Month: June 2025

  • नई दवाएं मानवता का उपहारःसंजय जैन

    नई दवाएं मानवता का उपहारःसंजय जैन

    भोपाल,27 जून(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)।

    मध्यप्रदेश फार्मेसी काऊंसिल के अध्यक्ष और फार्मेसी काऊंसिल आफ इंडिया के सदस्य संजय जैन ने कहा है कि आर्टीफीशियल इंटेलिजेंस से बन रहीं आधुनिक दवाएं मानवता के लिए उपहार बनकर सामने आई हैं। ये दवाएं जल्दी बन जाती हैं और व्यक्ति विशेष के लिए खास तौर पर बनाई जा सकती हैं। एल एन सी टी संस्थान भोपाल के फार्मेसी विभाग में आयोजित अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में उन्होंने ये विचार व्यक्त किए। संगोष्ठी के मुख्य अतिथि विज्ञान एवं साइंस टेक्नोलॉजी विभाग मध्य प्रदेश के संचालक डॉक्टर अनिल कोठारी थे।


    कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में स्टेट फार्मेसी काउंसिल मध्य प्रदेश के अध्यक्ष .एवं फार्मेसी काउंसिल आफ इंडिया के सदस्य संजय कुमार जैन ने भाग लिया । संस्थान के डायरेक्टर श्री अशोक राय एवं फार्मेसी विभाग की विभाग अध्यक्ष श्रीमती पारुल मेहता ने अतिथियों का पुष्प एवं मालाओं से स्वागत किया । श्री कोठारी ने अपने अपने उद्बोधन में कहा कि फार्मेसी के बगैर विज्ञान अधूरी है विज्ञान की विभिन्न विभिन्न शाखों द्वारा फार्मेसी के क्षेत्र में विभिन्न शोध कार्य किया जा रहे हैं।


    मध्य प्रदेश स्टेट फार्मेसी काउंसिल के अध्यक्ष श्री संजय जैन ने संगोष्ठी में फार्मेसी के क्षेत्र में हो रहे विकास कार्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश में जितनी उन्नति फार्मेसी के क्षेत्र में हुई है। उतनी आजादी के बाद कभी नहीं हुई थी। इसी का कारण है कि दुनिया के अधिकतम देश औषधि के क्षेत्र में भारत पर निर्भर हैं।


    मध्य प्रदेश में भी फार्मेसी औद्योगिक क्षेत्र एवं शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव एवं उपमुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल के मार्गदर्शन में निरंतर आगे बढ़ रहे हैं। इसी का कारण है कि मध्य प्रदेश आज फार्मेसी के क्षेत्र में विकासशील प्रदेशों में जाना जाता है।
    इस संगोष्ठी में देश प्रदेश एवं विदेश के कई फार्मासिस्ट विभिन्न माध्यमों के द्वारा भाग ले रहे हैं।

  • मोदीजी ने भारत की शान बढ़ाई बोले भोपाल के प्रोफेशनल्स

    मोदीजी ने भारत की शान बढ़ाई बोले भोपाल के प्रोफेशनल्स

    भोपाल 20 जून(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर). मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने शुक्रवार को कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेटशन सेन्टर में ‘‘एक पेड़ मां के नाम‘‘ अभियान के तहत पौधा रोपकर प्रोफेशनल मीट को संबोधित किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने अपने कार्यों से दुनिया को बता दिया कि भारत अपने मूल स्वभाव से समझौता नहीं करता। प्रधानमंत्री जी भय मुक्त भारत बनाने के लिए कार्य कर रहे हैं। प्रधानमंत्री जी ने भारत को हर कार्य के लिए दुनिया की तरफ देखने की आदत को बदला है। अब भारत रक्षा उपकरणों सहित हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की ओर तेजी से अग्रसर है। ऑपरेशन सिंदूर में दुश्मन को घर में घुसकर मारकर दुनिया में भारत का डंका बजाया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने 11 सालों में सेवा, सुशासन, गरीब कल्याण के कार्यों से देश के भ्रष्टाचार के परसेप्शन को बदला है। प्रधानमंत्री जी ने 11 साल के कार्यकाल में प्रोफेशनल्स का असली इंपावरमेंट हुआ है। मोदी जी गांधी जी के स्वच्छता और स्वदेशी के विचारों को अपने अभियानों से आगे बढ़ा रहे हैं। प्रोफेशनल मीट को पार्टी की प्रदेश महामंत्री व सांसद सुश्री कविता पाटीदार एवं जिला अध्यक्ष रविन्द्र यति ने भी सम्बोधित किया।


