भाजपा में सत्ता की रंजिश का केन्द्र बना सागर


भोपाल,19 दिसंबर(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के कार्यकाल में छत्रप बन चुके सागर के दो मंत्री एक स्थानीय मंत्री पर हमला करके सरकार में दुबारा शामिल होने का फार्मूला आजमा रहे हैं। खुरई से विधायक और पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह ने प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और मौजूदा मंत्री गोविंद सिंह राजपूत पर पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ दुर्व्यवहार का आरोप लगाया है।सागर जिले से उठा ये विवाद भाजपा की राजनीतिक अंतर्कथा के पेंच उजागर कर रहा है। भूपेंद्र सिंह का आरोप है कि कुछ बाहरी लोग पार्टी में आकर पुराने कार्यकर्ताओं को परेशान कर रहे हैं।


भूपेंद्र सिंह ने एक इंटरव्यू में सागर जिले में भाजपा को कमजोर करने की साजिश का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि एक मंत्री जानबूझकर पार्टी कार्यकर्ताओं को परेशान कर रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिन लोगों ने पहले भाजपा कार्यकर्ताओं पर अत्याचार किए थे, अब वे ही पार्टी में शामिल होकर कार्यकर्ताओं को परेशान कर रहे हैं। भूपेंद्र सिंह ने साफ शब्दों में कहा, ‘मैं उन लोगों को स्वीकार नहीं कर सकता जिन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ अन्याय किया है।’
भूपेंद्र सिंह ने अपनी ही सरकार से सवाल करते हुए कहा, ‘अगर आप सही हैं तो मैं गलत कैसे?’ उन्होंने बताया कि उनकी आपत्ति दो लोगों से है जो सागर जिले में भाजपा कार्यकर्ताओं पर अत्याचार करने के लिए जाने जाते हैं। हालांकि अब तक वे दोनों लोगों का नाम लेने से बच रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन उन्हीं लोगों की सुन रहा है जो कांग्रेस से आए हैं और भाजपा के मूल कार्यकर्ताओं को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। उनका मानना है कि प्रशासन जानबूझकर कांग्रेस के लोगों को बढ़ावा दे रहा है, जबकि भाजपा के असली कार्यकर्ता पीछे छूट रहे हैं।


इस विवाद में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा भी निशाने पर आ गए हैं। वीडी शर्मा ने इस मामले को निजी लड़ाई बताया था। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए भूपेंद्र सिंह ने कहा, ‘वीडी शर्मा जी को पार्टी में आए हुए 5 से 7 साल हुए हैं। वे इससे पहले ABVP में काम करते थे।’हम लोग तो बरसों पहले से भाजपा के लिए लड़ाई लड़ते रहे हैं।


उन्होंने वीडी शर्मा के बयान को आपत्तिजनक बताते हुए कहा कि उन्होंने अपने पद की गरिमा का ध्यान नहीं रखा। भूपेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि उनकी लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष से नहीं, बल्कि भाजपा कार्यकर्ताओं के अधिकारों के लिए है। उन्होंने यह भी बताया कि वे और गोपाल भार्गव सागर जिले में पार्टी को मजबूत करने के लिए एक साथ काम कर रहे हैं और कार्यकर्ताओं में नया जोश भर रहे हैं।


भूपेन्द्र सिंह के इस बयान पर मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि मैं भाजपा का अनुशासित कार्यकर्ता हूं। तीन चुनावों में अपनी निष्ठा साबित कर चुका हूं। दो विधानसभा चुनाव और एक लोकसभा में मैंने पार्टी के लिए काम किया है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की मौजूदगी में मैंने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी। उसके बाद से मैं लगातार भारतीय जनता पार्टी की मजबूती के लिए काम कर रहा हूं। भारतीय जनता पार्टी बेहद अनुशासित पार्टी है, लेकिन भूपेंद्र सिंह ने पार्टी के अध्यक्ष को लेकर हल्की टिप्पणी की है कि वह एबीवीपी से आए हैं और अभी पांच साल ही हुए हैं।
राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और राजनाथ सिंह भी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से ही आए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों जिस तरह से भाजपा के केन्द्रीय नेतृत्व के फैसलों से असहमति जताई जा रही है ये गंभीर मामला है और इस पर पूरी पार्टी विचार कर रही है।

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