास बन चुकी है। समाज हमसे अच्छे आचरण और जिम्मेदार नेतृत्व की उम्मीद करता है, जिसे हमें पूरी निष्ठा से निभाना होगा,” उन्होंने कहा।
    हेमंत खंडेलवाल ने अपने परिवार की राजनीतिक विरासत को भी याद किया। उन्होंने बताया कि उनके दादा 1930 में कांग्रेस को हराकर नगर पालिका अध्यक्ष बने थे और उनके पिता चार बार सांसद रहे। “हमारे परिवार में सिर्फ संस्कार, अनुशासन और भाजपा की विचारधारा की ही चर्चा होती है,” उन्होंने कहा।
    अपने अध्यक्षीय दृष्टिकोण को साझा करते हुए खंडेलवाल ने कहा, “मैं इसे सत्ता का प्रतीक नहीं, बल्कि सेवा और संगठन के प्रति समर्पण का अवसर मानता हूं। हम सौभाग्यशाली हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसा नेतृत्व हमें मिला है।”

  • ड्राईवरों का स्वास्थ्य सुधारिए बोलीं ट्रांसपोर्ट कमिश्नर रजनी सिंह

    ड्राईवरों का स्वास्थ्य सुधारिए बोलीं ट्रांसपोर्ट कमिश्नर रजनी सिंह

    भोपाल,12 जुलाई(ट्रांसपोर्ट रिपोर्टर)।सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए सरकार ने अब मूलभूत सुधार शुरु किए हैं।श्रम विभाग की ओर से भारी वाहनों जैसे बस, ट्रक, टैक्सी आदि का संचालन करने वाले ड्रायवरों तथा अन्य स्टाफ जैसे कंडक्टर और क्लीनर के कार्य के घंटे के संबंध में प्रावधानों को प्रभावी रूप से लागू किए जाने की पहल की जा रही है।इसी सिलसिले में मोटर ट्रांसपोर्ट नियोजकों की कार्यशाला शुक्रवार 18 जुलाई को श्रमायुक्त कार्यालय, इंदौर में सम्पन्न हुई।

    कार्यशाला में श्रमायुक्त श्रीमती रजनी सिंह ने मोटर परिवहन कर्मकार अधिनियम, 1961 के अंतर्गत ट्रांसपोर्ट कार्यों में संलग्न ड्राइवरों और अन्य स्टाफ के कार्य के घंटों, विश्राम अवधि और अन्य सुविधाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अधिनियम के अंतर्गत ट्रांसपोर्ट वर्कर्स के लिए प्रतिदिन 8 घंटे और साप्ताहिक 48 घंटे कार्य की अवधि निर्धारित है। इन प्रावधानों का गंभीरता से पालन किया जाना आवश्यक है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ड्रायवरों और स्टाफ के लगातार लंबी अवधि तक कार्य करने और विश्राम का समय न मिलने से थकान और तनाव की स्थितियाँ उत्पन्न होती हैं, जिससे सड़क दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है।

    श्रमायुक्त ने वाहनचालकों के समय-समय पर नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, विशेषकर नेत्र परीक्षण, सुनिश्चित करने का सुझाव भी दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि विभिन्न तकनीकों और उपकरणों की सहायता से, साथ ही जागरूकता और प्रचार-प्रसार के माध्यम से सड़क दुर्घटनाओं की संभावनाओं को कम किया जा सकता है। इसके लिए ड्रायवरों के कार्य समय और विश्राम अवधि की निगरानी करने तथा अन्य सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करने हेतु मोटर वाहनों में सीसीटीवी कैमरे, जीपीएस प्रणाली जैसे तकनीकी उपकरणों के उपयोग को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।

    कार्यशाला में अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लिमिटेड (AICTSL) के अधिकारी श्री अभिनव चौहान ने भी भाग लिया। उन्होंने बताया कि उनके संस्थान में संभावित वाहन दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ड्रायवर और पैसेंजर मैनेजमेंट सिस्टम का भविष्य में उपयोग किया जाएगा। इस संबंध में कार्यशाला में एक प्रस्तुति भी दी गई, जिससे सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम में मदद मिलेगी। कार्यशाला में ट्रांसपोर्टर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने अधिनियम के परिपालन के लिए सकारात्मक सुझाव प्रस्तुत किए और मोटर यातायात श्रमिक अधिनियम के प्रावधानों के अनुपालन में सहयोग देने का आश्वासन भी दिया। कार्यशाला में श्रम विभाग से श्री प्रभात दुबे, श्री आशीष पालीवाल, जिला परिवहन अधिकारी श्री प्रदीप शर्मा, अटल इंदौर ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लिमिटेड (AICTSL) के अधिकारी श्री अभिनव चौहान, प्राइम रूट बस ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री गोविंद शर्मा, इंदौर ट्रक ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के श्री सी. एल. मुकाती एवं अन्य ट्रांसपोर्टर्स उपस्थित थे।