    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रोफेशनल मीट को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में देश बहुत तेजी से हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। पहले देश हर कार्य के लिए विदेशों की तरफ ताकता था, लेकिन प्रधानमंत्री जी ने स्वदेशी को बढ़ावा देकर ‘मेड इन इंडिया’ के तहत रक्षा उपकरणों सहित हर क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कार्य कर रहे हैं। इतना ही नहीं भय मुक्त भारत बनाने के लिए भी कार्य कर रहे हैं। विश्व में दो ही देश ऐसे हैं, जो अपनी तरफ आने वाले हर खतरे को भांपकर उसे समय से पहले ही नष्ट करने का कार्य करते हैं। भारत भी इसी तरह कार्य कर रहा है। ऑपरेशन सिंदूर सहित कई मौकों पर प्रधानमंत्री जी ने अपने कार्यों से स्पष्ट कर दिया कि भारत का स्वर्णिम काल चल रहा है और भारत विकसित राष्ट्र बनने की ओर तेजी से बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में ऐतिहासिक फैसले लिए जो पहले कभी नहीं हुए। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में भारत वर्ष 2047 तक विश्व की सबसे बड़ी शक्ति के रूप में स्थापित होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के कार्यों का स्पंदन देखने को मिल रहा है। देश जब आजाद जुआ तो देश की अर्थव्यवस्था विश्व में 15वें नंबर पर थी, लेकिन आजादी के बाद अर्थव्यवस्था पर इतना ध्यान नहीं दिया गया। 2014 में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने जब देश की बागडोर संभाली को देश की अर्थव्यवस्था विश्व में 11वें नंबर थी। आज भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाल देश बन गया। श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने देश के नेता प्रतिपक्ष के पद की गरिमा क्या होती है, यह अपने कार्यों और व्यक्तित्व से दिखाकर देश को गौरवांन्वित किया था। जब प्रधानमंत्री पद संभाला तो उन्होंने कई प्रकार की कठिनाइयों के बावजूद परमाणु परीक्षण कर दुनिया को भारत की ताकत दिखायी।


    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि 2014 से पहले भारतीय राजनीति में भ्रष्टाचार और परिवारवाद चरम पर था। प्रधानमंत्री जी ने राजनीति से भ्रष्टाचार और परिवारवाद को समाप्त कर रहे हैं। पहले दुनिया के लोग भारत को कमजोर और गरीब देश के रूप में देखते थे। आज विश्व भर के देशों का भारत के प्रति नजरिया बदला है। प्रधानमंत्री जी ने देश की सेनाओं को खुली छूट दी, सेनाओं को सशक्त किया। देश को आत्मनिर्भर बनाने के साथ वर्ष 2047 तक देश को विकसित और विश्वगुरू बनाने की दिशा में तेजी से आगे ले जा रहे हैं। पहले देश में टुकड़े-टुकड़े गैंग बहुत सक्रिय था। अलगाववाद, नक्सलवाद और आतंकवाद की गतिविधियां होती रहती थी, लेकिन प्रधानमंत्री जी के कार्यों और नीतियों से नक्सलवाद और आतंकवाद को लगभग समाप्त कर दिया है। यह नए भारत की ताकत है कि प्रधानमंत्री जी 21 जून को योग दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लेते हैं तो दुनिया के 177 देश श्री मोदी जी पीछे खड़े होकर योग करते है। कांग्रेस कहती थी कि राम काल्पनिक हैं, उनके अस्तित्व को नकारती थी। अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर के लिए 500 वर्षों तक संघर्ष चला। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र में सरकार बनी, इसके बाद अयोध्या में भगवान श्री राम जी का भव्य मंदिर तैयार हो गया है। श्री मोदी जी ने देश की जनता में आशा जगाई और उसी का परिणाम है कि भारत हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और आमजन में 2047 तक विकसित भारत बनने की उम्मीद जगी है।


    भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि सेवा, सुशासन, गरीब कल्याण के कार्यों को पूरा करने में आप सभी प्रोफेशनल्स की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में 11 वर्षों में प्रोफेशनल्स का असली इंपावरमेंट किया गया है। प्रधानमंत्री जी ने देश के सभी वर्गों के कल्याण के साथ देश को सशक्त बनाने का कार्य किया है। चुनौतियों का समाधान निकालकर देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कार्य कर रहे हैं। ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने विदेशी हथियारों के साथ भारत में निर्मित स्वदेशी हथियारों के प्रदर्शन ने वैश्विक स्तर पर भारत के पराक्रम को सराहा है। आप सभी प्रोफेशनल्स देश की प्रगति के बड़े भागीदार हैं। प्रधानमंत्री जी ने गति शक्ति के माध्यम से इंफ्रास्ट्रक्चर में क्रांति लाने के साथ कई परिवर्तनकारी कार्य किए हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी विकसित भारत बनाने के लिए कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक समय था जब बुंदेलखंड सूखे से प्रभावित था। वर्षों तक मध्यप्रदेश और देश में शासन करने वाली पार्टी ने बुंदेलखंड के सूखे को समाप्त करने के लिए कोई कार्य नहीं किया। लेकिन विजनरी लीडर श्री नरेन्द्र मोदी जी ने देश के प्रधानमंत्री का पद संभाला तो उन्होंने पूरे देश के लोगों को नल से जल उपलब्ध कराने के लिए जल जीवन मिशन लागू किया। प्रधानमंत्री जी बुंदेलखंड के सूखे को समाप्त करने के लिए 44 हजार 605 करोड़ रूपए की केन-बेतवा लिंक परियोजना की सौगात देकर समूचे बुंदेलखंड को हरा-भरा और खुशहाल बनाने के लिए कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी गरीब कल्याण योजनाओं का इतना इंपेक्ट हुआ कि पहले मध्यप्रदेश के दतिया सहित देश के अलग-अलग राज्यों में बेटी बचाने के लिए अभियान चलाया जा रहा था। 2014 के प्रधानमंत्री जी ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना लागू की और आज मध्यप्रदेश में एक हजार लड़कों में 1020 बेटियां पैदा हो रही हैं। महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए अनेकों योजनाओं के साथ नारी शक्ति वंदन कानून बनाकर देश की संसद और राज्यों की विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण महिलाओं को देने का निर्णय किया है। आयुष्मान भारत योजना बनाकर हर गरीब और बुजुर्ग को पांच लाख रूपए के इलाज की गारंटी देने का कार्य किया है।


    भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी भ्रष्टाचार मुक्त भारत बनने के लिए कार्य कर रहे हैं। दुनिया भर में एक परसेप्शन बन गया था कि भारत में भ्रष्टाचार होता है। प्रधानमंत्री जी ने देश को लेकर बने इस परसेप्शन को पूरी तरह से बदलने का कार्य किया है। आजादी के बाद वर्षों तक देश में शासन करने वाली पार्टी के नेता और देश के तत्कालीन प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी ने ऑन रिकॉर्ड कहा था कि मैं दिल्ली से एक रूपए क्षेत्र में भेजता हूं तो जनता तक 15 पैसे पहुंचते हैं। आखिर देश में वर्षों तक शासन करने वाली पार्टी के नेता और देश के तत्कालीन प्रधानमंत्री ऐसी बातें कहते हैं तो भ्रष्टाचार समाप्त करने की जिम्मेदारी किसकी थी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने 2014 में प्रधानमंत्री का पद संभालने के बाद जनधन खाते खुलवाए और डायरेक्ट बेनीफिट योजना के तहत भ्रष्टाचार को पूरी तरह से समाप्त करने का कार्य किया है। डिजिटल इंडिया को देश भर में लागू करके देश में होने वाले भुगतान का 49 प्रतिशत डिजिटली कराने का रिकार्ड भी प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में बना है। भारत के अलावा दुनिया के किसी भी देश में कुल भुगतान का 49 प्रतिशत पेमेंट डिजिटली नहीं हो रहा है। हाल ही में विश्व स्तर की संस्था ने एक रिपोर्ट जारी की है, जिसमें कहा गया है कि देश में गरीबी की दर 27 प्रतिशत से घटकर 5.3 प्रतिशत हो गई है। देश में 27 करोड़ लोग गरीबी की रेखा के बाहर आ गए हैं। महात्मा गांधी जी के नाम पर राजनीति करने वालों ने उनके विचारों को आगे बढ़ाने के लिए कोई कार्य नहीं किया। 2014 के पहले देश में गंदगी का अंबार लगा रहता था। प्रधानमंत्री जी ने महात्मा गांधी के स्वच्छता और स्वदेशी विचारों को अभियान बनाकर आज देश को स्वच्छता में आगे ले जाने के साथ हर क्षेत्र में स्वदेशी को अपनाने का कार्य किया है।


    इस दौरान मंच पर पार्टी की प्रदेश महामंत्री एवं राज्यसभा सांसद सुश्री कविता पाटीदार, प्रदेश उपाध्यक्ष कांतदेव सिंह, पार्टी के प्रदेश महामंत्री व विधायक भगवानदास सबनानी, जिला प्रभारी महेन्द्र सिंह यादव, महापौर श्रीमती मालती राय, पूर्व विधायक ध्रुवनारायण सिंह, प्रदेश मंत्री राहुल कोठारी, वरिष्ठ नेता शैलेन्द्र शर्मा, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी उपस्थित रहे।

