Month: May 2025

  • राजा भोज हवाईअड्डे पर संदिग्ध लोगों की घुसपैठ

    राजा भोज हवाईअड्डे पर संदिग्ध लोगों की घुसपैठ


    भोपाल,14 मई(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। राजा भोज विमान तल इन दिनों कई संदिग्ध गतिविधियों की वजह से संदेह के घेरे में आ गया है। संदिग्ध कर्मचारियों की घुसपैठ, हवाला तस्करों की आवाजाही और निर्माण संबंधी घोटालों की वजह से न केवल भोपाल बल्कि देशविदेश की हवाई यात्रा करने वालों के लिए ये विमानतल असुरक्षित होता जा रहा है। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण और टाटा के स्वामित्व वाली इंडियन एयरलाईंस जैसी दो एजेंसियों के बीच तालमेल न बन पाने की वजह से कई असामाजिक तत्व भी हवाई यात्रा के मार्ग में विषकंटक बन गए हैं।


    ताजा मामला एक संदेहास्पद कर्मचारी को घुसपैठ कराने और फिर उसे बचाने का सामने आया है। भोपाल एअरपोर्ट पर एआईएएसएल का कर्मचारी गुलरेज आठ दिन की छुट्टी पर था, वापस आया और बिना किसी परमिशन के चुपके से ड्यूटी आरंभ कर दी।उसकी ड्यूटी आरंभ कराने में एअर इंडिया के ही एक सीनियर असिस्टेंट नासिर खान ने मुख्य रोल निभाया । हाइली सेंसटिव एरिया माने जाने वाले इस एअरपोर्ट पर युद्ध की आशंका से अतिरिक्त सुरक्षा ऐहतियात बरते जा रहे हैं । इस गुलरेज नाम के कर्मचारी का एयरपोर्ट एंट्री पास खत्म होने के बावजूद नासिर खान ने इसकी सूचना अपने अधिकारियों को नहीं दी। यह 9 मई से लगातार बिना पास के नौकरी करता रहा।बाहर मई को एअर इंडिया के एक सुरक्षा कर्मचारी ने विमान पर ड्यूटी कर रहे गुलरेज का पास चैक किया तो वह सदमे में आ गया कि किसी भी हो जाने वाली वारदात के चपेटे में वह स्वयं भी आ सकता है। एअरपोर्ट पर केन्द्रीय सुरक्षा एजेंसी सीआईएसएफ की इतनी बड़ी चूक को अब छुपाया जा रहा है।
    कर्मचारियों का कहना है कि गुलरेज खान के विरुद्ध कोई कार्रवाई केवल इसलिए नहीं की जा रही है क्योंकि एआईएएसएल के उत्तरी क्षेत्र का मुख्य अधिकारी अब्दुल गफ्फार खान है और नासिर खान, अब्दुल गफ्फार खान का खास कर्मचारी है।


    एक अन्य मामले में एअर इंडिया का एक संदिग्ध अधिकारी पारेश गांधी भोपाल में पदस्थ था। उसे महिला कर्मचारियों का यौन शोषण, भ्रष्टाचार, हेराफेरी आदि केसों में तीसरी बार सस्पेंड किया गया है। इस मामले में इन दिनों विजिलेंस की जांच भी भोपाल एयरपोर्ट पर चल रही है।बताते हैं कि इसने अब्दुल गफ्फार खान के साथ लगभग डेढ़ साल पहले ग्वालियर एअरपोर्ट पर हुई भर्ती में खुलकर भ्रष्टाचार किया । इस भर्ती के लिए हुए इंटरव्यू में कुछ लड़के भोपाल के भी चुने गए थे। भ्रष्टाचार में डूबे इन अधिकारियों ने इन योग्य लड़कों की सूची रोक ली। कुछ दिनों बाद अब्दुल गफ्फार खान ने इन लड़कों के स्थान पर कई मुस्लिम युवकों को भर्ती करवा दिया। अब्दुल गफ्फार खान उत्तरी क्षेत्र का सर्व सर्वा है और उसने चुपके से हुई इन भर्तियों की भनक किसी को नहीं लगने दी।ये सभी कर्मचारी बगैर पहचान पत्र जारी हुए आज भी नौकरी कर रहे हैं। इस बात की जानकारी कई राष्ट्रीय स्तर के मुस्लिम नेताओं को भी दी गई लेकिन उन्होंने जातिगत शोरशराबे में इस पर अपनी आंखें मूंद लीं।