  • सीएस बोले विधानसभा तक पहुंचाएं सरकार के कामकाज

    सीएस बोले विधानसभा तक पहुंचाएं सरकार के कामकाज

    भोपाल, 17 जुलाई(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)।मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा है कि सरकार के तमाम कामकाज की रिपोर्ट विधानसभा तक पहुंचाएं ताकि आगामी विधानसभा सत्र में उन कार्यों पर सदन में सफल चर्चा हो सके।उनकी अध्यक्षता में विधानसभा के आगामी सत्र की तैयारी और लंबित कार्यों की समीक्षा में उन्होंने प्रश्नों की जानकारियां जल्दी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बैठक में शून्यकाल, अपूर्ण उत्तर, आश्वासन, लोकलेखा समिति की सिफारिशें, विधानसभा में विभागों के प्रशासनिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करने पर चर्चा की गयी। मुख्य सचिव श्री जैन ने निर्देश दिए कि सभी विभाग प्रमुख अपने काम समय-सीमा में करें। कार्य की साप्ताहिक समीक्षा भी की जाये।

    मुख्य सचिव श्री जैन ने बैठक में 5 वीं राष्ट्रीय मुख्य सचिव कांफ्रेंस की तैयारियों के भी निर्देश दिये। उन्होंने अतिरिक्त कोर्ट केस, राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण, मानवाधिकार आयोग, अनुसूचित जाति/ जनजाति आयोग के प्रकरणों में राज्य शासन की ओर से समय-सीमा में जवाब प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिये।

    बैठक में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, श्री जे.एन. कंसोटिया, श्री अशोक वर्णवाल, श्री संजय शुक्ल, श्री मनु श्रीवास्तव, श्रीमती रश्मि अरूण शमी, प्रमुख सचिव श्री विवेक पोरवाल, श्री संदीप यादव सहित विभागों के सचिव, अपर सचिव एवं उप सचिव उपस्थित थे।

  • एमपी पुलिस ने चलाया नशा रोकने का अभियान

    एमपी पुलिस ने चलाया नशा रोकने का अभियान

    भोपाल, 15 जुलाई 2025। पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा ने आज मंगलवार 15 जुलाई 2025 को पुलिस मुख्‍यालय, भोपाल में आयोजित प्रेस कॉंफ्रेंस में मध्‍यप्रदेश पुलिस द्वारा 15 जुलाई से 30 जुलाई तक चलाए जाने वाले वृहद नशा मुक्ति जन-जागरूकता अभियान ‘’नशे से दूरी-है जरूरी’’ का शुभारंभ माननीय मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव के संदेश तथा अभियान के पोस्‍टर का विमोचन कर किया।

          डीजीपी श्री मकवाणा ने कहा कि माननीय मुख्‍यमंत्री जी की प्रेरणा से समाज में नशे की प्रवृत्ति की प्रभावी रोकथाम के यह जनजागरूकता अभियान ‘’नशे से दूरी-है जरूरी’’ मध्‍यप्रदेश पुलिस द्वारा चलाया जा रहा है। उन्‍होंने कहा कि ड्रग्‍स- ये शब्‍द सुनते ही दिमाग में कई दृश्‍य उभरते हैं- दुर्बल शरीर, नशीली आंखे, धुऐं का गुबार और अंधकार। मादक पदार्थों के सेवन की लत कई युवाओं को खोखला कर उनके परिवारों को भी बर्बाद कर रही है। देश एवं प्रदेश के शीर्षस्‍थ राजनैतिक नेतृत्‍व भी इस विकराल समस्‍या से चितिंत एवं इसके निदान हेतु प्रयासरत है। हम सभी की ये नैतिक जिम्‍मेदारी है कि इसके दुष्‍प्रभावों से विशेषकर किशोर बच्‍चों और युवाओं को अवगत कराएँ और नशे से दूर रखें। उन्‍होंने कहा कि ‘’हमारा है यही संदेश- नशा मुक्‍त हो मध्‍यप्रदेश’’

    इस अवसर पर विशेष पुलिस महानिदेशक सी आई डी श्री पवन श्रीवास्तव, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक नारकोटिक्स श्री के.पी.वेंकटेश्वर, पुलिस महानिरीक्षक ए.एन. ओ. डॉ. आशीष, पी एस ओ टू डीजीपी श्री विनीत कपूर, सहायक पुलिस महानिरीक्षक श्री संजीव कुमार कंचन एवं एसओ टू डीजीपी श्री मलय जैन उपस्थित रहें।

    इनकी रहेगी महत्‍वपूर्ण भूमिका

    अभियान में उच्च शिक्षा विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, सामाजिक न्याय विभाग, खेल एवं युवा कल्याण विभाग, तकनीकी शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, नगरीय विकास एवं आवास विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग सहित अन्‍य विभाग, एनजीओ, धार्मिक संस्‍थान आदि की सक्रिय सहभागिता रहेगी।