  • टोल पर अब ट्रोल नहीं होंगे गडकरी

    टोल पर अब ट्रोल नहीं होंगे गडकरी

    नई दिल्ली,(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि जल्दी ही हम ऐसी स्कीम जारी करने जा रहे हैं, जिससे टोल को लेकर लोगों की कोई तकरार नहीं होगी. जो भी हम ऐलान करेंगे, उससे लोगों की दिक्कत दूर हो जाएगी.
    कहीं घूमने जा रहे हो या ऑफिस विजिट का प्लान हो, हर 20-25 किलोमीटर के दायरे में आने वाला टोल और उसकी महंगी फीस हर किसी का दम निकाल देते हैं. हालांकि, अब इस टोल सिस्टम में बड़ा बदलाव होने की उम्मीद है. इसका ऐलान खुद केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने एक टीवी न्यूज चैनल पर किया. उनका कहना है कि सिर्फ तीन दिन में टोल को लेकर बड़ा फैसला होने वाला है. इसके बाद कोई भी उन्हें टोल मंत्री कहकर ट्रोल नहीं कर पाएगा. टोल सिस्टम में क्या बदलाव होगा? क्या नया सिस्टम आ सकता है? अभी किस हिसाब से लगती है फीस? आइए जानते हैं इसके बारे में सबकुछ.

    https://x.com/nitin_gadkari/status/19352715177992032: टोल पर अब ट्रोल नहीं होंगे गडकरी


    गौरतलब है कि एक नेशनल न्यूज चैनल पर नितिन गडकरी ने एक्सक्लूसिव इंटरव्यू दिया. टीवी एंकर ने उनसे पूछा कि आपके काम की जितनी तारीफ होती है तो टोल मंत्री के रूप में भी आपके काफी ज्यादा मीम्स बनते हैं. मौजूदा वक्त में अगर किसी के सबसे ज्यादा मीम्स बनते हैं तो वह आप हैं. पब्लिक जानना चाहती है कि टोल पर इतने पैसे क्यों वसूले जाते हैं? इस पर नितिन गडकरी ने कहा, ‘पूरी तैयारी हो चुकी है. आज ही मैं आया हूं. दो-चार दिन में हम ऐलान कर देंगे. टोल के बारे में कोई तकलीफ नहीं होगी. मैं ऐसी योजना जाहिर कर रहा हूं, जिससे लोगों को राहत मिलेगी. इससे ज्यादा मैं तीन दिन के बाद खुलासा करूंगा. तब तक नोटिफिकेशन आएगा, उस पर मैं साइन करूंगा और ऐलान कर दूंगा.’

    टीवी एंकर ने पूछा कि क्या मैं अपने करोड़ों दर्शकों को यह बता दूं कि टोल फ्री होने वाला है? या टोल पर कितने फीसदी की छूट मिलने वाली है? इस पर नितिन गडकरी ने कहा कि मैं ऐसा कोई ऐलान नहीं कर रहा हूं. मैं बस इतना कह रहा हूं कि तीन दिन के अंदर हम ऐसी स्कीम जारी करने जा रहे हैं, जिससे टोल को लेकर लोगों की कोई तकरार नहीं होगी. जो भी हम ऐलान करेंगे, उससे लोगों की दिक्कत दूर हो जाएगी. तीन दिन के बाद कोई मुझे ट्रोल ही नहीं करेगा.
    नितिन गडकरी के इस बयान के बाद टोल फीस को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं. माना जा रहा है कि अब वाहन चालकों को टोल प्लाजा पर लाइन में नहीं लगना होगा. अब आप अपनी गाड़ी से जितना सफर करेंगे, उतना टोल अपनेआप बैंक खाते से कट जाएगा. कहा जा रहा है कि यह पूरा सिस्टम डिजिटली ऑपरेट होगा. इसके लिए किसी को भी टोल प्लाजा पर जाम में फंसकर वक्त बर्बाद नहीं करना होगा.
    यह भी कहा जा रहा है कि सरकार जल्द ही लाइफटाइम टोल पास लाने को लेकर प्लानिंग कर रही है. इसके लिए प्राइवेट कार यूजर्स को कार की उम्र यानी 15 साल के लिए लाइफटाइम टोल पास बनवाने का विकल्प मिल जाएगा, जिसकी कीमत करीब 30 हजार रुपये मानी जा रही है. इसके बाद उन्हें हर तरह के टोल प्लाजा पर कोई फीस नहीं चुकानी होगी. अब टोल पर सरकार का क्या प्लान है, इसका खुलासा तीन दिन बाद होने की उम्मीद है.
    फिलहाल, देश में हाईवे पर करीब 20 से 30 किलोमीटर के दायरे में टोल प्लाजा बने हुए हैं. एक्सप्रेसवे पर यह दूरी ज्यादा है, लेकिन थोड़ा सफर करने के बाद टोल फीस देनी पड़ती है, जिसका भुगतान फास्टैग से लिया जाता है. टोल प्लाजा का सर्वर डाउन होने या भीड़ ज्यादा होने पर लोगों को जाम में फंसना पड़ता है. माना जा रहा है कि सरकार का नया कदम लोगों को राहत दे सकता है.