    कतिपय कर्मचारियों का कहना है कि एक महिला अधिकारी का शारीरिक शोषण करके चुपके से छः छः महीने के अनुबंध पर भोपाल में ज्वाइनिंग दी गई थी,जब यह राज खुलने का अंदेशा हुआ तो से उस महिला अधिकारी को दिल्ली स्थानांतरित कर दिया। अब्दुल गफ्फार खान एयर इंडिया की उस ग्राऊंड हैंडलिंग कंपनी का मुखिया है जो पैंतीस हवाई अड्डों के प्रबंधन का कार्य संभालती है। यही वजह है कि छुटपुट सुगबुगाहट वहीं दबा दी जाती है। संदिग्ध कर्मचारी गुलरेज और अब्दुल गफ्फार खान के बीच क्या रिश्ता है ये व्यापक जांच में ही पता चल सकता है।सूत्रों का कहना है कि जब गुलरेज विमान पर बिना पास के पाया गया है और यह गतिविधी संदिग्धता की श्रेणी में आती है तो सीआईएसएफ ने उसपर केस दर्ज क्यों नहीं किया,उसपर थाने में प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई।नासिर खान जो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी सुपरवाइजर है, उसे निलंबित क्यों नहीं किया गया।

  • सबके विकास के दौर में बार बार कुचली जाएगी धर्मांधता

    सबके विकास के दौर में बार बार कुचली जाएगी धर्मांधता


    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का हिंदुस्तान सबके विकास का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ता जा रहा है। इसके लिए सबको समान अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। विकास योजनाओं का लाभ भी सबको समान रूप से दिया जा रहा है। इसके बावजूद चंद कट्टरपंथी ताकतें अपना धर्म सबसे अव्वल वाली विचारधारा की ध्वज वाहक बनी हुई हैं। ये ताकतें न केवल मुस्लिम बल्कि सभी धर्मों में मौजूद हैं। दरअसल धर्म की आस्थावान सोच को लोग वैज्ञानिक आधार पर नहीं बल्कि पाखंडों के आधार पर विकसित करने का प्रयास करते हैं इसलिए उन्हें झूठे मुद्दों पर भीड़ जुटानी पड़ती है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने जिस एकात्मकता को अपनी कार्यशैली बनाया है उसके बीच किसी भी कट्टरता को स्थान मिलना संभव नहीं है। फूट डालो राज करो वाली अंग्रेज परस्त कांग्रेस की राजनीति इसके सामने विदा होती चली जा रही है। पहलगाम आतंकी हमले के बाद जिस तरह आपरेशन सिंदूर के अंतर्गत पाकिस्तान की कुटाई की गई उसे देखकर इन कट्टरपंथी ताकतों को समझ लेना चाहिए कि उनकी वैमनस्य भरी राजनीति का अंत अब निकट आ गया है।


    सदियों से युद्ध वास्तव में किसी भी समाज की गंदगी साफ करने का प्रमुख अस्त्र साबित होता रहा है।इससे जहां लोगों में सामाजिक उद्देश्यों के प्रति जागरूकता बढ़ती है वहीं एकात्मकता का भाव भी विकसित होता है।कट्टरपंथी इस्लाम वादियों ने कथित भाईचारे के नाम पर एकात्मकता विकसित करने का फार्मूला अपना रखा है। ये भाईचारा मुस्लिम मुस्लिम भाई भाई तो कहता है लेकिन गैर मुस्लिम को काफिर कहकर लूटने और काटने की सलाह भी देता है। औपनिवेशिक दौर में भले ही ये चलता रहा हो। इसे सामाजिक स्वीकार्यता मिलती रही हो लेकिन पूंजीवाद के इस दौर में इस विकास विरोधी विचार के लिए कोई जगह नहीं है। जो लोग पूंजीवाद को कोसते फिरते हैं उन्हें भी अंततः पूंजीवाद की ठकुर सुहाती ही करनी पड़ती है।

    दरअसल पूंजीवाद और शोषणवाद दो अलग अलग विचार हैं। पूंजीवाद कहीं नहीं कहता कि श्रमिकों का शोषण किया जाए। ये तो वही अक्षम लोग हैं जो पूंजी पाकर शोषण पर उतारू हो जाते हैं।कई बार ऐसे लोगों का इलाज कानून से नहीं अपराध से ही करना पड़ता है। अमेरिका का पूंजीवादी समाज अपराध की वाशिंग मशीन में ही डालकर झकास साफ निखार पाता है। इसलिए दक्षिण एशिया में धर्म की ध्वजा थामने वालों को भी जान लेना होगा धर्म की आड़ में शोषणवादी ताकतों को संरक्षण देने की उनकी प्रवृत्ति अंततः कुचल ही दी जाएगी। चाहे पाकिस्तान हो या फिर हिंदुस्तान कहीं भी आतंक के अड्डों को स्वीकार नहीं किया जा सकता। जो लोग सोचते हैं कि इस्लामिक आतंकवाद से निपटने के लिए हमें हिंदू आतंकवाद को खड़ा करना होगा वे निहायत ही नादानी की बात करते हैं। आतंकवाद हमेशा ही विकास विरोधी होता है फिर वह किसी भी धर्म की आड़ लेकर क्यों न खड़ा किया जा रहा हो। पाकिस्तान के जो शासक ये बोलते हैं कि हम भी आतंकवाद का शिकार रहे हैं ये बोलकर वे दरअसल खुद की अक्षमता का ही उद्घोष कर रहे हैं। देश में नरेन्द्र मोदी हों या फिर उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ इन्होंने कहीं भी धर्म के नाम पर गुंडागर्दी को बढ़ावा नहीं दिया है। यही तो वह सकारात्मक विचार है जो देश को पांच ट्रिलियन डालर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य से आगे लेकर बढ़ता जा रहा है। पाकिस्तान के शासक क्या सोचते हैं ये उनकी समस्या है लेकिन उनकी समस्या यदि भारत को परेशान करेगी तो भारत की मजबूरी होगी कि वह सीमापार जाकर उन फोडों का इलाज करे। इसे यदि पाकिस्तान खुद पर हमला बताता है तो इस पर यकीन करना उसकी आवाम और वहां के शासकों की मूर्खता भरी सोच ही कही जाएगी।चीन जैसे देशों को भी समझना होगा कि वह भारत के प्रति वैमनस्यता रखकर यदि पाकिस्तान के आतंकवाद के साथ खड़ा होता है तो वह खुद के लिए एक नई कब्र खोद रहा है।