  • देवी अहिल्याबाई की छवि से क्यों चिढ़ी कांग्रेस

    देवी अहिल्याबाई की छवि से क्यों चिढ़ी कांग्रेस


    पूरी दुनिया इन दिनों शैतान पर कंकर फेंककर अपने कर्तव्यों की इतिश्री मान लेने वाली घिनौनी मानसिकता से परेशान है। इस रेगिस्तानी सोच के परंपरा वाहक काल्पनिक शैतान पर लेबल चिपकाने और फिर उस पर आतंकी हमला करने में ही जुटे रहते हैं। उनकी इसी राजनैतिक शैली की वजह से कई देश आज बंजर और वीरान हो चुके हैं। इसके बावजूद भारत की कांग्रेस उस मनोदशा से उबरने के बजाए उस लुटेरी मानसिकता की ध्वजवाहक बनी हुई है। दरअसल ये मनोदशा कांग्रेस के डीएनए में शामिल है। कभी अंग्रेजों के निवेश को बचाकर उन्हें बच निकलने का सेफ पैसेज देने के लिए गढ़ी गई कांग्रेस आज भी अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रही है। नगरीय विकास एवं आवास व संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने हाल ही में एक सामाजिक संवाद के दौरान जब कहा कि भारत हमेशा से लक्ष्मीजी, सरस्वती जी जैसी देवियों की उपासना करता रहा है। यही वजह है कि हमारी बहन बेटियां सोलह श्रंगार से सज्जित रहती आईं हैं। आज भी भारतीय वेशभूषा में सजी संवरी नारियां समाज को संस्कारित करने की बड़ी भूमिका निभाती हैं। उन्होने कहा कि कई बार बेटियां जब ऊटपटांग कपड़े पहिनकर मेरे साथ फोटो खिंचवाने आती हैं तो मैं उन्हें मना कर देता हूं और कहता हूं कि वे रुचिकर वस्त्र पहिनकर आएं। मुझे ऊटपटांग कपड़े पहिनकर आने वाली संस्कार विहीन स्त्रियां अच्छी भी नहीं लगतीं। कैलाश विजयवर्गीय राज्य के एक वरिष्ठतम मंत्री हैं। मालवा के इंदौर जैसे शहर को विकास की ऊंचाईयों तक ले जाने में उनका भी उल्लेखनीय योगदान है। इंदौर वैसे भी राज्य का सबसे प्रगतिशील नगर है। यहां के युवा देश ही नहीं पूरी दुनिया में सफलताओं के झंडे गाड़ रहे हैं। पूरा शहर एक परिवार की तरह आगे बढ़ने की चुनौतियों से जूझता है। शहर में वो हर छोटी बात चर्चा का विषय बनती है जिसकी वजह से सामाजिक व्यवस्था में मजबूती आ सकती है। यही वजह है कि सफाई के मापदंडों पर आज इंदौर ने सिंगापुर की बराबरी कर ली है। यदि कोई बाहिरी व्यक्ति गलती से सड़क पर कचरा फेंक दे तो स्थानीय राहगीर भी उसे टोक देता है. यही नहीं वह कचरा उठाकर कूढ़ेदान में भी फेंक देगा। शहर में लड़के लड़कियों की बदलती आदतें भी जनचर्चा का विषय बनती हैं। युवाओं की गलतियों को माडरेट करने में भी इंदौर का कोई जवाब नहीं है। ऐसे में वहां का जन नेता यदि युवतियों को सज संवरकर रहने और देवियों की तरह समाज का प्रतिनिधित्व करने की सलाह दे रहा है तो इस कदम का खुले दिल से स्वागत करना चाहिए। कैलाश विजयवर्गीय अपने इस उद्बोधन में समाज के आधे हिस्से को अपनी भूमिका में सफल होने का आव्हान करते नजर आ रहे हैं। वे लड़कियों से कह रहे हैं कि स्त्रियों की आजादी का मतलब छोटी छोटी वेशभूषा में नहीं बल्कि पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने में है। इंदौर के आम लोगों ने अपने लाड़ले नेता की इस सलाह को सिर आंखों पर लिया है। घर घर में लड़कियां अपने वरिष्ठ नेता का संकेत समझ रहीं हैं और सम्मानजनक वेशभूषा का उद्देश्य पूरा करने में जुट गईं हैं। इंदौर ही नहीं मालवा से उठी इस पुकार ने समूचे देश में विकास के इस पैमाने को स्वीकार किया है। इसके विपरीत कांग्रेस के नेताओं के जो बयान सामने आए हैं वे क्षोभजनक हैं। संभव था कि कांग्रेस के नेता इस मुद्दे पर चुप रहकर अपनी खोखली मानसिकता का प्रकटीकरण न करते। वोट बटोरने वाली मानसिकता से वशीभूत कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने पार्टी की अराजक सोच सामने ला दी है। उन्होंने कैलाश विजयवर्गीय के बयान का विरोध करते हुए कहा कि भाजपा के नेताओं को महिलाओं के कपड़े ही क्यों दिखाई देते हैं। यही नहीं उनके सुर में सुर मिलाते हुए कुछ प्रगतिशील सोच का झंडा उठाए फिरने वाले अखबारों ने भी इस बयान का विरोध शुरु कर दिया है। खुद को प्रगतिशील कहलाने का दंभ भरने वाले वामपंथियों के लिए तो कैलाश जी का ये बयान पच भी नहीं सकता। दुनिया भर में अराजकता फैलाने वाले धर्मों और तानाशाही ताकतों के लिए ये सुविधाजनक लगता है कि वे समाज में स्थापित मूर्तियों का भंजन करें ताकि येन केन प्रकारेन सत्ता शीर्ष पर बैठ सकें। भारत का इतिहास पढ़ने वाले जानते हैं कि किस तरह भारत में मुगल सल्तनत का पतन अय्याशी और हरमों की दुर्दशा की वजह से हुआ था। आजादी के बाद अंग्रेजों के पिट्ठुओं ने फिल्म संसार की मदद से उसी नंगई को समाज के बीच बोने का प्रयास किया ताकि भारत कभी अपने पैरों पर न खड़ा हो सके और बहुराष्ट्रीय कंपनियों का कारोबार इस विकलांग समाज में बदस्तूर जारी रहे। भारतीय समाज में शालीन वस्त्र पहिनकर प्रगतिशील सोच रखने वाली देवी अहिल्या बाई समूचे मालवा को विकास पथ पर अग्रसर कर पाईं तो ये हमारी देशज सोच की वजह से ही संभव हो सका था। वे तो रानी साहिबा थीं। उन्हें ऊटपटांग वस्त्र पहिनकर विदेशी माडल बनने से कौन रोक सकता था। वे पढ़ी लिखीं थीं और दुनिया भर के कई देशों से उनका सीधा संपर्क था। इसके बावजूद वे माता अहिल्याबाई से देवी अहिल्या केवल इसलिए बन पाईं क्योंकि उन्होंने खंडित सोच के बजाए अनुशासित सोच को प्राथमिकता दी। आज जब समाज और वर्गों को खंड खंड करके आपस में लडाने वाली कांग्रेस को लोगों ने सत्ता से बाहर धकेल दिया है तब उसके नए नेता बार बार अपने पूर्वजों की गलतियों को दुहराकर यही जताने का प्रयास कर रहे हैं कि हम नहीं सुधरेंगे। संघ और भाजपा के संस्कारों में पले बढ़े कैलाश विजयवर्गीय ने अपनी बात ठीक ढंग से कह दी और समाज ने उसको सकारात्मक नजरिए से स्वीकार किया ये संतोष की बात है।समाज को ये भी तय करना होगा कि विदेशी षड़यंत्रों को जड़ जमाने का मौका न मिले। ऐसे मूर्ति भंजकों को कुचलना हमारी भी जवाबदारी है।

  • सामाजिक दायित्व भी निभायगा लोनिवि बोले केबिनेट मंत्री राकेश सिंह

    सामाजिक दायित्व भी निभायगा लोनिवि बोले केबिनेट मंत्री राकेश सिंह

    लोकनिर्माण विभाग द्वारा ‘पर्यावरण से समन्वय’ विषय पर कार्यशाला आयोजित

    भोपाल 5 जून (प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)।विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के मुख्यालय में आयोजित कार्यशाला में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि उनका विभाग अब अपने सामाजिक दायित्वों का भी निर्वहन मुस्तैदी से करने जा रहा है। विभाग के पर्यावरण हितैषी नवाचार एवं ग्रीन टेक्नोलॉजीस पर केंद्रित कार्यशाला ‘पर्यावरण से समन्वय’ के आयोजन में उन्होंने कहा कि केवल आंकड़ों का जाल बिछाकर हम जनता की कसौटी पर खरे नहीं उतर सकते।

    , भोपाल में आयोजित इस राज्य स्तरीय कार्यशाला में लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह ने कहा कि लोक निर्माण विभाग अब केवल भौतिक निर्माणों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जल संरक्षण, हरित तकनीकों के उपयोग और पारिस्थितिकी संतुलन को अपनी कार्यप्रणाली में प्राथमिकता के रूप में शामिल करेगा। उन्होंने विभाग की पर्यावरणीय सोच और भविष्य की कार्यनीतियों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि विकास और पर्यावरण में समरसता ही सतत विकास का मार्ग है।

    कार्यशाला में सड़क विकास निगम के प्रबंध संचालक श्री भरत यादव एवं तकनीकी सलाहकार श्री आर के मेहरा, प्रमुख अभियंता श्री केपीएस राणा, प्रमुख अभियंता श्री एस आर बघेल, भवन विकास निगम के प्रमुख अभियंता श्री अनिल श्रीवास्तव, सभी मुख्य अभियंता और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से परिक्षेत्र स्तर पर सभी विभागीय इंजीनियर उपस्थित थे। इस प्रकार कार्यशाला में कुल 1141 प्रतिभागियों ने भाग लिया।