    तीन दिन के युद्ध में आपरेशन सिंदूर ने ये बता दिया है कि भारत, पाकिस्तान, बंग्लादेश और बंगाल के मुसलमानों को भी साफ समझ लें कि वे कट्टरपंथी ताकतों के भ्रमजाल में न उलझें। मोदी सरकार की नीति उनके विरुद्ध नहीं है। उन्हें उनकी धार्मिक सोच के साथ जीने की पूरी आजादी है। वे अपना जीवन संवारें इससे किसी को आपत्ति नहीं है। इसके विपरीत यदि वे चाहते हैं कि हम आतंकवाद के सहारे धर्मांतरण करेंगे और गजवा ए हिंद के मूर्खता पूर्ण सोच को लागू करने की कवायद में लगे रहेंगे तो फिर उनकी ये जिद अवश्य ही कुचली जाएगी। भारत के हिंदु हों या यहां के मुसलमान उन्हें कट्टरता की पट्टी पढ़ाकर उनका जीवन नहीं संवारा जा सकता। हां विकास की राह प्रशस्त करके जरूर उनका जीवन सुखमय बनाया जा सकता है। फिर वे चाहे तो हिंदु बनकर रहें या मुस्लिम बनकर किसी को क्या फर्क पड़ता है।

  • सूखे निमाड़ में हरियाली लाएगी तापी परियोजनाः डॉ.मोहन यादव

    सूखे निमाड़ में हरियाली लाएगी तापी परियोजनाः डॉ.मोहन यादव

    भोपाल, 10 मई (प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि तापी बेसिन मेगा रिचार्ज परियोजना मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के विकास का नया आयाम स्थापित करेगी। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के लिए मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के सरकार के बीच आज एमओयू किया गया है। इस अवसर पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री  श्री देवेन्द्र फडनवीस विशेष रूप से उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया को जारी संदेश में कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश अपने सभी पड़ोसी राज्यों के साथ जल बंटवारे को लेकर आपस में जनता के हित में पीने के पानी और सिंचाई सुविधा के विकास लिए आगे बढ़ रहा है। आज ही महाराष्ट्र सरकार साथ एमओयू हुआ है। आपसी सहयोग से हम जल भंडारण का नया प्रोजेक्ट बना रहे हैं जो विश्व का एक अनूठा प्रोजेक्ट होगा। उन्होंने कहा कि महाऱाष्ट्र के मुख्यमंत्री का स्वागत और अभिनंदन है। दोनों राज्यों ने मिलकर यह योजना बनाई है। हम आपसी सहयोग से इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि  प्रधानमंत्री श्री मोदी ने जिस प्रकार से नदी जोड़ो का महा अभियान प्रारंभ किया है, इसमें सहभागिता करते हुए मध्यप्रदेश अपने पड़ोस के सभी राज्यों से तालमेल कर रहा है। मध्यप्रदेश में केन-बेतवा राष्ट्रीय नदी जोडो परियोजना पर हमने हाल ही में काम प्रारंभ किया है। इससे पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र के लोगों का जीवन बदलेगा। इसी प्रकार राजस्थान सरकार के साथ हमारा पार्वती-कालीसिंध-चंबल राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना का काम भी प्रारंभ हुआ है। इससे मालवा और चंबल के कई क्षेत्रों को लाभ मिलेगा। इसी क्रम में तापी बेसिन मेगा रिचार्ज परियोजना की दिशा में हम आगे बढ़ रहे हैं। इससे प्रदेश के निमाड़ क्षेत्र के जिलों को लाभ मिलेगा, जिसमें खंडवा जिले की खालवा तहसील एवं बुरहानपुर जिले में नेपानगर, खकनार और बुरहानपुर तहसीलों के अलावा बड़वानी जिले  तक के क्षेत्र में हम इस परियोजना का लाभ ग्रामीणों को देंगे।