    मंत्री श्री सिंह ने कहा कि “लोक निर्माण से लोक कल्याण” केवल एक नारा नहीं बल्कि विभाग की बुनियादी कार्यनीति है, जिसमें अब पर्यावरणीय संतुलन भी स्वाभाविक रूप से शामिल है। उन्होंने कहा कि विकास की गति के साथ-साथ प्रकृति का संरक्षण अब हर अभियंता की जिम्मेदारी है। मंत्री श्री सिंह ने विभाग के गौरवशाली इतिहास का उल्लेख करते हुए भारत रत्न सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया के योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि लोक निर्माण विभाग औपनिवेशिक काल से ही जल संरक्षण और संचयन के कार्यों में अग्रणी रहा है और वर्तमान में भी यह परंपरा नैतिक जिम्मेदारी रूप में आगे बढ़ रही है।

    भूजल स्तर में गिरावट को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए मंत्री श्री सिंह ने कहा कि जल संरक्षण की दिशा में विभाग द्वारा कई ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। मंत्री श्री सिंह ने बताया कि विभाग सड़क निर्माण में उपयोग होने वाली मिट्टी का युक्तियुक्त उपयोग कर ‘लोक कल्याण सरोवर’ का निर्माण कर रहा है। इस पहल के अंतर्गत सरोवरों की डिजाइनिंग, सौंदर्यीकरण, वृक्षारोपण, सूचना पटल और जियो-टैगिंग की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। उन्होंने बताया कि 500 लोक कल्याण सरोवरों के निर्माण का लक्ष्य है।

    इंदौर जिले की मिसाल देते हुए उन्होंने कहा कि पीएम गतिशक्ति पोर्टल के माध्यम से 2 किलोमीटर रेडियस में सरकारी जमीन और निचले क्षेत्र चिन्हित कर 200 से अधिक स्थानों की पहचान की गई। शीघ्र ही गांधीनगर स्थित भास्कराचार्य संस्थान के सहयोग से पीएम गतिशक्ति पर प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया जाएगा। मंत्री श्री सिंह ने यह भी बताया कि वे स्वयं 20 सरोवरों का निरीक्षण करेंगे और सभी प्रमुख अभियंता 10-10 सरोवरों का निरीक्षण करेंगे।

    मंत्री श्री सिंह ने बताया कि विभाग अब सड़क किनारे रिचार्ज बोर का निर्माण कर रहा है, जिससे वर्षा जल को भूगर्भ में पहुंचाकर ग्राउंड वाटर रिचार्ज किया जा सकेगा। जबलपुर एलिवेटेड कॉरिडोर पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग का प्रावधान किया गया है। वर्तमान और निर्माणाधीन फ्लाईओवर एवं आरओबी में रैनवाटर हार्वेस्टिंग के लिये जरूरी प्रावधान करने के निर्देश जारी कर दिए गए है। 

    मंत्री श्री सिंह ने जानकारी दी कि विभाग ने ट्री-शिफ्टिंग कार्य को SOR में शामिल किया है, जिससे निर्माण के साथ-साथ पेड़ों का संरक्षण भी संभव हो रहा है। भोजपुर-बंगरसिया मार्ग के 4 लेन चौड़ीकरण कार्य में प्रभावित 450 से अधिक पेड़ों को शिफ्ट किया जाएगा। और इसी प्रकार अब अन्‍य मार्गों पर भी पेड़ो को काटने के बजाय उन्‍हें शिफ्ट करने पर जोर दिया जाएगा।

    मंत्री श्री सिंह ने प्रधानमंत्री जी द्वारा शुरू किए गए “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि लोक निर्माण विभाग 1 जुलाई 2025 को एक लाख पौधे लगाएगा। यह अभियान स्कूलों में चल रहे ‘एक पेड़ माँ के नाम 2.0’ से भी समन्वित होगा। उन्होंने इंजीनियरों से आग्रह किया कि वृक्षारोपण स्थलों की पहचान करें, प्रजातियों का चयन करें, जिम्मेदारियाँ तय करें और परिवार के साथ वृक्षारोपण कर सोशल मीडिया पर फोटो साझा करें। ठेकेदारों को भी इस अभियान में शामिल कर प्रोत्साहित किया जाएगा।

    विभाग द्वारा हरित भवन निर्माण की दिशा में भी प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। मंत्री श्री सिंह ने बताया कि ऊर्जा दक्ष डिज़ाइन, पर्यावरण अनुकूल निर्माण सामग्री और नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग विभागीय भवनों में अनिवार्य किया जा रहा है, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ लंबी अवधि में परिचालन लागत भी घटेगी।

    मंत्री श्री सिंह ने आगामी मानसून को दृष्टिगत रखते हुए 8 से 10 जून तक राज्यव्यापी सड़क निरीक्षण अभियान चलाने की घोषणा की। इसमें सभी अभियंता सड़कों की स्थिति, जलभराव, गड्ढों और रखरखाव की जरूरतों का आंकलन करेंगे। रिपोर्ट 11 जून तक ऑनलाइन पोर्टल पर प्रस्तुत की जाएगी और आवश्यक मरम्मत कार्य 20 जून तक पूर्ण कर लिए जाएंगे। 

    लोकपथ मोबाइल एप पर प्राप्त शिकायतों के निराकरण की समय सीमा वर्तमान में 7 दिवस निर्धारित की गई है, जो कि विशेष रूप से कठिन परिस्थितियों को ध्यान में रखकर तय की गई है। हालांकि, सामान्य परिस्थितियों में मरम्मत कार्य अधिकतम 3 दिवस (72 घंटे) में पूरा किया जाना अपेक्षित है। उन्होंने कहा कि सड़कें गड्ढामुक्त रहें और मानसून के दौरान परिवहन में कोई बाधा न आए, यह विभाग की प्राथमिकता है।

    कार्यशाला के अंत में मंत्री श्री राकेश सिंह ने स्पष्ट किया कि पर्यावरणीय संरक्षण अब विभाग के हर कार्य की अनिवार्य शर्त बन चुका है। उन्होंने जल संरक्षण एवं वृक्षारोपण को लेकर विभाग के लिए पांच प्रमुख लक्ष्य निर्धारित किए— 

    – प्रदेश में 500 लोक कल्याण सरोवरों का निर्माण, 

    – 01 जुलाई 2025 को एक अभियान के रूप में एक लाख वृक्षारोपण, 

    – सड़क किनारे दस हजार ‘रिचार्ज बोर’ निर्मित करने 

    – सभी फ्लाई ओवर एवं एलीवेटेड कॉरिडोर्स पर रैन वाटर हार्वेस्टिंग और

    – भोजपुर-बंगरसिया मार्ग के 4 लें चौड़ीकरण कार्य में प्रभावित 450 से अधिक पेड़ों की शिफ्टिंग 

    उन्होंने कहा कि ये आंकड़े मात्र लक्ष्य नहीं, बल्कि “लोक निर्माण से लोक कल्याण” के संकल्प की मूर्त अभिव्यक्ति हैं। आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के  ‘कैच द रेन’ अभियान और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव जी के ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ में लोक निर्माण विभाग भी अपनी सहभागिता दर्ज करने का संकल्प ले रहा है।

    मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के प्रबंध संचालक भरत यादव ने कहा कि निर्माण कार्यों को अब केवल भौतिक अधोसंरचना तक सीमित न रखते हुए पर्यावरण संरक्षण को उसका अनिवार्य अंग बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कार्यशाला में लोक कल्याण सरोवरों का निर्माण, पौधारोपण, जल संरक्षण, ग्रीन बिल्डिंग एवं रेन वॉटर हार्वेस्टिंग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई । उन्होंने यह भी कहा कि इन कार्यों में समाज की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है।

    एमडी श्री यादव ने जानकारी दी कि इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे जैसी परियोजनाओं में सौर ऊर्जा और पौधारोपण के प्रावधान शामिल किए गए हैं। उन्होंने बताया कि निर्माण कार्यों की नियमित निरीक्षण प्रणाली में अब पर्यावरणीय बिंदुओं को भी सम्मिलित किया जाएगा ताकि निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण कर सतत विकास के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके।

    सड़क विकास निगम की तकनीकी सलाहकार श्री आर के मेहरा ने अपने प्रस्तुतीकरण में सड़क किनारे वृक्षारोपण के संबंध में इंडियन रोड कांग्रेस के नियम एवं ट्री शिफ्टिंग प्रक्रिया को विस्तार से समझाया। 

    प्रमुख अभियंता श्री के.पी.एस. राणा द्वारा पर्यावरणीय दृष्टिकोण से सड़क निर्माण के महत्व पर प्रकाश डाला गया। उन्होंने सतत विकास की दिशा में सड़क किनारे हरियाली और रिसाइक्लिंग के प्रयासों को रेखांकित किया।

    प्रमुख श्री जी.पी. वर्मा द्वारा “एलीवेटेड फ्लाईओवर एवं रेनवॉटर हार्वेस्टिंग” पर प्रस्तुतीकरण किया गया। साथ ही आरएसटीआई के तकनीकी सलाहकार श्री आर.के. मेहरा द्वारा पोथोल्स अभियानों और टी शिफ्टिंग पर विस्तार से जानकारी दी गई।

    भवन निर्माण में ग्रीन टेक्नोलॉजी पर प्रमुख अभियंता श्री एस.आर. बघेल, वहीं पूर्व सड़क निरीक्षण अभियानों की कार्ययोजना पर श्री डी.वी. बोरासी ने प्रस्तुति दी।